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यमुना एक्सप्रेसवे के पास पुलिस मुठभेड़ में 50-50 हजार के इनामी अपराधी मारे गए

 मथुरा उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में पुलिस ने कारोबारी के घर डकैती डालने वाले बावरिया गिरोह के दो इनामी बदमाशों को मुठभेड़ में मार गिराया। दोनों अपराधियों पर 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित था और वे 23 अप्रैल को एक कारोबारी के घर परिवार को बंधक बनाकर की गई सनसनीखेज डकैती में शामिल थे। गुरुवार सुबह यमुना एक्सप्रेसवे के पास हुई इस मुठभेड़ में दो पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं। पुलिस के अनुसार दोनों बदमाश कई राज्यों में वांछित थे और उन पर डकैती, हत्या के प्रयास, चोरी और छिनैती जैसे कई गंभीर मुकदमे दर्ज थे। कारोबारी परिवार को बंधक बनाकर की थी लूट जानकारी के अनुसार, 23 अप्रैल की रात बावरिया गिरोह के बदमाश कारोबारी अजय अग्रवाल के घर छत के रास्ते घुसे थे। बदमाशों ने अजय अग्रवाल, उनके पिता, पत्नी और छह साल की बच्ची को रस्सियों से बांध दिया था। इसके बाद गन प्वाइंट पर लॉकर की चाबी लेकर करीब ढाई घंटे तक घर में खुलकर लूटपाट की गई। इस घटना ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी थी। वारदात के बाद पुलिस ने डकैतों की तलाश तेज कर दी थी। 17 टीमों को लगाया गया था तलाश में डकैती की वारदात के बाद एसएसपी श्लोक कुमार ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए 17 अलग-अलग टीमों का गठन किया था। पुलिस लगातार गिरोह की गतिविधियों पर नजर रख रही थी। गुरुवार सुबह पुलिस को सूचना मिली कि डकैती में शामिल दो बदमाश यमुना एक्सप्रेसवे के पास मौजूद हैं। सूचना मिलते ही पुलिस और स्वाट टीम ने इलाके की घेराबंदी कर दी। भागने की कोशिश में बाइक गिरी सुबह करीब 7 बजे दो संदिग्ध बाइक पर आते दिखाई दिए। पुलिस ने उन्हें रुकने का इशारा किया, लेकिन दोनों ने यूटर्न लेकर भागने की कोशिश की। इसी दौरान उनकी बाइक अनियंत्रित होकर गिर गई। पुलिस के मुताबिक पकड़े जाने के डर से दोनों बदमाशों ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी गोली चलाई, जिसमें दोनों बदमाश घायल हो गए। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। एनकाउंटर में दो पुलिसकर्मी भी घायल इस मुठभेड़ में स्वाट टीम प्रभारी अजय वर्मा और हेड कांस्टेबल दुर्ग विजय भी घायल हुए हैं। दोनों को गोली लगी है और उनका इलाज चल रहा है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि दोनों की हालत खतरे से बाहर है। कई राज्यों में दर्ज थे गंभीर मुकदमे मारे गए बदमाशों की पहचान धर्मवीर उर्फ लंबू (35) और राजेंद्र उर्फ पप्पू (55) के रूप में हुई है। दोनों राजस्थान के अलवर जिले के रहने वाले थे और बाबरिया गिरोह से जुड़े बताए जा रहे हैं। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार ने बताया कि बदमाश धर्मवीर पर मथुरा के अलावा हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान में डकैती, हत्या के प्रयास, चोरी और छिनैती समेत 16 मुकदमे दर्ज थे। वहीं राजेंद्र उर्फ पप्पू पर मथुरा, मेरठ, फिरोजाबाद, हरियाणा और दिल्ली में डकैती समेत 11 मुकदमे दर्ज थे। साथ ही पप्पू और धर्मवीर पर 50-50 हजार रुपए का इनाम भी घोषित किया गया था।

सुल्तानगंज हत्याकांड में बड़ा एक्शन: मुख्य आरोपी रामधनी यादव का एनकाउंटर

पटना बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा है कि भागलपुर के सुल्तानगंज में अपराधियों की गोलियों के शिकार हुए कार्यपालक पदाधिकारी कृष्ण भूषण कुमार का राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार होगा। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने ट्वीट किया है कि अत्यंत ही दुखद घटना में सुल्तानगंज नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी कृष्ण भूषण कुमार का असामयिक निधन हो गया। उन्होंने अदम्य साहस और कर्तव्यनिष्ठा का परिचय देते हुए अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान दिया। शोक संतप्त परिजनों के प्रति इस अपूरणीय क्षति पर गहरी संवेदनाएँ प्रकट करते हैं। उनके परिवार को 25 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान करने तथा दिवंगत अधिकारी के दाह-संस्कार को राजकीय सम्मान के साथ सम्पन्न कराने का निर्णय लिया गया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने एक्स पर लिखा, ‘अत्यंत ही दुःखद घटना में सुल्तानगंज नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी श्री कृष्ण भूषण कुमार जी का असामयिक निधन हो गया। उन्होंने अदम्य साहस और कर्तव्यनिष्ठा का परिचय देते हुए अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान दिया। शोक संतप्त परिजनों के प्रति इस अपूरणीय क्षति पर गहरी संवेदनाएँ प्रकट करते हैं। उनके परिवार को 25 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान करने तथा दिवंगत अधिकारी के दाह-संस्कार को राजकीय सम्मान के साथ सम्पन्न कराने का निर्णय लिया गया है। ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें और परिजनों को इस कठिन समय में धैर्य एवं संबल दें। ओम शांति!’ 12 घंटे के अंदर एनकाउंटर हुआ- संतोष सुमन हम सेकुलर के राष्ट्रीय अध्यक्ष संतोष सुमन ने कहा कि भागलपुर में सरकारी अधिकारी की हत्या निंदनीय है, लेकिन उससे भी बड़ा सच यह है कि अब बिहार में अपराधियों की उलटी गिनती शुरू हो चुकी है। महज 12 घंटे के अंदर आरोपी की पहचान, पीछा और एनकाउंटर यह बताता है कि अब सरकार जीरो टॉलरेंस पर सिर्फ बोलती नहीं, कार्रवाई करके दिखाती है। उन्होंने कहा कि अपराधियों ने पुलिस पर गोली चलाई, जवाब में उन्हें उसी भाषा में जवाब मिला। जो लोग कभी अपराधियों को संरक्षण देकर जंगलराज खड़ा करते थे, आज वही कानून व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं। कलेजे पर फटाफट गोली- जदयू प्रवक्ता नीरज कुमार जदयू प्रवक्ता नीरज कुमार ने कार्यपालक अधिकारी की हत्या पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि रामधनी यादव को अपराध का सनक चढ़ गया था। सुल्तानगंज के नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी का परिवार और उनके बच्चे रो रहे हैं। लोकतंत्र में जनता की अदालत से चुने गए सभापति पर गोलियों की बौछार करना। कानून का राज है। अभी तक तो पैर पर गोली लग रही थी। पुलिस पर हमला करने की कोशिश की तो कलेजे पर फटाफट गोली…फटाफट गोली। अपराध करोगे तो ना सिर्फ कड़ा अंजाम होगा बल्कि मुकम्मल ऐसी कार्रवाई होगी कि बिहार नजीर के तौर पर दिखेगा। ईओ के घर चीख-पुकार इधर बुधवार को करीब 10 बजे जैसे ही कार्यपालक पदाधिकारी का पार्थिव शरीर उनके पैतृक घर पहुंचा तो वहां कोहराम मच गया। नगर आयुक्त उमेश भारती, सदर एसडीओ चंदन कुमार झा, सदर एसडीपीओ अमित कुमार, ट्रैफिक डीएसपी सुजीत कुमार, पुलिस लाइन डीएसपी जितेन्द्र प्रसाद, नगर थानाध्यक्ष इंस्पेक्टर मनोज कुमार, ट्रैफिक थानाध्यक्ष इंस्पेक्टर नीलमणि रंजन, नगर पंचायत जयनगर के कार्यपालक पदाधिकारी सुनील कुमार, बेनीपट्टी नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी गौतम आनंद एवं अन्य पुलिस व प्रशासनिक अफसर वहां मौजूद थे। मृतक की पत्नी, भाई सूर्यभूषण कुमार, अजय कुमार एवं घर के अन्य सदस्यों का रो रोकर बुरा हाल था। हत्याकांड का मुख्य आरोपी रामधनी यादव मारा गया सुल्तानगंज नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी कृष्ण भूषण कुमार हत्याकांड के मुख्य अभियुक्त और नगर परिषद की उपसभापति नीलम देवी के पति रामधनी यादव का पुलिस ने एनकाउंटर कर दिया है। अभियुक्त के साथ मुठभेड़ में पुलिस के तीन पदाधिकारी भी जख्मी हुए हैं जिनमें डीएसपी लॉ एंड ऑर्डर नवनीत कुमार, सुल्तानगंज इंस्पेक्टर मृत्युंजय कुमार और तकनीकी शाखा प्रभारी परमेश्वर सब शामिल हैं।

सरिता विहार में बड़ा एक्शन,मुठभेड़ के बाद 6 अपराधी दबोचे गए

दिल्ली साउथ-ईस्ट दिल्ली के सरिता विहार इलाके में बीती रात पुलिस और बदमाशों के बीच एकनाउंटर हुआ। दोनों ओर से 6 राउंड गोलियां चलीं। हालांकि गोली किसी को नहीं लगी। इसके बाद पुलिस ने 6 बदमाशों को पकड़ा। ये सभी बांग्लादेशी हैं। जो यहां डकैती की वारदात करते थे। खबर लिखे जाने तक आरोपियों से पूछताछ की जा रही थी। पुलिस सूत्र ने बताया कि क्राइम ब्रांच की एंटी एक्सटॉर्शन किडनैपिंग सेल टीम को सूचना मिली थी कि सरिता विहार इलाके में कुछ बांग्लादेशी नागरिक अवैध रूप से रह रहे हैं। सूचना के आधार पर क्राइम ब्रांच की टीम उन्हें पकड़ने पहुंची थी। टीम ने मौके पर घेराबंदी कर बदमाशों को पकड़ने की कोशिश की तो उन्होंने आत्मसमर्पण करने के बजाय पुलिस पार्टी पर फायरिंग शुरू कर दी। 6 बांग्लादेशी बदमाशों को दबोचा बदमाशों की ओर से कुल तीन राउंड फायर किए गए। आत्मरक्षा और अपराधियों को काबू करने के लिए पुलिस टीम ने भी जवाबी कार्रवाई में तीन राउंड गोलियां चलाईं। गनीमत रही कि इस गोलाबारी में पुलिस टीम का कोई भी सदस्य या आरोपी घायल नहीं हुआ। पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए सभी छह बांग्लादेशी बदमाशों को दबोच लिया। बड़ी संभावित वारदात को टली तलाशी के दौरान बदमाशों के पास से तीन देसी कट्टे, 1 देसी 12 बोर की बंदूक, पांच कारतूस और एक बटनदार चाकू बरामद हुआ। पकड़े गए सभी आरोपी मूल रूप से बांग्लादेश के रहने वाले बताए जा रहे हैं। पुलिस अब इस बात की तफ्तीश कर रही है कि ये लोग कब से दिल्ली में रह रहे थे और इनके तार किन-किन वारदातों से जुड़े हैं। साथ ही, इनके अवैध रूप से सीमा पार करने और स्थानीय संपर्कों की भी जांच की जा रही है। दावा किया जा रहा है कि सफल ऑपरेशन ने इलाके में एक बड़ी संभावित वारदात को टाल दिया है।  

गांदरबल में सुरक्षाबलों का ऑपरेशन, मुठभेड़ में एक आतंकी ढेर, दो अब भी पकड़े नहीं गए

श्रीनगर जम्मू-कश्मीर के गांदरबल जिले में मंगलवार शाम सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ हुई. अरहामा इलाके में हुई इस कार्रवाई में एक आतंकी मारा गया है. भारतीय सेना की चिनार कॉर्प्स और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने खुफिया जानकारी के आधार पर यह संयुक्त ऑपरेशन शुरू किया था. सुरक्षाबलों को सूचना मिली थी कि इलाके में 2 से 3 आतंकी छिपे हो सकते हैं, जिसके बाद पूरे क्षेत्र की घेराबंदी की गई।  जब सुरक्षाबलों की संयुक्त टीम ने अरहामा के संदिग्ध ठिकानों की घेराबंदी शुरू की, तो वहां छिपे आतंकियों ने फायरिंग शुरू कर दी. इसके बाद जवानों ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें एक आतंकी मारा गया. शुरुआती मुठभेड़ के बाद पूरे इलाके में सर्च ऑपरेशन जारी है और अतिरिक्त जवान मौके पर तैनात किए गए हैं।  अंधेरे और रिहायशी इलाके की चुनौती के बीच घेरा सख्त सेना ने इस मिशन को ऑपरेशन अरहामा नाम दिया है. चिनार कॉर्प्स के मुताबिक, सर्च ऑपरेशन अभी भी जारी है क्योंकि अंदेशा है कि 1-2 आतंकी अभी भी इलाके में छिपे हो सकते हैं. चूंकि यह इलाका रिहायशी और थोड़ा जटिल है, इसलिए सुरक्षाबल बेहद सावधानी से आगे बढ़ रहे हैं ताकि किसी नागरिक को नुकसान न पहुंचे. रात के अंधेरे का फायदा उठाकर आतंकी भाग न सकें, इसके लिए पूरे घेरे को टाइट कर दिया गया है।  स्थानीय प्रशासन ने एहतियात के तौर पर मुठभेड़ स्थल की ओर जाने वाले रास्तों को ब्लॉक कर दिया है. पिछले कुछ हफ्तों में घाटी में आतंकियों के खिलाफ अभियानों में काफी तेजी आई है. गांदरबल की यह मुठभेड़ उसी रणनीति का हिस्सा है जिसमें आतंकियों को उनके छिपने के ठिकानों पर ही घेरा जा रहा है. अधिकारियों का कहना है कि जब तक आखिरी आतंकी का खात्मा नहीं हो जाता, यह सर्च ऑपरेशन और घेराबंदी जारी रहेगी।   

पटना पुलिस ने 9 महीने में 14 के पैर में मारी गोली और 1 बदमाश को किया ढेर

पटना. बिहार पुलिस अपराधियों के खिलाफ सख्त रुख अपना रही है। यही कारण है कि पिछले 9 महीने में 15 एनकाउंटर हुए हैं, जिसमें से एक को ढेर कर दिया गया। हाल ही में पुलिस ने जेपी गंगा पथ पर पीएमसीएच के पास एक अपराधी का एनकाउंटर किया। उसकी पहचान वैशाली के हाजीपुर निवासी अमित कुमार के रूप में हुई है, जिसके खिलाफ वैशाली और पटना में पहले से आर्म्स एक्ट, हत्या का प्रयास सहित चार केस दर्ज हैं। 28 जनवरी को अमित अपने साथी पीयूष के साथ सिविल कोर्ट में पेशी के लिए आए कुख्यात सुबोध सिंह गैंग के तातिया नाम के एक आरोपित की हत्या करने आया था। पुलिस ने उसके साथी को तो गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन अमित फरार था। तब से पुलिस उसकी लगातार तलाश कर रही थी। तलाश में वैशाली से लेकर उसके सभी संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही थी। दो दिन पहले पुलिस को सूचना मिली कि वह पटना में छिपा है। जिसके बाद पुलिस उसके इंटरनेट मीडिया अकाउंट पर भी नजर रख रही थी। जैसे ही उसने अपना इंस्टाग्राम अकाउंट खोला, पुलिस को उसके लोकेशन की जानकारी मिल गई। उसका लोकेशन ट्रेस करते हुए पुलिस की टीम जेपी गंगा पथ पर पहुंच गई। वहां उसने पुलिस को देखकर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने उसके पैर में गोली मारी और उसे दबोच लिया। पुलिस ने अब तक 15 एनकाउंटर किए 11 जून 2025 बिहटा में पुलिस हिरासत से भाग रहे हत्यारोपित को पैर में मारी थी गोली। 13 जून खुशरूपुर में पुलिस टीम पर फायरिंग। अपराधी के पैर में गोली मारी गई। 13 जून दानापुर में आरोपित ने की फायरिंग कर दी। पुलिस ने उसके पैर में मारी गोली। 25 जून जेपी गंगा पथ पर एसटीएफ ने आठ मामलों में वांछित अपराधी के पैर में मारी गोली। 7 जुलाई मालसलामी में ईंट-भट्ठे के पास पुलिस मुठभेड़ में विकास उर्फ राजा हुआ ढेर। 13 जुलाई रानी तालाब में लूटपाट के मामले में गिरफ्तार आरोपित के पैर में मारी गई गोली। 6 अगस्त कुख्यात को पकड़ने गई पुलिस पर फुलवारी क्षेत्र में फायरिंग। जवाब में अपराधी के पैर में मारी गोली। 15 अगस्त रानी तालाब में आरोपित और पुलिस के बीच मुठभेड़, पुलिस ने आरोपित के पैर में मारी गोली। 17 अगस्त आलमगंज में पुलिस और कुख्यात के बीच एक मुठभेड, पैर में मारी गई गोली। 16 नवंबर खुशुरूपुर में पुलिस और इनामी अपराधी के बीच मुठभेड़। अपराधी के पैर मे लगी गोली। 10 दिसंबर जानीपुर में बैंककर्मी से रंगदारी मांगने वाले आरोपित के साथ मुठभेड़, पैर में लगी गोली। 2 जनवरी 2026 खगौल में इनामी अपराधी के साथ मुठभेड़, पुलिस ने उसके पैर में मारी गोली। 15 जनवरी मनेर में पुलिस मुठभेड़ के बाद लूटकांड के आरोपित के पैर में गोली मार दी गई। 22 जनवरी मसौढ़ी में लारेंस विश्नोई गैंग के अपराधी के साथ मुठभेड़, पुलिस ने पैर में मारी गोली। 1 मार्च जेपी गंगा पथ पर पुलिस मुठभेड़, जवाबी कार्रवाई में अपराधी के पैर में लगी गोली।

मरीन ड्राइव पर एनकाउंटर: पुलिस ने मोस्ट वांटेड अपराधी को दबोचा, पैर में लगी गोली

पटना बिहार के पटना में कई आपराधिक मामलों में वांछित एक अपराधी को संक्षिप्त मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने रविवार को यह जानकारी दी।   मिली जानकारी के अनुसार, मुठभेड़ पटना के पीरबहोर इलाके में हुई है। आरोपी की पहचान अमित कुमार के रूप में हुई है। पटना की पुलिस अधीक्षक (मध्य) ममता कल्याणी ने बताया, ''यह घटना रविवार तड़के हुई। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि अमित कुमार मरीन ड्राइव पर किसी वारदात को अंजाम देने की फिराक में है। सूचना के आधार पर पुलिस की एक टीम ने जाल बिछाया। पुलिस को देखते ही आरोपी ने उन पर गोलियां चलाना शुरू कर दिया जिसके बाद पुलिस ने भी नियंत्रित जवाबी कार्रवाई कर उसे पकड़ लिया।'' उन्होंने बताया, ''मुठभेड़ के दौरान कुमार के पैर में गोली लगी है और सरकारी अस्पताल में उसका उपचार जारी है।'' पुलिस ने बताया कि इस साल जनवरी में पटना की एक दीवानी अदालत परिसर में दो सशस्त्र अपराधियों द्वारा घुसने के प्रयास से जुड़े एक मामले में अमित कुमार भी वांछित था। उसने कहा कि मामले की विस्तृत जांच जारी है।

एंटी माओवादी ऑपरेशन में सफलता: बीजापुर में दो नक्सलियों का खात्मा, एसएलआर-इंसास बरामद

बीजापुर बीजापुर जिले के इंद्रावती नदी क्षेत्र में माओवादियों की मौजूदगी की सूचना पर एक संयुक्त टीम ने एंटी माओवादी अभियान शुरू किया। अभियान के दौरान बृहस्पतिवार सुबह इंद्रावती नदी क्षेत्र में सुरक्षाबलों और माओवादियों के बीच मुठभेड़ हुई। बीजापुर एसपी डॉ. जितेंद्र यादव ने बताया कि मुठभेड़ के बाद की गई सर्चिंग में वर्दीधारी दो माओवादियों के शव बरामद किए गए। मुठभेड़ स्थल से एक एसएलआर राइफल, एक इंसास राइफल और एक 12 बोर राइफल सहित विस्फोटक तथा अन्य माओवादी सामग्री बरामद की गई है।  

गुरदासपुर में दो पुलिसकर्मियों के हत्यारे बदमाश का एनकाउंटर

गुरदासपुर. गांव आदियां स्थित पुलिस चेक पोस्ट पर तैनात दो पुलिस कर्मियों की बेरहमी से हत्या के मामले में आरोपित रणजीत सिंह निवासी आदियां को बुधवार सुबह पुलिस मुठभेड़ में मार गिराया गया। मुठभेड़ में आरोपित जख्मी हो गया, जिसने अस्पताल में दम तोड़ दिया। यह मुठभेड़ बुधवार सुबह हुई, जब पुलिस टीम आरोपित रणजीत सिंह की तलाश में उसके संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही थी। घायल अवस्था में उसे तुरंत नजदीकी सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, रणजीत सिंह शनिवार-रविवार की दरमियानी रात आदियां पुलिस चेक पोस्ट पर हुए हमले में शामिल था। उसने अपने साथियों के साथ मिलकर वहां तैनात होमगार्ड जवान अशोक कुमार और एएसआई गुरनाम सिंह की गोलियों से हत्या कर दी थी। इस वारदात के बाद से पूरे इलाके में दहशत का माहौल था और पुलिस पर सख्त कार्रवाई का दबाव था। पुलिस ने मंगलवार को ही इस केस के एक अन्य आरोपित दिलावर सिंह निवासी आलीनंगल को गिरफ्तार कर लिया था। दिलावर सिंह की पूछताछ में ही रणजीत सिंह और उसके दूसरे साथी इंद्रजीत सिंह निवासी आदियां के बारे में अहम सुराग हाथ लगे थे। दिलावर ने बताया था कि रणजीत और इंद्रजीत भी हत्या में शामिल थे। इसी जानकारी के आधार पर पुलिस ने दोनों की धरपकड़ के लिए अभियान तेज कर दिया था।

तरनतारन में एनकाउंटर में गैंगस्टर लखबीर और सत्ता के दो गुर्गे घायल

तरन तारन. बुधवार को विवाह समागममौके सिंधु फार्म में दाखिल होकर गांवठठिया महंता के सरपंच गुरबरिदर सिंह की गोलियां मारकर हत्या करने वाले शूटरों का पीछा कर रही पुलिस के हाथ बड़ी कामयाबी लगी है। कस्बा नौशहरा पनुआ के समीप बाइक पर सवार इन शूटरों के साथ पुलिस का एनकाउंटर हुआ जिसमें दो शूटर घायल हो गए उन्हें सिविल अस्पताल में भर्ती करवा दिया गया है। मौके पर पहुंचे एस एसपी सुरेंद्र लांबा बताया के सरपंच गुरबरिदर सिंह की हत्या करने के मामले में कुल चार लोगों के नाम सामने आए थे इनमें से एक शरनप्रीत सिंह निवासी चोहला साहिब अपने साथी हरदीप सिंह के साथ बाइक पर किसी वारदात को अंजाम देने के लिए जा रहा था जिसकी सूचना मिलते ही पुलिस पार्टी ने एजीटीएफ की टीम को साथ लेकर नाकाबंदी की। नाकाबंदी दौरान दोनों ने पुलिस पर गोलियां चलाई जवाबी कार्रवाई में दोनों शूटर घायल हो गए। जिनकी बाद में पहचान शरणप्रीत सिंह व हरदीप सिंह चोहला साहिब के तौर पर हुई है। एसएसपी ने बताया कि शरनप्रीत सिंह ने सरपंच की हत्या में अहम भूमिका निभाई थी और गोलियां बरसाने वाले तीन शूटरों में से वह एक था। पुलिस इस मामले की और गहनता से जांच कर रही है। एसएसपी ने बताया कि विदेश में बैठे लखबीर सिंह हरिके व सत्ता नौशहरा के दोनों ही साथी है। सरपंच हत्याकांड की इन दोनों ने ही इंटरनेट मीडिया पर पोस्ट डालकर जिम्मेदारी भी ली थी।

सुरक्षा बलों की बड़ी कार्रवाई: पटना में एनकाउंटर में कुख्यात अपराधी सूर्या ढेर

पटना  बुधवार की सुबह पटना में कुख्यात अपराधी राजीव कुमार उर्फ सूर्या डॉन का पुलिस ने एनकाउंटर किया. मामला गायघाट इलाके का है. अपराधी को पैर में गोली लगी है, जिसके बाद उसे इलाज के लिए एनएमसीएच में एडमिट कराया गया है. जानकारी के मुताबिक, सूर्या डॉन पर डकैती, लूट, चोरी, अवैध हथियार रखने समेत कई आपराधिक मामले दर्ज हैं. तीन राउंड हुई फायरिंग जानकारी के मुताबिक, एसटीएफ को सूचना मिली थी कि सूर्या डॉन गायघाट इलाके में छिपा है. सूचना पर ही एसटीएफ और पटना पुलिस ने उसे घेर लिया. इस दौरान लगभग तीन राउंड फायरिंग हुई. सूर्या डॉन के पैर में गोली लगी. सूर्या डॉन खाजेकला थाना इलाके का रहने वाला है. घटना के बाद पूरे इलाके में तलाशी अभियान भी चलाया गया. सुबह-सुबह एनकाउंटर से आस-पास के लोगों के बीच दहशत का माहौल कायम हो गया है. मामले को लेकर पुलिस ने क्या बताया? पुलिस की ओर से मामले को लेकर बताया गया कि, कई आपराधिक मामले सूर्या डॉन पर दर्ज हैं. आलमगंज थाना को सूचना मिली थी कि गायघाट के पास सूर्या डॉन नाविक से रंगदारी वसूलने पहुंचा है. इस सूचना के बाद ही आलमगंज थाना की पुलिस और एसटीएफ मौके पर पहुंची. पुलिस से घिरता देख अपराधी सूर्या डॉन ने पुलिस पर ही फायरिंग करनी शुरू कर दी. जवाबी कार्रवाई में पुलिस की तरफ से भी गोली चलाई गई. इस दौरान सूर्या डॉन के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया. मौके से देसी कट्टा और गोली भी बरामद किया गया. एफएसएल की टीम भी मौके पर पहुंची और निरीक्षण किया. जानकारी के मुताबिक, नए साल में पुलिस ने यह पांचवां एनकाउंटर किया है.