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त्रिपक्षीय समझौते से मजदूरों को बड़ी राहत, रांची नगर निगम देगा पहली बार बोनस

रांची झारखंड की राजधानी रांची नगर निगम के उप श्रमायुक्त अविनाश कृष्ण की उपस्थिति में मजदूरों के बोनस भुगतान को लेकर त्रिपक्षीय समझौता संपन्न हुआ। इस समझौते के तहत पहली बार रांची नगर निगम में कार्यरत मजदूरों को बोनस का लाभ मिलेगा, जिसे श्रमिक हितों की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। त्रिपक्षीय समझौते पर मजदूर पक्ष की ओर से झारखंड नगर निकाय मजदूर यूनियन, रांची के अध्यक्ष एवं प्राधिकृत प्रतिनिधि भवन सिंह तथा यूनियन के सचिव सुखनाथ लोहरा ने हस्ताक्षर किए। वहीं नियोक्ता पक्ष की ओर से मेसर्स स्वच्छता कॉरपोरेशन, बेंगलुरु के महाप्रबंधक राजशेखर रेड्डी और प्रोजेक्ट मैनेजर जी. गांधी ने समझौते पर हस्ताक्षर किए। समझौता पूर्ण होने के बाद उप श्रमायुक्त अविनाश कृष्ण ने इसकी प्रमाणित प्रति दोनों पक्षों को उपलब्ध कराई।         मजदूरों को दो किस्तों में मिलेगा बोनस भुगतान समझौते के अनुसार वर्ष 2024-25 के लिए बोनस भुगतान की व्यवस्था तय की गई है। दिसंबर 2024 और जनवरी 2025 में कार्यरत मजदूरों को 2000 रुपये प्रति कामगार की दर से बोनस दिया जाएगा। यह राशि दो किस्तों में मजदूरों को प्राप्त होगी, जो दिसंबर 2025 और जनवरी 2026 के वेतन के साथ भुगतान की जाएगी। वहीं फरवरी और मार्च 2025 में कार्यरत मजदूरों को 1000 रुपये बोनस दिया जाएगा, जिसका भुगतान दिसंबर 2025 के वेतन के साथ किया जाएगा।        मजदूरों ने समझौते का किया स्वागत इस अवसर पर झारखंड नगर निकाय मजदूर यूनियन के अध्यक्ष भवन सिंह ने कहा कि यह उपलब्धि यूनियन के लंबे संघर्ष और निरंतर प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने कहा कि रांची नगर निगम के मजदूरों को पहली बार बोनस का अधिकार मिलना मजदूर एकता की जीत है। भवन सिंह ने यह भी स्पष्ट किया कि यूनियन आगे भी मजदूरों के अन्य अधिकारों और सुविधाओं के लिए संघर्ष जारी रखेगी। मजदूरों ने इस समझौते का स्वागत करते हुए इसे आर्थिक राहत देने वाला कदम बताया है। श्रमिकों का कहना है कि बोनस मिलने से उनके परिवारों को आर्थिक सहारा मिलेगा, खासकर त्योहार और जरूरी खर्चों के समय। श्रमिक संगठनों का मानना है कि यह त्रिपक्षीय समझौता भविष्य में नगर निगम के अन्य श्रमिक अधिकारों, जैसे सामाजिक सुरक्षा और स्थायी लाभों की दिशा में भी एक मजबूत आधार तैयार करेगा।

पटना में नितिन नबीन ने किए दर्शन-पूजन, काली मंदिर और अखंडवासिनी मंदिर के बाद गुरुद्वारे में टेकेंगे मत्था

पटना भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनने के बाद पहली बार बिहार दौरे पर नितिन नबीन ने बुधवार को राजधानी पटना के दो मंदिरों में पूजा-अर्चना की। भाजपा के नव निर्वाचित प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी और अन्य नेताओं के साथ नितिन नबीन ने सबसे पहले शहर के बांस घाट के पास स्थित सिद्धेश्वरी काली मंदिर में पूजा-अर्चना की। इसके बाद उन्होंने ऐतिहासिक गोलघर के पास स्थित मां अखंडवासिनी मंदिर में भी पूजा की। भाजपा की बिहार इकाई के मीडिया प्रभारी दानिश इकबाल ने संवाददाताओं को बताया, ‘‘नितिन नबीन का पदभार ग्रहण करने के बाद बिहार के पहले दौरे पर मंगलवार को भव्य स्वागत किया गया। बुधवार सुबह उन्होंने काली मंदिर में दर्शन किए, जो हम सभी के लिए आस्था का केंद्र है और गोलघर के पास स्थित मंदिर में भी पूजा की। वह अपने बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र के कार्यकर्ताओं और लोगों से भी संवाद करेंगे।” तख्त हरिमंदिर जी पटना साहिब गुरुद्वारे में भी टेकेंगे मत्था इकबाल ने यह भी बताया कि दिल्ली रवाना होने से पहले नितिन नबीन बुधवार को तख्त हरिमंदिर जी पटना साहिब गुरुद्वारे में भी दर्शन करेंगे। नितिन नबीन को 14 दिसंबर को भाजपा का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया गया था और उन्होंने अगले दिन पदभार ग्रहण किया। बिहार दौरे के पहले दिन मंगलवार को उन्होंने पटना में हवाई अड्डे के पास स्थित अरण्य भवन से वीरचंद पटेल पथ पर भाजपा कार्यालय के निकट मिलर हाई स्कूल मैदान तक रोड शो का नेतृत्व किया। इसके बाद मिलर हाई स्कूल मैदान में आयोजित अभिनंदन समारोह में उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। भाजपा के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष ने बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से उनके आधिकारिक आवास पर शिष्टाचार मुलाकात भी की। नितिन नबीन बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र से पांच बार के विधायक हैं। वह पूर्व में भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष रह चुके हैं और पार्टी के छत्तीसगढ़ प्रभारी की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं।

कैबिनेट से हरी झंडी: हेमंत सरकार ने पेसा नियमावली समेत 39 प्रस्ताव किए मंजूर

रांची झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई राज्य मंत्रिपरिषद की अहम बैठक में कुल 39 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इस बैठक का सबसे महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक फैसला पेसा नियमावली (पंचायत उपबंध-अनुसूचित क्षेत्रों पर विस्तार) झारखंड नियमावली 2025 को स्वीकृति देना रहा, जो लंबे समय से लंबित थी। PESA नियमावली 2025 को मंजूरी सरकार का मानना है कि पेसा नियमावली लागू होने से अनुसूचित क्षेत्रों में ग्राम सभाओं को अधिक अधिकार और स्वायत्तता मिलेगी। जल, जंगल और जमीन से जुड़े मामलों में स्थानीय समुदाय की भूमिका मजबूत होगी और आदिवासी बहुल क्षेत्रों में निर्णय प्रक्रिया अधिक लोकतांत्रिक बनेगी। इसके साथ ही विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में स्थानीय सहभागिता सुनिश्चित हो सकेगी। इन्फ्रास्ट्रक्चर और कई सड़क परियोजनाओं को हरी झंडी कैबिनेट ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय, रांची में शैक्षणिक और गैर-शैक्षणिक पदों के पुनर्गठन को भी मंजूरी दी। इसके अलावा आधारभूत संरचना को सुद्दढ़ करने के लिए कई सड़क परियोजनाओं को हरी झंडी दी गई। दुमका जिले में चमराबहियार से बरदानीनाथ मंदिर पथ और बमनडीहा लिंक सड़क के मजबूतीकरण व चौड़ीकरण के लिए लगभग 31.87 करोड़ रुपये, जबकि जमशेदपुर में बहरागोड़ा से दारीशोल चौक सड़क के पुनर्निर्माण और चौड़ीकरण के लिए लगभग 41.24 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई। शिक्षा और सामाजिक कल्याण  के क्षेत्र में भी कई अहम फैसले सामाजिक कल्याण के क्षेत्र में भी कई अहम फैसले लिए गए। सक्षम आंगनबाड़ी और पोषण 2.0 योजना के तहत 9 माह तक टेक होम राशन की निर्बाध आपूर्ति के लिए अनुबंध अवधि बढ़ाई गई। वहीं मिशन वात्सल्य के तहत बाल कल्याण एवं संरक्षण समितियों के संचालन के लिए मार्गदर्शिका को मंजूरी दी गई। कैबिनेट ने हाईकोर्ट के विभिन्न आदेशों के अनुपालन में कई कर्मियों की सेवा नियमित करने और वित्तीय लाभ देने की स्वीकृति दी। इनमें स्व. उदय शंकर सिन्हा, जय प्रकाश सिंह, पूनम सिन्हा, जग नारायण सिंह सहित कई कर्मी शामिल हैं। इसके साथ ही झारखंड अग्निशमन सेवा के अराजपत्रित पदों के छठे वेतनमान में संशोधन को भी मंजूरी दी गई। शिक्षा और प्रशासन से जुड़े फैसलों में 21 कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में छात्रावास निर्माण के लिए लगभग 51.16 करोड़ रुपये की स्वीकृति, प्री-बजट कार्यशाला के लिए डॉ. सीमा अखौरी की टीम को नॉलेज पाटर्नर बनाना और राज्यस्तरीय आकांक्षा कार्यक्रम के तहत शिक्षकों व समन्वयकों के मानदेय में वृद्धि शामिल है।   कार्मिक और सेवा नियमों के क्षेत्र में भी कई अहम निर्णय लिए गए। सरकारी सेवाओं में सीधी नियुक्ति के लिए आयु सीमा तय करने, जेएसएससी की विभिन्न परीक्षाओं की नियमावलियों में संशोधन और वनरक्षियों को प्रधान वनरक्षी पद पर पदोन्नति के लिए एक बार की छूट को मंजूरी दी गई। इसके अलावा परिवहन विभाग में 21 मोटरयान निरीक्षक पदों के सृजन, जर्जर सरकारी भवनों के पुनर्विकास के लिए एनबीसीसी के साथ एमओयू, कांके स्थित राजकीय बेकन फैक्ट्री को पुनर्जीवित करने, उद्यान निदेशालय के लिए भारतीय बागवानी अनुसंधान संस्थान से एमओयू और विभिन्न स्थानों पर क्षतिपूरक वनरोपण के लिए करोड़ों रुपये के हस्तांतरण को स्वीकृति दी गई। कैबिनेट ने झारखंड विधानसभा के शीतकालीन सत्र के सत्रावसान, झारखंड राज्य कारा लिपिक-सह-कंप्यूटर संचालक नियमावली 2025, झारखंड संस्कृति संवर्ग सेवा नियमावली 2025 तथा गोमके जयपाल सिंह मुंडा विदेशी छात्रवृत्ति योजना के तहत ब्रिटिश हाई कमीशन के साथ एमओयू की अवधि बढ़ाने को भी मंजूरी दी।

कड़ाके की ठंड में झारखंड परेशान, लोग तापमान और स्वास्थ्य को लेकर चिंतित

रांची झारखंड इन दिनों हाड़ कंपाने वाली ठंड की चपेट में है। राज्य के अधिकांश जिलों में शीतलहर और घने कोहरे ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। ठिठुरन से लोग बेहाल हैं। वहीं अस्पतालों में ठंड से प्रभावित मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। ऊपर से कोहरे के कारण सड़कों पर वाहनों की रफ्तार थम सी गई है, जिससे आवागमन में भी परेशानी हो रही है। आज राजधानी रांची का न्यूनतम तापमान 5.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो इस सीजन के सबसे कम तापमान में से एक है। राज्य के कुल नौ जिलों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे चला गया है। रांची के अलावा डाल्टनगंज में 6.5 डिग्री, लोहरदगा में 7.1 डिग्री, गुमला में 7.3 डिग्री, खूंटी में 7.3 डिग्री, हजारीबाग में 7.6 डिग्री, कोडरमा में 8.1 डिग्री, बोकारो और चाईबासा में 9.2 डिग्री तथा लातेहार में 9.5 डिग्री न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया। ठंड की वजह से इन जिलों में सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है। सबसे ज्यादा चिंता की बात अधिकतम तापमान में आई भारी गिरावट को लेकर है। हजारीबाग में अधिकतम तापमान महज 15.8 डिग्री सेल्सियस तक सिमट गया है, जबकि न्यूनतम तापमान 7.6 डिग्री रहा। इसके चलते दिन के समय भी ठंड का एहसास हो रहा है। खासकर स्कूली बच्चों और बुजुर्गों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। हजारीबाग के अलावा कोडरमा में अधिकतम तापमान 17 डिग्री, डाल्टनगंज में 18.5 डिग्री, लोहरदगा में 19.4 डिग्री और लातेहार में 19.8 डिग्री रिकॉडर् किया गया है। राज्य के कुल पांच ऐसे जिले हैं, जहां अधिकतम तापमान 20 डिग्री से नीचे चला गया है, जबकि 19 जिलों में अधिकतम तापमान 20 से 25 डिग्री के बीच बना हुआ है। मौसम केंद्र, रांची के अनुसार 22 दिसंबर को राज्य के 16 जिलों में घना कोहरा छाया रहा। चतरा, कोडरमा, हजारीबाग, गिरिडीह, रामगढ़ और बोकारो में कोहरे का सबसे ज्यादा असर देखा गया। इसके अलावा गढ़वा, पलामू, लातेहार, लोहरदगा, गुमला, रांची, खूंटी, धनबाद, देवघर और जामताड़ा में भी कोहरे ने जनजीवन को प्रभावित किया। देवघर में द्दश्यता घटकर 200 मीटर और जमशेदपुर में 300 मीटर तक पहुंच गई, जिससे यातायात पर खासा असर पड़ा है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में ठंड और कोहरे के बने रहने की संभावना जताई है। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने और आवश्यक सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।  

झारखंड में कंगना रनौत की धार्मिक यात्रा, बैद्यनाथ धाम में की पूजा-अर्चना

रांची बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत और हिमाचल प्रदेश के मंडी लोकसभा क्षेत्र से सांसद झारखंड के देवघर पहुंचीं। यहां उन्होंने बाबा बैद्यनाथ धाम में विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। वहीं, उनके आगमन को लेकर प्रशासन द्वारा सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। दरअसल, कंगना रनौत दिल्ली से देवघर एयरपोर्ट पहुंचीं। यहां से कंगना रनौत को देवघर सर्किट हाउस पहुंचीं। सर्किट हाउस में कुछ देर विश्राम के बाद कंगना रनौत बाबा बैद्यनाथ मंदिर के लिए रवाना हुईं। बाबा धाम में उन्होंने पूरे विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की और देश व प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। इस दौरान कंगना रनौत ने कहा कि उन्होंने पहले भी देश के कई ज्योतिर्लिंगों के दर्शन किए हैं, लेकिन बाबा बैद्यनाथ धाम में दर्शन करने का अवसर उन्हें पहली बार मिला है। कंगना रनौत ने इसे अपने लिए सौभाग्य की बात बताते हुए कहा कि यहां आकर उन्हें गहरी आध्यात्मिक शांति की अनुभूति हुई है। उन्होंने कहा कि बाबा बैद्यनाथ धाम केवल झारखंड ही नहीं, बल्कि पूरे देश के श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है। वहीं, उनके दौरे को लेकर प्रशासन द्वारा सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे।  

नक्सल प्रभावित इलाकों में सुरक्षा कड़ी, झारखंड पुलिस को SRE योजना से 43.66 करोड़ की सहायता

रांची झारखंड में आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था को और सुद्दढ़ करने की दिशा में एक अहम कदम उठाया गया है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए झारखंड पुलिस मुख्यालय को केंद्र और राज्य सरकार के संयुक्त सहयोग से संचालित एसआरई (सिक्योरिटी रिलेटेड एक्सपेंडिचर) योजना के तहत कुल 43.66 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है। इस संबंध में गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने औपचारिक आदेश जारी कर दिया है।          केंद्र–राज्य की साझा हिस्सेदारी जारी आदेश के अनुसार, स्वीकृत राशि एसआरई योजना के दोनों घटकों के अंतर्गत दी गई है। इसमें एक हिस्सा 100 प्रतिशत केंद्र प्रायोजित मद के तहत है, जबकि दूसरा हिस्सा 60:40 के अनुपात (केंद्र : राज्य) में साझा किया गया है। कुल 43.66 करोड़ रुपये में से केंद्र सरकार का योगदान 35.99 करोड़ रुपये तथा राज्य सरकार का अंश 7.66 करोड़ रुपये निर्धारित किया गया है। आईजी अभियान होंगे निकासी एवं व्ययन पदाधिकारी फंड की निकासी और उपयोग को लेकर सरकार ने सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। आदेश में आईजी अभियान, झारखंड, रांची को इस राशि का निकासी एवं व्ययन पदाधिकारी नियुक्त किया गया है। इसका अर्थ है कि फंड की निकासी और खर्च की पूरी जिम्मेदारी आईजी अभियान के अधीन होगी।          राशि लेप्स न होने के निर्देश, समयबद्ध खर्च पर जोर सरकार ने स्पष्ट किया है कि स्वीकृत राशि का उपयोग केवल उन्हीं मदों और कार्यों पर किया जाएगा, जिनके लिए इसे स्वीकृति प्रदान की गई है। किसी भी स्थिति में राशि का दुरुपयोग या निर्धारित मद से इतर खर्च स्वीकार्य नहीं होगा। इसके साथ ही यह भी निर्देश दिया गया है कि निकाली गई राशि लेप्स नहीं होनी चाहिए, यानी तय समय-सीमा के भीतर उसका पूर्ण उपयोग सुनिश्चित किया जाए। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा खर्च पर होगा उपयोग गौरतलब है कि एसआरई फंड का उपयोग मुख्य रूप से नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा से जुड़े खर्चों के लिए किया जाता है। इसमें सुरक्षाबलों की आवाजाही, हथियारों और आधुनिक उपकरणों की खरीद, खुफिया तंत्र को मजबूत करने, अभियान के दौरान होने वाले आकस्मिक खर्च तथा अन्य सुरक्षा संबंधी आवश्यकताएं शामिल हैं।   पुलिस की ऑपरेशनल क्षमता बढ़ाने में मिलेगी मदद       सरकारी सूत्रों के अनुसार, इस फंड से झारखंड पुलिस की ऑपरेशनल क्षमता में इजाफा होगा और नक्सल प्रभावित इलाकों में शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने में मदद मिलेगी। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर राज्य सरकार की यह स्वीकृति आने वाले समय में पुलिस के लिए एक महत्वपूर्ण संबल मानी जा रही है।  

खेल इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा: श्रेयशी सिंह ने जिले में नए क्रिकेट स्टेडियम की घोषणा की

दरभंगा दरभंगा जिले के जाले प्रखंड में आयोजित काजी मौलाना मुजाहिद उल इस्लाम मेमोरियल जिला स्तरीय क्रिकेट टूर्नामेंट 2025 का फाइनल मुकाबला भव्य और उत्साहपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। फाइनल मैच का उद्घाटन बिहार सरकार की खेल मंत्री सुश्री श्रेयशी सिंह ने किया। दरभंगा पहुंचने पर पूर्व मंत्री सह जाले विधायक डॉ. जीवेश कुमार मिश्रा सहित आयोजन समिति के सदस्यों ने खेल मंत्री का मिथिला की परंपरा के अनुसार पाग, चादर और मखाना की माला पहनाकर गर्मजोशी से स्वागत किया। इस अवसर पर खेल मंत्री ने जाले की जनता को एक बड़ी सौगात देते हुए अत्याधुनिक क्रिकेट स्टेडियम के निर्माण की घोषणा की। मंच से संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, “हम जाले की पावन धरती से यह घोषणा करते हैं कि यहां एक अत्याधुनिक क्रिकेट स्टेडियम का निर्माण किया जाएगा।” मंत्री की इस घोषणा के साथ ही पूरा मैदान तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा और जाले विधानसभा क्षेत्र के लोगों में खुशी की लहर दौड़ गई। खेल मंत्री की मौजूदगी में खेले गए फाइनल मुकाबले में मोतिहारी और समस्तीपुर की टीमें आमने-सामने थीं। मुकाबले में मोतिहारी की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए समस्तीपुर को 28 रनों से पराजित कर खिताब अपने नाम किया। मोतिहारी की टीम ने बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों विभागों में संतुलित और प्रभावी खेल का प्रदर्शन किया। वहीं समस्तीपुर की टीम अंत तक संघर्ष करती रही और मुकाबले को रोमांचक बनाए रखा, लेकिन निर्धारित लक्ष्य तक नहीं पहुंच सकी। फाइनल मैच के अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में बिहार सरकार की खेल मंत्री सुश्री श्रेयशी सिंह एवं पूर्व मंत्री सह जाले विधायक डॉ. जीवेश कुमार मिश्रा मौजूद रहे। दोनों अतिथियों ने खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त कर उनका उत्साहवर्धन किया और सफल आयोजन के लिए आयोजन समिति की जमकर सराहना की। टूर्नामेंट का समापन समारोह अत्यंत उत्साह और उमंग के माहौल में संपन्न हुआ। खिलाड़ियों, दर्शकों और आयोजकों के सामूहिक प्रयास से यह प्रतियोगिता यादगार बन गई। वहीं जाले में क्रिकेट स्टेडियम निर्माण की घोषणा ने इस आयोजन की खुशियों को दोगुना कर दिया है।

POCSO केस में कथावाचक श्रवण दास फंसे, पुलिस ने दर्ज किया पीड़िता का बयान, मौनी बाबा पर भी सवाल

दरभंगा दरभंगा में प्रसिद्ध कथावाचक श्रवण दास और उनके गुरु राम उदित दास उर्फ मौनी बाबा के खिलाफ गंभीर आरोपों में महिला थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई है। पीड़िता की मां के आवेदन पर दोनों के खिलाफ पोक्सो एक्ट की धारा 4/6/64(1) सहित BNS की धारा 351(2), 352, 89 और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया गया है। इस बात की पुष्टि डीएसपी सदर राजीव कुमार ने की है। उन्होंने बताया कि मामले की गहन जांच की जा रही है और पीड़िता का मेडिकल परीक्षण भी कराया जा रहा है। बताया जा रहा है कि पचाढ़ी मठ के महंत और राम जानकी मंदिर, बलभद्रपुर के महंत राम उदित दास के शिष्य एवं कथावाचक श्रवण दास पर एक नाबालिग युवती ने शादी का झांसा देकर लंबे समय तक शारीरिक शोषण का आरोप लगाया था। युवती ने मामले से जुड़े कई वीडियो भी सोशल मीडिया पर जारी किए थे, जिनमें कथावाचक के साथ बंद कमरे में शादी से जुड़े दृश्य भी सामने आए थे। पीड़िता की मां द्वारा महिला थाना में दिए गए आवेदन के अनुसार, कथावाचक श्रवण दास ने नाबालिग लड़की को बहला-फुसलाकर शादी का झांसा दिया और करीब एक वर्ष तक उसके साथ दुष्कर्म करता रहा। इस दौरान पीड़िता गर्भवती हो गई, जिसके बाद आरोपी ने दो बार दवा खिलाकर गर्भपात कराया। इससे लड़की को अत्यधिक रक्तस्राव हुआ और उसकी हालत गंभीर हो गई। बाद में परिजनों ने उसे अस्पताल में भर्ती कराया, जहां इलाज के बाद उसकी जान बच सकी। आवेदन में यह भी उल्लेख है कि कथावाचक श्रवण दास ने पीड़िता के घर में ही किराए पर कमरा ले रखा था और घर में कोई नहीं होने पर वह नाबालिग के साथ दुष्कर्म करता था। पीड़िता की मां का आरोप है कि जब इस पूरे मामले की जानकारी महंत मौनी बाबा को दी गई, तो उन्होंने लड़की के बालिग होने पर शादी कराने का आश्वासन दिया। इसी बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें कथावाचक श्रवण दास और नाबालिग लड़की की बंद कमरे में शादी दिखाई दे रही है। आरोप है कि 29 नवंबर 2024 को महंत मौनी बाबा ने अपने भतीजे कथावाचक श्रवण दास की शादी गुपचुप तरीके से करवा दी और पीड़िता के परिजनों पर मामला दर्ज नहीं कराने का दबाव बनाया। आवेदन में यह भी आरोप लगाया गया है कि कथावाचक ने अश्लील फोटो और वीडियो बनाकर पीड़िता को जान से मारने की धमकी दी। साथ ही 8 से 10 लोगों के साथ घर पर आकर केस न करने का दबाव बनाया गया। इस पूरे मामले पर डीएसपी सदर राजीव कुमार ने बताया कि कथावाचक के खिलाफ कांड संख्या 182/25 दर्ज कर ली गई है। उन्होंने कहा कि वे स्वयं मामले की जांच कर रहे हैं, एफएसएल टीम से भी जांच कराई जा रही है। पीड़िता का बयान कोर्ट में दर्ज कराया जा रहा है और मेडिकल जांच भी कराई जा रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे त्वरित कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

पटना में सियासी शक्ति प्रदर्शन: भाजपा कार्यकारी अध्यक्ष के रोड शो में दिखा हाथी-घोड़ा और बुलडोजर

पटना भाजपा के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नवीन पटना पहुंच चुके हैं। स्टेट हैंगर में भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने उनका स्वागत किया। पटना एयरपोर्ट से लेकर बेली रोड होते हुए मिलन हाईस्कूल ग्राउंड तक नितिन नवीन के लिए रोड शो में शामिल होने के लिए भाजपा नेताओं की भीड़ उमड़ चुकी है। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह, सांसद संजय जायसवाल, मंत्री दिलीप जायसवाल, प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी समेत कई बड़े नेताओं ने नितिन नवीन का स्वागत किया। इसके बाद नितिन नवीन रथ पर सवार होकर रोश शो के लिए निकले। उनके साथ रथ पर दोनों डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी, विजय सिन्हा और प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी भी हैं। कुछ ही देर में वह राजवंशी नगर में वह भगवान हनुमान की पूजा करेंगे। इधर, बेली रोड पर भाजपा नेता हाथी-घोड़ा और बुलडोजर लेकर नितिन नवीन के स्वागत में खड़े हैं। बुलडोजर से भाजपा नेता अपने कार्यकारी अध्यक्ष पर फूलों पर बारिश कर रहे हैं। एयरपोर्ट से लेकर मिलर हाई स्कूल ग्राउंड तक बैनर और पोस्टर दिख रहे हैं। हालांकि, इस कार्यक्रम के कारण पटना के बेली रोड, एयरपोर्ट समेत कई इलाकों में जाम की समस्या भी उत्पन्न हो चुकीे है।   भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बोले- आज ऐतिहासिक दिन संजय सरावगी ने कहा कि यह दिन भारतीय जनता पार्टी के लिए भी बड़ा है और देश व बिहार के नौजवानों के लिए भी प्रेरणादायक है। उन्होंने बताया कि जिस वर्ष भाजपा की स्थापना हुई, उसी वर्ष के आसपास नितिन नवीन का जन्म हुआ, जो अपने आप में एक रोचक संयोग है। बिहार में उनके आगमन को लेकर जबरदस्त उत्साह है और पार्टी इसे ऐतिहासिक रूप देने के लिए पूरी ताकत से जुटी हुई है।

जीएमसीएच में हंगामा: रसोई में काम कर रहीं जीविका दीदियों से जूनियर डॉक्टरों की मारपीट, कई घायल

बेतिया बेतिया स्थित गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल से बुधवार को एक बेहद चौंकाने वाली और शर्मनाक घटना सामने आई है। अस्पताल परिसर में संचालित दीदी की रसोई में कार्यरत जीविका दीदियों के साथ जूनियर डॉक्टरों और अस्पताल कर्मियों द्वारा जमकर मारपीट की गई। घटना के बाद अस्पताल में अफरातफरी मच गई और कामकाज पूरी तरह प्रभावित हो गया। मारपीट में करीब आधा दर्जन जीविका दीदियां घायल हो गईं, जिन्हें GMCH में ही भर्ती कराया गया है। वहीं दीदी की रसोई के अन्य स्टाफ भी चोटिल हुए हैं। घटना से आक्रोशित जीविका दीदियों ने रसोई को अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया है। घायल जीविका दीदियों ने बताया कि कुछ जूनियर डॉक्टर दीदी की रसोई में खाना खाने पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने दही और ऑमलेट का ऑर्डर दिया। जब ऑर्डर तैयार हो गया तो डॉक्टरों ने दही लेने से इनकार कर दिया, जिसको लेकर बहस शुरू हो गई। आरोप है कि इसी विवाद के बाद जूनियर डॉक्टरों ने बदतमीजी और गाली-गलौज शुरू कर दी। विरोध करने पर मामला इतना बढ़ गया कि देखते ही देखते करीब 50 से 60 की संख्या में जूनियर डॉक्टर और अस्पतालकर्मी दीदी की रसोई में घुस आए। जीविका दीदियों का आरोप है कि हमलावरों ने लाठियों और हाथों से बेरहमी से मारपीट की। इस दौरान कई महिलाओं के गहने और मंगलसूत्र तक तोड़ दिए गए। अचानक हुए हमले से रसोई में भगदड़ मच गई और महिलाएं जान बचाकर इधर-उधर भागने लगीं।घटना के बाद जीएमसीएच परिसर में काफी देर तक अफरातफरी का माहौल रहा। घायल जीविका दीदियों को आनन-फानन में इलाज के लिए भर्ती कराया गया। महिलाओं का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना से आहत और डरी जीविका दीदियों ने दीदी की रसोई को बंद कर दिया है, जिससे अस्पताल में मरीजों और उनके परिजनों को भोजन की परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस घटना ने अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक नियंत्रण पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थान पर महिलाओं के साथ इस तरह की हिंसा ने सभी को झकझोर कर रख दिया है। फिलहाल मामले को लेकर प्रशासनिक स्तर पर मंथन जारी है, वहीं जीविका दीदियां दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रही हैं।