samacharsecretary.com

सुरक्षा बलों की सख़्ती के बाद नक्सली नरम, सरकार से बातचीत और युद्धविराम की अपील

रांची मार्च, 2026 तक झारखंड सहित पूरे देश को नक्सल मुक्त कराने के लक्ष्य के साथ सुरक्षाबलों और पुलिस की ओर से चलाए जा रहे अभियान ने नक्सली संगठनों को बैकफुट पर ला दिया है। बंदूक की नोक पर क्रांति की बातें करने वाले और वर्षों तक हिंसा को रास्ता बनाने वाले भाकपा माओवादी नक्सली संगठन ने एक बार फिर सरकार से वार्ता के लिए शांति प्रस्ताव की पेशकश की है। भाकपा माओवादी की केंद्रीय कमेटी के प्रवक्ता अभय ने प्रेस नोट जारी कर कहा कि नक्सली हथियार छोड़कर वार्ता करने के लिए तैयार हैं। पत्र में लिखा गया है कि पार्टी (भाकपा माओवादी) एक महीने के लिए औपचारिक युद्धविराम चाहती है। साथ ही शुरुआती बातचीत वीडियो कॉल से करने का सुझाव दिया गया है। पिछले छह महीनों में संगठन की ओर से यह प्रस्ताव पांचवीं बार आया है। प्रेस नोट में कहा गया है कि मार्च 2025 के आखिरी सप्ताह से ही पार्टी शांति वार्ता की कोशिश कर रही है। महासचिव नंबाला केशव राव उर्फ बसवराजू के एनकाउंटर के बाद यह मुद्दा और तेज हुआ। नक्सलियों ने लिखा है कि सरकार से कोई सकारात्मक जवाब नहीं मिला। इसके बजाय सैन्य अभियान बढ़ा दिए गए। इसके बावजूद पार्टी ने बदलती परिस्थितियों को देखते हुए हथियार छोड़ने का निर्णय लिया है। पत्र में यह भी कहा गया है कि अब संगठन जनहित के मुद्दों पर अन्य राजनीतिक दलों और आंदोलनों के साथ मिलकर संघर्ष करेगा। नक्सलियों ने केंद्रीय गृह मंत्री या उनके नियुक्त प्रतिनिधि से सीधे वार्ता की इच्छा जताई है। उनका कहना है कि पार्टी को राय बनाने के लिए साथियों और जेल में बंद कार्यकर्ताओं से सलाह-मशविरा करना होगा। इसके लिए एक माह का समय मांगा गया है। नक्सलियों ने सरकार से अपील की है कि इस दौरान तलाशी अभियान और हमले बंद किए जाएं। तभी शांति प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी। फिलहाल सरकार की ओर से इस पर कोई औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। उल्लेखनीय है कि सुरक्षाबलों ने पिछले 15 दिनों में झारखंड और छत्तीसगढ़ में अलग-अलग मुठभेड़ों में 15 से अधिक नक्सलियों को मार गिराया है। 

सुस्वागतम और सांस्कृतिक आनंद: तिलक लगाकर स्वागत, लोकनृत्य ने मोहा

पटना भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) द्वारा देशभर के हवाई अड्डों पर मनाए जा रहे यात्री सेवा दिवस का आयोजन आज जयप्रकाश नारायण अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे, पटना में पहली बार धूमधाम से किया गया। यह कार्यक्रम यात्रियों की सुविधाओं को बढ़ावा देने, सामुदायिक सहयोग और सेवा उत्कृष्टता पर केंद्रित था। पटना एयरपोर्ट के निदेशक कृष्ण मोहन नेहरा ने बताया कि यह पहल यात्रियों को बेहतर अनुभव प्रदान करने के लिए शुरू की गई, जिसमें सांस्कृतिक, सामाजिक और स्वास्थ्य संबंधी गतिविधियां शामिल थीं। कार्यक्रम की शुरुआत सुबह यात्रियों के पारंपरिक स्वागत से हुई। टर्मिनल पर ब्रांडेड फोटो बूथ और सेल्फी पॉइंट्स स्थापित किए गए, जहां यात्रियों ने अपनी यादें संजोईं। 'एक पेड़ मां के नाम' थीम के तहत पौधरोपण अभियान में स्थानीय स्कूली बच्चों ने हिस्सा लिया और उन्हें विमानन क्षेत्र में करियर के अवसरों की जानकारी दी गई। आगमन हॉल में लोक नृत्य और छठ कला प्रदर्शनियां आकर्षण का केंद्र रहीं। विदेशी यात्रियों ने भी इन गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भाग लिया और एयरपोर्ट के आधुनिक स्वरूप की सराहना की। स्वास्थ्य शिविर में मुफ्त जांच कियोस्क लगाए गए, जहां ब्लड प्रेशर, शुगर और हीमोग्लोबिन की जांच के साथ रक्तदान शिविर आयोजित हुआ। ऑटोरिक्शा और टैक्सी चालकों के लिए नेत्र परीक्षण का आयोजन किया गया। बच्चों के लिए प्रश्नोत्तरी और चित्रकला प्रतियोगिताएं हुईं, जबकि यात्री प्रतिक्रिया सत्र में सुधार के सुझाव लिए गए। पूर्व केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने इंटरनेट मीडिया पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रशंसा की। इस मौके पर केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की तस्वीर वाली स्टैंडी के साथ फोटो खिंचवाया। उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत पौधरोपण किया और कहा कि पटना एयरपोर्ट अब बेहतरीन हो गया है। नए टर्मिनल भवन के उद्घाटन ने आयोजन को और खास बनाया। यह टर्मिनल प्रतिदिन 3,000 यात्रियों को संभालने में सक्षम है, जो बिहार की हवाई संपर्क को मजबूत करेगा। एएआई ने बताया कि अप्रैल 2025 से रात्रिकालीन उड़ानें शुरू होने से फ्लाइट्स की संख्या बढ़ेगी। यह आयोजन पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक कल्याण और यात्री सुविधाओं को बढ़ावा देने का प्रतीक बना। पटना एयरपोर्ट अब अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाओं के साथ बिहार का गौरव बन रहा है।

तीन बार की विधायक ने थामा जन सुराज का दामन, पीला गमछा पहनकर हुईं शामिल

पटना पूर्वी चंपारण जिले के गोविंदगंज विधानसभा से तीन बार विधायक रहीं मीना द्विवेदी अपने सैकड़ों समर्थकों के साथ आज जन सुराज पार्टी में शामिल हो गई। आज उन्होंने जेडीयू के जिला एवम प्रखंड स्तर के कई पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और अपने सैकड़ों समर्थकों के साथ जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर से मुलाकात की और पार्टी को अपना समर्थन दिया। प्रशांत किशोर ने सभी को जन सुराज की सदस्यता दिलाई और पीला गमछा ओढ़ाकर स्वागत किया। बता दें कि हाल ही में गोविंदगंज विधानसभा क्षेत्र की पूर्व विधायक मीना द्विवेदी ने जेडीयू की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। बताया जा रहा है कि लगातार उपेक्षा और समर्थकों की अनदेखी से नाराज होकर उन्होंने यह कदम उठाया था।   राजनीतिक परिवार से संबंध रखती हैं मीना द्विवेदी मीना द्विवेदी पूर्वी चंपारण जिले के एक राजनीतिक परिवार से संबंध रखती हैं। साल 1995 में उनके देवर देवेंद्र नाथ दुबे समता पार्टी से विधायक बने थे। साल 1998 के उपचुनाव में उनके पति भूपेंद्र नाथ दुबे विधायक बने। फिर साल 2005 के फरवरी और नवंबर व 2010 में हुए विधानसभा चुनावों में मीना द्विवेदी खुद जदयू से विधायक बनीं।

शांति व सुरक्षा को लेकर DGP अनुराग गुप्ता ने की समीक्षा बैठक, दुर्गा पूजा पर खास दिशा-निर्देश

रांची  झारखंड में दुर्गा पूजा के दौरान कानून-व्यवस्था और सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए पुलिस मुख्यालय में बीते मंगलवार को अहम बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता झारखंड के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) अनुराग गुप्ता ने की। सभी जिलों के पुलिस अधीक्षक (एसपी) और पुलिस उप महानिदेशक (डीआईजी) वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में शामिल हुए। बैठक में दुर्गा पूजा के दौरान पुलिस की तैयारियों का विस्तृत मूल्यांकन किया गया और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए गए। गुप्ता ने हर जिले के अधिकारियों को त्योहार के दौरान संवेदनशील इलाकों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भीड़ नियंत्रण, ट्रैफिक मैनेजमेंट और अचानक उत्पन्न हो सकने वाली किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए त्वरित कारर्वाई सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही पुलिस अधिकारियों को स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर काम करने पर जोर दिया गया, जिससे कानून-व्यवस्था में कोई भी खामी न रह जाए। गुप्ता ने सोशल मीडिया पर अफवाहों को फैलने से रोकने के लिए भी खास ध्यान देने को कहा है। अफवाहें फैलने की स्थिति में त्वरित कदम उठाने तथा जानकारी का सही प्रसार करने की रणनीति तैयार रखने का निर्देश दिया गया। इस बैठक के माध्यम से झारखंड पुलिस ने दुर्गा पूजा के दौरान सुरक्षित और शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखने के लिए पूर्ण तैयारी होने का भरोसा दिलाया है।  

सीट बंटवारे पर अटका मामला, बिहार में महागठबंधन में फिर दरार?

पटना  बिहार में महागठबंधन के हिसाब से तो वोटर अधिकार यात्रा अच्छी रही, लेकिन लगता है कांग्रेस और आरजेडी के बीच रिश्तों को उलझा दिया है. ऐसा लगता है राहुल गांधी और तेजस्वी यादव के बीच फिर से ठन गई है. 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव से पहले भी ये सब हुआ था. और, तब सूत्रों के हवाले से खबर आई थी कि जब बात नहीं बन पा रही थी, तब कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा को दखल देना पड़ा था.  सीटों का बंटवारा तभी फाइनल हो सका, जब प्रियंका गांधी और लालू यादव के बीच सीधी बात कराई गई. तब लालू यादव बिहार से बाहर थे, और चारा घोटाले के लिए रांची जेल में सजा काट रहे थे. एक बार फिर बात उसी मोड़ के आस पास आकर अटक गई लगती है.  तेजस्वी यादव के बिहार अधिकार यात्रा पर निकलने को भी इसी नजरिये से देखा जा रहा है. और, सीट बंटवारे का मामला फंसे हुए होने के जो कारण माने जा रहे हैं, उनमें से एक ये भी है – हालांकि, सबसे बड़ा मसला है मुख्यमंत्री पद के चेहरे पर कांग्रेस का रुख है.  तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री पद का चेहरा मानने का सवाल राहुल गांधी ने तो बस टाल दिया था, लेकिन बिहार कांग्रेस प्रभारी कृष्णा अल्लावरु ने तो जैसे सिरे से खारिज ही कर डाला है – ऐसे में तकरार तो बढ़नी ही है.     तेजस्वी यादव जैसा बड़ा दिल राहुल गांधी क्यों नहीं दिखा रहे हैं 2025 की शुरुआत से ही राहुल गांधी के करीब करीब हर दौरे में एक बात कॉमन नजर आती है. आरजेडी के मुकाबले कांग्रेस को श्रेष्ठ बताना. जैसे लोकसभा चुनाव के दौरान राहुल गांधी क्षेत्रीय दलों की विचारधारा की बात करते थे. कहते थे, क्षेत्रीय दलों के पास कोई विचारधारा नहीं है. तब अखिलेश यादव निशाने पर थे, और अब तेजस्वी यादव हैं. अखिलेश यादव ने तब आंख भी दिखाई थी, शायद तेजस्वी यादव भी अब वैसा ही करने की कोशिश कर रहे हैं.   चुनाव तो राहुल गांधी महागठबंधन के साथ ही लड़ने की करते हैं, लेकिन हर कदम पर लगता है जैसे कांग्रेस अकेले मैदान में उतरने जा रही हो. तेजस्वी यादव का बिहार की सभी 243 सीटों पर लड़ने की बात करना भी, राहुल गांधी के व्यवहार का जवाब ही लगती है.  1. बिहार में हुए SIR यानी विशेष गहन पुनरीक्षण के खिलाफ ही INDIA ब्लॉक के बैनर तले वोटर अधिकार यात्रा निकाला जाना तय हुआ, लेकिन राहुल गांधी ने वोटर अधिकार यात्रा को भी भारत जोड़ो यात्रा और न्याय यात्रा जैसा बना देने की कोशिश की. फर्क बस यही था कि वोटर अधिकार यात्रा में राहुल गांधी के साथ तेजस्वी यादव और बिहार महागठबंधन के और भी नेता शामिल थे.  फिर भी ऐसा लगा जैसे राहुल गांधी ने वोटर अधिकार यात्रा को हाइजैक कर लिया हो. पूरी यात्रा में राहुल गांधी आगे आगे और तेजस्वी यादव पीछे पीछे नजर आए. कहां प्रशांत किशोर जैसे नेता कांग्रेस को लालू परिवार की पिछलग्गू पार्टी कहा करते थे, और कहां वोटर अधिकार यात्रा में लगने लगा जैसे आरजेडी ही कांग्रेस की पिछलग्गू बन गई हो.  2. तेजस्वी यादव की तरफ से तो राहुल गांधी का नाम प्रधानमंत्री पद के लिए भी प्रस्तावित कर दिया गया, लेकिन राहुल गांधी पूरी तरह टाल गए. बल्कि, राहुल गांधी का जवाब सुनकर तो ऐसा लगा जैसे वो चाहते ही न हों कि तेजस्वी को बिहार में विपक्ष की तरफ से मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित किया जाए.  3. राहुल गांधी के बयान में जो कसर बाकी रह गई थी, कांग्रेस के बिहार प्रभारी कृष्णा अल्लावरु ने पूरी कर दी. अव्वल तो पहले भी कृष्णा अल्लावरु भी तेजस्वी यादव को सीएम फेस घोषित किए जाने पर वैसी ही प्रतिक्रिया देते थे जैसा राहुल गांधी का रिएक्शन था, लेकिन हाल के एक प्रेस कांफ्रेंस में तो चार कदम आगे ही बढ़ गए.  कृष्णा अल्लावरु ने तो अब यहां तक बोल दिया है कि इंडिया ब्लॉक के मुख्यमंत्री पद का चेहरा अब बिहार के लोग ही तय करेंगे. निश्चित तौर पर तेजस्वी यादव और लालू यादव के लिए ऐसी बातें बर्दाश्त कर पाना काफी मुश्किल होगा.  फिर तो तेजस्वी यादव का बिहार अधिकार यात्रा शुरू करना जरूरी हो जाता है. और, सभी 243 सीटों पर चुनाव लड़ने की बात करना भी – तेजस्वी यादव के पास सीटों पर अपनी बात मनवाने का बेहतर तरीका भी यही लगता है. कैसा चल रहा है सीटों के बंटवारे पर मोलभाव 2020 के चुनाव में कांग्रेस को महागठबंधन में 70 सीटें मिली थीं, और चुनाव में कांग्रेस 19 सीटें जीतने में कामयाब हुई. उस चुनाव में आरजेडी ने 2015 में जीती हुई अपनी 10 सीटें सहयोगियों को दी थी, जिनमें दो कांग्रेस को मिली थीं – और वो एक सीट जीतने में सफल भी रही.  2020 के मुकाबले 2015 में कांग्रेस का स्ट्राइक रेट बेहतर पाया गया था. तब 41 सीटों पर चुनाव लड़कर कांग्रेस ने 27 सीटें जीती थी. लेकिन, 2020 में आरजेडी नेतृत्व को लगा कि महागठबंधन के सत्ता न हासिल करने में कांग्रेस अपने हिस्से की सीटें हार जाना बड़ी वजह रही. चुनाव नतीजे आने के बाद तेजस्वी यादव या लालू यादव तो नहीं, लेकिन आरजेडी नेताओं ने खुल कर राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा पर हमला बोला था.  2025 के चुनाव में भी कांग्रेस की तरफ से 70 सीटों पर दावा पेश किए जाने की बात सुनी जा रही है. ऐसी दावेदारी के पीछे राहुल गांधी की वोटर अधिकार यात्रा से कांग्रेस अपने प्रभाव में हुआ इजाफा मान रही है. इंडियन एक्सप्रेस की  रिपोर्ट के मुताबिक, कांग्रेस उन 70 सीटों में से 27 अपने लिए अच्छी सीटें मान रही है. 27 सीटों में ही कांग्रेस की जीती हुई 19 सीटें भी शामिल हैं. 8 वे सीटें हैं, जहां कांग्रेस उम्मीदवार दूसरे नंबर पर थे, और हार का फासला करीब पांच हजार वोट थे.  दिल्ली की प्रेस कांफ्रेंस में कृष्णा अल्लावरु ने भी कहा था, हर राज्य में अच्छी और खराब सीटें होती हैं. और, ऐसा कभी नहीं होना चाहिए कि एक पार्टी सभी अच्छी सीटों पर चुनाव लड़े, और दूसरी खराब सीटों पर. कृष्णा अल्लावरु का कहना था कि सीटों के बंटवारे के वक्त इस … Read more

ईवीएम बैलेट पेपर को अधिक स्पष्ट एवं पठनीय बनाने हेतु आयोग ने संशोधित किए दिशा-निर्देश

पटना बिहार से होगी शुरुआत – पहली बार उम्मीदवारों के रंगीन फोटो होंगे ईवीएम पर क्रम संख्या और अधिक प्रमुख रूप से प्रदर्शित होगी 1. भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने निर्वाचन प्रक्रिया को और अधिक स्पष्ट एवं पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से, जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1961 के अंतर्गत नियम 49बी के तहत, ईवीएम बैलेट पेपर के डिज़ाइन एवं मुद्रण संबंधी दिशा-निर्देशों में संशोधन किया है। 2. यह पहल उन 28 सुधारात्मक उपायों की श्रृंखला का हिस्सा है, जिन्हें आयोग ने पिछले 6 माह में निर्वाचन प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने तथा मतदाताओं की सुविधा बढ़ाने के लिए लागू किया है। 3. अब से, ईवीएम बैलेट पेपर पर उम्मीदवारों के फ़ोटो रंगीन मुद्रित किए जाएंगे। बेहतर दृश्यता के लिए फ़ोटो क्षेत्र का तीन-चौथाई भाग उम्मीदवार के चेहरे से भरा होगा। 4. उम्मीदवारों तथा "नोटा" की क्रम संख्या भारतीय अंकों के अंतरराष्ट्रीय स्वरूप में प्रदर्शित होगी। यह क्रम संख्या 30 फ़ॉन्ट आकार में तथा बोल्ड अक्षरों में होगी ताकि मतदाताओं को और अधिक स्पष्टता मिले। 5. समानता सुनिश्चित करने हेतु सभी उम्मीदवारों एवं "नोटा" के नाम एक ही प्रकार के फ़ॉन्ट और पर्याप्त बड़े आकार में छापे जाएंगे, जिससे उन्हें आसानी से पढ़ा जा सके। 6. ईवीएम बैलेट पेपर 70 जीएसएम कागज़ पर मुद्रित होंगे। विधानसभा चुनावों हेतु निर्दिष्ट आरजीबी मानकों के अनुरूप गुलाबी रंग के कागज़ का उपयोग किया जाएगा। 7. संशोधित एवं उन्नत ईवीएम बैलेट पेपर का उपयोग आगामी चुनावों में किया जाएगा, जिसकी शुरुआत बिहार से होगी।

प्रधानमंत्री मोदी के 75वें जन्मदिन पर नीतीश कुमार की बधाई, कहा- रहें स्वस्थ और दीर्घजीवी

पटना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आज यानी बुधवार (17 सितंबर) को जन्मदिन है। देश भर से उन्हें जन्मदिन की बधाइयां मिल रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज अपना 75वां जन्मदिन मनाएंगे। इसी क्रम में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी पीएम मोदी को जन्मदिन की बधाई दी है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा पीएम मोदी को एक्स पर ट्वीट कर बधाई दी है। स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की कामना की मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बधाई देते हुए कहा, "आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी को उनके जन्मदिन पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। उनके स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की कामना है।" डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी समेत कई नेताओं ने दी बधाई बता दें कि पीएम मोदी के जन्मदिन पर डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने भी शुभकामनाएं दी। उन्होंने लिखा कि, मोदी जी का बिहार के प्रति है विशेष लगाव, आज हर बिहारवासी जन्मदिन पर उन्हें दे रहा है कोटि-कोटि बधाई। अनंत शक्ति, कर्मयोगी, दृढनिश्चय का प्रतिमान, सेवक सैन्य, त्याग, शौर्य से दिलाता सम्मान, सूर्य की तेज सा शत्रुओं को सबक सिखाता, चांद की शीतलता से आमजन को सींचता। आधुनिक भारत के विश्वकर्मा, भारत के यशस्वी प्रधानमंत्री मोदी को जन्मदिन की हार्दिक बधाई और अशेष शुभकामनाएँ! वहीं जीतन राम मांझी ने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा,"विश्व के सर्वाधिक लोकप्रिय नेता एवं गांव, गरीब, महिला, मज़दूर, किसान व नौजवानों के हितैषी, देश के यशस्वी प्रधानमंत्री मोदी को जन्मदिन की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’, 'आत्मनिर्भर भारत' और ‘विकसित भारत’ की नींव रख कर भारत को सर्वोच्च शक्ति बनाने का आपका संकल्प अत्यंत ही प्रेरणादायक है। ईश्वर आपको सदैव स्वस्थ, प्रसन्न एवं दीर्घायु रखे यही मेरी प्रार्थना है।" इधर केंद्रीय मंत्री ललन सिंह ने बधाई देते हुए लिखा, "देश के यशस्वी प्रधानमंत्री आदरणीय नरेंद्र मोदी को जन्मदिन की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। ईश्वर आपको पूरे विश्व में भारत का मान, सम्मान एवं गौरव बढ़ाने तथा आत्मनिर्भर भारत बनाने की शक्ति प्रदान करें। ताकि आप 2047 के विकसित भारत बनाने के लक्ष्य को प्राप्त कर सकें।" बता दें कि पीएम मोदी का जन्म 17 सितंबर 1950 को गुजरात के वडनगर शहर में हुआ था। एक सामान्य परिवार से आने वाले नरेंद्र मोदी आज विश्व मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं और एक सशक्त, आत्मनिर्भर भारत की कल्पना को साकार करने में जुटे है। उनके पिता दामोदर दास मूलचंद मोदी वडनगर रेलवे स्टेशन पर चाय बेचते थे और उनकी मां हीराबेन मोदी, एक घरेलू महिला थीं। नरेंद्र मोदी छह भाई-बहनों में से एक हैं। उनकी प्रारंभिक जीवन यात्रा संघर्षों से भरी रही, लेकिन दृढ़ निश्चय और परिश्रम के बल पर उन्होंने खुद को देश के सर्वोच्च पद तक पहुंचाया।

इमानदारी बेच डाली! पूर्वी चंपारण में निगरानी टीम ने पकड़ा रिश्वतखोर डाटा ऑपरेटर

पूर्वी चंपारण बिहार निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की टीम ने मंगलवार को पूर्वी चंपारण जिले में चिरैया प्रखण्ड संसाधन केन्द्र (बीआरसी) के डाटा इन्ट्री ऑपरेटर प्रकाश श्रीवास्तव को दस हजार रूपये रिश्वत लेते हुये गिरफ्तार कर लिया। ब्यूरो सूत्रों ने बताया कि पूर्वी चंपारण जिले के चिरैया थाना क्षेत्र के भेड़यिाही गांव निवासी और परिवादी मणिभूषण कुमार ने ब्यूरो में शिकायत दर्ज करायी थी कि डाटा इन्ट्री ऑपरेटर प्रकाश श्रीवास्तव के द्वारा कटौती की गई वेतन को इंट्री करने के एवज में उनसे रिश्वत की मांग की जा रही है। ब्यूरो द्वारा प्राप्त शिकायत का सत्यापन कराया गया एवं सत्यापन के क्रम में आरोपी द्वारा रिश्वत मांगे जाने का प्रमाण पाया गया। प्रथम द्रष्टया आरोप सही पाये जाने के बाद कांड अंकित कर ब्यूरो के पुलिस उपाधीक्षक एवं अनुसंधानकर्त्ता मोहम्मद वसीम फिरोज के नेतृत्व में एक धावादल का गठन किया गया। सूत्रों ने बताया कि धावादल द्वारा कारर्वाई करते हुए प्राथमिकी अभियुक्त प्रकाश श्रीवास्तव को दस हजार रूपये रिश्वत लेते चिरैया बी.आर.सी कार्यालय से गिरफ्तार किया गया है। अभियुक्त से पूछताछ के बाद उसे मुजफ्फरपुर निगरानी की विशेष अदालत में पेश किया जायेगा।

बेरोजगारी पर तेजस्वी का ऐलान: महागठबंधन की सरकार में कोई डिग्रीधारी बेरोजगार नहीं रहेगा

पटना बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता तेजस्वी यादव ने बुधवार को एक जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि उनके गठबंधन की सरकार बनाने के बाद कोई भी डिग्रीधारी बेरोजगार नही रहेगा।        तेजस्वी यादव ने अपनी बिहार अधिकार यात्रा की शुरुआत पटना से की और फतुहा होते हुए उनका कारवां बख्तियारपुर पहुंचा। बख्तियारपुर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का गृहक्षेत्र है। इसी कस्बे में उनके पिता आयुर्वेद के डॉक्टर हुआ करते थे और नीतीश कुमार का बचपन वहीं गुजरा था। राजद नेता ने बख्तियारपुर की जनता को पुरजोर स्वागत के लिए धन्यवाद दिया और कहा कि आज पढ़े लिखे नौजवान सड़को पर घूम रहे हैं या दूसरे राज्यो में पलायन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पिछले बिहार विधानसभा चुनाव में उन्होंने 10 लाख नौकरियों का वादा किया था और जब उन्हें सत्ता में भागीदारी मिली तो करीब 5 लाख लोगों को सरकारी नौकरी दी गयी। तेजस्वी यादव ने  कहा कि पिछली सरकार में उपमुख्यमंत्री होते हुए भी मैने इतने रोजगार का सृजन किया और जब मुख्यमंत्री के रूप में अवसर मिलेगा तो सुनिश्चित किया जाएगा कि कोई युवा बेरोजगार नही रहे। राजद नेता ने भीड़ से कहा कि सत्ता बदलिए चुपचाप, बटन दबाइये लालटेन छाप। बख्तियारपुर सभा मे तेजस्वी यादव के साथ राज्यसभा के सांसद संजय यादव, पूर्व विधायक और राजद प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव, स्थानीय विधायक अनिरुद्ध यादव सहित राजद के कई प्रमुख नेता उपस्थित थे।

गुमला में बड़ा एक्सीडेंट! आमने-सामने की टक्कर में तीन लोगों की दर्दनाक मौत

गुमला झारखंड के गुमला जिले में एक एसयूवी एवं ऑटोरिक्शा के बीच आमने-सामने की टक्कर हो गयी, जिसमें तीन लोगों की मौत हो गयी। मरने वालों में ढाई साल का एक बच्चा भी शामिल है। पुलिस ने यह जानकारी दी। ढाई साल के बच्चे समेत 3 की दर्दनाक मौत डुमरी पुलिस थाने के प्रभारी अनुज कुमार ने बताया कि यह हादसा मंगलवार शाम उस समय हुआ जब जैरागी बाजार से सवारियों को लेकर लौट रहा एक ऑटोरिक्शा महुआडांड़-जैरागी मुख्य मार्ग पर अनवरटोल गार्डन के पास लातेहार की ओर से आ रही तेज रफ्तार स्पोर्ट्स यूटिलिटी व्हीकल (एसयूवी) से टकरा गया। कुमार ने बताया कि टक्कर के कारण ऑटोरिक्शा पलट गया और हुंडरू नागेसिया (65) और बिट्टू तुरी (56) नामक दो बुजुर्गों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। हादसे में ढाई साल के अनीश बारा को सिर में गंभीर चोटें आईं। बेहतर उपचार के लिए डुमरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से गुमला के सदर अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। उन्होंने कहा, ‘‘हुंडरू नागेसिया डुमरी के चिरोटोली गांव का जबकि बिट्टू तुरी लातेहार जिले के महुआडांड़ का रहने वाला था। बच्चे की पहचान चिरोटोली के ही पीटर बारा के पुत्र के रूप में हुई, जिसे गुमला के सदर अस्पताल में डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। पुलिस अधिकारी ने आगे बताया, "हमने शवों को गुमला के सदर अस्पताल में पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और एसयूवी की पहचान के लिए सीसीटीवी फुटेज की मदद ली जा रही है। हम इस ‘हिट एंड रन' मामले में मृतकों और घायलों को अनुग्रह राशि दिलाने की कोशिश करेंगे।" हादसे में ऑटोरिक्शा में सवार तीन अन्य लोग मामूली रूप से घायल हुए, जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद डुमरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से छुट्टी दे दी गई।