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पंडित धीरेंद्र शास्त्री की कथा में केंद्रीय मंत्री से दक्षिणा की मांग, तुरंत पूरा करने का निर्देश

शिवपुरी 'महाराज' के सामने जब 'महाराज' पहुंचे तो धीरेंद्र शास्त्री ने दक्षिणा में कुछ ऐसा मांग की लिया कि ज्योतिरादित्य सिंधिया को कहना पड़ा कि यह इनका निवेदन नहीं आदेश है, जिसे पूरा करना ही पड़ेगा। मध्य प्रदेश के शिवपुरी में चल रही श्रीमद् भागवत कथा के मंच पर यह दृश्य देखने को मिला जब कथा सुना रहे धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने सिंधिया से 108 फीट ऊंची 'शिव प्रतिमा' की मांग रखी थी। दरअसल शिवपुरी में धीरेंद्र शास्त्री द्वारा भागवत कथा की जा रही है। इसी दौरान इस भागवत कथा में दर्शन के लिए केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया पहुंचे थे। जब वे मंच पर दर्शन करने पहुंचे तो शास्त्री ने सिंधिया से दक्षिणा में 108 फीट की विशाल 'शिव मूर्ति' की मांग करते हुए इसे अपनी दक्षिणा बताया। उन्होंने यह भी कहा कि प्राण प्रतिष्ठा में हम कथा सेवा करेंगे। दरअसल, दोपहर में दिव्य दरबार शुरू करने से पहले धीरेंद्र शास्त्री ने शिवपुरी में भगवान शिव की 108 फीट की बड़ी मूर्ति स्थापित करने की इच्छा व्यक्त की। फिर शाम को कथा में केंद्रीय मंत्री सिंधिया पहुंचे तो उन्होंने अपनी इच्छा जाहिर कर दी। उन्होंने कथा मंच से ऐलान किया कि पंडित धीरेंद्र शास्त्री के निवेदन नहीं, आदेश का सत-प्रतिशत पालन होगा। 108 फीट की शिव प्रतिमा पर्वत पर स्थापित होगी दिव्य दरबार के दौरान पं. धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि शिवपुरी का मतलब 'शिव की नगरी' है, इसलिए यहां बहुत बड़ी शिव जी की मूर्ति होनी चाहिए। सुझाव दिया कि यह मूर्ति 108 फीट की होनी चाहिए, जिसे किसी पर्वत के ऊपर स्थापित किया जाए। उस पर्वत का नाम 'कैलाश पर्वत' रखा जाए। वहां पर पूरा आध्यात्मिक केंद्र विकसित कर द्वादश ज्योतिर्लिंग भी स्थापित किए जाएं। इससे पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा और यह एक दर्शनीय स्थल बनेगा। शिवपुरी का नाम भी अर्थात 'यथा नाम तथा गुण' भी सार्थक हो जाएगा जाएगा। उन्होंने कहा कि फिर शिवपुरी को शिव जी की विशाल मूर्ति से भी जाना जाएगा। पूरे सावन महीने में अगल-बगल के जिलों से उस मंदिर में कावड़ यात्रा आएगी, जिससे शिवपुरी महादेव की नगरी हो जाएगी और हर हर महादेव के नारे से गुंजायमान हो जाएगी। शिवपुरी अच्छी लगने लगी है उन्होंने कहा कि अब उन्हें शिवपुरी अच्छी लगने लगी है और उन्हें तब तक शिवपुरी आना चाहिए जब तक कि शिवपुरी भगवामय (भगवा रंग में रंगी हुई) या राममय न हो जाए। धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कथा के आखिरी दिन, 30 दिसंबर को फिर से दिव्य दरबार की घोषणा की है। दिव्य दरबार में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी दिव्य दरबार के चलते  श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। शिवपुरी के अलावा दूसरे पड़ोसी जिलों से भी लोग भारी संख्या में पहुंचे। कथा स्थल आस्था का संगम नजर आया। कथा के चौथे दिन भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव की कथा सुनाई गई व जन्माष्टमी की जीवंत झांकी का दर्शन हुआ।

Seoni Hawala Case: कॉल और मैसेज से मिली अहम जानकारी, CSP पूजा पांडेय के फोन में सबूत

 सिवनी मध्य प्रदेश सिवनी हवाला लूट कांड में CSP पूजा पांडेय के फोन से चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं. पूजा पांडेय के मोबाइल की फोरेंसिक रिपोर्ट से पता चला कि 8 अक्टूबर कि रात 11:14 बजे डीएसपी पंकज मिश्रा से हवाला रकम ले जाए जाने की जानकारी मिली और इसके ठीक 3 मिनट बाद 11:17 बजे पूजा ने अपने जीजा वीरेंद्र दीक्षित से फोन पर बात की. 8 अक्टूबर की रात से अगले 24 घंटे के दौरान पूजा पांडेय ने अपने जीजा से कुल 53 बार बात की, जिसमें 10 बार घटना के पहले और 43 बार घटना के बाद बात हुई. इसके साथ ही पूजा पांडेय के मोबाइल से चैट भी रिकवर हुई, जिसमें साली और जीजा वीरेंद्र दीक्षित के बीच की बातचीत शामिल है. रात 02:02 से लेकर सुबह 04:03 बजे तक के 4 मैसेज हैं, जीजा वीरेंद्र दीक्षित ने पूजा पांडेय को लिखा, "30-70 में नहीं मानना, वो लोग मान जाएंगे और जल्दी करो थोड़ा जल्दबाजी दिखाओगे तो काम हो जाएगा." इसके साथ ही जीजा ने घटना के बाद 9 अक्टूबर को पूजा पांडेय के साथ वारदात में शामिल तीन पुलिसवालों से भी 9 बार फ़ोन पर बात की. फोरेंसिक रिपोर्ट में जबलपुर के खिलौना कारोबारी पंजू गोस्वामी और क्राइम के आरक्षक प्रमोद सोनी के बीच भी वारदात के दौरान 25 बार फ़ोन पर बात हुई. इसी दौरान पंजू गोस्वामी, प्रमोद सोनी और डीएसपी पंकज मिश्रा के बीच कांफ्रेंस कॉल पर भी बात हुई. गौरतलब है कि 8 और 9 अक्टूबर की दरमियानी रात जबलपुर क्राइम ब्रांच के आरक्षक प्रमोद सोनी को जबलपुर के खिलौना कारोबारी पंजू गोस्वामी ने 2 करोड़ 96 लाख रुपये की हवाला रकम सिवनी के रास्ते नागपुर ले जाने की खबर दी थी. प्रमोद सोनी ने ये खबर बालाघाट हॉक फोर्स में डीएसपी पंकज मिश्रा को दी और पंकज मिश्रा ने सीएसपी पूजा पांडेय को इस बारे में जानकारी दी. पूजा पांडेय पर 10 पुलिसकर्मियों के साथ मिलकर 1.47 करोड़ की लूट का आरोप है. इस मामले में पूजा समेत 11 पुलिसकर्मी को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है. 18 नवंबर को डीएसपी पंकज मिश्रा, आरक्षक प्रमोद सोनी, पंजू गोस्वामी और वीरेंद्र दीक्षित को भी गिरफ्तार करके जेल भेज दिया गया. पंजू गोस्वामी और वीरेंद्र दीक्षित की जमानत पर बहस के दौरान अपर लोक अभियोजक नेतराम चौरसिया ने पूजा पांडेय और दूसरे आरोपियों के फ़ोन की फॉरेंसिक रिपोर्ट से मिले तथ्यों की दलील दी, जिसके बाद 25 नवंबर को दोनों की जमानत अर्जीकोर्ट ने खारिज कर दी.

रायसेन तनाव मामला: मस्जिद के अंदर धमकी देने वाला आरोपी नावेद गिरफ्तार, पुलिस बनी फरियादी

रायसेन  रायसेन के गौहरगंज क्षेत्र में 6 साल की मासूम बच्ची के साथ हुई हैवानियत ने पूरे मध्यप्रदेश झकजोर कर रख दिया है। लोग घटना को लेकर आक्रोशित है। इसी बीच इलाके में तनाव की स्थिति बनी हुई है। इसी बीच पुलिस ने मंस्जिद के अंदर धमकी देने वाले शख्स नावेद को गिरफ्तार करके कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया है। नावेद आंदोलन के दौरान मस्जिद के अंदर धमकी दे रहा था की आधा घंटा हमें बाहर निकाल दो हम हिंदुओं का गला काट देंगे। जिसको लेकर पुलिस ने खुद फरियादी बनकर आरोपी नावेद को जेल भेज दिया। रायसेन में 6 वर्षीय बच्ची के साथ हैवानियत करने का मामला लगातार तूल पकड़ते जा रहा है। 26 नवंबर को हिंदू संगठन के लोगों ने गोहरगंज में जन आक्रोश प्रदर्शन का आयोजन किया था। वहीं कुछ शरारती लोगों ने आंदोलन के दौरान पुलिस पर पत्थर बाजी की और पुलिस ने लाठी चार्ज कर पत्थर फेंकने वालों को खदेड़ा। वही मस्जिद के अंदर का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है।  जहां नावेद खान पुलिस के सामने कहते दिखाई दे रहा है कि आधे घंटे के लिए हमें छोड़ दो हम सब हिंदुओं का गला काटकर चौराह खाली करवा देंगे। वीडियो जैसे ही सोशल मीडिया पर वायरल हुआ पुलिस हरकत में आई और आरोपी को तत्काल गिरफ्तार करते हुए जेल भेज दिया। जानकारी के अनुसार यह वही आरोपी नावेद है जो कुछ वर्षों पहले हत्या के मामले में जेल भी जा चुका है। वहीं पुलिस का कहना है कि इस तरह अगर कोई भड़काऊ बात करेगा तो पुलिस सख्त से सख्त कार्रवाई करेगी।

सोयाबीन के लिए भावांतर योजना का मॉडल रेट 4260 रुपये तय

भावांतर योजना में सोयाबीन का मॉडल रेट 4260 रुपए जारी भोपाल  भावांतर योजना 2025 के अंतर्गत  सोयाबीन विक्रेता किसानों के लिए 28 नवंबर को 4260 रुपए प्रति क्विंटल का मॉडल रेट जारी किया गया है। यह मॉडल रेट उन किसानों के लिए है जिन्होंने अपनी सोयाबीन की उपज मंडी प्रांगणों में विक्रय की है। इस मॉडल रेट के आधार पर ही भावांतर की राशि की गणना की जाएगी। मॉडल रेट और न्यूनतम समर्थन मूल्य के भावांतर की राशि राज्य सरकार द्वारा दी जा रही है। सोयाबीन का पहला मॉडल रेट 7 नवंबर को 4020 रुपए प्रति क्विंटल जारी किया गया था। इसी तरह 8 नवंबर को 4033 रुपए, 9 और 10 नवंबर को 4036 रुपए, 11 नवंबर को 4056 रुपए, 12 नवंबर को 4077 रुपए, 13 नवंबर को 4130 रुपए, 14 नवंबर को 4184 रुपए, 15 नवंबर को 4225 रुपए, 16 नवंबर को 4234 रुपए, 17 नवंबर को 4236 रुपए, 18 नवंबर को 4255 रुपए, 19 नवंबर को 4263 रुपए, 20 नवंबर को 4267 रुपए, 21 नवंबर को 4271 रुपए और 22 नवंबर को 4285 रुपए, 23, 24 नवंबर को 4282 रुपए, 25 नवंबर को 4277 रुपए, 26 नवंबर को 4265 और 27 नवंबर को 4252 रुपए प्रति क्विंटल  का मॉडल रेट जारी हुआ था। राज्य सरकार की गारंटी है कि किसानों को हर हाल में सोयाबीन के न्यूनतम समर्थन मूल्य की 5328 रुपए  प्रति क्विंटल की राशि मिलेगी।  

सरकार लाएगी विधेयक: MP के विधायकों का वेतन बढ़कर 1.70 लाख रुपये होगा

 भोपाल  मध्यप्रदेश विधायकों के वेतन भत्ते बढ़ेंगे। वर्तमान में विधायकों को 1 लाख 10 हजार रुपए मिलते हैं। अब 50 हजार बढ़ाकर देने की तैयारी है। यानी अब 1 लाख 60 हजार रुपए मिलेंगे। सीएम मोहन यादव ने सहमति दे दी है। संभावना है की 2 दिसंबर की कैबिनेट में मंजूरी के बाद 4 दिसंबर को विधानसभा में विधायकों के वेतन भत्ते बढ़ाने की मंजूरी दे दी जाए।  संसदीय कार्य विभाग ने गुरुवार को इसका प्रस्ताव तैयार कर लिया है। इसे सैद्धांतिक सहमति के लिए मुख्यमंत्री के पास भेजा जा रहा है। सरकार की कोशिश है कि माननीयों के वेतन-भत्तों में बढ़ोत्तरी से संबंधित विधेयक 1 दिसंबर से शुरू हो रहे विधानसभा के शीतकालीन सत्र में लाया जाए। बता दें कि मध्य प्रदेश में 9 साल बाद विधायक और मंत्रियों के वेतन में बढ़ोतरी होगी। पड़ोसी राज्य राजस्थान और छत्तीसगढ़ पहले ही माननीयों के वेतन में बढ़ोतरी कर चुके हैं। विधायकों का बढ़ेगा वेतनभत्ता विधायकों की वर्तमान सैलरी में मूल सैलरी 30 हजार है। निर्वाचन भत्ता 35 हजार, चिकित्सा भत्ता 10 हजार है। अर्दली भत्ता 10 हजार, टेलीफोन खर्च 10 हजार है। किताब, पत्रिका और अन्य सामग्री के लिए 15 हजार मिलते हैं। यानी कुल मिलाकर विधायकों को 1 लाख 10 हजार रुपए मिलते हैं। 50 हजार रुपए बढ़ाने के बाद 1 लाख 60 हजार हो जाएंगे। पूर्व विधायकों और जिन विधायकों का निधन हो गया है उनकी पत्नी को मिलने वाली कुटुंब पेंशन भी 35 हजार से बढ़ाकर 60 हजार की जा रही है। विधानसभा में अध्यक्ष ने की थी घोषणा दरअसल, इसी साल बजट सत्र के दौरान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार व अन्य विधायकों ने सदन में वेतन-भत्ते बढ़ाने की मांग की थी। इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने आसंदी से कहा कि यदि सरकार विधायकों के वेतन भत्ते बढ़ाने पर विचार करने के लिए समिति का गठन करें तो विधानसभा अपनी सिफारिश भेज सकती है। इस पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सहमति जताई। इसके बाद 27 अक्टूबर को तीन सदस्यीय समिति का गठन किया गया। इस कमेटी में डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा के अलावा बीजेपी विधायक अजय विश्नोई और खरगोन जिले के कसरावद से विधायक सचिन यादव को सदस्य के रूप में शामिल किया गया। संसदीय कार्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अनुपम राजन को सदस्य सचिव बनाया गया। कमेटी ने अपना प्रस्ताव भेजा कमेटी ने दो दौर की चर्चा कर वेतन, भत्ते और पेंशन में बढ़ोतरी संबंधी प्रस्ताव तैयार कर अपनी सिफारिश राज्य शासन को भेजी। इसमें पूर्व विधायकों की पेंशन राशि में वृद्धि का प्रस्ताव भी शामिल किया गया था, लेकिन सरकार की तरफ से कहा गया कि इसमें मुख्यमंत्री, मंत्री, विधानसभा अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष के वेतन-भत्ते बढ़ाने पर भी विचार किया जाए, इसके बाद नए सिरे से कमेटी ने प्रस्ताव तैयार किया। सैलरी का फैसला शीतकालीन सत्र में विधायकों की सैलरी, पेंशन और सुविधाओं को बढ़ाने के लिए खास कमेटी बनाई गई थी। इसे एक टारगेट दिया गया है। इस कमेटी को कहा गया है कि वह 30 नवंबर तक अपनी पूरी रिपोर्ट तैयार करके सरकार को सौंप दे। ऐसा इसलिए किया जा रहा है, ताकि 1 दिसंबर से शुरू होने वाले विधानसभा के शीतकालीन सत्र में फैसले पर अंतिम मुहर लगाई जा सके। मुख्यमंत्री ने विधानसभा में भरोसा दिलाया था कि विधायकों के वेतन-भत्तों में बढ़ोतरी की जाएगी। अब कमेटी की रिपोर्ट मिलते ही, विधानसभा के सत्र में इस वादे को पूरा करने का मौका मिलेगा। यानी, दिसंबर महीने में ही जनप्रतिनिधियों के लिए यह बड़ी खुशखबरी आ सकती है।  विधायकों का बीमा कराने पर फैसला नहीं हुआ समिति के सामने यह प्रस्ताव भी आया था कि विधायकों का 10 लाख रुपए तक का बीमा कराया जाए, लेकिन इस पर अंतिम फैसला नहीं हो पाया। समिति के सामने विधायकों के परिवार के सदस्यों के इलाज के खर्च पर विचार विमर्श किया गया। इस पर भी सहमति नहीं बन पाई। सरकार ने बीमा कराने के प्रस्ताव पर सहमति नहीं दी, क्योंकि विधायकों के इलाज का पूरा खर्च सरकार के खजाने से ही होता है। पूर्व विधायकों की पेंशन में हो सकता है 66 फीसदी का इजाफा मंत्रालय सूत्रों ने बताया कि पूर्व विधायकों की पेंशन में 66 फीसदी का इजाफा हो सकता है। वर्तमान में पूर्व विधायकों को 20 हजार रुपए पेंशन और 15 हजार रुपए चिकित्सीय सहायता मिलाकर 35 हजार रुपए मिलते हैं। अब इसमें 23 हजार रुपए का इजाफा कर 58 हजार रुपए किया जा रहा है। विधानसभा अध्यक्ष की सैलरी में 27 फीसदी का इजाफा विधायक और पूर्व विधायकों के साथ विधानसभा अध्यक्ष की सैलरी में भी इजाफा करने पर सहमति बनी है। विधानसभा में चुनकर आए वरिष्ठ विधायक को ही सर्वसम्मति से अध्यक्ष चुना जाता है। उसे हर महीने 47 हजार रुपए वेतन, 48 हजार रुपए सत्कार भत्ता, 45 हजार रुपए निर्वाचन क्षेत्र भत्ता के साथ हर दिन 1500 रुपए दैनिक भत्ता भी दिया जाता है। इस तरह से विधानसभा अध्यक्ष को वेतन और भत्ते के रूप में कुल 1 लाख 85 हजार रुपए महीना मिलता है। अब इसमें 27 फीसदी का इजाफा करते हुए ये राशि 2 लाख 35 हजार रुपए करने का प्रस्ताव है। वहीं विधानसभा उपाध्यक्ष को फिलहाल 45 हजार रुपए महीना वेतन, 45 हजार रुपए महीने सत्कार भत्ता, 35 हजार महीने निर्वाचन क्षेत्र भत्ता और 1500 रुपए हर दिन दैनिक भत्ता मिलता है। इस तरह से 1 लाख 70 हजार रुपए महीना मिलता है। अब इसमें 18 फीसदी की बढ़ोतरी कर 2 लाख किए जाने का प्रस्ताव है। नेता प्रतिपक्ष का वेतन- भत्ता 2.20 लाख करने का प्रस्ताव नेता प्रतिपक्ष को हर महीने 45 हजार रुपए वेतन, 45 हजार रुपए सत्कार भत्ता, 35 हजार निर्वाचन क्षेत्र भत्ता, डेढ़ हजार रुपए प्रतिदिन दैनिक भत्ता दिया जाता है। इस प्रकार हर महीने 1 लाख 70 हजार रुपए मिलते है। अब इसमें 29 फीसदी की बढ़ोतरी करते हुए ये 2 लाख 20 हजार रुपए किए जाने का प्रस्ताव है। अब जानिए किसका कितना वेतन बढ़ेगा विधायकों के वेतन में 54 फीसदी की बढ़ोतरी संभावित आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, विधायकों के वेतन में करीब 60 हजार रुपए की वृद्धि की जा सकती है। यह वर्तमान वेतन की करीब 54 प्रतिशत होगी। इस तरह … Read more

दिसंबर के लिए सार्वजनिक वितरण प्रणाली में खाद्यान्न आवंटित

भोपाल     राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अनुसार प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत सार्वजनिक वितरण प्रणाली से माह दिसम्बर में वितरण के लिये खाद्यान्न, फोर्टिफाइड नमक और शक्कर का आवंटन जारी कर दिया गया है। जारी आवंटन में गेहूं 18 लाख 14 हजार 464 क्विंटल, फोर्टिफाइड चावल 6 लाख 2 हजार 957 क्विंटल, शक्कर 11 हजार 966 क्विंटल, डबल फोर्टिफाइड नमक 26 हजार 881 क्विंटल और नमक 76 हजार 731 क्विंटल जिलों को आवंटित किया गया है। उचित मूल्य दुकानवार/जिलेवारआवंटन ehttp://epos.mp.gov.inpos.mp.gov.in पर अलॉटमेंट लिंक पर प्रदर्शित है। 

रामेश्वर शर्मा ने कहा: दरिंदे सलमान को फांसी, ताकि कोई अपराध करने की हिम्मत न करे

भोपाल  रायसेन रेप केस के आरोपी सलमान के शॉर्ट एनकाउंटर के बाद विधायक रामेश्वर शर्मा ने कड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि मैंने पहले ही कहा था कि अपराधी जमीन में छुपा हो या आसमान में, उसे ढूंढ लिया जाएगा। विधायक ने आगे कहा कि आरोपी सलमान ने मासूम बेटी के साथ जो घिनौना दुराचार किया है, उसके लिए उसे फांसी की सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने बताया कि इस घटना के बाद हिंदू समाज में भारी आक्रोश है और सभी न्यायालय से मांग कर रहे हैं कि दरिंदे सलमान को कठोरतम सजा दी जाए।रामेश्वर शर्मा ने कहा, “ऐसे अपराधियों को सार्वजनिक रूप से सख्त सजा दी जानी चाहिए, ताकि भविष्य में कोई भी ऐसा कृत्य करने से पहले सौ बार सोचें।  मध्य प्रदेश के रायसेन में 6 साल की बच्ची से रेप करने का आरोपी सलमान गुरुवार देर रात शॉर्ट एनकाउंटर में घायल हो गया। पुलिस जब उसे गौहरगंज ले जा रही थी, तभी उसने भागने की कोशिश की। इसके बाद पुलिस को उसे पैर में गोली मारना पड़ी।  सलमान पर आरोप है कि 21 नवंबर को वह बच्ची को चॉकलेट का लालच देकर जंगल में ले गया। वहां उसके साथ रेप कर फरार हो गया। इलाके में तब से ही घटना के विरोध में धरना-प्रदर्शन चल रहा था। लोग आरोपी के एनकाउंटर की मांग कर रहे हैं। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमलेश कुमार खरपुसे के मुताबिक, खरपुसे ने बताया, घटना रात करीब 3-4 बजे के बीच की है। आरोपी को गाड़ी में लेकर जा रहे थे। रास्ते में कील के कारण गाड़ी पंक्चर हो गई। बैकअप में एक और गाड़ी थी। उसे दूसरी गाड़ी में शिफ्ट करना था। उसी दौरान आरोपी ने सुल्तानगंज के थाना प्रभारी श्याम राज की पिस्टल को निकाल लिया। उनके ऊपर पिस्टल चलाने की कोशिश की। उन्होंने अपने बचाव में आरोपी का हाथ पकड़कर पिस्टल ऊपर कर दी। इस दौरान दो फायर हुए। इसके बाद दूसरी टीम ने क्रॉस फायरिंग कर उसे पकड़ा। वह भागने का प्रयास कर रहा था। उसे पैर में गोली लगी है। वहीं थाना प्रभारी को भी चोट आई है। उनका बैच गिर गया। घटना के बाद भोपाल फॉरेंसिक साइंस लैब के इंचार्ज डॉक्टर एके बड़ोने ने अपनी टीम के साथ मौके का मुआयना किया। उन्होंने बताया कि पुलिस के साथ जो संघर्ष हुआ है। उसके साक्ष्य मिले हैं। इसका हम परीक्षण कर रिपोर्ट देंगे। 6 दिन बाद भोपाल से पकड़ा गया आरोपी पुलिस ने घटना के 6 दिन बाद गुरुवार रात आरोपी सलमान को गांधी नगर इलाके में एक चाय की दुकान से हिरासत में लिया। इसके बाद उसे गौहरगंज पुलिस के हवाले किया गया। गौहरगंज पुलिस उसे लेकर रात में ही रवाना हो गई थी। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह जंगलों के रास्ते पैदल ही भोपाल में दाखिल हुआ था और गांधीनगर इलाके में छिपा हुआ था। सलमान के पकड़े जाने की सूचना मिलते ही जय मां भवानी हिंदू संगठन के कार्यकर्ता थाने पहुंचे थे, लेकिन उससे पहले ही आरोपी को गौहरगंज पुलिस को सौंपा जा चुका था। इसके अलावा रायसेन पुलिस ने एक एडवाइजरी जारी की है। पुलिस ने सोशल मीडिया पर किसी धर्म, जाति या समुदाय के खिलाफ नफरत फैलाने वाली, भड़काऊ या हिंसा को उकसाने वाली सामग्री, पोस्ट साझा नहीं करने की चेतावनी दी। लंदन के बिजनेसमैन उठाएंगे बच्ची की पढ़ाई का पूरा जिम्मा वहीं बच्ची से रेप के आरोपी सलमान की गिरफ्तारी पर रायसेन जिले के सुल्तानपुर निवासी रविराज सिंह (रॉबी) ने एक लाख रुपए देने की घोषणा की थी। उन्होंने बच्ची की पढ़ाई का पूरा जिम्मा लेने की बात भी कही थी।  रविराज सिंह से बात की। वे मूलत: सुल्तानपुर के निवासी हैं। 16 साल से लंदन में बिजनेस कर रहे हैं। उन्होंने बताया- हाल ही में शॉर्ट ट्रिप पर देश लौटा हूं। लंदन से आने के बाद अमृतसर गया था। फिर सड़क मार्ग से सुल्तानपुर जाने लगा। पहले दिन जब मंडीदीप में जाम लगा, उसमें मैं 7 से 8 घंटे फंसा रहा। प्रदर्शनकारी जाम क्यों लगा रहे हैं? जब इसकी जानकारी ली तो घटना ने दिल हिलाकर रख दिया, तभी आरोपी की गिरफ्तारी के लिए एक लाख रुपए देने की घोषणा की थी। मैं अपनी बात पर कायम हूं। बच्ची की शिक्षा का भी पूरा जिम्मा उठाऊंगा। अभी परिजनों से संपर्क नहीं हो पाया है। चूंकि, मैं दिसंबर तक यहीं हूं, इसलिए परिजनों से जल्द मिलूंगा।

ग्वालियर-चंबल में बढ़ी ठंडी हवाएं, मौसम विशेषज्ञों ने चेताया: 48 घंटे ठंड बढ़ेगी

भोपाल उत्तर भारत के साथ मध्य भारत का मौसम लगातार बदल रहा है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार देश के अलग-अलग हिस्सों में बने चार सिस्टम ग्वालियर-चंबल के मौसम को प्रभावित कर रहे हैं। इनमें सबसे प्रभावी सिस्टम जम्मू-कश्मीर में सक्रिय हुआ नया पश्चिमी विक्षोभ है। इसके साथ राजस्थान में बने चक्रवातीय घेरे का असर भी ग्वालियर तक पहुंच रहा है।  अगले 48 घंटे में कोहरा देगा दस्तक, बढ़ेगी ठंड अगले 48 घंटे में शहर में हल्के से मध्यम कोहरे की दस्तक होने की संभावना जताई है। इसके चलते रात के तापमान में से 1.5 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज (cold wave) की जा सकती है। गुरुवार को शहर में न्यूनतम तापमान 10.3 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 26.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। लेकिन अगले दो दिनों में न्यूनतम तापमान और नीचे आ सकता है, जिससे सर्दी का असर और तेज महसूस होगा। चार मौसम सिस्टम एक साथ सक्रिय मौसम विभाग के अनुसार इस समय देश में चार प्रमुख सिस्टम सक्रिय हैं, जो ग्वालियर के मौसम को भी प्रभावित कर रहे हैं। इसमें पहला अंडमान-निकोबार के पास कम दबाव का क्षेत्र, इससे दक्षिण-पूर्वी दिशा में हवाओं का दबाव बढ़ा है। दूसरा श्रीलंका के पास कम दबाव क्षेत्र, इससे दक्षिणी हवाओं की विशा बदल दी है, जिससे ठंडक में इजाफा हो रहा है। तीसरा जम्मू-कश्मीर में नया पश्चिमी विक्षोभ, उत्तर भारत में सक्रिय हुआ यह विक्षोभ पहाड़ी क्षेत्रों में बादल और बारिश की स्थिति बना सकता है, जिससे कोहरे की संभावना बढ़ गई है। चौथा राजस्थान में चक्रवातीय घेरा ये अरब सागर से नमी खींच रहा है, इससे कोहरे की परत बनेगी। 

विश्व रंग’ उत्सव: 4 दिन, 90 सत्र, 35 देश और 1000 प्रतिभागियों के साथ संस्कृति की महफ़िल

संस्कृति की रंगो-महक से फिर गुलज़ार होगा ‘विश्व रंग’ म.प्र. के राज्यपाल और मॉरिशस के पूर्व राष्ट्रपति 27 नवंबर को करेंगे सातवें महोत्सव का शुभारंभ चार दिन, 90 सत्र, 35 देश, 1000 प्रतिभागी भोपाल  जाड़े की गुलाबी दस्तक के साथ एक बार फिर भोपाल की वादियाँ विश्व रंग से गुलज़ार हो रही हैं। टैगोर अन्तरराष्ट्रीय साहित्य तथा कला महोत्सव अपनी सातवीं पायदान तय करता चार दिनों तक विभिन्न गतिविधियों का अनूठा ताना-बाना लिए रवीन्द्र भवन के विशाल परिसर में आयोजित होगा। रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय, विश्वरंग फाउण्डेशन और उसके सहयोगी केन्द्रों की पहल पर म.प्र. शासन संस्कृति विभाग सहित देश-विदेश की पचास से भी अधिक संस्थाओं की भागीदारी से यह विशाल समागम आकार ले रहा है। भारत के विभिन्न क्षेत्रों के मूर्धन्य चिंतकों, विचारकों और विशेषज्ञों के साथ ही विश्व के 35 से भी अधिक देशों के प्रतिनिधि यहाँ साझा संस्कृति की मिसाल पेश करेंगे। किसी भी अशासकीय संस्था के संयोजन में होने वाला यह एशिया का सबसे बड़ा सांस्कृतिक कुंभ है। 27 से 30 नवंबर के दरमियान इस महोत्सव में अस्सी से भी अधिक सत्र संवाद, विचार, विमर्श और कलात्मक अभिव्यक्ति का खुला मंच साबित होंगे। यह जानकारी विश्व रंग के महानिदेशक तथा रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय के कुलाधिपति संतोष चौबे ने प्रेस वार्ता में दी। संवाददाताओं को संबोधित करते हुए श्री चौबे ने बताया कि 2019 में शुरू हुई विश्व रंग की यात्रा अपने सातवें चरण पर और भी व्यापक, विस्तृत और बहुरंगी हो गयी है। भोपाल से शुरू हुआ यह कारवाँ मॉरिशस, श्रीलंका, नई दिल्ली और मुंबई होता हुआ नई उर्जा और नए आत्मविश्वास से भरकर पुनः भोपाल लौटा है। 27 नवंबर को रंगारंग विश्व रंग शोभा यात्रा के बाद शाम 6 बजे म.प्र. के राज्यपाल माननीय मंगुभाई पटेल की गरिमामयी उपस्थिति में इस महोत्सव का शुभारंभ होगा। इस अवसर पर मॉरिशस के पूर्व राष्ट्रपति श्री पृथ्वीराज सिंह रूपन, म.प्र. के संस्कृति मंत्री श्री धर्मेन्द्र भावसिंह लोधी और रबीन्द्रनाथ टैगोर वि.वि. के कुलाधिपति श्री संतोष चौबे विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। पत्रकार वार्ता को विश्व रंग के सहनिदेशक तथा स्कोप स्किल ग्लोबल युनिव्हर्सिटी के चांसलर डॉ. सिद्धार्थ चतुर्वेदी, आईसेक्ट ग्रुप ऑफ़ युनिव्हर्सिटी की निदेशक डॉ. अदिति चतुर्वेदी वत्स, प्रवासी साहित्य एवं संस्कृति शोध केन्द्र के निदेशक डॉ. जवाहर कर्नावट तथा टैगोर विश्व कला एवं संस्कृति केन्द्र के निदेशक विनय उपाध्याय और उप संचालक संस्कृति संचालनालय डॉ पूजा शुक्ला ने भी संबोधित किया। श्री चौबे ने बताया कि देश-दुनिया के एक हज़ार से भी अधिक भाषाविद्, साहित्यकार, शिक्षा शास्त्री, विज्ञान-तकनीकी विशेषज्ञ, आलोचक, संस्कृतिकर्मी, पर्यावरणविद् सहित मीडिया, कला, सिनेमा और मनोरंजन जगत की जानी-मानी हस्तियाँ विश्व रंग का हिस्सा बनेंगी। विरासत और आधुनिकता के इस अद्वितीय संगम में ज्ञान-विज्ञान की नई दिशाओं की ओर बढ़ते विश्व की नई इबारतों को पढ़ना दिलचस्प होगा। विश्व रंग इस अर्थ में संवाद का एक विशाल मंच तैयार कर रहा है। विश्व रंग के सहनिदेशक डॉ. सिद्धार्थ चतुर्वेदी ने बताया कि इस महोत्सव की लोकप्रियता का ग्राफ उत्तरोत्तर बढ़ता गया है। सातवें संस्करण से जुड़ने के लिए विश्व रंग पोर्टल पर हज़ारों लोगों ने रजिस्ट्रेशन करवा लिया है। इस आकर्षण की वजह विश्व रंग की लोकतांत्रिक छवि है। यहाँ हर पीढ़ी की रूचि, जिज्ञासा और मनोरंजन के अनुकूल गतिविधियाँ हैं। डॉ. सिद्धार्थ ने बताया कि विश्व रंग जितना पारंपरिक है उतना ही अपने नवाचार में आधुनिक भी। नए विषय और नए विशेषज्ञों की भागीदारी इसे अपने समय में प्रासंगिक बना रही है। उन्होंने फैज़ल मलिक, दिव्या दत्ता, स्वानंद किरकिरे, राधाकृष्ण पिल्लै, प्रिया मलिक, नीलोत्पल मृणाल, सौरभ द्विवेदी, देवदत्त पटनायक, सुमित अवस्थी, पुष्पेष पंत आदि का जि़क्र करते हुए कहा कि इन शख़्सियतों ने विश्व रंग के आमंत्रण को आत्मीयता से स्वीकार किया है। ये आज के युवाओं के मोटीवेटर और मेंटर हैं। विश्व रंग के बहुरंगी विन्यास की महत्वपूर्ण गतिविधियाँ साझा करते हुए सहनिदेशक डॉ. अदिति चतुर्वेदी वत्स ने बताया कि शुभारंभ संध्या 27 नवंबर का प्रमुख आकर्षण श्रीकृष्ण लीला का भव्य मंचन है। इसे नई दिल्ली के श्रीराम कला केन्द्र के कलाकारों की बड़ी टीम लाईट एण्ड साउण्ट के स्पेशल इफेक्ट्स के साथ प्रस्तुत करेगी। समापन दिवस 30 नवंबर को राजमाता अहिल्याबाई की जीवन गाथा पर केन्द्रित महानाट्य ‘अहिल्या रूपेण संस्थिता’ का मंचन रवीन्द्र भवन के अंजनी सभागार में होगा। प्रयास रंग समूह नागपुर के पचास से भी अधिक कलाकारों ने इसे प्रसिद्ध रंगकर्मी प्रियंका शक्ति ठाकुर के निर्देशन में तैयार किया है। इसके अलावा जनजातीय प्रकोष्ठ ‘आदिरंग’ में पारंपरिक शिल्पों, नृत्य-संगीत तथा हेरीटेज फ़िल्मों- चंदेरी, गणगौर और संजा के प्रदर्शन होंगे। प्रवासी साहित्य तथा संस्कृति शोध केन्द्र के निदेशक डॉ. जवाहर कर्णावट ने ‘विश्व रंग’ में प्रतिभागी देशों और उनकी प्रस्तुतियों का विवरण दिया। उन्होंने बताया कि कनाडा, अमेरिका, बेल्जियम, नीदरलैंड, यूक्रेन, इटली, स्वीडन, यूके, कुवैत, म्यांमार, इंडोनेशिया, नेपाल, थाईलैंड, श्रीलंका, आर्मेनिया, रूस, जापान, बांग्लादेश, त्रिनिदाद, गयाना, इजिप्ट, ताजिकिस्तान, उज़्बेकिस्तान, वियतनाम, थाईलैंड, साउथ अफ्रीका, सूरीनाम स्लोवाक, रोमानिया, कतर आदि 35 से अधिक देशों के 60 प्रतिनिधि विश्व रंग में सम्मिलित होंगे। यूक्रेन का आठ विद्यार्थियों का दल हिंदी नाटक प्रस्तुत करेगा। वहीं गिरमिटिया देश में भारतीयों की विकास यात्रा पर आधारित प्रदर्शनी 'कुली से कुलीन' तक को देखना दुर्लभ अनुभव होगा। इसे शोधार्थी दीप्ति अग्रवाल ने संयोजित किया है। टैगोर विश्व कला एवं संस्कृति केन्द्र के निदेशक विनय उपाध्याय ने विश्व रंग के सांस्कृतिक प्रकल्प ‘मंगलाचरण’ और ‘पूर्वरंग’ की गतिविधियाँ साझा की। उन्होंने बताया कि ध्रुपद गुरूकुल संस्थान द्वारा ध्रुपद वृन्द, अनिरूद्ध जोशी द्वारा सितार पर लोक संगीत, उमेश तरकसवार के संयोजन में स्वाधीनता संग्राम के गीतों पर आधारित ‘देश राग‘ और राजीव सिंह द्वारा ‘सतवाणी’ अध्यात्मिक संगीत की प्रस्तुतियाँ भारतीय संस्कृति की सुरम्य विरासत का जीवंत साक्ष्य बनेंगी। गुरूदेव रबीन्द्रनाथ टैगोर की सरज़मीं के बांग्ला संगीत की अनुगूँजों को समेटे कोलकाता के शुभव्रत सेन उपस्थित रहेंगे, तो मध्यप्रदेश बुंदेलखंड और मालवा की मटियारी चहक-महक लिए लोक कलाकारों के दल भी विश्व रंग के आंगन को रौशन करेंगे। विश्व रंग मानद अलंकरण हिन्दी सहित अन्य भारतीय भाषाओं में श्रेष्ठ सृजन करने और विश्व स्तर पर अपनी रचनात्मक उपस्थिति दर्ज करने वाली छः विभूतियों को विश्व रंग मानद अलंकरण से विभूषित किया जाएगा। इस बार के चयनित साहित्यकारों में श्रीमती ममता कालिया (हिन्दी), श्री हरीश मीनाश्रु (गुजराती), श्री चन्द्रभान खयाल (उर्दू), श्री एच. एन. शिवप्रकाश (कन्नड़), श्री लक्ष्मण गायकवाड़ (मराठी) और … Read more

विश्वरंग मुख्य सत्र: सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे, हंसध्वनि सभागार, रवींद्र भवन

भोपाल  विश्वरंग : मुख्य सत्र : सुबह 10 बजे से दोपहर 2.00 बजे हंसध्वनि सभागार, रवीन्द्र भवन 10.00-10.30 मंगला चरण -ध्रुपद वृंद, ध्रुपद संस्थान, भोपाल एवं मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव जी द्वारा उद्घाटन  वैचारिक सत्र 10.30-11.15 21वीं सदी के सवाल : संदर्भ – साहित्य, संस्कृति, समाज : डॉ. नंदकिशोर आचार्य, संतोष चौबे 11.15-12.00 – नयी सदी में नये कौशल : अंकुर वारीकू, सिद्धार्थ चतुर्वेदी  12.30-01.15-खेल कहानियाँ और कॉमेंट्री आकाश चोपड़ा से सिद्धार्थ चतुर्वेदी की बातचीत  01.15-2.00- स्वानंद किरकिरे : शब्दों की दुनिया – जिंदगी का संगीत  समानांतर सत्र (विभिन्न दस सभागारों में)  3.00-3.45 बजे – कौटिल्य से कॉर्पोरेट तक ( राधाकृष्णन पिल्लई)  – कविता में सदी के सरोकार – 1 – विश्व कवियों के पाठ में सदी – नाटक एवं फिल्मों में सदी के सवाल ( राजेंद्र गुप्ता, वामन केन्द्रे)  – जीवन स्पर्शी कथेतर साहित्य – लेखक / कृति से मिलिये ( दिव्य प्रकाश दुबे)  – कविता में सदी के सरोकार – 2 – युद्ध और युद्ध विरोधी चित्र 3.45 – 4.30 बजे – आभासी संचार के बदलते आयाम ( एक्टर फैसल मलिक)  – कहानी में सदी के सरोकार ( ममता कालिया)  – विश्व कवियों के पाठ में सदी  – चटखारों की चौपाल ( पुष्पेश पंत)  – प्रवासी साहित्य बदलता चिंतन – लेखक / कृति से मिलिये – कहानी में सदी के सरोकार 2 – युद्ध और युद्ध विरोधी चित्र 5.00 – 5.45 बजे – सिनेमा-कल, आज और कल ( दिव्य दत्ता)  – साहित्य की नई भाषा और युवा ( नीलोत्पल मृणाल, दिव्य प्रकाश दुबे)  – साहित्य बहुभाषी कविता का अनुवाद पाठ – बाल एवं किशोर साहित्य : परिदृश्य एवं भविष्य दृष्टि – प्रवासी साहित्य रचना पाठ (कविता) – लेखक/कृति से – मिलिये कला लेखन : सम्भावना और चुनौतियाँ – 7वें टैगोर राष्ट्रीय कला सेमीनार 2025 का प्रेजेंटेशन 5.45 – 6.30 बजे – नयी वाली कविता ( प्रिय मलिक ) – नये भारत का साहित्यिक मानचित्र और युवा – बहुभाषी कविता का अनुवाद पाठ – हिंदी साहित्य में सभ्यता विमर्श – प्रवासी रचना पाठ (गद्य)  – लेखक/कृति से मिलिये – प्रौद्योगिकी की अतिशय गति और सोशल मीडिया का दिग्भ्रमित यथार्थ – कला गुरु संवाद  6.00 – 7.00, हबीब तनवीर प्रांगण पूर्वरंग – देशराग : उमेश तरकसवार 7.00 से 9.00 बजे तक, मुक्ताकाश मंच  सांस्कृतिक सत्र : कलेक्टिव क्वायर की प्रस्तुति