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उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने स्व. श्री ब्रह्मानंद यादव के निधन पर किया शोक व्यक्त

भोपाल उप मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के ससुर श्री ब्रह्मानंद यादव के निधन पर शोक संवेदना व्यक्त की है। उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने कहा कि स्व. श्री यादव ने अपना जीवन शिक्षा के क्षेत्र में समर्पित किया। श्री देवड़ा ने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति एवं परिवार को यह दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।

स्वास्थ्य को चपत लगाने तीन गुना रफ्तार से आ रहा चिकनगुनिया, भोपाल में पॉजिटिविटी दर तीन गुना तक

 भोपाल  भोपाल शहर में चिकनगुनिया ने डेंगू का पीछे छोड़ दिया है। स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि इस साल अब तक चिकनगुनिया के मामले डेंगू से ज्यादा हैं। इसकी पॉजिटिविटी दर तीन गुना तक पहुंच चुकी है। विशेषज्ञ इसे कम रिपोर्टिंग का संकेत मानते हैं। रिपोर्ट के अनुसार इस साल अब तक चिकनगुनिया के 51 मरीज सामने आए हैं, जबकि डेंगू के 45 मामले हैं। पिछले तीन हफ्तों में चिकनगुनिया के केवल 192 टेस्ट किए गए, जिनमें तीन नए पॉजिटिव मामले सामने आए, वहीं डेंगू के 546 टेस्ट हुए और सिर्फ तीन नए मामले मिले। 2.47 प्रतिशत पॉजिटिविटी दर आंकड़ों के अनुसार, चिकनगुनिया बढ़ने की दर 7.02 प्रतिशत रही, जबकि डेंगू के बढ़ने की दर केवल 2.47 प्रतिशत रही। इससे यह अंदेशा मजबूत होता है कि चिकनगुनिया के कई मामले परीक्षण के बाहर छूट रहे हैं, यानी कम रिपोर्टिंग हो रही है। 28 जून को अंतिम सप्ताह में भी यही प्रवृत्ति दिखी। तब डेंगू के 272 जांच में से नौ ग्रस्त पाए गए। यानी 1.14 प्रतिशत डेंगू के मामले बढ़े। चिकनगुनिया की 57 जांच हुई और तीन संक्रमित पाए गए। ये हैं चिकनगुनिया के लक्षण -अचानक तेज बुखार आना। -गंभीर जोड़ों का दर्द होना। -मांसपेशियों में दर्द दर्द और जकड़न होना। -तेज और लगातार सिरदर्द होना। -अत्यधिक थकान और कमजोरी होना। -शरीर पर लाल चकत्ते, जो बुखार के कुछ दिनों बाद दिखाई देते हैं। -कुछ लोगों को मतली, उल्टी, आंखों में लाली और सूजन भी हो सकती है। स्वभाविक तौर से डेंगू की जांच अधिक हुई है और चिकनगुनिया की जांच कम हुई है। चिकनगुनिया के मामले डेंगू के मामलों से सिर्फ छह ज्यादा है। हम देखते हैं कि कहां चूक हुई है।– डॉ. मनीष शर्मा, सीएमएचओ, भोपाल

अदालत में अपील लगाने सरकारी वकील मांग रही थी रिश्वत, लोकायुक्त ने दबोचा

जबलपुर  जबलपुर में लोकायुक्त टीम ने एक महिला सरकारी वकील कुक्कू दत्त को 15 हजार रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा है। महिला सरकारी वकील ने शिकायतकर्ता से उसकी केस की पैरवी करने के बदले में 15 हजार रुपए की मांग की थी। फरियादी ने इसी की शिकायत जबलपुर लोकायुक्त पुलिस से कर दी, जिसकी पुष्टि होने के बाद लोकायुक्त ने घेराबंदी कर जाल बिछाया और महिला सरकारी वकील को 15 हजार की रिश्वत लेते रंगेहाथ दबोच लिया। फिलहाल, लोकायुक्त टीम महिला वकील के खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई कर रही है। क्या कहता है नियम? दरअसल, पिछले दिनों मध्य प्रदेश शासन ने शहर के सिविल लाइन क्षेत्र में रहने वाले बिहारी लाल की केस की पैरवी करने के लिए सरकारी महिला वकील को नियुक्त किया था। शासन के निर्देश पर नियुक्त सरकारी वकील फरियादी से पैसे नहीं मांग सकता। फिर भी महिला वकील कुक्कू दत्त शिकायतकर्ता से 15 हजार रुपए मांग रही थीं। दरअसल पिछले दिनों मध्य प्रदेश शासन ने सिविल लाइन निवासी बिहारी लाल की केस की पैरवी करने के लिए सरकारी महिला वकील को नियुक्त किया था। शासन के निर्देश के अनुसार नियुक्त सरकारी वकील फरियादी से पैसे की नहीं मांग सकता। लेकिन उसके बावजूद सरकारी महिला वकील ने शिकायतकर्ता से 15 हजार रुपए की मांग की थी। यही नहीं, पीड़ित का कहना है कि महिला वकील ने उसे कहा था कि यदि उसने उसे 15000 रुपए नहीं दिए तो वह उसके केस में काम नहीं करेगी। जिसके चलते वह फिर से अपना केस हार जाएगा। शिकायतकर्ता का आरोप पीड़ित का ये भी आरोप है कि, सरकारी महिला वकील ने उसे ये भी धमकी दी थी कि, अगर वो उसे 15 हजार नहीं देता तो वो केस पर किसी करह का काम नहीं करेगी, जिसके पर्णाम स्वरूप वो केस हार जाएगा।

कल्पेश याग्निक आत्महत्या केस में फर्जी जमानतदार, महिला आरोपी दोबारा गिरफ्तार

इंदौर  वरिष्ठ पत्रकार कल्पेश याग्निक ने 2018 में मुंबई के रहने वाली महिला सलोनी अरोड़ा से परेशान होकर आत्महत्या कर ली थी. इस मामले में पुलिस ने महिला को गिरफ्तार किया था, जिसको पिछले दिनों जमानत मिल गई है. जिस व्यक्ति ने उनकी जमानत दी थी, उसने पर पूर्व में कई लोगों को फर्जी तरीके से जमानत दिलवाई थी, जिसके चलते एक बार फिर पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर मुंबई से महिला और जमानत देने वाले इंदौर निवासी केदार को गिरफ्तार किया है. नए केस में फंसी सलोनी अरोड़ा वरिष्ठ पत्रकार कल्पेश याग्निक की आत्महत्या मामले में आरोपी सलोनी अरोड़ा एक नए केस में फंस गईं. उन पर फर्जी कागजात पर जमानत लेने का मामला दर्ज हुआ है. सलोनी के साथ जमानतदार केदार डाबी को भी इंदौर क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार कर लिया है और अब उनसे पूछताछ की जाएगी. इंदौर क्राइम ब्रांच ने यह कार्रवाई नीरज याग्निक की शिकायत पर की थी. नीरज स्वर्गीय कल्पेश याग्निक के भाई हैं. उनकी शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी. आत्महत्या मामले में हुई थी गिरफ्तार दरअसल मामला यह है कि साल 2018 में वरिष्ठ पत्रकार कल्पेश याग्निक जिस अखबार में काम करते थे, उसी दफ्तर में आत्महत्या कर ली थी. उस समय यह मामला काफी सुर्खियों में था. मृतक कल्पेश याग्निक के साथ काम कर चुकी मुंबई निवासी महिला सलोनी अरोड़ा पर ब्लैकमेल करने सहित अन्य आरोप लगे थे, जिसे पुलिस ने मुंबई से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था. करीब 1 साल बाद साल 2019 में सलोनी को कोर्ट से जमानत मिल गई थी. फर्जी कागज से कराई थी जमानत सलोनी की जमानत उनकी भाभी डिंपल संजय अरोड़ा ने कराई थी. कोई विवाद सामने आया उसके चलते उनकी भाभी ने साल 2021 में कोर्ट में अर्जी डालकर जमानत वापस ले ली थी. उसके बाद उनकी जमानत केदार डाबी नामक व्यक्ति के द्वारा कराई गई थी. जिस केदार डाबी ने सलोनी की जमानत करवाई थी. उसे पुलिस ने फर्जी जमानत कांड के मामले में गिरफ्तार किया था. हाई कोर्ट ने केदार डाबी को सशर्त पर जमानत दी थी कि वह अब किसी भी व्यक्ति की जमानत नहीं करवाएगा. इसके बावजूद उसने सलोनी की जमानत करवा दी. धोखाधड़ी सहित अन्य धाराएं लगी जब इस मामले की जानकारी पुलिस को लगी तो पुलिस ने सलोनी की जमानत को खारिज करवा दिया. वहीं इस मामले में नीरज याग्निक की शिकायत पर सलोनी और उनकी जमानत करवाने वाले केदार डाबी के खिलाफ धोखाधड़ी सहित फर्जी दस्तावेज लगाकर जमानत लेने के मामले में प्रकरण दर्ज किया है. पुलिस ने केदार डाबी को तो पहले ही गिरफ्तार कर लिया था. अब सलोनी को भी गिरफ्तार कर लिया गया है और उसे इंदौर लाया जा रहा है. इन धाराओं में केस दर्ज इंदौर पुलिस ने सलोनी के खिलाफ IPC की धारा 115, 120बी (षड्यंत्र), 420 (धोखाधड़ी), 465, 466, 467, 470, 471, 474 (फर्जी दस्तावेज तैयार करना और उपयोग करना) के तहत केस दर्ज किया है। सलोनी अरोरा के अलावा इस मामले में सिमरोल निवासी केदार डाबी और आनंद नगर निवासी मधु श्रीवास्तव को भी आरोपी बनाया है। केदार डाबी पेशेवर जमानतदार है। कैसे हुआ फर्जीवाड़ा?     वरिष्ठ पत्रकार कल्पेश याग्निक की आत्महत्या के बाद सलोनी अरोरा पर ने जुलाई 2018 को ब्लैकमेलिंग और आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज हुआ था।     सलोनी अरोरा ने पहले डिंपल अरोरा की जमानत दी, लेकिन बाद में बदलकर केदार डाबी को जमानतदार बनाया।     जनवरी 2024 में केदार डाबी ने फर्जी ऋण पुस्तिका (लोन बुक) के आधार पर सलोनी के लिए ₹5 लाख की जमानत पेश की। मधु श्रीवास्तव ने केदार के शपथपत्र को सत्यापित करने वाली गवाह के तौर पर हस्ताक्षर किए।  हाईकोर्ट का पुराना ऑब्ज़र्वेशन नीरज याग्निक के अनुसार, केदार डाबी के खिलाफ पहले भी फर्जी जमानत से जुड़े मामले दर्ज हो चुके हैं। डाबी आदतन पेशेवर जमानतदार है, यह टिप्पणी भी कर चुका है। कोर्ट में 3 साल से पेश नहीं हुई सलोनी जनवरी 2024 में जमानत के समय को छोड़कर, सलोनी 3 वर्षों से कोर्ट में पेश नहीं हुई। नीरज याग्निक का कहना है कि यह पूरी योजना न्यायालय की प्रक्रिया को धोखा देने और देश छोड़कर भागने की तैयारी का हिस्सा हो सकती थी। क्या है कल्पेश याग्निक आत्महत्या केस? 14 जुलाई 2018 को वरिष्ठ पत्रकार कल्पेश याग्निक ने दैनिक भास्कर ऑफिस की छत से कूदकर आत्महत्या कर ली थी। जांच में सामने आया कि पूर्व सहकर्मी सलोनी अरोरा उन्हें लंबे समय से ब्लैकमेल कर रही थी। तब से यह मामला 28वें न्यायाधीश हेमंत रघुवंशी की कोर्ट में ट्रायल पर है।  अग्रिम कार्रवाई में जुटी पुलिस इंदौर डीसीपी राजेश त्रिपाठी ने बताया," आरोपी सलोनी अरोड़ा ने जमानतदार केदार डाबी के साथ मिलकर फर्जी कागज लगाकर जमानत ली थी. जिसकी शिकायत मिलने पर जांच की गई तो जमानत फर्जी पाई गई. इसी के आधार पर पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर आरोपी सलोनी अरोड़ा और फर्जी जमानतदार को अरेस्ट कर लिया है. पुलिस मामले की अग्रिम कार्रवाई में जुट गई है." 

केंद्र सरकार ने MP में नए कॉलेजों को मान्यता देने से पहले काउंसिल के गठन की शर्त रखी

भोपाल  मध्य प्रदेश के पैरामेडिकल कॉलेजों को तीन वर्ष बाद मान्यता मिलने जा रही है। मध्य प्रदेश पैरामेडिकल काउंसिल ने 2023-24 के सत्र के लिए 166 कॉलेजों को मान्यता के लिए चिह्नित किया है, इनमें 22 सरकारी हैं। मान्यता के लिए 32 नए कॉलेजों की तरफ से भी आवेदन आए थे, जिनमें 15 निरीक्षण में उपयुक्त पाए गए हैं, पर अभी यह असमंजस है कि नए कॉलेज खुलेंगे या नहीं। कारण, केंद्र सरकार ने साफ कहा है कि जब तक हमारी काउंसिल नहीं बन जाती नए कॉलेजों को मान्यता नहीं दी जाए। इस पर बीच का रास्ता निकालकर नए कॉलेजों की मान्यता के संबंध इसी सप्ताह शासन स्तर पर निर्णय होना है। इसके अतिरिक्त 2024-25 के सत्र की मान्यता भी एक माह के भीतर जारी हो जाएगी। इसकी प्रक्रिया प्रारंभ हो गई है। बता दें, केंद्र सरकार द्वारा हेल्थ केयर एलाइड साइंस कमीशन के गठन में देरी के चलते मान्यता उलझी हुई थी। कुछ राज्यों में पैरामेडिकल काउंसिल थी और कुछ में नहीं। सभी जगह पाठ्यक्रम भी अलग-अलग चल रहे थे। इसमें एकरूपता लाने के लिए केंद्र ने नेशनल कमीशन फार एलाइड साइंस एंड हेल्थ केयर प्रोफेशनल (एनसीएचपी) बनाया है। इसके बाद राज्यों की काउंसिल और चयन, भर्ती, यूजी और पीजी के लिए चार अलग-अलग बोर्ड बनने थे। कमीशन बनने के बाद राज्यों ने अपनी काउंसिल भंग कर दी, पर केंद्र के रेगुलेशन अभी तक तैयार नहीं हो पाए, इस कारण प्रदेश में शिक्षा सत्र 2023-24 और सत्र 2024-25 की मान्यता नहीं दी गई। मार्च में कैबिनेट ने प्रदेश की पैरामेडिकल काउंसिल को पुनर्जीवित करने का निर्णय लिया। अब नवंबर से 2025-26 का सत्र भी प्रारंभ होना है। इस तरह इस वर्ष तीन सत्रों के लिए कॉलेजों को मान्यता दी जानी है। केंद्र के रेगुलेशन पर नई काउंसिल बनने के बाद यह होगा लाभ पैरामेडिकल पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए प्रदेश स्तर पर बोर्ड होगा। एक राज्य से डिग्री या डिप्लोमा करने वालों का दूसरे राज्यों में भी पंजीयन हो सकेगा। सभी राज्यों के पाठ्यक्रमों में एकरूपता आ जाएगी।

lNIPE में प्रशिक्षिका के यौन उत्पीड़न मामले में हाई कोर्ट ने पीड़िता को 40 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश सुनाया

ग्वालियर  लक्ष्मीबाई राष्ट्रीय शारीरिक शिक्षा संस्थान (lNIPE) की महिला योग प्रशिक्षिका के यौन उत्पीड़न मामले में हाई कोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए पीड़िता को 40 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश सुनाया है। इस राशि में से 35 लाख रुपये तत्कालीन कुलपति डॉ. दिलीप कुमार दुरेहा को देने होंगे, जबकि शेष 5 लाख रुपये राज्य सरकार देगी। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया है कि राज्य सरकार यह राशि संबंधित पुलिस अधिकारियों से वसूलेगी, जिन्होंने मामले में तीन साल तक लापरवाही बरती। यह फैसला न केवल यौन उत्पीड़न के खिलाफ न्याय की मिसाल बना है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि संस्थानों और प्रशासन की निष्क्रियता किस तरह पीड़ितों के लिए मानसिक, भावनात्मक और करियर से जुड़ी तकलीफें खड़ी करती है। हाई कोर्ट का आदेश हाई कोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि पीड़िता को सिर्फ यौन उत्पीड़न का सामना नहीं करना पड़ा, बल्कि संस्थान और पुलिस की निष्क्रियता ने उसके साथ अन्याय को और भी गहरा किया। कोर्ट ने एलएनआईपीई पर एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है और पीड़िता को स्थानांतरण का विकल्प देने के निर्देश दिए हैं। पीड़िता को मिली धमकियां पीड़िता ने अपनी शिकायत में बताया कि उत्पीड़न की घटना के बाद भी डॉ. दुरेहा लगातार दबाव बनाते रहे और मानसिक रूप से प्रताड़ित करते रहे। उसने 14 अक्टूबर 2019 को केंद्रीय खेल मंत्रालय को शिकायत दी थी, लेकिन संस्थान स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। सहयोगियों की भूमिका भी संदिग्ध शिकायत में यह भी बताया गया कि तत्कालीन डायरेक्टर जनक सिंह शेखावत, योग विभाग की एचओडी इंदु वोरा, सहायक अध्यापिका पायल दास और समन्वयक विवेक पांडे ने आरोपों को दबाने की कोशिश की। उन्होंने न केवल सबूत मिटाए, बल्कि सीसीटीवी फुटेज भी बदलवा दिए और शिकायत वापस लेने का दबाव बनाया। हाई कोर्ट की जांच समिति की रिपोर्ट महिला आयोग की सिफारिश पर बनी आंतरिक शिकायत समिति (ICC) की जांच में भी पुष्टि हुई कि डॉ. दुरेहा ने अपने पद का दुरुपयोग कर पीड़िता को प्रताड़ित किया और संस्थान की कार्यसंस्कृति को दूषित किया। कोर्ट ने इस रिपोर्ट को आधार बनाते हुए पीड़िता को न्याय दिलाने का निर्णय लिया।

आज मध्यप्रदेश में 18 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी, मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट, निवाड़ी में कोटा फुल

भोपाल  मध्यप्रदेश में तेज बारिश का दौर मंगलवार को भी जारी रहा। ग्वालियर, भोपाल, इंदौर समेत 25 से ज्यादा जिलों में बारिश हुई। सबसे ज्यादा ग्वालियर में 2.3 इंच पानी गिर गया। पिछले एक सप्ताह से जबरदस्त बारिश की वजह से नदी-नाले उफान पर हैं।  इससे पहले मंगलवार को ग्वालियर में 9 घंटे में ही 2.3 इंच बारिश हो गई। खरगोन में डेढ़ इंच, सीधी में 1 इंच और उमरिया में आधा इंच से ज्यादा पानी गिरा। शाजापुर और रायसेन में भी तेज बारिश का दौर चला। भोपाल, दतिया, इंदौर, नर्मदापुरम, श्योपुर, शिवपुरी, मंडला, सागर, सिवनी, बालाघाट, शाजापुर, राजगढ़, सीहोर, आगर-मालवा, देवास समेत कई जिलों में हल्की बारिश दर्ज की गई। हालांकि, बीते 24 घंटे में बारिश या वर्षाजनित हादसों में किसी मौत की खबर नहीं है। इस मानसूनी सीजन में मध्यप्रदेश में औसत 18.2 इंच बारिश हो गई है, जो कोटे से आधी है। अब तक की औसत बारिश से यह 72% यानी 5.6 इंच ज्यादा है। अब तक 10.6 इंच पानी गिरता है। निवाड़ी ऐसा जिला है, जहां एक महीने में ही बारिश का आंकड़ा 103% यानी 31.46 इंच पहुंच गया है। इस जिले की सामान्य बारिश साढ़े 30 इंच है। इंदौर और उज्जैन संभाग के जिले पिछड़े हुए हैं। 5 बड़े शहरों में भोपाल में 14.5 इंच, इंदौर में 7 इंच, ग्वालियर में 18.5 इंच, जबलपुर में 21.6 इंच और उज्जैन में 8 इंच पानी गिरा है। वहीं, टीकमगढ़ में 91% (33 इंच), छतरपुर में 75% (28 इंच), शिवपुरी में 82% (25.3 इंच) और मंडला में 75% (35 इंच) बारिश हो चुकी है। प्रदेश के पूर्वी हिस्से की बेहतर स्थिति मध्यप्रदेश के पूर्वी हिस्से जैसे- जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग में बारिश की स्थिति बेहतर है। इन संभागों के जिलों में औसत से 86 प्रतिशत पानी ज्यादा गिर चुका है। दूसरी ओर, पश्चिमी हिस्से जैसे- भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, चंबल और नर्मदापुरम में औसत से 57 प्रतिशत ज्यादा बारिश हो चुकी है। इनमें इंदौर और उज्जैन संभाग की स्थिति ठीक नहीं है। कुल 15 जिलों में से 10 ऐसे हैं, जहां बारिश का आंकड़ा 10 इंच तक भी नहीं पहुंचा है।  MP में अगले 96 घंटे कैसा रहेगा मौसम, IMD ने जारी की भारी बारिश की चेतावनी  प्रदेश में मानसून की सक्रियता से कई जिलों में भारी बारिश हुई है, जिससे औसत बारिश का आंकड़ा 72% तक बढ़ गया है। निवाड़ी जिले में सामान्य से 103% अधिक बारिश दर्ज की गई है, जबकि इंदौर और उज्जैन संभाग में कम वर्षा हुई है। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों में 18 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। चार दिन तक तेज बारिश का अलर्ट मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अभी एक मानसून ट्रफ प्रदेश के ऊपरी हिस्से से गुजर रही है। इसके चलते बुधवार से अति भारी और भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। प्रदेश के नजदीक लो प्रेशर एरिया (कम दबाव का क्षेत्र) एक्टिव होने से फिर से तेज बारिश का दौर शुरू होगा। अगले 4 दिन तक तेज बारिश का अलर्ट है। 25 से ज्यादा जिलों में हुई बारिश पिछले एक सप्ताह से हो रही जबरदस्त बारिश के कारण राज्य के नदी-नाले उफान पर हैं। ग्वालियर, भोपाल, इंदौर समेत 25 से ज्यादा जिलों में बारिश दर्ज की गई है। सबसे ज्यादा बारिश ग्वालियर में 2.3 इंच दर्ज की गई। खरगोन में डेढ़ इंच, सीधी में 1 इंच और उमरिया में आधा इंच से ज्यादा पानी गिरा। शाजापुर और रायसेन में भी तेज बारिश का दौर चला। इन जिलों में दर्ज हुई हल्की बारिश भोपाल, दतिया, इंदौर, नर्मदापुरम, श्योपुर, शिवपुरी, मंडला, सागर, सिवनी, बालाघाट, शाजापुर, राजगढ़, सीहोर, आगर-मालवा, देवास समेत कई जिलों में हल्की बारिश दर्ज की गई। इस मानसूनी सीजन में मध्यप्रदेश में औसत 18.2 इंच बारिश हो गई है। अब तक की औसत बारिश से यह 72% यानी 5.6 इंच ज्यादा है। निवाड़ी सबसे आगे, इंदौर-उज्जैन संभाग पीछे निवाड़ी ऐसा जिला है, जहां एक महीने में ही बारिश का आंकड़ा 103% यानी 31.46 इंच पहुंच गया है। इस जिले की सामान्य बारिश साढ़े 30 इंच है। इंदौर और उज्जैन संभाग के जिले पिछड़े हुए हैं। 5 बड़े शहरों में भोपाल में 14.5 इंच, इंदौर में 7 इंच, ग्वालियर में 18.5 इंच, जबलपुर में 21.6 इंच और उज्जैन में 8 इंच पानी गिरा है। टीकमगढ़ में 91% (33 इंच), छतरपुर में 75% (28 इंच), शिवपुरी में 82% (25.3 इंच) और मंडला में 75% (35 इंच) बारिश हो चुकी है। पूर्वी हिस्से में ज्यादा बारिश मध्यप्रदेश के पूर्वी हिस्से जैसे- जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग में बारिश की स्थिति बेहतर है। इन संभागों के जिलों में औसत से 86 प्रतिशत पानी ज्यादा गिर चुका है।

CM यादव फोरम में उपस्थिति उद्योगपतियों को मध्य प्रदेश में विभिन्न सेक्टर्स में निवेश के अवसरों पर विस्तृत जानकारी देंगे

भोपाल  मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की विदेश यात्रा का दूसरा चरण 16 से 19 तक होगा जिसमें वे स्पेन में रहेंगे, दुबई यात्रा की सफलता के बाद अब वे स्पेन में निवेशकों को मध्य प्रदेश में इन्वेस्ट करने के लिए आमंत्रित करेंगे, इस दौरान कई सेशन होंगे जिसमें अलग अलग सेक्टर के निवेशकों से मुख्यमंत्री चर्चा करेंगे, मुख्यमंत्री दुबई से रवाना होकर देर रात स्पेन की राजधानी मैड्रिड पहुंचेंगे। “इन्वेस्ट इन मध्य प्रदेश” बिजनेस फोरम में करेंगे निवेशकों से संवाद  मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव 16 से 19 जुलाई 2025 तक स्पेन के आधिकारिक दौरे पर रहेंगे। स्पेन प्रवास के दौरान वे मैड्रिड में आयोजित “इन्वेस्ट इन मध्यप्रदेश” बिजनेस फोरम को संबोधित करेंगे और उद्योग, पर्यटन, खेल, संस्कृति तथा फिल्म निर्माण से जुड़े विषयों पर उच्चस्तरीय बैठकों में भाग लेंगे। ऐसा रहेगा पहले दिन 16 जुलाई का शेड्यूल      स्पेन प्रवास के पहले दिन 16 जुलाई की शुरूआत मुख्यमंत्री डॉ. यादव से भारत के राजदूत दिनेश के पटनायक शिष्टाचार भेंट करेंगे। इसके बाद वे “इन्वेस्ट इन मध्य प्रदेश” बिजनेस फोरम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। इस सेशन में वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा पर्यटन, औद्योगिक नीति एवं निवेश, आईटी और अधोसंरचना सेक्टर पर प्रेजेन्टेशन होगा।     बिजनेस फोरम की शुरुआत मध्य प्रदेश शासन के सचिव एवं मुख्यमंत्री के सचिव इलैयाराजा टी के स्वागत भाषण से होगी। स्पेन-इंडिया काउंसिल फाउंडेशन के अध्यक्ष जुआन इग्नासियो एंत्रेकानालेस भी फोरम को संबोधित करेंगे। नेचर बायोफूड्स के सीईओ रोहन ग्रोवर द्वारा अनुभव साझा किये जाएंगे।     मुख्यमंत्री डॉ. यादव फोरम में उपस्थिति उद्योगपतियों को मध्य प्रदेश में विभिन्न सेक्टर्स में निवेश के अवसरों पर विस्तृत जानकारी देंगे। नेटवर्किंग लंच में मुख्यमंत्री डॉ. यादव स्पेन के प्रमुख उद्योगपतियों एवं विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों से संवाद करेंगे।     मुख्यमंत्री डॉ. यादव खेल सेक्टर में विख्यात स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर डिज़ाइन एवं कंसल्टिंग फर्म ‘पॉपुलस’ के प्रजेंटेशन में भाग लेंगे। यह प्रजेंटेशन श्री जोर्ज बेटनकौर द्वारा दिया जाएगा। जिसमें मध्यप्रदेश में आधुनिक खेल अधोसंरचना विकास पर चर्चा की जाएगी।     मुख्यमंत्री डॉ. यादव से बाद में स्पेन फिल्म आयोग के अध्यक्ष मुलाकात करेंगे, जिसमें मध्यप्रदेश में अंतर्राष्ट्रीय स्तर की फिल्म शूटिंग और सहयोग पर चर्चा की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्राडो म्यूज़ियम का भ्रमण भी करेंगे।     मुख्यमंत्री डॉ. यादव स्पेन में बसे भारतीय व्यापार समुदाय के प्रतिनिधियों से मुलाकात करेंगे और मैड्रिड में आयोजित विशेष रात्रि भोज में भाग लेंगे।

स्वच्छता सर्वेक्षण में मध्यप्रदेश का जलवा, भोपाल सबसे साफ शहरों में टॉप-3 में

भोपाल  स्वच्छ सर्वेक्षण 2024-25 में स्वच्छ शहरों के मामले राजधानी भोपाल ने देश में दूसरा स्थान हासिल किया है. भोपाल की रैंकिंग में सुधार करते हुए दूसरा स्थान हासिल किया. देश के दूसरे क्लीनेस्ट सिटी में शुमार हुए भोपाल में अब जश्न की तैयारी है. भोपाल नगर निगम ने जनप्रतिनिधि स्वच्छता मित्रों और जनता के साथ जश्न मनाएंगी. स्वच्छता सर्वेक्षण-2024 में भोपाल देश के सबसे साफ शहरों में टॉप-3 पर है। राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू पुरस्कार देगी। निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी ने बताया, भोपाल ने 3 पायदान छलांग लगाई है और देश में दूसरे नंबर पर आया है स्वच्छ सर्वेक्षण 2024 में राजधानी भोपाल ने पिछले साल की तुलना में तीन पायदान की छलांग लगाते हुए भारत के दूसरे क्लीनेस्ट सिटी का तमगा हासिल किया है.अहमदाबाद अव्वल आया है, जबकि लखनऊ ने 44वें पायदान से बड़ी छलांग लगाकर तीसरे स्थान पर पहुंच गई है. 17 जुलाई को राष्ट्रपति भवन में होगा स्वच्छ सर्वेक्षण 2024 अवॉर्ड वितरण कार्यक्रम गौरतलब है 17 जुलाई को राष्ट्रपति भवन में होने वाले स्वच्छ सर्वेक्षण 2024 अवॉर्ड वितरण कार्यक्रम में होगा. अवॉर्ड समारोह में शामिल होने के लिए भोपाल मेयर और कमिश्नर आज नई दिल्ली के लिए रवाना होंगे, जहां आधिकारिक रूप से स्वच्छ शहर के विजेताओं की घोषणा भी होगी, इसके बाद अवॉर्ड दिए जाएंगे. अवॉर्ड लेने नई दिल्ली के लिए रवाना होंगे भोपाल नगर निगम मेयर और कमिश्नर रिपोर्ट के मुताबिक देश के स्वच्छ सिटी में दूसरा स्थान का अवॉर्ड पाने के लिए भोपाल नगर निगम मेयर और निगम कमिश्नर आज नई दिल्ली के लिए रवाना होंगे और 17 जुलाई यानी कल राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू के हाथों अवॉर्ड ग्रहण करेंगे.निगम शुक्रवार को भोपाल में जनप्रतिनिधि स्वच्छता मित्रों और जनता के साथ जश्न मनाने की तैयारी कर रही है. राष्ट्रपति 17 जुलाई को सुपर लीग श्रेणी में इंदौर को अवॉर्ड देंगी. यह अवॉर्ड इंदौर को 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों में मिलेगा. 3 से 10 लाख तक की जनसंख्या में उज्जैन और 20 हजार से अधिक जनसंख्या वाले में सीहोर जिले की बुदनी को यह अवॉर्ड मिलेगा. इधर, पुरस्कार लेने के लिए मेयर मालती राय और निगम कमिश्नर हरेंद्र नारायण बुधवार को दिल्ली के रवाना होंगे। 17 जुलाई को नई दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में एक आयोजन होगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू करेंगी। सबसे स्वच्छ राजधानी का तमगा मिलने की उम्मीद स्वच्छ सर्वेक्षण में इस बार भी मध्यप्रदेश के शहर बाजी मारेंगे। राजधानी भोपाल देश के सबसे स्वच्छ शहरों में दूसरे नंबर पर रहेगा। साथ ही सबसे स्वच्छ राजधानी का तमगा भी फिर मिलने की उम्मीद है। पिछली बार पांचवें नंबर पर था भोपाल पिछले सर्वे में भोपाल 5वें नंबर पर था। कचरे की प्रोसेसिंग में सुधार व डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन की व्यवस्था को और पुख्ता कर भोपाल ने दावा मजबूत किया है। वहीं, फरवरी में हुई ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (जीआईएस) की वजह से भी भोपाल को फायदा मिलेगा। जीआईएस के चलते राजधानी में 100 करोड़ रुपए से ज्यादा के काम शहर में हुए हैं। इसमें स्वच्छता से जुड़े काम भी शामिल थे। इसी दौरान स्वच्छता सर्वेक्षण टीमें भी भोपाल पहुंची थी। इसलिए दावा मजबूत है। स्वच्छ सर्वेक्षण में भोपाल का अब तक का सफर स्वच्छ सर्वेक्षण में भोपाल ने 2017 और 2018 में लगातार दो साल देश में दूसरी रैंक हासिल की थी। 2019 में भोपाल खिसककर 19वें नंबर पर आ गया था। उस समय अफसरों के लगातार तबादले के कारण तैयारियों की दिशा ही तय नहीं हो पाई थी, लेकिन 2020 में कम बैक करते हुए 12 पायदान ऊपर खिसका और 7वीं रैंक हासिल की। 2021 के सर्वेक्षण में भी भोपाल ने 7वां स्थान हासिल किया था। 2022 के सर्वेक्षण में भोपाल की रैंक सुधरी और यह छठवें स्थान पर आ गया। वहीं, भोपाल को 5 स्टार मिला। 2023 के सर्वेक्षण में पांचवीं रैंकिंग रही थी। इस बार यह टॉप-3 में हो सकती है। स्वच्छ सर्वेक्षण 2024 में इस बार प्रदेश के कुल 8 शहर सम्मानित किया गया हैं दरअसल, स्वच्छ सर्वेक्षण 2024 में इस बार प्रदेश के कुल 8 शहर सम्मानित किए गए हैं. इनमें राजधानी भोपाल, देवास और शाहगंज को राष्ट्रपति पुरस्कार मिलेगा. इसके अलावा आवास व शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल खट्टर जबलपुर और ग्वालियर को उल्लेखनीय प्रयासों के लिए सम्मानित करेंगे. लगातार 7 बार नंबर-1 स्वच्छ शहर रहे इंदौर इस बार सुपर लीग श्रेणी में है उल्लेखनीय है लगातार सात बार देश के नंबर-1 स्वच्छ शहरों में शुमार रहे इंदौर को इस बार नई कैटगरी स्वच्छ सुपर लीग में शामिल किया है. पिछले साल से जोड़ी स्वच्छ सुपर लीग में तीन साल से टॉप-3 में आने वाले शहरों को जोड़ा जाता है. इस साल इस लीग में एमपी के तीन शहरों क्रमशः इंदौर, उज्जैन और बुदनी को शामिल किया गया है.

सीएम यादव के ससुर का निधन, अंतिम संस्कार में शामिल नहीं होंगे मुख्यमंत्री

 रीवा  मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के ससुर, ब्रह्मदीन यादव का मंगलवार रात को 99 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उन्होंने उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर के विवेकानंद नगर स्थित अपने आवास पर अंतिम सांस ली। उनके पार्थिव शरीर को रीवा ले जाया गया है, जहां बुधवार को उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। यह दुखद खबर सुनते ही स्थानीय भाजपा नेताओं और परिचितों का उनके आवास पर आना शुरू हो गया ताकि वे उन्हें श्रद्धांजलि दे सकें। बता दें कि सीएम मोहन यादव और उनकी पत्नी सीमा यादव दुबई में हैं,उन्हें निधन की सूचना मिल गई है। मुख्यमंत्री मोहन यादव के साले, सदानंद यादव ने बताया, "उन्हें कोई बीमारी या ऐसी कोई समस्या नहीं थी। मोहन यादव अभी नहीं आ पाएंगे, क्योंकि वे विदेश दौरे पर हैं। उन्हें यह जानकारी मिल गई है। अंतिम संस्कार यहीं रीवा में ही किया जाएगा।" ब्रह्मदीन यादव की तबीयत मंगलवार शाम को अचानक खराब हो गई थी। इससे पहले 27 जून को भी सांस और पेट संबंधी परेशानियों के चलते उनकी तबीयत बिगड़ गई थी। उन्हें उत्तर प्रदेश के सरकारी मेडिकल कॉलेज के आईसीयू में भर्ती कराया गया था। मुख्यमंत्री यादव की पत्नी और उनकी बेटी, सीमा यादव, 28 जून को उनसे मिलने आई थीं। इसके कुछ ही समय बाद वह मध्य प्रदेश लौट गई थीं। कुछ समय के सुधार के बाद, ब्रह्मदीन यादव को 30 जून को अस्पताल से छुट्टी मिल गई थी और वे घर आ गए थे। हालांकि, मंगलवार शाम को उनकी तबीयत अचानक फिर बिगड़ गई। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। बता दें कि 2023 में उनकी पत्नी का भी निधन हो गया था। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इस समय दुबई और स्पेन के सात दिवसीय विदेश दौरे पर हैं। इस दौरान वे उद्योगपतियों, निवेशकों और फिल्म निर्माताओं के साथ बैठकें करने वाले हैं। उनकी पत्नी, सीमा यादव भी इस दौरे पर उनके साथ गई हैं। ब्रह्मदीन यादव के निधन की खबर मुख्यमंत्री के दुबई से स्पेन के लिए रवाना होने के बाद आई। सीएम डॉ. मोहन यादव सात दिन की दुबई और स्पेन यात्रा पर हैं। सीएम के साथ पत्नी सीमा यादव भी विदेश दौरे पर हैं। जिस वक्त उनके ससुर के निधन की खबर आई, उस दौरान सीएम दुबई से स्पेन के लिए रवाना हो चुके थे। वे जरूरी बैठकों और दूरी के कारण रीवा नहीं पहुंच पाएंगे। वहीं, मुख्यमंत्री के दोनों बेटे अभिमन्यु और वैभव अपनी बुआ कलावती यादव के साथ फ्लाइट से रीवा पहुंच रहे हैं। संघ से जुड़े थे, कई आंदोलन किए 27 जून की रात ब्रह्मादीन यादव का स्वास्थ्य बिगड़ गया था। उन्हें सांस और पेट से संबंधित बीमारी के बाद राजकीय मेडिकल कॉलेज के ICU वार्ड में एडमिट कराया गया था। 28 जून को उनकी बेटी और सीएम मोहन यादव की पत्नी सीमा यादव अपनी बेटी के साथ उन्हें देखने पहुंची थीं। फिर वे मध्यप्रदेश लौट आई थीं।​​​​​​​ ब्रह्मादीन यादव शुरुआत से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़े थे। विद्यार्थी जीवन में उन्होंने कई आंदोलन किए। इसके बाद पुलिस की गिरफ्तारी से बचने के लिए घर से भागकर मुंबई चले गए। उनका असली नाम ब्रह्मानंद था, लेकिन गिरफ्तारी से बचने के लिए उन्होंने बाद में अपना नाम ब्रह्मादीन रख लिया। उन्होंने मुंबई में पढ़ाई शुरू की। पढ़ाई पूरी करके फिर यूपी आ गए। इसके बाद नौकरी के लिए मध्यप्रदेश के रीवा पहुंचे। यहां एक राजकीय स्कूल में नौकरी मिल गई। 1987 में वो प्रिंसिपल के पद से रिटायर्ड हुए थे। ब्रह्मदीन यादव अपने बेटे विवेकानंद यादव के साथ सुल्तानपुर में रहते थे। विवेकानंद यादव सरस्वती विद्या मंदिर में शारीरिक शिक्षा के शिक्षक (पीजीटी) के रूप में कार्यरत हैं। ब्रह्मदीन यादव के तीन बेटे और एक बेटी थीं, जिनका नाम सीमा यादव है। सीमा यादव की शादी 1994 में उज्जैन में मोहन यादव से हुई थी। उनका परिवार मूल रूप से उत्तर प्रदेश के अंबेडकरनगर जिले की भीटी तहसील के कोदरा ददवा गांव का रहने वाला है। अपनी छात्र जीवन के दौरान, ब्रह्मदीन यादव राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से गहराई से जुड़े हुए थे और उन्होंने कई आंदोलनों का नेतृत्व किया। गिरफ्तारी से बचने के लिए, वे मुंबई चले गए और अपना नाम ब्रह्मानंद से बदलकर ब्रह्मदीन कर लिया। आंदोलन से जुड़े सरकारी रिकॉर्ड में उनका नाम दर्ज नहीं था, लेकिन पुलिस और प्रशासन ने उनकी पैतृक भूमि गांव में जब्त कर ली थी, जिससे परिवार के पास बहुत कम बचा था। मुंबई में अपनी शिक्षा पूरी करने के बाद, ब्रह्मदीन उत्तर प्रदेश लौट आए और फिर मध्य प्रदेश के रीवा में एक सरकारी स्कूल की नौकरी के लिए चले गए। वे 1987 में प्रिंसिपल के पद से रिटायर हुए। उनकी बेटी सीमा ने 1989 में रीवा से भूगोल में एमए किया था और वे लंबे समय से छात्र आंदोलनों से जुड़ी हुई थीं। उनकी मुलाकात मोहन यादव से 1984 में एक छात्र परिषद के कार्यक्रम के दौरान हुई थी, जहां मोहन यादव राष्ट्रीय मंत्री के रूप में कार्य कर रहे थे। परिवार की सहमति से, दोनों की शादी उसी साल उज्जैन में हुई। ब्रह्मदीन के सबसे बड़े बेटे, रामानंद यादव, भारतीय वायु सेना से रिटायर अधिकारी हैं और अब अपने परिवार के साथ जबलपुर में रहते हैं। दूसरे बेटे सदानंद यादव रीवा में विद्या भारती के साथ काम करते हैं। ब्रह्मदीन यादव का अंतिम संस्कार बुधवार को रीवा में किया जाएगा। बेटे के साथ रहते थे ब्रह्मादीन यादव रिटायर होने के बाद ब्रह्मादीन यादव सुल्तानपुर में अपने बेटे विवेकानंद यादव के साथ रहते थे। विवेकानंद सरस्वती विद्या मंदिर में शारीरिक शिक्षक (पीजीटी) हैं। ब्रह्मादीन यादव के तीन बेटे और एक बेटी हैं। इकलौती बेटी सीमा की शादी 1994 में मोहन यादव से उज्जैन में हुई थी। मूल रूप से परिवार अंबेडकरनगर जिले की भीटी तहसील के कोडड़ा डड़वा गांव से है। 30 जून को हालत में सुधार के बाद अस्पताल से उन्हें घर ले जाया गया था। मंगलवार शाम को अचानक उनका स्वास्थ्य बिगड़ गया। जब तक परिजन उन्हें लेकर हॉस्पिटल पहुंचते, उनकी सांसें थम गईं। साल 2023 में ब्रह्मादीन यादव की पत्नी का निधन हुआ था। विद्यार्थी परिषद के कार्यक्रम में हुई थी मुलाकात उनकी बेटी सीमा यादव ने … Read more