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मोहन यादव सरकार का बड़ा फैसला: नए साल में बुजुर्गों और दिव्यांगों की पेंशन बढ़ेगी

भोपाल  मध्य प्रदेश सरकार नए साल में प्रदेश के बुजुर्ग, दिव्यांगों को सौगात देने जा रही है. मध्य प्रदेश सामाजिक न्याय विभाग अगले साल से प्रदेश के बुजुर्ग और दिव्यांगों की पेंशन में बढ़ोत्तरी करने जा रही है. सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग मंत्री नारायण सिंह कुशवाहा ने इसकी जानकारी दी है. उन्होंने कहा कि बुजुर्ग और दिव्यांगजनों की पेंशन में बढ़ोत्तरी का प्रस्ताव विभाग द्वारा वित्त विभाग को भेजा गया है. मुख्यमंत्री भी इसको लेकर गंभीर हैं. आने वाले बजट में पेंशन बढ़ोत्तरी की जाएगी. 54 लाख हितग्राहियों को होगा फायदा सामाजिक न्याय और उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग की पिछले दो साल की उपलब्धियां बताने के लिए मंत्री नारायण सिंह कुशवाहा पत्रकारों से रूबरू हुए. उन्होंने बताया कि "प्रदेश में विधवा, दिव्यांग एवं वृद्धों सहित कुल 54 लाख 21 हजार 863 हितग्राहियों को हर माह 325 करोड़ प्रतिमाह का भुगतान किया जा रहा है. सामाजिक सहायता कार्यक्रम अंतर्गत पेंशन प्राप्त कर रहे कुल 54 लाख से ज्यादा हितग्राहियों का 100 फीसदी आधार के केवाइसी कराया जा चुका है. पेंशन बढ़ाने के सवाल पर मंत्री ने कहा कि इसका प्रस्ताव विभाग द्वारा भेजा जा चुका है और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इसको लेकर गंभीर हैं. उभयलिंगी बोर्ड की स्थापना होगी मंत्री नारायण सिंह कुशवाहा ने बताया कि प्रदेश में जल्द ही उभयलिंगी बोर्ड की स्थापना की जाएगी. इसकी प्रक्रिया पूरी कर ली गई है. अगले एक हफ्ते में इसका गठन कर लिया जाएगा. उन्होंने कहा कि प्रदेश में कन्या विवाह और निकाय सम्मेलन के लिए संभागवार वार्षिक चक्रीय रूप से 3 तिथियां बसंत पंचमी, अक्षय तृतीया और तुलसी विवाह और एक अन्य तिथि का कैलेंडर जारी किया गया है. इसके अलावा अनुसूचित जनजाति की परंपराओं को देखते हुए अधिसूचित अनुसूचित क्षेत्र में सामुहिक विवाह कार्यक्रम के लिए 4 तिथियों का कैलेंडर अलग से जारी किया जाएगा. इसके लिए कम से कम 11 जोड़ों और अधिकतम 200 जोड़ों की संख्या निर्धारित की गई है."

प्रदेश के 52 हजार किसानों के खेत अब लहलहाएंगे सोलर पंप से

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा किसानों के हित में किये जा रहे अनेक कल्याणकारी कार्यों से प्रदेश में अन्न उत्पादन में लगातार वृद्धि हो रही है। किसानों को खेती के लिये खाद बीज की सहज उपलब्धता के साथ सिंचाई के संसाधन भी उपलब्ध कराये जा रहे है। इसी दिशा में एक कदम और आगे बढ़ाते हुए प्रदेश में 52 हजार किसानों के खेत में सोलर पंप स्थापित करने की योजना प्रारंभ की गई है। सोलर पंप स्थापित हो जाने से अब प्रदेश का किसान अन्नदाता के साथ ऊर्जादाता भी बनेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की इस अभिनव पहल के तहत 34 हजार 600 इकाइयों को लेटर ऑफ अवार्ड जारी कर 33 हजार कार्यदेश जारी किए जा चुके हैं। किसान के खेत में सोलर पम्प स्थापित होने से अब उन्हें विद्युत प्रदाय पर बिजली बिल का भुगतान नहीं करना पड़ेगा। बिजली बिल पर व्यय होने वाली यह राशि अब उनके पास बचत के रूप में रहेगी। इसके अतिरिक्त सोलर पम्प से उत्पादित अतिरिक्त ऊर्जा को किसान सरकार को बेच कर अतिरिक्त आय भी अर्जित कर सकेंगे। नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग द्वारा लगातार किसानों को सोलर प्रोजेक्ट लगाने के लिए विभिन्न योजनाओं में लाभ प्रदान कर सक्षम बनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश में सौर ऊर्जा के क्षेत्र में निरंतर उल्लेखनीय कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसानों के हित में एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए 52 हजार किसानों के खेतों में सोलर पम्प लगाने का अभिनव नवाचार किया है प्रदेश में प्रधानमंत्री कुसुम (प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्‍थान महाभियान) योजना के द्वारा किसानों के लिये ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित की जा रही है। केन्द्र सरकार की इस योजना को प्रदेश में "प्रधानमंत्री कृषक मित्र सूर्य योजना" के नाम से संचालित किया जा रहा है। इसमें (कुसुम-ब) कृषकों के यहां ऑफ ग्रिड सोलर पम्‍पों की स्‍थापना की जाती है। योजना में किसानों को 1 एच.पी. से 7.5 एच.पी. तक क्षमता के पम्‍प पर 90 प्रतिशत सब्सिडी (अनुदान) दिये जाने का प्रावधान किया गया है। इसमें सभी वर्ग को समान सब्सिडी (अनुदान) प्रदान की जाती है। योजनांतर्गत 1 से 7.5 हार्सपावर तक के सोलर पंप की बेंचमार्क लागत का 30 प्रतिशत अनुदान भारत सरकार द्वारा दिये जाने का प्रावधान है। सोलर पंप की वास्तविक लागत का लगभग 10 प्रतिशत कृषक अंशदान व लगभग 60 प्रतिशत हिस्सा कृषक ऋण राशि के रूप में लिया जाने का प्रावधान किया गया है, जिसका ब्‍याज सहित भुगतान राज्‍य सरकार द्वारा किया जाएगा। सोलर पंप के द्वारा निर्मित ऊर्जा के दैनिक उपयोग के बाद उत्‍पादित अतिरिक्‍त ऊर्जा के वैकल्पिक उपयोग के लिये भी किसानों को विकल्प दिया जा रहा है। इसका उपयोग नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय, भारत सरकार के दिशा-निर्देश अनुसार किया जा सकेगा। समान क्षमता के यू.एस.पी.सी. युक्‍त पंपों पर बिना यू.एस.पी.सी. (सामान्‍य कन्‍ट्रोलर) के सोलर पंप पर देय अनुदान ही लागू होगा। स्‍थापित सोलर पम्‍पों के, 5 वर्ष तक रख-रखाव की जिम्‍मेदारी, संबंधित स्‍थापनाकर्ता इकाई की है। योजना की विस्‍तृत जानकारी निगम की वेबसाईट cmsolarpump.mp.gov.in पर उपलब्‍ध है। योजना में मंदसौर, नीमच, बैतूल,भिंड, सागर, शाजापुर, जबलपुर, अशोकनगर, भोपाल एवं सीहोर जिलों में कृषकों के यहाँ सोलर पम्पों की स्थापना का कार्य प्रारम्भ किया जा चुका है। प्रमुख बिन्दु     प्रदेश में प्रधानमंत्री कुसुम-बी (प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्‍थान महाभियान) योजना के द्वारा किसानों के लिये की जा रही ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित।     प्रदेश में प्रधानमंत्री कुसुम-बी योजना "प्रधानमंत्री कृषक मित्र सूर्य योजना" के नाम से संचालित     किसानों को अन्नदाता के साथ ही ऊर्जा दाता बनाने की दिशा में कार्य जारी।     प्रदेश के 33 हजार किसान के खेतों में सोलर पंप स्थापना के लिए कार्यादेश जारी।     सोलर पंप स्थापना के लिए 34 हजार 600 लेटर ऑफ अवॉर्ड, इकाइयों को प्रदान किये गये।     52 हजार किसानों को योजना से लाभान्वित करने का लक्ष्य होगा पूर्ण।     किसानों को 1 एच.पी. से 7.5 एच.पी. तक क्षमता के पम्‍प पर 90 प्रतिशत सब्सिडी (अनुदान) दिये जाने का प्रावधान।     सभी वर्गों के लिये समान सब्सिडी (अनुदान) व्यवस्था।     योजना में 1 से 7.5 हॉर्स पॉवर तक के सोलर पंप की बेंचमार्क लागत का 30 प्रतिशत अनुदान भारत सरकार द्वारा।     सोलर पंप की वास्तविक लागत का लगभग 10 प्रतिशत कृषक अंशदान।     लगभग 60 प्रतिशत हिस्सा कृषक ऋण राशि के रूप में, जिसका ब्‍याज सहित भुगतान राज्‍य सरकार द्वारा।     योजना में मंदसौर, नीमच, बैतूल,भिंड, सागर, शाजापुर, जबलपुर, अशोकनगर, भोपाल एवं सीहोर जिलों में कृषकों के यहाँ सोलर पम्पों की स्थापना का कार्य प्रारम्भ।     जानकारी निगम की वेबसाईट cmsolarpump.mp.gov.in पर उपलब्‍ध।  

राष्ट्रगीत एवं राष्ट्रगान का गायन मंत्रालय में 1 जनवरी को

राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार श्रीमती कृष्णा गौर होंगी शामिल भोपाल  मंत्रालय स्थित वल्लभ भाई पटेल पार्क में राष्ट्र -गीत "वन्देमातरम" एवं राष्ट्र -गान "जन गण मन" का गायन 1 जनवरी 2026 को प्रात: 10:15 होगा। इस अवसर पर पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण एवं विमुक्त, घुमन्तु, अर्द्धघुमन्तु कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर शामिल होंगी। वर्षा होने की स्थिति में उक्त गायन मंत्रालय क्रमांक-1 स्थित पांचवी मंजिल कक्ष क्रमांक 506 में होगा। सामान्य प्रशासन विभाग ने सभी अधिकारी/कर्मचारियों को अनिवार्य रूप से उपस्थित होने के लिए निर्देश दिये हैं। उल्लेखनीय है कि प्रत्येक माह के प्रथम कार्य दिवस पर राष्ट्र गीत एवं राष्ट्र गान का आयोजन पटेल पार्क में किया जाता है।               

उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने नागरिकों को दी नव वर्ष की शुभकामनाएं

भोपाल  उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने नव वर्ष के शुभागमन पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दी है। श्री देवड़ा ने कहां कि गत वर्षों में राज्य सरकार ने जनकल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए विकास, सुशासन और समावेशी प्रगति के नए आयाम स्थापित किए हैं। किसानों, युवाओं, महिलाओं और समाज के प्रत्येक वर्ग के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का संकल्प मजबूत हुआ है। श्री देवड़ा ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश हर क्षेत्र में तेजी से कदम बढ़ा रहा है। उन्हें कहा कि निवेश के माध्यम से रोजगार निर्माण की दिशा में प्रदेश आगे बढ़ा है और अब नया वर्ष कृषि कल्याण को समर्पित होगा। उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने ईश्वर से प्रार्थना की है कि नववर्ष सबके जीवन में स्वास्थ्य, सम्मान और समृद्धि लेकर आए। सब मिलकर एक सशक्त, आत्मनिर्भर और विकसित मध्यप्रदेश के निर्माण की दिशा में और तेज़ी से आगे बढ़ें, यही नववर्ष का संकल्प है।  

विदा लेते वर्ष 2025 में प्रदेश ने अभी तक की बिजली की अधिकतम मांग की आपूर्ति का बनाया नया कीर्तिमान

31 दिसम्बर 2025 को 19849 मेगावाट डिमांड की सफलतापूर्वक आपूर्ति भोपाल विदा लेते वर्ष 2025 में प्रदेश ने ऊर्जा क्षेत्र में फिर से एक नया कीर्तिमान दर्ज कर लिया है। प्रदेश के ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया कि वर्ष के अंतिम दिन 31 दिसम्बर 2025 को सुबह 10:44 बजे प्रदेश की बिजली प्रणाली ने उस समय नया आयाम स्थापित किया, जब प्रदेश में 19849 मेगावाट बिजली की डिमांड को सफलतापूर्वक पूरा किया गया। इस दौरान प्रदेश की विद्युत कंपनियों ने बेहतरीन समन्वय बनाकर निर्वाध विद्युत आपूर्ति की। ऊर्जा मंत्री श्री तोमर ने सभी विद्युत कंपनियों को इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर बधाई देते हुये कहा कि यह विद्युत कार्मिकों की मेहनत, समर्पण का परिणाम है। श्री तोमर ने बताया कि अधिकतम डिमांड के समय मध्यप्रदेश के उत्पादन केन्द्रों, लाईनों और सबस्टेशनों से निर्वाध विद्युत आपूर्ति की गई। प्रदेश में कैसी रही बिजली की मांग एम.पी. पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एम.पी. ट्रांसको) के मुख्य अभियंता श्री राजेश गुप्ता ने जानकारी दी कि प्रदेश में जब बिजली की मांग 19849 मेगावाट पर दर्ज हुई उस दौरान मध्यप्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी (जबलपुर, सागर व रीवा संभाग) में 5351 मेगावाट, मध्यप्रदेश मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी (भोपाल व ग्वालियर संभाग) में 6171 मेगावाट, मध्यप्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी (इंदौर व उज्जैन संभाग) में 7911 मेगावाट, एसईज़ेड एवं रेलवे में 416 मेगावाट बिजली की मांग दर्ज हुई। ऐसे हुई आपूर्ति अधिकतम मांग के समय ताप विद्युत गृहो से 3638 मेगावाट, जल विद्युत गृहों से 1568 मेगावाट, नवकरणीय ऊर्जा 1456 मेगावाट व एनटीपीसी, बैंकिंग एवं अन्य सोर्स से कुल 13187 मेगावाट बिजली प्राप्त हुई।  

पुलिस मुख्यालय परिवार द्वारा चार सेवानिवृत्‍त कर्मचारियों को भावभीनी विदाई

पुलिस महानिदेशक ने सभी को स्‍मृति चिन्‍ह भेंट किए भोपाल  पुलिस मुख्‍यालय की विभिन्‍न शाखाओं से माह दिसंबर में सेवानिवृत्‍त चार कर्मचारियों को पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाणा नेबुधवार को भावभीनी विदाई दी। डीजीपी ने सभी को प्‍लांट एवं स्मृति चिन्ह भेंट किए और उनके स्वस्थ एवं सुखी जीवन की कामना की। सेवानिवृत्‍त कर्मचारियों को उनके विभिन्‍न स्‍वत्‍व (क्‍लेम) भुगतान के आदेश भी प्रदान किए गये। नवीन पुलिस मुख्‍यालय भवन कॉन्‍फ्रेंसहॉल में आयोजित विदाई समारोह में विशेष पुलिस महानिदेशक श्री अनिल कुमार, पुलिस महानिरीक्षक श्री अंशुमान सिंह एवं अन्‍य पुलिस अधिकारी, कर्मचारी एवं सेवानिवृत्‍त कर्मचारियों के परिजन उपस्थित थे। पुलिस मुख्‍यालय से सेवानिवृत्‍तमान सेवी उप पुलिस अधीक्षक विशेष शाखा श्री भगवानदास विधानी, कार्यवाहक उप पुलिस अधीक्षक सीआईडी श्रीमती कल्‍पना शर्मा मिश्रा, सूबेदार (एम) विशेष शाखा श्री ओम नारायण द्विवेदी तथा प्रधान आरक्षक (एम) विशेष शाखा श्रीमती स्‍वराजवती वर्मा को पुलिस मुख्‍यालय परिवार ने बुधवार को भावभीनी विदाई दी। सहायक पुलिस महानिरीक्षक सुश्री इरमीन शाह ने सेवानिवृत्‍त कर्मचारियों के कार्यकाल पर प्रकाश डाला। विदाई समारोह में मौजूद अधिकारियों ने सेवानिवृत कर्मचारियों की मेहनत और लगन की सराहना की।  

आरडीएसएस अंतर्गत पश्चिम मप्र का 86वां सब स्टेशन ऊर्जीकृत

भोपाल  ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया है कि शासन की महत्वपूर्ण रिवेम्प्ड डिस्ट्रिब्यूशन सेक्टर स्कीम (आरडीएसएस) अंतर्गत पश्चिम क्षेत्र का 86वां 33/11 केवी सब स्टेशन इंदौर संभाग के खरगोन जिले के बलसगांव पाडल्या में ऊर्जीकृत किया गया है। पांच एमवीए के इस ग्रिड से हजारों उपभोक्ताओं को पहले की तुलना में ज्यादा गुणवत्ता से बिजली मिलेगी। पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी इंदौर के प्रबंध निदेशक श्री अनूप कुमार सिंह ने बताया योजना में प्रदेश का पहला ग्रिड इंदौर जिले के ईमलीखेड़ा में तैयार हुआ था। अब तक इंदौर शहर वृत्त और इंदौर ग्रामीण वृत्त में कुल 13 सब स्टेशन तैयार कर बिजली वितरित की जा रही है। उज्जैन जिले में 12, शाजापुर 8, रतलाम 9, देवास 5, खरगोन 6, बड़वानी 4, खंडवा 8, बुरहानपुर 7, झाबुआ 5, धार 2, मंदसौर 3, नीमच में एक सब स्टेशन तैयार होकर विद्युत आपूर्ति सेवा प्रदान कर रहे है। श्री सिंह ने बताया कि आरडीएसएस अंतर्गत 5 एमवीए क्षमता के इन ग्रिडों से कंपनी की विद्युत वितरण क्षमता 430 एमवीए बढ़ी है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव जनवरी माह के अंत में करेंगे भैरवनाथ लोक का लोकार्पण : उप मुख्यमंत्री शुक्ल

भैरवनाथ मंदिर को मिला भव्य दिव्य स्वरूप रूद्राभिषेक कर मंदिर परिसर में पीपल के वृक्ष का किया रोपण भोपाल  उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने रीवा के गुढ़ में स्थित भैरवनाथ मंदिर में भगवान आशुतोष की पूजा अर्चना की और रूद्राभिषेक किया। उन्होंने भैरवनाथ की पूजा भी की। प्रयागराज के वैदिक आचार्यों ने विधि विधान से पूजा अर्चना संपन्न कराई। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि भैरवनाथ लोक का लोकार्पण जनवरी माह के अंत में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा किया जायेगा। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि इस धार्मिक स्थल को आकर्षक बनाने के प्रयास किये गये हैं। ग्यारह सौ वर्ष पुरानी आस्था को नया स्वरूप मिला है। यह स्थल धार्मिक स्थल के साथ ही पर्यटन स्थल के तौर पर विकसित होगा। श्रृद्धालुओं के लिये धर्मशाला व अन्य सुविधायें भी उपलब्ध रहेंगी। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि भैरवनाथ मंदिर की पहाड़ी में पीपल के 100 पौधे लगाये जा रहे हैं। पीपल आक्सीजन का सबसे बड़ा स्त्रोत है। उन्होंने कहा कि पीपल का धार्मिक महत्व भी है। भगवान कृष्ण ने कहा था कि वृक्षों में मैं पीपल हूँ अत: यह सबसे पूज्य वृक्ष भी है। पूर्ण परिसर को आकर्षक व हरीतिमायुक्त बनाया जा रहा है। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने पीपल के पौधे का रोपण किया। इस दौरान विधायक गुढ़ श्री नागेन्द्र सिंह सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

नव वर्ष पर मंत्री काश्यप ने दी शुभकामनाएं

भोपाल सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री श्री चेतन्य कुमार काश्यप ने प्रदेशवासियों को नववर्ष 2026 की मंगल कामनाएं और बधाई दी है। मंत्री श्री काश्यप ने प्रदेश वासियों के सुख समृद्धि और उत्तम स्वास्थ्य के लिए ईश्वर से प्रार्थना की है। मंत्री श्री काश्यप ने नववर्ष के शुभकामना संदेश में नागरिकों से आग्रह किया है कि वे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के अभ्युदय मध्यप्रदेश की परिकल्पना को साकार करने के लिए अपना योगदान दें। उन्होंने आशा व्यक्त की है कि आगामी वर्ष में मध्यप्रदेश में औद्योगिक निवेश और रोजगार सृजन में कीर्तिमान स्थापित होगा तथा बड़ी संख्या में उद्योग लगेंगे। 

शहर के साथ गाँव-गाँव में मिलेगी सुगम लोक परिवहन सेवा

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि नव वर्ष में शीघ्र ही प्रदेशवासियों को मुख्यमंत्री सुगम लोक परिवहन की सुविधा उपलब्ध होगी। इसके तहत प्रदेश में सरकारी बसों का संचालन होगा, जिससे गाँव-गाँव तक सस्ती और सुविधाजनक बस सेवा नागरिकों को मिलेगी। इसके साथ ही शहरी क्षेत्रों में लग्जरी बसे भी चलाई जायेंगी। प्रदेश में नगर वाहन सेवा सहित अंतर्शहरी बस सेवा को सुगम बनाने के लिये मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट मीटिंग में मुख्यमंत्री सुगम लोक परिवहन सेवा को प्रारंभ करने की स्वीकृति दी जा चुकी है। यात्री परिवहन सेवा प्रारंभ करने के लिये 101 करोड़ 20 लाख रूपये की अंशपूंजी के रूप में स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है। वर्तमान में मध्यप्रदेश के 20 शहरों में सार्वजनिक परिवहन के लिये कंपनी एक्ट के तहत SPVs गठित हैं, जिसमें से 16 कार्यरत हैं। उक्त समस्त कंपनियों के साथ संभागीय कंपनी के रूप में मर्ज किये जाने का भी निर्णय लिया गया है। 7 कंपनियों के नियंत्रण के लिये राज्य स्तर पर होल्डिंग कंपनी का गठन प्रदेश में परिवहन व्यवस्था के सुचारू संचालन के लिये 7 कंपनियों के एकीक्रत नियंत्रण के लिये राज्य स्तर पर कंपनीज एक्ट 2013 के तहत एक होल्डिंग कंपनी का गठन करने का भी निर्णय लिया गया है। कैबिनेट मीटिंग में जिला स्तरीय यात्री परिवहन समिति के गठन की भी स्वीकृति प्रदान की गई है। बस परिवहन अधोसंरचना के लिये पीपीपी मोड पर होगा काम मुख्यमंत्री सुगम लोक परिवहन सेवा संचालन के लिये बस परिवहन अधोसंरचना के तहत पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) प्रक्रिया से उत्कृष्ट गुणवत्ता एवं मापदंडों का यात्री एवं बस ऑपरेटर के लिये सुविधाओं का‍निर्माण किया जायेगा। बस संचालन एवं संधारण के लिये पीपीपी मोड प्रक्रिया से, निजी बस ऑपरेटर्स को संगठित रूप से एक पारदर्शी प्रक्रिया के तहत संचालित किया जायेगा। परिवहन सेवा की निगरानी के लिये आईटी टेक्नोलॉजी सॉल्यूशन की स्थापना करते हुए बस ऑपरेशन्स पर प्रभावी निगरानी रखी जायेगी। होल्डिंग कंपनी द्वारा एक कुशल आईटी प्लेटफार्म स्थापित करते हुए उस पर नोटिफाइड रूट अनुसार निजी बस ऑपरेटर्स को अनुबंधित किया जायेगा। साथ क्षेत्रीय सहायक कंपनियों की आय के स्रोत निर्माण के लिये इस योजना में विशेष इंतेजाम किये गये हैं। नवीन परिवहन योजना का सबसे अधिक लाभ यात्रियों को होगा। बस ऑपरेटर्स को बेहतर माहौल और उन्हें कंटिन्यूअज बिजनेस देने का प्रावधान भी इस नवीन परिवहन सेवा योजना में किया गया है।