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कैबिनेट बैठक में 14 प्रस्ताव मंजूर, मीट दुकानों का दोहरा लाइसेंस खत्म

चंडीगढ़  गांवों में 31 मार्च 2004 या उससे पहले शामलात देह भूमि में मकान बनाकर रह रहे लोगों को अब उपायुक्त भी मालिकाना हक दे सकेंगे। इसके अलावा मीट की दुकानों और बूचड़खानों के लिए दोहरे लाइसेंस नहीं लेने पड़ेंगे। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में सोमवार को हुई कैबिनेट बैठक में कुल 15 प्रस्ताव रखे गए थे, जिनमें से 14 प्रस्तावों को मंजूरी मिल गई। बैठक में लिए फैसलों की जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि हरियाणा ग्राम शामलात भूमि (विनियमन) अध्यादेश-2026 जारी करके पुराने नियमों में संशोधन को मंजूरी दी गई है। मौजूदा प्रविधानों के तहत विकास और पंचायत विभाग के निदेशक को पात्र आवेदकों को शामलात देह भूमि बेचने की मंजूरी देने का अधिकार है, जिन्होंने 31 मार्च 2004 या उससे पहले ऐसी जमीन पर अपने घर बनाए थे। हरियाणा नगर निगम संशोधन अध्यादेश 2026 को मंजूरी दी अभी बड़ी संख्या में आवेदन अलग-अलग स्तरों पर लंबित हैं और मंजूरी अपेक्षित हैं। ऐसे मामलों के निपटारे की प्रक्रिया में तेजी लाने और योग्य आवेदकों को समय पर राहत देने के लिए स्वीकृति देने का अधिकार संबंधित जिला उपायुक्त को दिया गया है। इसके अलावा हरियाणा नगर पालिका संशोधन अध्यादेश-2026 और हरियाणा नगर निगम संशोधन अध्यादेश 2026 को मंजूरी दी है। उन प्रविधानों को हटाया गया है, जिनमें मीट की दुकानों और बूचड़खानों के लिए लाइसेंस की आवश्यकता है, क्योंकि इसी तरह के व्यवसायों को खाद्य और औषधि प्रशासन हरियाणा द्वारा भी विनियमित (रेगुलेटिड) किया जा रहा है। इन संशोधनों से दोहरे लाइसेंस समाप्त होंगे तथा आम जनता को नियमों की अनुपालना में राहत होगी। देना पड़ेगा दोगुणा मुआवजा नर्सरी संचालकों ने खराब क्वालिटी का बीज या पौधे बेचे तो देना पड़ेगा लागत का दोगुना मुआवजा नर्सरी संचालकों ने अब किसानों को खराब क्वालिटी का बीज या पौधे बेचे तो लागत का दोगुना मुआवजा देना पड़ेगा। हरियाणा बागवानी नर्सरी नियम-2026 को मंजूरी दी गई है। यह नियम फलदार पौधों, सब्जियों, कंद, मसालों, सीजनिंग, फूलों, सजावटी पौधों, औषधीय और सुगंधित फसलों से संबंधित बागवानी नर्सरियों पर लागू होंगे। संशोधित नियमों में नर्सरियों के नियमित निरीक्षण, लाइसेंस निलंबन या रद्दीकरण सहित उल्लंघन के मामले में कार्रवाई और कीटों व बीमारियों के प्रसार को रोकने के लिए संक्रमित या अवैध रोपण स्टाक को अनिवार्य रूप से नष्ट करने का भी प्रावधान है। शिकायतों के त्वरित निवारण के लिए एक समयबद्ध अपील प्रणाली का प्रस्ताव किया गया है जिला न्यायाधीशों का वेतनमान बढ़ेगा, पदोन्नति के अधिक अवसर मिलेंगे हरियाणा उच्चतर न्यायिक सेवा नियम-2007 में संशोधन किया जाएगा। उच्चतर न्यायिक सेवा के अधिकारियों के लिए संशोधित वेतन संरचना लागू की जाएगी। इसमें प्रवेश स्तर (एंट्री लेवल), चयन ग्रेड (सेलेक्शन ग्रेड) और सुपर टाइम स्केल पर कार्यरत जिला न्यायाधीशों के वेतनमान और वार्षिक वेतन वृद्धि से संबंधित प्रविधान शामिल किए गए हैं। एक जनवरी 2020 से जिला न्यायाधीशों के कुल स्वीकृत पदों में से 35 प्रतिशत पद चयन ग्रेड के लिए निर्धारित होंगे। यह ग्रेड उन अधिकारियों को दिया जाएगा, जिन्होंने जिला न्यायाधीश संवर्ग में लगातार कम से कम पांच वर्ष की सेवा पूरी कर ली हो। चयन मेरिट और वरिष्ठता के आधार पर किया जाएगा। इसी प्रकार जिला न्यायाधीशों के कुल स्वीकृत पदों में से 15 प्रतिशत पद सुपर टाइम स्केल के लिए निर्धारित होंगे। यह लाभ उन अधिकारियों को मिलेगा, जिन्होंने चयन ग्रेड में लगातार कम से कम तीन वर्ष की सेवा पूरी कर ली हो। इसके लिए भी मेरिट और वरिष्ठता को आधार बनाया जाएगा। वार्षिक वेतन वृद्धि की गणना तीन प्रतिशत की दर से की जाएगी। प्रत्येक वर्ष की वेतन वृद्धि पिछले वर्ष के मूल वेतन के आधार पर जोड़ी जाएगी। हरियाणा राज्य महिला आयोग में गैर सरकारी सदस्य बढ़ेंगे हरियाणा राज्य महिला आयोग में गैर सरकारी सदस्यों की संख्या पांच से बढ़ाकर सात की जाएगी। इसके लिए हरियाणा राज्य महिला आयोग अधिनियम-2012 की धारा 3(2)(बी) में संशोधन को मंजूरी दी गई है। आयोग में सदस्यों की संख्या बढ़ने से घरेलू हिंसा, यौन उत्पीड़न, साइबर अपराध तथा महिलाओं से जुड़े अन्य मामलों से संबंधित शिकायतों के निपटारे में तेजी आएगी।

मंत्रालय महानदी भवन में मंत्रिपरिषद की अहम बैठक आज, महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर लगेगी मुहर

रायपुर  मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में आज मंत्रालय महानदी भवन में मंत्रिपरिषद की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जा रही है। राज्य सरकार की इस अहम कैबिनेट बैठक में विभिन्न विभागों से जुड़े प्रस्तावों, विकास कार्यों, प्रशासनिक निर्णयों और जनहित से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा होने की संभावना है। बैठक को लेकर मंत्रालय स्तर पर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। माना जा रहा है कि सरकार प्रदेश के विकास, अधोसंरचना, शिक्षा, स्वास्थ्य, ग्रामीण विकास, कृषि और युवाओं से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर निर्णय ले सकती है। इसके अलावा आगामी योजनाओं की समीक्षा और नई घोषणाओं को लेकर भी मंत्रिपरिषद में चर्चा संभावित है। कैबिनेट बैठक के बाद मीडिया को फैसलों की जानकारी देने के लिए मंत्रालय के भू-तल स्थित एस-0-12 कक्ष में आधिकारिक ब्रीफिंग आयोजित की जाएगी। इस दौरान सरकार के मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी बैठक में लिए गए निर्णयों की विस्तृत जानकारी साझा करेंगे। मंत्रालय परिसर में प्रवेश के लिए गेट नंबर 4 निर्धारित किया गया है, जहां से मीडिया प्रतिनिधियों और आमंत्रित लोगों को प्रवेश दिया जाएगा। जनसंपर्क संचालनालय की ओर से मीडिया प्रतिनिधियों की सुविधा के लिए विशेष वाहन व्यवस्था भी की गई है। वाहन छोटापारा स्थित जनसंपर्क संचालनालय कार्यालय से शाम 7 बजे मंत्रालय के लिए रवाना होगी। राजनीतिक और प्रशासनिक दृष्टि से इस बैठक को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रदेश में चल रही विकास योजनाओं की प्रगति, नई परियोजनाओं की स्वीकृति और विभिन्न विभागों के बजट संबंधी विषयों पर भी मंत्रिपरिषद में विचार-विमर्श होने की संभावना जताई जा रही है। प्रदेश की जनता की नजरें इस बैठक पर टिकी हुई हैं, क्योंकि कैबिनेट में लिए जाने वाले फैसलों का सीधा असर आम लोगों, किसानों, युवाओं, कर्मचारियों और व्यापारिक वर्ग पर पड़ सकता है। अब सभी को बैठक के बाद होने वाली आधिकारिक ब्रीफिंग का इंतजार है, जिसमें सरकार के बड़े फैसलों का खुलासा होगा।

योगी सरकार की कैबिनेट बैठक में मेडिकल कॉलेज के बगल में निशुल्क भूमि हस्तांतरण को मंजूरी

लखनऊ  तथागत बुद्ध की महापरिनिर्वाण स्थली कुशीनगर में राजकीय नर्सिंग कॉलेज की स्थापना का मार्ग सोमवार को प्रशस्त हो गया। योगी सरकार की कैबिनेट बैठक में नर्सिंग कॉलेज की स्थापना के लिए कुशीनगर के मेडिकल कॉलेज (स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय) के बगल में स्थित सीलिंग भूमि में से 0.405 हेक्टेयर भूमि चिकित्सा शिक्षा विभाग को निशुल्क हस्तांतरित करने को मंजूरी मिल गई है।  केंद्र सहायतित योजना के तहत भारत सरकार ने प्रदेश को 27 नर्सिंग कॉलेज आवंटित किए हैं। इन नर्सिंग कॉलेजों में जनपद कुशीनगर भी शामिल है। केंद्र सरकार की तरफ से प्रति नर्सिंग कॉलेज की लागत 10 करोड़ रुपये निर्धारित की गई है। इसमें 60 प्रतिशत केंद्र का अंश होगा जबकि 40 प्रतिशत राज्यांश है।  कुशीनगर में राजकीय नर्सिंग कॉलेज की स्थापना के लिए पडरौना तहसील के मौजा रामपुर में स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय (मेडिकल कॉलेज) के बगल में 1.054 हेक्टेयर सीलिंग भूमि में से 0.405 हेक्टेयर भूमि का निशुल्क हस्तांतरण होना था। यह भूमि पडरौना-कुबेरस्थान मुख्य मार्ग से 500 मीटर दक्षिण में स्थित है। राजकीय नर्सिंग कॉलेज को निशुल्क भूमि हस्तांतरण के लिए प्रदेश कैबिनेट ने सोमवार को मंजूरी दे दी। कुशीनगर मेडिकल कॉलेज में राजकीय नर्सिंग कॉलेज की स्थापना से उच्च स्तरीय चिकित्सा में सहायता तो मिलेगी ही, स्थानीय स्तर पर रोजगार का भी सृजन होगा।

हरियाणा कैबिनेट की अहम बैठक: Gurugram में हुड्डा के ‘पीनल रेंट’ माफी मुद्दे पर दोबारा चर्चा

चंडीगढ़. मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने 22 अप्रैल को कैबिनेट की बैठक बुलाई है। इस बार पूरी सरकार गुरुग्राम में जुटेगी, जहां बुधवार सुबह नौ बजे पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में मंत्रिपरिषद की बैठक होगी। इससे पहले आठ अप्रैल को कैबिनेट बैठक बुलाई गई थी, जिसमें कई अहम निर्णय लिए गए थे। आगामी बैठक में करीब एक दर्जन प्रस्तावों के साथ पूर्व मुख्यमंत्री और विपक्ष के नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा की सरकारी कोठी का पीनल रेंट माफ करने का प्रस्ताव लाया जा सकता है। हुड्डा पर करीब साढ़े 16 लाख रुपये का पीनल रेंट बकाया है। इससे पहले भी मंत्रिमंडल की बैठक में यह प्रस्ताव लाया गया था, लेकिन तब तीन कैबिनेट मंत्रियों ने इस प्रस्ताव पर आपत्ति दर्ज करा दी थी। मंत्रियों का तर्क था कि पहले संबंधित विभाग से कोठी के रखरखाव पर हुए मेंटेनेंस, बिजली, पानी और मैनपावर सहित सभी खर्चों का विस्तृत ब्योरा लिया जाए। जब तक कुल बकाया और वास्तविक खर्च की पूरी तस्वीर सामने नहीं आती, तब तक किसी भी तरह की राहत देने का निर्णय जल्दबाजी माना जाएगा। इसके बाद प्रस्ताव को अगली बैठक तक टाल दिया गया था। अब संभावना जताई जा रही है कि संबंधित विभाग से पूरी जानकारी मिलने के बाद यह मुद्दा अगली कैबिनेट बैठक में फिर से उठाया जाएगा।

हेमंत सोरेन कैबिनेट का बड़ा फैसला, भवन नियमितीकरण और खनन नियमों में बदलाव

रांची झारखंड में अनधिकृत रूप से बनाए गए भवन अब नियमित किए जाएंगे। इसके लिए सरकार ने नियमितीकरण नियमावली 2025 को मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट बैठक में इस पर सहमति दी गई। बैठक में 53 प्रस्तावों को हरी झंडी मिली। कैबिनेट सचिव वंदना दादेल ने बैठक के बाद बताया कि अनधिकृत रूप से बनाए गए भवनों को नियमित करने को लेकर 2019 की नियमावली में संशोधन किया है। इसके अनुसार, 10 मीटर ऊंचाई तक के जी-प्लस टू भवनों को नियमित किया जा सकेगा। इसका अधिकतम क्षेत्रफल 300 वर्ग मीटर होगा। वहीं, आवासीय भवनों के लिए 10000 और व्यावसायिक भवनों के लिए 20000 की राशि देनी होगी। पेनाल्टी तीन किस्तों में देनी होगी। 60 दिनों में आवेदन जरूरी राज्य सरकार ने अनधिकृत रूप से निर्मित भवनों के नियमितीकरण को लेकर नए प्रावधान लागू किए हैं। इसके तहत अब ऐसे सभी भवनों के मालिकों को नियमितीकरण के लिए अनिवार्य रूप से आवेदन करना होगा। यह आवेदन अधिसूचना जारी होने की तिथि से 60 दिनों के भीतर ऑनलाइन करना अनिवार्य होगा। यह आवेदन संबंधित सक्षम प्राधिकरण या अधिकृत अधिकारी के समक्ष निर्धारित प्रारूप में जमा करना होगा। अनधिकृत निर्माण के मामलों में भवन का पूरा निर्मित क्षेत्र साइट प्लान के साथ प्रस्तुत करना होगा। छात्रों के लिए प्रतियोगिताएं होंगी राज्य में रोबोटिक फेस्टिवल आयोजित करने का निर्णय लिया गया है। इसमें प्रतिभागियों को किसी भी प्रकार का रोबोट बनाने की स्वतंत्रता होगी। प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार पांच लाख, द्वितीय पुरस्कार तीन लाख और तृतीय पुरस्कार दो लाख रुपये तय किया गया है। वहीं, स्कूल, आईटीआई और पॉलिटेक्निक के छात्रों के लिए उभरती तकनीक और विज्ञान पर क्विज आयोजित होगी। यह तीन चरणों में होगी। पहले चरण में आठवीं से 10वीं, दूसरे में 11वीं-12वीं व आईटीआई और तीसरे चरण में पॉलिटेक्निक के छात्र शामिल होंगे। रोबोटिक्स और बायोटेक्नोलॉजी से जुड़े क्विज में प्रथम पुरस्कार 50 हजारे, द्वितीय 30 हजार और तृतीय 20 हजार रुपये रखा गया है। बालू और लघु खनिज खनन के नियमों में बदलाव कैबिनेट की बैठक में झारखंड लघु खनिज रियायत (संशोधन) नियमावली, 2026 को मंजूरी दी गई। इसमें लघु खनिजों के लिए 100, 150 और 200 हेक्टेयर की क्षेत्र सीमा निर्धारित की गई है। बालू व पत्थर की लीज की अवधि 10 वर्षों के लिए होगी, जबकि ग्रेनाइट व अन्य लघु खनिजों की लीज की अवधि 30 वर्षों के लिए होगी। यह भी प्रावधान किया गया है कि आवेदन प्रक्रिया के 120 दिनों में एलओआई दिया जाएगा। पर्यावरण स्वीकृति के 30 दिनों में सीटीओ दिया जायेगा। खदानों का आवंटन ई-नीलामी के जरिये होगा। राज्य में बालू और लघु खनिजों के खनन को अधिक पारदर्शी और सुगम बनाने के लिए सरकार ने ऐसा किया है। नई नियमावली का मुख्य उद्देश्य पुरानी नियमावलियों में आ रही व्यावहारिक कठिनाइयों को दूर करना और राजस्व संग्रह को गति देना है।

पंजाब में मुफ्त राशन की नई योजना ‘मेरी रसोई’ लॉन्च, 40 लाख परिवार होंगे लाभान्वित; बजट सत्र की तारीख तय

चंडीगढ़ पंजाब में मेरी रसोई स्कीम का आगाज किया गया है। पंजाब कैबिनेट की बैठक के बाद सीएम भगवंत मान ने पत्रकारवार्ता में इसका एलान किया।  सीएम मान ने कहा कि 40 लाख परिवारों को फूड किट दी जाएगी। इस स्कीम के तहत तीन माह का राशन एक साथ दिया जाएगा। किट में 2 किलो माह-छोले की दाल, 2 किलो चीनी, एक किलो नमक, दो किलो हल्दी पाउडर और एक लीटर सरसों का तेल होगा। पुरानी गेहूं वितरण की योजना भी जारी रहेगी। नीले कार्ड धारकों को इसका फायदा होगा। इससे पहले कैबिनेट की बैठक में बजट सत्र की तारीखों पर मुहर लगाई गई। पंजाब का बजट सत्र 6 मार्च से 16 मार्च तक चलेगा। पहली बार रविवार आठ मार्च को बजट पेश किया जाएगा। सीएम ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर महिलाओं को एक हजार रुपये मिलेंगे। बजट के दौरान इसकी घोषणा की जाएगी। सीएम ने कहा कि आगामी बजट लोक भलाई पर केंद्रित होगा। वहीं गुरदासपुर मामले पर सीएम ने कहा कि यह जांच का विषय है। सीएम ने कहा कि पंजाब में एसआईआर को लेकर सहयोग किया जाएगा।  

कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक आज, सीएम साय की मौजूदगी में बड़े निर्णयों की उम्मीद

रायपुर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में बुधवार यानी 11 फरवरी को मंत्रिपरिषद की बैठक शुरू हो गई है. बजट सत्र से पूर्व हो रही बैठक काफी अहम मानी जा रही है, जिसमें विभिन्न विषयों पर चर्चा की संभावना है. कैबिनेट सदस्यों में चर्चा के बाद महत्वपूर्ण फैसलों पर मुहर लगेगी. बैठक के बाद मंत्री अरुण साव कैबिनेट बैठक के फैसलों की जानकारी साझा करेंगे.

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में राज्य कैबिनेट में रखे जाएंगे एक दर्जन प्रस्ताव

रांची. हजारीबाग जिले के बड़कागांव एवं केरेडारी प्रखंड तथा रामगढ़ जिले के पतरातू क्षेत्र में खनन परियोजनाओं से प्रभावित विस्थापितों की समस्याओं को लेकर झारखंड कांग्रेस द्वारा गठित पांच सदस्यीय जांच समिति की गतिविधियों में आंशिक बदलाव किया गया है। एकाएक राज्य कैबिनेट की बैठक आहूत होने के कारण पांच फरवरी को प्रस्तावित कांग्रेस जांच दल का बड़कागांव–केरेडारी दौरा फिलहाल टाल दिया गया है। समिति ने स्पष्ट किया है कि यह दौरा दो-तीन दिनों के भीतर नई तिथि तय कर किया जाएगा। गुरुवार को कैबिनेट की बैठक में इससे जुड़ा मुद्दा उठेगा। बुधवार को रांची में झारखंड कांग्रेस प्रभारी के. राजू और जांच समिति के संयोजक सह मंत्री राधाकृष्ण किशोर की उपस्थिति में एक अहम उच्चस्तरीय बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में पूर्व मंत्री योगेंद्र साव एवं पूर्व विधायक अंबा प्रसाद भी मौजूद रहे। बैठक में बड़कागांव, केरेडारी और पतरातू क्षेत्र में खनन कंपनियों द्वारा विस्थापितों के कथित शोषण और स्थानीय प्रशासन की भूमिका पर गंभीरता से चर्चा की गई। कांग्रेस प्रभारी के. राजू ने विस्थापन से जुड़ी ज्वलंत समस्याओं की विस्तृत समीक्षा की और निर्देश दिया कि गठित जांच समिति कांग्रेस मुख्यालय, रांची में गुरुवार को आंतरिक बैठक करे। इस बैठक में विस्थापितों से जुड़े मुद्दों, कानूनी पहलुओं और समाधान के संभावित रास्तों पर चर्चा करते हुए राज्य कैबिनेट में प्रस्ताव रखने की रणनीति तय की जाएगी। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि बृहस्पतिवार को होने वाली कैबिनेट बैठक में बड़कागांव विधानसभा क्षेत्र की विस्थापन संबंधी समस्याओं को औपचारिक रूप से रखा जाएगा। कांग्रेस का उद्देश्य है कि मुख्यमंत्री के स्तर पर भूमि अधिग्रहण कानून 2013 के प्रभावी क्रियान्वयन, विस्थापन आयोग की भूमिका, स्थानीय मजदूरों को एचपीसी नियमों के तहत भुगतान, पतरातू विद्युत निगम लिमिटेड और पतरातू छाई डैम से जुड़े मुद्दों का समग्र समाधान निकाला जा सके। जांच समिति ने जानकारी दी कि कैबिनेट बैठक से संबंधित पत्र मिलने के बाद दौरा स्थगित करने का निर्णय लेना पड़ा। हालांकि मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने भरोसा दिलाया कि कैबिनेट में मुद्दे रखने के तुरंत बाद प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया जाएगा। इसके पश्चात विस्थापितों की समस्याओं पर विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर कांग्रेस प्रभारी के. राजू के माध्यम से सरकार को सौंपी जाएगी और त्रिपक्षीय वार्ता के जरिए ठोस निर्णय सुनिश्चित कराने का प्रयास किया जाएगा।

नशे के खिलाफ सरकार का बड़ा एक्शन: 10 जिलों में एंटी नार्कोटिक्स टीम, कैबिनेट ने लिए कई अहम फैसले

रायपुर   मुख्यमंत्री विष्णदेव साय की अध्यक्षता में बुधवार 4 फरवरी को मंत्रिमंडल की बैठक की गई. कैबिनेट सदस्यों के बीच कई विषयों पर चर्चा हुई, जिसके बाद अहम मुद्दों पर मुहर लगाई गई. इस बैठक में नशे पर शिकंजा कसने 10 जिलों में एंटी नार्कोटिक्स टीम के गठन किए जाने का फैसला लिया गया है. साथ ही पुलिस मुख्यालय के विशेष शाखा स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) का गठन होगा, जिसके लिए 44 नए पद स्वीकृत किए गए हैं. साय कैबिनेट की बैठक में लिए गए कई महत्वपूर्ण निर्णय 1. मादक पदार्थाें की रोकथाम की दिशा में बड़ा निर्णय लेते हुए मंत्रिपरिषद की बैठक में प्रदेश के 10 जिलों में जिला स्तरीय एन्टी नारकोटिक्स टॉस्क फोर्स के गठन हेतु वित्तीय वर्ष 2025-26 के मुख्य बजट में प्रावधानित 100 नवीन पदों की स्वीकृति प्रदान की गई. इसमें रायपुर, महासमुंद, बिलासपुर, दुर्ग, बस्तर, सरगुजा, कबीरधाम, जशपुर, राजनांदगांव एवं कोरबा जिला शामिल हैं. 2. मंत्रिपरिषद की बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 के मुख्य बजट में पुलिस मुख्यालय के विशेष शाखा अंतर्गत एस.ओ.जी. (स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप) के गठन के लिए प्रावधानित 44 नवीन पदों की स्वीकृति प्रदान की गई है. एसओजी का काम किसी भी बड़ी या अचानक हुई घटना में तुरंत मौके पर पहुँचकर हालात को संभालना और आतंकी हमला या गंभीर खतरे को जल्दी खत्म करना होता है. एसओजी एक खास तरह की प्रशिक्षित टीम होती है, जिसे ऐसे खतरनाक कामों के लिए तैयार किया जाता है. 3. मंत्रिपरिषद द्वारा राज्य के विभिन्न एयरपोर्ट एवं हवाई पट्टियों में उड़ान प्रशिक्षण संगठन (एफटीओ) की स्थापना का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया तथा इसके संचालन के दिशा-निर्देशों का अनुमोदन किया गया. जिसके तहत छत्तीसगढ़ में पायलट प्रशिक्षण की सुविधा के लिए राज्य में उड़ान प्रशिक्षण संगठन की स्थापना की जाएगी. विमानन क्षेत्र में बढ़ती मांग को देखते हुए और युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए यह संस्थान उपयोगी होगा. इससे एयरक्राफ्ट रिसाइकिलिंग, हेलीकॉप्टर बंकिंग तथा एयरो स्पोर्ट्स जैसी सुविधाएं विकसित होगी. फ्लाइट ट्रेनिग ऑर्गनाइजेशन की स्थापना निजी सहभागिता से किया जाएगा. 4. मंत्रिपरिषद द्वारा छत्तीसगढ़ नवाचार एवं स्टार्टअप प्रोत्साहन नीति 2025-26 का अनुमोदन किया गया. इस नीति से स्टार्टअप ईको सिस्टम के साथ-साथ इन्क्यूबेटर्स एवं अन्य हितधारकों का विकास होगा. छत्तीसगढ़ को देश में एक प्रमुख नवाचार केन्द्र के रूप में विकसित किया जा सकेगा. भारत सरकार के उद्योग संवर्धन एवं आंतरिक व्यापार विभाग द्वारा जारी स्टेट्स स्टार्टअप रैंकिंग में सुधार होने से राज्य में निवेश का आकर्षण बढ़ेगा. 5. मंत्रिपरिषद द्वारा छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल और रायपुर विकास प्राधिकरण द्वारा बनाई गई और पूरी हो चुकी 35 आवासीय कॉलोनियों को नगर निगम और नगर पालिकाओं को सौंपने का निर्णय लिया गया है. इन कॉलोनियों में खुले भू-खंड, उद्यान और अन्य सार्वजनिक सुविधाएं शामिल होंगी. हालांकि, आवासीय, व्यावसायिक और अर्द्धसार्वजनिक बिक्री योग्य संपत्तियां इसमें शामिल नहीं होंगी. अभी इन कॉलोनियों का हस्तांतरण नहीं होने के कारण वहां रहने वाले लोगों को कई मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं. कॉलोनियों के रखरखाव के लिए निवासियों को दोहरा खर्च उठाना पड़ रहा है. एक ओर वे नगर निगम को संपत्ति कर दे रहे हैं, वहीं दूसरी ओर गृह निर्माण मंडल को भी रखरखाव शुल्क देना पड़ता है. इन कॉलोनियों के हस्तांतरण से नगरीय निकायों द्वारा यहां पानी, बिजली, सड़क, सफाई जैसी सुविधाएं दी जा सकेंगी और कॉलोनीवासियों को अतिरिक्त रखरखाव शुल्क से राहत मिलेगी. 6. मंत्रिपरिषद द्वारा नवा रायपुर अटल नगर में शासकीय विभागों तथा निगम मंडल के कार्यालयों के लिए नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण द्वारा एक वृहद बहुमंजिला भवन बनाने का निर्णय लिया गया है और यहां विभागों को स्पेस आबंटित किया जाएगा, ताकि भूमि का पूर्ण उपयोग किया जा सके. 7. मंत्रिपरिषद द्वारा सिरपुर एवं अरपा क्षेत्र में सुनियोजित विकास और विकास कार्यों को गति देने के लिए संबंधित क्षेत्र में शासकीय भूमि के आबंटन का अधिकार संबंधित जिले के कलेक्टर को प्रदान किया गया है. गौरतलब है कि सिरपुर विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण एवं अरपा विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण का उद्देश्य संबंधित नदी तटीय क्षेत्रों का योजनाबद्ध और समग्र विकास करना है. इसके लिए मास्टर प्लान के क्रियान्वयन, भूमि नियोजन एवं नगर विकास योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू किया जाना आवश्यक है. विकास कार्यों को गति देने के लिए शासकीय भूमि का आबंटन जरूरी था. वर्तमान में दोनों प्राधिकरणों की वित्तीय स्थिति को देखते हुए शासकीय भूमि का आबंटन रु. 1/- प्रीमियम एवं भू-भाटक पर किए जाने का निर्णय लिया गया है. साथ ही, भूमि आबंटन के अधिकार संबंधित जिला कलेक्टरों को दिया गया है. 8. मंत्रिपरिषद ने ‘‘छत्तीसगढ़ क्लाउड फर्स्ट नीति‘‘ को प्रदेश में लागू किए जाने की स्वीकृति प्रदान की है. छत्तीसगढ़ क्लाउड फर्स्ट नीति का प्रस्ताव छत्तीसगढ़ शासन के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा प्रस्तुत किया गया. छत्तीसगढ़ क्लाउड फर्स्ट नीति के अनुसार राज्य शासन के सभी विभाग, उपक्रम एवं स्वायत्त संस्थाएं केवल भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा अनुमोदित क्लाउड सेवा प्रदाताओं या भारत में स्थित सुरक्षित डेटा सेंटर एवं डिजास्टर रिकवरी सेंटर से ही क्लाउड सेवाएं लेंगी. किसी विशेष या असाधारण आवश्यकता के लिए राज्य क्लाउड परिषद से अनुमति लेना अनिवार्य होगा. नीति के तहत कम प्राथमिकता वाले एप्लिकेशन एवं आर्काइव डेटा का क्लाउड माइग्रेशन वर्ष 2027-28 तक तथा उच्च प्राथमिकता सेवाओं का माइग्रेशन 2029-30 तक किया जाएगा. सभी नए एप्लिकेशन क्लाउड-नेटिव तकनीक पर विकसित किए जाएंगे. कैबिनेट ने इस नीति में भविष्य में आवश्यक संशोधन करने के लिए इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग को अधिकृत किया है. इस नीति से आईटी ढांचे में लागत में कमी, संचालन में दक्षता, बेहतर साइबर सुरक्षा, आपदा के समय सेवाओं की निरंतरता तथा नागरिक सेवाओं की 24×7 उपलब्धता सुनिश्चित होगी. साथ ही नागरिकों के डेटा की सुरक्षा, पारदर्शिता और ट्रैकिंग व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी. 9. मंत्रिपरिषद द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य में डिजिटल अवसंरचना को विस्तार देने के लिए मोबाइल टावर योजना का अनुमोदन किया गया है. भौगोलिक विषमता और वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में मोबाइल कनेक्टिविटी सीमित होने से शासन की योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन बाधित हो रहा है. इस योजना से मोबाइल टावर स्थापना हेतु चयनित सेवा प्रदाताओं को अनुमति और प्रशासनिक स्वीकृतियों की प्रक्रिया को सरल और समयबद्ध किया जाएगा. मोबाइल टावर योजना के अंतर्गत चयनित मोबाइल नेटवर्क विहीन बसाहटों … Read more

हरियाणा के मुख्यमंत्री सैनी 2 को कैबिनेट बैठक में तय करेंगे बजट की तारीख

पंचकूला. हरियाणा सरकार ने राज्य के आम बजट और सात शहरी निकायों के चुनाव से पहले उच्च अधिकारियों के कार्य दायित्व में बड़ा बदलाव किया है। अभी तक स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव का दायित्व संभाल रहे। साल 1990 बैच के सीनियर आईएएस अधिकारी सुधीर राजपाल को राज्य का नया गृह सचिव बनाया गया है। सुधीर राजपाल निवर्तमान गृह सचिव डा. सुमिता मिश्रा का स्थान लेंगे। सुधीर राजपाल राज्य के वरिष्ठतम आईएएस अधिकारी हैं, लेकिन वित्तायुक्त एवं गृह सचिव जैसे महत्वपूर्ण पदों से पूर्व में वंचित रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग का जिम्मा संभालेंगी सुमिता मिश्रा अब सुमिता मिश्रा राज्य की वित्तायुक्त राजस्व एवं आपदा प्रबंधन तथा स्वास्थ्य विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव का दायित्व संभालेंगी। सुधीर राजपाल को गृह सचिव बनाने के साथ-साथ सरकार ने पर्यावरण, वन एवं वन्य जीव विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव की जिम्मेदारी भी सौंपी है। सुमिता मिश्रा को चकबंदी, चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान तथा आयुष विभागों के अतिरिक्त मुख्य सचिव का भी कार्यभार सौंपा गया है। हरियाणा के मुख्यमंत्री के निर्देश पर हुए इन तबादलों में मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी का कार्यभार थोड़ा कम किया गया है, जबकि मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव अरुण कुमार और अतिरिक्त प्रधान सचिव साकेत कुमार के दायित्व में बढ़ोतरी की गई है। अनुराग रस्तोगी का हुआ है हार्ट का ऑपरेशन मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी का पिछले दिनों हार्ट का ऑपरेशन हुआ था। उनके पास वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव का भी दायित्व था। चूंकि मार्च माह के पहले सप्ताह में बजट पेश होने वाला है और मुख्यमंत्री लगातार बजट पर सुझाव लेने के लिए बैठकों का आयोजन कर रहे हैं, ऐसे में अनुराग रस्तोगी के स्थान पर मुख्यमंत्री ने अपने प्रधान सचिव अरुण गुप्ता को वित्त एवं योजना विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा है। अरुण गुप्ता मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव बने रहेंगे। मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव साकेत कुमार को उनके मौजूदा दायित्व के अलावा अरुण गुप्ता के स्थान पर शहरी निकाय विभाग का आयुक्त एवं सचिव बनाया गया है। साकेत कुमार कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के सदस्य का अतिरिक्त कार्यभार संभालेंगे। राय कुमार विकास प्राधिकरण का अतिरिक्त सीईओ नियुक्त किया राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग में विशेष सचिव राम कुमार को उनके इस दायित्व के अलावा पंचकूला महानगर विकास प्राधिकरण का अतिरिक्त सीईओ नियुक्त किया गया है। पहले यह जिम्मेदारी आइआरपीएस अधिकारी विनय कुमार के पास थी। हरियाणा सरकार ने विनय कुमार को नगर निगम पंचकूला का आयुक्त तथा हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग में ओएसडी नियुक्त किया है। ओएसडी के पद पर अभी तक चिन्मय गर्ग सेवाएं दे रहे थे। विनय कुमार को जिला नगर आयुक्त का भी दायित्व सौंपा गया है।