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MP में स्टापेंड संशोधन लागू न होने पर मेडिकल कॉलेजों में 8 हजार डॉक्टर्स हड़ताल पर

भोपाल. मध्य प्रदेश के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में कार्यरत जूनियर डॉक्टरों ने लंबित स्टाइपेंड संशोधन को लेकर सोमवार सुबह 9 बजे से हड़ताल शुरू कर दी है। जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन (JDA) के नेतृत्व में रेजिडेंट डॉक्टर, सीनियर रेजिडेंट और इंटर्न ओपीडी सेवाओं का बहिष्कार कर रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक वे ओपीडी में सेवाएं नहीं देंगे। हालांकि आपातकालीन सेवाएं जारी रहेंगी और ऑपरेशन थिएटर में केवल गंभीर मरीजों का ही इलाज किया जाएगा। हड़ताल का असर प्रदेशभर के मेडिकल कॉलेजों की स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ सकता है, क्योंकि रेजिडेंट डॉक्टर अस्पतालों के अधिकांश काम का भार संभालते हैं। ओपीडी सेवाएं बंद डॉक्टरों की हड़ताल के कारण सरकारी मेडिकल कॉलेजों की ओपीडी सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। रोजाना बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए मेडिकल कॉलेजों की ओपीडी में पहुंचते हैं। ऐसे में ओपीडी सेवाएं बंद रहने से मरीजों को इलाज के लिए लंबा इंतजार करना पड़ सकता है। सिर्फ गंभीर मरीजों का ऑपरेशन जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन ने स्पष्ट किया है कि ऑपरेशन थिएटर में भी केवल अति गंभीर मरीजों का ही ऑपरेशन किया जाएगा। सामान्य और इलेक्टिव सर्जरी जैसे हर्निया, रॉड इंप्लांट और अन्य तय ऑपरेशन फिलहाल टल सकते हैं। इसका सीधा असर इन बीमारियों से पीड़ित मरीजों पर पड़ेगा। अप्रैल 2025 से लागू होना था संशोधित स्टाइपेंड JDA के अनुसार शासन के आदेश के मुताबिक उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) आधारित स्टाइपेंड संशोधन एक अप्रैल 2025 से लागू होना था, लेकिन अब तक इसे लागू नहीं किया गया है। साथ ही अप्रैल 2025 से देय एरियर का भुगतान भी नहीं हुआ है। डॉक्टरों का कहना है कि इस संबंध में कई बार शासन और संबंधित विभागों को अवगत कराया गया, लेकिन अभी तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। प्रदेशभर के 8 हजार डॉक्टर आंदोलन में शामिल JDA के नेतृत्व में प्रदेश के सभी सरकारी मेडिकल कॉलेजों के करीब आठ हजार रेजिडेंट डॉक्टर, सीनियर रेजिडेंट और इंटर्न इस आंदोलन में शामिल हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि मेडिकल कॉलेजों में इलाज और मरीजों की मॉनिटरिंग का लगभग 70 प्रतिशत काम यही डॉक्टर संभालते हैं, इसलिए उनके आंदोलन का असर स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ सकता है। तीन दिन से काली पट्टी बांधकर कर रहे थे विरोध डॉक्टरों ने शुक्रवार से ही शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया था और पिछले तीन दिनों से काली पट्टी बांधकर काम कर रहे थे। इसके बावजूद मांगों पर निर्णय नहीं होने के कारण अब उन्होंने हड़ताल का रास्ता अपनाया है। डॉक्टरों का कहना है कि यदि सरकार जल्द निर्णय लेती है तो आंदोलन समाप्त कर दिया जाएगा, अन्यथा विरोध को और तेज किया जाएगा।

अखड़ार तालाब हत्याकांड का खुलासा: उमरिया पुलिस ने सुलझाई युवक की हत्या की गुत्थी

आरोपियों द्वारा युवक के साथ मारपीट कर तालाब के पानी में डुबाकर कर दी थी हत्या विधि विरुद्ध बालक सहित कुल 09 आरोपियों के विरूद्ध थाना चंदिया में हुआ प्रकरण दर्ज प्रकरण में मुख्य आरोपी पंकज कोल गिरफ्तार एवं विधि विरुद्ध बालक को अभिरक्षा में लिया गया उमरिया  पुलिस अधीक्षक उमरिया विजय भागवानी व अति. पुलिस अधीक्षक उमरिया सीताराम के निर्देशन / मार्गदर्शन एवं अनु. अधि. पुलिस उमरिया पी. एस. परस्ते के नेतृत्व में थाना चंदिया व कोतवाली पुलिस टीम द्वारा दिनांक 02.03.2026 को ग्राम झापी चौकी बिलासपुर निवासी घर से गुम हुये 19 वर्षीय युवक की हत्या के प्रकरण का खुलासा कर प्रकरण के आरोपी पंकज कोल को गिरफ्तार एवं विधि विरुद्ध बालक को अभिरक्षा में लिया गया है । घटना एवं कार्यवाही का विवरण निम्मानुसार है – दिनांक 02.03.2026 को होली त्यौहार के अवसर पर ग्राम अखडार में बाजार लगा हुआ था। बाजार में शाम लगभग 07:00 बजे कृष्णा कोल एवं प्रिंस उर्फ सौरभ कोल निवासी ग्राम ताला बरखेड़ा का अखडार के निवासी पंकज कोल एवं विधि विरुद्ध बालक से एक युवती से बातचीत को लेकर विवाद हो गया था  जिस कारण दोनों पक्षों के बीच गाली गलौच व मारपीट हुई, इसके बाद कृष्णा कोल एवं प्रिंस वहां से चले गये और रात्रि 08-09 बजे कृष्णा कोल, प्रिंस एवं जमुना कोल अपने अन्य साथियों के साथ ग्राम अखडार स्थित हनुमान तालाब के पास पहुंचे और विधि विरुद्ध बालक व पंकज कोल को बुलाकर विवाद का निपटारा एवं माफी मांगने की बात करने लगे। इसी दौरान फिर दोनों पक्षों के बीच पुनः वाद-विवाद एवं मारपीट होने लगी। मारपीट के दौरान पंकज कोल ने हाथ में पहने हुए कड़े से प्रहार कर जमुना कोल के चेहरे पर चोट पंहुचाई गयी । मारपीट से बचने के लिए जमुना कोल तालाब में कूद गया, जिसके पीछे पंकज कोल एवं उसके कुछ साथी भी तालाब में उतर गए और जमुना को पकड़कर पानी में डुबोते हुए मारपीट की। कुछ समय बाद जब वह अचेत हो गया तो आरोपीगण उसे तालाब के पानी में छोड़कर मौके से फरार हो गए।  मामले में मृतक के परिजनो ने चौकी बिलासपुर में युवक की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई जिस पर अनु. अधि. पुलिस उमरिया पी. एस. परस्ते के नेतृत्व में पुलिस टीम द्वारा मामले में संबंधित लोगो से बारीकी से पूछताछ कर प्राप्त भौतिक एवं तकनीकी साक्ष्यो के अधार पर घटनाक्रम का पता लगाया साथ ही संदेहियों की पहचान की । दिनांक 05.03.2026 को मृतक की तलाश के दौरान तालाब में शव मिला जिसके चेहरे पर चोट के निशान पाए गए पुलिस टीम द्वारा घटना स्थल से आवश्यक साक्ष्य संकलन एवं अन्य आवश्यक कार्यवाही की गई ।  प्रकरण में शामिल मुख्य आरोपी पंकज कोल निवासी ग्राम अखडार क़ो गिरफ्तार एवं विधि विरुद्ध बालक  निवासी ग्राम अखडार क़ो अभिरक्षा में लेकर न्यायालय पेश किया गया है अन्य 07 फरार आरोपी की शीघ्र गिरफ्तारी हेतु कार्यवाही जारी है । घटना में जप्त हथियार-  आरोपी पंकज कोल के कब्जे से मारपीट में प्रयुक्त लोहे का कड़ा जप्त किया गया है।

इंदौर में तेज रफ्तार स्कार्पियो की टक्कर से युवक की मौत और दूसरा गंभीर घायल

इंदौर. सेहरी के बाद घर के बाहर खड़े दो युवकों को स्कार्पियों चालक कुचलकर फरार हो गया। एक युवक ने अस्पताल में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। लोगों ने कार चालक को पकड़ने का प्रयास किया, मगर वह चकमा देकर धार रोड की ओर भाग गया। छत्रीपुरा पुलिस ने मर्ग कायम किया है। टक्कर मारने वाली गाड़ी का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है। पुलिस के अनुसार घटना तड़के करीब चार बजे की सिलावटपुरा (गणेश मंदिर के समीप) की है। टाटपट्टी बाखल निवासी 19 वर्षीय तनवीर पुत्र सरताज मंसूरी की मौत हुई है। 22 वर्षीय फैजान पुत्र शरीफ मंसूरी गंभीर रूप से घायल हो गया है। प्रत्यक्षदर्शी इमरान के अनुसार तनवीर और फैजान सेहरी के बाद घर से बाहर निकले थे। दोनों नमाज पढ़ने के लिए मस्जिद जाने वाले थे। पेट पर चढ़ गया पहिया फैजान स्कूटर पर बैठा था और तनवीर उससे बात कर रहा था। तभी नर्सिंग बाजार की तरफ से तेज रफ्तार में स्कार्पियो आई और दोनों को टक्कर मार दी। गंभीर अवस्था में घायल फैजान और तनवीर को निजी अस्पताल में भर्ती किया गया मगर तनवीर की दोपहर को मौत हो गई। उसके पेट पर वाहन का पहिया चढ़ा था। हवा में उछले और दूर जाकर गिरे युवक घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है। तनवीर खड़ा है और फैजान स्कूटर पर बैठा हुआ है। तेज रफ्तार में आए वाहन ने ऐसी टक्कर मारी कि दोनों हवा में उछले और दूर जाकर गिरे। आवाज सुनकर लोग दौड़े, मगर वाहन चालक फरार हो गया। इमरान और इरफान ने कार का पीछा किया तो वह गंगवाल बस स्टैंड की ओर चला गया। होटल शिवानी के पास से स्कार्पियो मोड़ी और महूनाका से फूटी कोठी चौराहा जा पहुंचा। इसके बाद वह चंदननगर होकर धार रोड चला गया। अंधेरा होने के कारण उसके नंबर नहीं देख पाए। पुलिस के अनुसार अन्य स्थानों से भी सीसीटीवी फुटेज निकाले जा रहे हैं। कार में तीन व्यक्ति बैठे हुए थे।

MP में राज्य अधिवक्ता परिषद चुनाव की 12 मई को होगी वोटिंग

इंदौर. राज्य अधिवक्ता परिषद के पांच वर्ष में एक बार होने वाले चुनाव के लिए अधिसूचना जारी हो गई है। इसके मुताबिक 12 मई को पूरे प्रदेश में एक साथ मतदान होगा। मतगणना 16 जून से शुरू होगी। कार्यकारिणी सदस्य के 25 में से सात पद इस बार महिलाओं के लिए आरक्षित किए गए हैं, लेकिन इनमें से सिर्फ पांच पद के लिए ही चुनाव होगा। शेष दो पदों पर मनोनयन किया जाएगा। प्रदेशभर के लगभग 87 हजार वकील इस चुनाव में हिस्सा लेंगे। राज्य अधिवक्ता परिषद के लिए प्रारंभिक मतदाता सूची 16 मार्च को जारी कर दी जाएगी। 24 मार्च तक इस प्रारंभिक मतदाता सूची को लेकर दावे-आपत्तियां प्रस्तुत किए जा सकेंगे। एक अप्रैल को अंतिम मतदाता सूची जारी हो जाएगी। सिर्फ उन्हीं वकीलों को मतदान का अधिकार प्राप्त होगा, जिन्होंने प्रविधानों के तहत अपना सत्यापन करवा लिया है। नामांकन फार्म जमा करने के लिए प्रत्याशियों को तीन दिन मिलेंगे। मतपेटियों को जबलपुर भेजा जाता है 8, 9 और 10 अप्रैल को नामांकन फार्म जमा कराया जा सकेगा। 15 और 16 अप्रैल को नामांकन फार्म की जांच होगी। 20 से 22 अप्रैल शाम चार बजे तक नाम वापस लिया जा सकेगा। 22 अप्रैल को शाम पांच बजे प्रत्याशियों की अंतिम सूची जारी कर दी जाएगी। मतदान के बाद सभी मतपेटियों को सीलबंद कर जबलपुर भेजा जाता है। वहां 16 जून से मतगणना शुरू होगी। सामान्यत: राज्य अधिवक्ता परिषद के चुनाव की मतगणना दो माह लगभग चलती है। बढ़ेगी महिलाओं की हिस्सेदारी इस बार राज्य अधिवक्ता परिषद में महिलाओं की हिस्सेदारी बढ़ना तय है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद इस बार 25 में से सात पद महिलाओं के लिए आरक्षित किए गए हैं। राज्य अधिवक्ता परिषद की निवृत्तमान कार्यकारिणी के 25 सदस्यों में से सिर्फ एक महिला थी, लेकिन इस बार यह संख्या सात गुना बढ़ जाएगी। आसान नहीं होगा चुनाव पिछले चुनाव के मुकाबले इस चुनाव में प्रत्याशियों के लिए चुनौती मुश्किल होगी। ऐसा इसलिए क्योंकि इस बार पुरुषों प्रत्याशियों के लिए 25 नहीं बल्कि सिर्फ 18 पद होंगे। एक अनुमान के मुताबिक प्रथम वरीयता के 2500 मत लाने वाले प्रत्याशी खुद को सुरक्षित मान सकते हैं। इंदौर से दो दर्जन से ज्यादा मैदान में चुनाव के लिए नामांकन का काम भले ही अब तक शुरू नहीं हुआ, लेकिन संभावित प्रत्याशियों ने प्रचार शुरू कर दिया है। यह प्रचार सोशल मीडिया के साथ-साथ प्रत्यक्ष भी चल रहा है। संभावित प्रत्याशी वकीलों के कार्यालय और घर तक पहुंचकर खुद प्रथम वरीयता का मत देने की गुहार लगा रहे हैं। इस बार राज्य अधिवक्ता परिषद में अकेले इंदौर से 30 से ज्यादा प्रत्याशी मैदान में उतरने की तैयारी कर रहे हैं। इनमें वर्तमान कार्यकारिणी के पांच सदस्य शामिल हैं।

दतिया में बच्ची की छोटे भाई-बहनों के साथ खेलते समय साइलेंट अटैक से मौत

दतिया. भांडेर अनुभाग के ग्राम तालगांव निवासी 15 वर्षीय दसवीं की छात्रा उर्वांगी दुबे उर्फ गुनगुन पुत्री विनय दुबे की हाल निवास आलमपुर जिला भिंड स्थित अपने घर पर साइलेंट अटैक की वजह से शनिवार को अचानक मौत हो गई। कम उम्र में अचानक हुई इस मौत ने परिजन को विचलित और हैरान कर दिया। भांडेर क्षेत्र में इतनी कम उम्र में साइलेंट अटैक से मौत का यह पहला और इकलौता मामला बताया जा रहा है। इस घटना के बारे में उर्वांगी के पिता विनय ने बताया कि वे भिंड जिले के आरुषि में बतौर शिक्षक पदस्थ होकर आलमपुर में किराए के मकान में अपने परिवार के साथ रहते हैं। शनिवार को सामान्य दिन की तरह सुबह करीब दस बजे अपने दो अन्य बच्चों सहित उर्वांगी को हंसता खेलते छोड़ गए थे। करीब पौने तीन बजे उन्हें घर से मोबाइल पर सूचना मिली कि उर्वांगी की तबियत अचानक से बिगड़ गई है। घर पहुंचकर डॉक्टर को बुलाया, लेकिन डॉक्टर के आने से पहले ही उसने दमतोड़ दिया। परीक्षण करने वाले डॉक्टर भी इसे साइलेंट अटैक का केस मान रहे हैं। शनिवार शाम को ही भांडेर के तालगांव में उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया। उर्वांगी कक्षा 10 की छात्रा थीं और शुक्रवार को ही उसकी वार्षिक परीक्षा संपन्न हुई थी। वह तीन भाई बहिनों में सबसे बड़ी थी। क्या कोरोना वैक्सीन साइलेंट अटैक की वजह – इस मामले में सीएचसी भांडेर पर पदस्थ एवं पूर्व बीएमओ डा.आरएस परिहार ने बताया कि साइलेंट हार्ट अटैक को साइलेंट मायोकार्डियल इंफार्क्शन (एसएमआई) के नाम से जाना जाता है। यह तब होता है जब हृदय को रक्त की आपूर्ति बंद हो जाती है, लेकिन लक्षण इतने हल्के या असामान्य होते हैं कि अधिकांश व्यक्तियों को यह अहसास ही नहीं होता कि कोई जानलेवा घटना घट रही है। हाल के समय में साइलेंट अटैक के चलते कम उम्र एवं युवाओं में मौत के कई मामले सामने आ रहे हैं, जिसे लेकर कोरोना और उसकी वैक्सीन को लेकर भी कथित तौर पर आशंका जताई जाती है। इस घटना को लेकर भी परिजन ने आशंका जताई कि कोरोना काल में उर्वांगी को भी वैक्सीन लगी थी, कहीं उसका कोई प्रभाव तो नहीं पड़ा। इस मामले में विशेषज्ञ राय ली गई तो डा.आरएस परिहार ने बताया कि साइलेंट अटैक की वजह कोरोना या कोरोना वैक्सीन की अब तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन खानपान और दैनिक दिनचर्या भी ऐसी मौतों की एक वजह हो सकती है।  

मरीजों की बढ़ी परेशानी: एमपी में आज से डॉक्टरों की हड़ताल, ऑपरेशन सेवाएं रहेंगी बंद

भोपाल OPD- मध्यप्रदेश में मरीजों और उनके परिजनों की ​मुसीबतें बढ़ गई हैं। लंबित स्टाइपेंड संशोधन लागू नहीं किए जाने पर प्रदेशभर के जूनियर डॉक्टर्स विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। जूनियर डॉक्टरों ने रविवार को ‘जस्टिस मार्च’ निकाला। जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन (JDA) के तत्वावधान में प्रदेशभर के सभी सरकारी मेडिकल कॉलेजों के जूनियर डॉक्टर्स ने सोमवार को हड़ताल करने की चेतावनी दी है। इससे राज्य की स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह प्रभावित होने की आशंका है। जूनियर डॉक्टर्स की हड़ताल के कारण जहां ओपीडी बंद रहेगी वहीं ऑपरेशन भी नहीं हो सकेंगे। सिर्फ आपातकालीन सेवाएं ही जारी रहेंगी। हालांकि वरिष्ठ अधिकारी, प्रस्तावित हड़ताल को हर हाल में रोकने की कोशिश में जुटे हुए हैं। आज से OPD सेवाएं नहीं मध्यप्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में करीब 8 हजार रेजिडेंट डॉक्टर, सीनियर रेजिडेंट और इंटर्न हैं जोकि पिछले तीन दिनों से शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। रविवार को प्रदेश के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में ‘जस्टिस मार्च’ निकाला गया। इसके बाद सभी डॉक्टर्स ने स्पष्ट चेतावनी दी कि मांगें नहीं मानने पर सोमवार से वे OPD सेवाएं नहीं देंगे। ऑपरेशन भी केवल ऐसे मरीजों का किया जाएगा जोकि बेहद गंभीर हैं।   जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन (JDA) के पदाधिकारियों का कहना है कि स्पष्ट आदेश के बावजूद राज्य सरकार ने स्टाइपेंड संशोधन लागू नहीं किया जोकि 1 अप्रैल 2025 से लागू होना था। अप्रैल 2025 से देय एरियर का भुगतान भी नहीं किया गया है। जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन का साफ कहना है कि जारी आदेश का क्रियान्वयन और लंबित एरियर का भुगतान का तुरंत निर्णय लिया जाए। केवल आपातकालीन सेवाएं जूनियर डॉक्टर्स ने चेताया कि समाधान नहीं निकलने पर सोमवार से प्रदेशभर में इलेक्टिव सेवाओं का बहिष्कार किया जाएगा। केवल आपातकालीन सेवाएं जारी रहेंगी।

फिर सजे शादी के मंडप: 14 तक शुभ मुहूर्त, 15 मार्च से खरमास के कारण थमेंगे विवाह

ग्वालियर आठ दिनों तक चले होलाष्टक के समापन के बाद सहालग सीजन की शुरुआत के साथ ही शहनाइयों की गूंज सुनाई देने लगी है। हालांकि यह शुभ समय अधिक दिनों तक नहीं रहेगा। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार 6 से 14 मार्च तक ही लगातार विवाह के मुहूर्त हैं। इसके बाद 15 मार्च से खरमास शुरू हो जाएगा। यह 14 अप्रेल तक चलेगा। इस कारण मार्च में अब पांच दिन ही विवाह समारोह होंगे। इस छोटे से सहालग सीजन में करीब 200 शादियां होने का अनुमान है। विवाह मुहूर्त शुरू होते ही शहर के सराफा, कपड़ा और किराना बाजार फिर से गुलजार हो चले हैं। शहर के महाराज बाड़ा और उससे सटे बाजारों में खरीदारों की भीड़ दिखने लगी है। कैटङ्क्षरग कारोबारी खुशी जैन ने बताया कि कम मुहूर्त होने के बाद भी शादियों के लिए बुङ्क्षकग है। मार्च में 5 और अप्रेल माह में विवाह के 8 मुहूर्त मार्च माह में 8, 9, 10, 11 और 12 मार्च को विवाह के मुहूर्त हैं। वहीं, अप्रेल में आठ दिन (15, 20, 21, 25, 26, 27, 27 और 29 अप्रेल) को विवाह के शुभ मुहूर्त रहेंगे। सराफा बाजार में शादियों के लिए हल्के जेवरों की पूछ-परख सराफा बाजार में सोना-चांदी के भाव ऊंचाई पर होने के बावजूद विवाह से जुड़ी खरीदारी पर खास असर नहीं पड़ा है। सोना-चांदी व्यवसायी संघ लश्कर के अध्यक्ष पुरुषोत्तम जैन के अनुसार सहालग सीजन शुरू होते ही सोने के हार, मंगलसूत्र, चांदी की पायल और बिछिया की मांग बढ़ गई है। हालांकि भारी जेवरों की जगह अब हल्के डिजाइन वाले आकर्षक आइटम खरीदे जा रहे हैं। ग्राहक उपयोगी और फैशनेबल ज्वेलरी को ज्यादा प्राथमिकता दे रहे हैं।

मध्य प्रदेश के इस शहर की बदलेगी तस्वीर, 1000 करोड़ के निवेश से युवाओं को मिलेगी बड़ी नौकरी की सौगात

उज्जैन प्रदेश के औद्योगिक मानचित्र पर उज्जैन को नई पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। एमपीआइडीसी के क्षेत्रीय कार्यालय द्वारा विकसित किए जा रहे विक्रम् उद्योगपुरी फेज-2 का श्रीगणेश हो गया हैं। लगभग 488 हेक्टेयर क्षेत्र में विकसित होने जा रहे सबसे पहले एल्केम लेबोरेट्रीज लिमिटेड (Alkem Laboratories Limited) को 30 एकड़ भूमि आवंटित की गई है। कंपनी यहां टैबलेट, कैप्सूल और इंजेक्शन जैसे फार्मास्यूटिकल उत्पादों के निर्माण के लिए अत्याधुनिक इकाई स्थापित करेगी। यह उज्जैन को औषधि निर्माण के उभरते केंद्र के रूप में स्थापित करेगा। इस इकाई के शुरू होने से लगभग 2000 युवाओं को प्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा, जबकि परिवहन, पैकेजिंग, सप्लाई चेन और अन्य सहायक गतिविधियों के माध्यम से बड़ी संख्या में अप्रत्यक्ष रोजगार भी सृजित होंगे। 382 हेक्टेयर भूमि निर्धारित विक्रम उद्योगपुरी फेज-2 में औद्योगिक इकाइयों के लिए 382 हेक्टेयर भूमि निर्धारित की गई है, जहां सैकड़ों औद्योगिक भूखंड विकसित किए जाएंगे। इस औद्योगिक क्षेत्र के बुनियादी ढांचे के विकास पर करीब 455 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। डीएमआईसी विक्रम उद्योगपुरी लिमिटेड के बोर्ड से इन विकास कार्यों को मंजूरी मिल चुकी है। परियोजना के तहत यहां सड़क नेटवर्क, स्ट्रीट लाइट, स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज, पेयजल आपूर्ति नेटवर्क, एलिवेटेड सर्विस रिजरवॉयर, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट, 33 केवी और 11 केवी विद्युत लाइन, सबस्टेशन, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट यूनिट तथा आईसीटी सुविधाएं विकसित की जाएंगी।   उल्लेखनीय है कि विक्रम उद्योगपुरी फेज-1 को करीब 773 एकड़ में विकसित किया गया था, जिसका उद्घाटन अक्टूबर 2023 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था। यह औधोगिक टाउनशिप देश की महत्वाकांक्षी विल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर परियोजना का हिस्सा है। फेज-1 में सभी भूखंड आवंटित हो चुके हैं, जहां पेप्सिको, अमूल, वोल्वो-आयशर, फेना, सुधाकर पाइप्स और इस्कॉन बालाजी जैसी प्रतिष्ठित कंपनियां आ चुकी हैं। फार्मा हब की नई पहचान मिलेगी विक्रम उद्योगपुरी फेज-2 उज्जैन जिले के औधोगिक विकास में मील का पत्थर साबित होगा। यह परियोजना न केवल बड़े निवेश को आकर्षित करेगी बल्कि आने वाले समय में उज्जैन को प्रवेश के प्रमुख औधोगिक और फार्मा हब के रूप में स्थापित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।- राजेश राठौड़, कार्यकारी संचालक, एमपीआइडीसी

भोपाल से मुंबई जाने वालों को झटका: 29 मार्च से समर शेड्यूल में फ्लाइट नहीं

भोपाल राजा भोज इंटरनेशनल एयरपोर्ट से 29 मार्च से शुरू हो रहे समर शेड्यूल में इस बार फ्लाइट बढ़ाने की बजाए कम होने जा रही हैं। एयर इंडिया एवं इंडिगो एयरलाइंस ने मुंबई के लिए एक उड़ान बंद करने की घोषणा की है। इसके अलावा इंडिगो एयरलाइंस ने गोवा और अहमदाबाद के डायरेक्ट फ्लाइट की जल्द समीक्षा कर इसे भी बंद करने के संकेत दिए हैं। इंडिगो एयरलाइंस एकमात्र नई उड़ान नवी मुंबई के लिए शुरू करने जा रही है। गर्मियों की छुट्टी में जब लोग टूरिस्ट डेस्टिनेशन जाने के लिए अपना प्रोग्राम बना रहे हैं, उसी वक्त विमानन कंपनियों द्वारा भोपाल से फ्लाइट कनेक्टिविटी कम किए जाने से निराशा का माहौल है। एयरपोर्ट प्रबंधन के मुताबिक युद्ध की आशंका के चलते और कमजोर यात्री संख्या के कारण फिलहाल विमानन कंपनियां किसी भी फ्लाइट एक्सटेंशन पर विचार नहीं कर रही हैं। इंडिगो ने नवी मुंबई के लिए स्लॉट, किराया 5 हजार इंडिगो ने नवी मुंबई के लिए स्लॉट भी ले लिया है और फ्लाइट का शेड्यूल जारी कर दिया गया है। यात्रियों के लिए इस उड़ान की बुकिंग भी शुरू कर दी गई है। इस नई उड़ान का शुरुआती किराया लगभग चार से पांच हजार रुपए के बीच रखा गया है। नवीं मुंबई के लिए नई उड़ान शुरू करने के साथ ही इंडिगो ने भोपाल से मुंबई जाने वाली अपनी एक उड़ान बंद करने का निर्णय लिया है। इसके बाद 29 मार्च से भोपाल और मुंबई के बीच इंडिगो की केवल एक ही उड़ान संचालित होगी।   पर्याप्त यात्रियों के बावजूद कटौती भोपाल से गोवा और अहमदाबाद की उड़ानों को बंद करने का प्रस्ताव भी सामने आया है। गोवा की उड़ान करीब छह महीने पहले ही शुरू की गई थी, इसलिए इसे बंद किए जाने के कारण स्पष्ट नहीं हो पाए हैं। ट्रेवल एजेंटों के अनुसार गोवा की इस उड़ान को लगभग 80 प्रतिशत यात्रियों का लोड मिल रहा था।

मध्यप्रदेश में वन्यजीव संरक्षण को नई दिशा, पन्ना में हुआ पहला CSR कॉन्क्लेव

पन्ना मध्य प्रदेश के पन्ना टाइगर रिजर्व में राज्य का पहला वन्यजीव-केंद्रित कॉर्पोरेट सामाजिक दायित्व (सीएसआर) कॉन्क्लेव आयोजित किया गया। मध्य प्रदेश वन विभाग और मध्य प्रदेश टाइगर फाउंडेशन सोसाइटी के संयुक्त तत्वावधान में 6 और 7 मार्च को आयोजित इस दो दिवसीय कार्यक्रम में औद्योगिक विकास और पर्यावरण संरक्षण को साथ लेकर आगे बढ़ने पर जोर दिया गया। प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर पन्ना टाइगर रिजर्व में आयोजित इस कॉन्क्लेव में देश की कई प्रमुख कंपनियों के प्रतिनिधियों और वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य कॉर्पोरेट क्षेत्र को वन्यजीव संरक्षण, जैव विविधता और प्राकृतिक आवासों की सुरक्षा में सहभागी बनाना था। नीति निर्माताओं और विशेषज्ञों ने साझा किए विचार कॉन्क्लेव में मध्य प्रदेश शासन के प्रमुख सचिव (वन) संदीप यादव, प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख तथा मुख्य वन्यजीव अभिरक्षक शुभ रंजन सेन, अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) एल. कृष्णमूर्ति, अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक (भूमि प्रबंधन) एच. एस. मोहंता और अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं चीता परियोजना के क्षेत्र संचालक उत्तम शर्मा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। इसके अलावा राज्य के सभी टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक, वन विहार राष्ट्रीय उद्यान, मुकुंदपुर चिड़ियाघर और गांधीसागर वन्यजीव अभयारण्य के प्रतिनिधियों ने भी कार्यक्रम में भाग लिया। इस मंच पर वन्यजीव संरक्षण से जुड़े मुद्दों, नीतियों और भविष्य की योजनाओं पर चर्चा की गई। जमीनी स्तर पर संरक्षण कार्यों का कराया अवलोकन कॉन्क्लेव के दौरान कॉर्पोरेट प्रतिनिधियों को सफारी के माध्यम से पन्ना टाइगर रिजर्व का भ्रमण कराया गया। इस दौरान उन्होंने वन सुरक्षा, शिकार विरोधी शिविरों की कार्यप्रणाली और वन कर्मचारियों द्वारा की जा रही चौबीसों घंटे निगरानी व्यवस्था को करीब से देखा। प्रतिनिधियों को घास के मैदानों के पुनरुद्धार, सौर ऊर्जा से संचालित बोरवेल के जरिए जल स्रोतों के प्रबंधन तथा लैंटाना और वन तुलसी जैसी आक्रामक खरपतवार प्रजातियों को हटाकर प्राकृतिक वनस्पतियों को पुनर्जीवित करने के प्रयासों की जानकारी भी दी गई। सीएसआर दान पोर्टल का हुआ शुभारंभ कॉन्क्लेव के दौरान सीएसआर दान पोर्टल की भी शुरुआत की गई, जिससे कॉर्पोरेट संस्थाएं पारदर्शी और डिजिटल प्रक्रिया के माध्यम से वन्यजीव संरक्षण कार्यों में सहयोग कर सकेंगी। कार्यक्रम के समापन पर आर्थिक विकास और प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा को साथ लेकर आगे बढ़ने का संकल्प लिया गया।