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उप मुख्यमंत्री ने जिला न्यायालय परिसर में स्वच्छ पेयजल आपूर्ति के लिए किया भूमि पूजन

रीवा उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने जिला न्यायालय परिसर में विधायक निधि से 9 लाख 20 हजार रुपए की स्वीकृति से स्वच्छ पेयजल आपूर्ति कार्य का भूमि पूजन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि न्यायालय परिसर में शुद्ध व स्वच्छ पेयजल अप्रैल माह के अंत तक पहुंच जाएगा। भव्य न्यायालय परिसर में पीने के पानी की समस्या की ओर अधिवक्ताओं ने ध्यान आकृष्ट कराया था। अब इस परिसर को स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी। उन्होंने कहा कि उच्च न्यायालय के निर्देश पर न्यायालय के पीछे का गेट खोले जाने और पार्किंग स्थल में फर्श बनाने व छाया के लिए शेड की व्यवस्था कराने का कार्य भी शीघ्र किया जाएगा। उन्होंने कहा कि न्यायालय परिसर में जो भी कार्य शेष रह गए हैं उनको शीघ्र पूर्ण कराया जाएगा। इस अवसर पर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश राकेश मोहन प्रधान की भी विशेष उपस्थिति रही। कार्यक्रम में अध्यक्ष नगर निगम व्यंकटेश पाण्डेय ने कहा कि नगर निगम न्यायालय परिसर व अधिवक्ताओं की समस्या के निराकरण के लिए सदैव तत्पर है। आयुक्त नगर निगम डॉ. सौरभ सोनवणे ने कहा कि रीवा शहर के हर मोहल्ले में घर-घर तक मीठा पानी पहुंचाने का कार्य प्राथमिकता से किया जा रहा है। उन्होंने आश्वस्त किया कि अप्रैल माह के अंत तक न्यायालय परिसर में टंकी से पाइपलाइन डालकर स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित करा दी जाएगी। इस अवसर पर जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष राजेन्द्र पाण्डेय ने कहा कि उप मुख्यमंत्री ने विधायक निधि से पेयजल समस्या के निराकरण के लिए 9 लाख 20 हजार रुपए स्वीकृत किए हैं और उसका कार्य भी प्रारंभ हो गया है। उन्होंने कहा कि उप मुख्यमंत्री शुक्ल एक संवेदनशील जनप्रतिनिधि की भूमिका का निर्वहन कर रहे हैं और हमेशा अधिवक्ताओं की समस्याओं के निराकरण के लिए तत्पर रहते हैं। कार्यक्रम को अधिवक्ता अखण्ड प्रताप सिंह ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर वरिष्ठ अधिवक्ता शिवेन्द्र उपाध्याय, घनश्याम सिंह, सुशील तिवारी, रावेन्द्र मिश्र सहित अधिवक्तागण उपस्थित रहे।  

विधान सभा की नवगठित सभा समितियों की प्रथम संयुक्त बैठक आज

भोपाल.  मध्यप्रदेश विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर द्वारा वर्ष 2026 -27 के लिए सभा समितियों का गठनकिया गया है जिसकी संयुक्त बैठक, आज 7 अप्रैल को अपराह्न 3:00 बजे से विधानसभा के मानसरोवर सभागार में आयोजित की गई है। बैठक में विधानसभा अध्यक्ष तोमर, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय,समितियों के सभापति एवं सदस्यगण उपस्थित रहेंगे। गठित समितियों में चार वित्तीय समितियां, लोक लेखा समिति, सरकारी उपक्रमों सबंधी समिति,प्राक्कलन समिति तथा स्थानीय निकाय एवं पंचायती राज लेखा समिति शेष अन्य पन्द्रह समितियां, कार्यमंत्रणा समिति, गैर सरकारी सदस्यों के विधेयकों तथा संकल्पों संबंधी समिति, याचिका एवं अभ्यावेदन समिति, प्रत्यायुक्त विधान समिति, शासकीय आश्वासनों संबंधी समिति, विशेषाधिकार समिति, नियम समिति, सदस्य सुविधा समिति, पुस्तकालय अनुसंधान एवं संदर्भ समिति, पटल पर रखे गए पत्रों का परीक्षण करने संबंधी समिति, प्रश्न एवं संदर्भ समिति, महिला एवं बाल कल्याण समिति, आचरण समिति, कृषि विकास समिति तथा सदस्यों के शिष्टाचार एवं सम्मान अनुरक्षण समिति का गठन किया गया है।  

कुशवाह ने किया औचक निरीक्षण, अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल

प्रभारी मंत्री कुशवाह ने किया औचक निरीक्षण कार्यपालन यंत्री जल संसाधन को निलंबित करने के दिए निर्देश भोपाल सामाजिक न्याय एवं दिव्यांजन कल्याण तथा निवाड़ी जिले के प्रभारी मंत्री नारायण सिंह कुशवाह ने निवाड़ी जिले में जल संसाधन विभाग के निर्माण कार्य में लापरवाही पाये जाने पर कार्यपालन यंत्री जल संसाधन संभाग निवाड़ी को निलंबित करने के निर्देश दिये हैं। प्रभारी मंत्री कुशवाह से निवाड़ी जिले में विकास कार्यों की समीक्षा के दौरान स्थानीय प्रतिनिधियों द्वारा जल संसाधन विभाग के कार्यों में लापरवाही की शिकायत की गई थी। इस शिकायत के आधार पर स्थानीय जन प्रतिनिधियों और अधिकारियों के साथ उन्होंने जनपद पंचायत पृथ्वीपुर की ग्राम पंचायत लुहरगुवां स्थित नहर के निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। प्रभारी मंत्री कुशवाह ने निरीक्षण में कार्यपालन यंत्री हेमन्त गुप्ता द्वारा बैठक में बताये अनुसार कार्य नहीं पाये जाने पर कलेक्टर श्रीमती जमुना भिड़े को निलंबन की कार्रवाई के निर्देश दिये। उन्होंने जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को ई.ई. जल संसाधन के समस्त कार्यों की जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने को भी कहा है। कलेक्टर श्रीमती भिड़े द्वारा कार्यपालन यंत्री का निलंबन का प्रस्ताव आयुक्त सागर संभाग को भेज दिया गया है।  

राज्य स्तरीय वार्षिक जैव-विविधता पुरस्कार-2025 के लिये प्रविष्टियों के आमंत्रण की अंतिम तिथि 20 अप्रैल

भोपाल.  प्रदेश में जैव-विविधता संरक्षण को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश राज्य जैव विविधता बोर्ड द्वारा राज्य स्तरीय वार्षिक जैव विविधता पुरस्कार-25 के लिये प्रविष्टियाँ 20 अप्रैल 2026 तक आमंत्रित की गई हैं। विभिन्न श्रेणियों में जैव-विविधता पुरस्कार के लिये जैव-विविधता स्वामित्व रखने वाले वन, कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन, मछली पालन, जल संसाधन विभाग और जैव-विविधता प्रबंधन समिति ग्राम पंचायत/जनपद पंचायत / नगर पंचायत / नगर पालिका/नगर निगम स्तर पर गठित जैव-विविधता प्रबंधन समितियाँ। संस्थागत (अशासकीय), व्यक्तिगत (अशासकीय), व्यक्तिगत (शासकीय) पहुंच एवं लाभ प्रभाजन के अधिकतम अनुबंध पहुंच एवं लाभ प्रभाजन की अधिकतम राशि श्रेष्ठ वनमंडल एवं श्रेष्ठ वनवृत्त के अंतर्गत विशिष्ट कार्य करने वाले अपनी प्रविष्टियाँ जमा कर सकते हैं। प्रविष्टियों का निर्धारित प्रारूप एवं अन्य जानकारियॉ बोर्ड की वेबसाईट www.mpforest.gov.in/mpsbb से डाउन लोड करें। जिन संस्था द्वारा राज्य स्तरीय वार्षिक जैव-विविधता पुरस्कार-2024 के लिये प्रविष्टियाँ प्रेषित की गई हैं, वो प्रविष्टि प्रेषित ना करें।  

सफलता की कहानी: ई-स्कूटर अनुदान योजना से दमोह की सायरा बी बनीं आत्मनिर्भर

सफलता की कहानी- ई-स्कूटर अनुदान योजना से दमोह की सायरा बी बनीं आत्मनिर्भर दमोह श्रम विभाग द्वारा संचालित ई-स्कूटर अनुदान योजना 2024 श्रमिकों के जीवन में परिवर्तन का एक प्रभावी माध्यम बनकर उभर रही है। दमोह में गत दिनों महिला सशक्तिकरण सम्मेलन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने श्रमिक महिला सायरा बी को ई-स्कूटर की चाबी प्रदान की। अब उनका जीवन रोज के कामकाज के लिये किसी सहारे का मोहताज नहीं रहा। भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल, भोपाल द्वारा संचालित इस योजना में सायरा बी को 40 हजार रूपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गई। इस सहयोग से अब उनके लिए आवागमन आसान हो गया है, जिससे उनके जीवन स्तर में भी सकारात्मक सुधार आया है। ई-स्कूटर अनुदान योजना विशेष रूप से श्रमिक परिवारों, खासकर महिलाओं के लिए एक महत्वपूर्ण पहल साबित हो रही है। इससे न केवल उनकी दैनिक जीवन की कठिनाइयाँ कम हो रही हैं, बल्कि वे आत्मनिर्भर बनकर समाज में अपनी मजबूत पहचान भी स्थापित कर रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार की योजनाएं महिला सशक्तिकरण को नई दिशा देती हैं और ग्रामीण व अर्ध-शहरी क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को गति प्रदान करती हैं। 'ई-स्कूटर अनुदान योजना-2024' श्रमिकों के जीवन में सुविधा, आत्मनिर्भरता और सम्मान का नया अध्याय जोड़ रही है। यह पहल ‘श्रमिक सशक्त, समृद्ध देश, विकसित मध्यप्रदेश’ की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में एक सशक्त कदम है।  

बाल विवाह पर सख्ती: अक्षय तृतीया से पहले सभी जिलों में कंट्रोल रूम और उड़न दस्ते बनाने के आदेश

बाल विवाह पर सख्ती: अक्षय तृतीया से पहले सभी जिलों में कंट्रोल रूम और उड़न दस्ते बनाने के निर्देश भोपाल अक्षय तृतीया के अवसर पर होने वाले सामूहिक विवाह में बाल विवाहों को रोकने के लिए राज्य सरकार ने विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। सचिव महिला एवं बाल विकास श्रीमती जी वी रश्मि ने सभी कलेक्टरों को पत्र लिखकर बाल विवाह रोकथाम के लिए व्यापक अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा संचालित बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत प्रदेश में बाल विवाह की घटनाओं को शून्य करने और किशोरियों के सशक्तिकरण के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण नेशनल फ़ैमिली हेल्थ सर्वे(NFHS-5) के आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में बाल विवाह के मामलों में कमी आई है, लेकिन कुछ जिलों में अभी भी यह समस्या बनी हुई है। अक्षय तृतीया इस वर्ष 20 अप्रैल 2026 को है और इस दिन प्रदेश में बड़ी संख्या में सामूहिक विवाह आयोजित होते हैं। ऐसे आयोजनों में बाल विवाह होने की संभावना को देखते हुए प्रशासन को विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। निर्देशानुसार स्कूलों और कॉलेजों में विद्यार्थियों को बाल विवाह के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक किया जाएगा। 20 अप्रैल को ग्रामीण और नगरीय क्षेत्रों में पंच, सरपंच, सचिव और पार्षद बाल विवाह नहीं होने देने की शपथ लेंगे तथा पंचायत और वार्ड कार्यालयों में इसका प्रचार-प्रसार किया जाएगा। इसके अलावा स्कूलों और आंगनबाड़ी के बच्चों की जागरूकता रैलियां भी निकाली जाएंगी।       गांवों में स्व-सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा समूह चर्चा आयोजित कर परिवारों को बाल विवाह न करने के लिए प्रेरित किया जाएगा। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आशा कार्यकर्ता, ग्राम कोटवार और पंचायत सचिव की मदद से 18 वर्ष से कम उम्र की किशोरियों की सूची तैयार कर संबंधित परिवारों को समझाइश दी जाएगी तथा उन पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। बाल विवाह की सूचना देने के लिए हेल्पलाइन नंबर 181, 1098 और 112 का व्यापक प्रचार करने के निर्देश दिए हैं। इसके अतिरिक्त बाल विवाह मुक़्त भारत पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। बाल विवाह रोकने के लिए प्रत्येक ग्राम और वार्ड में सूचना दल बनाए जाएंगे, जिनमें शिक्षक, एएनएम, आशा कार्यकर्ता, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, स्व- सहायता समूह की महिलाएं और पंचायत प्रतिनिधि शामिल होंगे। सचिव श्रीमती रश्मि ने स्थानीय मीडिया, सोशल मीडिया, व्हाट्सएप ग्रुप और दीवार लेखन के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश भी दिए हैं, जिससे समाज में सही उम्र में विवाह के महत्व और कम उम्र में विवाह के दुष्परिणामों के बारे में जागरूकता बढ़ाई जा सके।  

कोर्ट का अहम फैसला: 19 साल की पत्नी को प्रेमी के साथ रहने की मिली इजाजत, पति से रिश्ते में नहीं आया सामंजस्य

 ग्वालियर मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की ग्वालियर बेंच ने एक महत्वपूर्ण मामले में 19 साल की युवती को उसकी इच्छा के अनुसार प्रेमी के साथ रहने की अनुमति दी है. अदालत ने साफ किया कि बालिग व्यक्ति को अपनी जिंदगी के फैसले लेने का पूरा अधिकार है और उसकी मर्जी को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।  ग्वालियर से सामने आए इस मामले में एक पति ने अपनी पत्नी को वापस लाने के लिए 'कोर्ट में पेश कराने की याचिका (हेबियस कॉर्पस)' दायर की थी. याचिका में आरोप लगाया गया था कि उसकी पत्नी को एक युवक ने अपने पास अवैध रूप से रखा हुआ है. मामले की सुनवाई के दौरान पुलिस ने युवती को बरामद कर वन स्टॉप सेंटर में रखा और बाद में उसे कोर्ट में पेश किया गया. सुनवाई के समय युवती के माता-पिता, पति और कथित प्रेमी भी अदालत में मौजूद थे. अदालत ने जब युवती से उसकी इच्छा पूछी तो उसने साफ तौर पर कहा कि वह बालिग है और अपनी मर्जी से रह रही है. उसने यह भी कहा कि वह न तो अपने पति के साथ रहना चाहती है और न ही अपने माता-पिता के साथ. युवती ने अदालत को बताया कि उसका वैवाहिक जीवन ठीक नहीं चल रहा था।  युवती ने कहा कि उसकी उम्र 19 साल है, जबकि उसके पति की उम्र 40 साल है. दोनों के बीच 21 साल का अंतर है, जिसके कारण उनके रिश्ते में सामंजस्य नहीं बन पाया. उसने यह भी आरोप लगाया कि उसके साथ दुर्व्यवहार हुआ है. अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए युवती की काउंसलिंग कराई. इसके बावजूद युवती अपने फैसले पर कायम रही और उसने दोबारा कहा कि वह अपनी इच्छा से अपने प्रेमी के साथ रहना चाहती है. युवती के प्रेमी ने भी अदालत को भरोसा दिलाया कि वह उसकी देखभाल करेगा और उसके साथ किसी तरह का गलत व्यवहार नहीं करेगा. सभी पक्षों की बात सुनने के बाद कोर्ट ने माना कि युवती बालिग है और अपनी इच्छा से निर्णय ले रही है. ऐसे में उसे उसकी मर्जी के खिलाफ कहीं रहने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता।  अदालत ने युवती को उसके प्रेमी के साथ जाने की अनुमति दे दी. साथ ही उसकी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए छह महीने के लिए निगरानी व्यवस्था भी तय की गई है. इसके तहत संबंधित अधिकारी समय-समय पर युवती से संपर्क में रहेंगे और उसकी स्थिति पर नजर रखेंगे. कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया कि जरूरी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद युवती को वन स्टॉप सेंटर से मुक्त किया जाए। 

झांसी सदर्न बायपास फोर लेन परियोजना को मिली मंजूरी, 631 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत

भोपाल  प्रदेश के निवाड़ी जिले और उत्तर प्रदेश के झांसी जिले में 15.5 किलोमीटर लंबे 4-लेन सदर्न बायपास के निर्माण की केंद्र सरकार ने मंजूरी दे दी है। इस परियोजना की कुल लागत 631.73 करोड़ रुपये तय की गई है। सीएम मोहन यादव ने कहा कि दो राज्यों को सांस्कृतिक डोर से जोड़ेगा नया फोर लेन बायपास जोड़ेगा। उन्होंने प्रदेश को नई नई सौगाते देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी का आभार जताया। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि यह बायपास बंगाय खास से ओरछा तिगेला तक राष्ट्रीय राजमार्ग-44 और राष्ट्रीय राजमार्ग-39 को जोड़ेगा। इससे एमपी से होकर झांसी जाने वाला भारी ट्रैफिक अब शहर के अंदर नहीं जाएगा, जिससे सीमा क्षेत्र में जाम और दबाव कम होगा। यह बायपास ओरछा तिगेला पर खत्म होता है, जो UNESCO की संभावित विश्व धरोहर सूची में शामिल है और जहां जहांगीर महल, राम राजा मंदिर और बेतवा वन्यजीव अभयारण्य स्थित हैं। हाईवे तक बेहतर पहुंच से इस क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था और विकास को गति मिलेगी।   इसके अलावा इस परियोजना से मध्य प्रदेश से उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों के बीच माल ढुलाई तेज होगी। ट्रांसपोर्ट लागत और समय दोनों कम होंगे, जिससे व्यापारियों को फायदा मिलेगा। बेहतर कनेक्टिविटी के कारण निवाड़ी और आसपास के क्षेत्रों में छोटे उद्योग, होटल, ढाबे, ट्रांसपोर्ट सर्विस जैसे नए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। साथ ही झांसी में विकसित हो रहे औद्योगिक क्षेत्र (BIDA) से एमपी के जिलों को सीधा फायदा मिलेगा, क्योंकि वहां तक पहुंच आसान और तेज हो जाएगी। झांसी पांच बड़े राष्ट्रीय राजमार्गों एनएच-27, एनएच-44, एनएच-39, एनएच-539 और एनएच-552 का प्रमुख जंक्शन है। इस कारण शहर के भीतर ट्रैफिक काफी बढ़ जाता है, जिससे लोगों को रोजाना परेशानी का सामना करना पड़ता है। 

डीजीपी कैलाश मकवाणा के निर्देश पर प्रदेशभर में नशे के विरुद्धप्रभावी कार्रवाई

भोपाल.  पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा द्वारा 01 अप्रैल से प्रदेशभर में विशेष अभियान संचालित कर मादक पदार्थों की तस्करी पर प्रभावी नियंत्रण हेतु सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। इसी क्रम में बीते पांच दिनों में विभिन्न जिलों की पुलिस द्वारा समन्वित कार्रवाई करते हुए लगभग 1 करोड़ 22 लाख रुपये से अधिक मूल्य के मादक पदार्थ जप्त किए गए हैं। रतलाम में SAFEMA के तहत 16 करोड़ से अधिक की संपत्ति फ्रीज जिले में मादक पदार्थों के विरुद्ध कार्रवाई को आर्थिक स्तर तक प्रभावी बनाते हुए पुलिस द्वारा बड़ी वैधानिक कार्यवाही की गई है। थाना कालूखेड़ा क्षेत्र में अवैध ड्रग्स फैक्ट्री संचालित करने वाले आरोपियों की पहचान कर उनके द्वारा अर्जित अवैध संपत्तियों का विस्तृत विश्लेषण किया गया। इसके पश्चात एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर तस्कर और विदेशी मुद्रा हेरफेर करने वाले (संपत्ति की ज़ब्ती) अधिनियम,(The Smugglers and Foreign Exchange Manipulators (Forfeiture of Property) Act, 1976 ) SAFEMAके तहत लगभग 16 करोड़ 16 लाख रुपये मूल्य की संपत्ति फ्रीज करने के आदेश जारी किए गए। यह कार्रवाई न केवल तस्करों के आर्थिक तंत्र को कमजोर करने की दिशा में महत्वपूर्ण है, बल्कि प्रदेश में मादक पदार्थों के अवैध कारोबार के विरुद्ध कड़ा संदेश भी देती है। प्रमुख कार्यवाही नीमच: जिले में नशा विरोधी अभियान के तहत तीन अलग-अलग प्रकरणों में लगभग 62 लाख रुपये मूल्य की 500 ग्राम एमडीएमए, 2 किलो 140 ग्राम अफीम एवं 67 किलो 200 ग्राम डोडाचूराजप्त किया गया। इस दौरान चार अंतरराज्यीय तस्करों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस चौकी नयागांव, थाना जीरन एवं थाना सिंगोली की संयुक्त कार्रवाई में वाहन चेकिंग एवं मुखबिर सूचना के आधार पर यह कार्यवाही की गई। आगर मालवा: कोतवाली पुलिस द्वारा नाकाबंदी कर एक कार से 148 ग्राम एमडी ड्रग्स जब्‍त की गई, जिसकी वाहन एवं अन्य सामग्री सहित कीमत लगभग 25 लाख 30 हजार रुपये आंकी गई है। इस कार्रवाई में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया हैं। शिवपुरी: थाना करैरा पुलिस द्वारा 52 ग्राम स्मैक (कीमत लगभग 10 लाख 40 हजार रुपये) के साथ आरोपी को गिरफ्तार किया गया। इसके अतिरिक्त थाना अमोला पुलिस ने भी 15 ग्राम स्मैक (कीमत लगभग 3 लाख रुपये) जप्त कर आरोपी को गिरफ्तार किया है। उज्जैन: भाटपचलाना थाना पुलिस ने 1किलो84 ग्राम गांजा (कीमत लगभग 68 हजार रुपये) के साथ आरोपी को गिरफ्तार किया गया। वहीं एक अन्य बड़ी कार्रवाई में एमडीएमए ड्रग्स बनाने वाले अंतरराज्यीय नेटवर्क का भंडाफोड़ कर भारी मात्रा में केमिकल और नगदी सहित 8 लाख 50हजार रूपए की संपत्ति जब्त की है। इंदौर: क्राइम ब्रांच इंदौर ने कार्रवाई करते हुए एक महिला सहित 4 आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 24.08 ग्राम एमडी ड्रग्स, कार एवं मोबाइल सहित लगभग 5 लाख रुपये की संपत्ति जब्‍त की है। मंदसौर: थाना शामगढ़ पुलिस ने 1 किलो 245 ग्राम अवैध अफीम (कीमत लगभग 2 लाख 49 हजार रुपये) के साथ 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गुना: बजरंगगढ़ थाना क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए 1लाख50 हजार रुपये के लगभग 17.294 किलोग्राम100 गांजे के पौधे जप्तकर आरोपी को गिरफ्तार किया। उज्जैन: थाना बड़नगर पुलिस ने 36.58 ग्राम एमडी ड्रग्स (कीमत लगभग 1 लाख रुपये) के साथ एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया। आरोपी ने मादक पदार्थ रतलाम से लाकर बेचने की बात स्वीकार की है। नर्मदापुरम: थाना इटारसी पुलिस ने 1 लाख रुपयेका 6 किलो 76 ग्राम गांजा जप्त कर आरोपी को गिरफ्तार किया है। खरगोन: सनावद पुलिस ने 13.41 ग्राम ब्राउन शुगर (कीमत लगभग 1.30 लाख रुपये), मोटरसाइकिल एवं मोबाइल फोन जप्त कर तीन तस्करों को गिरफ्तार किया गया। छिंदवाड़ा: थाना कुण्डीपुरा पुलिस ने 1 किलो492ग्राम गांजा (कीमत लगभग 20 हजार रुपये) जप्त कर आरोपी को गिरफ्तार किया गया। वहीं कोतवाली पुलिस ने प्रतिबंधित इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट के 34 नग (कीमत लगभग 68 हजार रुपये) जप्त कर आरोपी के विरुद्ध प्रकरण दर्ज किया है। बैतूल में अंतरराज्यीय गांजा सप्लायर गिरफ्तार जिले में कोतवाली पुलिस द्वारा सतत विवेचना के दौरान गांजा तस्करी के एक अंतरराज्यीय नेटवर्क का खुलासा किया गया। पूर्व में दो आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने तकनीकी एवं मुखबिर तंत्र के आधार पर मुख्य आरोपी को चिन्हित किया। कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया गया, जो उड़ीसा से गांजा लाकर जिले में सप्लाई करता था। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह सब्जी परिवहन के बहाने उड़ीसा जाता था और वापसी में गांजा लाकर स्थानीय स्तर पर बेचता था। पुलिस द्वारा अब इस नेटवर्क के अन्य सदस्यों की तलाश कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा की जा रही इन सतत एवं प्रभावी कार्यवाहियों से स्पष्ट है कि प्रदेश में मादक पदार्थों के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई गई है। पुलिस मुख्यालय ने सभी जिलों को निर्देशित किया है कि न केवल तस्करों की गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए, बल्कि उनके नेटवर्क, वित्तीय स्रोत एवं अवैध संपत्तियों पर भी सख्त कार्रवाई की जाए।  

मंत्री टेटवाल ने विजेताओं को दी बधाई, अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता में जीत के लिए दी शुभकामनाएं

भोपाल.  कौशल विकास एवं रोजगार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम टेटवाल के नेतृत्व और मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश के आईटीआई एवं कौशल प्रशिक्षण संस्थानों से तैयार हो रही युवा प्रतिभाएं अब देशभर में अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित कर रही हैं। इंडिया स्किल्स 2025-26 के विभिन्न चरणों में प्रदेश के प्रतिभागियों द्वारा किया गया प्रदर्शन इस दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में सामने आया है। पश्चिम क्षेत्रीय प्रतियोगिता में मध्यप्रदेश के 104 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया और 44 पदक अर्जित किए। इस उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर 26 प्रतिभागियों ने ग्रेटर नोएडा में आयोजित राष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए स्थान सुनिश्चित किया। राष्ट्रीय स्तर पर मध्यप्रदेश के प्रतिभागियों ने कुल 8 पदक हासिल किए, जिनमें ब्रिकलेइंग में अजय अहिरवार द्वारा स्वर्ण पदक प्राप्त किया गया। कैबिनेट मेकिंग में विनीत शर्मा और विजुअल मर्चेंडाइजिंग में रानू पाटीदार ने कांस्य पदक अर्जित किए। इसके अतिरिक्त सीएनसी टर्निंग में अंकित प्रजापति, फ्लोरिस्ट्री में पूर्वी चौहान और आयुष इवाने, पेंटिंग एंड डेकोरेटिंग में लक्ष्मी कुशवाह तथा वेल्डिंग में कुलदीप ने ‘मेडलियन फॉर एक्सीलेंस’ प्राप्त कर प्रदेश का मान बढ़ाया। इन उपलब्धियों में आईटीआई संस्थानों के साथ-साथ ग्लोबल स्किल पार्क के प्रतिभागियों की उल्लेखनीय भागीदारी रही, जो प्रदेश में विकसित हो रहे आधुनिक कौशल प्रशिक्षण ढांचे की प्रभावशीलता को रेखांकित करता है। विशेष रूप से, ब्रिकलेइंग में स्वर्ण पदक विजेता तथा संबंधित श्रेणियों के पदक विजेताओं ने शंघाई, चीन में आयोजित होने वाली अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए भी क्वालिफाई किया है, जो मध्यप्रदेश के लिए गौरव का विषय है। मंत्री टेटवाल ने कहा कि प्रदेश में कौशल विकास को नई दिशा देने के लिए सतत प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे आईटीआई के विद्यार्थी केवल प्रशिक्षण तक सीमित न रहकर राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने में सक्षम बन रहे हैं। उन्होंने बताया कि यह उपलब्धि दर्शाती है कि मध्यप्रदेश के युवा अब कौशल के क्षेत्र में आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहे हैं और आने वाले समय में राज्य को इस क्षेत्र में अग्रणी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। प्रदेश में इस प्रतियोगिता के लिये कुल 13 हजार 844 पंजीयन हुए। जिला स्तर पर 5 हजार 337 प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिनमें से 3,415 प्रतिभागी चयनित होकर आगे बढ़े और 1 हजार 866 प्रतिभागियों ने राज्य स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। यह आंकड़े प्रदेश में कौशल विकास के प्रति बढ़ती जागरूकता और भागीदारी को स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं।