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उज्जैन में महाकाल की दूसरी सवारी आज एकादशी पर निकली, गूंजा हर हर महादेव

उज्जैन   सावन के पवित्र महीने में आज एकादशी के शुभ अवसर पर उज्जैन में बाबा महाकाल की दूसरी सवारी धूमधाम से निकल रही है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि यह सवारी न सिर्फ धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि हमारी सांस्कृतिक और सामाजिक समरसता का अनुपम उदाहरण भी है। उन्होंने कहा कि हम सबके रोम-रोम में बाबा महाकाल समाए हुए हैं। बाबा महाकाल की सवारी जब निकलती है तो लौकिक रूप से निराकार से साकार को धारण करती है। उन्होंने कहा कि यह दिन हमारे प्रदेश, देश और सनातन संस्कृति के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। बाबा महाकाल की दूसरी सवारी आज सावन का दूसरा सोमवार है और कामिका एकादशी भी है। इस अवसर पर उज्जैन में बाबा महाकाल की सवारी निकल रही है। श्रावण सोमवार के दिन महाकाल के दर्शन और पूजन का विशेष महत्व होता है। बाबा महाकाल की सवारी में शामिल होने के लिए देशभर से श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ता है। इस दौरान सवारी के मार्ग को भव्य रूप से सजाया गया है और भक्तगण श्रद्धापूर्वक इसमें शामिल होते हैं। यह आयोजन न सिर्फ धार्मिक महत्व रखता है बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था और पर्यटन को भी बढ़ावा देता है। मुख्यमंत्री ने दी मंगलकामनाएं आज के दिन सीएम मोहन यादव ने सभी को शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि ‘सावन का महीना है एकादशी का दिन है। एकादशी का पर्व मतलब हमारी शुचिता के साथ आत्मा से परमात्मा के बीच संबंध जोड़ने के संकल्प का दिन भी है। सौभाग्य की बात है कि आज बाबा महाकाल की दूसरी सवारी का भी दिन है। जैसे तिरूपति बालाजी का, जगन्नाथ जी का उनकी यात्राओं के माध्यम से धार्मिक पर्यटन के द्वारा उन राज्यों ने अपनी पहचान बनाई है..वैसे ही हमने भी बाबा महाकाल की सवारी को धार्मिक पर्यटन के माध्यम से और वृहद रूप दे रहे हैं। हम सबके रोम-रोम में बाबा महाकाल समाए हुए हैं। बाबा महाकाल की सवारी निकलती है तो लौकिक रूप से आज निराकार से साकार को धारण करते हैं। ये दिन हमारे प्रदेश देश और सनातन संस्कृति के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। यह धार्मिक आयोजन के साथ ही आस्था, संस्कृति और सामाजिक समरसता का अनुपम उदाहरण है।’

अब बिजली चोरों की नहीं चलेगी! भोपाल में मुखबिरी करने वालों को मिलेगा मोटा इनाम

भोपाल  बिजली चोरी रोकने वालों को मिलेगा इनाम, जी हां! सही सुना आपने मध्य प्रदेश की दो बिजली कंपनियां, ईस्ट डिस्कॉम और सेंट्रल डिस्कॉम ने अनोखी योजना शुरू की है। ईस्ट डिस्कॉम ने 'वी मित्र' ऐप बनाया है। इस ऐप पर बिजली चोरी या गड़बड़ी की शिकायत करने पर 10 रुपये से लेकर 50000 रुपये तक का इनाम मिल सकता है। सेंट्रल डिस्कॉम भी ऐसी ही योजना चला रही है। ईस्ट डिस्कॉम के अधिकारियों का कहना है कि 'वी मित्र' ऐप सिर्फ बिजली चोरी की शिकायत के लिए नहीं है। यह बिजली वितरण का सोशल ऑडिट है। कोई भी उपभोक्ता गलत जानकारी की शिकायत कर सकता है। इससे कंपनी को डेटा ठीक करने में मदद मिलेगी। ईस्ट डिस्कॉम के प्रबंध निदेशक अनय द्विवेदी ने कहा "यह एक तरह का सोशल ऑडिट है। सारा डेटा पब्लिक में है। उपभोक्ता किसी भी गलत चीज की शिकायत कर सकते हैं। इससे हमें डेटा सुधारने में मदद मिलेगी।" ईस्ट डिस्कॉम के अधिकारियों का कहना है कि यह ऐप बहुत काम का है। यह अपने तरह का पहला ऐप है। हर कनेक्शन जियो टैग कंपनी के जनरल मैनेजर कमर्शियल पीके अग्रवाल ने बताया कि हर कनेक्शन को जियो-टैग किया गया है। अगर किसी को टैगिंग गलत लगती है, तो वह शिकायत कर सकता है। सही पाए जाने पर 10 रुपये का इनाम मिलेगा। हर कनेक्शन को इंडेक्स किया गया है। इसका मतलब है कि कनेक्शन किस ट्रांसफार्मर से जुड़ा है, यह जानकारी पब्लिक में है। इसमें गड़बड़ी होने पर भी शिकायत की जा सकती है। अब लोड बढ़ाने से जुड़ी शिकायतें भी की जा सकती हैं। अगर कोई बताता है कि कनेक्शन 2 किलोवाट का है, लेकिन लोड 5 किलोवाट का है, तो सही पाए जाने पर उसे 25 रुपये प्रति किलोवाट का इनाम मिलेगा। कई लोगों को मिल चुके इनाम 17 जुलाई तक डिस्कॉम को अलग-अलग सर्कल से 1190 शिकायतें मिली हैं। कंपनी की विजिलेंस टीम इनकी जांच कर रही है। सही जानकारी देने वाले 49 उपभोक्ताओं को 21300 रुपये का इनाम दिया गया है। 75800 रुपये के इनाम की और जांच चल रही है। विजिलेंस विभाग की जांच के बाद इसे फाइनल किया जाएगा।  

गणेश मूर्तियों को लेकर इंदौर में हंगामा, आपत्तिजनक मूर्तियों पर तीन कलाकार गिरफ्तार

इंदौर भगवान गणेश की आपत्तिजनक मूर्तियां बनाने को लेकर इंदौर में हंगामा खड़ा हो गया। भगवान गणेश को एक लड़की के संग दिखान पर हिंदूवादी संगठन के कार्यकर्ता भड़क उठे और कलाकारों के मुंह पर कालिख पोत दी। बाद में हंगामा बढ़ने पर पुलिस ने आरोपी मूर्तिकारों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पश्चिम बंगाल के रहने वाले हैं। शहर में गणेश चतुर्थी से पहले मूर्ति निर्माण का कार्य जोरों पर है। बड़ी संख्या में बंगाल से मूर्तिकार इंदौर समेत मध्य प्रदेश के अन्य हिस्सों में मूर्तियां बनाते हैं। खजराना इलाके में एक स्थान पर भगवान गणेश की कुछ मूर्तियां देखकर हिंदूवादी संगठनों के कार्यकर्ता भड़क उठे। उन्होंने आरोप लगाया कि भगवान की मूर्तियों से छेड़छाड़ की जा रही है। उन्हें लड़कियों के साथ दिखाकर उनकी छवि को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है और धार्मिक भावनाएं आहत की जा रही हैं। हिंदूवादी कार्यकर्ताओं ने मौके पर खूब हंगामा किया। उन्होंने तीन कलाकारों के चेहरों पर कालिख पोत दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने मूर्ति कलाकार आरोपी कलाकार राजू पाल, चंद्रपाल और रतनलाल पाल को गिरफ्तार कर लिया। तीनों पश्चिम बंगाल के नादिया जिले के रहने वाले हैं। पुलिस ने उन पर धार्मिक भावनाएं आहत करने समेत कई मामलों में एफआईआर दर्ज की है। बजरंग दल के विभाग संयोजक प्रवीण दरेकर ने कहा कि यह सामान्य गलती नहीं है, बल्कि सोच-समझकर हिंदू आस्था के प्रतीक गणेश भगवान की छवि को विकृत किया जा रहा था। मूर्तियों में ऐसे आकृति और, रंगरूप दिए जा रहे थे जो पूरी तरह से अशोभनीय हैं। इससे संपूर्ण हिंदू समाज की भावनाएं आहत हुई हैं। बजरंग दल ने चेतावनी दी है कि आगे इस तरह की मूर्तियां बनाई गईं या किसी भी रूप में देवी-देवताओं का मजाक उड़ाने की कोशिश की गई, तो उसका अंजाम गंभीर होगा। बजरंगदल से जुड़े लक्की रघुवंशी ने कहा कि मूर्तियां बनाने के लिए 50 से अधिक कलाकार पश्चिम बंगाल से आए हैं, जिनमें से कई की पहचान स्पष्ट नहीं है। न तो इनका पुलिस वेरिफिकेशन कराया गया। संगठन को आशंका है कि इनमें से कुछ लोग बांग्लादेशी घुसपैठिए या संदिग्ध मजहबी मानसिकता वाले भी हो सकते हैं। बजरंगदल के विजय पटेल, रघुवीर गुर्जर, राकेश चौहान, विजय यादव, कौशल ठाकुर, अमर गुर्जर सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने खजराना थाने पहुंचकर आरोपियों के केस दर्ज करवाया है। थाना प्रभारी मनोज सेंधव का कहना था कि अमित पाल सहित दो अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है कल हिंदूवादी संगठन ने मूर्ति बनाने वाले कलाकारों के ऊपर आपत्ति जताई थी जिसको लेकर धार्मिक भावना आहत होने की धारा में प्रकरण पंजीबद किया जाए, वही तीनों की गिरफ्तारी भी हो चुकी है।    

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जम्मू-कश्मीर में शहीद सैनिक श्री हरिओम नागर को दी श्रद्धांजलि

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जम्मू-कश्मीर में अपना कर्तव्य पालन करते हुए सर्वोच्च बलिदान देने वाले सैनिक श्री हरिओम नागर को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उनकी संवेदनाएं शोकाकुल परिजन के साथ हैं। मध्यप्रदेश की माटी के वीर सपूत का सर्वोच्च बलिदान मां भारती की सेवा और रक्षा के लिए सदैव देशवासियों को प्रेरित करता रहेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बाबा महाकाल से दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान देने के लिए भी प्रार्थना की है।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पूर्व विधायक श्री खेमराज पाटीदार के निधन पर दु:ख जताया

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पूर्व विधायक श्री खेमराज पाटीदार के निधन पर गहन दु:ख व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि श्री पाटीदार का देवलोकगमन पार्टी परिवार के लिए अपूरणीय क्षति है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बाबा महाकाल से दिवंगत आत्मा की शांति एवं स्व. पाटीदार के शोकाकुल परिजन को यह दु:ख सहन करने की शक्ति प्रदान करने के लिए प्रार्थना की है।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पूर्व राज्यपाल श्रद्धेय लालजी टंडन को श्रद्धांजलि अर्पित की

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्यप्रदेश के पूर्व राज्यपाल श्रद्धेय लालजी टंडन 'बाबूजी' की पुण्यतिथि पर विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि श्रद्धेय टंडन जी का संपूर्ण जीवन सेवा, संगठन और अनुशासन को समर्पित रहा, जो देशभक्ति और गरीब कल्याण के संकल्प का अनुकरणीय अध्याय है। श्री लालजी टंडन के समाज सेवा कार्यों से हम सभी को सदैव राष्ट्र के प्रति कर्तव्य बोध की प्रेरणा मिलती रहेगी।  

मानसून देगा रफ्तार पकड़, 23 जुलाई से नए सिस्टम के चलते शुरू होगा तेज़ बारिश का सिलसिला

भोपाल  मध्य प्रदेश में मानसून के कमजोर पड़ते ही बारिश का दौर थम गया है हालांकि अगले 48 घंटे बाद फिर नए वेदर सिस्टम के सक्रिय होने से तेज बारिश का दौर देखने को मिलेगा। फिलहाल 21 और 22 जुलाई को कहीं-कहीं हल्की बारिश होने की संभावना जताई गई है।जुलाई अंत में पूर्वी और दक्षिणी हिस्से में तेज बारिश होने का अनुमान है। आज सोमवार को जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, सिवनी, छिंदवाड़ा, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, नर्मदापुरम, हरदा और बैतूल जिलों में बारिश की संभावना जताई गई है।बता दे कि रविवार को मलाजखंड में सात, खजुराहो में दो, उज्जैन में एक मिलीमीटर बारिश हुई।दिन का सबसे अधिक 35 डिग्री सेल्सियस तापमान खजुराहो में दर्ज किया गया। नदियों में उफान के बाद क्या है प्रशासन की तैयारी? भारी बारिश के चलते प्रदेश के कई हिस्सों में नदियों और नालों का जलस्तर बढ़ गया है। बाढ़ की आशंका को देखते हुए राज्य सरकार और आपदा प्रबंधन विभाग ने संवेदनशील गांवों को अलर्ट पर रखा है। राहत दलों को तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं। भोपाल में कैसा है मौसम का हाल? भोपाल, इंदौर, उज्जैन जैसे शहरों में दिन में हल्की धूप और उमस बनी रही, लेकिन शाम होते-होते कई जगहों पर बादल छा गए और बौछारें शुरू हो गईं। वहीं, खजुराहो में सबसे ज्यादा 35 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। 23 जुलाई को भारी बारिश का अलर्ट मौसम विभाग की मानें तो 23 जुलाई से एक बार फिर मूसलधार बारिश की शुरुआत होगी। नागरिकों को चाहिए कि वे मौसम विभाग की चेतावनियों पर नजर बनाए रखें और बाढ़ संभावित क्षेत्रों में सतर्कता बरतें। मध्य प्रदेश मौसम विभाग का ताजा पूर्वानुमान वर्तमान में मानसून द्रोणिका गहरे कम दबाव के क्षेत्र से होकर चुरू, आयानगर (दिल्ली), शाहजहांपुर, लखनऊ, पटना, बांकुरा, दीघा से होते हुए बंगाल की खाड़ी तक जा रही है। एक गहरा कम दबाव का क्षेत्र पश्चिमी राजस्थान और उससे लगे पाकिस्तान पर बना हुआ है जिसके पश्चिम दिशा में कम दबाव के क्षेत्र में परिवर्तित होने के आसार हैं। एक पश्चिमी विक्षोभ जम्मू के आसपास द्रोणिका के रूप में सक्रिय है। 24 जुलाई को उत्तरी बंगाल की खाड़ी में एक कम दबाव का क्षेत्र बनने से फिर मानसून एक्टिव होगा और झमाझम बारिश का दौर देखने को मिलेगा। अबतक कहां कितनी हुई है वर्षा प्रदेश में अब तक औसत 20.5 इंच बारिश हो चुकी है। इस सीजन में एक जून से लेकर 20 जुलाई की सुबह साढ़े आठ बजे तक प्रदेश में कुल 521.9 मिमी. बारिश हो चुकी है, जो सामान्य वर्षा (323.2 मिमी.) की तुलना में 61 प्रतिशत अधिक है। 3 जिले निवाड़ी, टीकमगढ़ और श्योपुर में बारिश का कोटा पूरा हो चुका है। इन जिलों में सामान्य से 15% तक ज्यादा पानी गिर चुका है।इंदौर, उज्जैन, शाजापुर, बुरहानपुर और आगर-मालवा में 10 इंच से भी कम पानी गिरा है। इन जिलों के रास्ते वापसी करेगा मानसून मौसम विज्ञानियों के अनुसार, 23 जुलाई से पूर्वी मध्य प्रदेश के जिलों में एक नया मानसूनी द्रोणिका और अवदाब सक्रिय हो सकता है, जिसके कारण भारी बारिश (heavy rainfall) की वापसी संभव है। यह सिस्टम धीरे-धीरे पूरे पूर्वी भागों को प्रभावित कर सकता है। शहडोल, अनूपपुर, उमरिया, डिंडोरी, कटनी, जबलपुर, सिवनी, मंडला, बालाघाट, सतना, रीवा, सीधी, सिंगरौली और मऊगंज जैसे जिलों में भारी बारिश का दौर शुरू हो सकता है। वहीं, पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से राज्य के अन्य हिस्सों में भी अच्छी बारिश की संभावनाएं बनेंगी। कहां हुई बारिश, कितने मिमी दर्ज पश्चिमी मध्य प्रदेश के मंदसौर ज़िले के धुंधरका में पिछले 24 घंटों में सबसे ज़्यादा 19 मिमी बारिश दर्ज की गई। परसवाड़ा (बालाघाट) में 16 मिमी, मलाजखंड (बालाघाट) में 14.4 मिमी, कायमपुर (मंदसौर) में 13 मिमी, सीतामऊ (मंदसौर) में 12.4 मिमी और सौसर (छिंदवाड़ा) में 10 मिमी बारिश दर्ज की गई।

सड़क दुर्घटनाओ और भ्रस्टाचार के विरोध में 23 जुलाई को कलेक्ट्रेट का घेराव करेंगी कांग्रेस

सड़क दुर्घटनाओ और भ्रस्टाचार के विरोध में 23 जुलाई को कलेक्ट्रेट का घेराव करेंगी कांग्रेस  राज्यपाल के नाम कलेक्टर को सौपेगे ज्ञापन    सिंगरौली  सड़क दुर्घटनाओ, शासकीय दफ़्तरों में व्याप्त भ्रस्टाचार, खाद -बीज की कमी और बार-बार बिजली कटौती को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी ग्रामीण और शहर के संयुक्त तत्वाधान में 23 जुलाई को कलेक्ट्रेट  का घेराव किया जायेगाl  जिसमें विभिन्न समस्याओ के निराकरण हेतु राज्यपाल के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौपेगेl  जानकारी के अनुसार मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष  जीतू पटवारी के निर्देशानुसार मध्यप्रदेश भर में खाद की उपलब्धता में कमी, बिगड़ती कानून व्यवस्था, नशे का बढ़ता कारोबार, जर्जर सड़क, महंगी एवं बार बार गुल होती बिजली, गंदा पानी, दिन-प्रतिदिन लगातार बढ़ता टैक्स, सिंगरौली जिले की स्थानीय जन समस्याओं जैसे- प्रतिदिन हो रही सड़क दुर्घटनाओं के कारण असमय हो रही मौत से बचाव के लिए वैकल्पिक सुविधाओं की मांग, कोल ट्रांसपोर्ट के लिए बाईपास की मांग, प्रशासनिक स्तर पर व्याप्त भ्रष्टाचार को लेकर जिला स्तर पर प्रदर्शन करने का निर्णय लिया गया है। इसके संबंध में जिला कांग्रेस कमेटी सिंगरौली शहर  अध्यक्ष अरविन्द सिंह चंदेल एवं ग्रामीण  अध्यक्ष ज्ञानेंद्र द्विवेदी के नेतृत्व में 23 जुलाई को  दोपहर 3 बजे राजीव चौक माजन मोड़ से चलकर पदयात्रा के माध्यम से विरोध प्रदर्शन करते हुए कलेक्ट्रेट कार्यालय सिंगरौली पहुंचकर ज्ञापन सौंपा जाएगा। कलेक्ट्रेट कार्यालय में ज्ञापन देने के लिए सिंगरौली जिले से कांग्रेस पार्टी के सभी वरिष्ठ नेतागण, जिले में निवासरत प्रदेश कांग्रेस के समस्त पदाधिकारी गण, नगरीय निकाय के नेता प्रतिपक्ष, उपनेता प्रतिपक्ष एवं समस्त पार्षदगण, जिला कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष गण, पदाधिकारी एवं पूर्व पदाधिकारीगण, युवा कांग्रेस, महिला कांग्रेस, सेवादल, एनएसयूआई के वर्तमान एवं पूर्व अध्यक्ष, समस्त पदाधिकारी सभी सहयोगी संगठनों एवं प्रकोष्ठों के वर्तमान एवं पूर्व अध्यक्ष पदाधिकारी ब्लॉक मंडलम सेक्टर के अध्यक्ष गण एवं पदाधिकारी गण, सभी बीएलए एवं बूथों के अध्यक्षों से आवश्यक रूप से शामिल होने की अपील की गई हैl

लीला साहू की जिद हुई कामयाब, आखिरकार शुरू हुआ सड़क का काम

सीधी  सीधी जिले की सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर लीला साहू की मुखर आवाज रंग लाई. गर्भवती महिला की मांग पर अब सड़क निर्माण कार्य शुरू हो गया है. इसकी जानकारी खुद लीला ने ही एक वीडियो के जरिए दी.  रामपुर नैकिन विकासखंड इलाके के खड्डी खुर्द के बगैया टोला से गजरी को जोड़ने वाली सड़क की बेहद खराब स्थिति में थी. इसी को लेकर सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर लीला साहू पिछले एक साल से संघर्ष कर रही थीं.  उन्होंने जिले के कलेक्टर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी, मुख्यमंत्री  मोहन यादव, लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह और सांसद राजेश मिश्रा से सड़क निर्माण की मांग की थी. सड़क निर्माण के लिए ग्रामीणों संग आवाज उठाती गर्भवती लीला. लीला ने सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल कर सड़क की दुर्दशा दिखाई, जिससे भाजपा सरकार की काफी किरकिरी हुई.  लीला साहू का कहना था कि खराब सड़क होने से गांव की छह गर्भवती महिलाओं को अस्पताल जाने के लिए एंबुलेंस उनके घर तक नहीं पहुंच पाएगी. इस मामले में प्रदेश के लोक निर्माण  (PWD) मंत्री राकेश सिंह और सांसद डॉ. राजेश मिश्रा के बेतुके बयानों से भी विवाद हुआ. अब जिला प्रशासन ने बारिश के समय लीला साहू और गांव की समस्या को संज्ञान में लेते हुए सड़क निर्माण का प्रारंभिक कार्य शुरू कर दिया है. लीला साहू ने खुद सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट कर जेसीबी मशीन और रोलर के साथ सड़क निर्माण कार्य दिखाया और खुशी जाहिर की.  सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर लीला ने कहा कि खराब सड़क के कारण एक बार उनके घर तक एंबुलेंस नहीं आ पाई थी, अब इसीलिए सड़क पर अस्थायी काम शुरू हो गया है ताकि एंबुलेंस पहुंच सके.  

महाकाल के दरबार में श्रावण की श्रद्धा, महाकाल मंदिर में आस्था का जनसागर

उज्जैन  श्रावण के दूसरे सोमवार पर भगवान महाकाल की विशेष भस्मारती हुई, इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने चलित भस्मारती के दर्शन किए। सुबह से ही बड़ी संख्या में भोलेनाथ के भक्त मंदिर में उनके दर्शन पाने को उमड़ रहे हैं। शहर के हरसिद्धि मंदिर, गढ़ कालिका मंदिर, काल भैरव मंदिर और मंगलनाथ मंदिर में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। आज श्रावण के दूसरे सोमवार पर बाबा महाकाल की सवारी के दर्शन के लिए भी भक्त उज्जैन पहुंच रहे हैं। विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में श्रावण मास का उल्लास छाया है। श्रावण मास के दूसरे रविवार को मंदिर में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। देशभर से आए ढाई लाख से अधिक भक्तों ने भगवान महाकाल के दर्शन किए। भस्म आरती में भी 6616 दर्शनार्थियों ने चलायमान दर्शन व्यवस्था का लाभ लिया। कम समय में सुविधा से भगवान महाकाल के दर्शन कर भक्त खुश नजर आए। श्रावण के दूसरे सोमवार पर सुबह से ही मध्यप्रदेश के शिवालयों में भक्त पहुंच रहे हैं। उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में स्वस्तिवाचन कर पट खोले गए। कर्पूर आरती के बाद नंदी का स्नान, ध्यान, पूजन किया गया। भगवान महाकाल का जल अभिषेक करने के बाद दूध, दही, घी, शक्कर, शहद और फलों के रस से बने पंचामृत से पूजन किया गया। रजत चंद्र, त्रिशूल, मुकुट, आभूषण, भांग, चंदन और ड्रायफ्रूट से श्रृंगार कर भस्म अर्पित की गई। शेषनाग का रजत मुकुट, रजत की मुंडमाला और रुद्राक्ष के साथ-साथ सुगंधित फूलों की माला भगवान महाकाल ने धारण की। फल और मिष्ठान का भोग अर्पित किया गया। शाम चार बजे जगतपिता महाकाल अपनी प्रजा का हाल जानने के लिए नगर भ्रमण पर निकलेंगे। सीएम डॉ. मोहन यादव भी महाकाल की सवारी में शामिल होंगे। सुबह साढ़े 10 बजे तक यहां 85 हजार श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। खंडवा के ओंकारेश्वर में सुबह 5 बजे मंगला आरती हुई। ओंकार महाराज का फूलों से विशेष श्रृंगार किया गया। नैवेद्य में 56 भोग अर्पित किए गए। ग्वालियर में अचलेश्वर महादेव मंदिर को फूलों से सजाया गया है। सुबह 4 बजे से ही भक्त यहां भोले को अभिषेक करने पहुंच रहे हैं। सीहोर के कुबेरेश्वर धाम में विशेष अनुष्ठान किए जा रहे हैं। रात से ही कांवड़ यात्रियों की भी कतारें लगी हैं। भोपाल के बड़वाले महादेव, गुफा मंदिर, रायसेन के भोजपुर में भोजेश्वर महादेव में भी श्रद्धालु शिवशंकर के दर्शन-पूजन के लिए पहुंच रहे हैं। छतरपुर के जटाशंकर धाम को फूलों से सजाया गया है। सुबह 4:30 बजे से रात 11 बजे तक दर्शन महाकाल मंदिर समिति द्वारा भगवान महाकाल के दर्शन करने आने वाले दर्शनार्थियों की संख्या का निर्धारण हेडकाउंटिंग मशीन द्वारा किया जाता है। मंदिर से प्राप्त जानकारी के अनुसार 20 जुलाई रविवार को तड़के 3 बजे भस्म आरती में 6 हजार 616 भक्तों ने चलायमान व्यवस्था से भगवान महाकाल की भस्म आरती के दर्शनकिए। तड़के 4.30 बजे आरती संपन्न होने बाद आम दर्शन का सिलसिला शुरू हुआ, जो रात 11 बजे मंदिर के पट बंद होने तक निरंतर चलता रहा। मंदिर प्रशासन की जानकारी के अनुसार तड़के 4.30 से शाम 6 बजे तक 2 लाख 21 हजार 737 भक्तों ने भगवान महाकाल के दर्शन कर लिए थे। इसके बाद रात 11 बजे पट बंद होने तक भक्तों की संख्या ढाई लाख को पार कर गई थी। 21 जुलाई को श्रावण का दूसरा सोमवार व भगवान महाकाल की सवारी होने से दर्शनार्थियों की संख्या औरअधिक रहने का अनुमान है।