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हमीदिया अस्पताल, स्कूल और कॉलेज के नाम बदलने का प्रस्ताव नगर निगम परिषद से पारित

भोपाल  राजधानी भोपाल में  नगर निगम परिषद की बैठक आयोजित की गई थी। जिसमें हमीदिया अस्पताल, कॉलेज और स्कूल के नाम बदलने का प्रस्ताव पास हो गया है। वहीं, ओल्ड अशोका गार्डन का नाम 'राम बाग' करने का प्रस्ताव पारित हो गया है हमीदिया अस्पताल का नाम बदलने का प्रस्ताव पास नगर निगम परिषद की बैठक में हमीदिया अस्पताल, कॉलेज और स्कूल के नाम बदलने के नाम बदलने का प्रस्ताव जैसे ही पास हुआ। उसके बाद सदन में पाकिस्तान मुर्दाबाद और हिंदूस्तान जिंदाबाद के नारे लगने लगे। इसी दौरान कांग्रेसी और भाजपाई आमने-सामने आ गए। राम बाग के नाम से जाना जाएगा ओल्ड अशोका गार्डन नगर निगम की बैठक में ओल्ड अशोका गार्डन का नाम बदलकर राम बाग करने का प्रस्ताव पारित हुआ है। वहीं 80 फीट रोड स्थित विवेकानंद चौराहे का नाम विवेकानंद चौक का प्रस्ताव पारित हुआ है। भोपाल के दूसरे नंबर पर आने स्वच्छता मित्रों को मिलेगा सम्मान महापौर मालती राय ने बताया कि भोपाल देश में दूसरे नंबर पर आया है। नगर निगम के द्वारा 8 हजार स्वच्छता मित्रों को भोज और सम्मान किया जाएगा। 1 हजार कर्मचारियों को परमानेंट किया जाएगा। रक्षाबंधन से पहले वेतन दे दिया जाएगा।

स्थायित्व की ओर कदम, नगर निगम के 1000 संविदा कर्मियों को किया जाएगा नियमित

भोपाल  नगर निगम में कार्यरत 1000 कर्मचारियों(Employees) को नियमित किया जाएगा। निगम परिषद की बैठक में ये निर्णय लिया गया है। इसके साथ ही राजधानी भोपाल के ओल्ड अशोका गार्डन को रामबाग कहने और हमीदिया कॉलेज और अस्पताल का नाम दिवंगत पूर्व विधायक रमेश शर्मा गुट्टू भैया के नाम पर करने का प्रस्ताव बहुमत से पारित हो गया। वेटलैंड साइट संरक्षण प्रोजेक्ट के तहत बड़ा तालाब छोटा तालाब में मूर्ति विसर्जन पर रोक लगाने के साथ ही 25 करोड़ की लागत से छह विसर्जन कुंड बनाने का प्रस्ताव भी पारित हुआ। पार्षदों की नाराजगी दूर करने विकास कार्य के प्रस्ताव पर 30 दिन में टेंडर और 60 दिन में वर्क ऑर्डर जारी करने का प्रस्ताव पारित हुआ। इन मुद्दों पर हंगामा बैठक में नगर निगम आयुक्त के खिलाफ निंदा प्रस्ताव लाने को लेकर भाजपा पार्षद पप्पू विलास राव धरने पर बैठ गए। नाम परिवर्तन प्रस्ताव पर चर्चा पर भाजपा पार्षद ने नवाब हमीदुल्लाह को गद्दार कहा। इस पर हंगामा हुआ। पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगे। हंगामे पर अध्यक्ष ने कहा कि सत्य को स्वीकारना ही होगा। नाराज कांग्रेस पार्षद इस मुद्दे पर आसंदी का घेराव करने पहुंच गए। बाद में सदन को स्थगित कर दिया गया। ये प्रस्ताव बहुमत से पारित ● महाशिवरात्रि के दिन मांस दुकानें बंद रहेंगी ● ८० फीट रोड चौराहे का नाम विवेकानंद चौक ● हमीदिया अस्पताल-कॉलेज-स्कूल का नाम पूर्व विधायक रमेश शर्मा गुट्टू भैया के नाम पर ● बीयू, नीलबड़, संजीव नगर, मालीखेड़ी, प्रेमपुरा में 25 करोड़ से विसर्जन कुंड ● वार्ड विकास कार्य की फाइल पर दो माह के अंदर टेंडर और वर्कऑर्डर जारी होगा ● शालीमार, मेरीगोल्ड मैरिज गार्डन और 24 दुकानों के निर्माण की जांच होगी ● अवैध पार्किंग स्थलों को दोबारा सर्वे कर चिन्हिंत किया जाएगा ● 8 हजार सफाई कर्मियों को यूनिफार्म, रेनकोट, हेल्थ चेकअप होगा जनता के मुद्दे एजेंडे से गायब शबिस्ता जकी ने कहा कि हमने एजेंडा आने से पहले शहर की सडक़, सीवेज, जल भराव, खराब सड़क जैसी जनता की समस्याओं पर चर्चा का प्रस्ताव दिया था। ये मुद्दे एजेंडे से नदारद हैं। वीआईपी रोड किनारे चौपाटी बनाने का मुद्दा कांग्रेस के पार्षद अजीज उद्दीन ने उठाया। पार्षद अजीजउद्दीन ने अफसरों द्वारा फोन नहीं उठाने पर भी आपत्ति ली। कांग्रेस पार्षद शिरीन ने कहा जन्म-मृत्यु अधिकारी सत्यप्रकाश बड़वैया प्रभारी अधिकारी हैं। उन पर गोविंदपुरा थाने में प्रकरण दर्ज है। योगेंद्र ने पूछा कि क्या एनजीटी की गाइडलाइन के हिसाब से ही कुंड बनाए जा रहे हैं। यति ने कहा सभी अनुमतियां हैं।

न्यायिक व्यवस्था पर हाईकोर्ट की तल्ख टिप्पणी: ‘द्वितीय श्रेणी का व्यवहार न करें जिला जजों से’

जबलपुर  जबलपुर हाई कोर्ट के प्रशासनिक न्यायाधीश अतुल श्रीधरन व न्यायमूर्ति दिनेश कुमार पालीवाल की युगल पीठ ने अपने एक आदेश में महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए कहा कि हाई कोर्ट और जिला कोर्ट के बीच सामंत और गुलाम जैसे रिश्ते हैं। जिला कोर्ट के जज हाई कोर्ट जजों से मिलते हैं तो उनकी बॉडी लैंग्वेज बिना रीढ़ की हड्डी वाले स्तनधारी के गिड़गिड़ाने जैसी होती है। हाई कोर्ट के जज खुद को सवर्ण और जिला कोर्ट के जजों को शूद्र समझते हैं। मध्यप्रदेश हाई कोर्ट ने एक फैसले में उच्च न्यायालय और जिला न्यायपालिका के रिश्तों को लेकर तीखी टिप्पणी की है। कोर्ट ने कहा कि दोनों के बीच का रिश्ता सामंती व्यवस्था जैसा है, जहां उच्च न्यायालय खुद को सवर्ण और जिला न्यायपालिका को शूद्र समझता है। कोर्ट ने कहा कि इस मामले में व्यापमं मामले में आरोपी को जमानत देने के कारण हाई कोर्ट ने संबंधित जज को बर्खास्त कर दिया। हाई कोर्ट के ऐसे कृत्य से जिला न्यायपालिका में संदेश जाता है कि बड़े मामलों में निर्दोष साबित करने, जमानत देने से संबंधित जज के खिलाफ के विपरीत कारवाई हो सकती है। कोर्ट ने गलत तरीके से बर्खास्त किए गए न्यायाधीश को बैकवेजेस के साथ पेंशन का भुगतान करने को कहा। कोर्ट ने याचिकाकर्ता जज को पांच लाख का मुआवजा प्रदान करने की निर्देश भी दिए। 2016 का है मामला, भोपाल जिला अदालत में पदस्थ थे जगत मोहन चतुर्वेदी 2016 में एससी एसटी एक्ट की विशेष न्यायाधीश के रूप में भोपाल जिला अदालत में पदस्थ रहे जगत मोहन चतुर्वेदी की ओर से यह याचिका दायर की गई थी। उन पर आरोप लगा था कि 2015 में व्यापमं मामले के आरोपी कुछ छात्रों को उन्होंने अग्रिम जमानत दी। जबकि इसी मामले में अन्य आरोपियों की जमानत अर्जी निरस्त कर दी। अलग-अलग तथ्यों के चलते विभिन्न आदेश दिए। इस पर हाई कोर्ट प्रशासन ने उनके विरुद्ध कदाचरण की कार्रवाई करते हुए बर्खास्त कर दिया। हाई कोर्ट की फुल कोर्ट मीटिंग में अनुमोदन किया गया। याचिकाकर्ता की अपील भी निरस्त कर दी गई। यह टिप्पणी जस्टिस अतुल श्रीधरन और जस्टिस दिनेश कुमार पालीवाल की बेंच ने दी। बेंच व्यापमं केस से जुड़ी एक याचिका पर सुनवाई कर रही थी। याचिका भोपाल के पूर्व एससी-एसटी कोर्ट जज जगत मोहन चतुर्वेदी ने लगाई थी। उन्हें एक आरोपी को अग्रिम जमानत देने के बाद बर्खास्त किया गया था। जिला जज ऐसे मिलते हैं जैसे रीढ़ हीन स्तनधारी कोर्ट ने डबल बेंच ने कहा कि जब जिला कोर्ट के जज हाई कोर्ट के जजों से मिलते हैं तो उनकी शारीरिक भाषा ऐसी होती है जैसे कोई रीढ़विहीन स्तनधारी गिड़गिड़ा रहा हो। रेलवे स्टेशन पर स्वागत करना, जलपान कराना आम बात हो गई है। हाई कोर्ट की रजिस्ट्री में प्रतिनियुक्त जजों को शायद ही कभी बैठने को कहा जाता है। इस मानसिकता का फैसलों पर भी असर यह रिश्ता सम्मान का नहीं, बल्कि डर और हीनता पर आधारित है। यह मानसिकता इतनी गहरी है कि असर न्यायिक फैसलों में भी दिखता है। कई बार योग्य मामलों में जमानत नहीं दी जाती या सबूतों के अभाव में दोषसिद्धि हो जाती है। सिर्फ इसलिए कि आदेश ‘गलत’ न मान लिया जाए। "डर के साए में न्याय नहीं, सिर्फ दिखावा" राज्य की न्याय प्रणाली की असली तस्वीर जिला कोर्ट की स्वतंत्रता से दिखती है, न कि केवल हाई कोर्ट से। लेकिन जब हाई कोर्ट बार-बार छोटी-छोटी बातों पर सख्त रवैया अपनाता है, तो जिला जज डर जाते हैं। परिवार, नौकरी और प्रतिष्ठा के डर से वे न्याय नहीं कर पाते, बस दिखावा करते हैं। कोर्ट का आदेश- सेवा लाभ बहाल हो.. कोर्ट ने माना कि याचिकाकर्ता जज को सिर्फ अलग सोचने और काम करने के कारण दंडित किया गया। हाई कोर्ट ने आदेश दिया कि उन्हें सेवा समाप्ति की तारीख से सेवानिवृत्ति तक का बकाया वेतन 7% ब्याज सहित दिया जाए। पेंशन और अन्य सेवा लाभ बहाल हों। मानसिक क्षति और सामाजिक अपमान के लिए 5 लाख रुपए का मुआवजा दिया जाए। तर्क दिया गया कि अलग-अलग मामलों के तथ्यों के आधार पर उन्होंने जज की हैसियत से अलग-अलग आदेश दिए थे। …अब यह कहा कोर्ट ने सुनवाई के बाद कोर्ट ने उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों और जिला न्यायपालिका के न्यायाधीशों के बीच निराशाजनक संबंध की आलोचना की। इसे एक सामंत और दास के बीच का रिश्ता बताया। कोर्ट ने कहा कि एक अहंकारी उच्च न्यायालय छोटी-छोटी गलतियों के लिए जिला न्यायपालिका को फटकार लगाने की कोशिश करता है, जिससे जिला न्यायपालिका को दंड के भय में रखा जाता है। पीठ ने कहा कि इससे न्याय व्यवस्था प्रभावित होती है। हाई कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा, जिला न्यायपालिका के न्यायाधीश जब उच्च न्यायालय के न्यायाधीश का अभिवादन करते हैं, तो उनकी शारीरिक भाषा, उच्च न्यायालय के न्यायाधीश के सामने गिड़गिड़ाने जैसी होती है। जिससे जिला न्यायपालिका के न्यायाधीश अकशेरुकी यानि बिना रीढ़ के स्तनधारियों की प्रजाति बन जाते हैं। जिला न्यायपालिका के न्यायाधीशों द्वारा रेलवे प्लेटफार्म पर उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों से व्यक्तिगत रूप से मिलने और उनके लिए जलपान की सेवा करने के उदाहरण आम हैं। उच्च न्यायालय की रजिस्ट्री में प्रतिनियुक्ति पर आए जिला न्यायपालिका के न्यायाधीशों को उच्च न्यायालय के न्यायाधीश कभी भी बैठने की पेशकश नहीं करते हैं। जब कभी उन्हें ऐसा मौका मिलता भी है, तो वे उच्च न्यायालय के न्यायाधीश के सामने बैठने में हिचकिचाते हैं। हाई कोर्ट ने कहा कि जाति व्यवस्था की छाया राज्य के न्यायिक ढांचे में स्पष्ट दिखाई देती है, जहां उच्च न्यायालय के न्यायाधीश सवर्ण हैं और जिला न्यायपालिका के जज शूद्र व दयनीय हैं। इससे जिला न्यायपालिका मानसिक रूप से कमजोर हो जाती है, जो अंतत: उनके न्यायिक कार्यों में परिलक्षित होती है। जहां सबसे योग्य मामलों में भी जमानत नहीं दी जाती, अभियोजन पक्ष को संदेह का लाभ देकर सबूतों के अभाव में दोषसिद्धि दर्ज की जाती है और आरोप ऐसे लगाए जाते हैं, मानो दोषमुक्त करने का अधिकार ही न हो। यह सब उनकी नौकरी बचाने के नाम पर होता है, जिसका खामियाजा इस मामले में याचिकाकर्ता को अलग तरह से सोचने और काम करने के कारण भुगतना पड़ा। हाई कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता सेवानिवृत्त हो चुका है। उसके साथ हुए … Read more

विदिशा में पुरातात्विक खोज! मस्जिद के पास मिला 16वीं-17वीं सदी का शिवलिंग

गंजबासौदा  पुरातत्व की धरोहर कहे जाने वाले विदिशा जिले के उदयपुर कस्बे में मस्जिद के पास खोदाई करते समय एक 16 वीं-17 वीं शताब्दी के शिवलिंग मिलने की सूचना मिलने पर पुरातत्व विभाग सहित स्थानीय अधिकारी मौके पर पहुंचे। जानकारी के अनुसार उदयपुर गांव में चौखंडी वाली मस्जिद के पास गुरुवार सुबह खोदाई के दौरान एक प्राचीन शिवलिंग मिला। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और प्रशासन को जानकारी दी। अधिकारी पुरातत्व विभाग के साथ मौके पर पहुंचे और शिवलिंग को पूरी तरह मिट्टी से बाहर निकाला। पुरातत्व विभाग के अधिकारियों ने बताया की जमीन में मिला शिवलिंग 16वीं-17वीं शताब्दी का है। इसकी ऊंचाई लगभग 3 फीट है। जिस स्थान पर शिवलिंग मिला है, वहां निजाम नामक व्यक्ति अपने भवन का निर्माण करवा रहा था। इसी दौरान शिवलिंग दिखाई दिया। कई प्राचीन अवशेष भी पत्थरों पर दिखाई दिए अधिकारियों ने कहा कि अगर ग्रामीण प्राचीन प्रतिमा की जिम्मेदारी लेते हैं तो उन्हें वहीं छोड़ दिया जाएगा। अन्यथा इसे उदयपुर के प्राचीन पिसनहारी मंदिर में बनाए गए संग्रहण कक्ष में सुरक्षित रख दिया जाएगा। मौके पर पहुंचे नायब तहसीलदार अनुराग रावत ने बताया कि जिस भूमि पर निर्माण किया जा रहा था, वह शासकीय भूमि है। अब यह जांच की जाएगी कि निर्माण कैसे किया जा रहा था और संबंधित कार्रवाई की जाएगी। ग्रामीण राजेश नाथ का कहना है कि शिवलिंग को उसी स्थान पर रखा जाए। ताकि लोग उसकी पूजा-अर्चना कर सकें। शिवलिंग के साथ-साथ अन्य कई प्राचीन अवशेष भी पत्थरों पर दिखाई दिए हैं। मूर्ति को सुरक्षित रखवाया गया मालूम हो कि दो वर्ष पूर्व भी खोदाई के समय एक गणेश प्रतिमा निकली थी। इसके बाद फिर खोदाई का काम शुरू हुआ तो एक नंदी की प्रतिमा भी निकली। जिसकी जानकारी ग्रामीणों द्वारा पुरातत्व विभाग के अधिकारियों को दी गई। तब मौके पर पहुंची पुरातत्व अधिकारी नर्मता यादव की उपस्थिति में मूर्ति सुरक्षित रखवाया गया था।

UK के साथ मुक्त व्यापार समझौता प्रदेश के उद्योग और निर्यात को देगा नया आयाम: डॉ. यादव

UK के साथ मुक्त व्यापार समझौता प्रदेश के उद्योग और निर्यात को देगा नया आयाम: डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एफटीए के लिए प्रधानमंत्री मोदी का किया अभिनंदन भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भारत और यूनाइटेड किंगडम (ब्रिटेन) के बीच हुए मुक्त व्यापार समझौते यानि फ्री ट्रेड एग्रीमेंट-FTA की उल्लेखनीय उपलब्धि पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का हार्दिक अभिनंदन किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में गरीब, किसान, युवाओं के साथ-साथ समूचा भारत गौरवान्वित हो रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने ब्रिटेन के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट को लेकर जो करार किया है, यह न केवल उद्योग, व्यापार और रोजगार की दृष्टि से, बल्कि वैश्विक संबंधों की दृष्टि से भी भारत को नई ऊंचाईयों पर लेकर जाएगा। भारत सरकार के "मेक इन इंडिया" और "वोकल फॉर लोकल" जैसे अभियानों से वैश्विक स्तर पर मिला विस्तार देश की बढ़ती प्रतिष्ठा का अतुलनीय उदाहरण है। उन्होंने कहा कि हम सभी को एफटीए के स्वर्णिम अवसर का लाभ उठाते हुए आगे बढ़ने का संकल्प लेना चाहिए। मध्यप्रदेश को भी भविष्य में ब्रिटेन के साथ हुए इस मुक्त व्यापार समझौते का भरपूर लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि नये मुक्त व्यापार समझौते से मध्यप्रदेश को कृषि सेक्टर, टेक्सटाइल, फार्मास्यूटिकल्स, सर्विस सेक्टर, एविएशन सेक्टर, लेदर इंडस्ट्री, प्लास्टिक एवं इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर सहित मैन्युफैक्चरिंग एवं इंडस्ट्रियल ग्रोथ में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शुक्रवार को मीडिया को जारी संदेश में यह विचार व्यक्त किए।  

मध्यप्रदेश में लगातार बारिश बरगी और सतपुड़ा डैम के 7-7 गेट खोले गए

भोपाल   मध्य प्रदेश में एक बार फिर से स्ट्रांग सिस्टम  एक्टिव हो गया है, जिससे लगातार भारी बारिश का दौर चल रहा है। शुक्रवार को 19 जिलों में अति भारी औ 18 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट है। इससे पहले गुरुवार को अशोकनगर, विदिशा, शिवपुरी समेत कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात रहे। रायसेन में 2.3 इंच पानी गिरा। सिवनी में 1.6 इंच, पचमढ़ी में डेढ़ इंच, भोपाल में सवा इंच बारिश हुई। वहीं, दतिया, शिवपुरी और सागर में आधा इंच पानी गिरा। बैतूल, दतिया, नर्मदापुरम, उज्जैन, छिंदवाड़ा, जबलपुर, खजुराहो, मंडला, नरसिंहपुर, टीकमगढ़, उमरिया, विदिशा, बालाघाट समेत कई जिलों में बारिश हुई। शिवपुरी में अटल सागर बांध मडीखेड़ा के दो गेट खोले गए। रायसेन में बारना बांध के 4 गेट एक-एक मीटर खोलकर दस हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया। ग्वालियर में सुबह तेज बारिश हुई। भोपाल में कभी धीमी, कभी तेज बारिश हो रही है। जबलपुर में बरगी डैम के दो गेट और खोले गए हैं। इससे पहले 5 गेट खोले गए थे। पिछले 24 घंटे के दौरान ग्वालियर में सबसे ज्यादा 3.7 इंच पानी गिर गया। रायसेन में 2.4 इंच, पचमढ़ी में 1.9 इंच, सिवनी में 1.6 इंच, भोपाल, दतिया-मलाजखंड में 1.1 इंच बारिश दर्ज की गई। छतरपुर के नौगांव और खजुराहो, नरसिंहपुर, गुना, बैतूल, सागर, जबलपुर, उमरिया, मंडला, नर्मदापुरम, छिंदवाड़ा, दमोह, रतलाम, खरगोन, विदिशा, सीहोर, टीकमगढ़, उज्जैन, देवास, शाजापुर, आगर-मालवा, राजगढ़ समेत कई जिलों में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश का दौर रहा। आज इन जिलों में तेज बारिश का अलर्ट मौसम विभाग के अनुसार, शुक्रवार को जबलपुर, रायसेन, नर्मदापुरम, नरसिंहपुर, दमोह, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, अनूपपुर, उमरिया, शहडोल, कटनी, पन्ना, सतना, मैहर, रीवा, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। यहां अगले 24 घंटे में साढ़े 8 इंच तक पानी गिर सकता है। वहीं, ग्वालियर, दतिया, टीकमगढ़, निवाड़ी, छतरपुर, सागर, शिवपुरी, अशोकनगर, विदिशा, सागर, सीहोर, देवास, हरदा, खंडवा, बुरहानपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा और सिवनी में भारी बारिश हो सकती है। प्रदेश में चार सिस्टम का असर मौसम विभाग की सीनियर वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि प्रदेश में दो ट्रफ और एक दो साइक्लोनिक सर्कुलेशन की एक्टिविटी है। इनमें से एक मानसून ट्रफ लाइन उत्तरी हिस्से से गुजर रही है। इससे प्रदेश में तेज बारिश का दौर है। अगले चार दिन तक अति भारी बारिश का कहीं रेड, ऑरेंज तो कहीं भारी बारिश का यलो अलर्ट है। औसतन 21.8 इंच बारिश हुई  प्रदेश में इस सीजन में औसत 21.8 इंच बारिश हो चुकी है, जबकि अब तक 14.6 इंच बारिश होनी थी। इस हिसाब से 7.2 इंच बारिश ज्यादा हो चुकी है, जो 49% अधिक है। 3 जिले- निवाड़ी, टीकमगढ़ और श्योपुर में तो कोटा पूरा हो चुका है। इन जिलों में सामान्य से 25% तक ज्यादा पानी गिर चुका है। ग्वालियर समेत 5 जिलों भी बेहतर स्थिति में है। यहां 80 से 95% तक बारिश हो चुकी है। दूसरी ओर, इंदौर और उज्जैन संभाग सबसे पीछे है। इंदौर, उज्जैन, शाजापुर, बुरहानपुर और आगर-मालवा में 10 इंच से भी कम पानी गिरा है। 

याचना नही अब रण होगा ,अपने अधिकार अब भागने से नही छीनने से मिलेगे – जीतू लोधी

ग्वालियर/भिंड – ओबीसी महासभा संगठन ने ओबीसी वर्ग के संवैधानिक अधिकारों की बहाली के लिए बिगुल फूंक दिया है। संगठन के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष व राष्ट्रीय कोर कमेटी सदस्य जीतू लोधी ने ऐलान किया है कि यदि सरकार ने जल्द ही ओबीसी आरक्षण बहाल नहीं किया और चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति नहीं दी, तो 28 जुलाई को राजधानी भोपाल में मुख्यमंत्री निवास का घेराव किया जाएगा। प्रदर्शन में वक्ताओं ने स्पष्ट कहा कि जातिगत जनगणना ही एकमात्र उपाय है, जिससे यह पता चलेगा कि किस वर्ग की संख्या कितनी है और उनका वास्तविक प्रतिनिधित्व क्या होना चाहिए। उन्होंने प्रधानमंत्री द्वारा जातिगत जनगणना की घोषणा का स्वागत किया, लेकिन प्रदेश की भाजपा सरकार पर आरोप लगाया कि वह इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठा रही है। ओबीसी महासभा की प्रमुख —- ओबीसी महासभा पूर्व अध्यक्ष व राष्ट्रीय कोर कमेटी सदस्य जीतू लोधी ने बताया कि संगठन की प्रमुख मांगों में शामिल हैं: ओबीसी आरक्षण पर लगी 13% की रोक हटाकर पूर्ण 27% आरक्षण बहाल करना। चयनित अभ्यर्थियों को तुरंत नियुक्ति देना। ओबीसी वर्ग के लिए 52% आरक्षण लागू करना। वर्षों से लंबित बैकलॉग पदों को भरना। न्यायपालिका में भारतीय न्यायिक सेवा लागू करना व कॉलेजियम प्रणाली समाप्त करना। प्रदेश में 125 विधानसभा सीटों को जनसंख्या के अनुपात में आरक्षित किया जाना। आउटसोर्स भर्ती बंद कर सीधी भर्ती शुरू करना। लहचूरा की 2 हजार बीघा कृषि भूमि पर कमेटी बनाकर ग्रामीणों को न्याय दिलाना। स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशें लागू करना। 28 जुलाई को होगा ऐतिहासिक प्रदर्शन। महासभा ने स्पष्ट किया है कि यदि सरकार ने इन मांगों को गंभीरता से नहीं लिया तो 28 जुलाई को भोपाल में मुख्यमंत्री निवास का ऐतिहासिक घेराव किया जाएगा। इस आंदोलन में पूरे प्रदेश से ओबीसी समाज के युवा, महिलाएं, व अन्य संघठन,सामाजिक कार्यकर्ता, बुद्धिजीवी और संगठन के पदाधिकारी बड़ी संख्या में शामिल होंगे।

शासकीय कन्या महाविद्यालय सिवनी मालवा में एक पेड़ मां के नाम योजना के अंतर्गत पौधे वितरित किये

सिवनी मालवा  शासकीय कन्या  महाविद्यालय सिवनी मालवा में हरियाली अमावश्या के अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ उमेश कुमार धुर्वे के मार्गदर्शन में पर्यावरण शिक्षण कार्यक्रम  "एक पेड़ मां के नाम" कार्यक्रम योजना अंतर्गत  इको क्लब  द्वारा  छात्राओं को पौधे वितरित किये गये एवं महाविद्यालय परिसर मे पौधरोपण का कार्यक्रम किया गया। कार्यक्रम के दौरान प्राचार्य डॉ उमेश कुमार धुर्वे ने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य न केवल पर्यावरण की रक्षा करना है।  बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक स्वच्छ और हरा-भरा भविष्य सुनिश्चित करना भी है। इको क्लब प्रभारी डॉ सतीश बालापुरे ने कहा की हमारा उद्देश्य छात्राओं और समुदाय को पर्यावरण के प्रति जागरूक करना और उन्हें सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रेरित करना है। इस प्रकार के कार्यक्रमों से न केवल जागरूकता बढ़ती है, बल्कि लोगों को पर्यावरण संरक्षण के लिए एकजुट होने का मौका भी मिलता है। इस अवसर पर खेल एवं युवा कल्याण विभाग, सोनी मालवा  के श्री नारायण बाबरिया भी उपस्तिथ रहे।   वृक्षा रोपण अभियान  के इको क्लब  सह प्रभारी  डॉ मनीष दीक्षित एवं  डॉ रजनीकांत वर्मा  ने पर्यावरण संरक्षण और वृक्षारोपण के महत्व पर अपने विचार साझा किए और इसे एक वार्षिक परंपरा बनाने का संकल्प लिया। इस अवसर पर छात्रों के साथ-साथ महाविद्यालय स्टाफ के श्री रजनीश जाटव, श्री मनोज प्रजापरी, डॉ राकेश निरापुरे, डॉ गजेंद्र,  कु. आकांक्षा पांडे, डॉ पदम शर्मा प्रवीण साहू, कु सुदर्शना राज, डॉ दुर्गा मीना एवं महाविद्यालय इको क्लब इकाई की छात्राएं एवं समस्त स्टॉफ उपस्थित रहा।  

कन्या हायर सेकेंडरी में विधायक ने वितरित की सायकल, विद्यार्थियों के साथ खड़े हो कर की पीटी

आष्टा मध्यप्रदेश के अब आष्टा विधानसभा क्षेत्र के सभी विद्यालयों में प्रतिदिन प्रार्थना के पूर्व संस्था के खेल शिक्षक विद्यार्थियों को कराएंगे पीटी, पीटी करने से शरीर मे स्फूर्ति आती है,वही स्वस्थ शरीर मन, मस्तिष्क के लिये पीटी जरूरी है ।उक्त उदगार विधायक गोपालसिंह इंजीनियर ने आज मुख्यमंत्री सायकल योजना अंतर्गत पात्र विद्यार्थियों को सायकल वितरण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए आष्टा के कन्या हायर सेकेंडरी स्कूल में विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहे । इस अवसर पर आज विधायक गोपालसिंह इंजीनियर सहित सभी अतिथियों ने भी विद्यार्थियों के साथ पीटी की । कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक ने कहा  सरकार द्वारा शिक्षा विभाग में जो योजनाएं,सुविधाए शुरू की उन विभिन्न योजनाओं का लाभ विद्यार्थियों को मिले इसके लिए हमारी सरकार पूरी तरह से कृत संकल्पित है । सरकार का दृढ़ निश्चय है कि शासकीय विद्यालयों में अध्यनरत बच्चों को सभी प्रकार की सुविधा उपलब्ध हो ताकि विद्यालय विद्यार्थियों के शारीरिक, मानसिक, बौद्धिक विकास का केंद्र बने और आगे जाकर विद्यार्थी इस देश के अच्छे जिम्मेदार नागरिक बन सके । सरकार की विद्यार्थियों के लिये शुरू की गई मुख्यमंत्री निशुल्क सायकल वितरण योजना के तहत आज आष्टा नगर के कन्या हायर सेकेंड्री, मॉडल स्कूल मुगली रोड,हाईस्कूल अलीपुर  में विद्यार्थियों को अपने दूरस्थ ग्रामों से विद्यालय तक आने जाने में कोई परेशानी का सामना न करना पड़े इसके लिए सरकार की कक्षा 6 एवं 9 वी के विद्यार्थियों को जो दुरस्त ग्रामो से स्कूल आते है ऐसे विद्यार्थियों को निशुल्क योजना के तहत आज विद्यार्थियों को निशुल्क साइकिलों का वितरण विधायक गोपाल सिंह इंजीनियर के मुख्य आतिथ्य में किये गये । इस अवसर पर आष्टा विधायक गोपाल सिंह इंजीनियर ने कार्यक्रमों को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार की योजना के तहत विद्यालयों में कक्षा एक से लेकर 12वीं तक पढ़ने वाले विद्यार्थियों को विद्यालयों में शासन की विभिन्न योजनाओं के तहत निशुल्क स्कूल ड्रेस, पुस्तके, मध्यान भोजन,निशुल्क साइकिल, सहित खेल सुविधाओं का लाभ दिया जा रहा है । मैं सभी विद्यार्थियों से अपील करता हूं कि वे सरकार की सभी योजनाओं का लाभ उठाते हुए अच्छी तरह से मन लगाकर अपने  गुरुजीयो द्वारा पढ़ाई जाने वाली एवं बताई जाने वाली शिक्षा को ग्रहण करें और लक्ष्य तय कर लक्ष्य को प्राप्त कर देश के भविष्य के रूप में जिम्मेदार नागरिक बने और अपने विद्यालय का, अपने माता-पिता का,शिक्षकों का, अपने क्षेत्र का, जिले का, प्रदेश का नाम रोशन करें । इस अवसर पर विधायक ने बताया कि  विद्यालय में विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ-साथ रोजाना अब स्कूल प्रारंभ होने के पूर्व एवं स्कूल से छुट्टी होने के पूर्व पीटी कराई जाएगी ताकि बच्चों का स्वास्थ्यअच्छा रहे वे स्वस्थ रहे और स्वास्थ्य के साथ उनका शारीरिक बौद्धिक विकास भी हो । हम विद्यालयों के अंदर पढ़ाई के साथ-साथ खेल सुविधाओं में भी वृद्धि करने की योजना बना रहे हैं । जिन विद्यालयों में खेल सामग्री की, सुविधाओ की कमी है उन्हें भी दूर करने के प्रयास किये जा रहै है । आयोजित  कार्यक्रम में जीवन सिंह मंडलोई, राय सिंह मेवाडा, सोनू गुणवान, गजराज मेवाड़ा, विशाल चौरसिया, तारा कटारिया, राकेश प्रजापति ,विष्णु परमार, जितेंद्र सिठोलिया, अनिल श्रीवास्तव, तेज सिंह राठौर,बीईओ प्रमोद कुशवाह बीआरसी अजब सिंह राजपूत, संस्था प्रमुख महेंद्र सिंह मालवीय सहित अन्य सभी पदाधिकारी शिक्षक शिक्षिकाएं विद्यार्थी बड़ी संख्या में उपस्थित थे । कार्यक्रम के अंत मे विधायक के साथ सभी ने वृक्षारोपण किया ।  इस अवसर पर विधायक गोपाल सिंह इंजीनियर ने सभी साइकिल प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को पुष्प माला पहनकर उन्हें साइकिल सौंपी तथा उनके साथ सामूहिक चित्र भी खिंचवाये । विधायक गोपालसिंह इंजीनियर ने बताया की इस वर्ष आष्टा विधानसभा क्षेत्र के सभी विद्यालयों में 1359 सायकलों का वितरण किया जायेगा । साइकिल पाकर आज विद्यार्थियों में काफी खुशी का माहौल नजर आया क्योंकि साइकिल नहीं होने के कारण अभी तक वे विद्यालय पैदल आते थे अब उन्हें साइकिल प्राप्त होने के बाद घर से विद्यालय तक आने और जाने की सुविधा के लिए साइकिल प्राप्त हुई है । विद्यार्थियों ने इसके लिए मध्य प्रदेश सरकार के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव एवं आष्टा विधायक गोपाल सिंह इंजीनियर का आभार व्यक्त किया ।

सहकारिता विभाग में विवाद! शिवेन्द्र देव पांडेय प्रकरण में हाई लेवल जांच की मांग तेज

भोपाल  मध्यप्रदेश सहकारिता विभाग राजपत्रित अधिकारी संघ द्वारा आज माननीय मुख्यमंत्री, माननीय सहकारिता मंत्री, अपर मुख्य सचिव (सामान्य प्रशासन), प्रमुख सचिव (सहकारिता), महानिदेशक (आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ) एवं पंजीयक सहकारी संस्थाएँ को ज्ञापन सौंपकर  शिवेन्द्र देव पांडेय, संयुक्त आयुक्त, सहकारिता, सागर संभाग, के विरुद्ध दर्ज प्रकरण की उच्च स्तरीय व निष्पक्ष जांच की माँग की गई है।  पांडेय को 23 जुलाई 2025 को आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) द्वारा कथित भ्रष्टाचार के आरोप में 50 हज़ार रुपये लेने का प्रकरण दर्ज  किया गया था, परंतु 23 जुलाई को न्यायालय द्वारा उन्हें जमानत प्रदान कर दी गई। संघ का कहना है कि यह प्रकरण पूर्व नियोजित, आधारहीन और दुर्भावनापूर्ण प्रतीत होता है। उन्होंने बताया कि शिकायतकर्ता ने पूर्व में सेवा सहकारी समिति पनवारी में सेल्समैन नियुक्ति हेतु आवेदन दिया था, एवं चूँकि यह उनके अधिकार क्षेत्र का कार्य नहीं रहा अतः नियमानुसार कार्यवाही हेतु श्री पांडेय द्वारा उसे संबंधित जिला कार्यालय में भेजने के निर्देश भी दे दिए गए थे। गौरतलब है कि शिकायत कर्ता के आवेदन में संलग्न समिति का प्रस्ताव अहस्ताक्षरित था तथा समिति द्वारा जारी नहीं किया गया था। संघ का कहना है कि घटना स्थल पर EOW टीम द्वारा प्रकरण दर्ज करने के लिए श्री पांडेय के हाथ के पृष्ठ भाग में जबरदस्ती कर  रकम स्पर्श करायी गई एवं कार्यालय के कुछ कर्मचारियों के साथ जोर ज़बरदस्ती भी की गई जिस पर पुलिस सहित उच्चाधिकारियों को सूचना दी गई है । सहकारिता विभाग एवं प्रदेश की सहकारी समितियों में ऐसी कार्यवाही से भय एवं आक्रोश का वातावरण व्याप्त है। स्पष्ट है कि यह कार्यवाही षड्यंत्रपूर्वक की गई है।  संघ ने मांग की है कि पांडेय जी की निष्कलंक छवि और उनकी वर्षों की ईमानदार सेवाओं को देखते हुए इस मामले की उच्च स्तरीय, समयबद्ध और निष्पक्ष जांच कराई जाए, ताकि उन्हें न्याय मिल सके और सच्चाई सामने आ सके।