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पंजाब रोडवेज में नई टिकट व्यवस्था, सफर के दौरान कैश और ऑनलाइन पेमेंट दोनों की मिलेगी सुविधा

अमृतसर. पंजाब रोडवेज की टिकट व्यवस्था में बड़े बदलाव की तैयारी शुरू हो गई है। सूत्रों के अनुसार अब कैश के साथ-साथ यात्री क्यूआर कोड द्वारा भी भुगतान कर अपनी टिकट प्राप्त कर सकेंगे। इसका ट्रायल शुरू हो चुका है। अब यात्रियों को बसों में टिकट लेने के लिए नकद भुगतान पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। सूत्रों की मानें तो रोडवेज विभाग द्वारा शुरू की जा रही इस व्यवस्था में क्यूआर कोड के साथ-साथ यू.पी.आई., डेबिट कार्ड और क्रैडिट कार्ड जैसे कई डिजिटल भुगतान विकल्प भी उपलब्ध होंगे। इससे यात्रियों का समय बचेगा और टिकट प्रक्रिया अधिक आसान और पारदर्शी बनेगी। इस डिजिटल पहल का उद्देश्य यात्रियों को बेहतर सुविधाएं देना और सार्वजनिक परिवहन प्रणाली को आधुनिक बनाना है। अभी लगभग एक माह की तैयारी सूत्रों की मानें तो मशीन आदि की पूरी कार्यप्रणाली सैट करते हुए लगभग एक माह का समय लग जाएगा। इस बाबत जब पंजाब रोडवेज कॉन्ट्रैक्ट वर्कर यूनियन के प्रधान जोध सिंह से संपर्क किया गया तो उन्होंने कहा कि इससे टिकट प्रणाली में एक बहुत बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। विभाग के इस कदम से जहां यात्रियों को सुविधा मिलेगी वहीं कंडक्टर की कार्यशैली में भी सुधार होगा क्योंकि इससे सीधे पैसे विभाग के खाते में जाएंगे। मुख्य दफ्तर की ओर से इसका कार्य प्रगति पर है। इस बाबत जब जी.एम.-2 अमृतसर हरविंदर सिंह से संपर्क किया गया तो उन्होंने कहा कि इसकी कार्यप्रणाली को लेकर टैस्टिंग शुरू हो गई है। इन मशीनों में कंडक्टर और ड्राइवर के नाम भी फीड किए जाएंगे जोकि जल्द ही बसों में कार्य करती दिखाई देंगी।

वड़िंग को मिला नेताओं का खुला समर्थन, पंजाब कांग्रेस में चन्नी गुट से सुलह के संकेत

चंडीगढ़. पंजाब कांग्रेस में पिछले कुछ दिनों से विधानसभा चुनाव समिति की सूची को लेकर शुरू हुआ अंदरूनी घमासान अब शांत कराने की कवायद तेज हो गई है। कांग्रेस हाईकमान पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए हुए है और पार्टी के भीतर एकजुटता का संदेश देने के प्रयास तेज कर दिए गए हैं। इसी बीच प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के समर्थन में कई वरिष्ठ नेता सक्रिय नजर आए हैं। सूत्रों के अनुसार, वरिष्ठ कांग्रेस नेता राणा केपी. सिंह, शमशेर सिंह  धूलो सहित कई नेताओं ने अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग से मुलाकात कर उन्हें दोबारा प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने पर बधाई दी और संगठन को मजबूत करने पर चर्चा की। वहीं, प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी दोनों ही अपने-अपने समर्थकों के साथ लगातार आंतरिक बैठकें कर रहे हैं। दरअसल, विधानसभा चुनाव समिति की सूची जारी होने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और उनके समर्थक नेताओं ने खुलकर नाराजगी जताई थी। इसके बाद पार्टी में गुटबाजी की चर्चाओं ने जोर पकड़ लिया। हालांकि, कांग्रेस हाईकमान ने पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए वरिष्ठ नेताओं को हालात पर नजर रखने के निर्देश दिए हैं। पंजाब प्रभारी जल्द करेंगे पंजाब दौरा सूत्रों का कहना है कि पंजाब मामलों के प्रभारी भूपेश बघेल अगले एक-दो दिनों में पंजाब पहुंच सकते हैं। इस दौरान वे संगठन के नेताओं के साथ बैठक कर मौजूदा स्थिति पर चर्चा करेंगे और विधानसभा चुनाव की तैयारियों की समीक्षा करेंगे। वहीं, 7 जुलाई के बाद राहुल गांधी के विदेश दौरे से लौटने पर पंजाब कांग्रेस के कुछ वरिष्ठ नेताओं को दिल्ली बुलाकर भी चर्चा किए जाने की संभावना है। सूत्रों के मुताबिक, फिलहाल विधानसभा चुनाव समिति की सूची में बड़े बदलाव की संभावना कम है और पार्टी नेतृत्व विवाद को बढ़ाने के बजाय उसे शांत करने की रणनीति पर काम कर रहा है। वडिंग ने दिया संयम व एकजुटता का संदेश इस बीच प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने भी नेताओं को संयम और एकजुटता का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि "छोटी-छोटी बातों पर नेताओं को रूठना नहीं चाहिए। सभी को कांग्रेस हाईकमान के फैसलों का सम्मान करना चाहिए। अगर हम सब एकजुट होकर चुनाव लड़ेंगे तो पंजाब में कांग्रेस की सरकार बनेगी। इस मामले को ज्यादा तूल देने की जरूरत नहीं है।कांग्रेस के सभी नेता एक परिवार के सदस्य हैं और पार्टी की मजबूती ही सबकी प्राथमिकता होनी चाहिए।" राजनीतिक जानकारों का मानना है कि विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस हाईकमान किसी भी तरह के सार्वजनिक विवाद को समाप्त कर संगठन को एकजुट रखने की कोशिश में जुटा है। आने वाले दिनों में भूपेश बघेल की पंजाब यात्रा और राहुल गांधी की वापसी के बाद होने वाली बैठकों को इस पूरे घटनाक्रम के लिहाज से अहम माना जा रहा है।

पाक सीमा पर अलर्ट! पठानकोट में बमनुमा वस्तु मिलने से हड़कंप, सुरक्षा एजेंसियां जांच में जुटीं

बमियाल. जिला पठानकोट के सीमावर्ती क्षेत्र में रविवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब गांव कथलौर और रायपुर के खेतों में एक बमनुमा वस्तु मिलने की सूचना सामने आई। सूचना मिलते ही पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां मौके पर पहुंच गईं और पूरे इलाके की घेराबंदी कर जांच अभियान शुरू कर दिया। प्रारंभिक तौर पर आशंका जताई जा रही है कि यह कोई पुराना बम हो सकता है, हालांकि इसकी पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही की जाएगी। जानकारी के अनुसार रविवार सुबह गांव जसवां के पूर्व सरपंच बलदेव सिंह खेतों की ओर गए थे। इसी दौरान उनकी नजर खेत में पड़ी एक संदिग्ध बमनुमा वस्तु पर पड़ी। वस्तु को देखकर उन्हें शक हुआ कि यह कोई विस्फोटक सामग्री हो सकती है। उन्होंने बिना किसी तरह की छेड़छाड़ किए तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और एहतियात के तौर पर पूरे क्षेत्र को अपने कब्जे में ले लिया। इसके बाद सेना और अन्य सुरक्षा एजेंसियों को भी सूचना दी गई। सुरक्षा एजेंसियों ने घटनास्थल का निरीक्षण शुरू किया और आसपास के क्षेत्र की भी गहन तलाशी ली, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वहां कोई अन्य संदिग्ध वस्तु मौजूद न हो। बम की अभी पुष्टि नहीं पुलिस अधिकारियों ने बताया कि प्रथम दृष्टया यह किसी पुराने बम जैसी वस्तु प्रतीत हो रही है। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि यह कब की है, किस परिस्थिति में यहां पहुंची और इसमें किसी प्रकार का खतरा मौजूद है या नहीं। इन सभी पहलुओं की विशेषज्ञों की मदद से जांच की जा रही है। जांच पूरी होने तक किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। लोगों को सतर्क रहने की सलाह सुरक्षा कारणों को देखते हुए आसपास के लोगों को भी सतर्क रहने की सलाह दी गई है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि यदि उन्हें किसी भी स्थान पर कोई संदिग्ध या बमनुमा वस्तु दिखाई दे तो उसे हाथ लगाने या हटाने का प्रयास बिल्कुल न करें। इसकी सूचना तुरंत पुलिस या संबंधित सुरक्षा एजेंसी को दें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।

अमृतसर में पंथक सम्मेलन का आगाज, देशभर से सिख संगठनों के नेता हुए शामिल

अमृतसर. श्री हरि मंदिर साहिब परिसर स्थित गुरुद्वारा श्री मंजी साहिब दीवान हाल में रविवार पंथक सम्मेलन शुरू हो गया। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की ओर से आयोजित इस सम्मेलन में विभिन्न सिख जत्थेबंदियों, धार्मिक संस्थाओं, संत-महापुरुषों और बुद्धिजीवियों की उपस्थिति में मुख्यमंत्री भगवंत मान की विवादित वीडियो पर आगे की रणनीति पर विचार-विमर्श किया जा रहा है। सम्मेलन में श्री अकाल तख्त साहिब के निर्णयों के समर्थन में पंथक एकजुटता प्रदर्शित करने के साथ-साथ भविष्य की धार्मिक, सामाजिक और कानूनी कार्रवाई की रूपरेखा तैयार करने पर भी चर्चा हो रही है। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की तरफ से इस क्रम में बुलाए गए इस सम्मेलन को मौजूदा विवाद के बीच महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सम्मेलन में बड़ी संख्या में विभिन्न पंथक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए हैं और अलग-अलग विषयों पर अपने विचार रख रहे हैं। संशोधन अधिनयम पर भी चल रही चर्चा सम्मेलन के दौरान जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब संशोधित अधिनियम को प्रमुख मुद्दे के रूप में उठाया जा रहा है। इस पर विस्तार से चर्चा की जा रही है कि आगे इस मामले को किस प्रकार धार्मिक और कानूनी स्तर पर आगे बढ़ाया जाए। साथ ही श्री अकाल तख्त साहिब द्वारा दिए गए निर्देशों के समर्थन में सामूहिक निर्णय लेने की दिशा में भी मंथन चल रहा है। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी पहले ही घोषणा कर चुकी है कि उसका शिष्टमंडल पंजाब के डीजीपी से मुलाकात कर संबंधित मामले में प्राथमिकी दर्ज करने की मांग करेगा। सम्मेलन में इस प्रस्ताव पर भी चर्चा हो रही है कि पूरे मामले को केवल धार्मिक मुद्दे तक सीमित न रख कानूनी स्तर पर भी मजबूती से आगे बढ़ाया जाए। जनजागरण अभियान चलाने पर हो रही चर्चा सम्मेलन में यह भी चर्चा हो रही है कि संगत के बीच जनजागरण अभियान किस प्रकार चलाया जाए।  जिसमें समाज के सभी वर्गों तक संदेश पहुंचाने की रणनीति पर भी विचार किया जा रहा है। धार्मिक और राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माने जा रहे इस पंथक सम्मेलन में लिए जाने वाले निर्णयों पर पूरे पंजाब की नजर बनी हुई है। माना जा रहा है कि सम्मेलन के बाद शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी आगे की कार्रवाई और आंदोलन की रूपरेखा को लेकर महत्वपूर्ण घोषणा कर सकती है।

पंजाब में बड़ी कार्रवाई, होशियारपुर जेल के डिप्टी सुपरिटेंडेंट हरभजन सिंह ड्रग तस्करी केस में गिरफ्तार

होशियारपुर. केंद्रीय जेल होशियारपुर के डिप्टी सुपरिटेंडेंट हरभजन सिंह को जिला पुलिस ने गिरफ्तार किया है। उनके ऊपर जेल में नशा तस्करी करवाने का आरोप है। उनके खिलाफ थाना सिटी में मामला दर्ज किया गया है। जानकारी के मुताबिक पिछ्ले दिनों जेल से एक कैदी मनप्रीत सिंह मन्ना ने वीडियो जारी करके आरोप लगाया था कि डिप्टी सुपरिटेंडेंट हरभजन सिंह उसे जेल में तस्करी के मजबूर करता है। ऐसा न करने पर उसे प्रताड़ित किया जाता है। यह वीडियो वायरल होने पर जेल के आला अधिकारियों ने कड़ा संज्ञान लिया था। तत्काल प्रभाव से जेल सुपरिटेंडेंट का तबादला करके मामले की जांच शुरू की गई थी। मालूम पड़ा है जांच में मन्ना द्वारा लगाए गए आरोप सही पाए गए। इस वजह से देर रात थाना सिटी में डिप्टी कमिश्नर हरभजन सिंह के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज करके उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

जलालाबाद नगर परिषद चुनाव: मतदान जारी, 79 प्रत्याशियों के भाग्य का होगा फैसला

फाजिल्का. जलालाबाद नगर परिषद चुनाव के लिए रविवार सुबह ठीक 8 बजे मतदान शुरू हो गया। सुबह मौसम अपेक्षाकृत सुहावना रहने के कारण 7:30 बजे के बाद से ही मतदाता विभिन्न मतदान केंद्रों के बाहर पहुंचने लगे थे। निर्धारित समय पर मतदान कर्मियों ने मतदाताओं को केंद्रों के अंदर प्रवेश दिया और ईवीएम के जरिए मतदान प्रक्रिया शुरू कर दी। इसके साथ ही चुनाव मैदान में उतरे 79 उम्मीदवारों की किस्मत ईवीएम में कैद होने लगी है। मतदान को लेकर शुरुआती घंटों में मतदाताओं में उत्साह देखने को मिला और कई केंद्रों पर सुबह से ही कतारें लग गईं। नगर परिषद चुनाव के लिए कुल 33 मतदान केंद्र बनाए गए हैं, जहां सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक मतदान होगा। मतदान समय समाप्त होने तक केंद्र परिसर में मौजूद सभी मतदाताओं को वोट डालने का अवसर दिया जाएगा। चुनावी मैदान में 79 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं, जिनका फैसला 28,750 मतदाता करेंगे। 15,037 पुरुष और 13,711 महिला मतदाता शामिल इनमें 15,037 पुरुष और 13,711 महिला मतदाता शामिल हैं। प्रशासन की ओर से मतदान प्रक्रिया को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष ढंग से संपन्न कराने के लिए सभी आवश्यक इंतजाम किए गए हैं। प्रत्येक मतदान केंद्र पर प्रिजाइडिंग अधिकारी के साथ मतदान कर्मियों की तैनाती की गई है, जबकि लगभग 250 कर्मचारी पूरे चुनावी प्रबंधन में लगे हुए हैं। मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की सुविधा के लिए भी आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं।चुनाव प्रक्रिया की निगरानी के लिए जिला प्रशासन ने सेक्टर मजिस्ट्रेट, फ्लाइंग स्क्वॉड और स्टैटिक सर्विलांस टीमों को सक्रिय रखा है। सभी टीमें लगातार मतदान केंद्रों का निरीक्षण कर रही हैं ताकि कहीं भी किसी प्रकार की गड़बड़ी की स्थिति उत्पन्न न हो। प्रशासन का दावा है कि पूरे चुनाव पर कड़ी नजर रखी जा रही है। किसी को कानून हाथ में लेने की इजाजत नहीं: एसएसपी जिला पुलिस प्रमुख गगन अजीत सिंह ने बताया कि चुनाव को लेकर पुलिस विभाग पूरी तरह मुस्तैद है। जलालाबाद और आसपास करीब 200 पुलिस कर्मचारी तैनात किए गए हैं, जबकि संवेदनशील मतदान केंद्रों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगातार गश्त, नाकाबंदी और पेट्रोलिंग की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि चुनाव के दौरान माहौल बिगाड़ने या नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। आज ही देर रात तक साफ हो जाएगी तस्वीर मतदान समाप्त होने के बाद संबंधित मतदान केंद्रों पर ही मतगणना की जाएगी। प्रशासन के अनुसार देर रात तक सभी 17 वार्डों के परिणाम घोषित होने की संभावना है। इसके बाद यह स्पष्ट हो जाएगा कि नगर परिषद में किस दल या समूह का बोर्ड बनने जा रहा है।

Punjab News: सरकार के फैसले का असर, कश्मीरी परिवारों ने शादी के कार्ड बांटना किया बंद; जानें वजह

चंडीगढ़  पंजाब सरकार के एक फैसले से कश्मीरी लोगों की चिंता बढ़ गई है. यहां शादी-विवाहों के लिए पूरी तैयारी कर चुके लोगों ने अचानक इनविटेशन कार्ड तक बांटना बंद कर दिया है. दरअसल पंजाब में पशु ले जाने वाले वाहनों पर शुल्क बढ़ा दिया गया है, इससे कश्मीर में मटन की कमी हो गई है, जिससे लोग परेशान हैं, जबकि मटन कश्मीर में होने वाली शादियों में दिया जाने वाला प्रमुख भोजन है।  इंडियन एक्सप्रेस में छपी खबर के मुताबिक श्रीनगर में ऐसे कई परिवार हैं जहां आने वाले हफ्तों में शादियां होनी हैं लेकिन कश्मीर में मटन की कमी हो गई है. लिहाजा कुछ लोगों ने शादी के कार्ड बांटना रोक दिया है और कुछ दिन के लिए शादियां पोस्टपोन कर दी हैं. यहां के लोग उम्मीद जता रहे हैं कि कुछ दिनों में मटन की सप्लाई ठीक रहे।  बता दें कि कश्मीर में मटन की कमी की मुख्य वजह पंजाब में लगाया जा रहा अतिरिक्त शुल्क है. मटन व्यापारियों ने आरोप लगाया कि पंजाब सीमा पर भेड़ ले जाने वाले हर ट्रक से 25,000 रुपये तक वसूले जा रहे हैं. इसका असर कीमतों पर भी पड़ा है. ऐसे में मटन 700 रुपये प्रति किलो से बढ़कर 750 रुपये प्रति किलो हो गया है।  एक-दो किलो पर देखें तो यह कोई बड़ा अंतर नहीं दिखाई देता है लेकिन शादियों में जहां 200-400 किलो मटन की जरूरत एक साथ होती है तो वहां यह कीमत कई हजार का अंतर डाल रही है. कई जगहों पर देखा जा रहा है कि मटन की सप्लाई भी प्रभावित हो रही है।  यह समस्या ऐसे समय आई है जब कश्मीर में अप्रैल से अक्टूबर तक शादी का सीजन चलता है. इसका असर कश्मीरी पारंपरिक दावत वाजवान पर भी पड़ा है, जिसमें मटन का एक नहीं बल्कि कई व्यंजन शामिल होते हैं. अब इन व्यंजनों की संख्या कम हो रही है।  बता दें कि जम्मू-कश्मीर सरकार ने इस शुल्क को गैरकानूनी और मनमाना बताया है. मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने इस मामले में पंजाब के सीएम भगवंत मान को पत्र लिखकर पशु ढोने वाले वाहनों की आवाजाही बिना रुकावट जारी रखने की मांग की है. वहीं कश्मीर मटन डीलर्स एसोसिएशन के महासचिव मेहराज-उद-दीन गनी ने बताया कि भेड़ मंडियां लगातार नौ दिनों से बंद हैं. उन्होंने कहा कि शादी का मौसम है, लेकिन व्यापारी मजबूर हैं।  कश्मीर में 90 फीसदी लोग मांसाहारी बता दें कि कश्मीर का मुख्य भोजन ही मांस है. यहां लगभग 90 फीसदी लोग मांसाहारी हैं और यहां मटन की खपत देश में सबसे ज्यादा है. हर साल यहां 600 लाख किलो से ज्यादा मटन खाया जाता है. इसका आधे से ज्यादा हिस्सा हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान से आने वाली भेड़ों से पूरा होता है।  व्यापारियों के अनुसार सामान्य दिनों में रोज 40–50 ट्रक (करीब 8,000 भेड़) कश्मीर आते हैं. शादी के सीजन में यह संख्या 60–70 ट्रक (करीब 11,000 भेड़) तक पहुंच जाती है।  पंजाब सरकार ने दिया जबाव वहीं इस मुद्दे पर पंजाब सरकार का कहना है कि यह कोई नया टैक्स नहीं है, बल्कि पशु मंडी शुल्क है. अधिकारियों के मुताबिक कुछ व्यापारी नियमों का पालन किए बिना पशु बाहर ले जा रहे हैं, जिससे राजस्व का नुकसान हो रहा है।  बढ़ रहा विवाद जबकि जम्मू-कश्मीर के व्यापारी कहते हैं कि पंजाब सिर्फ रास्ते में पड़ने वाला राज्य (ट्रांजिट स्टेट) है, इसलिए वहां टैक्स नहीं लगना चाहिए. उनका कहना है कि पहले 5,000 रुपये लिए जाते थे, लेकिन अब कई बार 25,000 रुपये तक मांगे जा रहे हैं।  इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि ये वाहन सिर्फ हाईवे का इस्तेमाल कर रहे हैं, इसलिए इस तरह की वसूली का कोई औचित्य नहीं है।  अब इस विवाद को सुलझाने के लिए पंजाब और जम्मू-कश्मीर के अधिकारियों की जल्द बैठक होने की संभावना जताई जा रही है. बैठक के बाद पंजाब सरकार औपचारिक जवाब देगी। 

Right to Business Act: चंडीगढ़ में बिजनेस के लिए नई व्यवस्था लागू, पढ़ें कैसे मिलेगा फायदा और कैसे करें आवेदन

चंडीगढ़  केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ में व्यापार और निवेश को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है।केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, पंजाब राइट टू बिजनेस एक्ट, 2020 को कुछ जरूरी संशोधनों के साथ लागू कर दिया है। तारीख 2 जुलाई, 2026 से यह प्रभावी रूप से लागू हो चुका है।। इस नए कानून के आने से चंडीगढ़ में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को एक नई मजबूती मिलेगी। आइए समझते हैं यह राइट टू बिजनेस एक्ट क्या है और लोगों व व्यापारियों को कैसे इसका फायदा होगा। राइट टू बिजनेस एक्ट क्या है? राइट टू बिजनेस एक्ट का मुख्य उद्देश्य नए व्यवसायों को शुरू करने के लिए दी जाने वाली सरकारी मंजूरियों से है। जहां पहले किसी भी कारोबार को शुरू करने से पहले एनओसी के लिए व्यवसासियों को दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ते थे। वहीं, अब इसके लिए सिंगल विंडो क्लियरेंस सिस्टम बनाया जाएगा है। इसके जरिए आवश्यक मंजूरियां एक ही जगह से और एक तय समय-सीमा के अंदर दी जाएंगी। चंडीगढ़ तक एक्सटेंड करने के पीछे क्या है उद्देश्य? चंडीगढ़ में इस एक्ट को लागू करने का मुख्य उद्देश्य लोगों के समय को बचाना है। वहीं, सरकार भी चाहती है कि चंडीगढ़ देश में निवेश और कारोबार के लिए एक पसंदीदा और आकर्षक केंद्र बने। इसके लिए प्रक्रियाओं को डिजिटल किया जाएगा ताकि कारोबारी घर बैठे सरकारी काम आसानी से करवा सके। कौन-कौन से बिजनेस इसमें आएंगे? इस एक्ट के दायरे में मुख्य रूप से तीन बड़े सेक्टर्स को शामिल किया गया है। पहला उद्योग मसलन नए कारखाने और मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स, व्यापार- रिटेल, होलसेल और सर्विस सेक्टर आईटी कंपनियां और स्टार्टअप्स इत्यादि। क्या होगी आवदेन की प्रक्रिया व्यवसाय शुरू करने के लिए अब किसी भी निवेशक को अलग-अलग विभागों में जाने की जरूरत नहीं होगी। आवेदन करने की प्रक्रिया सिंगल विंडो क्लियरेंस पोर्टल के माध्यम से पूरी होगी। आवेदन के साथ जरूरी दस्तावेज और फीस एक ही बार में जमा करनी होगी।  चंडीगढ़ मास्टर प्लान-2031 को मिलेगी नई रफ्तार मास्टर प्लान-2031 के अंतर्गत चंडीगढ़ के औद्योगिक और व्यावसायिक क्षेत्रों के आधुनिकीकरण में यह कानून एक गेम-चेंजर साबित होगा। राइट टू बिजनेस एक्ट इस महत्वाकांक्षी योजना को धरातल पर उतारने के लिए मुख्य भूमिका निभाएगा। इसके लागू होने से शहर में बुनियादी ढांचे के विकास के साथ-साथ लालफीताशाही खत्म होगी। कारोबार बढ़ने से रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।

संदीप पाठक मामले में पंजाब सरकार फिर घिरी, FIR का विवरण न देने पर सुनवाई 17 अक्टूबर तक टली

चंडीगढ़  आम आदमी पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए सांसद संदीप पाठक की दो माह से लंबित याचिका पर शुक्रवार को हुई सुनवाई के दौरान भी पंजाब सरकार उनके खिलाफ दर्ज मामलों का पूरा ब्योरा पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के समक्ष पेश नहीं कर सकी। सरकार ने चौथी बार जवाब दाखिल करने के लिए अतिरिक्त समय मांगा, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया। इसके साथ ही हाईकोर्ट ने संदीप पाठक को पहले से मिली अंतरिम राहत को बरकरार रखते हुए अगली सुनवाई 17 अक्तूबर तय कर दी। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार संदीप पाठक के खिलाफ पंजाब में दर्ज सभी एफआईआर का पूरा विवरण अदालत के समक्ष प्रस्तुत नहीं कर सकी। सरकार की ओर से जवाब दाखिल करने और आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने के लिए अतिरिक्त समय देने का आग्रह किया गया। अदालत ने यह अनुरोध स्वीकार करते हुए सरकार को और समय दे दिया। हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि अगली सुनवाई तक संदीप पाठक को पूर्व में दी गई अंतरिम राहत जारी रहेगी। यानी उनके खिलाफ किसी भी प्रकार की दंडात्मक या अन्य कार्रवाई नहीं की जाएगी और अदालत के अगले आदेश तक यह संरक्षण प्रभावी रहेगा। याचिका में संदीप पाठक ने अपने खिलाफ दर्ज मामलों और संभावित कार्रवाई को चुनौती देते हुए अदालत से संरक्षण की मांग की है। पिछली सुनवाई में हाईकोर्ट ने उन्हें अंतरिम राहत प्रदान की थी, जिसे अब 17 अक्तूबर तक बढ़ा दिया गया है। अगली सुनवाई तक पंजाब सरकार को अदालत के समक्ष यह स्पष्ट करना होगा कि संदीप पाठक के खिलाफ राज्य में कुल कितनी एफआईआर दर्ज हैं और वे किन-किन स्थानों पर दर्ज हैं। इसके बाद ही मामले में आगे की सुनवाई और राहत पर विचार किया जाएगा। चार सुनवाई, चार बार मोहलत संदीप पाठक ने 6 मई को हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी, जिस पर पहली सुनवाई 8 मई को हुई। उस दिन सरकार ने जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा तो अदालत ने 11 मई की तारीख देते हुए पाठक को अंतरिम राहत प्रदान कर दी। 11 मई को भी सरकार ने अतिरिक्त समय मांगा, जिसके बाद सुनवाई 15 मई तक स्थगित कर दी गई और राहत जारी रखी गई।  15 मई को भी सरकार ने जवाब दाखिल करने के लिए मोहलत मांगी। इसके बाद अदालत ने सुनवाई पहले 22 मई और फिर 29 मई के लिए तय की, लेकिन समयाभाव के कारण मामले पर सुनवाई नहीं हो सकी। शुक्रवार को मामला दोबारा सुनवाई के लिए सूचीबद्ध हुआ, लेकिन चौथी बार भी सरकार ने अदालत से समय मांग लिया। हाईकोर्ट ने अनुरोध स्वीकार करते हुए अगली सुनवाई 17 अक्तूबर निर्धारित कर दी। इस दौरान संदीप पाठक को मिली अंतरिम राहत भी यथावत रहेगी। 

Punjab News: जालंधर कैंट रेलवे स्टेशन बनकर तैयार, 13 जुलाई को प्रधानमंत्री मोदी के उद्घाटन की संभावना

जालंधर  अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत पंजाब में कई रेलवे स्टेशन तैयार किए जा रहे है। जालंधर कैंट रेलवे स्टेशन का भी अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत तोड़कर नवीनीकरण किया गया है।  सूत्रों के अनुसार रेलवे स्टेशन का उद्घाटन 13 जुलाई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे। उत्तर रेलवे महाप्रबंधक राजेश कुमार पांडे ने कहा कि जो आदेश होगा वैसा ही किया जाएगा।  अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत जालंधर कैंट रेलवे स्टेशन का काम 2022 के आखिर में शुरू हो गया था और रेलवे स्टेशन को तैयार करने का समय लगभग ढाई साल था लेकिन काम में देरी के चलते स्टेशन का नवीनीकरण डेढ़ से 2 साल की देरी से हुआ है।  अब जालंधर कैंट रेलवे स्टेशन पूरी तरह से तैयार हो चुका है और स्टेशन को बाहर से एयरपोर्ट जैसी लुक दी गई है और अंदर से भी खास बनाया गया है। यात्रियों की सुविधा के लिए 10 लिफ्ट लगाई गई है और स्टेशन पर आठ एस्केलेटर लगाए गए हैं ताकि एक प्लेटफार्म से दूसरे प्लेटफार्म पर जाने में असुविधा न हो।  नॉर्दर्न रेलवे के जनरल मैनेजर राजेश कुमार पांडे ने स्टेशन का निरीक्षण किया और पेंडिंग काम को जल्द पूरा करने को कहा। यात्रियों ने कहा कि नवीनीकरण के बाद स्टेशन और भी बढ़िया बन गया है और उन्हें एसी वेटिंग हॉल जैसी सुविधा भी मिल रही है। और वेटिंग हॉल में बड़ी स्क्रीन भी लगाई गई है जिससे उन्हें ट्रेन के आने जाने का भी पता आसानी से चल पाएगा।   जालंधर कैंट के बाद अब जालंधर सिटी रेलवे स्टेशन को भी अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत नवीनीकरण करके बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि वह सिर्फ निरीक्षण करने आए हैं उन्हें नहीं मालूम कि इसका उद्घाटन कब होगा। पीएम मोदी के आने के बारे में भी उन्हें कोई जानकारी नहीं है।