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झारखंड के विकास का रोडमैप तैयार: 2050 विज़न पर CM हेमंत की बड़ी घोषणा

रांची झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि उनकी सरकार 2050 तक राज्य को विकसित बनाने पर काम कर रही है, जिसमें महिलाओं, युवाओं, किसानों और आदिवासियों के सशक्तिकरण पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। सोरेन रांची के मोरहाबादी मैदान में झारखंड के स्थापना दिवस के रजत जयंती समारोह में राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार और अन्य गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति में बोल रहे थे। इस अवसर पर राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों से संबंधित 8,799 करोड़ रुपये की 1,087 विकास परियोजनाओं का उद्घाटन व शिलान्यास भी किया। सोरेन ने कहा, “हम 2050 तक झारखंड को एक विकसित व समृद्ध राज्य बनाने के लिए अगले 25 वर्ष के विजन पर काम कर रहे हैं। आप जल्द ही देखेंगे कि प्रकृति के संतुलन को बनाए रखते हुए राज्य का समग्र विकास कैसे किया जाता है।”  

तेजस्वी यादव ने 17 नवंबर को बुलाई समीक्षा बैठक, चुनावी हार पर करेंगे मंथन

पटना बिहार विधानसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) को करारी हार का सामना करना पड़ा। वहीं, चुनाव में खराब प्रदर्शन के लिए RJD अब महामंथन करने जा रही है। दरअसल, तेजस्वी यादव ने सोमवार को अपने सरकारी आवास पर पार्टी विधायकों और सभी राजद उम्मीदवारों की अहम बैठक बुलाई है। सुबह 11 बजे होगी बैठक बताया जा रहा है कि एक पोलो रोड स्थित सरकारी आवास पर सुबह 11 बजे बैठक हो सकती है। इधर, बिहार विधानसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) की करारी हार तथा पार्टी के महज 25 सीटों पर सिमट जाने के बाद लालू परिवार की परेशानियां थमने का नाम नहीं ले रही हैं और अब राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव को किडनी दान करने वाली उनकी बेटी रोहिणी आचार्य ने परिवार से नाता तोड़ने के साथ राजनीति छोड़ने का ऐलान कर दिया है। रोहिणी आचार्य ने एक चौंकाने वाले सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, 'मैं राजनीति छोड़ रही हूं और अपने परिवार से नाता तोड़ रही हूं। संजय यादव और रमीज़ ने मुझसे यही करने को कहा था। मैं सारा दोष अपने ऊपर ले रही हूं।' रोहिणी की सोशल मीडिया पोस्ट लालू प्रसाद यादव के राजद परिवार में कथित मतभेदों की ओर इशारा करती है। इसी साल 25 मई को लालू प्रसाद यादव ने अपने बड़े बेटे तेज प्रताप यादव को एक महिला को लेकर उठे विवाद के बाद पार्टी और परिवार दोनों से निकाल दिया था। इस कार्रवाई के लिए तेज प्रताप ने अपने छोटे भाई राजद नेता तेजस्वी प्रसाद यादव के करीबी संजय यादव को जिम्मेदार ठहराया था। बाद में तेज प्रताप यादव ने अपनी पार्टी जनशक्ति जनता दल बनाई और चुनाव लड़ा, हालांकि महुआ विधानसभा क्षेत्र से लगभग 50 हजार वोटों से हार गए, वहीं महागठबंधन के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार तेजस्वी प्रसाद यादव कड़े मुकाबले के बाद अपनी सीट बचाने में कामयाब रहे।  

झारखंड ठंड से कांपा, मैकलुस्कीगंज का न्यूनतम पारा 6 डिग्री

रांची  झारखंड में ठंड का सितम देखने को मिल रहा है। नवंबर महीने में ही लोग स्वेटर और शाल में दिख रहे हैं। इसी महीने में ही लोगों का ठंड के कारण हाल बेहाल हो गया है। वहीं, मौसम विभाग के मुताबिक दिन-प्रतिदिन ठंड में इजाफा होगा। मैकलुस्कीगंज का पारा पहुंचा 6 डिग्री राज्य में ठंड का सितम जारी है। बीते शनिवार को मैकलुस्कीगंज का पारा 6 डिग्री तक पहुंच गया। यह इस ठंड का अब तक का सबसे कम तापमान के रूप में रिकॉर्ड है। वहीं कई जिलों के तापमान में 7 डिग्री तक की गिरावट देखी गई है। मौसम विभाग ने रांची सहित रामगढ़, बोकारो, गढ़वा, पलामू, चतरा, हजारीबाग, लातेहार लोहरदगा, गुमला, खूंटी और सिमडेगा में शीतलहर का अलर्ट जारी किया है।  दरअसल, पहाड़ी इलाकों में समय से पहले बर्फबारी ने निचले राज्यों में ठंड बढ़ा दी है। मौसम विभाग के मुताबिक अगले 24 घंटों में ठंड बढ़ने की सम्भावना है। ठंड के बढ़ने के कारण लोगों में सर्दी-जुकाम, बुखार जैसी हल्की बीमारियों के लक्षण भी बढ़ रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग ने भी लोगों से सर्दी से बचाव के लिए आवश्यक सावधानी बरतने की सलाह दी है।  

अद्भुत प्रयास: सदर अस्पताल की मेडिकल टीम ने 24 साल के युवक को दिया नया जीवन

रांची  डाॅक्टरों को भगवान का रूप माना जाता है क्योंकि वे जीवन बचाने और दर्द दूर करने का काम करते हैं। भगवान हमें जीवन देता है, जबकि डॉक्टर उस जीवन को बचाने और बनाए रखने के लिए अथक प्रयास करते हैं, खासकर मुश्किल और जानलेवा बीमारियों में। ताजा मामला रांची सदर अस्पताल से आया है। अनगड़ा थाना क्षेत्र के जरगा गांव निवासी 24 वर्षीय मरीज को बेहद गंभीर हालत में सदर अस्पताल लाया गया था। उसका गला गहरी चोट के साथ सांस की नली तक कट चुका था। परिजन खून से भीगे गमछे में उसका गला लपेटकर पहुंचे थे। डॉक्टरों की टीम ने 15 मिनट बाद ही ऑपरेशन शुरू कर दिया। टीम ने मिलकर खून जांच, ABG और सेरोलॉजी जैसे सभी टेस्ट तुरंत पूरे किए। एनेस्थीसिया टीम ने तैयारी कर मरीज को बेहोश किया और ऑपरेशन शुरू हो गया। लगभग 2 घंटे तक यह ऑपरेशन चला। वहीं, फिलहाल मरीज आईसीयू में में है। आने वाले 72 घंटे उसके लिए बेहद महत्वपूर्ण बताए जा रहे हैं। यह पूरा ऑपरेशन निशुल्क किया गया।

बिहार की राजनीति में नई हलचल: JDU के बिना सरकार गठन पर संजय झा ने क्या कहा?

पटना बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए को मिली ऐतिहासिक जीत और 200 से अधिक सीटों का जादुई आंकड़ा पार करने के बाद राजनीतिक हलचल तेज है। इसबार के चुनावी आंकड़ों को देखने के बाद कयासों का बाजार भी गर्म है। इसका सबसे बड़ा कारण यह है कि बिहार की 243 सीटों में से सबसे ज्यादा बीजेपी ने 89 सीटें जीती हैं। वहीं सहयोगी दल जनता दल यूनाइटेड को 85 सीटें मिली हैं। सीटों की संख्या में भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। इसके बाद से कुछ लोगों का दावा है कि भाजपा अपना मुख्यमंत्री बनाएगी। हालांकि, जेडीयू ने इसे सिरे से खारिज कर दिया है। पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने इंडियन एक्सप्रेस को दिए एक इंटरव्यू के दौरान ऐसे तमाम अटलकों को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि बिहार में एनडीए एकजुट है। भाजपा और जेडीयू के अलावा एनडीए में शामिल चिराग पासवान की लोकजनशक्ति पार्टी (रामविलास ) को 19 सीटें मिली हैं। वहीं, जीतनराम मांझी की हिन्दुस्तानी अवाम मोर्चा (सेक्युलर) को पांच सीटें, उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी राष्ट्रीय लोक मोर्चा चार सीटें जीतने में सफल रही है। ऐसे में यह संख्या 202 तक पहुंच जाती है। इस चुनाव में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) का प्रदर्शन काफी निराशाजनक रहा। लालू यादव की पार्टी को सिर्फ 25 सीटों पर संतोष करना पड़ा है। वहीं सहयोगी दल कांग्रेस को छह सीटें मिली हैं। इसके अलावा भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माले) लिबरेशन को दो सीटें मिली हैं। असदुद्दीन औवेसी की पार्टी एआईएमआईएम पांच सीटें जीतने में कामयाब रही है। इसके अलावा इंडियन इन्क्लुसिव पार्टी (IIP), माकपा और बहुजन समाज पार्टी को एक-एक सीट मिली है। संख्या को देखते हुए कयासों का बाजार गरमाया हुआ है। नीतीश के बिना भाजपा के सरकार चलानी की अटकलें लगाई जा रही हैं। एक थ्योरी यह भी गढ़ी जा रही है कि नीतीश कुमार और विपक्ष के तमाम दलों के साथ सरकार बन सकती है। उसमें ओवैसी का भी साथ रहे। इन तमाम अटकलों को लेकर संजय झा से सवाल पूछे गए। उनसे पूछा गया कि क्या बिना जेडीयू के भी सरकार बना सकती है बीजेपी? क्या नीतीश ही पांच साल तक मुख्यमंत्री रहेंगे? संजय झा ने साफ शब्दों में जवाब देते हुए कहा, “मैं इस तरह की अटकलों पर टिप्पणी नहीं कर सकता। समय आने पर सब स्पष्ट हो जाएगा। एनडीए के भीतर किसी तरह का कोई भ्रम नहीं है।” एनडीए की अंदरूनी राजनीति पर क्या असर पड़ेगा? इस सवाल के जवाब पर संजय झा ने कहा “डायनमिक्स वही रहेंगे। हम सब मिलकर काम कर रहे हैं और हमारे बीच बेहतरीन तालमेल है। इतनी बड़ी जीत के बाद हमारा फोकस सिर्फ यह है कि हम जनता के लिए डिलीवरी करें। केंद्र और राज्य के बीच संबंध पहले से ही बहुत अच्छे हैं।” उन्होंने कहा, “यह जीत एनडीए के एकजुट होकर लड़ने का नतीजा है। इसमें चिराग पासवान भी शामिल हैं। अगर सभी गठबंधन साझेदार एकसाथ नहीं होते, तो 200 का आंकड़ा पार करना संभव नहीं था।”  

नीतीश कुमार पर उपेंद्र कुशवाहा का बयान: ‘CM थे, हैं और रहेंगे’

 पटना बिहार में नई सरकार के गठन को लेकर बैठकों और मुलाकातों का दौर जारी है। रालोमो सुप्रीमो उपेंद्र कुशवाहा ने पटना में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात की है। मुख्यमंत्री आवास से बाहर आने के बाद मीडिया के सवाल पर उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ही होंगे। इसमें कहां कोई दुविधा है। पहले से ही बिल्कुल क्लियर है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार थे, हैं और आगे भी रहेंगे। कुछ मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने विधायकों को सोमवार को पटना बुलाया है। ऐसी संभावना है कि कल शाम विधायत दल की बैठक के बाद शपथ की तारीख तय की जा सकती है तो वहीं मंत्रियों के नामों पर भी चर्चा संभव है। इधर सीएम से मिलने के बाद उपेंद्र कुशवाहा ने यह भी कहा कि सब बहुत जल्द ही तय हो जाएगा और 2-4 दिन के अंदर ही सरकार गठन हो सकता है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एकदम ठीक हैं और वो सभी चीजों को खुद ही देख रहे हैं। बता दें कि बिहार विधानसभा चुनाव में मिली प्रचंड जीत के बाद राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) अब सरकार गठन की तैयारियों में जुट गया है। इससे पहे शनिवार को गठबंधन दलों के नेता मुख्यमंत्री और जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के अध्यक्ष नीतीश कुमार से मुलाकात के लिए एक-एक कर यहां उनके सरकारी आवास पहुंचे। इनमें केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान भी शामिल रहे, जो इस संभावना से उत्साहित हैं कि उनकी पार्टी लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास) भी राज्य सरकार का हिस्सा हो सकती है। चिराग पासवान ने पत्रकारों से कहा, “मैंने नीतीश कुमार जी को विजय की बधाई दी। राजग की इस जीत ने यह साबित कर दिया है कि हमारे बीच किसी तरह का मतभेद नहीं था। चुनाव प्रचार के दौरान मुख्यमंत्री ने उन सीट पर भी प्रचार किया जहां हमारे प्रत्याशी थे। हमने भी में जदयू प्रत्याशी का समर्थन किया, जो हमारा गृह क्षेत्र माना जाता है।” राजग के अन्य सहयोगी, हिन्दुस्तानी अवाम मोर्चा (हम) के नेता संतोष कुमार सुमन ने भी कहा कि नीतीश कुमार को ही मुख्यमंत्री बने रहना चाहिए। संतोष कुमार सुमन केंद्रीय मंत्री और गया से सांसद जीतन राम मांझी के पुत्र हैं। जदयू प्रमुख से मुलाकात के बाद सुमन ने कहा, “मेरा मानना है कि नीतीश कुमार ही मुख्यमंत्री रहेंगे। अगले दो-तीन दिनों में सब तय हो जाएगा।” मुख्यमंत्री निवास पहुंचने वालों में भाजपा नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री रामकृपाल यादव भी शामिल थे, जिनकी राजनीतिक वापसी इस बार दानापुर विधानसभा सीट से जीत के साथ हुई है।  

लालू परिवार में उथल-पुथल: तेजप्रताप को बाहर किया, अब रोहिणी पर फेंकी चप्पल

पटना बिहार चुनाव में राजद की करारी हार के बाद लालू प्रसाद यादव का परिवार एक बार फिर सुर्खियों में है। परिवार और पार्टी से निकाले जाने के बाद लालू यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव अलग पार्टी बनाकर चुनाव मैदान में कूदे। वहीं अब उनकी बेटी रोहिणी आचार्य ने राजनीति से संन्यास लेकर परिवार से दूरी की घोषणा कर दी है। दोनों घटनाओं में एक बात समानता है। लालू-राबड़ी के दोनों संतानों ने तेजस्वी यादव के करीबी संजय यादव और रमीज पर इसका ठीकरा फोड़ा है। तेजप्रताप यादव ने तो तेजस्वी के इन करीबियों को जयचंद तक कहा और धोखा देने का आरोप लगाया। बिहार में चुनाव अभियान शुरू होते ही तेजप्रताप यादव ने पारिवारिक और सियाली मतभेदों के बीच अपनी अलग पार्टी बना ली। यह फैसला राजद की एकजुटता पर बड़ा सवाल था। हालांकि राजद ने इसे व्यक्तिगत निर्णय बताया, लेकिन यह स्पष्ट था कि पार्टी नेतृत्व खासकर तेजस्वी यादव अपने बड़े भाई को साथ रखने में असफल रहे। रोहिणी की विदाई, नए संकट की दस्तक चुनाव परिणाम आने के 24 घंटे के भीतर रोहिणी आचार्य ने राजनीति और परिवार दोनों से दूरी की घोषणा कर दी। उन्होंने अपने पोस्ट में तेजस्वी के करीब माने जाने वाले संजय यादव और रमीज नेमत का जिक्र करते हुए कहा कि उन्हीं दोनों की वजह से वह परिवार से बाहर कर दी गईं। रोहिणी ने तो यहां तक कहा कि अगर इनसे राजद की हार पर सवाल पूछे जाएंगे तो उन्हें चप्पल से पीटा जा सकता है। पटना एयरपोर्ट पर रोहिणी ने मीडिया से कहा, “अब मेरा कोई परिवार नहीं है। तेजस्वी, संजय यादव और रमीज से पूछिए। उन्होंने ही मुझे अपमानित कर घर से निकाला।” रोहिणी पर फेंकी चप्पल आज भी उन्होंने एक पोस्ट कर हमला किया है। रोहिणी लिखती हैं, 'कल एक बेटी, एक बहन , एक शादीशुदा महिला और एक मां को जलील किया गया। गंदी गालियां दी गईं। मारने के लिए चप्पल उठाया गया। मैंने अपने आत्मसम्मान से समझौता नहीं किया। सच का समर्पण नहीं किया। सिर्फ और सिर्फ इस वजह से मुझे बेइज्जती झेलनी पडी। कल एक बेटी मजबूरी में अपने रोते हुए माँ-बाप और बहनों को छोड़ आयी। मुझसे मेरा मायका छुड़वाया गया। मुझे अनाथ बना दिया गया। आप सब मेरे रास्ते कभी ना चलें। किसी घर में रोहिणी जैसी बेटी या बहन पैदा ना हो।' तेजस्वी यादव पिछले एक दशक से राजद की मुख्य नेतृत्व शक्ति बने हुए हैं। लेकिन जैसे-जैसे उनका राजनीतिक कद बढ़ा, परिवार के भीतर असहमति भी बढ़ती दिखी। तेज प्रताप अलग रास्ते पर निकल पड़े हैं। लालू यादव भी सक्रिय राजनीति में नहीं हैं। मीसा भारती पहले ही सक्रिय राजनीति में चुनौतियों का सामना कर रही हैं। अब रोहिणी ने भी परिवार और पार्टी का साथ छोड़ दिया है। आपको बता दें कि इस विधानसभा चुनाव में राजद का काफी खराब प्रदर्शन रहा। लालू यादव की पार्टी की सीटें 75 से घटकर 25 रह गईं। हार के बाद तेजस्वी पर सवाल बढ़ रहे हैं। हालांकि वह अब तक मीडिया के सामने नहीं आए हैं। ऐसे माहौल में रोहिणी की नाराजगी परिवार की अंदरूनी दरारों को और उजागर कर देती है।  

झारखंड में ठंड का प्रकोप तेज: 11 जिलों के लिए जारी हुआ येलो अलर्ट

रांची  भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने शुक्रवार को झारखंड के रांची समेत 11 जिलों के लिए 17 नवंबर तक शीतलहर(Cold Wave Alert) की चेतावनी जारी की। आईएमडी ने गढ़वा, पलामू, चतरा, लातेहार, लोहरदगा, गुमला, सिमडेगा, खूंटी, रामगढ़, रांची और हजारीबाग के लिए 17 नवंबर सुबह 8:30 बजे तक ‘येलो अलर्ट' जारी किया। खूंटी सबसे ठंडा आईएमडी के रांची स्थित कार्यालय के उप-निदेशक और मौसम वैज्ञानिक अभिषेक आनंद ने बताया, “इन 11 जिलों में अगले तीन दिनों के दौरान न्यूनतम तापमान में दो-तीन डिग्री सेल्सियस की गिरावट आने का अनुमान है, जिससे तापमान 10 डिग्री सेल्सियस तक नीचे जा सकता है।” उन्होंने बताया कि पिछले 24 घंटों में चतरा, लातेहार, पलामू और गढ़वा जैसे उत्तर-पश्चिमी भागों के कुछ जिलों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया। खूंटी में तापमान सात डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया और इसके साथ ही राज्य का सबसे ठंडा स्थान रहा। घना कोहरा छाए रहने की संभावना,  दृश्यता होगी प्रभावित वहीं डाल्टनगंज में 9.3 डिग्री सेल्सियस और रांची में 9.4 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। बुलेटिन में बताया गया कि जमशेदपुर में 12.6 डिग्री सेल्सियस, लोहरदगा में 9.7 डिग्री सेल्सियस और चाईबासा में न्यूनतम तापमान 13.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। विभाग ने बताया कि सुबह के समय घना कोहरा छाए रहने का अनुमान है, जिससे राज्य के ग्रामीण और शहरी दोनों इलाकों में दृश्यता प्रभावित होगी। आईएमडी ने साथ ही लोगों से सतर्क रहने का आग्रह किया।

25वां झारखंड स्थापना दिवस: CM और राज्यपाल ने दी बधाई, बिरसा मुंडा के योगदान को किया नमन

रांची  झारखंड स्थापना दिवस की रजत जयंती के अवसर पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने शुभकामनाएं दी। बता दें कि झारखंड 2000 में बिहार से अलग करके बनाया गया था। 15 नवंबर को राज्य का स्थापना दिवस होने के साथ ही आदिवासी नेता बिरसा मुंडा की जयंती भी है। झारखंड स्थापना दिवस की रजत जयंती के अवसर पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने लिखा, 'समस्त झारखण्ड वासी अपने वीर सपूत उलगुलान के महानायक धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा को उनकी 150वीं जयंती पर नमन करते हैं। धरती आबा के आदर्शों पर चलकर ही वीर शहीदों ने अलग झारखण्ड राज्य की परिकल्पना को साकार किया, जिसका प्रतिफल है आज 25 वर्ष का युवा झारखण्ड धरती आबा को जोहार कर रहा है।' राज्यपाल गंगवार ने भी दीं शुभकामनाएं झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की जयंती के अवसर पर राज भवन में उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की और झारखण्ड स्थापना दिवस पर सभी राज्यवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ। श्री गंगवार ने लिखा 'महान स्वतंत्रता सेनानी धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा जी की जयंती पर कोटि-कोटि नमन। भगवान बिरसा मुंडा ने अल्पायु में ही मातृभूमि और जनजातीय अस्मिता की रक्षा के लिए जो अछ्वुत संघर्ष किया, वह सभी के लिए प्रेरणास्रोत है। समस्त देशवासियों को‘जनजातीय गौरव दिवस'की हार्दिक शुभकामनाएँ। झारखण्ड आज अपने स्थापना के 25 गौरवशाली वर्ष पूर्ण कर रहा है, यह विभिन्न क्षेत्रों में हमारी प्रेरणादायक प्रगति का प्रतीक है। मैं आप सभी की सुख-समृद्धि और राज्य की निरंतर उन्नति की कामना करता हूँ।   

चिराग और नीतीश की बैठक ने बढ़ाई हलचल: सत्ता संरचना को लेकर चर्चाएँ तेज

पटना बिहार चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन को प्रचंड बहुमत के बाद नीतीश कुमार का दसवीं बार मुख्यमंत्री बनना परिणाम आने के साथ ही स्पष्ट हो गया था। शुक्रवार दोपहर जैसे ही रुझान आना शुरू हुआ, एनडीए में खुशी की लहर दौड़ गई। शाम होते-होते सीएम आवास में चहलकदमी बढ़ गई। जदयू के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय झा, केंद्रीय मंत्री रामनाथ ठाकुर के अलावा भारतीय जनता पार्टी के भी कई नेताओं ने सीएम आवास पहुंचकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को बधाई दी। दिल्ली से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बधाई दी। इसके बाद भाजपा सहित एनडीए के बाकी दलों ने भी एक-एक कर सीएम नीतीश को बधाई दी और नई पारी की शुभकामनाएं भी। आज, यानी शनिवार सुबह से ही गहमागहमी है। चिराग पासवान सीएम नीतीश कुमार को बधाई देने पहुंचे। मुलाकात के बाद केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने लिखा कि बिहार विधानसभा चुनाव परिणाम के पश्चात आज बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात कर उन्हें एनडीए के प्रचंड बहुमत की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि एनडीए ने नीतीश कुमार के नेतृत्व में ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। इसलिए, लोक जनशक्ति पार्टी रामविलास के एक प्रतिनिधिमंडल ने उनसे मुलाकात की और उन्हें बधाई दी। पटना में केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने बताया कि लोजपा (रा.) के प्रतिनिधियों ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात कर सरकार गठन पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि 2020 में लोजपा (रा.) की चुनावी हार के लिए कई लोग ज़िम्मेदार थे और पार्टी को पुनर्जीवित करने के लिए उन्होंने संघर्ष किया। चिराग पासवान ने यह भी कहा कि बिहार चुनाव अभियान के दौरान यह झूठा नैरेटिव तैयार किया गया था कि जदयू और लोजपा (रा.)) के बीच मतभेद हैं। कुछ लोग जदयू और लोजपा (रा.) के बारे में भ्रम फैला रहे थे, वे सिर्फ एक गलत कहानी सेट कर रहे थे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एनडीए में शामिल हर गठबंधन सहयोगी की भूमिका की सराहना की है, और उन्होंने जदयू और लोजपा (रा.) के बीच "गलत कहानी" बनाने वाले विपक्ष पर निशाना साधा। मैं बहुत खुश हूं कि मुख्यमंत्री ने एनडीए में शामिल हर गठबंधन सहयोगी की भूमिका की सराहना की। जब वह वोट देने गए तो उन्होंने लोजपा (रा.)  उम्मीदवार का समर्थन किया। आलाउली, जहां मैं वोट देता हूं, मैंने जदयू उम्मीदवार का समर्थन किया।   प्रचंड बहुमत के बाद अब होगा नई सरकार का गठन बिहार विधानसभा चुनाव 2020 में 125 सीटें लाने वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन का आंकड़ा इस चुनाव में 202 पहुंच गया। शुक्रवार को आए चुनाव परिणाम में एनडीए के घटक दल- भारतीय जनता पार्टी ने 89, जनता दल यूनाईटेड ने 85, लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास) ने 19, हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (सेक्युलर) ने पांच और राष्ट्रीय लोक मोर्चा ने चार सीटें जीतीं। दूसरी तरफ, विपक्ष का नेता बनाने लायक परिस्थिति भी महागठबंधन का नेतृत्व कर रहे राष्ट्रीय जनता दल को नहीं मिल सका। महागठबंधन में राजद ने 25, कांग्रेस ने छह, भाकपा माले ने दो, इंडियन इन्क्लूसिव पार्टी और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) ने एक-एक सीटें जीतीं। मतलब, कुल 35 सीटें महागठबंधन के पास आईं। अन्य में ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन, यानी AIMIM ने पांच और बहुजन समाज पार्टी ने एक सीट हासिल की है। बहुमत के आंकड़े से 80 अधिक सीटें जीतने के साथ ही एनडीए सरकार की वापसी हो गई। मुख्यमंत्री के रूप में नीतीश कुमार के शपथ ग्रहण की तैयारी तेज हो गई। मांझी-कुशवाहा-प्रधान से बात करने के बाद आगे की तैयारी भाजपा के बिहार चुनाव प्रभारी धर्मेंद्र प्रधान के साथ ही आज केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी, पूर्व केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा आदि के साथ भी आगे की बात होनी है। इस बातचीत में संजय झा के अलावा केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह और केंद्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय के मौजूद रहने की बातें सामने आ रही है। बताया जा रहा है कि आज ही शपथ ग्रहण की तारीख तय होने की उम्मीद है। इसके साथ ही अगली सरकार के मंत्रियों का कोटा भी आज तय होगा। इसमें विधायकों के हिसाब से प्रतिनिधित्व तय करने की सहमति बाहर-बाहर हो चुकी है।