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बिहार विधानसभा चुनाव का शंखनाद आज, चुनाव आयोग करेगा कार्यक्रम की घोषणा

पटना  भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) आज शाम 4 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के लिए तारीखों और शेड्यूल की आधिकारिक घोषणा करेगा. उम्मीद लगाई जा रही हैं कि बिहार में दो चरणों में मतदान हो सकता है. वहीं, रविवार को पटना में आयोजित प्रेस वार्ता में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने स्पष्ट कर दिया था कि आगामी विधानसभा चुनाव 22 नवंबर से पहले संपन्न हो जाएगी, क्योंकि 22 नवंबर को वर्तमान कार्यकाल समाप्त हो रहा है. आयोग ने 4 और 5 अक्टूबर को बिहार का दौरा किया, जहां मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने राजनीतिक दलों, अधिकारियों, पुलिस और सिविल सोसाइटी से मुलाकात की. इस दौरान कानून-व्यवस्था, व्यय निगरानी और मतदान केंद्रों की व्यवस्था पर चर्चा हुई. राजनीतिक दलों ने चरणों की संख्या पर सुझाव दिए और आयोग ने छठ पूजा (18-28 अक्टूबर) और दिवाली को ध्यान में रखते हुए शेड्यूल तैयार किया है. मतदान संभवतः छठ के बाद अक्टूबर-नवंबर में होगा जो 2020 की तरह कम चरणों में हो सकता है. प्रत्येक बूथ पर केवल 1,200 मतदाताओं की अनुमति होगी. राजनीतिक दलों की आयोग से अपील वहीं, राजनीतिक दलों ने चुनाव आयोग के साथ बैठक में छठ पर्व के तुरंत बाद चुनाव कराने की अपील की है जो अक्टूबर के अंत में मनाया जाएगा, ताकि ज्यादा से ज्यादा मतदाताओं की भागीदारी सुनिश्चित की जा सके, क्योंकि बड़ी संख्या में बाहर काम करने वाले लोग त्योहारों के लिए अपने-अपने घर लौटते हैं. 22 साल बाद हुआ वोटर लिस्ट का शुद्धीकरण इससे पहले बिहार दौरे के बाद पटना में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने रविवार को कहा कि बिहार में विशेष गहन पुनरीक्षण से 22 साल बाद मतदाता सूची का शुद्धिकरण हुआ है. उन्होंने कहा कि आगामी विधानसभा चुनावों के लिए कई नई पहल की जा रही हैं, जिन्हें आने वाले समय में पूरे देश में दोहराया जाएगा. मुख्य चुनाव आयुक्त ने 243 सदस्यीय बिहार विधानसभा के चुनावों में शुरू की जा रही कई पहलों के बारे में भी बताया, जिसमें अनुसूचित जातियों के लिए 38 निर्वाचन क्षेत्र और अनुसूचित जनजातियों के लिए दो अन्य आरक्षित हैं. इन पहलों में, जिन्हें समय आने पर पूरे देश में दोहराया जाएगा, एक नई मानक संचालन प्रक्रिया शामिल है, ताकि ये सुनिश्चित किया जा सके कि पंजीकरण के 15 दिनों के अंदर मतदाताओं को ईपीआईसी कार्ड वितरित किए जाएं और मतदान केंद्रों पर मोबाइल जमा सुविधा भी शामिल है. एक मतदान केंद्र पर होंगे 1200 मतदाता सीईसी ने कहा, 'मतदान केंद्रों पर भीड़भाड़ को रोकने के लिए ये फैसला लिया गया है कि किसी भी मतदान केंद्र पर 1,200 से ज़्यादा मतदाता नहीं होंगे. मतदाताओं के लिए मतदान प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए मतदान केंद्रों पर मोबाइल डिपॉज़िट सुविधा शुरू की जा रही है.' हर बूथ की होगी वेबकास्टिंग उन्होंने कहा, 'अन्य नई सुविधाओं में सभी मतदान केंद्रों पर 100 प्रतिशत वेबकास्टिंग और ईवीएम डेटा में विसंगति की शिकायत के मामले में वीवीपीएटी पर्चियों का अनिवार्य सत्यापन शामिल है.' उन्होंने ये भी स्पष्ट किया कि चुनाव प्रक्रिया 22 नवंबर से पहले पूरी कर ली जाएगी, जब वर्तमान विधानसभा का कार्यकाल समाप्त हो रहा है. आपको बता दें कि बिहार चुनाव में सत्ताधारी एनडीए (बीजेपी-जेडीयू) और महागठबंधन (आरजेडी-कांग्रेस) के बीच कड़ा मुकाबला होने की उम्मीद है. प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी भी इस बार मैदान में है. इस विधानसभा चुनाव में बेरोजगारी, प्रवासन और स्थानीय मुद्दे प्रमुख होंगे. आयोग ने जेल में बंद व्यक्तियों के नामांकन पर संसदीय कानूनों का हवाला देते हुए फैसला लेने की बात कही.  

नीतीश कुमार का ड्रीम प्रोजेक्ट पटना मेट्रो जल्द दौड़ेगी, किराया ₹15 से ₹30, होगी रोज़ 40+ राइड्स

पटना  बिहार में विधानसभा चुनाव करीब हैं. चुनाव की तैयारियों के बीच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अगुवाई वाली सत्ताधारी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की सरकार भी एक्टिव मोड में है. चुनाव कार्यक्रम के ऐलान से पहले सीएम नीतीश की सरकार अब पटना के लोगों को बड़ा तोहफा देने जा रही है. सीएम नीतीश 6 अक्टूबर को दिन में 11 बजे पटना के लोगों को मेट्रो रेल की सौगात देंगे. पटना मेट्रो रेल परियोजना पर 13 हजार 925 करोड़ 50 लाख की लागत आई है. पटना मेट्रो के उद्घाटन कार्यक्रम में सीएम नीतीश के साथ दोनों डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा भी शामिल होंगे. पटना मेट्रो के शुभारंभ पाटलिपुत्र बस डिपो से होना है. इस सेवा की शुरुआत के बाद यात्री इसमें आईएसबीटी स्टेशन से जीरो माइल और भूतनाथ तक सफर कर पाएंगे. इस रूट की लंबाई करीब सवा चार किलोमीटर है. पटना मेट्रो का न्यूनतम किराया 15 रुपये पटना मेट्रो के लिए जो किराया निर्धारित किया गया है, उसके मुताबिक एक स्टेशन तक सफर करने के लिए 15 रुपये का टिकट लगेगा और अधिकतम किराया 30 रुपये होगा. पटना मेट्रो का परिचालन फिलहाल सुबह 8 बजे से रात 10 बजे तक होगा और हर दिन इस रूट पर मेट्रो ट्रेन 40 से 42 फेरे लगाएगी. पटना मेट्रो की साज-सज्जा पर भी खास ध्यान दिया गया है. इस ट्रेन को विश्व प्रसिद्ध मधुबनी पेंट्रिंग से सजाया गया है. इस पेंटिंग में बिहार की पहचान की झलके है. पटना मेट्रो प्रोजेक्ट की पूरी टाइमलाइन बिहार राजधानी पटना में मेट्रो ट्रेन चलाने का प्लान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने साल 2013 में बनाया था. पटना मेट्रो परियोजना की गिनती सीएम नीतीश के ड्रीम प्रोजेक्ट्स में की जाती है. नीतीश कुमार की अगुवाई वाली कैबिनेट ने 11 जून 2013 को पटना मेट्रो परियोजना के लिए डीपीआर तैयार करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी. जून 2014 में पटना मेट्रो परियोजना को हरी झंडी मिली, जिसका निर्माण पांच चरणों में कराने का प्रस्ताव पारित किया गया. पटना मेट्रो प्रोजेक्ट में बिहार और केंद्र सरकार के साथ–साथ जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी यानी JICA की भी भागीदारी है. कब क्या हुआ– -17 फरवरी 2019 को पीएम मोदी ने पटना के पहले मेट्रो रेल कॉरिडोर का शिलान्यास किया -18 फरवरी 2019 को पटना मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन की स्थापना की गई -पटना मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड यानी PMRCL को पटना मेट्रो प्रोजेक्ट को पूरा करने की जिम्मेदारी मिली -इस प्रोजेक्ट में DMRC को सलाहकार बनाया गया -4 मार्च 2019 को पटना मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड ने पटना के इंदिरा भवन में अपना ऑफिस खोला -जनवरी 2022 में एल एंड टी कंपनी ने पटना मेट्रो के फेज-1 के कॉरिडोर-2 के डिजाइन और निर्माण के लिए मेट्रो ऑपरेटर DMRC से ऑर्डर हासिल किया -पहले फेज में पटना मेट्रो के पांच स्टेशन पूरा करने का लक्ष्य रखा गया  

तीन साल बाद रांची में क्रिकेट का जलवा, भारत और साउथ अफ्रीका आमने-सामने

रांची झारखंड स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन स्टेडियम रांची में 30 नवंबर को भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच खेला जाएगा। यह मुकाबला झारखंड के क्रिकेट प्रेमियों के लिए एक बड़ी खुशी का मौका है। अक्टूबर 2022 के बाद यह पहला मैच है जो रांची के मैदान पर खेला जा रहा है। उस समय भी भारत ने दक्षिण अफ्रीका को सात विकेट से हराया था। अब इसी इतिहास को दोहराने के लिए दोनों टीमें तैयार हैं। झारखंड स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन के एक अधिकारी ने बताया कि इसके बाद जनवरी 2026 में भारत दौरे पर आने वाली न्यूजीलैंड टीम के लिए भी रांची को एक अंतरराष्ट्रीय मैच मिलने की संभावना है। ज्ञातव्य है कि झारखंड स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन मैदान में अब तक कुल 6 वनडे मैच हो चुके हैं, जिनमें भारत ने 3 मैच जीते, 2 मैच हारे और 1 मैच रद्द रहा। इसके अलावा यहां 3 टेस्ट मैच और 4 टी-20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले भी हो चुके हैं। महिला क्रिकेट में भी यह मैदान खास रहा है, जहां 3 वनडे और 3 टी20 मैच खेलाए गए हैं। साउथ अफ्रीका के इस भारत दौरे में टेस्ट, वनडे और टी20 तीनों प्रारूपों के मैच होंगे। वनडे सीरीज में पहला मैच 30 नवंबर को रांची में होगा, दूसरा 3 दिसंबर को रायपुर में और तीसरा 6 दिसंबर को विशाखापट्टनम में।  

22 नवंबर से पहले ही होंगे बिहार के चुनाव, नए वोटर कार्ड धारकों को मतदान का मौका

पटना बिहार विधानसभा चुनाव से पहले हुए मतदाताओं के विशेष गहन पुनरीक्षण के बाद आम मतदाताओं के मन में बड़ा सवाल था कि वोटर कार्ड बदल दिए जाएंगे? पहले वाले वोटर कार्ड बेकार हो जाएंगे? ऐसा सवाल इसलिए भी था क्योंकि विशेष गहन पुनपरीक्षण में 2003 के बाद मतदाता सूची में शामिल वोटरों को अपने कागज और तस्वीर भी देनी थी। कहा भी गया था कि उनका डाटा उसी हिसाब से अपडेट किया जाएगा। अब देश के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने साफ किया है कि जिन मतदाताओं की जानकारी में किसी तरह का अपडेट या बदलाव हुआ है, उन्हें नया वोटर कार्ड जारी किया जाएगा। बाकी को इसकी जरूरत नहीं पड़ेगी। उन्होंने बताया कि प्रावधान के तहत 22 नवंबर से पहले नई सरकार के लिए चुनाव हो जाना है और इसी हिसाब से आयोग काम कर रहा है। बाकी दस्तावेजों के आधार भी डाल सकते हैं बिहार चुनाव में वोट दो दिवसीय दौरे के बाद पटना से लौटने के पहले मीडिया से बातचीत में मुख्य चुनाव आयुक्त ने साफ कहा- "जिनके वोटर कार्ड के डाटा में कोई परिवर्तन होगा, उन्हें 15 दिनों के अंदर ईपिक, यानी वोटर कार्ड मिल जाएगा। जिनके पास पुराने वोटर कार्ड हैं और डाटा में कोई बदलाव नहीं है, वह उसी को सही मानेंगे। मतदान करने के लिए बाकी जिन दस्तावेजों को पहले से मान्य रखा गया था, वह आगे भी कायम रहेंगे।" मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा कि अयोग्य वोटरों को हटाने और योग्य वोटरों को शामिल करने के लिए चलाए गए गहन विशेष पुनरीक्षण का परिणाम बहुत स्पष्ट और संतोषजनक रहा है। अब भी कोई अयोग्य जुड़ा हुआ है या योग्य छूटा हुआ है तो उसका नाम हटाने-जोड़ने की प्रकिया चलती रहेगी। चुनाव के बाद यह प्रक्रिया अगले आदेश तक के लिए बंद हो जाएगी। आधार कार्ड की मान्यता पर भी मुख्य चुनाव आयोग ने खुलकर की बात मुख्य चुनाव आयुक्त ने वोटर पुनरीक्षण की प्रक्रिया में आधार को रखने और नहीं रखने को लेकर विवाद पर भी स्पष्ट जानकारी दी। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने मतदाता सूची के लिए नामांकन भरा होगा, वह आधार देने के लिए बाध्य नहीं थे और न हैं। चुनाव आयोग या आधार अथॉरिटी के नियम और सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत आधार न जन्मतिथि और न नागरिकता का प्रमाणपत्र है। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का आदेश आया तो आयोग ने विशेष गहन पुनरीक्षण में आधार कार्ड लेने की व्यवस्था दी। उन्होंने नागरिकता को लेकर पूछे गए सवाल पर भी सीधा जवाब देते हुए कहा- संविधान के तहत भारत का मतदाता बनने के लिए भारत का नागरिक होना जरूरी है। वोटर जहां रहता है, उसके आसपास के बूथ का मतदाता हो सकता है। उन्होंने कहा कि सभी चिह्नित अयोग्य मतदाताओं का नाम हटाया गया है। उसका कारण भी बताया गया है।

CEC ज्ञानेश कुमार का ऐलान: बिहार के सभी बूथों पर होगी वेबकास्टिंग, वोटर संख्या 1200 तक सीमित

पटना  बिहार चुनाव की तैयारियों की समीक्षा को लेकर चुनाव आयोग की टीम दो दिन के पटना दौरे है। रविवार को सीईसी ज्ञानेश कुमार की अध्यक्षता में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जानकारी दी गई। उन्होने बताया कि किसी भी बूथ पर 1200 से ज्यादा वोटर नहीं होंगे। 100 फीसदी वेब कास्टिंग होगी। ज्ञानेश कुमार ने कहा कि बिहार में 243 विधानसभा क्षेत्र है। विधानसभा का कार्यकाल 22 नवंबर 2025 को खत्म हो रहा है। उसके पहले चुनाव संपन्न होंगे। चुनाव आयोग की टीम दो दिनों से बिहार में है। इसके पहले भी हमारे वरिष्ठ अधिकारी बिहार का दौरा कर चुके हैं। चुनाव आयोग ने दो दिवसीय दौरे के दौरान पहले दिन राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। उसके बाद, सभी जिलों डीएम, एसपी, डीआईजी व आईजी के साथ बैठक की। वहीं, दूसरे दिन तीन सत्र में ,प्रवर्तन एजेंसियों के नोडल अधिकारियों, बिहार के मुख्य सचिव, डीजीपी और विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक की। सीईसी ने बताया कि पहली बार बूथ लेवल एजेंट्स (बीएलए) की ट्रेनिंग दिल्ली में हुई है। बूथ लेवल ऑफिसर के लिए भी फोटो आईडी कार्ड उपलब्ध कराया जाएगा। इसके अलावा पोलिंग बूथ के कमरे के बाहर मोबाइल जमाकर वोट डालने की सुविधा होगी। सभी 90 हजार पोलिंग बूथ पर ये सुविधा होगी। मतदाताओं को दी जाने वाली वोटर स्लिप बूथ की संख्या बड़े अक्षरों में होगी, जिससे बूथ ढूंढना आसान होगा। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव के पूर्व कराए गए एसआई आर के तहत अपात्र मतदाताओं के नाम कटे हैं, उन्होंने आग्रह किया कि अभी भी वक्त है, यदि वे योग्य हैं, तो नामांकन की समाप्ति के 10 दिनों पहले तक वे फॉर्म- 6 या फॉर्म- 7 भरकर जमा कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि जो नई पहल की गई है, उनमें कुछ चुनाव कंडक्ट के समय और कुछ चुनाव के दौरान लागू की जाएगी। उन्होंने आधार कार्ड को लेकर नियमो आए सुप्रीम कोर्ट के निर्देश का ज़िक्र किया और कहा कि इसे गणना फॉर्म के साथ स्वीकार किया गया था और आगे भी स्वीकार किया जाएगा। हालांकि सुप्रीम कोर्ट और आधार कानून के साथ जनप्रतिनिधित्व कानून का हवाला दिया और कहा कि आधार केवल पहचान है, नागरिकता का प्रमाण नहीं। उन्होंने राजनीतिक दलों से हर बूथ पर चुनाव एजेंट बहाल करने और मतदान से पूर्व और मतदान की समाप्ति तक फॉर्म 17 सी लेकर जाने तक उनकी मौजूदगी सुनिश्चित कराएं। चुनाव आयोग 17 नए प्रयोग बिहार चुनाव में करने जा रही है। आगे यह पूरे देश में लागू होगा। ईवीएम पर प्रत्याशियों की रंगीन फोटो होगी। वोटर आईडी कार्ड में वोटर आईडी नंबर बड़ा होगा। EVM की काउंटिंग में कोई भी गलती होगी तो सभी VVPAT की गिनती होगी। इसके अलावा बैलेट वोट की भी गिनती अनिवार्य होगी। ज्ञानेश कुमार ने कहा कि हाल ही में बिहार में मतदाता सूची शुद्धिकरण का काम चलाया गया और हमारे सामने मौजूद बूथ लेवल अधिकारियों ने न सिर्फ अपने बूथों पर मतदाता सूची शुद्धिकरण का काम किया, बल्कि बिहार के 90,217 बूथ लेवल अधिकारियों ने ऐसा काम किया जो पूरे देश में सराहनीय है। जैसे बिहार के वैशाली ने दुनिया को लोकतंत्र की राह दिखाई। आप सब मिलकर मतदाता सूची शुद्धिकरण के काम में देश के लिए प्रेरणा स्रोत बनेंगे।  

साइबर अपराध का पर्दाफाश: मध्यप्रदेश पुलिस ने देवघर से दो बदमाशों को किया गिरफ्तार

देवघर मध्यप्रदेश के पन्ना से पहुंची एक पुलिस टीम ने झारखंड के देवघर जिले में 2 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आरोपियों की पहचान हसन राजा और इरफान अंसारी के रूप में हुई है जिन्हें शुक्रवार को गिरफ्तार किया गया। आरोपियों पर आरोप है कि ये खुद को बैंक अधिकारी बताकर लोगों के साथ धोखाधड़ी करते थे। मधुपुर के उप संभागीय पुलिस अधिकारी (एसडीपीओ) सत्येंद्र प्रसाद ने कहा, ‘‘दोनों आरोपी मध्यप्रदेश के पन्ना जिले के पवई थाना क्षेत्र अंतर्गत आने वाले एक सरकारी स्कूल के शिक्षक से 14 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने में शामिल थे। पीड़ित ने मध्यप्रदेश में पन्ना जिले के पवई थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। मोबाइल कॉल डिटेल और लोकेशन डेटा के आधार पर पुलिस ने पाथरोल थाना क्षेत्र के तीन युवकों की संलिप्तता की पहचान की।'' उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश से आई तीन सदस्यीय टीम ने पथरोल पुलिस की मदद से कसैया और बिलरिया गांवों में छापेमारी की तथा अमन राजा, हसन राजा और इरफान अंसारी को हिरासत में लिया गया। प्रसाद के मुताबिक, पूछताछ के बाद पुलिस ने अमन राजा को निजी मुचलके पर रिहा कर दिया जबकि हसन राजा और इरफान अंसारी को गिरफ्तार कर लिया गया। एसडीपीओ ने बताया कि पुलिस ने इरफान अंसारी के घर से 3.5 लाख रुपये नकद, एक एटीएम कार्ड, सिम कार्ड, एक मोबाइल फोन, एक पासबुक और एक मोटरसाइकिल बरामद की, जबकि हसन राजा के घर से पांच लाख रुपये नकद, एक लैपटॉप, एक मोबाइल फोन, एक एटीएम कार्ड, सिम कार्ड, सोने और चांदी के आभूषण तथा अन्य दस्तावेज जब्त किए। कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद मध्यप्रदेश पुलिस उन्हें स्थानीय अदालत से अनुमति लेकर ट्रांजिट रिमांड पर पन्ना ले जाने की तैयारी कर रही है।  

CEC ने बताया बिहार में वोटर लिस्ट सुधार और भाषा-अभिवादन नियम, जानें क्या कहा

पटना मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की शुरुआत में बिहार के बूथ लेवल ऑफिसर्स (BLOs) के काम की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि बिहार के 90217 BLOs ने अपने-अपने क्षेत्र में वोटर लिस्ट को सफलतापूर्वक अपडेट किया है। उन्होंने BLOs के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इनके प्रयासों ने न केवल मतदाता सूची को दुरुस्त किया, बल्कि पूरे देश के अन्य BLOs को भी ये काम करने के लिए प्रेरित किया है। भोजपुरी-मैथिली में अभिवादन CEC ने स्थानीय भाषाओं के प्रति सम्मान दिखाते हुए भोजपुरी और मैथिली में बिहार के लोगों का अभिवादन किया। उन्होंने राज्य के सभी मतदाताओं से लोकतंत्र के पर्व को उसी उत्साह से मनाने का आह्वान किया, जिस उत्साह से वे छठ पूजा और अन्य त्योहार मनाते हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपनी जिम्मेदारी निभाएं और अनिवार्य रूप से वोट डालें। बिहार की सभी 243 विधानसभा सीटों पर यह चुनाव होना है, क्योंकि प्रदेश की वर्तमान सरकार का कार्यकाल 22 नवंबर को समाप्त हो रहा है। CEC ज्ञानेश कुमार के नेतृत्व में 16 सदस्यीय टीम दो दिनों से बिहार के दौरे पर थी और उसने चुनाव की तैयारियों का जायजा लेने के लिए राजनीतिक दलों, प्रशासन, चुनाव अधिकारियों और पुलिस विभाग के साथ विस्तृत बैठकें कीं। 15 दिन में मिलेगा वोटर आईडी कार्ड भोजपुरी और मैथिली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कीस शुरुआत की। उन्होंने कहा कि बिहार के सब मतदाता के अभिवादन करत बानी, बिहार के सभी मतदाता के अभिवादन करई छी। जैसे हम महापर्व छठ को आस्था और उत्सव की तरह मनाते हैं, उसी तरह लोकतंत्र के महापर्व को भी मनाएं, अपना भागीदारी पक्का करीं, जिम्मेदारी निभाईं और वोट जरूर करीं। साथ ही उन्होंने कहा कि बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में पहली बार बड़ी पहल की गई है। CEC ज्ञानेश कुमार ने कहा कि सुनने में आता था कि वोटर आईडी कार्ड मिलने में देरी होती थी लेकिन अब चुनाव आयोग ने ऐसी व्यवस्था की है कि वोटर को 15 दिन के अंदर उनका वोटर आईडी कार्ड मिल जाएगा।

तेज प्रताप का देसी ग्लैमर: चुनावी माहौल में धोती-कुर्ता में रैंप वॉक

मुजफ्फरपुर बिहार की राजनीति में अपने बयानों और अनोखे अंदाज से हमेशा सुर्खियां बटोरने वाले तेज प्रताप यादव एक बार फिर चर्चा में हैं। कभी महादेव तो कभी भगवान कृष्ण का रूप धारण करने वाले तेज प्रताप का नया लुक सामने आया है, जिसमें वे पूरी तरह ठेठ बिहारी रंग में रंगे नजर आ रहे हैं। उन्होंने धोती-कुर्ता, बंडी और टोपी पहनकर रैंप वॉक किया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। उनका ये 'देसी' अवतार बिहार के लोगों के साथ सीधा जुड़ाव पैदा कर रहा है। 'तेजू भैया' के नाम से मशहूर तेज प्रताप यादव, पार्टी से निकाले जाने के बाद से ही आरजेडी और अपने छोटे भाई तेजस्वी यादव को लगातार चुनौती दे रहे हैं। 'देसी' अंदाज में तेज प्रताप का रैंप वॉक वायरल हो रहे वीडियो में तेज प्रताप यादव पूरे आत्मविश्वास के साथ रैंप पर चलते दिख रहे हैं। जैसे ही उन्होंने मंच पर कदम रखा, दर्शकों ने तालियों और शोर से उनका स्वागत किया। धोती-कुर्ता में उनका ये जलवा सोशल मीडिया पर 'बवाल' मचा रहा है। लोगों की 'वन्स मोर' की मांग पर उन्होंने शो की मैनेजमेंट टीम के साथ दोबारा रैंप वॉक किया, जिसमें एक पुराने खिलाड़ी वाला कॉन्फिडेंस साफ झलकता है। ये वीडियो इंस्टाग्राम और फेसबुक पर ट्रेंडिंग में है। यूजर्स ने बताया 'बिहार का देसी स्टार तेज प्रताप के इस 'देसी अवतार' को सोशल मीडिया यूजर्स खूब सराहा रहे हैं। वीडियो पर जमकर लाइक्स और पॉजिटिव कमेंट्स आ रहे हैं। यूजर्स ने हार्ट इमोजी की बौछार कर दी है। कई लोग इसे उनके अच्छे संस्कारों से जोड़कर देख रहे हैं। एक यूजर ने कमेंट किया है, 'जय यादव जय माधव जय सनातन संस्कृति को बचाने को लिए धन्यवाद।' दूसरे यूजर्स उन्हें 'बिहार का देसी स्टार' बताकर उनकी तारीफ किया। उनका यह लुक चुनाव से पहले बिहार के लोगों से जुड़ने की कोशिश मानी जा रही है। धोती-कुर्ता में सभा को किया संबोधित धोती-कुर्ता में तेज प्रताप ने मुजफ्फरपुर जिले के गायघाट विधानसभा के पीरौंछा में जन संवाद यात्रा के तहत भारी बारिश में जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर कहा, 'हजारों की संख्या में जनता जनार्दन ने भारी बारिश के बीच हमें सुनने का जो का काम किया उसके लिए आप सभी का दिल से धन्यवाद एवं आभार व्यक्त करता हूं। जनशक्ति जनता दल का विस्तार प्रतिदिन बहुत ही तेज गति से हो रहा है, ये सब आपलोगों के प्रेम, सहयोग और समर्थन के कारण ही संभव हो पा रहा है।'

युवाओं का भविष्य दांव पर, बाबूलाल मरांडी ने CM हेमंत पर साधा निशाना

रांची झारखंड प्रदेश भाजपा अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने कफ सिरप मामले को लेकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर सीधा हमला बोला है। मरांडी ने आरोप लगाया कि सीआईडी ने पिछले साल धनबाद के बरवाअड्डा से बरामद हुए फेंसिडिल सिरप मामले को टेकओवर करने के बावजूद 14 महीने में एक भी गिरफ्तारी नहीं की। मरांडी ने सवाल उठाया कि जब सबको पता है कि प्रतिबंधित सिरप का इस्तेमाल नशे के लिए होता है, तो आखिर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही? मरांडी ने कहा कि यह प्रशासन की नाकामी ही नहीं, बल्कि युवाओं और बच्चों को जानलेवा नशे के हवाले करने जैसा अपराध है। मरांडी ने तंज कसते हुए कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पैसों की अंधी दौड़ में युवाओं का भविष्य दांव पर लगा रहे हैं। मरांडी ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर लिखा – हेमंत सोरेन जेएमएम जी, हमने बार-बार आपको बताया है, चेतावनी भी दी है कि आपके प्रशासन में भ्रष्टाचार की जड़ें कितनी गहरी हो चुकी हैं। आपका सीआईडी विभाग क्या गुल खिला रहा है, इस विषय में भी कई बार आपको अवगत करा चुके हैं। गत वर्ष गुजरात पुलिस की सूचना के बाद धनबाद के बरवाअड्डा में पुलिस द्वारा प्रतिबंधित कफ सिरप (फैंसीडिल) का जखीरा जब्त किया गया था। यह जानते हुए भी कि इसका इस्तेमाल नशे के लिए होता है, इसे धड़ल्ले से बेचा जा रहा था। सीआईडी ने मामले को टेकओवर किया, लेकिन 14 महीने बीत जाने के बाद भी किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं की। हेमंत जी, क्या हम इतने लालची हो गए हैं कि बच्चों को भी नहीं छोड़ेंगे? इस जानलेवा नशे को हमारी युवा पीढ़ी और बच्चों को बेचने की हिम्मत कैसे हुई? पैसों की अंधी भूख ने आपकी जबान पर जो ताला लगाया है, उसे खोलिए क्योंकि हमारे बच्चों का भविष्य दांव पर लगा है। मुख्यमंत्री जी, अब हवा हवाई बातें छोड़ ठोस कार्रवाई करिए मरांडी ने आगे कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री के साथ-साथ गृह मंत्रालय का दायित्व भी आपके पास है, लेकिन एक ओर एसीबी तय समय के भीतर चार्जशीट दाखिल नहीं कर रही है। इसी तरह भ्रष्टाचार और आपराधिक मामलों की जांच पड़ताल में सीआईडी की कार्यशैली संदिग्ध रही है। चाहे पेपर लीक प्रकरण के आरोपियों को बचाना हो, नशे के कारोबारियों को संरक्षण देना हो या जमीन का घोटाला करना होज् सीआईडी सदैव इन गैरकानूनी गतिविधियों में संलिप्त पाई जाती रही है। यही वजह है कि आम जनता के साथ-साथ अब माननीय न्यायालय भी सीआईडी की कार्रवाई की विश्वसनीयता पर संदेह करता है। मरांडी ने लिखा कि मुख्यमंत्री जी, अब हवा हवाई बातें छोड़ ठोस कार्रवाई करिए। पिछले एक साल में सीआईडी द्वारा की गई रंगदारी और भ्रष्टाचार की सभी गतिविधियों की सार्वजनिक जाँच कराई जाए ताकि सच्चाई सामने आ सके।

आकाशीय बिजली बनी मौत का कारण, परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़, दो की मौत

पश्चिमी चंपारण बिहार के पश्चिमी चंपारण के मझौलिया थाना क्षेत्र के परसा गांव में शनिवार को दोपहर के समय आकाशीय बज्रपात के गिरने से दादी-पोती की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पास में बंधी एक गाय भी झुलस कर मर गई। जानकारी के अनुसार,परसा पंचायत के वार्ड संख्या 1 निवासी शिवनाथ पाल की 50 वर्षीय पत्नी सुदामा देवी अपनी 11 वर्षीय पोती पिंकी कुमारी (पिता – लाल साहब पाल) के साथ फूस के बने बंगले में बैठी थीं। दोपहर करीब 2 बजे अचानक मौसम बदला और तेज गर्जना के साथ बिजली सीधे बंगले पर गिरी, जिसकी वजह से दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। इतना ही नही वहीं बंधी गाय भी झुलसकर दम तोड़ गयी। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल घटना की सूचना मिलने के बाद स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी। मझौलिया थानाध्यक्ष अवनीश कुमार पुलिस दल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और दोनों शवों को पोस्टमाटर्म के लिए बेतिया सरकारी अस्पताल में भेज दिया गया। अंचलाधिकारी राजीव रंजन ने आकाशीय बिजली गिरने से दो लोगों और एक मवेशी की मौत की पुष्टि की और कहा कि प्रशासन की ओर से आपदा राहत कोष से मुआवजा राशि देने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। वहीं, इस घटना के बाद मृतक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।