samacharsecretary.com

शानवी शर्मा का गौरवमयी सम्मान: सागर की बेटी को स्काउट गाइड में उत्कृष्ट योगदान के लिए राष्ट्रपति पुरस्कार

सागर  मध्य प्रदेश के सागर जिले की होनहार छात्रा शानवी शर्मा को स्काउट गाइड में उल्लेखनीय प्रदर्शन के लिए राष्ट्रपति पुरस्कार के लिए नामित किया गया है। पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय ढाना में कक्षा 11वीं की छात्रा शानवी हाल ही में राज्य स्तरीय स्काउट गाइड पुरस्कार से भी सम्मानित हुई हैं। शानवी को यह सम्मान कटनी में आयोजित सात दिवसीय विशेष स्काउट गाइड कैंप में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए मिला। इस शिविर में प्रतिभागियों का मूल्यांकन उनकी यूनिफॉर्म की स्वच्छता, लकड़ी और रस्सियों से उपयोगी वस्तुएं बनाने की क्षमता, टीमवर्क, अनुशासन और सेवा भावना के आधार पर किया गया था। शानवी ने सभी क्षेत्रों में उत्कृष्टता दिखाई और दूसरों की मदद करने में भी मिसाल पेश की। छोटी उम्र से स्काउट गाइड से जुड़ाव शानवी का स्काउट गाइड से जुड़ाव तीसरी कक्षा से शुरू हुआ था। पिछले छह वर्षों में उन्होंने ट्रैकिंग, पेट्रोलिंग, प्राथमिक उपचार, रस्सियों का उपयोग कर निर्माण कार्य और आपदा प्रबंधन जैसे कई अहम कौशल सीखे हैं। शानवी का मानना है कि स्काउट गाइड केवल एक शैक्षणिक गतिविधि नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक सीख है जिसने उन्हें आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और सामाजिक सेवा की भावना दी है। बहुआयामी प्रतिभा की धनी शानवी पढ़ाई के साथ-साथ सह-शैक्षणिक गतिविधियों में भी अव्वल रही हैं। ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ अभियान के तहत नागालैंड सॉन्ग प्रस्तुत कर उन्होंने अपने विद्यालय को द्वितीय स्थान दिलाया। साथ ही, कला उत्सव और अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भी वह सक्रिय रूप से भाग लेती हैं। संगीत में विशेष रुचि रखने वाली शानवी हारमोनियम, तबला और ढोलक जैसे वाद्ययंत्रों में दक्ष हैं। हाल ही में आयोजित बधाई डांस प्रतियोगिता में उन्होंने प्रथम स्थान प्राप्त किया। डॉक्टर बनकर करना चाहती हैं समाजसेवा शानवी का सपना डॉक्टर बनकर समाज की सेवा करने का है। उनका मानना है कि एक अच्छा इंसान बनना ही सफलता की पहली सीढ़ी है। उनकी यह उपलब्धि न केवल उनके विद्यालय के लिए गर्व की बात है, बल्कि वह सागर जिले और पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणा स्रोत बन गई हैं।    

सिंहस्थ आयोजन से पहले किसानों को बड़ी राहत, मिलेगा स्पेशल मुआवजा पैकेज

उज्जैन  सीएम मोहन यादव (CM Mohan Yadav) ने सिंहस्थ क्षेत्र में प्रभावित होने वाले किसानों के लिए भी स्पेशल मुआवजे (special package of compensation) का ऐलान किया है। विधायक अनिल जैन ने किया था अनुरोध विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा ने सीएम डॉक्टर मोहन यादव से अनुरोध किया था कि लैंड पुलिंग में जिन किसानों (MP Farmers) की जमीन अधिगृहित की जा रही है, उन्हें गाइड लाइन के हिसाब से कम मुआवजा मिलेगा। इसे बढ़ाया जाना चाहिए। विधायक की इस माग को सीएम मोहन यादव ने गंभीरता से लिया और कहा कि ऐसी ही स्थिति विक्रम उद्योगपुरी में भी बन रही थी, वहां के किसानों को स्पेशल पैकेज दिया गया है। जिस तरह सिंहस्थ जरूरी, उसी तरह किसान हित जरूरी सीएम ने आगे कहा कि जिस तरह हमारे लिए सिंहस्थ 2028 जरूरी है, उसी तरह किसानों का हित भी जरूरी है। सीएम ने कहा, किसान घबराएं नहीं, भले ही उन्हें मुआवजा गाइडलाइन के हिसाब से कम मिला हो, लेकिन उन्हें स्पेशल पैकेज के तहत भी मुआवजा दिया जाएगा। लाड़ली बहना योजना से जुड़ी महिलाओं और उनके भाइयों के लिए बड़ी खबर, सीएम ने किया ऐलान सीएम मोहन यादव ने लाड़ली बहना योजना की राशि 1250 से बढ़ाकर 1500 रुपए करने का ऐलान कर दिया है। उन्होंने कहा है कि दीपावली लाड़ली बहनों के लिए बेहद शुभ होने वाली है। ये पर्व इनके लिए मां लक्ष्मी का आशीर्वाद लेकर आया है। मां लक्ष्मी की कृपा से दीपावली पर पड़ने वाली भाईदूज से प्रदेश की करोड़ों लाड़ली बहनों को 1500 रुपए की राशि दी जाएगी। यानी हर महीने 1500 रुपए लाड़ली बहना योजना के तहत पात्र बहनों के खाते में भेजी जाएगी। यही नहीं सीएम ने लाड़ली बहनों को खुशखबरी देते हुए ये भी ऐलान किया है कि जल्द ही लाड़ली बहना योजना की पात्र युवा बहनों और उनके युवा भाइयों को रोजगार भी दिया जाएगा। उज्जैन में की घोषणा बता दें कि सीएम मोहन यादव ने उज्जैन में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान ये ऐलान किया है। जहां उन्होंने बहनों से राखी भी बंधवाई। यही नहीं उन्होंने रक्षाबंधन के उपहार को लेकर तारीख की भी घोषणा की है। उन्होंने लाड़ली बहना को राखी पर नेग देने की तारीख का ऐलान करते हुए कहा कि नेग देने की तारीख तय हो गई है। 7 अगस्त को 1250 रुपए की किस्त ट्रांसफर करेंगे। इसी दिन राखी का नेग 250 रुपए भी देंगे। प्रदेश की 1.27 करोड़ बहनों को 1500 रुपए मिलेंगे। मोहन सरकार 1600 करोड़ खातों में 1905 करोड़ रुपए भेजेगी। वहीं दिवाली की भाईदूज से यह राशि हर माह 1500 रुपए ही दी जाएगी। सिंहस्थ क्षेत्र में प्रभावितों को मिलेगा स्पेशल पैकेज प्रदेश के मुखिया सीएम मोहन यादव (CM Mohan Yadav) ने सिंहस्थ क्षेत्र में प्रभावित होने वाले किसानों के लिए भी स्पेशल मुआवजे का ऐलान किया है। विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा ने सीएम डॉक्टर मोहन यादव से अनुरोध किया था कि लैंड पुलिंग में जिन किसानों की जमीन अधिगृहित की जा रही है, उन्हें गाइड लाइन के हिसाब से कम मुआवजा मिलेगा। इसे बढ़ाया जाना चाहिए। विधायक की इस माग को सीएम मोहन यादव ने गंभीरता से लिया और कहा कि ऐसी ही स्थिति विक्रम उद्योगपुरी में भी बन रही थी, वहां के किसानों को स्पेशल पैकेज दिया गया है। सीएम ने आगे कहा कि जिस तरह हमारे लिए सिंहस्थ जरूरी है, उसी तरह किसानों का हित भी जरूरी है। सीएम ने कहा, किसान घबराएं नहीं, भले ही उन्हें मुआवजा गाइडलाइन के हिसाब से कम मिला हो, लेकिन उन्हें स्पेशल पैकेज के तहत भी मुआवजा दिया जाएगा।

जबलपुर में इंडिगो फ्लाइट की इमरजेंसी! लैंडिंग के बाद फटा टायर, टला बड़ा हादसा

जबलपुर  डुमना एयरपोर्ट पर सोमवार को करीब 11.30 बजे इंडिगो का एयर बस के विमान का टायर क्षतिग्रस्त हो गया। हादसा उस वक्त हुआ जब एयरबस यात्रियों को उतारने के बाद एप्रान में खड़े होने ले जाया जा रहा था। राहत की बात ये रही कि घटना में कोई हताहत नहीं हुआ है। विमान को सुधार के लिए दिल्ली से टेक्निकल टीम को बुलाया गया है। इंडिगो ने कहा है विमान में टेक्निकल खराबी आई है जिसे सुधार किया जा रहा है। सुधार के बाद शाम को इसी विमान को मुंबई के लिए रवाना किया जाएगा। क्या है पूरा मामला? सुबह मुंबई से इंडिगो का एयरबस 180 यात्री क्षमता वाला विमान लैंड किया। यात्रियों को उतारने के बाद विमान को एप्रान में खड़े करने के लिए पायलट ले जाने लगे। इसी दौरान टायर क्षतिग्रस्त हो गया। सूत्र बता रहे हैं कि टायर में नुकीली धातु (कील नुमा) घुसी थी हालांकि प्रबंधन मामले को दबा रहा है। घटना स्थल के करीब से सभी को हटा दिया गया है ताकि मामले की जानकारी सार्वजनिक न हो। इंडिगो ने दिया है टेक्निकल खराबी का हवाला इंडिगो की तरफ से भी विमान में टेक्निकल खराबी आने की बात कहीं जा रही है। हकीकत में टेक्निकल टीम विमान के टायर को सुधार करने आई है इस काम में करीब एक घंटा लगने का अनुमान है जिसके बाद विमान सुधार कर लिया जाएगा और इसे वापस मुबंई की उड़ान के लिए तैयार किया जाएगा। शाम करीब पांच बजे इस विमान को मुंबई के लिए उड़ान भरना होता है बताया जा रहा है कि सुधार की वजह से सोमवार को मुंबई जाने के लिए विमान देरी से उड़ान भरेगा।

महाकाल की सवारी में जनसैलाब, लोक नृत्य से गूंजा उज्जैन, रामघाट पर पूजन की तैयारी

उज्जैन आज श्रावण माह का चौथा और अंतिम सोमवार है। उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में अब तक (अंतिम सोमवार) करीब 2 लाख श्रद्धालु भगवान महाकाल के दर्शन कर चुके हैं। सोमवार तड़के ढाई बजे भस्म आरती के दौरान कपाट खोले गए। भगवान महाकाल को जल अर्पित कर भस्म रमाई गई।  भस्म आरती के दौरान चलायमान दर्शन व्यवस्था में बिना परमिशन वाले भक्तों ने भी भस्म आरती में चलित दर्शन दर्शन किए। इस दौरान पूरा मंदिर परिसर महाकाल के जयकारों से गूंज उठा। भक्तों ने बाबा महाकाल का आशीर्वाद लिया। पंडित महेश पुजारी ने बताया कि श्रावण माह तपस्या का माह रहता है। महाकाल मंदिर में भगवान की दिनचर्या रोजाना की तरह रही। सुबह भगवान को भांग चंदन अर्पित किया गया। श्रावण माह में महाकाल मंदिर में दर्शन करने आने वाले भक्त जल अर्पित कर भगवान महाकाल का आशीर्वाद लेकर उन्हें प्रसन्न करते हैं। शाम 4 बजे महाकाल भक्तों का हाल जानने नगर भ्रमण पर निकले। पालकी में श्री महाकालेश्वर श्री चंद्रमोलेश्वर स्वरूप में, गजराज पर श्री मनमहेश रूप, गरुड रथ पर श्री शिव तांडव प्रतिमा, नंदी रथ पर श्री उमा-महेश जी स्वरूप में दर्शन दे रहे हैं। मंदिर के सभा मंडप में भगवान की पालकी का पूजन हुआ। मंदिर के सभा मंडप में भगवान की पालकी का पूजन हुआ। मंदिर के सभा मंडप में भगवान की पालकी का पूजन हुआ। मंदिर के मुख्य द्वार पर सशस्त्र पुलिस बल के जवानों द्वारा पालकी में विराजित भगवान को सलामी दी गई। सवारी के साथ घुड़सवार पुलिस दल, सशस्त्र पुलिस बल, होमगार्ड के जवान, भजन मंडली, झांझ मंडली के सदस्य व पुलिस बैंड भी शामिल हो रहे हैं। इससे पहले श्रावण माह के पहले सोमवार पर 2.5 लाख, दूसरे पर 3 लाख से अधिक श्रद्धालु पहुंचे थे। तीसरे सोमवार को 4 लाख लोग पहुंचे थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री श्री शिबू सोरेन के निधन पर दु:ख व्यक्त किया

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री श्री शिबू सोरेन के निधन पर गहन दु:ख व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्व. सोरेन ने झारखंड राज्य के विकास और जनजातीय समुदाय के उत्थान के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बाबा महाकाल से दिवंगत की पुण्यात्मा की शांति एवं शोकाकुल परिजन और समर्थकों को यह दुःख सहन करने का संबल प्रदान करने के लिए प्रार्थना की है।  

सुविख्यात पार्श्व गायक किशोर कुमार ने जीवन के हर रंग से साक्षात्कार कराया : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्यप्रदेश के गौरव, सुविख्यात पार्श्वगायक एवं अभिनेता किशोर कुमार की जयंती पर उनका पुण्य स्मरण किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जीवन के हर रंग से साक्षात्कार कराते खंडवा की माटी के लाल स्व. किशोर कुमार के कालजयी गीत और सदाबहार आवाज का जादू आज भी श्रोताओं को मंत्रमुग्ध करता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किशोर कुमार ने आपातकाल के दौर में तत्कालीन निरंकुश सत्ता का प्रतिकार करते हुए राष्ट्र सेवा के प्रति समर्पण दिखाया था।  

MP हाउसिंग बोर्ड की प्रॉपर्टी अब डिजिटल! 80 लाख दस्तावेज डिजीलॉकर में होंगे संरक्षित

भोपाल  मध्यप्रदेश हाउसिंग बोर्ड से जुड़ी 80 लाख प्रॉपर्टी के डॉक्यूमेंट अब डिजी लॉकर पर भी मिलेंगे। ऐसे में अब डॉक्यूमेंट आग लगने या चोरी होने पर भी सुरक्षित रहेंगे। अभी 75 हजार आवंटियों की प्रॉपर्टी को सुरक्षित किया गया है। हाउसिंग बोर्ड ने अपने आवंटियों की प्रॉपर्टी से जुड़े दस्तावेज सुरक्षित करने के लिए डिजिटाइजेशन का काम करीब पूरा कर लिया है। अब तक बोर्ड 75 हजार से ज्यादा आवंटियों की 80 लाख संपत्तियों के दस्तावेज और नस्तियां ऑनलाइन कर चुका है 80 लाख प्रॉपर्टी दस्तावेज और नस्तियां 8 महीने तक स्केन करके ऑनलाइन किए गए हैं। इस डॉक्यूमेंट को हाउसिंग बोर्ड ने डिजी लॉकर एप पर भी अपलोड कर दिया है। यानी, किसी आवंटी को अपने डॉक्यूमेंट की जरूरत है या देखना है तो वह अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से लॉगिन करके अपने दस्तावेज डिजी लॉकर पर देख सकता है। कुल 101 तहत के डॉक्यूमेंट ऑनलाइन डिजी लॉकर पर मप्र शासन के 101 तरह के दस्तावेज ऑनलाइन उपलब्ध हैं। उनमें अब हाउसिंग बोर्ड भी आ गया है। चोरी होने, आग लगने या किसी प्राकृतिक आपदा में डॉक्यूमेंट गायब होने की समस्या अब खत्म हो जाएगी। बोर्ड से किसी भी तरह की प्रॉपर्टी खरीदने वाले लोग अब बिना ऑफिस के चक्कर लगाए 30-40 साल पुरानी प्रॉपर्टी के भी पेपर ऑनलाइन देख सकते हैं। बोर्ड अपने डेढ़ लाख से ज्यादा आवंटियों के लेजर (खाता) पहले ही ऑनलाइन कर चुका है। बोर्ड के डिप्टी कमिश्नर एवं चीफ आईटी ऑफिसर एमके साहू ने बताया कि पूरे डॉक्यूमेंट्स को ऑनलाइन प्लेटफार्म पर लाने में करीब 8 महीने लगे हैं। अभी भी टीम काम कर रही है। इससे आवंटियों को बड़ा फायदा मिलेगा। डिजिटलाइजेशन से ये फायदा     चोरी होने, आग लगने या किसी भी प्राकृतिक आपदा में दस्तावेज सुरक्षित रहेंगे।     आवंटी को अपने किसी भी डॉक्यूमेंट की जानकारी के लिए बोर्ड के लोकल ऑफिस के चक्कर नहीं लगाने होंगे।     किसी कानूनी विवाद की स्थिति में आवंटी के पास सभी पेपर उसके मोबाइल में मौजूद रहेंगे।     30-40 सल पुराने दस्तावेज ढूंढने में कोई परेशानी नहीं होगी।     नामांतरण और हस्तांतरण जैसी प्रक्रिया में फाइल न मिलने जैसी समस्या दूर होगी। काम आसान होगा।     जो जानकारी आरटीआई के तहत मांगी जाती थी वो ऑनलाइन मिल जाएगी।     प्रॉपर्टी के एग्रीमेंट पेपर, लीज एग्रीमेंट, पेमेंट की रसीद जैसे पेपर ऑनलाइन अपलोड होंगे।     50 साल बाद भी नामांतरण-हस्तांतरण के लिए दस्तावेज ढूंढने नहीं पड़ेंगे। प्रॉपर्टी की खरीद-बेच में पारदर्शिता आएगी। 40 साल पुराने डॉक्यूमेंट भी ऑनलाइन हाउसिंग बोर्ड अपने डेढ़ लाख से ज्यादा आवंटियों के 30 से 40 साल पुराने दस्तावेज भी ऑनलाइन कर रहा है। बोर्ड की वेबसाइट पर आवंटी अपने 40 साल पुराने पेपर भी घर बैठे देख सकता है। 75 हजार लोगों का प्रॉपर्टी दस्तावेज ऑनलाइन अपलोड हो गया है और बाकी लोगों के डॉक्यूमेंट की स्कैनिंग फेज वाइज चल रही है। सभी 15 सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध हाउसिंग बोर्ड ने संपत्ति के नामांतरण, हस्तांतरण, एनओसी जैसी अपनी सभी 15 सुविधाएं ऑनलाइन कर दी हैं। इन सुविधाओं के लिए पहले आवंटी को बोर्ड के कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ते थे। अब सभी प्रकार की राशि ऑनलाइन ही जमा हो रही हैं। रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एसएमएस द्वारा सूचना दी जाती है। हर पेमेंट की डिटेल ऑटो मोड में ऑनलाइन अपडेट होती है। कमिश्नर बोले-डेटा और दस्तावेज सुरक्षित रहेंगे हाउसिंग बोर्ड के कमिश्नर डॉ. राहुल हरिदास फटिंग ने कहा कि हाउसिंग बोर्ड में प्रॉपर्टी बुक करने से लेकर पेमेंट तक सभी काम ऑनलाइन होता है। डिजिटल होते जमाने में आवंटियों की सुविधा और पारदर्शिता के लिए डिजिटलाइजेशन का काम भी तेजी से किया जा रहा है। हमारा उद्देश्य है कि सभी आवंटी घर बैठे अपने सभी डॉक्यूमेंट एक्सेस कर पाएं। साथ ही उनका दस्तावेज सुरक्षित रहे।

शैक्षणिक गुणवत्ता के लिए बेहतर प्रयासों से विश्वविद्यालय को मिली नैक की ए ग्रेडिंग

भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने बरकतउल्ला विश्वविद्यालय भोपाल को नेशनल असेंसमेंट एंड एक्रिडिटेशन काउंसिल ‘नैक’ की “ए ग्रेडिंग” मिलने पर बधाई दी है। उन्होंने विश्वविद्यालय के प्रबंधन, संकाय और विद्यार्थियों को शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा है कि यह प्रदेश में शैक्षणिक गुणवत्ता के लिये बेहतर प्रयासों का सुफल है। राज्यपाल पटेल को यह जानकारी बरकतउल्ला विश्वविद्यालय के कुलगुरु सुरेश कुमार जैन ने राजभवन पहुंच कर दी। राज्यपाल पटेल ने कहा है कि विश्वविद्यालय को नैक द्वारा “ए ग्रेडिंग” मिलना शैक्षणिक गुणवत्ता, अनुसंधान, कार्य कुशल प्रबंधन और नवाचारों की उत्कृष्टता का प्रमाण है। इससे विश्वविद्यालय की पहचान मजबूत होगी। विश्वविद्यालय में अंतर्राष्ट्रीय शोध और उच्च अध्ययन के नये अवसर सृजित होंगे। विद्यार्थियों के लिए प्लेसमेंट संभावनाएं भी बढ़ेंगी। साथ ही विश्व के प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों के साथ समन्वय, सहभागिता और शोध अनुदान आदि की स्थिति बेहतर होगी।  

कैदियों से राखी पर मुलाकात सीमित: बहनों को सिर्फ 15 मिनट, मिठाई पर पाबंदी

उज्जैन  केंद्रीय जेल भैरवगढ़ में बंद कैदियों को रक्षाबंधन पर्व पर उनकी बहनें राखी बांध सकेंगी। सुबह आठ से दोपहर दो बजे तक जेल प्रशासन विशेष मुलाकात करवाएगा। जेल कैंटीन से महिलाएं मिठाई, फल व नारियल खरीद सकेंगी। केंद्रीय जेल अधीक्षक मनोज कुमार साहू ने बताया कि 9 अगस्त को रक्षाबंधन पर्व के अवसर पर केंद्रीय जेल भैरवगढ़ में विभिन्न मामलों में बंद कैदियों को उनकी बहनों द्वारा राखी बांधने की विशेष व्यवस्था की जा रही है। हालांकि रक्षाबंधन पर शासकीय अवकाश होने के बावजूद पूर्व वर्षों से जारी परंपरा को देखते हुए भाई-बहनों के मुलाकात की व्यवस्था की गई है। बंदियों से उनकी बहनों की मुलाकात एवं रक्षाबंधन विशेष सुरक्षा प्रबंध के दायरे में होंगे। इन निर्देशों का करना होगा पालन     रक्षाबंधन पर केवल महिलाओं को मुलाकात दी जाएगी।     मुलाकात का समय सुबह आठ बजे से दोपहर दो बजे तक रहेगा।     समय-सीमा 15 मिनट रहेगी।     बहनों के साथ तीन वर्ष से अधिक आयु के बच्चों को प्रवेश नहीं दिया जाएगा।     मुलाकात पंजीयन के लिए फोटोयुक्त परिचय-पत्र अथवा आधार कार्ड की छायाप्रति साथ होना अनिवार्य है।     एक बंदी से एक ही बार मुलाकात होगी। सभी बहनें एक साथ आएं।     स्टील की थाली जेल प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराई जाएगी।     मुलाकात के पूर्व महिला स्टाफ को सघन तलाशी देना जरूरी होगा।     थाली में राखी, कुमकुम, चावल, फूटा हुआ नारियल, एक फल व 250 ग्राम मिठाई जेल कैंटीन से खरीदी जा सकेगी। मुलाकात के दौरान इन वस्तुओं पर रहेगा प्रतिबंध महिलाएं अपने साथ झोला, बैग, पर्स, केरीबैग आदि नहीं ले जा सकेंगी। इसके अलावा नकद राशि, मोबाइल, नशीली वस्तु, धारादार वस्तुएं एवं बाहर से निर्मित खाद्य सामग्री एवं मिठाई नहीं ले जा पाएंगी। नियम एवं निर्देशों का पालन नहीं करने पर संबंधित के विरूद्ध सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

खाद वितरण में पारदर्शिता की तैयारी: किसानों के लिए बनेगा डेबिट कार्ड, ब्लैक मार्केटिंग होगी बंद

 राजगढ़ मध्यप्रदेश में खाद की कालाबाजारी रोकने के लिए किसानों को डेबिट कार्ड पर खाद देने की व्यवस्था बनाई जा रही है। राजगढ़ में भी जिले की 140 सहकारी समितियों में किसानों को डेबिट कार्ड के जरिए खाद देने की व्यवस्था की जा रही है। सहकारी बैंकों से सबद्ध किसानों को अब डेबिट कार्ड मुहैया कराया जाएगा। इसी के माध्यम से उन्हें रबी और खरीफ के सीजन में खाद मिलेगा। यानी एटीएम की तर्ज पर कम्प्यूटरीकृत ब्रांच में जाकर उन्हें कार्ड स्वैप करना होगा, तभी खाद मिल पाएगा। डेबिट कार्ड से मिलेगा किसानों को खाद सहकारी समितियों की हुई वीडियो कॉन्फ्रेंस में हाल ही में वरिष्ठ अधिकारियों ने निर्देश दिए हैं। राजगढ़ जिले में भी सहकारी समितियों के तहत आने वाले किसानों के अब डेबिट कार्ड बनेंगे। एटीएम में जिस तरह से कैश निकाला जाता है उसी हिसाब से उक्त कार्ड के माध्यम से खाद मिलेगा। जिससे खाद की पूरी एंट्री ऑनलाइन रहेगी। हालांकि प्रबंधक का कहना है कि अभी भी खाद का वितरण पीओएस मशीन से किया जाता है लेकिन नई व्यवस्था से और पारदर्शिता आएगी। 15 अगस्त से कार्ड बनना शुरू होंगे। यह भी निर्देश दिए गए हैं कि अगस्त माह के बाद बिना डेबिट कार्ड के किसी भी किसान को खाद नहीं दिया जाएगा। सभी बैंकों की ओर से इस पर सख्ती से अमल करवाने के लिए निर्देशित किया गया। सभी समिति प्रबंधकों इसकी जिम्मेदारी दी गई है। डेबिट कार्ड से खाद बांटने पर ये होंगे फायदे..     खाद की कालाबाजारी पर अंकुश लगेगा, ये फायदे भी-     डेबिट कार्ड होने से वही किसान खाद ले पाएगा जिसका कार्ड हो।     एक तय लिमिट तक ही डेबिट कार्ड के माध्यम से खाद खरीदा जा सकेगा।     जरूरत से ज्यादा कोई खाद नहीं ले सकेगा, जितना तय होगा उतना ही मिलेगा।     किसानों को जारी खाद की डिटेल उनके मोबाइल फोन पर आएगी, मैसेज आएगा।     खाद लेने के लिए किसानों परमिट की जरूरत नहीं पड़ेगी।     किसान किसी भी समिति से कार्ड के जरिए खाद ले सकेंगे।