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‘मैं अपने बेटे का बदला लेकर रहूंगी’, परविंदर झोटा की मां का रो-रोकर बुरा हाल

मानसा. पंजाब के मानसा में एंटी-ड्रग एक्टिविस्ट परविंदर सिंह झोटा की मंगलवार को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस बीच पुलिस ने बुधवार को हत्याकांड के मुख्य आरोपी को राजस्थान से गिरफ्तार किया है। इससे पहले एक्टिविस्ट के पिता और पूर्व फौजी भीम सिंह ने कहा था कि जब तक उनके बेटे का आरोपी गिरफ्तार नहीं हो जाता। वह अपने बेटे का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। वहीं, परविंदर सिंह झोटा की मां ने कहा कि हम भी बदला लेंगे। उन्होंने कहा कि उनका बेटा हमेशा नशे के खिलाफ लड़ाई लड़ा। ""मेरे बेटा हमेशा नशा विक्रेताओं के खिलाफ लड़ाई लड़ा। डर के मारे उसे मार दिया गया। परविंदर झोटा की मां ने कहा कि उनके बेटे से नशा विक्रेताओं को डर था। इसलिए मार दिया गया। उन्होंने कहा कि मुझे भी बदला चाहिए। हम अपने बेटे का बदला लेकर छोड़ेंगे।"" हत्या के बाद मच गया है हंगामा – पंजाब के मानसा में ड्रग्स के खिलाफ लड़ने वाले एक्टिविस्ट परविंदर सिंह झोटा की गोली मारकर हत्या के बाद हंगामा मच गया है. परविंदर सिंह की मां का रो-रोकर बुरा हाल है. उन्होंने कहा, 'मेरा बेटा मुझे कहता था, 'मां, ये मुझे मार देंगे.' जाने से पहले मेरे पैर छूकर बोला, 'मां, मेरा खाना तैयार रखना.' उन्होंने मेरा अनमोल बेटा छीन लिया. भगवंत मान सरकार ने सब बर्बाद कर दिया है.' परविंदर सिंह झोटा की हत्या का आरोप मेडिकल स्टोर चलाने वाले पर लगा है. पुलिस ने बताया कि मेडिकल स्टोर वाले ने ड्रग्स की अवैध बिक्री का खुलासा करने वाले एक एक्टिविस्ट की गोली मारकर हत्या कर दी. पुलिस ने बताया कि परविंदर सिंह झोटा दवा की दुकानों पर ड्रग्स की अवैध बिक्री का पर्दाफाश करने के लिए जाने जाते थे. कैसे हुई झोटा की हत्या? पुलिस के मुताबिक, परविंदर सिंह उर्फ झोटा एक व्यक्ति को कुछ दवाएं बेचने को लेकर मेडिकल स्टोर वाले से सवाल कर रहे थे. इसी दौरान वह अपने मोबाइल फोन से बहस की रिकॉर्डिंग भी कर रहे थे, तभी उन्हें गोली मार दी गई. सामने आए 5 मिनट 49 सेकंड के एक वीडियो में झोटा को यह कहते हुए सुना जा सकता है कि मेडिकल स्टोर के मालिक ने अपनी पिस्तौल निकाल ली थी. झोटा स्टोर के मालिक से कहता है, 'मार, मार, हम पर गोली चला.' वीडियो में झोटा मेडिकल स्टोर के मालिक से कहता है कि उस बुजुर्ग आदमी ने उसकी दुकान से कुछ दवाइयां खरीदी थीं. जब दुकानदार उस बुजुर्ग आदमी से इन दावों के बारे में पूछता है, तो झोटा कहता है कि उसके पास इसकी वीडियो रिकॉर्डिंग है. बहस के दौरान, झोटा स्टोर के मालिक से पूछता है, 'पिस्तौल निकालने की क्या जरूरत है? क्या हमने तुमसे कुछ कहा? इस बुजुर्ग आदमी ने तुमसे यह (दवाइयां) खरीदी हैं.' वह आगे कहता है, 'हम ड्रग इंस्पेक्टर को बुलाएँगे, अश्वनी (स्टोर का मालिक)। क्या हम तुमसे कुछ कह रहे हैं? तुम पिस्तौल नीचे रखो। क्या हम तुम्हें मार-पीट रहे हैं?'  झोटा कहता है, 'इसके हाथ में पिस्तौल है और यह दवाइयां बेच रहा है.'  इसके बाद मेडिकल शॉप का मालिक गोली चला देता है, जो वीडियो में रिकॉर्ड हो जाती है. इस पर झोटा और उसके साथी दुकान से बाहर भागते हैं. पिस्तौल लहराता हुआ बाहर निकला स्टोर का मालिक इस पूरी घटना का एक राहगीर ने भी वीडियो बनाया, जिसमें मेडिकल स्टोर का मालिक हथियार लहराते हुए अपनी दुकान से बाहर निकलता और झोटा का पीछा करता हुआ दिखाई देता है. झोटा अपनी जान बचाने के लिए भागता है. जब बाजार में लोग डर के मारे यह सब देख रहे होते हैं, तो एक आदमी दुकान के मालिक पर एक डिब्बा फेंकता है, जो उसके सिर पर लगता है. बिना डरे, दुकानदार अपनी दुकान में वापस चला जाता है. बाद में, वीडियो में झोटा को पास की एक दुकान में खून से लथपथ पड़ा हुआ दिखाया गया है. झोटा के साथ स्टोर पर गए चार लोगों को भी गोली लगी. मानसा के एसएसपी वैभव चौधरी ने कहा कि आरोपी को पकड़ने की कोशिशें चल रही हैं. झोटा मानसा और आस-पास के इलाकों में ड्रग्स के इस्तेमाल और केमिस्ट की दुकानों पर नशीली दवाओं की गैर-कानूनी बिक्री के खिलाफ आवाज उठाते रहे थे. वह सोशल मीडिया पर वीडियो भी शेयर करते थे. 2023 में, उन्होंने बैन की गई दवाएं बेचने के आरोप में एक मेडिकल स्टोर के मालिक को जूतों की माला पहनाई थी और बाजार में घुमाया था. उस समय, दुकान के मालिक के खिलाफ FIR दर्ज की गई थी, और झोटा पर मारपीट और जबरदस्ती घुसने का मामला दर्ज किया गया था.

पंजाब में भ्रष्टाचार मामले में ED की कार्रवाई, सीएम भगवंत मान के ओएसडी के खिलाफ केस दर्ज

चंडीगढ़  पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के ओएसडी राजबीर सिंह घुम्मन से जुड़े कथित भ्रष्टाचार मामले में जांच का दायरा बढ़ता नजर आ रहा है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की प्राथमिकी के संबंध में राजबीर घुम्मन की गिरफ्तारी पर रोक और उनके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई नहीं करने का आदेश दिए जाने के बाद अब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भी जालंधर में उनके खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। सुप्रीम कोर्ट से राहत के बाद ईडी ने दर्ज किया केस  सुप्रीम कोर्ट की राहत के बावजूद जांच पर रोक नहीं लगी है। ऐसे में मामले में ईडी की एंट्री को जांच के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस पूरे मामले की पृष्ठभूमि में मुख्यमंत्री कार्यालय में कथित भ्रष्टाचार और अनियमितताओं से जुड़े आरोप हैं। बताया जाता है कि प्रवर्तन निदेशालय ने पंजाब के पुलिस महानिदेशक को पत्र लिखकर मुख्यमंत्री कार्यालय में कथित कदाचार और भ्रष्टाचार की जांच की मांग उठाई थी। इसके बाद पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश पर सीबीआई ने इस मामले में 251 पन्नों की विस्तृत प्राथमिकी दर्ज की थी। अब ईडी ने भी जालंधर में मामला दर्ज कर अपनी जांच शुरू कर दी है। ये हैं आरोप मामले में राजबीर सिंह घुम्मन और उनके कथित सहयोगियों पर अधिकारियों की नियुक्तियों, तबादलों और तैनातियों को प्रभावित करने, सरकारी ठेके दिलाने तथा गोपनीय सरकारी फाइलों की जानकारी लीक करने के बदले कथित तौर पर करोड़ों रुपये नकदी और अचल संपत्तियां हासिल करने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। जांच एजेंसियों को संदेह है कि इन गतिविधियों के पीछे रिश्वत के लेन-देन का एक संगठित नेटवर्क काम कर रहा था। हालांकि, ये आरोप हैं और इनकी पुष्टि जांच तथा न्यायिक प्रक्रिया के जरिए ही होगी। सीबीआई इस मामले में भ्रष्टाचार से जुड़े आरोपों की जांच कर रही है, जबकि ईडी की कार्रवाई से कथित आर्थिक लेन-देन और संपत्तियों से जुड़े पहलुओं की भी जांच का रास्ता खुल सकता है। फिलहाल सुप्रीम कोर्ट से गिरफ्तारी के मामले में मिली राहत और दूसरी ओर ईडी द्वारा मामला दर्ज किए जाने से यह प्रकरण पंजाब की प्रशासनिक और राजनीतिक हलचल के केंद्र में आ गया है। 

पंजाब में पहली बार होगी एशियन चैंपियंस ट्रॉफी, जालंधर में लीग मैच तो मोहाली में खिताबी मुकाबला

चंडीगढ़. पंजाब में एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय हॉकी का रोमांच देखने को मिलेगा। पुरुष एशियन चैंपियंस ट्रॉफी हॉकी प्रतियोगिता का कार्यक्रम जारी कर दिया गया है। करीब 40 साल बाद पंजाब को इतने बड़े हॉकी टूर्नामेंट की आयोजन का मौका मिला है। 27 अक्टूबर से पांच नवंबर तक होने वाली इस चैंपियनशिप के शुरुआती चरण के सभी मुकाबले जालंधर के ओलंपियन सुरजीत सिंह हॉकी स्टेडियम में खेले जाएंगे, जबकि चार और पांच नवंबर को मोहाली में खिताब के लिए निर्णायक जंग होगी। हॉकी इंडिया ने आगामी एशियन चैम्पियंस ट्रॉफी 2026 के लिए 18 सदस्यीय भारतीय पुरुष हॉकी टीम का ऐलान कर दिया है. यह टूर्नामेंट 27 अक्टूबर से 5 नवंबर तक पंजाब के जालंधर और मोहाली में खेला जाएगा.  टीम की कमान एक बार फिर अनुभवी स्टार खिलाड़ी हरमनप्रीत सिंह के हाथों में सौंपी गई है, जिनकी अगुवाई में भारत ने जापान में हुए एशियाई खेलों में गोल्ड मेडल जीता था. मुख्य कोच क्रेग फुलटन ने गोलकीपिंग, डिफेंस और मिडफील्ड विभाग में कुछ अहम बदलाव किए हैं. गोलकीपर कृष्ण बहादुर पाठक की टीम में शानदार वापसी हुई है. युवा डिफेंडर अमनदीप लकड़ा और मिडफिल्डर आदित्य अर्जुन लालगे को सीनियर सेटअप में अपनी जगह मजबूत करने का एक और मौका मिला है. इसके अलावा विष्णु कांत सिंह और अंगद बीर सिंह को 18 सदस्यीय मुख्य टीम के अलावा रिजर्व/रिप्लेसमेंट खिलाड़ियों के रूप में शामिल किया गया है. मुख्य कोच क्रेग फुलटन ने कहा कि पंजाब में एशियन चैम्पियंस ट्रॉफी खेलना बेहद खास अनुभव होगा और घरेलू दर्शकों के सामने खेलने का रोमांच ही कुछ और है. यह टूर्नामेंट इस लिहाज से भी बेहद खास है क्योंकि इसके जरिए पंजाब में लंबे समय बाद अंतरराष्ट्रीय हॉकी की वापसी हो रही है. डिफेंडिंग चैम्पियन के रूप में उतर रही भारतीय टीम इस टूर्नामेंट की सबसे सफल टीम है और अब तक पांच बार खिताब अपने नाम कर चुकी है. टूर्नामेंट के सभी लीग मुकाबले जालंधर के ओलंपियन सुरजीत सिंह हॉकी स्टेडियम में खेले जाएंगे, जबकि सेमीफाइनल और फाइनल मुकाबले मोहाली के ओलंपियन बलबीर सिंह सीनियर इंटरनेशनल हॉकी स्टेडियम में होंगे. भारतीय हॉकी टीम गोलकीपर: सूरज करकेरा, कृष्ण बहादुर पाठक. डिफेंडर: संजय, हरमनप्रीत सिंह (कप्तान), अमित रोहिदास, जुगराज सिंह, जरमनप्रीत सिंह, अमनदीप लाकड़ा. मिडफील्डर: राजिंदर सिंह, आदित्य अर्जुन लालगे, नीलकंठ शर्मा, हार्दिक सिंह, मनप्रीत सिंह. फॉरवर्ड: शिलानंद लाकड़ा, अभिषेक, सुखजीत सिंह, दिलप्रीत सिंह, मनदीप सिंह. रिजर्व खिलाड़ी: विष्णु कांत सिंह, अंगद बीर सिंह.

छात्रावासों के निरीक्षण में खुली व्यवस्थाओं की पोल, सुकमा में 15 अधीक्षकों पर कार्रवाई

सुकमा. जिले के दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों में संचालित आश्रमों और छात्रावासों की व्यवस्थाओं को लेकर जिला प्रशासन ने सख्ती दिखाई है. कलेक्टर अमित कुमार के निर्देश पर विभागीय टीमों ने जिले की आवासीय शिक्षण संस्थाओं का आकस्मिक और सघन निरीक्षण किया. निरीक्षण प्रतिवेदनों की समीक्षा में कुछ संस्थाओं में निर्धारित रोस्टर का पालन नहीं होने और मूलभूत व्यवस्थाओं में कमियां पाए जाने की बात सामने आई. इसके बाद प्रशासन ने संबंधित संस्थाओं के अधीक्षकों और अधीक्षिकाओं से जवाब तलब किया है. बालक आश्रम गुट्टागुड़ा, नीलावरम, मुनगा, नामापारा और मिरीवाड़ा सहित विभिन्न संस्थाएं इस कार्रवाई के दायरे में हैं. कन्या आश्रम चिंगावरम, पोस्ट मैट्रिक कन्या छात्रावास सुकमा तथा कोंटा, तोंगपाल और अन्य स्थानों के छात्रावासों को भी नोटिस जारी किया गया है. कुल 15 संस्थाओं के जिम्मेदार अधिकारियों को नोटिस प्राप्त होने के दो दिन के भीतर उपस्थित होकर स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए गए हैं. प्रशासन का कहना है कि आवासीय संस्थाओं में बच्चों के पोषण, रहने की सुविधा, अनुशासन और शिक्षा की व्यवस्था से समझौता नहीं किया जा सकता. दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले बच्चों के लिए आश्रम और छात्रावास केवल आवास नहीं, बल्कि शिक्षा और सुरक्षित जीवन का महत्वपूर्ण आधार हैं. ऐसे में निरीक्षण के दौरान सामने आई कमियों को दूर करना और जिम्मेदार कर्मचारियों की जवाबदेही तय करना जरूरी है. अब संबंधित अधीक्षकों के जवाब और विभागीय जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी.

जनगणना-2027 को लेकर बठिंडा प्रशासन अलर्ट, अधिकारियों ने समय पर काम पूरा करने के दिए निर्देश

बठिंडा  बठिंडा में जनगणना-2027 के दूसरे चरण की तैयारियों के तहत नगर निगम की ओर से प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत की गई। बलवंत गार्गी ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम में विभिन्न विभागों से आए सुपरवाइजरों को पहले दिन जनगणना से संबंधित जानकारियां दी गईं। कार्यक्रम का आयोजन नगर निगम कमिश्नर एवं प्रिंसिपल सेंसस ऑफिसर लवजीत कलसी तथा असिस्टेंट कमिश्नर सुनील मेहता के मार्गदर्शन में मंगलवार को किया गया। नगर निगम की टीम ने प्रदीप कुमार, बलवान सिंह और राजल की देखरेख में प्रशिक्षण की व्यवस्थाएं संभालीं। प्रशिक्षण के आरंभ में सुनील मेहता ने सुपरवाइजरों से अपनी जिम्मेदारियां पूरी गंभीरता और ईमानदारी से निभाने की अपील की। उन्होंने निर्धारित समय पर सटीक और त्रुटिरहित काम पूरा करने पर जोर दिया। जनगणना की प्रक्रिया और कानूनी प्रावधानों की दी जानकारी प्रशिक्षण के दौरान पंजाब की डायरेक्टर सेंसस नवजोत कौर खोसा (आईएएस) का संदेश वीडियो के माध्यम से प्रतिभागियों के साथ साझा किया गया। फील्ड ट्रेनरों ने जनगणना की पृष्ठभूमि, उद्देश्य और महत्व के बारे में विस्तार से बताया। सुपरवाइजरों और गणनाकारों को उनकी भूमिकाओं और जिम्मेदारियों की जानकारी देने के साथ जनगणना से जुड़े कानूनी प्रावधानों, भवनों की नंबरिंग, क्षेत्र का नक्शा तैयार करने और जनगणना के दौरान पूछे जाने वाले सवालों के बारे में समझाया गया। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों की शंकाओं का समाधान भी किया गया और विषयों को बेहतर ढंग से समझाने के लिए संबंधित वीडियो दिखाए गए। कई फील्ड ट्रेनर रहे मौजूद इस अवसर पर फील्ड ट्रेनर कपिल कुमार, सरबजीत शर्मा, प्रमोद कुमार, पवन कुमार, गमदूर सिंह, दीपक कुमार, अचिंत राज, राकेश कुमार, प्रलाद कुमार और अमित कुमार उपस्थित रहे। प्रशिक्षण का उद्देश्य जनगणना कार्य में शामिल कर्मचारियों को प्रक्रिया की सही जानकारी देकर काम को व्यवस्थित और त्रुटिरहित ढंग से संपन्न कराने के लिए तैयार करना रहा।

बेअंत सिंह हत्याकांड के दोषी हवारा ने तिहाड़ से पंजाब जेल जाने की जताई इच्छा, SC ने IB से मांगा इनपुट

 चंडीगढ़  सुप्रीम कोर्ट ने  दिल्ली सरकार को निर्देश दिया कि वह पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह हत्या कांड के दोषी जगतार सिंह हवारा की याचिका पर खुफिया ब्यूरो (IB) से राय मांगे। याचिका में हवारा ने खुद को दिल्ली की तिहाड़ जेल से पंजाब की किसी भी जेल में स्थानांतरित करने की मांग की है। बब्बर खालसा का यह आतंकी 1995 में पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री की हत्या से जुड़े मामले में उम्रकैद की सजा काट रहा है। जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस पीबी वराले की पीठ ने कहा कि ये संवेदनशील मामले हैं और वह राज्य सरकार की सलाह के खिलाफ जाने की स्थिति में नहीं है। दिल्ली सरकार की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी ने शीर्ष अदालत को सूचित किया कि हवारा जेल ब्रेक (जेल भागने) की घटना में शामिल था और इस हत्या के मामले में उसकी मृत्युदंड की सजा को उम्रकैद में बदल दिया गया था। यह तर्क देते हुए कि स्थानांतरण से उसके भागने की संभावना बढ़ सकती है, भाटी ने उच्च जोखिम वाले कैदियों के स्थानांतरण पर गृह मंत्रालय द्वारा जारी एक एडवाइजरी का हवाला दिया। उन्होंने पंजाब सरकार द्वारा दायर एक हलफनामे का भी संदर्भ दिया और कहा कि यदि उसे स्थानांतरित किया जाता है तो पंजाब में कानून-व्यवस्था की स्थिति प्रभावित होगी। भाटी ने यह भी कहा कि हवारा को चंडीगढ़ जेल में सुरंग खोदने के एक मामले में दोषी ठहराया जा चुका है। हवारा के वकील ने दिया मां का हवाला हवारा की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता कॉलिन गोंसाल्वेस ने दलील दी कि जब यह हत्याकांड हुआ था तब हवारा महज 21 साल का था और मुख्यमंत्री की हत्या को 31 साल बीत चुके हैं। गोंसाल्वेस ने कहा, "मेरी (हवारा की) मां बहुत बुजुर्ग हैं, वे 82 वर्ष की हैं और उनकी हालत गंभीर है। वह पंजाब की उच्च सुरक्षा वाली जेल में स्थानांतरण की मांग कर रहे हैं, न कि रिहा होने की।" उन्होंने आगे कहा कि जेल में उनका आचरण बेदाग रहा है। इस पर शीर्ष अदालत ने टिप्पणी की-     जब आपकी कोई विचारधारा होती है.. तो हम नहीं जानते कि यह कैसे बाहर आएगी… हर पापी का एक भविष्य होता है.. देखिए, लोग कहते हैं कि यदि आप एक व्यक्ति की हत्या करते हैं तो आप हत्यारे हैं और यदि आप 1,000 लोगों की हत्या करते हैं तो आप विजेता हैं। तो यही अंतर है। वह (हवारा) शायद शांत हो गया हो और बदला हुआ इंसान बन गया हो, लेकिन उसके बाद क्या चीज उसे भड़का दे, यह हम नहीं कह सकते। शीर्ष अदालत ने इसके बाद मामले की सुनवाई चार सप्ताह के लिए स्थगित कर दी। पिछले साल 27 सितंबर को शीर्ष अदालत ने हवारा की याचिका पर केंद्र, चंडीगढ़ प्रशासन और दिल्ली व पंजाब सरकारों को नोटिस जारी किया था। हवारा 31 अगस्त 1995 को चंडीगढ़ स्थित नागरिक सचिवालय के प्रवेश द्वार पर हुए विस्फोट से जुड़े मामले में ताउम्र कैद की सजा काट रहा है, जिसमें बेअंत सिंह और 16 अन्य लोग मारे गए थे। शीर्ष अदालत में दायर याचिका में कहा गया है कि जेल में हवारा का व्यवहार 22 जनवरी 2004 की जेल ब्रेक घटना को छोड़कर निष्कलंक रहा है, जब वह भाग गया था और बाद में उसे फिर से गिरफ्तार कर लिया गया था। याचिका में कहा गया है कि उसे दिल्ली की तिहाड़ जेल से पंजाब की किसी अन्य जेल में स्थानांतरित किया जाना चाहिए क्योंकि राष्ट्रीय राजधानी में उसके खिलाफ कोई मामला लंबित नहीं है। 2004 जेल ब्रेक कांड में भी आया नाम हवारा, परमजीत सिंह भियोरा, तारा और हत्या के दोषी देवी सिंह जनवरी 2004 में लगभग 100 फीट लंबी सुरंग खोदकर चंडीगढ़ की उच्च सुरक्षा वाली बुरैल जेल से भाग गए थे। हवारा और भियोरा को अगले दो वर्षों के भीतर फिर से गिरफ्तार कर लिया गया था। इस मामले में भगोड़ा घोषित तारा को थाईलैंड से गिरफ्तार किया गया था, जबकि देवी सिंह फरार है और उसे भी भगोड़ा घोषित किया गया है। याचिका में कहा गया, "याचिकाकर्ता (हवारा) वर्तमान में पंजाब राज्य में दर्ज एक मामले में अपने पूरे जीवनकाल के लिए आजीवन कारावास की सजा काट रहा है… वह पंजाब राज्य के फतेहगढ़ साहिब जिले का मूल निवासी है और उसे पंजाब की ही जेल में रखा जाना चाहिए।" याचिकाकर्ता पर 36 मामले दर्ज हुए याचिका के अनुसार, बेअंत सिंह की हत्या के बाद याचिकाकर्ता के खिलाफ 36 झूठे मामले दर्ज किए गए थे और एक को छोड़कर बाकी सभी में उसे बरी कर दिया गया है। याचिका में यह भी कहा गया कि इसी मामले में दोषी ठहराए गए और जेल ब्रेक का हिस्सा रहे एक अन्य व्यक्ति को तिहाड़ से चंडीगढ़ की जेल में स्थानांतरित कर दिया गया है। याचिका में तर्क दिया गया, "केवल यह तथ्य कि याचिकाकर्ता को वर्षों पहले उच्च जोखिम वाला कैदी माना गया था, आज उसे दिल्ली में रखने और पंजाब स्थानांतरित न करने का पर्याप्त कारण नहीं है।" इसमें यह भी जोड़ा गया कि उसकी बेटी पंजाब में ही रहती है। 2007 में सुनाई गई थी मौत की सजा याचिका में कहा गया, "इस मामले में जो प्रश्न उठता है वह यह है कि क्या एक व्यक्ति, जिस पर गंभीर सामाजिक उथल-पुथल के संदर्भ में हत्या करने का आरोप लगा था—जहां तत्कालीन मृत मुख्यमंत्री बेअंत सिंह के निर्देशों पर राज्य पुलिस द्वारा हजारों युवा सिखों को न्यायेतर तरीके से मार दिया गया था, और जिसके अपराध को उसके असफल जेल ब्रेक के प्रयास से और गंभीर मान लिया गया। लेकिन जिसने पिछले 19 वर्षों से जेल में जीवन व्यतीत किया है, क्या वह इस अदालत से पंजाब की जेल में स्थानांतरण के आदेश की मांग कर सकता है?" मार्च 2007 में एक ट्रायल कोर्ट ने इस मामले में हवारा को मौत की सजा सुनाई थी। पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय ने अक्टूबर 2010 में उसकी सजा को उम्रकैद में बदलते हुए निर्देश दिया था कि उसे शेष जीवन तक जेल से रिहा नहीं किया जाएगा। हवारा की याचिका में कहा गया है कि उच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ उसके साथ-साथ अभियोजन पक्ष द्वारा दायर की गई अपीलें भी शीर्ष … Read more

परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड में मुख्य आरोपी गिरफ्तार, परिजन अंतिम संस्कार को तैयार नहीं; कल पंजाब बंद का ऐलान

मानसा पंजाब के मानसा जिले में एक नशा विरोधी कार्यकर्ता की हत्या कर दी गई है। इस मामले के मुख्य आरोपी मेडिकल स्टोर मालिक को राजस्थान से गिरफ्तार किया गया है। सूत्रों ने बुधवार को यह जानकारी दी। वहीं, परिवार के सदस्यों और ग्रामीणों ने पंजाब सरकार के विरोध में नेशनल हाईवे जाम कर दिया है।आरोपी अश्विनी कुमार को सालासर से हिरासत में लिया गया है। नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की मंगलवार को दिनदहाड़े हत्या हुई थी। झोटा ने आरोपी को एक बुजुर्ग व्यक्ति को कथित तौर पर नशीली दवाएं बेचते हुए पकड़ा था। यह घटना झोटा के लाइव फेसबुक सेशन के दौरान कैमरे में कैद हो गई थी।  हत्या के बाद आरोपी दुकानदार फरार हो गया था, जिसके बाद पुलिस ने उसकी तलाश शुरू की। झोटा नशीली दवाओं के दुरुपयोग के खिलाफ आवाज उठाते थे। वे केमिस्ट दुकानों पर नशीले पदार्थों की अवैध बिक्री का भी विरोध करते थे।  घटना के बाद तनाव और राजनीतिक प्रतिक्रिया गोलीबारी के बाद मानसा शहर में तनाव फैल गया, जहां समर्थकों ने मेडिकल दुकान में तोड़फोड़ की। झोटा के परिवार ने विरोध में अपने शव का अंतिम संस्कार करने से इन्कार कर दिया। पुलिस ने मंगलवार को एक सहयोगी को गिरफ्तार किया, जिसने स्टोर मालिक को भागने में मदद की थी।    इस हत्या की राजनीतिक नेताओं ने व्यापक निंदा की, जिन्होंने सत्तारूढ़ AAP सरकार पर कानून-व्यवस्था बिगड़ने का आरोप लगाया। विपक्षी दलों ने भगवंत मान सरकार पर "जंगल राज" का आरोप लगाते हुए नशा विरोधी आवाज उठाने वालों की सुरक्षा पर सवाल उठाए। यह था मामला एंटी ड्रग टास्क फोर्स के नेता परमिंदर सिंह झोटा की गोली मारकर हत्या कर दी गई। मंगलवार को एक दुकानदार ने उन पर गोलियां चलाईं। जख्मी हालत में उन्हें मानसा के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां उनकी मौत हो गई। परमिंदर सिंह झोटा लंबे समय से शहर के मेडिकल स्टोरों पर नशा बेचने का विरोध कर रहे थे। इस बात को लेकर उनका कई दुकानदारों से झगड़ा भी हुआ था। मंगलवार को वह शहर के मुख्य बाजार रेलवे फाटक के पास एक मेडिकल स्टोर पर पहुंचे थे तभी दुकानदार ने उन पर गोलियां चला दीं। दुकानदार सरेआम गोलियां चलाता रहा। परमिंदर सिंह झोटा ने अपनी जान बचाने की कोशिश की, वह एक दुकान में घुस गए थे। वहीं, कांग्रेस सांसद अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने बुधवार सुबह परविंदर सिंह झोटा के निवास का दौरा किया। उन्होंने परिवार को ढांढस बंधाया और मामले में कार्रवाई का आश्वासन दिया।   

50 दिन से टावर पर चढ़े बुजुर्ग मान गए, पंजाब में जिला प्रशासन ने संभाली कमान

पठानकोट. कमेटी जैनी जुगियाल के दो बुजुर्ग संघर्षकर्मी आखिरकार 50 दिन बाद टावर से नीचे उतरने को राजी हो गए। माधोपुर-पठानकोट क्षेत्र में करीब 100 फीट ऊंचे टावर पर बैठे 88 वर्षीय शरम सिंह और 83 वर्षीय कुलविंदर सिंह को मनाने के लिए सोमवार को जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने संघर्ष कमेटी के सदस्यों के साथ बातचीत कर उनकी मांगों के समाधान के लिए एक सप्ताह के भीतर चंडीगढ़ में पंजाब के चीफ सेक्रेटरी और सरकार के अन्य नेताओं के साथ बैठक करवाने का आश्वासन दिया। सोमवार शाम करीब साढ़े चार बजे डीसी डॉ. पल्लवी, एसएसपी मनप्रीत सिंह और एडीसी जनरल हरदीप सिंह लुबाना माधोपुर स्थित टॉवर के पास पहुंचे। अधिकारियों ने यूनियन सदस्यों के साथ बातचीत की और उन्हें भरोसा दिलाया कि लंबे समय से लंबित मांगों को संबंधित अधिकारियों के समक्ष उठाकर समाधान करवाने का प्रयास किया जाएगा। प्रशासन के इस आश्वासन के बाद दोनों बुजुर्ग टावर से नीचे उतरने के लिए सहमत हो गए। इसके बाद उन्हें क्रेन की सहायता से नीचे लाने की प्रक्रिया शुरू की गई। 

पंजाब BJP ने घोषित किए प्रमुख सेल के संयोजक, संगठन में नई जिम्मेदारियां तय

चंडीगढ़. भाजपा पंजाब ने संगठन को मजबूत करने और विभिन्न वर्गों तक पार्टी की पहुंच बढ़ाने के लिए प्रदेश के अलग-अलग सेल के संयोजकों की नियुक्तियां की हैं। प्रदेश अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों की मंजूरी से ये नियुक्तियां तत्काल प्रभाव से की गई हैं। प्रदेश सेल समन्वयक बिक्रमजीत सिंह चीमा के हस्ताक्षर से जारी सूची के अनुसार, विनीत जोशी को मीडिया सेल का संयोजक बनाया गया है। नियुक्तियों के तहत अमृतसर के राजिंदर सिंह मरवाहा को व्यापार सेल का संयोजक और जसप्रीत सिंह हाबी को सह-संयोजक नियुक्त किया गया है। एडवोकेट एनके शर्मा को कानूनी सेल, सेवानिवृत्त आइएएस गुरजोत मल्ल्ही को एक्स-ऑफिसियो सेल और पीकेएस भारद्वाज को बुद्धिजीवी सेल की जिम्मेदारी सौंपी गई है। रोहित कुमार अग्रवाल को राइस ट्रेड सेल, राजेश कुमार मिश्रा को पूर्वांचल सेल और डाॅ. सीमत गर्ग को मेडिकल सेल का संयोजक बनाया गया है।

नकली जैव खाद पर लगेगी लगाम, मोहाली में शुरू हुई तीसरी हाईटेक जांच लैब

मोहाली. जैविक खेती के नाम पर किसानों को घटिया या नकली जैव उर्वरक बेचने वालों पर शिकंजा कसने की तैयारी है। पंजाब सरकार ने जैव उर्वरकों की गुणवत्ता जांच के लिए प्रदेश में तीन प्रयोगशालाओं का नेटवर्क तैयार किया है। पंजाब के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री गुरमीत सिंह खुदियन ने मंगलवार को एसएएस नगर (मोहाली) के कलकत भवन में एक बायो-फर्टिलाइजर परीक्षण प्रयोगशाला का उद्घाटन किया, जो 4.50 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित तीन ऐसी प्रयोगशालाओं के राज्य के नेटवर्क को पूरा करता है। मोहाली, गुरदासपुर और बठिंडा में स्थित प्रयोगशालाओं का उद्देश्य जैव-निषेचनकर्ताओं और अन्य जैव-इनपुट की गुणवत्ता सुनिश्चित करना, किसानों को नकली उत्पादों से बचाना और टिकाऊ कृषि को बढ़ावा देना है। उद्घाटन के मौके पर बोलते हुए, खुदियन ने कहा कि प्रयोगशालाएं किसानों को रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता को कम करते हुए प्रमाणित और प्रभावी उत्पादों तक पहुंचने में मदद करेंगी। वे उर्वरक नियंत्रण व्यवस्था के प्रवर्तन को भी मजबूत करेंगे, निर्माताओं और डीलरों की निगरानी की सुविधा प्रदान करेंगे, और पंजाब की कृषि-जलवायु परिस्थितियों के अनुकूल जैव-उर्वर उपभेदों में सुधार के लिए डेटा उत्पन्न करेंगे। देश के खाद्य उत्पादन में पंजाब के योगदान पर प्रकाश डालते हुए मंत्री ने कहा कि राज्य में भारत के गेहूं और चावल उत्पादन में 30 प्रतिशत से अधिक हिस्सेदारी है। उन्होंने प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण, मृदा स्वास्थ्य में सुधार करने और कृषि उपज की गुणवत्ता को बनाए रखने वाली स्थायी कृषि पद्धतियों के महत्व पर बल दिया। खुदियन ने कहा कि खाद्य सुरक्षा, पर्यावरण स्वास्थ्य और टिकाऊ कृषि उत्पादन के बारे में बढ़ती जागरूकता के बीच जैविक खेती को बरकरार रखा है। राज्य सरकार के अनुसार, पंजाब में लगभग 30,000 एकड़ जमीन 2025-26 में प्रमाणित जैविक खेती के अधीन थी। मंत्री ने कहा कि पंजाब की जैव उर्वरकों की सालाना खपत 15,000 से 16,000 मीट्रिक टन/किलोलीटर होने का अनुमान है और यह लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि इन उत्पादों के बढ़ते उपयोग और जैविक खेती के विस्तार के साथ गुणवत्ता परीक्षण आवश्यक हो गया है। तीन प्रयोगशालाओं से नियामकीय अनुपालन सुनिश्चित करने, कृषि आदानों की गुणवत्ता में सुधार करने और स्थायी कृषि प्रथाओं को अपनाने वाले किसानों का समर्थन करने में मदद करने की उम्मीद है। उद्घाटन के मौके पर डेराबसी के विधायक कुलजीत सिंह रंधावा, अपर सचिव कृषि लतीफ अहमद और निदेशक कृषि गुरजीत सिंह बराड़ भी मौजूद थे।