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दरभंगा के BDO चंद्रमोहन पासवान के खिलाफ कार्रवाई, 89 लाख की अवैध संपत्ति का आरोप

पटना बिहार में आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) की ओर से आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में केवटी के प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) चंद्रमोहन पासवान के विरूद्ध बुधवार को बड़ी कार्रवाई की गई है। विशेष न्यायालय से अनुमति मिलने पर कार्रवाई ईओयू को विश्वस्त सूत्रों से (बीडीओ) चंद्रमोहन पासवान के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने की शिकायत मिली थी। प्राप्त जानकारी के सत्यापनोपरान्त केवटी(दरभंगा) के बीडीओ चन्द्रमोहन पासवान के विरूद्ध ज्ञात आय से अधिक सम्पति अर्जित करने के मामले में 26 मई को आर्थिक अपराध इकाई थाना में कांड संख्या-09/26 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई। इस मामले में धारा 13(2) सहपठित धारा 13(1)(बी) भ्र0नि0अधि0 1988 (यथा संशोधित 2018) के मामला दर्ज कर विशेष न्यायालय निगरानी, मुजफ्फरपुर से तलाशी की अनुमति ली गई। डीएसपी स्तर के अधिकारियों के नेतृत्व में छापेमारी विशेष न्यायालय निगरानी, मुजफ्फरपुर से अनुमति मिलने के बाद ईओयू की टीम की ओर से उनके 06 अलग-अलग ठिकानों पर एक साथ छापेमारी शुरू की गई। पुलिस उपाधीक्षक स्तर के पदाधिकारियों के नेतृत्व मे तलाशी की कार्यवाई की जा रही है। 89,13,500 रुपये आय से अधिक सम्पति अर्जित करने का मामला आर्थिक अपराध इकाई थाना कांड संख्या-09/26, में प्राथमिकी अभियुक्त चन्द्रमोहन पासवान, प्रखण्ड विकास पदाधिकारी, केवटी(दरभंगा) के विरूद्ध सत्यापन के क्रम में कुल 89,13,500 रुपये आय से अधिक सम्पति अर्जन करने का प्रथम दृष्टया साक्ष्य पाया गया है, जो उनके ज्ञात आय से लगभग 81.03 प्रतिशत अधिक है। पैतृक और सरकारी आवास-कार्यालय समेत 6 ठिकाने पर छापेमारी इस क्रम में आज 27मई को प्रातः चन्द्रमोहन पासवान, के दरभंगा के बहादुरपुर, अवस्थित आवास एवं व्यवसायिक भवन, बाबूबरही(मधुबनी) के पैतृक आवास एवं व्यवसायिक भवन तथा केवटी(दरभंगा) स्थित कार्यालय और सरकारी आवास सहित कुल 06 ठिकानों पर अलग-अलग टीम की ओर से तलाशी कार्रवाई प्रारम्भ की गई है।  

बिहार के कई जिलों में तेज आंधी और बारिश का कहर, 5 लोगों की मौत

पटना बिहार में पिछले एक सप्ताह से मौसम के दो रंग देखने को मिल रहे हैं। एक तरफ रिकॉर्ड तोड़ गर्मी तो दूसरी और आंधी-बारिश जनजीवन को प्रभावित कर रही है। सोमवार को दोपहर बाद से मंगलवार की सुबह तक 25 जिलों में भारी से हल्के स्तर की बारिश हुई। इस दौरान कटिहार के प्राणपुर में 132.8 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। पुरवा का प्रवाह होने के बावजूद मंगलवार को राज्य के चार जिलों का अधिकतम पारा 40 डिग्री से ऊपर रहा। भभुआ में 43.6, डेहरी में 42.4, औरंगाबाद में 40.8 और छपरा में 40.3 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। वहीं मधेपुरा का अधिकतम तापमान 31.2, पूसा में 32.5, अगवानपुर में 31.3 तो दरभंगा में 32.05 डिग्री सेल्सियस अधिकतम पारा रहा। सोमवार की रात राज्य के कई हिस्सों में 61 किमी की रफ्तार तक आंधी चली। वहीं बुधवार के लिए भी जो पूर्वानुमान जारी किया‌ गया है, उसमें भी सूबे में मौसम के दो रंग होंगे। दक्षिण-पश्चिम भाग के 8 जिले में मौसम शुष्क बने रहने से भीषण गर्मी पड़ेगी तो बाकी हिस्सों में तेज हवा और बारिश के के आसार हैं। आज 24 जिलों में बारिश के आसार बिहार के 24 जिलों में बुधवार को बारिश के आसार हैं। वदीं दक्षिण-मध्य भाग के आठ जिलों में भी एक-दो स्थाानों पर बारिश की संभावना है। दक्षिण-पश्चिम बाग के छह जिलों में मौसम शुष्क बना रहेगा। मधेपुरा और पूर्णिया में गरज-चमक के साथ भारी बरिश और 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चलने को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। पटना में कैसा रहेगा मौसम पटना में बुधवार को आसमान साफ रहेगा। वहीं गुरुवार से तीन दिनों तक जिले के एक या दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश के आसार हैं। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, इस दौरान ज्यादातर जगहों पर बादल छाए रहेंगे। कहीं तेज बारिश तो मध्यम बारिश हो सकती है। लोगों को थोड़ी राहत मिली पटना में पिछले कई दिनों से पछुआ का प्रवाह जारी था। सोमवार शाम से राजधानी में लगातार पुरवा का प्रभाव जारी रहने के कारण लोगों को गर्मी से आंशिक तौर पर राहत मिली है। वहीं राजधानी पटना के न्यूनतम तापमान में 2.6 डिग्री सेल्सियस की गिरावट और अधिकतम तापमान में 0.2 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हुई। पटना जिले का अधिकतम तापमान 38.4 और न्यूनतम तापमान 25.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। उत्तर पूर्वी बिहार और कोसी-सीमांचल में तबाही उत्तर और पूर्वी बिहार समेत कोसी, सीमांचल में सोमवार रात आई आंधी, बारिश और ओलावृष्टि ने कई जिलों में भारी तबाही मचाई है। वहीं आंधी-तूफान की चपेट में आने से भागलपुर में तीन, सुपौल व सीवान में एक-एक और नेपाल के रौतहट क्षेत्र में महिला की मौत हो गई, जबकि पूर्वी चंपारण में दीवार गिरने से एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया सीतामढ़ी, शिवहर, पूर्वी व पश्चिम चंपारण, दरभंगा, मधुबनी और मुजफ्फरपुर, सुपौल, मधेपुरा, कटिहार और भागलपुर में पेड़, बिजली पोल और तार गिरने से जनजीवन प्रभावित हो गया। कई जगहों पर सड़क संपर्क बाधित रहा और घंटों बिजली आपूर्ति ठप रही। आंधी और ओलावृष्टि से आम, लीची, मक्का, मूंग व सब्जियों की फसलों को व्यापक नुकसान पहुंचा है। फूस, चदरा, टीन और एस्बेस्टस से बने घरों को भी भारी क्षति पहुंची है।

प्रार्थना नहीं होने पर विवाद, कटिहार के स्कूल में ‘वंदे मातरम्’ गाने पर हंगामा

बरारी/कटिहार. बिहार के कटिहार जिले में बरारी स्थित उच्च माध्यमिक विद्यालय सह उत्क्रमित मध्य विद्यालय, मौलानाचक गुरमेला में राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् को लेकर शुरू हुआ विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। शनिवार को चेतना सत्र के दौरान राष्ट्रीय गीत के गायन का विरोध और शिक्षकों के बीच मारपीट की घटना के बाद सोमवार को भी विद्यालय खुलने पर चेतना सत्र आयोजित नहीं हो सका। बिना प्रार्थना के ही कक्षाओं का संचालन शुरू कर दिया गया। इससे अन्य शिक्षकों में आक्रोश है। मामले में आरोप है कि बीते शनिवार को शिक्षक फरहन अंजुम ने चेतना सत्र के दौरान वंदे मातरम् के गायन का विरोध किया। जब अन्य शिक्षकों ने इसे सरकारी निर्देशों का पालन करने की बात कही तो स्थिति विवाद में बदल गई। हाथापाई और गाली-गलौज का आरोप आरोप है कि इस दौरान शिक्षक अबू तालिब ने अन्य शिक्षकों के साथ गाली-गलौज और हाथापाई की। इतना ही नहीं उन्होंने कथित तौर पर माहौल बिगाड़ने की धमकी भी दी। स्थिति तब और बिगड़ गई, जब दोनों शिक्षकों ने समर्थन में विद्यालय शिक्षा समिति के अध्यक्ष सह वार्ड सदस्य अनारूल हक को बुला लिया। इससे विद्यालय परिसर में कुछ समय के लिए तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई और माहौल कुछ समय के लिए अराजक हो गया था। घटना के बाद विद्यालय के शिक्षक पियूष कुमार राणा, अमित कुमार, चांदनी कुमारी, नेहा कुमारी, अमित आनंद और अश्विनी कुमार ने बीआरसी पहुंचकर लिखित शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में फरहन अंजूम पर राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् के विरोध और अबू तालिब पर गाली-गलौज, हाथापाई तथा दंगा भड़काने की धमकी देने का आरोप लगाया गया है। बताया यह भी जा रहा है कि पूरी घटना विद्यालय के सीसीटीवी में कैद है। जांच के लिए नहीं पहुंचा कोई अधिकारी  इधर, मामले सामने आने के बाद प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी राज कुमार सिंह ने शनिवार को ही दोनों आरोपित शिक्षकों से दो दिनों के भीतर स्पष्टीकरण मांगा था। सोमवार को बीडीओ धीरेंद्र कुमार धीरज ने विद्यालय शिक्षा समिति के अध्यक्ष सह वार्ड सदस्य अनारूल हक के हस्तक्षेप को लेकर जवाब तलब किया है। हालांकि, इतनी बड़ी घटना के बावजूद सोमवार तक कोई भी वरीय अधिकारी विद्यालय में जांच के लिए नहीं पहुंचे। इससे शिक्षकों में भय और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है। इसका सीधा असर विद्यालय के पठन-पाठन सहित सामाजिक वातावरण पर भी पड़ता नजर आ रहा है। वंदे मातरम् का विरोध करना अनुशासनहीनता – वंदे मातरम् गायन का विरोध करना अनुशासनहीनता की श्रेणी में आता है। स्पष्टीकरण के जवाब मिलने के बाद अग्रेतर कार्रवाई की जाएगी। प्रार्थना नहीं होने की बात की जानकारी नहीं है। इसे लेकर जांच की जाएगी। – राजकुमार सिंह, बीईओ, बरारी-कटिहार

धनबाद के अधीक्षण इंजीनियर सवनीन्द्र कुमार अब रांची में संभालेंगे जिम्मेदारी

धनबाद. झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (जेबीवीएनएल) ने प्रशासनिक स्तर पर एक बड़ा फेरबदल करते हुए राज्यभर के कई वरीय अधिकारियों का बड़े पैमाने पर तबादला किया है। इस कड़ी में धनबाद विद्युत आपूर्ति आंचल को भी प्रभावित किया गया है। निगम मुख्यालय द्वारा जारी अधिसूचना के तहत धनबाद विद्युत आपूर्ति अंचल के विद्युत अधीक्षण अभियंता (ईएसई) सवनीन्द्र कुमार कश्यप का स्थानांतरण रांची कर दिया गया है। मुख्यालय स्तर पर भी बड़े बदलाव किए गए उन्हें तत्काल प्रभाव से रांची निगम मुख्यालय में उप महाप्रबंधक (ग्रामीण परियोजना)-I के महत्वपूर्ण पद पर पदस्थापित किया गया है। इसके साथ ही गिरिडीह राजस्व क्षेत्र के विद्युत अधीक्षण अभियंता प्रवीण उरांव को स्थानांतरित करते हुए देवघर विद्युत आपूर्ति अंचल का नया अधीक्षण अभियंता नियुक्त किया गया है। मुख्यालय स्तर पर भी बड़े बदलाव किए गए हैं, जिसमें विभिन्न महाप्रबंधकों (जीएम) और उप महाप्रबंधकों (डीजीएम) को अतिरिक्त प्रभार सौंपे गए हैं ताकि मुख्यमंत्री उज्ज्वल झारखंड योजना (एमयूजेवाई) और आरडीएसएस से जुड़े कार्यों को गति दी जा सके। धनबाद से सवनीन्द्र कुमार कश्यप के जाने के बाद अब यहाँ नए अधीक्षण अभियंता की तैनाती को लेकर विभागीय हलचल तेज हो गई है।

बिहार में राजद को बड़ा झटका, ‘मुखिया दीदी’ BJP में शामिल

पटना. बिहार की राजनीति में मंगलवार को बड़ा घटनाक्रम देखने को मिला। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) को झटका देते हुए पार्टी की पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और ‘मुखिया दीदी’ के नाम से चर्चित रितु जायसवाल ने भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर ली। भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित मिलन समारोह में प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने उन्हें पार्टी की सदस्यता दिलाई। मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल भी मौके पर मौजूद रहे। राजद से लंबे समय तक जुड़ी रहीं रितु जायसवाल पिछले कुछ महीनों से पार्टी नेतृत्व से नाराज चल रही थीं। 2025 के विधानसभा चुनाव में परिहार सीट से टिकट नहीं मिलने के बाद उन्होंने खुलकर बगावत कर दी थी। टिकट कटने से नाराज होकर उन्होंने निर्दलीय चुनाव लड़ा। हालांकि उन्हें हार का सामना करना पड़ा, लेकिन करीब 64 हजार वोट हासिल कर उन्होंने अपनी मजबूत राजनीतिक पकड़ का संकेत दिया था। भाजपा में शामिल होने से पहले 24 मई को उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए अपने फैसले के संकेत दे दिए थे। पोस्ट में उन्होंने राजनीति को सेवा का माध्यम बताते हुए जनहित में काम जारी रखने की बात कही थी। पंचायत राजनीति से प्रदेश स्तर तक बनाया प्रभाव सीतामढ़ी जिले के सिंहवाहिनी पंचायत से राजनीति की शुरुआत करने वाली रितु जायसवाल ने बहुत कम समय में बिहार की राजनीति में अपनी अलग पहचान बनाई। वर्ष 2016 में वह मुखिया चुनी गईं और पंचायत स्तर पर किए गए कार्यों की वजह से तेजी से चर्चाओं में आईं। उन्हें 2017 में एमआईटी स्कूल ऑफ गवर्नमेंट द्वारा ‘आदर्श युवा सरपंच सम्मान’ दिया गया। इसके बाद 2018 में उपराष्ट्रपति के हाथों ‘चैंपियंस ऑफ चेंज’ पुरस्कार भी मिला। वर्ष 2019 में उनकी पंचायत को दीनदयाल उपाध्याय पंचायत सशक्तिकरण सम्मान से नवाजा गया। राजद में तेजी से बढ़ा कद राष्ट्रीय जनता दल ने 2020 के विधानसभा चुनाव में उन्हें परिहार सीट से उम्मीदवार बनाया था। इसके बाद पार्टी ने उन्हें प्रदेश प्रवक्ता और फिर महिला प्रकोष्ठ की प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी। 2024 के लोकसभा चुनाव में राजद ने उन्हें शिवहर सीट से मैदान में उतारा। उन्होंने करीब 4.74 लाख वोट हासिल किए, लेकिन लगभग 29 हजार मतों से हार गईं। इसके बावजूद उनकी राजनीतिक सक्रियता और जनाधार चर्चा में रहा। हालांकि 2025 के विधानसभा चुनाव में निर्दलीय चुनाव लड़ने के बाद राजद ने अनुशासनहीनता का आरोप लगाते हुए उन्हें छह वर्षों के लिए निष्कासित कर दिया था। भाजपा के लिए क्यों अहम हैं रितु जायसवाल राजनीतिक जानकारों की मानें तो महिला वोट बैंक, पंचायत स्तर की मजबूत पकड़ और मिथिलांचल क्षेत्र में सक्रियता को देखते हुए भाजपा के लिए रितु जायसवाल का शामिल होना अहम माना जा रहा है।  अब तक का राजनीतिक सफर 2016 : सिंहवाहिनी पंचायत की मुखिया बनीं 2017 : आदर्श युवा सरपंच सम्मान प्राप्त 2018 : चैंपियंस ऑफ चेंज पुरस्कार मिला 2019 : पंचायत को राष्ट्रीय स्तर का सम्मान 2020 : राजद में शामिल होकर विधानसभा चुनाव लड़ा 2021 : राजद की प्रदेश प्रवक्ता और महिला प्रकोष्ठ अध्यक्ष बनीं 2024 : शिवहर लोकसभा चुनाव लड़ा 2025 : निर्दलीय विधानसभा चुनाव लड़ा और अब भाजपा में शामिल हुईं

बिहार MLC चुनाव का ऐलान, 10 सीटों पर 18 जून को वोटिंग; नीतीश सीट भी शामिल

पटना. बिहार विधान परिषद की 9 सीटों पर द्विवार्षिक चुनाव का कार्यक्रम भारत निर्वाचन आयोग ने जारी कर दिया है।  इसके अलावा एक सीट पर उपचुनाव कराया जाएगा। राज्‍यसभा सदस्‍य बनने के बाद पूर्व सीएम नीतीश कुमार ने विधान परिषद से इस्‍तीफा दे दिया था। इसके अनुसार 29 जून 2026 को 9 एमएलसी का कार्यकाल समाप्‍त हो रहा है। चुनाव की अधिसूचना 1 जून को जारी होगी।  18 जून को मतदान और मतगणना  नामांकन दाखिल करने की अंत‍िम तिथ‍ि 8 जून तय की गई है। 9 जून को नामांकन प्रपत्रों की स्‍क्रूटनी की जाएगी। 11 जून तक उम्‍मीदवार नाम वापस ले सकेंगे। इसके बाद 18 जून को सुबह 9 से 4 बजे तक मतदान कराया जाएगा। मतदान के बाद उसी दिन मतगणना की जाएगी। 20 जून तक पूरी प्रक्र‍िया समाप्‍त कर ली जाएगी। एक सीट के उपचुनाव का कार्यक्रम भी 9 सीटों के चुनाव के अनुसार ही होना तय किया गया है। इस सीट पर निर्वाचित होने वाले सदस्‍य का कार्यकाल 6 मार्च 2030 तक रहेगा।  इन नेताओं का कार्यकाल हो रहा समाप्‍त  28 जून 2026 को जिन नेताओं का कार्यकाल समाप्‍त हो रहा है, उनमें डॉ. कुमुद वर्मा, प्रो. गुलाम गौस, मो. फारूक, भीष्‍म साहनी, श्रीभगवान सिंह कुशवाहा, संजय मयूख, समीर कुमार सिंह, सम्राट चौधरी और सुनील कुमार सिंह शामिल हैं। सीएम सम्राट चौधरी और मंत्री श्रीभगवान सिंह कुशवाहा ने विधानसभा चुनाव में जीत के बाद 16 नवंबर 2025 को विधान परिषद सदस्‍य पद से इस्‍तीफा दे दिया था। चुनाव एवं उपचुनाव कार्यक्रम की घाेषणा होने के साथ ही राज्‍य की सियासत में सरगर्मी बढ़ जाएगी। हालांकि पहले से ही रणनीत‍ि तेज हो चुकी है।

रांची स्मार्ट सिटी घोटाला या लापरवाही? फ्लैट, अस्पताल और मॉल अब तक कागजों में

 रांची  रांची की स्मार्ट सिटी परियोजना आज अपने सबसे बड़े सवालों के घेरे में है। करीब 1500 करोड़ रुपये खर्च होने के बावजूद न तो आम लोगों को फ्लैट मिले, न मेडिकल कॉलेज बना, न अस्पताल और न ही माल जैसे बड़े प्रोजेक्ट जमीन पर उतर सके। हालत यह है कि 656 एकड़ में फैली स्मार्ट सिटी में 70 करोड़ रुपये की लागत से मंत्रियों के आलीशान बंगले तो बन गए, लेकिन आम आदमी के हिस्से अब तक एक भी फ्लैट नहीं आया। स्मार्ट सिटी कॉरपोरेशन अब तक जमीन बेचकर 550 करोड़ रुपये से अधिक की कमाई कर चुका है, लेकिन तकनीकी उलझन, म्यूटेशन विवाद और विभागीय समन्वय की कमी ने पूरे प्रोजेक्ट की रफ्तार रोक दी है। 60 प्लाटों में महज 13 ही बिक सके हैं और पिछले दो वर्षों से प्लाट ऑक्शन भी बंद पड़ा है। एक साल बाद भी शुरू नहीं हुआ म्यूटेशन स्मार्ट सिटी की सबसे बड़ी बाधा जमीन का म्यूटेशन बना हुआ है। बीते साल 17 जून को मुख्य सचिव अलका तिवारी की अध्यक्षता में हुई बैठक में म्यूटेशन प्रक्रिया जल्द शुरू करने का निर्णय लिया गया था। बैठक की प्रोसिडिंग नामकुम अंचल कार्यालय को भेजी गई, लेकिन करीब एक साल होने के हैं उसके बाद भी प्रक्रिया जमीन पर शुरू नहीं हो सकी। म्यूटेशन नहीं, इसलिए नक्शा भी पास नहीं स्मार्ट सिटी कारपोरेशन ने जिन कंपनियों और निवेशकों को जमीन आवंटित की, उनकी जमीन का म्यूटेशन नहीं हो पा रहा है। इसी वजह से भवन निर्माण के नक्शे भी अटक गए हैं। दो अपार्टमेंट, एक माल, मेडिकल कॉलेज और अस्पताल भवन के नक्शे स्वीकृति के लिए भेजे गए थे, लेकिन टाउन प्लानिंग विभाग ने म्यूटेशन नहीं होने का हवाला देते हुए नक्शा पास करने की आगे की प्रक्रिया रोक दी है। नतीजा यह हुआ कि हजारों करोड़ के निवेश वाली परियोजनाएं कागजों में कैद होकर रह गईं। 65 साल पुरानी गलती अब बनी सबसे बड़ा संकट दरअसल, समस्या की जड़ 65 साल पुरानी है। संयुक्त बिहार के समय एचईसी के लिए जमीन अधिग्रहित की गई थी, लेकिन उस समय म्यूटेशन नहीं कराया गया। वर्ष 2016 में झारखंड सरकार ने एचईसी से यह जमीन खरीदी, तब भी म्यूटेशन की प्रक्रिया पूरी नहीं हुई। इसके बावजूद स्मार्ट सिटी कॉरपोरेशन ने निवेशकों को प्लाट आवंटित कर दिए। अब निवेशकों की जमीन का भी म्यूटेशन नहीं हो पा रहा है और पूरा प्रोजेक्ट कानूनी व तकनीकी पेंच में फंस गया है। निवेशकों का भरोसा भी डगमगाया तकनीकी बाधाओं और विभागीय ढिलाई से परेशान निवेशकों का भरोसा अब टूटने लगा है। चैलस रियल एस्टेट ने अपने 100 करोड़ रुपये वापस लेने के लिए हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। कोर्ट ने पांच प्रतिशत राशि काटकर शेष 95 करोड़ रुपये लौटाने का निर्देश दिया। माना जा रहा है कि दूसरे निवेशक भी अब पीछे हट सकते हैं। आम जनता सबसे ज्यादा प्रभावित स्मार्ट सिटी योजना के तहत आम लोगों के लिए करीब 5000 फ्लैट, बेहतर अस्पताल, स्कूल, तकनीकी कॉलेज, माल और रोजगार के नए अवसर विकसित होने थे, लेकिन परियोजनाएं अटकने से सबसे बड़ा नुकसान आम लोगों को उठाना पड़ रहा है। करोड़ों खर्च कर तैयार किया गया इंफ्रास्ट्रक्चर भी खाली पड़ा है और स्मार्ट सिटी का सपना धीरे-धीरे अव्यवस्था की भेंट चढ़ता दिख रहा है। इन कंपनियों को मिला है प्लॉट     चैलस रियलटर्स     मालती रेसिडेंसी इंफ्रा प्रोजेक्ट     अनंता रियलिटी     मणिकरण एक्सेल     जेएस क्लस्सी     बिग रियलटर्स     इक्फाई यूनिवर्सिटी     राइट पाथ फाउंडेशन     प्रमुख प्रस्तावित परियोजनाएं     5000 आवासीय फ्लैट     मेडिकल कॉलेज व अस्पताल     टेक्निकल कॉलेज     शापिंग माल     फाइव स्टार होटल     स्कूल और कमर्शियल काम्प्लेक्स  

पटना चिड़ियाघर में बड़ा बदलाव: गैंडों की अदला-बदली से बढ़ेगी प्रजातियों की विविधता

पटना बिहार की राजधानी पटना में स्थित पटना जू में नए जानवरों का आगमना होने जा रहा है। दिल्ली और रोहतक चिड़ियाघर के बाद अब पटना में सिंगापुर से एक जानवर आने वाला है। उसका बेसब्री से इंताजर हो रहा है। पटना जू में दो सिंग वाला सफेद गैंडों का एक जोड़ा देखने को मिलेगा। जानकारी के मुताबिक इसके बदले में पटना जू से एक सिंग वाला एक जोड़ा गैंडा सिंगापुर जाएगा। पटना आएगा गैंडा इसके लिए दोनों देशों के अधिकारी के अलावा पटना जू और वन पर्यावरण के अधिकारियों में वार्तालाप जारी है। पटना जू प्रबंधन के मुताबिक ये एक्सजेंज प्रोग्रामा के तहत जानवरों की अदला- बदली की जा रही है। ये दो सिंग वाला गैंडा पानी के जहाज से आएगा। उसके बाद समुद्र मार्ग से कोलकाता बंदरगाह पहुंचेगा। जहां से गैंडा को ट्रक पर लेकर टीम पटना पहुंचेगी। ऐसी योजना तैयार की जा रही है। सिंगापुर से आएगा गैंडा हवाई मार्ग की जगह समुद्री मार्ग और सड़क मार्ग को तरजीह दी जा रही है। ध्यान रहे कि पटना जू में गैंडों की संख्या एशिया में पहले स्थान प र है। वहीं दुनिया में दूसरे स्थान पर बना हुआ है। पटना जू में दस गैंडें हैं। इनमें छह मादा और चार नर गैंडा शामिल है। सभी गैंडें व्यस्क हैं और सबसे छोटे की उम्र पांच वर्ष की है। पटना जू ने दी जानकारी जानकारी के मुताबिक इस मामले में पहले स्थान पर अमेरिका के कैलिफोर्निया का सेंट डिएगो जू सफारी है। इन गैंडों के पटना जू आ जाने से गैंडों की प्रजाति की विविधता बढ़ जाएगा। जानकारी के मुताबिक अब दर्शन एक सिंग वाला गैंडा देखने के साथ दो सिंग वाला गैंडा भी देख पाएंगे।  

शिक्षा से लेकर गृह विभाग तक बदलाव, कई जिलों के DDC बदले गए

 रांची  झारखंड सरकार ने प्रशासनिक महकमे में एक और बड़ा फेरबदल किया है. इस बार झारखंड प्रशासनिक सेवा (JAS) के 66 अधिकारियों का बड़े पैमाने पर तबादला और पदस्थापन किया गया है. कार्मिक, प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग ने 23 मई 2026 को इसकी आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है. इस फेरबदल में कई जिलों के उप विकास आयुक्त (DDC) बदले गए हैं और कई प्रतीक्षारत व तैनात अधिकारियों को विभिन्न विभागों में संयुक्त सचिव (Joint Secretary) व अन्य महत्वपूर्ण पदों की जिम्मेदारी दी गई है. शिक्षा, स्वास्थ्य और लोक सेवा से जुड़े विभागों में बदलाव इस प्रशासनिक फेरबदल के तहत स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग में श्रीमती स्मिता टोप्पो को संयुक्त सचिव और श्री अनवर हुसैन को निदेशक (प्रशासन) बनाया गया है. वहीं, स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग में श्री योगेंद्र प्रसाद और अनुज कुमार प्रसाद को संयुक्त सचिव की जिम्मेदारी मिली है, जबकि शशि प्रकाश सिंह को भी इसी विभाग में संयुक्त सचिव के पद पर तैनात करते हुए उन्हें सीईओ आरोग्य सोसाइटी व एड्स कंट्रोल सोसाइटी का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है. इसके अलावा, झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की उप सचिव रहीं सरोजनी तिर्की को अब आईटीडीए (ITDA) लातेहार का परियोजना निदेशक नियुक्त किया गया है. जिलों में नए उप विकास आयुक्तों (DDC) की तैनाती राज्य सरकार ने कई जिलों में नए उप विकास आयुक्त (DDC)-सह-मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी (CEO) की नियुक्ति की है. इसके तहत जामताड़ा जिला परिषद में असीम किसपोट्टा, पलामू में मो. सादात अनवर, पाकुड़ में श्री अरविंद कुमार लाल, लोहरदगा में राज महेश्वरम्, गढ़वा में प्रेमलता मुर्मू और खूंटी जिला परिषद में प्रवीण कुमार प्रकाश को नया डीडीसी बनाया गया है. कल्याण, श्रम, और सामाजिक सुरक्षा विभाग अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग में मेनका और सुनील दत्त खाखा को संयुक्त सचिव बनाया गया है, जबकि मुमताज अली अहमद को अल्पसंख्यक आयोग के सचिव की जिम्मेदारी दी गई है. श्रम, नियोजन, प्रशिक्षण एवं कौशल विकास विभाग में हरिवंश पंडित और मोनी कुमारी तथा प्रीती किस्कू को संयुक्त सचिव के पद पर पदस्थापित किया गया है. वहीं, सुमन पाठक को महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग में संयुक्त सचिव नियुक्त किया गया है. गृह, राजस्व, वित्त और योजना विभाग गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग में बड़े पैमाने पर अफसरों की तैनाती हुई है, जिसमें संजय पांडेय, रौशन कुमार साह, ज्ञानेंद्र और विभूति मंडल को संयुक्त सचिव बनाया गया है. राजस्व, निबंधन एवं भूमि सुधार विभाग में प्रणव कुमार पाल संयुक्त सचिव होंगे, जबकि श्री धीरेंद्र कुमार सिंह और विद्या भूषण कुमार को क्रमशः राजस्व परिषद रांची में सचिव और संयुक्त सचिव बनाया गया है. वित्त विभाग में मधुमिता कुमारी और ज्योति कुमारी झा को संयुक्त सचिव की जिम्मेदारी दी गई है, जबकि राजेश्वर नाथ आलोक और संजीव कुमार (अतिरिक्त प्रभार- निदेशक, अर्थ एवं सांख्यिकी) को योजना एवं विकास विभाग में संयुक्त सचिव नियुक्त किया गया है. जल संसाधन, नगर विकास और अन्य महत्वपूर्ण पदस्थापन जल संसाधन विभाग में बिनय मनीष आर. लकड़ा और अजय सिंह बड़ाईक को संयुक्त सचिव बनाया गया है. नगर विकास एवं आवास विभाग में बिजय कुमार, संतोष सिंह और रंजीत लोहरा को संयुक्त सचिव के पद पर तैनात किया गया है. इसके अलावा, दिनेश कुमार रंजन को सूचना एवं जनसंपर्क विभाग (IPRD) में संयुक्त सचिव, विशालदीप खलखो को सूचना प्रौद्योगिकी एवं ई-गवर्नेंस विभाग में संयुक्त सचिव (साथ ही जैप-आईटी के ओएसडी का अतिरिक्त प्रभार) और मो. जियाउल अंसारी को खान एवं भूतत्व विभाग में संयुक्त सचिव बनाया गया है. कृषि, पर्यटन, खेलकूद और अन्य निगमों में कमान कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग में मनोज कुमार को संयुक्त सचिव बनाया गया है, जबकि अजय कुमार साव को कृषि विभाग में संयुक्त सचिव के साथ-साथ झारखंड राज्य कृषि विपणन परिषद के प्रबंध निदेशक (MD) का अतिरिक्त प्रभार मिला है. पर्यटन, कला संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य विभाग में रामा रविदास और सत्यवीर रजक को संयुक्त सचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई है. इसी तरह, रंजीता टोप्पो को खाद्य सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले विभाग में संयुक्त सचिव बनाते हुए झारखंड राज्य खाद्य निगम के एमडी का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है. वहीं, संतोष कुमार गर्ग को राज्यपाल सचिवालय में संयुक्त सचिव, प्रेम कुमार तिवारी को माडा (MADA) धनबाद का एमडी, और शैलेंद्र कुमार रजक को वित्त विभाग के अंकेक्षण निदेशालय का निदेशक (साथ ही पेंशन एवं लेखा निदेशालय का अतिरिक्त प्रभार) नियुक्त किया गया है. जनजातीय विकास में नई नियुक्तियां विभिन्न जिलों में समेकित जनजाति विकास अभिकरण (ITDA) के परियोजना निदेशकों की भी तैनाती की गई है. इसके तहत सरायकेला-खरसावां में उषा मुंडू, दुमका में मनीषा तिर्की, और गुमला में लीली एनोला लकड़ा को परियोजना निदेशक बनाया गया है. इसके साथ ही, विजय सिंह बिरुवा को झारखंड ट्राइबल डेवलपमेंट सोसाइटी (JTDS) रांची का परियोजना निदेशक नियुक्त किया गया है. उसी तरह मीना को लोकायुक्त कार्यालय में संयुक्त सचिव और सौरव कुमार सिन्हा को मंत्रिमंडल सचिवालय एवं निगरानी विभाग में संयुक्त सचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई है.

ईंधन महंगा होने से बढ़ी आम लोगों की चिंता, रांची में पेट्रोल 102 रुपये के पार

रांची पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी से आम लोगों की परेशानी बढ़ती जा रही है। तेल कंपनियों ने एक बार फिर ईंधन के दाम बढ़ा दिए हैं। रांची स्थित नंदी फ्यूल्स पेट्रोल पंप पर शनिवार सुबह छह बजे से पेट्रोल 102.63 रुपये प्रति लीटर और डीजल 97.66 रुपये प्रति लीटर की दर से मिलने लगा। इससे पहले 19 मई को पेट्रोल 101.75 रुपये और डीजल 96.70 रुपये प्रति लीटर था। यानी चार दिनों में पेट्रोल में 88 पैसे और डीजल में 96 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई है। इससे पहले 15 मई को भी पेट्रोल और डीजल की कीमतों में करीब 3 रुपये प्रति लीटर की बड़ी बढ़ोतरी की गई थी। उस समय पेट्रोल 97.86 रुपये से बढ़कर 100.86 रुपये और डीजल 92.62 रुपये से बढ़कर 95.76 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया था। इसके बाद 19 मई और अब 23 मई को लगातार तीसरी बार दाम बढ़ाए गए हैं। तेल कंपनियों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण ईंधन महंगा हो रहा है। देश की सरकारी तेल कंपनियां धीरे-धीरे कीमतों में बढ़ोतरी कर रही हैं। शहर के पेट्रोल पंप समय से पहले हुए बंद, कीमत का मिला लाभ लगातार बढ़ रही कीमतों का असर अब सीधे आम लोगों की जेब पर पड़ने लगा है। लेकिन वहीं शहर में शुक्रवार की रात कीमत बढ़ने के कारण पेट्रोल पंप समय पर पहले बंद हो गए। पेट्रोल पंप संचालकों ने पुराने स्टाक को शनिवार को भी सेल किया। इससे पे्ट्रोल पंप संचालकों को सीधा मुनाफा हुआ है। वहीं खासकर रोजाना बाइक और कार से आने-जाने वाले लोगों, आटो चालकों और ट्रांसपोर्ट कारोबार से जुड़े लोगों की चिंता बढ़ गई है। लोगों का कहना है कि पेट्रोल-डीजल महंगा होने से आने वाले दिनों में जरूरी सामानों की कीमतों पर भी असर पड़ सकता है।