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मध्यप्रदेश में हीट वेव का कहर: मंदसौर में ट्रांसफॉर्मर ठंडा रखने के लिए लगाए गए कूलर

भोपाल  देश के अधिकांश राज्यों में भीषण गर्मी का दौर चल रहा है। इसमें मध्य प्रदेश भी शामिल है। प्रदेश के कुछ इलाकों में पारा 45 पार तक जा रहा है। मालवा में दो दिन पहले जहां पारा 46 डिग्री से अधिक दर्ज किया गया था, वहीं अब बुंदेलखंड में सबसे अधिक पारा दर्ज किया गया है। बता दें कि लगभग पूरा प्रदेश गर्मी की चपेट में है और अधिकांश इलाकों में भीषण लू झुलसा रही है। मौसम विभाग के अनुसार यह दौरान मई से जून तक चलेगा। फिलहाल 4 दिन प्रदेश में पारा और चढ़ने व रात में भी गर्म हवाओं का दौर चलेगा। कूलर-एसी भी राहत नहीं दे पाएंगे। इंदौर, उज्जैन-धार में वॉर्म नाइट की चेतावनी है। इस दौरान गर्म हवाएं चलेंगी। झाबुआ, आलीराजपुर, बड़वानी, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर, हरदा, नर्मदापुरम, देवास, सीहोर, शाजापुर, आगर-मालवा और राजगढ़ में भी लू चलेगी। मंदसौर में तेज गर्मी और बढ़ते बिजली लोड के कारण ट्रांसफॉर्मरों पर दबाव बढ़ गया है। हालात ऐसे हैं कि बिजली सप्लाई सुचारू रखने के लिए बड़े ट्रांसफॉर्मरों को कूलर लगाकर ठंडा रखना पड़ रहा है। मध्य प्रदेश में 15 मई से 18 मई तक प्रदेश के कई जिलों में लू चलने की संभावना जताई गई है। सूरज की सीधी किरणों और पड़ोसी राज्यों से सीधी रेगिस्तानी गर्म हवाएं एमपी में आने के कारण यहां भीषण गर्मी का दौर चल रहा है। आगामी दिनों में तापमान और ऊपर जाने की संभावना है। आईएमडी बुलेटिन के अनुसार अगले 4 दिन प्रदेश में मौसम इस तरह रहेगा। प्रदेश में कहां कितना तापमान     खजुराहो – 45.4°C     रतलाम – 45.2°C     धार – 45.0°C     नौगांव – 44.9°C     विदिशा – 44.8°C सबसे कम न्यूनतम तापमान     पचमढ़ी – 19.4°C     अमरकंटक – 20.7°C     मंडला – 23.2°C 15 मई को भोपाल, धार, रतलाम, उज्जैन, देवास में तीव्र लू का अलर्ट है। इसी प्रकार विदिशा, राजगढ़, रीवा, सतना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, नर्मदापुरम, हरदा, बुरहानपुर खंडवा, शिपुरी, अशोकनगर, गुना, नीमच, मंदसौर, आगर, शाजापुर, झाबुआ, श्योपुरकला, सिंगरौली, सीधी, रीवा, गवालियर, दतिया, भिंड, मुरैना सहित प्रदेश के अधिकांश जिलों में हीट वेव का यलो अलर्ट है।     16 से 18 मई तक कैसे रहेंगे हाल ग्वालियर-चंबल, बुंदेलखंड और मालवा क्षेत्र में तेज गर्म हवाओं का असर कई जिलों में तापमान 44 से 46 डिग्री तक पहुंचने की संभावना। इसमें सबसे ज्यादा गर्म क्षेत्रों में धार, इंदौर, रतलाम, उज्जैन सहित आसपास के इलाके में भीषण लू का अलर्ट रहेगा। वहीं पूरे प्रदेश में गर्म हवाएं और हीटवेव का असर दिखेगा।     बारिश की संभावना नहीं, तापमान बढ़ेगा मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक पश्चिमी और उत्तरी हवाओं के प्रभाव से प्रदेश में शुष्क और गर्म मौसम बना हुआ है। फिलहाल बारिश की संभावना बेहद कम है, जबकि अगले कुछ दिनों तक तापमान में और बढ़ोतरी हो सकती है।     वार्म नाइट का इन जिलों में अलर्ट है आईएमडी बुलेटिन के अनुसार प्रदेश के धार, इंदौर, उज्जैन, रतलाम, देवास और गुना में रात में भी गर्म हवाओं का प्रकोप रहेगा। यहां वार्म नाइट का अलर्ट भी दिया गया है।

खजुराहो में पारा 46 पार, 10 साल का रिकॉर्ड टूटा; एमपी में भीषण गर्मी, लू और आंधी-बारिश का अलर्ट जारी

भोपाल /जबलपुर  मध्य प्रदेश में गर्मी ने इस बार सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं. पर्यटन स्थल खजुराहो में तापमान 46 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो पिछले 10 सालों में सबसे अधिक बताया जा रहा है. इस भीषण गर्मी ने न सिर्फ आम जनजीवन को प्रभावित किया है, बल्कि स्वास्थ्य और प्रशासन दोनों के लिए बड़ी चुनौती बन गई है. हालात ऐसे हैं कि दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा पसरा हुआ है और लोग घरों में कैद रहने को मजबूर हैं. मौसम विभाग के अनुसार, अगले 24 से 48 घंटों में कुछ इलाकों में बारिश और तेज हवाओं के कारण तापमान में गिरावट संभव है. इससे लोगों को थोड़ी राहत मिल सकती है।  तेज गर्मी के बीच मौसम में बदलाव के संकेत भी मिल रहे हैं। मौसम विभाग के अनुसार, 1 मई तक प्रदेश में गर्मी के साथ कहीं-कहीं बारिश होने की संभावना है। यह बदलाव साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ट्रफ के सक्रिय होने के कारण होगा। साथ ही, 28 अप्रैल से लू के प्रभाव में कुछ कमी आने के आसार हैं। मंगलवार को छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, मंडला और बालाघाट जिलों में लू चलने की संभावना जताई गई है। वहीं, ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना और रीवा में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं और बारिश हो सकती है। बीते सोमवार को प्रदेश के कई शहरों में तापमान 44 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया। खजुराहो (46.0 डिग्री) और नौगांव (45.5 डिग्री) के अलावा श्योपुर और दतिया समेत 13 शहरों में पारा 44 डिग्री से ऊपर दर्ज हुआ। राजधानी भोपाल और ग्वालियर में 43.4 डिग्री, इंदौर में 42.0 डिग्री, उज्जैन में 42.4 डिग्री और जबलपुर में 42.7 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया। खजुराहो में अब तक 10 साल का रिकॉर्ड टूट चुका है और अगर तापमान इसी तरह बढ़ता रहा तो ऑल-टाइम रिकॉर्ड भी टूट सकता है। यहां 29 अप्रैल 1993 को अधिकतम तापमान 46.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। गर्मी को देखते हुए मौसम विभाग ने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। दिनभर पर्याप्त पानी पीने, शरीर को हाइड्रेट रखने, दोपहर में धूप से बचने और हल्के रंग के सूती कपड़े पहनने की सलाह दी गई है। खासतौर पर बच्चों और बुजुर्गों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है। इन जिलों में लू का अलर्ट मंगलवार को जिन जिलों में लू का अलर्ट है, उनमें छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, मंडला और बालाघाट शामिल हैं। 12 जिलों में आंधी-बारिश की चेतावनी ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना और रीवा में गरज-चमक और आंधी के साथ बारिश होने की संभावना है। 13 शहरों में पारा 44 डिग्री के पार सोमवार को खजुराहो (46.0 डिग्री) और नौगांव (45.5 डिग्री) के अलावा श्योपुर और दतिया समेत कुल 13 शहरों में अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस या उससे ज्यादा दर्ज किया गया। भोपाल और ग्वालियर में 43.4 डिग्री, इंदौर में 42.0 डिग्री, उज्जैन में 42.4 डिग्री और जबलपुर में पारा 42.7 डिग्री रहा। खजुराहो में ऑल-टाइम रिकॉर्ड टूटने का डर खजुराहो में 10 साल का रिकॉर्ड तो टूट ही चुका है, अब ओवरऑल रिकॉर्ड टूटने की भी आशंका है। मौसम विभाग के मुताबिक, खजुराहो में 29 अप्रैल 1993 को दिन का तापमान 46.9 डिग्री सेल्सियस रहा था। यदि गर्मी का दौर इसी तरह जारी रहा तो यह रिकॉर्ड भी टूट सकता है। दमोह में आंधी-बारिश से दीवार गिरी, दबने से महिला की मौत दमोह में सोमवार शाम आंधी-बारिश से एक कच्ची दीवार गिर गई। इसमें दबने से पड़ोस में रहने वाली 48 वर्षीय रागिनी पटैरिया नाम की महिला की मौत हो गई। महिला घर के पास रखे कंडे ढंकने गई थी, तभी यह हादसा हुआ। घटना रनेह थाना क्षेत्र के महुआ खेड़ा गांव की है। गर्मी से बचाव के लिए एडवाइजरी गर्मी का असर बढ़ते ही मौसम विभाग ने लोगों के लिए बचाव एडवाइजरी भी जारी की है। लोगों से कहा गया है कि वे दिनभर पर्याप्त पानी पिएं और शरीर को हाइड्रेट रखें। दोपहर के समय लंबे समय तक धूप में न रहें। हलके वजन और रंग के सूती कपड़े पहनें। बच्चे और बुजुर्ग खासतौर पर अपना ध्यान रखें। अप्रैल में पड़ती है तेज गर्मी मौसम विभाग के अनुसार, जिस तरह दिसंबर-जनवरी में सर्दी और जुलाई-अगस्त में सबसे ज्यादा बारिश होती है, उसी तरह गर्मी के दो प्रमुख महीने अप्रैल और मई हैं। अप्रैल में तेज गर्मी पड़ती है।

भीषण हीटवेव से पंजाब बेहाल, हेल्थ डिपार्टमेंट अलर्ट पर, एडवाइजरी जारी

कपूरथला. शहरवासियों को  शुक्रवार को भीषण गर्मी और लू के थपेड़ों ने झुलसा दिया पिछले कुछ दिनों से बढ़ रही तपिश ने आम जनजीवन को अस्तव्यस्त कर दिया है। दोपहर के समय लोगों का घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। हालात ऐसे बन गए हैं कि बाजारों में सन्नाटा छाने लगा है। सुबह और शाम के समय जहां कुछ चहल-पहल नजर आती है, वहीं दोपहर के समय मुख्य बाजार, सड़कें और सार्वजनिक स्थान लगभग खाली दिखाई देते हैं। मौसम विभाग के अनुसार जिले में तापमान लगातार बढ़ रहा है और यह 40 से 42 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच गया है। आने वाले दिनों में तापमान में और वृद्धि हो सकती है, जिससे लोगों को और अधिक परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण लोग जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं। भीषण गर्मी का असर सिर्फ आम जनजीवन पर ही नहीं, बल्कि बाजारों और छोटे व्यापारियों पर भी पड़ रहा है। दुकानदारों का कहना है कि दोपहर के समय ग्राहक न के बराबर आते हैं, जिससे कारोबार प्रभावित हो रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने भी बढ़ती गर्मी को देखते हुए एडवाइजरी जारी की है। विभाग के अनुसार इस मौसम में लापरवाही बरतना खतरनाक साबित हो सकता है। खासकर बच्चे, बुजुर्ग और पहले से बीमार लोग लू की चपेट में जल्दी आ सकते हैं। सिविल अस्पताल के चिकित्सकों ने बताया कि इन दिनों हीट स्ट्रोक और डिहाइड्रेशन के मामलों में बढ़ोतरी देखी जा रही है। डिहाइड्रेशन से बचाव जरूरी एसएमओ डॉ. परमिंदर कौर का कहना है कि शरीर में पानी की कमी से कई स्वास्थ्य समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। इसलिए लोगों को दिनभर में पर्याप्त मात्रा में पानी पीना चाहिए। नींबू पानी, छाछ, लस्सी, नारियल पानी और अन्य तरल पदार्थ शरीर को ठंडा रखने में मदद करते हैं। इसके अलावा अत्यधिक मीठे और कार्बोनेटेड पेय पदार्थों से दूरी बनाकर रखना चाहिए। लू के लक्षण और सावधानियां लू लगने पर सिरदर्द, चक्कर आना, उल्टी, तेज बुखार, कमजोरी और शरीर में ऐंठन जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। ऐसे लक्षण महसूस होने पर तुरंत चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए। डॉक्टरों ने सलाह दी है कि दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक धूप में निकलने से बचें, हल्के और ढीले कपड़े पहनें तथा सिर को ढककर रखें। प्रशासन ने भी लोगों से अपील की है कि वे अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलें और स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। यदि इसी तरह तापमान बढ़ता रहा, तो आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है।

भीषण गर्मी का असर: डायरिया-डिसेंट्री के मरीज बढ़े, हेल्थ डिपार्टमेंट अलर्ट मोड में

चंडीगढ़. शहर में बदलते मौसम और बढ़ती गर्मी के बीच पेट में इन्फेक्शन और फ्लू के मामलों में थोड़ी बढ़ोतरी हुई है। हेल्थ डिपार्टमेंट के पिछले 10 दिनों के डेटा के मुताबिक, डायरिया के 42 मरीज अस्पतालों में भर्ती हुए हैं। OPD में एक्यूट रेस्पिरेटरी इन्फेक्शन (ARI) के 226 मरीज रजिस्टर हुए, जबकि 45 मरीजों को भर्ती करना पड़ा। हेल्थ डिपार्टमेंट के अधिकारियों के मुताबिक, गर्मी बढ़ने के साथ ऐसे मामलों में बढ़ोतरी आम बात है। गंदा पानी, बाहर का खाना और तापमान में बदलाव इसके मुख्य कारण माने जा रहे हैं। इसी वजह से डिपार्टमेंट ने गर्मी को लेकर एडवाइजरी जारी की है। एडवाइजरी में लोगों से शरीर में पानी की कमी न होने देने पर जोर दिया गया है। दिन भर बार-बार पानी पीने, सफर में पानी साथ रखने और नींबू पानी, लस्सी और नारियल पानी जैसे ड्रिंक्स का सेवन करने की सलाह दी गई है। तरबूज, खीरा और संतरा जैसे पानी से भरपूर फल खाने की भी सलाह दी गई है। धूप से बचाव जरूरी लोगों को सलाह दी गई है कि वे सीधी धूप में बाहर न निकलें, हल्के और ढीले कॉटन के कपड़े पहनें और सिर ढककर रखें। उन्हें दोपहर में बाहर जाने से बचने के लिए कहा गया है। दिन में घर की खिड़कियां और पर्दे बंद रखने और रात में खोलने के भी निर्देश दिए गए हैं। 

तपता Jalandhar: 40.2 डिग्री पर पहुंचा तापमान, पावर कट ने लोगों की मुश्किलें बढ़ाईं

जालंधर. सीजन का मंगलवार का दिन सबसे गर्म दिन रिकार्ड किया गया। तापमान अब तक का सर्वाधिक 40.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। न्यूनतम तापमान 19.6 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम विभाग ने वीरवार और शुक्रवार को लू चलने को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है। वहीं इस बीच तापमान 40 से 42 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। वहीं 27 अप्रैल को आंशिक रूप से बादल छाए रहने के साथ-साथ वर्षा होने की संभावना जताई है। गर्मी के साथ ही शहर में पानी की किल्लत बढ़ने लगी है। कई इलाकों में लोग पानी न आने से परेशान रहे। बिजली के कटों ने दिक्कत और बढ़ा दी है। पावरकाम ने अगले पांच दिन लंबे बिजली कट लगाने की घोषणा की है। इससे दोपहर को पानी की सप्लाई प्रभावित, होगी क्योंकि ट्यूबवेल नहीं चल पाएंगे। नगर निगम ने इस कारण सुबह-शाम एक-एक घंटा पानी की सप्लाई का समय बढ़ा दिया है। सोमवार को गुरु अमरदास नगर में पानी की किल्लत दूर हुई तो न्यू इंदिरा कालोनी में पानी की सप्लाई को लेकर नाराजगी सामने आई है। अब मंगलवार को वार्ड नंबर दो के तहत आते बचिंत नगर और परशुराम नगर में पानी की कमी के खिलाफ लोगों ने प्रदर्शन किया। वहीं नगर निगम की लेटलतीफी से भी लोग पानी की कमी झेल रहे हैं। करीब 35 ट्यूबवेल लगाए जा चुके हैं, लेकिन बिजली के कनेक्शन न होने की वजह से यह शुरू नहीं किए जा सके। इनमें न्यू इंदिरा कालोनी में 11 महीने पहले लगा ट्यूबवेल भी शामिल है। वहीं अगले पांच दिन बिजली के कट सुबह 10 बजे दोपहर तीन बजे के बीच लगाए जाने हैं। अप्रैल में तेजी से बढ़ रहा तापमान बीते वर्षों में अप्रैल के 21 दिनों की बात करें तो 2022 में सर्वाधिक तापमान 40.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा था, जबकि 2023 में तापमान 40.1 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ था। गर्मी को लेकर सेहत विभाग ने एडवाइजरी जारी की है। इसके तहत गर्मी से बचाव के लिए लोगों को सेहत के प्रति अधिक सतर्क रहने का आह्वान किया गया है। सिविल सर्जन डा. राजेश गर्ग ने कहा कि लोग लू से बचाव करें। बच्चे, गर्भवती महिलाएं, बुजुर्ग व बीमार लोग दिन में घरों से बाहर न निकलें। खान-पान पर भी विशेष ध्यान देना होगा, जिसमें हरी सब्जियों और मौसमी फल जैसे तरबूज, खरबूजा, संतरा, अंगूर का सेवन करना चाहिए। इनमें पानी की मात्रा अधिक होती है। उन्होंने कहा कि गर्मी से तेज सिरदर्द, बेचैनी, चक्कर आना, मांसपेशियों की कमजोरी, जी मिचलाना और उल्टी आना व दिल की धड़कन तेज हो जाती है। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से जांच करवानी चाहिए। धूप में बाहर जाना बहुत जरूरी हो तो पानी साथ लेकर जरूर जाएं व थोड़े-थोड़े समय के अंतराल पर पानी पीते रहें। जरूरत पड़ने पर मुफ्त एंबुलेंस सेवा के लिए टोल फ्री नंबर 108 पर संपर्क किया जा सकता है। उन्हाेंने कहा कि धीरे-धीरे गर्मी बढ़ती जाएगी, इसलिए जितना हो सके, दिन में घर से बाहर निकलने से परहेज करें। ऐसा करके आप कई बीमारियों से बच सकते हैं।

सावधान! गर्मी में पानी पीकर भी हो सकते हैं बीमार, जानें 8 बड़ी गलतियां

गर्मियों के मौसम में शरीर को हीटवेव से बचाने के लिए हम सभी भरपूर मात्रा में पानी पीते हैं। हमें लगता है कि सिर्फ पानी पी लेना ही काफी है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि पानी पीने का गलत तरीका आपको बीमार कर सकता है? बहुत तेज प्यास लगने का इंतजार करना अक्सर लोग तब तक पानी नहीं पीते जब तक उनका गला पूरी तरह से न सूख जाए। आपको बता दें कि तेज प्यास लगना शरीर में पानी की कमी शुरू होने का पहला संकेत है। इससे बचने के लिए सबसे अच्छा तरीका है कि आप दिन भर नियमित अंतराल पर थोड़ा-थोड़ा पानी पीते रहें। एक ही बार में बहुत सारा पानी गटकना कुछ लोग घंटों तक प्यासे रहते हैं और फिर अचानक एक ही बार में कई गिलास पानी पी जाते हैं। ऐसा करने से शरीर उस पानी को सही से सोख नहीं पाता है। इसके कारण न सिर्फ बार-बार पेशाब आने की समस्या होती है, बल्कि शरीर को पानी का पूरा फायदा भी नहीं मिल पाता। बहुत ज्यादा ठंडा पानी पीना चिलचिलाती धूप से आकर फ्रिज का चिल्ड पानी पीना भले ही तुरंत सुकून देता हो, लेकिन यह आपकी सेहत बिगाड़ सकता है। बर्फ जैसा ठंडा पानी आपके पाचन तंत्र को धीमा कर सकता है और गले में खराश या परेशानी पैदा कर सकता है। हमेशा सामान्य तापमान वाला या हल्का ठंडा पानी ही पिएं। सिर्फ सादे पानी पर निर्भर रहना गर्मी में जब हमें पसीना आता है, तो शरीर से सिर्फ पानी ही नहीं, बल्कि जरूरी नमक और मिनरल्स भी बाहर निकल जाते हैं। इनकी भरपाई केवल सादे पानी से नहीं हो सकती। इसलिए यह बहुत जरूरी है कि आप अपनी डाइट में नींबू पानी, नारियल पानी या ओआरएस के घोल को शामिल करें। प्यास बुझाने के लिए कोल्ड ड्रिंक्स या कैफीन का सहारा लेना गर्मी से राहत पाने के लिए अगर आप कोल्ड ड्रिंक, एनर्जी ड्रिंक या बहुत ज्यादा चाय-कॉफी पी रहे हैं, तो यह आपकी सेहत के लिए नुकसानदायक है। ये सभी चीजें शरीर को अंदर से और ज्यादा डिहाइड्रेट कर देती हैं और पानी की कमी को बढ़ा देती हैं। बाहर जाते समय पानी साथ न ले जाना हीटवेव के दौरान अगर आप घर से बाहर निकल रहे हैं, तो पानी की बोतल हमेशा अपने साथ रखें। बाहर गर्मी में अगर आपको अचानक प्यास लग जाए और तुरंत पानी न मिले, तो आपका शरीर बहुत तेजी से डिहाइड्रेट होने लगता है। डिहाइड्रेशन के शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज करना सिर में तेज दर्द होना, चक्कर आना, बहुत ज्यादा पसीना बहना या अचानक कमजोरी महसूस होना कोई सामान्य थकान नहीं है, बल्कि ये डिहाइड्रेशन के गंभीर संकेत हैं। इन इशारों को बिल्कुल अनदेखा न करें और ऐसा महसूस होने पर तुरंत पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स का सेवन करें। रात के समय पानी न पीना अक्सर लोग दिन में काम के दौरान कम पानी पीते हैं और रात में भी उस कमी को पूरा नहीं करते। इस लापरवाही से शरीर में पानी की लगातार कमी बनी रहती है, जो धीरे-धीरे आपके पूरे स्वास्थ्य पर बहुत बुरा असर डाल सकती है।  

Heatwave Alert: पंजाब और हरियाणा में 5 दिन लू का प्रकोप, बठिंडा बना हॉटस्पॉट

चंडीगढ़. अगले चार-पांच दिन लू की लपटें झुलसाएंगी। उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में तेज गर्म हवाएं चलेंगी। मौसम विभाग (आइएमडी) ने बताया कि हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पंजाब, पूर्वी राजस्थान, विदर्भ, छत्तीसगढ़, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, पश्चिमी राजस्थान, मध्य प्रदेश, गंगा-तटीय बंगाल, झारखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश और ओडिशा के कुछ इलाकों में 25 अप्रैल तक अलग-अलग तारीखों में लू की स्थिति रहेगी। कई क्षेत्रों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस तक जा सकता है। सोमवार को पंजाब में अधिकतम तापमान सामान्य से 3.6 डिग्री सेल्सियस अधिक रहा। बठिंडा राज्य में सबसे गर्म रहा। यहां का अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा पटियाला का अधिकतम तापमान 39.8, लुधियाना का 39.4, चंडीगढ़ का 38.1, फरीदकोट का 38, अमृतसर का 37.1 तथा फिरोजपुर का 36.5 सेल्सियस रहा। प्रयागराज में अधिकतम तापमान 44.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। वहीं वाराणसी में अधिकतम तापमान 44 डिग्री रहा। कानपुर, गोरखपुर, झांसी, आगरा समेत उत्तर प्रदेश के 25 से अधिक जिलों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस को पार कर गया। राजस्थान, हरियाणा के कई शहरों में भी अधिकतम तापमान 40 डिग्री से ज्यादा रहा। पहाड़ भी तप रहे हैं। उत्तराखंड के पंतनगर में अधिकतम तापमान 39 डिग्री तो देहरादून में 37 डिग्री दर्ज किया गया। कई राज्यों ने मौसम के तेवर से निपटने के लिए एहतियाती कदम उठाए हैं। विशेषज्ञों ने लू के दौरान दोपहर में घर से बाहर न निकलने, पर्याप्त पानी पीने और हल्के रंग के सूती कपड़े पहनने की सलाह दी है। साथ ही कहा है कि इस मौसम में बच्चे, बुजुर्ग और गर्भवती महिलाएं अतिरिक्त सावधानी बरतें। मौसम विभाग ने कहा कि गंगा-तटीय बंगाल यानी बंगाल के दक्षिण क्षेत्र के कुछ हिस्सों में 26 अप्रैल तक गर्म और आर्द्र मौसम रहने के आसार हैं। हरियाणा, चंडीगढ़, पश्चिम उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, विदर्भ में 21 अप्रैल को रात गर्म रहने के आसार हैं।

गर्मियों में उफान: UP-MP और अन्य राज्यों में हीटवेव, गोंदिया में ट्रैफिक सिग्नल बंद

 नई दिल्ली भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश के कई हिस्सों में भीषण गर्मी को लेकर चेतावनी जारी की है. IMD ने पश्चिमी मध्य प्रदेश, विदर्भ और छत्तीसगढ़ के कुछ इलाकों में 23 अप्रैल तक हीटवेव का अलर्ट जारी किया है।  साथ ही पूर्वी उत्तर प्रदेश, पूर्वी राजस्थान और पूर्वी मध्य प्रदेश में 20 और 21 अप्रैल को हीटवेव की स्थिति बनने की संभावना है. इसके अलावा मौसम विभाग ने झारखंड में 22 अप्रैल तक जबकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 23 अप्रैल तक हीटवेव का अलर्ट जारी है. वहीं, इस बीच पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और ओडिशा में हीटवेव की संभावना बनी हुई है।  महाराष्ट्र में हाय गर्मी महाराष्ट्र के गोंदिया जिले में भीषण गर्मी का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है, जहां तापमान 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है. इस चिलचिलाती धूप ने नागरिकों का हाल बेहाल कर दिया है. विशेष रूप से गोंदिया शहर के प्रमुख चौराहों पर सिग्नल लाल होने के कारण लोगों को काफी देर तक कड़ी धूप में खड़ा रहना पड़ता था, जिससे उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।  जनता की इस समस्या को देखते हुए, नागरिकों ने जिला यातायात शाखा के पुलिस निरीक्षक नागेश भास्कर से अनुरोध किया कि दोपहर के समय सिग्नल बंद रखे जाएं. नागरिकों की इस जायज मांग पर संज्ञान लेते हुए यातायात पुलिस ने एक जरूरी फैसला लिया है. इस बीच सिग्नल बंद रहने का समय दोपहर 12:30 बजे से शाम 4:00 बजे तक तय किया गया है. इसके बाद शाम 4 बजे से सिग्नल फिर से चालू कर दिए जाएंगे।  इस फैसले के कारण अब नागरिकों को तपती धूप में चौराहों पर रुकना नहीं पड़ रहा है, जिससे उन्हें बड़ी राहत मिला है. जिला यातायात पुलिस के इस मानवीय कदम की शहरवासियों द्वारा सराहना की जा रही है।  दिल्ली में बढ़ेगा पारा भारत मौसम विभाग के अनुसार, दिल्ली-एनसीआर में 20 अप्रैल को अधिकतम तापमान 39°C से 41°C और न्यूनतम तापमान 20°C से 22°C के बीच रहने की संभावना है. ज्यादातर इलाकों में न्यूनतम तापमान सामान्य के आसपास रहेगा, जबकि अधिकतम तापमान सामान्य से अधिक दर्ज किया जा सकता है।  आने वाले दिनों में भी गर्मी से राहत के संकेत नहीं हैं, दिल्ली-एनसीआर में अधिकतम तापमान 40°C से 42°C के बीच बना रह सकता है।  मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल यहां लू चलने की संभावना नहीं है, लेकिन तापमान सामान्य से अधिक रहने के कारण स्वास्थ्य को लेकर जोखिम बना रह सकता है. इसका असर खासतौर पर बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों पर ज्यादा पड़ सकता है।  क्या सावधानियां बरतें:     लंबे समय तक सीधे धूप में रहने से बचें     हल्के और ढीले-ढाले सूती कपड़े पहनें     बाहर निकलते समय सिर को कपड़े, टोपी या छाते से ढकें     पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें  

Raipur Heat Alert: पारा 41 डिग्री, 15 अप्रैल से लू चलेगी- सावधान रहने की सलाह

रायपुर. छत्तीसगढ़ में गर्मी अब अपने तेवर दिखा रहा है. राजधानी समेत प्रदेश के कई इलाकों में तेजी से तापमान में वृद्धि हो रही है. रविवार को सबसे ज्यादा गर्मी रायपुर में पड़ी, यहां सर्वाधिक अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. वहीं बिलासपुर और राजनांदगांव में भी 40 डिग्री का टार्चर लोगों को झेलना पड़ा. मध्य हिस्से में अगले कुछ दिनों में हीट वेव के हालात बनने के आसार हैं. रविवार को कैसा प्रदेश में मौसम ? प्रदेश में फिलहाल मौसम शुष्क बना हुआ है. पिछले 24 घंटों के दौरान कहीं भी बारिश नहीं हुई. सबसे ज्यादा दिन में तापमान रायपुर में 41 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ. वहीं सबसे कम न्यूनतम तापमान अंबिकापुर में 16.5 डिग्री सेल्यसियस दर्ज किया गया. मौसम विशेषज्ञ एचपी चंद्रा ने बताया कि एक द्रोणिका उत्तर पश्चिम विहार से मणिपुर तक 0.9 किलोमीटर ऊंचाई तक विस्तारित है. उत्तर पश्चिम से शुष्क और गर्म हवा आने के कारण प्रदेश में लगातार अधिकतम तापमान में वृद्धि होने की संभावना है. प्रदेश में 13 अप्रैल को मौसम शुष्क रह सकता है. मध्य भाग में 15 अप्रैल से ग्रीष्म लहर चलने और ग्रीष्म लहर जैसे स्थिति बनने की संभावना है. रायपुर में कैसा रहेगा मौसम ? मौसम विभाग ने राजधानी रायपुर में आज आकाश मुख्यतः साफ रहने की संभावना जताई है. अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है. 

ग्वालियर-चंबल में मौसम हुआ बेहद गर्म, 15 मार्च से गर्मी का असर और बढ़ेगा

भोपाल  मध्य प्रदेश में मार्च के दूसरे सप्ताह की शुरुआत के साथ ही गर्मी ने तेज तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। राज्य के कई हिस्सों में तापमान सामान्य से काफी ऊपर पहुंच गया है, जबकि ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में यह औसत से करीब 6 डिग्री सेल्सियस अधिक दर्ज किया गया है। मौसम विभाग का अनुमान है कि 15 मार्च के बाद गर्मी का असर और तेज हो सकता है। यह आज की ताज़ा ख़बरों में मौसम से जुड़ा बड़ा अपडेट माना जा रहा है। धार में सबसे अधिक 39 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज मंगलवार को प्रदेश के कई जिलों में तापमान 38 डिग्री के पार पहुंच गया। धार में सबसे अधिक 39 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। इसके अलावा सागर में 38.9 डिग्री, रतलाम और नर्मदापुरम में 38.8 डिग्री, खजुराहो में 38.3 डिग्री, गुना में 38.1 डिग्री तथा दमोह और टीकमगढ़ में 38 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। पांच बड़े शहरों की बात करें तो ग्वालियर सबसे गर्म रहा, जहां पारा 37.2 डिग्री तक पहुंच गया। उज्जैन में 37 डिग्री, इंदौर में 36.8 डिग्री, जबलपुर में 36.6 डिग्री और भोपाल में 36.2 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। अधिकांश शहरों में अधिकतम तापमान 34 डिग्री से ऊपर बना हुआ है। हवा की दिशा बदलने से बढ़ी गर्मी मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार प्रदेश में हवा की दिशा में बदलाव आया है। पहले जहां हवाएं उत्तर-पूर्व से आ रही थीं, वहीं अब पश्चिम और उत्तर-पश्चिम की ओर से चल रही हैं। इन हवाओं में नमी कम है और ये राजस्थान के रेगिस्तानी इलाकों से होकर मध्यप्रदेश तक पहुंचती हैं, जिससे तापमान तेजी से बढ़ रहा है। 15 मार्च के बाद मौसम में बदलाव संभव मौसम विभाग के मुताबिक 15 मार्च के बाद एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकता है। इसके असर से प्रदेश के पूर्वी और दक्षिणी हिस्सों में बादल छाने और हल्की बूंदाबांदी की संभावना जताई जा रही है।मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि मार्च में लू चलने की संभावना नहीं है, लेकिन अप्रैल और मई में भीषण गर्मी पड़ सकती है। इस दौरान 15 से 20 दिनों तक हीट वेव का असर देखने को मिल सकता है। ग्वालियर-चंबल, जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग के कई जिलों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस से ऊपर जा सकता है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन और नर्मदापुरम संभाग में भी तेज गर्मी पड़ने के संकेत हैं।  मंगलवार को प्रदेश के कई शहरों में तापमान 38 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच गया। धार में सबसे अधिक 39 डिग्री तापमान दर्ज किया गया, जबकि सागर में 38.9 डिग्री, रतलाम और नर्मदापुरम में 38.8 डिग्री, खजुराहो में 38.3 डिग्री और गुना में 38.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। दमोह और टीकमगढ़ में भी पारा 38 डिग्री तक पहुंच गया। प्रदेश के लगभग सभी प्रमुख शहरों में अधिकतम तापमान 34 डिग्री या उससे ऊपर रिकॉर्ड किया गया। बड़े शहरों की बात करें तो ग्वालियर में तापमान 37.2 डिग्री, उज्जैन में 37 डिग्री, इंदौर में 36.8 डिग्री, जबलपुर में 36.6 डिग्री और भोपाल में 36.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि मार्च की शुरुआत में इतनी तेजी से तापमान बढ़ना सामान्य ट्रेंड से अलग है। मौसम विभाग के अनुसार, तापमान बढ़ने की मुख्य वजह हवा की दिशा में बदलाव है। फिलहाल प्रदेश में हवाएं उत्तर-पूर्व की बजाय पश्चिम और उत्तर-पश्चिम दिशा से आ रही हैं। इन हवाओं में नमी कम है और ये रेगिस्तानी क्षेत्रों से होकर आती हैं, जिससे तापमान में तेजी से वृद्धि हो रही है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि मार्च का मौसम संक्रमण और एलर्जी के लिहाज से संवेदनशील होता है। दिन में तेज गर्मी और सुबह-रात हल्की ठंड रहने के कारण सर्दी-जुकाम, एलर्जी और अस्थमा के मरीज बढ़ सकते हैं। डॉक्टरों ने खासतौर पर बच्चों और बुजुर्गों को सुबह और देर रात ठंडी हवा से बचने की सलाह दी है। मौसम विभाग का अनुमान है कि 15 मार्च के बाद प्रदेश के कुछ हिस्सों में मौसम में हल्का बदलाव भी देखने को मिल सकता है। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से पूर्वी और दक्षिणी क्षेत्रों में बादल छाने और हल्की बूंदाबांदी की संभावना जताई गई है। हालांकि इससे गर्मी में ज्यादा राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। विशेषज्ञों के मुताबिक, इस साल अप्रैल और मई के महीने सबसे अधिक गर्म रह सकते हैं। ग्वालियर, चंबल, सागर, रीवा, शहडोल और जबलपुर संभाग के कई जिलों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार जाने की संभावना जताई गई है। भोपाल, इंदौर और उज्जैन संभाग में भी गर्मी का असर तेज रहने का अनुमान है। पिछले वर्षों के आंकड़ों के अनुसार, मार्च में प्रदेश में दिन गर्म और रातें अपेक्षाकृत ठंडी रहती हैं, जबकि कभी-कभी बारिश भी होती है। इस बार भी ऐसा ही मौसम देखने को मिल सकता है, लेकिन शुरुआती दिनों में ही तापमान में तेजी से बढ़ोतरी ने लोगों को गर्मी का अहसास जल्दी करा दिया है।