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‘झारखंड में लूट-खसोट, हत्या और भ्रष्टाचार हावी’: बीजेपी अध्यक्ष

रजरप्पा/रामगढ़. भाजपा के नव नियुक्त झारखंड प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू गुरुवार को अपने पूरे परिवार के साथ झारखंड के प्रसिद्ध सिद्धपीठ रजरप्पा मंदिर पहुंचे। यहां पहुंचकर उन्होंने मां छिन्नमस्तिके की विधिवत पूजा-अर्चना कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दौरान उन्होंने नारियल बलि देकर रक्षा सूत्र भी बंधवाया और राज्य की सुख-समृद्धि, शांति व जनकल्याण की कामना की। पूजा-अर्चना के पश्चात पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं के प्रेम, विश्वास और समर्पण के कारण ही राष्ट्रीय नेतृत्व ने एक साधारण कार्यकर्ता को झारखंड प्रदेश अध्यक्ष की बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है। अध्यक्ष बनने के बाद उनका पहला कार्यक्रम देवी के चरणों में शीश नवाकर आशीर्वाद लेना रहा। उन्होंने मां से शक्ति, विवेक और मार्गदर्शन देने की प्रार्थना की, ताकि सौंपे गए दायित्व का निर्वहन ईमानदारी और निष्ठा के साथ कर सकें। उन्होंने आगे कहा कि मां छिन्नमस्तिके झारखंड ही नहीं, बल्कि पूरे देश के श्रद्धालुओं की आस्था की प्रतीक हैं। प्रदेश अध्यक्ष ने भारतीय जनता पार्टी की विचारधारा को राज्य के हर गांव, कस्बा, टोला और समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने के लिए कार्यकर्ताओं को और अधिक सक्रिय किया जाएगा। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उल्लेख करते हुए कहा कि देश की आजादी के बाद पहली बार एक गरीब परिवार का बेटा प्रधानमंत्री बना है और उनके नेतृत्व में केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुंच रहा है। सरकार पर किया हमला आदित्य साहू ने झारखंड की वर्तमान सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि राज्य में लूट खसोट, हत्या बलात्कार व भ्रष्टाचार का बोलबाला है। राज्य में अन्याय और अत्याचार लगातार बढ़ा है। कानून-व्यवस्था की स्थिति चिंताजनक है। उन्होंने पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं पद्म भूषण करिया मुंडा को फोन पर धमकी दिए जाने की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि यह प्रदेश में बढ़ती अराजकता का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि झारखंड की जनता अब मौजूदा सरकार की कार्यशैली से त्रस्त हो चुकी है। प्रदेश अध्यक्ष ने दावा किया कि झारखंड राज्य के निर्माण में भारतीय जनता पार्टी की ऐतिहासिक भूमिका रही है। आने वाले समय में जनता एक बार फिर भाजपा पर भरोसा जताएगी और चुनाव के माध्यम से अन्याय-अत्याचार वाली सरकार को उखाड़ फेंकेगी। उन्होंने विश्वास जताया कि राज्य में पुनः भाजपा की सरकार बनेगी। इस अवसर पर बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता, स्थानीय नेता और श्रद्धालु उपस्थित थे। बजरंग दल के कार्यकर्ताओं को किया सम्मानित पिछले दिनों धुर्वा रांची से दो बच्चे अंश व आंशिक के अपहरण की घटना से पूरा राज्य आक्रोशित था। राज्य भर की पुलिस उन्हें ढूंढने का प्रयास कर रही थी। लेकिन उन्हें ढूंढने काम बजरंग दल के कुछ कार्यकर्ताओं द्वारा किया गया। इसी को लेकर चितरपुर बाजार टांड़ में प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने बजरंग दल के डब्लू साहू, सचिन कुमार, सुनील कुमार, सन्नी नायक और अंशु कुमार को शॉल ओढ़ाकर व माला पहनाकर सम्मानित किया। मौके पर भाजपा जिलाध्यक्ष संजीव कुमार बबला, प्रखंड अध्यक्ष निरंजन कुमार, रमेश वर्मा, युगेश महतो सहित कई मौजूद थे।

अमृत भारत एक्सप्रेस की बुकिंग शुरू होते ही बढ़ी वेटिंग लिस्ट

धनबाद. इंतजार की घड़ियां समाप्त हो गई हैं। धनबाद होकर चलने वाली हावड़ा–आनंदविहार अमृत भारत एक्सप्रेस के लिए टिकटों की बुकिंग शुरू होते ही यात्रियों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। 22 जनवरी से शुरू होने वाली इस ट्रेन के पहले ही दिन की टिकटें वेटिंगलिस्ट में चली गईं, जिससे इसकी लोकप्रियता का अंदाजा लगाया जा सकता है। अमृत भारत एक्सप्रेस का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 18 जनवरी को करेंगे। गुरुवार से जैसे ही टिकटों की बुकिंग खुली, कुछ ही समय में सीटें भर गईं और वेटिंग शुरू हो गई। धनबाद से आनंदविहार तक इस ट्रेन का किराया 650 रुपये निर्धारित किया गया है। केवल स्लीपर और जनरल कोच के साथ संचालित होने वाली अमृत भारत एक्सप्रेस का किराया अन्य मेल, एक्सप्रेस और सुपरफास्ट ट्रेनों की तुलना में 50 से 55 रुपये अधिक है। इसके बावजूद यात्रियों में इस नई ट्रेन को लेकर खासा आकर्षण देखा जा रहा है। हालांकि, समय के लिहाज से यह हावड़ा से दिल्ली के बीच चलने वाली सबसे अधिक समय लेने वाली ट्रेन होगी। जहां अन्य ट्रेनें धनबाद से दिल्ली की दूरी साढ़े 15 घंटे से साढ़े 19 घंटे में तय कर लेती हैं, वहीं अमृत भारत एक्सप्रेस को इस दूरी को पूरा करने में 22 घंटे 45 मिनट लगेंगे। अमृत भारत; आज से टिकट बुकिंग शुरू इस ट्रेन में जनरल कोटे को लेकर धनबाद के यात्रियों में निराशा भी है। धनबाद के लिए मात्र 20 जनरल टिकटों का कोटा तय किया गया है, जबकि हावड़ा के लिए 278 जनरल टिकट उपलब्ध कराए गए हैं। इसके बावजूद अमृत भारत एक्सप्रेस को लेकर यात्रियों में उत्साह बना हुआ है। वाराणसी का किराया और समय दोनों ज्यादा अमृत भारत से धनबाद से वाराणसी के लिए 305 रुपये चुकाना होगा। दूसरी ट्रेनों में 270 से 300 रुपये ही है। गंगा-सतलज से 7:30 घंटे, शब्दभेदी 7:05 घंटे तो हावड़ा-लालकुआं 7:00 घंटे में वाराणसी पहुंचती है। अमृत भारत 7:45 घंटे लेगी। लखनऊ के लिए 425 से 440 के बदले 460 रुपये चुकाना होगा। धनबाद से अन्य ट्रेनों की समय अवधि व किराया  हावड़ा–कालका नेताजी एक्सप्रेस : 19 घंटे 31 मिनट — ₹600 कोलकाता–अमृतसर जालियांवाला बाग एक्सप्रेस : 15 घंटे 45 मिनट – ₹595 हावड़ा–बाड़मेर एक्सप्रेस : 16 घंटे 35 मिनट — ₹595 सियालदह–आनंदविहार बंगाल संपर्क क्रांति एक्सप्रेस : 15 घंटे 35 मिनट – ₹595 हावड़ा–नई दिल्ली पूर्वा एक्सप्रेस : 18 घंटे 05 मिनट- ₹600

‘ऑपरेशन सिंदूर’ में शहीद बक्सर के हवलदार सुनील सिंह को मरणोपरांत सेना मेडल

चौसा/बक्सर. देश की सीमाओं की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान देने वाले जिले के चौसा नगर पंचायत अंतर्गत नरबतपुर निवासी बलिदानी हवलदार सुनील कुमार सिंह (Martyr Sunil Kumar Singh) को भारतीय सेना ने मरणोपरांत 'सेना मेडल (वीरता)' से सम्मानित किया है। यह सम्मान राजस्थान की राजधानी जयपुर में आयोजित 78वें सेना दिवस समारोह में प्रदान किया गया। सेनाध्यक्ष जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ (operation sindoor)और आतंकवाद विरोधी अभियानों में असाधारण वीरता दिखाने वाले बलिदानियों के परिजनों को यह अलंकरण सौंपा। समारोह के दौरान जब बलिदानी सुनील सिंह के साहस और बलिदान का उल्लेख किया गया, तो उनकी पत्नी सुजाता देवी सम्मान ग्रहण करते समय भावुक हो उठीं। उनकी आंखों से छलकते आंसू हर उपस्थित व्यक्ति को गर्व और पीड़ा दोनों का अहसास करा रहे थे। सेना के अनुसार, हवलदार सुनील कुमार सिंह 237 फील्ड वर्कशाप कंपनी में तैनात थे। 9 मई 2025 की रात पाकिस्तान की ओर से वर्कशाप क्षेत्र पर भीषण गोलाबारी की गई। इसी दौरान उन्होंने छह दुश्मन ड्रोन को अपनी सेंट्री पोस्ट की ओर बढ़ते देखा। बिना देर किए उन्होंने खतरे की सूचना दी और खुले में आकर राइफल से ड्रोन पर फायरिंग शुरू कर दी। तभी शत्रु का गोला पास में फटा, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। घायल अवस्था में भी उन्होंने अंतिम सांस तक ड्रोन की सटीक जानकारी साथियों को दी, जिससे कई जवानों की जान बच सकी। उनके इस अदम्य साहस और कर्तव्यनिष्ठा के लिए उन्हें मरणोपरांत ‘सेना मेडल (वीरता)’ से सम्मानित किया गया। बलिदानी के सम्मान से पूरा जिला गौरवान्वित है।

बिहार में बच्चों के नामांकन पर 119 स्कूलों के प्रधानाध्यापक पटना तलब

पटना. बिहार में शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए यू-डायस (यूनिफाइड डिस्ट्रिक्ट इंफॉर्मेशन सिस्टम फॉर एजुकेशन) के प्रारंभिक आंकड़ों ने शिक्षा विभाग की चिंता बढ़ा दी है. राज्य के सरकारी विद्यालयों में छात्रों के नामांकन में बड़ी गिरावट दर्ज की गयी है. बीते शैक्षणिक सत्र 2024-25 की तुलना में इस बार कुल 5,44,729 छात्रों की कमी आयी है. राज्य परियोजना निदेशक, बिहार शिक्षा परियोजना परिषद द्वारा सभी जिलों को भेजे गये पत्र में बताया गया है कि 31 दिसंबर 2025 तक नामांकन की समीक्षा की गयी, जिसमें कई जिलों की स्थिति चिंताजनक पायी गयी. आंकड़ों के अनुसार करीब 20 जिलों में नामांकन 10 प्रतिशत से अधिक घटा है. रिपोर्ट में कहा गया है कि वर्ष 2024-25 में कुल एक करोड़ 70 लाख 56 हजार 193 बच्चे विभिन्न कक्षाएं नामांकित किये गये. इसकी तुलना में वर्ष 2025-26 में पांच लाख, 44 हजार 729 बच्चों का कम नामांकन हुआ. वर्ष 2025-26 में कुल एक करोड़ 65 लाख छह हजार 771 बच्चों का नामांकन हुआ है. नामांकन का यह आंकड़ा एक जनवरी 2026 तक का है. रिपोर्ट में बताया गया है कि 20 जिले में जिसमें सुपौल, सीतामढ़ी, अरवल, सीवान, भोजपुर, अररिया, दरभंगा, बेगुसराय, नालंदा, नवादा, शिवहर, गया, मधुबनी, सहरसा, बक्सर, सारण, मुंगेर, किशनगंज, लखीसराय और गोपालगंज में तीन से 10 प्रतिशत तक तीन से 10 प्रतिशत तक यू-डायस पोर्टल पर पिछले वर्ष की तुलना में कम प्रविष्ट की गयी. वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में बताया कि यू-डायस पोर्टल पर बच्चों की कम प्रविष्ट पर शिक्षा मंत्रालय ने नाराजगी व्यक्त की है. अधिकारियों ने कहा कि 2024-25 में बहुत सारे स्कूलों में दोहरे नामांकन का मामला सामने आया था. जब बच्चों के नामांकन का आधार कार्ड से मिलान किया गया तो बहुत सारे बच्चों का नामांकन कट गया. 2025-26 में फर्जी नामांकन पर रोक लगायी गयी है इसके कारण नामांकन घट गया है. पहली कक्षा में सबसे अधिक गिरावट जिला-स्तरीय समीक्षा में यह सामने आया है कि प्रारंभिक कक्षाओं में नामांकन का संकट सबसे गहरा है. पहली कक्षा में 2,832 विद्यालयों में शून्य नामांकन दर्ज किया गया है. वहीं, छठी कक्षा में 663 विद्यालय, नौवीं कक्षा में 219 विद्यालय, 11वीं में 184 विद्यालयों में नामांकन शून्य रहा है. पटना जिले में सरकारी और निजी स्कूल मिलाकर लगभग 11 लाख बच्चे नामांकित हैं. यू-डायस की रिपोर्ट के अनुसार राज्य के कई बड़े जिलों में भी नामांकन घटा है. पटना में 15,133 छात्रों की कमी दर्ज की गयी है. गोपालगंज में 40573, सारण में 39083, नवादा में 20862, मधुबनी में 34275, गया में 28724, पूर्वी चंपारण में छात्रों की गिरावट दर्ज की गयी है. राज्य का कुल नामांकन प्रतिशत 96.81% ही रह गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में कम है. केंद्र सरकार ने जतायी नाराजगी जीइआर (ग्रॉस एनरोलमेंट रेशियो) और एनइआर (नेट एनरोलमेंट रेशियो) में गिरावट को लेकर केंद्र सरकार ने भी असंतोष जताया है. इसे गंभीरता से लेते हुए शिक्षा मंत्रालय ने राज्य सरकार से जवाब-तलब किया है. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए राज्य परियोजना निदेशक ने सभी जिला कार्यक्रम पदाधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे विद्यालय एवं छात्रवार नामांकन की गहन समीक्षा कर 10 जनवरी तक शत-प्रतिशत यूडायस पोर्टल पर प्रविष्टि सुनिश्चित करें.

गुमला में रफ्तार का कहर: हाईवा ने पिकअप वैन को रौंदा, चार लोगों की मौके पर मौत

गुमला झारखंड के गुमला जिले में गुरुवार सुबह राष्ट्रीय राजमार्ग-23 पर एक दर्दनाक सड़क दुर्घटना में चार लोगों की जान चली गई। इस घटना में अन्य दो लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिनका अस्पताल में इलाज जारी है। हादसा भरनो थाना क्षेत्र अंतर्गत भड़गांव के पास उस वक्त हुआ, जब एक हाईवा वाहन ने एक पिकअप वैन को पीछे से तेज रफ्तार में टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि पिकअप पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। इस हादसे में टाटा मैजिक पिकअप पर सवार चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। दुर्घटना के बाद कुछ देर तक सड़क पर अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। जानकारी के अनुसार, टाटा मैजिक पिकअप में सवार सभी लोग रांची से गुमला की ओर तिलकुट बेचने जा रहे थे। बताया जा रहा है कि मृतक और घायल सभी रांची के रहने वाले हैं। प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस की प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि हाईवा चालक ने तेज गति और लापरवाही से वाहन चलाते हुए पिकअप को पीछे से टक्कर मारी। हादसे के बाद चालक हाईवा लेकर मौके से फरार हो गया। पुलिस फरार वाहन और उसके चालक की तलाश में जुटी हुई है। घटना की सूचना मिलते ही भरनो थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से राहत व बचाव कार्य शुरू कराया। गंभीर रूप से घायल दोनों व्यक्तियों को पहले सिसई रेफरल अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी नाजुक स्थिति को देखते हुए उन्हें रिम्स, रांची रेफर कर दिया गया। पुलिस ने मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर सदर अस्पताल, गुमला पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। साथ ही मृतकों की पहचान सुनिश्चित करने के लिए आसपास के थानों और रांची पुलिस से संपर्क किया जा रहा है।

बिहार विधानमंडल का दो फरवरी से शुरू होगा बजट सत्र, 19 बैठकें होंगी

पटना. राज्य विधानसभा का बजट सत्र दो फरवरी से शुरू होकर 27 फरवरी तक चलेगा। इस दौरान कुल 19 बैठकें प्रस्तावित हैं। सत्र के दौरान राज्य सरकार वर्ष 2026-27 का वार्षिक बजट तीन फरवरी को सदन में पेश करेगी, जबकि वर्ष 2025-26 का तृतीय अनुपूरक बजट नौ फरवरी को प्रस्तुत किया जाएगा। संसदीय कार्य विभाग ने बजट सत्र के कार्यक्रम को लेकर औपचारिक आदेश जारी कर दिया है। बजट सत्र के पहले दिन, दो फरवरी को राज्यपाल दोनों सदनों को संयुक्त रूप से संबोधित करेंगे। इसी दिन नए सदस्यों का शपथ ग्रहण भी कराया जाएगा। इसके साथ ही सरकार आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट भी सदन में रखेगी, जिसमें राज्य की आर्थिक स्थिति, विकास दर, राजस्व और व्यय से जुड़ी प्रमुख जानकारियां शामिल होंगी। तीन फरवरी को सरकार वर्ष 2026-27 का वार्षिक बजट पेश करेगी। बजट प्रस्तुति के बाद राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर वाद-विवाद की प्रक्रिया शुरू होगी। चार फरवरी को सत्र की बैठक नहीं होगी। पांच फरवरी को सरकार राज्यपाल के अभिभाषण पर दिए गए सुझावों और सवालों का जवाब देगी। छह फरवरी को वर्ष 2026-27 के आय-व्यय पर सामान्य विमर्श होगा। सात और आठ फरवरी को भी सदन की बैठक नहीं बुलाई गई है। नौ फरवरी को आय-व्ययक पर सामान्य वाद-विवाद और सरकार का उत्तर होगा। इसी दिन सरकार वर्ष 2025-26 का तृतीय अनुपूरक बजट भी सदन में पेश करेगी। दस फरवरी को आय-व्यय की अनुदान मांगों पर वाद-विवाद के बाद मतदान कराया जाएगा। 11 फरवरी को तृतीय अनुपूरक बजट पर चर्चा और सरकार का जवाब होगा। 12 और 13 फरवरी को वर्ष 2026-27 की अनुदान मांगों पर वाद-विवाद और मतदान होगा। 14 और 15 फरवरी को बैठक नहीं होगी। इसके बाद 16 फरवरी से 20 फरवरी के बीच लगातार अनुदान मांगों पर चर्चा और मतदान की प्रक्रिया चलेगी। 21 और 22 फरवरी को भी सदन की बैठक नहीं होगी। 23 फरवरी को विनियोग विधेयक पर वाद-विवाद और सरकार का उत्तर होगा। 24 से 26 फरवरी तक राजकीय विधेयकों और अन्य शासकीय कार्यों पर चर्चा की जाएगी। बजट सत्र के अंतिम दिन, 27 फरवरी को गैर सरकारी सदस्यों के कार्य और गैर सरकारी संकल्प सदन में लिए जाएंगे।

नीतीश सरकार युवाओं तक नौकरी की पहुँच बनाने लॉन्च करेगी नया पोर्टल

पटना. बिहार सरकार ने अगले पांच वर्षों में राज्य के एक करोड़ युवाओं को रोजगार और नौकरी देने का लक्ष्य रखा है। इस काम को तय सीमा में पूरा करने के उद्देश्य से युवा, रोजगार एवं कौशल विकास विभाग का गठन भी किया है। आने वाले दिनों में इस नवगठित विभाग की जवाबदेही और बढ़ेगी। इस विभाग को अब ई-पोर्टल का संचालन, विभिन्न जिलों में रोजगार मेला आयोजित करना और नौकरी से जुड़ी युवाओं की समस्याओं के समाधान का निराकरण भी करना होगा। हाल ही में सरकार ने इस नए विभाग को ठीक से चलाने के लिए 147 नए पद स्वीकृत किए हैं। इन पदों के जरिए विभाग के सभी काम तेजी से पूरे किए जाएंगे। विभाग रोजगार से जुड़े नियम बनाएगा, योजनाओं को लागू करेगा और युवाओं की मदद के लिए नई सुविधाएं शुरू करेगा। मंत्रिमंडल ने प्रस्ताव को स्वीकृत भी कर दिया है। जानकारी के अनुसार, नवगठित विभाग का सबसे अहम कार्य एक ई-पोर्टल का प्रबंधन होगा। इस पोर्टल पर युवा अपनी पढ़ाई और योग्यता के अनुसार नौकरी की जानकारी देख सकेंगे और ऑनलाइन आवेदन भी कर सकेंगे। इस सुविधा के प्रारंभ होने से युवाओं को विभागों के चक्कर नहीं लगाने होंगे। विभाग राज्य के अलग-अलग जिलों में रोजगार मेलों आयोजित करेगा। मेलों में निजी और सरकारी कंपनियां सीधे युवाओं से मिलेंगी और मौके पर ही नौकरी के अवसर उपलब्ध कराएंगी। नया विभाग निजी कंपनियों, उद्योगों और एमएसएमई इकाइयों से भी लगातार संपर्क में रहेगा, ताकि ज्यादा से ज्यादा रोजगार के अवसर पैदा किए जा सके। सरकार का मानना है कि इस पहल से बिहार के युवाओं को नौकरी मिलने में आसानी होगी और वे आत्मनिर्भर बन सकेंगे।

मुख्यमंत्री कन्या सुरक्षा योजना से अब सीधे खाते में मिलेगी राशि

सुपौल. महिला एवं बाल विकास निगम, समाज कल्याण विभाग, बिहार सरकार द्वारा यूटीआई नेचुरल फंड के माध्यम से संचालित मुख्यमंत्री कन्या सुरक्षा योजना के तहत वर्ष 2008 से 2012 के बीच यूटीआई बॉन्ड प्राप्त करने वाली कन्या लाभुकों के लिए अब परिवर्तन राशि प्राप्त करने की प्रक्रिया को सरल कर दिया गया है। इस योजना के अंतर्गत 18 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुकी लाभार्थी कन्याओं को निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के बाद राशि सीधे उनके बैंक खाते में प्राप्त होगी। राशि प्राप्त करने से पूर्व संबंधित यूटीआई बॉन्ड धारक लाभुकों को अपने-अपने आंगनबाड़ी केंद्र से संपर्क करना अनिवार्य होगा। योजना से जुड़ी जिन कन्याओं की आयु 18 वर्ष पूर्ण हो चुकी है, उन्हें आंगनबाड़ी सेविका से संपर्क कर केंद्र पर उपलब्ध सर्वेक्षण फॉर्म भरना होगा। फॉर्म के साथ लाभार्थी को आधार कार्ड, जन्म प्रमाण पत्र एवं यूटीआई बॉन्ड की मूल प्रति संलग्न करनी होगी। इसके अलावा, 18 वर्ष पूर्ण होने पर रंगीन पासपोर्ट साइज फोटो, आधार कार्ड के अंतिम चार अंक, पैन कार्ड (यदि उपलब्ध हो) तथा पूरा भरा हुआ केवाईसी फॉर्म भी जमा करना आवश्यक है। साथ ही लाभार्थी का बैंक बचत खाता एवं यूपीआई से संबंधित प्रक्रिया पूरी कराई जाएगी। औपचारिकताएं पूर्ण होने के उपरांत राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाएगी। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2008 से 2012 के दौरान आंगनबाड़ी केंद्रों पर पंजीकृत बालिकाओं का मुख्यमंत्री कन्या सुरक्षा योजना के तहत यूटीआई बैंक के माध्यम से फॉर्म भरा गया था, जिसके बाद यूटीआई बॉन्ड लाभार्थियों को भेजे गए थे। इन बांड का वितरण आंगनबाड़ी सेविकाओं के माध्यम से किया गया था। अब वर्ष 2026 में इन बॉन्डों की परिपक्वता पर राशि मिलने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। आईसीडीएस के तहत जिले भर में इस योजना को लेकर अभियान तेज कर दिया गया है, ताकि कोई भी पात्र लाभुक वंचित न रह जाए। योजना का लाभ 18 वर्ष पूर्ण कर चुकी अविवाहित कन्याओं के साथ-साथ विवाहित लाभार्थियों को भी दिया जा रहा है। जो कन्याएं विवाह के बाद दूसरे स्थान पर चली गई हैं, उनके लिए भी आंगनबाड़ी केंद्र पर विशेष सर्वेक्षण फॉर्म भरे जा रहे हैं।विवाहित लाभार्थियों के लिए फॉर्म में विवाह की तिथि, वर्तमान निवास, वैवाहिक स्थिति एवं जीवन स्थिति (जीवित/अन्य विवरण) से संबंधित कॉलम भरे जा रहे हैं, ताकि सत्यापन के बाद उन्हें भी योजना का लाभ मिल सके। समाज कल्याण विभाग ने लाभार्थियों से अपील की है कि वे समय रहते अपने आंगनबाड़ी केंद्र से संपर्क कर आवश्यक दस्तावेज जमा करें, ताकि मुख्यमंत्री कन्या सुरक्षा योजना के तहत मिलने वाली राशि समय पर उनके खाते में स्थानांतरित की जा सके।

हजारीबाग में बम विस्फोट में लापरवाही या साजिश की जांच में जुटीं सुरक्षा एजेंसियां

हजारीबाग. हजारीबाग के खिरगांव हबीबी नगर में हुए बम धमाके के बाद यह इलाका एक बार फिर सुरक्षा एजेंसियों और खुफिया तंत्र के रडार पर आ गया है। विस्फोट में तीन लोगों की मौत के बाद केवल स्थानीय स्तर पर ही नहीं, बल्कि खुफिया एजेंसियों के बीच भी गंभीर मंथन शुरू हो गया है। फिलहाल पुलिस और जांच एजेंसियां सबूत जुटाने में लगी हैं। फोरेंसिक जांच, डॉग स्क्वॉड और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि यह विस्फोट स्थानीय लापरवाही का नतीजा था या किसी बड़ी साजिश की कड़ी है। क्योंकि आप पहले विस्फोट की बड़ी घटना हो चुकी है इसलिए लोग इसे पुरानी घटना से जोड़कर भी देख रहे हैं। प्रशासन का कहना है कि जांच पूरी होने तक किसी भी तरह के निष्कर्ष पर पहुंचा जा सकता है। खिरगांव के हबीबीनगर की घटना ने एक बार फिर यह चेतावनी दी है कि शहर के भीतर मौजूद संवेदनशील इलाकों को नजरअंदाज करना भविष्य के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। अब देखना यह है कि जांच के बाद क्या निष्कर्ष सामने आते हैं और क्या इस घटना से सबक लेकर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाता है या नहीं। घटना ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि वर्षों से निगरानी में रहे क्षेत्र में इस तरह का विस्फोट कैसे हुआ। खिरगांव इलाका पहले भी सुरक्षा कारणों से चर्चा में रहा है। बीते वर्षों में यहां कुछ मामलों में संदिग्ध गतिविधियों और गैरकानूनी तत्वों को पनाह देने के आरोप सामने आ चुके हैं, जिनकी जांच विभिन्न एजेंसियों ने की थी। अप्रैल 2016 में इसी क्षेत्र में बम बनाते समय हुए धमाके में छह लोगों की मौत ने पूरे राज्य को हिला दिया था। उस घटना के बाद इलाके पर विशेष निगरानी बढ़ाई गई थी। इसके बावजूद ताजा धमाके ने खुफिया तंत्र की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यदि कोई इलाका लंबे समय से संवेदनशील माना जाता रहा है, तो वहां इस तरह की घटना का दोहराव गंभीर चूक की ओर इशारा करता है। सवाल यह भी उठ रहा है कि स्थानीय स्तर पर मिलने वाली सूचनाओं का सही विश्लेषण और समय पर कार्रवाई क्यों नहीं हो पाई। विशेषज्ञों का कहना है कि केवल एक घटना के आधार पर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी, लेकिन बार-बार ऐसे मामलों का सामने आना यह संकेत देता है कि संवेदनशील इलाकों में सतत और निष्पक्ष निगरानी की जरूरत है। राजनीतिक या अन्य किसी भी दबाव से मुक्त होकर यदि गहन तलाशी और जांच की जाए, तो कई अहम सुराग सामने आ सकते हैं। विस्फोट के बाद खुफिया तंत्र हुआ सक्रिय धमाके के बाद स्थानीय पुलिस के साथ-साथ खुफिया इकाइयां भी सक्रिय हो गई हैं। यह जांच की जा रही है कि विस्फोट में इस्तेमाल सामग्री स्थानीय स्तर पर छिपाई गई थी या इसके पीछे कोई संगठित नेटवर्क काम कर रहा था। फिलहाल किसी भी अंतरराष्ट्रीय या बाहरी संपर्क की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन जांच एजेंसियां संभावित पहलुओं को खंगाल रही हैं।

सीएम हेमंत सोरेन को समन की अवहेलना केस में झारखंड HC से राहत नहीं

रांची. झारखंड हाई कोर्ट ने हेमंत सोरेन की उस याचिका को खारिज कर दिया जिसमें उनकी ओर से एमपी-एमएलए कोर्ट के संज्ञान को चुनौती दी गई थी। हाई कोर्ट ने कहा कि इस स्टेज पर अदालत इस मामले में हस्तक्षेप नहीं कर सकती है। इसलिए उनकी याचिका खारिज की जाती है। बता दें कि ईडी ने समन की अवहेलना मामले में हेमंत सोरेन के खिलाफ न्यायालय में शिकायतवाद दर्ज कराया है। जिसकी सुनवाई एमपी-एमएलए कोर्ट में चल रही है। एमपी-एमएलए कोर्ट ने इस मामले में संज्ञान लिया है। जिसको हेमंत सोरेन की ओर से हाईकोर्ट में चुनौती दी गई थी। ईडी की ओर से अधिवक्ता जोहेब हुसैन, एके दास और सौरभ कुमार ने पक्ष रखा।