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जगदीप धनखड़ का पहला सार्वजनिक मंच, RSS की तारीफ के साथ बोले- नैरेटिव के चक्रव्यूह से निकलना मुश्किल

भोपाल जगदीप धनखड़, जो चार महीने पहले स्वास्थ्य कारणों से उपराष्ट्रपति पद से अचानक इस्तीफा दे चुके हैं,  पहली बार सार्वजनिक रूप से एक पुस्तक विमोचन समारोह में भाषण दिया. इस मौके पर उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की दर्शन और भारत को मजबूत बनाने के उनके दृष्टिकोण की भरपूर तारीफ की.  धनखड़ ने यह भाषण "हम और ये विश्व" नामक पुस्तक के लॉन्च पर दिया, जो कि आरएसएस के संयुक्त महासचिव मनमोहन वैद्य ने लिखी है. इस कार्यक्रम में धर्मगुरु, मीडिया के जाने-माने लोग मौजूद थे. धनखड़ ने भाषण की शुरुआत हिंदी में की और कहा कि हम ऐसे दौर में जी रहे हैं जहां लोग अपनी सोच से ही सच को तय कर लेते हैं, भले ही आप उसे नकारते रहें. फिर उन्होंने अंग्रेजी में भाषण जारी रखा ताकि जो लोग उनकी बात को पूरी तरह से समझना चाहते हैं, वे उनकी मंशा को सही ढंग से पकड़ सकें.  उन्होंने कहा कि आरएसएस को लेकर गलतफहमियां और झूठे आरोप लगते रहे हैं, लेकिन ये किताब इन सब मिथकों को तोड़ती है और दिखाती है कि आरएसएस वास्तव में भारत को सशक्त बनाने वाली ताकत है. भारत का सांस्कृतिक और नैतिक आधार धनखड़ ने कहा कि भारत 6000 साल से अधिक की सभ्यताओं का घर है, जो दुनिया को रास्ता दिखाने की ताकत रखता है. वर्तमान विश्व की चुनौतियां जैसे सुरक्षा, आर्थिक दिक्कतें, जलवायु परिवर्तन, तकनीकी बदलाव और सामाजिक विवादों के बीच भारत को अपनी गहरी विरासत से सीख लेकर आगे बढ़ना होगा. उन्होंने बताया कि राष्ट्र का मतलब है सांस्कृतिक एकता, धर्म का मतलब है नैतिक व्यवस्था, न्याय का मतलब है सही प्रशासन और मानव गरिमा हमारे देश की नींव है. ये सभी बातें भारत को दुनिया में एक प्रभावी भूमिका निभाने वाला देश बनाती हैं.  लोकतंत्र और संविधान की अहमियत उन्होंने संस्थागत अखंडता की महत्ता पर बल देते हुए बताया कि यह किसी भी समाज की आधारशिला होती है. साथ ही उन्होंने पांच मुख्य आरएसएस पहलों का जिक्र किया: सामाजिक समरसता, परिवार का विकास, पर्यावरण संरक्षण, स्वदेशी और आत्मनिर्भरता और नागरिक कर्तव्य. धनखड़ ने नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) का समर्थन करते हुए कहा कि इसके विरोध के लिए जो तर्क हैं, वे गलत और बिना सोचे समझे हैं क्योंकि यह कानून उन धार्मिक अल्पसंख्यकों को राहत देने के लिए बनाया गया है जो उत्पीड़ित हैं, और यह किसी भी मौजूदा नागरिक के अधिकारों को प्रभावित नहीं करता. व्यक्तिगत समर्पण और देशभक्ति धनखड़ ने कहा कि जनता के हाथों में भारत का भविष्य है. देश को मजबूत आर्थिक, सुरक्षा और सांस्कृतिक आधार बनाने का काम आम लोगों का है. उन्होंने अपने जीवन और कर्म का उद्देश्य बताया कि उनका लक्ष्य हमेशा देश की सेवा करना है.  व्यक्तिगत अनुभव और उल्लेखनीय बातें धनखड़ ने पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के आरएसएस मुख्यालय की 2018 में हुई उस यात्रा का जिक्र किया, जब उस पर विवाद हुआ था. लेकिन प्रणब दा ने उस विवाद को समाप्त करते हुए कहा था कि वह यहां माँ भारत के एक महान पुत्र को सम्मान देने आए हैं. धनखड़ का इस कार्यक्रम में आना राजनीतिक रूप से यह संकेत माना जा रहा है कि वे अब भी सत्ता पक्ष की विचारधारा के साथ जुड़े हुए हैं. कार्यक्रम में आरएसएस के कुछ अन्य प्रमुख लोग भी मौजूद थे, लेकिन धनखड़ ने मीडिया के सवालों के जवाब नहीं दिए और कार्यक्रम खत्म होते ही चले गए. जगदीप धनखड़ के इशारों भरे सवाल: नैरेटिव के चक्रव्यूह से निकलना मुश्किल जगदीप धनखड़ ने कहा कि आज सबसे बड़ी दिक्कत ‘नैरेटिव’ का चक्रव्यूह है. “भगवान करे कोई इस चक्रव्यूह में न फंसे… और अगर फंस जाए, तो समझाना मुश्किल है. मैं अपना उदाहरण नहीं दे रहा हूं,” उन्होंने हल्के-फुल्के अंदाज़ में कहा. उन्होंने यह भी कहा कि आजकल लोग नैतिकता से दूर होते जा रहे हैं. इसके उदाहरण में उन्होंने पूर्व उप-राष्ट्रपति का एक वाकया साझा किया, जब यात्रा के लिए मैसेज आया, पर उन्होंने कहा कि “मैं फ्लाइट की चिंता में अपना कर्तव्य नहीं छोड़ सकता.”

महाकाल मंदिर में भस्म आरती दर्शन के लिए RFID बैंड व्यवस्था समाप्त

 उज्जैन  विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में भस्म आरती दर्शन में लागू रेडिया फ्रीक्वेंसी आइडी (आरएफआइडी) बैंड के माध्यम से मंदिर में प्रवेश की व्यवस्था को बंद कर दिया गया है। 15 नवंबर 2024 को मंदिर में नई पारदर्शी व्यवस्था की शुरुआत हुई थी, मंदिर समिति इसे एक साल भी नहीं चला पाई। यह भस्म आरती में हो रहे भ्रष्टाचार को रोकने में कारगर साबित हुई थी। अफसर प्रोटोकाल दर्शन में भी इसका उपयोग शुरू करने वाले थे, लेकिन बीते करीब एक माह से योजना बंद है। महाकाल मंदिर में  श्री महाकाल महालोक के त्रिनेत्र कंट्रोल रूप में श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति की बैठक आयोजित हुई। इसमें कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। इनमें मुख्य निर्णय भक्तों के लिए डिजिटल सुविधाओं के विस्तार का था। मंदिर प्रबंध समिति ने जब आम भक्तों की सुविधा के लिए इतना महत्वपूर्ण कदम उठाया तो प्रचलित आधुनिक सुविधाओं की ओर ध्यान जाना लाजिमी था। संध्या आरती और शयन आरती में भी लागू होना था  भस्म आरती दर्शन व्यवस्था के संबंध में पूछताछ की तो पता चला भस्म आरती में लागू आरएफआईडी बैंड से प्रवेश की व्यवस्था को बंद कर दिया गया है। इस व्यवस्था से काफी हद तक भस्म आरती में भ्रष्टाचार रुका था। जब तक यह व्यवस्था चली, भस्म आरती में अनाधिकृत प्रवेश पर काफी हद तक अंकुश लग गया था। भ्रष्टाचार रोकने में कारगर सिद्ध साबित हुई तकनीक को प्रोटोकाल दर्शन तथा संध्या व शयन आरती में भी लागू करने की योजना थी। मामले में मंदिर प्रशासक, उप प्रशासक, सहायक प्रशासक कोई भी जवाब नहीं दे पा रहे हैं।

धर्म परिवर्तन मामला: हिंदू युवक को गौ मांस खाने और जमात में शामिल होने पर मजबूर किया, 3 पर FIR दर्ज

भोपाल  भोपाल के जहांगीराबाद में एक युवक का बहला-फुसलाकर धर्म परिवर्तन कराए जाने का मामला सामने आया है। फरियादी 27 वर्षीय ने शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम सहित अन्य धाराओं में एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।पुलिस के मुताबिक पीड़ित युवक ने बताया कि जहांगीराबाद में रहने वाली मुस्लिम युवती से उसका प्रेम प्रसंग था। दोनों एक-दूसरे से शादी करना चाहते थे। लिहाजा वर्ष 2022 में परिजनों की मर्जी के खिलाफ घर से बिना बताए एक साथ रहने चले गए। मामले में युवती के परिजनों ने थाना जहांगीराबाद में बहला फुसलाकर अपहरण और रेप करने की एफआईआर दर्ज करा दी। युवक के खिलाफ रेप का केस कोर्ट में विचाराधीन है। पेशी के दौरान की शादी की बात रेप केस के मामले में युवक की पिछले दिनों पेशी थी, जबकि रेप पीड़िता के पिता और माता की गवाही कोर्ट में होना थी। तभी युवक ने प्रेमिका से शादी के लिए बात की। युवती के कहने पर ही उसके पिता से शादी की बात की। पिता ने स्वयं के मुस्लिम होने का हवाला देते हुए बेटी से शादी करने के ऐवज में युवक को मुस्लिम धर्म अपनाने की पेशकश की। मुस्लिम धर्म अपनाने के बाद उसके खिलाफ चल रहे रेप के केस को खत्म करने और बेटी से शादी करने का वादा किया। शादी की लालच में अपनाया मुस्लिम धर्म युवक ने पूर्व प्रेमिका से शादी की लालच में मुस्लिम धर्म को अपना लिया। तब युवती के भाई ने उसे जमातों में भेजना शुरू कर दिया। युवक ने FIR में बताया कि उसे तीन दिन से लेकर 4 महीने तक की जमातों में विभिन्न प्रदेशों और जिलों में भेजा गया। इसके बाद भी लड़की के परिजनों ने बेटी से उसकी शादी नहीं कराई। कर्नाटक में खिलाया गौ मांस युवक ने पुलिस को यह भी बताया कि एक जमात में उसे कर्नाटक भेजा गया था जहां उसे गौ मांस खाने के लिए मजबूर किया गया। वहां से लौटने के बाद भी लड़की के पिता ने बेटी से उसकी शादी नहीं कराई। लिहाजा युवक हिंदू धर्म में वापस लौट आया है। इसकी शिकायत के आधार पर जहांगीराबाद थाना पुलिस ने धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम लड़की के पिता मां और भाई के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है।

पुलिस विभाग में बड़ा खुलासा: 900 चयनित कैंडिडेट नदारद, 50 अभ्यर्थी FIR की जद में

भोपाल सरकारी नौकरियों में भर्ती को लेकर मारामारी के बीच मामला चौंकाता है। मध्य प्रदेश पुलिस की भर्ती में चयन होने के बावजूद भी 900 अभ्यर्थियों ने ज्वॉइन नहीं किया। अब पुलिस विभाग इसकी वजह पता कर रहा है। यह भी गौरतलब है कि पुलिस भर्ती में फर्जीवाड़ा भी सामने आ चुका है, जिसमें अब तक 50 अभ्यर्थियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जा चुकी है। पुलिस महकमे के अधिकारी भी हैरत में बता दें कि वर्ष 2023 में 7500 पदों के लिए शुरू हुई भर्ती में ओबीसी आरक्षण का मामला अदालत में होने के कारण 13 प्रतिशत पद रोके जाने के बाद 6400 पदों के लिए नियुक्ति आदेश जारी किए गए थे। इसमें 900 चयनितों का ज्वॉइन न करना चौंकाता है। पुलिस महकमे के अधिकारी हैरत में हैं। इन अभ्यर्थियों के ज्वॉइन न करने को लेकर सवाल भी खड़े हो गए हैं। हालांकि यह भी कहा जा रह है कि इन चयनित अभ्यर्थियों को और कहीं अच्छी नौकरी मिल गई हो, इसलिए उन्होंने ज्वाइन न किया हो, लेकिन एक पहलू यह भी है कि ज्वॉइनिंग न लेने वालों में वे 50 चयनित अभ्यर्थी भी सम्मिलित हैं, जिन्होंने अपनी जगह दूसरे अभ्यर्थी को बैठाकर परीक्षा पास की और सत्यापन के दौरान पकड़े गए।   पकड़े गए अभ्यर्थियों ने आधार कार्ड में फर्जी तौर पर बायोमैट्रिक (फिंगर प्रिंट और फोटो) अपडेट कराकर सॉल्वर को लिखित परीक्षा में बैठाया था। ऐसे में, यह आशंका भी है कि फर्जीवाड़ा में कई अभ्यर्थियों के पकड़े जाने के बाद 900 में से बहुत सारे अभ्यर्थी ज्वॉइनिंग लेने नहीं आए हैं। इनमें फर्जीवाड़ा करने वाले शामिल हैं या नहीं, यह तभी पता लगेगा, जब ज्वॉइनिंग के बाद इनका सत्यापन होगा। बता दें कि इसी वर्ष ज्वाइनिंग के दौरान नौ जिलों में अभ्यर्थियों का फर्जीवाड़ा सामने आया था। सभी जगह अभ्यर्थी, साल्वर और कुछ जगह कियोस्क संचालकों (कंप्यूटर केंद्र) के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। जांच में 50 लोगों के नाम आए सामने इसके बाद पुलिस मुख्यालय ने मामले को राज्य साइबर मुख्यालय को जांच के लिए भेज दिया था। जांच के बाद पचास लोगों के नाम सामने आए। अभी तक 200 से अधिक एफआईआर इस मामले में हो चुकी हैं। साइबर मुख्यालय के अधिकारियों ने बताया कि जो अभ्यर्थी ज्वॉइन करने नहीं आए हैं, वे भी जांच की परिधि में हैं। सहमति लेकर उनके आधार अद्यतन कराए जाने की भी जानकारी निकाली जा रही है। भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया प्रारंभ होने के बाद से बार-बार आधार कार्ड में बायोमैट्रिक अपडेट कराने वाले संदेह के घेरे में हैं। उनसे पूछताछ की जाएगी। वहीं, सॉल्वरों से पूछताछ में अन्य राज्यों में दूसरी परीक्षाओं में भी सॉल्वर बैठाने का भी राजफाश संभव है। पुलिस मुख्यालय के अधिकारियों ने कहा कि आरक्षित वर्गों में विभिन्न श्रेणियों में अभ्यर्थी प्रतीक्षा सूची से भी नहीं मिल पाए हैं। इस कारण 325 पद ही भरे जा सके हैं।

Indore Ragging Case: seniors का हैवानियत भरा टॉर्चर, घंटों बंधक बनाकर कराया नशा, चार छात्र निलंबित

इंदौर एमजीएम मेडिकल कॉलेज में रैगिंग का मामला सामने आया है। सीनियर ने धोखे से जूनियरों को अपने निजी फ्लैट पर बुलाया। उनसे मारपीट की और तीन घंटे तक बंधक बनाए रखा। जूनियरों को शराब व सिगरेट पीने पर मजबूर किया गया। इस मामले में एमबीबीएस 2025 बैच के विद्यार्थियों ने यूजीसी की नेशनल एंटी-रैगिंग सेल में शिकायत की है। इसमें उन्होंने आरोप लगाया कि 2024 बैच के सीनियर छात्रों ने बंधक बना कर उनके साथ ये हरकत की। 4 सीनियर छात्र निलंबित मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. अरविंद घनघोरिया ने बताया कि यूजीसी में शिकायत 18 नवंबर को दर्ज कराई थी। 20 नवंबर को कॉलेज की एंटी-रैगिंग सेल ने दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए और चार सीनियर मेडिकल छात्रों को एक-एक माह के लिए निलंबित कर दिया है।   करीब तीन घंटे तक बंधक बनाकर रखा शिकायत में जूनियरों ने बताया है कि उनके ही एक बैच मेट ने उन्हें झांसे में लेकर फ्लैट तक पहुंचाया। उन्हें यह नहीं पता था कि फ्लैट में सीनियर रहते हैं। इस कारण वे लोग सीनियरों के जाल में फंस गए। उन्हें करीब तीन घंटे तक वहीं रोके रखा गया। मारपीट की गई। जूनियर इतना डरे हुए हैं कि उन्होंने शिकायत में यह भी लिखा है कि कृपया हमारी सुरक्षा सुनिश्चित करें और कार्रवाई करें। दो वर्षों में रैगिंग के सात मामले सामने आए बता दें कि इससे पहले अक्टूबर माह में भी रैगिंग की घटना सामने आई थी। जिसमें स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग में प्रथम वर्ष की पीजी छात्रा ने आरोप लगाया था कि वह इतना परेशान हो गई कि वह मानसिक रूप से प्रताड़ित होकर 14 दिन की छुट्टियों पर अपने घर चली गई। यह भी आरोप लगाया था कि इससे चार माह में उसका वजन 22 किलो कम हो गया था। हालांकि बाद में उसने अपनी शिकायत वापस ले ली थी। इस मेडिकल कालेज में दो वर्षों में रैगिंग के सात मामले सामने आ चुके हैं।

अस्पताल में अव्यवस्था की पोल खुली: वार्ड के बेड पर बेखौफ सोते मिले कुत्ते

खंडवा मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में अस्पतालों की सुरक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। जिले के किल्लोद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के मेल वार्ड में पलंग पर आराम करते लावारिस कुत्तों का चौंकाने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। अस्पताल प्रशासन की भारी लापरवाही उजागर होने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। अस्पताल में मरीजों की सुरक्षा ताक पर अस्पताल के वार्ड में कुत्ते बेखौफ घूमने और पलंग पर झुंड में आराम करने का यह वीडियो कर्मचारी के स्वजन ने ही बनाया है। बताया जाता है कि अस्पताल में इलाज तो दूर सुरक्षा के भी व्यापक इंतजाम नहीं है। स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति लोगों में अविश्वास के चलते मरीज मजबूरी में ही उपचार के लिए आते हैं। ग्रामीणों को आरोप है की छोटी सी समस्या होने पर भी मरीज को 70 किलोमीटर दूर खंडवा रेफर कर दिया जाता है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में सफाई पर भी कोई विशेष ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इससे संक्रमण की आशंका बनी रहती है। वार्ड बाय, नर्सिंग स्टाफ से लेकर चिकित्सक भी समय पर नहीं मिलने की शिकायत ग्रामीणों ने की है। अस्पताल बना आरामगाह अस्पताल के मेल वार्ड के दो पलंग पर तीन-तीन कुत्तों का आराम करना दर्शाता है कि अस्पताल प्रशासन, बीएमओ और सुरक्षा कर्मचारियों की लापरवाही किस हद तक बढ़ चुकी है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के बीएमओ डीएस शर्मा ने बताया कि अस्पताल में इस मामले में लापरवाही के लिए ड्यूटी डॉक्टर ,नर्स और सफाई कर्मी को नोटिस देकर जवाब मांगा गया है। किल्लोद में स्वास्थ्य सेवा और सुविधाओं की पोल खोल रहा यह वीडियो सामने आने के बाद सीएमएचओ डा. ओपी जुगतावत ने जांच के आदेश दिए हैं। 

भारतीय अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेले में अभ्युदय मध्यप्रदेश के दर्शन, लोक नृत्यों की रही धूम

भारतीय अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेले में अभ्युदय मध्यप्रदेश के दर्शन, लोक नृत्यों की रही धूम मध्यप्रदेश की विरासत से विकास की झांकियां बनीं आकर्षण का केंद्र मध्यप्रदेश के लोक नृत्यों की रही धूम भोपाल प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत के सपने को साकार करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश विकसित भारत@2047 के लक्ष्य को हासिल करने के लिए अग्रसर है। सूक्ष्म, लघु एवं उद्यम मध्यम उद्योग मंत्री  चैतन्य काश्यप ने 44वे अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले में मध्यप्रदेश दिवस के अवसर पर यह बाते कहीं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने 18 नई नीतियां बनाई है, जो निवेशमित्र है और निवेशकों को आकर्षित करती हैं। मंत्री  काश्यप ने मध्यप्रदेश मंडप का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलित कर मंडप का भ्रमण किया। इस अवसर पर मंदसौर की सांसद  सुधीर गुप्ता, और अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे। अभ्युदय मध्यप्रदेश के दर्शन प्रगति मैदान दिल्ली में चल रहे भारतीय अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेले में किए जा सकते हैं। 'एक भारत-श्रेष्ठ भारत' थीम पर 14 से 27 नवंबर तक चलने वाले मेला में मध्यप्रदेश की विरासत से विकास की अद्भुत झांकी, एक जिला-एक उत्पाद और परम्परागत कलाकृतियों आगंतुकों को आकर्षित कर रही है। मध्यप्रदेश मण्डप मध्यप्रदेश देश का हृदय प्रदेश है। यहां कि ऐतिहासिक धरोहर, प्रचुर प्राकृतिक संसाधन, धार्मिक और सांस्कृतिक स्थल, लोक परम्पराओं की समृद्धि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के संकल्प "एक भारत-श्रेष्ठ भारत" को न केवल पूरी कर रही है अपितु विश्व पर्यटन मानचित्र पर इसे अग्रणी स्थान दिला रही है। अमेरिका से प्रकाशित एक प्रतिष्ठित पत्रिका ने विगत वर्ष मध्यप्रदेश को दुनिया के टॉप 10 टूरिज्म डेस्टिनेशन में शामिल किया जो गौरव का विषय है। इस सन्दर्भ का उल्लेख प्रधानमंत्री  मोदी द्वारा 25 दिसम्बर को खजुराहो में पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी बाजपेई की जयंती कार्यक्रम में किया गया था 44वें भारतीय अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेले में मध्यप्रदेश मण्डप ग्वालियर किला के रूप में तैयार किया गया है। मण्डप के केन्द्र में 64 योगिनी मन्दिर मुरैना के दर्शन होते है। मण्डप को मेले की थीम 'एक भारत-श्रेष्ठ भारत' के अनुरूप सजाया गया है। लुटियन्स ने जब भारतीय संसद भवन का डिजाइन तैयार किया था तब उन्होंने भारत वर्ष की प्रसिद्ध इमारतों के डिजाईन बुलवाये थे, जिसमें से उन्होने मुरैना जिले के 64 योगिनी मन्दिर का चयन कर भारतीय संसद भवन का निर्माण कराया था। मण्डप में मध्यप्रदेश की विश्व धरोहार खजुराहों, सांची स्तूप एवं भीमबेटका के साथ प्रस्तावित धरोहर स्थलों, विभिन्न सांस्कृतिक माहोत्सव, हस्तशिल्प, हाथकरघा, जी.आई. ओ.डी.ओ.पी. उत्पादों को भी सजाया गया है। मंडप में इन उत्पादों को होलोग्राफिक इमेज से भी प्रदर्शित किया जा रहा है। इन उत्पादों की बिक्री भी हो रही है। इसमें राज्य शासन की विभिन्न नीतियों एवं उपलब्धियों को प्रदर्शित किया गया है। मण्डप में औद्योगिक विकास के साथ पर्यटन की भी पूर्ण जानकारी प्रदर्शित की गयी है। मण्डप में सिंहस्थ-2028 की तैयारी को भी दर्शाया गया है। इन्दौर के जी.आई. उत्पाद, चमड़े के खिलौने एवं टेराकोटा के उत्पाद भी प्रदर्शित किये गये है। स्टार्ट-अप भी अपने उत्पादों का प्रचार और विक्रय कर रहे हैं। मध्यप्रदेश मण्डप, निर्मित विरासत, सांस्कृतिक विरासत, जनजातीय विरासत एवं वन्य जीवन को आकर्षक रूप से प्रदर्शित करता है। मण्डप जहां एक ओर प्रदेश की गौरवशाली विरासत को प्रदर्शित कर रहा है वही दूसरी ओर सम्पूर्ण भारत को एक सूत्र में बांधने का संदेश भी दे रहा है। यही कारण है कि मेले में इस बार फिर मध्यप्रदेश मण्डप दर्शकों के लिए आकर्षण का केन्द्र बना हुआ है। यहां अभ्युदय मध्यप्रदेश की झलक स्पष्ट देखी जा सकती है। मध्यप्रदेश के लोक नृत्य की धूम मध्यप्रदेश के प्रसिद्ध लोक नृत्यों की धूम पूरे अंतर्राष्ट्रीय मेले में मची हुई है। मटकी लो नृत्य, पनिहारी लोक नृत्य और बघेली लोक गायन जैसे पारंपरिक नृत्यों ने लोगों का मन मोह लिया है। मटकी लोक नृत्य में महिलाएं रंग-बिरंगे पारंपरिक वेशभूषा में चेहरे पर घूंघट डाले, ढोल की थाप पर एक खास लय में नृत्य करती हैं। यह नृत्य आड़ा-खड़ा और रजवाड़ी के नाम से भी जाना जाता है। पनिहारी लोक नृत्य महिलाओं के जीवन को चित्रित करता है, जो पानी के घड़े दूर से लाती हैं। इसके गीत भी पानी और बारिश के महत्व के बारे में हैं। मती शीला बरनाठी बघेली लोक गायन की प्रसिद्ध लोक गायिका बघेली लोक गायन मध्यप्रदेश के रीवा, सतना, शहडोल, सीधी, अनुग्रह और उमरिया जिलों में प्रचलित है।  

MP के 9 जिलों में डकैतों का कहर जारी, ग्वालियर-चंबल में योगेंद्र गुर्जर गैंग सक्रिय

भोपाल मध्य प्रदेश के ग्वालियर-चंबल अंचल को डकैत मुक्त करने के दावों के बीच सच्चाई यह है कि अब भी प्रदेश के नौ जिले डकैतों से प्रभावित हैं। इनमें महाकोशल-विंध्य के जिले भी शामिल हैं। डकैत प्रभावित जिले ग्वालियर, शिववुरी, मुरैना, भिंड, श्योपुर, दतिया, रीवा, सतना और पन्ना हैं। मध्य प्रदेश डकैती और व्यपहरण प्रभावित क्षेत्र अधिनियम 1981 प्रदेश के इन जिलों के कुछ थानों, क्षेत्रों में अभी भी लागू है। इनमें से छह जिलों का संपूर्ण क्षेत्र डकैतों से प्रभावित है। ग्वालियर-चंबल में योगेंद्र गुर्जर का गिरोह है सक्रिय ग्वालियर-चंबल अंचल में योगेंद्र गुर्जर का गिरोह सक्रिय है। इस गिरोह के सरगना योगेंद्र पर राजस्थान और मप्र पुलिस ने 30 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। प्रदेश में सीमावर्ती राज्यों से अंतरराज्यीय डकैत गिरोह की सक्रियता बढ़ी है। इनमें दस्यु प्रभावित क्षेत्रों में डकैती की घटनाएं अधिक होती है। वर्ष 2020 से लेकर वर्ष 2024 तक डकैती के 300 से अधिक प्रकरण दर्ज किए गए हैं। वर्तमान जो डकैत गिरोह सक्रिय हैं वह अन्य राज्यों से आकर डकैती और लूट की घटनाओं को अंजाम देने वालों का समूह है। जिनके विरुद्ध पांच साल में अलग-अलग प्रकरण भी दर्ज किए गए हैं।   योगेंद्र गिरोह दो राज्यों के लिए बना मुसीबत ग्वालियर-चंबल में योगेंद्र गुर्जर का गिरोह सक्रिय है। इस गिरोह ने मध्य प्रदेश के साथ ही राजस्थान में भी डकैती की है। पुलिस के साथ इस गिरोह की मुठभेड़ भी हो चुकी है, योगेंद्र व उसके साथी फरार हैं। हालांकि योगेंद्र के गिरोह में शामिल डकैत तहसीला गुर्जर ने राजस्थान के धौलपुर में सरेंडर कर दिया था। वह धौलपुर के मौरोली का रहने वाला है। तहसीला के विरुद्ध धौलपुर के अलावा मध्य प्रदेश के थाना सरायछौला मुरैना, तिघरा ग्वालियर, सेसईपुरा श्योपुर में लूट, अपहरण, हत्या का प्रयास, फिरौती व पुलिस मुठभेड़ के कई मामले दर्ज हैं। डकैती प्रभावित जिले व क्षेत्र जिला–जिले का प्रभावित क्षेत्र ग्वालियर– संपूर्ण जिला ग्वालियर शिवपुरी– संपूर्ण जिला शिवपुरी मुरैना– संपूर्ण जिला मुरैना भिंड– संपूर्ण जिला भिंड श्योपुर– संपूर्ण जिला श्योपुर दतिया– संपूर्ण जिला दतिया रीवा– थाना डभौरा, अतरैला, पनवार, जवा, जनेह, सेमरिया, सिरमौर। सतना– थाना सिंहपुर, चित्रकूट (नया गांव), सभापुर, बरौधा, मझगवां, धारकुंडी। पन्ना– थाना अजयगढ़, धरमपुर, बृजपुर, मडला। नोट- इसमें रेल थाना भी है। जीआरपी ग्वालियर बीजी, ग्वालियर एनजी, जीआरपी मुरैना।

थर्ड लाइन कनेक्टिविटी शुरू, एनकेजे यार्ड और कई रूट प्रभावित, 1800 करोड़ में बनेगा लंबा फ्लाईओवर

कटनी  1800 करोड़ की लागत से मध्य प्रदेश के कटनी के झलवारा स्टेशन से न्यू मझगवां फाटक तक रेलवे द्वारा रेल फ्लाईओवर (ग्रेड सेपरेटर) का निर्माण कराया जा रहा है। अप और डाउन ट्रेक में बनाए जा रहे ग्रेड सेपरेटर के करीब 15.85 लंबे अप ट्रैक का कार्य पूरा हो चुका है। इस अपट्रेक को अब बिलासपुर की ओर से आने वाली थर्ड लाइन से जोड़ने का कार्य रेलवे द्वारा शुरु कराया गया है। इसके लिए एनकेजे यार्ड में सी-केबिन के समीप ब्लॉक लेकर प्री-एएनआई वर्क शुरु कर दिया गया है। आगामी दिनों में एनआई वर्क कर कनेक्टिविटी दी जाएगी, जिससे ट्रेनों का आवागमन भी प्रभावित होगा। अब तक हो चुका इतना काम जानकारी के अनुसार, झलवारा से न्यू मझगवां फाटक तक बने ग्रेड सेपरेटर को सिंगरौली की ओर से आने वाले रेलखंड से दो माह पूर्व ही जोड़ा जा चुका है वहीं अब बिलासपुर की ओर से आने वाली ट्रेनों को ग्रेड सेपरेटर से जोड़ने कार्य शुरु किया गया है। वर्तमान में सिर्फ सिंगरौली की ओर से आने वाली ट्रेनें ही इसमें आगे बढ़ पाती है वहीं अब बिलासपुर लाइन जुड़ने से मालगाड़ियां एनकेजे को बाइपास करते हुए सीधे बीना रेलखंड पर रवाना होंगी। इसके लिए यार्ड रिमॉडलिंग भी की जा रही है। नये सिंग्नल सहित अन्य जरूरी कार्य कराए जाएंगे। ऐसे हुआ है ग्रेड सेपरेटर का निर्माण कटनी ग्रेड सेपरेटर परियोजना (Katni Grade Separator project) की कुल लागत लगभग 1800 करोड़ रुपए है। यह ग्रेड सेपरेटर भारत का सबसे लंबा रेलवे वायाडक्ट बनने जा रहा है, जो न केवल संरचनात्मक दृष्टि से महत्वपूर्ण है बल्कि रेलवे संचालन में भी नई संभावनाओं के ‌द्वार खोलेगा। परियोजना की कुल लंबाई 33.40 किमी है, जिसमें डाउन ग्रेड सेपरेटर 17.52 किमी और अप ग्रेड सेपरेटर 15.35 किमी शामिल हैं। अप साइड 1570 फाउंडेशन और 264 पियर्स व डाउन साइड 2592 फाउंडेशन और 425 पियर्स का निर्माण कराया गया है। उल्लेखनीय है कि अप्रैल माह में रेलवे ने ग्रेड सेपरेटर के अप ट्रेक में कार्य पूरा होने के बाद कटंगी खुर्द स्टेशन से न्यू मझगवां स्टेशन तक रेलगाड़ी का सफल परिचालन किया था और अब लगातार ग्रेड सेपरेटर से मालगाड़ी दौड़ रही हैं। बरगवां मेमू उमरिया तक जाएगी जानकारी के अनुसार इस ब्लॉक के कारण गाड़ी संख्या 68747/48 बिलासपुर-कटनी-बिलासपुर मेमू व गाड़ी संख्या 61603/04 कटनी-बरगवां-कटनी मेमू का संचालन प्रभावित होगा। ये दोनों ट्रेर्ने 27 नवंबर से 2 दिसंबर तक कटंगीखुर्द स्टेशन से ही शुरू होंगी और खत्म होंगी। हालांकि इस दौरान यात्रियों को समस्या का सामना करना पड़ेगा। डाउन ट्रैक पर धीमा कार्य, 2026 तक होगा पूरा एक ओर जहां अप ट्रैक का कार्य पूरा हो चुका है तो वहीं डाउन ट्रैक पर निर्माण एजेंसी का कार्य धीमी गति से चल रहा है। आलम यह है कि 17.52 किमी लंबे इस ट्रेक पर कई स्थानों पर पिलर भी बनकर तैयार नहीं हुए है। बताया जा रहा है कि डाउन ट्रैक का कार्य इस वर्ष पूरा होना मुश्किल है। कटनी-चिरमिरी पैसेंजर निरस्त रहेगी जानकारी के अनुसार ब्लॉक के चलते कटनी-चिरमिरी पैसेंजर को रद्द किया जा रहा है। गाड़ी संख्या 61609 कटनी-चिरमिरी 26 नवंबर से 2 दिसंबर तक व गाड़ी संख्या 61602 चिरमिरी-कटनी मेमू 27 नवंबर से 3 दिसंबर तक निरस्त रहेगी। ग्रेड सेपरेटर परियोजना से यह होंगे फायदे     बीना-कटनी रेल खंड में मालगाड़ियों की संख्या और गति में वृद्धि होगी।     कटनी से बिलासपुर और सिंगरौली के लिए अतिरिक्त रेल लाइन जुड़ जाएगी, जिससे न्यू कटनी, कटनी मुड़वारा जैसे व्यस्त क्षेत्रों को बायपास किया जा सकेगा।

राज्य में अग्नि सुरक्षा होगी मजबूत, 36 नए फायर स्टेशन बनाए जाएंगे

भोपाल   अग्निशमन सेवाओं को मजबूत करने के लिए मध्यप्रदेश सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। करीब 400 करोड़ रुपये की लागत से पूरे प्रदेश के नगरीय निकायों में 36 आधुनिक फायर स्टेशन बनाए जाएंगे। इसके लिए 15वें वित्त आयोग की सिफारिशों के आधार पर फंड आवंटित किया गया है। फायर स्टेशन बनाने के साथ नई फायर गाड़ियां खरीदी जाएंगी और उपकरण भी आधुनिक तकनीक के होंगे, ताकि आग लगने की घटनाओं पर जल्दी और प्रभावी तरीके से नियंत्रण पाया जा सके। इसके साथ ही सरकार राज्य स्तरीय फायर कंट्रोल रूम भी बनाएगी, जहां से पूरे प्रदेश के सभी फायर स्टेशनों को जोड़ा जाएगा। इससे आगजनी की घटनाओं पर त्वरित निगरानी और समन्वय सुनिश्चित होगा। नगरीय प्रशासन विभाग ने प्रस्ताव तैयार कर सरकार को भेज दिया है, जिसकी मंजूरी के बाद काम शुरू हो जाएगा।  कहां बनेंगे फायर स्टेशन फायर स्टेशन 8 नगर निगमों – रीवा, सागर, छिंदवाड़ा, रतलाम, मुरैना, खंडवा, इंदौर और उज्जैन में बनाए जाएंगे। इसके अलावा नए बने जिलों – मऊगंज, पांढुर्रा, मैहर, अनूपपुर, निवाड़ी सहित अन्य जिलों में भी स्टेशन स्थापित होंगे। साथ ही 4 औद्योगिक क्षेत्रों – पीथमपुर (धार), मंडीदीप (रायसेन), बामोर (मुरैना) और मेघनगर (झाबुआ) को भी शामिल किया गया है। दो एकड़ जमीन में बना स्टेशन  हर फायर स्टेशन लगभग 2 एकड़ जमीन में बनेगा। एक स्टेशन पर दो दमकल गाड़ियां रहेंगी। एक बड़ी और एक छोटी। प्रति स्टेशन निर्माण पर करीब 2 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसमें फायर स्टेशन + फायर गाड़ियां    पर 119 करोड़, प्रशिक्षण एवं क्षमता निर्माण पर 20 करोड़, आधुनिक फायर उपकरण पर 178 करोड़, कंट्रोल रूम सुदृढ़ीकरण पर 20 करोड़, अन्य विशेष आवश्यकताएं पर 59 करोड़ खर्च होंगे। यानी कुल 398 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। इसमें   75% राशि लगभग 297 करोड़ केंद्र सरकार और 25% राशि करीब 100 करोड़ राज्य सरकार देगी।