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गर्मी से तप रहा पंजाब, कल से मिल सकती है राहत; मौसम विभाग ने जारी किया ऑरेंज अलर्ट

चंडीगढ़  पंजाब में मौसम साफ होते ही गर्मी ने फिर तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। सोमवार को राज्य का अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया।  प्रदेश के औसत अधिकतम तापमान में 2.9 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई। हालांकि यह अभी भी सामान्य से 4.2 डिग्री कम बना हुआ है। सबसे अधिक 40.2 डिग्री सेल्सियस तापमान बठिंडा में रिकॉर्ड किया गया। मौसम विभाग के अनुसार बुधवार से पंजाब के मौसम में फिर बदलाव आएगा। विभाग ने तीन दिनों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इस दौरान कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश और 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। मौसम में बदलाव के कारण अगले कुछ दिनों में तापमान में चार डिग्री तक गिरावट आ सकती है। मंगलवार को पठानकोट, गुरदासपुर, होशियारपुर, नवांशहर, फाजिल्का, मुक्तसर, बठिंडा, रूपनगर और मोहाली समेत कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना जताई गई है। छह और सात जून को भी राज्य के कुछ हिस्सों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। प्रदेश के न्यूनतम तापमान में भी 2.8 डिग्री की वृद्धि दर्ज की गई। सबसे कम न्यूनतम तापमान 21.8 डिग्री सेल्सियस रूपनगर में रिकॉर्ड किया गया। अमृतसर का अधिकतम तापमान 36.3 डिग्री, लुधियाना का 35.6 डिग्री, पटियाला का 35.6 डिग्री, पठानकोट का 37.4 डिग्री, फाजिल्का का 37.1 डिग्री और फिरोजपुर का 36.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। धान की फसल के लिए फायदेमंद बारिश पंजाब कृषि विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. गुरनाम सिंह ने कहा कि हाल की बारिश धान की फसल के लिए लाभदायक साबित हो रही है। इससे किसानों की सिंचाई की जरूरत कम हुई है और भूजल संरक्षण में मदद मिली है। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक वर्षा का पानी घुलित नाइट्रोजन को सीधे फसलों तक पहुंचाता है, जिससे जड़ों का बेहतर विकास होता है। साथ ही बारिश के कारण बिजली की मांग में भी कमी आई है। 

लू, आकाशीय बिजली और सर्पदंश से बचाव को लेकर एडवाइजरी जारी, लोगों से सतर्क रहने की अपील

लू-तापघात, आकाशीय बिजली एवं सर्पदंश से बचाव के लिये परामर्श जारी भोपाल  मध्यप्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, गृह विभाग, द्वारा प्रदेश में लू-तापघात, आकाशीय बिजली एवं सर्पदंश जैसी मौसमी एवं प्राकृतिक आपदाओं से होने वाली जनहानि एवं दुर्घटनाओं में कमी लाने के उद्देश्य से संचार माध्यमों से जनजागरूकता करते हुए परामर्श दिया जा रहा है। सचिव (गृह) एवं समन्वयक मध्यप्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण श्रीमती कृष्णावेणी देशावतु ने बताया कि विभिन्न संचार माध्यमों के जरिए आमजन तक सुरक्षा संबंधी संदेश पहुँचाए जा रहे हैं, जिससे शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों के अधिकाधिक नागरिकों को समय रहते आवश्यक जानकारी उपलब्ध हो सके। अभियान का उद्देश्य लोगों में जोखिमों के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा आपदा की स्थिति में त्वरित एवं उचित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करना है। प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में ग्रीष्मकाल में बढ़ता तापमान लू-तापघात की स्थिति उत्पन्न कर सकता है। विशेष रूप से बच्चों, वरिष्ठ नागरिकों, श्रमिकों तथा स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से ग्रसित व्यक्तियों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की आवश्यकता है। नागरिकों को पर्याप्त मात्रा में पानी पीने, धूप में अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचने, हल्के एवं सूती वस्त्र पहनने तथा शरीर में जल की कमी न होने देने संबंधी आवश्यक सावधानियों के प्रति जागरूक किया जा रहा है। मानसून अवधि में आकाशीय बिजली गिरने की घटनाएँ अनेक बार गंभीर दुर्घटनाओं का कारण बनती हैं। इस संबंध में नागरिकों को सलाह दी गई है कि मौसम में अचानक परिवर्तन, तेज गर्जना एवं बिजली की चमक को संभावित खतरे के संकेत के रूप में गंभीरता से लें। ऐसे समय में खुले स्थानों, खेतों, जलाशयों, विद्युत खंभों तथा बड़े वृक्षों के नीचे रुकने से बचें तथा सुरक्षित भवनों में शरण लें। नागरिकों को आकाशीय बिजली संबंधी पूर्व चेतावनी प्राप्त करने के लिए “दामिनी” मोबाइल ऐप के उपयोग के लिये भी प्रेरित किया जा रहा है। किसानों एवं पशुपालकों को विशेष सतर्कता बरतने तथा पशुओं को सुरक्षित स्थानों पर रखने की सलाह दी गई है। वर्षा ऋतु के दौरान सर्पदंश की घटनाओं की संभावना बढ़ जाती है। जलभराव एवं प्राकृतिक आवास प्रभावित होने के कारण साँप मानव बस्तियों के समीप आ सकते हैं। ऐसी परिस्थितियों में घर एवं आसपास स्वच्छता बनाए रखना, झाड़ियों एवं कबाड़ को हटाना, जूते एवं कपड़ों को उपयोग से पूर्व सावधानीपूर्वक जांचना तथा खेतों, जंगलों एवं जल स्रोतों के समीप अतिरिक्त सतर्कता बरतना आवश्यक है। सर्पदंश की स्थिति में प्रभावित व्यक्ति को तत्काल निकटतम स्वास्थ्य केंद्र ले जाने तथा किसी भी प्रकार के अंधविश्वास अथवा अप्रमाणित उपचार से बचने की सलाह दी गई है। मध्यप्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने नागरिकों से अपील की है कि वे मौसम विभाग एवं प्रशासन द्वारा समय-समय पर जारी चेतावनियों एवं परामर्शों का पालन करें तथा किसी भी आपात स्थिति, दुर्घटना अथवा संकट की स्थिति में तत्काल डायल-112 पर संपर्क कर सहायता प्राप्त करें। सतर्कता, जागरूकता एवं समय पर अपनाई गई सावधानियाँ जनहानि एवं दुर्घटनाओं की रोकथाम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इसी उद्देश्य से राज्य स्तर पर निरंतर जनजागरूकता गतिविधियाँ संचालित की जा रही हैं।  

नौतपा में भी नहीं मिली राहत, MP में भीषण गर्मी जारी; अब आंधी-बारिश की चेतावनी

भोपाल  मध्यप्रदेश में नौतपा की शुरुआत भले ही आंधी और बूंदाबांदी के साथ हुई हो, लेकिन गर्मी का सितम कम नहीं हुआ। प्रदेश के 16 शहरों में तापमान 44 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है। मौसम विभाग ने संकेत दिए हैं कि 28 मई से अगले तीन दिन तक कई जिलों में प्री-मानसून एक्टिविटी तेज हो सकती है। तेज आंधी, गरज-चमक और बारिश का दौर देखने को मिल सकता है।   एमपी में नौतपा के शुरुआती 2 दिन आंधी-बारिश का दौर रहा। वहीं, 28 मई से लगातार 3 दिन तक प्रदेश के अधिकांश हिस्से में पानी गिरने का अलर्ट है। IMD (मौसम केंद्र) भोपाल की माने तो यह प्री-मानसून की दस्तक है। 10 से 16 जून के बाद प्रदेश में मानसून एंट्री कर सकता है।  बुधवार को निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना और रीवा में तीव्र लू का रेड अलर्ट है। टीकमगढ़ में रात में पारा बढ़ा हुआ रहेगा। वहीं, ग्वालियर, जबलपुर में तीव्र लू का अलर्ट जारी किया गया है। भोपाल में भी लू चल सकती है। खजुराहो और नौगांव बने हीट सेंटर मंगलवार को छतरपुर का खजुराहो प्रदेश में सबसे गर्म रहा, जहां तापमान 46.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। नौगांव में पारा 45.6 डिग्री तक पहुंच गया। दतिया में 45.2 डिग्री, दमोह, सतना और टीकमगढ़ में 45 डिग्री तापमान रिकॉर्ड हुआ। रीवा 44.8 डिग्री और राजगढ़ 44.6 डिग्री के साथ भीषण गर्मी की चपेट में रहे। ग्वालियर, श्योपुर, गुना, नरसिंहपुर, सागर, मंडला, मुरैना और रायसेन समेत कई शहरों में भी पारा 44 डिग्री के आसपास पहुंच गया। बड़े शहरों में ग्वालियर सबसे ज्यादा गर्म रहा, जहां तापमान 44.1 डिग्री दर्ज किया गया। भोपाल में 43.2 डिग्री, जबलपुर में 43.9 डिग्री, उज्जैन में 42 डिग्री और इंदौर में 41.2 डिग्री तापमान रहा। नौतपा में पहली बार नहीं बदला मौसम भोपाल में नौतपा के दौरान बारिश या बूंदाबांदी का सिलसिला नया नहीं है। पिछले 14 साल में 7 बार नौतपा के दौरान बारिश दर्ज की जा चुकी है, जबकि 2 बार हल्की बूंदाबांदी हुई थी। इस बार भी शुरुआती दिनों में मौसम ने करवट ली है। हालांकि 2018 और 2019 जैसे साल में नौतपा के दौरान रिकॉर्ड तोड़ गर्मी पड़ी थी और औसत तापमान 43 डिग्री से ऊपर पहुंच गया था। कई जिलों में लू और तीव्र लू का अलर्ट रेड अलर्ट: निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना और रीवा। ऑरेंज अलर्ट: ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, सागर, दमोह, जबलपुर, कटनी, सीधी, सिंगरौली, मंडला, बालाघाट समेत 19 जिले। येलो अलर्ट: भोपाल, उज्जैन, विदिशा, रायसेन, सीहोर, देवास, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर सहित 22 जिले। इधर, इंदौर, धार, झाबुआ, अलीराजपुर, हरदा और नर्मदापुरम जैसे जिलों में तेज गर्मी का असर बना रहेगा। दोपहर में बाहर निकलने से बचने की सलाह मौसम वैज्ञानिकों ने लोगों को दोपहर 12 से 3 बजे के बीच विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। जरूरी काम होने पर ही बाहर निकलें, पर्याप्त पानी पीते रहें और हल्के रंग के सूती कपड़े पहनें। बच्चों और बुजुर्गों को खास सतर्क रहने को कहा गया है।  

Heatwave से परेशान लोगों के लिए खुशखबरी, इस दिन से मौसम देगा राहत; IMD का अपडेट

 लखनऊ यूपी इस वक्त आग उगलती गर्मी की चपेट में है. सुबह होते ही सूरज ऐसा तप रहा है मानो आसमान से अंगारे बरस रहे हों. दोपहर की सड़कें सुनसान पड़ने लगी हैं, बाजारों में भीड़ कम हो गई है और लोग घरों में कैद रहने को मजबूर हैं. नौतपा की शुरुआत के साथ ही प्रदेश में गर्मी ने अपने सबसे खतरनाक तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं. लेकिन इसी तपिश के बीच अब लोगों के लिए राहत की खबर भी सामने आई है. मौसम विभाग ने आखिर वह तारीख बता दी है, जब इस भीषण गर्मी से लोगों को कुछ राहत मिल सकती है।  मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक फिलहाल अगले तीन दिनों तक गर्मी से राहत मिलने के आसार बेहद कम हैं. हालांकि 29 मई के बाद मौसम करवट ले सकता है और तापमान में 6 से 8 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की जा सकती है. यही वजह है कि भीषण गर्मी से परेशान लोग अब 29 मई का इंतजार करने लगे हैं।  इस सोमवार से नौतपा की शुरुआत हुई है. भारतीय परंपरा में नौतपा को साल का सबसे गर्म दौर माना जाता है. मान्यता है कि जब सूर्य रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करता है, तभी नौ दिनों तक चलने वाला यह दौर शुरू होता है. इस बार नौतपा ने शुरुआत से ही अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है. प्रदेश के कई जिलों में तापमान 45 डिग्री के पार पहुंच चुका है. बांदा पूरे प्रदेश ही नहीं बल्कि देश के सबसे गर्म इलाकों में शामिल रहा. यहां तापमान 47.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. सड़कें दोपहर में तवे की तरह तपती दिखाई दीं. इसके अलावा झांसी में 46 डिग्री, उरई में 45.8 डिग्री, आगरा में 45.5 डिग्री, प्रयागराज में 45.4 डिग्री और हमीरपुर में 45.2 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया. राजधानी लखनऊ भी गर्मी से बेहाल नजर आया. यहां अधिकतम तापमान 42.3 डिग्री तक पहुंच गया।  दोपहर की सड़कें हुईं सुनसान भीषण गर्मी का असर अब आम जिंदगी पर साफ दिखने लगा है. दोपहर 12 बजे के बाद शहरों की सड़कें खाली नजर आने लगी हैं. लोग जरूरी काम न होने पर घरों से बाहर निकलने से बच रहे हैं. सबसे ज्यादा परेशानी दिहाड़ी मजदूरों, रिक्शा चालकों और सड़क किनारे काम करने वाले लोगों को हो रही है. गर्म हवाओं के थपेड़े लोगों को झुलसा रहे हैं. डॉक्टरों का कहना है कि लगातार बढ़ती गर्मी के चलते डिहाइड्रेशन, चक्कर आने और हीट स्ट्रोक के मरीजों की संख्या बढ़ रही है।  अस्पताल हाई अलर्ट पर गर्मी के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए राज्यभर के अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों को हाई अलर्ट पर रखा गया है. सरकार की तरफ से एडवाइजरी जारी की गई है कि लोग दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक बिना जरूरी काम के बाहर न निकलें. हल्के रंग के सूती कपड़े पहनें और ज्यादा से ज्यादा पानी पिएं. मौसमी फल, नींबू पानी, छाछ और ओआरएस लेने की सलाह भी दी गई है।  लखनऊ में सिग्नल पर लगाई गई हरी शेड राजधानी लखनऊ में गर्मी से राहत देने के लिए प्रशासन ने अलग-अलग प्रयोग शुरू कर दिए हैं. हजरतगंज इलाके में ट्रैफिक सिग्नलों के ऊपर हरे रंग की शेड लगाई गई है ताकि धूप में खड़े लोगों को कुछ राहत मिल सके. वहीं लखनऊ के ही 1090 चौराहे पर दिनभर पानी का छिड़काव कराया जा रहा है. कई जगह फॉगिंग जैसी व्यवस्था भी की गई है ताकि सड़कों का तापमान कम किया जा सके. गोंडा में बिजली विभाग के कर्मचारी ट्रांसफार्मरों को बचाने के लिए लगातार मशक्कत कर रहे हैं. एक ट्रांसफार्मर के पास बड़ा पंखा लगाया गया है और पाइप के जरिए लगातार पानी डाला जा रहा है ताकि वह ओवरहीट होकर खराब न हो जाए. बिजली विभाग के कर्मचारियों का कहना है कि हर आधे घंटे में कूलिंग करनी पड़ रही है. लगातार बढ़ती बिजली खपत ने मशीनों की परीक्षा भी बढ़ा दी है।  पूर्वी यूपी में सबसे ज्यादा खतरा मौसम विभाग ने पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई जिलों के लिए गंभीर हीटवेव की चेतावनी जारी की है. दिन के समय लू चलने और रात में भी गर्म हवाएं परेशान करने की संभावना जताई गई है. विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार कई दिनों तक रात में तापमान ऊंचा रहने से शरीर को रिकवरी का समय नहीं मिल पाता, जिससे बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है. अयोध्या में नौतपा का धार्मिक असर भी दिखाई दे रहा है. मंदिरों में भगवान को गर्मी से राहत देने के लिए विशेष पूजा और शीतल भोग लगाए जा रहे हैं. अयोध्या संत समिति के महामंत्री पवन दास शास्त्री ने बताया कि सनातन परंपरा में नौतपा का विशेष महत्व माना जाता है. उन्होंने कहा कि इस दौरान दान-पुण्य और पूजा-पाठ को विशेष फलदायी माना जाता है. वाराणसी में गर्मी से राहत पाने के लिए बच्चे गंगा नदी में तैराकी सीख रहे हैं. दरभंगा घाट पर आयोजित स्विमिंग कैंप में बड़ी संख्या में बच्चे पहुंच रहे हैं. अभिभावकों का कहना है कि इससे बच्चों को गर्मी से राहत भी मिल रही है और वे जरूरी लाइफ स्किल भी सीख रहे हैं। 

छत्तीसगढ़ तप रहा आग की तरह, नौतपा शुरू होते ही रायपुर में पारा 45°C

रायपुर नौतपा की शुरुआत के साथ ही छत्तीसगढ़ में गर्मी और ज्यादा बढ़ने वाली है। मौसम विभाग ने मध्य छत्तीसगढ़ के कई इलाकों में अगले 4 दिनों तक हीटवेव चलने की संभावना जताई है। राजधानी रायपुर में पारा 45 डिग्री तक पहुंच गया है। यहां रात में हवा भी हल्की गर्म चल रही है। फिलहाल प्रदेश में मौसम पूरी तरह शुष्क है और तापमान में कोई बड़ी गिरावट नहीं हुई है। बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश में अधिकतम तापमान में खास बदलाव नहीं हुआ।सबसे ज्यादा तापमान राजनांदगांव में 45.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान अंबिकापुर में 24 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। राजनांदगांव सबसे गर्म, अंबिकापुर सबसे ठंडा बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश में सबसे अधिक तापमान राजनांदगांव में 45.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। वहीं सबसे कम न्यूनतम तापमान अंबिकापुर में 24 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। मौसम विभाग के अनुसार नौतपा के शुरुआती दिनों में रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, बलौदाबाजार और महासमुंद जैसे जिलों में तेज धूप और लू का असर अधिक रहेगा। अगले 4 दिन तक राहत के आसार नहीं मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले 4 दिनों तक अधिकतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा। इसके बाद तापमान में 1 से 3 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट संभव है। हालांकि फिलहाल प्रदेश में सूखा और बेहद गर्म मौसम बना रहेगा। रायपुर के लिए जारी पूर्वानुमान में आसमान साफ रहने और दिनभर गर्म हवाएं चलने की संभावना जताई गई है। भीषण गर्मी से चमगादड़ों की मौत कोरबा जिले में भीषण गर्मी और हीटस्ट्रोक के कारण करीब 200 चमगादड़ों की मौत हो गई। पाली विकासखंड के नौकोनिया तालाब क्षेत्र में सैकड़ों चमगादड़ पेड़ों से गिरकर मर गए। वन विभाग ने लू के कारण उनकी मौत की पुष्टि की है। इलाके में तापमान 42 से 43 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है। स्वास्थ्य विभाग की एडवाइजरी जारी बिलासपुर में तापमान 44 डिग्री पहुंचने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने एडवाइजरी जारी की है। लोगों को दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक धूप में बाहर निकलने से बचने, ज्यादा पानी पीने और शरीर को हाइड्रेट रखने की सलाह दी गई है। बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं को विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है।

भीषण गर्मी के बीच झारखंड सरकार सख्त, सार्वजनिक जगहों पर मुफ्त पानी की व्यवस्था अनिवार्य

 रांची झारखंड में भीषण गर्मी और लू (हीटवेव) के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य के प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों सहित पंचायत प्रतिनिधियों को हाई अलर्ट पर रहने का निर्देश दिया है. मुख्यमंत्री ने जनहित को सर्वोपरि बताते हुए साफ किया है कि इस संकट की घड़ी में प्रशासन पूरी संवेदनशीलता, तत्परता और मानवीय दृष्टिकोण के साथ काम करें, ताकि राज्य के किसी भी नागरिक को पानी की किल्लत का सामना न करना पड़े. सार्वजनिक जगहों पर मुफ्त पानी की व्यवस्था का निर्देश मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य के सभी उपायुक्तों (DC), पुलिस अधीक्षकों (SP), थाना प्रभारियों, अंचलाधिकारियों (CO), प्रखंड विकास पदाधिकारियों (BDO) और पंचायत प्रतिनिधियों को कड़ा निर्देश जारी किया है. इसके तहत सभी सरकारी कार्यालयों के बाहर और प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर आम जनता और राहगीरों के लिए पेयजल (पीने के पानी) की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है. मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिया है कि पानी की व्यवस्था वाली जगहों पर स्पष्ट सूचना (साइनबोर्ड) भी प्रदर्शित की जाए, ताकि राहगीरों को इसकी जानकारी आसानी से मिल सके और उन्हें भीषण गर्मी में राहत मिले. जल संकट वाले इलाकों में तुरंत चापाकल मरम्मत के आदेश झारखंड में गहराते जल संकट पर काबू पाने के लिए मुख्यमंत्री ने सभी जिला उपायुक्तों को सीधी जिम्मेदारी सौंपी है. उन्होंने आदेश दिया है कि जहां कहीं भी पानी की किल्लत या संकट की स्थिति उत्पन्न हो रही है, वहां बिना किसी देरी के तत्काल टैंकरों के माध्यम से जलापूर्ति सुनिश्चित की जाए. इसके साथ ही गांवों और शहरों में खराब पड़े चापाकलों की तुरंत मरम्मत कराने और अन्य वैकल्पिक जल स्रोतों की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं. मुख्यमंत्री ने कहा- ‘पानी की कमी न हो सोशल मीडिया पर जारी अपने इस महत्वपूर्ण निर्देश में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने प्रशासनिक संवेदनशीलता पर जोर दिया है. उन्होंने कहा कि झारखंड के किसी भी गांव, टोला या मोहल्ले में पेयजल की कमी के कारण आम लोगों को परेशानी नहीं होनी चाहिए और इसे सुनिश्चित करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है. मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि इस भीषण गर्मी के दौर में आम जनता के हितों की रक्षा करना और उन्हें मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना ही सरकार और प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है.

बढ़ेगी लू, सूखेंगे खेत! अल नीनो-IOD से मौसम और अर्थव्यवस्था पर बड़ा संकट

 नईदिल्ली  इस साल गर्मी ने अभी से ही पसीना छुड़ाना शुरू कर दिया है, लेकिन आने वाले दिनों में हालात बेहद गंभीर हो सकते हैं. मौसम वैज्ञानिक चेतावनी दे रहे हैं कि इस बार ‘एल नीन्यो’ साधारण नहीं, बल्कि ‘सुपर एल नीन्यो’ के तौर पर दस्तक दे सकता है. वैज्ञानिकों की चेतावनी सच निकली तो तय मानिए, इस बार गर्मी के पिछले सारे रिकॉर्ड टूटने वाले हैं. ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि कौन है ‘एल नीन्‍यो’, जिसकी वजह से गर्मी का हाहाकार मचना शुरू हो गया है।  दरअसल, एल नीन्यो स्पेनिश भाषा का शब्द है, जिसका मतलब है ‘छोटा बच्चा’. यह नाम स्‍पेनिश जरूर है, लेकिन इसका सीधा संबंध दक्षिण अमेरिका से है, जहां कभी स्पेन का हुआ करता था. लेकिन सवाल यह है कि दक्षिण अमेरिका का यह ‘बालक’ भारत में गर्मी क्यों बढ़ा रहा है? इसका जवाब छिपा है प्रशांत महासागर की हवाओं और पानी के तापमान में. आमतौर पर यहां पूर्व से पश्चिम की ओर हवाएं चलती हैं, लेकिन एल नीन्यो आने पर यह सिस्टम उलट जाता है और पूरा समुद्र गर्म होने लगता है।  इस बार खतरा इसलिए ज्यादा है क्योंकि प्रशांत महासागर का पानी सामान्य से कहीं अधिक तेजी से गर्म हो रहा है. मध्य प्रशांत में तापमान 0.9 डिग्री सेल्सियस बढ़ चुका है और नीचे की सतह पर गर्म पानी का बड़ा भंडार जमा हो गया है. अगर यही तापमान 2 डिग्री या उससे ज्यादा हो जाता है, तो यह ‘सुपर एल नीन्यो’ कहलाएगा. पिछले 70 सालों में ऐसा केवल 1982, 1997 और 2015 में हुआ था. विशेषज्ञों का कहना है कि इस बार यह 150 साल का सबसे ताकतवर एल नीन्यो बन सकता है।  भारत पर इसका असर यह होगा कि मानसून कमजोर पड़ेगा, बारिश कम होगी और उत्तर, मध्य व पश्चिम भारत में भयंकर लू चलेगी. ग्लोबल वार्मिंग पहले ही पृथ्वी को गर्म कर रही है, ऐसे में सुपर एल नीन्यो धरती को भट्टी बना सकता है।      यहां से आया एल नीन्‍यो का नाम : यह नाम स्पेनिश भाषा के शब्द ‘एल नीन्यो’ से लिया गया है, जिसका शाब्दिक अर्थ होता है ‘छोटा बच्चा’ या ‘बालक’. दरअसल, दक्षिण अमेरिका के अधिकांश देशों पर कभी स्पेन का राज था, इसलिए वहां की मुख्य भाषा स्पेनिश है. मछुआरों ने देखा कि क्रिसमस के आसपास समुद्र का पानी असामान्य रूप से गर्म हो जाता था, तो उन्होंने इसे मसीह के शिशु रूप से जोड़कर ‘एल नीन्यो’ नाम दे दिया. दिलचस्प बात यह है कि इस नाम का भारत से कोई सीधा संबंध नहीं है, लेकिन इस मौसमी घटना का असर हजारों किलोमीटर दूर हमारे देश पर भी पड़ता है।  यह नाम धीरे-धीरे पूरी दुनिया में मशहूर हो गया।      सामान्य दिनों में प्रशांत महासागर की हवाएं: सामान्य परिस्थितियों में प्रशांत महासागर में ‘ट्रेड विंड्स’ नामक हवाएं पूर्व (दक्षिण अमेरिका) से पश्चिम (एशिया और ऑस्ट्रेलिया) की ओर चलती हैं. ये हवाएं समुद्र की सतह के गर्म पानी को पश्चिम की ओर धकेलती रहती हैं. इस वजह से इंडोनेशिया, फिलीपींस और ऑस्ट्रेलिया के पास का पानी का तापमान लगभग 30 डिग्री तक पहुंच जाता है, जबकि दक्षिण अमेरिका के पेरू और एक्वाडोर के तट का पानी ठंडा रहता है. यहां पर इसका तापमान करीब 20 डिग्री तक रहता है. वहां ठंडा पानी नीचे से ऊपर आता रहता है. यही सामान्य स्थिति दुनिया भर के मौसम को संतुलित रखने में मदद करती है।      एल नीन्यो आने पर होने वाले बदलाव: जब एल नीन्यो आता है, तो ट्रेड विंड्स यानी पूर्व से पश्चिम चलने वाली हवाएं कमजोर पड़ जाती हैं या रुक जाती हैं. मानो किसी ने पंखे का स्विच ऑफ कर दिया हो. अब गर्म पानी जो पश्चिम (एशिया के पास) में जमा था, वह वापस पूर्व की ओर यानी दक्षिण अमेरिका की तरफ बहने लगता है. इससे पूरे प्रशांत महासागर का तापमान असामान्य रूप से 0.5 डिग्री या उससे अधिक बढ़ जाता है. यह गर्म पानी अपने ऊपर की हवा को भी गर्म करता है. गर्म हवा ऊपर उठती है, जिससे दक्षिण अमेरिका में भारी बारिश होती है, लेकिन एशिया की तरफ बादल नहीं आ पाते हैं।      ‘छोटा बच्चा’ करेगा भारत को गर्म : भारत का मानसून मुख्य रूप से दक्षिण-पश्चिम हवाओं पर निर्भर करता है, जो अरब सागर और हिंद महासागर से नमी लेकर आती हैं. लेकिन एल नीन्यो होने पर प्रशांत महासागर में गर्म पानी की वजह से हवा का पूरा पैटर्न बदल जाता है. वे हवाएं जो भारत की तरफ नमी लाती हैं, कमजोर पड़ जाती हैं या अपना रास्ता बदल लेती हैं. नतीजतन, भारत के ऊपर बादल नहीं बनते, आसमान साफ रहता है. अप्रैल-जून में सूरज की तेज किरणें सीधे जमीन पर पड़ती हैं और कोई छांव नहीं होती. यही कारण है कि उत्तर भारत, राजस्थान, दिल्ली, यूपी, मध्य प्रदेश जैसे इलाके भट्टी की तरह गर्म हो जाते हैं।      बड़ी बला से कम नहीं ‘सुपर एल नीन्यो’: सुपर एल नीन्यो साधारण एल नीन्यो का बेहद खतरनाक रूप होता है. इसे तब कहा जाता है, जब मध्य प्रशांत महासागर में समुद्र की सतह का पानी सामान्य तापमान से 2 डिग्री सेल्सियस या उससे भी अधिक गर्म हो जाए. 1950 के बाद ऐसा केवल तीन बार हुआ है. 1982, 1997 और 2015 में. हर बार इसने दुनिया भर में भीषण सूखा, बाढ़ और असहनीय गर्मी जैसी मौसमी आपदाएं पैदा कीं. इस बार वैज्ञानिक देख रहे हैं कि पानी का तापमान रिकॉर्ड तेजी से बढ़ रहा है, जिससे डर है कि यह 150 साल का सबसे शक्तिशाली सुपर एल नीन्यो बन सकता है।  सुपर एल नीन्‍यो आया तो क्‍या होगा उसका असर     कैसा है इस बार का सुपर एल नीन्यो: इस बार की खासियत यह है कि प्रशांत महासागर में न केवल सतह का पानी गर्म हो रहा है, बल्कि सतह के नीचे गर्म पानी का एक विशाल भंडार बन चुका है. यह भंडार लगातार 6 महीने से बढ़ रहा है और अब ऊपर आ रहा है. मध्य प्रशांत में साप्ताहिक तापमान पहले ही +0.9 डिग्री सेल्सियस पहुंच चुका है. वैज्ञानिकों के मुताबिक, जब यह नीचे का गर्म पानी पूरी तरह ऊपर आ जाएगा, तो तापमान 2 डिग्री के पार जा सकता … Read more

पंजाब में डबल हीट अटैक से लोग परेशान, दिन-रात बढ़ी गर्म हवाओं की मार

चंडीगढ़. चंडीगढ़. पिछले 4 दिनों से रोजाना बढ़ रहा तापमान अब लोगों के लिए परेशानी बन गया है। लगातार बढ़ रहा तापमान बुधवार को मई महीने में चंडीगढ़ में 5वां सबसे गर्म दिन दर्ज किया गया। चंडीगढ़ में पारा 44 डिग्री को पार कर 44.4 डिग्री पर पहुंच गया। सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक लू ने लोगों से घरों, ऑफिस और दुकानों से बाहर निकलने से बचने की अपील की है। दोपहर ही नहीं, रात में भी गर्मी का असर महसूस हो रहा है, क्योंकि पारा 25 डिग्री से नीचे नहीं जाने वाला है। मौसम विभाग के मुताबिक, आने वाले दिनों में भी राहत नहीं मिलने वाली है क्योंकि तापमान लगातार बढ़ता रहेगा। सुबह 10 बजे ही 40 डिग्री, 3 घंटे तक 43 से ऊपर तापमान बुधवार को सुबह 10 बजे ही तापमान 40 डिग्री को पार कर गया था। दोपहर 1 बजे तापमान 43 डिग्री को पार कर गया और दोपहर 2:45 बजे तापमान 44.4 डिग्री तक पहुंच गया। शाम 4 बजे के बाद ही पारा 43 डिग्री से नीचे गिरने लगा। जानें आने वाले दिनों में कैसे रहेंगे हालात 19 मई- फाजिल्का, मुक्तसर, फरीदकोट, बठिंडा और मानसा जिलों में लू का यलो अलर्ट रहेगा। इन जिलों में दिन के समय तेज गर्म हवाएं चलने की संभावना है। 20 मई- लू का असर और बढ़ सकता है। इस दिन अमृतसर, तरनतारन, गुरदासपुर, फिरोजपुर, फाजिल्का, मुक्तसर, फरीदकोट, मोगा, बठिंडा, मानसा, बरनाला, संगरूर, लुधियाना, जालंधर, कपूरथला, होशियारपुर, नवांशहर, रूपनगर, मोहाली और पटियाला सहित अधिकांश जिलों में लू चलने की चेतावनी जारी की गई है। 21 मई- पंजाब के ज्यादातर हिस्सों में गर्म हवाओं का असर बना रहेगा। अमृतसर, गुरदासपुर, तरनतारन, कपूरथला, जालंधर, होशियारपुर, नवांशहर, रूपनगर, मोहाली, पटियाला, लुधियाना, मोगा, बठिंडा, मानसा, संगरूर, फिरोजपुर, फरीदकोट और फाजिल्का जिलों में लू का यलो अलर्ट रहेगा। 22 मई- राहत मिलने के आसार कम दिखाई दे रहे हैं। मौसम विभाग ने राज्य के अधिकतर जिलों में लू की स्थिति बने रहने की संभावना जताई है। खासकर सीमावर्ती और मालवा क्षेत्र के जिलों में गर्मी ज्यादा परेशान कर सकती है। लू से रखें खुद का ध्यान विशेषज्ञों ने लोगों को दोपहर के समय घर से बाहर निकलने से बचने, पर्याप्त मात्रा में पानी पीने और बच्चों तथा बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी है। लगातार बढ़ते तापमान के कारण बिजली की मांग और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी बढ़ने लगी हैं। मौसम विभाग का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक गर्मी से राहत मिलने की संभावना बेहद कम है।

लू के थपेड़ों से पंजाब बेहाल, बठिंडा में पारा 47 डिग्री पार; मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट

पटियाला  पंजाब में भीषण गर्मी का प्रकोप जारी है। लू चलने से सोमवार को भीषण गर्मी रही। इससे राज्य के तापमान में 2.3 डिग्री की वृद्धि दर्ज की गई। पारा अब सामान्य से 3.1 डिग्री ऊपर पहुंच गया है। 47 डिग्री के तापमान के साथ बठिंडा राज्य में सबसे गर्म रहा। मौसम विभाग ने मंगलवार को फिरोजपुर, फाजिल्का, फरीदकोट, मुक्तसर, मोगा, बठिंडा, लुधियाना, बरनाला, मानसा और संगरूर में लू चलने का अलर्ट जारी किया है। बुधवार से लू पूरे पंजाब को अपनी चपेट में ले लेगी। विभाग के मुताबिक आने वाले दिनों में तापमान में 2 से 3 डिग्री की वृद्धि दर्ज की जा सकती है। सोमवार को पटियाला का पारा 44 डिग्री दर्ज हुआ, जो सामान्य से 4.5 डिग्री ऊपर रहा। पटियाला में लू की स्थिति रही। अमृतसर का अधिकतम पारा 42.0 डिग्री, लुधियाना का 42.2 डिग्री, पटियाला का 44.0 डिग्री, पठानकोट का 40.9 डिग्री, फाजिल्का का 42.6 डिग्री, फिरोजपुर का 42.0 डिग्री, एसबीएस नगर का 39.9 डिग्री, गुरदासपुर का 42.0 डिग्री, होशियारपुर का 40.0 डिग्री और रूपनगर का 42.3 डिग्री दर्ज किया गया। वहीं पंजाब के न्यूनतम तपमान में 0.3 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। यह फिलहाल सामान्य के नजदीक बना है। सबसे कम 20.4 डिग्री का न्यूनतम पारा पठानकोट का दर्ज किया गया। अमृतसर का न्यूनतम पारा 24.7 डिग्री, लुधियाना का 25.0 डिग्री, पटियाला का 26.0 डिग्री, बठिंडा का 20.3 डिग्री, फिरोजपुर का 22.7 डिग्री, होशियारपुर का 21.1 डिग्री और रूपनगर का 20.9 डिग्री दर्ज किया गया।  मौसम विभाग द्वारा जारी ताजा पूर्वानुमान में 19 मई से 22 मई तक लू चलने की चेतावनी दी गई है। दिन के समय तेज धूप और गर्म हवाएं लोगों की परेशानी बढ़ाएंगी, वहीं रात के तापमान में भी लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद कम दिखाई दे रही है। मौसम विभाग के स्थानीय मौसम पूर्वानुमान के अनुसार, 19 मई को अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। इस दिन दोपहर और शाम के समय तेज सतही हवाओं के साथ हीट वेव की स्थिति बनी रहेगी। विभाग ने साफ तौर पर चेतावनी दी है कि दोपहर के समय बिना जरूरत घर से बाहर निकलना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है। 20 मई को भी गर्मी से राहत मिलने के कोई संकेत नहीं हैं। इस दिन अधिकतम तापमान 44 डिग्री और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने दोपहर और शाम के समय हीट वेव जारी रहने की चेतावनी दी है। लगातार गर्म हवाएं चलने से लोगों को लू के थपेड़ों का सामना करना पड़ेगा। 21 मई को तापमान में मामूली गिरावट के बावजूद गर्मी का असर बरकरार रहेगा। अधिकतम तापमान 43 डिग्री और न्यूनतम 27 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। विभाग के मुताबिक इस दिन भी दोपहर और शाम के समय हीट वेव की स्थिति बनी रहेगी। आर्द्रता 50 प्रतिशत से 35 प्रतिशत तक रह सकती है, जिससे उमस भी लोगों की परेशानी बढ़ाएगी। 22 मई को भी हालात लगभग समान बने रहेंगे। मौसम विभाग ने अधिकतम तापमान 43 डिग्री और न्यूनतम 27 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान जारी किया है। पूरे दिन गर्म हवाएं चलने की संभावना है। हालांकि 23 मई से मौसम में कुछ बदलाव देखने को मिल सकता है और आसमान मुख्यतः साफ रहने की संभावना जताई गई है। तेज हवाओं के कारण फिलहाल वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) में कोई बड़ा बदलाव नहीं देखा गया है और स्थिति अभी गंभीर श्रेणी में नहीं पहुंची है। बावजूद इसके विशेषज्ञों ने बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। डॉक्टरों का कहना है कि लगातार पानी पीते रहें, धूप में निकलने से बचें और शरीर को हाइड्रेट रखें ताकि लू और डिहाइड्रेशन से बचाव किया जा सके।   

तपेगा पंजाब-चंडीगढ़! पारा 4 डिग्री तक चढ़ने की चेतावनी, मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट

चंडीगढ़  पंजाब और चंडीगढ़ में गर्मी ने तेवर दिखाने शुरू कर दिए है। आज से अगले 6 दिन लगातार हीटवेव चलेगी। मौसम विज्ञान केंद्र चंडीगढ़ ने पांच जिलों फाजिल्का, फरीदकोट, मुक्तसर, बठिंडा और मानसा में हीटवेव का यलो अलर्ट जारी किया है। इस दौरान मौसम ड्राई बना रहेगा। तापमान में रविवार की तुलना में 1.2 डिग्री की बढ़ोतरी हुई है। अब यह सामान्य के करीब बना हुआ है। सबसे अधिक तापमान बठिंडा में 43.1 डिग्री दर्ज किया गया है। वहीं, गर्मी बढ़ने के साथ ही बिजली की डिमांड भी बढ़ गई है। राज्य में सुबह ही बिजली की डिमांड 10738 मेगावाट पर पहुंच गई है। इस दौरान 7412 मैगावाट बिजली केंद्रीय पूल और 3343 मेगावाट बिजली पंजाब खुद उत्पादन कर रहा है। 22 से 30 मई के बीच दस्तक दे सकता मानसून मौसम विभाग के मुताबिक, इस साल मानसून के 26 मई के आसपास केरल पहुंचने की संभावना है। हालांकि इसमें 4 दिन आगे-पीछे का फर्क हो सकता है। यानी मानसून 22 से 30 मई के बीच कभी भी दस्तक दे सकता है। साथ ही, एक पश्चिमी विक्षोभ ईरान के ऊपर सक्रिय है। इसका असर आगे चलकर उत्तर भारत के मौसम पर पड़ सकता है, जिससे कुछ इलाकों में आंधी, बारिश या तेज हवाएं चलने की संभावना बन सकती है। उत्तर-पश्चिमी दिशा से गर्म हवाएं आ रही हैं। इस वजह से गर्मी बढ़ेगी। न्यूनतम तापमान में भी बढ़ोतरी रविवार को पंजाब के तापमान में 1.2 डिग्री की वृद्धि दर्ज की गई। फिलहाल यह सामान्य के नजदीक बना हुआ है। पंजाब में 43.1 डिग्री के साथ बठिंडा सबसे गर्म रहा। पंजाब के न्यूनतम तापमान में भी 0.4 डिग्री की वृद्धि दर्ज की गई। यह सामान्य से 1.6 डिग्री ऊपर हो गया है। सबसे कम 12.9 डिग्री का न्यूनतम पारा रूपनगर का दर्ज किया गया। अमृतसर का अधिकतम पारा 39.9 डिग्री, लुधियाना का 41.6 डिग्री, पटियाला का 42.0 डिग्री, पठानकोट का 40.6 डिग्री, फाजिल्का का 39.5 डिग्री, फरीदकोट का 41.9 डिग्री और रूपनगर का 39.2 डिग्री दर्ज किया गया। वहीं अमृतसर का न्यूनतम पारा 24.2 डिग्री, लुधियाना का भी 24.2 डिग्री, पटियाला का 25.8 डिग्री, पठानकोट का 24.2 डिग्री, बठिंडा का 26.6 डिग्री, फिरोजपुर का 25.7 डिग्री, होशियारपुर का 19.8 डिग्री दर्ज किया गया। 22 से 25 जून के बीच दस्तक दे सकता है मानसून पंजाब में मानसून 22 से 25 जून के बीच दस्तक दे सकता है। मौसम विभाग के चंडीगढ़ केंद्र के डायरेक्टर सुरिंदर पाल ने बताया कि अगर स्थितियां अनुकूल रहीं, तो मानसून 22 से 25 जून के बीच पंजाब में दाखिल हो सकता है। उन्होंने बताया कि भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार इस साल पंजाब में सामान्य से कम बारिश रहने का अनुमान है। माहिरों के मुताबिक इससे सिंचाई के लिए ट्यूबवैल व अन्य विकल्पों पर निर्भरता बढ़ सकती है। 42 डिग्री तक तपेगा चंडीगढ़  गर्मी ने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। रविवार को चंडीगढ़ का अधिकतम तापमान 40.3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया जो सामान्य से 1.4 डिग्री अधिक है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में शहर में तीखी धूप और लू की चेतावनी दी है। मौसम विभाग के निदेशक सुरिंदर पाल के अनुसार अगले पांच दिनों तक चंडीगढ़ में तापमान साफ रहेगा। बारिश की कोई संभावना नहीं है। अब पारा 42 डिग्री तक पहुंचेगा। 18 से 21 मई तक अधिकतम तापमान 41 डिग्री और 22 मई को यह बढ़कर 42 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। न्यूनतम तापमान 25 से 26 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है जिससे रातों में गर्माहट बनी रहेगी। उन्होंने बताया कि चंडीगढ़ के अलग-अलग हिस्सों में अगले सात दिनों के लिए लू का अलर्ट है। पिछले 24 घंटों की तरह आगामी दिनों में भी पूरे क्षेत्र में मौसम पूरा शुष्क बना रहेगा। पठानकोट के तापमान में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी राज्य में रविवार को 6 जिलों का तापमान 40 डिग्री से अधिक दर्ज किया गया, जबकि 4 जिलों का तापमान 35 से 40 डिग्री के बीच रहा। सबसे अधिक तापमान बठिंडा एयरपोर्ट पर 43.1 डिग्री दर्ज किया गया। चंडीगढ़ में 40.3 डिग्री, लुधियाना में 41.6 डिग्री, पटियाला में 42 डिग्री, पठानकोट में 40.6 डिग्री और बठिंडा में 41.2 डिग्री दर्ज किया गया। वहीं अमृतसर में 39.9 डिग्री, फाजिल्का में 39.5 डिग्री, मोहाली में 38.9 डिग्री और रूपनगर में 39.2 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। तापमान में सबसे ज्यादा 3.2 डिग्री की बढ़ोतरी पठानकोट में दर्ज की गई। इसके अलावा चंडीगढ़ में 1.3 डिग्री, अमृतसर में 1.7 डिग्री, लुधियाना में 1.8 डिग्री, पटियाला में 1.2 डिग्री, बठिंडा में 0.6 डिग्री, फाजिल्का में 0.5 डिग्री, मोहाली में 1.4 डिग्री और रूपनगर में 0.5 डिग्री की बढ़ोतरी हुई। वहीं फरीदकोट में 0.7 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। अगले 4 दिन तापमान बढ़ेगा मौसम विज्ञान केंद्र के डायरेक्टर सुरेंद्र पाल के मुताबिक, राज्य में अगले कुछ दिनों तक मौसम शुष्क रहने की संभावना है, यानी बारिश के आसार नहीं हैं। अगले चार दिनों में दिन के तापमान में करीब 3 से 4 डिग्री तक धीरे-धीरे बढ़ोतरी हो सकती है। इसके बाद तापमान में ज्यादा बदलाव नहीं होगा। कुछ इलाकों में लू चलने की संभावना है।