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आदमपुर एयरपोर्ट से उड़ानों की ताज़ा जानकारी, यात्री रखें ध्यान

जालंधर    आदमपुर एयरपोर्ट से उड़ानों के बंद होने को लेकर सोशल मीडिया पर फैल रही खबरें पूरी तरह गलत और भ्रामक है। पंजाब भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद सुशील रिंकू ने आदमपुर एयरपोर्ट प्रबंधन से बात करके इस विषय पर स्पष्ट किया कि एयरपोर्ट के रनवे मेंटेनेंस के कारण 8 महीने तक संचालन बंद रहने की खबरों में कोई सच्चाई नहीं है। यहां से उड़ानों का संचालन जारी है। पूर्व सांसद सुशील रिंकू ने कहा कि आदमपुर एयरपोर्ट के डायरेक्टर पुष्पेंद्र कुमार निराला ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि यहां से प्रतिदिन हिंडन, नांदेड़, बेंगलुरु और मुंबई के लिए फ्लाइट्स का नियमित संचालन जारी है। यात्रियों की आवाजाही भी सामान्य बनी हुई है और किसी प्रकार की बाधा नहीं आई है। सुशील रिंकू ने बताया कि एयरपोर्ट प्रशासन ने जानकारी दी है कि गत दिन शाम 5:48 बजे तक लगभग 505 यात्रियों ने आदमपुर एयरपोर्ट से यात्रा की, जो इस बात का प्रमाण है कि एयरपोर्ट पर गतिविधियां पूरी तरह सुचारू रूप से चल रही हैं। उन्होंने कहा कि यदि भविष्य में किसी प्रकार का मेंटेनेंस कार्य प्रस्तावित होता है, तो यात्रियों को समय रहते इसकी जानकारी दे दी जाएगी ताकि उन्हें असुविधा का सामना न करना पड़े। सुशील रिंकू ने कहा कि एयरपोर्ट प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मिडिल ईस्ट में चल रहे संघर्ष का आदमपुर एयरपोर्ट के संचालन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा है। एयरपोर्ट प्रशासन ने भी यात्रियों से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक स्रोतों से प्राप्त जानकारी पर ही भरोसा करें और अफवाहों से बचें।

एसडीएम का गंभीर आरोप: डीसी पर तंग करने का आरोप, चीफ सेक्रेटरी से जांच और ट्रांसफर की मांग

बाघापुराना  पंजाब के बाघापुराना के एडीएम ने मोगा के डीसी पर ही मानसिक रूप से परेशान करने और उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं। उनकी तरफ से इस बारे में एक चिट्ठी चीफ सेक्रेटरी को लिखी गई है। इसमें उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कराने, अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने। एक महीने की छुट्टी और मोगा जिले से तबादले की भी मांग की है। दूसरी तरफ, इस मामले को विपक्ष भी उठा रहा है। हालांकि डीसी सेतिया ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि ये आरोप बेबुनियाद हैं। वहीं, पता चला है कि इस मामले में कोर्ट में मामला पहुंचने वाला है। चिट़ठी सुबह तीन बजे लिखी है एसडीएम भवपदीप सिंह वालिया ने सुबह तीन बजे चिट्‌ठी लिखी है।अपनी चिट्ठी में कहा है कि उन्हें बार-बार बैठकों के लिए बुलाया गया और लगातार फोन कॉल्स के जरिए संपर्क किया गया, जिससे दबाव और डर का माहौल बना। देर रात और अवकाश के दिनों में भी उन्हें कॉल किए जाते रहे, जिससे मानसिक तनाव और बढ़ गया। इसके अलावा, उन्होंने व्यक्तिगत सुरक्षा को लेकर धमकियां मिलने, विभागीय कार्रवाई, जांच और एफआईआर दर्ज कराने की चेतावनी दिए जाने का भी जिक्र किया है। एसडीएम के अनुसार, इन सबका उद्देश्य किसी विशेष उम्मीदवार के पक्ष में चुनाव परिणाम घोषित करवाने का दबाव बनाना हो सकता है, जो स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव के सिद्धांतों के खिलाफ है। सारे मामले की निष्पक्ष जांच हो घटनाओं की पूरी श्रृंखला और संबंधित अधिकारियों/कर्मचारियों के आचरण की निष्पक्ष और न्यायसंगत जांच कराई जाए। तुरंत हस्तक्षेप किया जाए ताकि किसी भी प्रकार का अनुचित दबाव, उत्पीड़न और धमकी तुरंत रोकी जा सके। इस अवधि के दौरान झेले गए अत्यधिक मानसिक तनाव और आघात को देखते हुए मुझे एक महीने की छुट्टी प्रदान करने पर विचार किया जाए। मुझे मोगा से किसी अन्य स्थान पर स्थानांतरित किया जाए, ताकि निष्पक्ष वातावरण सुनिश्चित हो सके और किसी भी अनुचित प्रभाव से बचा जा सके।

संयुक्त ऑपरेशन में बड़ी सफलता: सीमा पार से चल रहा ड्रग रैकेट नेस्तनाबूद

पंजाब पंजाब पुलिस की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) ने सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के साथ मिलकर एक बड़े संयुक्त ऑपरेशन में पाकिस्तान से जुड़े सीमा पार ड्रग तस्करी नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। इस सफलता में 24.5 किलोग्राम हेरोइन, 21 लाख रुपए की ड्रग मनी, एक मल्टी-कॉप्टर ड्रोन और दो कारें जब्त की गई हैं। तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पंजाब पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव ने रविवार को यहां जारी बयान में बताया कि गहन तकनीकी जांच और खुफिया जानकारी के आधार पर यह ऑपरेशन अंजाम दिया गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अमृतसर जिले के नूरवाल गांव निवासी जगजीत सिंह उर्फ राणा, औलख खुर्द गांव के मनप्रीत सिंह उर्फ प्रीत और धूपसरी गांव के रोशन सिंह के रूप में हुई है। जांच में इनके पाकिस्तान स्थित हैंडलर्स से सीधे संपर्क होने का खुलासा हुआ है। डीजीपी ने कहा कि इस नेटवर्क को सफलतापूर्वक खत्म कर दिया गया है और आगे-पीछे के लिंकेज की तलाश जारी है। एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स के पुलिस अधीक्षक (एसपी) गुरप्रीत सिंह ने विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि ऑपरेशन दो चरणों में पूरा हुआ। पहले चरण में 12.1 किलोग्राम हेरोइन के साथ एक मल्टी-कॉप्टर ड्रोन बरामद किया गया, जिसका इस्तेमाल पाकिस्तान से खेप भेजने के लिए किया जाता था। ड्रोन के फोरेंसिक विश्लेषण, जिसमें तकनीकी डेटा, जीपीएस लोकेशन, अक्षांश-देशांतर और टावर डंप शामिल थे, के आधार पर मनप्रीत सिंह के घर से अतिरिक्त 12.4 किलोग्राम हेरोइन जब्त की गई। कुल बरामदगी 24.5 किलोग्राम हो गई। एसपी गुरप्रीत सिंह ने कहा कि आरोपी जगजीत राणा ने ड्रग मनी से हाल ही में पॉश इलाकों में संपत्तियां खरीदी हैं और उसे महंगी कारों का भी शौक था। जब्त की गई कारों में एक महिंद्रा थार एसयूवी भी शामिल है, जिसका इस्तेमाल नशीले पदार्थों की डिलीवरी के लिए किया जा रहा था। जांच में पता चला है कि ये आरोपी सीमा पार से ड्रोन के जरिए हेरोइन मंगवाते थे और फिर पंजाब के विभिन्न इलाकों में बेचते थे। इस मामले में एएनटीएफ पुलिस स्टेशन, एसएएस नगर में एनडीपीएस एक्ट की धारा 21(सी), 23 और एयरक्राफ्ट एक्ट की धारा 25, 26 और 29 के तहत एफआईआर संख्या 43 (दिनांक 2 मार्च 2026) दर्ज की गई है। पुलिस ने चेतावनी दी है कि ड्रग तस्करी में शामिल सभी लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

पंजाब में महिलाओं के लिए बड़ी सौगात: CM मान ने ₹1500 देने का किया ऐलान

जलालाबाद/फाजिल्का. भगवंत सिंह मान ने रविवार को जलालाबाद पहुंचकर विकास परियोजनाओं की शुरुआत के साथ-साथ विपक्ष पर तीखा हमला बोला। अनाज मंडी में आयोजित कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि जलालाबाद लंबे समय तक ऐसे नेताओं के हाथ में रहा, जिनके पास सत्ता और ताकत थी, लेकिन इसके बावजूद क्षेत्र का अपेक्षित विकास नहीं हो सका। मुख्यमंत्री ने बिना नाम लिए सुखबीर सिंह बादल और उनकी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि जलालाबाद को केवल वोट बैंक की तरह इस्तेमाल किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्षों तक लोगों की बुनियादी जरूरतों और विकास कार्यों को नजरअंदाज किया गया, जिसके कारण क्षेत्र पिछड़ता चला गया। विपक्ष के पास कोई ठोस योजना नहीं मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान समय में विपक्ष के पास पंजाब के लिए कोई ठोस योजना या दिशा नहीं है। उन्होंने कहा कि अब विपक्षी दल केवल एक मौका देने की बात कर रहे हैं, लेकिन उनके पास न कोई स्पष्ट योजना है और न ही विकास का खाका। उन्होंने कांग्रेस पर भी कटाक्ष करते हुए कहा कि पार्टी के भीतर ही मुख्यमंत्री पद के कई दावेदार हैं, जिससे उनकी स्थिति स्पष्ट नजर आती है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने महिलाओं के लिए एक महत्वपूर्ण घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि अप्रैल महीने से महिलाओं को हर महीने आर्थिक सहायता दी जाएगी। यह राशि एक हजार से पंद्रह सौ रुपये के बीच होगी, जिससे महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में मदद मिलेगी। असंभव कामों को पूरा किया गया मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा कि जिन कामों को पहले असंभव बताया जाता था, उन्हें अब पूरा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पहले कहा जाता था कि मुफ्त बिजली देना संभव नहीं है, लेकिन सरकार ने यह सुविधा लागू कर दी। इसी तरह गांव-गांव तक पानी पहुंचाने का काम भी किया गया है। उन्होंने रोजगार के मुद्दे पर भी विपक्ष को घेरते हुए कहा कि सरकार ने अब तक 65,264 युवाओं को पारदर्शी तरीके से रोजगार दिया है। उन्होंने कहा कि यह सब बिना किसी सिफारिश या भ्रष्टाचार के किया गया है, जिससे युवाओं का भरोसा सरकार पर बढ़ा है। मुख्यमंत्री ने अंत में कहा कि उनकी सरकार का लक्ष्य पंजाब को विकास की नई दिशा देना है और आने वाले समय में भी इसी तरह जनहित के फैसले लिए जाते रहेंगे।

फिर चमकी किस्मत: आर्मी को दूध-चाय पहुंचाने वाले श्रवण सिंह ने जीते 5 लाख

फिरोजपुर. फिरोजपुर जिले के कस्बा ममदोट के गांव तारा वाली के रहने वाले मास्टर श्रवण सिंह की किस्मत एक बार फिर चमकी है। उन्होंने अब 5 लाख रुपये की लॉटरी जीती है, जिसके बाद पूरे परिवार में जश्न का माहौल है। श्रवण सिंह को हाल ही में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 'प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार 2025' से सम्मानित किया था क्योंकि उन्होंने 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान आर्मी के जवानों की बहुत सेवा की थी। अब श्रवण सिंह की 5 लाख रुपये की लॉटरी निकली है। जानकारी के मुताबिक, श्रवण सिंह ने अपने पिता सोना सिंह के साथ ममदोट में सिर्फ 350 रुपये की लॉटरी डाली थी (जिसमें एक टिकट 7 रुपये का था), जिससे उनकी किस्मत बदल गई। यह खुशी की खबर मिलते ही परिवार और रिश्तेदारों में खुशी की लहर दौड़ गई और सभी ने ढोल की थाप पर नाचकर जश्न मनाया। गौरतलब है कि श्रवण सिंह को 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान भारतीय सेना के जवानों को दूध, चाय और लस्सी पहुंचाने में उनकी सेवा और बहादुरी के लिए सेना ने सम्मानित भी किया है। उन्हें 26 दिसंबर 2025 को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया, जहां उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से खास बातचीत भी की। श्रवण के पिता सोना सिंह ने भावुक होते हुए कहा कि उन्होंने तीन बार लॉटरी डाली थी और तीनों बार इनाम निकला। उन्होंने कहा कि वह इस इनाम की रकम को श्रवण के सुनहरे भविष्य के लिए बचाकर रखेंगे। उनके पिता के मुताबिक, श्रवण ने पहले भी देश भर में परिवार का नाम रोशन किया था और आज उसकी किस्मत ने परिवार की किस्मत बदल दी है। 

इंसाफ की मांग पर अड़ा परिवार: अमृतसर में गिरफ्तारी से पहले पोस्टमार्टम नहीं होगा

अमृतसर. पंजाब के अमृतसर में गगनदीप सिंह रंधावा मामले में रविवार को नया मोड़ सामने आया, जब परिजनों ने आरोपितों की गिरफ्तारी तक पोस्टमार्टम करवाने से साफ इंकार कर दिया। परिवार का कहना है कि जब तक मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर, उनके पिता सुखदेव सिंह भुल्लर और पीए दिलबाग सिंह को गिरफ्तार नहीं किया जाता, तब तक वे किसी भी पुलिस कार्रवाई में सहयोग नहीं करेंगे। जानकारी के अनुसार, थाना रंजीत एवेन्यू की पुलिस ने रविवार को शव का पोस्टमार्टम करवाने का प्रयास किया, लेकिन परिजनों ने कड़ा विरोध करते हुए इसे रुकवा दिया। इस दौरान मौके पर माहौल तनावपूर्ण बना रहा और बड़ी संख्या में रिश्तेदार भी मौजूद रहे। पुलिस की कार्रवाई से असंतुष्ट परिवार मृतक की पत्नी उपिंदर जीत कौर ने आरोप लगाया कि घटना के तीसरे दिन भी पुलिस की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि मामला दर्ज होने के बावजूद अब तक किसी भी आरोपित को गिरफ्तार नहीं किया गया है, जिससे परिवार में रोष बढ़ता जा रहा है। जब तक पुलिस आरोपितों को गिरफ्तार नहीं करेगी, पोस्टमॉर्टम नहीं करवाया जाएगा। समझौते का दबाव बनाया जा रहा परिजनों का यह भी आरोप है कि पुलिस उन्हें समझौता करने के लिए दबाव बना रही है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जब तक सभी नामजद आरोपितों की गिरफ्तारी नहीं होती, वे न तो पोस्टमार्टम होने देंगे और न ही अंतिम संस्कार करेंगे। स्थिति को संभालने के लिए मौके पर रविंदर पाल सिंह भी पहुंचे। मीडिया द्वारा गिरफ्तारी को लेकर सवाल पूछे जाने पर उन्होंने जल्द कार्रवाई का भरोसा दिलाया, हालांकि स्पष्ट समयसीमा नहीं बताई। इसके बाद वह मौके से चले गए। इस घटनाक्रम के बाद इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है। परिजनों की मांग को लेकर प्रशासन और पुलिस पर दबाव बढ़ गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए आने वाले समय में पुलिस की कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

किसानों के लिए दोधारी तलवार: बारिश से गेहूं को लाभ, पर सड़न का खतरा बढ़ा

अमृतसर. पंजाब में दो दिन तक लगातार हुई बारिश के बाद शनिवार से मौसम साफ चल रहा है। हालांकि, शनिवार कुछ इलाकों में हल्की बूंदाबांदी जारी रही। इस बदलाव से गेहूं की फसल को लेकर चिंतित किसानों को फिलहाल राहत मिली है। फसल पकने के अंतिम चरण में होने के कारण किसान लगातार मौसम पर नजर बनाए हुए थे। हाल के वर्षों में कटाई से पहले हुई बेमौसमी बारिश से फसलों को नुकसान की घटनाएं सामने आती रही हैं, जिससे किसानों की चिंता स्वाभाविक थी। इस बार हालांकि बारिश हल्की रही और तेज हवाएं नहीं चलीं, जिससे बड़े नुकसान से बचाव हो गया। कृषि विभाग के निदेशक गुरजीत सिंह बराड़ ने मीडिया से बातचीत में कहा कि अभी घबराने की जरूरत नहीं है। उन्होंने बताया कि बारिश धीमी रही और तेज हवाओं का अभाव रहा, जो फसल को गिरने से बचाने में अहम कारक है। हालांकि उन्होंने किसानों को आने वाले दिनों के लिए सतर्क रहने की सलाह दी है। 34.5 लाख  हेक्टेयर में हुई गेहूं की बुवाई इस वर्ष पंजाब में लगभग 34.5 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में गेहूं की बुवाई हुई है। ऐसे में मौसम में थोड़ा सा बदलाव भी बड़े स्तर पर असर डाल सकता है। बारिश से मिट्टी में नमी बढ़ी है, जिससे भूजल स्तर सुधारने में मदद मिलेगी। लंबे समय से गिरते जल स्तर से जूझ रहे राज्य के लिए यह सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। गुरदासपुर के कुछ क्षेत्रों में फसल के गिरने की घटनाएं सामने आई हैं, लेकिन अधिकारियों ने इसे सीमित और मामूली बताया है। इसे बड़े स्तर का नुकसान नहीं माना जा रहा। चिंताएं अभी कम नहीं हुई मौसम विभाग ने 26 मार्च तक रुक-रुक कर बारिश होने की संभावना जताई है। ऐसे में फसल के दाने बनने के इस महत्वपूर्ण चरण में किसानों की चिंता अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। इससे पहले फरवरी और मार्च के शुरुआती दिनों में तापमान सामान्य से लगभग पांच डिग्री अधिक दर्ज किया गया था, जिससे फसल पर गर्मी के असर का खतरा बढ़ गया था। कुछ इलाकों में गेहूं की फसल पर हल्का बैंगनी रंग भी देखा गया, जिसे तापमान में उतार-चढ़ाव से जोड़ा गया। पंजाब एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी के वीसी डाॅ. सतबीर सिंह गोसल ने स्पष्ट किया कि यह रंग परिवर्तन अस्थायी है और इससे फसल को स्थायी नुकसान नहीं होता। उन्होंने कहा कि जब तक तापमान 35 डिग्री सेल्सियस से नीचे रहता है, तब तक फसल सुरक्षित रहती है। विशेषज्ञों का मानना है कि फिलहाल हालात नियंत्रित हैं, लेकिन कटाई के करीब पहुंच चुकी फसल के लिए तेज हवा, ओलावृष्टि या लंबी बारिश खतरा पैदा कर सकती है। ऐसे में किसानों को मौसम की स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखने की सलाह दी गई है।

पंजाब में सुसाइड केस ने पकड़ा तूल, पूर्व मंत्री भुल्लर सहित तीन पर FIR

चंडीगढ़. पुलिस ने पंजाब स्टेट वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन के एक अधिकारी की आत्महत्या के मामले में पंजाब के पूर्व मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर के खिलाफ केस दर्ज किया है। अमृतसर में पंजाब स्टेट वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन के जिला प्रबंधक गगनदीप सिंह रंधावा ने कथित तौर पर शनिवार को कोई जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या कर ली थी। पुलिस ने भुल्लर के पिता सुखदेव सिंह भुल्लर और उनके निजी सहायक दिलबाग सिंह के खिलाफ भी केस दर्ज किया है। FIR भारतीय न्याय संहिता की धारा 108 (आत्महत्या के लिए उकसाना), 351 (3) (आपराधिक धमकी) और 3 (5) (साझा इरादा) के तहत दर्ज की गई है। यह केस शनिवार रात अमृतसर के रणजीत एवेन्यू पुलिस स्टेशन में रंधावा की पत्नी उपिंदर कौर की शिकायत पर दर्ज किया गया था। शनिवार को, मुख्यमंत्री भगवंत मान द्वारा आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोपों के बीच पद छोड़ने के लिए कहे जाने के बाद भुल्लर ने राज्य मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया था। लालजीत भुल्लर पर लगा उत्पीड़न का आरोप शनिवार को सोशल मीडिया पर एक वीडियो सामने आया, जिसमें रंधावा, जिनके पास पट्टी का अतिरिक्त प्रभार भी था, को कथित तौर पर यह कहते हुए सुना गया कि उन्होंने सल्फास खा लिया है और उन्होंने परिवहन मंत्री पर उत्पीड़न का आरोप लगाया। तुम्हारे दोस्त ने सल्फास खा ली है। मंत्री लालजीत भुल्लर के डर से। अब मैं नहीं बचूंगा, रंधावा कहते हैं। तरनतारन के पट्टी से विधायक भुल्लर ने अपने ऊपर लगे आरोपों को बेबुनियाद बताया। इससे पहले, मान ने कहा था कि उन्होंने मुख्य सचिव को इस मामले की निष्पक्ष जांच करने का निर्देश दिया है और मंत्री से निष्पक्ष जांच के लिए पद छोड़ने को कहा है। मान ने कहा था कि इस मामले में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी, और साथ ही यह भी कहा था कि भुल्लर के परिवहन और जेल विभाग किसी अन्य मंत्री को सौंप दिए जाएंगे। मारपीट का भी लगा आरोप जैसे ही यह वीडियो ऑनलाइन सामने आया, विपक्षी दलों के नेताओं ने AAP सरकार की कड़ी आलोचना की और भुल्लर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। उन्होंने भुल्लर पर रंधावा पर दबाव डालकर अपने पिता को एक गोदाम का टेंडर दिलवाने का आरोप लगाया। भुल्लर पर यह भी आरोप लगा कि उन्होंने रंधावा का एक वीडियो बनाया और उन्हें किसी दूसरी पार्टी से 10 लाख रुपये की रिश्वत लेने की बात कबूल करने के लिए मजबूर किया। एक आरोप यह भी था कि 13 मार्च को रंधावा को भुल्लर के घर बुलाया गया था, जहां उनके साथ मारपीट की गई और उन्हें अपमानित किया गया।

पंजाब को मिलेगी विकास की रफ्तार: मुख्यमंत्री मान करेंगे 508 करोड़ के प्रोजेक्ट्स लॉन्च

फाजिल्का/जलालाबाद. पंजाब के जलालाबाद क्षेत्र में आज विकास की बड़ी पहल होने जा रही है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान कुछ ही देर में जलालाबाद की अनाज मंडी पहुंचेंगे, जहां वह करीब 508 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं की शुरुआत करेंगे। इस कार्यक्रम को लेकर क्षेत्र में उत्साह का माहौल है और सुबह से ही लोगों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई है। सरकारी जानकारी के अनुसार, इन परियोजनाओं में लगभग 300 किलोमीटर नई सड़कों का निर्माण और 350 किलोमीटर पुराने मार्गों की मरम्मत शामिल है। इससे क्षेत्र की यातायात व्यवस्था मजबूत होगी और ग्रामीण व शहरी इलाकों के बीच संपर्क बेहतर बनेगा। कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए प्रशासन ने शनिवार से ही तैयारियां तेज कर दी थीं। अब अनाज मंडी को पूरी तरह कार्यक्रम के अनुरूप तैयार कर लिया गया है। मंच, टेंट, बैठने की व्यवस्था, ध्वनि व्यवस्था और बैरिकेडिंग समेत सभी प्रबंध पूरे कर लिए गए हैं। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए अलग-अलग खंड बनाए गए हैं, ताकि कार्यक्रम सुचारू रूप से संपन्न हो सके। अधिकारियों से सुरक्षा व इंतजामों का लिया जायदा डिप्टी कमिश्नर अमरप्रीत कौर संधू ने अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचकर तैयारियों का जायजा लिया। उनके साथ अतिरिक्त उपायुक्त डाॅ. मनदीप कौर और उपमंडल अधिकारी कंवरजीत सिंह भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने सभी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया और सुरक्षा से जुड़े इंतजामों की समीक्षा की। सुरक्षा के लिहाज से पुलिस ने पूरे क्षेत्र को कड़ी निगरानी में ले लिया है। अनाज मंडी की ओर आने वाले सभी रास्तों पर नाके लगाए गए हैं और हर आने-जाने वाले व्यक्ति की जांच की जा रही है। प्रवेश द्वारों पर धातु जांच उपकरण लगाए गए हैं, ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोका जा सके। पैकेज इलाके के लिए बड़ी सौगात स्थानीय विधायक जगदीप कंबोज गोल्डी के अनुसार, यह पैकेज जलालाबाद के लिए अब तक की सबसे बड़ी सौगातों में से एक है। मुख्यमंत्री के पहुंचते ही कई परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया जाएगा, जिसके बाद वह लोगों को संबोधित भी करेंगे। सुबह से ही अनाज मंडी में लोगों की आवाजाही बढ़ती जा रही है और हर कोई मुख्यमंत्री के आगमन का इंतजार कर रहा है। कार्यक्रम को लेकर पूरे क्षेत्र में उत्साह और उम्मीद का माहौल बना हुआ है।

पंजाब में बेअदबी मामलों पर बड़ा एक्शन, 13 अप्रैल को विशेष सत्र में कानून की तैयारी

अमृतसर. मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने घोषणा की है कि पंजाब सरकार बेअदबी के मामलों में सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए 13 अप्रैल को विधानसभा का विशेष सत्र बुलाएगी। इस दौरान श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार अधिनियम 2008 में संशोधन कर कठोर प्रविधान जोड़े जाएंगे। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि प्रस्तावित कानून में कड़ी सजा, जुर्माना, दोषियों की संपत्ति जब्त करने और डिजिटल माध्यम से किए जाने वाले अपराधों को भी शामिल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस कानून का मसौदा संत समाज और कानूनी विशेषज्ञों से परामर्श के बाद तैयार किया जा रहा है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। अमृतसर के सर्किट हाउस में संत समाज और धार्मिक नेताओं के साथ बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि खालसा साजना दिवस के पावन अवसर पर यह विशेष सत्र आयोजित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस घिनौने अपराध के दोषियों को मिसाल कायम करने वाली सजा दिलाने के लिए देश के प्रमुख वकीलों से भी राय ली जाएगी। कानून का उद्देश्य बेअदबी की घटनाओं को रोकना  मुख्यमंत्री ने बताया कि संशोधित कानून का उद्देश्य श्री गुरु ग्रंथ साहिब और अन्य धार्मिक ग्रंथों की बेअदबी की घटनाओं को रोकना है। इसके लिए व्यापक और मजबूत कानूनी ढांचा तैयार किया जाएगा। उन्होंने संत समाज, विभिन्न संप्रदायों, टकसालों, निहंग समूहों, उदासी और निरमला संप्रदायों, कार सेवा जत्थों, रागियों और कथावाचकों को विशेष सत्र में शामिल होने का निमंत्रण दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष कुलतार सिंह संधवां और विधायक डा. इंदरबीर सिंह निज्जर जल्द ही समाना जाकर गुरजीत सिंह खालसा से बातचीत करेंगे और उन्हें अपना विरोध समाप्त कर विशेष सत्र में शामिल होने के लिए आमंत्रित करेंगे। डिजिटल सामग्री से की गई बेअदबी पर भी होगा एक्शन मुख्यमंत्री ने दोहराया कि कानून में सख्त सजा के साथ-साथ दोषियों की संपत्ति जब्त करने और डिजिटल सामग्री के जरिए की गई बेअदबी पर भी कार्रवाई का प्राविधान होगा। उन्होंने कहा कि सरकार लोगों की धार्मिक भावनाओं का पूरा सम्मान करती है और किसी भी दोषी को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। मुख्यमंत्री ने ‘एक्स’ पर भी इस संबंध में जानकारी साझा करते हुए कहा कि अमृतसर में संत समाज के साथ हुई बैठक में इस कानून को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। उन्होंने कहा कि “केयदि कोई बेअदबी के जरिए लोगों की आस्था को ठेस पहुंचाने की कोशिश करता है, तो उसे कभी माफ नहीं किया जाएगा और सख्त से सख्त सजा दी जाएगी। बैठक के दौरान संत समाज और विभिन्न धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने लंबित मामलों के निपटारे में तेजी लाने की मांग की। साथ ही उन्होंने गुरु तेग बहादुर के 350वें शहीदी दिवस के अवसर पर कार्यक्रम आयोजित करने के लिए राज्य सरकार का धन्यवाद भी किया। बैठक का समापन सामूहिक अरदास के साथ हुआ।