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धनबाद नगर निगम चुनाव में संजीव सिंह ने 8 साल जेल में रहकर किया BJP-JMM का किला ध्वस्त

धनबाद. धनबाद की राजनीति में बीजेपी के बागी उम्मीदवार संजीव सिंह ने दमदार वापसी की है. दमदार इसलिए क्योंकि कि वे डिप्टी मेयर नीरज सिंह हत्याकांड में लंबे समय तक जेल में थे, लेकिन अदालत ने उन्हें उस केस से बरी कर दिया. वर्षों तक सलाखों के पीछे रहने के बाद जब वे सियासत के मैदान पर वापस लौटे तो उन्होंने नगर निगम चुनाव में मेयर पद के लिए दावेदारी ठोक दी. उन्होंने बकायदा प्रदेश भाजपा के शीर्ष नेतृत्व को पत्र लिखकर समर्थन की मांग की. लेकिन उन्हें समर्थन नहीं मिला. इसके बजाय पार्टी ने संजीव कुमार को अपना समर्थन दिया. दूसरी तरफ बीजेपी के कद्दावर नेता रहे चंद्रशेखर अग्रवाल ने भी समर्थन की आस में पार्टी से बगावत कर झामुमो का दामन थाम लिया. झामुमो ने चंद्रशेखर अग्रवाल को अपना समर्थन दिया. जबकि कांग्रेस ने शमशेर आलम को सपोर्ट करने का ऐलान कर दिया. ऐसे में संजीव सिंह ने बैगर किसी के समर्थन के मैदान में उतरने का फैसला किया. बस उनके इस निर्णय से लगने लगा था कि वह बीजेपी के वोट बैंक में बड़ी सेंध लगायेंगे. हुआ भी यही. उन्होंने झामुमो समर्थित पूर्व मेयर चंद्रशेखर अग्रवाल को 31,902 मतों के भारी अंतर से हरा दिया. इस जीत को धनबाद की राजनीति में बड़ा उलटफेर माना जा रहा है. मतगणना में साफ दिखी बढ़त चुनाव परिणामों के अनुसार, संजीव सिंह को कुल 1,43,362 मत मिले. वहीं चंद्रशेखर अग्रवाल को 82,460 वोट प्राप्त हुए. भाजपा समर्थित उम्मीदवार संजीव कुमार 57,895 लाकर चौथे स्थान पर रहे. कांग्रेस समर्थित प्रत्याशी शमशेर आलम को 59,079 वोट लाकर तीसरे स्थान पर रहे. संजीव सिंह शुरुआती राउंड से ही बढ़त बनाए हुए थे. धीरे धीरे यह बढ़त और मजबूत होती गयी और अंत में ये निर्णायक साबित हुई. ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि इतनी बड़ी जीत के पीछे का कारण क्या है. आज हम इस लेख में यही चीज को समझने की कोशिश करेंगे. युवाओं और सोशल मीडिया ने बदला माहौल संजीव सिंह की जीत में युवाओं की भूमिका अहम रही. चुनाव के दौरान सोशल मीडिया पर उनके समर्थन में जबरदस्त माहौल बना. बड़ी संख्या में युवाओं ने न सिर्फ ऑनलाइन प्रचार किया, बल्कि बूथ स्तर पर भी सक्रियता दिखाई. इसका सीधा असर मतदान प्रतिशत और नतीजों पर पड़ा. सहानुभूति लहर बनी ताकत करीब आठ साल तक जेल में रहने और नीरज सिंह हत्याकांड में बरी होने के बाद संजीव सिंह के पक्ष में सहानुभूति की लहर बनी. आम लोगों के बीच यह संदेश गया कि उन्हें राजनीतिक साजिश के तहत फंसाया गया था. इस भावना ने मतदाताओं को उनके पक्ष में एकजुट किया. भाजपा के कोर वोट बैंक में सेंध निर्दलीय उम्मीदवार होने के बावजूद संजीव सिंह ने भाजपा के परंपरागत वोट बैंक में बड़ी सेंधमारी की. खासकर धनबाद और बागमारा क्षेत्र में भाजपा समर्थकों का बड़ा हिस्सा उनके साथ चला गया, जिससे मुकाबला एकतरफा होता चला गया. ‘अकेले योद्धा’ की बनी छवि चुनाव के दौरान सभी बड़े दलों का निशाना सिर्फ संजीव सिंह पर रहा. विरोधियों की इस घेराबंदी ने मतदाताओं की नजर में उनकी छवि एक ‘अकेले योद्धा’ के रूप में बना दी. यही छवि उनके लिए निर्णायक साबित हुई. 2017 में जाना पड़ा था जेल संजीव सिंह को वर्ष 2017 में अपने चचेरे भाई नीरज सिंह की हत्या की साजिश के आरोप में जेल जाना पड़ा था. वे अप्रैल 2017 से अगस्त 2025 तक न्यायिक हिरासत में रहे. 8 अगस्त 2025 को उन्हें सुप्रीम कोर्ट से स्वास्थ्य आधार पर जमानत मिली, जबकि 27 अगस्त 2025 को धनबाद की विशेष अदालत ने साक्ष्यों के अभाव में उन्हें पूरी तरह बरी कर दिया. ‘सिंह मेंशन’ परिवार की विरासत संजीव सिंह प्रसिद्ध ‘सिंह मेंशन’ परिवार से आते हैं, जिसकी नींव उनके पिता सूर्यदेव सिंह ने रखी थी. झरिया और धनबाद की राजनीति में इस परिवार की गहरी पकड़ रही है. उनकी मां कुंती देवी विधायक रह चुकी हैं, जबकि वर्तमान में उनकी पत्नी रागिनी सिंह भाजपा से विधायक हैं.

रांची के डिप्टी मेयर के लिए रेस में सुनील यादव समेत कई पार्षद

रांची. झारखंड के रांची नगर निगम चुनाव का परिणाम घोषित होने के साथ ही नगर की राजनीति नए दौर में प्रवेश कर गई है। मेयर पद का फैसला होने के बाद अब डिप्टी मेयर की कुर्सी को लेकर सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। डिप्टी मेयर का चुनाव नवनिर्वाचित पार्षदों को करना है। पार्षद पद के घोषित परिणामों में भाजपा, कांग्रेस, जेएमएएम समर्थित उम्मीदवारों को बढ़त मिली है, जिससे डिप्टी मेयर पद पर भी पार्टी का दावा मजबूत माना जा रहा है। डिप्टी मेयर चुने जाने के लिए 53 वार्डों में से कम से कम 27 पार्षदों का समर्थन आवश्यक है। परिणामों के बाद तीनों दलों के खेमे में इस आंकड़े को साधने की कवायद शुरू हो गई है। गैर-आदिवासी चेहरे की संभावना तीन या उससे अधिक बार पार्षद रह चुके और इस बार भी जीत दर्ज करने वाले नेताओं की दावेदारी मजबूत मानी जा रही है। पार्टी नेतृत्व ऐसे चेहरे की तलाश में है, जो संगठन और पार्षदों के बीच संतुलन बनाकर चल सके। मेयर पद अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित होने के कारण डिप्टी मेयर पद के लिए गैर-आदिवासी चेहरे की संभावना भी प्रबल मानी जा रही है। डिप्टी बनने के लिए तीनों दलों से एक दर्जन से अधिक पार्षद डिप्टी मेयर बनने के लिए जोर आजमाइश शुरू कर दी है। कांग्रेस और झामुमो की रणनीति कांग्रेस और झामुमो समर्थित पार्षदों ने भी बैठकें शुरू कर दी हैं। हालांकि संख्या बल के लिहाज से वे पीछे माने जा रहे हैं, फिर भी डिप्टी मेयर चुनाव में संभावित क्रास वोटिंग और रणनीतिक समर्थन को लेकर चर्चाएं जारी हैं। झामुमो की ओर से भी डिप्टी मेयर पद पर दावा ठोकने की संभावना से इन्कार नहीं किया जा रहा है, खासकर यदि विपक्ष एकजुट होता है। जेएमएम से यह हैं रेस में वार्ड-21 से लगातार दूसरी बार जीत कर आए जेएमएम समर्थित पार्षद एहतेशाम का नाम सबसे आगे चल रहा है। इसके बाद सबसे 53 पार्षदों में सबसे अधिक वोट (5226) से जीत कर आए वार्ड-22 के पार्षद मो. असलम भी डिप्टी मेयर के लिए अपना नाम आगे कर दिया है। मो. असलम जेएमएम समर्थित पार्षद हैं। वार्ड-46 से पहली बार पार्षद चुनकर आई जेएमएम समर्थित आरती कुमारी भी डिप्टी मेयर प्रत्याशी हो सकती हैं। कांग्रेस से यह हैं रेस में कांग्रेस समर्थित वार्ड-49 से लगातार दूसरी बार जीतने वाले जमीला खातून भी डिप्टी मेयर की रेस में हैं। l वार्ड-18 से लगातार तीसरी बार जीतने वाली कांग्रेस समर्थित आशा गुप्ता रेस में हैं। उन्होंने राज्यसभा सदस्य महुआ माजी के पुत्र सोमवित माजी को हराया है। सोमवित जेएमएम से डिप्टी मेयर के प्रबल प्रत्याशी माने जा रहे थे। l वार्ड-17 से जीत कर आए मो. सलाउद्दीन भी डिप्टी मेयर की रेस में हैं। भाजपा से यह हैं रेस में भाजपा समर्थित वार्ड 20 के सुनील यादव उर्फ मामा जीत की हैट्रिक लगाई है। सुनील डिप्टी मेयर की रेस में हैं। वार्ड-1 से जीत कर आए नकुल तिर्की वार्ड भी डिप्टी मेयर की रेस में हैं। वार्ड-26 से जीतकर आए भाजपा समर्थित पार्षद प्रदीप कुमार भी रेस में हैं। वार्ड-44 से जीतकर आए पार्षद परमजीत सिंह भी डिप्टी मेयर की रेस में हैं।

नक्सल विरोधी ऑपरेशन में बड़ा हादसा, सारंडा में फिर गूंजा IED विस्फोट

पश्चिमी सिंहभूम झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले के सारंडा के घने जंगलों में नक्सल विरोधी अभियान के दौरान रविवार को बड़ा हादसा हो गया। सर्च ऑपरेशन के समय नक्सलियों द्वारा लगाए गए आईईडी विस्फोट में 209 कोबरा बटालियन के एक अधिकारी गंभीर रूप से घायल हो गए। IED में तेज धमाका जिले के सारंडा जंगल में रविवार को नक्सल विरोधी अभियान के दौरान आईईडी ब्लास्ट हुआ। इस धमाके में 209 कोबरा बटालियन के सहायक कमांडेंट अजय मल्लिक गंभीर रूप से घायल हो गए। जानकारी के अनुसार, सुरक्षा बलों को इलाके में नक्सलियों की मौजूदगी की गुप्त सूचना मिली थी। इसके बाद कोबरा बटालियन और जिला पुलिस की संयुक्त टीम सर्च ऑपरेशन के लिए जंगल में गई थी। टीम जब दुर्गम क्षेत्र में आगे बढ़ रही थी, तभी जमीन में छिपाकर लगाए गए IED में तेज धमाका हो गया। जंगल में सर्च ऑपरेशन और तेज धमाका इतना जोरदार था कि उसकी आवाज दूर तक सुनाई दी। विस्फोट के तुरंत बाद जवानों ने सतर्कता दिखाते हुए पूरे इलाके को घेर लिया। संभावित हमले की आशंका को देखते हुए सुरक्षा बलों ने मोर्चा संभाल लिया और वरिष्ठ अधिकारियों को घटना की जानकारी दी गई। घटना के बाद अतिरिक्त सुरक्षा बलों को मौके पर भेजा गया है। जंगल में सर्च ऑपरेशन और तेज कर दिया गया है। सुरक्षा एजेंसियां इलाके में नक्सलियों की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए हैं। जंगल में तलाशी अभियान लगातार जारी गंभीर रूप से घायल सहायक कमांडेंट अजय मल्लिक को बेहतर इलाज के लिए रांची रेफर किया गया है। उन्हें एयरलिफ्ट करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। खेलगांव हेलीपैड पर एंबुलेंस और डॉक्टरों की टीम को अलर्ट पर रखा गया है, जहां से उन्हें सीधे अस्पताल में भर्ती कराया जाएगा। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है और जंगल में तलाशी अभियान लगातार जारी है।  

हाइवे बना मौत का रास्ता: तेज रफ्तार ट्रक ने बस को मारी टक्कर, सड़क पर बिखरे शव

कैमूर बिहार के कैमूर जिले में रविवार सुबह एक भीषण सड़क हादसे ने कोहराम मचा दिया। यहां विपरीत दिशा से आ रहे एक अनियंत्रित ट्रक और यात्री बस की आमने-सामने जोरदार भिड़ंत हो गई। इस हादसे में तीन यात्रियों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई, जबकि 12 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। जानें कैसा हुआ हादसा मिली जानकारी के अनुसार, कुदरा थाना क्षेत्र के राष्ट्रीय राजमार्ग-19 (NH-19) पर नशेज के समीप हुआ। मृतकों की पहचान वाराणसी के चितईपुर थाना क्षेत्र निवासी दीपक पटेल की नौ वर्षीय पुत्री दीक्षिता कुमारी और भूलनपुर, वाराणसी निवासी अरुण कुमार की पत्नी आभा रानी के रुप में हुई है। तीसरे मृतक की पहचान अभी नहीं हो सकी है। बस जमशेदपुर से वाराणसी की ओर जा रही थी। बताया जा रहा है कि विपरीत दिशा से आ रहा एक ट्रक डिवाइडर को तोड़ते हुए बस के लेन में घुस गया। टक्कर इतनी भीषण थी कि बस के परखच्चे उड़ गए। वहीं तीन लोगों की मौके पर ही सांसे थम गई। हादसे के बाद ट्रक चालक वाहन को मौके पर ही छोड़कर फरार हो गया। घायलों को अस्पताल पहुंचाया इधर घटना की सूचना मिलते ही कुदरा पुलिस और एनएचएआई (NHAI) की रेस्क्यू टीम ने तत्परता दिखाते हुए राहत कार्य शुरू किया। घायलों को तुरंत पास के अस्पतालों में भर्ती कराया गया। घायलों में पश्चिम बंगाल, पटना और रांची के यात्री शामिल हैं। बताया जा रहा है कि बस में कुल 65 से 70 यात्री सवार थे। हादसे की जांच में जुटी पुलिस कुदरा थाना के एएसआई बी.एन. उपाध्याय ने बताया कि ट्रक के चालक ने गलत दिशा से वाहन चलाकर इस दुर्घटना को अंजाम दिया है। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त ट्रक को जब्त कर लिया है और फरार चालक की तलाश के लिए छापेमारी की जा रही है। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। इस हादसे के कारण NH-19 पर काफी देर तक आवागमन बाधित रहा, जिसे बाद में पुलिस ने सुचारू करवाया। फिलहाल पुलिस हादसे की जांच में जुट गई है।

जन्मदिन पर नीतीश कुमार की बड़ी सौगात: 51 लाख बच्चों को मिलेगी पोशाक, पश्चिम चंपारण से आगाज

पटना बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का आज जन्मदिन है। सीएम नीतीश कुमार के जन्मदिन के अवसर पर राज्य सरकार ने आंगनबाड़ी केंद्रों से जुड़े बच्चों के लिए विशेष पहल की घोषणा की है। ग्रामीण विकास विभाग की ओर से पूरे बिहार में आंगनबाड़ी केंद्रों पर नामांकित बच्चों को दो-दो सेट नई ड्रेस उपलब्ध कराई जाएगी। इस योजना की औपचारिक शुरुआत आज की जाएगी। कार्यक्रम का शुभारंभ ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार के हाथों होगा। पहले चरण में लगभग 51 लाख बच्चों को दो सेट ड्रेस वितरित करने की तैयारी पूरी कर ली गई है। विभाग के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों की नियमित उपस्थिति बढ़ाना और उन्हें बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है। राज्यस्तरीय कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की कर्मभूमि पश्चिम चंपारण से की जाएगी। प्रधानमंत्री मोदी और शाह समेत कई नेताओं ने दी बधाई बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार रविवार को 75 वर्ष के हो गए। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और कई अन्य नेताओं ने उन्हें जन्मदिन की बधाई दी। प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर पोस्ट किया, ''बिहार के मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार जी को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं। वह पिछले कई वर्षों से बिहार की प्रगति के लिए अथक परिश्रम कर रहे हैं।'' मोदी ने कहा कि उनकी दूरदृष्टि और विकास योजनाओं ने अनगिनत लोगों के जीवन पर सकारात्मक प्रभाव डाला है। प्रधानमंत्री ने कुमार के दीर्घायु और स्वस्थ जीवन की भी कामना की। शाह ने भी कुमार के जन्मदिन पर उन्हें बधाई दी। उन्होंने 'एक्स' पर लिखा, ''बिहार के मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार जी को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं। आपके नेतृत्व में बिहार में राजग प्रदेशवासियों के विकास व प्रगति के लिए समर्पित भाव से कार्य कर रहा है। ईश्वर से आपके उत्तम स्वास्थ्य व दीर्घायु होने की कामना करता हूं।'' बिहार के दोनों उपमुख्यमंत्रियों ने भी दी शुभकामनाएं बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा ने नीतीश कुमार को उनके जन्मदिन पर शुभकामनाएं दीं। चौधरी ने पोस्ट किया, ''बिहार के विकास पुरुष, सुशासन बाबू, जन-जन के प्रिय नेता, माननीय मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार जी से उनके जन्मदिवस के अवसर पर मिलकर हार्दिक बधाई और असंख्य शुभकामनाएं दीं। प्रभु से प्रार्थना है कि आपको उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु और निरंतर जनसेवा की शक्ति प्रदान करें।'' सिन्हा ने पोस्ट में लिखा, ''बिहार के लोकप्रिय, कर्मठ और दूरदर्शी मुख्यमंत्री आदरणीय  नीतीश कुमार जी को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं। राजग सरकार के नेतृत्व में आपके मार्गदर्शन ने कभी पिछड़े कहे जाने वाले बिहार को विकास की नयी दिशा दी है। सुशासन, सामाजिक न्याय और बुनियादी ढांचे के सशक्त विस्तार के माध्यम से आपने ''विकसित बिहार'' के सपने को मजबूती से आगे बढ़ाया है। आपकी ईमानदारी, सादगी और जनसेवा के प्रति समर्पण हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत है। ईश्वर से प्रार्थना है कि आपको उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु और निरंतर जनसेवा की शक्ति प्रदान करें।''  

जीत के बाद जलापूर्ति करवाने पहुंचे सरायकेला के नगर पंचायत अध्यक्ष

सरायकेला. झारखंड के सरायकेला में नगर पंचायत के अध्यक्ष पद का चुनाव जीतने के साथ ही मनोज चौधरी “सुनो सरायकेला चुनो काम वाला” के स्लोगन के साथ जीत दर्ज करने मनोज चौधरी जीत के दूसरे दिन ही अपने काम में लग गये है. पहले ही दिन सरायकेला शहरी क्षेत्र में पेयजल समस्या का निराकरण करने निकल गये. सरायकेला में 20 घंटे से बाधित है जलापूर्ति सरायकेला नगर पंचायत क्षेत्र में पिछले करीब 20 घंटे से बाधित पेयजल आपूर्ति को बहाल कराने को लेकर शनिवार की सुबह 10 बजे नगर पंचायत के नव निर्वाचित अध्यक्ष मनोज चौधरी स्थानीय लोगों के साथ पीएचडी कार्यालय पहुंचे. वहां के कर्मियों से पेयजल आपूर्ति बाधित होने की जानकारी ली. बताया गया कि मोटर जल जाने के कारण पेयजल आपूर्ति बाधित है. उन्होंने कर्मियों को फटकार लगाते हुए कहा कि जनता की समस्याओं को लेकर किसी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.उन्होंने पीएचडी के कनीय अभियंता को 12 घंटे के अंदर नया मोटर लगाकर पेयजल आपूर्ति बहाल करवाने का निर्देश दिया. वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में गंदगी देखकर भड़के मनोज चौधरी पीएचईडी के वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का निरीक्षण के क्रम में कई जगह गंदगी और काई लगा हुआ पाया गया. गंदगी देखकर मनोज चौधरी नाराजगी व्यक्त की. उन्होंने कहा कि सरायकेला नगर क्षेत्र की जनता का पेयजल आपूर्ति का एक मात्र साधन पीएचडी द्वारा सप्लाई वाटर है. पानी में इतनी गंदगी लोगों बीमार हो रहे है. उन्होंने कहा कि गंदा पानी के सेवन से नगर पंचायत की जनता को पेट से जुड़ी बीमारियों की समस्या हो रही है. इसका कारण पीएचईडी द्वारा सप्लाई किया जा रहा गंदा पानी है. उन्होंने कहा कि ये इस तरह का काम नहीं चलेगी. उन्होंने प्लांट की गंदगी को अविलंब स्वच्छ पानी की आपूर्ति करने को निर्देशित किया. जनता ने कामवाले को चुना मनोज चौधरी ने कहा कि चुनाव में उनका एक ही नारा था‘ सुनो सरायकेला,चुनो काम वाला’. क्षेत्र की जनता ने एक काम वाले को अपना प्रतिनिधि चुना है. चुनाव समाप्त हो गया है. अब उनका काम बोलेगा. जनता से किये वायदों को एक-एक कर पूरा करेंगे. जल्द ही शहर में साकारात्मक बदलाव दिखाई देगी. उन्होंने कहा कि जनहित से जुड़े मुद्दों को लेकर पूर्व की तरह पूरी संजीदगी के साथ कार्य करेंगे. एक एक कर जन समस्याओं का समाधान करेंगे. उन्होंने सरायकेला के विकास के लिये क्षेत्र के लोगों से सुझाव व मार्गदर्शन देने की भी अपील की.

क्या विधायक पद छोड़ेंगे तेजस्वी यादव? राज्यसभा चुनाव पर सियासी हलचल तेज

पटना बिहार के नेता प्रतिपक्ष और राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव के राज्यसभा जाने की चर्चा तेज हो गई है। सियासी गलियारों में अटकलें चल रही हैं कि तेजस्वी खुद विपक्ष के राज्यसभा उम्मीदवार हो सकते हैं। हालांकि, इस बारे में पार्टी की ओर से कोई पुष्टि नहीं की गई है। दूसरी ओर, राज्यसभा चुनाव में उम्मीदवार खड़ा करने के लिए आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने रविवार को अहम बैठक बुलाई है। आरजेडी के केंद्रीय संसदीय बोर्ड और राज्य संसदीय बोर्ड की यह बैठक रविवार को पटना में 10 सर्कुलर रोड स्थित पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के सरकारी आवास पर होगी। इस बैठक की अध्यक्षता लालू यादव करेंगे। इसमें नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव, पार्टी के सभी सांसद, विधायक, एमएलसी और वरिष्ठ नेता मौजूद रहेंगे। राबड़ी आवास में शाम 7 बजे से होने वाली बैठक में आगामी राज्यसभा चुनाव के उम्मीदवार चयन पर मंथन किया जाएगा। इससे पहले शनिवार को नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के राज्यसभा चुनाव लड़ने की चर्चा तेज रही। हालांकि, पार्टी के तमाम वरीय नेताओं ने इससे साफ इनकार किया। कोई भी नेता इस दावे की पुष्टि नहीं कर सके। चर्चाओं में कहा जा रहा है कि तेजस्वी यादव संसद जा सकते हैं। उनकी विधानसभा सीट राघोपुर से परिवार के किसी अन्य सदस्य को उपचुनाव में लड़ाया जा सकता है। हालांकि, रविवार को आरजेडी की बैठक के बाद ही इस पर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। बिहार की 5 राज्यसभा सीटें हो रहीं खाली बिहार की पांच राज्यसभा सीटें रिक्त होने जा रही हैं, जिन पर चुनाव की घोषणा हो चुकी है। जो सीटें खाली हो रही हैं उन पर वर्तमान में एनडीए के 3 और आरजेडी के दो सांसद हैं। विधानसभा में मौजूदा संख्या बल के अनुसार एनडीए की चार सीटों पर जीत पक्की मानी जा रही है। हालांकि, पांचवीं सीट पर जीत के लिए ना तो एनडीए के पास पर्याप्त विधायक हैं और ना ही विपक्षी दलों के महागठबंदन के पास नंबर हैं। अगर आरजेडी या विपक्ष की ओर से राज्यसभा चुनाव में प्रत्याशी उतारा जाता है तो क्रॉस वोटिंग हो सकती है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पहले ही राज्यसभा में विपक्ष से प्रत्याशी उतारने का ऐलान कर चुके हैं। अब लालू यादव ने उम्मीदवार चयन के लिए पार्टी की बैठक भी बुला दी है। इससे साफ है कि महागठबंधन एनडीए के खिलाफ प्रत्याशी उतारने के पूरे मूड में है। तेजस्वी को चाहिए ओवैसी और मायावती का साथ बिहार विधानसभा में अभी आरजेडी के 25 समेत महागठबंधन के कुल 35 विधायक ही हैं। राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए कम से कम 41 विधायकों का समर्थन चाहिए। ऐसी स्थिति में लालू-तेजस्वी को अपने उम्मीदवार को जीताने के लिए असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM के 5 और मायावती की बसपा के एक विधायक का समर्थन चाहिए। हालांकि, ओवैसी की पार्टी ने खुद अपना प्रत्याशी उतारने का ऐलान कर आरजेडी से समर्थन मांगा था। शुक्रवार को पटना में तेजस्वी यादव और AIMIM के प्रदेश अध्यक्ष अख्तरुल ईमान की सीक्रेट मीटिंग होने की भी बात सामने आई। इसमें दोनों दलों के बीच फिलहाल कोई समझौता नहीं हो पाया है। राज्यसभा चुनाव के लिए 5 मार्च तक नामांकन बिहार की 5 समेत देश भर की 37 राज्यसभा सीटों पर चुनाव के लिए नामांकन की प्रक्रिया चल रही है। नामांकन का आखिरी दिन 5 मार्च है। 9 मार्च तक नामांकन वापसी हो सकती है। अगर 5 से ज्यादा उम्मीदवार हुए तो 16 मार्च को मतदान होगा। उसी दिन रिजल्ट भी जारी कर दिया जाएगा। सत्ताधारी गठबंधन की ओर से भी अभी तक किसी भी उम्मीदवार का नाम फाइनल नहीं हुआ है।

बीजेपी समर्थित प्रत्याशी के जश्न में अफरा-तफरी के दौरान सांसद हुए बेहोश

मेदिनी नगर/पलामू. नगर निगम चुनाव में भाजपा समर्थित मेयर प्रत्याशी अरुणा शंकर ने भारी मतों से जीत हासिल की। जीत के बाद निकाले गए विजय जुलूस के दौरान पलामू सांसद वीडी राम अचानक बेहोश हो गए। घटना के बाद मौके पर मौजूद समर्थकों और कार्यकर्ताओं के बीच कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। बताया जा रहा है कि जुलूस के दौरान अधिक भीड़ और तेज धूप के कारण उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। मौके पर मौजूद लोगों ने उन्हें तुरंत सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया, जहां उनका प्राथमिक उपचार किया गया। इसके बाद बेहतर इलाज के लिए उन्हें श्री नारायणा मल्टी स्पेशियलिटी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। डिहाइड्रेशन के कारण हुए बेहोश डॉक्टरों के अनुसार, बेहोश होने का कारण डिहाइड्रेशन बताया गया है। मिली जानकारी के अनुसार सांसद वीडी राम की सभी जांच रिपोर्ट सामान्य पाई गईं। चिकित्सकीय निगरानी के बाद उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। छुट्टी मिलने के बाद वे अपने आवास के लिए रवाना हो गए।

राज्यसभा चुनाव को लेकर लालू ने बुलाई बड़ी बैठक, क्या तेजस्वी यादव छोड़ेंगे विधायकी?

पटना बिहार के नेता प्रतिपक्ष और राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव के राज्यसभा जाने की चर्चा तेज हो गई है। सियासी गलियारों में अटकलें चल रही हैं कि तेजस्वी खुद विपक्ष के राज्यसभा उम्मीदवार हो सकते हैं। हालांकि, इस बारे में पार्टी की ओर से कोई पुष्टि नहीं की गई है। दूसरी ओर, राज्यसभा चुनाव में उम्मीदवार खड़ा करने के लिए आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने रविवार को अहम बैठक बुलाई है। आरजेडी के केंद्रीय संसदीय बोर्ड और राज्य संसदीय बोर्ड की यह बैठक रविवार को पटना में 10 सर्कुलर रोड स्थित पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के सरकारी आवास पर होगी। इस बैठक की अध्यक्षता लालू यादव करेंगे। इसमें नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव, पार्टी के सभी सांसद, विधायक, एमएलसी और वरिष्ठ नेता मौजूद रहेंगे। राबड़ी आवास में शाम 7 बजे से होने वाली बैठक में आगामी राज्यसभा चुनाव के उम्मीदवार चयन पर मंथन किया जाएगा। इससे पहले शनिवार को नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के राज्यसभा चुनाव लड़ने की चर्चा तेज रही। हालांकि, पार्टी के तमाम वरीय नेताओं ने इससे साफ इनकार किया। कोई भी नेता इस दावे की पुष्टि नहीं कर सके। चर्चाओं में कहा जा रहा है कि तेजस्वी यादव संसद जा सकते हैं। उनकी विधानसभा सीट राघोपुर से परिवार के किसी अन्य सदस्य को उपचुनाव में लड़ाया जा सकता है। हालांकि, रविवार को आरजेडी की बैठक के बाद ही इस पर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। बिहार की 5 राज्यसभा सीटें हो रहीं खाली बिहार की पांच राज्यसभा सीटें रिक्त होने जा रही हैं, जिन पर चुनाव की घोषणा हो चुकी है। जो सीटें खाली हो रही हैं उन पर वर्तमान में एनडीए के 3 और आरजेडी के दो सांसद हैं। विधानसभा में मौजूदा संख्या बल के अनुसार एनडीए की चार सीटों पर जीत पक्की मानी जा रही है। हालांकि, पांचवीं सीट पर जीत के लिए ना तो एनडीए के पास पर्याप्त विधायक हैं और ना ही विपक्षी दलों के महागठबंदन के पास नंबर हैं। अगर आरजेडी या विपक्ष की ओर से राज्यसभा चुनाव में प्रत्याशी उतारा जाता है तो क्रॉस वोटिंग हो सकती है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पहले ही राज्यसभा में विपक्ष से प्रत्याशी उतारने का ऐलान कर चुके हैं। अब लालू यादव ने उम्मीदवार चयन के लिए पार्टी की बैठक भी बुला दी है। इससे साफ है कि महागठबंधन एनडीए के खिलाफ प्रत्याशी उतारने के पूरे मूड में है। तेजस्वी को चाहिए ओवैसी और मायावती का साथ बिहार विधानसभा में अभी आरजेडी के 25 समेत महागठबंधन के कुल 35 विधायक ही हैं। राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए कम से कम 41 विधायकों का समर्थन चाहिए। ऐसी स्थिति में लालू-तेजस्वी को अपने उम्मीदवार को जीताने के लिए असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM के 5 और मायावती की बसपा के एक विधायक का समर्थन चाहिए। हालांकि, ओवैसी की पार्टी ने खुद अपना प्रत्याशी उतारने का ऐलान कर आरजेडी से समर्थन मांगा था। शुक्रवार को पटना में तेजस्वी यादव और AIMIM के प्रदेश अध्यक्ष अख्तरुल ईमान की सीक्रेट मीटिंग होने की भी बात सामने आई। इसमें दोनों दलों के बीच फिलहाल कोई समझौता नहीं हो पाया है।

रांची नगर निगम की 53 में से 32 वार्डों में महिला प्रत्याशियों ने जीता चुनाव

रांची. नगर निगम चुनाव के नतीजों ने एक बार फिर यह साफ कर दिया कि शहर की राजनीति में महिलाओं की भागीदारी लगातार मजबूत हो रही है। 53 वार्डों में हुए चुनाव (Ranchi Municipal Election) में 32 वार्डों में महिला प्रत्याशियों ने जीत दर्ज की, जबकि 21 वार्डों में पुरुष उम्मीदवार विजयी रहे। यानी इस बार भी निगम बोर्ड में महिलाओं की संख्या अधिक रहेगा। कई वार्डों में महिलाओं ने निर्णायक बढ़त हासिल की, तो कई जगह बेहद करीबी मुकाबले में जीत दर्ज की गई। इन नतीजों से स्पष्ट है कि रांची नगर निगम की नई परिषद में महिलाओं की भागीदारी निर्णायक रहेगी। कई वार्डों में महिलाओं ने मजबूत जनाधार के साथ जीत दर्ज की है, जिससे आने वाले कार्यकाल में निगम की राजनीति में ‘नारी शक्ति’ की भूमिका और प्रभावी होने की संभावना है। उनके पक्ष में योजनाएं भी बनेंगी। कांटे की टक्कर वाले वार्ड कई वार्डों में मुकाबला बेहद रोमांचक रहा। वार्ड 38 में मात्र 26 वोट का अंतर रहा। वार्ड 33 में 74 वोट, वार्ड 14 में 96 वोट और वार्ड 2 में 97 वोट का अंतर रहा। इन परिणामों ने यह दिखाया कि मतदाताओं ने कई जगह आखिरी वोट तक मुकाबला बनाए रखा। इन वार्डों में महिलाओं की हुई जीत वार्ड 2 से सविता कच्छप ने 97 वोट के मामूली अंतर से जीत दर्ज की। वार्ड 14 में अंजू देवी ने सिर्फ 96 वोट से बाजी मारी। वार्ड 33 में पुष्पा टोप्पो ने 74 वोट से जीत हासिल की। वार्ड 38 में हालांकि पुरुष प्रत्याशी जीते, लेकिन वहां भी महज 26 वोट का अंतर रहा। वार्ड 9 से प्रीति रंजन ने 1907 वोट, वार्ड 10 से संगीता देवी ने 1668 वोट। वार्ड 11 से आलिया नाज ने 1789 वोट और वार्ड 23 से फरहा नाज ने 4370 वोट के बड़े अंतर से जीत दर्ज की। वार्ड 43 में शशि सिंह ने 2910 वोटों से जीत हासिल कर बड़ी बढ़त दर्ज की। वार्ड 52 में पुरुष प्रत्याशी पीटर खोया ने 4673 वोट से जीत दर्ज कर सबसे बड़ी जीत में से एक अपने नाम की।  पुरुष प्रत्याशियों की क्या रही स्थिति पुरुष उम्मीदवारों ने 21 वार्डों में जीत दर्ज की। वार्ड 12 से कुलभूषण डुंगडुंग ने 2632 वोट, वार्ड 26 से प्रदीप कुमार ने 2781 वोट और वार्ड 31 से नीरज कुमार ने 2693 वोट के बड़े अंतर से जीत हासिल की।