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मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने गीता जयंती महोत्सव के कार्यक्रमों की जानकारी प्राप्त कर दिए निर्देश

ऑन लाइन गीता प्रतियोगिता और गीता पाठ में अधिकाधिक जन भागीदारी सुनिश्चित की जाए मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने गीता जयंती महोत्सव के कार्यक्रमों की जानकारी प्राप्त कर दिए निर्देश भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने आगामी 1 दिसंबर को गीता जयंती पर अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव पर राज्य में हो रहे कार्यक्रमों की तैयारी की जानकारी प्राप्त की और आवश्यक निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अभ्युदय मध्य प्रदेश (गवर्नेंस एंड ग्रोथ समिट) निवेश से रोजगार (अटल संकल्प उज्जवल मध्य प्रदेश ) के अंतर्गत 25 दिसंबर को ग्वालियर में हो रहे कार्यक्रम के संबंध में भी अधिकारियों से चर्चा की। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गीता महोत्सव के संबंध में मुख्यमंत्री निवास समत्व भवन से वीडियो कॉन्फ्रेंस द्वारा जिला कलेक्टर्स और पुलिस अधिकारियों से चर्चा की। बैठक में मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन सहित संबंधित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि 1 दिसंबर गीता जयंती पर गीता महोत्सव के अंतर्गत होने वाली गतिविधियों में जन सामान्य की अधिक से अधिक सहभागिता सुनिश्चित की जाए। श्रीमद्भागवत गीता के विभिन्न अध्यायों की संस्कृत और हिंदी में, स्कूल कॉलेज के साथ-साथ जन सामान्य को प्रतियां उपलब्ध करवाकर, गीता पर केंद्रित क्विज आदि प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएं। गीता ज्ञान के प्रसार से जन सामान्य की विचार प्रक्रिया और मानसिकता पर सकारात्मक प्रभाव होगा। उल्लेखनीय है कि श्रीमद्भगवतगीता ऑन लाइन ज्ञान प्रतियोगिता में प्रवृष्ठि 28 नवम्बर तक www.geetamahotsav.com पर होगी। जिसमें तीन श्रेणियों में भागीदारी की जा सकती है। सभी श्रेणियों के लिए पृथक -पृथक पुरस्कारों का प्रावधान भी किया गया है। यह पुरस्कार 26 जनवरी 2026 को दिए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कलेक्टर्स, को निर्देश दिए कि जिला स्तर पर अधिक से अधिक नागरिकों को विभिन्न प्रतियोगिताओं और गीता पाठ में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करें। गीता पाठ के कार्यक्रमों में होगी व्यापक सहभागिता मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने गीता पाठ कार्यक्रम की तैयारियों की भी जानकारी प्राप्त की। उल्लेखनीय है कि 1 दिसंबर को अंतरराष्ट्रीय गीता जयंती पर मध्यप्रदेश में सभी विकास खंडों, जिला मुख्यालयों, संभागीय मुख्यालयों पर श्रीमद्भगवद्गीता के 15 वें अध्याय का पाठ किया जा रहा है। जन सामान्य द्वारा युगावतार भगवान श्रीकृष्ण के मानव कल्याण के संदेश को आत्मसात किए जाने के उद्देश्य को इस गीता पाठ से सफल बनाया जा सकता है। वीर भारत न्यास द्वारा गीता पाठ के साथ-साथ गीता प्रतियोगिता का आयोजन भी किया जा रहा है। जिसमें प्रदेश के विद्यार्थी बड़ी संख्या में हिस्सा ले रहे हैं।  

पेयजल पर भारी खर्च, पर नतीजा शून्य—शिवलालपुरा स्कूल में प्यासे बच्चे

मुरैना  सरकारी स्कूलों में पेयजल व्यवस्था को लेकर पीएचई विभाग द्वारा करोड़ों रुपए खर्च किए जा चुके हैं। विकासखंड सबलगढ़ की ग्राम पंचायत शिवलालपुरा स्थित शासकीय माध्यमिक विद्यालय के छात्र-छात्राएं पिछले लगभग छह माह से गंदा और मिट्टी युक्त पानी पीने को मजबूर हैं। विद्यालय में स्वच्छ पेयजल व्यवस्था पूरी तरह से ठप है, लेकिन जिम्मेदार विभाग इस गंभीर समस्या पर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। शासन के निर्देश पर पीएचई विभाग द्वारा जिले के सरकारी स्कूलों में पेजयल के लिए प्रति स्कूल करीब सवा लाख रुपए खर्च करके हैडपंप में मोटर, स्कूल में टंकी, लेजम डालकर पेयजल की सप्लाई किए जाने का प्रावधान था लेकिन शिवलाल पुरा स्कूल में ऐसी कोई व्यवस्था नहीं की गई है। विद्यालय में 151 छात्र- छात्राएं और 6 शिक्षकों का स्टाफ है। स्कूल में पानी का अन्य कोई श्रोत न होने पर छात्र-छात्राएं हैडपंप से निकल रहे गंदे, मिट्टीयुक्त और दुर्गंध से भरे पानी को पीने के लिए मजबूर हैं। और मध्याह्न भोजन बनाने में भी इसी पानी का उपयोग किया जा रहा है। इससे बच्चों के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ रहा है। इस गंदे पानी के सेवन से कई बच्चे पेट दर्द और उल्टी-दस्त की शिकायत भी कर चुके हैं। ग्रामीणों की मांग है कि विद्यालय में तत्काल स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था की जाए, हैंडपंप की जांच कर उसे ठीक कराया जाए अथवा नई बोरिंग कराकर शुद्ध पानी की सप्लाई शुरू की जाए, ताकि बच्चों के स्वास्थ्य से हो रही खिलवाड़ को रोका जा सके। ग्रामीण बोले: जल्द सुधार नहीं तो करेंगे आंदोलन ग्रामीण और अभिभावकों में इस बात को लेकर भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि यदि किसी बड़े अधिकारी या जनप्रतिनिधि के बच्चों को इस तरह का पानी पीना पड़े तो क्या तब भी विभाग आंखें बंद रखेगा। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ही समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे स्कूल के सामने धरना-प्रदर्शन के साथ आंदोलन करेंगे। दो बार लिखा पीएचई को पत्र, नहीं हुई सुनवाई  संस्था प्रमुख द्वारा पीएचई (लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग) 13 जनवरी 2025 एवं 08 जुलाई 2025 को पत्र लिखा जा चुका है। उसके बावजूद आज दिनांक तक न तो कोई अधिकारी विद्यालय पहुंचा और न ही समस्या के समाधान के लिए कोई कदम उठाया गया। पीएचई विभाग के अधिकारियों की लापरवाही के चलते किसी दिन गंभीर समस्या पैदा हो सकती है। ये बोले जिम्मेदार पीएचई विभाग को जब से हैडपंप खराब हुआ है अर्थात गंदा पानी दे रहा है, तब से दो बार पत्र लिखा जा चुका है लेकिन अधिकारियों द्वारा हैडपंप को दुरस्त करना तो दूर, मौके पर पहुंचकर देखा तक नहीं हैं। वीरेन्द्र सिंह, हेडमास्टर, शासकीय मिडिल स्कूल, शिवलाल का पुरा विद्याराम यादव, एसडीओ, पीएचई ने बताया यह बात सही है कि स्कूल प्रमुख का पत्र मिला है, हैडपंप खराब होने की जानकारी मिली है, हम जल्द ही उसमें छड़ बदलवाकर हैडपंप को दुरस्त करवाते हैं, जिससे स्वच्छ पानी मिल सके।  

उज्जैन में मिलेगा आधुनिक सफर का तोहफ़ा: 100 ई-बसें चलाने पर 10 करोड़ खर्च, नया डिपो भी बनेगा

उज्जैन  धार्मिक पर्यटन नगरी उज्जैन यात्रियों को ई-बस की सुविधा देने की तैयारी है। इसके लिए सुविधायुक्त ई-बस डिपो का निर्माण होगा। जहां एक समय में 100 ई-बस पार्क हो सकेंगी और सर्विसिंग व चार्जिंग की सुविधा भी रहेगी। 10 करोड़ से अधिक के प्रोजेक्ट के लिए दो कंपनियां ने रुचि दिखाई है। हालांकि तकनीकी कमी के बाद एक ही कंपनी की निविदा शेष है जिसे निर्णय के लिए निविदा समिति को भेजा है। मक्सीरोड स्थित पुराने सिटी बस डिपो को अब ई-बस डिपो के रूप में विकसित किया जाएगा। निगम ने इसके लिए 10.75 करोड़ की योजना बनाई है। डिपो में पार्किंग के अलावा, वर्कशॉप सेंटर, शेड, वॉशिंग एरिया, प्रशासनिक कार्यालय रहेंगे। कुछ सप्ताह पूर्व निगम ने इसके लिए टेंडर जारी किया था। फिलहाल निविदा को लेकर अंतिम निर्णय नहीं हुआ है। यदि स्वीकृति मिलती है तो अगले वर्ष ई-डिपो का निर्माण शुरू हो सकता है। चार्जिंग स्टेशन भी रहेंगे डिपो में बसों को चार्ज करने के लिए चार्जिंग स्टेशन रहेंगे। इसे स्थापित करने के लिए पृथक से 2.86 करोड़ रुपए का टेंडर जारी होगा। बाहरी विद्युतीकरण बुनियादी ढांचे की आपूर्ति, स्थापना, परीक्षण शामिल है।   21762 वर्ग मीटर में बनेगा डिपो मक्सीरोड पर पुराने डिपो की जमीन पर ही करीब 21 हजार 762 वर्गमीटर क्षेत्र में ई-बस डिपो विकसित किया जाएगा। 100 ई-बस जिनमें 7 मीटर लंबी 70 बस व 9 मीटर लंबी 30 बसें एक साथ पार्क हो सकेंगी। बता दें कि पूर्व में इस स्थान पर मप्र रोजडवेज का बस डिपो संचालित होता था जिसे बाद में नगर निगम ने उज्जैन सिटी बस सर्विस लिमिटेड के ऑफिस व सिटी बस डिपो के रूप में उपयोग किया।

मध्य प्रदेश में बनेगा 98 किलोमीटर फोरलेन हाईवे, 57 गांव परियोजना की जद में

छतरपुर  मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश को जोड़ने वाले भोपाल-लखनऊ इकोनॉमिक कॉरिडोर के सागर-कानपुर फोरलेन वाले हिस्से में सड़क निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। जो कि औद्योगिक, पर्यटन और निवेश को नई गति प्रदान करेगा। इस सड़क का काम चार चरणों में पूरा किया जाना है। दरअसल, NHAI के द्वारा छतरपुर जिले में तीसरे और चौथे चरण में चौका गांव से कैमाहा चेकपोस्ट तक करीब 98 किलोमीटर लंबे फोरलेन निर्माण का काम शुरु कर दिया गया है। जिन जगहों पर भूमि अधिग्रहण और मुआवजे काम वितरण हो चुका है। वहां पर चौड़ीकरण का काम तेजी से किया जा रहा है। 57 गांवों से ली गई जमीन जिले के महाराजपुर, छतरपुर, बिजावर और बड़ामलहरा के 57 गांवों की ज़मीन का अधिग्रहण किया गया है। इसे बाद में लखनऊ से जोड़कर एक इकोनॉमिक कॉरिडोर बनाने की योजना है। इससे बुंदेलखंड के लोगों को न केवल बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी, बल्कि व्यावसायिक गतिविधियों में भी बढ़ोतरी होगी, जो क्षेत्र की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करेगा। 55 किलोमीटर में 1008 करोड़ की लागत से होगा काम परियोजना के तीसरे चरण में 55 किमी सडक़ निर्माण पर 1008 करोड़ का खर्च आएगा। ये हिस्सा कई गांवों और कस्बों को सीधे इकोनॉमिक कॉरिडोर से जोड़ देगा। फोरलेन बनने के बाद भारी वाहनों की आवाजाही से जुड़ी समस्याएं समाप्त होंगी और सफर का समय भी घटेगा। 997 करोड़ की लागत से बनेगी सड़क परियोजना के चौथे चरण में 43 किमी फोरलेन सड़क के निर्माण पर 997 करोड़ स्वीकृत किए गए हैं। जो कि यूपी से कनेक्टिविटी को मजबूत बनाएगा। सडक़ चौड़ीकरण के लिए आवश्यक भूमि का मुआवजा वितरण अधिकांश क्षेत्रों में पूरा हो चुका है, जबकि शेष स्थानों पर प्रक्रिया अंतिम चरण में है। जहां मुआवजा मिल चुका है, वहां एनएचएआई ने अधिग्रहित जमीन पर कब्जा लेकर निर्माण कार्य शुरू कर दिया है। 

भागने की कोशिश में दुष्कर्म आरोपी घायल, पुलिस की जवाबी कार्रवाई में लगी गोली

 रायसेन रायसेन में एक 6 साल की बच्ची के साथ रेप का आरोपी सलमान पिछले 5 दिन से भागा-भागा फिर रहा था. उसके पीछे 300 पुलिसवाले लगे हुए थे. सलमान को पकड़ने के लिए लोग प्रदर्शन कर रहे थे. एक दिन पहले सलमान शहर के गौहरगंज इलाके में दिखा था. इसके बाद पुलिस पर दबाव और बढ़ गया था. लेकिन सलमान पुलिस से ज्यादा दिन तक बच नहीं पाया गौहरगंज के ही कीरत नगर में वो पुलिस के हत्थे चढ़ गया. भागने के दौरान उसका पुलिस के साथ मुठभेड़ भी हुई और उसके पैर में गोली लगी. घायल सलमान को भोपाल के हमीदिया अस्पताल में भर्ती कराया गया है. पुलिस के मुताबिक, सलमान पर 30 हजार रुपये का इनाम घोषित था और वह पिछले पांच दिनों से फरार था. रायसेन एसपी आशुतोष गुप्ता ने बताया, 'कल रात हमारी विशेष टीमों ने आरोपी सलमान को गिरफ्तार कर लिया, जो पिछले पांच दिनों से फरार था और जिसकी सभी टीमें तलाश कर रही थीं. एक सटीक सूचना पर हमने कार्रवाई की और उसे हिरासत में ले लिया. ले जाते समय, उसने अचानक वाहन से कूदने की कोशिश की और हमारे सब-इंस्पेक्टर की पिस्तौल भी छीन ली और पुलिस पर गोली चला दी. आत्मरक्षा में, पुलिस ने भी जवाबी गोलीबारी की, जिसमें उसके पैर में गोली लग गई.' एसपी ने कहा- फायरिंग करते हुए भागने की कोशिश कर रहा था मध्य प्रदेश के रायसेन जिले में मासूम बच्ची से दुष्कर्म के आरोपी सलमान को पुलिस ने देर रात भोपाल से गिरफ्तार किया था। भोपाल से रायसेन लाने के दौरान बीच रास्ते में सलमान ने पुलिसकर्मी की बंदूक छीनकर फायरिंग करते हुए भागने की कोशिश की, लेकिन पुलिसकर्मियों ने शॉर्ट एनकाउंटर में उसके पैर में गोली मारकर घायल कर दिया। उसे इलाज के लिए भोपाल के जय प्रकाश अस्पताल ले जाया गया। रायसेन (Raisen MP Crime News) के एसपी आशुतोष गुप्ता ने बताया, सलमान को भोपाल के गांधीनगर इलाके से गिरफ्तार किया गया और उसे रायसेन ले जाया जा रहा था। इसी बीच, भोजपुर के पास कीरतनगर गांव (MP News) इलाके में पुलिस की गाड़ी खराब हो गई। सलमान ने सब-इंस्पेक्टर की बंदूक छीनकर पुलिस पर फायरिंग करके भागने की कोशिश की। जवाबी फायरिंग में सलमान के पैर में गोली लग गई। उसे इलाज के लिए भोपाल के जय प्रकाश हॉस्पिटल ले जाया गया। इस मालमे में सब इंस्पेक्टर सुनील सिंह का कहना है, आरोपी सलमान को रायसेन ले जाया जा रहा था, तभी उसे ले जा रही गाड़ी पंक्चर हो गई। उसे दूसरी गाड़ी में शिफ्ट किया जा रहा था। इस दौरान, सलमान ने एक अधिकारी से पिस्टल छीन ली और पुलिस पर गोली चलाने की कोशिश की। क्रॉसफायरिंग में आरोपी के पैर में गोली लगी और एक पुलिस अधिकारी भी घायल हो गया। कैसे हुआ एनकाउंटर? पुलिस ने सलमान को भोपाल के वार्ड नंबर 11 स्थित एक चाय की दुकान से गिरफ्तार किया था. इसके बाद उसे गोहरगंज पुलिस के हवाले किया गया. जब पुलिस उसे रायसेन ले जा रही थी, भोजपुर के पास सलमान ने भागने की कोशिश की और पुलिस पर फायरिंग कर दी. जवाबी कार्रवाई में उसे पैर में गोली लगी. घायल सलमान को इलाज के लिए भोपाल के हमीदिया अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज जारी है.

मुख्यमंत्री डॉ. यादव का निर्देश: कानून-व्यवस्था को सर्वोत्तम स्तर पर लाया जाए

कानून व्यवस्था की आदर्श स्थिति सुनिश्चित करें: मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वीडियो कांफ्रेंस द्वारा दिए निर्देश भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में नागरिकों का सामान्य जन-जीवन सुनिश्चित करने के लिए सभी तरह के अपराधों पर पूर्ण नियंत्रण की कार्यवाही की जाए। कानून व्यवस्था की जिले में अच्छी एवं आदर्श स्थिति रहे, यह कलेक्टर एसपी सुनिश्चित करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरूवार की रात्रि मुख्यमंत्री निवास प्रदेश के समस्त कलेक्टर्स, एस पी से वीडियो कॉन्फ्रेंस द्वारा चर्चा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के प्रमुख निर्देश • अपराध नियंत्रण पहली प्राथमिकता हो। • पुलिस की नियमित गश्त होना चाहिए। • किसानों को कहीं भी खाद की समस्या ना हो, उचित प्रबंधन करें। वितरण की व्यवस्था सुधारने पर ध्यान दें। खाद लेने के लिए अधिक देर लाइन में लगने की नौबत ना आए, ऐसी व्यवस्था बनाएं। किसी किसान को दिक्कत नहीं आनी चाहिए। • अधिकांश जिलों में ठंड की अधिकता को देखते हुए जनता के लिए व्यवस्थाएं बनाएं। गांवों से शहरों में या केंद्रों में खाद क्रय करने आए किसान बंधुओं के लिए भी शीतकाल से बचाव के आवश्यक उपाय करें।  

स्कूल में हैरान करने वाली घटना: शिक्षक ने छात्रों का गला दबाया, की मारपीट

बालाघाट सांदीपनि विद्यालय बालाघाट के एक शिक्षक पर कक्षा छठवीं के सात छात्रों के साथ मारपीट करने का मामला सामने आया है। पालकों का आरोप है कि शिक्षक रामप्रसाद राहंगडाले ने कक्षा में शोर मचाने की बात पर बच्चों की न सिर्फ पिटाई की बल्कि बेंच पर लिटाकर उन्हें मारा और गला तक दबा दिया। मामले की जानकारी लगते ही बालाघाट विधायक अनुभा मुंजारे गुरुवार को सांदीपनि विद्यालय पहुंचीं और शिक्षक रामप्रसाद को जमकर फटकार लगाई। उन्होंने इस घटना को अमानवीय बताया और प्रभारी मंत्री उदय प्रताप सिंह से शिकायत करने की बात कही। स्कूली बच्चों के साथ मारपीट की घटना बुधवार की बताई जा रही है। महज शोर मचाने की बात पर गुस्से में आए शिक्षक द्वारा मारपीट करने के बाद से सभी पीड़ित बच्चे दहशत में हैं। पालकों ने बताया कि गुरुवार सुबह जब स्कूल जाने के लिए उनके बच्चे ने मना किया, तब पूछने पर उसने शिक्षक द्वारा मारपीट करने की घटना की जानकारी दी गई। वह बुरी तरह डरा हुआ है। उसे बुखार भी है। पालकों ने आरोप लगाया कि शिक्षक ने बच्चों के साथ मारपीट की और उनका गला भी दबाया। गुरुवार को सांदीपनि विद्यालय पहुंची विधायक के साथ बच्चों के पालक भी स्कूल पहुंचे। विधायक ने शिक्षक रामप्रसाद की क्लास ली और बच्चों से बारी-बारी से घटना के बारे में जानकारी ली। शिक्षक ने कक्षा छठवीं के पुनीत लिल्हारे, ओजवी मिश्रा, विहान नैनवानी, शौर्य दमाहे, हिमांश सोनवाने, अनवर पाटिल और जारेश बेग के साथ मारपीट की है।  

इंदौर में ग्रीन फील्ड कॉरिडोर के लिए 20 गांवों की जमीन अधिग्रहण का निर्णय

 इंदौर इंदौर और उज्जैन के बीच प्रस्तावित 48 किमी लंबे ग्रीन फील्ड कॉरिडोर के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज हो चुकी है। इसमें इंदौर जिले की दो तहसीलों सांवेर और हातोद के 20 गांवों की जमीनें आ रही हैं। अधिग्रहित होने वाली जमीनों के लिए धारा-19 का प्रकाशन कर दिया गया है, जिसके साथ ही किसानों का भूमि विवरण, स्वामित्व और रकबे की जानकारी सार्वजनिक कर दी गई है। इंदौर में 175 हेक्टेयर से अधिक भूमि अधिग्रहित होगी। इंदौर-उज्जैन ग्रीन फील्ड कॉरिडोर परियोजना में इंदौर जिले के 20 और उज्जैन जिले के आठ गांवों की भूमि आ रही है। इसमें इंदौर जिले में 650 किसानों की करीब 175.393 हेक्टेयर जमीन परियोजना के लिए अधिग्रहित होगी। हातोद तहसील के 255 किसानों की करीब 75.401 हेक्टेयर, जबकि सांवेर तहसील के 395 किसानों की 99.992 हेक्टेयर निजी एवं सिंचित भूमि शामिल है। धारा-19 के प्रकाशन के साथ ही प्रभावित किसानों के नाम और उनकी जमीन का पूरा रिकॉर्ड सार्वजनिक कर दिया गया है। सांवेर एसडीएम धनश्याम धनगर का कहना है कि ग्रीन फील्ड कॉरिडोर योजना के लिए धारा-19 का प्रकाशन कर दिया गया है। इसमें किसानों के नाम और योजना में आ रही भूमि की जानकारी सार्वजनिक की गई है। मिलेगा बेहतर विकल्प ग्रीन फील्ड कॉरिडोर के निर्माण से इंदौर-उज्जैन के बीच यात्रा के लिए अतिरिक्त विकल्प मिलेगा। इससे उज्जैन की यात्रा आसानी से और कम समय में पूरी हो सकेगी। एयरपोर्ट आकर उज्जैन जाने वाले यात्रियों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी। इससे पर्यटन गतिविधियों को नई गति मिलेगी।  

राष्ट्रीय फुटबॉल टूर्नामेंट की मेजबानी करेगा उमरिया, जानें मैचों का पूरा शेड्यूल

उमरिया  उमरिया जिले को पहली बार राष्ट्रीय स्तर पर फुटबॉल टूर्नामेंट आयोजित करने का मौका मिला है। 69वीं राष्ट्रीय शालेय 14 वर्ष फुटबॉल प्रतियोगिता का आयोजन 1 से 6 दिसंबर तक किया जाएगा। इस प्रतिष्ठित आयोजन में देश के 33 राज्यों से 693 खिलाड़ी, 40 ऑफिशियल्स और 60 स्थानीय अधिकारी हिस्सा लेंगे। आयोजन की तैयारियों को लेकर कलेक्टर धरणेन्द्र कुमार जैन की अध्यक्षता में महत्वपूर्ण बैठक हुई, जिसमें प्रतियोगिता को सफल और भव्य बनाने पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में पूर्व विधायक अजय सिंह, राकेश शर्मा, धनुषधारी सिंह सहित जिला स्तरीय अधिकारी और विद्यालय प्राचार्य मौजूद रहे। व्यापक प्रचार की रणनीति तैयार कलेक्टर जैन ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रतियोगिता का व्यापक प्रचार-प्रसार होर्डिंग्स, फ्लैक्स और पेम्फलेट्स के माध्यम से किया जाए। विश्व प्रसिद्ध बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में भी प्रतियोगिता का प्रमोशन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए, ताकि इसे राष्ट्रीय पहचान मिल सके। सुरक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था चाक-चौबंध कलेक्टर ने बताया कि जिन चार मैदानों पर मैच होंगे वहां एंबुलेंस, स्ट्रेचर और चिकित्सकीय टीम की तैनाती रहेगी। पानी की शुद्धता की जांच लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा की जाएगी, जबकि भोजन की गुणवत्ता की जिम्मेदारी खाद्य सुरक्षा विभाग को सौंपी गई है। साफ-सफाई की व्यवस्था पर भी विशेष निगरानी के निर्देश दिए गए। इन मैदानों में होंगे मुकाबले प्रतियोगिता का आयोजन स्टेडियम, कृष्ण ताल उमरिया, पीटीएस ग्राउंड और शासकीय उमावि बालक चंदिया मैदान में होगा। खिलाड़ियों के ठहरने की व्यवस्था खेल परिसर भरौला, होटल सरई, कृष्णा गार्डन, सूर्या होटल और कृष्णा पैलेस में की गई है। परिवहन के लिए 10 बसें और 8 जीप तैनात की गई हैं। प्रत्येक आवास स्थल के लिए नोडल अधिकारी भी नियुक्त किए जाएंगे। सांस्कृतिक कार्यक्रम देंगे खास रंग आरसी स्कूल उमरिया और सेंट्रल एकेडमी के छात्र विभिन्न राज्यों की पारंपरिक वेशभूषा में सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देंगे। 3 और 4 दिसंबर को कैंप फायर का आयोजन होगा, जिसमें बिजहरिया लोक नृत्य दल सहित अन्य कलाकार प्रदर्शन करेंगे। व्यापारियों से भी आयोजन में सहयोग का आग्रह किया गया है, ताकि यह अवसर जिले के लिए यादगार बन सके। पत्रकारवार्ता में साझा हुई रूपरेखा प्रतियोगिता की जानकारी साझा करने के लिए मंगलवार को कृष्णा गार्डन में स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा पत्रकारवार्ता आयोजित की गई। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अभय सिंह ने इस दौरान कार्यक्रम की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत की। उमरिया जिला पहली बार राष्ट्रीय स्तर की मेजबानी करने जा रहा है, जिससे स्थानीय खेल जगत में उत्साह का माहौल है।

भव्य तैयारियों के बीच ग्वालियर व्यापार मेला 25 दिसंबर से शुरू, दुकानों के आवंटन में देरी

ग्वालियर  ग्वालियर में हर वर्ष के प्रति इस वर्ष भी श्रीमंत माधवराव सिंधिया ग्वालियर व्यापार मेला प्राधिकरण द्वारा 25 दिसंबर से व्यापार मिलेगा आयोजन किया जा रहा है। इस वर्ष भी मेला 25 दिसंबर से लेकर 25 फरवरी तक चलेगा। संभागीय आयुक्त मनोज खत्री ने तैयारियों की समीक्षा बैठक बुलाई, जिसमें अधिकारियों को आनन-फानन में काम पूरा करने के निर्देश दिए। समीक्षा बैठक के दौरान संभागीय आयुक्त खत्री द्वारा दिए गए निर्देश से स्पष्ट है कि आवश्यक कार्य अभी भी अधूरे हैं। दुकान आवंटन की ऑनलाइन प्रक्रिया के तहत अभी तक कुल 1921 दुकानों के लिए आवेदन किए जा चुके हैं। करीब 521 दुकानदार अब भी आवेदन करने से वंचित हैं। बैठक में संभाग आयुक्त खत्री ने उपायुक्त नगर निगम को मेला परिसर की साफ-सफाई शीघ्रता से पूर्ण करने के निर्देश दिए। वहीं मध्य प्रदेश लघु उद्योग निगम के कार्यपालन यंत्री को स्वच्छता परिसर के संधारण कार्य को अविलंब और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूर्ण करने का निर्देश मिला। नगर निगम के कार्यपालन यंत्री (पीएचई) को स्वच्छता परिसर में तत्काल बोरिंग का कार्य पूर्ण करने के लिए निर्देशित किया गया। एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड की रहेगी पूरी व्यवस्था संभागीय आयुक्त मनोज खत्री ने मेला आयोजन से पूर्व मेले की साफ-सफाई, विद्युत व्यवस्था एवं पेयजल की व्यवस्था चाक-चौबंद करने के निर्देश दिए थे। इसके साथ ही मेले में लगने वाले झूलों की सुरक्षा के संबंध में भी पुख्ता प्रबंध करने को कहा गया था। मेले के दौरान अस्थायी चिकित्सालय एवं एम्बुलेंस के साथ ही फायर ब्रिगेड की व्यवस्था करने को कहा गया था। संभागीय आयुक्त मनोज खत्री ने बैठक में कहा था कि मेला परिसर में अस्थायी अतिक्रमण को हटाने के लिये अभियान चलाकर कार्य किया जाए। इसके लिए एसडीएम, एडिशनल एसपी एवं अपर आयुक्त नगर निगम संयुक्त रूप से कार्रवाई सुनिश्चित करें। इस साल भी मेला सैलानियों के लिए 2 महीने लगेगा कानून व्यवस्था के संबंध में भी पुलिस अधीक्षक से समन्वय स्थापित कर मेले के दौरान सुरक्षा और पार्किंग के पुख्ता प्रबंध किए जाए। बैठक में यह भी तय किया गया था कि फायरब्रिगेड की उपलब्धता के एवज में नगर निगम को और सुरक्षा व्यवस्था के एवज में पुलिस वेलफेयर में मेला प्राधिकरण दो लाख रूपए की धनराशि उपलब्ध कराई जाए। बैठक में यह भी तय किया गया कि विभागीय प्रदर्शनियों के लिये सीईओ जिला पंचायत की अध्यक्षता में बैठक आयोजित कर संबंधित विभागों को समय रहते प्रदर्शनी लगाने के निर्देश दिए जाए। जिला प्रशासन की ओर से मेला अवधि में मजिस्ट्रियल अधिकारियों की तैनाती भी सुनिश्चित की जाए। भव्यता से आयोजित हों सांस्कृतिक कार्यक्रम ग्वालियर व्यापार मेले में प्रतिवर्ष आयोजित होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रमों की रूपरेखा भी समय रहते तय करने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन भव्यता से करने की बात भी कही गई। स्थानीय कलाकारों को भी मेले में अपनी प्रस्तुति प्रस्तुत करने हेतु मंच एवं सुविधाएं उपलब्ध कराए।