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मान सरकार ने दी बड़ी सौगात, हजारों कर्मचारियों के लिए मंजूर हुआ अहम प्रोजेक्ट

चंडीगढ़  पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने मोहाली जिले के डेराबस्सी के गांव मुबारकपुर में 100 बिस्तरों वाले आधुनिक ई.एस.आई. (Employee State Insurance Corporation) अस्पताल के निर्माण को मंजूरी दे दी है। यह अस्पताल अंग्रेजों के समय के बने पी.डब्ल्यू.डी. रेस्ट हाउस की लगभग साढ़े चार एकड़ भूमि पर बनाया जाएगा। इसके बनने से डेराबस्सी क्षेत्र के करीब 50,000 औद्योगिक और निजी क्षेत्र के कामगारों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी। गौरतलब है कि डेराबस्सी और लालडू क्षेत्र में 500 से अधिक छोटे-बड़े और मध्यम स्तर के उद्योग हैं, जहां लगभग 40,000 कर्मचारी कार्यरत हैं। इसके अलावा निर्माण क्षेत्र से जुड़े हजारों मजदूर अलग हैं। फिलहाल जिले में केवल एक ही ई.एस.आई. अस्पताल है, जो मोहाली में स्थित है और उसमें सिर्फ 50 बिस्तरों की क्षमता है। अक्सर मरीजों को वहां भर्ती या ऑपरेशन के लिए बिस्तर नहीं मिल पाता। इसी कारण डेराबस्सी क्षेत्र में ई.एस.आई. अस्पताल बनाने की मांग पिछले दो दशकों से चल रही थी। अप्रैल महीने में गांव मुबारकपुर-मीरपुर की जमीन रिकार्ड (साल 2022-23) के अनुसार 4 एकड़ 4 कनाल 11 मरले जमीन स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग को अस्पताल निर्माण हेतु ट्रांसफर करने की मंजूरी दी गई थी। मजदूर वर्ग को सस्ता और उच्च गुणवत्ता वाला इलाज मिलेगा यह प्रोजेक्ट डेराबस्सी क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा देगा और यहां के लोगों को आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराएगा। डेराबस्सी हलका तेज़ी से विकसित हो रहा औद्योगिक इलाका है, जहां हजारों मजदूर अपनी रोज़ी-रोटी कमाते हैं। इस ई.एस.आई. अस्पताल के बनने से मजदूर वर्ग को सस्ती और उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी।अस्पताल में जच्चा-बच्चा स्वास्थ्य सेवा, आपातकालीन उपचार, डायग्नोस्टिक सुविधाएं और स्पेशलिस्ट ओ.पी.डी. सेवाएं उपलब्ध होंगी। इसके चलते यह इलाका एक आदर्श स्वास्थ्य केंद्र के रूप में उभरेगा। अस्पताल का नाम जैन मुनि नेमचंद के नाम पर रखने की मांग डीसी के आदेशों पर साइट सिलेक्शन कमेटी ने रामगढ़-ढकोली रोड पर स्थित मुबारकपुर रेस्ट हाउस का निरीक्षण किया था। डेराबस्सी से सड़क कनेक्टिविटी, आसान पहुंच और औद्योगिक क्षेत्र के नज़दीक होने के कारण इस जगह को सबसे उपयुक्त माना गया। हालांकि, जैन सभा मुबारकपुर ने मांग की है कि इस अस्पताल का नाम जैन मुनि नेमचंद जी के नाम पर रखा जाए।

मौसम बदला मिज़ाज: हरियाणा में दिन के तापमान में आई गिरावट

चंडीगढ़  हरियाणा में पश्चिमी विक्षोभ का असर देखने को मिल रहा है। मंगलवार को राज्य के दक्षिणी और मध्यवर्ती जिलों में कहीं-कहीं हल्की बूंदाबांदी हुई, जबकि कई इलाकों में दिनभर बादल छाए रहे। इस बदलाव के चलते दिन के तापमान में करीब 3.5 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई है। मौसम विभाग का अनुमान है कि बुधवार को भी विक्षोभ का असर जारी रहेगा। मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से पूर्वी और मध्य राजस्थान पर कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। इसके अलावा अरब सागर पर अत्यधिक कम दबाव का क्षेत्र और बंगाल की खाड़ी पर चक्रवाती तूफान सक्रिय है। हालांकि विक्षोभ के कमजोर पड़ने से हरियाणा में इसका केवल आंशिक असर ही देखने को मिल रहा है। मंगलवार को दक्षिणी और मध्यवर्ती जिलों में हल्की बरसात हुई, जबकि पश्चिमी जिलों में केवल बादल छाए रहे। उत्तरी जिलों में मौसम स्थिर बना रहा। दिनभर हवाओं की दिशा में परिवर्तन होता रहा—कभी उत्तरी, कभी उत्तर-पश्चिमी तो कभी दक्षिण-पूर्वी हवाएं चलीं। लगातार बादलों के कारण दिन का तापमान सामान्य से नीचे रहा।मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के कारण पर्वतीय क्षेत्रों में हो रही बर्फबारी के असर से आने वाले दिनों में हरियाणा में दिन और रात, दोनों के तापमान में और गिरावट दर्ज की जाएगी।

इतिहास रचेगा पंजाब पुलिस विभाग, कर्मियों की संख्या पहली बार एक लाख पार

राजपुरा  पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज यहां कहा कि राज्य में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पंजाब पुलिस में कर्मियों की संख्या पहली बार एक लाख के आंकड़े को पार कर जाएगी क्योंकि राज्य सरकार द्वारा एक बड़ी भर्ती अभियान शुरू किया गया है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने पटियाला स्थित लॉ यूनिवर्सिटी में पंजाब पुलिस के जांच अधिकारियों के लिए एनडीपीएस एक्ट पर एक कार्यशाला का उद्घाटन करते हुए कहा कि इस कार्यशाला में पंजाब पुलिस के लगभग 730 कर्मियों को एनडीपीएस अधिनियम की बारीकियों से अवगत कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि पुलिस की क्षमता पर कोई संदेह नहीं है, लेकिन पुलिस विभाग के लिए समय के साथ चलना ज़रूरी है। अगर अपराधी अपडेट हो रहे हैं, तो पुलिस को भी अपडेट करने के लिए एक अनूठा कार्यक्रम तैयार किया गया है। जांच अधिकारियों को साक्ष्य प्रबंधन, एनडीपीएस की विभिन्न धाराओं, बीएनएस में बदलाव और अन्य तकनीकी जानकारियां प्रदान करके उन्हें पूरी तरह से अपडेट किया जाएगा। उन्होंने कहा कि एनडीपीएस से संबंधित इस अनूठे कार्यक्रम का आयोजन करने वाला पंजाब देश का पहला राज्य बन गया है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि हर जगह एक बुरा इंसान होता है जिसके कारण सभी को बदनामी का सामना करना पड़ता है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि सभी बुरे हैं। मुख्यमंत्री ने हॉल में मौजूद पंजाब पुलिस के अधिकारियों और कर्मचारियों को निष्ठा और ईमानदारी से काम करने की प्रेरणा देते हुए कहा कि हमें पंजाब को अच्छे लोगों की सूची में शामिल करने के लिए सेवा करनी है, बुरे लोगों की सूची में नहीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि गणतंत्र दिवस और स्वतंत्रता दिवस जैसे महत्वपूर्ण अवसरों पर शानदार प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों को विशेष रूप से सम्मानित किया जाएगा। भगवंत सिंह मान ने कहा कि नशे के विरुद्ध युद्ध के लिए एक बड़ा जन-आंदोलन खड़ा करने की ज़रूरत है, जिसके लिए नागरिकों को इस लड़ाई में पुलिस के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा होना चाहिए। सीमा पार से नशों की तस्करी के लिए ड्रोन के इस्तेमाल को देखते हुए, इसके लिए एक उन्नत ड्रोन-रोधी प्रणाली शुरू की गई है। उन्होंने कहा कि निजी नशा मुक्ति केंद्रों की कड़ी निगरानी और पुनर्वास केंद्रों में इस्तेमाल होने वाले नशीले पदार्थों के दुरुपयोग को रोकने के लिए आज कैबिनेट द्वारा एक नया कानून पारित किया गया है।

बिहार में गरजे सीएम नायब सैनी: कांग्रेस और इंडी गठबंधन कर रहे तुष्टिकरण की राजनीति

चंडीगढ़  हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बिहार चुनाव को लेकर कांग्रेस और इंडी गठबंधन पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि महागठबंधन का घोषणा पत्र पूरे बिहार की जनता की आकांक्षाओं का नहीं, बल्कि केवल एक विशेष वर्ग के हितों का प्रतिनिधित्व करता है।   सैनी ने कहा, ‘इनके घोषणा पत्र में आम नागरिक की चिंता नहीं, बल्कि वोट बैंक की राजनीति झलकती है। ये जब भी वोट मांगते हैं तो एक वर्ग विशेष को साधने की कोशिश करते हैं। देशभर में कांग्रेस और आईएनडीआई गठबंधन को जनता ने नकार दिया है, और बिहार की जनता भी अब इनके झांसे में नहीं आने वाली है।’ मुख्यमंत्री ने कहा कि महागठबंधन की नीतियां विकास और पारदर्शिता के बजाय भ्रष्टाचार को बढ़ावा देती हैं। उन्होंने कहा कि बिहार की जनता इस बार जाति और वर्ग की राजनीति से ऊपर उठकर विकास के मुद्दे पर मतदान करेगी।

पंजाब में रियल एस्टेट को मिली रफ्तार, सरकार ने दी ‘स्टिल्ट-प्लस-4’ बिल्डिंग्स को हरी झंडी

चंडीगढ़  पंजाब सरकार ने शहरी क्षेत्रों में बनने वाले सभी नये आवासीय क्षेत्रों में स्टिल्ट-प्लस-4 मंजिलें बनाने की नीति को मंजूरी दे दी है। इस कदम से सरकार के लिए राज्य में अपार्टमेंट एक्ट लागू करने का रास्ता साफ हो जाएगा, जिससे लोग घरों में अलग-अलग फ्लोर खरीद सकेंगे। कैबिनेट द्वारा पंजाब एकीकृत भवन नियम, 2025 को मंजूरी दिए जाने के बाद, अब न्यूनतम 250 वर्ग गज के प्लॉट का मालिक स्टिल्ट-प्लस-चार मंजिलें बना सकता है। यह योजना केवल उन्हीं जगहों पर लागू होगी, जहां प्लॉट न्यूनतम 40 फीट चौड़ी सड़कों के किनारे स्थित हों। शुरुआत में सरकार ने इस योजना को सभी शहरी क्षेत्रों में लागू करने की योजना बनाई थी। हालांकि, हितधारकों से प्रतिक्रिया प्राप्त करने के बाद, मौजूदा नागरिक बुनियादी ढांचे पर अत्यधिक बोझ से बचने के लिए इस प्रावधान को शहर क्षेत्रों में नवनिर्मित लाइसेंस प्राप्त कॉलोनियों और सेक्टरों तक सीमित रखने का निर्णय लिया गया। इस फैसले से मोहाली, लुधियाना, जालंधर और अमृतसर जैसे शहरों में रियल एस्टेट को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। आवास मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां ने ट्रिब्यून को बताया कि पुराने और मौजूदा शहरी क्षेत्रों में, मालिक स्टिल्ट-प्लस-तीन मंजिलें बना सकते हैं, जबकि इमारत की अधिकतम ऊंचाई अब 11 मीटर के बजाय 13 मीटर तक की जा सकेगी। पड़ोसी राज्य हरियाणा द्वारा अपनाए गए नियमों के समान, नये नियमों के तहत नयी कॉलोनियों में स्टिल्ट-प्लस-चार मंजिल योजना के लिए ऊंचाई 15 मीटर से बढ़ाकर 21 मीटर कर दी गई है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि इस कदम का उद्देश्य प्रमुख शहरों में आवास के दबाव को कम करना है।   एफएआर भी बढ़ाया सरकार ने आवासीय प्लॉटों के लिए ग्राउंड कवरेज में वृद्धि की भी अनुमति दी है, साथ ही फ्लोर एरिया रेशो (एफएआर) में 10 प्रतिशत की अतिरिक्त वृद्धि की अनुमति दी है। उदाहरण के लिए, 500 वर्ग गज के प्लॉट का मालिक अब 55 प्रतिशत की सीमा की तुलना में 65 प्रतिशत तक जमीन को कवर कर सकता है। हालांकि, यह शुल्क के आधार पर होगा। एफएआर में प्रत्येक 0.25 प्रतिशत की वृद्धि के लिए, कलेक्टर दर के 5 प्रतिशत के बराबर अतिरिक्त शुल्क का भुगतान करना होगा, जिसकी अधिकतम सीमा कलेक्टर दर के 25 प्रतिशत तक होगी।

इतिहास रचा! राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू बनीं पहली भारतीय राष्ट्रपति जिन्होंने उड़ाया राफेल लड़ाकू विमान

अंबाला  राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राफेल फाइटर जेट की सवारी की है। उन्होंने अंबाला के एयरफोर्स बेस से उड़ान भरी। इसकी तस्वीरें भी सामने आई हैं। अहम बात यह है कि अंबाला एयरबेस से ही भारत के फाइटर जेट्स ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान उड़ान भरी थी और पाकिस्तान एवं पीओके में घुसकर मार की थी। पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के जवाब में भारत की ओर से ऑपरेशन सिंदूर लॉन्च किया गया था और पाकिस्तान ने भी इसका जवाब देने की कोशिश की थी। इस दौरान अंबाला एयरबेस का भारत की ओर से इस्तेमाल किया गया था। राफेल विमान में चढ़ने से पहले राष्ट्रपति ने ‘जी-सूट’ पहना था। हाथ में हेलमेट लिए और धूप का चश्मा लगाए मुर्मू ने पायलट के साथ तस्वीरें भी खिंचवाईं। पूर्वाह्न 11:27 बजे विमान के उड़ान भरने से पहले राष्ट्रपति ने विमान के अंदर से हाथ हिलाकर अभिवादन किया। आज सुबह वायुसेना स्टेशन पहुंचने पर राष्ट्रपति को औपचारिक ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ भी दिया गया। इससे पहले सशस्त्र बलों की सर्वोच्च कमांडर मुर्मू ने 8 अप्रैल, 2023 को असम के तेजपुर वायुसेना स्टेशन में सुखोई-30 एमकेआई लड़ाकू विमान में उड़ान भरी थी और वह ऐसा करने वाली तीसरी राष्ट्रपति बनी थीं। अंबाला में ही भारतीय वायुसेना का हिस्सा बने थे राफेल जेट फ्रांसीसी एयरोस्पेस कंपनी दसॉ एविएशन द्वारा निर्मित राफेल लड़ाकू विमान को सितंबर 2020 में अंबाला वायुसेना स्टेशन पर भारतीय वायुसेना में औपचारिक रूप से शामिल किया गया था। पहले पांच राफेल विमानों को 17वें स्क्वाड्रन 'गोल्डन एरोज' में शामिल किया गया था। ये विमान 27 जुलाई, 2020 को फ्रांस से यहां पहुंचे थे। राफेल 2020 में अंबाला वायु सेना स्टेशन पर भारतीय वायु सेना के बेड़े में शामिल हुए। ये 17 स्क्वाड्रन 'गोल्डन एरो' का हिस्सा हैं। बता दें कि भारत ने 4 दिन चले ऑपरेशन में पाकिस्तान के कई आतंकी ठिकानों को तबाह कर दिया था। पाकिस्तान के डीजीएमओ की मांग पर जंग को रोका गया था। हालांकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप दावा करते हैं कि उनके दखल के बाद ही भारत और पाकिस्तान संघर्ष रोकने को राजी हुए थे।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राफेल में भरी शानदार उड़ान, अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पर गार्ड ऑफ ऑनर

अंबाला  राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अंबाला एयरफोर्स स्टेशन से लड़ाकू विमान राफेल में उड़ान भरी. राष्ट्रपति सुबह 9.15 बजे स्पेशल विमान से अंबाला पहुंची थीं. यहां एयरफोर्स स्टेशन पर एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह ने उनका स्वागत किया. कैप्टन अमित गेहानी राफेल के पायलट: कैप्टन अमित गेहानी राष्ट्रपति को ले जाने वाले विमान के पायलट हैं. वो भारतीय वायु सेना की नंबर 17 स्क्वाड्रन, "गोल्डन एरो" के कमांडिंग ऑफिसर (सीओ) भी हैं. भारतीय वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल ने भी भरी उड़ान: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के विमान के साथ भारतीय वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने भी एक अन्य राफेल विमान से उड़ान भरी. राष्ट्रपति को दिया गया गार्ड ऑफ ऑनर: अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पर सबसे पहले उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया. इसके बाद उन्होंने अधिकारियों से मुलाकात की और एयरफोर्स स्टेशन की विभिन्न यूनिट्स का निरीक्षण किया. इसके अलावा राष्ट्रपति अधिकारियों से राफेल विमान की तकनीक, परिचालन प्रणाली और सुरक्षा रणनीति से जुड़ी जानकारी ली. अंबाला एयरपोर्ट स्टेशन के आसपास की सुरक्षा कड़ी: कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू भारतीय वायुसेना के अधिकारियों और जवानों को संबोधित करेंगी. राष्ट्रपति के कार्यक्रम को देखते हुए अंबाला प्रशासन और एयरफोर्स ने सुरक्षा कड़ी कर दी है. वायुसेना और स्थानीय प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं. एयरफोर्स स्टेशन के आसपास के इलाके को नो ड्रोन जोन घोषित किया गया है. नो ड्रोन जोन घोषित: अंबाला SP अजीत सिंह शेखावत ने बताया "सुरक्षा के लिए हर एरिया में पुलिस, एसपीजी और एयरफोर्स की टीमें तैनात की गई है. अंबाला एयरपोर्ट स्टेशन और आसपास के इलाकों को नो ड्रोन जोन घोषित कर दिया गया है." बता दें कि राफेल लड़ाकू विमान भारत ने फ्रांस से खरीदे हैं. 5 राफेल की पहली खेप 27 जुलाई 2020 को मिली थी. ये विमान सबसे पहले अंबाला एयरबेस पहुंचे थे.

पंजाब के CM का वार: जब युद्ध रोक सकते हैं, तो पराली का धुआं क्यों नहीं?

चडीगढ़  पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पराली जलाने से फैलने वाले धुएं के विवाद पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सीधा हमला बोला है। उन्होंने तं भरे लहजे में कहा कि अगर प्रधानमंत्री, दुनिया भर की जंगों को रुकवा सकते हैं और विश्व गुरु की छवि मजबूत कर रहे हैं, तो पराली का धुआं रोकने में भी क्या दिक्कत है? वे उन सभी राज्यों की बैठक बुला लें जहां यह समस्या प्रबल है, जैसे उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान। हम सब अपनी राय रखेंगे, उनके सुझावों पर अमल करेंगे और धुएं की समस्या का स्थायी समाधान निकाल लेंगे। किसानों को बदनाम न करें। प्रधानमंत्री जी कोई वैकल्पिक उपाय या सिफारिश तो पेश करें। दिल्ली में सिर्फ पंजाब का धुआं क्यों? इस दौरान मुख्यमंत्री ने सवाल उठाया कि क्या दिल्ली में केवल पंजाब का धुआं ही पहुंचता है, हरियाणा का नहीं? उन्होंने राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के एक जज के रिटायरमेंट भाषण का हवाला देते हुए कहा कि पराली के धुएं को हमेशा पंजाब से जोड़ा जाता है। लेकिन धुएं को दिल्ली तक पहुंचने के लिए हवाओं को उत्तर से दक्षिण की ओर बहना चाहिए, जो वास्तव में नहीं हो रहा। अभी तो हमारे यहां 70-80 प्रतिशत फसल कटाई भी बाकी है। जब आग लगाई ही नहीं गई, तो धुआं कैसे दिल्ली पहुंच गया? हरियाणा, जो पंजाब से दिल्ली के करीब है, उसका धुआं क्यों नहीं दिखता? क्या धुएं को पता है कि कनॉट प्लेस से आगे न जाएं? यह सब राजनीतिक साजिश है, हमें बदनाम करने की चाल। 'प्रधानमंत्री रैली के साथ-साथ हैं, वोटर खुद बना लेंगे' भगवंत मान ने यमुना नदी की सफाई पर भी चुटकी ली कि पीएम मोदी के रहते यमुना साफ नहीं हो पा रही। उन्होंने तो अपनी अलग 'मोदी यमुना' ही बना ली है। यमुना को छोड़िए, मोदी जी तो वोटरों को भी अपने बना रहे हैं, लोगों की जरूरत ही क्या बची? वे 'रैली प्रधानमंत्री' भी हैं और सच्चे प्रधानमंत्री भी। जब किसी राज्य में चुनाव आता है, तो वे वहां जाकर कैंप कर लेते हैं। फिलहाल उनकी सक्रियता बिहार में ज्यादा दिख रही है। लेकिन जहां वास्तविक जरूरत है, वहां जाने का समय उनके पास नहीं। प्रधानमंत्री का शेड्यूल तो पीएमओ को संभालना चाहिए।

अब नहीं देना पड़ेगा टोल टैक्स! पंजाब का ये टोल प्लाज़ा हो रहा है बंद

पंजाब  पंजाब वासियों के लिए एक और गुड न्यूज सामने आई है। जानकारी के अनुसार पंजाब सरकार ने जगराओं–नकोदर रोड के टोल प्लाजा को बंद करने का निर्णय लिया है। यह फैसला 15 मई 2027 तक की टोल की तय समय से करीब डेढ़ साल पहले लागू होगा। इसके बाद यह पंजाब का 19वां टोल प्लाजा होगा जिसे बंद किया जा रहा है। सरकार ने बताया कि संबंधित टोल का संचालन रोकने की औपचारिक नोटिफिकेशन जारी कर दी गई है और अब इस मार्ग पर वाहन चालकों से कोई टोल नहीं लिया जाएगा। बता दें कि पिछले साढ़े तीन वर्षों में आम आदमी पार्टी की सरकार ने अब तक 18 टोल प्लाजा बंद कर चुकी है। इस कदम से लोगों को यात्रा में सुविधा मिलेगी और परिवहन लागत में कमी आएगी। राज्य सरकार के अनुसार, पहले ये टोल प्लाजा सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल पर संचालित थे। अब इन सड़कों की देखरेख और रखरखाव सरकार के अधीन रहेगा। आंकड़ों के मुताबिक पहले 18 टोल प्लाजा से वार्षिक संग्रह लगभग ₹222 करोड़ रुपये होता था। अब यह राशि जनता को सीधी राहत के रूप में लाभ पहुंचाएगी। 

पंजाब में बड़ा सड़क हादसाः यात्रियों से खचाखच भरी रोडवेज बस पलटी, मचा चीख-पुकार

खन्ना  सवारियों से भरी पंजाब रोडवेज की एक बस के भीषण हादसे का शिकार हो जाने की खबर सामने आई है। बताया जा रहा है कि बस में बैठी ज्यादातर सवारियों में छात्र शामिल थे। इस हादसे में करीब एक दर्जन सवारियां घायल बताई जा रही हैं। यह हादसा खन्ना में नेशनल हाईवे पर मैकडॉनल्ड्स के पास हुआ। सवारियों से भरी पंजाब रोडवेज की बस एक ट्रॉली से टकरा गई। इस हादसे में 10 से ज्यादा सवारियां घायल हुई हैं, जिन्हें तुरंत खन्ना के सिविल अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। यह बस लुधियाना से पटियाला जा रही थी और उसमें ज्यादातर छात्र सवार थे। दूसरी तरफ से आ रहा एक तेज रफ्तार ट्रॉला डिवाइडर पार कर बस से टकरा गया। हादसे की सूचना मिलते ही थाना सिटी 2 की पुलिस, सड़क सुरक्षा फोर्स और 108 एम्बुलेंस के कर्मचारी मौके पर पहुंच गए। वहीं हादसे के कारण नेशनल हाईवे पर लंबा जाम लग गया। ट्रैफिक पुलिस मौके पर पहुंच गई है और यातायात सुचारू कर रही है।