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क्यों बदला जाए चांदनी चौक का नाम? पंजाब BJP ने बताई बड़ी वजह

चंडीगढ़ पंजाब भाजपा द्वारा दिल्ली के ऐतिहासिक चांदनी चौक का नाम बदलकर ''शीश गंज चौक'' रखने की मांग की गई है। इसे लेकर दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को पंजाब बीजेपी प्रवक्ता प्रीतपाल सिंह बलिएवाल ने पत्र लिखा है। इसमें कहा गया है कि गुरु तेग बहादुर जी के शहीदी दिवस पर इसे लेकर घोषणा की जाए। पंजाब बीजेपी प्रवक्ता प्रीतपाल सिंह बलिएवाल ने पत्र में लिखा है कि चांदनी चौक वही स्थान है जहां गुरु तेग बहादुर जी ने धर्म और मानवता की रक्षा के लिए शहादत दी थी, इसलिए यह स्थान उनके बलिदान को समर्पित होना चाहिए। इसके साथ ही पार्टी ने सुझाव दिया है कि चांदनी चौक से सटे तीन मेट्रो स्टेशनों के नाम भाई मती दास, भाई सती दास और भाई दयाल दास के नाम पर रखे जाएं, जिन्होंने गुरु तेगबहादुर जी के साथ बलिदान दिया था। बलिएवाल ने कहा कि यह कदम न सिर्फ इतिहास को सम्मान देगा, बल्कि देश की नई पीढ़ी को सिख गुरुओं के त्याग और शौर्य की प्रेरणा भी प्रदान करेगा। 

भाजपा प्रवक्ता ने की मांग, चांदनी चौक का नाम बदलकर शीश गंज चौक रखने का पत्र दिल्ली सरकार को भेजा

चंडीगढ़  भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की पंजाब ईकाई ने दिल्ली के चांदनी चौक का नाम शीश गंज रखने की मांग की है. 25 नवंबर को गुरु तेग बहादुर की 350वीं शहीदी वर्षगांठ से पहले पार्टी ने ये अपील की है. पंजाब बीजेपी के नेता और पार्टी प्रवक्ता प्रीतपाल सिंह बलियावाल ने दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को लेटर लिखकर ये मांग की. बलियावाल ने लिखा, यह भारत के सहिष्णुता, बहादुरी और आस्था की स्वतंत्रता के मूल्यों के प्रति ऐतिहासिक श्रद्धांजलि होगी. उन्होंने कहा कि वह एक सिख और एक भारतीय दोनों के रूप में गहरी श्रद्धा के साथ गुरु तेग बहादुर जी, हिंद की चादर के अद्वितीय बलिदान को याद करने के लिए लिख रहे हैं. गुरु तेग बहादुर ने धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकार की रक्षा और मानवता की अंतरात्मा की रक्षा के लिए अपना जीवन बलिदान कर दिया. चुप्पी के बजाय बलिदान को चुना उन्होंने कहा कि चांदनी चौक का नाम बदलकर शीश गंज रखने से गुरु तेग बहादुर जी की शहादत की भावना अमर हो जाएगी और आने वाली पीढ़ियों को याद दिलाया जाएगा कि भारत उन लोगों की वजह से मजबूत है, जिन्होंने चुप्पी के बजाय बलिदान को चुना. उन्होंने मुख्यमंत्री से इस प्रस्ताव पर संवेदनशीलता और गंभीरता से विचार करने का आग्रह किया. मानवता की अंतरात्मा की रक्षा के लिए दिया बलिदान  बलियावाल ने अपने पत्र में लिखा है कि वह गुरु नानक देव जी की 556वीं जयंती के इस पवित्र अवसर पर ‘हिंद की चादर’ गुरु तेग बहादुर के अद्वितीय बलिदान को याद करने के लिए एक सिख और एक भारतीय दोनों रूप में गहरी श्रद्धा के साथ यह पत्र लिख रहे हैं. गुरु तेग बहादुर ने धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकार की रक्षा और मानवता की अंतरात्मा की रक्षा के लिए बलिदान दिया. निर्दोष लोगों को धर्म परिवर्तन के लिए किया गया मजबूर  उन्होंने लिखा कि औरंगजेब के अधीन मुगल शासन के दौरान 1675 में धार्मिक उत्पीड़न अपने चरम पर था. उस समय मंदिरों को नष्ट कर दिया गया, धर्मग्रंथों को जला दिया गया और निर्दोष लोगों को धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर किया गया. पंडित कृपा राम के नेतृत्व में 500 से अधिक कश्मीरी पंडितों ने अपने धर्म की रक्षा के लिए श्री आनंदपुर साहिब में गुरु तेग बहादुर से मुलाकात की. गुरु साहिब ने उनकी पीड़ा सुनकर सर्वोच्च बलिदान देने का निर्णय लिया. उन्होंने कहा कि गुरु तेग बहादुर का सिर उसी स्थान पर काटा गया था, जहां आज गुरुद्वारा शीशगंज साहिब स्थित है, यह स्थान साहस, बलिदान और धार्मिक स्वतंत्रता की रक्षा का प्रतीक है. बलियावाल ने आग्रह किया कि चांदनी चौक का नाम बदलकर शीशगंज करना और आसपास के मेट्रो स्टेशन को इन शहीदों को समर्पित करना एक प्रशासनिक निर्णय से कहीं बढ़कर होगा. शीश गंज गुरुद्वारा का क्या है महत्व? शीश गंज गुरुद्वारा का क्या महत्व है, बलियावाल ने इसके बारे में भी बताया.उन्होंनेलिखा कि 1675 में मुग़ल शासन के दौरान धार्मिक उत्पीड़न अपने चरम पर था. मंदिरों को नष्ट कर दिया गया, धर्मग्रंथों को जला दिया गया और निर्दोष लोगों को धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर किया गया. पंडित कृपा राम के नेतृत्व में 500 से ज़्यादा कश्मीरी पंडितों ने अपने धर्म की रक्षा के लिए श्री आनंदपुर साहिब में गुरु तेग बहादुर से संपर्क किया. बीजेपी नेता ने लिखा कि गुरु साहिब ने सरबत दा भला के सिद्धांत को कायम रखने के लिए सर्वोच्च बलिदान देने का निर्णय लिया. उन्होंने कहा कि गुरु तेग बहादुर का सिर उसी स्थान पर काटा गया था जहां आज गुरुद्वारा श्री शीश गंज साहिब स्थित है, यह स्थान आज भी साहस, बलिदान और धार्मिक स्वतंत्रता की रक्षा का प्रतीक है. उन्होंने लिखा, इस पवित्र स्थान से गुजरने वाले हर व्यक्ति को यह याद दिलाया जाएगा कि यह वह भूमि है जहां सत्य के लिए सिर कुर्बान किया गया था, लेकिन सत्य से कभी समझौता नहीं किया गया. बलियावाल ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में ऐसा निर्णय दुनिया भर के करोड़ों सिखों और भारतीयों को गर्व और श्रद्धा से भर देगा और एकता तथा सर्वधर्म सम्मान का एक मजबूत संदेश देगा  

स्वर्णजीत खालसा का बड़ा कारनामा: जालंधर से कनेक्टिकट तक, अब मेयर बनें

जालंधर अमेरिका के कनेक्टिकट शहर में हुए स्थानीय चुनाव में जालंधर के रहने वाले परमिंदर पाल खालसा के बेटे स्वर्णजीत सिंह खालसा ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। वह कनेक्टिकट के पहले सिख मेयर बने हैं। चुनाव में उन्होंने रिपब्लिकन उम्मीदवार पीटर नाइस्ट्रम की जगह लेते हुए नॉरविच शहर की कमान संभाल ली है। इससे सिख समुदाय में खुशी की लहर है। स्वर्णजीत सिंह ने 2458 वोट पाकर जीत हासिल की जबकि उनके मुकाबले ट्रेसी गॉल्ड को 2250 और स्वतंत्र प्रत्याशी मार्शिया विल्बर को केवल 110 वोट मिले। इस जीत से डैमोक्रेटिक पार्टी को भी नॉरविच में महत्वपूर्ण बढ़त मिली, जहां पहले लंबे समय तक रिपब्लिकन का प्रभाव रहा था। खालसा का परिवार पंजाब में पंथक राजनीति में सक्रिय रहा है। स्वर्णजीत सिंह खालसा का परिवार 1984 के सिख नरसंहार के दौरान विस्थापित हुआ था। उनके पिता परमिंदर पाल खालसा ने जालंधर में प्रापटी का कारोबार शुरू किया और एक मुकाम हासिल किया। स्वर्णजीत 2007 में रोजगार और अपने नए भविष्य की तलाश में अमेरिका गए थे। नॉरविच में उन्होंने शुरुआत में गैस स्टेशन चलाया और बाद में रियल एस्टेट कारोबार में भी पहचान बुनाई।  2021 में वह नॉरविच सिटी काऊंसिल में चुने गए, जो कनेक्टिकट में किसी सिख समुदाय का पहला प्रतिनिधित्व था। अब 2025 में वह शहर के मेयर बन गए हैं, यह सिख समुदाय के लिए एक ऐतिहासिक क्षण माना जा रहा है। स्वर्णजीत सिंह खालसा ने यूएसए में स्थानीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ मिलकर पुलिस अधिकारियों को सिख धर्म, पगड़ी और कृपाण की वास्तविकता व महत्व के बारे में शिक्षित किया। उनके काम के सकारात्मक प्रभाव को देखते हुए एक अमरीकी कानून प्रवर्तन एजेंसी ने उनका नामांकन किया था और उन्हें एफबीआई लीडरशिप अवार्ड से सम्मानित किया गया। चुनाव प्रचार के दौरान स्वर्णजीत ने स्थानीय मुद्दों को केंद्र में रखा जिनमें किफायती आवास, स्थानीय व्यवसायों को बढ़ावा, समुदाय में एकजुटता प्रमुख रहे। खालसा अब शहर के बुनियादी ढांचे और डाऊनटाउन विकास को आगे बढ़ाने के लिए नगर विकास एजेंसी के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। इससे स्थानीय व्यापारियों, जिनमें पंजाबी और भारतीय समुदाय भी शामिल है, पहचान और मूल्यों से जुड़ी छवि एक अमृतधारी सिख होने के नाते उन्होंने समाज में धार्मिक और सांस्कृतिक जागरूकता बढ़ाने का काम भी किया। उन्होंने स्कूलों में जाकर बच्चों को सिख इतिहास और पगड़ी की गरिमा के बारे में समझाया और नफरत अपराधों के खिलाफ आवाज उठाई।  

महिला सशक्तिकरण की ओर बड़ा कदम: पंजाब में चलेंगे स्वास्थ्य और रोजगार मेगा कैंप

चंडीगढ़/मलोट पंजाब की समाजिक सुरक्षा, महिला और बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने एक मेगा जागरूकता शिविर का उद्घाटन कर महिलाओं के लिए स्वास्थ्य जांच और रोजगार शिविरों की राज्यस्तरीय श्रृंखला का शुभारंभ किया। कैबिनेट मंत्री ने कहा कि आज मलोट से शुरू हुए इस शिविर की तर्ज पर पूरे पंजाब में महिलाओं को स्वास्थ्य, स्वच्छता और रोजगार के अवसरों के बारे में जागरूक करने के लिए शिविर लगाए जाएंगे। मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि इन शिविरों में महिला और बाल विकास तथा समाजिक सुरक्षा विभागों के अलावा जरूरतमंदों के लिए रोजगार सृजन, कौशल विकास, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण, ग्रामीण विकास और स्थानीय निकाय विभागों की सेवाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी।  उन्होंने बताया कि इन सेवाओं में ऑर्थो, गायनेकोलॉजी, नेत्र, ई.एन.टी. की मुफ्त जांच, ब्लड प्रेशर चेकअप, शुगर टेस्ट, एनीमिया जांच और मुफ्त दवाओं का वितरण शामिल होगा। इन शिविरों में महिलाओं को उनके कानूनी अधिकारों, गर्भनिरोधक तरीकों, परिवार नियोजन, यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन (यू.ट.आई.), मासिक धर्म के दौरान स्वच्छता और किशोरावस्था की स्वास्थ्य समस्याओं के बारे में भी जागरूक किया जाएगा। डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि ये शिविर महिलाओं द्वारा संचालित स्वयं सहायता समूहों (एस एच जीएस) को अपने उत्पादों को प्रदर्शित करने और बेचने के लिए एक मंच भी प्रदान करेंगे। उन्होंने आगे कहा कि पंजाब सरकार महिलाओं के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने और उन्हें बेहतर रोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए हर संभव सहायता देगी। शिविर के दौरान लगभग 500 युवतियों ने जिला रोजगार और उद्यम ब्यूरो के हेल्प डेस्क पर पंजीकरण कराया, जिनमें से 295 का चयन हुआ और 72 से अधिक को मौके पर ही नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए। उल्लेखनीय है कि इस मेगा जॉब फेयर में 16 कंपनियों ने भाग लिया। इसके अलावा, श्री मुक्तसर साहिब जिले की होनहार छात्राओं को भी नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर एस.डी.एम. मलोट जगराज सिंह काहलों, डी.पी.ओ. रतनदीप कौर संधू, डीईजीटीओ वैशाली वधवा, सी.डी.पी.ओ. राजवंत कौर, डी.सी.पी.ओ. सिवानी नागपाल सहित अन्य प्रमुख अधिकारी भी उपस्थित रहे। 

कुश्ती जगत में हलचल: मशहूर पहलवान सिकंदर शेख को पुलिस ने दबोचा

पंजाब  पंजाब पुलिस ने मशहूर पहलवान को गिरफ्तार किया है। जानकारी के मुताबिक, महाराष्ट्र के मशहूर पहलवान सिकंदर शेख को पंजाब पुलिस ने  अवैध रूप से हथियार खरीदने के आरोप में गिरफ्तार किया है। इसके बाद महाराष्ट्र के कुश्ती जगत में खलबली मचा दी है। बताया जा रहा है कि सिकंदर ने 2 लाख रुपये में 2 पिस्तौल खरीदने की कोशिश की थी। पंजाब पुलिस ने पहलवान सिकंदर को मोहाली के खरड़ थाना क्षेत्र में गिरफ्तार किया है।  पुलिस के मुताबिक, सिकंदर ने ये हथियार किसी आपराधिक मकसद से नहीं, बल्कि अपने दोस्त की शादी में "हवाई फायर" के लिए मंगवाए थे। पहलवान सिकंदर का दावा है कि उसने शादी में दिखावे के लिए ये पिस्तौलें खरीदी थीं। लेकिन अब यह मामला उसके लिए महंगा साबित हुआ है। पहलवान सिकंदर को 2 दिन की पुलिस रिमांड के बाद उसे जेल भेज दिया गया है। खबरों के मुताबिक, सिकंदर पिछले 6 महीने से मोहाली में कुश्ती का प्रशिक्षण ले रहा था। वहां उसकी मुलाकात एक गुज्जर पहलवान से हुई, जिसने उसे एक हथियार देने की पेशकश की, जिसके लिए सिकंदर ने लगभग 40 से 45 हजार रुपये की एडवांस नकदी दी। इस दौरान सिकंदर ने गुज्जर पहलान से पाकिस्तानी "ग्लोब" मॉडल की पिस्तौल की कार्बन कॉपी मांगी थी। पुलिस ने ये भी दावा किया है कि, गिरफ्तार सिकंदर 3 अन्य मामलों में शामिल है और पहले भी हथियारों की सप्लाई, हत्या और वसूली के मामलों में शामिल रहा है। इस दौरान पुलिस ने छापेमारी करके सिकंदर से 5 अवैध पिस्तौल, गोला बारूद, नकदी और 3 लग्जरी गाड़ी जब्त की है। पुलिस जांच में सामने आया है कि, आरोपी पहलवान सिकंदर का राजस्थान के पापला गुर्जर गैंग से संबंध हो सकते है। इस मामले को लेकर महाराष्ट्र के नेताओं ने पंजाब मुख्यमंत्री भगवंत मान से भी बातचीत की है। महाराष्ट्र के कई पहलवान भी सिकंदर के हक में आए है, जिनका कहना है कि पहलवान सिकंदर ऐसा कुछ भी नहीं कर सकता है। 

सिख धर्मावलंबियों के लिए खुशखबरी! गुरुपर्व पर पंजाब सरकार की बड़ी घोषणा

पठानकोट  पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने आज शाहपुर कंडी डैम प्रोजेक्ट का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि यह प्रोजेक्ट लंबे समय से निर्माणाधीन था और अब इसके पूरा होने से माझा क्षेत्र के लिए यह लाइफलाइन साबित होगा। इस प्रोजेक्ट से लाखों लोगों को बड़ा फायदा मिलेगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि इस डैम से जहां बिजली उत्पादन होगा, वहीं सिंचाई की सुविधाएं भी बढ़ेंगी और युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे। उन्होंने कहा कि इस डैम की कुल लागत 3394.49 करोड़ रुपए है, जिसमें 80 फीसदी हिस्सा पंजाब सरकार और 20 फीसदी केंद्र सरकार का है। इस प्रोजेक्ट के लिए करीब 3171 एकड़ जमीन अधिग्रहित की गई है, जिनमें से 1643.77 एकड़ पंजाब की और बाकी जम्मू-कश्मीर की जमीन है। मुख्यमंत्री ने आगे बताया कि यहां 206 मेगावॉट क्षमता के दो पावर हाउस बनाए जा रहे हैं। इसके अलावा, इस डैम से बनने वाली तीन नई नहरों का निर्माण अंतिम चरण में है। उन्होंने कहा कि एक बड़ी झील भी तैयार की गई है, जिसे पर्यटन केंद्र (टूरिस्ट हब) के रूप में विकसित किया जा रहा है, जिससे लोगों को बड़ा लाभ मिलेगा। 

CBI की राडार पर 14 नए नाम! DIG भुल्लर प्रकरण में बढ़ी हलचल

पंजाब  पंजाब पुलिस के डीआईजी हरचरन सिंह भुल्लर से जुड़े कथित रिश्वत केस की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे राज्य की ब्यूरोक्रेसी में हलचल तेज होती जा रही है। सीबीआई (CBI) की जांच टीम से जुड़े टॉप सूत्रों ने खुलासा किया है कि एजेंसी को ऐसे 4 IAS और 10 IPS अफसरों के नाम मिले हैं, जो कथित तौर पर अपने काले धन को प्रॉपर्टी में निवेश कर रहे थे। जांच में इन अफसरों की गतिविधियों का लिंक पटियाला के प्रॉपर्टी डीलर भूपिंदर सिंह से जुड़ा पाया गया है। CBI ने मंगलवार को भूपिंदर सिंह के ठिकानों पर छापेमारी (रेड) की थी, जिसमें कई दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड बरामद किए गए। माना जा रहा है कि भूपिंदर सिंह के जरिए ही इन अफसरों का पैसा विभिन्न रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स में लगाया जा रहा था, जिससे ब्लैक मनी को व्हाइट किया जा सके।   सूत्र बताते हैं कि जिन 10 IPS के नाम सामने आए हैं, उनमें से 8 अधिकारी इस समय फील्ड ड्यूटी पर हैं, जबकि 2 अफसरों को साइड पोस्टिंग दी गई है। वहीं जिन 4 IAS अफसरों के नाम संदिग्ध बताए जा रहे हैं, उनका किसी न किसी रूप में मंडी गोबिंदगढ़ से संबंध रहा है — यही इलाका कथित रूप से इस नेटवर्क का वित्तीय केंद्र माना जा रहा है।CBI के अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि DIG हरचरन सिंह भुल्लर की कल होने वाली पेशी के दौरान इन अफसरों के नाम  उजागर किए जा सकते हैं। संभावना जताई जा रही है कि CBI कोर्ट से प्रॉपर्टी डीलर भूपिंदर सिंह का अरेस्ट वारंट भी मांग सकती है, ताकि पूरे नेटवर्क को जोड़कर पूछताछ की जा सके।  

VIP परिवार में दर्दनाक हादसा: राज्यसभा सदस्य के बेटे की कार अनियंत्रित होकर पलटी

पटियाला/राजपुरा पंजाब से राज्यसभा सदस्य और देश के प्रसिद्ध औद्योगिक समूह ट्राइडेंट ग्रुप के प्रमुख राजिंदर गुप्ता के बेटे अभिषेक गुप्ता की कार के साथ एक भयानक हादसा हुआ। यह हादसा मंगलवार देर रात राजपुरा जी.टी. रोड पर हुआ। अच्छी बात यह रही कि अभिषेक गुप्ता और कार में सवार सभी लोग पूरी तरह सुरक्षित हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार अभिषेक गुप्ता अपनी लेक्सस LX570 कार से दिल्ली से लौट रहे थे। इसी दौरान जब उनकी कार राजपुरा जी.टी. रोड पर थी, तभी पीछे से आ रही एक अन्य गाड़ी ने उनकी कार को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि कारों को काफी नुकसान हुआ, लेकिन गनीमत रही कि सभी सवार सुरक्षित रहे। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। 

मौसम अलर्ट! पंजाब में ओले गिरे, इन इलाकों में सतर्क रहने की अपील

पंजाब  मौसम में अचानक बदलाव से शाम करीब साढ़े 5 बजे तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हो गई और कुछ देर में कई इलाकों में ओलावृष्टि होने लगी। इससे जहां ठंडक का अहसास हुआ, वहीं धुएं की मोटी परत ने शहर को दिन भर अपनी चपेट में रखा।   वहीं मौसम विभाग के अनुसार यह बदलाव पश्चिमी विक्षोभ के कारण हुआ है। शाम को अचानक हुई बारिश से खेतों में नमी बढ़ गई है, जिसका कपास और गेहूं की फसलों पर मिला-जुला असर पड़ेगा। यह बारिश उन किसानों के लिए लाभदायक साबित हुई, जिन्होंने हाल ही में कपास की कटाई पूरी की थी, क्योंकि हवा में नमी होने से अगली फसल की तैयारी आसान हो जाएगी।  इस बीच ओलावृष्टि से कपास के खेतों को नुक्सान पहुंचने की आशंका है, जहां अभी भी कपास की कटाई हो रही है। कुछ इलाकों में फलियों और कपास पर ओलों के निशान दिखाई दे रहे हैं। पर्यावरण विशेषज्ञों का कहना है कि इस बारिश से धुंध कुछ हद तक छंटेगी और हवा की गुणवत्ता में सुधार होगा। पिछले कुछ दिनों से बठिंडा, मानसा और फिरोजपुर इलाकों में पराली जलाने, वाहनों से होने वाले प्रदूषण और ठंडी हवाओं की कमी के कारण हवा की गुणवत्ता बेहद खराब बनी हुई है, ऐसे में इन शहरों के लोगों को घर से बाहर निकलने से पहले मुंह ढक कर जाने की अपील की गई है।  

कपूरथला पुलिस में शिकायत, पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष राजा वड़िंग पर FIR दर्ज

कपूरथला पंजाब पुलिस ने पूर्व गृह मंत्री बूटा सिंह के बेटे की शिकायत पर पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। बूटा सिंह के बेटे सरबजोत सिंह सिद्धू ने एसएसपी कपूरथला को एक शिकायत दी थी जिसके आधार पर एफआईआर दर्ज की गई है।पंजाब कांग्रेस प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग की ओर से दिवंगत केंद्रीय गृह मंत्री और दलित नेता बूटा सिंह पर की अभद्र टिप्पणी की गई थी।  राष्ट्रीय आयोग ने वड़िंग पर कार्रवाई की सात दिन में मांगी रिपोर्ट इससे पहले राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग ने डीसी तरनतारन से वड़िंग पर की गई कार्रवाई की सात दिन में रिपोर्ट मांगी है। आयोग ने कहा कि अगर तय समय में रिपोर्ट नहीं दी गई तो डीसी को तलब किया जाएगा। भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुग के आरोपों पर आयोग ने संज्ञान लिया है। रिपोर्ट में विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज एफआईआर और गिरफ्तारी के संबंध में विवरण मांगा गया है। इसी तरह पंजाब राज्य अनुसूचित जाति आयोग ने रिटर्निंग अधिकारी तरनतारन की रिपोर्ट को असंतोषजनक पाए जाने पर जिला चुनाव अधिकारी व डीसी तरनतारन को 6 नवंबर को पेश होने के आदेश दिए हैं। आयोग ने यह जानकारी भी जिला चुनाव अधिकारी से मांगी है कि आचार संहिता के अनुपालन के लिए वड़िंग को जिले की सीमा से बाहर क्यों नहीं किया गया। आयोग के चेयरमैन जसवीर सिंह गढ़ी ने बताया कि सहायक रिटर्निंग अधिकारी व नायब तहसीलदार जसविंदर सिंह ने मंगलवार को आयोग को पेश रिपोर्ट संतोषजनक नहीं पाई गई जिसके चलते जिला चुनाव अधिकारी को तलब किया गया है। इससे पहले वड़िंग को भी 6 नवंबर को आयोग के समक्ष पेश होने के लिए तलब किया जा चुका है। गढ़ी ने बताया कि सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में वड़िंग ने दिवंगत बूटा सिंह के प्रति रंग और नस्ल के आधार पर आपत्तिजनक टिप्पणी की है। मामले को रफा दफा करने के लिए मांगी माफी : चीमा वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि मामले को रफा दफा करने के लिए वड़िंग ने माफी मांगी है। आम आदमी पार्टी का लीगल सेल इसमें एससी/एसटी एक्ट के तहत कानूनी कार्रवाई की तैयारी कर रहा है। चीमा मंगलवार को पंजाब भवन में प्रेसवार्ता को संबोधित कर रहे थे। चीमा ने कहा कि वड़िंग ऑल इंडिया यूथ कांग्रेस के पूर्व प्रधान, तीन बार विधायक और कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं और वर्तमान में सांसद हैं। यह टिप्पणी गलती नहीं बल्कि जातिवादी अहंकार से प्रेरित अपराध है। उन्होंने कहा कि यह पहला मौका नहीं है। इससे पहले भी कांग्रेस नेता दलितों के अपमान वाले बयान देते रहे हैं। चीमा ने मांग की कि कांग्रेस तुरंत वड़िंग को पार्टी से निष्कासित करें नहीं तो उनकी दलित-विरोधी मानसिकता की पुष्टि होगी। कैबिनेट मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ ने कहा कि राजा वड़िंग द्वारा की गई रंग-आधारित टिप्पणी संविधान का उल्लंघन है। यह बयान राजा वड़िंग की अनुसूचित जातियों के प्रति सोच को दर्शाता है।