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पंजाब के जलशक्ति मंत्री बोले- 57 फीसदी कुओं में बढ़ा भूमिगत जलस्तर

बठिंडा. पंजाब में मानसून के बाद की अवधि में किए गए विश्लेषण के मुताबिक, 185 कुओं में से, 106 में यानी करीब 57 फीसदी (कुओं) में भूजल स्तर में 0 से 4 मीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जबकि 78 कुओं (42.2%) में पानी के स्तर में 4 मीटर तक की गिरावट दर्ज की गई। एक कुएं में कोई बदलाव नहीं हुआ। जल शक्ति राज्य मंत्री, राज भूषण चौधरी ने सोमवार को राज्यसभा में एक लिखित जवाब में यह जानकारी दी। मंत्री पंजाब से आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सदस्य विक्रमजीत सिंह साहनी के एक सवाल का जवाब दे रहे थे। फाजिला में भूजल स्तर में सबसे अधिक बढ़ोतरी मंत्री ने जवाब दिया कि फाजिल्का में भूजल स्तर में सबसे अधिक बढ़ोतरी दर्ज की गई, क्योंकि जिले में विश्लेषण किए गए सभी 10 कुओं में वृद्धि दर्ज की गई। इस बीच, होशियारपुर में विश्लेषण किए गए 19 में से 10 कुओं में पानी के स्तर में वृद्धि दर्ज की गई। रोपड़ में भी 100 फीसदी कुओं में वृद्धि दर्ज की गई, क्योंकि विश्लेषण किए गए सभी सात कुओं में पानी के स्तर में वृद्धि दर्ज की गई। उन्होंने बताया कि सबसे अधिक कमी बठिंडा में दर्ज की गई, जहां विश्लेषण किए गए 17 में से 13 कुओं में गिरावट दर्ज की गई, इसके बाद फरीदकोट में 13 में से नौ कुओं में गिरावट दर्ज की गई। लुधियाना में, विश्लेषण किए गए नौ में से आठ कुओं में गिरावट दर्ज की गई, जबकि पटियाला में, विश्लेषण किए गए 12 में से आठ कुओं में भूजल स्तर में गिरावट दर्ज की गई है। 106 कुओं में बढ़ोतरी देखी गई चौधरी ने कहा कि 106 कुओं में से जिनमें वृद्धि दर्ज की गई, 80 में 0 से 2 मीटर की वृद्धि देखी गई, 17 में 2 से 4 मीटर की वृद्धि दर्ज की गई, जबकि नौ कुओं में दशक में 4 मीटर से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की गई। 78 कुओं में से जिनमें गिरावट दर्ज की गई, 38 में 0 से 2 मीटर की गिरावट दर्ज की गई, 17 में 2 से 4 मीटर के बीच गिरावट और 23 कुओं में दशक में 4 मीटर से अधिक की गिरावट दर्ज की गई। मंत्री ने बताया कि भूजल स्तर में लंबे समय के उतार-चढ़ाव का आकलन करने के लिए, सेंट्रल ग्राउंड वाटर बोर्ड द्वारा पंजाब के लिए मानसून के बाद (2025) इकट्ठा किए गए पानी के स्तर के डेटा की तुलना 2015 से 2024 तक मानसून के बाद के स्तरों के दस साल के औसत (2015 से 2024 तक नवंबर का डेटा) से की गई।

आज बेल पर बाहर आएंगे बिक्रम मजीठिया

लुधियाना/नाभा. पंजाब के पूर्व मंत्री और सीनियर अकाली नेता बिक्रम सिंह मजीठिया आज नाभा जेल से बाहर आएंगे। यह जानकारी उनकी पत्नी गनीव कौर मजीठिया ने सोमवार शाम को अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर शेयर की। बिक्रम मजीठिया को कल सुप्रीम कोर्ट से ज़मानत मिल गई थी, जिसके बाद आज वह नाभा जेल से रिहा हो जाएंगे। गौरतलब है कि पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने मजीठिया के खिलाफ भ्रष्टाचार और आय से अधिक संपत्ति के आरोप में कार्रवाई करते हुए 25 जून को उन्हें गिरफ्तार किया था। दिसंबर 2025 में पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने उनकी ज़मानत याचिका खारिज कर दी थी। इस वजह से उन्हें लगातार जेल में रहना पड़ा। अब सुप्रीम कोर्ट के ताजा फैसले से अकाली दल खेमे में खुशी की लहर दौड़ गई है। मजीठिया के समर्थक नाभा जेल के बाहर उनके स्वागत की बड़ी तैयारी कर रहे हैं।

पंजाब में एग्जाम के बीच मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना की ड्यूटी से टीचर्स नाराज

लुधियाना/तरनतारन. मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत कार्ड बनाने का काम शिक्षकों से करवाए जाने के विरोध में कंप्यूटर टीचर्स यूनियन, पंजाब ने मोर्चा खोल दिया है। कंप्यूटर टीचरों का एक डेलीगेशन, जिला प्रधान शीतल सिंह और प्रदेश प्रधान गुरविंदर सिंह की लीडरशिप में ए.डी.सी. (ज) राजदीप सिंह बराड़ तरनतारन से कंप्यूटर टीचरों की नॉन-एकेडमिक कामों में लगाई गई ड्यूटी के बारे में मिला। इसमें शीतल सिंह ने कहा कि डी.सी. ऑफिस तरनतारन ने कंप्यूटर टीचरों की ड्यूटी मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना कार्ड बनाने में लगाई है, जबकि मुख्यमंत्री ने सरकार बनने के बाद कहा था कि किसी भी टीचर की ड्यूटी किसी भी नॉन-एकेडमिक काम में नहीं लगाई जाएगी, लेकिन डी.सी. ऑफिस ने मुख्यमंत्री के बयान का उल्लंघन करते हुए कंप्यूटर टीचरों की ड्यूटी मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना कार्ड बनाने में लगा दी है।  वहीं इस काम में इस्तेमाल के लिए सरकारी स्कूलों से कंप्यूटर सेट और प्रिंटर भी मांगें जा रहे हैं, जबकि यहां यह भी ध्यान देने वाली बात है कि इन कंप्यूटर टीचरों की ड्यूटी पंजाब स्कूल एजुकेशन बोर्ड ने 10वीं/12वीं के प्रैक्टिकल एग्जाम में भी लगाई है और कंप्यूटर सेट और प्रिंटर का इस्तेमाल भी स्टूडैंट्स के प्रैक्टिकल लेने के लिए किया जाना है, इसलिए तरनतारन के सभी जिलों के कंप्यूटर टीचरों ने डी सी ऑफिस तरनतारन से पुरजोर मांग की है कि इन ड्यूटी को तुरंत कैंसिल किया जाए और स्कूलों से हार्डवेयर न मंगवाया जाए। उन्होने कहा कि जब तक ड्यूटी कैंसिल नहीं होती, तब तक तरनतारन जिले के सभी कंप्यूटर टीचरों ने इन ड्यूटी का बायकॉट करने का ऐलान किया है। इस दौरान प्रदेश अध्यक्ष गुरविंदर सिंह ने कहा कि सरकार कोई भी फायदा देते समय कंप्यूटर टीचरों को भूल जाती है, लेकिन गैर-पढ़ाई वाले कामों के लिए सबसे पहले कंप्यूटर टीचरों की ड्यूटी लगाई जाती है। उन्होंने कहा कि हाल ही में बॉर्डर एरिया में काम करने वाले टीचरों को दिया गया स्पेशल इंक्रीमैंट भी कंप्यूटर टीचरों को अभी तक नहीं दिया गया है। इस मौके पर मनी, कुमार गौरव, परविंदर सिंह, अजयपाल सिंह, पवन कुमार करनजीत सिंह, हरप्रीत सिंह आदि मौजूद थे।

पंजाब में हल्की वर्षा के बाद बढ़ा घना कोहरा

लुधियाना. पंजाब के तीन जिलों में हल्की वर्षा दर्ज की गई, जबकि अन्य सभी जिलों में धूप खिली रही। मौसम केंद्र चंडीगढ़ के अनुसार रविवार मध्यरात्रि से सोमवार सुबह पांच बजे के दौरान रूपनगर में चार मिलीमीटर, पठानकोट में 12 व मानसा में 0.5 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई। विभाग के अनुसार बठिंडा में न्यूनतम तापमान 5.8 डिग्री रहा। विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार मंगलवार को पंजाब के अधिकांश जिलों में घनी धुंध पड़ सकती है। पंजाब के जीरकपुर सहित कई इलाकों में घना कोहरा छाया हुआ है, जिससे सुबह-सुबह यातायात बाधित हो सकता है। कहां कितना रहा तापमान मौसम केंद्र चंडीगढ़ के अनुसार फरीदकोट में न्यूनतम तापमान 3.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जोकि पंजाब में सबसे कम था। बठिंडा में न्यूनतम तापमान 4.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, वहीं लुधियाना में 5.4 डिग्री सेल्सियस, गुरदासपुर में 6.0 डिग्री सेल्सियस, एसबीएस नगर में 6.8 डिग्री सेल्सियस, पटियाला में 5.8 डिग्री सेल्सियस, अमृतसर में 6.2 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।

बजट सत्र में शामिल नहीं हो पाएगा अमृतपाल सिंह

चंडीगढ़. पंजाब सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम के तहत असम की डिब्रूगढ़ जेल में बंद खडूर साहिब से सांसद अमृतपाल सिंह को अस्थायी रिहाई देने से साफ इनकार कर दिया है। सरकार की ओर से कहा गया कि राज्य की सुरक्षा, लोक व्यवस्था और सार्वजनिक शांति के हित सर्वोपरि हैं। ऐसे में उसे रिहाई की अनुमति नहीं दी जा सकती। अमृतपाल ने बजट सत्र में भाग लेने की अनुमति देने के लिए हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की थी। गृह विभाग ने सोमवार को अमृतपाल की अर्जी खारिज कर दी। सरकार ने कहा कि हिरासत में रहते संसद सत्र में भाग लेना कोई संवैधानिक अधिकार नहीं है। 23 फरवरी 2023 को थाना अजनाला में खालिस्तानी समर्थक व सांसद अमृतपाल सिंह ने अपने साथी को छुड़वाने के लिए हमला कर दिया था। इस हमले में एसपी जुगराज सिंह, एएसआइ जतिंदर सिंह, पुलिस होमगार्ड का जवान सुरजीत सिंह गंभीर रूप से घायल हो गया था। थाना अजनाला की पुलिस ने अमृतपाल सिंह सहित 19 लोगों का बायनेम व 250 के करीब अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया था। इसके बाद पंजाब सरकार की ओर से इन पर एनएसए लगाया गया था और इन्हें असम की डिब्रूगढ़ जेल में भेज दिया था। खडूर साहिब सीट से बना सांसद पिछले साल लोकसभा चुनाव में अमृतपाल सिंह ने पंजाब की खडूर साहिब सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव में भाग लिया और यहां से वह सांसद चुना गया।

पंजाब को बजट में झटका? सुखबीर बादल बोले – AAP की विफल नीतियों का नतीजा

चंडीगढ़ मुख्यमंत्री भगवंत मान और आम आदमी पार्टी सरकार की राज्य के हकों की सही तरीके से वकालत करने में पूरी तरह नाकामी रहने के कारण पंजाब को यूनियन बजट में कुछ नहीं मिला। ये विचार शिरोमणि अकाली दल के प्रधान और पंजाब के पूर्व डिप्टी चीफ मिनिस्टर सुखबीर सिंह बादल ने केंद्रीय बजट पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहे।   सुखबीर सिंह बादल ने कहा कि पंजाब को न तो कोई स्पेशल पैकेज मिला, न ही कोई बड़ा नया प्रोजेक्ट और न ही हमारे किसानों, व्यापारियों, इंडस्ट्री, युवाओं या बॉर्डर एरिया के लिए कोई नई योजना का एलान किया गया। उन्होंने कहा कि प्रकाश सिंह बादल जी का दौर याद कीजिए, उन्होंने हर प्रधानमंत्री (मनमोहन सिंह समेत) के सामने पंजाब का पक्ष और हक मजबूती से रखा और राज्य के लिए कई बड़े प्रोजेक्ट लाए। उन्होंने पंजाब का पक्ष दमदार तरीके से रखा, और AIIMS, रिफाइनरी, IIM, IIT, और 4/6-लेन नेशनल हाईवे समेत बड़े प्रोजेक्ट लेकर आए। सुखबीर ने कहा कि पंजाब को मजबूत लीडरशिप की जरूरत है जो अपने लोगों के लिए लड़े- न कि ऐसे जो सिर्फ बहाने बनाते रहें।

राजा वड़िंग का तीखा हमला: बोले– मैडम सिद्धू को करवाना चाहिए मानसिक उपचार

पंजाब पंजाब की राजनीति में एक बार फिर मैडम सिद्धू को लेकर सियासी पारा चढ़ गया है। कांग्रेस और मैडम सिद्धू के बीच बयानबाज़ी अब तीखे आरोप-प्रत्यारोप में बदलती नजर आ रही है। कांग्रेस प्रदेश प्रधान राजा वडिंग ने मैडम सिद्धू पर सीधा और कड़ा हमला बोलते हुए कहा कि नवजोत कौर सिद्धू को मानसिक इलाज की जरूरत है। राजा वडिंग ने अपने बयान में कहा कि जब किसी व्यक्ति की मानसिक स्थिति ठीक न हो, तो उसकी बातों को गंभीरता से लेने या उस पर गुस्सा करने का कोई मतलब नहीं होता। उन्होंने सवाल उठाया कि जो व्यक्ति पार्टी में ही नहीं है, वह कांग्रेस से इस्तीफा कैसे दे सकता है। राजा वडिंग के मुताबिक, मैडम सिद्धू को तो पहले ही कांग्रेस से बाहर किया जा चुका था, ऐसे में उनके इस्तीफे का कोई औचित्य नहीं बनता। दरअसल, पूरा विवाद शनिवार को तब शुरू हुआ जब मैडम सिद्धू ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा करते हुए कांग्रेस छोड़ने का ऐलान किया। इस पोस्ट के बाद राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई और इसे कांग्रेस के भीतर एक नए विवाद के रूप में देखा जाने लगा। राजा वडिंग ने आगे कहा कि मैडम सिद्धू के बयान केवल सुर्खियों में बने रहने की कोशिश हैं और कांग्रेस को इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। उन्होंने दो टूक कहा कि पार्टी ऐसे बयानों से न तो डरती है और न ही विचलित होती है।   वहीं दूसरी ओर, मैडम सिद्धू भी अपने बयान पर कायम हैं। उनका कहना है कि अगर कांग्रेस नवजोत सिंह सिद्धू को मुख्यमंत्री पद का चेहरा बनाती है, तो नवजोत सिद्धू कांग्रेस में जरूर वापस लौटेंगे। उनके इस बयान ने एक बार फिर अटकलों का बाजार गर्म कर दिया है और पार्टी के अंदरूनी समीकरणों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। कुल मिलाकर, मैडम सिद्धू को लेकर छिड़ा यह सियासी घमासान थमने का नाम नहीं ले रहा। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि कांग्रेस इस विवाद को कैसे संभालती है और क्या यह बयानबाज़ी पार्टी की राजनीति पर कोई बड़ा असर डालती है या नहीं।  

आम आदमी पार्टी को सुप्रीम कोर्ट से झटका, बिक्रम मजीठिया को मिली जमानत

चंडीगढ़   इस समय सबसे बड़ी खबर सामने आई है।  सुप्रीम कोर्ट ने आज बिक्रम मजीठिया को जमानत दे दी है। मजीठिया को 25 जून 2025 को गिरफ्तार किया गया था और तब से वह नाभा जेल में बंद थे। बता दें कि बिक्रम मजीठिया की आमदन से ज्यादा संपत्ति मामले में  गिरफ्तारी हुई थी  जिसमें सुप्रीम कोर्ट ने राहत दी है।   सूत्रों के अनुसार, जमानत मिलने के बाद थोड़ी देर पहले डेरा ब्यास प्रमुख गुरिंदर सिंह ढिल्लों ने नाभा जेल जाकर बिक्रम मजीठिया से मुलाकात की। इस दौरान डेरा प्रमुख ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि मजीठिया पर लगे सभी आरोप झूठे हैं। बिक्रम मजीठिया को जमानत मिलने के बाद अब उनके पक्ष में राजनीतिक और सामाजिक हलचल भी तेज हो गई है। इसी बीच ये भी चर्चाएं तेज हो गई हैं आम आदमी पार्टी को बड़ा झटका लगा है।  सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को जवाबी हलफनामा दाखिल करने का समय देते हुए मामले को स्थगित करते हुए कहा था कि मजीठिया की अंतरिम जमानत पर अगली सुनवाई पर विचार किया जाएगा। गौरतलब है कि पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने मजीठिया पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की थी। इसी प्राथमिकी से राहत के लिए श्री मजीठिया ने पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय में जमानत के लिए याचिका दायर की थी, लेकिन अदालत ने उनकी याचिका खारिज कर दी थी। फिर मजीठिया ने उच्चतम न्यायालय का रुख किया था। प्राथमिकी सात जून, 2025 को मजीठिया के खिलाफ पिछले एनडीपीएस मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (एसआईटी) की रिपोर्ट के आधार पर दर्ज की गई थी। एसआईटी ने आरोप लगाया कि मजीठिया और उनकी पत्नी ने घरेलू और विदेशी संस्थाओं के नेटवर्क के माध्यम से अपनी आय के ज्ञात स्रोतों से 540 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति जमा की थी। ये आरोप 2007 और 2017 के बीच की अवधि से संबंधित हैं, जब मजीठिया पंजाब में विधानसभा सदस्य और बाद में कैबिनेट मंत्री के रूप में कार्यरत थे। आरोप लगाया है कि मजीठिया दंपति ने सराया इंडस्ट्रीज लिमिटेड और उसकी सहायक कंपनियों सहित कई कंपनियों पर प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष नियंत्रण रखा। उन्होंने इन कंपनियों का उपयोग बेनामी संपत्ति हासिल करने के लिए किया। इसके साथ ही, उन्होंने साइप्रस और सिंगापुर स्थित संस्थाओं के माध्यम से विदेशी निवेश और विभिन्न कंपनियों के बीच लेनदेन का उपयोग किया गया। यह भी आरोप लगाया गया कि श्री मजीठिया ने अपने परिवार के सदस्यों और नकली संस्थाओं के माध्यम से शराब, परिवहन और विमानन क्षेत्रों में व्यावसायिक फायदे के लिए अपने आधिकारिक पद का दुरुपयोग किया। मजीठिया ने सुप्रीम कोर्ट में तर्क दिया था कि भ्रष्टाचार का मामला उसी एनडीपीएस मामले का परिणाम है जिसमें उन्हें अगस्त 2022 में जमानत दी गई थी। सुप्रीम कोर्ट ने अप्रैल 2025 में उस जमानत को रद्द करने की राज्य सरकार की याचिका खारिज कर दी थी।

पीएम मोदी के दौरे के बाद पंजाब से भाजपा को मिला शुभ संकेत, क्या सिद्धू परिवार लौटेगा?

चंडीगढ़  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पंजाब यात्रा के अगले ही दिन प्रदेश से शुभ संदेश आया है. इसके साथ ही कयासबाजी का दौर भी शुरू हो गया है कि क्‍या सिद्धू परिवार की घर वापसी मतलब भाजपा में वापसी होने जा रही है. पीएम मोदी के पंजाब विजिट से एक दिन पहले कांग्रेस से नाता तोड़ने वालीं नवजोत कौर सिद्धू ने प्रधानमंत्री की तारीफ करते हुए उनका दिल से स्‍वागत किया है. उन्‍होंने सोशल मीडिया पोस्‍ट में लिखा कि पंजाब की जनता भोलीभाली है, जिन्‍हें हमारी सरकार अपने हितों और स्‍वार्थ के चलते हमेशा मूर्ख बनाती रहती है. नवजोत कौर सिद्धू ने आगे लिखा – मोदीजी पंजाब में आपका दिल से स्‍वागत है. नवजोत कौर के इस सोशल मीडिया पोस्‍ट से प्रदेश की सियासत गर्मा गई है. नवजोत कौर सिद्धू ने एक्‍स पर पोस्‍ट शेयर कर कहा, ‘जब हमारे देश के प्रमुख हमारे राज्य को कुछ देने आते हैं, तो सभी राजनीतिक चोर उनके घर वापसी कार्यक्रम में बाधा डालने के लिए एक मंच पर क्यों इकट्ठा हो जाते हैं? हमें यह स्पष्ट समझना चाहिए कि उन्होंने वह पद और शक्ति अपने परिश्रम से अर्जित की है, ताकि वे हमारे राज्य को कुछ महान दे सकें. आभारी बनें. पंजाब के लोग भोले-भाले हैं और स्वार्थी सरकारें अपने हितों के चलते उन्हें हमेशा धोखा देती रही हैं. उन्होंने अपने परिवारों के लिए भारी संपत्ति बना ली है. पंजाब के लिए कुछ करना है नहीं. मोदी जी का प्यार भरे दिल से स्वागत है, यही पंजाबी लोगों की सच्ची प्रकृति है सच्‍चा स्‍वभाव है.’ बीजेपी या AAP ने संपर्क तो नहीं किया? नवजोत कौर सिद्धू ने एक अन्‍य पोस्‍ट में लिखा, ‘मैं संभवतः उन बहुत कम लोगों में से हूं, जिन्होंने किसी भी राजनीतिक कारण से न तो बीजेपी न आप और न ही किसी अन्य पार्टी के किसी नेता से मुलाकात की है और न ही किसी पार्टी ने मुझसे संपर्क किया है. मैं अपनी व्यक्तिगत दृष्टि और चेतना से बात कर रही हूं, क्योंकि मैं केवल वाहेगुरु जी के प्रति उत्तरदायी हूं और किसी और के प्रति नहीं. मैं सिर्फ पंजाब के लोगों की सेवा करना चाहती हूं, जिसे मैं एक एनजीओ बनाकर कर सकती हूं और गुरु ग्रंथ साहिब जी की शिक्षाओं को समझकर तथा जीवित विकसित संतों के सान्निध्य में रहकर निस्वार्थ सेवा और आत्मा के विकास के बारे में थोड़ा सीखते हुए अपनी आत्मा के उत्कर्ष के लिए कार्य करना चाहती हूं. हाल ही में भगवद गीता के उपदेशों के साथ तीन दिन का अद्भुत और आनंदमय समय बिताया और प्रेमानंद महाराज जी जैसे प्रबुद्ध संतों का आशीर्वाद प्राप्त करने का सौभाग्य मिला, जिन्होंने अनेक आत्माओं को उन्नति के मार्ग पर आगे बढ़ाया है.’ सीएम भगवंत मान से सीधा सवाल नवजोत कौर सिद्धू ने एक और पोस्‍ट में लिखा, ‘पंजाब के मुख्यमंत्री जी, जब मोदी जी गुजरात के मुख्यमंत्री थे और केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी, तब उन्होंने तीन बार स्पष्ट बहुमत से जीत हासिल की, क्योंकि वे गुजरात के हर नागरिक के प्रति जवाबदेह रहे और सभी विभागों के उपयोग प्रमाणपत्र (utilisation certificates) जमा करते थे, क्योंकि तभी केंद्र से जितनी राशि चाहिए उतनी मिल सकती है. आप पंजाब के लोगों के पैसे का इस्तेमाल शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि आदि के लिए करने के बजाय अपने फायदे के लिए मुफ्त योजनाओं में नहीं कर सकते. मुफ्त बिजली देने के बजाय आपने चंडीगढ़ और कई अन्य राज्यों की तरह सोलर पावर को अनिवार्य क्यों नहीं किया? आपकी खनन और शराब नीति कहां है? यह तो बड़े लोगों के साथ साझेदारी में सिर्फ आपकी जेब भरने के लिए है. पहले अकाली दल और कांग्रेस के साथ यह 75:25 था और अब आप और कांग्रेस/अकाली के साथ 80:20 है. हर विभाग में भ्रष्टाचार फैला हुआ है और आपके शासन में यह सबसे अधिक है, क्योंकि आप अपने निजी हितों के लिए खरीदे हुए मीडिया चैनलों की एक छोटी टीम के साथ अकेले काम कर रहे हैं, जो आपकी महिमा गान में लगे हैं. आपने आपके खिलाफ बोलने वालों की आवाज दबा दी है. हर व्यक्ति का एक समय होता है और वाहेगुरु जी ही सभी के वास्तविक न्यायाधीश हैं. आप उनसे कुछ भी नहीं छुपा सकते.’

सल्फास के साथ अब नहीं होगी हजारों लोगों की मौत!

चंडीगढ़. PGI के डॉक्टरों ने देश के सबसे खतरनाक जहरों में से एक माने जाने वाले सल्फास (एल्युमिनियम फॉस्फाइड) पॉइज़निंग के इलाज में बड़ी कामयाबी हासिल की है। पोस्टग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (PGI) के इंटरनल मेडिसिन डिपार्टमेंट की इस अहम रिसर्च से इस जानलेवा जहर से पीड़ित मरीजों के बचने की उम्मीद काफी बढ़ गई है। PGI की यह स्टडी देश की पहली ऐसी क्लिनिकल रिसर्च है, जिसमें यह साबित हुआ है कि इंट्रावीनस लिपिड इमल्शन (IV लिपिड) नाम की थेरेपी सल्फास जहर में जान बचाने में असरदार साबित हो सकती है। इस रिसर्च के नतीजे इंटरनेशनल जरनल मेडिकल एंड फार्माकोलॉजिकल साइंसेज के यूरोपियन रिव्यू  में प्रकाशित हुए हैं, जिससे PGI के इस काम को दुनिया भर में पहचान मिली है। सल्फास पॉइज़निंग, जो अनाज को सुरक्षित रखने के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला जहर है, खासकर उत्तर भारत के खेती वाले राज्यों पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में एक गंभीर समस्या बनी हुई है। अनाज को सुरक्षित रखने के लिए इस्तेमाल होने वाला यह ज़हर गलती या आत्महत्या के मामलों में बड़ी संख्या में मौतों के लिए ज़िम्मेदार रहा है। अब तक इसका कोई पक्का और असरदार इलाज नहीं था, जिससे मरीज़ों की हालत अक्सर बहुत गंभीर हो जाती थी। यह रिसर्च PGI के इंटरनल मेडिसिन डिपार्टमेंट में की गई जिसका मार्ग दर्शन प्रो. संजय जैन, इंटरनल मेडिसिन विभाग के प्रमुखी प्रो.संजय जैन ने की थी। इस अध्यन की अगुवाई एसोसिएट प्रोफ़ेसर डॉ. मंदीप सिंह भाटिया ने की थी जबकि डॉ. सौरभ चंद्रभान शारदा को-इन्वेस्टिगेटर थे। रिसर्च को PGI के मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च सेल से फंडिंग मिली, जो इंस्टीट्यूशन के रिसर्च और इनोवेशन के लिए मज़बूत वचनबद्धता को दिखाता है। नई उम्मीद, आने वाले समय में बचा सकती है हज़ारों जानें  रिसर्च में पता चला है कि जिन मरीज़ों को नॉर्मल इलाज के साथ  आई.वी. लिपिड थेरेपी दी गई, उनमें मौत का खतरा काफी कम हो गया। इसके अलावा, मरीज़ों में खून की गंभीर एसिडिटी जल्दी ठीक हो गई, ब्लड प्रेशर बेहतर कंट्रोल में आ गया और दिल से जुड़ी दिक्कतों में भी सुधार देखा गया। डॉक्टरों के मुताबिक, अगर यह थेरेपी समय पर दी जाए, तो मरीज़ की हालत को बिगड़ने से रोका जा सकता है।