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पंजाब राजनीति में हलचल: अकाली दल के पूर्व प्रत्याशी जगदीप चीमा ने थामा भाजपा का दामन

चंडीगढ़  चंडीगढ़ में शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के पूर्व नेता जगदीप सिंह चीमा सोमवार को हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की मौजूदगी में भाजपा में शामिल हो गए। चीमा पंजाब के पूर्व मंत्री रणधीर सिंह चीमा के बेटे हैं। उन्होंने 2012 में अमलोह और 2022 में फतेहगढ़ साहिब से अकाली दल के टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़ा लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू और पंजाब भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष अश्विनी शर्मा भी चीमा के पार्टी में शामिल होने संबंधी समारोह में उपस्थित थे। चीमा का भाजपा में स्वागत करते हुए अश्विनी शर्मा ने कहा कि जो लोग पंजाब की प्रगति और विकास देखना चाहते हैं वह पार्टी से जुड़ना चाहते हैं। राज्य की 'आप' सरकार पर हमला बोलते हुए उन्होंने दावा किया कि 2022 में सत्ता में आने के बाद से उन्होंने पंजाब के विकास के लिए कुछ नहीं किया है। उन्होंने कहा कि भगवंत मान सरकार पंजाब की हर महिला को 1,000 रुपये प्रति माह देने के अपने चुनावी वादे को पूरा करने में "विफल" रही है। उन्होंने 'आप' पर महिलाओं के साथ धोखा करने का आरोप लगाया। शर्मा ने कहा कि हरियाणा की नायब सिंह सैनी सरकार, लाडो लक्ष्मी योजना के तहत पात्र महिलाओं को 2,100 रुपये प्रति माह दे रही है। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार राज्य में सभी फसलों के लिए किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) भी दे रही है।

डाक चोरी का खेल फसा, कनाडा में 8 पंजाबी हुए गिरफ्तार

कनाडा  कनाडा की पुलिस ने डाक के जरिए मिलने वाले क्रेडिट कार्ड और चेक की चोरी के मामले में भारतीय मूल के आठ लोगों को गिरफ्तार किया है और उन पर 300 से अधिक आरोप लगाए हैं। स्थानीय मीडिया ने इस बारे में खबर दी। खबर में बताया गया है कि आरोपियों में से कुछ निर्वासन का सामना कर रहे हैं। ‘सीटीवी न्यूज' की खबर के अनुसार पील पुलिस ने संदिग्धों से 4,00,000 कनाडाई डॉलर से अधिक मूल्य के 450 से ज्यादा चोरी के क्रेडिट कार्ड और चेक बरामद किए। रिपोर्ट में शुक्रवार को जारी एक पुलिस विज्ञप्ति के हवाले से कहा गया है, ‘‘जांच में पता चला कि कुछ पंजाबी लोग मिलकर आवासीय मेलबॉक्स को निशाना बना रहे थे और बड़े पैमाने पर चोरी की घटनाओं को अंजाम दे रहे थे, जिससे समुदाय के सदस्यों को परेशानी हुई।'' पील पुलिस, हाल्टन पुलिस और कनाडा पोस्ट ने क्षेत्र में डाक चोरी की सिलसिलेवार घटनाएं रिपोर्ट कीं, जिसकी जांच के लिए अप्रैल में ‘‘प्रोजेक्ट अनडिलीवरेबल'' नामक एक संयुक्त अभियान शुरू किया था। पुलिस ने कहा, ‘‘जांच में पता चला कि कुछ लोग मिलकर आवासीय मेलबॉक्स को निशाना बना रहे थे, जिसके परिणामस्वरूप बड़े पैमाने पर चोरी हुई और समुदाय के सदस्यों के लिए व्यवधान पैदा हुआ।'' पुलिस ने संदिग्धों की पहचान सुमनप्रीत सिंह, गुरदीप चट्ठा, जशनदीप जट्टाना, हरमन सिंह, जसनप्रीत सिंह, मनरूप सिंह, राजबीर सिंह और उपिंदरजीत सिंह के रूप में की है। ‘सीबीसी' की शुक्रवार की खबर के अनुसार 21 से 29 वर्ष की आयु के आठ संदिग्धों पर सामूहिक रूप से 344 आरोप दर्ज हैं। पुलिस का कहना है कि वे क्राउन अटॉर्नी कार्यालय और कनाडा सीमा सेवा एजेंसी के साथ आरोपियों में शामिल कुछ विदेशी नागरिकों के निर्वासन पर चर्चा कर रहे हैं।    

इलाज में देरी पर हंगामा, डॉक्टर बोले- हमें नहीं पता था कि मरीज सिंगर राजवीर जवंदा हैं

पिंजौर  मशहूर पंजाबी गायक और अभिनेता राजवीर जवंदा की सड़क हादसे में हुई मौत को लेकर नया खुलासा सामने आया है। अब यह साफ हो गया है कि हादसा हिमाचल प्रदेश के बद्दी में नहीं, बल्कि पिंजौर-बद्दी हाईवे पर सेक्टर-30 टी प्वाइंट के पास हुआ था। जवंदा की बाइक के आगे अचानक आवारा पशु (गौवंश) आ गया, जिससे बाइक अनियंत्रित होकर गिर गई और वह गंभीर रूप से घायल हो गए। इलाज में देरी बनी जानलेवा हादसा 27 सितंबर की सुबह हुआ था। गंभीर रूप से घायल जवंदा को उनके साथियों ने तुरंत जे.एन. शौरी मल्टीस्पेशियलिटी अस्पताल, पिंजौर में भर्ती कराया।लेकिन आरोप है कि निजी अस्पताल ने इलाज करने से मना कर दिया और सिर्फ प्राथमिक उपचार देकर उन्हें पंचकूला सेक्टर-6 सिविल अस्पताल रेफर कर दिया गया। वहीं से उन्हें आगे मोहाली के फोर्टिस अस्पताल ले जाया गया, जहां करीब 11 दिनों तक वेंटिलेटर पर रहने के बाद 8 अक्तूबर को उनकी मौत हो गई।स्थानीय लोगों और मानवाधिकार संगठनों का कहना है कि अगर जवंदा को समय पर उचित इलाज मिल जाता, तो शायद उनकी जान बचाई जा सकती थी। डॉक्टरों ने दी सफाई—“मरीज बेहोश था, बाहरी चोट नहीं दिखी” जे.एन. शौरी अस्पताल के डॉक्टर विमल शौरी और मोहित शौरी ने बताया कि राजबीर नामक एक बेहोश मरीज को दो साथी सुबह लगभग 9 बजे अस्पताल लेकर आए थे। डॉ. मोहित ने बताया,  “मरीज के शरीर पर कोई बाहरी चोट नहीं थी। हमने तुरंत इंजेक्शन और दवाइयां देकर करीब 15–20 मिनट तक होश में लाने की कोशिश की, लेकिन वे रिवाइव नहीं हुए। हमें लगा कि मरीज को बड़े अस्पताल में आगे का इलाज मिलना चाहिए, इसलिए हमने रेफर कर दिया।”

दिवाली से पहले पंजाब में बेटियों को मिली राहत, मान सरकार ने किया ऐलान

पंजाब  सामाजिक न्याय, अधिकारिता और अल्पसंख्यक मामलों की मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि पंजाब सरकार द्वारा अशीर्वाद योजना के अंतर्गत चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 में अनुसूचित जाति वर्ग की 5751 लाभार्थी बेटियों को कुल 29.33 करोड़ रूपए की राशि जारी की गई है। इस संबंध में जानकारी देते हुए डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि अशीर्वाद योजना के तहत जिला बठिंडा, बरनाला, फरीदकोट, फाज़िल्का, फिरोज़पुर, श्री फतेहगढ़ साहिब, गुरदासपुर, होशियारपुर, जालंधर, लुधियाना, मोगा, श्री मुक्तसर साहिब, पटियाला, रूपनगर, एस.ए.एस. नगर (मोहाली), एस.बी.एस. नगर (नवांशहर), संगरूर और मालेरकोटला जिलों की 5751 लाभार्थी बेटियों के आवेदन अशीर्वाद पोर्टल पर प्राप्त हुए थे। इन सभी लाभार्थियों को सहायता प्रदान करने के लिए कुल 29.33 करोड़ रुपए की राशि जारी की गई है। उन्होंने बताया कि इस राशि से जिला बरनाला की 58, बठिंडा की 633, फरीदकोट की 67, फिरोज़पुर की 349, श्री फतेहगढ़ साहिब की 106, गुरदासपुर की 265 और होशियारपुर की 70 लाभार्थी बेटियों को वित्तीय सहायता दी गई है। इसी प्रकार जालंधर की 1087, लुधियाना की 839, मोगा की 885, श्री मुक्तसर साहिब की 192, पटियाला की 357, रूपनगर की 147, एस.ए.एस. नगर की 65, एस.बी.एस. नगर की 359, संगरूर की 210 और मालेरकोटला की 62 लाभार्थी बेटियों को भी इस योजना का लाभ प्राप्त हुआ है। डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि अशीर्वाद योजना के तहत राज्य सरकार गरीब परिवारों की बेटियों के विवाह हेतु 51,000 रुपए की वित्तीय सहायता प्रदान करती है। उन्होंने कहा कि यह योजना मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की लोक-कल्याण के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है। इस योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए आवेदक पंजाब राज्य का स्थायी निवासी होना चाहिए, उसका परिवार गरीबी रेखा से नीचे हो, और वह अनुसूचित जाति, पिछड़ा वर्ग या आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग से संबंधित हो। परिवार की वार्षिक आय सभी स्रोतों से 32,790 रुपए से कम होनी चाहिए। इस योजना के तहत प्रत्येक परिवार की अधिकतम दो बेटियों को ही लाभ दिया जा सकता है। कैबिनेट मंत्री ने बताया कि सहायता राशि का भुगतान डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डी बी टी ) के माध्यम से सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में किया जाता है। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार समाज के हर वर्ग के लोगों के जीवन स्तर को ऊँचा उठाने और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री स भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार जहाँ सभी वर्गों की भलाई के लिए कार्य कर रही है, वहीं अनुसूचित जातियों, पिछड़े वर्गों और आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के कल्याण के लिए भी लगातार प्रयासशील है।

गायक राजवीर जवंदा के बाइक हादसे में बड़ा खुलासा, पिंजौर में हुआ था एक्सीडेंट

चंडीगढ़  प्रसिद्ध पंजाबी गायक और अभिनेता 35 वर्षीय राजवीर जवंदा का निधन 8 अक्तूबर को अस्पताल में इलाज के दौरान हो गया था। शुरुआती रिपोर्टों में बताया गया था कि उनकी मौत हिमाचल प्रदेश के बद्दी में हुए सड़क हादसे के कारण हुई, लेकिन अब सामने आई नई जांच रिपोर्ट ने इस दावे को गलत ठहराया है। जांच में खुलासा हुआ है कि बाइक दुर्घटना बद्दी में नहीं, बल्कि पिंजौर में हुई थी। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक हादसा 27 सितंबर को उस समय हुआ, जब जवंदा शिमला की ओर जा रहे थे। हादसे में उन्हें गंभीर चोटें आईं और आरोप है कि पिंजौर स्थित एक निजी अस्पताल ने प्रारंभिक इलाज देने से मना कर दिया। इस देरी के कारण उनकी हालत और बिगड़ गई, जो संभवतः उनके जीवन के लिए घातक साबित हुई। लॉयर्स फॉर ह्यूमन राइट्स इंटरनेशनल (LFHRI) की जांच रिपोर्ट में यह दावा किया गया है कि पिंजौर पुलिस स्टेशन की डेली डायरी रिपोर्ट (DDR) और स्थानीय जांच के आधार पर यह स्पष्ट हुआ कि पिंजौर के शौरी अस्पताल ने घायल गायक को आपातकालीन प्राथमिक उपचार देने से इनकार कर दिया। इसके बाद राजवीर जवंदा को क्रमशः पंचकूला के सरकारी अस्पताल, फिर पंचकूला के एक निजी अस्पताल और अंततः मोहाली स्थित फोर्टिस अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्हें 11 दिनों तक वेंटिलेटर पर रखा गया, लेकिन वे जीवन की जंग हार गए। कानूनी कार्रवाई की तैयारी एडवोकेट नवकिरण सिंह LFHRI के महासचिव हैं। उन्होंने एक पत्रकार के साथ मिलकर दुर्घटना स्थल का दौरा किया और विस्तृत रिपोर्ट तैयार की। अब संगठन हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाने की तैयारी में है, जिसमें चिकित्सीय लापरवाही (Medical Negligence) का मामला उठाया जाएगा। यह याचिका न केवल जवंदा के मामले में न्याय की मांग करेगी, बल्कि इन व्यापक मुद्दों को भी उजागर करेगी जैसे आपात स्थिति में अस्पतालों और डॉक्टरों की जिम्मेदारी, सड़कों पर आवारा पशुओं से बढ़ता खतरा और आपातकालीन चिकित्सा ढांचे की कमी।

दवा सुरक्षा अलर्ट: पंजाब सरकार ने आठ दवाओं पर लगाई रोक, तीन कंपनियां निशाने पर

पटियाला सरकारी अस्पतालों में मरीजों पर दवाओं के प्रतिकूल असर की शिकायतों के बाद पंजाब सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। स्वास्थ्य विभाग ने तीन फार्मा कंपनियों की आठ दवाओं के उपयोग और खरीद पर तत्काल रोक लगा दी है। यह आदेश राज्य के सभी सरकारी अस्पतालों में लागू रहेगा। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि मरीजों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि जिन दवाओं से मरीजों को नुकसान हुआ है, उनके नमूने जांच के लिए भेज दिए गए हैं। दोषी पाए जाने पर संबंधित कंपनियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। रोक लगी दवाओं में नॉर्मल सेलाइन, डेक्सट्रोज इंजेक्शन, सिप्रोफ्लॉक्सासिन इंजेक्शन, डीएनएस 0.9%, एनआई2 + डेक्सट्रोज आईवी फ्लूइड और बुपिवाकेन एचसीएल विद डेक्सट्रोज इंजेक्शन शामिल हैं। इनका निर्माण 2023 से 2025 के बीच हुआ है, जबकि एक्सपायरी 2026 से 2028 तक की है। स्वास्थ्य विभाग ने सभी सिविल सर्जनों और अस्पतालों के चिकित्सा अधीक्षकों को निर्देश दिए हैं कि इन दवाओं का उपयोग तुरंत बंद किया जाए और उपलब्ध स्टॉक को सुरक्षित रखकर रिपोर्ट भेजी जाए। विभागीय पत्र में कहा गया है कि कुछ अस्पतालों में इन दवाओं से प्रतिकूल प्रतिक्रिया के मामले सामने आए हैं, इसलिए एहतियात के तौर पर इनके उपयोग को अगली सूचना तक रोका गया है।

बीमारियों से निपटने में एक्यूप्रेशर सबसे प्राकृतिक तरीका : सौंद

समराला  पंजाब के ग्रामीण विकास, पंचायत, श्रम, पर्यटन और सांस्कृतिक मामलों के मंत्री तरुणप्रीत सिंह सौंद ने रविवार को खन्ना स्थित पंजाब क्लीनिक में तीन दिवसीय मुफ्त एक्यूप्रेशर कैंप का उद्घाटन किया। यह आयोजन डा. कोटनिस एक्यूप्रेशर अस्पताल, लुधियाना की ओर से किया गया। सौंद ने बताया कि यह कैंप डा. द्वारका नाथ कोटनिस और डा. विजय कुमार बसु की याद में आयोजित किया गया है, जिन्होंने 1938 से 1942 तक चीन में सेवा देकर ‘हिंद-चीन मित्रता’ की मिसाल कायम की थी। उन्होंने कहा कि डा. कोटनिस अस्पताल अब तक देशभर में 300 से अधिक मुफ्त एक्यूप्रेशर कैंप आयोजित कर चुका है। कैंप में डा. रघबीर सिंह, डा. बलजिंदर सिंह ढिल्लों, डा. इंदरजीत सिंह, डा. संदीप चोपड़ा और डा. एल. के. प्रमाणी की टीम ने बिना दवा और बिना सर्जरी के उपचार की सेवाएं दीं। इसमें सर्वाइकल, कमर दर्द, सिर दर्द, पीठ दर्द और पैरालिसिस जैसी बीमारियों का इलाज किया गया। पहले दिन 128 मरीजों का इलाज एक्यूप्रेशर तकनीक से किया गया। सौंद ने कहा कि ‘एक्यूप्रेशर एक प्राकृतिक उपचार प्रणाली है, जो शरीर की स्वयं की रोग-निवारक शक्ति को सक्रिय करती है।’ उन्होंने लोगों से इस कैंप का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की। साथ ही कहा कि पंजाब सरकार जनता को उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं देने के लिए प्रतिबद्ध है, जिसका उदाहरण आम आदमी क्लीनिक हैं।

डीसी ने खुद उठाई झाड़ू, ‘मेरा पटियाला, मैं ही संवारा’ मुहिम बनी चर्चा का विषय

राजपुरा  डिप्टी कमिश्नर पटियाला डॉ. प्रीति यादव ने रविवार को ‘मेरा पटियाला, मैं ही संवारा’ मुहिम के तहत स्वयं सफाई में भाग लेकर प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया। विजीलेंस कार्यालय से पटियाला क्लब रोड तक आयोजित इस अभियान में उन्होंने सड़क किनारे पड़ा कूड़ा उठाकर नागरिकों को संदेश दिया कि जैसे लोग दिवाली से पहले अपने घरों को सजाते-संवारते हैं, वैसे ही पूरे शहर को भी साफ-सुथरा बनाने में योगदान दें। इस मुहिम में महिलाएं, बच्चे, डॉक्टर, व्यापारी, उद्योगपति, शिक्षक, पूर्व पुलिस और सेना अधिकारी सहित बड़ी संख्या में नागरिक शामिल हुए। सभी ने सड़क किनारे पड़े रैपर, बोतलें और प्लास्टिक उठाकर ‘स्वच्छ पटियाला’ का संदेश दिया। डॉ. यादव ने कहा कि शहर की स्वच्छता केवल प्रशासन की नहीं, बल्कि हर नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन और नगर निगम मिलकर व्यापक सफाई अभियान चला रहे हैं ताकि आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ वातावरण मिल सके। उन्होंने कहा कि नागरिकों का उत्साह और सहभागिता इस अभियान को जनआंदोलन का रूप दे रही है। गुरमीत सिंह सढाणा, कैप्टन सुखजीत कौर और वरुण मल्होत्रा ने कहा कि यह मुहिम केवल सफाई तक सीमित नहीं है, बल्कि नागरिक जिम्मेदारी और सोच में बदलाव की दिशा में भी एक बड़ा कदम है।

रेलवे के फिरोजपुर मंडल ने पेपरलेस यात्रा के लिए प्रेरित करने हेतु एक विशेष जन-जागरूकता अभियान शुरू किया

फिरेाजपुर रेलवे के फिरोजपुर मंडल ने यात्रियों को पेपरलेस यात्रा के लिए प्रेरित करने हेतु एक विशेष जन-जागरूकता अभियान शुरू किया है। इस पहल का उद्देश्य डिजिटल टिकटिंग को बढ़ावा देकर कागज की खपत कम करना और पर्यावरण संरक्षण में योगदान देना है। अभियान के दौरान मंडल के टिकट चेकिंग और ओबीएचएस स्टाफ को विशेष आर्म बैंड दिए गए हैं, जिन पर पेपरलेस यात्रा से जुड़े प्रेरक संदेश लिखे गए हैं। रेलवे अधिकारी यात्रियों को डिजिटल टिकटिंग के लाभों के बारे में जानकारी दे रहे हैं, ताकि वे मोबाइल ऐप और क्यूआर कोड स्कैन जैसी सुविधाओं का अधिक उपयोग कर सकें। मंडल रेल प्रबंधक संजय कुमार के मार्गदर्शन में यह अभियान विभिन्न स्टेशनों और ट्रेनों में चलाया जा रहा है। मंडल ने यात्रियों से अपील की है कि वे ‘यूटीएस ऑन मोबाइल’, ‘रेलवन’, ‘आईआरसीटीसी’ जैसे ऐप्स का उपयोग करें, जिससे यात्रा न केवल सुविधाजनक बल्कि पर्यावरण के अनुकूल भी बन सके।

गौ सेवा प्रमुख चंद्रकांत ने बताया- पर्यावरण संरक्षण हर नागरिक की जिम्मेदारी

राजपुरा  राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने राजपुरा के बहावलपुर भवन में अपना 100वां स्थापना दिवस मनाया। समारोह की अध्यक्षता बहन महा शारदा भारती ने की, जबकि मुख्य अतिथि सामाजिक कार्यकर्ता प्रवीण जी और मुख्य वक्ता प्रांत गौ सेवा प्रमुख चंद्रकांत रहे। कार्यक्रम की शुरुआत विधिवत शस्त्र पूजन से हुई।मुख्य वक्ता चंद्रकांत ने कहा कि भारत का समग्र विकास तभी संभव है जब हर नागरिक ‘स्व’ बोध अपनाए, पर्यावरण की रक्षा करे, नागरिक कर्तव्यों का पालन करे, समाज में समरसता लाए और आदर्श परिवार व्यवस्था को मजबूत बनाए। उन्होंने कहा कि राष्ट्र निर्माण का आधार चरित्र निर्माण है-शिक्षा या ज्ञान तभी सार्थक है जब उसमें नैतिकता और देशभक्ति के मूल्य निहित हों। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण आज वैश्विक चुनौती बन चुका है, इसलिए हर व्यक्ति को संसाधनों के जिम्मेदार उपयोग की दिशा में ठोस कदम उठाने चाहिए। नागरिक कर्तव्यों पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि मतदान, कर भुगतान, कानून पालन और सामाजिक कार्यों में सहभागिता जैसे कार्य ही एक जिम्मेदार नागरिक की पहचान हैं। इस मौके पर भाजपा इलाका प्रभारी जगदीश जगा भी उपस्थित रहे।   समारोह में वक्ताओं ने श्री गुरु तेगबहादुर जी के 350वें बलिदान दिवस का स्मरण करते हुए कहा कि उनका जीवन धार्मिक स्वतंत्रता और मानवता की रक्षा का अमर प्रतीक है। मुख्य अतिथि ने कहा कि संघ ने अपने सौ वर्षों में सेवा, एकता और राष्ट्रभक्ति की जो परंपरा बनाई है, वह आज पूरे देश के लिए प्रेरणास्रोत बन चुकी है।