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CM रेखा गुप्ता की बड़ी घोषणा: अब लोगों को मिलेगा बैंक में अटका पैसा

नई दिल्ली  दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने गुरुवार को केंद्र सरकार की तरफ से शुरू की गई ‘मेरी पूंजी, मेरा अधिकार’ मुहिम के बारे में जानकारी दी। उन्होंने पत्रकारों से इस अभियान के बारे में बताते हुए कहा कि इससे आम लोगों को उनके बैंक खाते में फंसे रुपए मिलने में मदद मिलेगी। मौजूदा समय में बड़ी संख्या में लोगों के पैसे बैंक में फंसे हुए हैं। ऐसी स्थिति में इस योजना से लोगों को उनके पैसे बड़ी ही आसानी से मिल जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि अक्सर देखा जाता है कि सरकारों को आम जनता के हितों से कोई सरोकार नहीं रहता है, लेकिन हमारी सरकार ऐसी नहीं है। वह आम जनता के हितों को हमेशा से ही सर्वोच्च प्राथमिकता देती हुई आई है। यह उसी का नतीजा है कि आज की तारीख में 'मेरी पूंजी, मेरा अधिकार' स्कीम शुरू की गई है। अब तक इस योजना से अनेक लोग लाभान्वित हुए हैं। उन्होंने बताया कि कई बार पिता बैंक में पैसे जमा कराकर रखते हैं, लेकिन बेटे को इस बारे में जानकारी नहीं होती है। किसी ने म्युचुअल फंड में निवेश किया था, लेकिन परिवार में किसी को इस बारे में पता नहीं होता। पिता की मृत्यु के बाद उनकी तरफ से जमा कराए गए पैसे कहां-कहां रखे गए हैं? कभी-कभी इस बारे में भी बेटे को जानकारी नहीं होती है। ऐसी स्थिति में यह योजना काफी कारगर साबित होगी। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि इस योजना के माध्यम से हमारी सरकार यही चाहती है कि आम जनता को उनका पैसा मिले। यह हमारी सरकार की पारदर्शिता है। हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि आम जनता का एक भी पैसा बैंक न फंसा रहे। उन्हें उनका पैसा मिले। उन्हें किसी भी प्रकार की दिक्कत न हो। इस योजना के माध्यम से यह भी साफ हो चुका है कि हमारी सरकार पारदर्शिता के साथ काम करती है। बात जब पारदर्शिता की आती है तो हम किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं कर सकते हैं। दिल्ली की सीएम ने बताया कि अब तक केंद्र सरकार के वित्त विभाग की तरफ से आम जनता को 85 हजार करोड़ रुपए की राशि दी जा चुकी है। इससे आम जनता को उनका फंसा हुआ पैसा मिलने का मार्ग प्रशस्त हुआ है। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार भी इस दिशा में अपने कदम आगे बढ़ा चुकी है। हमारी सरकार भी बैंकों के साथ मिलकर यह सुनिश्चित करेगी कि राष्ट्रीय राजधानी के लोगों को उनका फंसा हुआ पैसा मिले। हम आगामी दिनों में इस संबंध में बैंक से वार्ता भी करेंगे।

राजधानी में 53KM लंबा नदी किनारा साइकिल ट्रैक तैयार, पूरी प्लानिंग एक नजर में

नई दिल्ली  दिल्ली में यमुना किनारे 53 किलोमीटर लंबे साइकिल कॉरिडोर के निर्माण की तैयारियां तेज हो गई हैं. वजीराबाद बैराज से लेकर एनएच-24 और आगे कालिंदी कुंज यमुना बायोडायवर्सिटी पार्क तक प्रस्तावित यह कॉरिडोर राजधानी में ग्रीन मोबिलिटी को नई दिशा देगा. तीन चरणों में बनने वाली इस परियोजना को अगले तीन वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है. साइकिल ट्रैक निर्माण के लिए सभी विभागों से लगभग स्वीकृतियां मिल चुकी हैं, लेकिन रेलवे से NOC अभी भी लंबित है. पुराने यमुना रेल पुल के पास ट्रैक बनाने के लिए रेल मंत्रालय की अनुमति अनिवार्य है. बुधवार को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्ली सचिवालय में आयोजित एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में अधिकारियों से इस परियोजना की प्रगति की जानकारी ली. अधिकारियों ने बैठक में सीएम को बताया कि रेलवे से संबंधित स्वीकृति अंतिम चरण में है और जल्द ही इस पर सकारात्मक निर्णय मिलने की उम्मीद है. बाकी विभाग पीडब्ल्यूडी, डीडीए, सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग, दिल्ली जल बोर्ड, ऊर्जा विभाग और एनएचएआई पहले ही अपनी मंजूरी दे चुके हैं. यमुना के दोनों किनारों पर बनेगा ट्रैक परियोजना के तहत यमुना नदी के दोनों तरफ अलग-अलग हिस्सों में साइकिल कॉरिडोर बनाया जाएगा. अधिकारियों ने विस्तृत प्रस्तुति देते हुए बताया कि इस ट्रैक को कई जगह नदी पार करते हुए जोड़ा जाएगा, जिससे यह 53 किलोमीटर का पूरा नेटवर्क एक-दूसरे से सुचारू रूप से जुड़ सके. यह दिल्ली में साइक्लिंग को एक बड़े स्तर पर प्रोत्साहित करने वाली पहली संगठित परियोजना मानी जा रही है. तीन चरणों में होगा विकास साइकिल कॉरिडोर का विकास तीन चरणों में होगा. पहले चरण में पुराने यमुना रेल पुल से एनएच-24 तक ट्रैक बनाया जाएगा, दूसरे चरण में एनएच-24 से कालिंदी कुंज यमुना बायोडायवर्सिटी पार्क तक मार्ग तैयार किया जाएगा और तीसरे चरण में वजीराबाद यमुना बैराज से पुराने यमुना रेल पुल तक ट्रैक का निर्माण किया जाएगा. अधिकारियों ने बताया कि परियोजना से जुड़ा टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है. निर्माण कार्य शुरू करने की तैयारियां अंतिम दौर में हैं और रेलवे से NOC मिलते ही पहला चरण शुरू कर दिया जाएगा, जिसे एक वर्ष में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है. पर्यावरण संरक्षण में बड़ी पहल मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि परियोजना की गुणवत्ता, सुरक्षा और पर्यावरणीय मानकों से किसी भी तरह का समझौता नहीं होना चाहिए. उन्होंने कहा कि इसके विकसित होने के बाद यमुना किनारे ईको-टूरिज्म को भी बढ़ावा मिलेगा और लोगों को नेचर फ्रेंडली स्पेस में घूमने, साइकिल चलाने और समय बिताने का नया विकल्प मिलेगा.  

प्रदूषण में कमी का असर: दिल्ली-NCR में GRAP-3 हटा, जानें आज का AQI लेवल

नई दिल्ली दिनभर खिली तेज धूप और हवा की रफ्तार बढ़ने से दिल्ली के लोगों को प्रदूषण से हल्की राहत मिली है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मुताबिक, दिल्ली का औसत एक्यूआई बुधवार को 327 अंक पर आ गया। पलूशन की कमी को देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने ग्रैप-3 की पाबंदियां हटा दी हैं। हालांकि ग्रैप एक और दो की पाबंदियां जारी रहेंगी। इनके तहत कड़ी सख्ती जारी रखी जाएगी।   मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले दिनों में हवा की गुणवत्ता 'बहुत खराब' श्रेणी में रह सकती है। जारी बयान में कहा गया है कि बेहतर संकेतों को देखते हुए GRAP की सब-कमेटी ने स्टेज-3 की पाबंदियों वाला अपना 11 नवंबर का आदेश वापस लेने का फैसला किया है। यह वापसी तुरंत लागू हो गई है। हालांकि, पैनल ने यह साफ किया है कि जिन कंस्ट्रक्शन और डेमोलिशन साइट्स को पहले वायलेशन के लिए क्लोजर नोटिस जारी किए गए थे, उन्हें तब तक काम फिर से शुरू करने की इजाजत नहीं दी जाएगी, जब तक उनको पैनल से निर्माण कार्य करने की इजाजत देने वाला कोई ऑर्डर नहीं मिल जाता है। इस बीच सभी एजेंसियों को नियमों को सख्ती से लागू करने का निर्देश दिया गया है। एजेंसियों को कड़ी निगरानी रखने के लिए भी कहा गया है। ग्रैप सब-कमेटी का कहना है कि कहा कि वह दिल्ली में एयर क्वालिटी पर करीब से नजर रखेगी और स्थिति की समीक्षा करती रहेगी। आगे के फैसले रियल टाइम AQI लेवल और पूर्वानुमानों के आधार पर लिए जाएंगे। हालांकि हवा अभी भी अति खराब श्रेणी में ही है, लेकिन पहले की तुलना में इसमें सुधार हुआ है। दिल्ली की वायु गुणवत्ता में पिछले तीन दिनों से सुधार देखा जा रहा है। धूप के चलते धुंध और प्रदूषक कणों का विसर्जन तेजी से हो रहा है। इससे हवा की गुणवत्ता में हल्का बदलाव हुआ है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मुताबिक, बुधवार को दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक 327 के अंक पर रहा। इस स्तर की हवा को अति खराब श्रेणी में रखा जाता है। एक दिन पहले मंगलवार को यह सूचकांक 353 रहा था। यानी 24 घंटे में इसमें 26 अंकों का सुधार हुआ है। 23 नवंबर को यह सूचकांक 391 के अंक पर पहुंच गया था। दिल्ली के ज्यादातर इलाकों का सूचकांक गंभीर श्रेणी में पहुंचने लगा था। इसकी तुलना में देखा जाए तो अब वायु गुणत्ता में सुधार हुआ है। सीपीसीबी के मुताबिक दिल्ली-एनसीआर की हवा में बुधवार की दोपहर दो बजे प्रदूषक कण पीएम 10 का स्तर 288 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर और पीएम 2.5 का स्तर 157 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर पर रहा। यानी हवा में अभी भी मानकों से दोगुना प्रदूषण मौजूद है। अगले दो दिनों के बीच दिल्ली की वायु गुणवत्ता खराब श्रेणी में ही रहने के आसार हैं।  

कमला पसंद के मालिक की बहू दीप्ति ने दी जान, डायरी में लिखे झगड़े के कारण

नई दिल्ली  देश की राजधानी दिल्‍ली में एक बड़े पान-मसाला के कारोबारी की बहू ने कथित तौर पर आत्‍महत्‍या कर ली. मृतक महिला के पति ने ही उन्‍हें अस्‍पताल पहुंचाया, पर डॉक्‍टर उन्‍हें बचा नहीं सके. सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की छानबीन शुरू कर दी है. बताया जा रहा है कि महिला ने संदिग्‍ध हालात में सुसाइड किया है. शव का पोस्‍टमॉर्टम सफदरजंग अस्‍पाताल में किया जाएगा, इसके बाद से ही मौत की असली वजह का पता चल सकेगा. फिलहाल इस मामले की जांच चल रही है. सुसाइड का यह मामला दिल्‍ली के पॉश वसंत विहार इलाके का है. बताया जा रहा है कि सुसाइड करने वाली महिला का नाम दीप्ति है और वे पान-मसाला की एक बड़ी कंपनी के मालिक की बहू थीं. पुलिस अभी इस मामले में कुछ भी बोलने से बच रही है और जांच-पड़ताल के बाद ही तस्‍वीर साफ होने की बात कह रही है. जान देने वाली महिला दीप्ति ने फांसी पर लटक कर सुसाइड किया है. पति ने कर रख थी दो शादी जानकारी के अनुसार, सुसाइड करने वाली महिला दीप्ति के पति ने दो शादी कर रखी थी. एक पत्‍नी साउथ फिल्‍म इंडस्‍ट्री की एक्‍ट्रेस बताई जा रही है. बताया यह भी जा रहा है कि दीप्ति मंगलवार दोपहर को अपने ही घर में संदिग्‍ध हालात में मिली थीं. इसके बाद उनके पति ही उनको लेकर अस्पताल गए थे. जहां डॉक्‍टर उनको बचा नहीं सके और इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई. सफदरजंग अस्‍पताल में पोस्‍टमॉर्टम पाना-मसाला कारोबारी के बहू के शव का पोस्‍टमॉर्टम सफदरजंग अस्‍पताल में किया जाएगा. डॉक्‍टरों का एक पैनल पोस्‍टमॉर्टम करेगा. उम्‍मीद है कि पीएम रिपोर्ट आने के बाद ही असली वजहों का पता चल सकेगा. बताया जा रहा है कि पुलिस को इस बाबत मंगलवार दोपहर 12 बजे इस बाबत कॉल मिली थी. मौके पर पहुंची पुलिस ने तत्‍काल मामले की जांच शुरू कर दी. क्‍या बोले परिजन पान मसाला कंपनी के मालिक की बहू दीप्ति चौरसिया (40) के सुसाइड से सनसनी फैल गई. पुलिस को एक सुसाइड नोट मिला है, जिसमें उन्होंने किसी पर कोई आरोप नहीं लगाया है. दीप्ति की साल 2010 में कारोबारी के बेटे से शादी हुई थी. दोनों का 14 साल का एक बेटा भी है. बताया जा रहा है कि महिला के पति ने दो शादी कर रखी है. दूसरी पत्नी दक्षिण भारत के फिल्मों की अभिनेत्री है. वसंत विहार पुलिस मामले की जांच कर रही है. उधर, दीप्ति चौरसिया की मौत की खबर से दोनों पक्ष के परिवार शोक में हैं. दोनों परिवार मिलकर दीप्ति का अंतिम संस्‍कार करेंगे. किसी ने किसी पर कोई आरोप नहीं लगाया है. परिजनों ने बताया कि दीप्ति शायद डिप्रेशन में थी और परेशान थी. दोनों परिजनों ने प्राइवेसी का रिस्‍पेक्‍ट करने का अनुरोध किया है.

आतंकी उमर की दिल्ली में सुरक्षित पनाहगाह का खुलासा, शोएब और अल-फलाह संगठन से जुड़े सुराग

फरीदाबाद लाल किले के पास 10 नवंबर को हुए फिदायीन हमले के सिलसिले में नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) ने एक और आरोपी को दबोचा है। खास बात यह है कि इसका भी लिंक अल-फलाह यूनिवर्सिटी से ही, जहां डॉक्टरों के आतंकी मॉड्यूल का खुलासा फरीदाबाद में विस्फोटकों की बरामदगी और दिल्ली धमाके के बाद हुआ है। सातवें आरोपी के रूप में गिरफ्तार किया गया शोएब फरीदाबाद के धौज इलाके का रहने वाला है। आरोप है कि वह कार से फिदायीन हमला करने वाले आतंकी डॉ. उमर उन नबी का बड़ा मददगार था। शोएब ने उसने ना आतंकी को छिपाया बल्कि उसे विस्फोट से पहले उसे साजो-सामान भी मुहैया करने का आरोपी है। बताया जाता है कि जब जम्मू-कश्मीर पुलिस ने 30 अक्टूबर को डॉ. मुजम्मिल को दबोचा तो उमर अंडर ग्राउंड हो गया। उमर नबी को छिपाने की व्यवस्था शोएब ने ही की। उसने आतंकी डॉक्टर उमर को जिला नूंह की हिदायत कॉलोनी में अपनी साली के घर कमरा दिलवाया। यहां उमर दिल्ली धमाके से पहले 30 अक्टूबर से 10 नवंबर तक किराए पर रहा था। यहीं से आरोपी डॉक्टर ने दिल्ली जाकर धमाका किया था। शोएब की साली मूल रूप से गोलपुरी गांव की निवासी थी और ससुराल हथीन क्षेत्र के खिल्लूका गांव में बताई गई थी। बहरहाल, धमाके के बाद जांच टीमों ने हिदायत कॉलोनी, पिनगवां रोड और आसपास के इलाकों में सर्च अभियान चलाया था। शोएब अल-फलाह यूनिवर्सिटी में इलेक्ट्रिशियन है। वहीं से वह आरोपी डॉक्टरों उमर के संपर्क में आया। एएनआई अधिकारियों का कहना है कि दिल्ली धमाके से पहले नूंह में रहते हुए आतंकी उमर नबी किन लोगों से मिला, कहां से क्या सामान जुटाया, क्या प्लानिंग की, इन सबकी अहम जानकारी शोएब को हो सकती है। जांचकर्ता अब शोएब से पूछताछ करके उस धमाके के रहस्य से और पर्दे उठाएंगे जिसमें 15 लोगों की मौत हो गई और करीब 20 जख्मी हो गए। नूंह में सीसीटीवी कैमरों में कैद हुई थी आरोपी की कार दिल्ली धमाका के बाद आरोपी डॉक्टर उमर की कार जिला नूंह में अनेक जगह सीसीटीवी कैमरों कैद हुई थी। जिसके आधार पर जांच एजेंसियों ने मौके पर जांच की थी। जांच अधिकारियों को नूंह में गोयल अल्ट्रासाउंड एवं डायग्नोस्टिक सेंटर (बालाजी पेट्रोल पंप के पास, दिल्ली-अलवर रोड) के सीसीटीवी कैमरे से वह फुटेज मिला था, जिसमें संदिग्ध सफेद रंग की आई-20 कार साफ दिखाई दी थी। एजेंसियों के अनुसार, यह कार डॉ. उमर द्वारा इस्तेमाल की जा रही थी। फुटेज से पहले भी डॉ उमर की यही कार दिल्ली-मुंबई-वडोदरा एक्सप्रेसवे के टोल प्लाजा पर कैमरे में रिकॉर्ड हुई थी। इससे उसकी आवाजाही का पैटर्न मिल रहा था, जो जांच में महत्वपूर्ण माना जा रहा था। फिरोजपुर झिरका में रहने के दौरान डॉ उमर ने एटीएम से पैसे निकालने की कोशिश की थी, जिसके सीसीटीवी फुटेज को एजेंसियां खंगाल रही थीं। 30 अक्टूबर को डॉक्टर मुजम्मिल को जम्मू-कश्मीर पुलिस ने अल-फलाह यूनिवर्सिटी से गिरफ्तार किया था 09 नवंबर को जम्मू-कश्मीर और फरीदाबाद पुलिस ने गांव धौज की कॉलोनी से डॉक्टर मुज़म्मिल के किराए के कमरे से 358 किलोग्राम अमोनियम नाइट्रेट और हथियार बरामद किए थे 10 नवंबर को जम्मू-कश्मीर और फरीदाबाद पुलिस ने गांव फतेहपुर तगा की कॉलोनी में डॉक्टर मुज़म्मिल के दूसरे किराए के कमरे से 2563 किलोग्राम अमोनियम नाइट्रेट बरामद किया था  

धुंध के बीच PMO का एक्शन मोड: इलेक्ट्रिक व्हीकल्स को मिलेगी नई रफ़्तार

नई दिल्ली  दिल्ली में लगातार बढ़ते प्रदूषण के बीच सरकार कई कदम उठा रही है। कुछ दिन पहले ही राजधानी में GRAP-III लागू किया गया है। अब PMO ने महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। PMO ने प्रदूषण नियंत्रण के लिए अधिकारियों को दोहरी रणनीति पर काम करने का निर्देश दिया है। PMO ने एक उच्च-स्तरीय बैठक की, जिसकी अध्यक्षता प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव ने की और प्रदूषण से निपटने के लिए कई सख्त निर्देश जारी किए। यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब राजधानी की हवा की गुणवत्ता चिंता का विषय बनी हुई है। PMO ने अधिकारियों को दो मुख्य मोर्चों पर तेज़ी से काम करने का निर्देश दिया है। प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों पर सख्ती अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि प्रदूषण फैलाने वाले और उत्सर्जन मानदंडों का उल्लंघन करने वाले सभी वाहनों की जाँच और उन पर कार्रवाई को तेज़ किया जाए। दिल्ली में EV विस्तार की कही बात केंद्र सरकार दिल्ली की सड़कों पर इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या बढ़ाना चाहती है, इसलिए चर्चा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा ईवी पारिस्थितिकी तंत्र के विस्तार पर केंद्रित था।PMO ने अधिकारियों को चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, चार्जिंग स्टेशन और सब्सिडी पर तेज़ी से प्रगति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। PMO ने यह भी निर्देश दिया है कि पारंपरिक पेट्रोल और डीज़ल वाहनों पर निर्भरता कम की जाए। यह कदम दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा है जिसके तहत दिल्ली के परिवहन को स्वच्छ और पर्यावरण के अनुकूल बनाया जाएगा। PMO का यह सक्रिय रुख दिखाता है कि सरकार राजधानी की हवा को साफ करने के लिए कठोर और त्वरित उपाय लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है।

देशभर में बढ़ा प्रदूषण का कहर: दिल्ली समेत कई राज्यों की हवा बेहद खराब

नई दिल्ली  देश के 33 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में दिल्ली सबसे प्रदूषित रही, जहां पीएम 2.5 प्रदूषक तत्वों की सांद्रता का वार्षिक औसत 101 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज किया गया। यह भारतीय मानक से 2.5 गुना और विश्व स्वास्थ्य संगठन के दिशानिर्देशों से 20 गुना अधिक है। एक नए उपग्रह-आधारित विश्लेषण में यह जानकारी सामने आई है। सेंटर फॉर रिसर्च ऑन एनर्जी एंड क्लीन एयर की रिपोर्ट के मुताबिक, मार्च 2024 से फरवरी 2025 तक की अध्ययन अवधि के दौरान चंडीगढ़ में पीएम 2.5 का वार्षिक औसत स्तर 70 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज किया गया। वह इस मामले में दूसरे स्थान पर रहा।   रिपोर्ट के मुताबिक, हरियाणा में 63 और त्रिपुरा में 62 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर का स्तर दर्ज किया गया। असम में 60, बिहार में 59, पश्चिम बंगाल में 57, पंजाब में 56, मेघालय में 53 और नगालैंड में 52 भी स्तर राष्ट्रीय मानक से अधिक था। कुल 749 जिलों में से 447 (60%) में राष्ट्रीय परिवेशी वायु गुणवत्ता मानक से अधिक स्तर दर्ज किया गया। इन जिलों में वार्षिक पीएम 2.5 का स्तर 40 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर रहा। विश्लेषण से पता चला कि सबसे प्रदूषित जिले कुछ ही राज्यों के हैं। दिल्ली और असम के 11-11 प्रदूषित जिले दिल्ली के 11 और असम के 11 जिले मिलकर इस मामले में शीर्ष 50 में से लगभग आधे जिले हो जाते हैं। इसके बाद बिहार के 7 और हरियाणा के 7 जिले सबसे ज्यादा प्रदूषित रहे। अन्य राज्यों में उत्तर प्रदेश के 4, त्रिपुरा के 3, राजस्थान के 2 और पश्चिम बंगाल के 2 जिले इस लिस्ट में शामिल हैं। अध्ययन अवधि के दौरान अपर्याप्त जमीनी निगरानी आंकड़ों के कारण लद्दाख, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह व लक्षद्वीप को विश्लेषण से बाहर रखा गया था।  

सुनवाई के दौरान वकील की आवाज बैठी, CJI का हल्का-फुल्का तंज— ‘दिल्ली की यही समस्या है’

नई दिल्ली  दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण स्तर पर चिंता लगातार बनी हुई है। अब आशंका जताई जा रही है कि राजधानी में राख का गुबार हालात और बिगाड़ सकता है। सुप्रीम कोर्ट में भी भारत के नए मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत भी ताजा स्थिति पर तंज कसते नजर आए। उन्होंने वकील के खांसने पर कहा कि पूरे दिल्ली का यही हाल है। CJI कांत ने सोमवार को ही पद भार संभाला है।   बार एंड बेंच के अनुसार, मंगलवार को अदालत में सीनियर एडवोकेट गोपाल शंकरनारायणन एक केस पेश करने पहुंचे थे। इस दौरान वह अचानक गला साफ करने लगते हैं। वह न्यायाधीशों से कहते हैं, 'मुझे माफ कीजिएगा मीलॉर्ड, मेरी आवाज चली गई है।' इसपर सीजेआई ने जवाब दिया, 'हां अब दिल्ली के ऐसे ही हाल हैं।' दिल्ली प्रदूषण: राष्ट्रीय राजधानी में मंगलवार को घनी धुंध छाई रही और वायु गुणवत्ता 'बेहद खराब' बनी रही। इस बीच आशंका जताई जा रही है कि इथियोपिया में ज्वालामुखी फटने के बाद उठा राख का गुबार क्षेत्र में प्रदूषण को और बढ़ा सकता है। इथियोपिया के अफार क्षेत्र में स्थित ढाल-ज्वालामुखी हायली गुब्बी रविवार को फट गया, जिससे राख का गुबार करीब 14 किलोमीटर (45,000 फुट) की ऊंचाई तक गया और लाल सागर की ओर पूर्व दिशा में फैलने लगा। मौसम विभाग ने क्या कहा IMD यानी भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, राख के गुबार चीन की ओर बढ़ रहे हैं और मंगलवार शाम साढ़े सात बजे तक भारत से दूर चले जाएंगे। विभाग ने बताया कि पूर्वानुमान मॉडल के मुताबिक मंगलवार को गुजरात, दिल्ली-एनसीआर, राजस्थान, पंजाब और हरियाणा पर राख का कुछ प्रभाव देखा जा सकता है। दिल्ली का AQI केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा जारी सुबह की वायु गुणवत्ता रिपोर्ट के अनुसार राष्ट्रीय राजधानी का वायु गुणवत्ता सूचकांक मंगलवार को 360 रहा, जो ‘बेहद खराब’ श्रेणी में आता है। इससे पहले सोमवार को यह 382 दर्ज किया गया था। सीपीसीबी द्वारा विकसित समीर ऐप के अनुसार, रोहिणी निगरानी केन्द्र में वायु गुणवत्ता 416 दर्ज की गई जो 'गंभीर' की श्रेणी में आती है। अगले कुछ दिनों तक हवा की गुणवत्ता के ‘बेहद खराब’ श्रेणी में बने रहने का अनुमान है।  

गुरु तेग बहादुर के आदर्शों को जीवन में उतारने की अपील, CM रेखा गुप्ता ने लोगों से कहा

नई दिल्ली  दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार को सिखों के गुरु श्री गुरु तेग बहादुर साहिब के मानवीय संदेशों धर्मनिरपेक्षता, करुणा, सहिष्णुता और सत्य को अपने जीवन में आत्मसात करने की लोगों से अपील की।दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किला प्रांगण में आज श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी के 350वें शहीदी दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित तीन-दिवसीय भव्य समागम में सुबह से ही प्रांगण भक्तों की भीगी पलकें, हाथ जोड़े श्रद्धालु और गुरु साहिब के प्रति अटूट श्रद्धा से भरा दिख रहा है। उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन के साथ मुख्यमंत्री ने गुरुद्वारा रकाबगंज साहिब में मत्था टेका। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरु तेग बहादुर साहिब का सत्य और मानवता के लिए अद्वितीय बलिदान हर नागरिक को साहस और करुणा के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। श्रीमती गुप्ता ने दिल्लीवासियों से अपील की है कि वे इस ऐतिहासिक आयोजन में शामिल होकर गुरु साहिब के मानवीय संदेशों जैसे धर्मनिरपेक्षता, करुणा, सहिष्णुता और सत्य को अपने जीवन में अपनाएं। दिल्ली सरकार ने इस अवसर पर 25 नवंबर को सार्वजनिक अवकाश घोषित कर गुरु साहिब की शहादत को राष्ट्र के प्रति समर्पित श्रद्धा के रूप में प्रस्तुत किया है। लाल किला परिसर में आज शाम आयोजित विशेष लाइट एंड साउंड शो में सिख इतिहास और गुरु तेग बहादुर साहिब की शहादत को भव्य और भावपूर्ण ढंग से प्रस्तुत किया जायेगा।

दिल्ली–एनसीआर में NCB का बड़ा एक्शन: 262 करोड़ की ड्रग सप्लाई चेन में विदेशी–भारतीय लिंक बेनकाब

 नई दिल्ली  दिल्ली–एनसीआर के बीचों-बीच चल रहे एक हाई-प्रोफाइल सिंथेटिक ड्रग नेटवर्क की परतें उस वक्त खुलनी शुरू हुईं, जब नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने दिल्ली के एक फार्महाउस पर रेड मारी. किसी भी रूटीन छापे की तरह शुरू हुए इस ऑपरेशन में ऐसे क्लू मिले जिससे आगे चलकर 200 करोड़ से ज्यादा की ड्रग पकड़ी गई.  अधिकारियों  के मुताबिक यह केस सिर्फ ड्रग पकड़ने का नहीं है बल्कि एक ऐसे अदृश्य नेटवर्क को उजागर करने का है, जिसे विदेशी ऑपरेटर अपने भारतीय ग्राउंड स्टाफ के जरिए रिमोट से कंट्रोल कर रहे थे. और इस नेटवर्क के बीचोबीच खड़ा था एक 25 साल का युवक शेन वारिस जो खुद को कंपनी का सेल्स मैनेजर बताता रहा, लेकिन अंदर से इस पूरे रैकेट का भरोसेमंद रनर मिला. डियो/फोटो बॉस को भेजना अनिवार्य था. पूरी बातचीत ऐसे चलती थी मानो कोई वीडियो गेम का रिमोट कंट्रोलर विदेश से भारत में मौजूद चरित्र को चला रहा हो. अचानक उभरा एक नाम एस्थर किनिमी पूछताछ के दौरान शेन ने एक और नाम खखेला. एस्थर किनिमी, नागालैंड की रहने वाली, दिल्ली में किराए के एक फ्लैट में रहने वाली महिला का. यही एस्थर, शेन के मुताबिक, पहले भी एक कंसाइनमेंट उसे हैंडओवर कर चुकी थी, जिसे बाद में एक पोर्टर राइडर के जरिए आगे भेजा गया था. शेन ने न सिर्फ उसका पता दिया, बल्कि फोन नंबर और उसके नेटवर्क से जुड़े कुछ और संदिग्धों का ज़िक्र भी किया. यह इनपुट NCB के लिए ब्रेकथ्रू मोमेंट था. 20 नवंबर की रात लगभग 11 बजे, NCB की टीम चुपचाप छतरपुर एन्क्लेव फेज-2 पहुँची. चार मंज़िला जैन हाउस की चौथी मंज़िल का एक फ्लैट यही था एस्थर का ठिकाना. दरवाज़ा खुलते ही टीम को कमरे में फैली एक अजीब-सी गंध महसूस हुई. कुछ ही मिनटों में अलमारी, बेडबॉक्स और स्टोर रूम की सर्च शुरू हुई. उसके बाद जो सामने आया उसने टीम को भी कुछ क्षणों के लिए रोक दिया . 328.54 किलो मेथाम्फेटामाइन. इंटरनेशनल मार्केट वैल्यू करीब 262 करोड़ रुपये से भी ज्यादा बैगों में भरी दर्जनों पैकेट्स, हर पैकेट पर विदेशी पैकिंग की सील और कमरे में मौजूद पाउडर के कण. यह बरामदगी दिल्ली–एनसीआर की सबसे बड़ी सिंथेटिक ड्रग पकड़ों में शामिल हो गई. एस्थर को वहीं से गिरफ्तार कर लिया गया. जांच में पता चला कि  ड्रग बनाने वाले लैब्स देश से बाहर थे लॉजिस्टिक्स को देश के अलग-अलग शहरों से कंट्रोल किया जाता था. हर रनर को सिर्फ उसका हिस्सा पता होता था. बताया जा रहा है कि उनकी पेमेंट पूरी तरह डिजिटल और मल्टी-लेयर चैन के जरिये होती थी. शेन और एस्थर जैसे लोग नेटवर्क की फॉरवर्ड यूनिट थे जो सिर्फ हैंडलिंग और मूवमेंट देखते थे. असली ऑपरेटर विदेश में बैठा था. न ही उसका नाम सामने आया और न ही लोकेशन अभी तक स्पष्ट है. लेकिन शेन के फोन से मिले डेटा, कॉल लॉग और क्लाउड बैकअप ने साफ कर दिया कि यह एक बड़े अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट का हिस्सा है.  तीन दिनों तक चला ऑपरेशन, कई राज्यों में भेजे गए अलर्ट NCB ने इस पूरे घटनाक्रम के दौरान तीन दिन में कई लोकेशनों पर रेड कीं. राजधानी दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम, अमरोहा और पंजाब के कुछ पॉइंट्स तक इनपुट भेजे गए. टीम ने स्पष्ट किया है कि  नेटवर्क के कम से कम 7 और लोग सक्रिय भूमिका में हैं.  कुछ लोग कूरियर/राइडर के रूप में इस्तेमाल हुए. कुछ लोग किराए के फ्लैट के इंतजाम करते थे. फंडिंग चैनल अभी तक पूरी तरह स्पष्ट नहीं है. विदेशी बॉस कौन है इस पर इन्वेस्टिगेशन जारी है. ड्रग के पैकेट्स की सील से अंदाजा लगाया जा रहा है कि यह माल कई चरणों में भारत पहुंचा था. और एस्थर का फ्लैट एक स्टोरेज–क्यूम–ट्रांजिट हब के तौर पर इस्तेमाल हो रहा था. NCB की नजर अभी और बड़ी मछलियों पर NCB के अधिकारियों का कहना है कि यह नेटवर्क सिर्फ सप्लाई–डिस्ट्रीब्यूशन मॉडल से कहीं ज्यादा संगठित है. जांच अभी शुरुआती चरण में है, लेकिन अब तक के सुराग बताते हैं कि  भारत के कई शहरों में स्लीपर यूनिट्स मौजूद हैं.