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कन्या हायर सेकेंडरी में विधायक ने वितरित की सायकल, विद्यार्थियों के साथ खड़े हो कर की पीटी

आष्टा मध्यप्रदेश के अब आष्टा विधानसभा क्षेत्र के सभी विद्यालयों में प्रतिदिन प्रार्थना के पूर्व संस्था के खेल शिक्षक विद्यार्थियों को कराएंगे पीटी, पीटी करने से शरीर मे स्फूर्ति आती है,वही स्वस्थ शरीर मन, मस्तिष्क के लिये पीटी जरूरी है ।उक्त उदगार विधायक गोपालसिंह इंजीनियर ने आज मुख्यमंत्री सायकल योजना अंतर्गत पात्र विद्यार्थियों को सायकल वितरण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए आष्टा के कन्या हायर सेकेंडरी स्कूल में विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहे । इस अवसर पर आज विधायक गोपालसिंह इंजीनियर सहित सभी अतिथियों ने भी विद्यार्थियों के साथ पीटी की । कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक ने कहा  सरकार द्वारा शिक्षा विभाग में जो योजनाएं,सुविधाए शुरू की उन विभिन्न योजनाओं का लाभ विद्यार्थियों को मिले इसके लिए हमारी सरकार पूरी तरह से कृत संकल्पित है । सरकार का दृढ़ निश्चय है कि शासकीय विद्यालयों में अध्यनरत बच्चों को सभी प्रकार की सुविधा उपलब्ध हो ताकि विद्यालय विद्यार्थियों के शारीरिक, मानसिक, बौद्धिक विकास का केंद्र बने और आगे जाकर विद्यार्थी इस देश के अच्छे जिम्मेदार नागरिक बन सके । सरकार की विद्यार्थियों के लिये शुरू की गई मुख्यमंत्री निशुल्क सायकल वितरण योजना के तहत आज आष्टा नगर के कन्या हायर सेकेंड्री, मॉडल स्कूल मुगली रोड,हाईस्कूल अलीपुर  में विद्यार्थियों को अपने दूरस्थ ग्रामों से विद्यालय तक आने जाने में कोई परेशानी का सामना न करना पड़े इसके लिए सरकार की कक्षा 6 एवं 9 वी के विद्यार्थियों को जो दुरस्त ग्रामो से स्कूल आते है ऐसे विद्यार्थियों को निशुल्क योजना के तहत आज विद्यार्थियों को निशुल्क साइकिलों का वितरण विधायक गोपाल सिंह इंजीनियर के मुख्य आतिथ्य में किये गये । इस अवसर पर आष्टा विधायक गोपाल सिंह इंजीनियर ने कार्यक्रमों को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार की योजना के तहत विद्यालयों में कक्षा एक से लेकर 12वीं तक पढ़ने वाले विद्यार्थियों को विद्यालयों में शासन की विभिन्न योजनाओं के तहत निशुल्क स्कूल ड्रेस, पुस्तके, मध्यान भोजन,निशुल्क साइकिल, सहित खेल सुविधाओं का लाभ दिया जा रहा है । मैं सभी विद्यार्थियों से अपील करता हूं कि वे सरकार की सभी योजनाओं का लाभ उठाते हुए अच्छी तरह से मन लगाकर अपने  गुरुजीयो द्वारा पढ़ाई जाने वाली एवं बताई जाने वाली शिक्षा को ग्रहण करें और लक्ष्य तय कर लक्ष्य को प्राप्त कर देश के भविष्य के रूप में जिम्मेदार नागरिक बने और अपने विद्यालय का, अपने माता-पिता का,शिक्षकों का, अपने क्षेत्र का, जिले का, प्रदेश का नाम रोशन करें । इस अवसर पर विधायक ने बताया कि  विद्यालय में विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ-साथ रोजाना अब स्कूल प्रारंभ होने के पूर्व एवं स्कूल से छुट्टी होने के पूर्व पीटी कराई जाएगी ताकि बच्चों का स्वास्थ्यअच्छा रहे वे स्वस्थ रहे और स्वास्थ्य के साथ उनका शारीरिक बौद्धिक विकास भी हो । हम विद्यालयों के अंदर पढ़ाई के साथ-साथ खेल सुविधाओं में भी वृद्धि करने की योजना बना रहे हैं । जिन विद्यालयों में खेल सामग्री की, सुविधाओ की कमी है उन्हें भी दूर करने के प्रयास किये जा रहै है । आयोजित  कार्यक्रम में जीवन सिंह मंडलोई, राय सिंह मेवाडा, सोनू गुणवान, गजराज मेवाड़ा, विशाल चौरसिया, तारा कटारिया, राकेश प्रजापति ,विष्णु परमार, जितेंद्र सिठोलिया, अनिल श्रीवास्तव, तेज सिंह राठौर,बीईओ प्रमोद कुशवाह बीआरसी अजब सिंह राजपूत, संस्था प्रमुख महेंद्र सिंह मालवीय सहित अन्य सभी पदाधिकारी शिक्षक शिक्षिकाएं विद्यार्थी बड़ी संख्या में उपस्थित थे । कार्यक्रम के अंत मे विधायक के साथ सभी ने वृक्षारोपण किया ।  इस अवसर पर विधायक गोपाल सिंह इंजीनियर ने सभी साइकिल प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को पुष्प माला पहनकर उन्हें साइकिल सौंपी तथा उनके साथ सामूहिक चित्र भी खिंचवाये । विधायक गोपालसिंह इंजीनियर ने बताया की इस वर्ष आष्टा विधानसभा क्षेत्र के सभी विद्यालयों में 1359 सायकलों का वितरण किया जायेगा । साइकिल पाकर आज विद्यार्थियों में काफी खुशी का माहौल नजर आया क्योंकि साइकिल नहीं होने के कारण अभी तक वे विद्यालय पैदल आते थे अब उन्हें साइकिल प्राप्त होने के बाद घर से विद्यालय तक आने और जाने की सुविधा के लिए साइकिल प्राप्त हुई है । विद्यार्थियों ने इसके लिए मध्य प्रदेश सरकार के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव एवं आष्टा विधायक गोपाल सिंह इंजीनियर का आभार व्यक्त किया ।

सहकारिता विभाग में विवाद! शिवेन्द्र देव पांडेय प्रकरण में हाई लेवल जांच की मांग तेज

भोपाल  मध्यप्रदेश सहकारिता विभाग राजपत्रित अधिकारी संघ द्वारा आज माननीय मुख्यमंत्री, माननीय सहकारिता मंत्री, अपर मुख्य सचिव (सामान्य प्रशासन), प्रमुख सचिव (सहकारिता), महानिदेशक (आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ) एवं पंजीयक सहकारी संस्थाएँ को ज्ञापन सौंपकर  शिवेन्द्र देव पांडेय, संयुक्त आयुक्त, सहकारिता, सागर संभाग, के विरुद्ध दर्ज प्रकरण की उच्च स्तरीय व निष्पक्ष जांच की माँग की गई है।  पांडेय को 23 जुलाई 2025 को आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) द्वारा कथित भ्रष्टाचार के आरोप में 50 हज़ार रुपये लेने का प्रकरण दर्ज  किया गया था, परंतु 23 जुलाई को न्यायालय द्वारा उन्हें जमानत प्रदान कर दी गई। संघ का कहना है कि यह प्रकरण पूर्व नियोजित, आधारहीन और दुर्भावनापूर्ण प्रतीत होता है। उन्होंने बताया कि शिकायतकर्ता ने पूर्व में सेवा सहकारी समिति पनवारी में सेल्समैन नियुक्ति हेतु आवेदन दिया था, एवं चूँकि यह उनके अधिकार क्षेत्र का कार्य नहीं रहा अतः नियमानुसार कार्यवाही हेतु श्री पांडेय द्वारा उसे संबंधित जिला कार्यालय में भेजने के निर्देश भी दे दिए गए थे। गौरतलब है कि शिकायत कर्ता के आवेदन में संलग्न समिति का प्रस्ताव अहस्ताक्षरित था तथा समिति द्वारा जारी नहीं किया गया था। संघ का कहना है कि घटना स्थल पर EOW टीम द्वारा प्रकरण दर्ज करने के लिए श्री पांडेय के हाथ के पृष्ठ भाग में जबरदस्ती कर  रकम स्पर्श करायी गई एवं कार्यालय के कुछ कर्मचारियों के साथ जोर ज़बरदस्ती भी की गई जिस पर पुलिस सहित उच्चाधिकारियों को सूचना दी गई है । सहकारिता विभाग एवं प्रदेश की सहकारी समितियों में ऐसी कार्यवाही से भय एवं आक्रोश का वातावरण व्याप्त है। स्पष्ट है कि यह कार्यवाही षड्यंत्रपूर्वक की गई है।  संघ ने मांग की है कि पांडेय जी की निष्कलंक छवि और उनकी वर्षों की ईमानदार सेवाओं को देखते हुए इस मामले की उच्च स्तरीय, समयबद्ध और निष्पक्ष जांच कराई जाए, ताकि उन्हें न्याय मिल सके और सच्चाई सामने आ सके।

नशा मुक्ति अभियान को मिला मुख्यमंत्री डॉ. यादव का समर्थन, संकल्प पत्र पर किए हस्ताक्षर

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नशे से दूरी है जरूरी अभियान के संकल्प पत्र पर किए हस्ताक्षर समाज को नशा और अपराध मुक्त बनाने के लिए प्रदेश पुलिस चला रही है जागरुकता अभियान-मुख्यमंत्री डॉ. यादव नशा मुक्ति अभियान को मिला मुख्यमंत्री डॉ. यादव का समर्थन, संकल्प पत्र पर किए हस्ताक्षर 30 जुलाई तक जारी रहेगा अभियान अभियान समाज और पुलिस की सहभागिता का सशक्त प्रयास भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि 'नशे से दूरी है जरूरी' अभियान केवल अभियान नहीं, मादक पदार्थों की लत से युवाओं को बचाने की दिशा में समाज और पुलिस की सहभागिता का सशक्त प्रयास है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश को नशामुक्त बनाने के उद्देश्य से संचालित वृहद जन-जागरूकता अभियान "नशे से दूरी-है जरूरी" के अंतर्गत भारतीय वन प्रबंधन संस्थान में संकल्प पत्र पर हस्ताक्षर किए। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में यह अभियान 15 से 30 जुलाई 2025 तक प्रदेश के सभी जिलों में पुलिस मुख्यालय के नारकोटिक्स विंग द्वारा संचालित किया जा रहा है। अभियान का उद्देश्य किशोरों और युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराना, उन्हें इस लत से दूर रखना और जो लोग पहले से नशे की गिरफ्त में हैं, उन्हें उचित परामर्श और सहयोग प्रदान कर पुनर्वास की दिशा में मार्गदर्शन देना है। पुलिस के नशा मुक्ति अभियान से जुड़ीं स्वयंसेवी संस्थाएं नशा मुक्ति अभियान में प्रदेश के विभिन्न जिलों में पुलिस अधिकारी, नगर एवं ग्राम रक्षा समितियां और कम्युनिटी पुलिसिंग के सभी विंग साथ मिलकर स्कूल, कॉलेज के युवाओं और आमजनों को नशे से दूरी बनाने के लिए जागरुक करेंगी। स्वयंसेवी संस्थाओं को भी प्रदेश स्तरीय महाअभियान से जोड़ा जा रहा है ताकि जनता में विशेषकर युवाओं में जागृति आए कि नशा किस प्रकार से उनके स्वास्थ्य एवं सामाजिक प्रतिष्ठा को खत्म कर प्रगति को बाधित कर रहा है। पुलिस का यह कार्य जन-जागरुकता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि समुदाय को कानून, असुरक्षा, गलत नीतियों के बारे में जानकारी देना आवश्यक है, ताकि प्रदेशवासी नशा और अपराध मुक्त वातावरण में एक बेहतर जीवन जी सकें। जागरूकता, संवाद, सहयोग और सुरक्षा है अभियान का मूलमंत्र नशे के विरुद्ध समुदाय आधारित जन-जागरुकता अभियान में विभिन्न शासकीय विभाग, गैर-सरकारी संगठन (NGO), धर्माचार्य, समाजसेवी, जनप्रतिनिधि, सभी समुदायों के लोग बढ़-चढ़कर भाग ले रहे हैं। मध्यप्रदेश पुलिस गली-गली में जाकर आम जनता से संवाद कर रही है कि कैसे वे नशे से मुक्त रहें और युवा पीढ़ी नशे से दूरी बनाकर अपना भविष्य सुरक्षित करे। यह अभियान स्कूलों, कॉलेजों, सार्वजनिक स्थलों और डिजिटल माध्यमों के ज़रिए जन-जागृति फैलाने में सहायक सिद्ध होगा। जागरूकता, संवाद, सहयोग और सुरक्षा अभियान का मूलमंत्र है।  

पीडीएस में चावल की जगह गेहूं की मात्रा बढ़ाई, अब 75 : 25 के अनुपात में होगा वितरण

भोपाल  प्रदेश के पात्र हितग्राहियों को सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत अब अधिक मात्रा में गेहूं मिलेगा। वर्षों से लंबित इस मांग को खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत के आग्रह पर केंद्र सरकार ने मंजूरी दे दी है। अब पात्र परिवारों को मिलने वाले खाद्यान्न में 75 प्रतिशत गेहूं और 25 प्रतिशत चावल वितरित किया जाएगा। अभी तक चावल और गेहूं 60:40 के अनुपात में वितरित किया जाता था। विभिन्न जिलों के दौरे पर मंत्री राजपूत से कई बार नागरिकों ने अनुरोध किया कि वर्तमान वितरण व्यवस्था में बदलाव कर गेहूं की मात्रा बढ़ाकर 75 फीसदी और चावल की 25 फीसदी कर दी जाय। गौरतलब है कि खाद्य मंत्री राजपूत ने हाल ही में नई दिल्ली में केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री प्रहलाद जोशी से मुलाकात कर गेहूँ की मात्रा बढ़ाने का आग्रह किया था। केंद्र का फैसला नीतिगत बदलाव की दिशा में एक मिसाल खाद्य मंत्री राजपूत ने कहा है कि राज्य सरकार के अनुरोध पर केंद्र सरकार द्वारा लिया गया यह निर्णय न केवल जनहितैषी है, बल्कि यह केंद्र–राज्य समन्वय का भी सशक्त उदाहरण है। यह दर्शाता है कि यदि मांग व्यवहारिक हो तो नीतिगत बदलाव संभव हैं। खाद्य मंत्री राजपूत ने बताया है कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव की मंशानुसार पीडीएस को अधिक पारदर्शी और हितग्राही केंद्रित बनाने के लिए आधार प्रमाणीकरण, डिजिटल वितरण ट्रैकिंग और ई-केवाईसी जैसी आधुनिक तकनीकों को तेजी से लागू किया जा रहा है। मंत्री राजपूत ने माना केंद्रीय मंत्री का आभार खाद्य मंत्री राजपूत ने खाद्य सुरक्षा से जुड़े इस महत्वपूर्ण और सारगर्भित त्वरित निर्णय पर केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री प्रहलाद जोशी का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि पीडीएस के माध्यम से खाद्यान्न में चावल की जगह गेहूं की मात्रा बढ़ाने के अनुरोध को महज एक हफ्ते के अंदर ही स्वीकार कर उसमें बदलाव के आदेश जारी करना यह बताता है कि केंद्र में प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी के कुशल मार्गदर्शन और मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के नेतृत्व में डबल इंजन सरकार जनहित के लिए किसी भी निर्णय पर त्वरित अमल करती है। केंद्र से लेकर राज्य तक सरकार का लक्ष्य अंतिम छोर के व्यक्ति तक सुविधाओं का विस्तार है।  

खेती में तकनीक अपनाएं किसान, उपज बढ़ाएं और लाभ कमाएं : उद्यानिकी मंत्री

भोपाल उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण मंत्री नारायण सिंह कुशवाह ने कहा है कि किसान परंपरागत खेती पर ही निर्भर न रहें बल्कि नवीन तकनीकी के साथ उद्यानिकी फसलों को लेने की ओर बढ़ें। उन्होंने यह बात उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण विभाग द्वारा एकीकृत बागवानी विकास मिशन योजनांतर्गत ग्वालियर जिले में उद्यानिकी फसलों को बढावा देने के लिए दो दिवसीय राज्य स्तरीय कार्यशाला का शुभारंभ अवसर पर कही। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय ग्वालियर के कुलपति अरविंद कुमार शुक्ला, कृषि वैज्ञानिक और जिले के प्रगतिशील किसान बडी संख्या में उपस्थित रहे। मंत्री कुशवाह ने कहा कि गांव में अधिक से अधिक फूड प्रोसेसिंग यूनिट एवं छोटे छोटे उद्योग लगायें जिससे किसान खुद की फसल का अच्छा दाम प्राप्त कर सकें। उन्होंने कहा कि किसानों के लिए सरकार नई योजना ला रही है जिसमें जो भी किसान एक बगिया माँ के नाम लगाने पर सरकार 3 लाख रुपये तक अनुदान प्रदान करेगी। उन्होने कहा कि किसानों की मेहनत के कारण लगातार खादा्न उत्पादन में मध्यप्रदेश का देश में प्रथम स्थान है। उन्होंने कहा कि पहले प्रदेश के किसान फसलों की सिंचाई के लिए काफी परेशान रहते थे, जबसे नदी जोडो अभियान चला है और नये डेम बने है, तब से सिंचाई का रकवा काफी बडा है, जिस कारण फसल उत्पादन भी बडा है। उद्यानिकी मंत्री कुशवाह ने कहा कि हमें जैविक खेती को बढावा देना होगा, किसानों को अपनी फसलों में कम से कम कीटनाशक दवाओं का उपयोग करना चाहिए। उन्होंने योजनाओं का लाभ उठाने के लिए किसानों का अधिक से अधिक पंजीयन कराने की अपील की। उन्होंने कहा कि किसानों को अच्छी गुणवत्ता के बीज उपलब्ध हो इसके लिए सरकार प्रयासरत है। किसानों को आईएसआई मार्क की ही मशीनरी एवं अन्य सामान उपलब्ध कराने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। कार्यशाला में कृषि विश्वविद्यालय ग्वालियर के कुलपति अरविंद कुमार शुक्ला ने कहा कि आधुनिक तकनीक के उपयोग से किसान अपनी आर्थिक स्थिति को और मजबूत कर सकते हैं। परंपरागत खेती के साथ-साथ उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में अगर किसान कार्य करे तो उनकी आय दोगुना हो सकती है। कृषि के क्षेत्र में किए जा रहे नए-नए अनुसंधानों के बारे में भी किसानों को जानकारी प्राप्त कर उसका सदुपयोग करना चाहिए। कार्यशाला में विभिन्न विशेषज्ञों द्वारा भी किसानों को उद्यानिकी फसलों के संबंध में तकनीकी जानकारी दी गई।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उद्योगपतियों से किया संवाद, युवा उद्योगपतियों को वितरित किए भूमि आवंटन आशय-पत्र

मध्यप्रदेश को औद्योगिक और रोजगार संपन्न राज्य बनाएंगे : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री ने किया 6 औद्योगिक इकाइयों का भूमिपूजन अचारपुरा औद्योगिक क्षेत्र में शीघ्र प्रारंभ होगी पुलिस चौकी, महिला अधिकारी भी होंगी पदस्थ 15 करोड़ 61 लाख लागत के विस्तारित अचारपुरा औद्योगिक क्षेत्र का हुआ भूमि-पूजन युवा उद्योगपतियों को वितरित किए भूमि आवंटन आशय-पत्र मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उद्योगपतियों से किया संवाद भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हमारे उद्योग और कारखाने मंदिरों की तरह हैं, जो लोगों के कष्ट मिटाते हैं। मध्यप्रदेश में उद्योगों का निरंतर जाल फैलाया जा रहा है। प्रदेश के युवाओं को पलायन की आवश्यकता नहीं है, नए उद्योग शुरू होने से प्रदश में तेजी से समृद्धि आएगी। युवाओं को रोजगारपरक उद्योगों में प्रोत्साहन देते हुए 5 हजार रूपए की प्रोत्साहन राशि भी प्रदान की जाएगी। मध्यप्रदेश को औद्योगिक और रोजगार संपन्न राज्य बनाएंगे और मध्यप्रदेश देश का नंबर एक राज्य होगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरूवार को भोपाल के निकट अचारपुरा औद्योगिक क्षेत्र में 416 करोड़ रूपये निवेश वाली 6 नवीन औद्योगिक इकाईयों के भूमि-पूजन समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अचारपुरा विशेष औद्योगिक केन्द्र के रूप में उभरेगा। उन्होंने अचारपुरा औद्योगिक क्षेत्र एक्सटेंशन फेज-3 (ग्राम हज्जामपुर) का शिलान्यास भी किया, जो 31.21 हेक्टेयर क्षेत्र में विकसित होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में दुनिया के बड़े-बड़े उद्योगपति उद्योग लगाने के लिए आ रहे हैं। अचारपुरा औद्योगिक क्षेत्र में आज हर पीढ़ी के उद्यमी हैं। जहां गोकलदास एक्सपोर्टस प्रा.लि. के प्रभात सिंह उपस्थित हैं वहीं सिनाई हेल्थकेयर के युवा आदित्य शर्मा और एसेड्स प्राइवेट लिमिडेट के रौनक चौधरी की उपस्थिति प्रसन्नता प्रदान कर रही है। अचारपुरा की तस्वीर बदल गई है। सावन का समय है और यहां उद्योगों की वर्षा हो रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश सहित देशभर में उद्योग-व्यापार का वातावरण बना है। मध्यप्रदेश में उद्योग प्रारंभ करने के लिए छोटे-बड़े उम्र की कोई सीमा नहीं है और सरकार के द्वार सभी के लिए खुले हैं। उन्होंने कहा कि खुशी का विषय है कि अचारपुरा की फैक्ट्रियों में ऐसी जैकेट बनाई जा रही हैं जो अमेरिका और अन्य देशों में निर्यात होती हैं। मध्यप्रदेश की प्रतिभाएं इन उत्पादों को तैयार कर विश्व में पहुंचा रही हैं। चीन जैसा देश हमारे कॉटन को बेच रहा है। मध्यप्रदेश की कपास की गुणवत्ता विश्व विख्यात है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मेहनत के मंदिर हमारे कारखाने इस बात के प्रतीक हैं कि वे सभी की तकलीफें दूर करते हैं। उद्योगपतियों की पूंजी और युवाओं का परिश्रम मिलकर अच्छा परिणाम देता है। राज्य सरकार ने देश के अलग-अलग शहरों में उद्योगों की स्थापना के लिए रोड शो आयोजित कर निवेशकों को आकर्षित किया है। राज्य सरकार भारत ही नहीं यूके, दुबई, स्पेन, जर्मनी, जापान सहित अनेक देशों से निवेश लेकर आई हैं।   मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अर्थव्यवस्था के मामले में भारत का नंबर दुनिया में वर्ष 2014 में 15वें स्थान पर था, अब भारत तीसरे स्थान की ओर बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री मोदी राष्ट्र में संपन्नता लाने का कार्य कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में 20 वर्ष पूर्व प्रति व्यक्ति आय 11 हजार रुपए थी, जो अब 1 लाख 52 हजार रुपए हो गई है। प्रदेश में सिंचाई का रकबा बढ़ाकर 55 लाख हेक्टेयर है जिसे बढ़ाकर 100 लाख हेक्टेयर करेंगे। प्रदेश की सभी पात्र लाड़ली बहनों को दीपावली के बाद 1500 रुपए की राशि हर माह दी जाएगी। सावन का महीना है, बहनों को शगुन की राशि भी देंगे। लाड़ली बहनों की राशि साल दर साल बढ़ाएंगे और इसे वर्ष 2028 तक बढ़ाकर 3000 रुपए तक ले जाएंगे। 6 नई औद्योगिक इकाईयों का किया भूमि-पूजन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा नए उद्योगों के भूमि-पूजन के साथ-साथ युवा उद्यमियों को भूमि-आवंटन के आशय पत्र भी बांटे जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यहां 6 नई औद्योगिक इकाईयों ऐसेड्स प्राइवेट लिमिटेड, सिनाई हेल्थ केयर, गोकुलदास एक्सपोर्ट, इंडो एकॉर्ड अपरल्स, थिंक गैस एवं समर्थ अग्रीटेक का रिमोट दबाकर भूमि-पूजन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि एक सप्ताह के अंदर अचारपुरा में पुलिस चौकी काम करना शुरू कर देगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में उपस्थित आईजी (पुलिस) को इस चौकी पर महिला पुलिसकर्मियों को तैनात करने के निर्देश दिये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अचारपुरा में गोकलदास गारमेंट इकाई का भ्रमण किया। उन्होंने यहां कार्य करने वाली बहनों से बातचीत की और उनका उत्साहवर्धन किया। एमएसएमई और भोपाल जिले के प्रभारी मंत्री चेतन्य कुमार काश्यप ने कहा है मुख्यमंत्री डॉ. यादव के कुशल नेतृत्व में यह परिवर्तन हुआ है।रोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं। अचारपुरा औद्योगिक क्षेत्र नई ऊंचाइयों पर पहुंच रहा है। गोकलदास एक्सपोर्टस प्रा.लि. में क्षेत्र की लगभग 2500 महिलाएँ दक्षता से कार्य कर रही हैं।मध्यप्रदेश के युवा उद्योगपति बनकर यहीं उद्योग स्थापित कर रहे हैं।मुख्यमंत्री डॉ. यादव हाल ही दुबई एवं स्पेन की यात्रा से आए हैं।वे निरंतर उद्योगपतियों से संवाद कर रहे हैं जिससे औद्योगिक परिदृश्य बदला है एवं मध्यप्रदेश का स्थान विश्व में ऊँचा उठ रहा है।प्रदेश में सम्पूर्ण विकास की अवधारणा बनी है। कृषि एवं औद्योगिक विकास के साथ रोजगार के अवसर प्रदान किए जा रहे हैं।प्रदेश में उद्योगपतियों की आवश्यकताओं के आधार पर औद्योगिक नीतियां बनाई गई हैं एवं निरंतर उद्योगपतियों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। यही कारण है कि आज नवीन औद्योगिक इकाइयों का भूमिपूजन हो रहा है और अनेक निवेशकों को उद्योग के लिए भूमि आवंटन के आशय-पत्र दिए गए हैं। बैरसिया विधायक विष्णु खत्री ने कहा कि अचारपुरा और आसपास का क्षेत्र औद्योगिक गतिविधियों का सक्रिय केंद्र बनना मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के सतत प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने बताया कि MSME क्षेत्र के अंतर्गत 280 हेक्टेयर में औद्योगिक विकास की योजना से बैरसिया का हर घर किसी न किसी रूप में औद्योगिक विकास से जुड़ेगा। औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन तथा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम प्रमुख सचिव राघवेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि अचारपुरा औद्योगिक क्षेत्र अब राज्य का एक सक्रिय और आदर्श औद्योगिक केंद्र बन चुका है। उन्होंने बताया कि 100 से अधिक औद्योगिक इकाइयों की … Read more

7 अभियंता दलों ने 35 निर्माण कार्यों का किया अचानक निरीक्षण,35 साइटों पर की जांच

भोपाल लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह के निर्देश पर प्रदेश में निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुधार के लिये लोक निर्माण विभाग ने माह दो बार विभाग के निर्माण कार्यों का औचक निरीक्षण किया जाता है। इसी क्रम में 23 जुलाई को नर्मदापुरम, सिवनी, ग्वालियर, खरगोन, सीधी, उज्जैन और सागर जिलों में मुख्य अभियंताओं के सात दलों द्वारा औचक निरीक्षण किया गया। इस दौरान कुल 35 कार्यों को रैंडम आधार पर चयनित कर निरीक्षण किया गया। इनमें 21 कार्य लोक निर्माण विभाग (सड़क/पुल), 6 कार्य प्रोजेक्ट इम्प्लीमेंटेशन यूनिट (भवन), 7 कार्य मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम और 1 कार्य मध्यप्रदेश भवन विकास निगम के सम्मिलित थे। निरीक्षण दलों से प्राप्त प्रतिवेदनों की समीक्षा प्रबंध संचालक म.प्र. सड़क विकास निगम भरत यादव की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से की गई। इस बैठक में तकनीकी सलाहकार आर.के. मेहरा, प्रमुख अभियंता केपीएस राणा, पी.सी. वर्मा, आनंद प्रकाश राणे, बीपी बौरासी सहित समस्त संबंधित अधिकारी एवं निरीक्षणकर्ता उपस्थित रहे। समीक्षा के दौरान प्राप्त प्रतिवेदन में कई कार्यों में गंभीर अनियमितताएँ सामने आईं। सिवनी जिले में चिरचिरा से कोठीघाट तक 6.28 कि.मी. मार्ग निर्माण कार्य मापदण्डानुसार नहीं पाया गया, जिस पर ठेकेदार मेसर्स जैन इन्फ्रास्ट्रक्चर को ब्‍लेक ‍लिस्‍ट करने और उपयंत्री गौरव डेहरिया के विरुद्ध कार्रवाई की अनुशंसा की गई। सीधी जिले में थोंगा-मैट टोला से जमुआ मार्ग निर्माण कार्य में भी गुणवत्ता दोष पाए गए, जिसके चलते ठेकेदार मेसर्स ओराट्रिक्स इंजीनियरिंग सॉल्यूशन प्रा.लि. को ब्‍लेक ‍लिस्‍ट करने एवं अनुविभागीय अधिकारी श्रीमती स्तुति गौतम, उपयंत्री प्रभात श्रीवास्तव तथा कंसल्टेंट के विरुद्ध कार्यवाही के निर्देश दिये गये। ग्वालियर जिले में मसूदपुर से एटमा वाया दौलतपुर मार्ग का निर्माण कार्य मानकों के अनुरूप नहीं पाए जाने पर ठेकेदार मेसर्स पीताम्बरा आईडियल कंस्ट्रक्शन को ब्‍लेक ‍लिस्‍ट करने के निर्देश दिये गये। सीधी जिले में मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम का बेहरी से हनुमना मार्ग असंतोषजनक स्थिति में पाया गया, जिस पर ठेकेदार मेसर्स जी.व्ही.आर. टोलवेज़ प्रा.लि. के विरुद्ध कार्यवाही करने और सुधार कार्य ठेकेदार की रिस्क एंड कॉस्ट पर कराने के निर्देश दिये गये। सागर जिले में पाली-पीरघाट-खिमलासा-कंजिया मार्ग की गुणवत्ता में भी कमी पाई गई, जिस पर ठेकेदार केसीसी बिल्डकोन प्रा.लि. को ब्‍लेक ‍लिस्‍ट करने तथा कंसल्टेंट के विरुद्ध कार्यवाही करते हुए सुधार कार्य ठेकेदार की रिस्क एंड कॉस्ट पर कराने के निर्देश दिये गये। खरगोन जिले में एमएस बोरवाल नवीन हाईस्कूल शाला भवन के निर्माण कार्य की गुणवत्ता में दोष पाए जाने पर ठेकेदार मेसर्स स्नेहा कंस्ट्रक्शन को ब्‍लेक ‍लिस्‍ट करने एवं उपयंत्री विजेन्द्र भंवर और अनुविभागीय अधिकारी पवन डाबर को कारण बताओ नोटिस जारी करने की अनुशंसा की गई। इसके अलावा अन्य 20 कार्यों में आंशिक सुधार के निर्देश दिए गए। खरगोन जिले में लिक्खी-देहारी मार्ग का कार्य अच्छा पाए जाने पर कार्यपालन यंत्री विजय पवार, अनुविभागीय अधिकारी अभिषेक जमरा, उपयंत्री जितेन्द्र अरसे और ठेकेदार मेसर्स रामनारायण चौधरी की प्रशंसा की गई। बैठक में दिए गए निर्देशों के अनुसार सभी अभियंताओं को वर्षा ऋतु में मार्गों पर जलभराव रोकने के लिये स्थानीय प्रशासन से समन्वय कर कार्रवाई सुनिश्चित करने एवं आवश्यकता पड़ने पर यातायात रोकने जैसे आवश्यक प्रबंध करने के निर्देश दिए गए।  

निगम ने जंगल के साथ लोगों की जिन्दगी भी संवारी, प्रदेश में ईको टूरिज्म गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा-CM

वन विकास निगम ने वन सम्पदा को पुनर्स्थापित किया : मुख्यमंत्री डॉ. यादव 3 लाख 15 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में वनों का पुर्नवास बड़ी उपलब्धि निगम ने जंगल के साथ लोगों की जिन्दगी भी संवारी प्रदेश में ईको टूरिज्म गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा मुख्यमंत्री ने उत्कृष्ट कार्य के लिए अधिकारियों-कर्मचारियों को किया सम्मानित वन‍विकास निगम के विजन डाक्यूमेंट-2047 का किया अनावरण जू (चिड़ियाघर) तथा वन्य जीवों के रेस्क्यू सेंटर स्थापित होंगे वन क्षेत्र की सुरक्षा और बेहतर प्रबंधन के लिए वन सेवा के अधिकारी-कर्मचारियों का योगदान सराहनीय मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राज्य वन विकास निगम की स्थापना के 50वें वर्ष के उपलक्ष्य में राष्ट्रीय कार्यशाला का किया शुभारंभ भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में खनन गतिविधियों और बिजली उत्पादन की प्रक्रिया में बने राख के पहाड़ों पर वनों को विकसित करने की चुनौती स्वीकार कर मध्यप्रदेश राज्य वन विकास निगम ने वन सम्पदा को पुनर्स्थापित किया है। प्रदेश के तीन लाख 15 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में वनों का पुनर्वास करना बड़ी उपलब्धि है। वन विकास निगम इस उपलब्धि के लिए बधाई का पात्र है। यह गर्व का विषय है कि अन्य राज्य भी निगम की इस विशेषज्ञता का लाभ उठाने के लिए उत्सुक हैं। प्रदेश में अद्यतन तकनीक के माध्यम से वनों का उचित प्रबंधन किया जा रहा है। इसी का परिणाम है कि प्रदेश वन सम्पदा में देश में सर्वश्रेष्ठ है। राज्य सरकार वनों और वन उपज के साथ वन्य जीवों के संरक्षण की दिशा में भी हरसंभव प्रयास कर रही है। प्रदेश के सघन वन क्षेत्र की सुरक्षा और बेहतर प्रबंधन के लिए वन सेवा के अधिकारी-कर्मचारी प्रशंसा के पात्र हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरुवार को राज्य वन विकास निगम की स्थापना के 50वें वर्ष के उपलक्ष्य में भारतीय वन प्रबंधन संस्थान में आयोजित राष्ट्रीय कार्यशाला के उद्घाटन सत्र को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में सभी दिशाओं में क्षमता विकास और प्रगति के अवसर उपलब्ध हैं। इसी का परिणाम है कि प्रदेश में वन्य जीवों के संरक्षण की दिशा में विशेष पहल की जा रही है। राज्य सरकार जू (चिड़ियाघर) तथा वन्य जीवों का रेस्क्यू सेंटर स्थापित करने की दिशा में भी कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य वन विकास निगम द्वारा विकसित वनों के प्रबंधन और आगामी कार्ययोजना के बारे में विचार मंथन की आवश्यकता है। अब तक किए गए कार्यों का सिंहावलोकन करते हुए राज्य सरकार वन विकास और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में विशेष नवाचार और पहल करने के लिए तत्पर है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वन विकास निगम के केन्द्रों में ईको टूरिज्म की गतिविधियां संचालित करने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि राजस्थान का जोधपुर आम और बबूल की लकड़ी के आधार पर फर्नीचर के बड़े केन्द्र के रूप में स्थापित हुआ है। प्रदेश में उपलब्ध सागौन और अन्य श्रेष्ठ काष्ठ के उपयोग से मध्यप्रदेश भी इस प्रकार की पहल कर सकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह गर्व का विषय है कि मध्यप्रदेश नदियों का मायका है। प्रदेश के वन, देश की कई प्रमुख नदियों को जलराशि से समृद्ध बनाते हैं। प्रदेश के विशाल भू-क्षेत्र में फैली वन आधारित जीवनशैली हमें प्रकृति के साथ जीवन जीने का अवसर प्रदान करती है। देश में सर्वाधिक बाघ मध्यप्रदेश में हैं। चंबल क्षेत्र में घड़ियाल भी वन्यजीव पर्यटन की शोभा बढ़ा रहे हैं। वन विभाग ने विलुप्तप्राय गिद्धों का संरक्षण करते हुए प्रदेश में गिद्धों को नया जीवन प्रदान किया है। सर्पदंश से होने वाली मौतों को कम करने के लिए राज्य सरकार योजनाओं पर कार्य कर रही है। प्रदेश में सर्प गणना की तैयारी हो रही है। मध्यप्रदेश ऐसा क्षेत्र हैं, जहां टाइगर और मनुष्य सहचर्य की भावना से साथ-साथ रहते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उन्होंने वन विकास निगम के उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों का सम्मान किया। इनमें सर्वआर.के. नामदेव, आर.एस. नेगी, रतन पुरवार, पी.सी. ताम्रकार तथा भगवंतराव बोहरपी को सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निगम के स्वर्ण जयंती वर्ष पर वन विकास की आगामी कार्ययोजना पर केन्द्रित विजन-2047 का अनावरण किया। इस अवसर पर वन विकास निगम द्वारा संचालित गतिविधियों और उसकी विकास यात्रा पर केन्द्रित लघु फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का भारतीय वन प्रबंधन संस्थान के संचालक के.रविचंद्रन ने अंगवस्त्रम और भगवान श्रीकृष्ण की प्रतिमा भेंटकर अभिवादन किया। वन राज्यमंत्री दिलीप अहिरवार ने कहा कि वन विकास निगम, स्थानीय लोगों को जोड़ते हुए वन संरक्षण की गतिविधियां संचालित कर रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश में अनेक नवाचार क्रियान्वित हो रहे हैं। इसके अंतर्गत प्रदेश को वन संपदा से समृद्ध करने के लिए 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान शुरू किया गया। प्रदेश में जल संरक्षण के लिए जल-गंगा संवर्धन अभियान चलाया गया। इसके अंतर्गत प्रदेश में अनेकों कुए, बावड़ी, तालाब और जलस्त्रोतों का जीर्णोद्धार किया गया। जल-गंगा संवर्धन अभियान भूजल स्तर सुधार के क्षेत्र में एक बड़ी पहल है। राज्य वन विकास निगम की भूमिका सभी क्षेत्रों में महत्वपूर्ण है। अपर मुख्य सचिव वन अशोक वर्णबाल ने कहा कि राष्ट्रीय कृषि आयोग की अनुशंसा पर 1975 में स्थापित राज्य वन विकास निगम अपनी स्थापना से लेकर अब तक निरंतर लाभ में ही रहा है। पर्यावरणीय आर्थिक विकास के लिए प्रतिबद्ध निगम की गतिविधियों से जंगल के साथ-साथ लोगों की जिन्दगी भी संवर रही है। निगम का 50वां स्थापना दिवस मनाना हम सभी के लिए गौरव का क्षण है। वन विकास निगम के सहयोग से 3 लाख 90 हजार हेक्टेयर जंगलों का विकास और ट्रीटमेंट किया गया। इस उपलब्धि में निगम के अधिकारी और कर्मचारियों का योगदान महत्वपूर्ण है। कार्यक्रम में वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, वन तथा वानिकी के क्षेत्र में कार्यरत संस्थाओं के प्रतिनिधि और भारतीय वन प्रबंधन संस्थान के विद्यार्थी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

रायसेन में रेल कोच निर्माण की नींव रखेंगे राजनाथ सिंह, मुख्यमंत्री से बीईएमएल के अधिकारियों ने की भेंट

रक्षा मंत्री सिंह रायसेन में करेंगे रेल कोच निर्माण इकाई का भूमिपूजन रायसेन को मिलेगी बड़ी सौगात: रक्षा मंत्री करेंगे रेल कोच फैक्ट्री का भूमिपूजन रायसेन में रेल कोच निर्माण की नींव रखेंगे राजनाथ सिंह, मुख्यमंत्री से बीईएमएल के अधिकारियों ने की भेंट भोपाल केन्द्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह आगामी 10 अगस्त को रायसेन में 1800 करोड़ रूपए के निवेश से प्रारंभ होने वाली रेल कोच निर्माण इकाई का शिलान्यास करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से गुरुवार को मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में मेसर्स बीईएमएल लिमिटेड बैंगलुरु के चेयरमेन, मैनेजिंग डायरेक्टर शांतनु रॉय, निदेशक रेल एवं मेट्रो राजीव गुप्ता, महाप्रबंधक बीईएमएल चंद्रशेखर और ईडी ओ.पी. सिंह ने सौजन्य भेंट की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को जानकारी दी गई कि बीईएमएल द्वारा औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन, रायसेन जिला प्रशासन और संबंधित एजेंसियों के साथ सम्पर्क कर रायसेन जिले की गौहरगंज तहसील के ग्राम उमरिया में अत्याधुनिक रेल कोच फैक्ट्री के शिलान्यास की आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं। इस इकाई के फलस्वरूप 1575 व्यक्तियों को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार प्राप्त होगा। इकाई को आवंटित शासकीय भूमि को रेल लाइन से जोड़ने के लिए अधिग्रहण की कार्यवाही की जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बीईएमएल के पदाधिकारियों को मध्यप्रदेश में विभिन्न सेक्टर्स में आ रहे निवेश की जानकारी दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि रायसेनजिले में रेल कोच निर्माण इकाई प्रारंभ होने से स्थानीय युवाओं को बड़ी संख्या में रोजगार मिलेगा और क्षेत्र की अर्थव्यवस्था में सकारात्मक परिवर्तन आयेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव से भेंट के दौरान प्रमुख सचिव औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन राघवेन्द्र कुमार सिंह भी उपस्थित थे।  

हरियाली महोत्सव में एक पेड़ माँ के नाम अभियान में एमसीयू रीवा परिसर में किया पौधारोपण

वृक्षारोपण महाअभियान में सभी सहभागिता करें : उप मुख्यमंत्री  शुक्ल हर हाथ लगाए एक पौधा: उप मुख्यमंत्री शुक्ल की जनभागीदारी की अपील हरियाली महोत्सव में एक पेड़ माँ के नाम अभियान में एमसीयू रीवा परिसर में किया पौधारोपण रीवा  उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि धरती का श्रृंगार वृक्ष हैं। वृक्षारोपण के महाअभियान में सभी अपनी सहभागिता निभायें तथा रीवा को हराभरा और सुंदर बनाने में योगदान दें। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने हरियाली महोत्सव में एक पेड़ माँ के नाम अभियान में माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय के रीवा परिसर में दुर्लभ तमाल का पौधा रोपा। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती नीता कोल, अध्यक्ष नगर निगम श्री व्यंकटेश पाण्डेय, कमिश्नर रीवा संभाग श्री बीएस जामोद, संस्कृति कर्मी, साहित्यकार, पत्रकार, विद्वतजन एवं छात्र-छात्राओं सहित स्थानीय जनप्रतिनिधियों व प्रबुद्धजनों ने वृक्षारोपण किया। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि वृक्षारोपण महाअभियान में रीवा शहर के चयनित स्थलों व सड़क के किनारे डेढ़ लाख पौधे लगाये जायेंगे। पीटीएस, वेटनरी कालेज तथा इंजीनियरिंग कालेज की भूमि में वृहद वृक्षारोपण होगा। उन्होंने कहा कि सघन वृक्षारोपण से रीवा वृक्षों से अच्छादित हरीतिमा युक्त शहर होगा। उन्होंने वर्तमान पीढ़ी का आहवान किया कि वृक्षारोपण में सहयोगी बनें। उप मुख्यमंत्री ने वृक्षारोपण कार्यक्रम के लिये आयोजक श्री जयराम शुक्ल को साधुवाद दिया। कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने कहा कि 15 सितम्बर तक रीवा शहर में डेढ़ लाख पौधे लगाये जायेंगे। शहरी क्षेत्र में विभिन्न संगठनों व आमजनों ने पेड़ दान किये हैं जिन्हें चिन्हित स्थलों में रोपा जा रहा है। मुनगा के एक लाख पौधे लगाये जा रहे हैं। वन विभाग भी 3 लाख 50 हजार पौधे लगा रहा है।