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NIA की जांच में बड़ा खुलासा: रांची में पल रहे ISIS के संभावित सदस्य

रांची  भारत में कट्टरपंथ के जरिए आईएसआईएस आतंकी संगठन की विचाराधार फैलाने से जुड़े केस में एनआईए को महत्वपूर्ण तथ्य मिले हैं। रांची एनआईए ने आईएसआईएस मॉडयूल से जुड़े केस की जांच में पाया है कि मध्यप्रदेश का रतलाम निवासी राहुल सेन उर्फ उमर बहादुर ने धर्म परिवर्तन के बाद सनातन समेत कई नामों से भी सोशल मीडिया प्रोफाइल बनाई थी। इसका एडमिन वह खुद था। इस प्रोफाइल्स पर आईएसआईएस का प्रोपगेंडा वीडियो डालकर भ्रम फैलाता था। ISIS के वीडियो से युवाओं को बनाना था कट्टरपंथी एनआईए को मिले तथ्यों के अनुसार, राहुल उर्फ उमर आईएसआईएस के वीडियो को एडिट कर अपलोड करता था। उसका उद्देश्य इन वीडियो के जरिए युवाओं को कट्टरपंथी बनाकर भारत के अलग-अलग हिस्सों में आतंकी गतिविधियों को अंजाम देना था। एनआईए को राहुल के मोबाइल फोन से कई चैट मिले हैं। जिसमें वह युवाओं को आईएसआईएस से जुड़ने की सलाह दे रहा है। एनआईए ने पाया है कि राहुल ने महाराष्ट्र, गोवा, कर्नाटक, मध्यप्रदेश, यूपी, पंजाब और बिहार में नेटवर्क बनाए थे। 14 सितंबर 2023 से उमर राहुल उर्फ उमर जेल में है। सिरिया के अबू उमर से जुड़ा था उमर उर्फ राहुल एनआईए ने जांच में पाया है कि राहुल सेन उर्फ उमर सिरिया के आईएस आतंकी अबू उमर से जुड़ा हुआ था। दोनों इंस्टाग्राम में एक-दूसरे से मुसाफिर नाम की आईडी से जुड़े थे। पूछताछ में उमर ने खुलासा किया है कि उसकी इच्छा सिरिया जाकर आईएस से जुड़ने की थी। इससे पूर्व राहुल सेन के सहयोगी फैजान अंसारी के पाकिस्तानी हैंडलर्स के संपर्क में होने की पुष्टि एनआईए की जांच में हुई थी। राहुल ने सनातनी, मुसाफिर, राहुल ओ, राहुल सेन नाम से इंस्टाग्राम, जबकि उमर बहादुर, खालिद, दाईसी, ओसाम बिन लादेन, बकिया, दवाला जैसे नामों से टेलीग्राम चैनल बनाए थे। सनातनी आरएस नाम के एक चैनल पर उसने हथियार व मैगजीन बेल्ट के साथ तस्वीर भी लगाई थी। जन्नत, जिहाद और पैसा- कट्टरपंथियों की कहानी राहुल सेन उर्फ उमर लोहरदगा निवासी फैजान अंसारी से जुड़े नेटवर्क में अहम कड़ी था। जिन युवाओं को कट्टरपंथी संगठन से जोड़ने की कोशिश हुई थी, उसमें से 38 की गवाही एनआईए ने ली है। एनआईए ने जांच में पाया है कि आईएसआईएस संगठन सीधी लड़ाई के बजाय प्रोपगेंडा के प्रसार में जुटा है। इसके लिए ऑडियो, वीडियो, पीडीएफ माध्यमों का इस्तेमाल किया जा रहा है। तल्हा जरनैल नाम के डिजिटल मार्केटिंग कर्मी ने एनआईए को बताया है कि फैजान अंसारी ने उसे आईआईएस से जुड़ने को कहा था, इसके लिए उसे जन्नत मिलने की बात कही थी। फैजान ने तल्हा को राहुल सेन के द्वारा धर्मांतरण करने और जेहाद में शामिल होने का उदाहरण भी दिया था। बम बनाकर पैसे कमाने की बात भी फैजान ने कही थी।

बुलडोजर कार्रवाई से उजड़े 10 परिवार, विरोध में रातू रोड पर चक्का जाम

रांची राजधानी रांची के सुखदेवनगर थाना क्षेत्र में सरकारी जमीन पर बने मकानों को तोड़े जाने के बाद इलाके में तनाव का माहौल है। प्रशासन की कार्रवाई से प्रभावित परिवारों में आक्रोश है और लोग सड़क पर उतरकर विरोध कर रहे हैं। सुखदेवनगर थाना क्षेत्र के पीछे स्थित खादगढ़ा, महुआ टोली और जयप्रकाश नगर इलाके में मंगलवार को जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की। भारी पुलिस बल की मौजूदगी में करीब 27 कट्ठा सरकारी जमीन पर बने लगभग 10 मकानों को बुलडोजर से तोड़ दिया गया। प्रशासन का कहना है कि यह जमीन सरकारी थी और उस पर अवैध कब्जा किया गया था। कोर्ट के आदेश के बाद यह कार्रवाई की गई। अचानक घर टूटने से लोग बेघर हो गए कार्रवाई के बाद प्रभावित परिवारों में नाराजगी फैल गई। लोगों का आरोप है कि उन्हें मकान खाली करने के लिए पर्याप्त समय नहीं दिया गया और न ही रहने की कोई वैकल्पिक व्यवस्था की गई। कई परिवारों का कहना है कि वे वर्षों से वहां रह रहे थे और अचानक घर टूटने से वे बेघर हो गए हैं। महिलाएं और बच्चे खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं। स्थानीय लोगों का दावा है कि साल 2020 में करीब 48 डिसमिल जमीन एक आदिवासी रैयत से खरीदी गई थी और इसके बदले करीब डेढ़ करोड़ रुपये दिए गए थे। उनका कहना है कि जमीन की खरीद-बिक्री आपसी सहमति से हुई थी और वे कानूनी रूप से वहां रह रहे थे। हालांकि बाद में जमीन के मूल मालिक ने मामला दर्ज कराया और अदालत से दखल-दिहानी का आदेश ले लिया। रातू रोड पर यातायात पूरी तरह ठप हो गया बुधवार को बड़ी संख्या में लोग विरोध में सड़क पर उतर आए। प्रदर्शनकारियों ने रातू रोड कब्रिस्तान के पास टायर जलाकर सड़क जाम कर दी। इससे रातू रोड पर यातायात पूरी तरह ठप हो गया और दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। लोगों को घंटों तक परेशानी का सामना करना पड़ा। स्थिति को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। खबर लिखे जाने तक प्रशासन और प्रदर्शनकारियों के बीच वार्ता जारी थी। प्रभावित परिवारों ने कार्रवाई पर रोक, मामले की दोबारा जांच, मुआवजा और पुनर्वास की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जमीन के लेन-देन में कोई विवाद था तो इसकी सजा आम लोगों को नहीं मिलनी चाहिए। अधिकारियों ने लोगों से की शांति बनाए रखने की अपील वहीं प्रशासन का कहना है कि पूरी कार्रवाई न्यायालय के आदेश और कानूनी प्रक्रिया के तहत की गई है। अधिकारियों ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। फिलहाल इलाके में तनाव बना हुआ है और एहतियात के तौर पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात है।  

लाइब्रेरी में पढ़ रहा था छात्र, बाहर निकला तो बना दूल्हा! बिहार में पकड़ौआ विवाह का वीडियो वायरल

समस्तीपुर  बिहार से 'पकड़ौआ विवाह' का मामला फिर सामने आया है। यहां एक प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्र को बंधक बनाकर उसकी मर्जी के खिलाफ शादी कराई गई है। इस पूरी घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा हैं। जानकारी के अनुसार, समस्तीपुर जिले के शाहपुर पटोरी थाना क्षेत्र के चकरांजली गांव की है। बताया जा रहा है कि 23 वर्षीय छात्र युवक घर से लाइब्रेरी जाने की बात कहकर निकला था, लेकिन देर रात तक वापस नहीं लौटा तो परिवार के लोग चिंतित हो गए। काफी तलाशने के बाद पता चला कि उसे गांव के ही कुछ लोगों ने रोक रखा है और जबरन शादी करवाई जा रही है। वायरल वीडियो में लड़का मंडप पर बैठा अचेत अवस्था में दिख रहा है। इसी हालत में ही उससे शादी की रस्में करवाई जा रही है। वीडियो में युवक खुद को कमरे में बंद बताए जाने और मदद की गुहार लगाते हुए नजर आ रहा है। वह दावा कर रहा है कि उसे करीब 24 घंटे तक बंधक बनाकर रखा गया। इधर पुलिस का कहना है कि अब तक पुलिस को लड़के के परिजनों की ओर से कोई लिखित शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। प्रारंभिक जांच में यह बात भी सामने आई है कि छात्र और युवती के बीच पहले से जान-पहचान या कथित प्रेम संबंध हो सकता है। पुलिस ने कहा कि घटना की जानकारी सोशल मीडिया के जरिए मिली है। वायरल वीडियो की सत्यता की जांच की जा रही है। सत्यापन के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है। 

जान पर खेलकर शिक्षा: लोहरदगा के जर्जर सरकारी स्कूलों में पढ़ने को मजबूर बच्चे

लोहरदगा  झारखंड के लोहरदगा जिले के कई सरकारी स्कूलों की हालत बेहद खराब है। जर्जर भवनों में पढ़ाई करने को मजबूर बच्चे हर दिन खतरे के साए में स्कूल पहुंचते हैं। टूटती छत, दरकती दीवारें और बरसात में टपकते कमरे शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रहे हैं। जिले के सुदूर ग्रामीण इलाकों में सरकारी स्कूलों की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। कई स्कूलों के भवन इतने जर्जर हो चुके हैं कि वहां पढ़ने वाले बच्चों की जान जोखिम में है। किसी स्कूल की छत टूट रही है तो कहीं दीवारों में बड़ी-बड़ी दरारें पड़ गई हैं। डर के माहौल में बच्चे पढ़ाई करने को मजबूर हैं। जिले के मसूरियाखाड़ गांव स्थित सरकारी मिडिल स्कूल में 42 बच्चे नामांकित हैं। साल 2008 में बने स्कूल के तीन कमरे अब लगभग खंडहर बन चुके हैं। छत से प्लास्टर गिरता रहता है और दीवारें कमजोर हो गई हैं। स्कूल के प्रधानाध्यापक कुंदन किसान ने बताया कि भवन कभी भी गिर सकता है। उन्होंने कई बार विभागीय बैठकों में अधिकारियों और इंजीनियरों को इसकी जानकारी दी, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। बरसात के दिनों में छत से पानी टपकता है और कमरे पानी से भर जाते हैं। गनीमत है कि अब तक कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ है। जिले के सरकारी हाई स्कूल ठकुराइन डेरा में पहली से दसवीं कक्षा तक पढ़ाई होती है, लेकिन पूरे स्कूल में सिर्फ तीन कमरे हैं। ये कमरे भी काफी जर्जर हालत में हैं। बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए उन्हें बरामदे और मैदान में बैठाकर पढ़ाया जा रहा है। बारिश होने पर पढ़ाई पूरी तरह बंद करनी पड़ती है। शिक्षिका रानी कुमारी का कहना है कि यह लोहरदगा के पुराने स्कूल भवनों में से एक है। इसकी सिर्फ मरम्मत नहीं, बल्कि नए सिरे से निर्माण की जरूरत है। दसवीं तक की पढ़ाई के लिए मात्र तीन कमरे होना शिक्षा विभाग की लापरवाही को दिखाता है। पंचायत मुखिया कामिल टोपनो ने भी माना कि स्कूल की खराब स्थिति के कारण बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। जिले के नक्सल प्रभावित क्षेत्र परतू में स्थित सरकारी प्राथमिक स्कूल का एक भवन इतना जर्जर हो गया है कि वहां पढ़ाई बंद कर दी गई है। शिक्षकों और ग्रामीणों का कहना है कि भवन कभी भी गिर सकता है। ऐसे में बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए कक्षाएं रोक दी गई हैं। ग्रामीणों ने मांग की है कि जल्द से जल्द स्कूल भवन की मरम्मत कराई जाए या नया भवन बनाया जाए। जिले के इन स्कूलों की हालत शिक्षा विभाग और सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करती है। जब बच्चों को सुरक्षित माहौल में पढ़ाई का अधिकार है, तब जर्जर भवनों में शिक्षा देना गंभीर लापरवाही माना जा रहा है। अब देखना यह है कि प्रशासन इन हालात को सुधारने के लिए कब तक ठोस कदम उठाता है।  

चलती ट्रेन में अनोखा प्रसव: साउथ बिहार एक्सप्रेस की बर्थ पर महिला ने दिया बच्ची को जन्म

झाझा झाझा रेलवे स्टेशन पर बुधवार सुबह साउथ बिहार एक्सप्रेस की एक सामान्य बोगी में उस समय भावुक दृश्य देखने को मिला, जब एक गर्भवती महिला ने चलती ट्रेन में बच्ची को जन्म दिया। रायपुर से पटना जा रही इस ट्रेन में सफर कर रहीं पटना निवासी खुशबू कुमारी को जसीडीह स्टेशन पार करते ही अचानक तेज प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। दो बच्चों के साथ सफर कर रही थी महिला महिला अपने दो छोटे बच्चों के साथ यात्रा कर रही थीं। दर्द बढ़ने के साथ बोगी में मौजूद यात्रियों की चिंता भी बढ़ने लगी। सुबह करीब छह बजे ट्रेन के झाझा स्टेशन पहुंचने तक स्थिति गंभीर हो चुकी थी। बोगी में मौजूद महिलाओं ने की मदद ऐसे में बोगी में मौजूद महिला यात्रियों ने तत्परता और संवेदनशीलता का परिचय दिया। कुछ महिलाओं ने चादरों से घेरा बनाकर अस्थायी व्यवस्था की, तो अन्य यात्रियों ने पानी और आवश्यक सामान उपलब्ध कराया। रेलकर्मियों ने भी तत्काल सूचना प्रसारित कर चिकित्सकीय सहायता की व्यवस्था कराई। देखते ही देखते सामान्य बोगी अस्थायी प्रसूति कक्ष में बदल गई। महिला ने बच्ची को दिया जन्म दर्द और दुआओं के बीच महिला ने एक स्वस्थ बच्ची को जन्म दिया। नवजात के रोने की आवाज गूंजते ही पूरी बोगी तालियों और राहत की सांस से भर उठी। उस पल तक अनजान यात्री एक परिवार की तरह साथ खड़े नजर आए। मौके पर पहुंची चिकित्सा टीम घटना की सूचना मिलते ही रेल पुलिस और चिकित्सा टीम मौके पर पहुंची। जच्चा-बच्चा को तत्काल रेफरल अस्पताल, झाझा ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने दोनों को स्वस्थ बताया। सुरक्षित प्रसव सुनिश्चित करने के लिए ट्रेन को लगभग 45 मिनट तक स्टेशन पर रोका गया। अस्पताल प्रशासन ने रायपुर में रह रहे खुशबू के पति को घटना की सूचना दे दी है।

मुठभेड़ के दौरान कुख्यात अपराधी राजीव उर्फ सूर्या को लगी गोली, अस्पताल में भर्ती

पटना पटना के फुलवारीशरीफ क्षेत्र में बुधवार सुबह पुलिस और कुख्यात अपराधी राजीव कुमार उर्फ सूर्या के बीच मुठभेड़ हुई, जिसमें वह घायल हो गया। मुठभेड़ के दौरान उसके पैर में गोली लगी। पुलिस ने उसे उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया है। घटना की सूचना मिलते ही वरीय पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और जांच शुरू कर दी। राजीव कुमार उर्फ सूर्या, पिता यदु राय, निवासी सिद्धी घाट, दीवान मोहल्ला (थाना खाजेकलां, जिला पटना) का आपराधिक इतिहास लंबा बताया जाता है। वह आलमगंज और खाजेकलां थाना क्षेत्रों में सक्रिय रहा है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार उस पर लूट, डकैती की तैयारी, अवैध हथियार रखने, चोरी के सामान की खरीद-फरोख्त, धोखाधड़ी तथा बिहार मद्य निषेध कानून के उल्लंघन सहित कई गंभीर मामले दर्ज हैं। वर्ष 2022 में आलमगंज थाना कांड संख्या 560/22 (26 जुलाई 2022) में उस पर भारतीय दंड संहिता की धारा 399, 402, 34 तथा आर्म्स एक्ट की धारा 25(1b)a/26 के तहत डकैती की तैयारी और अवैध हथियार रखने का मामला दर्ज हुआ था। इसी वर्ष 23 जुलाई को आलमगंज थाना कांड संख्या 550/22 में धारा 394 IPC के तहत लूट का केस भी दर्ज किया गया। वर्ष 2023 में चोरी के माल से जुड़े मामलों में उसका नाम सामने आया। आलमगंज थाना कांड संख्या 732/23 (14 अगस्त 2023) और कांड संख्या 734/23 में धारा 413/414 IPC के तहत कार्रवाई हुई। वहीं खाजेकलां थाना कांड संख्या 530/23 में धारा 414 IPC और बिहार मद्य निषेध एवं उत्पाद अधिनियम की धारा 30(a) के तहत मामला दर्ज किया गया। वर्ष 2024 में भी उसके खिलाफ नए मामले दर्ज हुए। आलमगंज थाना कांड संख्या 595/24 में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 309(6) तथा आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज हुआ। खाजेकलां थाना कांड संख्या 290/24 और सुलतानगंज थाना कांड संख्या 271/24 में धारा 309(4) BNS के तहत मामले दर्ज हैं। इससे पहले मेंहदीगंज थाना कांड संख्या 184/20 में उसके खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और चोरी के सामान से संबंधित धाराओं 420, 467, 468, 469, 471 और 414 IPC के तहत केस दर्ज था। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी की आपराधिक गतिविधियों को देखते हुए उस पर लगातार निगरानी रखी जा रही थी। फिलहाल मुठभेड़ की विस्तृत जांच जारी है और आगे की विधिसम्मत कार्रवाई की जा रही है।

नाविकों से रंगदारी कैसे वसूली जाती है? पटना के IPS अफसर ने किया बड़ा खुलासा

पटना पटना सिटी में गंगा घाटों पर नाविकों से रंगदारी वसूली का मामला उस समय उजागर हुआ, जब कुख्यात अपराधी राजीव कुमार उर्फ सूर्या उर्फ ‘सूर्या डॉन’ पुलिस मुठभेड़ में घायल हो गया। पुलिस जांच में सामने आया है कि सूर्या डॉन लंबे समय से घाटों पर नाव चलाने वाले नाविकों से अवैध वसूली कर रहा था। बुधवार सुबह वह गाय घाट के पास कथित तौर पर रंगदारी वसूलने पहुंचा था। इसकी सूचना एसटीएफ को मिली। टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए इलाके की घेराबंदी कर दी। पुलिस के अनुसार खुद को घिरता देख सूर्या ने पुलिस पर फायरिंग की। जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली उसके बाएं पैर में लगी, जिसके बाद उसे दबोच लिया गया। घायल सूर्या को इलाज के लिए नालंदा मेडिकल कॉलेज अस्पताल (एनएमसीएच) में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने उसके पास से एक देसी कट्टा और एक जिंदा कारतूस बरामद किया है। सिटी एसपी (पूर्वी) परिचय कुमार ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि आरोपी गंगा घाटों पर नाविकों से नियमित रूप से रंगदारी वसूलता था। उसके खिलाफ पटना और आसपास के थानों में 15 से 20 आपराधिक मामले दर्ज हैं। घटना के बाद एफएसएल टीम ने मौके से साक्ष्य एकत्र किए हैं और पूरे मामले की विस्तृत जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि घाट क्षेत्रों में अवैध वसूली करने वाले तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

अब 23 को नहीं होगी इंटर परीक्षा, निकाय चुनाव के कारण JAC ने बदली डेट

रांची राज्य में होने वाले नगर निकाय चुनाव को ध्यान में रखते हुए झारखंड एकेडमिक काउंसिल (जैक) ने फरवरी में होने वाली कई परीक्षाओं की तारीखों में बदलाव कर दिया है। चुनाव के कारण इंटरमीडिएट, 11वीं, 8वीं और 9वीं कक्षा की परीक्षाएं अब नई तिथियों पर आयोजित होंगी। इस संबंध में जैक ने सभी स्कूलों और कॉलेजों को आधिकारिक सूचना जारी कर दी है। 24 फरवरी को होगी परीक्षा निर्वाचन आयोग के कार्यक्रम के अनुसार 23 फरवरी को नगर निकाय चुनाव के लिए मतदान और 27 फरवरी को मतगणना होगी। इसी वजह से 23 फरवरी को होने वाली इंटरमीडिएट की हिंदी विषय की परीक्षा को एक दिन आगे बढ़ाकर 24 फरवरी कर दिया गया है। यह परीक्षा दूसरी पाली में दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक होगी। मैट्रिक परीक्षा 17 फरवरी को समाप्त 11वीं कक्षा की परीक्षा अब 25, 26 और 28 फरवरी को आयोजित की जाएगी। विज्ञान और वाणिज्य संकाय की परीक्षाएं सुबह की पाली में होंगी, जबकि कला संकाय की परीक्षा दूसरी पाली में ली जाएगी। वहीं, 8वीं कक्षा की परीक्षा 2 मार्च को दो पालियों में होगी। 9वीं कक्षा की परीक्षा 6 और 7 मार्च को आयोजित की जाएगी। जैक ने साफ किया है कि मैट्रिक परीक्षा 17 फरवरी को ही समाप्त हो रही है, इसलिए नगर निकाय चुनाव का मैट्रिक परीक्षा पर कोई असर नहीं पड़ेगा और इसके कार्यक्रम में कोई बदलाव नहीं किया गया है। बता दें कि चुनाव और परीक्षा एक साथ होने को लेकर पहले छात्रों और अभिभावकों ने चिंता जताई थी। उनका कहना था कि मतदान और मतगणना के दौरान स्कूल भवन और शिक्षक चुनाव कार्य में व्यस्त रहेंगे, जिससे परीक्षा प्रभावित हो सकती है। अब परीक्षा तिथियों में बदलाव होने से छात्रों और अभिभावकों को राहत मिली है।  

राम की रिहाई: 60 करोड़ के बांड पर 6 लाख में हुए मुक्त, जनसैलाब में स्वागत

भोजपुर भोजपुर जिले के कोईलवर थाना मालखाने में पिछले तीन वर्षों से कैद 'राम दरबार' की सात अष्टधातु मूर्तियां और एक मुकुट  न्यायालय के आदेश पर रिहा कर दिए गए। सीजीएम न्यायालय में 6 लाख रुपये का बेल बांड भरने के बाद इन बेशकीमती मूर्तियों को सुरक्षित मठ के लिए रवाना किया गया। मूर्तियों की रिहाई की खबर मिलते ही श्रद्धालुओं में भारी उत्साह और आस्था का माहौल देखा गया। चोरी के बाद कोईलवर पुलिस ने की थी बरामदगी मालूम हो कि 21 जनवरी 2023 को बक्सर जिले के कृष्णब्रह्म थाना क्षेत्र स्थित रामजानकी मठ (बड़की धकाईच) से इन मूर्तियों की चोरी हुई थी। चोरी के अगले ही दिन, 22 जनवरी की सुबह कोईलवर पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरा-छपरा मोड़ के पास एक कार से सभी मूर्तियां बरामद कर ली थीं। इस कार्रवाई के दौरान एक चोर को अवैध हथियार के साथ गिरफ्तार किया गया था, तब से ये मूर्तियां थाना मालखाने में सुरक्षित रखी गई थीं। 300 साल पुराना इतिहास और 60 करोड़ की कीमत मठ के सचिव कन्हैया दुबे के अनुसार, ये मूर्तियां लगभग 300 वर्ष पुरानी हैं और पूर्वजों की मान्यता है कि इनकी स्थापना नेपाल के महाराजा द्वारा कराई गई थी। अष्टधातु से बनी इन मूर्तियों की अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत 60 करोड़ रुपये से अधिक आंकी गई है। रिहा की गई मूर्तियां: भगवान राम, माता सीता, लक्ष्मण, हनुमान, लड्डू गोपाल सहित कुल सात मूर्तियां और एक मुकुट। बांड की प्रक्रिया: बड़का धकाईच की सरपंच बिंदु देवी एवं कुसुम देवी द्वारा न्यायालय में 6 लाख रुपये का बेल बांड भरा गया। मठ के लिए रवानगी: पहले भी हुई थी चोरी थाना से रिहाई के बाद मूर्तियों का विधि-विधान से पूजा-पाठ किया गया और फिर उन्हें बक्सर स्थित रामजानकी मठ के लिए रवाना कर दिया गया। गौरतलब है कि इन मूर्तियों के साथ पहले भी अनहोनी हो चुकी है। वर्ष 2011 में भी इन्हें चोरी किया गया था, जिस दौरान पुजारी की हत्या कर दी गई थी। तब 2013 में इन्हें बरामद कर पुनः स्थापित किया गया था।  

सुरक्षा बलों की बड़ी कार्रवाई: पटना में एनकाउंटर में कुख्यात अपराधी सूर्या ढेर

पटना  बुधवार की सुबह पटना में कुख्यात अपराधी राजीव कुमार उर्फ सूर्या डॉन का पुलिस ने एनकाउंटर किया. मामला गायघाट इलाके का है. अपराधी को पैर में गोली लगी है, जिसके बाद उसे इलाज के लिए एनएमसीएच में एडमिट कराया गया है. जानकारी के मुताबिक, सूर्या डॉन पर डकैती, लूट, चोरी, अवैध हथियार रखने समेत कई आपराधिक मामले दर्ज हैं. तीन राउंड हुई फायरिंग जानकारी के मुताबिक, एसटीएफ को सूचना मिली थी कि सूर्या डॉन गायघाट इलाके में छिपा है. सूचना पर ही एसटीएफ और पटना पुलिस ने उसे घेर लिया. इस दौरान लगभग तीन राउंड फायरिंग हुई. सूर्या डॉन के पैर में गोली लगी. सूर्या डॉन खाजेकला थाना इलाके का रहने वाला है. घटना के बाद पूरे इलाके में तलाशी अभियान भी चलाया गया. सुबह-सुबह एनकाउंटर से आस-पास के लोगों के बीच दहशत का माहौल कायम हो गया है. मामले को लेकर पुलिस ने क्या बताया? पुलिस की ओर से मामले को लेकर बताया गया कि, कई आपराधिक मामले सूर्या डॉन पर दर्ज हैं. आलमगंज थाना को सूचना मिली थी कि गायघाट के पास सूर्या डॉन नाविक से रंगदारी वसूलने पहुंचा है. इस सूचना के बाद ही आलमगंज थाना की पुलिस और एसटीएफ मौके पर पहुंची. पुलिस से घिरता देख अपराधी सूर्या डॉन ने पुलिस पर ही फायरिंग करनी शुरू कर दी. जवाबी कार्रवाई में पुलिस की तरफ से भी गोली चलाई गई. इस दौरान सूर्या डॉन के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया. मौके से देसी कट्टा और गोली भी बरामद किया गया. एफएसएल की टीम भी मौके पर पहुंची और निरीक्षण किया. जानकारी के मुताबिक, नए साल में पुलिस ने यह पांचवां एनकाउंटर किया है.