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जालंधर में फिर हड़ताल पर नगर निगम कर्मचारी!

जालंधर नगर निगम में आज एक बार फिर सफाई कर्मचारियों और सीवरमैनों ने हड़ताल कर धरना प्रदर्शन किया। यह विरोध पंजाब मजदूर फेडरेशन के प्रधान सनी सहोता की अगुवाई में किया गया। सनी सहोता ने आरोप लगाया कि सीवर की सफाई कर रहे कर्मचारियों को न तो सही वर्दी, न बूट और न ही सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उपकरण न होने से उन्हें काम के दौरान दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इस दौरान यूनियन की नगर निगम कमिश्नर संदीप ऋषि से बातचीत हुई। इसके बाद कमिश्नर ने आश्वासन दिया कि कर्मचारियों को जल्द ही सभी जरूरी सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे। वहीं हाल ही में हादसे का शिकार हुए सीवरमैन का इलाज बेहतर अस्पताल में कराने का वादा भी किया गया। करीब दो घंटे चली इस हड़ताल को कमिश्नर के आश्वासन के बाद समाप्त कर दिया गया। 

मौजूदा हालात के मद्देनजर पंजाब के लिए BJP की बड़ी रणनीति

पंजाब पंजाब में बाढ़ के खतरे को देखते हुए भाजपा ने बड़ा फैसला लिया है। जानकारी के अनुसार, 'भाजपा के सेवादार आए आप द्वार' अभियान के तहत पंजाब में आयोजित किए जा रहे जन कल्याण शिविरों को स्थगित कर दिया गया है। इस संबंधी जानकारी देते हुए भाजपा पंजाब प्रधान सुनील कुमार जाखड़ ने दी है। जाखड़ ने कहा कि बाढ़ की स्थिति सामान्य होते ही केंद्र सरकार द्वारा गरीबों, बेरोजगारों, किसानों, दलितों, महिलाओं और युवाओं के कल्याण के लिए चलाई जा रही जन कल्याणकारी योजनाओं को समाज के हर वर्ग तक पहुंचाने के लिए राज्य भर में फिर से शिविर लगाए जाएंगे। सूत्रों के अनुसार, जाखड़ ने कहा कि पंजाब के हालात को देखते हुए भाजपा के सीनियर नेता और कार्यकर्ता बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा कर लोगों की समस्याओं को दूर करने और उन्हें हर संभव मदद पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं। इसलिए इन समाज कल्याण शिविरों को कुछ समय के लिए स्थगित कर दिया गया है। जैसे ही परिस्थितियां अनुकूल होंगी, ये शिविर फिर से आयोजित किए जाएंगे। 

पंजाब कांग्रेस संकट: पूर्व मंत्रियों ने हाईकमान के फार्मूले को ठुकराया

लुधियाना 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी में एकजुटता का माहौल बनाने के लिए हाईकमान की एंट्री हो गई है, जिसके तहत पंजाब में उलझ रहे कांग्रेस के बड़े नेताओं की जफ्फी दिल्ली पहुंच कर पड़ गई।  इस संबंध में फोटो बाकायदा पंजाब प्रधान राजा वडिंग व पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी द्वारा अपने सोशल मीडिया पर वायरल की गई है। जो पिछले काफी समय से पंजाब में चल रही संविधान बचाओ रैली में इकट्ठे हिस्सा लेने की बजाय एक दूसरे के खिलाफ गतिविधियों में शामिल हो रहे हैं।  इस फोटो में कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव के सी वेणुगोपाल, प्रदेश प्रभारी भूपेश बघेल के अलावा पंजाब के नेता विपक्ष प्रताप बाजवा, पूर्व उप मुख्यमंत्री सुखजिंदर रंधावा, पूर्व मंत्री विजय इन्द्र सिंगला व प्रगट सिंह भी नजर आ रहे हैं।  यह फोटो राहुल गांधी व मल्लिकाअर्जुन खड़गे द्वारा संगठन सर्जन अभियान के तहत दिल्ली में बुलाई गई सियासी मामलों की कमेटी की बैठक के बाद जारी की गई है। मिली जानकारी के मुताबिक इस मीटिंग में जहां विधानसभा चुनाव को लेकर रणनीति पर विचार किया गया। वहीं उससे पहले एकजुटता पर भी जोर दिया गया जिसके लिए हाईकमान के दखल की जरूरत बताई गई,  क्योंकि पंजाब कांग्रेस में चल रही लड़ाई की मुख्य वज़ह मुख्यमंत्री का चेहरा बनने की है। सूत्रों के अनुसार सीनियर नेताओं ने इस दौड़ मे शामिल पंजाब के नेताओं को साफ कर दिया है कि पहले राज्य में पार्टी की मजबूती के लिए काम करें और मुख्यमंत्री के नाम को लेकर हाईकमान द्वारा  जो भी फैसला किया जाएगा, वो सबको मानना पड़ेगा।  इसके बाद उक्त नेताओं द्वारा आपसी मनमुटाव खत्म करने की गारंटी के साथ एक फ्रेम में फोटो जारी की गई है , जिसके चलते आने वाले समय में पंजाब में कांग्रेस की राजनीति में बदलाव देखने को मिलेगा।   राणा गुरजीत व आशु की गैर मौजूदगी को लेकर छिड़ी चर्चा दिल्ली में लंबे समय तक हुई मीटिंग के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री राजिंदर कोर भट्ठल के पूर्व मंत्री रजिया सुल्तान, साधु सिंह धर्मसौत, राणा के पी, तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा, ओ पी सोनी, सुखसरकारीया, रणदीप नाभा, गुरुकीरत सिंह, एमपी डॉ अमर सिंह, गुरजीत ओजला, पूर्व एमपी जसबीर सिंह डिम्पा, विधायक सुखपाल खेहरा, कुलजीत नागरा मौजूद थे लेकिन दोनों मीटिंग के अलावा समझोता फोटो में से राणा गुरजीत व आशु की गैर मौजूदगी को लेकर चर्चा छिड़ गई है। क्योंकि यह दोनों ही नेता खुलकर राजा वडिंग के ग्रुप का विरोध कर रहे हैं। हालांकि उनके ग्रुप से चन्नी व प्रगट सिंह तो इस सुलह में शामिल हो गए हैं। लेकिन राणा गुरजीत व आशु की गैर मौजूदगी को लेकर यह कयास लगाए जा रहे हैं कि वह विधानसभा चुनाव से पहले एकजुटता की जरूरत के मद्देनजर हाईकमान द्वारा अपनाए गए फार्मूले से पूरी तरह सहमत नहीं हैं।   

पंजाब में भारी बारिश की तबाही, अब तक 3 लोगों की मौत

गुरदासपुर पंजाब में भारी बारिश की तबाही के बीच अब तक 3 लोगों की मौत हो चुकी है। इसी बीच गुरदासपुर से दुखद खबर सामने आ रही है कि, यहां  बाढ़ के पानी में डूबने से  महिला की मौत हो गई।   मृतक की पहचान कुलविंदर कौर (45) के रूप में हुई है, जो  डेरा बाबा नानक के गांव खोदे बेट की रहने वाली थी। बताया जा रहा है कि मृतका कुलविंदर कौर अपने बुज़ुर्ग भाई के साथ गुरुद्वारा साहिब दर्शन करने गई थी। दर्शन करने के बाद जब वह घर लौट रही थी तो पानी अधिक होने के कारण उसका पैर सड़क से फिसल गया और वह एक गहरे गड्ढे  में गिर गई। गड्ढे में पानी बहुत ज्यादा होने के कारण कुलविंदर कौर डूब गई और कुछ दूरी तक पानी में बहती रही। स्थानीय लोगों ने उसे देखते ही बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। कुलविंदर कौर के भाई और स्थानीय लोगों ने बताया कि पानी ज़्यादा होने के कारण उसे कुछ समय गुरुद्वारा साहिब में ही रुकना पड़ा था। लेकिन जब वह घर जाने के लिए निकली तो पैर फिसलने से यह दुखद हादसा हो गया। 

पंजाब में बाढ़ का कहर: फ्लड गेट टूटा, आर्मी तैनात, हरियाणा रोडवेज ने बसें रोकी

पठानकोट  पंजाब में बारिश और डैमों से लगातार छोड़े जा रहे पानी के कारण 7 जिले बाढ़ की मार झेल रहे हैं। बुधवार शाम रावी नदी में आए उफान के कारण पठानकोट में माधोपुर हेडवर्क्स का फ्लड गेट टूट गया। यहां 50 लोग फंस गए, जिन्हें निकालने के लिए आर्मी के हेलिकॉप्टर बुलाना पड़ा।  मंगलवार-बुधवार दरम्यानी रात अचानक पानी बढ़ने से गुरदासपुर के नवोदय स्कूल में 451 स्टूडेंट्स और टीचर फंस गए थे, जिनका रेस्क्यू कर लिया गया है। पठानकोट-जम्मू हाईवे के पास नहर टूटने से पानी हाईवे के ऊपर बहने लगा। संगरूर में मुख्यमंत्री भगवंत मान का पैतृक गांव सतौज भी पानी की चपेट में है। CM भगवंत मान ने बुधवार को पठानकोट और गुरदासपुर के बाढ़ प्रभावित गांवों का दौरा किया। CM ने अपना हेलिकॉप्टर यहीं छोड़ दिया ताकि लोगों को बचाने में उसे इस्तेमाल किया जा सके। सीएम कार से वापस लौटे। पंजाब सरकार ने बाढ़ प्रभावित इलाकों में कर्मचारियों -अधिकारियों की छुट्टियां कैंसिल कर दी हैं। प्रदेश के सभी 23 जिलों में कंट्रोल रूम बनाए गए हैं। 30 अगस्त तक सभी स्कूल पहले ही बंद किए जा चुके हैं। रावी-ब्यास और सतलुज नदी का जलस्तर बढ़ने से पठानकोट, गुरदासपुर, तरनतारन, होशियारपुर, कपूरथला, फिरोजपुर और फाजिल्का जिले के 150 से अधिक गांव डूब गए हैं। यहां NDRF, SDRF और सेना को रेस्क्यू में लगाया गया है। करतारपुर साहिब कॉरिडोर के साथ-साथ पाकिस्तान में करतारपुर साहिब गुरुद्वारा परिसर में पानी भर गया है। जम्मू रीजन में भारी बारिश के बाद बिगड़े हालात को देखते हुए उत्तर रेलवे ने 45 ट्रेनें रद्द कर दी हैं। वहीं 25 से अधिक ट्रेनों को शॉर्ट-टर्मिनेट किया गया है। जम्मू-तवी, वैष्णो देवी कटरा, पठानकोट और दिल्ली रेलवे स्टेशन पर हेल्प डेस्क बनाने के अलावा हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं। मौसम विज्ञान केंद्र चंडीगढ़ ने कल प्रदेश में बारिश का कोई अलर्ट जारी नहीं किया है। लेकिन 5 जिलों पठानकोट, गुरदासपुर, होशियारपुर, रूपनगर और मोहाली में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। 29, 30 और 31 अगस्त को भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। अटारी बॉर्डर जलमग्न, पाकिस्तानी पंजाब में 2 लाख लोग बेघर बॉर्डर के इस पार भी बाढ़ है और उस पार भी. पंजाब से लेकर पाकिस्तानी पंजाब तक मानसून की बारिश ने हालात बेहाल कर दिए हैं. अटारी-वाघा बॉर्डर पूरी तरह जलमग्न हो गया है, जिससे आवाजाही थम गई है और सुरक्षा चिंताएं बढ़ गई हैं. भारत के गुरदासपुर, पठानकोट और तरनतारन जैसे जिलों से लेकर पाकिस्तान के पंजाब प्रांत तक नदियां उफान पर हैं. धूसी बांध टूटने और करतारपुर कॉरिडोर के आसपास पानी भरने से कई गांव जलमग्न हो गए हैं, वहीं दोनों तरफ हजारों लोग बेघर होकर राहत शिविरों में शरण लेने को मजबूर हैं. मानसून की बारिश ने भारत और पाकिस्तान, दोनों तरफ हालात बेहद खराब कर दिए हैं. वाघा बॉर्डर से आई तस्वीरों में पूरा इलाका पानी में डूबा नजर आ रहा है, जिससे सीमा पर आवाजाही ठप हो गई है और सुरक्षा एजेंसियों की चिंता भी बढ़ गई है. डेरा बाबा नानक में कई गांव जलमग्न पंजाब में गुरदासपुर जिले के सीमावर्ती इलाकों में रावी नदी का बहाव तेज हो जाने से डेरा बाबा नानक में श्री करतारपुर कॉरिडोर दर्शन स्थल पर बना धूसी बांध टूट गया. इसके बाद पूरे इलाके में पानी घुस गया और कई गांव जलमग्न हो गए. धूसी बांध टूटने से हजारों एकड़ कृषि भूमि भी पानी में डूब गई है. डेरा बाबा नानक शहर में घरों में पानी भर गया है और लोग प्रशासन से मदद की गुहार लगा रहे हैं. वहीं संगरूर के तोलावाल गांव में भारी बारिश से कई घरों की छतें गिर गईं और तबाही का आलम साफ दिख रहा है. पाकिस्तानी पंजाब में 2 लाख से अधिक लोग बेघर पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में भी हालात कमोबेश ऐसे ही हैं. न्यूज एजेंसी एपी की रिपोर्ट के अनुसार, 210,000 से अधिक लोग विस्थापित हो गए हैं. वहां बाढ़ और बारिश से गांव डूब रहे हैं और तेज बहाव का पानी भारतीय सीमा की ओर भी आ रहा है, जिससे सीमा से सटे इलाकों की स्थिति और खराब हो गई है. करतारपुर कॉरिडोर के पुल के नीचे तेज धारा में बहता पानी दोनों तरफ के लोगों के लिए खतरा बना हुआ है. बाढ़ से निपटने के लिए सेना तैनात पंजाब प्रांत में बाढ़ से पैदा हुई तबाही से निपटने के लिए पाकिस्तान सरकार ने बुधवार को औपचारिक तौर पर सेना को बुला लिया है. इसके लिए गृह मंत्रालय ने आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी किया. मुल्क का सबसे बड़ा प्रांत पंजाब इस वक्त भीषण बाढ़ का सामना कर रहा है. इस साल अब तक पाकिस्तान में मानसूनी बारिश और बाढ़ से 800 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. सेना के जवानों को सरगोधा, लाहौर, ओकारा, फैसलाबाद, सियालकोट, नारोवाल और कसूर जिलों में भी तैनात किया जाएगा.  मौसमी बारिश 26 जून से शुरू हुई थी और अब तक देश के अलग-अलग हिस्सों में कम से कम आठ बार मानसूनी बारिश हो चुकी है. इनसे आई बाढ़ और लगातार बारिश के चलते अब तक 809 लोगों की मौत और 1,100 से ज्यादा लोग घायल हो चुके हैं.

बाढ़ग्रस्त इलाकों में पहुंचे CM मान, अधिकारियों को तुरंत कार्रवाई के आदेश

दीनानगर  पंजाब मुख्यमंत्री भगवंत मान आज बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा करने पहुंचे। दीनानगर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत मकौड़ा पत्तन में रावी नदी में आई बाढ़ के कारण कई गांव पानी से प्रभावित हुए हैं। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने आज सीमावर्ती क्षेत्र का दौरा किया और प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति का जायजा लिया।   मुख्यमंत्री सबसे पहले बेहरामपुर कस्बे पहुंचे जहां उन्होंने बाढ़ प्रभावित लोगों से बातचीत की और कहा कि सरकार जान-माल की सुरक्षा के लिए हर संभव प्रयास कर रही है, लेकिन आस-पास के गांवों में जलस्तर बढ़ने के कारण वे वहां नहीं पहुंच सके। उन्होंने लोगों को आश्वासन दिया कि पंजाब सरकार बाढ़ प्रभावित लोगों के साथ है और किसी को भी घबराने की जरूरत नहीं है। उन्होंने अधिकारियों को राहत कार्य तेजी से चलाने के आदेश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार बाढ़ से हुए नुकसान की भरपाई के लिए लोगों को पर्याप्त मुआवजा देगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि पंजाब में बाढ़ की यह स्थिति पहाड़ी राज्यों में लगातार हो रही बारिश के कारण उत्पन्न हुई है। गंभीर संकट की इस घड़ी में पंजाब सरकार लोगों को राहत पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है और इस काम में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी। इस अवसर पर बड़ी संख्या में आम आदमी पार्टी के नेता और प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद थे।

शिक्षकों ने दी चेतावनी, 5 सितंबर को पंजाब में सड़क पर उतरेंगे हजारों टीचर

लुधियाना पंजाब एवं चंडीगढ़ कॉलेज शिक्षक संघ (PCCTU) ने आज पंजाब सरकार के खिलाफ राज्यभर के 136 सहायता प्राप्त कॉलेजों में दो पीरियड का विरोध प्रदर्शन किया। शिक्षकों ने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियों के कारण पंजाब में उच्च शिक्षा अस्तित्व के संकट से गुजर रही है। लुधियाना जिले के 22 एडेड कॉलेजों में भी शिक्षकों ने प्रदर्शन किया। जिला अध्यक्ष डॉ. चमकौर सिंह ने बताया कि पिछले पांच महीनों से सरकार ने अनुदान जारी नहीं किया है, जिस कारण प्रोफेसरों को बिना वेतन के रहना पड़ रहा है। जिला सचिव डॉ. सुंदर सिंह ने कहा कि हाईकोर्ट के आदेश पर निकाली गई नियुक्तियों पर रोक लगाना सरकार का शिक्षा विरोधी रवैया दर्शाता है। वहीं, डॉ. रोहित ने आरोप लगाया कि अनुदान को 95% से घटाकर 75% कर दिया गया है, जिससे कॉलेजों की आर्थिक स्थिति खराब हो गई है। डॉ. रमन शर्मा ने कहा कि सरकार सरकारी और सहायता प्राप्त कॉलेजों को खत्म कर निजी संस्थानों को बढ़ावा देना चाहती है, जबकि डॉ. वरुण गोयल ने 7वें वेतन आयोग को लागू न करने और ग्रेच्युटी न देने पर सवाल उठाए। शिक्षक संघ ने ऐलान किया है कि 27 से 29 अगस्त तक सभी कॉलेजों में दो घंटे का धरना दिया जाएगा। इसके बाद 2 सितंबर को जिला स्तरीय कैंडल मार्च और 5 सितंबर को मोहाली में राज्य स्तरीय धरना आयोजित किया जाएगा। 

बाढ़ की आशंका पर प्रशासन अलर्ट, प्रिंसिपल और हेडमास्टर्स को मिले नए दिशा-निर्देश

लुधियाना  पिछले कुछ दिनों से लगातार कहर बरसा रहा रावी दरिया अपनी हदें पार कर गया है। पंजाब के गुरदासपुर, पठानकोट जिले बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। इन हालातों से जूझने के लिए डी.ई.ओ. गुरदासपुर ने जिले के डी.एम.ओ., प्रिंसिपल, हेडमास्टर्स, मिडल स्कूल इंचार्ज को एक संदेश जारी किया है। उन्होंने अपील की है जिन स्कूलों में राहत केंद्र बने हैं वहां शिक्षा विभाग की ओर से डटकर मदद करनी चाहिए।   उन्होंने कहा कि उक्त सभी इंचार्जों को अपने स्टाफ की दो घंटे की ड्यूटी लगाई जाए तो कोई फर्क नहीं पड़ता है। उन्होंने कहा कि परमात्मा ने हमें जीवन दिया है तो इंसान होने के नाते किसी के काम आना चाहिए। अगर स्कूल में किसी को रात रहना या किसी के गांव में पानी भर गया है तो उनकी मदद के लिए आगे आना चाहिए। उन्होंने कहा कि सभी प्रिंसिपल, हेडमास्टर्स यानी शिक्षा विभाग से संबंधित सभी को डटकर सामने आना चाहिए। दीनानगर साइड बहुत पानी है। डी.ई.ओ. गुरदासपुर ने कहा कि उन्हें प्रशासन की चिट्ठी के इंतजार में नहीं रहना चाहिए। बिना कहे इंसान होने के नाते मदद कर सकते हैं। शिक्षा विभाग से निवेदन है कि बच्चों को ऑनलाइन काम देना है तो उनके व्हाट्स ग्रुप बने हुए हैं उनके व्हाट्स ग्रुप से जुड़े। गौरतलब है कि पंजाब में हालात यह बन गए हैं कि धुस्सी बांध कई जगहों से टूट गया है और कई जगह रावी दरिया का पानी धुस्सी के ऊपर से होकर गांवों तक पहुंच गया है।  सीमा के पास के गांवों में हालात बद से बदतर हो गए हैं और लोगों के घरों में पानी भर गया है। गुरदासपुर और पठानकोट जिले में माधोपुर से शुरू होता यह कहर आगे रावी के पास के गांवों में बड़ा नुकसान कर रहा है। 

नवोदय स्कूल में बाढ़ से फंसे बच्चे, प्रशासन पर भड़के पैरेंट्स

चंडीगढ़  बीते कई दिनों से जारी भारी बारिश और हिमाचल एवं जम्मू-कश्मीर से होकर आने वाली नदियों के उफान पर आने से पंजाब के कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात हैं। गुरदासपुर जिले में तो एक जवाहर नवोदय विद्यालय ही अचानक बाढ़ की चपेट में आ गया। पूरे परिसर में पानी भर गया और ग्राउंड फ्लोर पर बने क्लासरूम में बड़े पैमाने पर पानी भरा हुआ है। यह नवोदय विद्यालय गुरदासपुर से करीब 12 किलोमीटर दूर डाबुरी गांव में स्थित है। हालात यह हैं कि स्कूल में 400 छात्र और करीब 40 स्टाफ मेंबर्स फंसे हुए हैं। यह स्कूल गुरदासपुर से दोरांगला जाने वाली सड़क पर है। सड़कों को भी भारी नुकसान पहुंचा है और आसपास के इलाके में सैलाब आ गया है। ऐसी स्थिति में यहां पहुंचना भी मुश्किल हो रहा है। ट्रिब्यून की रिपोर्ट के अनुसार बचाव कार्य में इसलिए भी देरी हो रही है क्योंकि दिनानगर संभाग में सीएम भगवंत मान जा रहे हैं। इसी संभाग में गुरदासपुर जिला आता है और फिलहाल अधिकारी उनके आयोजन में बिजी हैं। कहा जा रहा है कि इसके चलते बचाव कार्य शुरू करने में देरी हो रही है। यह स्कूल भी दिनानगर सब-डिविजन में आता है। डिप्टी कमिश्नर ही हैं स्कूल के पदेन चेयरमैन, फिर भी रेस्क्यू का इंतजार जवाहर नवोदय विद्यालय केंद्र सरकार द्वारा फंडिंग से चलने वाला सरकारी स्कूल है। गुरदासपुर के डिप्टी कमिश्नर इसके चेयरमैन के तौर पर कामकाज देखते हैं। इस मामले में प्रशासन की शिथिलता को देखते हुए बच्चों के पैरेंट्स में भी नाराजगी देखी जा रही है। एक पैरेंट ने कहा कि आखिर जब सैलाब के चलते स्थिति खराब हो रही थी तो फिर बच्चों को पहले ही क्यों नहीं भेजा गया। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन को तो तीन दिन से पता है कि बाढ़ आ रही है और स्थिति और बिगड़ सकती है। उन्होंने कहा कि जब प्रशासन ने पूरे गुरदासपुर जिले में सभी स्कूलों की तीन दिन के लिए छुट्टी कर दी है तो फिर यहां से बच्चों को घर क्यों नहीं भेजा गया। आवासीय विद्यालय होने के चलते बच्चे नहीं भेजे गए थे घर बता दें कि जवाहर नवोदय विद्यालय आवासीय स्कूल होते हैं और बच्चे यहां रहकर ही पढ़ते हैं। सूत्रों का कहना है कि स्कूल के बगल में एक नाला बहता है, जिसकी कई सालों से सफाई नहीं हुई है। इसके कारण भी पानी का बहाव बस्तियों की ओर होने लगा है। पंजाब में 1988 में भी भारी बाढ़ आई थी। कहा जा रहा है कि फिलहाल आई बाढ़ ने उस लेवल को भी पार कर लिया है।  

पंजाब बाढ़ अपडेट: हेलिकॉप्टर रेस्क्यू, 90 ट्रेनें प्रभावित, स्कूल 30 अगस्त तक बंद

अमृतसर  पंजाब में हो रही मूसलाधार बारिश और उसके कारण उत्पन्न बाढ़ जैसे हालात के चलते राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. मुख्यमंत्री भगवंत मान ने घोषणा की है कि राज्य के सभी सरकारी और निजी स्कूलों को 27 से 30 अगस्त तक बंद रखा जाएगा. यह निर्णय छात्रों और शिक्षकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है. राज्य में बाढ़ प्रभावित सात जिलों में हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। इन जिलों के करीब 130 गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं और यहां तीन से दस फीट तक पानी भर गया है। ऐसे हालात राज्य के सभी तीन बांधों रणजीत सागर, पौंग और नंगल से लगातार पानी छोड़े जाने और लगातार हो रही वर्षा के कारण बने हैं। मौसम विभाग की और से राज्य के कई जिलों में आगामी दिनों में भारी वर्षा का रेड तो कही येलो अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग विज्ञान चंडीगढ़ ने कल सुबह 8:30 बजे तक 5 जिलों पठानकोट, गुरदासपुर, बरनाला, संगरूर और मनसा में बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है। उधर, 7 जिले बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। रणजीत सागर डैम और भाखड़ा डैम से लगातार पानी छोड़े जाने से रावी, सतलुज और ब्यास नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। तरनतारन और फिरोजपुर में हरिके हेडवर्क्स से छोड़े गए पानी के कारण बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। ब्यास नदी पर बने चक्की रेलवे पुल के नीचे से मिट्‌टी धंसने से पठानकोट-जालंधर रेलवे रूट बंद कर दिया गया है। इससे 90 ट्रेनें प्रभावित हुईं। कुछ को पठानकोट-अमृतसर-जालंधर रूट से रवाना किया जा रहा है। पठानकोट के कजला गांव से 6 लोग ध्रुव हेलिकॉप्टर से रेस्क्यू किए गए। रावी नदी में आई बाढ़ के कारण लोग फंस गए थे, जिन्हें NDRF लगातार बाहर निकालने की कोशिश कर रही थी। बाद में सेना बुलानी पड़ी।     मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म 'X' (पूर्व में ट्विटर) पर कहा, “राज्य में पिछले कुछ दिनों से लगातार भारी बारिश हो रही है और मौसम विभाग ने आगामी दिनों में भी भारी बारिश की चेतावनी दी है. ऐसे में सभी प्राथमिक, माध्यमिक और सीनियर सेकेंडरी स्कूल 27 अगस्त से 30 अगस्त तक बंद रहेंगे.” कई ज़िलों में जलभराव, जीवन अस्त-व्यस्त भारी बारिश के कारण पंजाब के प्रमुख बांधों — भाखड़ा, पौंग और रंजीत सागर — में जलस्तर खतरे के निशान तक पहुँच गया है. नतीजतन, सतलुज, व्यास और रावी नदियों में हजारों क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है, जिससे पठानकोट, कपूरथला, मोगा, तरनतारन, फाजिल्का, फिरोज़पुर, अमृतसर और होशियारपुर जैसे ज़िले सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं. मुख्यमंत्री ने किया ट्वीट (X (पूर्व में ट्विटर)) सैकड़ों गांवों में पानी भर चुका है, फसलें डूब गई हैं और सड़कों पर आवाजाही ठप हो गई है. कई जगहों पर स्कूल भवनों में भी पानी भर गया है, जिससे विद्यार्थियों के लिए स्कूल पहुँचना मुश्किल हो गया है. सरकार ने गिरदावरी और मुआवज़े की प्रक्रिया शुरू की मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि बाढ़ से प्रभावित इलाकों में विशेष गिरदावरी कराई जाएगी, जिसके अंतर्गत किसानों और आम नागरिकों को हुई फसल और संपत्ति की क्षति का आकलन कर मुआवज़ा दिया जाएगा. प्रशासन हाई अलर्ट पर राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (SDMA), एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हुई हैं. वहीं, भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अगले कुछ दिनों में और बारिश की चेतावनी दी है, जिससे राज्य सरकार और प्रशासन पूरी तरह सतर्क है. भारी बारिश ने पंजाब में जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है. ऐसे में स्कूल बंद करने का निर्णय आवश्यक और समयानुकूल प्रतीत होता है, ताकि छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके. बारिश से जुड़े बड़े अपडेट्स..     सतलुज का जलस्तर बढ़ गया है। फिरोजपुर के कई गांवों से लोगों ने पलायन शुरू कर दिया है।     रणजीत सागर डैम से छोड़े गए पानी की वजह से रावी उफान पर है, जिससे पठानकोट व गुरदासपुर में हालात बिगड़ गए।     गुरदासपुर में मकोड़ा पत्तन के 7 गांवों का संपर्क जिला मुख्यालय से टूट गया। प्रशासन ने गुरदासपुर के लिए स्पेशल हेल्पलाइन नंबर जारी किए।     सुल्तानपुर लोधी में धुसी बांध टूट गया। पिछले 11 घंटों से किसान उस बांध को टूटने से बचाने में लगे थे।     बाढ़ जैसी स्थिति को देखते हुए शिरोमणि अकाली दल (SAD) ने मोगा में 31 अगस्त को होने वाली रैली को स्थगित कर दिया है।     अमृतसर में तीन मंजिला तीन इमारतें एक साथ गिर गईं। बिल्डिंग लंबे समय से खाली थी। जिसके चलते जान-माल का नुकसान नहीं हुआ है।     होशियारपुर के भंगी चो में पानी चढ़ गया है। लोगों को हिदायत है कि उसे पार करने की कोशिश ना करें।     बरनाला धनौली में नाले का किनारा टूटने से खेतों में पानी आ गया है। इससे आस-पास के गांवों में खतरा मंडराने लगा है।