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राज चौहान हत्याकांड: आगरा एनकाउंटर में तीन इनामी बदमाश घायल

 आगरा  यूपी के आगरा में एक बार फिर से एनकाउंटर हुआ है. राज चौहान हत्याकांड में शामिल आरोपियों के साथ पुलिस की बीती रात मुठभेड़ हुई जिसमें तीन बदमाशों के पैर में गोली लगी है. इसके एक दिन पहले हुए एनकाउंटर में अरबाज खान उर्फ़ मंसूरी मारा गया था. जबकि आशु और मोहित घायल हो गए थे. दो पुलिसवाले भी जख्मी हुए थे.  आपको बता दें कि आगरा के दो अलग-अलग थाना क्षेत्रों में पुलिस की हत्यारोपियों से मुठभेड़ हुई. थाना एत्मादपुर और थाना बमरौली कटारा में हुई इन मुठभेड़ में तीन बदमाशों के पैर में गोली लगी है.  बताया जा रहा है कि कानून व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने के लिए चेकिंग कर रही पुलिस को देख बदमाश भागने लगे. रोकने पर मरौली कटारा क्षेत्र में मुठभेड़ हो गई. इस दौरान विष्णु पंडित उर्फ भुल्ला के पैर में गोली लगी जबकि उसका साथी शिवांग शर्मा को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया. दोनों के पास से जिंदा कारतूस और तमंचा बरामद हुआ है.  दूसरी मुठभेड़ थाना एत्मादपुर क्षेत्र में हुई. यहां भी चेकिंग के दौरान संदिग्धों को रोकने पर पुलिस पर फायरिंग की गई थी. जवाबी कार्रवाई में बदमाश के पैर में गोली लग गई. पकड़े गए बदमाश ने अपना नाम आकाश प्रजापति है. आकाश और विष्णु उर्फ भुल्ला पर राज हत्याकांड मामले में 25-25 हजार का इनाम था. हत्याकांड में दो लोगों को पुलिस कल जेल भेज चुकी है जबकि एक मुठभेड़ में हो ढेर चुका है और तीन आज गिरफ्तार हुए हैं.  मालूम हो कि राज चौहान की गोली मारकर हत्या की गई थी. इस हत्याकांड के खुलासे के लिए पुलिस ने 9 टीमें बनाई थीं. इनपुट मिलने पर आरोपियों की घेराबंदी की गई. बचने के लिए इन्होने पुलिस टीम पर फायर किया. आत्मरक्षा में पुलिस ने भी गोली चलाई. 

आगरा में ताबड़तोड़ पुलिस एनकाउंटर, राज चौहान हत्याकांड का मुख्य आरोपी अरबाज मारा गया

आगरा यूपी के आगरा में हुए राज चौहान हत्याकांड के मामले में पुलिस का ताबड़तोड़ एक्शन हुआ है. हत्यारोपियों से पुलिस की तीन अलग-अलग मुठभेड़ हुईं जिसमें मुख्य आरोपी अरबाज खान उर्फ मंसूरी ढेर हो गया. वहीं, दो अन्य आरोपी आशु तिवारी और मोहित पंडित के पैर में गोली लगी है. इस मुठभेड़ के दौरान दो पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं.   आपको बता दें कि आगरा CP दीपक कुमार के निर्देश पर डीसीपी सिटी अली अब्बास के नेतृत्व में ये बड़ी कार्रवाई हुई है. तीनों आरोपियों पर पुलिस ने 25-25 हजार का इनाम रखा था. तीनों ही बीते 23 जनवरी को हुए राज चौहान हत्याकांड में फरार चल रहे थे. राज चौहान की गोली मारकर हत्या की गई थी. इस हत्याकांड के खुलासे के लिए पुलिस ने 9 टीमें बनाई थीं. इनपुट मिलने पर आरोपियों की घेराबंदी की गई. बचने के लिए इन्होने पुलिस टीम पर फायर किया. आत्मरक्षा में पुलिस ने भी गोली चलाई. इसमें अरबाज मारा गया, जबकि आशु और मोहित घायल हो गए. उन्हें इलाज के लिए SN मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है. मुठभेड़ थाना ट्रांस यमुना और डोकी क्षेत्र में हुई.  आगरा पुलिस का बयान 'एक्स' पर जानकारी देते हुए बरेली पुलिस ने लिखा- पुलिस आयुक्त दीपक कुमार के निर्देशन में 29 जनवरी 2026 की रात चेकिंग के दौरान अभियुक्त मोहित पंडित को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया गया. आत्मरक्षा में पुलिस द्वारा की गई फायरिंग में मोहित के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया. पुलिस ने आरोपी के कब्जे से एक तमंचा, कारतूस और मोटरसाइकिल बरामद की है. 23 जनवरी को हुई इस हत्या के बाद से ही पुलिस टीमें अपराधियों की तलाश में जुटी थीं. इसी तरह थाना डौकी पुलिस टीम द्वारा इनामिया अभियुक्त आशु तिवारी को पुलिस मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार किया गया. उसके कब्जे से 1 तमंचा, 1 जिंदा कारतूस व 1 खोखा कारतूस.315 बोर बरामद हुआ.   फिलहाल, आधी रात को हुई इन तीन मुठभेड़ों में एक बदमाश मारा गया जबकि दो को घायल अवस्था में गिरफ्तार किया गया. हत्याकांड में शामिल कई और लोगों को चिन्हित किया गया है. उनकी भी गिरफ्तारी की कोशिश जारी है.

मिर्जापुर में जिम संचालक का एनकाउंटर, हिंदू लड़कियों को फंसाकर ब्लैकमेल करने का आरोप

मिर्जापुर  यूपी के मिर्जापुर में जिम में लड़कियों को प्रेमजाल में फंसाकर ब्लैकमेलिंग और धर्मांतरण करवाने के आरोपी को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया गया. पुलिस ने आरोपी जिम मालिक/ट्रेनर फरीद को एनकाउंटर के बाद गिरफ्तार किया है. ये एनकाउंटर देहात कोतवाली के बरकछा में हुआ, जहां आरोपी के पैर में गोली लगी. फिलहाल, उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया है.  मिर्जापुर धर्मांतरण केस में एक्शन  आपको बता दें कि मिर्जापुर में पुलिस ने जिम की आड़ में चल रहे अवैध धर्मांतरण और ब्लैकमेलिंग के बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है. दो युवतियों की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने मुख्य आरोपी जिम ट्रेनर मोहम्मद शेख अली आलम सहित चार आरोपियों (फैजल खान, जहीर और सादाब) को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है. साथ ही, घटना में शामिल KGN और बी-फिट सहित कुल 5 जिमों को सीज कर दिया गया है. पीड़िता के गंभीर आरोप पीड़िता ने आरोप लगाया कि ट्रेनर ने पहले उसे प्रेमजाल में फंसाया, फिर अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेल किया और उसके नाम पर लोन भी लिया. उसे जबरन बुर्का पहनाने, नमाज पढ़ने और दरगाह ले जाकर कलमा पढ़वाकर धर्मांतरण का दबाव बनाया गया. विरोध करने पर वीडियो वायरल करने और जान से मारने की धमकी दी गई. सियासी हलचल  इस मामले पर भाजपा विधायक रत्नाकर मिश्रा ने कड़ा रुख अपनाते हुए इसे 'लव जिहाद' करार दिया. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार में अवैध धर्मांतरण का खेल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जाएगी. जिसके बाद पुलिस ने दो फरार आरोपियों को एकाउंटर के बाद अरेस्ट कर लिया. पुलिस पर फायर के बाद आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की गई जिसमें फरीद घायल हो गया. उसके पास से दो तमंचे बरामद हुए. फरीद से पूछताछ में कई अहम जानकारियां सामने आई हैं. 

दिल्ली में लॉरेंस बिश्नोई के शार्प शूटरों के साथ मुठभेड़, एक आरोपी नाबालिग; कांस्टेबल की जान बची

नई दिल्ली दिल्ली पुलिस की नॉर्थ डिस्ट्रिक्ट एंटी-नारकोटिक्स टीम और बदमाशों के बीच बुधवार देर रात एक एनकाउंटर हुआ। गोलाबारी के बाद पुलिस ने लॉरेंस बिश्नोई गैंग के दो शार्पशूटर्स को गिरफ्तार किया। एक गुप्त सूचना के बाद पुलिस ने हीरानाकी मोड के पास जाल बिछाया था। एनकाउंटर के दौरान दोनों तरफ से गोलीबारी हुई जिसमें एक अपराधी के पैर में गोली लगने से वह जख्मी हो गया। एक पुलिस कांस्टेबल को भी गोली लगी लेकिन बुलेटप्रूफ जैकेट की वजह से वह बाल-बाल बच गया। पकड़े गए अपराधियों की पहचान दीपक और एक नाबालिग के रूप में हुई है। हथियार भी बरामद पुलिस ने इनके कब्जे से दो पिस्टल, जिंदा कारतूस और एक स्कूटर बरामद की है। आरोपी हाल ही में पश्चिम विहार और वेस्ट विनोद नगर में हुई फायरिंग की घटनाओं में शामिल थे। पुलिस ने बताया कि सोमवार रात पश्चिम विहार में एक जिम के बाहर दो अज्ञात मोटरसाइकिल सवार बदमाशों ने कथित तौर पर हवाई फायरिंग की थी। कई राउंड हुई थी फायरिंग दिल्ली पुलिस के मुताबिक, फायरिंग की घटना की सूचना करीब 11 बजे मिली थी। घटनास्थल पर पहुंचने पर पुलिस को पता चला कि दो बाइक सवार शख्स ने पश्चिम विहार में आउटर रिंग रोड पर आरके फिटनेस के बाहर कई राउंड पायरिंग की।

रेवाड़ी में पुलिस और बदमाशों की मुठभेड़

रेवाड़ी (हरियाणा). देर रात मीरपुर यूनिवर्सिटी के पास पुलिस और बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़ में दो बदमाशों के पैर में गोली लगी है। पुलिस ने दोनों को मौके से गिरफ्तार कर उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया है। आरोपी किसी बड़ी आपराधिक वारदात को अंजाम देने की फिराक में थे। एनकाउंटर में घायल बदमाश रोहतक के आनंदपुर निवासी विकास उर्फ मोटू और रेवाड़ी के गोलकगढ़ निवासी हर्ष उर्फ पोपला है। हर्ष उर्फ पोपला पर पुलिस ने पांच हजार रुपये का इनाम घोषित कर रखा था। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार दोनों बदमाश अक्टूबर 2025 में सिटी थाना रेवाड़ी में दर्ज हत्या, शस्त्र अधिनियम और संगठित अपराध से जुड़े गंभीर मामले में नामजद आरोपी हैं। पुलिस ने इस कार्रवाई के दौरान जींद जिले के गुड़ा खेड़ा निवासी रितिक और गोकलगढ़ निवासी नीरज उर्फ अज्जू को भी गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा है कि बदमाश एक कार में सवार होकर इलाके में किसी बड़ी वारदात की योजना बना रहे थे। इसी दौरान पुलिस को गुप्त सूचना मिली, जिसके आधार पर तुरंत टीम गठित कर मीरपुर यूनिवर्सिटी के पास नाकाबंदी कर दी गई। पुलिस के अनुसार, जैसे ही बदमाशों की कार को रोका गया, उन्होंने खुद को घिरा देख पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई करते हुए पुलिस ने भी गोलियां चलाईं। इस दौरान हर्ष और विकास के पैर में गोली लगी, जिससे वे मौके पर ही गिर पड़े। इसके बाद पुलिस ने स्थिति पर काबू पाते हुए चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। घायल बदमाशों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां पुलिस सुरक्षा के बीच उनका इलाज चल रहा है। पुलिस का कहना है कि दोनों की हालत खतरे से बाहर है। घटनास्थल से हथियार और कार को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी गई है। पूछताछ के दौरान कई अहम खुलासे होने की उम्मीद गिरफ्तार बदमाश लंबे समय से आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहे हैं और इनसे पूछताछ के दौरान कई अहम खुलासे होने की उम्मीद है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह गिरोह संगठित तरीके से अपराध को अंजाम देता था और रेवाड़ी व आसपास के जिलों में वारदात की तैयारी कर रहा था।

झिंझाना के बिडोली जंगल में मुठभेड़, बावरिया गैंग का खौफ अब खत्म

 शामली यूपी के शामली में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है. सोमवार देर रात झिंझाना के बिडोली जंगल में पुलिस मुठभेड़ में बावरिया गिरोह का सरगना और सवा लाख का इनामी मिथुन ढेर हो गया. मुठभेड़ में एसओजी के एक हेड कांस्टेबल घायल हुए हैं, जबकि एक थाना प्रभारी बाल-बाल बच गए. एसपी ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया. वारदात की तैयारी में थे बदमाश, पुलिस ने घेरा एसपी नरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि रात में सूचना मिली थी कि वेदखेड़ी–मंसूरा मार्ग पर बावरिया गिरोह के सदस्य किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की तैयारी में हैं. इस सूचना पर झिंझाना पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची.  पुलिस को देखते ही बदमाशों ने ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी. पुलिस की जवाबी कार्रवाई में सवा लाख का इनामी मिथुन ढेर हो गया. मिथुन का साथी राहुल अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार होने में कामयाब रहा. पुलिस ने फरार साथी की तलाश शुरू कर दी है. एसओजी हेड कांस्टेबल घायल, थाना प्रभारी की बची जान मुठभेड़ के दौरान दोनों ओर से चली गोलियों में एसओजी के हेड कांस्टेबल हरविंदर गोली लगने से घायल हो गए. उन्हें ऊन सीएचसी से जिला अस्पताल रेफर किया गया है. वहीं, झिंझाना थाना प्रभारी वीरेंद्र कसाना की जैकेट में गोली लगी, लेकिन वह उसे भेदकर निकल गई, जिससे उनकी जान बाल-बाल बच गई. पुलिस ने मारे गए बदमाश के पास से एक कार्बाइन और मेड इन इटली पिस्टल बरामद की है. एसपी ने बताया कि मिथुन पर शामली से एक लाख और बागपत पुलिस की ओर से ₹25,000 का इनाम घोषित था. 20 से अधिक मुकदमे दर्ज, कई राज्यों में फैला रखा था खौफ पुलिस के अनुसार, मिथुन के खिलाफ हत्या और लूट समेत 20 से अधिक मुकदमे दर्ज थे. उसने कांवड़ यात्रा के दौरान बागपत में एक महिला से लूट की वारदात को भी अंजाम दिया था. वह वर्ष 2017 में झिंझाना में हुए भारत कुमार हत्याकांड में भी शामिल रहा था. एसपी ने बताया कि मिथुन और उसके गिरोह ने तमिलनाडु में भी कई लूट की वारदातें की थीं. जांच में पता चला कि वह घटना को अंजाम देने के बाद पंजाब, साउथ दिल्ली, जयपुर तथा अन्य स्थानों पर ठिकाने बनाता था. वेस्ट यूपी से लेकर तमिलनाडु तक थी उसकी दहशत मिथुन पर पहला मुकदमा मारपीट का दर्ज हुआ था. इसके बाद वह दिल्ली, पंजाब, वेस्ट यूपी के शामली, बागपत, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर जैसे जिलों और तमिलनाडु जैसे दूर के राज्यों में भी लगातार अपराध करता रहा. पुलिस के मुताबिक, उसका मकसद कई राज्यों में अपना प्रभाव और खौफ फैलाना था. पुलिस अब फरार साथी राहुल की तलाश में जुटी हुई है और गिरोह के अन्य सदस्यों की धरपकड़ के लिए भी अभियान चला रही है.

हिस्ट्रीशीटर कपिल यादव एनकाउंटर में ढेर नहीं, घायल; पुलिस ने दूसरा आरोपी हथियार–कैश सहित पकड़ा

 ग्वालियर ग्वालियर जिले में सोमवार सुबह पुलिस के साथ एक शॉर्ट एनकाउंटर के बाद हिस्ट्री-शीटर कपलि यादव ​​को पकड़ लिया गया. आरोपी पर 10 हजार रुपए का इनाम था.  ग्वालियर के SSP धर्मवीर सिंह ने बताया कि कपिल यादव 10 हजार रुपए का इनामी वॉन्टेड क्रिमिनल था. जिला हेडक्वार्टर से करीब 25 KM दूर मोहनपुर इलाके में सुबह करीब 5 बजे हुई गोलीबारी में उसके पैर में गोली लग गई. पुलिस अधिकारी ने बताया कि कपिल 21 नवंबर को मुरार इलाके में जमीन के झगड़े को लेकर कुछ लोगों पर हमला करने के बाद से फरार था. पुलिस ने उसकी तलाश शुरू की थी और उस पर 10 हजार रुपए का इनाम घोषित किया था.  पुलिस ने बताया , सुबह करीब 6.10 बजे कपिल यादव बाइक से बंधोली के जंगली रास्ते से निकला पुलिस ने यहां घेरा डाल रखा था। पुलिस को रास्ते में देखकर कपिल ने गोली चलाकर भागने का प्रयास किया तो पुलिस टीम ने उस पर फायर किया। गोली कपिल के पैर में लगी तो वह जख्मी होकर गिर पड़ा। इन वारदातों से चुनौती मुरार के कपड़ा कारोबारी की बड़ागांव में जमीन पर कब्जा करने के लिए गुंडे कपिल यादव और उसके साथियों ने कपड़ा कारोबारी और उसके बेटे पर गोलियां चलाईं थीं। इसके अलावा चार दिन पहले बडागांव में रामजानकी मंदिर की जमीन पर कब्जा करने के लिए पूरन सिंह भदौरिया और उनके भाई पर कातिलाना हमला किया था। धर्मवीर सिंह ने बताया कि रविवार रात को पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी ग्वालियर से भागने की योजना बना रहा है और टिप-ऑफ के आधार पर उन्होंने मेला ग्राउंड में एक वैन की तलाशी ली और उसके साथी अमन यादव को एक गैर-कानूनी बंदूक के साथ पकड़ लिया, जबकि कपिल भागने में कामयाब रहा. एसएसपी ने बताया कि आरोपी को सुबह-सुबह मोहनपुर में एक ईंट भट्टे पर पकड़ा गया, जहां उसने कथित तौर पर सरेंडर करने के बजाय पुलिस टीम पर गोली चला दी, जिसके बाद पुलिस ने भी जवाबी फायरिंग की. उन्होंने बताया कि उसके पैर में चोट लगी है और उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया है. पुलिस के मुताबिक, आरोपी कपिल पर करीब 12 क्रिमिनल केस दर्ज हैं और उस पर पहले भी सख्त नेशनल सिक्योरिटी एक्ट (NSA) लगाया जा चुका है. बदमाश को एनकाउंटर में दबोचा ग्वालियर एसएसपी धर्मवीर सिंह यादव ने बताया कि, बदमाश से सुबह बंधोली के रास्ते में एनकाउंटर में हुआ है। उसके पैर में गोली लगी है । फिलहाल उसे इलाज के लिए भर्ती कराया है। उससे अपराधों के बारे में पूछताछ की जाएगी।  

इलाका दहला देने वाली फायरिंग! पुलिस कार्रवाई में दो बदमाश घायल, हथियारों का भंडार पकड़ा

रांची झारखंड में रांची के रातू थाना क्षेत्र के खलारी रोड पर शुक्रवार सुबह पुलिस और राहुल दुबे गैंग के सदस्यों के बीच जबरदस्त मुठभेड़ हुई। इस मुठभेड़ में दो कुख्यात अपराधी घायल हो गए हैं। पुलिस ने इस मुठभेड़ के बाद जैसे ही इलाके में सर्च अभियान चलाया, वहां भारी मात्रा में हथियार सहित कारतूस भी बरामद किए हैं।         पुलिस सूत्रों ने आज बताया कि ठाकुर गांव, खलारी और रातू थाना क्षेत्र की सीमा पर अपराधियों के होने की सूचना पुलिस को मिली थी। सूचना मिलने के तुरंत बाद पुलिस की एक टीम मौका-ए-वारदात पर पहुंची। जैसे ही पुलिस ने पहुंच कर तलाशी शुरू की, वहां मौजूद अपराधियों ने ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने भी उसी वक्त जवाबी कार्रवाई की इसमें दो अपराधियों को गोली लगी। दोनों घायल अपराधी साजन अंसारी और अमित गुप्ता बताए जा रहे हैं। इन दोनों अपराधियों को घायल अवस्था में गिरफ्तार कर तुरंत इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। रांची ग्रामीण एसपी प्रवीन पुष्कर ने बताया कि अभी दोनों से पूछताछ की जा रही है ताकि इनके गैंग की अन्य जानकारी मिल सके और बाकी अपराधियों को भी पकड़ा जा सके। मुठभेड़ के बाद पुलिस ने इलाके में व्यापक सर्च अभियान चलाकर घटनास्थल में 8 पिस्टल और दर्जनों कारतूस बरामद किए हैं।  

एसटीएफ के साथ जबर्दस्त मुठभेड़, आजमगढ़ में 1 लाख का इनामी बदमाश शंकर कनौजिया हताहत

आजमगढ़   उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में एक लाख का इनामी बदमाश शंकर कनौजिया एनकाउंटर में ढेर हो गया है। यूपी एसटीएफ के साथ हुई मुठभेड़ में शंकर कनौजिया मारा गया है। शंकर कनौजिया के साथ हथियार भी बरामद किए गए हैं।  जानकारी के अनुसार, यूपी एसटीएफ ने मुठभेड़ में इनामी शंकर कन्नौजिया को मुठभेड़ में ढेर कर दिया है। शंकर पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया हुआ था। आजमगढ़ में हुई इस मुठभेड़ में अपराधी के पास से एक कार्बाइन, एक पिस्टल और कारतूस बरामद किए गए। यूपी एसटीएफ ने बताया कि यह अपराधी 2011 से फरार था। इसके बाद वह लूट और अपहरण जैसे अपराधों को अंजाम देता रहा। जानकारी के अनुसार, आजमगढ़ के जहानागंज थाना इलाके में शनिवार को यूपी एसटीएफ और बदमाश में मुठभेड़ हो गई। पुलिस पर फायर कर भाग रहा एक लाख का इनामी बदमाश शंकर कनौजिया गोली से ढेर हो गया। उक्त आरोपी रौनापार थाना इलाके के हाजीपुर गांव का निवासी था।  जान से मारकर पिकअप लूटने के मामले में फरार चल रहे आजमगढ़ रौनापार थाना क्षेत्र के हाजीपुर गांव का निवासी शंकर कन्नौजिया वाराणसी जोन के एडीजी पीयूष मोर्डिया ने एक लाख का इनाम घोषित किया है।   11 जुलाई को मिली थी सिर कटी लाश जानकारी मुताबिक, आजमगढ़ के रौनापार थाना इलाके में 11 जुलाई को सिर कटी लाश बरामद हुई थी। जिसकी पहचान शैलेन्द्र के रूप में हुई थी। इस घटना को तीन आरोपियों ने मिलकर अंजाम दिया था।  इन तीन आरोपियों में से दो आरोपियों को 15 जुलाई को रामछवि उर्फ दबिया और छांगुर को गिरफ्तार कर लिया गया था। जबकि एक आरोपी शंकर कनौजिया जो कि जिले के रौनापार थाना क्षेत्र का रहने वाला था, लगातार फरार चल रहा था।  फरार आरोपी पर वाराणसी एडीजी पीयूष मोर्डिया ने इनाम घोषित किया था। फरार आरोपी शंकर कनौजिया अंर्तजनपदीय अपराधी था। आरोपी के खिलाफ हत्या, लूट, हत्या के प्रयास जैसे कुल नौ गंभीर आपराधिक मुकदमें दर्ज थे। आरोपी की लगातार तलाश की जा रही थी। गोरखपुर से बनाई थी वारदात की योजना पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों ने गोरखपुर से फर्जी कागजों के सहारे पिकअप बुक कर वारदात का प्लान बनाया था। 3 जुलाई को ड्राइवर शैलेन्द्र को लाटघाट बुलाकर खाद्य पदार्थ में जहरीला पदार्थ खिलाया गया, जिससे वह अचेत हो गया और उसकी हत्या कर वाहन लूट लिया गया। पुलिस ने पहले ही आरोपियों से घटना में प्रयुक्त तमंचा, फावड़ा, दो मोबाइल और पिकअप बरामद कर लिया था। 

लॉरेंस बिश्नोई गैंग के दो सदस्यों को दिल्ली पुलिस ने मारी गोली, एनकाउंटर में खत्म

दिल्ली दिल्ली पुलिस को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। पुलिस ने एक एनकाउंटर में लॉरेंस बिश्नोई गैंग के दो सदस्यो को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए दोनों अपराधियों की पहचान कार्तिक जाखड़ और कविश के रूप में हुई है। पुलिस ने बताया कि जब दोनों अपराधियों का पीछा किया गया तो उन्होंने पुलिस पर ही गोलीबारी शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने दोनों बदमाशों के पैर में गोली मारी और घायल अवस्था में गिरफ्तार कर लिया है। इसी महीने झारखंड एटीएस ने मयंक सिंह को अजरबैजान से प्रत्यर्पित किया है। मिली जानकारी के अनुसार, मामला न्यू अशोक नगर का है। यहां दिल्ली पुलिस ने दो संदिग्धों को रोकने की कोशिश की लेकिन दोनों पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। इस फायरिंग के बाद जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने दोनों बदमाशों के पैरों में गोली मारी और दोनों घायल हो गए। घायल अवस्था में पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। बता दें कि इसी महीने की शुरुआत में झारखंड एटीएस ने लॉरेंस बिश्नोई गैंग के गैंगस्टर मयंक सिंह को बाकू से प्रत्यर्पित किया। इसके बाद उसे अजरबैजान से वापस लाया गया है। यह प्रत्यर्पण झारखंड एटीएस का ऐतिहासिक काम था। इस मामले की जानकारी देते हुए एटीएस के एसपी ऋषव कुमार झा ने कहा था कि हमने उसे बाकू, अज़रबैजान से प्रत्यर्पित किया है। झारखंड पुलिस के इतिहास में यह पहला सफल प्रत्यर्पण है और हमें उम्मीद है कि देश से बाहर रह रहे बाकी अपराधियों को भी जल्द ही प्रत्यर्पित या निर्वासित कर दिया जाएगा। झा ने कहा कि वह अमन साहू और लॉरेंस बिश्नोई गिरोह के बीच संपर्क सूत्र प्रतीत होता है। उन्होंने कहा कि हम मयंक से पूछताछ करेंगे और जेल में बंद दोनों गिरोहों के बीच रिश्तों के बारे में सभी जानकारी जुटाएंगे और उसके खिलाफ झारखंड, राजस्थान और अन्य जगहों पर 50 मामले दर्ज हैं। इसकी जांच की जाएगी।