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राजधानी भोपाल में टॉयलेट संकट, जगह की कमी से स्वच्छता मिशन पर लगा ब्रेक

भोपाल. स्वच्छता सुविधाएं बढ़ाने के लिए नगर निगम द्वारा शहर के 85 वार्डों में 160 सार्वजनिक शौचालय बनाए जाने हैं, लेकिन निगम प्रशासन के लिए इन शौचालयों के लिए जगह निर्धारित करना चुनौती बन गया है। कई स्थानों पर स्थानीय नेताओं और रहवासियों की आपत्तियों के चलते निर्माण कार्य अटक गया है। यही वजह है कि अभी तक 70 स्थानों पर ही निर्माण शुरू हो सका है। दरअसल, नगर निगम को केंद्र सरकार से अमृत 2.0 परियोजना के तहत 160 सार्वजनिक शौचालय बनाने के लिए राशि जारी की गई है। एक शौचालय के निर्माण पर लगभग चार लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। शहर के सभी 85 वार्डों में ऐसे स्थान चिह्नित किए जा रहे हैं, जहां सार्वजनिक शौचालयों की जरूरत अधिक है। निगम के अधिकारियों के मुताबिक, एक शौचालय को 160 वर्ग फीट में तैयार करना है। 160 में से अभी तक 106 शौचालयों के लिए ही जगह चिह्नित की जा सकी है। हालांकि, इनमें से भी अभी तक करीब 70 स्थानों पर ही निर्माण कार्य शुरू हो पाया है। वहीं, 30 से अधिक शौचालय रहवासियों के विरोध और नेताओं की आपत्ति के चलते अधर में लटके हुए हैं।रहवासी भी कर रहे हैं विरोधवहीं, कई इलाकों में स्ट्रक्चर खड़े करने के बाद भी विरोध शुरू हो गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय पर सफाई और मेंटनेंस नहीं हुआ तो आसपास गंदगी और दुर्गंध फैलने लगेगी। शहर में पहले से संचालित कई सुलभ और सार्वजनिक शौचालय निजी केयरटेकर एजेंसियों के जरिए संचालित हो रहे हैं, लेकिन नए बनने वाले शौचालयों की देखरेख को लेकर स्पष्ट व्यवस्था सामने नहीं आई है। शौचालयों निर्माण के लिए जगह को लेकर हो रहा विवाद शौचालयों के निर्माण के लिए जगह को लेकर विवाद की स्थिति भी बनने लगी है। कई मामलों में जमीन के स्वामित्व और उपयोग को लेकर आपत्तियां न्यायालय तक पहुंच गई हैं। अब तक चार मामले न्यायालय में पहुंच चुके हैं। विवाद से बचने के लिए निगम पहले चयनित स्थानों पर प्रारंभिक खुदाई करवा रहा है और आपत्ति नहीं आने पर आगे का निर्माण शुरू किया जा रहा है। वहीं, ऐशबाग क्षेत्र में बाग उमराव दूल्हा क्षेत्र में बनाए जा रहे एक शौचालय के लिए जाने वाले रास्ते पर रेलवे ने दीवार खड़ी कर दी है। अब इस जगह को लेकर निगम प्रशासन ने रेलवे को पत्र लिखा है। शहर में यूरिनल निर्माण के लिए 106 जगह चिह्नित की गईं थीं। इनमें से करीब 70 जगह निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है। वहीं, अन्य जगह भी जल्द ही निर्माण कार्य शुरू किए जाएंगे।- आरआर जारोलिया, अधीक्षण यंत्री, नगर निगम।

पीएम जन-मन के तहत प्रदेश को मिली 261 करोड़ लागत वाली 384 किमी सड़क परियोजनाएं, 168 जनजातीय बहुल बसाहटों को मिलेगा सीधा लाभ

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि विकास की प्रबल इच्छा-शक्ति हो, तो एक योजना ही पूरे देश के ग्रामीण इलाकों की तकदीर बदल सकती है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना ने यह संभव कर दिखाया है। इस योजना से बनीं सड़कें गांवों की जीवन धारा बन चुकी हैं। ग्रामीण भारत की तकदीर और तस्वीर बदलने में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना का योगदान अतुलनीय है। देश-प्रदेश के छोटे-बड़े कस्बों, गांव-देहात, टोले-मजरों की अंतिम सीमा तक पक्की सड़कों की पहुंच हो गई है। अब ग्रामीण क्षेत्रों तक आवागमन बेहद आसान हो गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ग्राम विकास कार्यक्रमों और लोक कल्याणकारी योजनाओं को धरातल में उतारकर समावेशी विकास की लक्ष्य पूर्ति में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से नई रफ्तार मिली है। ग्राम्य भारत का पूरा परिदृश्य ही बदल देने वाली प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के 25 साल पूरे होने पर आज मध्यप्रदेश इस ऐतिहासिक अवसर का साक्षी बन रहा है। इस योजना का रजत जयंती समारोह वास्तव में ग्रामीण विकास के एक नए युग का उद्घोष है। पीएमजीएसवाय-फोर और पीएम जन-मन का राष्ट्रव्यापी शुभारंभ देश के गांवों को मजबूत, टिकाऊ और सर्वकालिक सड़क सम्पर्क से जोड़ने की दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण कदम है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को सीहोर जिले के भैरुंदा में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना फेज-4 एवं प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाभियान (पीएम जन-मन) के कार्यों के शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव, केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री  शिवराज सिंह चौहान, केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं संचार राज्यमंत्री डॉ. चंद्रशेखर पेम्मासानी, केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्यमंत्री  कमलेश पासवान सहित अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलन कर राज्य स्तरीय समारोह का विधिवत् शुभारंभ किया। कार्यक्रम में पीएमजीएसवाय की 25 वर्षों की यात्रा पर केंद्रित एक लघु फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारा मध्यप्रदेश ग्रामीण कनेक्टिविटी के मामले में देश में पहले स्थान पर है। प्रदेश में बीते कुछ सालों में 90 हजार 150 किमी सड़कों का निर्माण कर 17 हजार 540 से अधिक बसाहटों को मुख्य मार्गों से जोड़ा गया है। पिछले 25 सालों में सड़कों से मंडियों तक किसानों की पहुंच आसान हुई है। बच्चों की शिक्षा नियमित हुई और स्वास्थ्य सेवाओं में भी व्यापक सुधार हुआ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस समारोह के जरिए मध्यप्रदेश को 5 हजार करोड़ रुपये से अधिक की सौगातें मिली हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास की बात पर हम सभी साथ हैं। गरीब का कल्याण हमारा लक्ष्य है। इस लक्ष्य की पूर्ति के लिए हम केन्द्र सरकार के साथ कदम से कदम मिलाकर काम करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गांव-देहात की सड़क एक रास्ता भर नहीं होती, यह विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और सम्मानजनक जीवन की आधार रेखा होती है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना ने देश के गांवों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का कार्य किया है। पीएमजीएसवाय-फोर ग्रामीण भारत को आत्मनिर्भर और समृद्ध बनाने में मील का पत्थर सिद्ध होगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में ग्रामीण अधोसंरचना को लगातार मजबूत किया जा रहा है। मध्यप्रदेश हमेशा ही इस राष्ट्रीय अभियान में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। सुदूरवर्ती गांवों तक सड़क बनने से किसानों को बाजार तक पहुंचने, विद्यार्थियों को शिक्षा, मरीजों को स्वास्थ्य सेवाएं और युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर मिले हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में बुधनी क्षेत्र से आज प्रदेश को विकास की बड़ी सौगातें मिली हैं। उन्होंने कहा कि स्व. अटल जी ने 25 साल पहले ग्रामीण सड़कों के निर्माण की शुरुआत की थी, जिसे भारत सरकार के सहयोग से राज्य सरकार आगे बढ़ा रही है। आज प्रदेशवासियों को प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़कें, प्रधानमंत्री आवास और अधूरे कार्यों को पूरा करने के लिए राशि मिली है। सड़कों के निर्माण और रखरखाव के लिए मध्यप्रदेश को अलग-अलग कैटेगरी में तीन पुरस्कार मिले हैं। ग्रामीण सड़कों के निर्माण के मामले में मध्यप्रदेश देश में प्रथम स्थान पर है। उन्होंने कहा कि विदिशा लोकसभा संसदीय क्षेत्र के विकास में कोई कसर नहीं रहने दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों द्वारा मांगे गए सभी विकास कार्यों एवं मांगों पर सहमति देते हुए इनकी पूर्ण मंजूरी की घोषणा की। केन्द्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री  चौहान ने पीएमजीएसवाय-फोर एवं पीएम-जन-मन योजनाओं के स्वीकृति आदेश मुख्यमंत्री डॉ. यादव को सौंपे। केन्द्रीय मंत्री  चौहान ने मध्यप्रदेश को वर्तमान वित्त वर्ष 2026-27 के लिए प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से संबंधित निधि का 830 करोड़ रुपये सांकेतिक आवंटन मुख्यमंत्री डॉ. यादव को सौंपा। कार्यक्रम के दौरान देश के अन्य राज्यों/केन्द्र शासित प्रदेशों को डिजिटल माध्यम से वर्ष 2026-27 के लिए पीएमजीएसवाय से संबंधित निधि 18 हजार 907 करोड़ रुपये का सांकेतिक वित्तीय आवंटन जारी किया गया। इसमें से 830 करोड़ रुपये मध्यप्रदेश में होने वाले विकास कार्यों के लिए आरक्षित हैं। कार्यक्रम में केन्द्रीय मंत्री  चौहान ने प्रधानमंत्री आवास योजना – ग्रामीण के अंतर्गत मध्यप्रदेश को 2 हजार 55 करोड़ रुपये की मदर सैंक्शन जारी कर इसका स्वीकृति पत्र मुख्यमंत्री डॉ. यादव को सौंपा। केन्द्र सरकार का यह बजट आवंटन ग्रामीण क्षेत्रों में अधोसंरचना विकास और आवासीय सुविधाओं को नई गति देगा। केन्द्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री  चौहान ने भारत सरकार द्वारा मूंग एवं सरसों की फसल समर्थन मूल्य में खरीदे जाने का स्वीकृति पत्र भी मुख्यमंत्री डॉ. यादव सौंपा। रजत जयंती समारोह के दौरान ही प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले राज्यों/केन्द्र शासित प्रदेशों के प्रतिनिधियों को सम्मानित किया गया। इसके लिए लम्बाई, बसाहटों को जोड़ना, तकनीक के उत्कृष्ट प्रदर्शन, रखरखाव एवं गारंटी पीरियड के बाद भी बेहतर रख-रखाव के मानक की कुल पांच श्रेणियां बनाई गई हैं। इन श्रेणियों में से सर्वाधिक लम्बाई वाली पीएमजीएसवाय सड़क निर्माण में मध्यप्रदेश को पहला स्थान मिला है। मध्यप्रदेश में कुल 90 हजार 150 किमी सड़कों का निर्माण किया गया है। पीएमजीएसवाय सड़कों से ग्रामीण बसाहटों को जोडने की श्रेणी में बिहार राज्य को पहला स्थान प्राप्त हुआ। दूसरा स्थान मध्यप्रदेश को मिला। मध्यप्रदेश में कुल 17 हजार 793 ग्रामीण बसाहटों को पक्की बारहमासी सड़कों से जोड़ा गया है। गारंटी पीरियड के बाद भी सड़कों को बेहतर रख-रखाव के मामले में मध्यप्रदेश को पहला स्थान मिला है। बताया गया … Read more

दस्यु प्रभावित क्षेत्र अब प्रगति से बना रहा है नई पहचान गुनिया नदी के पुनर्जीवन के लिए लेंगे केन्द्र सरकार का सहयोग

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में सभी तरह के उद्योगों की स्थापना पर जोर दिया जा रहा है। मध्यप्रदेश सरकार युवाओं के लिए रोजगार को प्राथमिकता देते हुए किसानों, महिलाओं और गरीबों के साथ सभी वर्गों के कल्याण के लिए सक्रिय है। पर्यटन और पशुपालन के क्षेत्र में प्रदेश महत्वपूर्ण उपलब्धियां प्राप्त करेगा। गुना क्षेत्र में सीमेंट निर्माण इकाई से डेढ़ हजार लोगों को रोजगार प्राप्त होगा। अडाणी समूह की ओर से 32 हैक्टेयर भूमि पर इस इकाई की स्थापना के फलस्वरूप 4 मिलीयन टन सीमेंट उत्पादन होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को गुना जिले में अंम्बुजा सीमेंट फैक्ट्री के शिलान्यास कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने औद्योगिक विकास, अधोसंरचनात्मक सुदृढ़ीकरण और रोजगार सृजन को नई गति देने के उद्देश्य से विभिन्न विकास कार्यों का भूमि-पूजन और लोकार्पण भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इन विकास कार्यों से गुना जिले में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार होगा तथा आमजन को बेहतर सेवाओं का लाभ मिलेगा। प्रदेश का ग्वालियर और चंबल अंचल कभी डकैतों की गोलियों से गूंजता था, अब यहां विकास का परचम लहरा रहा है। अब यहां दस्युओं के स्थान पर प्रगति पहचान का माध्यम बनी है। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश बदल रहा है। सरकार जनहित के लिए निरंतर कार्य कर रही है। गुना अंचल के लिए आज होली और दीपावली के त्यौहारों की तरह उल्लास का वातावरण है। इस क्षेत्र में सिंचाई, पानी, बिजली के साथ सभी नागरिक सुविधाओं का विस्तार किया गया है, जो आगे भी जारी रहेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की महत्वपूर्ण घोषणाएं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि एक समय इस क्षेत्र के विकास के लिए सिंधिया परिवार द्वारा पहल की गई थी। अब केंद्र और राज्य सरकार मिलकर विकास को गति दे रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केंद्रीय मंत्री  सिंधिया द्वारा दिए गए सुझावों को मानते हुए तीन महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। इनमें गुनिया नदी के पुनर्जीवन के लिए 80 करोड़ 22 लाख राशि का प्रस्ताव भारत सरकार की जल शक्ति योजना में भेजने, लक्ष्मण कोपरा से राम नगर टकोदिया तक पहुंच को आसान बनाने के लिए पार्वती नदी पर 42 करोड़ रुपए की लागत से ब्रिज निर्माण और गुना शहर के भुजारिया तालाब के सौंदर्यीकरण के लिए 25 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत करने की घोषणा शामिल है। उद्योग खुलने से युवाओं को रोजगार के लिए बाहर नहीं जाना होगा : केंद्रीय मंत्री  सिंधिया केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री  ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि प्रदेश के विकास के लिए मुख्यमंत्री डा. यादव परिश्रम और निष्ठा से कार्य कर रहे हैं। गुना के विकास के लिए नई दीप माला प्रज्ज्वलित हो रही है। केन्द्रीय मंत्री  सिंधिया ने कहा कि गुना क्षेत्र में सीमेंट इकाई की स्थापना एक ऐतिहासिक कदम है। यह कार्य बहुप्रतिक्षित था। उन्होंने लगभग सौ वर्ष पूर्व सिंधिया परिवार द्वारा इस क्षेत्र में किए गए औद्योगीकरण के प्रयासों का उल्लेख भी किया।  सिंधिया ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार उद्योगों की स्थापना के लिए लगातार कार्य कर रही है, जिससे गुना के युवाओं को अन्य प्रांतों में रोजगार तलाशने नहीं जाना पड़ेगा। बहनों को भी लखपति दीदी बनाकर समृद्धि का लाभ दिलवाया जा रहा है। केंद्रीय मंत्री  सिंधिया ने कहा कि कोटा-बीना लाइन के दोहरीकरण, तात्या टोपे विश्वविद्यालय प्रारंभ करने की पहल, जल प्रदाय योजना और सिंचाई योजनाओं के क्रियान्वयन, गुना से देवास राष्ट्रीय राजमार्ग को चौड़ा बनाने के लिए 5 हजार करोड़ के व्यय, गुना के लिए 15 किलोमीटर लंबाई के बायपास जैसे कार्य आमजन को सुविधा प्रदान कर रहे हैं। कृषि क्षेत्र में गुना -चाचौड़ा- राघोगढ़ क्षेत्र के किसान पंजाब की तरह पहचान बना रहे हैं। मध्यप्रदेश में औद्योगिक क्षेत्र हो रहा सशक्त :  प्रणव अदाणी उद्योगपति  प्रणव अदाणी ने कहा कि मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. यादव के प्रयासों से विकास को नई रफ्तार मिली है। अधोसंरचना, लॉजिस्टिक, ट्रांसपोर्ट और अन्य सुविधाओं से मध्यप्रदेश में उद्योग क्षेत्र की मजबूती सुनिश्चित की जा रही है। पीएम गति शक्ति मिशन से औद्योगिक क्षेत्र का वातावरण सशक्त हो रहा है। गत वर्ष भोपाल में हुई ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में अदाणी समूह के चेयरमेन  गौतम अदाणी ने एक लाख हजार करोड़ से अधिक निवेश का संकल्प व्यक्त किया था, जिसे साकार करने के लिए सीमेंट इकाई की आधारशिला रखी जा रही है। प्रथम चरण में एक हजार 60 करोड़ का निवेश किया जा रहा है, जो आगामी चरणों में तीन गुना से अधिक होगा।  अदाणी ने मध्यप्रदेश में कटनी, कैमोर सहित अन्य क्षेत्रों में सीमेंट और अन्य इकाइयों की स्थापना की पहल की गई। समूह द्वारा ऊर्जा क्षेत्र में भी प्रोजेक्ट अमल में लाए जाएंगे। खाद्य,नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता संरक्षण एवं गुना जिले के प्रभारी मंत्री  गोविंद सिंह राजपूत ने कहा कि प्रदेश में विकास का पहिया तीव्र गति से घूम रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उद्योग वर्ष के बाद कृषि वर्ष में प्रदेश में समृद्धि के प्रयास तेज किए हैं। परियोजनाओं के लिए जिन किसानों की भूमि ली जाएगी उन्हें चार गुना मुआवजा देने का निर्णय लिया गया। प्रदेश में भारत सरकार से अनुमति प्राप्त करने के बाद 78 लाख मीट्रिक टन के स्थान पर 100 लाख मीट्रिक टन गेहूं का उपार्जन किया जा रहा है। किसानों को उनकी मेहनत की पूरी कीमत दी जा रही है। कार्यक्रम में जिले के विधायकगण और अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। रोड शो में हुआ भव्य स्वागत मुख्यमंत्री डॉ. यादव और केंद्रीय मंत्री  सिंधिया के गुना आगमन पर रोड-शो में नागरिकों ने पुष्पहारों से भव्य स्वागत किया गया। स्थानीय नागरिक जिनमें युवा, व्यापारी वर्ग, महिला समाज, सामाजिक कार्यकर्ता शामिल थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नागरिकों का अभिवादन किया।  

रात में एक्शन मोड में दिखे ऊर्जा मंत्री तोमर, अस्पताल और बिजली केंद्रों का किया निरीक्षण

भोपाल ऊर्जा मंत्री  प्रद्युम्न सिंह तोमर शनिवार देर रात अचानक निरीक्षण के लिए निकल पड़े। विद्युत उपकेन्द्र मोतीझील और बहोड़ापुर पहुंचे जहां उन्होंने विद्युत वितरण व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने मेंटेनेंस, विद्युत सप्लाई और शिकायतों के संबंध में जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान उन्होंने उपकेंद्र कार्यालय का निरीक्षण किया तथा कर्मचारियों से बुनियादी सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि हालात सुधार लें अन्यथा अगली बार सिर्फ चेतावनी नहीं दूंगा, सीधे कार्यवाही होगी। ऊर्जा मंत्री  तोमर रात में ही अचानक सिविल अस्पताल हजीरा पहुंचे। निरीक्षण के दौरान गहन चिकित्सा इकाई (आईसीयू) में गर्मी के बीच एसी बंद मिलने पर उन्होंने नाराजगी जताई और अस्पताल प्रबंधन को एसी दुरुस्त कराने के निर्देश दिए। मंत्री  तोमर ने दो टूक कहा कि अति-संवेदनशील वार्डों में इस तरह की लापरवाही ठीक नहीं है। उन्होंने मौके से ही अस्पताल प्रभारी डा. प्रशांत नायक को फोन लगाकर तत्काल व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश दिए। मंत्री  तोमर ने केवल मशीनों का ही नहीं, बल्कि मानव संसाधन का भी जायजा लिया। उन्होंने ड्यूटी पर मौजूद डाक्टर से सवाल किया कि रात के समय अस्पताल में कितना स्टाफ तैनात रहता है। इमरजेंसी में बैकअप की क्या तैयारी है। क्या सभी जरूरी जीवन रक्षक दवाएं स्टाक में उपलब्ध हैं। ऊर्जा मंत्री  तोमर ने अस्पताल प्रशासन को निर्देशित किया कि मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं में किसी भी स्तर पर कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ऊर्जा मंत्री ने सिविल अस्पताल एवं प्रसूति गृह बिरला नगर का भी औचक निरीक्षण कर स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने अस्पताल की कार्यप्रणाली की समीक्षा की और उपस्थित चिकित्सकों व स्टाफ से चर्चा की। निरीक्षण के दौरान ऊर्जा मंत्री ने वार्डों में जाकर उपचाराधीन मरीजों एवं उनके परिजनों से आत्मीय भेंट की। उनकी कुशलक्षेम और अस्पताल द्वारा दी जा रही सुविधाओं के संबंध में जमीनी हकीकत को जाना। साथ ही ऊर्जा मंत्री ने अस्पताल परिसर में स्वच्छता सुनिश्चित करने और मरीजों को उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिये संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आमजन को सुलभ, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। जनता की सेवा और उनके स्वास्थ्य के प्रति हम पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। बिरला नगर प्रसूति गृह से ऊर्जा मंत्री मनोरंजनालय पार्क पहुँचे यहाँ की विद्युत, लाइटिंग एवं अन्य मूलभूत व्यवस्थाओं का निरीक्षण करते हुए रात्रिकालीन व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति का जायजा लेकर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। ऊर्जा मंत्री ने आनंद नगर स्थित बड़ा पार्क तथा शील नगर (बहोड़ापुर) स्थित डॉ. बी.आर. अम्बेडकर पार्क का निरीक्षण कर रात्रिकालीन व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान पार्क में प्रकाश व्यवस्था, स्वच्छता, सुरक्षा एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं का निरीक्षण कर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने कहा कि एक जनप्रतिनिधि के नाते आपके इस सेवक का यह दायित्व है कि हमारे सार्वजनिक स्थल न केवल सुंदर हों, बल्कि सुरक्षित भी हों। शनिवार रात अपने भ्रमण के दौरान उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि अधिकारी और कर्मचारियों की कार्य के प्रति लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।  

40 किलो अनाज नहीं मिला तो भड़का मजदूर, राजगढ़ में बस रोककर किया प्रदर्शन

राजगढ़. मेहनत की कमाई से खरीदे 40 किलो गेहूं का कट्टा गायब हुआ तो एक मजदूर का गुस्सा सड़क पर उतर आया। राजस्थान रोडवेज की बस जैसे ही खिलचीपुर बस स्टैंड से रवाना होने लगी, मजदूर बस के सामने बैठ गया और बोला- “गेहूं नहीं मिला तो बस भी नहीं जाएगी।” करीब 25 मिनट तक बस स्टैंड पर हंगामे जैसी स्थिति बनी रही। यात्री परेशान होते रहे, भीड़ जमा हो गई और आखिरकार मामला 500 रुपये देकर शांत कराया गया। अकलेरा से लेकर आया था परिवार का राशन खिलचीपुर के कालाजी बड़ली निवासी बिरम मोगिया मजदूरी कर परिवार चलाता है। शुक्रवार शाम वह राजस्थान के अकलेरा से 40 किलो गेहूं का कट्टा लेकर कोटा-ब्यावरा रोडवेज बस में सवार हुआ था। उसने गेहूं का कट्टा बस की डिग्गी में रखवाया, लेकिन खिलचीपुर पहुंचने पर उसका सामान गायब मिला। बस कंडक्टर से शिकायत करने पर उसे कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला और उसे खिलचीपुर बस स्टैंड पर उतार दिया गया, जिसके बाद बस आगे निकल गई। आरोप है कि किराया लेने के बावजूद कंडक्टर ने टिकट तक नहीं दिया। अगले दिन बस देखते ही अड़ गया मजदूर शनिवार सुबह वही बस फिर खिलचीपुर बस स्टैंड पहुंची तो बिरम पहले से वहां मौजूद था। बस जैसे ही रवाना होने लगी, वह अचानक बस के सामने बैठ गया। उसने साफ कह दिया कि “जब तक मेरा गेहूं नहीं मिलेगा, बस आगे नहीं जाएगी।” हालात ऐसे बने कि मजदूर ने बस के आगे लेटने तक की चेतावनी दे डाली। यात्रियों की भीड़, बस स्टैंड पर हंगामा मजदूर के विरोध के चलते करीब 25 मिनट तक बस खड़ी रही। बस में बैठे यात्री परेशान होते रहे, वहीं बाहर लोगों की भीड़ जुट गई। स्थिति बिगड़ती देख बस परिचालक ने मजदूर को 500 रुपये दिए। इसके बाद स्थानीय लोगों ने समझाइश देकर मामला शांत कराया और बस को रवाना किया गया।

तेज रफ्तार टैंकर बना काल, इंदौर में बाइक सवार मां-बेटे को कुचला, तड़पती मां ने तोड़ा दम

इंदौर तिलक नगर थाना क्षेत्र में रविवार सुबह-सुबह दर्दनाक हादसे में महिला की मौत हो गई। लापरवाह टैंकर चालक ने मां-बेटे को चपेट में ले लिया और महिला की मौके पर ही मौत हो गई। टैंकर नगर निगम का अटैच बताया जा रहा है। मौके से चालक फरार भी हो गया है। महिला का बेटा घायल हुआ है। क्या है मामला टीआई मनीष लोधा के मुताबिक घटना में मुमताब बाग कालोनी निवासी 40 वर्षीय अर्चना पति संतोष राठौर की मौत हुई है। वह निजी अस्पताल में नौकरी करती थी। अर्चना अपने बेटे गणेश राठौर के साथ ड्यूटी जा रही थी। जैसे ही वे बंगाली कालोनी पहुंचे, सुलभ शौचालय के समीप ट्रैक्टर पानी का टैंकर लेकर आ गया। चालक ब्रेक नहीं लगा सका और गणेश की बाइक को टक्कर मार दी। गणेश और अर्चना घायल होकर गिर गए। अर्चना खून से सन चुकी थी। घायल अवस्था में भी गणेश ने मां को संभालने की कोशिश की और गोद में लेकर बैठ गया। कुछ देर में अर्चना ने दम तोड़ दिया। मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। दृश्य देखकर लोगों की आंखें भर आईं। सूचना पर पुलिस पहुंची और शव को अस्पताल पहुंचाया। गणेश ने बताया कि वह मां को ड्यूटी पर छोड़ने जा रहा था। पुलिस ने टैंकर और ट्रैक्टर को जब्त कर लिया है। पानी के टैंकर से आठ दिन में दूसरी मौत शहर में पानी भरकर मौत बांट रहे टैंकरों की भरमार हो गई है। आए दिन हादसे हो रहे हैं। पुलिस, नगर निगम और परिवहन विभाग जांच नहीं करता है। 2 फरवरी को ही एक टैंकर ने 25 वर्षीय युवक विजय ठाकुर की जान ले ली थी। विजय साथी रविंद्र के साथ बाइक से जा रहा था। बायपास (कनाड़िया) पर चालक ने टक्कर मार दी और पहिया सिर से निकल गया।  

पर्यटन विभाग की बड़ी लापरवाही उजागर, गेहूं सर्वे कंपनी को सौंप दिया गया था बरगी क्रूज संचालन

जबलपुर बरगी जलाशय में हुए क्रूज हादसे की जांच में एक और चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है। प्रारंभिक पड़ताल में पता चला है कि मध्य प्रदेश पर्यटन निगम में क्रूज संचालन आउटसोर्स कर्मचारियों के माध्यम से किया जा रहा था। इसके लिए भोपाल से संचालित आरबी एसोसिएट ग्लोबल कनेक्ट प्राइवेट लिमिटेड को ठेका दिया गया था। इस कंपनी के द्वारा ठेके पर मानव संसाधन पर्यटन विभाग को उपलब्ध कराए जाते हैं। कृषि क्षेत्र की कंपनी को मिला पर्यटन का जिम्मा प्रारंभिक जानकारी के अनुसार मेकल रिसॉर्ट बरगी में कार्य करने वाले अधिकांश कर्मचारी आउटसोर्स में थे। जिस क्रूज हादसे में 13 लोगों की डूबने से मौत हुई थी, उस क्रूज में कार्य करने वाले कर्मचारी भी आउटसोर्स में कार्यरत थे। ये सभी आरबी एसोसिएट के लिए कार्य करते थे। कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट से मिली जानकारी के अनुसार यह कंपनी मूल रूप से मानव संसाधन उपलब्ध करवाती है और इसका प्रमुख कार्य कृषि क्षेत्र में है। गेहूं के लिए सर्वेयर की नियुक्ति कंपनी की तरफ से होती है। बिना अनुभव वाली कंपनी पर मेहरबानी कंपनी ने अपने प्रोफाइल में यह जानकारी दी हुई है। कंपनी की तरफ से पर्यटन के क्षेत्र में कार्य करने का कोई खास अनुभव नहीं दर्शाया गया है। ऐसे में सवाल उठता है कि बिना अनुभव वाली नई-नवेली कंपनी को प्रदेश के पर्यटन क्षेत्र में मानव संसाधन का ठेका देना क्या वाजिब था? सिर्फ यहीं मप्र पर्यटन में जल क्रीड़ा के प्रभारी सीडीआर राजेंद्र निगम ने माना कि क्रूज संचालन करने वाले महेश पटेल आउटसोर्स कर्मचारी थे, लेकिन उन्होंने दावा किया कि महेश पर्याप्त अनुभवी थे। विभाग का पक्ष और कर्मचारी का अनुभव महेश पटेल ने खुद अपने बयान में बताया कि उसके पास 12 साल से क्रूज संचालन का अनुभव था। राजेंद्र निगम ने कहा कि ठेका कंपनी कौन थी यह मायने नहीं रखता है। ठेके से संबंधित कार्य उनके विभाग का नहीं है। उन्होंने कहा कि हम सिर्फ यह कह सकते हैं कि महेश पटेल जो क्रूज चला रहे थे उनके पास पर्याप्त अनुभव था। वेबसाइट पर दर्ज जानकारी और सुरक्षा पर प्रश्न आरबी एसोसिएट ग्लोबल कनेक्ट प्राइवेट लिमिटेड की आधिकारिक वेबसाइट से मिली जानकारी के अनुसार वर्ष 2022 में स्थापित यह कंपनी मूल रूप से मध्यप्रदेश स्टेट सिविल सप्लाइज कॉर्पोरेशन और राज्य सहकारी विपणन संघ मर्यादित के लिए गेहूं गुणवत्ता परीक्षण और सर्वेयर कार्य हेतु आउटसोर्स कर्मचारियों की व्यवस्था करती रही है। अब यही कंपनी पर्यटन निगम के अंतर्गत क्रूज संचालन से जुड़े कर्मचारियों की नियुक्ति कर रही थी। जांच के घेरे में सुरक्षा मानक और आपदा प्रबंधन सूत्रों के अनुसार कंपनी के पास पर्यटन, जल परिवहन या क्रूज संचालन का विशेष अनुभव नहीं था। हालांकि, आउटसोर्स व्यवस्था के तहत अधिकांश पुराने कर्मचारियों को ही दोबारा रखा गया था, जो वर्षों से कार्यरत बताए जा रहे हैं। इसके बावजूद हादसे के बाद यह सवाल उठने लगे हैं कि क्या संवेदनशील पर्यटन और जल सुरक्षा सेवाओं में विशेषज्ञता रखने वाली एजेंसियों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए थी। अधिकारियों का तबादला, देखें लिस्ट जांच एजेंसियां अब इस बात की भी पड़ताल कर रही हैं कि कर्मचारियों के प्रशिक्षण, सुरक्षा मानकों और आपदा प्रबंधन संबंधी प्रक्रियाओं का पालन किस स्तर तक किया गया था। हादसे के बाद प्रशासनिक और तकनीकी जवाबदेही को लेकर कई गंभीर प्रश्न खड़े हो गए हैं।     पर्यटन विभाग में सैकड़ों कर्मचारी आउटसोर्स पर कार्य करते हैं। आरबी एसोसिएट ग्लोबल कनेक्ट प्राइवेट लिमिटेड को आउटसोर्स का ठेका मिला हुआ है। मैं इस बारे में बहुत कुछ नहीं बोल सकता हूं। मेरा तबादला हो चुका है।- संजय मल्होत्रा, पर्यटन विभाग (क्रूज हादसे के वक्त क्षेत्रीय अधिकारी जबलपुर)  

40 किलो गेहूं गायब होने से भड़का मजदूर, सड़क पर धरने पर बैठ बस रुकवाई

 राजगढ़  मेहनत की कमाई से खरीदे 40 किलो गेहूं का कट्टा गायब हुआ तो एक मजदूर का गुस्सा सड़क पर उतर आया। राजस्थान रोडवेज की बस जैसे ही खिलचीपुर बस स्टैंड से रवाना होने लगी, मजदूर बस के सामने बैठ गया और बोला— “गेहूं नहीं मिला तो बस भी नहीं जाएगी।” करीब 25 मिनट तक बस स्टैंड पर हंगामे जैसी स्थिति बनी रही। यात्री परेशान होते रहे, भीड़ जमा हो गई और आखिरकार मामला 500 रुपये देकर शांत कराया गया। अकलेरा से लेकर आया था परिवार का राशन खिलचीपुर के कालाजी बड़ली निवासी बिरम मोगिया मजदूरी कर परिवार चलाता है। शुक्रवार शाम वह राजस्थान के अकलेरा से 40 किलो गेहूं का कट्टा लेकर कोटा-ब्यावरा रोडवेज बस में सवार हुआ था। उसने गेहूं का कट्टा बस की डिग्गी में रखवाया, लेकिन खिलचीपुर पहुंचने पर उसका सामान गायब मिला। बस कंडक्टर से शिकायत करने पर उसे कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला और उसे खिलचीपुर बस स्टैंड पर उतार दिया गया, जिसके बाद बस आगे निकल गई। आरोप है कि किराया लेने के बावजूद कंडक्टर ने टिकट तक नहीं दिया। अगले दिन बस देखते ही अड़ गया मजदूर शनिवार सुबह वही बस फिर खिलचीपुर बस स्टैंड पहुंची तो बिरम पहले से वहां मौजूद था। बस जैसे ही रवाना होने लगी, वह अचानक बस के सामने बैठ गया। उसने साफ कह दिया कि “जब तक मेरा गेहूं नहीं मिलेगा, बस आगे नहीं जाएगी।” हालात ऐसे बने कि मजदूर ने बस के आगे लेटने तक की चेतावनी दे डाली। यात्रियों की भीड़, बस स्टैंड पर हंगामा मजदूर के विरोध के चलते करीब 25 मिनट तक बस खड़ी रही। बस में बैठे यात्री परेशान होते रहे, वहीं बाहर लोगों की भीड़ जुट गई। स्थिति बिगड़ती देख बस परिचालक ने मजदूर को 500 रुपये दिए। इसके बाद स्थानीय लोगों ने समझाइश देकर मामला शांत कराया और बस को रवाना किया गया।  

जमीन विवाद में हैवान बनी बड़ी मां, दमोह में मासूम भतीजे की ले ली जान

दमोह/तेंदूखेड़ा. दमोह जिले के महुआखेड़ा गांव में 3 वर्षीय बच्चे अनिरुद्ध सिंह की हत्या का मामला सुलझ गया है। पुलिस ने बच्चे की सगी बड़ी मां राजकुमारी लोधी को गिरफ्तार किया है, जिसने आंगन के विवाद में अपने ही भतीजे को जहर देकर और गला दबाकर मौत के घाट उतार दिया। मृतक के दादा छोटे सिंह लोधी ने बताया कि विवाद की असली वजह घर का आंगन था। अनिरुद्ध के पिता तीन भाई हैं और सबके पास चार-चार एकड़ जमीन है, लेकिन साझा आंगन दादा के नाम था। राजकुमारी चाहती थी कि वह आंगन उसके नाम हो जाए ताकि वहां से कोई दूसरा न निकल सके। इसी रंजिश में 3 मई, शुक्रवार सुबह 9:30 बजे, जब घर के नल खुले थे और सब काम में व्यस्त थे, उसने अनिरुद्ध को अगवा कर लिया। हत्या का तरीका और शव छिपाने की कोशिश एसपी आनंद कलादगी के अनुसार, आरोपी महिला ने पहले बच्चे को जहर खिलाया, फिर गला दबाया और सिर पर पत्थर पटककर उसकी हत्या कर दी। उसने शव को बोरे में भरकर घर के अंदर ही भूसे के ढेर में छिपा दिया। शुक्रवार रात भर पुलिस गांव में सर्चिंग करती रही, इसलिए वह शव बाहर नहीं निकाल सकी। इस दौरान वह खुद भी परिजन के साथ बच्चे को खोजने का नाटक करती रही। कचरे के ढेर से मिला शव शनिवार सुबह जैसे ही पुलिस घर के पास से हटी, राजकुमारी ने शव को भूसे से निकालकर प्लास्टिक के टब में रखा और बाहर गोबर के ढेर पर फेंक दिया। उसने शव के ऊपर कचरा डाल दिया ताकि किसी को शक न हो। हालांकि, जब डॉग स्क्वायड की टीम गांव पहुंची, तो खोजी कुत्ता सीधे उसी ढेर पर जाकर रुक गया, जहां से पुलिस को बोरे में बंद शव मिला। रविवार सुबह पोस्टमार्टम के बाद शव परिजन को सौंपा गया। पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल दो बेटियों के बाद हुए इकलौते बेटे की मौत से मां संगीता लोधी का बुरा हाल है। ग्रामीणों ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि अगर पुलिस समय रहते घर के अंदर तलाशी लेती, तो शायद बच्चा जीवित मिल जाता। इस पर एसपी ने कहा कि डीएसपी स्तर के अधिकारी से मामले की जांच कराई जाएगी और लापरवाही पाए जाने पर कार्रवाई होगी। फिलहाल पुलिस आरोपी महिला के पति भगवान सिंह से भी पूछताछ कर रही है।

कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण करते हुए अधिकारियों को दायित्वों का समय पूर्व निर्वहन करने के कलेक्टर ने दिए निर्देश

उमरिया  हजरत नौगजा शाहदाता रहमतुल्ला अलैह चंदिया में रात्रिकालीन उर्स का आयोजन 15, 16 एवं 17 मई 2026 को किया जाना है आयोजित रात्रिकालीन हजरत नौगजा शाहदाता रहमतुल्ला अलैह चंदिया उर्स की पूर्व तैयारी बैठक कलेक्टर राखी सहाय की अध्यक्षता में नगर परिषद चंदिया में संपन्न हुई। बैठक में यातायात व्यवस्था , पार्किग व्यवस्था , स्वच्छ पेयजल एवं अग्निशमन व्यवस्था, चिकित्सा व्यवस्था,बिजली व्यवस्था, मार्ग का समतलीकरण, नौगजा बाबा मजार मे श्रध्दालुओ के आवागमन एवं दर्शन व्यवस्था, बैरीकेटिंग व्यवस्था, सुरक्षा व्यवस्था आदि पर विस्तार से चर्चा की गई।   यातायात की समीक्षा के दौरान बताया गया कि पार्किग व्यवस्था के लिए 6 स्थानों को चिन्हित किया गया है, जहां पर समुचित रूप से वाहनों की पार्किग की जा सकेगी, ताकि उर्स तक आने वाले लोगो को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना नही करना पडे ।  कलेक्टर ने बाजार व्यवस्था  पर कहा कि दुकानों कि इस तरह से लगवाया जाए, जिससे आवागमन में परेशानी का सामना नही करना पडे । उर्स मेला स्थल पर मजार तक पहुंचने वाले लोगो के लिए प्रवेश एवं निकासी अलग अलग बनाएं जाए। उर्स मेला स्थल पर जहां पर कव्वाली का कार्यक्रम आयोजित होना है वहां मंच के सामने पीडब्ल्यूडी विभाग को बैरीकेटिंग उपलब्ध कराने के निर्देश कलेक्टर व्दारा दिए गए ।   सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा के दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने बताया कि 4 वॉच टॉवर के माध्यम से पुलिस कर्मियों व्दारा उर्स मेला स्थल पर नजर जाएगी, ताकि लोगो को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना नही करना पडे।   कलेक्टर राखी सहाय ने कहा कि मेला स्थल पर जो झूले लगने है, उन्हे परमीशन देने से पहले झूले कि स्थिति का निरीक्षण करें जिससे किसी भी प्रकार की अनहोनी घटित नही हो सके । आपने कहा कि पीडब्ल्यूडी एवं एमपीईबी की एनओसी के उपरांत ही झूले लगने की परमीशन जारी की जाए । उन्होने कहा कि सर्विलेंस कैमरा के माध्यम से मानीटरिंग की जाए ।  उन्होने कहा कि पार्किग स्थल, मजार के पास तथा मंच के चारो तरफ कैमरे लगाए जाए। भीड़ के दौरान चोरी की घटना को रोकने के लिए वालेटिंयर पुलिस के साथ रहे।   कलेक्टर ने कहा कि उर्स मेला स्थल पर एंबुलेंस की व्यवस्था  कि जाए तथा उसमें डॉक्टर की ड्युटी लगाई जाए, ताकि आवश्यकता पड़ने पर लोगो को त्वरित स्वास्थ्य  लाभ उपलब्ध कराया जा सके । उन्होने कथली नदी के किनारे बैरीकेटिंग की व्यवस्था करने के निर्देश पीडब्ल्यूडी विभाग को दिए । उन्होने कहा कि  मेले में शुध्द पेयजल की व्यवस्था की जाए । इस दौरान बताया गया कि मेला के दौरान आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए तीन फायर बिग्रेड की व्यवस्था की गई है।  बैठक उपरांत कलेक्टर राखी सहाय ने कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण करते हुए पार्किग स्थल, मंच व्यवस्था, प्रवेश एवं निकासी व्यवस्था, पेयजल व्यवस्था का अवलोकन किया तथा अधिकारियों से कहा है कि जिन अधिकारियों को जो दायित्वि सौपे गये है , उसका निर्वहन समय पूर्व करना सुनिश्चित करें ताकि उर्स के दौरान आम जनों को किसी भी प्रकार की परेशानियों का सामना नही करना पड़े ।   इस अवसर पर अतिरिक्त  पुलिस अधीक्षक सीताराम सत्या, एसडीएम बांधवगढ अंबिकेश प्रताप सिंह, मुख्य नगर पालिका अधिकारी किशन सिंह, कार्यपालन यंत्री लोक स्वास्थ्य  यांत्रिकीय, यातायात प्रभारी, उर्स कमेटी के अध्यक्ष सहित कार्यक्रम व्यवस्था से जुडे अन्य, कर्मचारी उपस्थित रहे ।