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साजिश की कड़ियों को जोड़ने में जुटी पुलिस: सात दिन की रिमांड पर आरोपियों से मिनट-टू-मिनट पड़ताल

जालंधर.  जालंधर में सुरक्षा बल के मुख्यालय के समीप हुए विस्फोट मामले में पुलिस ने आरोपियों की मौजूदगी में दूसरी बार घटनाक्रम को दोहराकर साक्ष्य जुटाए हैं। सात दिनों की हिरासत के दौरान सुरक्षा एजेंसियां सीमा पार बैठे हैंडलर्स और इस बड़ी साजिश के नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने का प्रयास कर रही हैं। घटना स्थल पर सुरक्षा एजेंसियों का कड़ा एक्शन सुरक्षा बल के क्षेत्रीय मुख्यालय के मुख्य द्वार के समीप हुए विस्फोट मामले की जांच को आगे बढ़ाते हुए पुलिस टीम ने एक बड़ा कदम उठाया है। कानून व्यवस्था और सुरक्षा से जुड़े इस अत्यंत संवेदनशील मामले में पुलिस अधिकारियों ने हिरासत में लिए गए दोनों आरोपियों को साथ लेकर घटना स्थल का गहन निरीक्षण किया। जांच टीम ने इस दौरान पूरे घटनाक्रम को दोबारा दोहराया ताकि विस्फोट को अंजाम देने की सटीक टाइमिंग, दिशा और विस्फोटक रखने के तरीके को वैज्ञानिक दृष्टिकोण से समझा जा सके। यह कवायद इसलिए की गई ताकि न्यायालय के समक्ष पुख्ता और अकाट्य तकनीकी साक्ष्य प्रस्तुत किए जा सकें। सात दिन की हिरासत और मिनट-दर-मिनट जांच गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपी फिलहाल सात दिनों की लंबी पुलिस हिरासत में हैं, जिससे जांच एजेंसियों को उनसे गहन पूछताछ करने का पर्याप्त समय मिल गया है। इस समय अवधि का उपयोग करते हुए अधिकारी घटना के ठीक पहले और बाद की प्रत्येक गतिविधि का मिलान कर रहे हैं। इस प्रक्रिया में आरोपियों के मोबाइल फोन की लोकेशन, इंटरनेट डेटा का उपयोग और घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज में दिखाई देने वाले दृश्यों का आमने-सामने मिलान किया जा रहा है। जांच का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि विस्फोटक सामग्री को लाने और उसे वहां सक्रिय करने में किन-किन रास्तों का उपयोग किया गया था। सीमा पार आतंकी नेटवर्क और वीडियो साक्ष्य की पड़ताल शुरुआती जांच और पूछताछ में इस पूरे मामले के पीछे एक बेहद खतरनाक नेटवर्क का संकेत मिला है, जिसकी कड़ियां सीमा पार बैठे देश विरोधी तत्वों से जुड़ती दिख रही हैं। मुख्य आरोपी के बारे में यह बात सामने आई है कि वह पड़ोसी देश के एक कुख्यात हैंडलर के साथ सीधे संपर्क में था और विस्फोट को अंजाम देने के तुरंत बाद उसे इस बात की पुष्टि भी भेजी गई थी। इसके अलावा, सुरक्षा एजेंसियां उस डिजिटल साक्ष्य की भी बारीकी से जांच कर रही हैं जिसके तहत घटना स्थल का वीडियो बनाकर आगे भेजा गया था। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि यह वीडियो क्लिप और किन लोगों को साझा की गई थी ताकि इस पूरी साजिश में शामिल स्लीपर सेल और मददगारों का पर्दाफाश किया जा सके।

SIR पर सख्त हुए CM भगवंत मान, कहा- किसी भी सही वोटर का नाम नहीं हटने देंगे

चंडीगढ़. देश के कई राज्यों में वोटर लिस्ट में गड़बड़ियों को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज ऐलान किया कि आम आदमी पार्टी (AAP) स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रोसेस के तहत पंजाब से किसी भी योग्य वोटर का नाम हटाने की इजाज़त नहीं देगी। किसी खास पॉलिटिकल पार्टी के लिए “फर्जी वोट” बनाने की किसी भी कोशिश के खिलाफ चेतावनी देते हुए, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि AAP नेताओं और वर्करों को बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) के साथ पूरे राज्य में हर पोलिंग बूथ पर तैनात किया जाएगा ताकि इस प्रोसेस पर सख्ती से नज़र रखी जा सके और गड़बड़ियों को रोका जा सके। लाखों योग्य वोटों को हटाने और वेरिफिकेशन प्रोसेस में गड़बड़ियों के बारे में दूसरे राज्यों से मिली शिकायतों का ज़िक्र करते हुए, मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब के लोग राज्य में ऐसी गड़बड़ियां नहीं होने देंगे। उन्होंने कहा कि इलेक्शन कमीशन (EC) से SIR प्रोसेस को पूरी ईमानदारी, ट्रांसपेरेंसी और फेयरनेस के साथ करने और जनता की आपत्तियों को बिना देर किए हल करने की अपील की गई है। मीडिया से बात करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “वोटर लिस्ट का स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन पूरी ट्रांसपेरेंसी, ईमानदारी, निष्पक्षता और जवाबदेही के साथ किया जाना चाहिए ताकि हर योग्य वोटर बिना किसी डर या रुकावट के अपने डेमोक्रेटिक अधिकार का इस्तेमाल कर सके। सभी राजनीतिक पार्टियों के प्रतिनिधि पूरे प्रोसेस में एक्टिव रूप से शामिल रहेंगे ताकि यह पक्का हो सके कि पंजाब में कहीं भी कोई हेरफेर न हो।” मुख्यमंत्री ने कहा, “अलग-अलग राज्यों में वैलिड वोट हटाने और नकली एंट्री करने की आशंकाओं ने नागरिकों में चिंता पैदा कर दी है, जिसके कारण चुनाव आयोग के लिए पूरी ज़िम्मेदारी और निष्पक्षता से काम करना ज़रूरी हो गया है। कई राज्यों से लाखों वैलिड वोट हटाने और वेरिफिकेशन प्रोसेस में हेरफेर की शिकायतें मिली हैं, लेकिन पंजाब के लोग राज्य में ऐसी हरकतें नहीं होने देंगे।” मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “अगर वोटर लिस्ट की सटीकता और चुनाव कराने वाली संवैधानिक संस्थाओं पर लोगों का भरोसा कम होने लगा, तो लोकतंत्र की नींव खतरे में पड़ सकती है।” उन्होंने आगे कहा, “इलेक्शन कमीशन को हर एलिजिबल वोटर की सेफ्टी पक्की करनी चाहिए और पॉलिटिकल पार्टियों की आपत्तियों को पूरी ईमानदारी, ट्रांसपेरेंसी और बिना किसी देरी के हल करना चाहिए।” वोटर लिस्ट में बदलाव पर AAP का स्टैंड साफ करते हुए, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “जिन लोगों की मौत हो गई है या जो लोग विदेशी नागरिकता लेने के बाद हमेशा के लिए विदेश चले गए हैं, उनके नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए जाने चाहिए, लेकिन पंजाब के किसी भी असली निवासी को किसी भी हालत में परेशान नहीं किया जाना चाहिए या वोट देने के उसके अधिकार से दूर नहीं किया जाना चाहिए।” मुख्यमंत्री ने आगे बताया कि पंजाब में लगभग 83 परसेंट वोटर मैपिंग का काम पहले ही पूरा हो चुका है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे अपने डेमोक्रेटिक अधिकारों की रक्षा के लिए वेरिफिकेशन प्रोसेस में एक्टिव रूप से हिस्सा लें। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “इलेक्शन कमीशन को पूरी SIR प्रोसेस के दौरान पूरी ईमानदारी और बिना भेदभाव के काम करना चाहिए और लोगों की आपत्तियों को तुरंत और बिना भेदभाव के हल करना चाहिए।”

मौसम विभाग की बड़ी चेतावनी: बठिंडा और फरीदकोट में टूटा रिकॉर्ड, आसमान से बरसेगी आग

बठिंडा.  पंजाब में तापमान बढ़ने से गर्मी का प्रकोप तेज हो गया है। बठिंडा और फरीदकोट में पारा रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। मौसम विभाग के अनुसार अगले एक हफ्ते तक भीषण लू चलने की संभावना है जिससे लोगों को तपश से राहत मिलने के कोई आसार नहीं हैं। दिन के साथ रात के समय भी उमस और गर्मी परेशान करेगी। पंजाब में भीषण गर्मी का प्रकोप और बढ़ता तापमान राज्य में पिछले कुछ दिनों से मौसमी दशाओं में भारी बदलाव देखा जा रहा है। वायुमंडल में शुष्क हवाओं के प्रभाव के कारण मैदानी इलाकों में सूरज की किरणों का सीधा असर पड़ रहा है। इस बदलाव से दिन के समय चलने वाली तेज हवाएं अब गर्म थपेड़ों में बदल चुकी हैं। लुधियाना सहित राज्य के अधिकांश हिस्सों में सुबह से ही तेज धूप के कारण जनजीवन प्रभावित होने लगा है। दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा पसरने लगा है क्योंकि लोग अत्यधिक गर्म माहौल के कारण बाहर निकलने से बच रहे हैं। बठिंडा और फरीदकोट में रिकॉर्ड तोड़ तपश मौसम विज्ञान केंद्र के हालिया आंकड़ों के अनुसार, राज्य के कुछ विशिष्ट जिलों में गर्मी ने पिछले कई रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। फरीदकोट और बठिंडा में अधिकतम तापमान बयालीस दशमलव छह डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जो इस सीजन में पूरे राज्य में सबसे अधिक दर्ज किया गया है। इन क्षेत्रों में रात के समय भी न्यूनतम तापमान में गिरावट नहीं हो रही है, जिससे रातें भी अत्यधिक गर्म और बेचैन करने वाली हो गई हैं। शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में बिजली की मांग बढ़ने के साथ-साथ पानी की खपत में भी भारी उछाल आया है। मौसम विभाग का एक हफ्ते का गंभीर अलर्ट आने वाले दिनों को लेकर मौसम वैज्ञानिकों ने जो पूर्वानुमान जारी किया है, वह काफी चिंताजनक है। आगामी अट्ठारह मई से लेकर बाईस मई तक पूरे क्षेत्र में तीव्र गति से गर्म हवाएं चलने की पूरी संभावना जताई गई है। इस समयावधि के दौरान तापमान में दो से तीन डिग्री की और बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे लू का थपेड़ा और अधिक आक्रामक रूप ले लेगा। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने इस स्थिति को देखते हुए आम जनता को दोपहर के समय अनावश्यक रूप से खुले आसमान के नीचे जाने से बचने तथा शरीर में पानी की कमी न होने देने की विशेष सलाह दी है।

दरियाई पानी के हक की लड़ाई: रावी-ब्यास ट्रिब्यूनल के साथ आज मुख्यमंत्री की रणनीतिक बैठक

अमृतसर.  पंजाब के मुख्यमंत्री अमृतसर के महत्वपूर्ण दौरे पर हैं। वह रावी-ब्यास ट्रिब्यूनल के सदस्यों के साथ बैठक कर राज्य के नदी जल अधिकारों और संसाधनों की सुरक्षा से जुड़े गंभीर मुद्दों पर चर्चा करेंगे। इस बातचीत में राज्य का पक्ष पूरी दृढ़ता से रखा जाएगा ताकि नदी संपदा के हितों को सुरक्षित किया जा सके। मुख्यमंत्री का अमृतसर दौरा और जल संकट पर विमर्श पंजाब के प्रशासनिक प्रमुख अमृतसर के एक बेहद महत्वपूर्ण दौरे पर हैं। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य राज्य के प्राकृतिक संसाधनों, विशेषकर नदी जल के वितरण से जुड़े संवेदनशील मामलों पर सीधे संवाद स्थापित करना है। शाम के समय तय कार्यक्रम के अनुसार, वह रावी-ब्यास ट्रिब्यूनल के शीर्ष अधिकारियों और सदस्यों के साथ आमने-सामने की वार्ता में भाग लेंगे। यह बैठक इसलिए भी खास मानी जा रही है क्योंकि इसमें राज्य की जीवन रेखा माने जाने वाले जल संकट और उसके न्यायसंगत वितरण की रूपरेखा तय होनी है। रावी-ब्यास ट्रिब्यूनल के समक्ष कड़ा रुख इस रणनीतिक संवाद के दौरान पंजाब प्रशासन का पूरा ध्यान अपने हिस्से के अधिकारों को सुरक्षित रखने पर केंद्रित रहेगा। मुख्यमंत्री ने इस बात के स्पष्ट संकेत दिए हैं कि नदियों के पानी के बंटवारे को लेकर राज्य का पक्ष बिना किसी समझौते के बेहद मजबूती से पेश किया जाएगा। कृषि प्रधान राज्य होने के नाते पंजाब की सिंचाई व्यवस्था पूरी तरह इन नदियों पर निर्भर है, इसलिए ट्रिब्यूनल के सामने ऐतिहासिक तथ्यों और वर्तमान आवश्यकताओं को आधार बनाकर दलीलें दी जाएंगी। भविष्य की नीतियां और जल सुरक्षा की तैयारी बैठक में केवल तात्कालिक विवादों पर ही नहीं, बल्कि दीर्घकालिक जल सुरक्षा और पर्यावरण के मोर्चे पर उत्पन्न चुनौतियों पर भी गंभीर मंथन किया जाएगा। राज्य सरकार का मानना है कि बदलती जलवायु और घटते भूजल स्तर के बीच दरियाई पानी पर पंजाब का पहला हक बनता है। इस उच्च स्तरीय विमर्श से निकलने वाले निष्कर्ष राज्य की कृषि और आर्थिक नीतियों की भविष्य की दिशा तय करने में अत्यंत सहायक सिद्ध होंगे।

300 साल पुराना पेड़, 8 एकड़ में फैला विस्तार… पंजाब की इस अनोखी धरोहर के आगे किसान भी छोड़ देते हैं हक

फतेहगढ़ साहिब फतेहगढ़ साहिब के छोटे से गांव चोलटी खेड़ी में स्थित लगभग 300 वर्ष पुरानी विशाल बरोटी (बरगद का पेड़) आज भी प्रकृति, आस्था और पर्यावरण संरक्षण की अनोखी मिसाल बना हुआ है। करीब आठ एकड़ क्षेत्र में फैला यह विशाल वृक्ष पंजाब का सबसे बड़ा पेड़ माना जाता है। इसकी फैली शाखाएं और जमीन में उतरती नई जड़ें इसे छोटे जंगल का रूप देती हैं।  गांव के लोगों के अनुसार यह बरोटी हर दिन और फैलती जा रही है। इसकी जड़ें लगातार धरती में आगे बढ़ रही हैं और जहां तक यह फैलती हैं, वहां किसान अपनी जमीन पर ट्रैक्टर और हल चलाना छोड़ देते हैं। गांव वाले उस हिस्से को खाली छोड़कर पेड़ को आगे बढ़ने देते हैं। गांव के लोग इसे “बाबा जी के अंग-पैर” मानते हैं और इसकी एक टहनी तक तोड़ने से डरते हैं। लोगों का विश्वास है कि यह बरोटी मनोकामनाएं पूरी करती है और जो व्यक्ति इसे नुकसान पहुंचाने की कोशिश करता है, उसे भारी हानि उठानी पड़ती है।  गांव की बुजुर्ग महिलाओं और किसानों ने बताया कि वर्षों पहले कुछ लोगों ने इस बरोटी को काटने का प्रयास किया था, लेकिन बाद में उनके साथ दुर्घटनाएं हुईं और कई लोगों को बड़ा नुकसान उठाना पड़ा। इसी कारण आज भी कोई व्यक्ति इसकी टहनी काटने या पत्ता तोड़ने की हिम्मत नहीं करता।   साधु और “भभूति” से जुड़ी है बरोटी की कथा  गांव में प्रचलित मान्यता के अनुसार कई दशक पहले एक साधु यहां खेतों में आकर ठहरे थे। उस समय एक किसान दंपती निसंतान था। साधु ने किसान की पत्नी को भभूति दी और आशीर्वाद दिया, लेकिन किसान ने उस पर विश्वास नहीं किया और वह भभूति साधुओं की धूनी में डाल दी गई। गांव वालों के अनुसार कुछ समय बाद उसी स्थान पर एक छोटा पौधा उग आया, जो धीरे-धीरे विशाल बरोटी में बदल गया। लोगों का कहना है कि जिस तरह किसान का परिवार बढ़ा, उसी तरह यह बरोटी भी लगातार फैलती चली गई। आज भी गांव के लोग इस कथा को श्रद्धा के साथ सुनाते हैं और बरोटी को चमत्कारी मानते हैं।  किसान छोड़ देते हैं जमीन  गांव वालों के अनुसार बरोटी की जड़ें और शाखाएं लगातार खेतों तक फैलती जा रही हैं। जिस खेत तक इसकी जड़ें पहुंचती हैं, वहां किसान ट्रैक्टर और हल चलाना बंद कर देते हैं। कई किसानों ने अपनी जमीन का हिस्सा पेड़ के लिए छोड़ दिया है, ताकि बरोटी बिना रोक-टोक आगे बढ़ सके।    “यह पेड़ नहीं पूरा जंगल है”  करीब आठ एकड़ में पहले इस पेड़ को लोग प्यार से बरोटी कहते हैं। जिसकी शाखाएं जमीन तक झुककर नई जड़ें बना लेती हैं। यही जड़ें आगे चलकर नए तनों का रूप लेती हैं और पेड़ लगातार फैलता जाता है। दूर से देखने पर यह किसी घने जंगल जैसा दिखाई देता है।  पक्षियों और जीव-जंतुओं का सुरक्षित आश्रय बरोटी के भीतर सैकड़ों पक्षी, मोर और अन्य जीव-जंतु रहते हैं। गांव वालों का कहना है कि गर्मियों में भी यहां ठंडक बनी रहती है। पर्यावरण प्रेमियों के लिए यह स्थान किसी प्राकृतिक धरोहर से कम नहीं है।  “विकास” के दौर में पर्यावरण बचाने की मिसाल  जहां एक ओर विकास के नाम पर बड़ी संख्या में पेड़ काटे जा रहे हैं, वहीं चोलटी खेड़ी की यह बरोटी लोगों को प्रकृति बचाने का संदेश दे रही है। गांव वालों का कहना है कि पंजाब में ऐसे और अधिक प्राकृतिक क्षेत्र और जंगल होने चाहिए, ताकि आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ वातावरण मिल सके।  विदेशी शोधकर्ताओं ने भी किया अध्ययन  गांव के निवासी डॉ. मोहनलाल के अनुसार करीब चार वर्ष पहले पेरिस से एक विशेष टीम यहां पहुंची थी। उनके साथ मुंबई और चंडीगढ़ के कई शोधकर्ता भी आए थे। टीम ने इस विशाल बरोटी का इतिहास तैयार किया और इस पर शोध कार्य भी किया। डॉ. मोहनलाल ने बताया कि पंजाब सरकार का जंगलात विभाग भी समय-समय पर इस वृक्ष का निरीक्षण करता है। विभाग की ओर से इसकी जड़ों में दवाई डाली जाती है ताकि दीमक या अन्य बीमारी से पेड़ को नुकसान न पहुंचे।    25 साल पहले बनवाया गया था मंदिर  डॉ. मोहनलाल ने बताया कि करीब 25 वर्ष पहले फतेहगढ़ साहिब के तत्कालीन एडिशनल डिप्टी कमिश्नर दविंदर वालिया द्वारा यहां एक मंदिर का निर्माण करवाया गया था। उन्होंने बताया कि बरोटी के नीचे बना प्राचीन शिव मंदिर आज भी लोगों की आस्था का बड़ा केंद्र है, जहां साधु-संत निवास करते हैं।  झुकी शाखा फिर खुद खड़ी हो गई  डॉ. मोहनलाल के अनुसार करीब दो वर्ष पहले बरोटी का एक बड़ा हिस्सा झुक गया था। लोगों को लगा कि अब यह हिस्सा सूख जाएगा, लेकिन कुछ समय बाद वहीं से नई मजबूती के साथ वह दोबारा खड़ा हो गया। गांव के लोग इसे चमत्कार के रूप में देखते हैं।  हर साल लगता है विशाल भंडारा  हर वर्ष अगस्त महीने में यहां विशाल भंडारा आयोजित किया जाता है। दूर-दूर से लोग अपनी मन्नतें लेकर यहां पहुंचते हैं और बरोटी के नीचे बने शिव मंदिर में माथा टेकते हैं। भंडारे में दाल, रोटी, सब्जी, जलेबी और अन्य मिष्ठान वितरित किए जाते हैं। गांव वालों के अनुसार इस दौरान हजारों श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं।   बुजुर्ग महिला ने सुनाई मान्यता गांव की एक बुजुर्ग महिला ने बताया कि कई साल पहले एक व्यक्ति बरोटी की शाखा काटने के लिए हथियार लेकर आया था। उन्होंने उसे रोकते हुए कहा था कि यह “बाबा जी के अंग-पैर” हैं और इन्हें नुकसान नहीं पहुंचाना चाहिए। महिला के अनुसार उस व्यक्ति ने उनकी बात नहीं मानी और बाद में उसका दुर्घटना में बड़ा नुकसान हो गया। महिला ने बताया कि आज भी आसपास के गांवों से लोग यहां श्रद्धा के साथ आते हैं और इस बरोटी को प्रणाम करते हैं।  प्रकृति और आस्था का अद्भुत संगम  चोलटी खेड़ी की यह बरोटी केवल धार्मिक आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण की जीवंत मिसाल भी है। जिस समय दुनिया पेड़ों को बचाने की मुहिम चला रही है, उस समय पंजाब के इस छोटे से गांव के लोग पीढ़ियों से एक विशाल वृक्ष को अपने परिवार की तरह संभाल रहे हैं।  

अब बाघा में हर गतिविधि होगी कैमरे में कैद, कई जगह लगाए गए निगरानी कैमरे

बाघा पुराना. शहर बाघापुराना में सुरक्षा प्रबंधों को और मजबूत करने के लिए अलग-अलग एंट्री प्वाइंटों तथा मुख्य सड़कों पर सी.सी.टी.वी. कैमरे लगने से न सिर्फ अपराधों पर लगाम लगेगी बल्कि पुलिस प्रशासन को भी कानून व्यवस्था कायम रखने में बड़ी मदद मिलेगी। स्थानीय निवासियों और व्यापारियों ने इस फैसले का स्वागत किया और कहा कि कैमरे लगने से आपराधिक इरादे रखने वालों में डर का माहौल बनेगा। एंट्री प्वाइंट पर लगाए गए कैमरे गाड़ियों की आवाजाही पर नजर रखेंगे, जिससे ट्रैफिक जाम की स्थिति को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी। इसके अलावा ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वालों पर भी नजर रखी जाएगी और उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सी.सी.टी.वी. कैमरे की मदद से सड़क हादसों के समय की फुटेज से पूरी घटना की सही जानकारी मिलती है, जिससे जिम्मेदारी तय करना आसान होता है और पीडि़तों को न्याय दिलाने में मदद मिलती है। कुल मिलाकर बाघापुराना शहर में सी.सी.टी.वी. कैमरे लगाना एक सकारात्मक और आगे की सोच वाला कदम माना जा रहा है। मिली जानकारी के अनुसार ये कैमरे एम.पी. सर्बजीत सिंह खालसा के विवेकाधीन कोटे से लगाए गए हैं। स्थानीय लोगों का मानना है कि अगर पुलिस सी.सी.टी.वी. फुटेज का सही इस्तेमाल करे तो चोरी, डकैती और दूसरी गैर-कानूनी गतिविधियों पर काफी हद तक काबू पाया जा सकता है।

कमिश्नर और मेयर को लेकर बड़ा खुलासा, लुधियाना नगर निगम की राजनीति गरमाई

लुधियाना. नगर निगम में मेयर-कमिश्नर के पास नियमों के उल्ट दो-दो गाड़ियां चल रही हैं। यह खुलासा खुद सीनियर डिप्टी मेयर ने किया है। इस संबंध में बाकायदा उन्होंने कमिश्नर को पत्र भी भेजा है। जानकारी के अनुसार इस पत्र के मुताबिक नगर निगम द्वारा हाल ही में करीब 70 लाख की लागत से 2 नई इनोवा गाडियां खरीदी गई हैं। बताया जा रहा है कि उक्त दोनों गाड़ियां मेयर-कमिश्नर को दी गई हैं। लेकिन इसके बाद भी मेयर-कमिश्नर द्वारा इससे पहले से उनके पास चल रहीं इनोवा गाडियों को वापस नहीं किया गया। इसके चलते इस समय मेयर-कमिश्नर के पास दो-दो इनोवा गाडियां चल रही हैं जबकि नियमों के अनुसार उन्हें एक गाड़ी ही मिल सकती है। इसके मद्देनजर सीनियर डिप्टी मेयर ने मेयर-कमिश्नर के पास चल रही दो अतिरिक्त इनोवा गाडियों को वर्कशॉप में भेजने की बात कही है। किराए की लेनी पड़ रही है गाड़ियां सीनियर डिप्टी मेयर द्वारा यह मुद्दा भी उठाया गया है कि एक तरफ मेयर-कमिश्नर के पास दो अतिरिक्त इनोवा गाडियां चल रही हैं उसके मुकाबले नगर निगम में नए आए 2 ज्वाइंट कमिश्नर के लिए किराए की गाड़ियां लेनी पड़ रही हैं। इसलिए मेयर-कमिश्नर के पास चल रही 2 अतिरिक्त इनोवा गाडियों को नए आए दोनों ज्वाइंट कमिश्नरों को देने की सिफारिश सीनियर डिप्टी मेयर द्वारा की गई है।

एयरपोर्ट जांच में पकड़ा गया करोड़ों का गोल्ड, अमृतसर से मलेशिया जा रहे यात्री से मिला खजाना

अमृतसर अमृतसर के श्री गुरु रामदास जी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर कस्टम विभाग ने जांच के दौरान एक यात्री के कब्जे से करोड़ों रुपये मूल्य का सोना बरामद किया है। बरामद किए गए सोने की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 2.58 करोड़ रुपये बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार संबंधित यात्री फ्लाइट संख्या एमएच-119 के जरिए कुआलालंपुर जाने के लिए एयरपोर्ट पहुंचा था। चेकिंग के दौरान उसकी गतिविधियां संदिग्ध लगने पर कस्टम विभाग की टीम ने उसे रोककर विस्तृत जांच की। तलाशी लेने पर उसके पास से सोना बरामद हुआ। कस्टम अधिकारियों के मुताबिक बरामद सोने का कुल वजन 1 किलो 676 ग्राम है। सोने को जब्त कर लिया गया है और यात्री से पूछताछ की जा रही है। प्रारंभिक जांच में यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि सोना कहां से लाया गया था और इसे किसे सौंपा जाना था। कस्टम विभाग ने मामले में आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि एयरपोर्ट पर तस्करी रोकने के लिए निगरानी लगातार बढ़ाई जा रही है और संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है।   

नगर काउंसिल चुनाव को लेकर राजपुरा में हलचल तेज, भाजपा के 23 प्रत्याशी मैदान में

राजपुरा नगर राजपुरा नगर काउंसिल चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने अपनी चुनावी गतिविधियां तेज कर दी हैं। राजपुरा नगर कौंसिल के 31 वार्डों में से भाजपा के 23 उम्मीदवारों ने शुक्रवार को अपने नामांकन पत्र दाखिल कर दिए। नामांकन भरने की अंतिम तिथि 16 मई होने के कारण पार्टी कार्यकर्ताओं और उम्मीदवारों में खासा उत्साह देखने को मिला। भाजपा की ओर से नामांकन प्रक्रिया की जिम्मेदारी संभाल रहे रुपिंदर सिंह रूपी ने बताया कि 23 उम्मीदवारों की फाइलें पूरी होने के बाद उनके नामांकन पत्र संबंधित चुनाव अधिकारियों के पास जमा करवा दिए गए हैं। शेष उम्मीदवारों की फाइलें भी तैयार की जा रही हैं और शनिवार तक सभी प्रत्याशी अपने नामांकन दाखिल कर देंगे। रुपिंदर सिंह रूपी ने कहा कि भाजपा उम्मीदवार पूरी मजबूती के साथ चुनाव मैदान में हैं और उन्हें जनता का भरपूर समर्थन मिल रहा है। उन्होंने दावा किया कि देश के विभिन्न राज्यों में जनता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा की नीतियों पर विश्वास जताया है तथा आने वाले समय में पंजाब में भी भाजपा सरकार बनाएगी। उन्होंने विश्वास जताया कि राजपुरा नगर काउंसिल चुनावों में भाजपा भारी बहुमत से जीत हासिल करेगी। साथ ही कहा कि पार्टी शहर के विकास, मूलभूत सुविधाओं और बेहतर नागरिक सेवाओं के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करेगी।

सिर पर दुपट्टा, हाथ में कड़ा… Rupi Gill ने कान्स में दिखाया पंजाब की संस्कृति का खूबसूरत रंग

चंडीगढ़  कान्स फिल्म फेस्टिवल 2026 की शुरुआत के साथ ही फ्रेंच रिवेरा का रेड कार्पेट भारतीय सितारों की चमक से जगमगा उठा है। आलिया भट्ट, तारा सुतारिया और पूजा बत्रा जैसी हस्तियों ने अपनी मौजूदगी से माहौल ग्लैमरस बना दिया है, लेकिन सोशल मीडिया पर सबसे ज्यादा चर्चा एक नए चेहरे की हो रही है। व्हाइट आइवरी सूट और डायमंड-एमराल्ड ज्वेलरी में सजी यह खूबसूरत हसीना हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींच रही है। यह पंजाबी मॉडल और एक्ट्रेस रूपी गिल हैं, जिन्होंने अपने कान्स डेब्यू से ही स्टाइल और एलिगेंस का नया ट्रेंड सेट कर दिया है। कौन है रूपी गिल? पंजाबी सिनेमा की उभरती हुई एक्ट्रेस रूपी गिल का पूरा नाम रूपिंदर कौर गिल है। 28 साल की रूपी ने अपने करियर की शुरुआत करण औजला के लोकप्रिय गाने 'यारियां च फिक' के म्यूजिक वीडियो से की थी। इसके बाद उन्होंने 2018 में पंजाबी फिल्म 'अश्के' से अपना फीचर फिल्म डेब्यू किया, जिसमें उन्होंने नूर नाम का किरदार निभाया था। उन्हें पीटीसी पंजाबी फिल्म अवॉर्ड्स में बेस्ट सपोर्टिंग एक्ट्रेस कैटेगरी में नामांकन भी मिला। इसके बाद उन्होंने “मां दा लाडला”, “परिंदा पार गया”, “जट्ट नू चुड़ैल टकरी”, “बीबी रजनी” और “मझाइल” जैसी कई फिल्मों में अकाम किया। रूपी जल्द ही एमी विर्क के साथ फिल्म “चढ़दी कला” में नजर आने वाली हैं, जो 29 मई को रिलीज होगी। क्यों खास था रुपी गिल का लुक? रेड कॉर्पेट के लिए रूपी गिल व्हाइट आइवरी कलर का देसी आउटफिट चुना, जो सादगी और शालीनता का सुंदर मेल था। सिर पर रखा दुपट्टा और हाथ में पहना कड़ा उनके लुक को पूरी तरह पारंपरिक टच दे रहा था। अपने इस एथनिक अवतार को रॉयल टच देने के लिए उन्होंने डायमंड और एमराल्ड ज्वेलरी कैरी की। उन्हें ड्रेस के बाजू पर पंजाबी भाषा में 'चढ़दी कला' लिखा हुआ था। कैमरों की चमक के बीच रूपी की मुस्कान और ग्रेस ने हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। सोशल मीडिया पर उनकी तस्वीरें तेजी से वायरल हो रही हैं और फैंस उन्हें 'नई ग्लोबल पंजाबी सेंसेशन' कह रहे हैं। कान्स 2026 में जहां कई सितारे अपनी चमक बिखेर रहे हैं, वहीं रूपी गिल ने अपने पहले ही डेब्यू से साबित कर दिया कि असली स्टारडम सिर्फ नाम से नहीं, बल्कि स्टाइल और आत्मविश्वास से बनता है।