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धोनी फैमिली संग विराट और पंत की खास मुलाकात, डिनर के बाद MS खुद आए बाहर छोड़ने

रांची  झारखंड की राजधानी रांची के जेएससीए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में 30 नवंबर को भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच वनडे मैच होगा। इसको लेकर लोगों में काफी उत्साह देखा जा रहा है। वहीं, विराट कोहली सहित कई खिलाड़ी रांची पहुंच चुके हैं। कोहली और पंत ने धोनी और उनके परिवार के साथ किया डिनर सूत्रों के मुताबिक बीते गुरुवार की रात को विराट कोहली और ऋषभ पंत, दलादली स्थित पूर्व भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के आवास पहुंचे। इस दौरान कोहली और पंत ने धोनी और उनके परिवार के साथ डिनर किया। बाद में धोनी खुद गाड़ी चलाकर विराट कोहली को बाहर छोड़ने आए। वहीं, इससे पहले धोनी के घर के बाहर जैसे ही कोहली और पंत की गाड़ियां पहुंचीं, वहां मौजूद फैंस उन्हें देखने उमड़ पड़े। बता दें कि पहला मैच 30 नवंबर को रांची में खेला जाएगा। टीम के प्लेयर्स रांची पहुंचना शुरू हो गए हैं। दोपहर में डेढ़ बजे से मैच खेला जाएगा। इससे आधे घंटे पहले यानी ठीक एक बजे दोनों टीमों के कप्तान टॉस के लिए मैदान पर आएंगे। मैच चूंकि 50 ओवर का होगा, इसलिए उम्मीद की जानी चाहिए कि रात करीब दस बजे तक मैच खत्म भी हो जाएगा।  

2026 Holiday List: जानें किस-किस तारीख को रहेंगे स्कूल, काॅलेज और ऑफिस बंद

रांची वर्ष 2026 के लिए सरकारी छुट्टियों का कैलेंडर जारी हो गया है। इस बार कर्मचारियों के लिए सबसे बड़ी खुशखबरी यह है कि साल भर में 11 ऐसे मौके आने वाले हैं जब उन्हें तीन दिन का लगातार अवकाश मिलने वाला है। यानी 2026 सरकारी कर्मचारियों के लिए ‘लंबे वीकेंड्स का साल’ कहा जा सकता है। हालांकि सूची में शामिल कई छुट्टियां शनिवार और रविवार को पड़ रही हैं, फिर भी कुल 26 राजपत्रित अवकाश कर्मचारियों को पूरे साल राहत देने वाले हैं। 2026 में मिलने वाली छुट्टियां 26 जनवरी (सोमवार) – गणतंत्र दिवस, 1 फ़रवरी (रविवार) – गुरु रविदास जयंती, 14 फ़रवरी (रविवार) – महाशिवरात्रि, 4 मार्च (बुधवार) – होली, 21 मार्च (शनिवार) – ईद-उल-फितर, 23 मार्च (सोमवार) – भगत सिंह, राजगुरु, सुखदेव शहीदी दिवस, 26 मार्च (वीरवार) – राम नवमी, 31 मार्च (वीरवार) – महावीर जयंती, 3 अप्रैल (शुक्रवार) – गुड फ्राइडे, 8 अप्रैल (बुधवार) – गुरु नाभा दास जी, 14 अप्रैल (वीरवार) – वैसाखी, 14 अप्रैल (वीरवार) – डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती, 19 अप्रैल (रविवार) – भगवान परशुराम जयंती, 1 मई (शुक्रवार) – मई दिवस, 27 मई (बुधवार) – ईद-उल-जुहा, 18 जून (वीरवार) – गुरु अर्जन देव जी शहीदी दिवस, 29 जून (सोमवार) – कबीर जयंती, 31 जुलाई (शुक्रवार) – शहीद उधम सिंह बलिदान दिवस, 15 अगस्त (शनिवार) – स्वतंत्रता दिवस, 4 सितंबर (शुक्रवार) – जन्माष्टमी, 2 अक्टूबर (शुक्रवार) – गांधी जयंती, 11 अक्टूबर (रविवार) – महाराजा अग्रसेन जयंती, 20 अक्टूबर (वीरवार) – दशहरा, 26 अक्टूबर (सोमवार) – भगवान वाल्मीकि जयंती, 8 नवंबर (रविवार) – दीपावली, 9 नवंबर (सोमवार) – विश्वकर्मा दिवस, 25 दिसम्बर (क्रिसमस ) कर्मचारियों को सबसे बड़ा फायदा कहां? जारी सूची के अनुसार कई छुट्टियां शुक्रवार या सोमवार को पड़ रही हैं, जिससे सरकारी कर्मचारियों को लगातार तीन दिन का अवकाश मिलेगा। इससे कर्मचारियों को यात्रा, परिवार के साथ समय और मानसिक आराम—तीनों का बेहतरीन अवसर मिलने वाला है।  

सर्द हवाओं का कहर: जमशेदपुर में न्यूनतम तापमान 11.6 डिग्री तक

रांची झारखंड में ठंड का कहर जारी है। दिन-प्रतिदिन ठंड में इजाफा देखा जा रहा है। सुबह-शाम कोहरा और कनकनी से लोगों का हाल बेहाल हो गया है। वहीं, जमशेदपुर का तापमान गिरकर 11.6 डिग्री पहुंच गया है। हार्ट अटैक और ब्रेन स्ट्रोक के मामलों में वृद्धि की चेतावनी मौसम विभाग के मुताबिक जमशेदपुर का न्यूनतम तापमान 11.6 डिग्री और अधिकतम तापमान 28.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं, आने वाले समय में और भी कड़ाके की ठंड पड़ेगी। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में जमशेदपुर में सुबह घना कोहरा रहने के साथ दिन में आंशिक बादल छा सकते हैं। इससे अधिकतम और न्यूनतम तापमान में एक से दो डिग्री तक उतार-चढ़ाव संभव है, लेकिन रात का तापमान और तेजी से गिर सकता है। वहीं, स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने हार्ट अटैक और ब्रेन स्ट्रोक के मामलों में वृद्धि की चेतावनी दी है क्योंकि ठंड में हार्ट अटैक और ब्रेन स्ट्रोक खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में ठंड से बचाव करना ही सही है। बात करें रांची की तो यहां न्यूनतम तापमान दो डिग्री की गिरावट के साथ 11.1 डिग्री से घटकर 9.2 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया है। डालटनगंज में 10.2 से घटकर 8.2 डिग्री, बोकारो में 13.8 से घटकर 9.1 डिग्री और चाईबासा में 13.8 से कम होकर 11.6 डिग्री रिकॉर्ड किया गया।

सरकार ने किया बड़ा ऐलान: जीविका दीदियों के खातों में सीधे ट्रांसफर होंगे ₹10,000, तारीख तय!

पटना  बिहार में महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में सरकार ने एक बार फिर ठोस कदम उठाया है। मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत राज्य की करीब 10 लाख जीविका दीदियों को 14 दिसंबर तक उनके बैंक खातों में 10-10 हजार रुपये की पहली किस्त दी जाएगी। अब तक इस योजना के लाभार्थियों की संख्या 1 करोड़ 40 लाख महिलाओं तक पहुंच चुकी है। इस योजना का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना और उन्हें स्वरोजगार के अवसर प्रदान करना है। राज्य सरकार का मानना है कि महिलाओं की आर्थिक स्वतंत्रता न केवल उनके जीवन स्तर को सुधारती है, बल्कि पूरे परिवार और समाज पर सकारात्मक प्रभाव डालती है। रोजगार के अवसर बढ़ाने का संकल्प मुख्यमंत्री ने कहा है कि योजना से महिलाओं को न केवल अपनी आर्थिक जरूरतें पूरी करने का मौका मिलेगा, बल्कि वे अपनी पसंद का व्यवसाय शुरू कर रोजगार के नए अवसर पैदा कर सकेंगी। सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि निर्धारित तारीख तक सभी पात्र महिलाओं के खातों में राशि पहुंच जाए। योजना के तहत प्रत्येक परिवार की एक महिला को अपनी पसंद का रोजगार शुरू करने के लिए पहली किस्त के रूप में 10 हजार रुपये दिए जाएंगे। व्यवसाय शुरू होने के बाद, योजना के तहत महिलाओं को आवश्यकतानुसार 2 लाख रुपये तक की अतिरिक्त वित्तीय सहायता भी दी जा सकती है। इससे न केवल महिलाओं का सशक्तिकरण होगा, बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिलेगा।   पात्रता और शर्तें योजना में परिवार से आशय पति-पत्नी और उनके अविवाहित बच्चों से है। अगर कोई अविवाहित महिला अपने माता-पिता के बिना रहती है, तो उसे एकल परिवार माना जाएगा। शहरी क्षेत्रों के स्वयं सहायता समूहों की सभी महिला सदस्य इस योजना का लाभ ले सकती हैं। इसके अलावा योजना में आवेदन करने वाली महिला की उम्र 18 से 60 वर्ष के बीच होनी चाहिए। महिला या उसके पति आयकर दाता नहीं होने चाहिए, और न ही दोनों में से कोई सरकारी नौकरी में कार्यरत होना चाहिए। जो महिलाएं शहरी स्वयं सहायता समूहों की सदस्य नहीं हैं, उन्हें सदस्य बनाकर योजना का लाभ दिलाया जा सकता है।  

रांची में 30 नवंबर को होगा भारत और दक्षिण अफ्रीका मैच, Toss आधे घंटे पहले

रांची झारखंड की राजधानी रांची के जेएससीए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में 30 नवंबर को भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच वनडे मैच होगा। इसको लेकर लोगों में काफी उत्साह देखा जा रहा है। रात करीब दस बजे तक मैच खत्म हो जाएगा सीरीज में कुल मिलाकर तीन मुकाबले खेले जाएंगे। पहला मैच 30 नवंबर को रांची में खेला जाएगा। टीम के प्लेयर्स रांची पहुंचना शुरू हो गए हैं। विराट कोहली भी रांची पहुंच चुके हैं। पहला मैच रांची में है और इसके बाद दूसरे मुकाबले के लिए दोनों टीमें रायपुर के लिए रवाना हो जाएंगी। सीरीज का तीसरा और आखिरी मुकाबला विशाखापट्टनम में खेला जाएगा, जो 6 दिसंबर को होगा। सभी तीन मैच दोपहर में डेढ़ बजे से खेले जाएंगे। इससे आधे घंटे पहले यानी ठीक एक बजे दोनों टीमों के कप्तान टॉस के लिए मैदान पर आएंगे। मैच चूंकि 50 ओवर का होगा, इसलिए उम्मीद की जानी चाहिए कि रात करीब दस बजे तक मैच खत्म भी हो जाएगा। जियो-हॉटस्टार पर मैच को देखा जा सकता है भारत और साउथ अफ्रीका का पहला ODI मुकाबला भारत में डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाइव स्ट्रीम किया जाएगा। दर्शक अपने मोबाइल, लैपटॉप या स्मार्ट टीवी पर आसानी से इस मैच को लाइव देख सकते हैं। जियो-हॉटस्टार पर मैच को देखा जा सकता है। टीवी पर इस मुकाबले का सीधा प्रसारण स्टार स्पोर्ट्स नेटवर्क पर किया जाएगा। डीडी स्पोर्ट्स पर फ्री डिश वाले यूजर्स फ्री में मैच का आनन्द उठा सकते हैं।  

निगरानी विभाग को सख्त हिदायत: जीरो टॉलरेंस से ही बनेगा भ्रष्टाचार-मुक्त बिहार – CM नीतीश

पटना बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गुरूवार को मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग एवं निगरानी विभाग के कार्यों की समीक्षा की और अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिये। समीक्षा के दौरान मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग एवं निगरानी विभाग के अपर मुख्य सचिव अरविंद कुमार चौधरी ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से विभाग के कार्यों की अद्यतन एवं विस्तृत जानकारी दी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री कुमार ने अधिकारयों को कहा कि मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग एवं निगरानी विभाग के कार्यों को बेहतर ढंग से क्रियान्वित करें। सरकार की जो प्राथमिकतायें हैं उसके आधार पर कार्यों को तेजी से पूर्ण करें। उन्होंने कहा कि राज्य में भ्रष्टाचार को समाप्त करने में निगरानी विभाग कारगर, संवदेनशील एवं अपनी गतिशील भूमिका निभा रहा है। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) सरकार का उद्देश्य न्याय के साथ विकास करते हुये जीरो टॉलरेंस की नीति का अनुसरण कर राज्य को भ्रष्टाचार मुक्त बनाना है। उन्होंने कहा कि सुशासन और पारदर्शिता के साथ सरकार की योजनाओं को लागू करें जिससे आम जन को उसका सीधा और त्वरित लाभ मिल सके।  

E-KYC के लिए लाइन नहीं, राशनकार्ड अपडेट घर बैठे कराएं

 देवघर   झारखंड के राशनकार्ड धारियों के लिए बड़ी खुशखबरी है. दरअसल राशन कार्डधारियों के लिए राज्य सरकार ने ई-केवाईसी की प्रक्रिया को और सरल कर दिया है. अब स्मार्ट पीडीएस सेवा के जरिये लाभुक अपने मोबाइल से ही ऑनलाइन केवाईसी पूरा कर सकेंगे. इसके अलावा ई-मित्र केंद्र और सरकारी निर्धारित दुकानों पर भी कम समय में ई-केवाईसी की सुविधा उपलब्ध करायी गयी है. तेजी से चल रहा है देवघर में ई-केवाईसी का काम देवघर में खाद्य आपूर्ति विभाग के निर्देश पर ई-केवाईसी का काम तेजी से चल रहा है. विभाग का कहना है कि जिन कार्डधारियों का केवाईसी अपडेट नहीं है, उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ मिलने में दिक्कत हो सकती है. ऐसे लाभुकों के लिए ऑनलाइन आवेदन और दस्तावेज सत्यापन को अब बेहद आसान बना दिया गया है. घर बैठे पूरी होगी प्रक्रिया लाभुकों को अब न तो विभागीय कार्यालयों के चक्कर लगाने की जरूरत है और न ही लंबी लाइनों में लगने की. राशन कार्ड से जुड़ी सूचनाओं को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अपडेट किया जा रहा है. विभाग ने सभी प्रखंडों और पंचायत स्तर पर भी ई-केवाईसी कराने का विकल्प उपलब्ध कराया है. दुकानों पर भी मिलेगी सुविधा सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत राशन दुकान संचालकों को भी ई-केवाईसी सेवा की सुविधा दी जा रही है. यहां पर आकर लाभुक अपना आधार सत्यापन, मोबाइल नंबर अपडेट और अन्य जानकारी तुरंत करवा सकेंगे. समय से कराएं ई-केवाईसी खाद्य आपूर्ति विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे जल्द से जल्द अपना ई-केवाईसी करा लें, ताकि राशन वितरण और सरकारी योजनाओं में कोई बाधा न आए. साथ ही संबंधित अधिकारियों को भी निर्देश दिया गया है कि वे लाभुकों की समस्याओं का समाधान तुरंत करें. इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में भी जागरूकता अभियान चलाया जाए.

सम्राट चौधरी की सख्त पहल: 1300 माफियाओं की संपत्तियां जब्त करने की तैयारी तेज

पटना बिहार में नयी सरकार के गठन के बाद संगठित अपराध और माफिया नेटवर्क के खिलाफ व्यापक अभियान तेज हो गया है। राज्य के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) विनय कुमार ने बृहस्पतिवार को बताया कि अपराधियों को आर्थिक रूप से कमजोर करने के लिए बड़े पैमाने पर अवैध संपत्तियां कुर्क करने की प्रक्रिया शुरू की गई है और महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विशेष दस्ते गठित किए जा रहे हैं। डीजीपी ने बताया कि पिछले कुछ महीने में 400 कुख्यात अपराधियों की अवैध संपत्तियों को कुर्क करने के प्रस्ताव न्यायालय भेजे जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे लगभग 1,300 और आरोपियों की पहचान कर ली गई है, जिनकी संपत्तियों से संबंधित सभी दस्तावेज एकत्र किए जा रहे हैं और जल्द ही इन्हें भी कानूनी कुर्की की प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा। भाड़े के हत्यारों और माफिया की अवैध संपत्तियों पर एक्शन विनय कुमार ने कहा, "शराब, बालू और जमीन माफिया के साथ-साथ भाड़े के हत्यारों और संगठित अपराध से जुड़े कई बड़े नामों को इस सूची में शामिल किया गया है। सरकार का स्पष्ट मानना है कि गिरफ्तारी से आगे बढ़कर अपराध की आर्थिक व्यवस्था प्रहार किए बिना आपराधिक नेटवर्क को खत्म नहीं किया जा सकता।" बिहार में ‘एंटी-रोमियो’ की तर्ज पर विशेष महिला दस्ते गठित डीजीपी ने कहा कि अपराधियों की संपत्ति कुर्क किए जाने से उनके फंडिंग नेटवर्क, प्रभाव और आपराधिक गतिविधियों पर बड़ा असर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि यह कदम कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने की दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण है। महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सरकार की प्राथमिकता का उल्लेख करते हुए डीजीपी विनय कुमार ने कहा कि राज्य में ‘एंटी-रोमियो' की तर्ज पर एक विशेष महिला दस्ते गठित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इसके लिए इस वर्ष 2,000 स्कूटी खरीदी जा रही हैं, जिन पर महिला पुलिसकर्मी स्कूल और कॉलेजों के आसपास नियमित गश्त करेंगी। उन्होंने कहा, "लड़कियों के साथ छेड़छाड़, पीछा करने और उत्पीड़न की किसी भी घटना पर अब तत्काल कार्रवाई की जाएगी। सड़क पर महिलाओं को परेशान करने वालों के खिलाफ कतई बर्दाश्त नहीं करने की नीति लागू की जाएगी।"

बिहार चुनाव हार: उदय नारायण चौधरी साधारण ऑटो से पहुंचे RJD दफ्तर

पटना बिहार चुनाव में मिली करारी हार के बाद अब राष्ट्रीय जनता दल इस बड़ी हार की वजहों को लेकर समीक्षा में जुटी है। पार्टी में हार पर मंथन का आज दूसरा दिन है और पटना स्थित राजद कार्यालय में दिग्गज नेता जुट रहे हैं। राजद नेता और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष उदय नारायण चौधरी भी इसी कड़ी में राजद कार्यालय पहुंचे। उदय नारायाण चौधरी खास अंदाज में राजद कार्यालय आए। पूर्व विधानसभा अध्यक्ष ऑटो रिक्शा में बैठकर राजद कार्यालय में पहुंचे थे। कुछ तस्वीरें सामने आई हैं जिसमें नजर आ रहा है कि उदय नारायण चौधरी ऑटो रिक्शा से उतर रहे हैं। आपको बता दें कि राजद बिहार चुनाव में मिली हार की दो चरणों में समीक्षा कर रही है। आज इस बैठक के पहण चरण का दूसरा दिन है। चार दिसम्बर तक प्रमंडलवार बैठक के बाद दूसरे चरण में पांच से नौ दिसम्बर के बीच पार्टी के जिलाध्यक्षों, प्रधान महासचिव और प्रदेश पदाधिकारियों के साथ बैठक होगी। प्रत्याशियों की ओर से दिये गए नामों के बारे में पार्टी के पदधारकों से राय ली जाएगी। साथ ही जिनका नाम भीतरघात करने वालों की सूची में होगा, उनसे भी इस बाबत पूछा जाएगा। संतोषप्रद जवाब नहीं मिलने पर ऐसे लोगों की पहचान कर दल से बाहर किया जाएगा। गुरुवार को सारण तो शुक्रवार को पूर्णिया प्रमंडल के प्रत्याशियों के साथ बैठक तय है। इन बैठकों में पार्टी नेताओं से भविष्य में अपनाई जाने वाली रणनीतियों, जनहित के मुद्दों को लेकर भी राय मांगी जा रही है।

PACS की मांग पर सरकार गंभीर: लेशी सिंह ने दिए सख्त निर्देश, ब्याज-मुक्त समय बढ़ाने की तैयारी

पटना खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के मंत्री कक्ष में धान अधिप्राप्ति से जुड़ी चुनौतियों और उनके समाधान पर विस्तृत विचार-विमर्श के लिए एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की मंत्री लेशी सिंह ने की। बैठक में सहकारिता विभाग के मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। बैठक की शुरुआत में बिहार राज्य खाद्य एवं असैनिक आपूर्ति निगम लिमिटेड के महाप्रबंधक (अधिप्राप्ति) रमेंद्र कुमार ने धान अधिप्राप्ति की वर्तमान स्थिति, चावल की गुणवत्ता, और साधारण चावल को फोर्टिफाइड चावल में परिवर्तित करने की संपूर्ण प्रक्रिया पर विस्तृत प्रस्तुति दी। प्रस्तुति में अधिप्राप्ति के दौरान PACS स्तर पर आने वाली व्यवहारिक चुनौतियों के साथ-साथ लॉजिस्टिक और प्रोसेसिंग से जुड़े महत्वपूर्ण बिंदुओं को भी रेखांकित किया गया। मंत्री लेशी सिंह ने PACS प्रतिनिधियों द्वारा उठाए गए मुद्दों को गंभीरता से सुनते हुए अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। बैठक में PACS की दो प्रमुख मांगों—राइस मिलों की वास्तविक क्षमता की जांच और लंबित भुगतानों के शीघ्र निष्पादन के लिए तुरंत कदम उठाने का निर्णय लिया गया। मंत्री ने स्पष्ट कहा कि PACS को भुगतान में किसी भी प्रकार की देरी स्वीकार्य नहीं है और सभी लंबित भुगतान निर्धारित अवधि में पूरा किया जाएगा। समीक्षा बैठक के दौरान PACS की एक और महत्वपूर्ण मांग पर भी विचार किया गया, जिसमें उन्होंने दो महीने की अवधि के स्थान पर अधिप्राप्ति से संबंधित कुल छह महीने तक की ब्याज-मुक्त अवधि की सुविधा की मांग की। इस पर मंत्री ने PACS को आश्वासन दिया कि विभाग इस प्रस्ताव पर सकारात्मक विचार करते हुए आवश्यक निर्णय शीघ्र लेगा, जिससे PACS इकाइयों पर आर्थिक दबाव कम हो सके। बैठक में यह सहमति बनी कि धान अधिप्राप्ति प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और PACS तथा सरकार के बीच समन्वय को मजबूत करने के लिए जल्द ही राज्यभर के सभी जिला सहकारी बैंकों के अध्यक्षों के साथ एक विस्तृत बैठक आयोजित की जाएगी। इस प्रस्ताव पर खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग और सहकारिता विभाग के दोनों मंत्रियों ने सहमति जताई और PACS प्रतिनिधियों को आश्वासन दिया कि अधिप्राप्ति से संबंधित सभी चुनौतियों के समाधान के लिए विभाग प्रतिबद्ध है। अंत में मंत्री लेशी सिंह ने कहा कि सरकार किसानों के हितों की रक्षा, PACS की मजबूती और अधिप्राप्ति प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। विभाग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि धान अधिप्राप्ति सुचारू और समयबद्ध ढंग से हो और सभी संबंधित पक्षों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराई जा सके। बैठक में खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के प्रधान सचिव पंकज कुमार, सचिव नैय्यर इकबाल, सहकारिता विभाग के सचिव धर्मेंद्र सिंह, दोनों विभागों के वरिष्ठ अधिकारी, बिहार राज्य खाद्य एवं असैनिक आपूर्ति निगम लिमिटेड के वरिष्ठ पदाधिकारी और PACS के प्रतिनिधिगण उपस्थित थे।