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PSPCL में बड़ा फर्जीवाड़ा: हजारों उपभोक्ताओं के ‘जीरो बिल’ पर उठा सवाल, जांच से खुलेंगे राज

लुधियाना पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन सैंट्रल जोन के चीफ इंजीनियर जगदेव सिंह हांस द्वारा मीटरों की रीडिंग करने के दौरान सरकारी सॉफ्टवेयर से छेड़छाड़ करने वाले 40 के करीब कर्मचारियों के खिलाफ सख्त एक्शन लेते हुए मीटर रीडरों की आई.डी. को ब्लॉक कर दिया गया है। हालांकि इस दौरान कई मीटर रीडर पावरकॉम विभाग के उच्च अधिकारियों को सियासी नेताओं की सिफारिशें लगाकर मामले को रफा-दफा करने के जुगाड़ करने में जुट गए हैं। चीफ इंजीनियर स.हांस द्वारा पावरकॉम विभाग के उच्च अधिकारियों सहित सभी डिवीजनों सुंदर नगर, सी.एम.सी. डिवीजन, सिटी सैंटर, फोकल प्वाइंट, अग्र नगर, स्टेट डिवीजन, मॉडल टाऊन, जनता नगर, सिटी वैस्ट, सहित खन्ना, दोराहा, सरहिंद, अमलोह, मंडी अहमदगढ़, ललतों, जगराओं, रायकोट, मुल्लांपुर दाखा आदि इलाकों के एक्सियन साहिबानों को मीटर रीडरों की सरकारी आई. डी. को बंद कर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश जारी किए हैं। ताकि पावरकॉम विभाग के सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचाने वाले प्रत्येक कर्मचारी के खिलाफ विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई कर बिजली निगम को हुए नुकसान की भरपाई की जा सके। यहां बताना अनिवार्य होगा कि बिजली मीटर द्वारा किए गए घोटाले का पर्दाफाश सबसे पहले पंजाब केसरी द्वारा किया गया है। समाचार प्रकाशित होने के तुरंत बाद पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन में हड़कंप मच गया और आनन-फानन में विभागीय अधिकारियों द्वारा मामले की जांच के निर्देश जारी किए गए। जांच में सामने आया है कि बिजली मीटर रीडरों ने एक सोची समझी साजिश के तहत पावरकॉम विभाग की अत्यधिक ओ.आर.सी. स्कैनिंग ऐप तकनीक की बजाए मैन्युअल अथवा सॉफ़्टवेयर के साथ छेड़छाड़ कर उपभोक्ताओं को फर्जीवाड़े के तहत 0 राशि के बिल जारी किए गए हैं। पंजाब स्टेट पावर कारपोरेशन के चीफ इंजीनियर जगदेव सिंह हांस ने बताया कि किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा और मीटर रीडरों द्वारा सरकारी खजाने को पहुंचाए गए नुकसान की पाई-पाई का हिसाब उनसे लिया जाएगा।

बड़ी कार्रवाई! पंजाब में बढ़ाई गई सुरक्षा, 44,000 पुलिसकर्मी मैदान में उतरे

जालंधर/चंडीगढ़ राज्य में आने वाले दिनों में होने वाले जिला परिषद और पंचायत समिति चुनावों को ध्यान में रखते हुए, पंजाब पुलिस के महानिदेशक (डी.जी.पी.) गौरव यादव ने कहा कि पंजाब पुलिस राज्य में पारदर्शी, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कहा कि शांत मय ढंग से ही चुनाव करवाने के लिए 44000 पुलिस कर्मचारियों को तैनात किया गया है। गौरतलब है कि पंजाब में जिला परिषद और पंचायत समिति चुनाव 14 दिसंबर को होंगे और 17 दिसंबर को मतगणना के बाद परिणाम घोषित किए जाएंगे। राज्य में सकारात्मक माहौल बनाए रखने की आवश्यकता पर बल देते हुए, डी.जी.पी. गौरव यादव ने सभी पुलिस अधिकारियों को पेशेवर पुलिसिंग और आदर्श चुनाव आचार संहिता का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए। इस संबंध में विस्तृत जानकारी सांझा करते हुए, कानून एवं व्यवस्था के विशेष डी.जी.पी. अर्पित शुक्ला ने राज्य के सी.पी./एस.एस.पी. और रेंज डी.आई.जी. के साथ वर्चुअल बैठक की अध्यक्षता करने के बाद बताया कि पूरे राज्य में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है और फील्ड अधिकारियों को चुनाव ड्यूटी के लिए जिलों से कम से कम 75 प्रतिशत पुलिस बल जुटाने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि सभी सी.पी./एस.एस.पी. को असामाजिक तत्वों पर कड़ी निगरानी रखने, जनता में भरोसा पैदा करने के लिए अपने-अपने क्षेत्रों में फ्लैग मार्च निकालने और मजबूत अंतर-राज्यीय तथा अंतर-जिला नाके लगाने के निर्देश पहले ही जारी किए जा चुके हैं। इसके अलावा पड़ोसी राज्यों के डी.जी.पी. से पंजाब की सीमा से सटे अपने क्षेत्रों में नाके लगाने का अनुरोध भी किया गया है। उन्होंने बताया कि 13,395 मतदान केंद्रों पर 18,718 पोलिंग बूथ स्थापित किए गए हैं, जिनमें से 860 को अति-संवेदनशील और 3,405 को संवेदनशील घोषित किया गया है। उन्होंने कहा कि किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए सभी सीपी और एस.एस.पी. को संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार और सक्रिय गश्त सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। 

जबरन वसूली–गैंगवार का कहर! कांग्रेस सांसद पहुंचे गृह मंत्री शाह के दरवाजे

लुधियाना कांग्रेस के लोकसभा सांसद अमरिंदर सिंह राजा वारिंग ने गुरुवार को पंजाब में जबरन वसूली पर अंकुश लगाने और कानून व्यवस्था की स्थिति में सुधार के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के हस्तक्षेप की मांग की। वारिंग ने लोकसभा में बोलते हुए कहा कि पूरे पंजाब में भय का माहौल है। उन्होंने कहा, "लोगों, विशेषकर व्यापारियों, को विदेशों और जेलों से फोन आ रहे हैं और फिरौती की मांग की जा रही है।" उन्होंने कहा कि फिरौती न देने वालों की हत्या की जा रही है। हाल ही में लुधियाना में एक शादी समारोह के दौरान दिनदहाड़े गोलीबारी हुई। दोपहर करीब 1:30 बजे दो प्रतिद्वंद्वी गिरोहों के बीच गैंगवार छिड़ गया और गोलीबारी में दो मेहमान मारे गए। कांग्रेस सांसद ने शिरोमणि अकाली दल पर एक गैंगस्टर को टिकट देने और अपराधियों को राजनीति में खुली छूट देने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि गुंडे खुलेआम सरपंचों को फोन करके वोट मांगने के लिए उन्हें धमका रहे हैं। स्थिति ऐसी है कि अब बदमाश नेताओं और नौकरशाहों को भी फोन करके धमका रहे हैं। वारिंग ने अधिकारियों के हालिया उस फैसले की भी आलोचना की जिसमें एक कुख्यात गैंगस्टर को दूसरे राज्य की जेल में ही बंद रखा गया है, जिससे उसे मुकदमे के लिए दूसरे राज्यों में ले जाने पर प्रतिबंध लग गया है। उन्होंने कहा, "पंजाब जल रहा है और अधिकारी बेबस होकर देख रहे हैं।" इन सब घटनाओं के बावजूद, राज्य सरकार और पुलिस मूकदर्शक बने रहे। ऐसी स्थिति में, मैं गृह मंत्री से इस मामले का संज्ञान लेने और पंजाब को संकट से उबारने का आग्रह करता हूं। 2022 में पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या पंजाब में गैंगस्टरों की बढ़ती गतिविधियों की ओर इशारा करने वाले सबसे चर्चित अपराधों में से एक थी। इस मामले ने लॉरेंस बिश्नोई-गोल्डी बराड़ गिरोह की गतिविधियों को सुर्खियों में ला दिया था। नवंबर 2024 में, जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के भाई, अंतरराष्ट्रीय गैंगस्टर अनमोल बिश्नोई को अवैध दस्तावेजों का उपयोग करके देश में प्रवेश करने के आरोप में कैलिफोर्निया में गिरफ्तार किया गया था और बाद में उसे वापस भारत लाया गया था। अनमोल से पूछताछ करने वाली राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के अनुसार, वह बीकेआई-बिश्नोई गिरोह का एक प्रमुख सदस्य है और इसके संचालन में सक्रिय भूमिका निभाता है। उसके संदिग्ध खालिस्तानी संबंध और व्यापक आपराधिक नेटवर्क में उसकी संलिप्तता जांच के प्रमुख क्षेत्रों में से एक है। अनमोल कई आपराधिक मामलों का सामना कर रहा है, जिनमें महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के नेता बाबा सिद्दीकी की हत्या की साजिश का मामला भी शामिल है, जिनकी पिछले साल अक्टूबर में मुंबई में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इससे पहले, कांग्रेस सांसद और पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा ने आरोप लगाया था कि जेल में बंद गैंगस्टर जग्गू भगवानपुरिया ने उनके बेटे को जान से मारने की धमकी दी थी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि धमकी मिलने के कुछ ही समय बाद पंजाब में उनके बेटे पर गोली चलाई गई थी।

सावधान पंजाब! ताज़ा रिपोर्ट में सामने आए जानलेवा खतरे के सबूत

पंजाब  पंजाब में सड़क हादसे लगातार बढ़ रहे हैं और लोगों की जान को बड़ा खतरा पैदा हो गया है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय द्वारा राज्यसभा में पेश की गई ताजा रिपोर्ट के अनुसार राज्य में हर दो घंटे में एक व्यक्ति सड़क दुर्घटना का शिकार होकर दम तोड़ रहा है। रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि तेज रफ्तार सड़क हादसों का सबसे बड़ा कारण बनकर सामने आई है। आंकड़ों के मुताबिक पंजाब में हर दिन औसतन 8 लोग स्पीड की वजह से अपनी जान गंवा रहे हैं। पिछले पांच वर्षों में मौतों के आंकड़ों में 22% की बढ़ोतरी दर्ज हुई है। ट्रैफिक नियमों की अनदेखी, ओवरलोडिंग, नशे में गाड़ी चलाना और लापरवाही इसके प्रमुख कारण हैं। इसके साथ ही हेलमेट और सीट बेल्ट न पहनने से भी बड़ी संख्या में जानें जा रही हैं। पंजाब सरकार द्वारा लोगों को जागरुक किया जा रहा है और चालान भी काटे जा रहे हैं पर फिर भी लोग समझ नहीं रहे हैं।  

कांग्रेस घिरी चारों तरफ! नवजोत कौर विवाद पर अब AAP की एंट्री

चंडीगढ़  पंजाब कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू की पत्नी डॉ. नवजोत कौर सिद्धू के हालिया बयान ने पंजाब की सियासत में हलचल मचा दी है. उनके इस दावे “कांग्रेस में 500 करोड़ रुपए न होने पर CM की कुर्सी नहीं मिलती” पर अब आम आदमी पार्टी ने सोशल मीडिया पर कांग्रेस को आडे हाथ लिया है. आम आदमी पार्टी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक के बाद एक छह AI से बनाए गए पोस्टर्स जारी किए हैं. इन पोस्टर्स में तंज कसते हुए दिखाया गया है कि पंजाब में “CM की कुर्सी” कथित तौर पर धन के बल पर मिलती है. यह निशाना नवजोत कौर सिद्धू के बयान से जोड़कर साध जा रहा है.   CM भगवंत मान का बयान दूसरे पोस्टर में CM भगवंत मान का वह कथित बयान दिखाया गया है कि “500 करोड़ देकर कोई सेवा नहीं हो सकती… जो पार्टी 500 करोड़ लेती है, वो पहले खुद 500 करोड़ पूरा करे.” सिद्धू और अन्य नेताओं पर निशाना तीसरे पोस्टर में नवजोत कौर के बयान को आधार बनाकर रफ्तार चौधरी, सिद्धू और अन्य कांग्रेस नेताओं पर व्यंग्य किया गया है कि टिकट-पद के लिए उनके ऊपर “आरोपों की मार” पड़ रही है.   कौन बनेगा चीफ मिनिस्टर थीम चौथे पोस्टर में मशहूर टीवी शो ‘कौन बनेगा करोड़पति’ की तर्ज पर ‘कौन बनेगा मुख्यमंत्री’ बनाया गया है. इसमें सवाल पूछा गया है कि ‘कांग्रेस में CM की कुर्सी की सही कीमत क्या है? विकल्प के तौर पर 100, 350, 400 और 500 करोड़ दिए गए हैं. नोटों से बनी CM कुर्सी तक की सीढ़ियां एक अन्य AI पोस्टर में CM कुर्सी तक पहुंचने के लिए नोटों की गड्डियों से सीढ़ी बनाई गई है. इसके साथ लिखे पंजाबी में मैसेज का मतलब है कि कांग्रेस के अलग-अलग नेता केवल गुणगान करते रहे गए और चन्नी मुख्यमंत्री बनने में कामयाब हो गए. अकाली दल भी कर चुका है AI वीडियो जारी AAP से पहले अकाली दल भी इसी मामले पर एक AI वीडियो जारी कर चुका है. इसमें दावा किया गया था कि चन्नी ने 500 करोड़ रुपए देकर कांग्रेस हाईकमान से CM की कुर्सी हासिल की थी. नवजोत कौर सिद्धू का बयान अब पंजाब सियासत में नया विवाद बन चुका है, जिसका विपक्ष लगातार इस्तेमाल कर रहा है. नवजोत कौर ने आरोप लगाया था कि पंजाब कांग्रेस के नेता पैसा लेकर टिकट देते हैं. उन्होंने अपने आरोप में कई वरिष्ठ नेताओं का नाम लिया था. इसके बाद उन्हें कांग्रेस पार्टी से निकाल दिया गया.  

सिमरजीत बैंस को हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा, FIR रद्द करने से किया इनकार

पंजाब  सिमरजीत बैंस को हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। मिली जानकारी के अनुसार हाईकोर्ट ने FIR रद्द करने से इनकार कर दिया है। पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने बरगाड़ी बेअदबी की घटना से जुड़े विरोध प्रदर्शन के सिलसिले में पूर्व MLA सिमरजीत सिंह बैंस और दूसरों के खिलाफ दर्ज FIR रद्द करने से इनकार कर दिया है।  IPC कोर्ट को खास अपराधों, खासकर पब्लिक जस्टिस के खिलाफ अपराधों (जैसे झूठी गवाही, कोर्ट में जालसाजी) या कानूनी अथारिटी के अधिकार का संज्ञान लेने से रोकता है, जब तक कि संबंधित पब्लिक सर्वेंट या कोर्ट द्वारा शिकायत दर्ज न की गई हो ताकि फालतू प्राइवेट केस को रोका जा सके और न्यायिक ईमानदारी बनी रहे। कोर्ट ने कहा कि सीआरपीसी की धारा 195 के तहत रोक सिर्फ मजिस्ट्रेट द्वारा संज्ञान लेने के स्टेज पर लागू होती है, FIR या जांच के स्टेज पर नहीं। जस्टिस त्रिभुवन दहिया ने कहा कि मजिस्ट्रेट द्वारा अपराधों का संज्ञान लेते समय कानून की सही प्रक्रिया का पालन किया जाना चाहिए और वह स्टेज अभी नहीं आया है। इसलिए, इस सेक्शन के नियमों का कथित उल्लंघन इस स्टेज पर संबंधित FIR को रद्द करने की मांग का आधार नहीं है। 

पंजाब कांग्रेस एक्शन मोड में: नवजोत कौर-सिद्धू विवाद की रिपोर्ट पार्टी प्रभारी के पास

चंडीगढ़  पंजाब कांग्रेस में फिर से तनाव की स्थिति बनती दिख रही है. पंजाब के पूर्व अध्यक्ष और कैबिनेट मंत्री रहे नवजोत सिंह सिद्धू की पत्नी नवजोत कौर की ओर से प्रदेश कांग्रेस संगठन और पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं के खिलाफ की जा रही बयानबाजी ने तूल पकड़ लिया है. पंजाब कांग्रेस की ओर से सिद्धू दंपति की बयानबाजी और उससे पार्टी को हो रहे नुकसान की एक रिपोर्ट पार्टी के प्रदेश प्रभारी भूपेश बघेल को भेजी गई है. बघेल को भेजी गई इस रिपोर्ट में हाल ही में डॉक्टर नवजोत कौर सिद्धू की बयानबाजी और पिछले 4 सालों में पार्टी के कार्यक्रमों में सिद्धू दंपति की सक्रियता और पार्टी के कार्यक्रमों में हिस्सा नहीं लेने जैसी बातों का जिक्र किया गया है. रिपोर्ट में साल 2022 के तकरार का जिक्र रिपोर्ट में साल 2022 में तत्कालीन प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी द्वारा नवजोत सिंह सिद्धू को लेकर पार्टी आलाकमान को लिखे गए एक पत्र का भी जिक्र किया गया है. इस पत्र में यह बताया गया था कि उस दौरान नवजोत सिंह सिद्धू और चरणजीत सिंह चन्नी के बीच जारी तकरार और भ्रम की स्थिति की वजह से कांग्रेस को तब के विधानसभा चुनाव में हार का सामना करना पड़ा था. उस दौरान जो रिपोर्ट और चिट्ठी प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी की ओर से पार्टी आलाकमान को भेजी गई थी वो भी एक बार फिर से इस ताजा रिपोर्ट का हिस्सा बनाई गई है. ‘सिद्धू दंपति की वजह से हो रहा नुकसान’ पंजाब कांग्रेस की ओर से अब जो रिपोर्ट पार्टी प्रभारी को दी गई है, उसमें सीधे तौर पर लिखा गया है कि सिद्धू की पत्नी डॉक्टर नवजोत कौर सिद्धू के बयानों से पार्टी को खासा नुकसान हुआ है. पिछले कुछ सालों में नवजोत सिंह सिद्धू भी पार्टी लाइन से हटकर या पंजाब कांग्रेस के नेताओं के खिलाफ बयान देते रहे हैं, उनके इस तरह के बयानों से भी पार्टी को लगातार नुकसान ही हुआ है. रिपोर्ट में यह भी सलाह दी गई है कि बागी तेवर दिखा रहे सिद्धू दंपति को अनुशासन में रखना बेहद आवश्यक है, नहीं तो पंजाब में साल 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी की छवि और प्रदेश संगठन की छवि को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है. प्रदेश अध्यक्ष के खिलाफ नवजोत ने खोला मोर्चा पंजाब कांग्रेस में पिछले दिनों तब हलचल मची थी, जब नवजोत कौर ने सोशल मीडिया के जरिए पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग के बारे में बड़ा आरोप लगाया और कहा कि वह उन्हें पंजाब का कांग्रेस अध्यक्ष नहीं मानती हैं. वह एक बेपरवाह, गैर-जिम्मेदार, नैतिक रूप से बेईमान और भ्रष्ट अध्यक्ष हैं. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पंजाब कांग्रेस में मुख्यमंत्री पद के कई दावेदार हैं, लेकिन यह पद उसे ही मिलता है जो 500 करोड़ रुपये की अटैची देता है. उनके इस बयान के बाद प्रदेश इकाई ने उन्हें पार्टी से निलंबित कर दिया.  

निवेश, तकनीक और रोजगार—विदेश दौरे ने पंजाब की इंडस्ट्रियल छलांग को दिया नया आयाम

चंडीगढ़  जापान और दक्षिण कोरिया के निवेश दौरों के अनुभव साझा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बताया कि उन्होंने पंजाब दुनिया में उभरता हुआ औद्योगिक राज्य है. उन्होंने कहा कि इस दौरे का उद्देश्य प्रदेश में निवेश को प्रोत्साहित करना और औद्योगिक विकास को गति देकर युवाओं के लिए रोज़गार के अधिक अवसर पैदा करना है. यह ऐतिहासिक दौरा औद्योगिक विकास को तेज़ रफ्तार देने और उसे आवश्यक बल प्रदान करने में सहायक होगा. मुख्यमंत्री मान ने कहा कि एक बैठक के दौरान जापान बैंक फॉर इंटरनेशनल कोऑपरेशन (जेबीआईसी) के सीनियर मैनेजिंग डायरेक्टर ओगावा काजूनोरी ने पंजाब के औद्योगिक और स्वच्छ ऊर्जा प्रोजेक्टों की संभावनाओं की खोज में रुचि दिखाई. उन्होंने कहा कि वे जापानी कंपनियों के माध्यम से संभावित वित्तीय अवसरों पर तकनीकी विचार-विमर्श जारी रखने के लिए सहमत हुए हैं. भगवंत सिंह मान ने कहा कि बैंक ने पंजाब निवेश सम्मेलन के निमंत्रण का भी स्वागत किया है और इसमें भाग लेने की इच्छा जताई. अगले साल प्रोग्रेसिव पंजाब निवेश सम्मेलन मुख्यमंत्री भगवंत मान ने यह भी बताया कि आइसन इंडस्ट्री कंपनी लिमिटेड के सीईओ और ईवीपी टोमोनोरी काई तथा टोरू नकाने ने भविष्य के निर्माण या अनुसंधान एवं विकास अवसरों के लिए पंजाब की संभावनाओं में सकारात्मक रुचि दिखाई. उन्होंने कहा कि यामाहा मोटर कंपनी लिमिटेड के ग्लोबल स्ट्रैटेजी मैनेजर और प्रोडक्ट प्लानिंग ग्रुप तनाका हिरोकी तथा सुजुकी मारी ने इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, अनुसंधान एवं विकास सहयोग और कौशल विकास पहलकदमियों में निवेश पर खुलकर चर्चा की. भगवंत सिंह मान ने कहा कि उन्होंने प्रोग्रेसिव पंजाब निवेश सम्मेलन 2026 के निमंत्रण का भी स्वागत किया और पंजाब के निवेश-अनुकूल माहौल से जुड़े रहने में रुचि दिखाई. मुख्यमंत्री ने कहा कि होंडा मोटर कंपनी लिमिटेड के साथ बैठक में डिपार्टमेंट मैनेजर तत्सुओ नाकामुरा और आई.टी.ओ. कियोशी ने पंजाब में भारतीय साझेदारों के माध्यम से कंपोनेंट निर्माण की संभावनाएं तलाशने की बात कही. भगवंत सिंह मान ने कंपनी को पूर्ण सुविधा और नीतिगत सहायता का भरोसा दिया तथा उन्हें पंजाब निवेश सम्मेलन 2026 के लिए निमंत्रण दिया. जापान में एनईसी कॉर्पोरेशन के साथ बैठक मुख्यमंत्री ने कहा कि संसदीय उप-मंत्री (अर्थव्यवस्था, व्यापार और उद्योग) कोमोरी ताकुओ ने जापानी फर्मों को इन्वेस्ट पंजाब से जोड़ने के लिए समन्वय बनाए रखने पर सहमति जताई. उन्होंने कहा कि फुजित्सु लिमिटेड के टेक्नोलॉजी बिज़नेस मैनेजमेंट यूनिट के प्रमुख जूंगो ओकाई ने डिजिटल गवर्नेंस सॉल्यूशंस में रुचि दिखाई और भरोसा दिया कि वे भारत में भविष्य के प्रोजेक्टों के लिए मोहाली का चयन करेंगे. भगवंत सिंह मान ने कहा कि उनकी जापान यात्रा के दूसरे दिन की शुरुआत एनईसी कॉर्पोरेशन के साथ बैठक से हुई. मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि बाद में दिन में 250 से अधिक प्रतिभागियों, जिनमें जापानी उद्योग एवं व्यापारिक संस्थाओं के वरिष्ठ प्रतिनिधि शामिल थे, ने टोक्यो रोड शो में भाग लिया. उन्होंने कहा कि डी.जी. जेट्रो इंडिया सुजुकी ताकाशी की मजबूत संस्थागत भागीदारी भारत-जापान आर्थिक संबंधों के लिए उच्च स्तरीय समर्थन को दर्शाती है. भगवंत सिंह मान ने कहा कि हीरो मोटोकॉर्प (सुमितोमो और किरियू कॉर्पोरेशन), वर्धमान स्पेशल स्टील्स (आइची स्टील) और एक्सेल स्काउट द्वारा साझा किए गए अनुभवों ने पंजाब में सफल साझेदारियों की मिसाल पेश की. मुख्यमंत्री ने कहा कि तीसरे दिन आईची स्टील के मुख्यालय में बैठक हुई जिसमें चेयरमैन फुजियोका ताकाहिरो और प्रेसिडेंट इतो तोशिओ ने सम्मेलन के निमंत्रण का स्वागत करते हुए मजबूत रिश्तों और व्यापक निवेश में रुचि व्यक्त की. उन्होंने कहा कि आईची स्टील और वर्धमान स्पेशल स्टील्स ने पंजाब में निवेश गतिविधियों का संयुक्त रूप से अध्ययन करने के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसमें 500 करोड़ रुपए के निवेश का मूल्यांकन शामिल है. ओसाका रोड शो में मिले कई दिग्गज निवेशक मुख्यमंत्री ने कहा कि ओसाका रोड शो में ओसाका क्षेत्र की शीर्ष कंपनियों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया और डीजी जेट्रो, ओसाका प्रीफेक्चरल गवर्नमेंट और एमईटीआई कांसाई से मजबूत संस्थागत साझेदारी में गहरी रुचि दिखाई. उन्होंने कहा कि 80 से अधिक डेलीगेट्स ने रोड शो में हिस्सा लिया, जिससे भविष्य के निवेश की संभावना मजबूत हुई. मुख्यमंत्री ने कहा कि आउटसोर्स शेयर पॉलिसी के अनुसार पंजाब में निर्माण यूनिट का मूल्यांकन करना शामिल है. भगवंत सिंह मान ने कहा कि उन्होंने कारोबार करने की सुगमता के बारे में कानूनी फर्मों से भी बैठकें की और गोलमेज में दक्षिण कोरिया की प्रमुख संस्थाओं का प्रतिनिधित्व करने वाले 42 से अधिक डेलीगेट्स ने हिस्सा लिया, जिनमें शीर्ष कानूनी फर्में और उद्योग संघ शामिल थे. उन्होंने कहा कि दक्षिण कोरिया के उद्योग जगत के नेताओं ने उत्तरी भारत के लिए पंजाब में निर्माण तथा अनुसंधान एवं विकास हब के रूप में संभावनाएं तलाशने में गहरी रुचि दिखाई.  

अवैध कब्जों पर चला परिषद का हथौड़ा, झज्जर में 8 कमर्शियल प्रतिष्ठान एक साथ सील

झज्जर  झज्जर नगर परिषद ने गुरूवार को टैक्स बकाया वसूली के लिए शहर में सिलिंग अभियान चलाते हुए ढाबा, दुकानों और बैंक स्थित बिल्डिंग सहित आठ प्रतिष्ठानों को सील कर दिया। कार्रवाई के दौरान ड्यूटी मजिस्ट्रेट और पुलिस बल मौके पर मौजूद रहा। परिषद के अनुसार जिन प्रतिष्ठानों को सील किया गया है, उन पर लाखों रुपये का हाउस टैक्स बकाया था। कार्रवाई शुरू होते ही शहर में हड़कंप मच गया और कई बकायादार मौके पर पहुंचे। वहीं पर टैक्स जमा कराना शुरू कर दिया। कार्रवाई के दौरान एक बिल्डिंग में चल रहे बैंक पर भी ताला लगाया गया, जिस पर करीब साढ़े तीन लाख रुपये का टैक्स बकाया बताया गया है। सिलिंग के कारण उसी बिल्डिंग में बने पीजी में रह रहे लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। बैंक के कर्मचारी ने बताया कि जिस बिल्डिंग में उनका बैंक है उस बिल्डिंग पर करीब साढे़ तीन लाख रूपए का टैक्स नगर परिषद का बकाया है। परिषद ने कई बार इन्हें नोटिस दिए है। जब टैक्स नहीं भरा गया तो आखिरकार फिर यह सीलिंग की कार्यवाहीं परिषद को करनी पड़ी। सीलिंग के दौरान बैंक के सभी कर्मचारियों को बाहर निकाल दिया गया और उसके बाद बिल्डिंग पर सील लगा दी गई। उधर इसी बिल्डिंग में एक पीजी में रहने वाले लोगों ने भी मीडिया के सामने अपना दर्द ब्यां किया। सीलिंग के बाद उन्हें काफी परेशान हो रही है। नगर परिषद सचिव ने शहरवासियों से अपील की कि समय पर टैक्स जमा कराएं, ताकि उन्हें किसी असुविधा का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि टैक्स वसूली अभियान निरंतर जारी रहेगा। परिषद का दावा है कि शहर में अभी भी कई प्रतिष्ठान ऐसे हैं, जिन पर लाखों रुपये का टैक्स बकाया है और उन पर भी जल्द कार्रवाई की जाएगी।

मोहाली होगी ग्लोबल इन्वेस्टर्स की पहली पसंद, भगवंत मान ने किया ऐलान

चंडीगढ़  पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अपनी जापान और दक्षिण कोरिया यात्रा से लौटने के बाद कहा कि जापान स्थित कई बहुराष्ट्रीय कंपनियाँ आईटी क्षेत्र, चिकित्सा और कृषि अनुसंधान, बागवानी और अन्य क्षेत्रों में पंजाब में निवेश करने की इच्छुक हैं, और मोहाली को इस मुहिम में निवेश के लिये पसंदीदा जगह के तौर पर पेश किया जा रहा है। उन्होंने कहा, ‘कंपनियां 14 से 16 मार्च तक यहां आयोजित होने वाले निवेश शिखर सम्मेलन में भाग लेंगी।’ उन्होंने कहा कि होंडा मोटर्स, टोपन, कोरियाई कंपनी नोगशिम ने पंजाब में निवेश पर सकारात्मक रुख दिखाया है। कांग्रेस पर कसा तंज इस मौके पर कांग्रेस पर तंज कसते हुए मान ने दावा किया कि कांग्रेस पार्टी राज्य में एक नए आर्थिक विकास मॉडल के प्रणेता हैं। उन्होंने कहा कि जहां वह पंजाब के कल्याण के लिए लगातार काम कर रहे हैं, वहीं कांग्रेस अपनी पार्टी में मुख्यमंत्री, मंत्री या विधायक पद की कीमत पूरी दुनिया को बता रही है। जापान और कोरिया की 10 दिवसीय यात्रा से लौटे मान ने कहा कि कांग्रेस में चल रही अंदरूनी कलह उनके नेताओं की ‘नीयत’ और पंजाब के कल्याण के प्रति उनकी प्रतिबद्धता की कमी को उजागर करती है।