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आयुष्मान आरोग्य मंदिर पुर्वा के नवीन भवन का किया लोकार्पण

भोपाल  उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि पीड़ित मानवता की सेवा सबसे बड़ा धर्म है। पुर्वा ग्राम के आयुष्मान आरोग्य मंदिर में पदस्थ चिकित्सक व स्टॉफ पूरी संवेदनशीलता के साथ मरीजों का इलाज करेंगे। इस केन्द्र में विभिन्न बीमारी की जांच नि:शुल्क होंगी और यह आरोग्य मंदिर इस क्षेत्र के ग्रामीणजनों के इलाज में महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन करेगा। उन्होंने आयुष्मान आरोग्य मंदिर के नवीन भवन का लोकार्पण करने के बाद भवन का निरीक्षण किया। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के सभी कार्य प्राथमिकता से किये जा रहे हैं। रिक्त पदों की पूर्ति के लिये अभियान चलाया गया है। हमारा प्रयास है कि प्रदेश का स्वास्थ्य सूचकांक में सुधार और शिशु एवं मातृ मृत्युदर में कमी आये। उन्होंने कहा कि चिकित्सकों का स्थान भगवान के बराबर है, चिकित्सक भी मरीज को भगवान मानकर उसका इलाज सेवाभाव से अच्छे व्यवहार के साथ करें। उन्होंने स्वास्थ्य अधिकारियों से अपेक्षा की कि वह ग्रामीण क्षेत्रों का लगातार भ्रमण करें इसके सकारात्मक परिणाम आते हैं।  शुक्ल ने कहा कि प्रधानमंत्री के संकल्प अनुसार नि:शुल्क जांच व आयुष्मान कार्ड से नि:शुल्क इलाज किया जा रहा है जो मील का पत्थर साबित हो रहा है। उन्होंने सभी से अपने स्वास्थ्य की नियमित जांच कराने की अपेक्षा की क्योंकि समय पर जांच कराकर यदि बीमारी हो तो इलाज हो जाने से उसे गंभीर रोग से बचाया जा सकता है। उप मुख्यमंत्री ने आरोग्य केन्द्र परिसर में वृक्षारोपण भी किया। सांसद  जनार्दन मिश्र ने कहा कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में अनेक चुनौतियाँ हैं। उप मुख्यमंत्री का प्रयास है कि इन चुनौतियों को दूर कर प्रदेश को स्वास्थ्य के क्षेत्र में आदर्श प्रदेश बनायें। उन्होंने ग्रामीण जनों से अपेक्षा की कि संसाधन की उपलब्धता के अनुसार सहयोग करते हुए इलाज व जांच करायें। जिला पंचायत अध्यक्ष मती नीता कोल ने स्वास्थ्य सहित अन्य क्षेत्रीय विकास के लिये उप मुख्यमंत्री को साधुवाद दिया। पूर्व विधायक केपी त्रिपाठी ने कहा कि पुर्वा व आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लिये यह आरोग्य केन्द्र सौगात है। गौमाता के आशिर्वाद से सेमरिया सहित पुर्वा व आसपास का क्षेत्र विकसित हो रहा है। उप मुख्यमंत्री के प्रयासों से ही इस क्षेत्र में स्वास्थ्य की सुविधाएँ मिल रही हैं। पूर्व मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. यत्नेश त्रिपाठी ने बताया कि पुर्वा आरोग्य केन्द्र में टीकाकरण, जांच, सामान्य प्रसव के साथ अन्य इलाज की भी सुविधा रहेगी। निर्माण एजेंसी के इंजीनियर एम.एस. खरे ने प्रगति प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में आभार प्रदर्शन क्षेत्रीय संचालक स्वास्थ्य सेवाएँ डॉ. सत्यभामा अवधिया ने किया। इस दौरान सरपंच सियादुलारी विश्वकर्मा, सुंदरलाल शर्मा, राजेश यादव, डॉ. आरबी चौधरी सहित ग्रामीणजन उपस्थित रहे। 

मुख्य मार्ग से कपुरी तक बनेगी 6 मीटर चौड़ी सड़क

भोपाल  उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क परियोजना के कार्यों की समीक्षा की। प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क परियोजना कार्यालय में बैठक में उप मुख्यमंत्री ने कहा कि शासन के मापदण्डों के अनुसार हर बसाहट में पक्की सड़क की सुविधा दें। इसके लिए इस वर्ष की कार्य योजना में चिन्हित सड़कों को शामिल करें। सड़कें विकास की वाहक होती हैं। गांव और बसाहट तक पक्की सड़क की सुविधा होने से आवागमन सुगम होने के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार के अवसरों और आर्थिक विकास के अवसर मिलते हैं। रीवा विकासखण्ड में 28 सड़कें इस वर्ष की कार्य योजना में प्रस्तावित की गई हैं। इनका डीपीआर तत्काल तैयार कराएं। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से निर्मित सड़कों के रखरखाव और सुधार पर भी ध्यान दें। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि नेशनल हाईवे मुख्य मार्ग से चोरहटा होते हुए कपुरी तक की सड़क का चौड़ीकरण आवश्यक है, जिन किसानों ने सड़क चौड़ीकरण के लिए स्वेच्छा से भूमि उपलब्ध कराई है उन सबका हम अभिनंदन करते हैं। सबके सहयोग से शीघ्र ही सड़क चौड़ीकरण का कार्य शुरू होगा। मुख्य मार्ग से चोरहटा होते हुए कपुरी तक 6 मीटर चौड़ी सड़क बनाई जाएगी। इससे बड़े वाहनों का आवागमन सुगम होगा। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों और आमजनों से संवाद करते हुए क्षेत्र में विकास की संभावनाओं और समस्याओं पर चर्चा की। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने मौके पर उपस्थित अधीक्षण यंत्री विद्युत मण्डल को चोरहटा में दो नए ट्रांसफार्मर तत्काल स्थापित करने के निर्देश दिए। बैठक में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क परियोजना के प्रभारी महाप्रबंधक उमेश कुमार साहू ने बताया कि शासन द्वारा निर्धारित मापदण्डों के अनुसार पाँच सौ तक की आबादी वाले सभी गांवों को इस वर्ष की कार्य योजना में शामिल किया जा रहा है। रीवा और मऊगंज जिले में 273.19 किलोमीटर लम्बाई की 139 सड़कें प्रस्तावित की गई हैं। इनमें रीवा विकासखण्ड की 48.77 किलोमीटर लम्बाई की 28 सड़कें शामिल हैं। इनका डीपीआर तैयार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री सड़क योजना से सेटेलाइट से चिन्हित जिले की 1320 बसाहटों में सड़क निर्माण प्रस्तावित किया जा रहा है। इनमें रीवा विधानसभा क्षेत्र की 31 बसाहटें शामिल हैं। रीवा और मऊगंज जिलों में कुल 1697.56 किलोमीटर लम्बाई की सड़कें प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से बनाई गई हैं। वर्तमान में 5 सड़कें प्रगतिरत हैं। बैठक में स्थानीय जनप्रतिनिधि  राजेन्द्र शुक्ल ने चोरहटा क्षेत्र के सड़क, बिजली, पानी और नाली निर्माण से जुड़ी विभिन्न मांगे रखीं। बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष मती नीता कोल, आयुक्त नगर निगम डॉ. सौरभ सोनवणे, एसडीएम हुजूर डॉ. अनुराग तिवारी, तहसीलदार शिवशंकर शुक्ला सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि तथा संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। 

उप मुख्यमंत्री ने क्रिकेट खिलाड़ियों का किया उत्साहवर्धन

भोपाल  उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने ग्राम पंचायत पुर्वा में स्व. लालमणि विश्वकर्मा स्मृति क्रिकेट टूर्नामेंट में सहभागिता कर खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि खेल भावना से प्रतिस्पर्धा करें। जीतने वाली टीम बधाई की पात्र है और जो नहीं जीत सके वह जीतने का पूरा प्रयास करें।  शुक्ल ने खिलाड़ियों को पुरस्कार वितरित किये।  

देशभर की 25 महिला बाइकर्स करेंगी भोपाल से खजुराहो की 1,400 किमी लंबी बाइक ट्रेल

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शनिवार को मुख्यमंत्री निवास से सुबह 9 बजे ‘क्वींस ऑन द व्हील्स’ के तीसरे संस्करण को फ्लैग ऑफ करेंगे। प्रदेश के समृद्ध व ऐतिहासिक पर्यटन गंतव्यों को देश-दुनिया में प्रचारित करने के उद्देश्य से 25 महिला सुपर बाइकर्स को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। ‘क्वींस ऑन द व्हील्स’ के पिछले दो संस्करणों की सफलता के बाद, महिला सशक्तिकरण, स्वतंत्रता एवं विरासत का यह 7 दिवसीय आयोजन भोपाल से खजुराहो तक लगभग 1,400 किलोमीटर लंबी बाइक ट्रेल को पूरा करेगा।   सचिव पर्यटन और प्रबंध संचालक मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड डॉ. इलैयराजा टी ने बताया कि एमपी टूरिज्म बोर्ड की पहल क्वींस ऑन द व्हील्स’ केवल एक बाइक राइड नहीं, बल्कि महिला सशक्तिकरण, साहस और मध्यप्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक एवं पर्यटन धरोहर का उत्सव है। हमें गर्व है कि देशभर से आईं 25 महिला सुपरबाइकर्स इस अनूठी यात्रा के माध्यम से भोपाल से खजुराहो तक प्रदेश के विविध पर्यटन स्थलों का अनुभव करेंगी और उन्हें देश-दुनिया तक पहुंचाने में सहभागी बनेंगी। मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड का उद्देश्य ऐसे नवाचारपूर्ण आयोजनों के माध्यम से प्रदेश को एक सुरक्षित, रोमांचक और विश्वस्तरीय पर्यटन गंतव्य के रूप में स्थापित करना है। 13 मार्च को भोपाल में होगा समापन भोपाल से शुरू होकर यह 7-दिन की यात्रा सांची, उदयगिरि, चंदेरी, शिवपुरी, कूनो, ग्वालियर, दतिया, ओरछा और खजुराहो से होते वापस भोपाल में 13 मार्च को समाप्त होगी। मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड के इस कदम से राज्य की ऐतिहासिक और पुरातात्विक विरासत को प्रमुखता देगा, साथ ही मध्य प्रदेश को महिलाओं के लिए सुरक्षित और समृद्धिशाली पर्यटन गंतव्य के रूप में स्थापित किया जाएगा। यह अभियान कम-ज्ञात स्थलों का प्रचार करेगा, रूरल टूरिज्म सर्किट्स को मजबूत करने और राज्य भर में रिस्पॉन्सिबल ट्रैवल को बढ़ावा देने का सशक्त माध्यम बनेगा।  

मंत्री कुशवाह की अध्यक्षता में एमपी एग्रो संचालक मंडल की 202वीं बैठक

भोपाल  उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण मंत्री  नारायण सिंह कुशवाह ने कहा कि द एमपी स्टेट एग्रो इंडस्ट्रीज डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड राज्य शासन के कृषि एवं उद्यानिकी विभाग के लिये कार्य करने वाली महत्वपूर्ण एजेन्सी है। उद्यानिकी विभाग द्वारा किसानों के लिये अनेक योजनाएँ एमपी एग्रो के माध्यम से संचालित की जा रही हैं। मंत्री  कुशवाह शुक्रवार को पंचानन भवन में एमपी एग्रो स्टेट एग्रो डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन के संचालक मंडल की 202वीं बैठक को संबोधित कर रहे थे। मंत्री  कुशवाह ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। कृषि के साथ उद्यानिकी फसलों को बढ़ावा देने की विस्तृत कार्य-योजना पर कार्य प्रारंभ हो चुका है। उन्होंने कहा कि किसानों को उन्नत बीज और तकनीकी मुहैया कराने में द एमपी स्टेट एग्रो इंडस्ट्रीज डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्धारित लक्ष्यों को उच्च गुणवत्ता के साथ समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिये। बैठक में संचालक मण्डल की सदस्य कु. सिम्मी गुर्जर, उद्यानिकी सचिव  जॉन किंग्सली, आयुक्त एवं प्रबंध संचालक एमपी स्टेट एग्रो डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन  अरविंद दुबे, उप सचिव  दिनेश सुहाने, निदेशक केन्द्रीय कृषि मशीनरी प्रशिक्षण संस्थान, बुधनी डॉ. बी.एम. नंदेडे सहित संचालक मण्डल के अन्य सदस्य और विभागीय अधिकारी उपस्थित थे

महिलाओं को अधिकार और न्याय मिलना जरूरी, तभी होगा सशक्तिकरण : भूरिया

भोपाल अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर मध्यप्रदेश राज्य महिला आयोग और विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के समन्वय से आयोजित कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास मंत्री  निर्मला भूरिया ने कहा कि महिलाओं और बालिकाओं के अधिकारों की रक्षा, न्याय की सुनिश्चितता और ठोस कार्यवाही ही महिला सशक्तिकरण की वास्तविक आधारशिला है। उन्होंने महिला दिवस, होली और रंगपंचमी की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आज का आयोजन केवल एक कार्यक्रम नहीं बल्कि महिलाओं और बालिकाओं के अधिकारों की रक्षा के लिए सामूहिक संकल्प को मजबूत करने का अवसर है। कार्यक्रम में न्याय चौपाल, मानसिक स्वास्थ्य तथा साइबर वेलबीइंग जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर सत्र आयोजित किए गए। सत्र में विशेषज्ञों और अधिकारियों ने महिलाओं की सुरक्षा, अधिकारों और जागरूकता से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की। मंत्री  भूरिया ने महिला आयोग और सहयोगी संस्थाओं द्वारा “महिलाओं और बालिकाओं के लिए अधिकार, न्याय और कार्यवाही” विषय पर आयोजित इस कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि समाज की अशासकीय संस्थाएं और जागरूक नागरिक छोटे-छोटे प्रयासों से महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तिकरण को मजबूत बनाते हैं। मंत्री  भूरिया ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' जैसे अभियान ने बेटियों के प्रति समाज में सकारात्मक सोच को मजबूत किया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार की लाड़ली बहना योजना और लाड़ली लक्ष्मी योजना महिलाओं और बालिकाओं के सशक्तिकरण की मिसाल बन चुकी हैं।मंत्री  भूरिया ने कहा कि पंचायती राज और शहरी निकायों में 50 प्रतिशत आरक्षण तथा सरकारी नौकरियों में 30 प्रतिशत आरक्षण से महिलाओं की भागीदारी में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। इसके साथ ही मिशन शक्ति के अंतर्गत वन स्टॉप सेंटर, महिला हेल्पलाइन 181, महिला पुलिस यूनिट और फास्ट ट्रैक कोर्ट जैसे प्रयास महिलाओं की सुरक्षा और अधिकारों को मजबूत बना रहे हैं। मंत्री  भूरिया ने कहा कि महिला सशक्तिकरण केवल महिलाओं का विषय नहीं बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी है। समाज के सभी वर्ग जब मिलकर समानता और न्याय के लिए प्रयास करेंगे, तभी सशक्त और समतामूलक समाज का निर्माण संभव होगा। स्पेशल डीजी, पुलिस श्री अनिल कुमार ने कहा की घरेलू हिंसा एक ऐसी समस्या है जिसका निदान भी ख़ुद उस महिला के पास है। उन्होंने कहा कि अगर हर महिला यह समझ ले कि “सास भी कभी बहू “थी तो सास और बहू के बीच की हिंसा भी रुक जाएगी। डीजी, सामुदायिक पुलिसिंग श्री विनीत कपूर ने कहा कि महिलाओं के लिए हेल्प-डेस्क हर थाने में होना चाहिए। उन्होंने कहा कि महिलाओं के विरूद्ध हिंसा को रोकने के लिए कम्युनिटी आउटरीच होना बहुत जरूरी है। श्री कपूर ने कहा कि महिलाएं जागरूक होंगी तो अपने अधिकार से न्याय के लिए उचित कार्यवाही करने के लिए आवाज उठाएगी। कार्यक्रम में घरेलू हिंसा से पीड़ित महिलाओं ने पॉवर वॉक कर दर्शाया कि कठिनाइयों के बाद भी अगर सही काउंसलिंग और सकारात्मक सोच से महिलाएं हर क्षेत्र में आगे बढ़ सकती है। साथ ही विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को सम्मानित किया गया। महिला आयोग और अहान फाउंडेशन के मध्य सायबर वेलबीइंग पर एमओयू हुआ।  

UPSC में धार का गौरव: प्रक्षाल जैन ने हासिल की ऑल इंडिया 8वीं रैंक

बाग धार जिले के छोटे कस्बे बाग के लिए गर्व की बात है कि यहां के होनहार युवा पक्षाल सेक्रेटरी ने संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक 8 हासिल कर क्षेत्र का नाम पूरे देश में रोशन किया है। उनकी इस उपलब्धि से परिवार सहित पूरे नगर में खुशी और गर्व का माहौल है। लोगों ने मिठाई बांटकर और आतिशबाजी कर खुशियां मनाईं। माता-पिता का आशीर्वाद पक्षाल सेक्रेटरी का कहना है कि माता-पिता का आशीर्वाद और अपने लक्ष्य के प्रति समर्पण ही उनकी सबसे बड़ी प्रेरणा रही। उनके पिता निलेश जैन कपड़ा व्यवसायी हैं, जबकि माता दीप्ति जैन गृहिणी हैं। परिवार के अनुसार प्रक्षाल बचपन से ही पढ़ाई में मेधावी रहे हैं और उन्होंने कड़ी मेहनत व लगन से यह मुकाम हासिल किया। पक्षाल की प्रारंभिक पढ़ाई बाग के महेश मेमोरियल स्कूल में हुई। आगे की पढ़ाई के लिए वे इंदौर चले गए और बाद में उन्होंने आईआईटी कानपुर से फाइनेंस में पढ़ाई की। आईआईटी से पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने कॉर्पोरेट क्षेत्र में जाने के बजाय देश सेवा का रास्ता चुना और सिविल सेवा की तैयारी शुरू कर दी। दिल्ली में रहकर तैयारी पक्षाल वर्ष 2022-23 के आसपास दिल्ली चले गए और वहीं रहकर यूपीएससी की तैयारी की। उनकी छोटी बहन क्रिया जैन ने बताया कि तैयारी के दौरान उन्होंने बेहद कठिन परिस्थितियों का सामना किया। कई बार ऐसा समय भी आया जब वे रोजाना केवल 3 से 4 घंटे ही सोते थे और दिनभर लाइब्रेरी में पढ़ाई करते थे। प्रयास जारी रहा पहले प्रयास में उन्हें भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) मिलने की संभावना थी, लेकिन उनका लक्ष्य आईएएस बनना था, इसलिए उन्होंने तैयारी जारी रखी। दूसरे प्रयास में वे प्रीलिम्स में ही रह गए, लेकिन तीसरे प्रयास में उन्होंने शानदार सफलता हासिल करते हुए ऑल इंडिया रैंक 8 प्राप्त की। तैयारी के दौरान कई चुनौतियां भी सामने आईं। एक बार इंटरव्यू से एक दिन पहले उनका पैर मुड़ गया था, फिर भी उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। पक्षाल जैन की इस सफलता से बाग सहित पूरे क्षेत्र के युवाओं को प्रेरणा मिली है कि छोटे कस्बों से भी बड़े सपने पूरे किए जा सकते हैं।

सतना में सनसनीखेज वारदात, पैरोल पर बाहर आए आरोपी ने पिता-पुत्र को मारी गोली

सतना सतना जिले के नागौद थाना क्षेत्र के बारा पत्थर गांव में गुरुवार शाम उस समय सनसनी फैल गई, जब पैरोल पर जेल से बाहर आया उम्रकैद का सजायाफ्ता अपराधी पुरानी रंजिश के चलते पिता-पुत्र पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर फरार हो गया। घटना में पिता की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि बेटा गंभीर रूप से घायल हो गया। क्या है मामला प्राप्त जानकारी के अनुसार बारा पत्थर गांव निवासी करीब 50 वर्षीय बबलू यादव अपने बेटे राणा यादव के साथ गांव में मौजूद थे। इसी दौरान गांव पहुंचे आरोपी चंदन यादव ने अचानक दोनों पर फायरिंग शुरू कर दी। गोली लगने से बबलू यादव की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि राणा यादव गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल युवक को पहले नागौद अस्पताल ले जाया गया, जहां से हालत गंभीर होने पर उसे जिला अस्पताल सतना रेफर कर दिया गया। अस्पताल में उसका उपचार जारी है और उसकी स्थिति नाजुक बताई जा रही है। घटना की सूचना मिलते ही नागौद थाना प्रभारी अशोक पांडे पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा कार्रवाई के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। गिरफ्तारी के लिए टीमें गठित पुलिस के अनुसार आरोपी और मृतक के परिवार के बीच लंबे समय से पुरानी रंजिश चली आ रही थी। इसी दुश्मनी के चलते आरोपी ने पिता-पुत्र को निशाना बनाकर गोलियां चलाईं। थाना प्रभारी अशोक पांडे ने बताया कि फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें गठित कर दी गई हैं और उसके संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।  

बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ के अंतर्गत महिला बाल विकास विभाग की नई पहल

‘सरस्वती अभियान’ से शिक्षा की मुख्यधारा में पुन: आएगी शाला त्यागी बालिकाएँ बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ के अंतर्गत महिला बाल विकास विभाग की नई पहल मुख्यमंत्री डॉ. यादव 10 मार्च को भोपाल में करेंगे ‘सरस्वती अभियान’ का शुभारंभ भोपाल  प्रदेश में शाला त्यागी बालिकाओं को पुनः शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग ने बेटी बचाओ–बेटी पढ़ाओ योजनांतर्गत ‘सरस्वती अभियान’ की शुरुआत की है। इस नवाचार के माध्यम से वे बालिकाएँ जो किसी सामाजिक, पारिवारिक या आर्थिक कारण से विद्यालय छोड़ चुकी हैं, उन्हें फिर से शिक्षा से जोड़कर आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने का प्रयास किया जाएगा। राज्य स्तर पर इस अभियान को नई दिशा देने के लिए 10 मार्च को भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शामिल होंगे। कार्यक्रम में शाला त्यागी बालिकाओं को पुनः शिक्षा से जोड़ने के लिए विभाग की कार्य योजना और नवाचारों की जानकारी भी दी जाएगी। अभियान में राज्य ओपन स्कूल प्रणाली के माध्यम से बालिकाओं को कक्षा 8वीं, 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं में शामिल होने का अवसर दिया जाएगा। उन्हें अध्ययन सामग्री, मार्गदर्शन, संपर्क कक्षाएँ और मेंटोरिंग की सुविधा भी प्रदान की जाएगी, ताकि वे अपनी पढ़ाई पूरी कर सकें और आगे की शिक्षा या रोजगार के अवसर प्राप्त कर सकें। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण के अनुसार प्रदेश में बड़ी संख्या में बालिकाएँ कक्षा 8वीं, 10वीं या 12वीं से पहले ही विद्यालय छोड़ देती हैं। शिक्षा छूटने के बाद उन्हें पढ़ाई जारी रखने का अवसर नहीं मिल पाता, जिससे उनकी शिक्षा अधूरी रह जाती है और उनके भविष्य के अवसर सीमित हो जाते हैं। ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों में यह समस्या अधिक गंभीर रूप में सामने आती है। चुनौती को ध्यान में रखते हुए महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा शुरू किए जा रहे सरस्वती अभियान के अंतर्गत शाला त्यागी बालिकाओं की पहचान के लिए सर्वेक्षण किया जाएगा, उन्हें राज्य ओपन स्कूल में नामांकित किया जाएगा। परीक्षा की तैयारी के लिए अध्ययन सामग्री और शैक्षणिक मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाएगा। इसके साथ ही मेंटोरिंग और काउंसलिंग के माध्यम से बालिकाओं को परीक्षा में सफल होने के लिए निरंतर सहयोग दिया जाएगा। अभियान के तहत परीक्षा उत्तीर्ण करने वाली बालिकाओं को प्रमाण-पत्र प्रदान कर आगे की शिक्षा के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य न केवल बालिकाओं को शिक्षा से जोड़ना है, बल्कि उनमें आत्मविश्वास और आत्मसम्मान का विकास करना भी है। अभियान बालिका शिक्षा की दर बढ़ाने, ड्रॉप-आउट दर कम करने और महिला सशक्तिकरण को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। साथ ही बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियों को रोकने में भी यह अभियान प्रभावी साबित हो सकता है। सरस्वती अभियान के माध्यम से शिक्षा से वंचित बालिकाओं को नया अवसर मिलेगा और वे न केवल अपने जीवन को बेहतर बना सकेंगी, बल्कि परिवार और समाज के विकास में भी सक्रिय भूमिका निभा सकेंगी।  

जल संचय जन भागीदारी अभियान की समीक्षा बैठक 07 मार्च को

शहडोल  जिले में जल संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जल संचय जन भागीदारी अभियान के संबंध में चर्चा एवं समीक्षा बैठक कलेक्टर डॉ केदार सिंह की अध्यक्षता में 7 मार्च 2026 को प्रातः 11 बजे कलेक्टर कार्यालय के विराट सभागार में आयोजित की जाएगी।  बैठक में जिले में चल रहे जल संरक्षण कार्यों, जल संचय के लिए किए जा रहे प्रयासों तथा जन भागीदारी से अभियान को प्रभावी बनाने के संबंध में विस्तृत चर्चा की जाएगी।   बैठक में वन विभाग के समस्त एसडीओ, सभी जनपद पंचायतों के सीईओ, जनपदों के सहायक यंत्रियों एवं उपयंत्रियों, नगर निकायों के सीएमओ, जिला शिक्षा अधिकारी, सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग, डीपीसी, महिला एवं बाल विकास विभाग, पीएचई, स्वास्थ्य विभाग तथा जल संसाधन विभाग के अधिकारियों को उपस्थित रहने के लिए कहा गया है।