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आकाशवाणी स्टूडियो स्थापित होगा उज्जैन में, केंद्र सरकार ने दी हरी झंडी

भारत सरकार ने उज्जैन में आकाशवाणी के लिए स्टूडियो सेटअप की दी मंजूरी उज्जैन को मिली नई सौगात: आकाशवाणी स्टूडियो सेटअप को भारत सरकार की मंजूरी आकाशवाणी स्टूडियो स्थापित होगा उज्जैन में, केंद्र सरकार ने दी हरी झंडी उज्जैन में आकाशवाणी के लिए स्टूडियो निर्माण को केंद्र की मंजूरी मुख्यमंत्री डॉ. यादव को सूचना प्रसारण सचिव संजय जाजू ने केंद्रीय सूचना प्रसारण राज्य मंत्री का स्वीकृति पत्र सौंपा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने माना भारत सरकार का आभार उज्जैन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से शुक्रवार की शाम केन्द्रीय सूचना प्रसारण सचिव संजय जाजू ने समत्व भवन मुख्यमंत्री निवास में भेंट कर उज्जैन में आकाशवाणी स्टूडियो सेटअप स्थापित करने का स्वीकृति पत्र प्रदान किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस स्वीकृति के लिए भारत सरकार का आभार मानते हुए कहा कि मालवा क्षेत्र की समृद्ध कला और सांस्कृतिक परम्पराएं हैं। आज के सूचना युग में अन्य जन माध्यमों के साथ प्रसारण माध्यमों का विशेष महत्व है। आकाशवाणी की अपनी प्रामाणिकता है। इस नाते मालवा अंचल में इंदौर के साथ ही उज्जैन एक महत्वपूर्ण केंद्र है जहां आकाशवाणी के स्टूडियो सेटअप की आवश्यकता थी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उन्होंने गत 8 जुलाई को केन्द्रीय सूचना प्रसारण राज्यमंत्री डॉ. एल मुरूगन से भेंट की थी। भारत सरकार से उज्जैन में आकाशवाणी केंद्र एवं स्टूडियो सेटअप का आग्रह किया गया था। भारत सरकार द्वारा इसे स्वीकृत किया गया है। इस प्रक्रिया के पूरा होने तक आकाशवाणी इंदौर से सप्ताह में छह दिन अल्पकालिक प्रसारण की व्यवस्था की गई है। सुदूर अंचलों तक पहुंचेंगी जनहितैषी निर्णयों की सूचनाएं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंहस्थ: 2028 के दृष्टिगत जहां अन्य प्रकार की व्यवस्थाएं की जा रही हैं, वहीं ऑफीशियल मीडिया के विस्तार की दिशा में उज्जैन में आकाशवाणी सेटअप स्वीकृत किए जाने की उपलब्धि महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन एवं मालवा क्षेत्र के स्थानीय कलाकारों के प्रोत्साहन की दृष्टि से भी सर्वसुविधायुक्त रेडिया स्टेशन की आवश्यकता थी। कला और संस्कृति को बढ़ावा देने के साथ ही ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों के लिए यह विशेष आउटरीच सपोर्ट होगा। केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं के प्रचार-प्रसार ओर सामुदायिक रेडियो नेटवर्क का विस्तार उपयोगी सिद्ध होगा। जनहितैषी निर्णयों की सूचनाओं को सुदूर ग्रामीण अंचलों तक पहुंचाने में विशेष सहायता मिलेगी। भारत सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के अंतर्गत प्रसार भारती ने मध्यप्रदेश में उज्जैन को एक महत्वपूर्ण धार्मिक आध्यात्मिक पर्यटन का महत्वपूर्ण केंद्र मानते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव के प्रस्ताव को बिना विलंब के स्वीकृति प्रदान की है। उल्लेखनीय है कि प्रसार भारती ने पूरे भारत में आधुनिक तकनीक का उपयोग कर प्रसारण सेवाएं बढ़ाने की पहल की है। आकाशवाणी के लोकप्रिय चैनल अब स्मार्टफोन, टैबलेट और पर्सनल कम्प्यूटर पर गुणवत्तापूर्ण आडियो के साथ सुने जा सकते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव से केंद्रीय सूचना प्रसारण सचिव की भेंट के अवसर पर जनसम्पर्क आयुक्त और सचिव डॉ. सुदाम खाड़े उपस्थित थे।  

खाद्य मंत्री राजपूत ने नुकसान का आंकलन कर सर्वे कार्य शीघ्र पूर्ण करने और मुआवजा वितरण करने के दिए निर्देश

संकट की घड़ी में साथ खड़ी है सरकार, अतिवर्षा से प्रभावितों को मिलेगी हर संभव मदद : खाद्य मंत्री राजपूत बाढ़ प्रभावितों से मिलने गुना पहुंचे खाद्य मंत्री, प्रभावित इलाके के नागरिकों से की मुलाकात खाद्य मंत्री राजपूत ने नुकसान का आंकलन कर सर्वे कार्य शीघ्र पूर्ण करने और मुआवजा वितरण करने के दिए निर्देश भोपाल खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री एवं गुना जिले के प्रभारी मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने शुक्रवार को प्रभार के  जिले गुना के ग्राम फतेहगढ़ में अतिवर्षा एवं बाढ़ से प्रभावित लोगों से भेंट कर हालचाल जाना और भरोसा दिलाया कि प्रशासन द्वारा हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि शासन स्तर पर सभी प्रकार की क्षति का शत-प्रतिशत सर्वे कराकर मुआवजा राशि दिलाई जाएगी। खाद्य मंत्री ने शासकीय बालक आदिवासी आश्रम, फतेहगढ़ में स्थानीय जनों से चर्चा करते हुए बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया स्वयं स्थिति की सतत निगरानी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिन लोगों के आवास, फसल, घरेलू सामग्री और अन्य संपत्ति को नुकसान पहुंचा है, उसका सर्वे कार्य युद्धस्तर पर किया जा रहा है। सर्वे उपरांत प्रत्येक प्रभावित परिवार को 50-50 किलो गेहूं उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही खराब हुई सड़कों की शीघ्र मरम्मत कराई जाएगी। राजपूत ने मौके पर उपस्थित अधिकारियों से बिजली, पानी और राशन वितरण की स्थिति की जानकारी ली तथा सर्वे कार्य शीघ्र पूर्ण कर मुआवजा वितरण के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि सरकार संकट की इस घड़ी में प्रभावितों के साथ है और कोई भी पीड़ित सहायता से वंचित नहीं रहेगा। इस अवसर पर पूर्व मंत्री महेन्द्र सिंह सिसौदिया,  जनप्रतिनिधि कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल, पुलिस अधीक्षक अंकित सोनी, जिला पंचायत सीईओ अभिषेक दुबे सहित  अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।  

प्रदेश के सभी नगरीय निकायों में बन रहे हैं गीता भवन, श्रीकृष्ण की लीला स्थलों को तीर्थ बना रहे : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

सबके दिलों में हमेशा बनें रहेंगे गोस्वामी तुलसीदास : मुख्यमंत्री डॉ. यादव भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण के चरित्र में समाई है पूरी भारतीय संस्कृति प्रदेश के सभी नगरीय निकायों में बन रहे हैं गीता भवन श्रीकृष्ण की लीला स्थलों को तीर्थ बना रहे हैं गुरू गोविंद देव गिरि महाराज को मिला पं. रामकिंकर राष्ट्रीय सम्मान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने श्रीराम संग्रहालय निर्माण के लिए 5 करोड़ रुपए देने की घोषणा की मानस भवन में हुआ तुलसी जयंती एवं अलंकरण समारोह भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि गोस्वामी तुलसीदास का 528वां जन्मोत्सव मनाया जा रहा है। तुलसीदास द्वारा रचित रामचरित मानस देश का पुरातन महाकाव्य है। आज हम सब जिन समृद्ध सांस्कृतिक और साहित्यिक परम्पराओं में पोषित और पल्लवित हो रहे हैं, उसकी नीव सदियों पहले गोस्वामी तुलसीदास ने रख दी थी। रामचरित मानस के जरिए देश को एक ऐसी काव्यधारा मिली है, जो जन-जन को धर्म, नीति, जीवन मूल्य और मर्यादा का मार्ग दिखाती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गोस्वामी तुलसीदास की अमर कृति रामचरित मानस को भारतीय साहित्य और संस्कृति की अमूल्य धरोहर बताते हुए कहा कि हमारी संस्कृति को समृद्ध बनाने में उनका योगदान अमिट और चिर-स्मरणीय रहेगा। वे भारतीयों के हृदय में सदैव जीवित रहेंगे। उनकी वाणी आज भी हमारे जीवन को दिशा देती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी से तुलसी साहित्य को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का आव्हान किया। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने विरासत से विकास की संस्कृति को अपनाया है। भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण के चरित्र में पूरी भारतीय संस्कृति समाई हुई है, इसलिए हम भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण के बताए जीवन मार्ग पर चलने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने प्रदेश के सभी नगरीय निकायों में गीता भवन बनाने का निर्णय लिया है। सरकार प्रदेश में श्रीराम वनगमन पथ विकसित करने के अलावा मध्यप्रदेश में श्रीकृष्ण की लीला स्थलों को तीर्थ बनाने की दिशा में तेजी से कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को मानस भवन में तुलसी मानस प्रतिष्ठान के तत्वावधान में आयोजित तुलसी जयंती एवं अलंकरण समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरु गोविंद देव गिरि महाराज को पंडित रामकिंकर उपाध्याय राष्ट्रीय सम्मान से अलंकृत किया। अलंकरण के रूप में गुरु गोविंद देव गिरि महाराज को अंगवस्त्र, सम्मान पट्टिका एवं दोलाख रुपए सम्मान राशि दी गई। गोविंद देव महाराज प्रख्यात चिंतक हैं और अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि न्यास के न्यासी हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भोपाल में राम संग्रहालय बनाने के लिए तुलसी मानस प्रतिष्ठान को 5 करोड रुपए की विकास राशि देने की घोषणा की। कार्यक्रम में पंडित रामकिंकर उपाध्याय की शिष्या एवं मानस पुत्री सुमंदाकनी दीदी, तुलसी मानस प्रतिष्ठान के कार्याध्यक्ष रघुनंदन शर्मा, विधायक भगवानदास सबनानी, नगर निगम के अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी, प्रमुख सचिव संस्कृति शिवशेखर शुक्ला, समाजसेवी रविन्द्र यति सहित बड़ी संख्या में तुलसी साहित्यप्रेमी एवं सुधिजन उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि रामायण हमारा राष्ट्रग्रंथ है। गोस्वामी तुलसीदास के संकल्प से ही आज घर-घर में रामायण पहुंची है। प्रदेश सरकार रामराज्य स्थापित करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। वर्ष 2024 में 500 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद अयोध्या में श्रीराम मंदिर में रामलला विराजमान हुए हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी राम मंदिर के लोकार्पण और भूमि-पूजन में शामिल हुए। पहलगाम में जब बहनों का सिंदूर उजाड़ा गया तो भारत सरकार की कार्रवाई में श्रीराम की दिव्य शक्ति दिखाई देती है। राज्य सरकार ने प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में 2020 में नई शिक्षा नीति लागू की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि श्रीराम और श्रीकृष्ण के चरित्र में ही पूरी भारतीय संस्कृति समाई है इसलिए उच्च शिक्षा मंत्री रहते हुए उन्होंने विद्यार्थियों को रामायण और गीता से जोड़ा। सरकार ने प्रदेश के हर नगरीय निकाय में सर्वसुविधायुक्त गीता भवन बनाने का निर्णय लिया है। जहां-जहां भगवान श्रीकृष्ण की लीलाएं हुई हैं, उन्हें हम तीर्थ के रूप में विकसित कर रहे हैं। प्रदेश सरकार राम वन गमन पथ के साथ श्रीकृष्ण पाथेय पर भी कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि विरासत का संरक्षण करते हुए हम राजधानी भोपाल में राजाभोज और विक्रमादित्य द्वार के नाम से दो प्रवेश द्वारों का निर्माण करा रहे हैं। गुरु गोविंद देव गिरि महाराज ने कहा कि भारत ने संपूर्ण विश्व को संस्कृति प्रदान की है। प्राचीन संस्कृति का पूरा दर्शन भगवान श्रीराम के जीवन में दिखाई देता है। हमारी परंपरा में 10 मूल्यों को धर्म कहा गया है। ये सभी मूल्य श्रीराम में नजर आते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विरासत के साथ विकास का संकल्प लिया है। विदेशी आक्रांताओं ने देश में सदियों तक शासन किया, लेकिन फिर भी हम अपनी संस्कृति के साथ खड़े हुए हैं। उनके द्वारा तोड़े गए श्रीराम मंदिर का पुनर्निमाण हुआ है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गीता भवन निर्माण, शासकीय विद्यालयों और कारागारों में गीता पढ़ाने की अनुमति प्रदान की है। यह अत्यंत प्रशंसनीय कार्य है। उन्होंने इस कार्य के लिए मध्यप्रदेश सरकार का अभिनंदन कर मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आभार जताया। पंडित राम किंकर उपाध्याय की शिष्या सुमंदाकिनी दीदी ने कहा कि राज्य की वर्तमान सरकार सनातन संस्कृति को समृद्ध करने के लिए अथक प्रयास कर रही है। उज्जैन के महाकालेश्वर से लेकर ओरछा के रामराजा मंदिर को विकसित किया गया है। आज पाश्चात्य संस्कृति की आंधी में हमारा समाज वैदिक संस्कृति से कट गया है। आज संस्कृति के संरक्षण की आवश्यकता है। पंडित राम किंकर उपाध्याय ने राष्ट्र मंगल के लिए देशभर में रामकथाएं की। महाराज की विचारधारा से मानस भवन के मंच से लगभग 50 साल से श्रीराम कथा वाचन एवं प्रवचन चल रहा है। उन्होंने इस तरह के संस्कृति संरक्षण से जुड़े आयोजनों के लिए मध्यप्रदेश सरकार की मुक्तकंठ से सराहना की। प्रमुख सचिव, संस्कृति शिवशेखर शुक्ला ने कहा कि पद्मभूषण से सम्मानित युगतुलसी रामकिंकर उपाध्याय राष्ट्रीय अलंकरण समारोह का यह दूसरा वर्ष है। उन्होंने राष्ट्रीय सम्मान से अलंकृत किए गए गुरु गोविंद देव गिरि महाराज के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि इन्होंने मात्र 8 वर्ष की छोटी उम्र से ही रामायण, श्रीमद् भगवत् गीता और महाभारत की कथाएं करना आरंभ कर दिया था। तुलसी साहित्य की बड़ी प्रखरता … Read more

भोपाल में यासीन मछली के खिलाफ दूसरी बार दुष्कर्म का आरोप, पीड़िता ने दर्ज कराई FIR

भोपाल  राजधानी की क्राइम ब्रांच द्वारा ड्रग तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किए गए यासीन अहमद उर्फ यासीन मछली के खिलाफ दुष्कर्म का एक और मामला सामने आया है। आरोपी की गिरफ्तारी की जानकारी मिलने के बाद पीड़ित युवती ने एमपी नगर थाने पहुंचकर केस दर्ज करवाया है। आरोपी ने शादी का झांसा देकर थाने से चंद कदम दूरी पर स्थित एक बड़े एक होटल में पीड़िता के साथ दुष्कर्म किया था। जानकारी के अनुसार दूसरे जिले की रहने वाली 29 वर्षीय युवती की जान-पहचान करीब दो साल पहले यासीन अहमद उर्फ यासीन मछली से एक क्लब में हुई थी। नंबर एक्सचेंज करने के बाद उनके बीच बातचीत होने लगी थी। उसके बाद यासीन ने युवती को मिलने के लिए एमपी नगर स्थित एक होटल में बुलाया और शादी का झांसा देकर उसके साथ दुष्कर्म किया। उसके बाद से वह लगातार उसका शारीरिक शोषण करता रहा। बाद में पीड़िता गोवा चली गई और वहां नौकरी करने लगी। पिछले दिनों क्राइम ब्रांच ने यासीन को ड्रग तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किया था। इस दौरान पता चला कि उसने कई युवतियों का शारीरिक शोषण किया। यह जानकारी युवती को मिली तो उसने एमपी नगर थाने पहुंचकर शिकायत की। पुलिस ने पीड़िता की रिपोर्ट पर यासीन के खिलाफ शादी का झांसा देकर शारीरिक शोषण करने का मामला दर्ज कर लिया है। रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी पुलिस  आरोपी यासीन को 30 जुलाई को न्यायालय में पेश किया गया था, जहां से एक अगस्त तक के लिए ज्यूडीशियल रिमांड पर जेल भेजा गया था। उसे आज दोपहर बाद फिर से न्यायालय में पेश किया जाएगा। आरोपी के खिलाफ तलैया, कोहेफिजा, अरेरा हिल्स, महिला थाना समेत अन्य थानों में कई केस दर्ज हुए हैं, इसलिए पुलिस उसे दोबारा रिमांड पर ले सकती है। कोहेफिजा पुलिस को आरोपी से पूछताछ कर कुछ सामान बरामद करना है, इसलिए पुलिस द्वारा रिमांड मांगी जा सकती है। अंशुल सिंह गिरफ्तार इधर, ड्रग तस्करी से जुड़े एक अन्य आरोपी अंशुल सिंह को गुरुवार को गिरफ्तार किया गया था। उसे न्यायालय में पेश करने के बाद चार अगस्त तक पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है। आरोपी और यासीन के बीच ड्रग तस्करी को लेकर चैट मिली थी, जिसके बाद पुलिस ने उसे पकड़ा था।  

डायल-100 की जगह नया इमरजेंसी नंबर लागू, पुलिस बुलाने का तरीका बदला

 ग्वालियर ग्वालियर-चंबल इलाके की पहचान पहले बीहड़ों और डकैतों से होती थी, लेकिन अब अपराध का तरीका बदल गया है। आज के समय में ग्वालियर में हो रहे अपराधों में से करीब 60% साइबर क्राइम से जुड़े होते हैं। यानी अब अपराधी इंटरनेट का सहारा लेकर वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। इसी वजह से ग्वालियर पुलिस को भी हाईटेक बनाया जा रहा है। ग्वालियर में पहले 45 स्थानों पर पुलिस की डायल 100 सेवा तैनात रहती थी, अब इसमें 9 पॉइंट और जोड़कर कुल 54 कर दिए गए हैं। साथ ही डायल 100 का नाम अब बदलकर डायल 112 कर दिया जाएगा। यानी अगर किसी को इमरजेंसी में पुलिस की जरूरत हो, तो अब 112 नंबर डायल करना होगा। पहले डायल 100 में सफारी गाड़ियां इस्तेमाल होती थीं, लेकिन अब इनकी जगह नई बोलेरो और स्कॉर्पियो गाड़ियां लगाई जाएंगी। इन गाड़ियों में GPS सिस्टम और डिजिटल वायरलेस लगाए जाएंगे, जिससे गाड़ियों की लोकेशन ट्रैक की जा सकेगी और जवान आपस में कॉलिंग भी कर सकेंगे। इन सबके लिए एक स्थानीय सर्वर रूम भी बनाया जा रहा है, जो सीधे सेंट्रल सिस्टम से जुड़ा रहेगा। अब एक नया सिस्टम लागू किया जा रहा है, जिसे इंटीग्रेटेड क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम कहा जाता है। इसके तहत पुलिस, अस्पताल, कोर्ट और जेल को एक नेटवर्क से जोड़ा जाएगा ताकि अपराध से जुड़ी कार्रवाई जल्दी और बिना रुकावट हो सके। साथ ही, ग्वालियर में अब अलग से साइबर क्राइम थाना बनाया जाएगा। अभी तक साइबर मामलों की जांच क्राइम ब्रांच में मौजूद एक छोटी सी साइबर सेल करती थी, लेकिन अब एक पूरा थाना स्थापित किया जाएगा, जो स्थानीय पुलिस थानों से जुड़ा रहेगा। इससे साइबर अपराधों की जांच और रोकथाम आसान हो जाएगी। ग्वालियर के एसएसपी धर्मवीर सिंह ने कहा कि शहर की सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए पुलिस को हाईटेक किया जा रहा है। नए बदलावों से बदमाशों पर कड़ी नजर रखी जा सकेगी और साइबर अपराधों पर लगाम लगाना भी आसान होगा। सीसीटीवी कैमरों की मदद से पूरे शहर की निगरानी की जाएगी।  

हरपालपुर जल योजना पर तेजी से काम, 28 करोड़ की परियोजना से बदलेंगे हालात

छतरपुर नगरीय विकास एवं आवास विभाग के अधीन कार्यरत उपक्रम मध्यप्रदेश अर्बन डेवलपमेंट कम्पनी द्वारा छतरपुर जिले के हरपालपुर नगर में जल प्रदाय परियोजना का कार्य तेज गति से चल रहा है। यह परियोजना एशियन डेवलपमेंट बैंक के सहयोग से क्रियान्वित की जा रही है। इस परियोजना की लागत 28 करोड़ 40 लाख रूपये है। इस लागत में आगामी दस वर्षों तक संचालन और संधारण की व्यवस्था भी शामिल है। योजना के अंतर्गत धसान नदी से जल लेकर उसे 3.36 एमएलडी क्षमता वाले जल शोधन संयंत्र में शुद्ध किया जाएगा। जल शोधन संयंत्र का निर्माण कार्य लगभग 83 प्रतिशत तक पूरा किया जा चुका है। जल संग्रहण के लिये परियोजना के अंतर्गत विभिन्न क्षमताओं वाले तीन ओवरहेड टैंक का निर्माण भी किया जा रहा है। संपूर्ण परियोजना की भौतिक प्रगति लगभग 80 प्रतिशत पूरी हो चुकी है। इस परियोजना का जल्द ही काम पूरा हो जायेगा। इस परियोजना से हरपालपुर नगर की 20 हजार से अधिक आबादी को नियमित, सुरक्षित और स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी। यह योजना नगरीय क्षेत्रों में जल संकट की समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। परियोजना के प्रति स्थानीय नागरिकों में विशेष उत्साह देखा जा रहा है। उन्हें उम्मीद है कि योजना के पूरा होते ही उन्हें निर्बाध और गुणवत्तायुक्त पेयजल उपलब्ध होगा, जिससे उनके जीवन स्तर में सुधार भी होगा।  

रोजगार के 1165 नए अवसर होंगे उपलब्ध, मुख्यमंत्री डॉ. यादव 6 औद्योगिक इकाइयों को वितरित करेंगे आशय पत्र

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 2 अगस्त शनिवार को सीहोर स्थित औद्योगिक क्षेत्र बड़ियाखेड़ी में लगभग 1406 करोड़ रूपये निवेश करने वाली 4 औद्योगिक इकाइयों का भूमिपूजन करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव 6 औद्योगिक इकाइयों को भूमि आवंटन के आशय पत्र भी वितरित करेंगे। जिससे यहां लगभग 33 करोड़ 85 लाख रूपये का निवेश होगा। इन औद्योगिक इकाइयों से सीहोर जिले में 1165 रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। 4 औद्योगिक इकाइयों का होगा भूमिपूजन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव कार्यक्रम में 4 औद्योगिक इकाइयों का भूमिपूजन करेंगे। इन इकाइयों में सीहोर जिले में लगभग 1406 करोड़ रूपये का निवेश होगा और 854 रोजगार के अवसर सृजित होंगे। जिन ऑैद्योगिक इकाइयों का भूमि-पूजन होगा उनमें वान्यावेदा ग्रीन्स जो (झिलेला) सीहोर में 20.020 हेक्टेयर में स्थापित होगी। इसमें 115 करोड़ रुपये के निवेश से खाद्य प्रसंस्करण इकाई स्थापित होगी, जिससे 100 लोगों को रोजगार मिलेगा। इसी प्रकार बारमॉल्ट माल्टिंग इंडिया प्रा.लि. (बड़ियाखेड़ी फेस.2) 10.250 हेक्टेयर में स्थापित होगी। इसमें 400 करोड़ रुपए के निवेश से देश की सबसे बड़ी माल्ट निर्माता कंपनी की इकाई स्थापित होगी, जिससे 350 लोगों को रोजगार मिलेगा। सीजी पावर एंड इंडस्ट्रियल सॉल्यूशन लि. (जहांगीरपुरा) सीहोर में 18.260 हेक्टेयर में 888 करोड़ रुपए के निवेश से एशिया की सबसे बड़ी ट्रांसफार्मर इकाई स्थापित होगी, जिसमें 394 लोगों को रोजगार मिलेगा। इसी प्रकार कृष्णा इंडस्ट्रीज (बड़ियाखेड़ी) सीहोर 0.476 हेक्टेयर में 3 करोड़ रुपए के निवेश से खाद्य प्रसंस्करण इकाई स्थापित होगी, जिससे 10 लोगों को रोजगार मिलेगा। 6 औद्योगिक इकाइयों को वितरित होंगे आशय पत्र मुख्यमंत्री डॉ यादव सीहोर में 6 औद्योगिक इकाइयों को आशय पत्र वितरित करेंगे, जिनमें आरटीडीबी इंडस्ट्रीज, स्वाति सोनी, संजय कुमार, अमित मूंदड़ा, प्रकाश पैकेजिंग और आरना वेंचर्स शामिल हैं। इन इकाइयों द्वारा सीहोर जिले में लगभग 33 करोड़ 85 लाख रूपये का निवेश होगा और 311 रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे।  

अब 1500 रुपए प्रतिमाह! जानें कब आएगी लाडली बहनों की अगली किस्त

भोपाल  मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घोषणा की है कि रक्षाबंधन पर बहनों को शगुन के रूप में 1500 रुपए की राशि दी जाएगी. मुख्यमंत्री ने कहा कि दीपावली के बाद से लाडली बहना योजना की राशि को स्थायी रूप से 1500 रुपए प्रति माह कर दिया जाएगा. मुख्यमंत्री ने कहा कि बहनों को सम्मान, आत्मनिर्भरता और आर्थिक सहयोग देने के उद्देश्य से शुरू की गई इस योजना का लाभ राज्य की 1.31 करोड़ से ज्यादा लाडली बहनों को मिलेगा. कब आएगी 27वीं किस्त  लाडली बहना योजना के तहत पहले लाभार्थियों को 1,250 रुपए दिए जा रहे थे. अब इसे 250 रुपए बढ़ाकर 1500 रुपए किया जा रहा है. जानकारी के अनुसार इस बार संभावना है कि 1 अगस्त से 7 अगस्त के बीच लाडली बहनों के खाते में 27वीं किस्त ट्रांसफर हो सकती है. सीएम ने कहा कि दीपावली के बाद से लाड़ली बहनों को हर माह ₹1500 की राशि प्रदान की जाएगी. इसके साथ ही युवाओं को रोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से फैक्ट्री में कार्य करने पर सरकार द्वारा ₹5000 की प्रोत्साहन राशि भी मिलेगी. रक्षाबंधन से पहले खाते में आएंगे कितने पैसे 9 अगस्त को पूरा देश रक्षाबंधन का त्योहार मनाने वाला है। मध्य प्रदेश सरकार के सूत्रों के हवाले से पता चला है कि अगस्त में 1500 रुपये एक साथ नहीं आएंगे। 9 अगस्त से पहले एक कार्यक्रम के दौरान महिलाओं के खाते में 250 रुपये का शगुन ट्रांसफर किए जा सकते हैं। फिर 10 तारीख के बाद लाडली बहना योजना की 27वीं किस्त के 1250 रुपये खाते में भेजे जाएंगे। एक साथ 1500 रुपये नहीं मिलेंगे। मतलब दो किस्तों में खाते में पैसा आएगा। पिछले महीने 12 जुलाई को ही खाते में लाडली बहना योजना की 26वीं किस्त का पैसा आएगा। 9 अगस्त से पहले 1500 क्यों नहीं अगर आपके मन में भी सवाल है कि 9 अगस्त से पहले 1500 रुपये क्यों खाते में नहीं आएंगे तो हम आपको बता दें कि लाडली बहना योजना के लिए सरकार को हर महीने 1550 करोड़ रुपये की जरूरत होती है। इसके लिए राज्य सरकार केंद्र से मिलने वाले फंड का इस्तेमाल करती है। आमतौर पर यह पैसा 10 तारीख के बाद ही आता है, इसी वजह से लाडली बहना योजना की किस्त की तारीख 10 से आगे बढ़ा दी गई है। कैसे चेक करें भुगतान की स्थिति आपके खाते में पैसा आया या नहीं, इसे आप लाडली बहना योजना की वेबसाइट पर जाकर चेक कर सकते हैं। आपको ऑफिशियल पोर्टल पर जाना है। यहां 'आवेदन एवं भुगतान की स्थिति' पर क्लिक करना है। इसके बाद अपना रजिस्ट्रेशन नंबर और कैप्चा कोड भरें। इसके बाद आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर ओटीपी आएगा, इसे enter करने के बाद ही आपको आपके खाते की स्थिति का पता चल जाएगा। शिवराज सिंह चौहान ने की थी तोहफे की शुरुआत पूर्व सीएम और वर्तमान केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने लाड़ली बहना योजना की शुरुआत की थी। ये योजना इतनी मशहूर हुई की देश के ज्यादातर राज्य इसे शुरू कर चुनावी दंगल में हाथ आजमाना चाहते हैं। प्रदेश ही नहीं बल्कि दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी मानी जाने वाली भाजपा की बंपर जीत का कारण इसी योजना को माना जाता है। भाजपा की इस महत्वाकांक्षी योजना का लाभ तब और बढ़ गया जब शिवराज सिंह ने ऐलान किया कि अब रक्षाबंधन साल में एक बार लाड़ली बहनों को 250 रुपए की अतिरिक्त राशि किस्त की राशि के साथ लाडली बहनों के खातों में जमा की जाएगी। लाड़ली बहना योजना पर एक नजर कहां से हुआ शुभारंभ शुरुआत- 5 मार्च 2023, भोपाल से उद्देश्य- महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाना, परिवार में सम्मान दिलाना तथा पोषण सुधारना पूर्व सीएम शिवराज की योजना को आगे बढ़ा रहे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मासिक आर्थिक सहायता शुरुआत- 1000 रुपए 2023 अक्टूबर से – 1250 रुपए अब घोषणा- दिवाली 2025 से बढ़ेंगे 250 रुपए, 1500 रुपए होगी हर माह की किस्त, वहीं 2028 तक खाते में 3000 रुपए जमा करने का वादा रक्षाबंधन पर का तोहफा- जुलाई 2025 की किस्त के साथ 250 रुपए का शगुन (Rakshabandhan Bonus), पिछले साल भी मिला था तोहफा, इस तोहफे की शुरुआत भी शिवराज सिंह चौहान ने अपने शासनकाल में ही की थी। लाड़ली बहना योजना की पात्र कौन? उम्र- 21-60 साल स्थिति- विवाहित, विधवा, तलाकशुदा, परित्यक्ता निवास- मध्य प्रदेश का स्थायी निवासी होना अनिवार्य आय सीमा- सालाना पारिवारिक आय 2.5 लाख से कम परिवार में कोई आयकरदाता, सरकारी कर्मचारी या पेंशनर नहीं होना चाहिए। परिवार के नाम पर पांच एकड़ जमीन से कम कृषि भूमि और निजी चार पहिया वाहन नहीं होना चाहिए। महिला का खाता आधार कार्ड से लिंक होना चाहिए। कब आती है लाड़ली बहना योजना की किस्त? लाडली बहना योजना की किस्त हर महीने की 10-15 तारीख के बीच पात्र महिला के खाते में डायरेक्ट ट्रांसफर की जाती है। कुल लाभार्थी महिलाएं, कितना है सरकार का बजट वर्तमान में1.27 करोड़ से ज्यादा महिलाएं लाड़ली बहना योजना का लाभ ले रही हैं। इसके लिए राज्य सरकार को 22,000 करोड़ रुपए सालाना खर्च करने पड़ते हैं। लाड़ली बहना योजना के लिए आवेदन (फिलहाल बंद) लाडली बहना योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया वर्तमान में बंद है। अगस्त 2023 के बाद से अब तक नए पंजीयन नहीं किए जा रहे हैं। पहले आवेदन MP Online, समग्र पोर्टल और ग्राम पंचायत/वार्ड कैंप के माध्यम से किए गए थे। कांग्रेस को मिला भाजपा को घेरने का मौका बता दें कि भाजपा की महत्वाकांक्षी लाडली बहना योजना कांग्रेस के लिए ऐसा मोहरा बनी हुई है, जिसे लेकर एमपी की भाजपा सरकार के खिलाफ कांग्रेस कई बार मोर्चा खोल चुकी है। चाहे विधान सभा सत्र हों या फिर सामान्य दिन, अक्सर भाजपा को घेरने का मौका तलाश रही कांग्रेस बार-बार एक ही सवाल पूछती है कि आखिर लाडली बहना योजना के तहत प्रदेश की करोड़ों बहनों को सरकार कब तक 3000 रुपए देगी? कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी हों या फिर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार भी कई बार भाजपा सरकार के वादे पर सवाल उठा चुके हैं। यही नहीं कई बार राजनीतिक गलियारों में ये खबरें भी सुर्खियों में रहीं कि लाडली बहना योजना बंद होने वाली … Read more

फुट ओवरब्रिज नेटवर्क का विस्तार: इंदौर में नई सौगात, पुराने पुलों के रखरखाव की तैयारी

इंदौर  शहर में पैदल यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए नगर निगम चार नए फुट ओवरब्रिज बनाने की तैयारी में है। लंबे समय से निगम द्वारा शहर में एक दर्जन फुट ओवरब्रिज बनाए जाने का दावा किया जा रहा था, लेकिन भूमि की अनुपलब्धता के चलते यह योजना अटकी रही। अब चार स्थानों पर फुट ओवरब्रिज निर्माण के लिए ठेकेदार फर्मों की तलाश की जा रही है, जबकि तीन पुराने फुट ओवरब्रिजों को 10 साल की अवधि के ठेके पर दिया जाएगा, जिससे उनका बेहतर रख-रखाव किया जा सके। ऑनलाइन टेंडर जारी, नए ओवरब्रिज बनेंगे डिजाइन-बिल्ट-ऑपरेट सिस्टम से नगर निगम के यातायात विभाग ने चार नए फुट ओवरब्रिजों के निर्माण के लिए ऑनलाइन टेंडर जारी किए हैं। ये सभी ओवरब्रिज डिजाइन, बिल्ट, ऑपरेट और ट्रांसफर सिस्टम के तहत बनाए जाएंगे। साथ ही तीन पुराने फुट ओवरब्रिजों को भी दस साल की अवधि के लिए ठेके पर दिया जाएगा, जिनकी लाइसेंस अवधि को आगे पांच साल तक बढ़ाया जा सकेगा। निगम ने पहले भी एक बार टेंडर जारी किए थे, लेकिन तब कोई भी ठेकेदार फर्म आगे नहीं आई थी। इस बार दूसरी बार प्रयास किया जा रहा है। कर्बला, एमवाय, दवा बाजार और जुपिटर हॉस्पिटल क्षेत्र में बनेंगे नए ब्रिज फुट ओवरब्रिज निर्माण की योजना के तहत निगम ने कर्बला से जीडीसी कॉलेज की ओर एक नया ओवरब्रिज बनवाने की योजना तैयार की है। वहीं एमवाय अस्पताल के सामने भी फुट ओवरब्रिज बनाया जाएगा, ताकि मरीजों के परिजन सड़क पार कर दवा दुकानों तक सुरक्षित पहुंच सकें। दवा बाजार क्षेत्र में भी एक फुट ओवरब्रिज की संभावना तलाशी जा रही है। इसके अलावा एक और नया फुट ओवरब्रिज विशेष जुपिटर हॉस्पिटल के सामने प्रस्तावित किया गया है, जहां आए दिन ट्रैफिक के कारण पैदल चलने वालों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। तीन पुराने ब्रिज रख-रखाव के लिए ठेके पर, उपयोगिता को लेकर सवाल बरकरार फिलहाल शहर में तीन पुराने फुट ओवरब्रिज मौजूद हैं, जिन्हें नगर निगम 10 साल के रख-रखाव के ठेके पर देगा। इनमें पहला फुट ओवरब्रिज छप्पन दुकान से अपोलो टॉवर की ओर है, दूसरा कलेक्ट्रेट कार्यालय के सामने बना हुआ है, जबकि तीसरा अपोलो टॉवर से छप्पन दुकान की दिशा में बना है। निगम के अनुसार, कर्बला से कलेक्ट्रेट रोड पर एक पुराना ओवरब्रिज पहले ही बना हुआ है, लेकिन यह अधिक उपयोगी नहीं साबित हुआ। इसी अनुभव को देखते हुए अब नए ब्रिजों की जगह और डिजाइन सोच-समझकर तय की जा रही है।  

भोपाल में नशे के नेटवर्क पर पुलिस का शिकंजा, गैंग से जुड़ा भूरी हिरासत में

भोपाल  मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के मादक पदार्थ तस्करों की कमर तोड़ने के लिए क्राइम ब्रांच लगातार कार्रवाई कर रही है। गुरुवार को क्राइम ब्रांच ने एक बदमाश अंशुल सिंह उर्फ भूरी को गिरफ्तार किया है। उस पर शहर के अलग-अलग थानों में करीब 18 अपराध दर्ज हैं, इनमें मारपीट, बलवा, आर्म्स एक्ट और मादक पदार्थ तस्करी आदि शामिल हैं। पुलिस को शातिर ड्रग्स तस्कर यासीन और शाहवर से पूछताछ के बाद उसके इनसे जुड़े होने की जानकारी मिली थी। वह नए शहर में संगठित अपराधों में शामिल रहा है। टीटी नगर थाने का हिस्ट्री शीटर होने के साथ ही पूर्व में भी शराब तस्करी के केस में गिरफ्तार किया जा चुका है। पैडलर के तौर पर सामने आया नाम अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त क्राइम ब्रांच शैलेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि गोकुल धाम तुलसी नगर टीटी नगर निवासी 32 वर्षीय अंशुल सिंह उर्फ भूरी पुराना बदमाश है। ड्रग्स तस्कर यासीन से रिमांड के दौरान की गई पूछताछ में उसका नाम पैडलर के तौर पर सामने आया था। दोनों के बीच लेन-देन संबंधी चैट्स और ट्रांजेक्शन भी मिले हैं। आरोपित से लंबी पूछताछ के लिए गुरुवार को कोर्ट में पेश कर चार अगस्त तक की रिमांड पर लिया है। उससे गिरोह के संबंध में पूछताछ की जाएगी। उसकी गिरफ्तारी के बाद तस्करी के पूरे माड्यूल को समझा जाएगा। पुलिस को एक और आरोपी की तलाश यह किस तरह से बाहर के चार राज्यों से मादक पदार्थ लाते थे और उसे प्रदेश के अलग-अलग जिलों में पहुंचा रहे थे, उनके इस खेल में और कौन-कौन शामिल है। पुलिस के अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में अभी और लोगों की गिरफ्तारी हो सकती है। अंशुल उर्फ भूरी से शुरुआती पूछताछ में यासीन और उसके चाचा के एक खास गुर्गे का नाम भी सामने आया है। वह शाहजहांनाबाद क्षेत्र के इस्लामी गेट इलाके में रहता है और क्रिकेट पर सट्टा खिलाता है। पुलिस उसकी तलाश में जुटी है। उसे भी हिरासत में लेकर पूछताछ करने की तैयारी है। कांग्रेस-भाजपा से संबंध अंशुल सिंह उर्फ भूरी की मां रजनी राज सिंह पार्षद रह चुकी हैं। वह एक बार भाजपा और कांग्रेस के टिकट पर चुनाव भी लड़ चुकी हैं। अंशुल अपनी मां की विरासत को आगे बढ़ाते हुए कांग्रेस से युवा कांग्रेस अध्यक्ष पद की दावेदारी कर रहा था। उसे कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं का खास माना जाता है। उसे पूर्व मंत्री पीसी शर्मा के खास समर्थकों में गिना जाता है। उसकी गिरफ्तारी के बाद से कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के साथ उसके फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं।