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भोपाल: होम्योपैथिक कॉलेज में पोस्ट ग्रेजुएट स्टडी को मिली हरी झंडी

भोपाल  स्वास्थ्य सेवाओं में गुणवत्ता और विशेषज्ञता बढ़ाने की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए केंद्रीय आयुष मंत्रालय ने शासकीय होम्योपैथिक चिकित्सा महाविद्यालय एवं चिकित्सालय, भोपाल को दो नए स्नातकोत्तर (पीजी) कोर्स शुरू करने की मंजूरी दे दी है। अब यह महाविद्यालय त्वचा रोग (डर्मेटोलॉजी) और कम्युनिटी मेडिसिन जैसे दो अत्यंत महत्वपूर्ण विषयों में भी पीजी डिग्री प्रदान करेगा। यह दोनों कोर्स शैक्षणिक सत्र 2025-26 से शुरू होंगे। फिलहाल महाविद्यालय में सात विषयों — प्रैक्टिस ऑफ मेडिसिन, पीडियाट्रिक, साइकियाट्रिक, फार्मेसी, मेडिसिन और रेस्पिरेटरी में पीजी कोर्स संचालित हो रहे हैं। नए कोर्स जुड़ने से यह संख्या नौ हो जाएगी। अस्पताल की अधीक्षक डॉ. सुनीता तोमर ने जानकारी दी कि वर्तमान समय में प्रदूषण, अस्वस्थ खान-पान और निष्क्रिय जीवनशैली के चलते त्वचा रोगों में तेजी से वृद्धि हो रही है। इसी तरह जनस्वास्थ्य की चुनौतियों, नई बीमारियों की रोकथाम और स्वास्थ्य जागरूकता के लिए कम्युनिटी मेडिसिन विशेषज्ञों की मांग भी तेजी से बढ़ी है। इस निर्णय से न केवल विशेषज्ञ चिकित्सकों की संख्या बढ़ेगी, बल्कि आमजन को बेहतर होम्योपैथिक इलाज भी मिल सकेगा। साथ ही यह कदम प्रदेश में जनस्वास्थ्य व्यवस्था को सशक्त करने में भी सहायक होगा। फार्मेसी छात्रों के लिए डिजीलाकर जरूरी, घर बैठे होगा रजिस्ट्रेशन मध्य प्रदेश में बी-फार्मा और एम-फार्मा करने वाले छात्रों के लिए अब रजिस्ट्रेशन से पहले डिजीलाकर पर खाता बनाना अनिवार्य कर दिया गया है। फार्मेसी काउंसिल की रजिस्ट्रार भव्या त्रिपाठी के अनुसार जल्द ही पंजीयन की प्रक्रिया एक विशेष डिजिटल सॉफ्टवेयर के माध्यम से शुरू की जाएगी, जिससे छात्रों को दस्तावेजों के सत्यापन के लिए बार-बार भोपाल नहीं आना पड़ेगा। इस सॉफ्टवेयर के माध्यम से छात्रों के स्थानीय निवासी प्रमाण पत्र, 10वीं-12वीं की मार्कशीट, डिग्री/डिप्लोमा, फोटो व अन्य जरूरी दस्तावेजों का समग्र आईडी और डिजीलाकर के जरिए स्वतः सत्यापन किया जाएगा। अब तक यह प्रक्रिया मैन्युअल थी, जिससे रजिस्ट्रेशन में देरी हो रही थी और लगभग 10,500 आवेदन पेंडिंग हो गए थे। अधिकारियों के मुताबिक लगभग 70 प्रतिशत आवेदन फार्म में गलतियां पाई गईं। सबसे ज्यादा गलती अंग्रेजी में नाम, पिता/पति का नाम और जन्मतिथि में हुई। इन समस्याओं से निपटने के लिए अब फार्मेसी काउंसिल पूरी प्रक्रिया को डिजिटल कर रही है, जिससे छात्र घर बैठे आवेदन और वेरिफिकेशन कर सकेंगे। रजिस्ट्रेशन फीस नहीं ली जाएगी नई प्रक्रिया के तहत जब तक दस्तावेजों का वेरिफिकेशन पूरा नहीं होगा, तब तक रजिस्ट्रेशन फीस नहीं ली जाएगी। इससे पहले एमपी ऑनलाइन के माध्यम से पहले फीस ली जाती थी, बाद में वेरिफिकेशन होता था। अब ऐसा नहीं होगा। रजिस्ट्रार के मुताबिक, मई तक 10,500 आवेदन लंबित थे। नई व्यवस्था लागू होने के बाद अब तक करीब 2,500 छात्रों का रजिस्ट्रेशन पूरा हो चुका है, जबकि लगभग 7,500 आवेदन अभी भी पेंडिंग हैं। इनमें से 4,000 आवेदनों को दस्तावेजों की गलतियों के कारण लौटा दिया गया है। छात्रों को इन फार्मों के लिए नई प्रक्रिया के अनुसार दोबारा आवेदन करना होगा।

Regional Tourism Conclave का मुख्यमंत्री करेंगे उद्घाटन, अभिनेता मुकेश तिवारी व अभिनेत्री सान्विका सिंह भी शामिल होंगी

 रीवा  मध्य प्रदेश सरकार विंध्य के औद्योगिक विकास के लिए शनिवार को रीवा में रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव करने जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पर्यटन व्यवसायियों, टूर ऑपरेटर्स और होटल इंडस्ट्री के बीच सहयोग और साझेदारी को बढ़ावा देने के उद्देश्य से रीवा में दो दिवसीय रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव का कृष्णा राज कपूर ऑडिटोरियम में शनिवार को उद्घाटन करेंगे। कॉन्क्लेव में उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल और पर्यटन, संस्कृति और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेंद्र सिंह लोधी भी उपस्थित रहेंगे। प्रसिद्ध अभिनेता मुकेश तिवारी और पंचायत वेब सीरीज की अभिनेत्री सान्विका सिंह कॉन्क्लेव में विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे। निवेशकों को सम्मानित किया जाएगा पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के प्रमुख सचिव शिव शेखर शुक्ला ने बताया कि कॉन्क्लेव में मध्य प्रदेश में आतिथ्य क्षेत्र के निवेशकों को सम्मानित भी किया जाएगा। मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड द्वारा अक्टूबर माह में भोपाल में आयोजित होने वाले मध्य प्रदेश ट्रेवल मार्ट की पूर्व तैयारियों के दृष्टिगत यह रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव आयोजित की जा रही है। इसी कड़ी में ग्वालियर में अगस्त एवं इंदौर में सितंबर में रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव का आयोजन होगा। आईआरसीटीसी पोर्टल पर पीएम श्री पर्यटन वायु सेवा बुकिंग पोर्टल का शुभारंभ होमस्टे ऑनलाइन बुकिंग पोर्टल का लोकार्पण मेक माय ट्रिप के साथ एमओयू चित्रकूट घाट में स्पिरिचुअल एक्सपीरियंस परियोजना की आधारशिला का वर्चुअल शिलान्यास होगा। शहडोल में एफसीआई (फैसिलिटेशन सेंटर फार टूरिस्ट्स) का उद्घाटन किया जाएगा। मंडला, डिंडोरी, सिंगरौली, सीधी और सिवनी में कला एवं शिल्प केंद्रों की स्थापना के लिए एजेंसियों के साथ और इंफ्लुएंसर मार्केटिंग एजेंसियों मेसर्स बारकोड एक्सपीरिएंशल एवं मेसर्स क्यूयुकी डिजिटल के साथ अनुबंध होंगे। वन्यजीव, धरोहर और ग्रामीण पर्यटन की संभावनाओं पर मंथन किया जाएगा। वन पथों से विरासत की कहानियों तक रीवा का पर्यटन पुनर्जागरण मध्य प्रदेश में समग्र पर्यटन अनुभव का निर्माण और मध्य प्रदेश में पर्यटन, फिल्म और आतिथ्य क्षेत्र में निवेश प्रोत्साहन के अवसर विषय पर सत्र होंगे। कॉन्क्लेव में ट्रेवल ऑपरेटर्स, होटल व्यवसायियों और टूरिज़्म स्टेकहोल्डर्स के बीच द्विपक्षीय संवाद और पर्यटन क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा होगी। यह सत्र क्षेत्रीय पर्यटन के विकास के लिए बल्कि राष्ट्रीय पर्यटन समृद्धि के दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण सिद्ध होगा। कॉन्क्लेव के समापन अवसर पर चयनित अतिथियों एवं प्रतिनिधियों के लिए फैमिलियाराइज़ेशन टूर (फेम टूर) का आयोजन किया जाएगा, जिसका उद्देश्य रीवा एवं आसपास के पर्यटन स्थलों की संभावनाओं से प्रतिभागियों को प्रत्यक्ष रूप से परिचित कराना है।

महाकुंभ 2028 से पहले उज्जैन में पंढरपुर-मथुरा जैसी सुविधाएं, फैसिलिटी हब पर काम शुरू

 उज्जैन  साल 2028 में उज्जैन में आयोजित होने वाले सिंहस्थ महाकुंभ की तैयारियां नई दिशा में आगे बढ़ रही हैं। उज्जैन प्रशासन का लक्ष्य इस बार सिर्फ परंपराओं का पालन नहीं बल्कि तीर्थ व्यवस्थाओं को एक आधुनिक, सुविधाजनक और यादगार अनुभव में बदलना है। प्रशासन अब महाराष्ट्र के पंढरपुर और उत्तर प्रदेश के मथुरा जैसे प्रमुख तीर्थ स्थलों से प्रेरणा लेकर सिंहस्थ के लिए अत्याधुनिक फैसिलिटी सेंटर तैयार करने की योजना बना रहा है। पंढरपुर की प्रसिद्ध वारी यात्रा और मथुरा की ब्रज परिक्रमा में हर साल लाखों श्रद्धालु शामिल होते हैं। इन तीर्थस्थलों पर विकसित फैसिलिटी सेंटर श्रद्धालुओं को छाया, पीने का पानी, स्नानघर, शौचालय, प्राथमिक चिकित्सा, विश्राम स्थल और सुरक्षा की पूरी व्यवस्था प्रदान करते हैं। इसी तर्ज पर अब उज्जैन में भी स्थायी, स्मार्ट और पर्यावरण-अनुकूल फैसिलिटी सेंटर बनाए जाएंगे। प्रशासन का कहना है कि सिंहस्थ 2028 में अब केवल अस्थायी टेंट या पारंपरिक पड़ाव नहीं होंगे, बल्कि फैसिलिटी सेंटर श्रद्धालुओं के लिए एक समग्र अनुभव का केंद्र बनेंगे। यहां डिजिटल सूचना पटल, छायादार विश्राम क्षेत्र, पुरुष व महिलाओं के लिए पृथक स्नानगृह, ग्रीन वेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम, जल वितरण केंद्र और चिकित्सा सहायता केंद्र जैसे अत्याधुनिक इंतजाम होंगे। इन स्थलों पर सीसीटीवी निगरानी और डिजिटल नेविगेशन सिस्टम भी उपलब्ध कराए जाएंगे। उज्जैन कलेक्टर रौशन कुमार सिंह ने कहा 'सिंहस्थ केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि व्यवस्थाओं की कसौटी है। हमारा उद्देश्य है कि श्रद्धालुओं को एक प्रेरक, सुरक्षित और सुविधा युक्त अनुभव मिले। पंढरपुर और मथुरा जैसे तीर्थस्थलों की परंपराओं और अनुभवों से प्रेरणा लेकर उज्जैन को एक स्मार्ट तीर्थ मॉडल के रूप में प्रस्तुत किया जाएगा।' गौरतलब है कि सिंहस्थ महाकुंभ विश्व के सबसे बड़े आध्यात्मिक आयोजनों में से एक है, जिसमें करोड़ों श्रद्धालु देश-विदेश से आते हैं। इस विशाल भीड़ को सुचारु रूप से संभालने और उनकी मूलभूत आवश्यकताओं को पूर्ण करने के लिए स्थायी फैसिलिटी सेंटर न केवल सहूलियत देंगे, बल्कि उज्जैन को तीर्थ व्यवस्थाओं का आदर्श मॉडल भी बनाएंगे।

‘रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव’ में उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल और पर्यटन व संस्कृति राज्य मंत्री लोधी भी होंगे शामिल

मुख्यमंत्री डॉ. यादव रीवा में ‘रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव’ का आज शनिवार को करेंगे शुभारंभ विंध्य के वैभव को मिलेगा नया आयाम : रीवा में आज 26-27 जुलाई को होगा ‘रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव’  ‘रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव’ में उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल और पर्यटन व संस्कृति राज्य मंत्री  लोधी भी होंगे शामिल निवेशक, पर्यटन व्यवसायी, टूर ऑपरेटर्स, होटल इंडस्ट्री के हितधारक होंगे सम्मिलित भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव प्रदेश में पर्यटन निवेश को प्रोत्साहित करने के साथ–साथ पर्यटन व्यवसायियों, टूर ऑपरेटर्स और होटल इंडस्ट्री के बीच सहयोग और साझेदारी को बढ़ावा देने के उद्देश्य से रीवा में दो दिवसीय रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव का कृष्णा राज कपूर ऑडिटोरियम में आज  शनिवार 26 जुलाई को शुभारंभ करेंगे। कॉन्क्लेव में उपमुख्यमंत्री श्री राजेंद्र शुक्ल और पर्यटन, संस्कृति और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री धर्मेंद्र सिंह लोधी भी उपस्थित रहेंगे। मध्यप्रदेश में आने वाले पर्यटकों की संख्या में वृद्धि और विंध्य क्षेत्र की पर्यटन क्षमताओं को पहचानते हुए राज्य में पर्यटन निवेश को बढ़ाने के लिए रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव का आयोजन किया जा रहा है। प्रसिद्ध अभिनेता श्री मुकेश तिवारी और पंचायत वेब सीरीज की अभिनेत्री सान्विका सिंह कॉन्क्लेव में विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे। प्रमुख सचिव पर्यटन एवं संस्कृति तथा प्रबंध संचालक मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड श्री शिव शेखर शुक्ला ने बताया कि कॉन्क्लेव में मध्यप्रदेश में आतिथ्य क्षेत्र के निवेशकों को सम्मानित भी किया जाएगा। मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड द्वारा अक्टूबर माह में भोपाल में आयोजित होने वाले मध्यप्रदेश ट्रेवल मार्ट की पूर्व तैयारियों के दृष्टिगत यह रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव आयोजित की जा रही है। इसी कड़ी में ग्वालियर में अगस्त एवं इंदौर में सितंबर में रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव का आयोजन होगा। डिजिटल पहल, एमओयू, आधारशिला कार्यक्रम एवं अनुबंध आईआरसीटीसी पोर्टल पर पीएम श्री पर्यटन वायु सेवा बुकिंग पोर्टल का शुभारंभ होमस्टे ऑनलाइन बुकिंग पोर्टल का लोकार्पण मेक माय ट्रिप के साथ एमओयू  चित्रकूट घाट में 'स्पिरिचुअल एक्सपीरियंस' परियोजना की आधारशिला का वर्चुअल शिलान्यास होगा। शहडोल में एफसीआई (फैसिलिटेशन सेंटर फॉर टूरिस्ट्स) का उद्घाटन मंडला, डिंडोरी, सिंगरौली, सीधी और सिवनी में कला एवं शिल्प केंद्रों की स्थापना के लिये एजेंसियों के साथ और इंफ्लुएंसर मार्केटिंग एजेंसियों—मेसर्स बारकोड एक्सपीरिएंशल एवं मेसर्स क्यूयुकी डिजिटल के साथ अनुबंध होंगे। वन्यजीव, धरोहर और ग्रामीण पर्यटन की संभावनाओं पर होगा मंथन रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव में पर्यटन क्षेत्र पर आधारित विभिन्न सत्र होंगे। मध्यप्रदेश में वन्यजीव, धरोहर और ग्रामीण पर्यटन की संभावनाओं, पर्यटन अनुभव और निवेश पर मंथन होगा। इसमें “वन पथों से विरासत की कहानियों तक : रीवा का पर्यटन पुनर्जागरण”, “मध्यप्रदेश में समग्र पर्यटन अनुभव का निर्माण” और “मध्यप्रदेश में पर्यटन, फिल्म और आतिथ्य क्षेत्र में निवेश प्रोत्साहन के अवसर” विषय पर सत्र होंगे। हितधारकों पर्यटन व्यवसाय में निवेश की संभावनाओं पर करेंगे चर्चा रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव में ट्रेवल ऑपरेटर्स, होटल व्यवसायियों और टूरिज़्म स्टेकहोल्डर्स के बीच द्विपक्षीय संवाद और पर्यटन क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा होगी। यह सत्र क्षेत्रीय पर्यटन के विकास के लिए बल्कि राष्ट्रीय पर्यटन समृद्धि के दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण सिद्ध होगा। प्रदर्शनी में दिखेगा मध्यप्रदेश का सांस्कृतिक गौरव रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव में विशेष पर्यटन प्रदर्शनी का भी आयोजन किया जाएगा, जिसमें मध्यप्रदेश के विविध पर्यटन स्थलों, पर्यटन इकाइयों, हॉस्पिटिलिटी ब्रांड्स, होमस्टे, रिसॉर्ट्स, हैंडलूम/हैंडीक्राफ्ट, साहसिक गतिविधियों और सांस्कृतिक धरोहर को समर्पित स्टॉल लगाए जाएंगे। साथ ही सांस्कृतिक कार्यक्रम की रंगारंग प्रस्तुति भी होगी। फैम टूर का आनंद लेंगे हित-धारक एवं निवेशक रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव के समापन अवसर पर चयनित अतिथियों एवं प्रतिनिधियों के लिए फैमिलियाराइज़ेशन टूर (FAM Tour) का आयोजन किया जाएगा, जिसका उद्देश्य रीवा एवं आसपास के पर्यटन स्थलों की संभावनाओं से प्रतिभागियों को प्रत्यक्ष रूप से परिचित कराना है।  

28 जुलाई की रात 12 बजे खुलेंगे नागचंद्रेश्वर मंदिर के पट, 24 घंटे होंगे दर्शन, , ऑनलाइन मिलेंगे शीघ्र दर्शन टिकट

उज्जैन ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में 29 जुलाई को मनाए जाने वाले नागपंचमी महापर्व को लेकर तैयारी शुरू हो गई है। लालपुल के समीप स्थित मंदिर प्रवेश मार्ग के मुहाने पर कर्कराज पार्किंग व भील समाज की धर्मशाला में श्रद्धालुओं की सुविधा के इंतजाम जुटाए जा रहे हैं। देशभर से आने वाले दर्शनार्थी यहीं से दर्शन की कतार में लगेंगे। नागपंमी पर भगवान नागचंद्रेश्वर के दर्शन के लिए आम दर्शनार्थियों को करीब चार किलोमीटर पैदल चलना पड़ेगा। भक्तों को कर्कराज पार्किंग से भील समाज की धर्मशाला, गौंड बस्ती के रास्ते चारधाम मंदिर पार्किंग, होते हुए महाकाल मंदिर की ओर प्रवेश दिया जाएगा। शासन, प्रशासन द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा के इंतजाम किए जा रहे हैं। बता दें 28 जुलाई की रात 12 बजे महाकाल मंदिर के शीर्ष पर स्थित भगवान नागचंद्रेश्वर मंदिर के पट खुलेंगे। इसके बाद महानिर्वाणी अखाड़े की ओर से पूजा अर्चना की जाएगी। इसके बाद आम दर्शन का सिलसिला शुरू होगा, जो 29 जुलाई की रात 12 बजे तक निरंतर जारी रहेगा। ऑनलाइन मिलेंगे शीघ्र दर्शन टिकट नागपंचमी पर कम समय में सुविधापूर्वक भगवान नागचंद्रेश्वर के दर्शन करने के लिए 250 रुपये की शीघ्र दर्शन टिकट सुविधा उपलब्ध रहेगी। भक्त मंदिर की वेबसाइट पर ऑनलाइन अग्रिम बुकिंग कराकर नागचंद्रेश्वर के दर्शन कर सकते हैं। शीघ्र दर्शन टिकट वाले दर्शनार्थियों को कम पैदल चलना पड़ेगा और सुविधा से दर्शन होंगे। बता दें पूर्व में नागपंचमी पर भक्त आफलाइन शीघ्र दर्शन टिकट खरीद सकते थे। मंदिर समिति द्वारा इसके लिए विभिन्न स्थानों पर टिकट काउंटर लगाए जाते थे। कैश लाने ले जाने की परेशानी, काउंटरों पर रसीद कट्टों की उपलब्धता सुनिश्चित करना, कर्मचारियों को सुरक्षा आदि परेशानी के चलते इस बार यह व्यवस्था सिर्फ आनलाइन रखी जा रही है। पांच किलोमीटर क्षेत्र में सूचना संकेतक बोर्ड महाकाल मंदिर समिति व जिला प्रशासन द्वारा नागपंचमी पर शहर के आसपास पांच किलोमीटर दूर से सूचना संकेतक बोर्ड लगाए जा रहे हैं। इस व्यवस्था से बाहर से आने वाले दर्शनार्थियों को आसानी से मंदिर पहुंच मार्ग के साथ उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी मिल सकेगी। विभिन्न स्थानों पर पूछताछ व खोयापाया केंद्र भी स्थापित किए जाएंगे।

तवा डैम ओवरफ्लो के चलते तीन गेट खुले, निचले इलाकों में सतर्कता बढ़ी

इटारसी नर्मदापुरम क्षेत्र में इन दिनों मानसून मेहरबान है। झमाझम बारिश से नदी-नालों में उफान आ गया है। इटारसी में तवा बांध के तीनों गेट खोल दिये गए हैं। कैचमेंट एरिया में जारी लगातार तेज वर्षा के कारण शुक्रवार शाम तवा बांध के तीन गेट खोले गए हैं। इस मानसून में यह पहला मौका है जब बांध से पानी छोड़ा जा रहा है।     बांध के तीन गेट को शाम 4:30 बजे के बाद खोलकर तवा नदी में पानी छोड़ा जा रहा है।     अधिकारियों के अनुसार शुक्रवार दोपहर तक बांध के कैचमेंट एरिया में इनफ्लो बढ़ रहा था।     गवर्निंग लेबल को देखते हुए बांध प्रबंधन ने पहले ही गेट खोलने का निर्णय कर लिया था।     तवा का वर्तमान जल स्तर 1159.80 फीट होने पर गेट खोलकर 14802 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है।     31 जुलाई तक बांध में 1158 फीट जलस्तर नियंत्रित रखना है।     इससे ज्यादा भराव होने पर गेट खोलकर अतिरिक्त पानी निकाला जा रहा है। कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट कार्यपालन यंत्री तवा परियोजना ने बताया कि मौसम विभाग द्वारा आगामी 24 घंटे में कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट की चेतावनी दी गई है। तवा बांध के जल संग्रहण क्षेत्र पचमढ़ी, मटकुली एवं सीमावर्ती जिलों में हो रही निरंतर वर्षा से बांध में जल की बढ़ती आवक को देखते हुए बांध के 3 गेट को 3-3 फीट खोलकर अतिरिक्त पानी छोड़ा जा रहा है। प्रशासन ने हालात को देखते हुए तवा एवं नर्मदा तटीय इलाकों में बसे गांव में अलर्ट जारी किया है।

मिशन अंकुर का दो वर्षीय सफर पूर्ण, प्रदेश में हरियाली अभियान को मिली रफ्तार

प्रारंभिक कक्षाओं में शैक्षिक प्रगति के अनुभवों और उपलब्धियों पर हुई चर्चा भोपाल  मध्यप्रदेश में बुनियादी साक्षरता और संख्‍या ज्ञान के लिए संचालित मिशन अं‍कुर कार्यक्रम के कुशल संचालन के लिए अगस्त-2023 से जिलों में कार्यरत निपुण प्रोफेशनल्स फैलोज़ का विदाई समारोह शुक्रवार को भोपाल के राज्य शिक्षा केन्द्र में आयोजित हुआ। संचालक राज्य शिक्षा केन्द्र हरजिन्‍दर सिंह ने विगत दो वर्षों में एफएलएन फैलोज़ द्वारा जिलों में किये गये कार्यों के लिये धन्यवाद दिया और उनके उज्जवल भविष्य की कामना की। प्रदेश में स्‍कूल शिक्षा विभाग की सहयोगी संस्‍था सेंट्रल स्‍क्‍वायर फांउडेशन के साथ विभाग ने देश दुनिया के उत्‍कृष्‍ट शैक्षिक संस्‍थानों से शिक्षित उर्जावान युवाओं को टीआईएसएस मुंबई के सहयोग से प्रदेश के विभिन्‍न जिलों में मिशन अंकुर के कुशल संचालन के लिए तैनात किया था। इन युवा निपुण प्रोफेशनल्स ने पिछले दो वर्षों में ज़िलों में अधिकारियों तथा शिक्षकों के साथ मिलकर कक्षा 1, 2 और 3 के बच्चों के लिए बुनियादी साक्षरता एवं संख्या ज्ञान को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। निपुण प्रोफेशनल्स का मध्यप्रदेश के ज़िलों में दो वर्षीय कार्यकाल 31 जुलाई 2025 को पूरा हो रहा है। संचालक राज्‍य शिक्षा केन्‍द्र ने इन युवाओं द्वारा प्रदेश के नौनिहालों की शैक्षिक नींव को मजबूती प्रदान करने और किये गये कार्यों के लिये इन्‍हें प्रमाण-पत्र और स्मृति-चिन्ह भेंट किये। कार्यक्रम में 52 जिलों में कार्यरत सभी निपुण प्रोफ़ेशनल्स के साथ ही सहयोगी संस्‍थाओं सेंट्रल स्‍क्‍वायर फाउंडेशन की वरिष्‍ठ परियोजना लीडर सुविशाखा तिवारी और विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधि मौजूद रहे। कार्यक्रम के प्रारंभ में अपर संचालक राजीव तोमर ने मिशन अंकुर के बारे में जानकारी दी।  

बहुदिव्यांग बालिकाओं ने राजभवन का किया भ्रमण

भोपाल  राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि जीवन में सफलता और आगे बढ़ने के लिए निरंतर सीखते रहना चाहिए। राज्यपाल बहुदिव्यांग बालिकाओं से उनके शिक्षकों के माध्यम से राजभवन के सभा कक्ष जवाहर खण्ड में आत्मीय चर्चा कर रहे थे। राज्यपाल पटेल से सौजन्य भेंट करने के लिए आनंद सर्विस सोसायटी की मूकबधिर बहुदिव्यांग बालिकाएं शुक्रवार को इंदौर से राजभवन आईं थीं। इस अवसर पर राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव के.सी. गुप्ता भी मौजूद थे। निरंतर सीखने और आगे बढ़ने के लिए किया प्रेरित राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने दिव्यांग बालिकाओं से उनके मार्ग दर्शकों के माध्यम से परिचय प्राप्त किया। उनके जीवन की कठिनाईयों और सफलताओं को जाना। उनको निरंतर सीखने और आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया और उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी। दिव्यांग बालिकाओं के साथ बालिका सुगुरदीप कौर वासु के संघर्ष और सफलता की कहानी पर आधारित वीडियो फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया। उन्होंने दिव्यांग बालिकाओं और शिक्षकों के साथ सह-भोज भी किया। राजभवन भ्रमण के अनुभव किए साझा राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने सभी बालिकाओं से राजभवन भ्रमण के अनुभव जाने और सामूहिक चित्र भी खिंचवाया। बालिकाओं ने सांकेतिक भाषा में ऐतिहासिक राजभवन परिसर और विशेष रूप से आर्ट गैलेरी भ्रमण के सुखद अनुभव साझा किए। उन्होंने राज्यपाल के प्रति मुलाकात, सह-भोज करने और राजभवन भ्रमण का अवसर देने के लिए आत्मीय आभार जताया।  राज्यपाल को स्व-रचित कलाकृतियां की भेंट राज्यपाल मंगुभाई पटेल से भेंट के अवसर पर मूकबधिर बहुदिव्यांग बालिका सुदिव्या गोले और वैष्णवी ने पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका अभिनंदन किया। उन्हें सुकिरण विश्वकर्मा और अन्य बालिकाओं ने स्वयं द्वारा सृजित पैंटिंग और कलाकृतियां भेंट की। राज्यपाल ने देखी बहुदिव्यांग गुरदीप पर बनी फिल्म राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने बालिकाओं के साथ मध्यप्रदेश वाणिज्य कर विभाग में कार्यरत मूकबधिर बहुदिव्यांग शासकीय सेवक सुगुरदीप के जीवन और संघर्षों पर आधारित लघु फिल्म को देखा। उन्होंने उपस्थित बालिकाओं से गुरदीप के जीवन के संघर्षों और सफलताओं से प्रेरणा लेने और निरंतर सीखते हुए आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने गुरदीप के परिजनों, संस्था के शिक्षकों और प्रतिनिधियों के समर्पण की प्रशंसा की। इस अवसर पर राज्यपाल के अपर सचिव उमाशंकर भार्गव, संस्था की को-फाउंडर और संचालक श्रीमती मोनिका पुरोहित, सचिव ज्ञानेन्द्र पुरोहित, गुरदीप की माताजी श्रीमती सीमा मंजीत कौर, शिक्षिका श्रीमती मृणालिनी शर्मा और बालिकाएं उपस्थित रही।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हमीदिया अस्तपताल में सीटी स्कैन एवं एमआरआई मशीन का किया लोकार्पण

स्वस्थ प्रदेश से ही बनाएंगे समृद्ध प्रदेश : मुख्यमंत्री डॉ. यादव सुलभ, सस्ती और गुणवत्तायुक्त स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना हमारी सरकार की प्राथमिकता मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हमीदिया अस्तपताल में सीटी स्कैन एवं एमआरआई मशीन का किया लोकार्पण भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि नर की सेवा में ही नारायण की सेवा है। प्रदेश के नागरिकों के स्वास्थ्य की देखभाल हमारी सरकार की जिम्मेदारी है। स्वस्थ प्रदेश के जरिए ही हम मध्यप्रदेश को समृद्ध प्रदेश बनाएंगे। उन्होंने कहा कि नागरिकों को सहज, सुलभ, सस्ती, तत्परतापूर्ण और गुणवत्तायुक्त स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना ही सरकार की प्राथमिकता है। गरीब कल्याण के संकल्प की सिद्धि के लिए हम वचनबद्ध होकर आगे बढ़ रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जिन मशीनों का लोकार्पण हुआ है, यह हमारे लिए सिर्फ मशीनों का नहीं, बल्कि सेवा, संवेदना और अपने वचनों के प्रति समर्पण भाव का भी विस्तार है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को शासकीय गांधी चिकित्सा महाविद्यालय, भोपाल से सम्बद्ध हमीदिया अस्पताल में नव स्थापित सीटी स्कैन एवं एमआरआई मशीन के लोकार्पण समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा इन मशीनों के लोकार्पण से प्रदेश के सबसे बड़े शासकीय चिकित्सालय को चिकित्सा जांच की अत्याधुनिक सुविधा स्थायी रूप से उपलब्ध हो गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाएं बढ़ती जा रही हैं। हमीदिया अस्पताल में नई एमआरआई मशीन का लोकार्पण हुआ है। यह कष्ट के समय में जीवनदान के समान है। इससे जांच में तेजी आएगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सभी शासकीय अस्पतालों में आधुनिक मशीनों द्वारा मरीजों की जांच के लिए कार्य कर रही है। सभी अस्पतालों में मरीजों के लिए सुविधाएं बढ़ाई जा रही हैं। यह नागरिकों के स्वास्थ्य के प्रति सरकार की सजगता और प्रतिबद्धता को दर्शाता है। मध्यप्रदेश में पीपीपी मॉडल पर मेडिकल कॉलेजों के साथ अस्पताल भी शुरू किए जा रहे हैं। देश में अपनी तरह का यह पहला मॉडल है, जहां मेडिकल कॉलेजों की स्थापना के लिए इच्छुक निवेशकों/संस्थाओं को 25 एकड़ जमीन मात्र एक रुपये में उपलब्ध कराई जा रही है। अब तक प्रदेश में 4 मेडिकल कॉलेजों को भूमि आवंटित की जा चुकी है। राज्य सरकार सभी क्षेत्रों में विकास के लिए कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के सभी सरकारी अस्पतालों को उच्च स्तरीय जांच सुविधाओं और आधुनिक उपकरणों से लैस किया जा रहा है ताकि आमजन को सस्ती, सुलभ और समुचित स्वास्थ्य सेवाएं प्राप्त हो सकें। उन्होंने बताया कि शासकीय गांधी चिकित्सालय महाविद्याय और हमीदिया अस्पताल अपनी वर्षों पुरानी साख और सेवाभाव के साथ अब नई तकनीकों से भी सुसज्जित हो गया है। सीटी स्कैन और एमआरआई मशीन की स्थापना से मरीजों को जटिल स्वास्थ्य जांचों के लिए अब कहीं और भटकने की आवश्यकता नहीं होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गंभीर मरीजों के लिए सरकार ने एयर एंबुलेंस और हेली सेवा की भी शुरुआत की है, जिससे कई मरीजों को समय पर चिकित्सा उपलब्ध करवाकर उनकी जीवन रक्षा संभव हो सकी है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार केवल नीतियों के निर्माण से नहीं, बल्कि उनके प्रभावी क्रियान्वयन से ही आता है और यह कार्य राज्य सरकार द्वारा दृढ़ संकल्प के साथ किया जा रहा है। प्रदेश के शासकीय अस्पतालों में दिनों-दिन बढ़ रही है क्षमता और गुणवत्तायुक्त स्वास्थ्य सेवाएं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमीदिया अस्पताल में स्थापित अत्याधुनिक सीटी स्कैन और एमआरआई मशीन के लोकार्पण से यहां रोजाना लगभग 2 हज़ार ओपीडी (बाहरी) और 1500 आईपीडी (आंतरिक) मरीज लाभान्वित होंगे। इससे गरीब भाई-बहनों को बड़ी सुविधा मिल गई है। अब वे भी महंगे टेस्ट और उपचार करा सकेंगे। उन्होंने बताया कि प्रदेश में वर्तमान में 17 मेडिकल कॉलेज संचालित हो रहे हैं। उज्जैन में प्रदेश की पहली मेडिसिटी एवं मेडिकल कॉलेज का भूमि-पूजन सहित विक्रम उद्योगपुरी में देश का सबसे बड़ा मेडिकल डिवाइस पार्क भी बन रहा है। प्रदेश के 50 जिला और 3 सिविल अस्पतालों में सीटी स्कैन सेवाएं मौजूद हैं। उन्होंने बताया कि एमबीबीएस की 2,575 और पीजी की 1,357 सीटें शासकीय कॉलेजों में उपलब्ध हैं। प्रदेश में वर्तमान में शासकीय और निजी मिलाकर कुल 40 मेडिकल कॉलेज, 308 नर्सिंग कॉलेज और 800 हेल्थ वेलनेस सेंटर संचालित हैं। उन्होंने बताया कि आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत मध्यप्रदेश में अब तक 4 करोड़ 37 लाख से अधिक आयुष्मान निरामयम् कार्ड बनाए जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि सड़क दुर्घटना में घायल किसी व्यक्ति को एक घंटे के भीतर निकटतम अस्पताल पहुंचाकर उसके प्राण बचाने में योगदान देने वाले व्यक्ति को सरकार राहवीर योजना के तहत 25 हजार रुपये देगी। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने देहदान और अंगदान करने वालों को सम्मानित करने का निर्णय भी लिया है। इस अवसर खेल एवं युवक कल्याण तथा सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा राज्यमंत्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल, विधायक रामेश्वर शर्मा, महापौर श्रीमती मालती राय, नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी, प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा संदीप यादव, जीएमसी डीन डॉ. कविता सिंह, सहित चिकित्सा शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, मेडिकल कॉलेज के सभी डॉक्टर्स और जनप्रतिनिधिगण भी उपस्थित थे।  

उच्च शिक्षा मंत्री परमार की अध्यक्षता में विभागीय समीक्षा बैठक हुई

भोपाल  उच्च्‍ा शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री इन्दर सिंह परमार ने मंत्रालय में उच्च शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक की। बैठक में विभाग के उल्लेखनीय कार्य, महाविद्यालयों में शिक्षकों की पर्याप्त व्यवस्था, छात्र-छात्राओं की उपस्थिति, पदपूर्ति एवं कक्षाओं का संचालन, महाविद्यालय के भवनों की स्थिति, नवीन महाविद्यालय की स्थिति, महाविद्यालय में पुस्तकालय और लैब की स्थिति की समीक्षा की गयी। बैठक में अपर मुख्य सचिव अनुपम राजन, आयुक्त उच्च शिक्षा प्रबल सिपाहा तथा विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।