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झारखंड के रिम्स में 8.5 लाख से अधिक ओपीडी और 63 हजार की हुई सर्जरी

रांची. राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) में सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं पर आम लोगों का भरोसा लगातार मजबूत होता जा रहा है। अस्पताल की ताजा वार्षिक प्रगति रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2025 में रिम्स की ओपीडी में 8 लाख 58 हजार से अधिक मरीजों ने इलाज कराया, जबकि 78 हजार से ज्यादा मरीजों को इंडोर यानी आइपीडी सेवाएं दी गई। ये आंकड़े न सिर्फ रिम्स की बढ़ती क्षमता को दर्शाते हैं, बल्कि यह भी साबित करते हैं कि राज्य के लोग अब जटिल बीमारियों के इलाज के लिए सरकारी अस्पतालों पर भरोसा करने लगे हैं। हजारों सर्जरी, जटिल इलाज में भी इजाफा रिपोर्ट के अनुसार, वर्षभर में रिम्स में कुल 63,926 सर्जरी की गईं। इनमें 20,995 मेजर आपरेशन शामिल हैं, जबकि 42,931 माइनर सर्जरी की गई। मेजर सर्जरी की बढ़ती संख्या इस बात का संकेत है कि अब हार्ट, ब्रेन, कैंसर, ट्रामा और अन्य जटिल बीमारियों का इलाज रिम्स में बड़े स्तर पर संभव हो रहा है। इससे मरीजों को बाहर के निजी अस्पतालों या दूसरे राज्यों में रेफर होने की मजबूरी भी कम हुई है। जांच सुविधाओं पर भी बढ़ा भरोसा रिम्स में डायग्नोस्टिक सेवाओं का दायरा लगातार बढ़ रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक एक साल में कुल 1,40,779 रेडियोलाजी जांच की गई। इनमें 90,758 एक्स-रे, 23,868 अल्ट्रासाउंड और 26,153 सीटी स्कैन शामिल हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि समय पर जांच उपलब्ध से गंभीर बीमारियों का शुरुआती स्तर पर ही निदान संभव हो पा रहा है, जिससे इलाज की सफलता दर बढ़ी है। लैब सेवाओं पर भारी दबाव पैथोलाजी और सेंट्रल लैब सेवाओं में भी रिकार्ड संख्या में जांच की गई। सेंट्रल लैब में कुल 8,92,531 जांच दर्ज की गई। इनमें हेमेटोलाजी विभाग में 1.75 लाख से अधिक जांच, क्लिनिकल पैथोलाजी में 25,625 जांच, माइक्रोबायोलाजी में 2.72 लाख से अधिक और वायरलाजी व एसपी मालिक्यूलर जांच की संख्या 1.82 लाख रही। यह आंकड़े बताते हैं कि रिम्स राज्य का सबसे बड़ा डायग्नोस्टिक हब बनता जा रहा है। हृदय रोगियों को मिली बड़ी राहत कार्डियोलाजी विभाग में भी मरीजों की संख्या में लगातार वृद्धि हुई है। रिपोर्ट के अनुसार एक साल में 35,735 ईसीजी, 17,580 ईको, 1,248 टीएमटी और 302 होल्टर टेस्ट किए गए। इससे बीपी, हार्ट अटैक और अन्य हृदय रोगों की समय पर पहचान और इलाज संभव हो सका। मातृ-शिशु सेवाओं में भी अहम योगदान रिम्स ने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। वर्षभर में अस्पताल में 5,214 प्रसव कराए गए, जिनमें 2,773 बालक और 2,441 बालिकाओं का जन्म हुआ। वहीं, 10,165 मौतें दर्ज की गई, जो यह दर्शाती हैं कि रिम्स एक तृतीयक रेफरल सेंटर होने के कारण राज्यभर से गंभीर और जटिल मरीजों का दबाव झेलता है। टीकाकरण में भी सक्रिय भूमिका रिम्स में वर्षभर में कुल 33,505 टीकाकरण किए गए। इसमें बीसीजी, डीपीटी, पेंटावैक, ओपीवी, रोटा वायरस, पीसीवी, हेपेटाइटिस-बी सहित अन्य आवश्यक टीके शामिल हैं। इससे बच्चों और आम लोगों को कई संक्रामक बीमारियों से सुरक्षा मिली। रिम्स निदेशक डा. राजकुमार के अनुसार ये आंकड़े बताते हैं कि रिम्स अब केवल रांची ही नहीं, बल्कि पूरे झारखंड के लिए जीवनरेखा बन चुका है। सीमित संसाधनों और बढ़ते मरीज दबाव के बावजूद रिम्स द्वारा दी जा रही सेवाएं यह संकेत देती हैं कि सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था पर आम लोगों का भरोसा लगातार बढ़ रहा है।

खुद के नाम जमाबंदी नहीं होने से ई-केवाईसी में आगे लेकिन रजिस्ट्री में पीछे

लखीसराय. सरकार द्वारा किसानों को फसल ऋण, फसल बीमा, मुआवजा एवं आपदा राहत जैसी योजनाओं का लाभ सरलता से उपलब्ध कराने के उद्देश्य से फार्मर रजिस्ट्री व्यवस्था लागू की गई है। इसके तहत प्रथम चरण में उन्हीं किसानों की फार्मर रजिस्ट्री की जा रही है, जिनके नाम से भूमि की जमाबंदी कायम है और जो प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के लाभुक हैं। जिले में फार्मर रजिस्ट्री अभियान की शुरुआत पांच दिसंबर 2025 को रामगढ़ चौक प्रखंड से की गई थी। यह अभियान 31 दिसंबर 2025 तक प्रस्तावित था, लेकिन भूमि संबंधी लंबित मामलों के निष्पादन में राजस्व कर्मचारियों के व्यस्त रहने के कारण 10 दिसंबर से 31 दिसंबर तक फार्मर रजिस्ट्री का कार्य बाधित रहा। इसके बाद छह जनवरी 2026 से 11 जनवरी 2026 तक फार्मर रजिस्ट्री को लेकर विशेष अभियान चलाया गया। इस अवधि में जिले के प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के कुल 49,123 सक्रिय लाभुक किसानों में से 40,656 किसानों का ई-केवाईसी पूरा किया जा सका, जबकि मात्र 9,190 किसानों की ही फार्मर रजिस्ट्री हो पाई। फार्मर रजिस्ट्री की धीमी प्रगति को देखते हुए सरकार ने पुनः 18 जनवरी 2026 से 21 जनवरी 2026 तक गहन अभियान चलाने का निर्णय लिया है। प्रखंडवार स्थिति (6 से 11 जनवरी 2026 तक) – बड़हिया प्रखंड में 3,950 लाभुकों में 4,122 का ई-केवाईसी तथा 1,021 की फार्मर रजिस्ट्री हुई। चानन प्रखंड में 8,532 लाभुकों में 6,336 का ई-केवाईसी और 1,456 की रजिस्ट्री की गई। हलसी प्रखंड में 7,350 लाभुकों में 5,675 का ई-केवाईसी और 2,060 की रजिस्ट्री हुई। लखीसराय प्रखंड में 5,576 लाभुकों में 4,625 का ई-केवाईसी और 812 की रजिस्ट्री हुई। पिपरिया प्रखंड में 2,678 लाभुकों में 2,236 का ई-केवाईसी और 514 की रजिस्ट्री की गई। रामगढ़ चौक प्रखंड में 4,331 लाभुकों में 3,783 का ई-केवाईसी और 950 की रजिस्ट्री हुई। वहीं सूर्यगढ़ा प्रखंड में सर्वाधिक 16,706 लाभुकों में 13,879 का ई-केवाईसी और 2,377 किसानों की फार्मर रजिस्ट्री की गई। फार्मर रजिस्ट्री धीमी होने का कारण प्रथम चरण में केवल उन्हीं किसानों की फार्मर रजिस्ट्री हो रही है, जिनके नाम से भूमि की जमाबंदी दर्ज है। जिले के अधिकांश प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के लाभुक किसानों की भूमि उनके पिता या परिवार के अन्य सदस्यों के नाम से दर्ज है। स्वयं के नाम से जमाबंदी रखने वाले किसानों की संख्या कम होने के कारण फार्मर रजिस्ट्री की प्रगति अपेक्षाकृत धीमी बनी हुई है। फार्मर रजिस्ट्री की प्रक्रिया कृषि समन्वयक द्वारा प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के लाभार्थी किसानों का आधार सत्यापन के माध्यम से ई-केवाईसी किया जाता है। इसके बाद राजस्व कर्मचारी भूमि विवरण के आधार पर फार्मर आईडी का निर्माण कर फार्मर रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी करते हैं। फार्मर रजिस्ट्री कराना अनिवार्य – प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के लाभार्थी किसानों के लिए फार्मर रजिस्ट्री कराना अनिवार्य है। ऐसा नहीं करने पर भविष्य में किसान सम्मान निधि के लाभ से वंचित होना पड़ सकता है। सरकार ने इसे लेकर 18 जनवरी से 21 जनवरी 2026 तक गहन अभियान चलाने का निर्णय लिया है। – कुंदन कुमार, जिला कृषि पदाधिकारी, लखीसराय

झारखंड के 119 स्कूलों को मिलेगा मुख्यमंत्री स्वच्छ विद्यालय पुरस्कार

गिरिडीह. मुख्यमंत्री स्वच्छ विद्यालय पुरस्कार के लिए गिरिडीह जिला के आठ और पूरे राज्य के 119 विद्यालयों का चयन पांच अलग-अलग कैटेगरी में हुआ है। आठ जनवरी को संपन्न राज्य स्तरीय समिति (JEPC) की बैठक में विद्यालयों का चयन किया गया। गिरिडीह जिला के चयनित विद्यालयों में प्राइमरी ग्रामीण कैटेगरी में प्राथमिक विद्यालय भंडारीडीह व उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय घोंसे ऊपर टोला, एलीमेंट्री ग्रामीण कैटेगरी में उत्क्रमित मध्य विद्यालय गोरियांचू, एलीमेंट्री शहरी में पीएम श्री शारदा कन्या मध्य विद्यालय पचंबा, उच्च विद्यालय ग्रामीण में उत्क्रमित उच्च विद्यालय दोंदलो व प्लस टू एसएस उच्च विद्यालय कुम्हरलालो, शहरी में उत्क्रमित प्लस टू सर जेसी बोस बालिका विद्यालय गिरिडीह तथा आवासीय कैटेगरी में पीएम श्री झारखंड आवासीय विद्यालय सरिया शामिल हैं। स्कूली शिक्षा व साक्षरता विभाग के सचिव उमा शंकर सिंह ने सभी उपायुक्त और उप विकास आयुक्त को पत्र जारी कर चयनित विद्यालयों की सूची प्रेषित की है। साथ ही आवश्यक दिशानिर्देश दिया है। चयनित विद्यालयों की प्रगति की समीक्षा साप्ताहिक करने का निर्देश दिया गया है। कहा गया है कि ये चयनित विद्यालय न केवल स्वच्छ रहे बल्कि आने वाले समय में जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने में सक्षम ग्रीन स्कूल्स के रूप में पूरे देश के लिए उदाहरण प्रस्तुत करें।

समस्तीपुर में ड्रोन से छिड़काव पर अनुदान का 106 किसानों ने किया आवेदन

समस्तीपुर. खाद हो या कीटनाशक, किसानों को इसके छिड़काव के लिए परेशान होने की जरूरत नहीं है। इसके लिए सरकार उन्हें किराए पर ड्रोन उपलब्ध करा रही है। साथ ही छिड़काव के लिए जो सरकारी दर निर्धारित किया गया है, उसपर भी 50 फीसद तक अनुदान दिया जा रहा है। इसके लिए किसानों को ऑनलाइन आवेदन करना होगा। आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। समस्तीपुर जिले में अब तक कुल 106 किसानों ने 1100 एकड़ के लिए आवेदन किया है। समस्तीपुर में दो हजार एकड़ में ड्रोन से दवा छिड़काव का लक्ष्य है। किसानों को प्रति एकड़ छिड़काव कराने पर सरकार 50 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा। दवा का छिड़काव करने वाली सेवा प्रदाता एजेंसी का चयन किया गया है। एक एकड़ में छिड़काव करने पर 480 रुपये खर्च आएगा। इसमें से 240 रुपये ही किसानों को देना पड़ेगा। ड्रोन से छिड़काव के लिए एक किसान अधिकतम 15 एकड़ तक का ही लाभ ले सकते हैं। साथ ही दवा भी किसान को ही उपलब्ध करानी होगी। अच्छी बात यह कि रैयत के साथ ही गैर-रैयत किसानों को भी लाभ दिया जा रहा है। रैयत किसानों को अपनी भूमि का रसीद भी लगाना होगा, जबकि गैर-रैयत किसानों को स्व-घोषणा पत्र एवं पड़ोस के दो किसानों का गवाह का हस्ताक्षर के साथ आवेदन संलग्न कर जमा कराना होगा। 240 रुपये में एक एकड़ में ड्रोन से फसलों पर छिड़काव एक एकड़ में छिड़काव पर 480 रुपये का खर्च निर्धारित है। इसमें से 240 रुपये ही किसानों को देना पड़ेगा। ड्रोन से छिड़काव के लिए एक किसान अधिकतम 15 एकड़ तक का ही लाभ ले सकते हैं। साथ ही दवा भी किसान को ही उपलब्ध करानी होगी। कृषि विभाग एवं कृषि वैज्ञानिक द्वारा अनुशंसित कीटनाशकों का प्रयोग करना होगा। निबंधित किसानों को मिलेगा योजना का लाभ किसान तिलहन, दलहन, आलू, मक्का, गेहूं व अन्य फसलों पर कीट प्रबंधन के लिए ड्रोन का इस्तेमाल कर सकते हैं। योजना का लाभ उन्हीं किसानों को मिलेगा जो कृषि विभाग के डीबीटी पोर्टल पर निबंधित हैं। आवेदन के लिए जरूरी प्रक्रिया ड्रोन से दवा का छिड़काव कराने वाले इच्छुक किसान कृषि विभाग के डीबीटी पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा। आवेदन करते समय जमीन का रकवा, फसल के प्रकार, जमीन का रसीद और आधार कार्ड देना होगा। कृषि समन्वयक, पौधा संरक्षण कर्मी, प्रखंड तकनीकी व सहायक प्रबंधक प्राप्त आवेदनों का सत्यापन करेंगे। जबकि, चयनित एजेंसी ड्रोन से दवा का छिड़काव करेगी। दो हजार एकड़ में छिड़काव का लक्ष्य – समस्तीपुर जिला में कृषि ड्रोन से फसलों पर कीटनाशी एवं तरल उर्वरक का छिड़काव योजना शुरू किया गया है। कृषि विभाग द्वारा पायलट प्रोजेक्ट के तहत ड्रोन से दवा का छिड़काव के लिए समस्तीपुर जिला का भी चयन किया गया है। समस्तीपुर जिला में कुल दो हजार एकड़ में छिड़काव करने का लक्ष्य रखा गया है। प्रत्येक प्रखंड में 100 एकड़ छिड़काव की योजना है। – राजीव कुमार रजक, सहायक निदेशक (पौधा संरक्षण) कृषि विभाग, समस्तीपुर

‘झारखंड में लूट-खसोट, हत्या और भ्रष्टाचार हावी’: बीजेपी अध्यक्ष

रजरप्पा/रामगढ़. भाजपा के नव नियुक्त झारखंड प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू गुरुवार को अपने पूरे परिवार के साथ झारखंड के प्रसिद्ध सिद्धपीठ रजरप्पा मंदिर पहुंचे। यहां पहुंचकर उन्होंने मां छिन्नमस्तिके की विधिवत पूजा-अर्चना कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दौरान उन्होंने नारियल बलि देकर रक्षा सूत्र भी बंधवाया और राज्य की सुख-समृद्धि, शांति व जनकल्याण की कामना की। पूजा-अर्चना के पश्चात पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं के प्रेम, विश्वास और समर्पण के कारण ही राष्ट्रीय नेतृत्व ने एक साधारण कार्यकर्ता को झारखंड प्रदेश अध्यक्ष की बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है। अध्यक्ष बनने के बाद उनका पहला कार्यक्रम देवी के चरणों में शीश नवाकर आशीर्वाद लेना रहा। उन्होंने मां से शक्ति, विवेक और मार्गदर्शन देने की प्रार्थना की, ताकि सौंपे गए दायित्व का निर्वहन ईमानदारी और निष्ठा के साथ कर सकें। उन्होंने आगे कहा कि मां छिन्नमस्तिके झारखंड ही नहीं, बल्कि पूरे देश के श्रद्धालुओं की आस्था की प्रतीक हैं। प्रदेश अध्यक्ष ने भारतीय जनता पार्टी की विचारधारा को राज्य के हर गांव, कस्बा, टोला और समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने के लिए कार्यकर्ताओं को और अधिक सक्रिय किया जाएगा। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उल्लेख करते हुए कहा कि देश की आजादी के बाद पहली बार एक गरीब परिवार का बेटा प्रधानमंत्री बना है और उनके नेतृत्व में केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुंच रहा है। सरकार पर किया हमला आदित्य साहू ने झारखंड की वर्तमान सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि राज्य में लूट खसोट, हत्या बलात्कार व भ्रष्टाचार का बोलबाला है। राज्य में अन्याय और अत्याचार लगातार बढ़ा है। कानून-व्यवस्था की स्थिति चिंताजनक है। उन्होंने पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं पद्म भूषण करिया मुंडा को फोन पर धमकी दिए जाने की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि यह प्रदेश में बढ़ती अराजकता का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि झारखंड की जनता अब मौजूदा सरकार की कार्यशैली से त्रस्त हो चुकी है। प्रदेश अध्यक्ष ने दावा किया कि झारखंड राज्य के निर्माण में भारतीय जनता पार्टी की ऐतिहासिक भूमिका रही है। आने वाले समय में जनता एक बार फिर भाजपा पर भरोसा जताएगी और चुनाव के माध्यम से अन्याय-अत्याचार वाली सरकार को उखाड़ फेंकेगी। उन्होंने विश्वास जताया कि राज्य में पुनः भाजपा की सरकार बनेगी। इस अवसर पर बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता, स्थानीय नेता और श्रद्धालु उपस्थित थे। बजरंग दल के कार्यकर्ताओं को किया सम्मानित पिछले दिनों धुर्वा रांची से दो बच्चे अंश व आंशिक के अपहरण की घटना से पूरा राज्य आक्रोशित था। राज्य भर की पुलिस उन्हें ढूंढने का प्रयास कर रही थी। लेकिन उन्हें ढूंढने काम बजरंग दल के कुछ कार्यकर्ताओं द्वारा किया गया। इसी को लेकर चितरपुर बाजार टांड़ में प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने बजरंग दल के डब्लू साहू, सचिन कुमार, सुनील कुमार, सन्नी नायक और अंशु कुमार को शॉल ओढ़ाकर व माला पहनाकर सम्मानित किया। मौके पर भाजपा जिलाध्यक्ष संजीव कुमार बबला, प्रखंड अध्यक्ष निरंजन कुमार, रमेश वर्मा, युगेश महतो सहित कई मौजूद थे।

अमृत भारत एक्सप्रेस की बुकिंग शुरू होते ही बढ़ी वेटिंग लिस्ट

धनबाद. इंतजार की घड़ियां समाप्त हो गई हैं। धनबाद होकर चलने वाली हावड़ा–आनंदविहार अमृत भारत एक्सप्रेस के लिए टिकटों की बुकिंग शुरू होते ही यात्रियों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। 22 जनवरी से शुरू होने वाली इस ट्रेन के पहले ही दिन की टिकटें वेटिंगलिस्ट में चली गईं, जिससे इसकी लोकप्रियता का अंदाजा लगाया जा सकता है। अमृत भारत एक्सप्रेस का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 18 जनवरी को करेंगे। गुरुवार से जैसे ही टिकटों की बुकिंग खुली, कुछ ही समय में सीटें भर गईं और वेटिंग शुरू हो गई। धनबाद से आनंदविहार तक इस ट्रेन का किराया 650 रुपये निर्धारित किया गया है। केवल स्लीपर और जनरल कोच के साथ संचालित होने वाली अमृत भारत एक्सप्रेस का किराया अन्य मेल, एक्सप्रेस और सुपरफास्ट ट्रेनों की तुलना में 50 से 55 रुपये अधिक है। इसके बावजूद यात्रियों में इस नई ट्रेन को लेकर खासा आकर्षण देखा जा रहा है। हालांकि, समय के लिहाज से यह हावड़ा से दिल्ली के बीच चलने वाली सबसे अधिक समय लेने वाली ट्रेन होगी। जहां अन्य ट्रेनें धनबाद से दिल्ली की दूरी साढ़े 15 घंटे से साढ़े 19 घंटे में तय कर लेती हैं, वहीं अमृत भारत एक्सप्रेस को इस दूरी को पूरा करने में 22 घंटे 45 मिनट लगेंगे। अमृत भारत; आज से टिकट बुकिंग शुरू इस ट्रेन में जनरल कोटे को लेकर धनबाद के यात्रियों में निराशा भी है। धनबाद के लिए मात्र 20 जनरल टिकटों का कोटा तय किया गया है, जबकि हावड़ा के लिए 278 जनरल टिकट उपलब्ध कराए गए हैं। इसके बावजूद अमृत भारत एक्सप्रेस को लेकर यात्रियों में उत्साह बना हुआ है। वाराणसी का किराया और समय दोनों ज्यादा अमृत भारत से धनबाद से वाराणसी के लिए 305 रुपये चुकाना होगा। दूसरी ट्रेनों में 270 से 300 रुपये ही है। गंगा-सतलज से 7:30 घंटे, शब्दभेदी 7:05 घंटे तो हावड़ा-लालकुआं 7:00 घंटे में वाराणसी पहुंचती है। अमृत भारत 7:45 घंटे लेगी। लखनऊ के लिए 425 से 440 के बदले 460 रुपये चुकाना होगा। धनबाद से अन्य ट्रेनों की समय अवधि व किराया  हावड़ा–कालका नेताजी एक्सप्रेस : 19 घंटे 31 मिनट — ₹600 कोलकाता–अमृतसर जालियांवाला बाग एक्सप्रेस : 15 घंटे 45 मिनट – ₹595 हावड़ा–बाड़मेर एक्सप्रेस : 16 घंटे 35 मिनट — ₹595 सियालदह–आनंदविहार बंगाल संपर्क क्रांति एक्सप्रेस : 15 घंटे 35 मिनट – ₹595 हावड़ा–नई दिल्ली पूर्वा एक्सप्रेस : 18 घंटे 05 मिनट- ₹600

‘ऑपरेशन सिंदूर’ में शहीद बक्सर के हवलदार सुनील सिंह को मरणोपरांत सेना मेडल

चौसा/बक्सर. देश की सीमाओं की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान देने वाले जिले के चौसा नगर पंचायत अंतर्गत नरबतपुर निवासी बलिदानी हवलदार सुनील कुमार सिंह (Martyr Sunil Kumar Singh) को भारतीय सेना ने मरणोपरांत 'सेना मेडल (वीरता)' से सम्मानित किया है। यह सम्मान राजस्थान की राजधानी जयपुर में आयोजित 78वें सेना दिवस समारोह में प्रदान किया गया। सेनाध्यक्ष जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ (operation sindoor)और आतंकवाद विरोधी अभियानों में असाधारण वीरता दिखाने वाले बलिदानियों के परिजनों को यह अलंकरण सौंपा। समारोह के दौरान जब बलिदानी सुनील सिंह के साहस और बलिदान का उल्लेख किया गया, तो उनकी पत्नी सुजाता देवी सम्मान ग्रहण करते समय भावुक हो उठीं। उनकी आंखों से छलकते आंसू हर उपस्थित व्यक्ति को गर्व और पीड़ा दोनों का अहसास करा रहे थे। सेना के अनुसार, हवलदार सुनील कुमार सिंह 237 फील्ड वर्कशाप कंपनी में तैनात थे। 9 मई 2025 की रात पाकिस्तान की ओर से वर्कशाप क्षेत्र पर भीषण गोलाबारी की गई। इसी दौरान उन्होंने छह दुश्मन ड्रोन को अपनी सेंट्री पोस्ट की ओर बढ़ते देखा। बिना देर किए उन्होंने खतरे की सूचना दी और खुले में आकर राइफल से ड्रोन पर फायरिंग शुरू कर दी। तभी शत्रु का गोला पास में फटा, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। घायल अवस्था में भी उन्होंने अंतिम सांस तक ड्रोन की सटीक जानकारी साथियों को दी, जिससे कई जवानों की जान बच सकी। उनके इस अदम्य साहस और कर्तव्यनिष्ठा के लिए उन्हें मरणोपरांत ‘सेना मेडल (वीरता)’ से सम्मानित किया गया। बलिदानी के सम्मान से पूरा जिला गौरवान्वित है।

बिहार में बच्चों के नामांकन पर 119 स्कूलों के प्रधानाध्यापक पटना तलब

पटना. बिहार में शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए यू-डायस (यूनिफाइड डिस्ट्रिक्ट इंफॉर्मेशन सिस्टम फॉर एजुकेशन) के प्रारंभिक आंकड़ों ने शिक्षा विभाग की चिंता बढ़ा दी है. राज्य के सरकारी विद्यालयों में छात्रों के नामांकन में बड़ी गिरावट दर्ज की गयी है. बीते शैक्षणिक सत्र 2024-25 की तुलना में इस बार कुल 5,44,729 छात्रों की कमी आयी है. राज्य परियोजना निदेशक, बिहार शिक्षा परियोजना परिषद द्वारा सभी जिलों को भेजे गये पत्र में बताया गया है कि 31 दिसंबर 2025 तक नामांकन की समीक्षा की गयी, जिसमें कई जिलों की स्थिति चिंताजनक पायी गयी. आंकड़ों के अनुसार करीब 20 जिलों में नामांकन 10 प्रतिशत से अधिक घटा है. रिपोर्ट में कहा गया है कि वर्ष 2024-25 में कुल एक करोड़ 70 लाख 56 हजार 193 बच्चे विभिन्न कक्षाएं नामांकित किये गये. इसकी तुलना में वर्ष 2025-26 में पांच लाख, 44 हजार 729 बच्चों का कम नामांकन हुआ. वर्ष 2025-26 में कुल एक करोड़ 65 लाख छह हजार 771 बच्चों का नामांकन हुआ है. नामांकन का यह आंकड़ा एक जनवरी 2026 तक का है. रिपोर्ट में बताया गया है कि 20 जिले में जिसमें सुपौल, सीतामढ़ी, अरवल, सीवान, भोजपुर, अररिया, दरभंगा, बेगुसराय, नालंदा, नवादा, शिवहर, गया, मधुबनी, सहरसा, बक्सर, सारण, मुंगेर, किशनगंज, लखीसराय और गोपालगंज में तीन से 10 प्रतिशत तक तीन से 10 प्रतिशत तक यू-डायस पोर्टल पर पिछले वर्ष की तुलना में कम प्रविष्ट की गयी. वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में बताया कि यू-डायस पोर्टल पर बच्चों की कम प्रविष्ट पर शिक्षा मंत्रालय ने नाराजगी व्यक्त की है. अधिकारियों ने कहा कि 2024-25 में बहुत सारे स्कूलों में दोहरे नामांकन का मामला सामने आया था. जब बच्चों के नामांकन का आधार कार्ड से मिलान किया गया तो बहुत सारे बच्चों का नामांकन कट गया. 2025-26 में फर्जी नामांकन पर रोक लगायी गयी है इसके कारण नामांकन घट गया है. पहली कक्षा में सबसे अधिक गिरावट जिला-स्तरीय समीक्षा में यह सामने आया है कि प्रारंभिक कक्षाओं में नामांकन का संकट सबसे गहरा है. पहली कक्षा में 2,832 विद्यालयों में शून्य नामांकन दर्ज किया गया है. वहीं, छठी कक्षा में 663 विद्यालय, नौवीं कक्षा में 219 विद्यालय, 11वीं में 184 विद्यालयों में नामांकन शून्य रहा है. पटना जिले में सरकारी और निजी स्कूल मिलाकर लगभग 11 लाख बच्चे नामांकित हैं. यू-डायस की रिपोर्ट के अनुसार राज्य के कई बड़े जिलों में भी नामांकन घटा है. पटना में 15,133 छात्रों की कमी दर्ज की गयी है. गोपालगंज में 40573, सारण में 39083, नवादा में 20862, मधुबनी में 34275, गया में 28724, पूर्वी चंपारण में छात्रों की गिरावट दर्ज की गयी है. राज्य का कुल नामांकन प्रतिशत 96.81% ही रह गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में कम है. केंद्र सरकार ने जतायी नाराजगी जीइआर (ग्रॉस एनरोलमेंट रेशियो) और एनइआर (नेट एनरोलमेंट रेशियो) में गिरावट को लेकर केंद्र सरकार ने भी असंतोष जताया है. इसे गंभीरता से लेते हुए शिक्षा मंत्रालय ने राज्य सरकार से जवाब-तलब किया है. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए राज्य परियोजना निदेशक ने सभी जिला कार्यक्रम पदाधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे विद्यालय एवं छात्रवार नामांकन की गहन समीक्षा कर 10 जनवरी तक शत-प्रतिशत यूडायस पोर्टल पर प्रविष्टि सुनिश्चित करें.

गुमला में रफ्तार का कहर: हाईवा ने पिकअप वैन को रौंदा, चार लोगों की मौके पर मौत

गुमला झारखंड के गुमला जिले में गुरुवार सुबह राष्ट्रीय राजमार्ग-23 पर एक दर्दनाक सड़क दुर्घटना में चार लोगों की जान चली गई। इस घटना में अन्य दो लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिनका अस्पताल में इलाज जारी है। हादसा भरनो थाना क्षेत्र अंतर्गत भड़गांव के पास उस वक्त हुआ, जब एक हाईवा वाहन ने एक पिकअप वैन को पीछे से तेज रफ्तार में टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि पिकअप पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। इस हादसे में टाटा मैजिक पिकअप पर सवार चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। दुर्घटना के बाद कुछ देर तक सड़क पर अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। जानकारी के अनुसार, टाटा मैजिक पिकअप में सवार सभी लोग रांची से गुमला की ओर तिलकुट बेचने जा रहे थे। बताया जा रहा है कि मृतक और घायल सभी रांची के रहने वाले हैं। प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस की प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि हाईवा चालक ने तेज गति और लापरवाही से वाहन चलाते हुए पिकअप को पीछे से टक्कर मारी। हादसे के बाद चालक हाईवा लेकर मौके से फरार हो गया। पुलिस फरार वाहन और उसके चालक की तलाश में जुटी हुई है। घटना की सूचना मिलते ही भरनो थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से राहत व बचाव कार्य शुरू कराया। गंभीर रूप से घायल दोनों व्यक्तियों को पहले सिसई रेफरल अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी नाजुक स्थिति को देखते हुए उन्हें रिम्स, रांची रेफर कर दिया गया। पुलिस ने मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर सदर अस्पताल, गुमला पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। साथ ही मृतकों की पहचान सुनिश्चित करने के लिए आसपास के थानों और रांची पुलिस से संपर्क किया जा रहा है।

बिहार विधानमंडल का दो फरवरी से शुरू होगा बजट सत्र, 19 बैठकें होंगी

पटना. राज्य विधानसभा का बजट सत्र दो फरवरी से शुरू होकर 27 फरवरी तक चलेगा। इस दौरान कुल 19 बैठकें प्रस्तावित हैं। सत्र के दौरान राज्य सरकार वर्ष 2026-27 का वार्षिक बजट तीन फरवरी को सदन में पेश करेगी, जबकि वर्ष 2025-26 का तृतीय अनुपूरक बजट नौ फरवरी को प्रस्तुत किया जाएगा। संसदीय कार्य विभाग ने बजट सत्र के कार्यक्रम को लेकर औपचारिक आदेश जारी कर दिया है। बजट सत्र के पहले दिन, दो फरवरी को राज्यपाल दोनों सदनों को संयुक्त रूप से संबोधित करेंगे। इसी दिन नए सदस्यों का शपथ ग्रहण भी कराया जाएगा। इसके साथ ही सरकार आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट भी सदन में रखेगी, जिसमें राज्य की आर्थिक स्थिति, विकास दर, राजस्व और व्यय से जुड़ी प्रमुख जानकारियां शामिल होंगी। तीन फरवरी को सरकार वर्ष 2026-27 का वार्षिक बजट पेश करेगी। बजट प्रस्तुति के बाद राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर वाद-विवाद की प्रक्रिया शुरू होगी। चार फरवरी को सत्र की बैठक नहीं होगी। पांच फरवरी को सरकार राज्यपाल के अभिभाषण पर दिए गए सुझावों और सवालों का जवाब देगी। छह फरवरी को वर्ष 2026-27 के आय-व्यय पर सामान्य विमर्श होगा। सात और आठ फरवरी को भी सदन की बैठक नहीं बुलाई गई है। नौ फरवरी को आय-व्ययक पर सामान्य वाद-विवाद और सरकार का उत्तर होगा। इसी दिन सरकार वर्ष 2025-26 का तृतीय अनुपूरक बजट भी सदन में पेश करेगी। दस फरवरी को आय-व्यय की अनुदान मांगों पर वाद-विवाद के बाद मतदान कराया जाएगा। 11 फरवरी को तृतीय अनुपूरक बजट पर चर्चा और सरकार का जवाब होगा। 12 और 13 फरवरी को वर्ष 2026-27 की अनुदान मांगों पर वाद-विवाद और मतदान होगा। 14 और 15 फरवरी को बैठक नहीं होगी। इसके बाद 16 फरवरी से 20 फरवरी के बीच लगातार अनुदान मांगों पर चर्चा और मतदान की प्रक्रिया चलेगी। 21 और 22 फरवरी को भी सदन की बैठक नहीं होगी। 23 फरवरी को विनियोग विधेयक पर वाद-विवाद और सरकार का उत्तर होगा। 24 से 26 फरवरी तक राजकीय विधेयकों और अन्य शासकीय कार्यों पर चर्चा की जाएगी। बजट सत्र के अंतिम दिन, 27 फरवरी को गैर सरकारी सदस्यों के कार्य और गैर सरकारी संकल्प सदन में लिए जाएंगे।