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अमेरिका में फायरिंग से दहशत, वांछित आरोपी विक्टर माटा विलेरियल मुठभेड़ में मारा गया

 टेक्सस  टेक्सस के मिडलैंड में हुई गोलीबारी में एक युवक की मौत हो गई और कम से कम 10 लोग घायल हो गए। संदिग्ध हमलावर, जिसकी पहचान 45 साल के विक्टर माटा विलेरियल के रूप में हुई है, बाद में पुलिस के साथ मुठभेड़ के बाद मृत पाया गया। अधिकारियों ने बताया कि हमला स्थानीय समयानुसार, सुबह करीब 8 बजे शुरू हुआ, जब पुलिस को एक शूटर की जानकारी मिली। टेक्सस डिपार्टमेंट ऑफ पब्लिक सेफ्टी के अनुसार, संदिग्ध ने राहगीरों और अधिकारियों पर गोलीबारी की। संदिग्ध ने पहले भी चलाई थी पुलिस पर गोली अधिकारियों ने बताया कि विलेरियल पहले से ही 'कैपिटल मर्डर' के प्रयास के मामले में वांछित था, क्योंकि उसने सप्ताह की शुरुआत में कार का पीछा किए जाने के दौरान कथित तौर पर एक पुलिस अधिकारी पर गोली चलाई थी। पुलिस ने बताया कि अधिकारी ने बुधवार को उसे रोकने की कोशिश की थी, लेकिन विलेरियल ने कई बार गोली चलाई और भाग गया। बाद में उसकी गाड़ी लावारिस हालत में मिली। अधिकारियों ने कहा कि यह वह व्यक्ति था जिसकी हम पहले से ही तलाश कर रहे थे। उन्होंने यह भी बताया कि शुक्रवार की गोलीबारी पिछली घटना से ज्यादा दूर नहीं हुई थी। हमलावर ने खुद को क्लिनिक में बंद किया शुक्रवार की गोलीबारी के बाद, विलेरियल ने खुद को एक बंद पड़े पशु चिकित्सा क्लिनिक के अंदर बंद कर लिया। पुलिस ने इमारत को घेर लिया और इलाके को खाली कराने का काम किया। मिडलैंड पुलिस प्रमुख ग्रेग स्नो ने बताया कि जब अधिकारी वहां पहुंचे तो उन पर गोलीबारी की गई। उन्होंने कहा कि कई अधिकारियों को अपनी गश्ती गाड़ियों के पीछे छिपना पड़ा और उन्हें बचाने के लिए बख्तरबंद गाड़ी का इस्तेमाल करना पड़ा। किसी भी अधिकारी को चोट नहीं आई। अधिकारियों ने इमारत में घुसने के लिए रोबोट और ड्रोन का इस्तेमाल किया और बाद में पुष्टि की कि संदिग्ध अंदर मृत पाया गया। 10 लोग घायल घायल हुए दस लोगों को मिडलैंड मेमोरियल अस्पताल ले जाया गया। चार लोगों को सर्जरी की जरूरत पड़ी, जबकि अन्य की हालत स्थिर बताई गई। कुछ लोगों को बाद में अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। अधिकारियों ने पीड़ितों के बारे में या गोलीबारी की वजह के बारे में कोई जानकारी जारी नहीं की है। मिडलैंड की मेयर लोरी ब्लॉन्ग ने समुदाय से प्रभावित लोगों का समर्थन करने का आग्रह किया।

यूपी पुलिस का ताबड़तोड़ एक्शन: 6 एनकाउंटर, एक बदमाश ढेर; कौन था भानु प्रताप सिंह?

 लखनऊ उत्तर प्रदेश में अपराधियों के खिलाफ पुलिस और एसटीएफ का एक्शन लगातार जारी है. अयोध्या से लेकर झांसी, लखनऊ, हापुड़ और चंदौली तक पुलिस ने मुठभेड़ों और छापेमारी के जरिए कई बड़े अपराधियों को या तो गिरफ्तार किया है या तो ढेर किया है. इस कार्रवाई से अपराधियों में दहशत का माहौल है. आइए जानते हैं कि 24 घंटे में कहां-कहां मुठभेड़ हुई… अयोध्या सबसे बड़ी कार्रवाई अयोध्या में हुई, जहां प्रयागराज एसटीएफ यूनिट और कुख्यात अपराधी भानु प्रताप सिंह के बीच मुठभेड़ हुई. मुठभेड़ में घायल भानु प्रताप सिंह की अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई. भानु पर आजमगढ़ से एक लाख, अंबेडकर नगर से पचास हजार और गोरखपुर से पंद्रह हजार रुपये का इनाम घोषित था. पुलिस के मुताबिक वह कॉन्ट्रैक्ट किलर और डकैत था व उसके खिलाफ हत्या और डकैती समेत 40 से अधिक गंभीर मुकदमे दर्ज थे।  झांसी उधर झांसी में हत्या के मामले में वांछित दो आरोपियों को पुलिस ने आधी रात के बाद मुठभेड़ में घेर लिया. पुलिस की गोली लगने से एक आरोपी घायल हो गया, जबकि दूसरे ने सरेंडर कर दिया. दोनों पर 24 घंटे पहले हुई हत्या में शामिल होने का आरोप है. पुलिस अन्य फरार आरोपियों की तलाश कर रही है।  लखनऊ लखनऊ के गाजीपुर थाना क्षेत्र में महिला से छेड़छाड़, मारपीट और हत्या के प्रयास के मामले में भी पुलिस को बड़ी सफलता मिली है. सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी सुमित कश्यप को गिरफ्तार किया गया. पूछताछ में उसके साथी सनी उर्फ शनि कश्यप का नाम सामने आया. पुलिस मुठभेड़ के बाद दूसरे आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया गया है।  हापुड़ हापुड़ में व्यापारी नरेंद्र कबाड़ी के घर हुई लूटकांड की वारदात का पुलिस ने खुलासा कर दिया है. मुठभेड़ के दौरान दो बदमाशों के पैर में गोली लगी, जबकि वारदात में शामिल कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. मामले का विस्तृत खुलासा एसपी कुंवर ज्ञानंजय सिंह करेंगे।  चंदौली वहीं चंदौली में 24 घंटे पहले हुए हत्याकांड के मुख्य शूटर को पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार कर लिया. आरोपी के दोनों पैरों में गोली लगी है और उसका अस्पताल में इलाज चल रहा है. पुलिस का कहना है कि आरोपी ने पुलिस टीम पर फायरिंग की थी, जिसके जवाब में की गई कार्रवाई में वह घायल हुआ।  अयोध्या एनकाउंटर में मारे गए इनामी बदमाश भानु प्रताप सिंह की क्राइम कुंडली  गोरखपुर के बेलघाट थाना क्षेत्र के बिखनापुर गांव का निवासी भानु प्रताप सिंह पूर्वांचल के कई जिलों में आतंक का पर्याय बना हुआ था. प्रयागराज एसटीएफ के इंस्पेक्टर जेपी राय के नेतृत्व में टीम ने सूचना के आधार पर घेराबंदी की, जिसके बाद हुई फायरिंग में भानु गोली लगी, जिसके बाद उसकी मौत हो गई. भानु पर आजमगढ़, अंबेडकरनगर और गोरखपुर समेत विभिन्न जनपदों से कुल मिलाकर 1 लाख रुपये, 50 हजार रुपये और 15 हजार रुपये के इनाम घोषित थे. वह लंबे समय से फरार चल रहा था और पुलिस की मोस्ट वांटेड सूची में शामिल था।  15 सालों का खौफनाक आपराधिक इतिहास पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, भानु प्रताप सिंह का आपराधिक इतिहास बेहद खौफनाक था. साल 2010 से लेकर 2025 तक उसके खिलाफ लगातार मुकदमे दर्ज होते रहे. उस पर गोरखपुर, आजमगढ़, संतकबीरनगर, मऊ, बस्ती, देवरिया और अंबेडकरनगर सहित कई जिलों में 40 से अधिक संगीन मुकदमे दर्ज थे. वह पूर्वांचल के संगठित अपराध गिरोहों से जुड़ा हुआ था और सुपारी लेकर हत्या करने वाले शातिर कॉन्ट्रैक्ट किलर के रूप में सक्रिय था।  हत्या, डकैती और गैंगस्टर एक्ट समेत दर्जनों धाराएं भानु के खिलाफ दर्ज मुकदमों में कानून की सबसे गंभीर धाराएं शामिल थीं. उसके अपराध इतिहास में-  हत्या और साजिश: हत्या (302 IPC), हत्या का प्रयास (307 IPC) और हत्या की साजिश (120B IPC) लूट और अपहरण: डकैती (395, 397 IPC), लूट (392, 394 IPC) और अपहरण (363, 366 IPC) संगठित अपराध व अन्य: गैंगस्टर एक्ट, गुंडा एक्ट, आर्म्स एक्ट, एनडीपीएस एक्ट, धोखाधड़ी (420 IPC) और सार्वजनिक संपत्ति क्षति निवारण अधिनियम।  ध्वस्त हुआ पूर्वांचल का नेटवर्क भानु के खिलाफ सबसे ज्यादा मुकदमे गोरखपुर, आजमगढ़ और संतकबीरनगर में दर्ज थे. आजमगढ़ के महाराजगंज, अहरौला और अतरौलिया थानों के मामलों में वह वांछित था. दर्शन नगर चौकी प्रभारी बृजभूषण ने भानु की मौत की मौत की पुष्टि की है. एसटीएफ का मानना है कि इस एनकाउंटर से पूर्वांचल का एक बड़ा आपराधिक नेटवर्क पूरी तरह ध्वस्त हो गया है।  आपको बता दें कि यूपी में अपराधियों के खिलाफ पुलिस का अभियान लगातार जारी है. अलग-अलग जिलों में हुई इन कार्रवाइयों को कानून-व्यवस्था के मोर्चे पर बड़ी सफलता माना जा रहा है. फिलहाल सभी मामलों में आगे की जांच जारी है। 

दीपक हत्याकांड के आरोपी का हाफ एनकाउंटर: जहानाबाद पुलिस कार्रवाई में रावण घायल

 जहानाबाद बिहार के जहानाबाद में पुलिस ने कुख्यात किलर विक्कू सिंह उर्फ रावण का ऑपरेशन लंगड़ा के तहत हाफ एनकाउंटर कर दिया। दीपक हत्याकांड के मुख्य अभियुक्त रावण के पैर में गोली लगी है। जिले के घोसी थाना क्षेत्र के धुरियारी नहर के समीप एसटीएफ और रावण के बीच मुठभेड़ हो गई। आरोपी ने झाड़ी में छिपाए गए हथियार से पुलिस पर गोली चला दी जो थानाध्यक्ष की गाड़ी में जा लगी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने आत्मरक्षा के लिए आरोपी के पैर में गोली मार दी। जहानाबाद सदर अस्पताल में कड़ी सुरक्षा के बीच उसका इलाज कराया जा रहा है। बीते पांच दिनों में बिहार पुलिस ने छह बदमाशों को लंगरा बना दिया है। एसपी अपराजिता लोहानी एनकाउंटर की पुष्टि करते हुए बताया कि ​जहानाबाद पुलिस ने भेलवार थाना इलाके में दीपक सिंह हत्याकांड में त्वरित कार्रवाई करते हुए नामजद आरोपी विक्कू सिंह उर्फ रावण को गिरफ्तार कर रिया था। गिरफ्तार विक्कू सिंह को लेकर पुलिस इस कांड में प्रयोग में लाये गये हथियार की बरामद के लिए घोसी थाना क्षेत्र के धुरियारी गांव के निकट नहर किनारे पहुंची थी। इसी दौरान अपराधी ने पुलिस पर फायरिंग कर दी जिसमें थानाध्यक्ष बाल बाल बच गए। विक्कू सिंह की गोली घोसी थाना प्रभारी की गाड़ी में लग गई। उसके बाद उसने वहां से भागने की कोशिश की। जवाबी कार्रवाई करते हुए पुलिस ने भी गोली चलाई। पुलिस की गोली विक्कू सिंह के बायें पैर में लगी और वह वहीं गिर गया। बिहार में पांच दिनों में पुलिस मुठभेड़ की छह घटनाओं ने अपराधियों में खौफ कायम किया है। मुठभेड़ की इन घटनाओं में पुलिस की गोली से पांच अपराधी लंगड़े हुए। खास बात है कि सभी अपराधी अलग-अलग मामलों में हत्या छिनतई और लूटकांड के आरोपित हैं। पांच दिनों की कार्रवाई 19 मई ,पटना -नीतीश कुमार : गोपालपुर में कैश वैन रोक कर 27 लाख रुपये की लूट में शामिल। लूट की राशि से आरोपित और सहयोगियों ने चार आईफोन खरीदे। 2022 में बाकरगंज में सोना लूट और 2023 में पत्रकार नगर में एक पुलिस के जवान पर गोली चलाने का आरोप।  18 मई : पटना : संदीप उर्फ बादल : अगमकुआं इलाके में शिक्षक से मोबाइल स्नैचिंग और फायरिंग। पुलिस की जवाबी फायरिंग में पैर में गोली लगने से घायल हुआ। पूर्व में भी लूट की कई घटनाओं में शामिल होने का आरोप।  18 मई : सीवान : अंकित सिंह : ज्वेलर्स दुकान में लूट का आरोपित। सघन वाहन जांच अभियान के दौरान भागने की कोशिश में पुलिस मुठभेड़ में घायल। पुलिस के मुताबिक रसूलपुर, मांझी, रघुनाथपुर व जीरादेई थाना में लगभग आधा दर्जन सीएसपी एवं ज्वेलरी लूटकांड से संबंधित आपराधिक मामला दर्ज।  20 मई : समस्तीपुर : प्रिंस कुमार : सरायरंजन सहित लूट की कई घटनाओं में शामिल होने का आरोप। छिपाये गये हथियार की निशानदेही के दौरान पुलिस पर फायरिंग के दौरान जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली से घायल। 21 मई : किशनगंज : पवन कुमार उर्फ चिंटू : अंतरराज्यीय लूट, छिनतई, चोरी जैसे आपराधिक गिरोह का सरगना। बाइक से भागने के दौरान पुलिस मुठभेड़ में घायल। पटना, अररिया, मधुबनी आदि जिलों में लूट सहित अन्य आपराधिक घटनाओं का लगभग एक दर्जन कांडों में संलिप्तता का आपराधिक इतिहास।  22 मई : जहानाबाद में कुख्यात विक्कू सिंह उर्फ रावण का हाफ एनकाउंटर। रावण दीपक सिंह हत्याकांड का मुख्य आरोपी था। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया था। हथियार बरामदगी की कार्रवाई के दौरान उसने पुलिस पर गोली चला दी। आत्म रक्षा में पुलिस ने भी फायरिंग कर उसके बाएं पैर में गोली मार दी।

टाइगर रिजर्व में दहशत: 77 बाघों की भीड़ में दो बाघिनों का नहीं मिला सुराग

करौली राजस्थान के सबसे बड़े रणथंभौर टाइगर रिजर्व में 2 बाघिन के लापता होने की खबर है. बाघिन T-124 रिद्धि की बेटी RBT-2504 माही और RBT-2510 कई दिनों से गायब हैं. पिछले कई दिनों से वन विभाग की टीम दोनों बाघिनों को ढूंढने का प्रयास कर रही है. हाल ही में आरबीटी-2504 'माही' का एक वीडियो भी सामने आया था, जिसमें बाघिन उसकी मां रिद्धि से भिड़ती दिख रही है. आरबीटी-2504 का मूवमेंट भी रणथंभौर के जोन नम्बर 2, 3 और 4 के लेक एरिया में देखा गया है, लेकिन करीब एक महीने से बाघिन कहीं नजर नहीं आ रही है. बाघिन टी-107 सुल्ताना की बेटी आरबीटी-2510 की भी कोई जानकारी नहीं है. आपसी संघर्ष के चलते बाघिन ने छोड़ा इलाका! इन दोनों बाघिन के गायब होने के पीछे आपसी संघर्ष की भी आशंका जताई जा रही है. लगातार बाघ-बाघिन की बढ़ती संख्या के चलते आपसी संघर्ष भी बढ़ गया है. ऐसे में बढ़ती संख्या के चलते टेरिटरी को लेकर बाघों के बीच संघर्ष देखा जा चुका है. ताकतवर बाघ-बाघिन के डर से कमजोर बाघ बाघिन अपना इलाका छोड़ने को मजबूर है. आखिरी बार 1 और 2 मई को देखी गई आरबीटी-2504 रणथंभौर में ना सिर्फ सर्च अभियान चलाया जा रहा है, बल्कि ट्रेप कैमरों के जरिए भी दोनों बाघिनों को ढूंढा जा रहा है. डीएफओ मानस सिंह ने बताया कि वन विभाग की टीम बाघिनों की तलाश में जुटी हुई है. आरबीटी-2504 को आखिरी बार 1 और 2 मई को देखा गया था. 3 मई को आरबीटी-2504 और उसकी मां टी-124 के बीच संघर्ष हुआ. इसके बाद से ही बाघिन गायब है. हालांकि, यह पहली बार नहीं था जब दोनों के बीच आपसी संघर्ष हुआ हो. इससे पहले भी कई बार ऐसा मामला सामने आ चुका है. आखिरी बार बाघ के साथ देखी थी आरबीटी-2510 आरबीटी-2510 रणथंभौर की पेराफेरी पर रहने वाली बाघिन है. जो झूमर बावड़ी, फतेह कैफे, आमा घाटी ओर फलोदी क्षेत्र में विचरण करती थी. वह अक्सर बाघ आरबीटी-2407 के साथ देखी जाती है. उसका गायब होना भी वन विभाग को हैरान करने वाला है. आरबीटी-2407 की तलाश के लिए करीब 100 कैमरा ट्रैप बढ़ाए गए हैं. साथ ही कई दिनों की तलाश के बाद वन विभाग ने नए सिरे से योजना बनाई है. अब 5 टीमों का गठन किया गया है, जो 'ऑन फुट पेट्रोलिंग' कर रही है, ताकि बाघिन के पगमार्क के जरिए उसका पता लगाया जा सके. 55 आबादी वाले रिजर्व में 77 बाघ-बाघिन और शावक वन विभाग का मानना है कि देश का सबसे सघन आबादी वाले टाइगर रिजर्व रणथंभौर में बाघों के बीच संघर्ष होना सामान्य प्रक्रिया है. बाघ-बाघिन की संख्या बढ़ने से आपसी संघर्ष भी बढ़ेगा. अनुमानित तौर पर 45 से 55 बाघों की क्षमता वाले इस रिजर्व में 77 से भी अधिक बाघ-बाघिन और शावक हैं.

पटना कैश वैन लूटकांड का खुलासा, मुठभेड़ में एक अपराधी के पैर में लगी गोली

पटना बिहार में सम्राट चौधरी सरकार की पुलिस अपराधियों पर ताबड़तोड़ ऐक्शन ले रही है। दो दिन के अंदर राजधानी पटना में दो और सीवान में एक हाफ एनकाउंटर कर पुलिस ने अपराधियों को कड़ा संदेश दे दिया है कि अब उनकी खैर नहीं है। बिहार में रो रहे एनकाउंटर पर बिहार सरकार के मंत्री भगवान सिंह कुशवाहा ने बड़ी बात कही है। भगवान सिंह कुशवाहा ने कहा है कि एनकाउंटर तो कम हुआ है अभी एनकाउंटर और होगा। भगवान सिंह कुशवाहा ने कहा, 'एनकाउंटर तो कम हुआ है। अभी और करना है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने संकल्प लिया है कि हमको भ्रष्टाचार मुक्त और अपराध मुक्त बिहार बनाना है। चाहे इसके लिए जो कुछ करना होगा हमलोग करेंगे। पटना में एनकाउंटर पटना जिले के गोपालपुर थाना क्षेत्र में सीएमएस कंपनी की कैश वैन से हुई लूटकांड का पुलिस ने उद्भेदन करते हुए चार अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया है। वरीय पुलिस अधीक्षक कार्तिकेय के शर्मा ने मंगलवार को बताया कि 13 मई 2026 को गोपालपुर थानांतर्गत सीएमएस कंपनी की कैश वैन से कुछ अज्ञात अपराधकर्मियों द्वारा हथियार का भय दिखाकर लूट की घटना को अंजाम दिया गया था। घटना की गंभीरता को देखते हुए नगर पुलिस अधीक्षक (पूर्वी), पटना की निगरानी में मामले के त्वरित उद्भेदन के लिये एक टीम का गठन किया गया।वरीय पुलिस अधीक्षक ने बताया कि गठित टीम द्वारा तकनीकी विश्लेषण, सीसीटीवी फुटेज के गहन अवलोकन एवं मानवीय अनुसंधान के आधार पर घटना में संलिप्त अपराधियों की पहचान की गई।इसके बाद अपराधियों की गिरफ्तारी के लिये टीम द्वारा लगातार छापेमारी की जा रही थी। इसी क्रम में देर रात तीन अपराधियों को छापेमारी कर गिरफ्तार किया गया। उसके बाद मामले में संलिप्त एक और अपराधी की स्थिति की जानकारी प्राप्त होने पर पुलिस टीम द्वारा गिरफ्तारी के लिये छापेमारी की गई। इस दौरान अपराधी द्वारा पुलिस बल पर अचानक फायरिंग शुरू कर दी गई। पुलिस टीम द्वारा पूर्ण संयम एवं सतर्कता से आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की, जिसमें एक गोली अपराधी के पैर में लगी। घायल अपराधी को अभिरक्षा में लेकर तत्काल उपचार के लिये अस्पताल भेजा गया है। इससे पहले सोमवार को पटना के अगमकुआं इलाके में भी पुलिस ने एक अपराधी का हाफ एनकाउंटर किया था। इसी दिन सीवान जिले में भी एक ज्वेलरी लूट के आरोपी को पुलिस ने पैर में गोली मारी थी। कुछ ही दिनों पहले बिहार के रोहतास जिले में मौजूद मंत्री भगवान सिंह कुशवाहा ने अपराधियों को खुली चेतावनी देते हुए कहा था कि यदि गुंडे मवाली अपनी हरकतों से बाज नहीं आएंगे और जनता की संपत्ति लूटने का काम करेंगे तो पुलिस की राइफल पानी नहीं उगलेगी, बल्कि गोलियां उगलेगी। उन्होंने कहा था कि बिहार सरकार अपराध और अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है तथा आम लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।

बिहार में बदमाशों पर पुलिस का शिकंजा, पैर में गोली मारकर किए गिरफ्तार

पटना बिहार में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी सरकार की पुलिस अपराधियों पर लगातार कहर बनकर टूट रही है। सोमवार का दिन अपराधियों को भारी पड़ता दिख रहा है। सीवान से लेकर पटना तक पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है और दोनों ही जिलों में पुलिस ने हाफ एनकाउंटर कर अपराधियों को लंगड़ा बना दिया है। सबसे पहले बात बिहार की राजधानी पटना की। पटना के ट्रांसपोर्ट नगर में पुलिस और अपराधियों के बीच मुठभेड़ हुई। यहां पुलिस ने एक अपराधी के पैर में गोली मार दी। बताया जा रहा है कि अगमकुआं थाना इलाके में 2 दिन पहले एक टीचर के साथ लूटपाट की गटना हुई थी। इस लूटपाट में यह अपराधी शामिल थी। पुलिस का कहना है कि वो इस अपराधी को पकड़ने गई थी। लेकिन इस बदमाश ने पुलिस को देखते ही फायरिंग शुरू कर दी। इसके बाद पुलिस ने जवाबी कार्रवाई करते हुए अपराधी के पैर में गोली मार दी। घायल बदमाश संदीप उर्फ बादल को इलाज के लिए पटना के ही नालंद मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अगमकुआं थाना क्षेत्र के भागवत नगर में 13 मई को अहले सुबह शिक्षक शंभू कुमार के साथ लूटपाट हुई थी। पटना के एसएसपी कार्तिकेय के शर्मा ने इस एनकाउंटर पर जानकारी देते हुए कहा कि कुछ दिनों पहले एक घटना हुई थी जिसमें सुबह के वक्त एक व्यक्ति मोटरसाइकिल से जा रहे थे तो उनसे छिनतई के क्रम में गोली चलाई गई थी। इस गोलीकांड में वो जख्मी हो गए थे। इलाज के बाद फिलहाल वो रिकवर हो रहे हैं। इस मामले में पुलिस की टीम बनाई गई थी। यह टीम इस घटना को अंजाम देने वाले की पहचान में जुटी थी। टीम ने इस बदमाश की पहचान की और इसमें छापेमारी की गई। इस घटना में 2 लोग शामिल थे। इसमें से एक बदमाश छापेमारी के दौरान मौजूद था। उसे नशे की भी लत थी। छापेमारी के दौरान बदमाश ने पुलिस की टीम पर फायरिंग कर दी। यह गोली पुलिस की गाड़ी पर जाकर लगी थी। इसके बाद पुलिस ने मोर्चा संभाला और अपराधी को पैर में गोली मार दी। दूसरे अपराधी की पहचान कर ली गई है और उसे भी गिरफ्तार कर लिया गया है।। घटना में जिस मोटरसाइकिल का इस्तेमाल किया गया था उसे बरामद कर लिया गया है। घायल को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सीवान में हाफ एनकाउंटर इधर सीवान जिले में चर्चित जामापुर ज्वेलरी लूटकांड के एक आरोपित को सोमवार की अहले सुबह पुलिस ने हाफ एनकाउंटर में घायल कर दिया। पुलिस आरोपित को दोनों घुटनों में गोली लगी है। आरोपी को इलाज के लिए पहले सदर अस्पताल लाया गया। जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे पटना रेफर कर दिया गया। घायल आरोपित की पहचान सिसवन थाना क्षेत्र के चांदपुर घुरघाट निवासी श्रीनिवास सिंह के 26 वर्षीय पुत्र अंकित कुमार सिंह के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि अंकित 6 मई को जीरादेई थाना क्षेत्र के जामापुर बाजार स्थित ओम साई ज्वेलरी शॉप में हुई करीब 20 लाख रुपए की लूट की घटना में शामिल था। उसी का गोली चलाते वीडियो भी वायरल हुआ था। मुठभेड़ को लेकर बताया जा रहा है कि अंकित अपने एक साथी के साथ यूपी से सीवान जिले की ओर आ रहा था। इसी दौरान पुलिस की गश्ती गाड़ी को तितरा बाजार बंका मोड़ के पास देखकर फायरिंग करने लगा। उसकी फायरिंग के जवाब में पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की तो उसे पैर में गोली लग गई। गोली लगने के बाद उसको घायल अवस्था में सदर अस्पताल में इलाज के लिए लाया गया,जहां से बेहतर इलाज के लिए चिकित्सकों ने पटना रेफर कर दिया। सदर अस्पताल के चिकित्सक ने बताया कि युवक के दोनों घुटनों में गोली लगी थी। एसपी पूरन कुमार झा ने बताया कि जामापुर लूटकांड के बाद यह यूपी की ओर फरार हो गया था। उसने लूट के दौरान भी दुकान में तीन गोली चलाई थी। वहीं फायरिंग करते हुए फरार भी हो गया था।

देर रात एनकाउंटर से दहशत, पुलिस जांच में जुटी

नई दिल्ली दिल्ली में देर रात उस वक्त सनसनी फैल गई, जब सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट पुलिस की स्पेशल स्टाफ टीम और बदमाशों के बीच मुठभेड़ हो गई. पुलिस को सूचना मिली थी कि आपराधिक मामलों में शामिल दो आरोपी इलाके में आने वाले हैं. इसी इनपुट के आधार पर स्पेशल स्टाफ की टीम ने जाल बिछाया और संदिग्धों को घेरने की कोशिश की. पुलिस के मुताबिक, जैसे ही टीम ने दोनों आरोपियों को रोकने का इशारा किया, बदमाशों ने फायरिंग शुरू कर दी. इसके बाद पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई की. कुछ देर तक चली गोलीबारी के दौरान दोनों आरोपियों के पैर में गोली लगी और वे घायल हो गए. पुलिस ने मौके पर ही दोनों को पकड़ लिया. घायल आरोपियों को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है. पुलिस का कहना है कि दोनों आरोपी पहले से कई आपराधिक मामलों में शामिल रहे हैं. फिलहाल उनकी पहचान और आपराधिक रिकॉर्ड की जांच की जा रही है. सूत्रों के अनुसार, पुलिस को इन आरोपियों की लंबे समय से तलाश थी और उनकी गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी. मुठभेड़ के बाद इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई. मौके से हथियार और अन्य संदिग्ध सामान भी बरामद किए जाने की बात कही जा रही है. दिल्ली पुलिस की स्पेशल स्टाफ टीम अब दोनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है. जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि आरोपी किसी बड़े गैंग से जुड़े हैं या नहीं और हाल के दिनों में हुई किसी वारदात में उनकी भूमिका रही है या नहीं. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच जारी है और पूछताछ के बाद कई अहम खुलासे हो सकते हैं. वहीं इस मुठभेड़ के बाद इलाके में दहशत का माहौल हो गया. फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है.

यमुना एक्सप्रेसवे के पास पुलिस मुठभेड़ में 50-50 हजार के इनामी अपराधी मारे गए

 मथुरा उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में पुलिस ने कारोबारी के घर डकैती डालने वाले बावरिया गिरोह के दो इनामी बदमाशों को मुठभेड़ में मार गिराया। दोनों अपराधियों पर 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित था और वे 23 अप्रैल को एक कारोबारी के घर परिवार को बंधक बनाकर की गई सनसनीखेज डकैती में शामिल थे। गुरुवार सुबह यमुना एक्सप्रेसवे के पास हुई इस मुठभेड़ में दो पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं। पुलिस के अनुसार दोनों बदमाश कई राज्यों में वांछित थे और उन पर डकैती, हत्या के प्रयास, चोरी और छिनैती जैसे कई गंभीर मुकदमे दर्ज थे। कारोबारी परिवार को बंधक बनाकर की थी लूट जानकारी के अनुसार, 23 अप्रैल की रात बावरिया गिरोह के बदमाश कारोबारी अजय अग्रवाल के घर छत के रास्ते घुसे थे। बदमाशों ने अजय अग्रवाल, उनके पिता, पत्नी और छह साल की बच्ची को रस्सियों से बांध दिया था। इसके बाद गन प्वाइंट पर लॉकर की चाबी लेकर करीब ढाई घंटे तक घर में खुलकर लूटपाट की गई। इस घटना ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी थी। वारदात के बाद पुलिस ने डकैतों की तलाश तेज कर दी थी। 17 टीमों को लगाया गया था तलाश में डकैती की वारदात के बाद एसएसपी श्लोक कुमार ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए 17 अलग-अलग टीमों का गठन किया था। पुलिस लगातार गिरोह की गतिविधियों पर नजर रख रही थी। गुरुवार सुबह पुलिस को सूचना मिली कि डकैती में शामिल दो बदमाश यमुना एक्सप्रेसवे के पास मौजूद हैं। सूचना मिलते ही पुलिस और स्वाट टीम ने इलाके की घेराबंदी कर दी। भागने की कोशिश में बाइक गिरी सुबह करीब 7 बजे दो संदिग्ध बाइक पर आते दिखाई दिए। पुलिस ने उन्हें रुकने का इशारा किया, लेकिन दोनों ने यूटर्न लेकर भागने की कोशिश की। इसी दौरान उनकी बाइक अनियंत्रित होकर गिर गई। पुलिस के मुताबिक पकड़े जाने के डर से दोनों बदमाशों ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी गोली चलाई, जिसमें दोनों बदमाश घायल हो गए। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। एनकाउंटर में दो पुलिसकर्मी भी घायल इस मुठभेड़ में स्वाट टीम प्रभारी अजय वर्मा और हेड कांस्टेबल दुर्ग विजय भी घायल हुए हैं। दोनों को गोली लगी है और उनका इलाज चल रहा है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि दोनों की हालत खतरे से बाहर है। कई राज्यों में दर्ज थे गंभीर मुकदमे मारे गए बदमाशों की पहचान धर्मवीर उर्फ लंबू (35) और राजेंद्र उर्फ पप्पू (55) के रूप में हुई है। दोनों राजस्थान के अलवर जिले के रहने वाले थे और बाबरिया गिरोह से जुड़े बताए जा रहे हैं। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार ने बताया कि बदमाश धर्मवीर पर मथुरा के अलावा हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान में डकैती, हत्या के प्रयास, चोरी और छिनैती समेत 16 मुकदमे दर्ज थे। वहीं राजेंद्र उर्फ पप्पू पर मथुरा, मेरठ, फिरोजाबाद, हरियाणा और दिल्ली में डकैती समेत 11 मुकदमे दर्ज थे। साथ ही पप्पू और धर्मवीर पर 50-50 हजार रुपए का इनाम भी घोषित किया गया था।

सुल्तानगंज हत्याकांड में बड़ा एक्शन: मुख्य आरोपी रामधनी यादव का एनकाउंटर

पटना बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा है कि भागलपुर के सुल्तानगंज में अपराधियों की गोलियों के शिकार हुए कार्यपालक पदाधिकारी कृष्ण भूषण कुमार का राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार होगा। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने ट्वीट किया है कि अत्यंत ही दुखद घटना में सुल्तानगंज नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी कृष्ण भूषण कुमार का असामयिक निधन हो गया। उन्होंने अदम्य साहस और कर्तव्यनिष्ठा का परिचय देते हुए अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान दिया। शोक संतप्त परिजनों के प्रति इस अपूरणीय क्षति पर गहरी संवेदनाएँ प्रकट करते हैं। उनके परिवार को 25 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान करने तथा दिवंगत अधिकारी के दाह-संस्कार को राजकीय सम्मान के साथ सम्पन्न कराने का निर्णय लिया गया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने एक्स पर लिखा, ‘अत्यंत ही दुःखद घटना में सुल्तानगंज नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी श्री कृष्ण भूषण कुमार जी का असामयिक निधन हो गया। उन्होंने अदम्य साहस और कर्तव्यनिष्ठा का परिचय देते हुए अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान दिया। शोक संतप्त परिजनों के प्रति इस अपूरणीय क्षति पर गहरी संवेदनाएँ प्रकट करते हैं। उनके परिवार को 25 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान करने तथा दिवंगत अधिकारी के दाह-संस्कार को राजकीय सम्मान के साथ सम्पन्न कराने का निर्णय लिया गया है। ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें और परिजनों को इस कठिन समय में धैर्य एवं संबल दें। ओम शांति!’ 12 घंटे के अंदर एनकाउंटर हुआ- संतोष सुमन हम सेकुलर के राष्ट्रीय अध्यक्ष संतोष सुमन ने कहा कि भागलपुर में सरकारी अधिकारी की हत्या निंदनीय है, लेकिन उससे भी बड़ा सच यह है कि अब बिहार में अपराधियों की उलटी गिनती शुरू हो चुकी है। महज 12 घंटे के अंदर आरोपी की पहचान, पीछा और एनकाउंटर यह बताता है कि अब सरकार जीरो टॉलरेंस पर सिर्फ बोलती नहीं, कार्रवाई करके दिखाती है। उन्होंने कहा कि अपराधियों ने पुलिस पर गोली चलाई, जवाब में उन्हें उसी भाषा में जवाब मिला। जो लोग कभी अपराधियों को संरक्षण देकर जंगलराज खड़ा करते थे, आज वही कानून व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं। कलेजे पर फटाफट गोली- जदयू प्रवक्ता नीरज कुमार जदयू प्रवक्ता नीरज कुमार ने कार्यपालक अधिकारी की हत्या पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि रामधनी यादव को अपराध का सनक चढ़ गया था। सुल्तानगंज के नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी का परिवार और उनके बच्चे रो रहे हैं। लोकतंत्र में जनता की अदालत से चुने गए सभापति पर गोलियों की बौछार करना। कानून का राज है। अभी तक तो पैर पर गोली लग रही थी। पुलिस पर हमला करने की कोशिश की तो कलेजे पर फटाफट गोली…फटाफट गोली। अपराध करोगे तो ना सिर्फ कड़ा अंजाम होगा बल्कि मुकम्मल ऐसी कार्रवाई होगी कि बिहार नजीर के तौर पर दिखेगा। ईओ के घर चीख-पुकार इधर बुधवार को करीब 10 बजे जैसे ही कार्यपालक पदाधिकारी का पार्थिव शरीर उनके पैतृक घर पहुंचा तो वहां कोहराम मच गया। नगर आयुक्त उमेश भारती, सदर एसडीओ चंदन कुमार झा, सदर एसडीपीओ अमित कुमार, ट्रैफिक डीएसपी सुजीत कुमार, पुलिस लाइन डीएसपी जितेन्द्र प्रसाद, नगर थानाध्यक्ष इंस्पेक्टर मनोज कुमार, ट्रैफिक थानाध्यक्ष इंस्पेक्टर नीलमणि रंजन, नगर पंचायत जयनगर के कार्यपालक पदाधिकारी सुनील कुमार, बेनीपट्टी नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी गौतम आनंद एवं अन्य पुलिस व प्रशासनिक अफसर वहां मौजूद थे। मृतक की पत्नी, भाई सूर्यभूषण कुमार, अजय कुमार एवं घर के अन्य सदस्यों का रो रोकर बुरा हाल था। हत्याकांड का मुख्य आरोपी रामधनी यादव मारा गया सुल्तानगंज नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी कृष्ण भूषण कुमार हत्याकांड के मुख्य अभियुक्त और नगर परिषद की उपसभापति नीलम देवी के पति रामधनी यादव का पुलिस ने एनकाउंटर कर दिया है। अभियुक्त के साथ मुठभेड़ में पुलिस के तीन पदाधिकारी भी जख्मी हुए हैं जिनमें डीएसपी लॉ एंड ऑर्डर नवनीत कुमार, सुल्तानगंज इंस्पेक्टर मृत्युंजय कुमार और तकनीकी शाखा प्रभारी परमेश्वर सब शामिल हैं।

सरिता विहार में बड़ा एक्शन,मुठभेड़ के बाद 6 अपराधी दबोचे गए

दिल्ली साउथ-ईस्ट दिल्ली के सरिता विहार इलाके में बीती रात पुलिस और बदमाशों के बीच एकनाउंटर हुआ। दोनों ओर से 6 राउंड गोलियां चलीं। हालांकि गोली किसी को नहीं लगी। इसके बाद पुलिस ने 6 बदमाशों को पकड़ा। ये सभी बांग्लादेशी हैं। जो यहां डकैती की वारदात करते थे। खबर लिखे जाने तक आरोपियों से पूछताछ की जा रही थी। पुलिस सूत्र ने बताया कि क्राइम ब्रांच की एंटी एक्सटॉर्शन किडनैपिंग सेल टीम को सूचना मिली थी कि सरिता विहार इलाके में कुछ बांग्लादेशी नागरिक अवैध रूप से रह रहे हैं। सूचना के आधार पर क्राइम ब्रांच की टीम उन्हें पकड़ने पहुंची थी। टीम ने मौके पर घेराबंदी कर बदमाशों को पकड़ने की कोशिश की तो उन्होंने आत्मसमर्पण करने के बजाय पुलिस पार्टी पर फायरिंग शुरू कर दी। 6 बांग्लादेशी बदमाशों को दबोचा बदमाशों की ओर से कुल तीन राउंड फायर किए गए। आत्मरक्षा और अपराधियों को काबू करने के लिए पुलिस टीम ने भी जवाबी कार्रवाई में तीन राउंड गोलियां चलाईं। गनीमत रही कि इस गोलाबारी में पुलिस टीम का कोई भी सदस्य या आरोपी घायल नहीं हुआ। पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए सभी छह बांग्लादेशी बदमाशों को दबोच लिया। बड़ी संभावित वारदात को टली तलाशी के दौरान बदमाशों के पास से तीन देसी कट्टे, 1 देसी 12 बोर की बंदूक, पांच कारतूस और एक बटनदार चाकू बरामद हुआ। पकड़े गए सभी आरोपी मूल रूप से बांग्लादेश के रहने वाले बताए जा रहे हैं। पुलिस अब इस बात की तफ्तीश कर रही है कि ये लोग कब से दिल्ली में रह रहे थे और इनके तार किन-किन वारदातों से जुड़े हैं। साथ ही, इनके अवैध रूप से सीमा पार करने और स्थानीय संपर्कों की भी जांच की जा रही है। दावा किया जा रहा है कि सफल ऑपरेशन ने इलाके में एक बड़ी संभावित वारदात को टाल दिया है।