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पहाड़ों पर बर्फबारी की दस्तक! हिमाचल में Orange Alert, पंजाब में ठंड बढ़ने के संकेत

पंजाब  शिमला मेट्रोलॉजिकल सेंटर ने हिमाचल प्रदेश के कई इलाकों में 4 और 5 दिसंबर को बर्फबारी और बारिश की चेतावनी जारी की है। सर्दी का सीज़न उत्तर भारत में पहले ही अपने पांव पसार चुका है, और अब एक नई पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के असर से हिमाचल के मध्य और ऊंचे इलाकों में हल्की बारिश और बर्फबारी होने की संभावना है। इसके अलावा, इस हफ्ते के बाकी दिन अधिकांश इलाकों में मौसम शुष्क रहने का अनुमान है। मौसम विभाग के अनुसार यह नया सिस्टम फिलहाल उत्तर हरियाणा के ऊपर 1.5 से 3.1 किलोमीटर की ऊंचाई पर स्थित है। ऐसे सिस्टम आमतौर पर आसपास के राज्यों में सर्दी बढ़ा देते हैं। पंजाब में आने वाले दिनों में इसका साफ असर देखने को मिल सकता है। हिमाचल में बर्फबारी के दौरान पंजाब के तापमान में आमतौर पर 2–5 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज होती है। इसके साथ ही कोहरा और बढ़ी हुई नमी ठंड को और तीखा महसूस कराती है, भले ही मैदानों में बर्फबारी न हो। आईएमडी चंडीगढ़ ने पहले ही 30 नवंबर से 2 दिसंबर तक जालंधर, मोगा, फरीदकोट, फतेहगढ़ साहिब, बठिंडा, मुक्तसर और फाजिल्का जिलों के लिए कोल्ड वेव (Cold Wave) का यलो अलर्ट जारी किया है। फरीदकोट में राज्य का सबसे कम तापमान 2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। अमृतसर, पटियाला, लुधियाना, पठानकोट और बठिंडा में भी ठंड के असर के चलते तापमान में गिरावट आई। हिमाचल प्रदेश में बर्फबारी की तैयारी के बीच, पंजाब के लोग आने वाले दिनों में ठंडी सुबहों, कोहरे भरी सड़कों और सर्दी के तेज असर के लिए खुद को तैयार रखें। 

कैंट बोर्ड स्कूलों में नई व्यवस्था: पारंपरिक हाज़िरी की जगह आएगा आधुनिक सिस्टम

अंबाला  अंबाला कैंटोनमेंट बोर्ड के स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को लेकर लगातार कवायद की जा रही है। बच्चों को स्कूल में बेहतर शिक्षा के साथ-साथ बेहतर माहौल मिले, इसके प्रयास बोर्ड द्वारा किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में अब स्कूलों में फेस रिकग्निशन कैमरे के साथ बायोमीट्रिक हाजिरी लगेगी। इसके लिए मशीनों को कक्षाओं के बाहर लगाया गया है। कक्षा में प्रवेश से पहले ही छात्र अपनी हाजिरी लगा सकेंगे, इससे शिक्षकों के समय की बचत होगी और हर छात्र पर स्मार्ट तरीके से निगरानी रहेगी।  स्कूलों में होने वाले फर्जीवाड़े पर लगाम लगेगी यह सुविधा तोपखाना परेड के स्कूल में प्राथमिक चरण में शुरु की गई है, यहां पांच मशीनें लगा दी गई हैं, जल्द ही अन्य पांच मशीनों को भी कक्षाओं के बाहर स्थापित कर दिया जाएगा। विद्यालय से बाहर रहने पर एप से हाजिरी नहीं लगेगी, इससे स्कूलों में होने वाले फर्जीवाड़े पर लगाम लगेगी, बल्कि विद्यालय में छात्रों व शिक्षकों की उपस्थिति बढ़ने के साथ शैक्षणिक माहौल में भी सुधार होगा। ऐसी कुछ शिकायतें पूर्व में भी बोर्ड अधिकारियों के पास पहुंची थी कि शिक्षक एक दिन पहले ही रजिस्टर में सुबह व शाम की हाजिरी लगा लेते हैं। इससे स्कूल की शिक्षा के स्तर पर असर पड़ता है, अगर कोई दूसरा शिक्षक इस संबंध में शिकायत करता था तो उसके साथ मनमुटाव रखा जाता था। पायलट प्रोजेक्ट के तहत कैंटोनमेंट बोर्ड ने अभी अपने अधीनस्थ एक स्कूल में इस सुविधा को शुरु किया है। इसके बाद यह सुविधा बोर्ड के अधीन पांच स्कूलों में भी शुरु की जाएगी। मौजूदा समय में कैंटोनमेंट बोर्ड के अधीन छह स्कूलों मे 2598 बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। इनमें तोपखाना परेड के आरएचए बाजार स्थित सीनियर सेकेंडरी स्कूल में 1012 बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। इसी प्रकार आरएचए बाजार के प्राइमरी स्कूल में 267 बच्चे, बीसी बाजार के मिडिल स्कूल में 281 बच्चे, बीआई बाजार के हाई स्कूल में 396 बच्चे, रुट्स पब्लिक स्कूल में 514 बच्चे और वात्सल्य स्कूल में 128 बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। अंबाला कैंटोनमेंट बोर्ड के मनोनीत सदस्य अजय बवेजा ने कहा स्कूलों में शिक्षा का स्तर सुधारने के लिए यह एक अच्छा प्रयास है, इससे बच्चों की वास्तविक स्थिति का पता चलेगा और शिक्षक भी सौहार्दपूर्ण माहौल में बच्चों को शिक्षा प्रदान कर सकेंगे।

लंबे इंतज़ार के बाद बिल पास—राष्ट्रपति की हरी झंडी से पंजाब सरकार को सशक्तीकरण

चंडीगढ़  पंजाब विधानसभा से पास हुए पंजाब पशु चारा, कंसंट्रेटस और मिनरल मिक्सचर बिल-2018 को सात साल बाद राष्ट्रपति ने मंजूरी दे दी है। जिसके बाद अब पंजाब सरकार राज्य में जानवरों को दिए जाने वाले चारे की क्वालिटी पर नजर रखेगी ताकि जानवरों को संतुलित चारा दिया जा सके। इस बिल के कानूनी होने से राज्य सरकार अब जानवरों को दिए जाने वाले चारे की क्वालिटी पर नजर रख सकेगी और खराब क्वालिटी का चारा बनाने वालों के खिलाफ जरूरी कार्रवाई भी कर सकेगी। जानकारी के मुताबिक, 2018 में पंजाब में उस समय की कांग्रेस सरकार ने जानवरों की सेहत और प्रोडक्शन को बेहतर बनाने और चारे की क्वालिटी बढ़ाने के लिए विधानसभा में पंजाब पशु चारा, कंसंट्रेट और मिनरल मिक्सचर बिल-2018 पास किया था। विधानसभा से बिल पास होने के बाद, उस समय के कानूनी सलाहकारों ने मंज़ूरी देने से मना कर दिया था और इसे सलाह के लिए राष्ट्रपति के पास भेजने का दावा किया था, जिसके बाद साल 2019 में यह बिल राष्ट्रपति के पास भेजा गया था, जिसे सात साल के लंबे गैप के बाद मंजूरी मिली है। दूसरी ओर, पंजाब के पशुपालन विभाग के प्रमुख सचिव राहुल भंडारी ने कहा कि वह जानवरों के चारे की क्वालिटी सुधारने के लिए बिल का मुद्दा लंबे समय से केंद्र के सामने उठा रहे थे। काफी सोच-विचार के बाद बिल को मंजूरी दी गई है। पंजाब पशु चारा, कंसन्ट्रेट और मिनरल मिक्सचर बिल-2018 के कानूनी तौर पर लागू होने से राज्य में डेयरी फार्मिंग सेक्टर को बढ़ावा मिलेगा। इस बिल से जानवरों के चारे की क्वालिटी सुधरेगी और दूध का प्रोडक्शन बढ़ेगा। खेती के अलावा दूसरे बिजनेस से भी गांव वालों की इनकम बढ़ेगी। सूत्रों के मुताबिक, इस बिल से राज्य में 25 लाख मवेशियों और 40 लाख भैंसों को दिए जाने वाले चारे की क्वालिटी सुधरेगी। इससे राज्य के लगभग दो हजार पशु चारा उत्पादकों द्वारा बनाए गए चारे की क्वालिटी की निगरानी के लिए नियम और कानून बनाने में मदद मिलेगी।

रवनीत बिट्टू ने अमृतपाल पर दिया विवादित बयान, कहा— अंतरिम पैरोल से इंकार क्यों?

चंडीगढ़  केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत बिट्टू ने जेल में बंद खालिस्तान समर्थक व कट्टपपंथी सांसद अमृतपाल सिंह को अंतरिम पैरोल देने की सार्वजनिक रूप से वकालत की है। खडूर साहिब से सांसद अमृतपाल इस समय सख्त राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत असम की डिब्रूगढ़ केंद्रीय जेल में नजरबंद हैं। बिट्टू ने मंगलवार को नई दिल्ली में संसद के बाहर पत्रकारों से बातचीत के दौरान यह बात कही। बिट्टू का यह रुख पंजाब में राजनीतिक जमीन तलाश रही भाजपा की रणनीतिक तैयारियों का संकेत माना जा रहा है, जहां पार्टी के पास 117 सदस्यीय विधानसभा में एक भी सीट नहीं है और ‘आप’ सरकार सत्ता विरोधी लहर का सामना कर रही है। बिट्टू की ये टिप्पणियां अमृतपाल पर उनकी पहले की तीखी आलोचना से बिल्कुल विपरीत है। अमृतपाल ने नजरबंदी के बावजूद 2024 के लोकसभा चुनाव खडूर साहिब से बतौर निर्दलीय उम्मीदवार लड़ा और जीत हासिल की। उन्हें भारत–पाकिस्तान सीमा के निकट स्थित इस संसदीय क्षेत्र से 4,00,000 से अधिक वोट मिले। जून 2024 में उन्हें दिल्ली में संसद सदस्य के रूप में शपथ लेने के लिए चार घंटे की पैरोल मिली थी, जिसके दौरान उन्होंने ‘खालसा राज्य’ संबंधी अपने दृष्टिकोण की फिर पुष्टि की। इस दौरान उन्होंने सिख अलगाववादी विचारों का उल्लेख किया, जिसकी राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियों ने कड़ी आलोचना की। बिट्टू ने अमृतपाल को अंतरिम पैरोल देने की मांग ऐसे समय में उठाई है जब संसद का शीतकालीन सत्र चल रहा है। संसद के बाहर मीडिया से बात करते हुए बिट्टू ने आम आदमी पार्टी की अगुवाई वाली पंजाब सरकार पर अमृतपाल की पैरोल अर्जी में बाधा डालने का आरोप लगाया। उन्होंने बारामूला के सांसद अब्दुल राशिद शेख (उर्फ इंजीनियर राशिद) की मिसाल देते हुए कहा, “पंजाब सरकार जानबूझकर एक चुने हुए जनप्रतिनिधि को पैरोल देने से इनकार कर रही है। अगर जम्मू–कश्मीर के सांसद इंजीनियर राशिद को गंभीर आरोपों के बावजूद सत्र में शामिल होने के लिए हिरासती पैरोल मिल सकती है, तो अमृतपाल सिंह को ऐसी सुविधा क्यों नहीं? खडूर साहिब की आवाज संसद में कौन उठाएगा?” बिट्टू ने कहा कि राशिद आतंक–वित्त पोषण के आरोपों का सामना करते हुए अंतरिम जमानत पर सत्रों में उपस्थित हो रहे हैं। भाजपा–नीत केंद्र सरकार को विवाद से दूर रखने के प्रयास में बिट्टू ने जोर देकर कहा कि NSA के तहत पैरोल देने का फैसला राज्य सरकार के पास होता है। उन्होंने कहा, “केंद्र अमृतपाल को जेल में नहीं रख रहा है, यह पंजाब सरकार की जिम्मेदारी है। भाजपा पर लगाए जा रहे आरोप बेबुनियाद हैं। हम लोकतांत्रिक जनादेश का सम्मान करते हैं, लेकिन सुरक्षा से समझौता नहीं किया जा सकता।” बिट्टू का यह बयान केंद्रीय गृह मंत्रालय को सीधे आरोपों से अलग करता दिखाई देता है, जबकि आलोचकों का तर्क है कि अमृतपाल पर NSA लगाने में केंद्र और राज्य दोनों की साझा भूमिका रही थी। पिछले बयानों से बिल्कुल उलट रुख अमृतपाल के लिए अंतरिम पैरोल की वकालत बिट्टू के पुराने बयानों से पूरी तरह उलट है। 2024 के चुनावों के दौरान लुधियाना से भाजपा उम्मीदवार रहते हुए बिट्टू ने अमृतपाल को पंजाब की शांति के लिए खतरा बताया था। उन्होंने कहा था कि “अमृतपाल सिंह जैसे लोग पंजाब में शांति पसंद लोगों को रहने नहीं देंगे।” बिट्टू पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह के पोते हैं, जिनकी 1995 में खालिस्तानी उग्रवादियों से जुड़े एक आत्मघाती हमले में हत्या हो गई थी। वे लंबे समय से खुद को अलगाववाद विरोधी मजबूत आवाज के रूप में प्रस्तुत करते रहे हैं। जुलाई 2024 में लोकसभा में अमृतपाल की नजरबंदी के मुद्दे पर बिट्टू की कांग्रेस सांसद चरणजीत सिंह चन्नी के साथ तीखी बहस भी हुई थी। बिट्टू ने NSA का बचाव करते हुए इसे “कट्टरपंथी ताकतों के खिलाफ हथियार” बताया था। “कट्टरपंथी और खालिस्तान समर्थक संगठन ‘वारिस पंजाब दे’ के नेता अमृतपाल सिंह (32) को अप्रैल 2023 में पंजाब पुलिस ने हिंसा भड़काने, अलगाववाद को बढ़ावा देने और कानून–व्यवस्था भंग करने के आरोपों में, एक महीने तक चली तलाश–अभियान के बाद गिरफ्तार किया था।”

पंजाब में 5 दिसंबर को बड़ा ऐलान—19 जिलों की दिनचर्या बदल देने वाला निर्णय आया सामने

पटियाला  किसानों द्वारा एक बार फिर बड़ा ऐलान कर दिया गया है। जानकारी के अनुसार शंभू-खनौरी बॉर्डर पर प्रदर्शन करने वाले किसान मजदूर मोर्चा (KMM) ने पंजाब में 5 दिसंबर को रेलवे ट्रैक रोकने का ऐलान कर दिया है। इस संबंध में जानकारी देते हुए सरवन सिंह पंधेर ने बताया कि पंजाब के 19 जिलों में दोपहर 1 बजे से 3 बजे तक 26 स्थानों पर ट्रेनें रोकी जाएंगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस दौरान सड़कें बंद नहीं की जाएंगी, ताकि आम लोगों को कम से कम असुविधा हो। इस रेल रोको अभियान का असर अमृतसर, जालंधर, लुधियाना, पटियाला और बठिंडा सहित कई जिलों में रेल यातायात पर पड़ने की संभावना है। पंधेर ने कहा कि केंद्र और पंजाब सरकार किसानों की प्रमुख मांगों जैसे MSP की कानूनी गारंटी, इलेक्ट्रिसिटी रिफॉर्म बिल-2025 की वापसी, और प्रीपेड मीटर हटाकर पुराने मीटर बहाल करने आदि पर कोई ठोस कदम नहीं उठा रही हैं। उनका कहना है कि किसानों को मजबूर होकर विरोध का रास्ता अपनाना पड़ रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकारें जल्द समाधान नहीं निकालतीं, तो आंदोलन को और व्यापक किया जा सकता है। 

अश्विनी शर्मा का ऐलान—2027 में पंजाब विधानसभा चुनाव भाजपा लड़ेगी अपने दम पर

चंडीगढ़ पंजाब में साल 2027 में विधानसभा चुनाव होंगे। इसे लेकर राजनीतिक दलों ने अभी से ही अपनी-अपनी तैयारी तेज कर दी है। इस बीच पंजाब भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष अश्विनी शर्मा ने मंगलवार को कहा कि पार्टी 2027 का पंजाब विधानसभा चुनाव अपने दम पर अकेले लड़ेगी। अश्विनी शर्मा ने आम आदमी पार्टी (आप) की भगवंत मान सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि राज्य में कानून व्यवस्था ठप हो गई है। उन्होंने कहा कि 2022 में पंजाब में सरकार बनाने के बाद जिस तरह आम आदमी पार्टी ने नगर निगम और नगर परिषद चुनावों में अपने मेयर और अध्यक्ष बनाने के लिए सरकारी मशीनरी का गलत इस्तेमाल किया, अब उसी तरह जिला परिषद और ब्लॉक समिति चुनाव जीतना चाहती है। उन्होंने चंडीगढ़ में राज्य चुनाव समिति की बैठक से पहले मीडिया से बात करते हुए कहा कि सरकार अपने बेतुके बयानों से लोगों का ध्यान भटका रही है। अश्विनी शर्मा ने कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा के बयान की आलोचना करते हुए कहा कि सरकार को 2027 के विधानसभा चुनावों के नतीजों का पहले ही अंदाजा हो गया है, इसीलिए घबराहट में वह जनता का ध्यान भटकाने के लिए बेबुनियाद बयान दे रही है। उन्होंने सरकार से सवाल किया कि क्या सरकार राज्य में कानून व्यवस्था को कंट्रोल कर पाई है? क्या ड्रग्स माफिया और गैंगस्टर खत्म हो गए हैं? और क्या किसानों, मजदूरों और महिलाओं से किए गए वादे पूरे हुए हैं? शर्मा ने कहा कि आप सरकार बाढ़ प्रभावित लोगों को मुआवजा देने में विफल रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 11 साल के राज से देश में जो माहौल बना है, उससे पंजाब के लोगों में उम्मीद और भरोसे की भावना पैदा हुई है। उन्होंने कहा कि पंजाबी ड्रग्स का खात्मा, गैंगस्टरों का खात्मा, कानून-व्यवस्था को मजबूत करना और हरियाणा की तरह फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की गारंटी चाहते हैं। शर्मा ने आरोप लगाया कि उन्होंने पठानकोट से फाजिल्का तक गैर-कानूनी माइनिंग का पर्दाफाश किया था, लेकिन उसके बावजूद मुख्यमंत्री भगवंत मान ने न तो कोई एक्शन लिया और न ही पब्लिक में कोई सफाई दी। उन्होंने आगे कहा, "इससे साफ पता चलता है कि आप सरकार के लिए प्राथमिकता पंजाब नहीं, बल्कि अरविंद केजरीवाल को खुश करना है।"

जज्बे की मिसाल! कांस्टेबल से फ्लाइंग अफसर तक का सफर, DGP ने बांधे तारीफों के पुल

मोहाली पंजाब पुलिस के एक युवा कॉन्स्टेबल ने वह सपना पूरा कर दिखाया, जिसे बहुत लोग देखते तो हैं, पर चंद ही लोग उसे हासिल कर पाते हैं। कॉन्स्टेबल गुरसिमरन सिंह बैंस (22), जो इस समय मोहाली में तैनात है, ने SSB इंटरव्यू पास कर लिया है। अब उनका चयन भारतीय वायुसेना की फ्लाइंग ब्रांच के लिए हो गया है। वह जल्द ही फ्लाइंग ऑफिसर के रूप में ट्रेनिंग लेने के लिए एयर फ़ोर्स अकादमी में शामिल होंगे। रूपनगर (रोपड़) जिले के रहने वाले गुरसिमरन सिंह बैंस अगस्त 2022 में पंजाब पुलिस में भर्ती हुए थे, पर खाकी वर्दी के पीछे उनका सपना हमेशा आसमान में उड़ना ही था। वर्षों की मेहनत, लगन और तैयारी के बाद अब उनकी यह मंज़िल पूरी हुई है। यह SSB में उनका चौथा प्रयास था। गुरसिमरन ने पंजाब यूनिवर्सिटी के सेंटर फ़ॉर डिस्टेंस एंड ऑनलाइन एजुकेशन से बैचलर ऑफ़ आर्ट्स की पढ़ाई पूरी की है। वह मौरिटोरियस स्कूल, मोहाली के पूर्व विद्यार्थी हैं, जहाँ से उन्होंने 10वीं और 12वीं शानदार अंकों से पास की। उन्होंने AFCAT (एयर फ़ोर्स कॉमन एडमिशन टेस्ट) भी 143 अंकों के साथ पास किया, जिसके आधार पर उन्हें SSB के लिए क्वालिफाई किया। उन्होंने बताया कि यह सफर आसान नहीं था। उन्होंने NDA और टेक्निकल ब्रांच के ज़रिए भी वायुसेना में प्रवेश की कोशिशें कीं, लेकिन थोड़ा-सा अंतर रह गया। पर निराश हुए बिना कोशिशें जारी रखीं। “असफलताओं ने मुझे कभी रोका नहीं। हर प्रयास ने मुझे और मज़बूत किया और IAF में शामिल होने के संकल्प को बढ़ाया,” उन्होंने कहा। DGP ने सांझा की खुशी गुरसिमरन सिंह बैंस की इस कामयाबी पर DGP गौरव यादव ने सोशल मीडिया पर बधाई देते हुए कहा, “बड़े सपने देखो, कड़ी मेहनत करो और कभी हार मत मानो—यही महानता का रास्ता है।” उन्होंने लिखा कि गुरसिमरन की यह उपलब्धि न केवल उनके परिवार, बल्कि पूरे पंजाब पुलिस के लिए गर्व का क्षण है। यह इस बात का प्रमाण है कि अगर युवा अनुशासन, फोकस और मेहनत के साथ अपनी मंज़िल का पीछा करें, तो वे आसमान को भी छू सकते हैं।  

रोज़गार का सुनहरा मौका: पंजाब सरकार ने की नई भर्ती प्रक्रिया की घोषणा

संगरूर होम्योपैथिक विभाग में लंबे समय से विभिन्न कैडरों में खाली पड़े कुल 115 पदों के पुनर्जीवन और भर्ती को वित्त विभाग द्वारा मंजूरी दिए जाने का एसोसिएशन फॉर साइंटिफिक रिसर्च इन होमियोपैथी ने जोरदार स्वागत किया है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान और वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा का धन्यवाद करते हुए डॉ. अमरजीत सिंह मान, डॉ. अवतार सिंह (अध्यक्ष), डॉ. भूपिंदर सिंह (उपाध्यक्ष), और डॉ. विनोद सिंगला (उपाध्यक्ष) ने कहा कि राज्य में मानक स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने और होम्योपैथिक विभाग की क्षमता को बढ़ाने के लिए होम्योपैथिक मेडिकल ऑफिसर के 42 पद, डिस्पैंसर के 72 पद और क्लर्क का एक पद भरे जाने से विभाग में नई जान आएगी। इससे होम्योपैथिक विभाग में स्वास्थ्य सेवाएं सुचारू तरीके से चलाने में सहायता मिलेगी। 

सावधान! 1 जनवरी से आपका PAN Card भी हो सकता है बंद, जानिए किन पर लागू होगा नियम

पंजाब  1 जनवरी से कई लोगों के PAN Card निष्क्रिय (Invalid) होने की खबर सामने आई है। अगर आपने अभी तक अपना आधार कार्ड PAN कार्ड से लिंक नहीं किया है, तो आपके लिए यह खबर बेहद महत्वपूर्ण है। केंद्र सरकार ने PAN Card-आधार लिंकिंग की अंतिम तिथि 31 दिसंबर 2025 तय की है। यह नियम उन सभी लोगों पर लागू होता है जिन्होंने 1 अक्टूबर 2025 या उससे पहले PAN कार्ड बनवाया था। CBDT के अनुसार, टैक्स फाइलिंग सिस्टम को पारदर्शी और सरल बनाने, साथ ही फर्जी PAN कार्डों पर रोक लगाने के लिए आधार–PAN लिंक करना आवश्यक है। ITR फाइल करने के लिए यह एक कानूनी अनिवार्यता है। यदि कोई व्यक्ति निर्धारित समय सीमा तक PAN को आधार से लिंक नहीं करता है, तो उसका PAN 1 जनवरी 2026 से निष्क्रिय (Invalid) माना जाएगा। इसके कई गंभीर प्रभाव पड़ सकते हैं।      निष्क्रिय PAN के साथ न तो आप इनकम टैक्स रिटर्न भर पाएंगे और न ही आपका कोई लंबित रिटर्न प्रोसेस होगा।     PAN निष्क्रिय होने पर आपका रिफंड जारी नहीं किया जाएगा और आपका भुगतान रुका रह सकता है।     बैंकिंग से जुड़ी कई सेवाएं प्रभावित होंगी, जैस कि SIP और अन्य निवेशों में फेलियर, उच्च दर पर TDS/TCS कटौती।     आपके फॉर्म 26AS में TDS/TCS का क्रेडिट नहीं दिखाई देगा और टैक्स अधिक दर पर काटा जा सकता है। लेट लिंक करने पर क्या होगा? अगर PAN निष्क्रिय हो जाता है और आप बाद में लेट फीस जमा कर इसे लिंक करते हैं, तो आमतौर पर PAN 30 दिनों के भीतर पुनः सक्रिय कर दिया जाता है। वहीं अगर किसी ने अपने आधार कार्ड की नामांकन आईडी के इस्तेमाल से PAN Card बनाया है तो उसे दोबारा लिंक करने की जरूरत है। घर बैठे कैसे करें लिंक?     इस प्रक्रिया के लिए कहीं जाने की जरूरत नहीं-आप इसे ऑनलाइन पूरा कर सकते हैं।     आयकर विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।     होमपेज पर दिखाई देने वाले ‘Link Aadhaar’ विकल्प पर क्लिक करें।     अपना PAN नंबर, Aadhaar नंबर और मोबाइल नंबर दर्ज करें।     मोबाइल पर आए OTP से वेरिफिकेशन करें।     अगर PAN पहले से निष्क्रिय है, तो 1000 रुपए लेट फीस जमा करें। प्रक्रिया पूरी होने के बाद ‘Link Aadhaar Status’ में जाकर अपनी स्थिति चेक करें।

कड़ाके की सर्दी दस्तक देने को तैयार, चंडीगढ़ में येलो अलर्ट जारी

चंडीगढ़ चंडीगढ़ की रातों पर अब ठंड का पहरा लगना शुरू हो चुका है। रातों की ठंड का असर है कि शहर में दिन में भी अधिकतम तापमान 22 डिग्री तक गिर गया है। मौसम विभाग की मानें तो शहर में शीतलहर दस्तक दे चुकी है। चंडीगढ़ शहर के अंदर सैक्टर 39 में अधिकतम तापमान 24 डिग्री से ऊपर नहीं गया तो एयरपोर्ट पर तापमान 22 डिग्री से ऊपर नहीं गया। पंचकूला और मोहाली में भी दिन का पारा 23 डिग्री लसे ऊपर नहीं गया। मौसम विभाग की मानें तो आने वाले 3-4 दिनों तक सूरज ढलने के बाद रात में अच्छी खासी ठंड रहेगी।  उधर, मौसम विभाग ने आने वाले दिनों के लिए राज्य में शीत लहर की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग ने पूरे पंजाब में शीत लहर को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है। 2 से 5 दिसंबर तक चलने वाली यह शीत लहर लोगों को कंपा देगी। इस दौरान घनी धुंध पड़ने की भी संभावना है और तापमान 2 से 4 डिग्री तक नीचे जा सकता है।