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केंद्र को चैलेंज: पंजाब सरकार ने SDRF डेटा को बताया भ्रामक, 20 हजार करोड़ की मांग बनी मुद्दा

पंजाब पंजाब विधान सभा के विशेष सत्र में मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बाढ़ राहत के मुद्दे पर केंद्र सरकार के रवैये को लेकर तीखा सवाल उठाते हुए कहा कि राज्य अपने हक की मांग कर रहा है, भीख नहीं। मान ने विधानसभा में पिछले 25 वर्षों के SDRF (राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष) के पूरे आंकड़े सदन के समक्ष रखते हुए केंद्र के दावों को खारिज कर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि केंद्र द्वारा SDRF में ₹12,000 करोड़ पड़े होने का दावा पूरी तरह से भ्रामक और तथ्यहीन है। मुख्यमंत्री ने विस्तार से बताया कि अकाली-भाजपा गठबंधन और कांग्रेस की सरकारों के कार्यकाल सहित पिछले 25 सालों में राज्य को SDRF के तहत कुल मिलाकर केवल ₹6,190 करोड़ ही प्राप्त हुए है। इसमें से अधिकांश राशि पहले ही विभिन्न आपदाओं – बाढ़, सूखा, ओलावृष्टि और अन्य प्राकृतिक आपदाओं में खर्च हो चुकी है। वर्तमान में SDRF खाते में केवल लगभग ₹1,200 करोड़ ही शेष बचे है, जो इस विनाशकारी बाढ़ से निपटने के लिए नाकाफी है। 2025 अगस्त में आई भयंकर बाढ़ ने पंजाब के लगभग 1,400 गांवों को अपनी चपेट में ले लिया और चार लाख से अधिक लोग सीधे तौर पर प्रभावित हुए। राज्य के प्रमुख कृषि क्षेत्रों में व्यापक तबाही हुई, जिसमें हजारों एकड़ खड़ी फसलें नष्ट हो गई। गेहूं, सरसों और अन्य रबी फसलों का भारी नुकसान हुआ। किसान संगठनों के अनुसार, लगभग 75,000 किसान परिवार पूरी तरह से बर्बाद हो गए है और उन्हें तत्काल राहत की सख्त ज़रूरत है। राज्य सरकार द्वारा किए गए प्रारंभिक आकलन के अनुसार, बाढ़ से हुए कुल नुकसान का अनुमान ₹13,800 करोड़ है। इसमें कृषि क्षति, बुनियादी ढांचे को नुकसान, सड़कों और पुलों की क्षति, बिजली और पानी की आपूर्ति व्यवस्था को हुए नुकसान को शामिल किया गया है। हालांकि, राज्य सरकार का मानना है कि वास्तविक नुकसान इससे कहीं अधिक हो सकता है क्योंकि कई दूरदराज के इलाकों में अभी भी सर्वेक्षण का काम चल रहा है। इसी को ध्यान में रखते हुए पंजाब सरकार ने केंद्र से ₹20,000 करोड़ के विशेष राहत पैकेज की मांग की है। केंद्र सरकार ने अब तक केवल ₹1,600 करोड़ की राशि स्वीकृत की है, जिसे राज्य सरकार और विपक्षी दलों ने “समुंद्र में बूंद” करार दिया है। केंद्र की ओर से यह भी सुझाव दिया गया कि राज्य SDRF में पड़े ₹12,000 करोड़ के फंड का उपयोग करे। इस पर मुख्यमंत्री मान ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि यह दावा “फ़िज़ूल कल्पना” और “अंकों की बाज़ीगरी” से ज़्यादा कुछ नहीं है। उन्होंने कहा कि SDRF का पूरा हिसाब-किताब पारदर्शी तरीके से जनता के सामने रख दिया गया है और कोई भी इसे जांच सकता है। विधानसभा में अपने भाषण में मुख्यमंत्री मान ने केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा, “हम केंद्र से भीख नहीं मांग रहे, बल्कि अपने हक की मांग कर रहे हैं। GST के तहत राज्य का ₹50,000 करोड़ से अधिक रुका हुआ है, ग्रामीण विकास योजनाओं के लिए ₹8,000 करोड़ से अधिक अटका पड़ा है। ऐसे में आपदा के समय राज्य को उचित मदद न देना और भ्रामक आंकड़े पेश करना दुर्भाग्यपूर्ण है।” उन्होंने केंद्र से अपील की कि आपदा प्रबंधन जैसे संवेदनशील मामले में राजनीति को बीच में न लाया जाए और संवैधानिक दायित्वों का निर्वहन किया जाए। राज्य सरकार ने अपने स्तर पर राहत कार्यों में कोई कमी नहीं छोड़ी है। प्रभावित किसानों को तत्काल सहायता देने के लिए राज्य के संसाधनों से ही शुरुआती मदद दी जा रही है। मुख्यमंत्री राहत कोष से भी सहायता राशि वितरित की जा रही है। हालांकि, राज्य के सीमित संसाधनों को देखते हुए यह स्पष्ट है कि बिना केंद्र की पर्याप्त मदद के इस विशाल आपदा से निपटना संभव नहीं होगा। पंजाब सरकार ने केंद्र से एक बार फिर अपील की है कि वे तत्काल ₹20,000 करोड़ के राहत पैकेज को मंजूरी दें ताकि प्रभावित लोगों को जल्द से जल्द राहत पहुंचाई जा सके।

खुशखबरी! पंजाब में 23 लाख पेंशनधारकों को समय पर मिलेगी पेंशन

चंडीगढ़  पंजाब सरकार द्वारा राज्य के वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण के लिए उठाए जा रहे कदमों के तहत बुढ़ापा पेंशन योजना के अंतर्गत अगस्त 2025 तक 2055.05 करोड़ रुपये की राशि जारी की गई है। यह जानकारी सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने दी। उन्होंने बताया कि इस दौरान 23.09 लाख वरिष्ठ लाभार्थियों को योजना का लाभ प्राप्त किया। उन्होंने बताया कि चालू वित्त वर्ष के लिए राज्य सरकार ने बुढ़ापा पेंशन के लिए 4100 करोड़ रुपये का बजट उपलब्ध कराया है। डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उनका उद्देश्य स्पष्ट है कि उनके बुजुर्ग उनका गौरव हैं और उनकी पेंशन में किसी भी प्रकार की देरी या बाधा बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी करते हुए कहा कि बुजुर्गों की पेंशन निर्धारित समय के अनुसार जमा की जाए। पेंशन जारी करने में किसी भी लापरवाही या देरी की स्थिति में जिम्मेदार अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, चाहे वह कितना भी वरिष्ठ क्यों न हो। डॉ. बलजीत कौर ने आगे कहा कि पंजाब सरकार द्वारा चलाई जा रही सामाजिक सुरक्षा योजनाएं बुजुर्गों की सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा के लिए बुनियादी सहारा हैं और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि यह सुविधा बिना किसी बाधा के प्रत्येक लाभार्थी तक पहुंचे। 

पंजाब सरकार का बड़ा एक्शन: पंजाब पुलिस में भर्ती को लेकर नए आदेश

चंडीगढ़ पंजाब सरकार अगले साल पुलिस विभाग में 3400 कांस्टेबलों की सीधी भर्ती करेगी। इस संबंध में पंजाब के डीजीपी गौरव यादव ने भर्ती प्रक्रिया को जल्द शुरू करने के आदेश दिए हैं। डीजीपी ने हाल ही में राज्य के सभी पुलिस कमिश्नर, एसएसपी और एस.एच.ओ. रैंक तक के अधिकारियों के साथ एक वर्चुअल बैठक की। उन्होंने कहा कि पुलिस विभाग में स्टाफ की कमी को देखते हुए सरकार ने नई असामियों का सृजन किया है। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार द्वारा ए.एस.आई. से लेकर इंस्पेक्टर रैंक तक के अधिकारियों की कमी को पूरा करने के लिए 1600 असामियों का सृजन किया गया है। इसमें 150 इंस्पेक्टर्स, 450 एस.आई. और 1000 ए.एस.आई. की असामियां पदोन्नति के माध्यम से भरी जाएंगी। इसके साथ ही डीजीपी ने जिला काडरों में लगभग 4500 अन्य असामियों को चरणबद्ध तरीके से भरने के आदेश दिए हैं। डीजीपी गौरव यादव ने एसएचओ से लेकर सीनियर रैंक तक के अधिकारियों को त्योहारों के सीजन में शांति बनाए रखने के लिए व्यापक एक्शन प्लान तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को गैंगस्टरों, नशा तस्करों और समाज विरोधी तत्वों के खिलाफ निर्भीकता और सख्ती से कार्रवाई करने के आदेश दिए। उन्होंने चेतावनी दी कि कांस्टेबल रैंक से लेकर एसएसपी तक हर अधिकारी की जवाबदेही तय की जाएगी और गैंगस्टर व ड्रग्स के मामलों में किसी भी तरह की ढील बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि ‘युद्ध नशों के खिलाफ’ अभियान के तहत की गई कार्रवाई में 87 प्रतिशत मामलों में दोष साबित हो रहा है। डीजीपी ने कहा कि भ्रष्टाचार में शामिल हर रैंक के अधिकारी और कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा और नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। 

सर्दियों में ठंड बढ़ने वाली है! पंजाब में आने वाले दिनों का तापमान और बारिश का हाल

पंजाब  मानसून के समाप्त होने के बाद पंजाब में तापमान बढ़ने लगा है और लोग गर्मी से परेशान हैं। मौसम विभाग के विशेषज्ञों का कहना है कि इस बार ठंड देर से पड़ेगी। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, मानसून के जाने के बाद भी तापमान में गिरावट नहीं आई है और ठंड लाने वाली हवाएं अभी तक सक्रिय नहीं हो सकी हैं। इस वजह से अक्टूबर के पहले हफ्ते तक उमस भरी गर्मी जारी रहने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, अक्टूबर के दूसरे हफ्ते में ही ठंडी हवाएं सक्रिय होंगी और मौसम धीरे-धीरे ठंडा होना शुरू होगा। हालांकि, इस समय केवल रात के समय ही ठंड का अहसास होगा, जबकि दिन में गर्मी बनी रहेगी। विशेषज्ञों का कहना है कि पंजाब और पूरे देश में ठंडी हवाएँ सामान्यत: उत्तर-पश्चिमी और उत्तरी दिशाओं से आती हैं, लेकिन इस साल पूर्वी हवाएँ चल रही हैं। इसलिए इस बार ठंड देर से पड़ेगी। मौसम विभाग के अनुसार, 4 अक्टूबर तक मौसम शुष्क रहने की संभावना है। 5 और 6 अक्टूबर को मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है, क्योंकि 4 अक्टूबर को एक वेस्टर्न डिस्टर्बेंस सक्रिय होने वाला है, जिससे बादल छाए रहेंगे। 

कर्मचारियों को दिवाली गिफ्ट: पंजाब सरकार ने की बड़ी घोषणा

चंडीगढ़ पंजाब के वित्त मंत्री एडवोकेट हरपाल सिंह चीमा ने पंजाब सरकार की ओर से ग्रुप डी कर्मचारियों के लिए आगामी त्योहारों को मनाने हेतु प्रत्येक कर्मचारी को 10,000 रुपए का ब्याज-मुक्त एडवांस हासिल करने की पेशकश की घोषणा की। इस पहल का उद्देश्य त्योहारों के मद्देनज़र लगभग 35,894 कर्मचारियों को वित्तीय सहायता उपलब्ध कराना है। यहां जारी एक प्रेस विज्ञप्ति द्वारा यह खुलासा करते हुए वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने पंजाब सरकार की अपने कर्मचारियों के प्रति प्रतिबद्धता को रेखांकित करते हुए बताया कि वित्त वर्ष 2024-25 के दौरान राज्य में 36,065 ग्रुप डी कर्मचारी थे, जिनमें से 13,375 (लगभग 37 प्रतिशत) ने यह एडवांस लिया, जिस पर 13,37,50,000 रुपये खर्च हुए। वित्त मंत्री चीमा ने कहा कि यदि इस वित्तीय वर्ष में सभी योग्य ग्रुप डी कर्मचारी इस अग्रिम का लाभ लेते हैं, तो कुल अनुमानित खर्च 35.89 करोड़ रुपये होगा। उन्होंने पुष्टि की कि वित्त वर्ष 2025-26 के लिए इस उद्देश्य हेतु प्रारंभिक बजट 20 करोड़ रुपये का प्रबंध किया गया है। उन्होंने कहा कि यदि अतिरिक्त खर्च की आवश्यकता होगी, तो इस वित्तीय वर्ष के संशोधित अनुमान के माध्यम से अतिरिक्त फंड उपलब्ध कर दिए जाएंगे। दीवाली के त्योहार (20 अक्टूबर) को देखते हुए, वित्त मंत्री ने घोषणा की कि यह राशि 17 अक्टूबर तक खजाने से वितरित कर दी जाएगी। संबंधित कर्मचारियों द्वारा इस ब्याज-मुक्त एडवांस की अदायगी पांच समान मासिक किश्तों में की जाएगी, जिसकी कटौती प्रक्रिया नवंबर 2025 की तनख्वाह से शुरू होगी। 

खुशखबरी! मोदी सरकार ने बढ़ाई MSP, किसानों को मिलेगा बड़ा फायदा

पंजाब  किसानों को केंद्र सरकार ने दिवाली पर बड़ी तोहफा दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक ने हर वर्ग को दिवाली का तोहफा दिया है। बैठक में कुल 1.20 लाख करोड़ रुपये के अहम फैसले लिए गए। केंद्र सरकार ने जहां सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के महंगाई भत्ते (डीए) में 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी को मंजूरी दी है वहीं किसानों को भी बड़ी राहत दी गई है। MSP में बढ़ोतरी सरकार ने 2026-27 विपणन सत्र के लिए सभी आवश्यक रबी फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में बढ़ोतरी की है। सबसे ज़्यादा बढ़ोतरी – सूरजमुखी – 600 रुपये प्रति क्विंटल दाल – 300 रुपये प्रति क्विंटल सरसों/राई – 250 रुपये प्रति क्विंटल चोला – 225 रुपये प्रति क्विंटल जौ – 170 रुपये प्रति क्विंटल गेहूं – 160 रुपये प्रति क्विंटल सरकार ने 11,440 करोड़ रुपये की लागत से 'दाल आत्मनिर्भरता मिशन' को मंज़ूरी दे दी है। यह मिशन 2025-26 से 2030-31 तक चलेगा और इसका उद्देश्य दालों के आयात पर निर्भरता को समाप्त करना है। किसानों को 126 लाख क्विंटल प्रमाणित बीज वितरित किए जाएंगे। 35 लाख हेक्टेयर अतिरिक्त भूमि पर दालों की खेती की जाएगी। NAFED और NCCF किसानों से 100 प्रतिशत दालें खरीदेंगे। 

अब पंजाब में Driving License और RC के नियम होंगे और भी सख्त – पूरी जानकारी

लुधियाना  ए.आर.टी.ओ. दीपक ठाकुर पिछले पूरे महीने से अपनी सीट पर दिखाई नहीं दिए। विभागीय काम से उनकी लंबी गैर-हाज़िरी की रिपोर्टों ने व्यापक जनसंपर्क चर्चा छेड़ दी। हालांकि, जब ‘पंजाब केसरी’ के एक प्रतिनिधि ने उन्हें कई दिनों बाद पूछा कि क्या वह छुट्टी पर हैं, तो ए.आर.टी.ओ. ने कहा कि वह विभागीय काम के लिए महाराष्ट्र गए थे। ए.आर.टी.ओ. ने स्पष्ट किया कि पिछले साल से विभाग में आर.सी. और लाइसेंस की प्रिंटिंग रुकी हुई थी, जिससे निवेदकों को काफी परेशानी हो रही थी। उन्होंने कहा कि इस समस्या का स्थायी हल खोजने के लिए, लाइसेंस और आर.सी. छपाई का ठेका महाराष्ट्र की दो निजी कंपनियों को दिया गया है। प्रिंटिंग का काम निजी कंपनियों के माध्यम से दीपक ठाकुर के अनुसार यह काम पहले पूरी तरह सरकार द्वारा संभाला जाता था। हालांकि, मशीनरी और संसाधनों की कमी के कारण पिछले साल से छपाई रुकी हुई थी। निजी कंपनियों ने लगभग 1,00,000 लाइसेंस और आर.सी. छापे हैं और उन्हें निवेदकों के घरों तक पहुंचा दिया है। ए.आर.टी.ओ. ने कहा कि बाकी बचे लाइसेंस और आर.सी. की छपाई अगले 2 महीनों के भीतर पूरी हो जाएगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार का लक्ष्य दिसंबर 2025 तक सभी लंबित फाइलों को क्लियर करना है। उन्होंने भरोसा दिया कि सभी लंबित फाइलें और छपाई का काम दिसंबर 2025 तक पूरी तरह क्लियर कर दिया जाएगा, ताकि निवेदकों को कोई असुविधा न हो।  

Trump सरकार का नया नियम: पंजाबियों के लिए America में रास्ता हुआ मुश्किल!

पंजाब  पंजाबवासियों के झटके वाली खबर सामने आई है। दरअसल अमेरिका सरकार ने नए नियम लागू कर दिए हैं। जानकारी के मुताबिक अमेरिका में हो रही दुर्घटनाओं के बाद, प्रशासन ने प्रवासियों के लिए ट्रक ड्राइविंग लाइसेंस के नियमों को कड़ा कर दिया है। अब केवल ग्रीन कार्ड धारक या अमेरिकी नागरिक ही हैवी ड्यूटी वाले ड्राइविंग लाइसेंस प्राप्त कर सकते हैं। इस बीच, अमेरिका ने वर्क परमिट वाले ट्रक ड्राइवरों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई 130 ड्राइवरों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें से कम से कम 28 पंजाबी हैं। ट्रंप सरकार ने नए नियम अब लागू हो गया है, जिसके तहत ग्रीन कार्ड या अमेरिकी नागरिक के बिना व्यावसायिक ड्राइविंग लाइसेंस नहीं मिलेगा। इस कार्रवाई में सबसे पहले ओक्लाहोमा राज्य के ड्राइवरों को निशाना बनाया गया है। गौरतलब है कि अमेरिका में लगभग 2 लाख ट्रक ड्राइवर 'कच्चे' हैं और उनमें से हज़ारों पंजाबी युवा हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि सरकार बड़े पैमाने पर शरण के मामलों को रद्द करने की भी योजना बना सकती है, जिससे लाखों प्रवासियों के लिए और समस्याएं पैदा हो सकती हैं। 

अधिकारियों का बड़ा फेरबदल: पंजाब में 29 IAS/IPS अफसरों की नई पोस्टिंग

जालंधर डिप्टी कमिश्नर डॉ. हिमांशु अग्रवाल ने अतिरिक्त मुख्य सचिव, राजस्व पंजाब द्वारा जारी आदेश की पालना करते हुए तथा लोकहित को ध्यान में रखकर जिले में पिछले लंबे समय से रजिस्ट्रेशन क्लर्क (आर.सी) की पोस्ट पर तैनात रहते आ रहे 29 जूनियर सहायकों व क्लर्कों के तबादले व नियुक्ति के आदेश जारी किए है। डीसी ने आदेश में स्पष्ट किया है कि जिन कर्मचारियों ने अभी तक रजिस्ट्रेशन क्लर्क की परीक्षा पास नहीं की है, उन्हें आगामी 6 महीनों के भीतर परीक्षा उत्तीर्ण करनी होगी, अन्यथा विभागीय कार्रवाई की जाएगी। उल्लेखनीय है कि अतिरिक्त मुख्य सचिव ने राज्य भर की तहसीलों में व्याप्त भ्रष्टाचार पर नकेल कसने की कवायद में ही लंबे समय से तैनात होते आ रहे सभी रजिस्ट्रेशन क्लर्कों के तबादले करने के आदेश जारी किए थे। ताकि कालोनाइजरों, अर्जीनवीस व अन्य लोगों के आर.सी के साथ सांठगांठ व नेक्सस को तोड़ा जा सके। इसी के तहत डीसी ने जिला से संबंधित 29 कर्मचारियों से आर.सी का कार्यभार वापस लेकर उन्हें अन्य प्रशासनिक विभागों में तैनात कर दिया है और उनके स्थान पर नए चेहरों को आर.सी लगाया गया है। डिप्टी कमिश्नर ने एक अन्य आदेश जारी करते हुए जिला की तहसीलों व सब तहसीलों में तैनात 40 सेवादारों के तबादले करके उनकी नए स्थानों पर नियुक्ति की है। इन क्लर्कों व जूनियर सहायकों का हुआ तबादला इन आदेश में निखिल क्लर्क को रजिस्ट्रेशन क्लर्क सब रजिस्टार जालंधर-से नजारत शाखा, इंदरपाल सिंह, क्लर्क को नज़रात शाखा से रजिस्ट्री क्लर्क जालंधर-1, जतिंदर सिंह, जूनियर सहायक को रजिस्ट्रेशन क्लर्क सब रजिस्टार जालंधर-1 से रीडर टू तहसीलदार जालंधर-1, पवन शर्मा क्लर्क को रीडर टू तहसीलदार-1 से रजिस्ट्रेशन क्लर्क सब रजिस्टार जालंधर-1, अरुण शर्मा को आर.आई.ए. शाखा से रजिस्ट्रेशन क्लर्क सब रजिस्टार जालंधर-2, अमरीक चंद जूनियर सहायक को रजिस्ट्रेशन क्लर्क सब रजिस्टार जालंधर-2 से आर.आई.ए. शाखा, दीपिका शर्मा को रजिस्ट्रेशन क्लर्क सब रजिस्टार जालंधर-2 से असला शाखा, रणवीर सिद्धू जूनियर सहायक को असला शाखा से फुटकल-2 शाखा, अरुण भटेज़ा क्लर्क को फुटकल-2 शाखा से रजिस्ट्रेशन क्लर्क सब रजिस्टार जालंधर-2, सतबीर कौर क्लर्क को दफ्तर तहसीलदार नकोदर से रजिस्ट्रेशन क्लर्क दफ्तर एस.डी.एम. शाहकोट, परमिंदर सिंह जूनियर सहायक को रजिस्ट्रेशन क्लर्क सब रजिस्टार शाहकोट से दफ्तर एस.डी.एम. शाहकोट, अभिषेक सिंगला क्लर्क को दफ्तर एस.डी.एम. शाहकोट से दफ्तर एस.डी.एम. फिल्लौर, जसवंत राय जूनियर सहायक को रजिस्ट्रेशन क्लर्क दफ्तर सब रजिस्टार फिल्लौर से दफ्तर एस.डी.एम. फिल्लौर, मुकेश कुमार क्लर्क को दफ्तर एस.डी.एम. फिल्लौर से रजिस्ट्रेशन क्लर्क दफ्तर सब रजिस्टार फिल्लौर, उमंग शर्मा जूनियर सहायक को रजिस्ट्रेशन क्लर्क दफ्तर जॉइंट सब रजिस्टार करतारपुर से डी.आर.ए. (एम.एंड.टी.) शाखा, सुमिंदर कौर क्लर्क को डी.आर.ए. (एम.एंड.टी.) शाखा से विकास शाखा, वरुण कुमार क्लर्क को विकास शाखा से रजिस्ट्रेशन क्लर्क दफ्तर जॉइंट सब रजिस्टार करतारपुर, वरिंदर शर्मा जूनियर सहायक को रजिस्ट्रेशन क्लर्क दफ्तर जॉइंट सब रजिस्टार गोराया से दफ्तर तहसीलदार फिल्लौर, हरप्रीत सिंह क्लर्क को दफ्तर तहसीलदार फिल्लौर से रजिस्ट्रेशन क्लर्क दफ्तर जॉइंट सब रजिस्टार गोराया, राज कुमार जूनियर सहायक को रजिस्ट्रेशन क्लर्क दफ्तर जॉइंट सब रजिस्टार महितपुर से दफ्तर एस.डी.एम. नकोदर, अजय कुमार क्लर्क को दफ्तर एस.डी.एम. नकोदर से रजिस्ट्रेशन क्लर्क दफ्तर सब रजिस्टार महितपुर, हनी बांसल जूनियर सहायक को रजिस्ट्रेशन क्लर्क दफ्तर जॉइंट सब रजिस्टार नूरमहल से एच.आर.सी. शाखा, रिपुदमन क्लर्क को एच.आर.सी. शाखा से रजिस्ट्रेशन क्लर्क दफ्तर जॉइंट सब रजिस्टार नूरमहल, सुरजीत सिंह जूनियर सहायक को रजिस्ट्रेशन क्लर्क दफ्तर जॉइंट सब रजिस्टार लोहीया से दफ्तर तहसीलदार शाहकोट, गुरप्रीत सिंह क्लर्क को दफ्तर तहसीलदार शाहकोट से रजिस्ट्रेशन क्लर्क दफ्तर जॉइंट सब रजिस्टार लोहीया, राजिंदर सिंह क्लर्क को फुटकल शाखा से रजिस्ट्रेशन क्लर्क दफ्तर सब रजिस्टार आदमपुर, सूरज विग क्लर्क को रजिस्ट्रेशन क्लर्क दफ्तर सब रजिस्टार आदमपुर से फुटकल-2 शाखा, परमजीत सिंह जूनियर सहायक को रजिस्ट्रेशन क्लर्क दफ्तर जॉइंट सब रजिस्ट्रार भोगपुर से दफ्तर एस.डी.एम. आदमपुर, बलजीत क्लर्क को दफ्तर एस.डी.एम आदमपुर से रजिस्ट्रेशन क्लर्क दफ्तर जॉइंट सब रजिस्टार भोगपुर तैनात किया है।  

CM भगवंत मान का तोहफ़ा: हज़ारों युवाओं को मिलेगा रोज़गार

पटियाला मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज राजपुरा में एक नई पशु फीड फैक्ट्री का उद्घाटन किया। यह फैक्ट्री विदेशी कंपनी डी. होज़ द्वारा खोली गई है। कंपनी ने पंजाब में भारत का सबसे बड़ा प्लांट खोला है। मुख्यमंत्री मान ने कहा कि इस फैक्ट्री से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से कई लोगों को रोजगार मिलेगा। इस दौरान कंपनी के मालिक ने मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान को नीदरलैंड आने का न्योता दिया गया। मुख्यमंत्री मान ने इस न्योते को स्वीकार करते हुए कहा कि जब भी उन्हें समय मिलेगा, वे जरूर आएंगे और अपने साथ कुछ किसान भाइयों को भी ले जाएंगे, जो नए तरीके से कुछ करना चाहते हैं।