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बिहार में वाहन चालकों को बड़ी राहत, 19,691 लंबित ई-चालान लोक अदालत में होंगे निपटाए

 मुजफ्फरपुर वाहन चालकों के लंबित ई-चालानों के निपटारे के लिए 12 सितंबर 2026 को राष्ट्रीय लोक अदालत (National Lok Adalat 2026) का आयोजन होगा। 'एकमुश्त समाधान योजना 2026' के तहत जुर्माने की राशि में छूट का लाभ मिलेगा। इसको लेकर राज्य परिवहन आयुक्त आरिफ अहसन ने पत्र जारी किया है। टोल प्लाजा से कटे ई-चालानों के लिए कहा गया है कि जिस जिले में टोल प्लाजा है, उसी जिले में उससे जुड़े लंबित चालानों का निपटारा होगा। लोक अदालत से पहले प्री-रजिस्ट्रेशन अनिवार्य किया गया है। जिला विधिक सेवा प्राधिकार में पांच सितंबर से परिवहन व यातायात पुलिस के दो-दो काउंटर बनाए जाएंगे। यहां चालान की छाया प्रति व अन्य कागजात जमा करना होगा। वाहन मालिकों को टोकन दिया जाएगा। परिवहन-यातायात पुलिस जुर्माने के चालान का वेरिफिकेशन लोक अदालत से पहले ही करेगी। इससे लोक अदालत में वाहन मालिकों को जुर्माने की राशि जमा करने में अधिक समय नहीं लगेगा। साथ ही तेजी से मामले का निपटारा होगा। लोक अदालत में 31 मई 2026 से पूर्व कटे ई-चालान का ही समझौते के तहत निपटारा होगा। जिला परिवहन पदाधिकारी प्रियंका सिन्हा ने कहा कि आदेशानुसार मामले का निपटारा होगा। वाहन मालिकों की सुविधा का विशेष ध्यान रखा जाएगा। प्राधिकार व विभाग के निर्देशों का शत प्रतिशत पालन होगा। लोक अदालत में जुर्माने से राहत के लिए टोकन के साथ चालान की छाया प्रति, आधार कार्ड, आरसी आदि देना होगा। परिवहन विभाग करेगा 19 हजार 691 चालान का निपटारा: राष्ट्रीय लोक अदालत में परिवहन विभाग 19 हजार 691 चालान का समझौते के तहत निपटारा करेगा। इससे करीब 28.46 करोड़ रुपये की वसूली होगी। परिवहन विभाग द्वारा 2019 से मई 2026 तक 37,515 चालान किए गए। 56.15 करोड़ जुर्माना किया गया। इसमें से अब तक 17,824 वाहन मालिकों ने चालानों की राशि जमा की। इससे विभाग को 27.69 करोड़ रुपये राजस्व की प्राप्ति हुई। जबकि अब भी 19,691 चालान लंबित हैं।  

अब स्कूलों में पढ़ेंगे AI, कोडिंग और डेटा साइंस, झारखंड में सिलेबस तैयार करने की प्रक्रिया शुरू

 रांची  राज्य के प्लस टू उच्च विद्यालयों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एंड कोडिंग, साइबर सिक्योरिटी एंड डेटा साइंस, कंप्यूटर साइंस, अप्लाइड इंग्लिश जैसे विषयों में पढ़ाई शुरू करने के लिए सिलेबस तैयार करने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने इसकी जिम्मेदारी झारखंड शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (जेसीईआरटी) को सौंपी है। प्रयास है कि शैक्षणिक सत्र 2027-28 से इन विषयों का सिलेबस तैयार हो ताकि इन विषयों की पढ़ाई शुरू की जा सके। जेसीईआरटी को नौवीं से 12वीं कक्षा के लिए इन विषयों का सिलेबस तैयार करना है। स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने इन विषयों के लिए माध्यमिक आचार्य के पद पहले ही स्वीकृत कर लिए हैं। झारखंड कर्मचारी चयन आयोग से इन विषयों में माध्यमिक आचार्य के पदों पर नियुक्ति की अनुशंसा भी विभाग को मिल चुकी है। अनुशंसित अभ्यर्थियों के प्रमाणपत्रों की जांच की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। उम्मीद की जा रही है कि शीघ्र ही शिक्षकों की नियुक्ति प्लस टू विद्यालयों में हो जाएगी। इधर, स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने जेसीईआरटी को कमेटी गठित कर सिलेबस का प्रारुप तैयार करने के निर्देश दिए हैं। इसमें विशेषज्ञ शिक्षकों का भी सहयोग लेने का निर्देश दिया गया है। एनसीईआरटी के दिशा-निर्देशों तथा सीबीएसई स्कूलों में लागू पाठ्यक्रमों को ध्यान में रखते हुए राज्य के लिए सिलेबस तैयार किया जाएगा। सिलेबस तैयार करने के लिए कई कार्यशालाएं भी आयोजित की जाएंगी। उल्लेखनीय है कि राज्य के प्लस टू विद्यालयों के लिए पहली बार माध्यमिक आचार्य के पद सृजित किए गए हैं।

अब 50.43 सीएफटी मिट्टी कटाई पर मिलेगी एक दिन की मजदूरी

 रांची राज्य में वीबी जीरामजी योजना के तहत कार्यरत अकुशल श्रमिकों के लिए कार्य की मात्रा पूर्व की तुलना में कम कर दी गई है। इस योजना के अंतर्गत कार्यरत श्रमिकों को अब मिट्टी कटाई के कार्य में पूर्व निर्धारित 73 सीएफटी के स्थान पर औसतन 50.43 सीएफटी कार्य करने पर एक दिन की मजदूरी दिए जाने का प्रविधान किया गया है। इसके तहत महिलाओं के लिए इसकी सीमा 46.97 सीएफटी ही रखी गई है। राज्य सरकार यह व्यवस्था कर रही है कि निर्धारित सॉफ्टवेयर सेक्योर साफ्ट में नई दरों को शीघ्र ही अपलोड किया जाए। इससे कार्य की मात्रा एवं मजदूरी भुगतान के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा। मजदूरी भुगतान व्यवस्था को अधिक वैज्ञानिक, न्यायसंगत एवं श्रमिक हितैषी बनाने की दिशा में यह पहल की गई है। ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के तहत विभिन्न श्रेणियों के श्रमिकों की कार्यक्षमता, कार्य की प्रकृति, श्रम एवं निर्धारित कार्यदिवस में किए जा सकने वाले कार्य की मात्रा का आकलन किया गया है। झारखंड में वर्तमान व्यवस्था के तहत एक दिन की मजदूरी के भुगतान के लिए 73 सीएफटी मिट्टी कटाई का कार्य निर्धारित था। टाइम एंड मोशन के आधार पर अब विभिन्न श्रेणियों के श्रमिकों के लिए कार्य-मात्रा को युक्तिसंगत बनाया गया है। इसके माध्यम से यह सुनिश्चित किया गया है कि निर्धारित कार्य-मात्रा एक सामान्य श्रमिक द्वारा सामान्य कार्यदिवस में वास्तविक रूप से पूरी की जा सके। ग्रामीण विकास मंत्रालय के दिशा-निर्देशों में महिलाओं, बुजुर्गों तथा दिव्यांग श्रमिकों के लिए अलग दर निर्धारित करने का भी प्रविधान है। निर्धारित दरों को लेकर मंत्रालय से अनुमोदन प्राप्त हो चुका है।

बिहार की पढ़ाई में AI की एंट्री, Google देगा शिक्षकों को ट्रेनिंग; छात्रों को भी मिलेगा फायदा

पटना  गूगल फाॅर एजुकेशन इंडिया बिहार के शिक्षकों को समूह में एआई का प्रशिक्षण उपलब्ध कराएगा। गूगल के रिसाेर्स पर्सन क्षेत्रवार प्रशिक्षण देंगे। सभी शिक्षकों को इस प्रशिक्षण में शामिल में होने को ले शिक्षा मंत्री के स्तर से पत्र भी लिख जा रहा। शिक्षकों के इस प्रशिक्षण के मूल मे है कि AI के उपयोग की ट्रेनिंग लेकर विद्यार्थियों को एआई में दक्ष कर सकें। गूगल एजुकेशन फाॅर इंडिया के कंट्री हेड ने अपनी टीम के साथ हाल ही में शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी के साथ इस संबंध में बैठक की थी। शनिवार को शिक्षक दिवस के मौके पर इस संबंध में गूगल एजुकेशन फाॅर इंडिया का शिक्षा विभाग के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर होना है। रिसोर्स पर्सन को बिहार में तैनात करेगा गूगल इस संबंध में मिली जानकारी के अनुसार सहमति पत्र हस्ताक्षर होने के बाद गूगल अपने रिसोर्स पर्सन को प्रशिक्षण के लिए बिहार में तैनात करेगा। यह पहली बार हो रहा जब शिक्षकों के तकनीकी प्रशिक्षण खासकर एआई के लिए शिक्षा विभाग गूगल एजुकेश फार इंडिया के साथ किसी तरह का एमओयू कर रहा। शिक्षा विभाग पहले जिला स्तर पर शिक्षकों का चयन कर उन्हें मास्टर ट्रेनर के रूप में तैयार करेगा। गूगल अपने एआई प्लेटफाॅर्म पर इन शिक्षकों को यह ट्रेनिंग देगा कि एआई का उपयोग कितनी सहजता से किया जा सकता है। छात्रों को एआई में दक्ष बनाने की पहल किसी विषय पर सूचना के लिए किस तरह से प्रांप्ट लिखना है यह ट्रेनिंग का खास हिस्सा है। विद्यार्थियों की जरूरत के हिसाब से शिक्षकों को यह ट्रेनिंग दी जाएगी कि वे तय पाठ्यक्रम को और कैसे बेहतर कर सकते हैं। इस पूरी कवायद के मूल में शिक्षा विभाग की यह योजना है कि विद्यार्थियों को एआई के उपयोग में दक्ष बनाया जाए। माध्यमिक विद्यालय में पढ़ने वाले विद्यार्थी इसके केंद्र में हैं। शिक्षक एआई की मदद से सभी विषयों पर खास तरीके से विद्यार्थियों को उपलब्ध कराएंगे। मास्टर ट्रेनर के माध्यम से अलग-अलग विद्यालय के शिक्षकों को एआई में प्रशिक्षित किया जाएगा।  

खेल विभाग में बंपर भर्ती की तैयारी, 1006 पदों से जिलों से लेकर अकादमी तक मजबूत होगा सिस्टम

 पटना  राज्य में खेल प्रतिभाओं को तराशने और उन्हें राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करने के लिए खेल विभाग राज्य में विभिन्न स्तरों पर 1006 पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया चल रही है। इनमें 33 जिला खेल पदाधिकारी, स्टेडियमों के लिए 380 प्रशिक्षक, राजगीर राज्य खेल अकादमी के लिए 48 कोच, बिहार राज्य खेल प्राधिकरण के 301 और बिहार खेल विश्वविद्यालय के 244 पद शामिल हैं। खेल प्राधिकरण व राजगीर खेल विश्वविद्यालय में भी 545 पदों पर नियुक्ति की तैयारी जिला खेल पदाधिकारियों की नियुक्ति अंतिम चरण में है। प्रशिक्षकों की नियुक्ति के लिए परीक्षा की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। खेल व्यवस्था को सुचारु करने के लिए संविदा पर लिपिकीय कर्मियों की नियुक्ति और प्रतिनियुक्ति के माध्यम से आवश्यक मानव संसाधन उपलब्ध कराने की तैयारी है। नियुक्तियां पूरी होने के बाद जिला स्तर से लेकर राज्य स्तरीय खेल संस्थानों तक प्रशासनिक व्यवस्था और प्रशिक्षण तंत्र को मजबूती मिलेगी। खेल मंत्री श्रेयसी सिंह ने कहा कि जिलों में खेल पदाधिकारियों, स्टेडियमों में प्रशिक्षकों, राजगीर राज्य खेल अकादमी के प्रशिक्षकों के साथ-साथ खेल प्राधिकरण और खेल विश्वविद्यालय में नियुक्तियों से खेल व्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी। जिलों में 33 पदाधिकारी संभालेंगे खेल की कमान जिला स्तर पर खेल गतिविधियों को गति देने के लिए 33 जिला खेल पदाधिकारियों की नियुक्ति की जा रही है। इसके लिए बीपीएससी परीक्षा ले चुका है और अब साक्षात्कार की प्रक्रिया पूरी की जानी है। नियुक्ति के बाद जिलों में खिलाड़ियों की पहचान, खेल प्रतियोगिताओं के आयोजन, प्रशिक्षण कार्यक्रमों और विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी को बेहतर तरीके से संभाला जा सकेगा। स्टेडियमों में 380 प्रशिक्षक बढ़ाएंगे खेल प्रतिभाओं की धार राज्य में तैयार हो रहे इंडोर और आउटडोर स्टेडियमों को केवल खेल आयोजन स्थल नहीं, बल्कि नियमित प्रशिक्षण केंद्र के रूप में विकसित करने की तैयारी है। इसके लिए विभिन्न खेल विधाओं में 380 प्रशिक्षकों की बहाली होगी। इन पदों के लिए बिहार कर्मचारी चयन आयोग के माध्यम से परीक्षा आयोजित की जाएगी। राजगीर अकादमी में 48 प्रशिक्षक देंगे हाई परफार्मेंस ट्रेनिंग राजगीर में विकसित हो रही आधुनिक खेल सुविधाओं को मजबूत प्रशिक्षण व्यवस्था से जोड़ने के लिए राज्य खेल अकादमी में 48 प्रशिक्षकों की नियुक्ति होगी। अकादमी में उपलब्ध खेल सुविधाओं के साथ प्रशिक्षित मानव संसाधन मिलने से खिलाड़ियों को नियमित और वैज्ञानिक तरीके से प्रशिक्षण देने में मदद मिलेगी। खेल प्राधिकरण में 301 पद, विश्वविद्यालय में 244 बिहार राज्य खेल प्राधिकरण के प्रशासनिक और खेल संबंधी कार्यों को मजबूत करने के लिए 301 पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया जारी है। खेल शिक्षा, प्रशिक्षण और प्रशासनिक व्यवस्था को संस्थागत मजबूती देने के लिए बिहार खेल विश्वविद्यालय में 244 पदों पर नियुक्ति की कार्रवाई चल रही है। संविदा और प्रतिनियुक्ति से भी मजबूत होगा सिस्टम खेल विभाग की विभिन्न इकाइयों में कामकाज को सुचारु रखने के लिए संविदा पर लिपिकीय कर्मियों की नियुक्ति के साथ जरूरत के अनुसार प्रतिनियुक्ति के माध्यम से भी मानव संसाधन उपलब्ध कराया जाएगा।  

रांची के करीब होने के बावजूद मेसरा स्टेशन धनबाद मंडल में, रांची मंडल ने फिर उठाई मांग

 रांची  मेसरा स्टेशन को अपने अधीन लेने की रांची रेल मंडल की वर्षों पुरानी मांग अभी पूरी नहीं हुई है। स्टेशन तो धनबाद रेल मंडल के पास ही रहा, लेकिन मंडल के सीमांकन में बदलाव के बाद रांची रेल मंडल को करीब 400 मीटर का अतिरिक्त रेल क्षेत्र जरूर मिल गया। यानी स्टेशन नहीं मिला, मगर उसकी ओर जाने वाले रास्ते में रेल मंडल का अधिकार क्षेत्र थोड़ा बढ़ गया। मेसरा स्टेशन वर्तमान में धनबाद रेल मंडल के अधीन है। इसे रांची रेल मंडल में शामिल करने की मांग पिछले कई वर्षों से उठती रही है। रांची रेल मंडल ने भी इस दिशा में पहल करते हुए मुख्यालय को पत्र भेजा है। स्थानीय यात्री संघों और सांसदों की ओर से भी रेलवे तथा रेल मंत्रालय के स्तर पर स्टेशन को रांची मंडल में शामिल करने की मांग रखी गई है। मेसरा स्टेशन रांची मंडल मुख्यालय से मात्र 19 किलोमीटर की दूरी है पर रांची रेल मंडल का तर्क है कि मेसरा स्टेशन मंडल मुख्यालय से करीब 19 किलोमीटर की दूरी पर है। ऐसे में स्टेशन को रांची मंडल के अधीन किए जाने से इसका बेहतर प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था और यात्री सुविधाओं का विस्तार किया जा सकेगा। भविष्य में यहां ट्रेनों की संख्या बढ़ने की संभावना को देखते हुए भी मंडल स्तर पर बेहतर समन्वय हो सकेगा। मेसरा स्टेशन को और विकसित किया जाता और रांची रेलवे स्टेशन और हटिया स्टेशन की तरह ही भविष्य में इस स्टेशन का विकास होता। मेसरा की ओर से आने वाले यात्रियों को रांची स्टेशन तक आने की आवश्यकता नहीं पड़ती है। इसी तरह पिस्का स्टेशन को विकसित किया जा रहा है। ताकि रांची स्टेशन और हटिया स्टेशन से यात्रियों का दबाव कम हो सकेगा। स्टेशन नहीं बदला, सीमांकन जरूर बदल गया इधर, रेलवे बोर्ड ने रांची और धनबाद रेल मंडल के बीच बरकाकाना की ओर सीमांकन में बदलाव किया है। रांची-बरकाकाना रेलखंड पर मंडलीय सीमा पहले 198.918 किलोमीटर पर थी, जिसे अब 198.515 किलोमीटर पर निर्धारित किया गया है। इस बदलाव के बाद करीब 400 मीटर का रेल क्षेत्र रांची रेल मंडल की परिसीमा में आया है। इसका एक दिलचस्प पहलू यह है कि मेसरा स्टेशन को रांची मंडल में लेने की मांग के बीच स्टेशन तो अब भी धनबाद मंडल के अधीन है, लेकिन बदली हुई सीमा के कारण रांची मंडल को संबंधित क्षेत्र में एक प्वाइंट के रखरखाव की जिम्मेदारी निभानी होगी। यानी अधिकार का विस्तार हुआ, लेकिन जिस स्टेशन के लिए मांग चल रही थी, उसका नियंत्रण अभी भी नहीं बदला। पांच ट्रेनों का हो रहा परिचालन मेसरा स्टेशन से वर्तमान में करीब पांच ट्रेनों का परिचालन हो रहा है। इनमें हटिया-सांकी पैसेंजर की दोनों सेवाएं, रांची-पटना वंदे भारत एक्सप्रेस, हटिया-आसनसोल एक्सप्रेस समेत अन्य ट्रेनें शामिल हैं। यात्रियों की संख्या और भविष्य में रेल सेवाओं के विस्तार को देखते हुए स्टेशन को रांची मंडल में शामिल करने की मांग लगातार उठती रही है। फैसला रेलवे बोर्ड के स्तर पर मेसरा को रांची मंडल में शामिल करना रेलवे बोर्ड का नीतिगत मामला है। मंडलीय क्षेत्राधिकार में बदलाव के लिए संबंधित दोनों जोन और मंत्रालय स्तर पर सहमति आवश्यक होती है। ऐसे में रांची मंडल की ओर से भेजे गए पत्र और जनप्रतिनिधियों की मांग के बाद अब रेलवे बोर्ड के स्तर पर निर्णय का इंतजार है। फिलहाल मेसरा स्टेशन धनबाद मंडल के अधीन ही है, जबकि बदले सीमांकन के कारण रांची मंडल की जिम्मेदारी करीब 400 मीटर क्षेत्र तक जरूर बढ़ गई है।

नेपाल से आने-जाने वाले रेल यात्रियों की होगी जांच, जयनगर-इनरवा में बनेगी आव्रजन चौकी

 पटना भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय रेल नेटवर्क पर यात्रियों की निगरानी और जांच के लिए बिहार से लगने वाली सीमा पर इमिग्रेशन पोस्ट बनाया जाएगा। जयनगर-इनरवा रेलखंड पर बनने वाली इस आव्रजन चौकी का निर्माण आइबी (इंटेलिजेंस ब्यूरो) के नेतृत्व में होगा। नेपाल सीमा की संवेदनशीलता को देखते हुए केंद्र सरकार के निर्देश पर इसके निर्माण की स्वीकृति दी गई है। रेल यात्रियों के दस्तावेज और सामान की होगी जांच इमिग्रेशन पोस्ट के साथ जयनगर-इनरवा समेत सीमावर्ती जिलों से जुड़े रेलखंड की सुरक्षा ऑडिट भी कराई जाएगी। डीजीपी विनय कुमार की अध्यक्षता में हुई रेलवे की राज्यस्तरीय सुरक्षा समिति की बैठक में इमिग्रेशन पोस्ट समेत कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर निर्णय लिए गए। बैठक में पुलिस और रेलवे सुरक्षा से जुड़े वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। बंगाल मॉडल पर चलेगा बिहार का इमिग्रेशन पोस्ट रेलवे इमिग्रेशन पोस्ट की सुविधा उन चुनिंदा स्टेशनों पर होती है, जहां से दूसरे देशों के लिए ट्रेनें चलती हैं। पश्चिम बंगाल में बांग्लादेश जाने वाली ट्रेनों के लिए ऐसी व्यवस्था पहले से है। बिहार में भी इसी मॉडल पर इमिग्रेशन पोस्ट का संचालन किया जाएगा। इसमें आरपीएफ, राजकीय रेल पुलिस और जिला पुलिस की टीमें तैनात रहेंगी। अवैध घुसपैठ और तस्करी पर भी रहेगी नजर इमिग्रेशन पोस्ट पर अंतरराष्ट्रीय सीमा पार करने वाले यात्रियों के नागरिकता संबंधी दस्तावेज और सामान की जांच होगी। देश में प्रवेश करने और बाहर जाने वाले यात्रियों का कंप्यूटरीकृत डाटाबेस भी तैयार किया जाएगा। इससे नेपाल से ट्रेन के जरिए अवैध घुसपैठ, हथियारों और मादक पदार्थों की तस्करी जैसी गतिविधियों पर रोक लगाने में मदद मिलेगी। जनकपुर से अयोध्या तक चल सकती है ट्रेन भारत-नेपाल मैत्री परियोजना के तहत जयनगर से जनकपुर, कुर्था होते हुए बर्दीवास तक 67 किलोमीटर रेलखंड पर फिलहाल ट्रेन सेवा चल रही है। परियोजना के दो फेज का काम पूरा हो चुका है, जबकि तीसरे फेज का काम बाकी है। इसी रूट के जरिए जनकपुर से अयोध्या तक ट्रेन चलाने की भी योजना है। अगले वर्ष अप्रैल तक सेवा शुरू होने की संभावना जताई गई है। बिहार में आधा दर्जन नए रेलखंड होंगे अधिसूचित गृह विभाग की आरक्षी शाखा ने जयनगर से नेपाल सीमा इनरवा तक के रेलखंड को रेल जिला मुजफ्फरपुर के रेल थाना जयनगर के अंतर्गत अधिसूचित किया है। इसके अलावा आधा दर्जन से अधिक नए रेलखंड भी जल्द अधिसूचित किए जाएंगे। इनमें सरायगढ़-निर्मली, आरा-सासाराम, हाजीपुर-वैशाली, दनियावां-बिहारशरीफ, राजगीर-तिलैया और दरौंधा-महाराजगंज रेलखंड शामिल हैं। रेल सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की तैयारी राज्यस्तरीय सुरक्षा समिति की बैठक में अंतरराष्ट्रीय रेल नेटवर्क के साथ बिहार के अन्य रेलखंडों की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया। नए रेलखंडों के अधिसूचित होने से संबंधित क्षेत्रों में रेल पुलिस की निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था को और व्यवस्थित करने में मदद मिलेगी।  

गंगा-पुनपुन का बढ़ा जलस्तर, बिहार में बाढ़ का खतरा; CM सम्राट चौधरी करेंगे हवाई सर्वेक्षण

पटना बिहार सरकार ने गुरुवार को 8 जिलों में बाढ़ का अलर्ट जारी कर दिया। आपदा प्रबंधन विभाग ने गंगा, पुनपुन और दरधा नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी को देखते हुए यह चेतावनी जारी की है। इन जिलों में पटना, नालंदा, भोजपुर, वैशाली, सारण, बेगूसराय, लखीसराय और जहानाबाद शामिल हैं। बाढ़ से इन जिलों के कई इलाके जलमग्न हो चुके हैं। पटना के ग्रामीण दियारा इलाकों के बाद शहरी क्षेत्र में भी बाढ़ का पानी घुसने लगा है। जिले में पीएचईडी कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी शुक्रवार को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण करेंगे। उन्होंने राहत और बचाव कार्यों की समीक्षा के लिए उच्चस्तरीय बैठक भी बुलाई है। दक्षिण बिहार की नदियों के जलस्तर में तेजी सो बढ़ोतरी हो रही है। आपदा प्रबंधन विभाग के सचिव संतोष मल्ल ने बाढ़ प्रभावित जिलों के डीएम को विशेष सतर्कता बरतने को कहा है। उन्हें नदियों के जलस्तर पर नजर रखने और पानी फैलने पर राहत बचाव कार्य में जुट जाने के निर्देश दिए गए हैं। सम्राट ने किया निरीक्षण मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गुरुवार को भी बाढ़ की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने बेंगलुरु रवाना होने से पहले पटना में गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए, ताकि आमजन को किसी भी प्रकार की परेशानी ना हो और जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। शुक्रवार को वे बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण कर आला अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे। कमांड कंट्रोल रूम से नजर डिप्टी सीएम विजय चौधरी ने गुरुवार को जल संसाधन विभाग के कमान एंड कंट्रोल सेंटर में वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए बाढ़ की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि जिन जगहों पर तटबंध में टूटने की खबर है, वीडियो कांफ्रेसिंग से वहां के हालत का जायजा लिया गया है। दक्षिण बिहार में पुनपुन और दरधा नदी का निरीक्षण किया गया है। गंगा नदी में बढ़े हुए जलस्तर के कारण भागलपुर में तटबंध टूटा है वहां का भी जायजा लिया गया। उन्होंने बताया कि स्टीमर से मेगा जिओ बैग लगाकर स्थिति नियंत्रण में करने की कोशिश की जा रही है। जल संसाधन विभाग के सभी अधिकारी और इंजीनियर तटबंधों पर मौजूद हैं। कमांड कंट्रोल रूम से पूरे बिहार पर नजर रखी जा रही है। नीतीश ने भी लिया जायजा पूर्व मुख्यमंत्री एवं जनता दल यूनाइटेड के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार भी गुरुवार को बाढ़ की आशंका को देखते हुए निरीक्षण पर निकले। उन्होंने महात्मा गांधी सेतु से गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर का जायजा लिया। इस दौरान जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा भी मौजूद रहे। कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर से पटना जिले के कई निचले और दियारा इलाकों में बाढ़ की गंभीर स्थिति पैदा हो गई है। प्रभावित परिवारों को संक्रामक बीमारियों से बचाने और बुनियादी सुविधाएं देने के लिए लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (पीएचईडी) ने बड़े पैमाने पर राहत अभियान शुरू किया है। संकट को देखते हुए जिला प्रशासन के निर्देश पर विभाग के सभी पर्यवेक्षकों और जिला कार्यालय के पदाधिकारियों की छुट्टियां बाढ़ की स्थिति सामान्य होने तक तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी गई हैं।

10 लेन सड़क के विरोध में उतरे लोग, 7 सितंबर को शहीद मैदान में धरना

रांची  राजधानी की सड़कों को हरा-भरा और खूबसूरत बनाने की कवायद शुरू हो गई है। वहीं प्रस्तावित दूसरी ओर दस लेन सड़क का विरोध शुरू हो गया है। रांची नगर निगम ने शहर के अलग-अलग हिस्सों में ग्रीन पैच विकसित करने के लिए करीब 2.86 करोड़ रुपये के टेंडर जारी किए हैं। इनमें चुटिया, रांची रेलवे स्टेशन, कोकर, कांटाटोली, डोरंडा, हटिया, हरमू, अरगोड़ा, बिरसा चौक, कडरू, पंडरा समेत कई प्रमुख इलाके शामिल हैं। खास बात यह है कि इन ग्रीन पैच का निर्माण करने के साथ एक साल तक इनके रखरखाव की जिम्मेदारी भी संबंधित एजेंसी की होगी। ग्रीन पैच पर कुल अनुमानित लागत 2,85,81,660 रुपये है। इन मार्गों पर बनेगा ग्रीन पैच चुटिया, रांची रेलवे स्टेशन और कोकर के विभिन्न स्थानों पर ग्रीन पैच विकसित किए जाएंगे। इसकी अनुमानित लागत 84.37 लाख रुपये है। कांटाटोली, डोरंडा और हटिया इलाके में हरियाली विकसित करने की योजना है। इस काम पर करीब 57.71 लाख रुपये खर्च होंगे। सहजानंद चौक, हरमू, अरगोड़ा चौक, बिरसा चौक और कडरू सहित विभिन्न स्थानों को शामिल किया गया है। इसकी अनुमानित लागत 60.49 लाख रुपये है। दीनदयाल चौक से जज कालोनी तक, एलपीएन साहदेव चौक और पंडरा समेत अन्य स्थानों पर ग्रीन पैच विकसित किए जाएंगे। इसके लिए निगम ने 83.25 लाख रुपये की अनुमानित लागत तय की है। 10 लेन सड़क के विरोध में उतरे लोग, 7 सितंबर को शहीद मैदान में धरना प्रस्तावित 10 लेन सड़क निर्माण के खिलाफ बस्ती बचाओ संघर्ष समिति ने आंदोलन तेज करने का ऐलान किया है। बुधवार को समिति की ओर से जगन्नाथपुर चौक पर नुक्कड़ सभा की गई। इसमें स्थानीय लोगों ने सड़क निर्माण से बस्ती, स्कूल और ऐतिहासिक स्थलों पर पड़ने वाले असर को लेकर विरोध जताया। सभा की अध्यक्षता समिति के वरिष्ठ सदस्य दिलीप कुमार ने की। समिति के संयोजक मिंटू पासवान ने कहा कि 10 लेन सड़क बनने से जगन्नाथपुर की ऐतिहासिक रथ यात्रा और मेला प्रभावित होगा। इलाके में 1691 ईस्वी से स्थापित प्राचीन देवी मंदिर और करीब 50 साल पुराने दुर्गा मंदिर के भी प्रभावित होने की आशंका है। समिति ने सरकार से 10 लेन सड़क की योजना रद करने की मांग की। कहा कि अगर यातायात व्यवस्था के लिए सड़क जरूरी है तो फ्लाईओवर का विकल्प अपनाया जा सकता है। सभा में वार्ड 37 के पार्षद परमेश्वर सिंह समेत राधा पूर्ति, हरेंद्र सिंह, विमला देवी, सुषमा देवी, रूदन देवी, जीतन मुंडा, मोहन बरला, श्याम थापा और धीरज राम सहित कई लोग मौजूद थे। समिति ने 7 सितंबर को शहीद मैदान में धरना देने का निर्णय लिया है।

मोरहाबादी में आज गूंजेगा जय श्रीकृष्ण! दही हांडी, भजन संध्या और रासलीला का होगा भव्य आयोजन

 रांची दो दिवसीय श्रीकृष्ण जन्मोत्सव का शुभारंभ बाल गोपाल-बाल राधा पोशाक प्रतियोगिता के साथ चिरौंदी मोरहाबादी स्थित गीतांजली बैंक्वेट हाल में शुरू हो गई। कांके विधायक सुरेश बैठा ने दीप जलाया। इस अवसर पर श्री कृष्ण जन्माष्टमी आयोजन समिति मोरहाबादी के मुख्य संरक्षक राजीव रंजन प्रसाद, अध्यक्ष बिनोद गोप, संरक्षक डॉ राजेश गुप्ता छोटू, कार्यकारी अध्यक्ष राहुल सिंह, महासचिव मनोज गुप्ता, विजय शर्मा, राजेश गुप्ता सचिव रोहित सिंह उपस्थित थे। आज चार सितंबर को ऐतिहासिक मोरहाबादी मैदान में दही हांडी का आयोजन होगा। भजन संध्या एवं रासलीला का मंचन किया जाएगा। सुरेश बैठा ने कहा कि श्रीकृष्ण जन्मोत्सव को लेकर रांचीवासियों में खासा उत्साह है। इस वर्ष दो दिवसीय आयोजन में बच्चों से लेकर युवाओं और श्रद्धालुओं के लिए श्री कृष्ण जन्मोत्सव आयोजन समिति द्वारा विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। शहर वासियों को जन्माष्टमी की शुभकामनाएं मुख्य संरक्षक राजीव रंजन प्रसाद ने भी तमाम राज्यवासियों को हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि इस आयोजन को पहले भी लोगों का प्यार और समर्थन मिलता रहा है जो ऐसे भव्य आयोजन के लिए प्रेरणा देता है lसंरक्षक डा राजेश गुप्ता ने भी शहर वासियों को जन्माष्टमी की शुभकामनाएं दीं l गोपाल एवं बाल राधा पोशाक प्रतियोगिता 0 से 5 वर्ष एवं 6 से 12 वर्ष आयु वर्ग के बच्चे बाल गोपाल एवं बाल राधा की पोशाक ने हिस्सा लिया। प्रतियोगिता में जज की भूमिका में शहर की प्रख्यात फैशन डिजाइनर स्मृति राजीव, अंशिका कुमारी और राम सिंह ने उपस्थित बच्चों के परिधान एवं अन्य पहलुओं का मूल्यांकन किया l मोरहाबादी मैदान में दही हांडी का आयोजन प्रतिभागी बच्चों के अभिभावकों ने भी कार्यक्रम में सहयोग दिया l प्रतियोगिता के प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय विजेताओं को 4 सितंबर को मोरहाबादी मैदान स्थित दही हांडी आयोजन स्थल पर माननीय मुख्यमंत्री द्वारा पुरस्कृत किया जाएगा।