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जेएन कंसोटिया का 21 साल बाद इस्तीफा, आईएएस संतोष वर्मा के हाथ में अजाक्स की कमान

विभिन्न मुद्दों पर हुई चर्चा, जेएन कंसोटिया,सी एस धुर्वे का हुआ सम्मान जेएन कंसोटिया का 21 साल बाद इस्तीफा, आईएएस संतोष वर्मा के हाथ में अजाक्स की कमान  अजाक्स की साधारण सभा में प्रांतीय कार्यकारिणी की गठित भोपाल मप्र अनुसूचित जाति जनजाति अधिकारी कर्मचारी संघ (अजाक्स) की प्रांतीय साधारण सभा में आईएएस संतोष वर्मा आम सहमति से नए प्रान्तध्यक्ष चुने लिए गए हैं। रविवार को राजधानी के तुलसी नगर सेकण्ड स्टॉप डॉ. आम्बेडकर जयंती मैदान में आम सभा सम्पन्न हुई। इसी सभा में 21 साल से अजाक्स की अपने हाथ में कमान रखने वाले जेएन कंसोटिया ने निजी कारणों का हवाला देते हुए प्रान्ताध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया। उन्हें संरक्षक और सेवानिवृत्त प्रकोष्ठ का अध्यक्ष बनाकर जिम्मेदारियों से मुक्त कर दिया गया। उनके अलावा अन्य नियुक्तियां भी की गई। बता दें उनका कार्यकाल सितम्बर 2026 तक है, लेकिन इस्तीफा दें दिया। इस्तीफे की जानकारी जैसे ही महासचिव इंजी एसएल सूर्यवंशी ने सभा में रखी तो सभी ने एक स्वर में अस्वीकार कर दिया। प्रान्ताध्यक्ष कंसोटिया ने स्वयं मंच से इसे स्वीकार करने का आग्रह किया। जिसके बाद नए अध्यक्ष पर विचार मंथन हुआ। संघ के महासचिव राजवीर अग्निहोत्री ने नए प्रान्ताध्यक्ष के नाम पर  कार्यवाहक अध्यक्ष आईएएस संतोष वर्मा के नाम का प्रस्ताव रखा। जिसको सभी ने ध्वनि मत से अपना समर्थन दिया।  कार्यक्रम का प्रारंभ संविधान निर्माता बाबा साहब और धरती आबा बिरसा मुण्डा के चित्र पर माल्यार्पण के साथ शुरू हुआ और नए प्रान्ताध्यक्ष के स्वागत व नारेबाजी के साथ ही आयोजन का समापन हुआ। आयोजन में राज्यसभा सदस्य बालयोगी उमेशनाथ महाराज का पुष्पगुच्छ देकर सम्मान किया। साधारण सभा का संचालन घनश्याम भकोरिया एवं प्रवक्ता विजय शंकर श्रवण ने किया। जबकि आभार भोपाल जिलाध्यक्ष विनोद बट्टी ने व्यक्त किया। कंसोटिया ने समाज के साथ हो रहे भेदभाव पर जताई चिंता  जेएन कांसोटिया ने अजाक्स संगठन की ताकत का उल्लेख किया गया। समाज के शासन और सामाजिक स्तर पर हो रहे भेदभाव पर विस्तार से प्रकाश डाला और नए नेतृत्व को इन मुद्दों को प्रमुखता से उचित मंच पर रखने का आव्हान किया। उन्होंने सिविल जजों की भर्ती में अजा-जजा का चयन ना होना, बैकलॉग की पूर्ती न होने पर चिन्ता व्यक्त करते हुए अजाक्स को और अधिक प्रभावी रुप से कदम उठाने पर बल दिया।   कंसोटिया ने कहा कि समाज ही अजाक्स है और अजाक्स ही समाज है। यही संघठन की ताकत है, तभी प्रदेश के अधिकारी कर्मचारी डिमोशन से बच गए। यह बहुत बड़ा चेलेंज है कि हमको सरकारी सिस्टम से बाहर किया जा रहा है। उन्होंने सिविल जज भर्ती पर भी सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि आज उद्योग धंधे में जीरो, सेवाक्षेत्र में जीरो, निर्णय प्रक्रिया, मीडिया में हमारी भागीदारी जीरो है। ग्वालियर में बाबा साहब के बारे में लोग गलत टिप्पणी कर रहे हैं, यह गलत है इसका विरोध करना है। ग्वालियर ओर दिल्ली में सीजेआई की घटना पर कोई कार्यवाही नहीं हुई, यह बड़ा प्रश्न है। उन्होंने कहा कि घर -घर अम्बेडकर, हर दिन अम्बेडकर अभियान पर अजाक्स तेजी से काम कर रहा है। सामाजिक भेदभाव बढ़ता जा रहा है। यह भी हमारे लिए बड़ा चैलेज है। सफाई कर्मियों के साथ भी बड़ा भेदभाव हो रहा है। जाति छुपाना बड़ी मानसिकता है, इसे दूर करना होगा। उन्होंने क्रिमिलेयर पर भी सवाल उठाया। साथ ही 20 आईएएस अफसरों के बेटे क्या बने, यह रिपोर्ट बताई। अंत में उन्होंने 21 साल से मिले सम्मान का भी जिक्र किया और आगे भी अजाक्स के लिए काम करने का वचन दिया। हमारा ज़ब कारवाँ बढ़ेगा तो हमें कोई रोक नहीं सकता: संतोष वर्मा नए प्रांताध्यक्ष आईएएस संतोष वर्मा ने कहा कि संघ के लिए  हमको समय देना होगा। अगर साल में एक दिन भी नहीं दिया तो हमारा अस्तित्व नहीं बचेगा। आईएएस कंसोटिया मेरे गुरु रहे हैं और आज हमें फिर उनके मार्गदर्शन में काम करने का मौका मिला है। अभी संघठन की स्तिथि ठीक नहीं है। 2016 में हमने ताकत दिखाई ओर हम माँ के लाल बन गए। क्या हमने हजारों सालो से पीड़ा नहीं झेली है। उन्होंने कहा कि यदि अब भी नहीं जागे तो आने वाली पीढ़ी नहीं बचेगी। उन्होंने सिविल जज परीक्षा पर भी सवाल उठाया। ज़ब हमारे बच्चे आईएएस, आईपीएस डिप्टी कलेक्टर, डीएसपी बन सकते हैं तो जज क्यों नहीं बन सकते है। हमारे भविष्य का बीज नष्ट किया जा रहा है। मैंने मंत्रालय में 8 महीने की सर्विस में देखा है कि किस तरह से हमारे वर्ग के सेवकों की सीआर बिगाड़ी जाती है। एक अफसर को एक छोटी सी गलती के लिए 12 साल तक परेशान किया गया। हमारी लड़ाई किसी धर्म से नहीं, बल्कि दोषी व्यवस्था से है। व्यक्ति को अपने के साथ समाज के लिए जीना चाहिए। प्रशासन में हमारे समाज की ज्यादा संख्या बढ़ाना होगी, तभी हमारे अधिकार सुरक्षित रहेंगे। उन्होंने कहा कि हमारा ज़ब कारवाँ बढ़ेगा तो हमें कोई रोक नहीं सकता है। प्रांतीय महासचिव इंजी सूर्यवंशी ने संघ के एजेंडे पर की चर्चा  साधारण सभा का प्रारंभ प्रांतीय महासचिव इंजी. एसएल सूर्यवंशी ने संघ के एजेण्डा बिन्दुओं को बताते हुए अजाक्स की 30 वर्षीय संघर्षमयी यात्रा का उल्लेख किया। उन्होंने आरक्षण अधिनियम 199, पदोन्नति नियम 2002 छात्रवृत्ति मंहगाई सूचकांक जोडने, निजी  इंजीनियरिंग तथा मेडिकल कॉलेज फीस का शासन से वहन कर सुप्रीम कोर्ट से बैक वर्ड नेस के डाटा की अनिवार्यता समाप्त करने, शासकीय खरीदी में 30% खरीदी आरक्षित वर्ग से करने, सिविल जज परीक्षा में आरक्षित वर्ग के मेरिट होल्डर को अनारक्षित कोटे में शामिल करने का निर्णय उच्च न्यायालय से हटाने सहित अजाक्स भवन, विभिन्न जिलों जैसे सिंगरौली, रीवा, सतना, ग्वालियर अनुपपुर इत्यादि में निःशुल्क कोचिंग क्लासेस की शुरुआत तथा उच्च शिक्षा के लिए भेजे जाने वाले आरक्षित वर्ग की सीट में बढ़ोतरी करने जैसी उल्लेखनीय सफलताओं का जिक्र किया। इसके अलावा सूर्यवंशी ने आउट सोर्स, मंदिरों में पुजारियों की नियुक्ति, पदोन्नति और निजी क्षेत्र आदि में आरक्षण देने जैसे विषयों पर न्यायालय मे अजाक्स द्वारा दायर याचिकाओं के बारे मे बताया। उन्होंने एकजुटता बनाये रखने की भी बात कही। सूर्यवंशी ने बैकलॉग पूर्ति करने वरीष्ठता के आधार पर उच्च पदों का प्रभार देने छात्रवृत्ति समय पर देने छात्रावासों में छात्रा-छात्राओं के लिए जिला स्तर पर 5000 सीट तथा संभाग स्तर … Read more

ओरछा रोशन: श्रीरामराजा सरकार के लिए आज होगा हल्दी उत्सव, दीपों की छटा देखिए

ओरछा  बुंदेलखंड की अयोध्या श्रीरामराजा सरकार की नगरी ओरछा में श्रीराम विवाह महोत्सव की धूम मची है। दूर-दराज से श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया है। चार दिवसीय विवाह महोत्सव में आज मंडप सजेगा, हल्दी की रस्म होगी और तेल चढ़ेगा। इसके साथ ही 25 नवंबर को भव्य बरात निकलेगी। बुंदेलखंड की अयोध्या के नाम से विख्यात राजा राम की नगरी ओरछा में सदियों से मनाए जाने वाले राम-जानकी विवाह महोत्सव को लेकर नगर सहित बुंदेलखंड के लोगों में भारी उत्साह है। रविवार की शाम गणेश पूजन के साथ विवाह महोत्सव की शुरूआत हुई। बेतवा नदी के कंचना घाट पर एक लाख दीपों को प्रज्वलित किया गया तो दीपावली जैसा माहौल निर्मित हो गया। इस दौरान मां बेतवा की आरती की गई। इस दौरान कलेक्टर जमुना भिड़े व एसपी डॉ. रायसिंह नरवरिया सहित कई जनप्रतिनिधि उपस्थित हुए। 26 नवंबर तक मनाए जा रहे इस महोत्सव में सोमवार को मंदिर में विवाह का मंडप सजाया जाएगा, जहां देशभर से आए श्रद्धालु श्रीरामराजा सरकार को हल्दी लगाएंगे। एक ओर अवध तो दूसरी ओर जनकपुर की दिखाई दी झलक संपूर्ण ओरछा नगर श्रीराममय हो गया है, जहां एक ओर अवध तो दूसरी ओर जनकपुर की झलक दिखाई दे रही है। श्रीराम विवाह में सम्मिलित होने वाले श्रद्धालु भक्तों में एक ही उमंग है कि हम रामराजा सरकार को कब दूल्हा बना देखें। इस पारंपरिक विवाह महोत्सव में लोगों को धर्म संस्कृति और परंपराओं का प्राचीन एवं अनोखा संगम देखने को मिलेगा। कलेक्टर रहेंगी मुख्य यजमान श्रीराम विवाह महोत्सव में 24 नवंबर को यजमान के रूप में जिला कलेक्टर जमुना भिडे मंडप का पूजन करेंगीं। मंदिर के प्रधान पुजारी रमाकांत शरण महाराज एवं मंदिर पुरोहित पं. वीरेंद्र बिदुआ द्वारा वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ विधिवत मंडपाच्छादन पूजन किया जाएगा। इसके बाद श्रीरामराजा मंदिर धर्मशाला में श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद वितरित किया जाएगा।

फेक करेंसी का खेल फटा: डॉक्टर ने ट्रैवल एजेंसी के नाम पर छापे 20 लाख के नकली नोट, बुरहानपुर RMO का रहा पद

खंडवा  नकली नोटों के बड़े रैकेट का राजफाश करते हुए खंडवा पुलिस ने भोपाल से एक डॉक्टर समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के गिरोह ने ट्रैवल एजेंसी की आड़ में फर्जी नोटों की छपाई कर लाखों की धोखाधड़ी को अंजाम दिया। यह वही गिरोह है, जिसके कारण 2 नवंबर को ग्राम पैठिया स्थित मदरसे में 19 लाख 78 हजार रुपए के नकली नोट मिले थे। आरोपियों को खंडवा न्यायालय में रविवार शाम को पेश कर 3 दिनों की रिमांड ली गई है। ट्रैवल एजेंसी की आड़ में छापते थे नकली नोट खंडवा एडिशनल एसपी महेंद्र तारनेकर ने  को प्रेस वार्ता कर खुलासा करते हुए बताया कि गिरोह का मास्टरमाइंड डॉ. प्रतीक नवलखे एवं उसके साथी गोपाल उर्फ राहुल और दिनेश गोरे भोपाल की गोकुलधाम सोसाइटी में किराए के मकान पर ट्रैवल एजेंसी का बोर्ड लगाकर नकली नोट छापते थे। मकान में हाई-क्वालिटी प्रिंटर, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और अन्य सामग्री से नोट तैयार किए जाते थे। जावर पुलिस ने मौके से भारी मात्रा में फर्जी नोट, उपकरण और दस्तावेज जब्त किए, जिनमें 32 एटीएम कार्ड और 15 चेकबुक भी शामिल हैं। गिरोह द्वारा महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश में नेटवर्क बनाकर नोट खपाने का काम किया जा रहा था। महाराष्ट्र में साथी के गिरफ्त में आने से हिल गया नेटवर्क गिरोह के मोस्ट ट्रस्टेड साथी और मदरसे में पदस्थ इमाम जुबेर अंसारी के महाराष्ट्र के मालेगांव पुलिस के हाथ लगने के बाद नेटवर्क टूटने लगा। इसी सुराग के आधार पर जावर पुलिस अलर्ट हुई और पैठिया के मदरसे पर दबिश देकर 20 लाख के नकली नोट बरामद किए गए थे। जांच आगे बढ़ाने पर पुलिस को पता चला कि इमाम को नकली नोट उपलब्ध कराने वाला डॉ. नवलखे है। 22 नवंबर को सूचना मिली कि वह भोपाल में छुपा है, जिसके आधार पर 23 नवंबर को टीम ने छापा मारकर सभी आरोपियों को धर दबोचा। जब्ती में मिले मोबाइल, लैपटॉप, ATM, चेकबुक और फर्जी नोट एडिशनल एसपी महेंद्र तारणेकर ने मीडिया से चर्चा में कहा की आरोपियों से बरामद सामग्री में भारी वित्तीय घोटाले की आशंका है। डॉ. प्रतीक नवलखे से जब्त सामग्री में 500 रुपए के 13 नकली नोट, 7 मोबाइल फोन, एक लैपटॉप, 15 चेकबुक, 12 ATM व डेबिट कार्ड जब्त हुए हैं। गोपाल उर्फ राहुल से जब्त सामग्री में 500 रुपए के 6 नकली नोट, ड्रायर मशीन, 2 मोबाइल, 20 ATM व डेबिट कार्ड। वहीं दिनेश गोरे से जब्त सामग्री में 500 रुपए के 17 नकली नोट, बरामद हुए हैं। आरोपियों को खंडवा कोर्ट में पेश कर रिमांड लिया गया ताकि गिरोह के अन्य नेटवर्क और सप्लाई चैन का पता लग सके। भोपाल में किराए के मकान में छिपे थे आरोपी जांच के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि मदरसे के इमाम को नकली नोट उपलब्ध कराने वाला डॉ. प्रतीक नवलखे निवासी बुरहानपुर हैं। इसी दौरान 22 नवंबर को सूचना मिली कि आरोपी डॉक्टर भोपाल मे गोपाल उर्फ राहुल के किराये के मकान मे छुपा हुआ हैं। 23 नवंबर को जावर टीम मौके पर पहुंची। यहां से प्रतीक नवलखे पिता सुरेश नवलखे (43) निवासी बुरहानपुर, गोपाल उर्फ राहुल पिता मांगीलाल पंवार (35) निवासी हरदा, दिनेश गोरे पिता दीपक गोरे (43) निवासी धारणी, जिला अमरावती महाराष्ट्र काे गिरफ्तार किया। आरोपियों के कब्जे से 15 चेकबुक और 32 एटीएम मिले एडिशनल एसपी महेंद्र तारणेकर ने बताया कि, भोपाल में गोकुल धाम सोसाइटी स्थित आरोपी गोपाल उर्फ राहुल के किराए के मकान से नकली नोट सहित अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी मिले है। मुख्य आरोपी डॉक्टर प्रतीक नवलखे के कब्जे से 500 रुपए के 13 नकली नोट, 7 मोबाइल, एक लैपटॉप, 15 चेक बुक, 12 एटीएम व डेबिट कार्ड जब्त किए गए। आरोपी गोपाल उर्फ राहुल पिता मांगीलाल पंवार के कब्जे से 500 के 6 नकली नोट, एक ड्रायर मशीन, दो मोबाइल, 20 एटीएम व डेबिट कार्ड जब्त किए गए। आरोपी दिनेश पिता दीपक गौर (43) निवासी धारणी के कब्जे से 500 के 17 नकली नोट जब्त किए। आरोपियों को खंडवा कोर्ट में पेश कर रिमांड लिया जाएगा। जेल में हुई थी आरोपियों की दोस्ती, वहीं बनाया प्लान 2019-20 के दौरान डॉ. प्रतीक नवलखे बुरहानपुर जिला अस्पताल में आरएमओ के पद पर था। उसने गांधी मेडिकल कॉलेज इंदौर से पढ़ाई कर रखी थी, लेकिन जिला अस्पताल में रहने के दौरान उसने कई घोटालों को अंजाम दिया। इसी तरह एक घोटाले में उस पर एफआईआर के बाद पुलिस ने जेल भेज दिया था। जेल में रहने के दौरान उसकी मुलाकात जुबेर अंसारी से हुई। दोनों बुरहानपुर के थे, इसलिए प्लान बनाया कि जेल से बाहर निकलकर क्या करेंगे। फिर उन्होंने नकली नोट के कारोबार का जाल बिछाया। एक लाख रुपए में देते थे 5 लाख के नकली नोट पुलिस के अनुसार, नकली नोट खपाने के बदले में डॉक्टर नवलखे और जुबेर अंसारी और दिनेश गौर अपने से जुड़ने वाले लोगों को ऑफर देते थे कि एक लाख रुपए के असली नोट दो और 5 लाख रुपए के नकली नोट लो। बाकी जैसी डील हो जाए। ऑनलाइन और बैंक ट्रांजैक्शन के लिए इन लोगों ने किराये पर बैंक खाते ले रखे थे, जिनके एटीएम इन्हीं लोगों के पास थे। इन खाता धारकों को भी कुल ट्रांजैक्शन का 10% कमीशन देते थे। भनक लगी तो चारधाम यात्रा पर निकल गया था डॉक्टर डॉक्टर प्रतीक नवलखे को जानकारी लग गई कि उसका साथ इमाम जुबेर अंसारी मालेगांव पुलिस के हत्थे चढ़ गया हैं। कहीं पूछताछ के दौरान जुबेर उसका नाम लेता है तो उसकी मुश्किलें बढ़ सकती हैं। नवलखे उस समय मुंबई में था। फिर ये लोग पुणे आए। यहां से वह सीधे इंदौर होकर भोपाल पहुंचा। वहां जाकर ठिकाना बदला, नोट छापने की मशीन को नाले में फेंका और अपनी गर्लफ्रेंड को अलग किया। गोपाल के किराये के मकान में सामान शिफ्ट किया। फिर चारधाम यात्रा पर निकल गया। इस दौरान उसने देहरादून, बद्रीनाथ, देवप्रयाग होते हुए वापस भोपाल आया, यहां पुलिस ने उसे दबोच लिया। भोपाल सहित महाराष्ट्र के कई शहरों में था व्यापार पुलिस पूछताछ में सामने आया कि आरोपियों का नकली नोट का कारोबार भोपाल के अलावा महाराष्ट्र के धुले, मालेगांव, जलगांव और चंद्रपुर, अकोला जिले का मूर्तिजापुर, अमरावती जिले का धारणी और नागपुर में था। इन लोगों ने अभी … Read more

किसानों की समृद्धि प्राथमिकता: मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जताई सरकार की संवेदनशीलता

कृषक कल्याण के लिए सरकार सजग और संवेदनशील: मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव 27 नवम्बर को श्योपुर में किसानों को देंगे राहत राशि श्योपुर के किसानों ने की मुख्यमंत्री डॉ.यादव से भेंट भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि किसानों के कल्याण के लिए राज्य सरकार सजग, संवेदनशील होकर सक्रियता के साथ कार्य कर रही है। मध्यप्रदेश देश का एकमात्र ऐसा राज्य है जहां भावान्तर योजना के तहत सोयाबीन उत्पादक किसानों को पर्याप्त राशि उपलब्ध कराई जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव आगामी 27 नवम्बर को श्योपुर में ऐसे धान उत्पादक किसानों को राहत राशि का वितरण करेंगे, जिनकी फसलों को नुकसान हुआ है। उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार द्वारा किसानों की फसलों को हुई क्षति के लिए सर्वेक्षण के निर्देश दिए गए थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार की शाम विधानसभा अध्यक्ष श्री नरेन्द्र सिंह तोमर के नेतृत्व में भेंट करने आए किसानों के समूह से चर्चा कर रहे थे। इस अवसर पर श्योपुर के प्रभारी मंत्री श्री राकेश शुक्ला, पूर्व मंत्री श्री राम निवास रावत भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों को सिंचाई के लिए बिजली बिल में अधिक राशि न देनी पड़े इस उद्देश्य से तीन हार्स पॉवर और पांच हार्स पॉवर के संचालन पर सरकार की ओर से 90 प्रतिशत भुगतान करने का प्रावधान किया गया। प्रदेश के किसानों से 2600 रुपए प्रति क्विंटन की दर से गेहूं खरीदने, धान पर बोनस राशि देने के निर्णय लिए गए। राज्य सरकार किसानों के हित का आगे भी लगातार ध्यान रखेगी। श्योपुर की विशेषताओं पर बोले मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि श्योपुर जिले में परिश्रमी किसानों ने कृषि के साथ दुग्ध उत्पादन में भी विशेष सहयोग दिया है। जिले में पशुपालन का प्रमुख हिस्सा गौ पालन है और गौ माता के सम्मान की भी परम्परा है। श्योपुर जिले में पालपुर कूनो में चीतों की बसाहट के बाद उनकी दूसरी और तीसरी पीढ़ी सामने आ रही है। निश्चित ही जिले में पर्यटन के माध्यम से अर्थ व्यवस्था को सशक्त बनाने के प्रयास सफल हो रहे हैं। आने वाले समय में इस क्षेत्र में बेहतर परिणाम दिखाई देंगे। 

स्कूलों को चेतावनी: यूनिफॉर्म व जूतों के लिए मजबूरी नहीं, नियम तोड़े तो होगी सख्त कार्रवाई

गुना  सर्दी के मौसम में यूनिफार्म को लेकर बच्चों को होने वाली परेशानी की शिकायतें लगातार सामने आ रही थीं। कई स्थानों पर गरीब परिवारों के बच्चे उचित गर्म कपड़े न होने के कारण स्कूलों में रोक-टोक का सामना कर रहे थे। इन परिस्थितियों को देखते हुए लोक शिक्षण संचालनालय ने बड़ा निर्णय लेते हुए ठंड के दौरान स्कूल यूनिफार्म की बाध्यता समाप्त कर दी है, जिससे हजारों बच्चों को राहत मिलेगी।   संचालनालय ने दिया आदेश संचालनालय द्वारा गुना जिला शिक्षा अधिकारियों और जनजातीय कार्य विभाग के संयोजकों को जारी आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि निर्धारित यूनिफार्म न होने की स्थिति में बच्चे किसी भी रंग और डिजाइन के गर्म कपड़े जैसे स्वेटर, जैकेट आदि पहनकर स्कूल आ सकते हैं। किसी भी स्थिति में वि‌द्यालय प्रबंधन या शिक्षक उन्हें कक्षा से बाहर नहीं कर सकते। आदेश में यह भी उल्लेख किया गया है कि यदि कोई स्कूल यूनिफार्म के नाम पर बच्चों पर अनावश्यक दबाव बनाता है, तो संबंधित संस्था और जिम्मेदार शिक्षकों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। यूनिफार्म और जूते उत्तरवाने का नहीं बनाएंगे दबाव संचालनालय ने एक और महत्वपूर्ण समस्या पर भी रोक लगा दी है। कुछ स्कूलों में बच्चों से कक्षा में प्रवेश से पहले जूते-चप्पल उतरवाने की शिकायत मिली थीं, जो ठंड के दिनों में बच्चों के स्वास्थ्य के लिए जोखिमभरी और अमानवीय मानी गई। अब इन दोनों प्रथाओं अनिवार्य यूनिफार्म और जूते-चप्पल उत्तरवाने पर तुरंत प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया गया है। सभी स्कूलों को निर्देशित किया गया है कि वह बच्चों के स्वास्थ्य, गरिमा और सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। निजी स्कूल बच्चों पर ठंड से बचाव को लेकर अलग से स्वेटर और जैकेट पहनकर आने का दबाव बना रहे थे। क्योंकि स्कूलों की मोनोपॉली के तहत ठंड के लिए अलग से ड्रेस लागू की थी। इससे अभिभावकों को आर्थिक बोझ पड़ रहा था। विभाग का यह कदम स्कूलों में समानता, संवेदनशीलता और बच्चों के प्रति सम्मान की संस्कृति को भी मजबूत करेगा। उल्लंघन करने वाले स्कूलों पर होगी कार्रवाई जिले के सभी निजी और सरकारी स्कूलों को आदेश भेजे जा चुके हैं। यदि किसी स्कूल द्वारा इन निर्देशों का उल्लंघन किया जाता है या यूनिफार्म के अभाव में बच्चे को कक्षा से बाहर करने की शिकायत मिलती है, तो तत्काल प्रभाव से कार्रवाई की जाएगी।- राजेश गोयल, डीईओ

28,000 करोड़ का मेगा प्रोजेक्ट: मध्यप्रदेश में जल्द बनेंगी 5 चमचमाती फोर लेन रोड

भोपाल  मध्यप्रदेश में जबलपुर–दमोह और सतना–चित्रकूट सहित 5 प्रमुख सड़कों को फोर लेन बनाने की योजना तैयार की गई है। इस NHAI प्रोजेक्ट के लिए 28 हजार करोड़ रुपये का निवेश तय है। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने प्रदेश की पांच प्रमुख सड़कों की डीपीआर तैयार की है। इनमें जबलपुर–दमोह, सतना–चित्रकूट रोड, उज्जैन–झालावाड़, रिंग रोड और ओरछा बायपास शामिल हैं। इसका सीधा असर 10 जिलों के रोज़ाना सफर करने वाले लगभग 7 लाख लोगों पर पड़ेगा। इंदौर और ओरछा जैसे शहरों में अक्सर ट्रैफिक जाम की स्थिति बनती थी। फोर लेन बनने से जाम कम होगा। ट्रैफिक जाम से राहत मिलेगी और लोगों की यात्रा आसान होगी। वाइल्डलाइफ के लिए स्पेशल कॉरिडोर जहां सड़कें जंगल से गुजरेंगी, वहां साउंडप्रूफ वाइल्डलाइफ कॉरिडोर बनाए जाएंगे ताकि वन्यजीवों की सुरक्षा बनी रहे। 2026 तक इन सड़कों के निर्माण का काम शुरू हो जाएगा। ठेकेदारों को काम पूरा करने के लिए डेढ़ से दो साल का समय मिलेगा। सभी बायपास फोर लेन होंगे और दोनों तरफ सर्विस लेन होंगी, जिससे सवारी और माल ढुलाई दोनों आसान होंगी। इससे आवागमन सुगम और सुरक्षित होगा तथा सफर कम समय में पूरा हो सकेगा।   एक हजार किलोमीटर सड़क निर्माण का लक्ष्य NHAI ने बताया कि मध्यप्रदेश हाईवे के कुल 1000 किलोमीटर सड़कों पर काम प्रगति पर है। इसमें 500 किलोमीटर का ठेका दिया जा चुका है और बाकी सड़कों की डीपीआर अंतिम चरण में है। इस कदम से 10 जिलों के 7 लाख लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। इंदौर और ओरछा में जाम और भारी वाहनों की समस्या कम होगी। आगरा–ग्वालियर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का काम जारी है। यह 88 किलोमीटर लंबा हाईवे है, जिसकी लागत 4613 करोड़ रुपये है।

मात्रा 2005 करोड़ का मेगा प्रोजेक्ट: 98 किमी फोरलेन के लिए 56 गांवों की भूमि पर प्रभाव

छतरपुर  मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल से लखनऊ तक बनाए जा रहे इकोनॉमिक कॉरिडोर के तहत फोरलेन सड़क का निर्माण किया जा रहा है। छतरपुर जिले में इस कॉरिडोर के लिए नेशनल हाईवे-34 को फोरलेन में बदला जा रहा है। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) जिले की बड़ामलहरा तहसील की सांठिया घाटी से लेकर महाराजपुर तहसील के चौका गांव तक पहले चरण में और दूसरे चरण में चौका गांव से कैमाहा बैरियर तक फोरलेन रोड का निर्माण कर रहा है। छतरपुर जिले में इन दोनों चरणों में मिलाकर कुल मिलाकर 98 किमी. के नेशनल हाईवे 34 के हिस्से को फोरलेन किया जा रहा है जिसमें 2005 करोड़ रूपये लागत आ रही है। इन 56 गांवों की भूमि का अधिग्रहण इस परियोजना में छतरपुर जिले की बड़ामलहरा, छतरपुर, बिजावर और नौगांव तहसीलों के अंतर्गत आने वाले कुल 56 गांवों में भूमि अधिग्रहण किया जा रहा है। इनमें बड़ामलहरा तहसील के भिलवार, गोरा, बमनौराखुर्द, घिनौची, रजपुरा, टौरिया, मौली, मेलवार, किवलाई, अरोल, मवई, रानीखेरा जैसे गांव शामिल हैं। वहीं बिजावर तहसील में निवार, मड़देवरा, दरगुवां, गुलगंज, अनगौर जैसे गांवों से जमीन अधिग्रहण हुआ है। छतरपुर तहसील में पलटा, खैरो, मातगुवां, अतरार, रामगढ़ सहित कई गांव इस सूची में हैं जबकि नौगांव विकासखंड के महाराजपुर तहसील में कुर्राहा, ऊजरा, बेदर और गढ़ीमलहरा जैसे गांवों की भूमि ली जा रही है।   भोपाल-लखनऊ के बीच बन रहा इकोनॉमिक कॉरिडोर भोपाल-लखनऊ इकोनॉमिक कॉरिडोर की लंबाई 526 किमी. है और इसका निर्माण 11300 करोड़ रूपये की लागत से किया जा रहा है। अलग अलग चरणों में ये इकॉनोमिक कॉरिडोर बन रहा है। पहले चरण में उत्तर प्रदेश के कानपुर से करबई तक 112 किलोमीटर, दूसरे चरण में करबई से सागर तक 223 किलोमीटर और तीसरे चरण में मध्यप्रदेश के सागर से राजधानी भोपाल तक 150 किलोमीटर का रोड बन रहा है। भोपाल से लखनऊ इकोनॉमिक कॉरिडोर के एमपी के हिस्से में नया प्रयोग भी किया जा सकता है। यहां एरियल डिस्टेंस के आधार पर रोड बनाई जा सकती है जिससे मोड़ यानि घुमावदार रास्ते कम हो जाएंगे और सफर आसान हो जाएगा।

परीक्षा की तारीखों में बड़ा बदलाव: अब 15 दिन बाद होंगे हाफ इयरली एग्जाम

नर्मदापुरम  एसआईआर कार्य (SIR Survey) के कारण अर्द्धवार्षिक परीक्षाओं के समय में बदलाव किया गया है। शासकीय और निजी स्कूलों में 24 नवंबर से होने वाली अर्द्धवार्षिक परीक्षा अब 15 दिन बाद 8 दिसंबर से शुरु होंगी। तब तक एसआइआर का पहला चरण भी खत्म हो जाएगा। राज्य शिक्षा केंद्र द्वारा शासकीय प्राथमिक माध्यमिक वि‌द्यालयों में अर्द्धवार्षिक परीक्षाएं 24 से 29 नवंबर के बीच होना थी, अब इसे बदल दिया है। राज्य शिक्षा केंद्र के संचालक हरजिंदर सिंह ने अर्द्धवार्षिक परीक्षाएं 8 दिसंबर से शुरु करने का आदेश जारी कर दिया है।  दो सत्रों में होगी परीक्षा दो सत्रों में होंगी परीक्षा अर्द्धवार्षिक परीक्षाएं दो सत्रों में होंगी। पहला सत्र सुबह 10 से दोपहर 12.30 बजे तक रहेगा। जिसमें कक्षा 6 वीं से 8 वीं तक की परीक्षाएं होंगी। ये 13 दिसंबर को खत्म होंगी। दोपहर 1.30 से शाम चार बजे तक कक्षा 3 से 5 तक की परीक्षाएं होंगी। ये 12 दिसंबर को खत्म होंगी। दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 के प्रावधान अनुसार नि:शक्त विद्यार्थियों को निर्देशानुसार अतिरिक्त समय, लेखक की सुविधा दी जाएगी। एसआईआर के कारण बदली गेट- एपीसी एसआईआर के काम के कारण अर्द्धवार्षिक परीक्षाओं के टाइम टेबल में बदलाव किया गया है। 24 नवंबर से शुरु होने वाली परीक्षाएं 8 दिसंबर से शुरू होंगी। नया टाइम टेबल भी राज्य शिक्षा केंद्र ने जारी कर दिया है। – प्रदीप चौहान, एपीसी कक्षा 3 से 5वीं तक     8 दिसंबर- प्रथम भाषा     9 दिसंबर- गणित     10 दिसंबर- ‌द्वितीय भाषा     11 दिसंबर- विज्ञान     12 दिसंबर- तृतीय भाषा संस्कृत, हिन्दी, उर्दू     13 दिसंबर- सामाजिक विज्ञान

भोपाल में 10 दिन तक रूट डायवर्जन लागू, यात्रियों के लिए जारी हुई खास ट्रैफिक गाइडलाइन

भोपाल  मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में आगामी 10 दिनों के लिए ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की गई है। ये ट्रैपिक डायवर्जन शहर के चुनिंदा मार्गों पर कल से प्रभावी कर दिया जाएगा। दरअसल, शहर में मेट्रो निर्माण कार्य चल रहा है। इसी के चलते सोमवार 24 नवंबर से गुरुवार 4 दिसंबर 2025 तक रात में शहर के रूट डायवर्ट किए जाएंगे। करोंद से लाम्बाखेड़ा रोड (CIAE कैंपस) तक मेट्रो के लिए गार्डर लॉन्चिंग का काम किया जाएगा। ये कार्य 24 नंवबर से शुरु होकर 4 दिसंबर तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। हालांकि, क्षेत्र में वाहनों के भारी दबाव को मद्देनजर रखते हुए गार्डर लॉन्चिंग का काम रात से सुबह तक किया जाएगा। ऐसे में रात 11:00 बजे से सुबह 6 बजे के बीच यहां ट्रैफिक डायवर्जन प्रभावी रहेगा। दोपहिया और चारपहिया वाहनों के लिए व्यवस्था हल्के वाहनों के लिए नया रूट- दोपहिया, चारपहिया वाहनों के साथ-साथ छोटे वाहन BHMRC अस्पताल के सामने से मित्तल कॉलेज रोड होते हुए राजवंश कॉलोनी से गोकुल मार्केट, मित्तल मार्केट, सेंट जॉर्ज स्कूल होते हुए मित्तल कॉलेज तिराहा होकर आ और जा सकते हैं।   भारी वाहन- बस और ट्रकों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था भारी वाहन, जिनमें बसें और ट्रक शामिल हैं। करोंद से लाम्बाखेड़ा जाने वाले भारी वाहन चीपड़ा कला से भानपुर या आचारपुरा मीना चौराहा होते हुए आशाराम बापू तिराहा होकर डायवर्ट मार्ग का उपयोग करेंगे। रात में आवागमन प्रभावित, संबंधित मार्गों पर निर्माण कार्य के कारण मुख्य रोड अस्थायी रूप से बंद रहेगा।   ट्रैफिक डिपार्टमेंट की अपील वहीं, शहर की ट्रैफिक पुलिस ने अपील की है कि, असुविधा से बचने के लिए सभी वाहन चालक निर्धारित वैकल्पिक मार्गों का पालन करें।

जीवाजी यूनिवर्सिटी ने जारी किया नया शेड्यूल, लेट फीस के साथ अब दो दिन में करें आवेदन

ग्वालियर जीवाजी विश्वविद्यालय ने शैक्षणिक सत्र 2025–26 में प्रवेशित छात्रों के लिए नामांकन और रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया की संशोधित अधिसूचना जारी की है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने सभी अध्ययनशालाओं को निर्देशित किया है कि वे अपने-अपने छात्रों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर प्रक्रिया पूरी करवाएं। अधिसूचना के अनुसार, सभी छात्रों को ऑनलाइन माध्यम से नामांकन/ रजिस्ट्रेशन करना अनिवार्य है और किसी भी परिस्थिति में तिथियों में बढ़ोतरी नहीं की जाएगी। इस संशोधित अधिसूचना के अनुसार सामान्य छात्रों के लिए नामांकन शुल्क 100 रुपये निर्धारित किया गया है, जबकि मध्यप्रदेश के बाहर के छात्रों को 200 रुपये शुल्क जमा करना होगा। विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया है कि नामांकन/ रजिस्ट्रेशन के बाद संबंधित अध्ययनशालाओं में आवश्यक दस्तावेजों के साथ आवेदन प्रस्तुत करने की अंतिम तिथि 24 नवंबर तय की गई है। इसमें उन्हें विलंब शुल्क 200 रुपये भी देना होगी।   इसके बाद सभी दस्तावेजों की जांच करके उन्हें विश्वविद्यालय में जमा करने की समय-सीमा 25 नवंबर निर्धारित की गई है। अधिसूचना में कहा गया है कि यह आदेश कौशल एवं उच्च शिक्षा विभाग द्वारा प्रवेशित छात्रों पर लागू नहीं होगा। ऐसे विद्यार्थियों के लिए विश्वविद्यालय द्वारा अलग से अधिसूचना जारी की जाएगी। दस्तावेज साथ रखें एमपी आनलाइन के पोर्टल पर फार्म भरते समय छात्रों को जन्मतिथि प्रमाणपत्र, 10वीं की अंकसूची, प्रोवेशन प्रमाणपत्र, पात्रता प्रमाणपत्र, गैप सर्टिफिकेट (यदि हो) और माइग्रेशन (यदि लागू हो) जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेज साथ रखने होंगे। अगर इनमें कोई भी दस्तावेज उपलब्ध नहीं होता है तो ऐसे में छात्र का परीक्षा फार्म नहीं भरा जा सकेगा। ऑनलाइन नामांकन भी अनिवार्य विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया है कि सभी स्नातक और स्नातकोत्तर प्रथम सेमेस्टर में प्रवेशित छात्रों को नामांकन का ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य है। जिन छात्रों के पास पहले से नामांकन नंबर मौजूद है, उन्हें भी यह प्रक्रिया दोबारा पूरी करनी होगी। विश्वविद्यालय ने चेतावनी दी है कि जो छात्र नामांकन फार्म नहीं भरेंगे, वे आगामी परीक्षा फार्म भरने से वंचित हो जाएंगे और ऐसे मामलों में संपूर्ण जिम्मेदारी छात्र तथा विभागाध्यक्ष की होगी।