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शादी में खूनखराबा: पुरानी रंजिश में गैंग युद्ध भड़का, गोलियों की बौछार से दहशत

लुधियाना  पंजाब के लुधियाना में एक शादी समारोह में हंगामा हो गया. ठेकेदार के घर पर शादी थी, जिसमें दो गैंगस्टर पहुंचे थे. बताया जा रहा है कि दोनों के गुटों के बीच विवाद हो गया, जिसमें गोली चली और इस घटना में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि 5 लोग घायल हो गए. गुटों के बीच पहले बहस हुई और फिर बहस लड़ाई में बदल गई. देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि एक पक्ष ने दूसरे पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसानी शुरू कर दीं. बताया जा रहा है कि शादी समारोह पखोवाल रोड स्थित बाथ कैसल पैलेस में चल रहा था. देर रात शादी में दो पक्षों में कहासुनी हुई और फिर इसने विवाद का रूप ले लिया, जिसमें गोलीबारी तक चलने लगी. गोलीबारी में घायल लोगों को डीएमसी और अन्य प्राइवेट अस्पतालों में भर्ती कराया गया है. हालांकि, अभी तक घायलों की पहचान नहीं हुई है. दो गैंगस्टर के गुटों के बीच हुआ विवाद रात को पैलेस में गोली चलने की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक गोली चलाने वाले वहां से फरार हो चुके थे. बताया जा रहा है कि शादी समारोह में दो गैंगस्टर थे, जिनकी आपस में बहस हो गई थी और उन्होंने ही एक दूसरे के गुट पर गोलियां चलाईं. यह शादी एक झूला ठेकेदार के परिवार की थी. समारोह में स्थानीय विधायक भी शामिल हुए थे. 20 से 25 राउंड फायरिंग की जानकारी इस शादी में गैंगस्टर शुभम मोटा और अंकुर लुधियाना भी मौजूद थे. दोनों गैंगस्टरों के गुटों के बीच किसी पुराने विवाद को लेकर कहासुनी हुई. फिर मारपीट होने लगी और देखते ही देखते एक पक्ष की ओर से गोलियां चला दी गईं. बताया जा रहा है कि मौके पर 20 से 25 राउंड फायरिंग हुई. फायरिंग में ठेकेदार की रिश्तेदार नीरू छाबड़ा गंभीर रूप से घायल हो गईं. उन्हें देर रात फिरोजपुर रोड स्थित ग्लोबल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. वहीं एक अन्य मृतक की पहचान एक कारोबारी के रूप में हुई है. हालांकि, अभी मौत की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है.

कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू एक बार फिर एक्टिव, पंजाबी सिंगर के लिए मांगा इंसाफ

जालंधर  कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू एक बार फिर एक्टिव हो गए हैं। नवजोत सिंह सिद्धू ने पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला के नए गाने 'बरोटा' पर 36 सेकंड की रील तैयार की है। इस रील में नवजोत सिद्धू ने अपनी अलग-अलग तस्वीरें और वीडियो शामिल किए हैं।   शेयर की गई रील की खास बात यह है कि नवजोत सिद्धू ने इसे सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए हैशटैग #justiceforsidhumoosewala दिया है। सिद्धू मूसेवाला का गाना 'गीता बरोटा' हाल ही में रिलीज हुआ है, जिसने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। यहां आपको बता दें कि सिद्धू मूसेवाला की 29 मई, 2022 को मानसा में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस हत्या की जिम्मेदारी लॉरेंस गैंग ने ली थी। हालांकि, इस मामले में अभी तक किसी को सजा नहीं मिली है।   नवजोत सिंह सिद्धू ने भले ही पंजाब की राजनीति से दूरी बना रखी हो, लेकिन 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले वह कभी-कभी पंजाब की राजनीति में नजर आते हैं। मूसेवाला के बहाने सिद्धू ने एक बार यह दिखाने की कोशिश की है कि टेलीविजन और क्रिकेट में व्यस्त रहने के बावजूद उनका पूरा ध्यान पंजाब के मुद्दों पर है।    इससे पहले उन्हें पटियाला में लोगों से मिलते हुए देखा गया था। उन्होंने दिल्ली में प्रियंका गांधी से मुलाकात की अपनी एक तस्वीर भी जारी की थी। यही वजह है कि जब भी कांग्रेस के सदस्यों को लगता है कि सिद्धू पंजाब की राजनीति से हट गए हैं, तो वह कोई न कोई कदम उठा लेते हैं, जिससे कांग्रेसी हैरान हो जाते हैं।

पंजाब में सड़क क्रांति! मान सरकार 44,920 किमी सड़कें बनाएगी, 16,000 करोड़ का मेगा प्रोजेक्ट

चंडीगढ़  पंजाब में इस समय गांवगांव में डामर की खुशबू उठती है, JCB की आवाज़ खेतों के पार तक सुनाई देती है, ट्रैक्टरों पर गिट्टी और रोलरों की लय जैसे पंजाब का नया राग बनी हुई है. मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सड़कों को राजनीति का शो-पीस नहीं, जनता के हक़ का विकास बनाया है. 19,373 किलोमीटर ग्रामीण सड़कों पर काम पहले से चल रहा था, और अब इस रफ्तार को बढ़ाकर पंजाब को एक ही सांस में 44,920 किलोमीटर सड़क नेटवर्क पर खड़ा करने का लक्ष्य रखा गया है. यह घोषणा नहीं, पूरा रोडमैप है, जो जमीन पर बिछता हुआ दिखाई देता है. पंजाब सरकार ने सिर्फ ठेके नहीं दिए, खेल के नियम बदल दिए. टेंडर के बदले कमीशन की पुरानी राजनीति को एक झटके में हटाकर कहा- सड़क अच्छी बनाओ, पैसा समय पर मिलेगा, लेकिन हेराफेरी की तो पंजाबी में कहावत है, एक भीठ, एक ठोक. और यह चेतावनी डंडा नहीं बनी, व्यवस्था बन गई. फ्लाइंग स्क्वायड बनाया गया, जिसका काम सड़क की गहराई, मोटाई, बिटुमेन की शुद्धता, सब कुछ वहीं पर जांचना है. वीडियो किसी गांव से उठती है, और सरकार के कदम सीधे उस जगह पहुँचते हैं. पहले सिस्टम शिकायत बाद में सुनता था, अब सिस्टम शिकायत आने से पहले सतर्क रहता है. जांच पड़ताल के बाद काम हो रहा कई जगह मटेरियल घटिया निकला, टेंडर रद्द हुए, अधिकारियों को निलंबित किया गया. एक खाला बिना मसाले के दीवार जैसा खड़ा किया जा रहा था, खबर सरकार तक पहुँची तो उसी वक्त काम रुकवा दिया गया. ठेकेदार का कॉन्ट्रैक्ट कैंसल, निर्माण का नया आदेश. यह पहली बार हुआ है कि ठेकेदार दो बार सोचता है, सड़क बनानी है या सजा लेनी है. और जब ज़िम्मेदारी ठेकेदार पर हो, जब जनता निरीक्षक हो, जब मुख्यमंत्री वादा नहीं चेतावनी दे, तब सड़क की उम्र खुद मजबूत हो जाती है. यहां निर्माण के साथ पांच साल की मरम्मत की जिम्मेदारी भी ठेकेदार पर ही है, ताकि सड़क साल दो साल में थक न जाए. गांवों में सरपंच अब सिर्फ पंचायत नहीं, सड़क का गारंटर है. सड़क अच्छी लगी तो वह हस्ताक्षर करेगा, तभी सरकार भुगतान करेगी. जनता वीडियो भेज दे, मटेरियल घटिया निकला तो मान सरकार उसी फुटेज पर कार्रवाई कर देती है. यह विकास का ऐसा मॉडल है जिसमें जनता वही नहीं, वह सुपरीक्षक है, और सरकार उसके साथ है. कोई कागज़ी प्रोजेक्ट नहीं, आंखों के सामने पिघलता डामर, धूप में काली चमकती सड़क और सफ़ेद चूने की लाइनें- यही असली रिपोर्ट कार्ड है. पंजाब को नई दिशा देने का अभियान तरनतारन साहिब में 17 अक्टूबर को 19,000 किलोमीटर सड़कों का उद्घाटन सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं था, यह पंजाब के अगले दशक की दिशा थी. मंडी बोर्ड, PWD, नगर निगम, नगर परिषदें — सब अलगअलग रास्तों पर नहीं, एक बड़े लक्ष्य की ओर चल रही हैं. पंजाब का विकास अब किताबों में नहीं, गूगल मैप पर दिख रहा है. ट्रेडर को माल पहुंचाने में घंटों की बचत होती है, किसान की फसल समय पर मंडी पहुंचती है, गांव का लड़का शहर में नौकरी पर उसी दिन लौट सकता है, एम्बुलेंस अटकती नहीं, गड्ढे नहीं, रफ्तार है. सड़कें पंजाब के आत्मविश्वास की नई परिभाषा बन रही हैं. राजनीति में भाषण बहुत हुए, योजनाएं बहुत आईं, लेकिन जो इस वक्त हो रहा है, वह एक रिकॉर्ड लिख रहा है. यह काम विपक्ष भी देख रहा है, कार्यकर्ता भी, गांव का बुजुर्ग भी और शहर का व्यापारी भी. मगर सबसे ज्यादा यह बात जनता समझ रही है कि यह सिर्फ विकास नहीं, विकास की भाषा का बदलाव है. यहां घोषणा नहीं, ज़मीन पर चलती मशीनें बोल रही हैं. पंजाब के नक्शे पर डामर की ये काली लंबी लकीरें कल की नहीं, आज की गवाही हैं. और कहानी इतनी सी है, सड़कें अब सिर्फ बन नहीं रहीं, टिक भी रही हैं. 

तरनतारन में हंगामा: कंचनप्रीत की गिरफ्तारी पर पूरी रात कोर्ट में बहस, तड़के 4 बजे बाहर आईं

चंडीगढ़  जिला अदालत तरनतारन में पूरी रात चली सुनवाई के बाद न्यायिक मजिस्ट्रेट पंकज वर्मा ने रविवार तड़के कानचनप्रीत कौर को पुलिस हिरासत से रिहा करने का आदेश दिया। सुबह 4 बजे सुनाया गया फैसला अकाली नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच खुशी की लहर लेकर आया। क्षेत्र के प्रमुख अकाली नेता, जिनमें विरसा सिंह वाल्टोहा भी शामिल थे, कानचनप्रीत के साथ मौजूद रहे। कानचनप्रीत ने अदालत के फैसले पर खुशी जताई और न्यायपालिका पर अपना विश्वास दोहराया। इससे पहले, उन्हें शुक्रवार को चबल थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया था। कानचनप्रीत कौर, शिरोमणि अकाली दल (एसएडी) नेता सुखविंदर कौर रंधावा की बेटी हैं, जिन्होंने हाल ही में तरनतारन विधानसभा उपचुनाव लड़ा था, हालांकि उन्हें विजय नहीं मिली। फिर भी, चुनाव में सुखविंदर का प्रदर्शन उत्साहजनक रहा और एसएडी दूसरे स्थान पर रही, जिससे आगामी विधानसभा चुनावों के लिए पार्टी की स्थिति मजबूत हुई। पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट के आदेश पर पुलिस को निर्देश दिया गया था कि वे शनिवार को कानचनप्रीत को न्यायिक हिरासत में सौंपें और रात 8 बजे तक उनके वकीलों के जिला अदालत पहुंचने का इंतजार करें। इसी बीच, राज्य सरकार ने भी महाधिवक्ता कार्यालय से अपने वकीलों की नियुक्ति के लिए एक आवेदन दिया, जिसके बाद बहस का आरंभ रात 10 बजे हो सका। कार्यवाही रात 2 बजे तक चली और सुबह 4 बजे उनकी रिहाई का आदेश जारी किया गया। एसएडी नेताओं ने कानचनप्रीत की गिरफ्तारी की निंदा करते हुए इसे राजनीतिक प्रतिशोध करार दिया। नेताओं का तर्क था कि यह गिरफ्तारी एक निर्दोष महिला को निशाना बनाने की दुर्भावनापूर्ण कार्रवाई है, जो पंजाबियों की गरिमा पर चोट है। कंचनप्रीत शिअद नेता सुखविंदर कौर रंधावा की बेटी हैं जो हाल में तरन तारन विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में आम आदमी पार्टी (आप) के उम्मीदवार से हार गई थीं। उपचुनाव के दौरान कथित धमकी से जुड़े एक मामले में कंचनप्रीत को पुलिस ने शुक्रवार को गिरफ्तार किया। मामला 11 नवंबर को तरन तारन के चभल थाने में दर्ज किया गया था।   सुनवाई के दौरान पुलिस ने कंचनप्रीत की 10 दिन की पुलिस हिरासत का अनुरोध किया था। शिअद नेतृत्व ने इसे आप सरकार की ‘‘राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित'' मामला बताया है। मामला शुरू में अमृतपाल सिंह बाथ के खिलाफ दर्ज किया गया था। बाथ पर शिकायतकर्ता पधरी कलां निवासी गुरप्रीत कौर को वोट देने के लिए धमकाने का आरोप था। हालांकि, कंचनप्रीत का नाम 27 नवंबर को प्राथमिकी में दर्ज किया गया। उन पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 174 (लोकसेवक के आदेश का पालन नहीं करना), 351(2) (आपराधिक धमकी), 351(3) (गुमनाम संदेश भेजकर आपराधिक धमकी) और 111 (संगठित अपराध) के तहत मामला दर्ज किया गया है। कंचनप्रीत पर पहले ही चुनाव से जुड़े चार मामले दर्ज हैं, जिनमें उन्हें अग्रिम जमानत मिल चुकी है। इस मामले में याचिकाकर्ता एवं अकाली दल के विधि प्रकोष्ठ के प्रमुख अर्शदीप सिंह क्लेर ने शनिवार को कंचनप्रीत की गिरफ्तारी के खिलाफ पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर की और उनकी गिरफ्तारी को गैर-कानूनी बताया। सरकारी वकील चंचल के सिंगला ने याचिकाकर्ता के वकील की दलीलों का विरोध करते हुए कहा कि प्राथमिकी पहले ही दर्ज हो चुकी है। इस बीच, आम आदमी पार्टी (आप) की पंजाब इकाई के महासचिव बलतेज पन्नू ने आरोप लगाया कि कंचनप्रीत के पति अमृतपाल सिंह बाथ एक गैंगस्टर हैं और अकाली दल इस बात को जानबूझकर छिपा रहा है। उन्होंने एक बयान में कहा कि शिअद नेतृत्व इसे अकाली नेता की बेटी की गिरफ्तारी के तौर पर क्यों पेश कर रहा है। उन्होंने कहा कि पार्टी इस ‘‘तथ्य को छिपा रही है'' कि वह एक गैंगस्टर की पत्नी है। पन्नू ने प्रश्न किया कि उपचुनाव के दौरान कंचनप्रीत के पति द्वारा मतदाताओं को डराए-धमकाए जाने की बात को अकाली दल क्यों छिपा रहा है।

पंजाब में आंगनवाड़ी केंद्रों के लिए नए आदेश लागू, सरकार ने बढ़ाई सख्ती

पटियाला  पंजाब राज्य खाद्य आयोग के सदस्य जसवीर सिंह सेखों ने पटियाला जिले के अधिकारियों के साथ बैठक करते हुए निर्देश दिया कि जिले के सभी स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में पीने के लिए शुद्ध पानी उपलब्ध कराने के लिए पानी की जांच करवाई जाए और आरओ लगवाना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने जिला प्रशासनिक परिसर में राशन वितरण प्रक्रिया, मिड–डे मील योजना, आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से दिए जाने वाले सामान और भोजन की भंडारण प्रणाली की समीक्षा करने के लिए अतिरिक्त उपायुक्त (ग्रामीण विकास) दमनजीत सिंह मान और अन्य अधिकारियों के साथ बैठक की। इसके बाद पंजाब राज्य खाद्य आयोग के सदस्य जसवीर सिंह सेखों ने सरकारी स्कूल, स्कूल ऑफ एमिनेंस, मंडौर का दौरा कर बच्चों के पीने के पानी का टीडीएस जांचा और इसकी मात्रा 609, जो कि काफी अधिक पाई गई, के कारण तुरंत आरओ और वॉटर फिल्टर लगवाने के निर्देश दिए। उन्होंने मिड–डे मील की भी जांच की और संतोष व्यक्त किया। इस मौके पर उन्होंने निर्देश दिया कि मिड–डे मील बनाने वाले रसोइया सिर ढककर और हाथ धोकर ही भोजन तैयार करें और उनकी चिकित्सा जांच भी अनिवार्य रूप से करवाई जाए। पहले की गई बैठक के दौरान जसवीर सिंह सेखों ने जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी को मिड–डे मील और आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से दिए जाने वाले भोजन और सामग्री की नियमित जांच के निर्देश देते हुए स्पष्ट किया कि बच्चों को दिए जाने वाले भोजन में किसी भी प्रकार की चूक बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि जिला कार्यक्रम अधिकारी, जिला शिक्षा अधिकारी और डी.एफ.एस.सी. को निर्देश दिए गए हैं कि जिले के सभी स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों और राशन डिपो के बाहर पंजाब राज्य खाद्य आयोग की शिकायत और हेल्पलाइन नंबर 98767-64545 तथा संपर्क विवरण साफ–साफ लिखे जाएं, ताकि लोग अपनी शिकायतें सीधे आयोग तक पहुंचा सकें। उन्होंने यह भी कहा कि जिले में स्मार्ट राशन कार्ड की ई–केवाईसी सुनिश्चित करने के साथ–साथ नए राशन कार्ड बनाने का काम भी किया जाए ताकि जरूरतमंद लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सके।   जसवीर सिंह सेखों ने पोषण संबंधी दिशा–निर्देशों की सख्ती से पालना करने के निर्देश देते हुए कहा कि हमारा उद्देश्य बच्चों सहित सभी को पौष्टिक आहार उपलब्ध कराना है। उन्होंने आगे निर्देश दिया कि जिन मामलों में दूसरा बच्चा लड़की है, ऐसे मामलों में संबंधित विभाग आवश्यक कार्रवाई के लिए तुरंत जिला कार्यक्रम अधिकारी से संपर्क करें, ताकि लाभार्थी परिवारों को सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सके। उन्होंने यह भी जोर देकर कहा कि स्कूलों में विद्यार्थियों को परोसे जाने वाले भोजन में पौष्टिक सलाद का शामिल होना अनिवार्य है और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा समय–समय पर भोजन के नमूनों की जांच भी की जानी चाहिए। उन्होंने निर्देश दिया कि स्कूलों में जहां भी आवश्यकता हो, अतिरिक्त कमरे बनाए जाएं और ऐसे बुनियादी ढांचे में सुधार के लिए प्रवासी भारतीयों का सहयोग भी लिया जा सकता है। उन्होंने कहा कि ऐसी बैठकों और मौके पर की जाने वाली जांच भविष्य में भी लगातार जारी रहेगी, ताकि किसी भी स्तर पर अधिनियम का उल्लंघन न हो सके। बैठक के दौरान इस अवसर पर अतिरिक्त उपायुक्त (ग्रामीण विकास) दमनजीत सिंह मान, डीएफएससी डॉ. रविंदर कौर, सिविल सर्जन डॉ. जसविंदर सिंह, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. गुरप्रीत कौर, जिला कार्यक्रम अधिकारी प्रदीप गिल, जिला शिक्षा अधिकारी (प्राथमिक) शालू मेहरा, डीईओ (सेकेंडरी) संजीव कुमार, उप–डीईओ रविंदर पाल सिंह और हेडमास्टर जगमीत सिंह सहित कई विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

यात्रा पर निकलने से पहले सावधान! रेलवे ने 7 दिसंबर तक जारी किया बड़ा अपडेट

जालंधर  रेलवे प्रशासन द्वारा यात्रियों की सुविधा, सुरक्षा और राजस्व संरक्षण को ध्यान में रखते हुए मंडल में 7 दिसम्बर तक स्पैशल टिकट चैकिंग ड्राइव शुरू की गई है। डी.आर.एम. संजीव कुमार की अध्यक्षता में चलाया जा रहा यह विशेष अभियान यात्रियों को जागरूक भी करेगा। इसी अभियान के पहले दिन जालंधर सिटी, जालंधर कैंट, ब्यास सहित मंडल के विभिन्न स्टेशनों, विभिन्न ट्रेनों में चैकिंग टीमों ने व्यापक जांच की। सहायक वाणिज्य प्रबंधक कुमार की अगुवाई में गठित टीमों ने जांच के दौरान 1494 यात्रियों को बिना टिकट/अनियमित टिकट के साथ यात्रा करते पकड़ा। इन यात्रियों से रेलवे प्रशासन ने लगभग 10 लाख रुपए का जुर्माना वसूला, जिसे अभियान की बड़ी सफलता माना जा रहा है। डी.आर.एम. संजीव कुमार ने कहा कि बिना टिकट और अनियमित यात्रा पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से यह अभियान शुरू हुआ है। इस अवधि में विभिन्न स्टेशनों और ट्रेनों में आकस्मिक जांच कर ऐसे यात्रियों पर सख्त कार्रवाई की जा रही है जो बिना टिकट यात्रा कर रहे हैं या नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं। रेल प्रशासन का कहना है कि इस तरह की चैकिंग ड्राइव अत्यंत आवश्यक है। ऐसे अभियानों से न केवल रेलवे का राजस्व सुरक्षित रहता है, बल्कि यात्रियों में जागरूकता भी बढ़ती है। कई बार बिना टिकट यात्रा के कारण भीड़ बढ़ती है और वैध टिकटधारी यात्रियों को कोच में असुविधा का सामना करना पड़ता है। इस दौरान रेलवे द्वारा यात्रियों को जागरूक भी किया जा रहा है।   एजैंटों पर भी रेलवे प्रशासन की पैनी नजर इस ड्राइव के दौरान बिना टिकट यात्रियों पर कार्रवाई होगी व अनियमित टिकट बनवाकर यात्रा करने वालों पर भी पैनी नजर रखी जा रही है। इसी के अन्तर्गत एजैंटों पर भी रेलवे प्रशासन की पैनी नजर होगी। अधिकारियों ने बताया कि टिकट किस कोटे से बनाया गया? क्या टिकट किसी तत्काल एजैंट के माध्यम से जारी किया गया? क्या वरिष्ठ नागरिक कोटे या अन्य कोटे का दुरुपयोग हुआ? इन सभी पहलुओं की जांच विशेष टीमों द्वारा की जा रही है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि कोई भी यात्री यदि गलत तरीके से कोटा का उपयोग करता पाया जाता है तो उसके विरुद्ध भी नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

Weather Alert: पंजाब में बदल सकता है मौसम, 2 दिसंबर तक क्या बोले विशेषज्ञ?

जालंधर पंजाब के मौसम में लगातार बदलाव देखने को मिल रहा है। दिन-ब-दिन राज्य में ठंड ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। आने वाले दिनों को लेकर मौसम विभाग ने ताज़ा अपडेट जारी किया है। विभाग द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, पंजाब में शीतलहर का ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है। राज्य के कई क्षेत्रों में सुबह धुंध देखने को मिल रही है। मौसम विभाग ने आज से 2 दिसंबर तक का पूर्वानुमान जारी किया है। फिलहाल बारिश को लेकर कोई अलर्ट नहीं है और 2 दिसंबर तक मौसम के शुष्क रहने की संभावना जताई गई है। हालांकि, विभाग के विशेषज्ञों के अनुसार अगले हफ़्ते राज्य में बारिश के आसार बन सकते हैं। तापमान की बात करें तो पिछले 24 घंटों में पंजाब का औसत तापमान 0.6 डिग्री सेल्सियस बढ़ा है। जिला मानसा में दिन का अधिकतम तापमान 27.7°, रोपड़ और मोहाली में 26.7°C, बठिंडा में 26.2°C, होशियारपुर और रूपनगर में 25.4°C , लुधियाना में 24.2°C दर्ज किया गया। रात का तापमान सबसे कम फरीदकोट में 3.5°C रिकॉर्ड किया गया। बठिंडा में 5.6°C, अमृतसर में 5.9°C, लुधियाना में 6.65°C दर्ज किया गया। मौसम केंद्र चंडीगढ़ के अनुसार, आने वाले दिनों में कुछ इलाकों में शीतलहर चल सकती है, जिससे ठंड और बढ़ेगी। 

CM भगवंत मान का बड़ा संदेश: गांव के पंच-सरपंचों को दी अहम जिम्मेदारी

चंडीगढ़ पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने यहां एक अहम प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए राज्य के लोगों के लिए बड़ा ऐलान किया। मुख्यमंत्री ने बताया कि पहले सरकार ने 19,373 किलोमीटर ग्रामीण सड़कों के लिए 4,092 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट शुरू किया था। अब इसे बढ़ाते हुए कुल 44,920 किलोमीटर सड़कों का निर्माण किया जाएगा, जिसके टेंडर जारी किए जाएंगे। इन सड़कों के लिए 16,209 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। मुख्यमंत्री मान ने कहा कि उन्होंने सड़क ठेकेदारों से बैठक कर साफ कहा है कि उनसे कोई कमीशन नहीं लिया जाएगा और सड़क बनाते समय कोई अफसर भी उनसे पैसे नहीं मांगेगा। बस यह सुनिश्चित किया जाए कि सड़क की क्वालिटी से कोई समझौता न हो। उन्होंने ठेकेदारों से अपील की कि वे सड़क निर्माण में गुणवत्ता की कमी न रखें। यह जनता का पैसा है और अगर यह जनता के काम आए तो इससे बड़ी खुशी कोई नहीं। उन्होंने बताया कि जब गांव की पंचायतें सड़क के मटीरियल और गुणवत्ता से संतुष्ट होंगी, तभी ठेकेदारों को भुगतान जारी किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने गांवों के सरपंचों और पंचों से भी अपील की कि जहां सड़क या कोई अन्य काम चल रहा हो, वहां जाकर गुणवत्ता जरूर जांचें। मुख्यमंत्री मान ने कहा कि सड़कों की जांच के लिए एक फ्लाइंग टीम बनाई गई है। जिस भी ठेकेदार को सड़क का टेंडर मिलेगा, उसकी 5 साल तक मेंटेनेंस की जिम्मेदारी भी उसी ठेकेदार की होगी। उन्होंने कहा कि पंजाब में अब तक का सबसे बड़ा सड़क निर्माण कार्य हो रहा है। सरकार ने बताया कि इन सड़कों पर होने वाला पूरा खर्च पंजाब सरकार खुद उठा रही है और इसमें RDF (रूरल डवलपमेंट फंड) का कोई पैसा शामिल नहीं है। 

मनरेगा लाभार्थियों को राहत, पंजाब सरकार ने कहा—घर पर किए काम की भी मिलेगी पूरी मज़दूरी

चंडीगढ़ पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मनरेगा योजना में ऐतिहासिक बदलाव करते हुए एक क्रांतिकारी फैसला लिया है। अब मजदूरों को सिर्फ सरकारी प्रोजेक्ट्स पर ही नहीं, बल्कि अपने घर पर काम करने पर भी पूरी मज़दूरी मिलेगी। ओएसडी टू सीएम अमनजोत सिंह ने बताया कि जिन मज़दूरों ने नरेगा के तहत रजिस्ट्रेशन करवाया है और जिनके पास नरेगा कार्ड है, उन्हें अब अपने घर में काम करने का भी पूरा लाभ मिलेगा। यह योजना गरीब परिवारों के लिए एक बड़ी राहत साबित होगी। अगर कोई मज़दूर अपने घर पर 90 दिन काम करता है, तो उसका पूरा रिकॉर्ड रखा जाएगा और उसे 31,140 रुपये की राशि सीधे खाते में ट्रांसफर की जाएगी। ओएसडी टू सीएम अमनजोत सिंह ने बताया कि नरेगा योजना के तहत अब कई सुविधाएं शामिल की गई है।  इस योजना में ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क निर्माण, तालाब निर्माण, नहर की सफाई, वृक्षारोपण और जल संरक्षण के काम शामिल है। इसके अलावा किसानों को अपने खेतों में मेड़बंदी, कुआं खुदाई और सिंचाई की सुविधाएं बनाने के लिए भी मज़दूरी मिलेगी। ओएसडी टू सीएम अमनजोत सिंह ने बताया कि योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि अब मज़दूर अपने घर पर शौचालय निर्माण, पक्का फर्श बनाना, छत की मरम्मत और अन्य घरेलू निर्माण कार्य करके भी मज़दूरी प्राप्त कर सकेंगे। इससे गरीब परिवारों को दोहरा फायदा होगा – एक तरफ उनके घर का विकास होगा, दूसरी तरफ उन्हें रोज़गार भी मिलेगा। ओएसडी टू सीएम अमनजोत सिंह ने बताया कि नरेगा के तहत प्रत्येक मज़दूर को 346 रुपये प्रति दिन की दर से मज़दूरी दी जाती है। एक वित्तीय वर्ष में हर परिवार को कम से कम 100 दिन का रोजगार की गारंटी दी जाती है। अगर किसी मजदूर को 15 दिन के अंदर काम नहीं मिलता है, तो उसे बेरोज़गारी भत्ता भी दिया जाता है। ओएसडी टू सीएम अमनजोत सिंह ने बताया कि योजना के तहत महिलाओं को विशेष प्राथमिकता दी गई है। कुल कार्यबल का कम से कम 33 प्रतिशत हिस्सा महिलाओं के लिए आरक्षित है। काम के दौरान कार्यस्थल पर पीने के पानी, छाया और प्राथमिक चिकित्सा की सुविधा भी अनिवार्य है। छोटे बच्चों वाली महिलाओं के लिए क्रेच की व्यवस्था भी की जाती है। ओएसडी टू सीएम अमनजोत सिंह ने बताया कि मजदूरों का भुगतान सीधे उनके बैंक खाते या डाकघर खाते में किया जाता है, जिससे बिचौलियों का खात्मा होता है। काम शुरू होने के 15 दिनों के अंदर मजदूरी का भुगतान करना जरूरी है। अगर देरी होती है तो मजदूर को मुआवजे के रूप में अतिरिक्त राशि भी दी जाती है। ओएसडी टू सीएम अमनजोत सिंह ने बताया कि नरेगा योजना में रजिस्ट्रेशन बिल्कुल मुफ्त है। कोई भी 18 वर्ष से अधिक उम्र का व्यक्ति जो ग्रामीण क्षेत्र में रहता है और अकुशल शारीरिक श्रम करने को तैयार है, वह इस योजना के लिए आवेदन कर सकता है। रजिस्ट्रेशन के 15 दिनों के अंदर जॉब कार्ड जारी किया जाता है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि यह फैसला गरीब मज़दूरों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाएगा। उन्होंने सभी पात्र मज़दूरों से अपील की है कि वे जल्द से जल्द नरेगा के तहत रजिस्ट्रेशन करवाएं और इस योजना का पूरा लाभ उठाएं। इस योजना से न केवल रोज़गार मिलेगा बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों का समग्र विकास भी होगा।

कच्चे कर्मचारियों को Suspend करने पर CM मान की दो-टूक प्रतिक्रिया, मामला गरमाया

चंडीगढ़ पंजाब में किलोमीटर स्कीम की बसों का टेंडर रद्द करने के विरोध में चल रही हड़ताल पर पंजाब सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। हड़ताल में शामिल सभी कच्चे कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया गया है। इस पर अपनी पहली प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि पिछली सरकारों ने जो फैसले लिए थे, उनके परिणाम अब सामने आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि कच्चे कर्मचारी तो भर लिए गए, लेकिन इस बारे में कोई नोटिफिकेशन नहीं आया कि ये कर्मचारी कब तक काम करेंगे और इनकी तनख्वाह कितनी होगी। CM मान ने कहा कि वे नहीं चाहते कि किसी के घर का चूल्हा बंद पड़े, इसलिए सरकार रोडवेज कर्मचारियों का मसला बैठकर हल करेगी, लेकिन लोगों को परेशान करने के तरीके सही नहीं हैं। उन्होंने कच्चे कर्मचारियों से अपील की कि वे टेबल पर बैठकर बातचीत करें और सरकार उनके मुद्दों का समाधान निकालेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि अपनी मांगें सरकार तक पहुंचाने के लिए हड़ताल लोकतांत्रिक तरीका है, लेकिन इससे जनता को परेशानी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने आश्वासन दिया कि सरकार कर्मचारियों की समस्याएं सुनेगी और जल्द समाधान किया जाएगा।