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IMD ने दी बारिश की अपडेट, जानिए पंजाब-हरियाणा से मानसून के जाने के बाद कौन से राज्य होंगे प्रभावित

देहरादून/शिमला  बीते कुछ दिन भारी बारिश और भू्स्खलन ने पहाड़ी राज्यों उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में जमकर तबाही मचाई। तबाही के ऐसे-ऐसे खौफनाक मंजर देखने को मिले, जो शायद पहले देखे गए हों। हिमाचल को आपदाग्रस्त घोषित किया गया तो उत्तराखंड में देहरादून के लोगों ने पहली बार जल प्रलय देखी। कई मकान और लोग मलबे में दब गए या जल के तेज बहाव में लापता हो गए। इस बीच मौसम विभाग ने गुड न्यूज दी है। आईएमडी ने बताया है कि पंजाब और हरियाणा से मानसून की विदाई हो चुकी है। उत्तराखंड में भी अब बारिश का दौर कमजोर पड़ गया है और अगले एक हफ्ते में यहां से भी मानसून की विदाई संभव है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि फिलहाल राज्य में सिर्फ हल्की बारिश की संभावना बनी रहेगी। एक सप्ताह बाद मौसम की विदाई उत्तराखंड में मानसून अब कमजोर पड़ गया है। पिछले तीन दिनों से बारिश नहीं हो रही है और धूप खिलने से तापमान में भी बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है। मौसम विभाग की ओर से प्रदेश में एक सप्ताह बाद मानसून की विदाई की संभावना जताई गई है। मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक डॉ. सीएस तोमर ने कहा कि राजस्थान, गुजरात, पंजाब, हरियाणा के कुछ हिस्सों से मानसून की विदाई हो गई है। अगले दो से तीन दिन में हिमाचल और जम्मू कश्मीर के कुछ हिस्सों से मानसून विदा होने का पूर्वानुमान जारी किया गया है। उत्तराखंड में अभी हल्की बारिश की संभावनाएं बनी है। आज हल्की बारिश संभव मौसम निदेशक डॉ. सीएस तोमर ने कहा कि मंगलवार को उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर, पिथौरागढ़ एवं नैनीताल जिलों में कहीं-कहीं पर हल्की से हल्की बारिश के आसार हैं। वहीं, उत्तराखंड की राजधानी देहरादून समेत प्रदेश के अधिकांश इलाकों में सोमवार को धूप खिली रही और तापमान में सामान्य से चार डिग्री तक की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई। दून में ही तापमान सामान्य से चार डिग्री अधिक 33.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हिमाचल पर मौसम का क्या अपडेट मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार हिमाचल प्रदेश में 23 सितंबर को ज्यादातर इलाकों में मौसम शुष्क रहने की संभावना है। विभाग ने बताया कि 24 और 25 सितंबर को राज्य के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश हो सकती है। आईएमडी के मुताबिक, अगले दो से तीन दिनों में तापमान में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है। 29 सितंबर तक मौसम से जुड़ी किसी भी तरह की चेतावनी जारी नहीं की गई है। हालांकि उसके बाद न्यूनतम और अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की जा सकती है।  

आम आदमी के लिए राहत! पंजाब सरकार ने डेयरी उत्पादों के दाम घटाए

चंडीगढ़  पंजाब सरकार ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि उसकी प्राथमिकता आम आदमी का हित और रोजमर्रा की जिंदगी को आसान बनाना है. मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने वेरका के दूध और अन्य दुग्ध उत्पादों की कीमतों में बड़ी कटौती का फैसला लिया है, वह न केवल उपभोक्ताओं को राहत देता है बल्कि राज्य की सहकारी व्यवस्था को भी नई मजबूती प्रदान करेगा. यह कदम पंजाब के हर घर की जरूरतों को ध्यान में रखकर उठाया गया है. वेरका, जो पंजाब की किसान सहकारी संस्था मिल्कफेड का एक भरोसेमंद ब्रांड है, अब और भी अधिक सुलभ होगा. दूध, घी, मक्खन, पनीर और आइसक्रीम जैसे रोजाना इस्तेमाल होने वाले उत्पादों की कीमतों में की गई कमी सीधे उपभोक्ताओं को लाभ पहुंचाएगी. उदाहरण के लिए, घी 30-35 रुपये प्रति लीटर/किलोग्राम सस्ता हो जाएगा, पनीर की कीमत 15 रुपये प्रति किलोग्राम कम होगी और टेबल बटर व अनसाल्टेड बटर की कीमतें भी घटा दी गई हैं. इस तरह का सीधा आर्थिक लाभ हर घर की थाली तक पहुंचेगा.   महंगाई के इस दौर में जब आम आदमी का बजट लगातार दबाव में है, यह निर्णय जीवनयापन की लागत को कम करने में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा. गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों के लिए यह राहत बड़ी अहमियत रखती है. अब उपभोक्ता सस्ते और शुद्ध डेयरी उत्पादों तक आसानी से पहुंच सकेंगे, जिससे उनका पोषण स्तर भी बेहतर होगा. इसके साथ ही, इससे उपभोक्ताओं की मांग और बिक्री में बढ़ोतरी होगी, जो राज्य की अर्थव्यवस्था को और मजबूत करेगी. यह पहल सिर्फ उपभोक्ताओं तक सीमित नहीं है. वेरका उत्पादों की बिक्री में बढ़ोतरी का सीधा लाभ पंजाब के डेयरी किसानों तक पहुंचेगा. किसानों की आमदनी बढ़ेगी और सहकारी संस्थाएं मजबूत होंगी. यह कदम किसानों और उपभोक्ताओं के बीच एक संतुलन बनाने का बेहतरीन उदाहरण है. पंजाब सरकार का यह निर्णय किसानों और जनता दोनों के हितों की रक्षा करता है, जिससे सहकारी मॉडल और अधिक सशक्त होगा. मुख्यमंत्री मान ने यह भी स्पष्ट किया कि इस पहल से राज्य की वित्तीय स्थिति को भी मजबूती मिलेगी. उत्पादों की कीमतें घटने से मांग और खपत में वृद्धि होगी, जिससे कर वसूली बढ़ेगी. इसका उपयोग राज्य के विकास, गुणवत्तापूर्ण सेवाओं और बुनियादी ढांचे को और मजबूत करने में होगा. इस प्रकार, यह कदम एक व्यापक और दूरदर्शी नीति का हिस्सा है जो उपभोक्ताओं, किसानों और राज्य की अर्थव्यवस्था, सभी को लाभ पहुंचाता है. पंजाब सरकार की यह पहल महज कीमतों में कटौती नहीं है, बल्कि आम आदमी को केंद्र में रखकर बनाई गई एक ठोस नीति है. यह पंजाब को उपभोक्ता-हितैषी और किसान-हितैषी राज्य के रूप में और मजबूत करेगी. वेरका जैसे ब्रांड की कीमतों में की गई कमी आने वाले समय में “रंगला पंजाब” की नींव को और मजबूत बनाएगी. इससे न केवल हर घर तक राहत पहु.चेगी, बल्कि पंजाब के लोगों के चेहरे पर मुस्कान भी आएगी.  

इंटरव्यू में CM भगवंत मान ने बताया पंजाब में बाढ़ की पीछे का कारण

पंजाब  पंजाब में आई बाढ़ और उसके बाद पैदा हुए हालातों को लेकर पंजाब के सीएम भगवंत मान ने इंटरव्यू में विस्तृत जानकारी दी है. सीएम भगवंत मान ने कुछ विदेशी मीडिया की उस रिपोर्ट को खारिज कर दिया है कि सिंधु जल समझौता रद्द किए जाने की वजह से ही पंजाब में बाढ़ आई. भगवंत मान का कहना है कि अभी पानी रोकने में काफी वक्त लगेगा. पंजाब में बाढ़ का पानी ऊपर (हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर) से आया है. पंजाब के सीएम ने कहा कि सिंधु जल समझौते का पानी अभी कहां रोका गया है. उसे रोकने में काफी समय लगेगा. झेलम का पानी सीधे पाकिस्तान जाता है. हमारे यहां पानी ऊपर से बहुत आया है. दरिया अपना रास्ता खुद बनाते हैं, उन्हें कैसे रोक सकते हैं. हरियाणा के साथ हमारा 100 क्यूसिक पानी का झगड़ा था और भाखड़ा डैम में रोजाना डेढ़ लाख लीटर पानी आ रहा था. पंजाब सीएम ने कहा कि अभी भी भाखड़ा में 80 हजार क्यूसिक पानी आ रहा है. इसके साथ ही पोंग डैम और रणजी सागर डैम को हमने सुरक्षित रखा लेकिन ऊपर से पूरे पहाड़ ही बहकर आ गए. उत्तराखंड में भारी नुकसान हुआ है.   भगवंत मान ने कहा कि पीएम ने हमें 1600 करोड़ दिया है और 2300 गांव हमारे डूबे हैं. गांव वालों को अगर घर के पैसे भी देने हों तो वो भी पूरा नहीं होगा. ये मजाक करके गए हैं. हमारा अनुमान है कि 13800 करोड़ का नुकसान हुआ है और उसमें 1600 करोड़ रुपये मिले हैं. ये क्या मजाक है? सीएम का कहना है कि SDRF में 5012 करोड़ आए हैं, उसमें से 3800 रुपये खर्च हुए हैं. उसमें सिर्फ 1200 का ही गैप है. ये जीरो लगाकर 12 हजार बना रहे हैं. SDRF के अनुसार, बाढ़ से बर्बाद हुए घर का 6800 रुपये, भैंस के लिए 1500 रुपये मिलते हैं. क्या भैंस की कीमत 1500 रुपये ठीक है?  

मानव सेवा दिवस: कॉलेज में हुई प्रेरक गतिविधियों की झलक, विद्यार्थियों ने की मदद की पहल

समराला  गुरु गोबिंद सिंह खालसा कॉलेज फॉर वूमेन झाड़ साहिब में आज भाई घनैया मानव सेवा दिवस श्रद्धा सहित मनाया गया। गुरु साहिबान द्वारा दिखाए सरबत दा भला के मार्ग पर चलते हुए भाई घनैया जी ने 1704 ई. में श्री आनंदपुर साहिब की लड़ाई के दौरान बिना किसी भेदभाव के सबमें परमात्मा का रूप देखते हुए घायलों को पानी पिलाया और आवश्यकता अनुसार मरहम-पट्टी की। उनकी महान सेवाओं से विद्यार्थियों को परिचित करवाने के लिए हर साल 20 सितंबर को मानव सेवा दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस अवसर पर कॉलेज के धार्मिक अध्यापक द्वारा उन के जीवन और सेवा के संकल्प के संबंध में छात्राओं के साथ विचार साझा किए गए और उन्हें निःस्वार्थ सेवा भाव अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। इसके उपरांत डॉ. अंजू खुराना, ग्रामीण चिकित्सा अधिकारी झाड़ साहिब ने छात्राओं को प्राथमिक चिकित्सा सहायता संबंधी जानकारी दी। इस मौके पर कॉलेज प्राचार्या डॉ. रजिंदर कौर ने कहा कि हमें भाई साहिब द्वारा दिखाए मार्ग पर चलते हुए मेरा-तेरा की रेखा मिटाकर तन-मन-धन से मानवता में एक परमात्मा को अनुभव करते हुए सेवा और सिमरन से जीवन को सफल बनाना चाहिए।

बाढ़ प्रभावित इलाकों में दिड़बा से मिली मदद, तीन एम्बुलेंस भेजीं गईं

संगरूर  पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने आज हलका दिड़बा के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के निवासियों को तत्काल चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध करवाने के लिए स्थानीय रेस्ट हाउस से तीन एम्बुलेंस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। प्रभावित इलाकों के लोगों को सेहत सुविधाएं मुहैया करवाने के आदेश देते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि डॉक्टरों, नर्सों और फार्मासिस्टों से लैस ये एम्बुलेंसें बाढ़ के बाद उत्पन्न स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों से निपटने में सहायक होंगी और पानी से फैलने वाली और अन्य बीमारियों से लोगों को बचाने के लिए यह सेवा अगले 15 दिनों के लिए चलाई जाएगी। इस दौरान लोगों को मुफ्त चिकित्सीय जांच और दवाइयां उपलब्ध होंगी, जबकि गंभीर मरीजों को नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रों में भेजा जाएगा। वित्त मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की अगुवाई में पंजाब सरकार बाढ़ पीड़ितों को बेहतर मुआवजा देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि आगामी सत्र में आपदा प्रबंधन अधिनियम, खनन अधिनियम और अन्य संबंधित कानूनों में जरूरी संशोधन कैबिनेट की मंजूरी के बाद प्रस्तुत किए जाएंगे। रंगला पंजाब चढ़दी कला फंड अभियान को सफल करार देते हुए चीमा ने कहा कि विदेशों में बसे पंजाबियों के बड़े योगदान ने पुनर्बहाली के प्रयासों को मजबूती प्रदान की है।

बच्चों के खेल के मैदान में होगा पानी की सुविधा, चिल्ड्रन पार्क में ट्यूबवेल का नींव पत्थर रखा गया

चंडीगढ़  मुख्यमंत्री भगंवत मान की सरकार गांवों व शहरी इलाके में साफ पीने के पानी की सप्लाई को यकीनी बना रही है। इसी के चलते विधायक नीना मित्तल ने चिल्ड्रन पार्क में 36.70 लाख रूपये की लागत से नये टयूबवेल लगाने के कार्य का नींव पत्थर आजरखा है। इस मौके पर विधायक ने कहा कि पीने वाले पानी की बढ़ती जरूरत को ध्यान में रखते हुये यह योजना शुरू की गई है, इलाके के कई वार्डों में पानी की समस्या को ध्यान में रखते हुये मुख्य मंत्री के निर्देशों पर लोगों को जरूरी सुविधायें दी जा रही हैं। पानी के सही इस्तेमाल की जरूरत है। वहीं वहीं हमें धरती के नीचे के पानी को बचाने के लिये लोगों को जागरूक करने की भी जरूरत है। इस मौके पर रितेश बंसल संगठन इंचार्ज राजपुरा, रमेश पहुजा प्रधान व्यापार मंडल, शाम सुदर वधवा, सचिन मित्तल, जेई गगनदीप सिंह, पार्षद कृष्ण अग्रवाल, बिक्रम सिंह कंडेवाला, गुरध्यान सिंह जोगा, दीपक शर्मा, सुमित बख्शी, रतनेश जिंदल, सरबजोत सिंह, सरपंच अमन सैनी, नितिन पहुजा सहित अन्य पार्टी कार्यकर्ता मौजूद थे

बाढ़ प्रभावित फसलों का घोषित मुआवज़ा नाकाफी : भाकियू

समराला बाढ़ में किसानों की फसलें और घर पूरी तरह तबाह हो गए हैं। सरकार द्वारा इस नुकसान के लिए घोषित मुआवज़ा न केवल बेहद शर्मनाक है बल्कि एक खोखला मज़ाक है। ये विचार आज भारतीय किसान यूनियन (लक्खोवाल) के जिला प्रधान मनजीत सिंह ढींडसा की अध्यक्षता में हुई मासिक बैठक में किसान नेताओं ने व्यक्त किए। किसान नेताओं ने कहा कि सरकार मुआवज़े के संबंध में पुनर्विचार कर किसानों को नुकसान का उचित मुआवज़ा दे, ताकि किसान फिर से अपने पैरों पर खड़ा हो सके।  उन्होंने कहा कि सरकार ने धान की नमी की मात्रा 17 प्रतिशत तय की है, जबकि भारी बारिश और बाढ़ जैसे मौसम के कारण इस बार धान में नमी की मात्रा अधिक है, इसलिए सरकार इसे 22 प्रतिशत तक माने। बैठक में पंजाब के संरक्षक अवतार सिंह, प्रांतीय महासचिव परमिंदर सिंह पालमाजरा और प्रांतीय प्रेस सचिव गुरविंदर सिंह कूमकलां विशेष तौर पर पहुंचे। उन्होंने यह भी कहा कि धान की कटाई के उपरांत पराली संभालने के लिए सरकार बोनस के रूप में 100 रुपये प्रति क्विंटल दे। इस मौके पर किसान नेता और संगठन के ज़िला लुधियाना के सक्रिय कार्यकर्ता बैठक में शामिल हुए।

हाईवे पर तनाव: पीआरटीसी कर्मियों और पुलिस में झड़प, दो पुलिसकर्मी निलंबित

चंडीगढ़  जब पीआरटीसी कर्मियों ने बिना परमिट वाली एक निजी बस के मालिकों को सवारियां उठाने से रोकने की कोशिश की, तो दोनों पक्षों के बीच झगड़ा हो गया। मामला तब और बढ़ गया जब निजी बस चालकों के इशारे पर दो पुलिसकर्मियों ने पीआरटीसी चालक को जबरन गाड़ी में बिठाकर थाने ले जाने की कोशिश की। आक्रोशित पीआरटीसी चालकों ने शहर के चौराहों पर अपनी बसें खड़ी करके यातायात अवरुद्ध कर दिया। मामले की जांच के बाद, डीएसपी पातड़ां इंद्रपाल सिंह चौहान ने पीआरटीसी चालक की पिटाई करने वाले दोनों पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है और विभागीय जांच की सिफारिश की है। पीआरटीसी इंस्पेक्टर लक्ष्मण सिंह ने बताया कि पीआरटीसी जीएम ने उन्हें फोन पर बताया कि पातड़ां में विभागीय आरोपियों और निजी बस चालक के बीच विवाद हो गया है, जिसके कारण सभी पीआरटीसी बसों का संचालन रोक दिया गया है। इंस्पेक्टर ने बताया कि खरकां रूट पर चलने वाली एक निजी बस का परमिट रद्द होने के बाद वे पातड़ां स्थित पुराने बस अड्डे से सवारियां उठा रहे थे। पीआरटीसी बस चालक यादविंदर सिंह ने बस रोकी तो दोनों पक्षों में बहस हो गई। निजी बस मालिक के बुलाने पर आए दो पुलिसकर्मियों ने पीआरटीसी बस चालक की गर्दन पकड़ ली और उसकी पिटाई शुरू कर दी। विरोध में पीआरटीसी चालकों ने पातड़ां चौराहों पर अपनी बसें खड़ी करके सड़क जाम कर दी।  जब डीएसपी पातड़ां के कार्यालय में मामले का निपटारा हो रहा था, तभी चालक से बदसलूकी करने वाला पुलिस अधिकारी फिर से चालक को गालियां देने लगा, जिससे समझौता वार्ता टूट गई। पीआरटीसी कर्मचारी यूनियनों के नेताओं ने बताया कि विरोध स्वरूप पटियाला में बसें रोक दी गई हैं। उन्होंने कहा कि अगर मामला नहीं सुलझा तो संगरूर और अन्य डिपो की बसें भी रोक दी जाएंगी। दूसरी ओर, निजी बस के मालिक नरिंदर सिंह ने स्वीकार किया कि बस बिना परमिट के चलाई जा रही थी। पठान के डीएसपी इंद्रपाल सिंह चौहान ने बताया कि पीआरटीसी चालक के साथ मारपीट करने वाले दोनों पुलिस अधिकारियों, गुरदीप सिंह और करणदीप सिंह को निलंबित कर दिया गया है।

रोटरी क्लब ग्रेटर द्वारा राजपुरा स्कूल में लगाये 31 पौधे

राजपुरा रोटरी क्लब ग्रेटर राजपुरा की ओर से मेडिकल जांच शिविर लगाया गया । डा. नवदीप वालिया ने गांव खैरपुर जंटा के सरकारी स्कूल में पहुंच कर महत्वपूर्ण समाज सेवा प्रोजेक्टर में भाग लेकर जरूरतमंदों की जांच की व उन्हें दवाइयां दीं। सरकारी स्कूल के ऐलीमेंटरी स्कूल में करवाये गये इस कैम्प में 58 विद्यार्थियों की सेहत की जांच की गई । इस मौके पर स्कूल में 31 पौधे भी लगाये गये जिसकी अगुवाई रोटेरियान रतन शर्मा ने की, और सहयोग रोटेरियन मान सिंह व अध्यापक संजय ग्रोवर ने दिया। इस प्रोजेक्ट में रोटेरियन ईशवर लाल, रोटेरियन रतन शर्मा, रोटेरियन मान सिंह ने भाग लेकर रोटरी के मूल सिद्धांत सेवा परमो धर्म की असली झलक पेश की।

माधोपुर हेडवर्क्स गेट टूटने के बाद पंजाब सरकार ने अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की

पठानकोट हाल ही में पंजाब में आई भयानक बाढ़ के कारण बड़ी लापरवाही उजागर हुई है। पठानकोट के माधोपुर हैडवर्क्स का गेट टूटने से स्थिति और गंभीर हो गई थी। इस मामले में सिंचाई विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 3 अधिकारियों को निलंबित कर दिया है।   विभाग ने  XeN नितिन सूद, SDO अरुण कुमार और JE सचिन ठाकुर को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के आदेश जारी किए हैं। उक्त नोटिफिकेशन जल संसाधन विभाग के प्रधान सचिव द्वारा जारी किया गया है। बता दें  कि 27 अगस्त को माधोपुर हैडवर्क्स का एक गेट टूट गया था। मुरम्मत के दौरान लगभग 50 लोग पानी में फंस गए, जिनमें से 49 को मौके पर बचा लिया गया। लेकिन इस घटना में एक व्यक्ति की जान चली गई और उसकी लाश 28 अगस्त को मिली थी।