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भोपाल में 15 दिन की कोल्ड वेव खत्म, मध्य प्रदेश में अब शीतलहर से मिलेगी थोड़ी राहत

भोपाल  मध्यप्रदेश में पिछले 24 घंटों में मौसम आमतौर पर सूखा ही रहा। खरगौन में शीतलहर का प्रभाव था। वहीं नरसिंहपुर में शीतल दिन रहा। अधिकतम तापमान में अधिकतर जिलों में कोई खास परिवर्तन नहीं हुआ। इंदौर, उज्जैन, चंबल, रीवा और सागर में तापमान सामान्य से 1.5°C-2.0°C कम था। बाकी जिलों में तापमान सामान्य स्तर पर बना रहा। न्यूनतम तापमान में भी कोई विशेष बदलाव नहीं हुआ। भोपाल और इंदौर में तापमान सामान्य से 3.6°C-3.9°C तक कम रहा। अन्य जिलों में न्यूनतम तापमान सामान्य स्तर पर रहा। मौसम विभाग के अनुसार, अगले कुछ दिनों में मौसम में ज्यादा बदलाव की उम्मीद नहीं है। हालांकि, रात के तापमान में गिरावट हो सकती है। ठंड का असर अगले कुछ दिनों में बढ़ सकता है।  तापमान 10 डिग्री से नीचे दर्ज हुआ—     नौगांव (छतरपुर): 8.2°C     मंदसौर: 8.6°C     नरसिंहपुर: 8.6°C     शाजापुर: 8.8°C     राजगढ़: 9°C भोपाल में भी रातें जमाने लगी हैं और न्यूनतम तापमान 9.4°C दर्ज किया गया। बड़े शहरों में हल्की राहत, लेकिन सुबह की सर्दी तेज दिन का तापमान सामान्य बना हुआ है, लेकिन सुबह की ठंड शहरों में भी महसूस की जा रही है।     इंदौर: 11.7°C     ग्वालियर: 12.1°C     जबलपुर: 12.2°C     उज्जैन: 12.5°C अगले 5 दिनों का मौसम: बादल रहेंगे, ठंड भी जारी मौसम वैज्ञानिकों ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टर्बेंस) के सक्रिय होने के कारण कई हिस्सों में बादलों की मौजूदगी बनी रहेगी। इससे दिन के तापमान में मामूली बढ़ोतरी होगी, लेकिन रातें ठंडी ही रहेंगी। पूर्वानुमान —     इस सप्ताह शीतलहर की कोई संभावना नहीं     रात के तापमान में 2–3 डिग्री की और गिरावट के संकेत     विंध्य और मालवा में घना कोहरा बढ़ सकता है     दिसंबर की शुरुआत से ठंड का असली दौर सामने आने की संभावना   मप्र का तापमान: पांच शहरों का मौसम मौसम विभाग के मुताबिक, प्रदेश के पांच प्रमुख बड़े शहरों में तापमान में गिरावट दर्ज की गई। इंदौर में 9.8 डिग्री, भोपाल में 10.2 डिग्री, उज्जैन में 11.2 डिग्री, ग्वालियर में 8.3 डिग्री और जबलपुर में रात का पारा 8.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दूसरी तरफ, नरसिंहपुर में दिन का तापमान 23.6 डिग्री तक आ गया। मंडला में 30.0 डिग्री, उज्जैन में 29.7 डिग्री, सीहोर में 29.6 डिग्री, नर्मदापुरम में 29.4 डिग्री और विदिशा में 29.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। रविवार को प्रदेश में सबसे कम तापमान 6.2 डिग्री सेल्सियस पचमढ़ी में रिकॉर्ड किया गया जबकि दिन का अधिकतम तापमान 30.0 डिग्री सेल्सियस मंडला में दर्ज किया गया। ग्री, नौगांव में 8.8 डिग्री, नरसिंहपुर में 9.4 डिग्री सेल्सियस रहा। बाकी शहरों में पारा 10 डिग्री या इससे अधिक ही दर्ज किया गया। सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि विंड पैटर्न चेंज हुआ है। इस वजह से दिन-रात के तापमान में बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। फिलहाल अगले 5 दिन तक कहीं भी शीतलहर का अलर्ट नहीं है। कई शहरों में 100 मीटर के बाद देखना भी मुश्किल कड़ाके की ठंड से राहत मिलने के बाद अब घना कोहरा भी छाने लगा है। कई जगहों पर तो 100 मीटर के बाद दूर नहीं दिखा। शनिवार को शाजापुर में घना कोहरा छाया। अकोदिया, शुजालपुर क्षेत्र में सुबह विजिबिलिटी 100 मीटर तक ही रही। इससे गाड़ियों की हेड लाइटें चालू रही। मौसम विभाग के अनुसार, भोपाल, दतिया, इंदौर, जबलपुर में 1 हजार मीटर तक विजिबिलिटी रही। गुना, ग्वालियर, सतना, रीवा, खजुराहो में 500 से 1 हजार मीटर विजिबिलिटी दर्ज की गई। मौसम विभाग की एडवाइजरी-फ्लू, सर्दी-जुकाम होने पर डॉक्टर को दिखाएं     ट्रैफिक- कोहरा होने पर गाड़ी चलाते समय या किसी ट्रांसपोर्ट के जरिए ट्रैवल करते समय सावधान रखें। ड्राइविंग धीरे करें और फॉग लाइट का इस्तेमाल करें।     हेल्थ- तेज ठंड होने पर शरीर की गर्माहट बनाए रखने के लिए सिर, गर्दन, हाथ-पैर की उंगलियों को अच्छे से ढंके। फ्लू, सर्दी, खांसी-जुकाम होने पर डॉक्टर को दिखाए। विटामिन सी से भरपूर फल और सब्जियां खाएं।     कृषि- जहां मिट्टी में पर्याप्त नमी हो, वहां गेहूं, चना, सरसों-मटर की बुआई करें। जहां बुआई हो चुकी है, वहां जरूरत पड़ने पर कृषि वैज्ञानिकों से सलाह लें। पिछली फसलों के अवशेष यानी, ठूंठ को कभी न जलाएं। एमपी में ठंड से अब तक दो की मौत कड़ाके की ठंड की वजह से पिछले दो दिन में दो लोगों की मौत भी हो चुकी है। रीवा के अमहिया थाना क्षेत्र स्थित अस्पताल चौराहा पर सड़क किनारे एक व्यक्ति की लाश पड़ी मिली थी। इससे पहले रायसेन में भी एक शख्स की मौत हो चुकी है। परिजनों का दावा है कि ठंड की वजह से ही मौत हुई, लेकिन प्रशासन ने ठंड से मौत होने की पुष्टि नहीं की है।

हेलीकॉप्टर सेवा प्रभावित, पचमढ़ी में नहीं मिल रही जमीन; हेलीपैड 40 किमी दूर होगा

पचमढ़ी  पीएमश्री हेली सेवा इको सेंसटिव जोन (eco-sensitive zone) को पेंच फंसने के बाद सैलानियों का हेलीकॉप्टर उतारने के लिए हेलीपैड बनाने नर्मदापुरम जिला प्रशासन को भूमि नहीं नहीं मिल रही है। इस कारण हेलीकॉप्टर सेवा फिलहाल प्रभावित है। पचमढ़ी के लिए पिपरिया के ग्राम सिमरा में समतल भूमि देखी है लेकिन पचमढ़ी से इसकी दूरी लगभग 40 किलोमीटर है। इसपर भी अंतिम निर्णय होना बाकी है।  पिपरिया तहसीलदार वैभव बैरागी ने बताया कि ग्राम सिमारा की समतल भूमि पर हेलीपैड बनाया जा सकता है। सोमवार को इसका निरीक्षण कर रिपोर्ट जिला प्रशासन को भेजेंगे। इसके बाद तकनीकी परीक्षण होने के बाद निर्माण कार्य को लेकर कार्रवाई होगी। ग्राम सिमारा से पचमढ़ी जाने के लिए सैलानियों को लगभग 40 किलोमीटर सड़क मार्ग से जाना पड़ेगा। लगभग सवा घंटे की इस यात्रा में सैलानियों को मटकुली से पचमढ़ी के बीच के 26 किलो मीटर के घाटी सेक्शन को भी पार करना होगा। सिमरा में हेलीपैड बनाने का अंतिम निर्माण होना बाकी है। इस कारण हेलीपैड बनने तक पचमढ़ी हेलीकॉप्टर सेवा प्रभावित रहेगी। ग्राम रैनीपानी में भूमि का निरीक्षण सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के मई आने वाले पर्यटकों का हेलीकॉप्टर कहां उतरेगा। इसको लेकर भी असामंजस बना हुआ है। मढ़ई के करीब ग्राम रैनीपानी में हेलीपैड के लिए जगह देखी गई है। जिला पंचायत सीईओ हिमांशु जैन ने भूमि का निरीक्षण किया गया है। इस पर भी अंतिम निर्णय नहीं हुआ है। इस बीच कोई सैलानी हेलीकॉप्टर से मढ़ई आएगा तो उसका हेलीकॉप्टर को सोहागपुर में बने हेलीपैड पर उतारा जाएगा।  एजेंसी को काम शुरू करने को कहा है हेलीपैड बनाने के लिए कहीं भी जगह फाइनल नहीं हुई है। पचमढ़ी के लिए सिमारा में समतल भूमि देखी है। सोहागपुर के लिए भी रैनीपानी में भूमि का निरीक्षण किया है। अंतिम निर्माण होने के बाद ही कुछ बता सकते हैं। – हिमांशु जैन, सीईओ, जिला पंचायत, नर्मदापुरम

मप्र निर्वाचन आयोग ने बदले नगरपालिका चुनाव नियम, उम्मीदवारों के लिए नई पारदर्शिता जरूरी

भोपाल  लोकसभा और विधानसभा चुनाव की तरह अब नगरीय निकायों के चुनाव में पर्चा भरने वाले प्रत्याशियों को भी नामांकन के साथ शपथ-पत्र देना होगा। उन्हें शपथ-पत्र में खुद पर दर्ज आपराधिक प्रकरण और उनकी स्थिति की जानकारी देनी होगी। इसके साथ चुनावी खर्च का ब्यौरा भी राज्य निर्वाचन आयोग को देना होगा। उनके खर्च की अधिकतम सीमा नगरीय विकास विभाग आयोग से परामर्श करने के बाद तय करेगा। प्रदेश के अधिकांश नगरीय निकायों के चुनाव 2027 में होंगे। इस बीच कोई उपचुनाव हुआ तो उसमें भी नए नियम लागू होंगे। रद्द किया जाएगा नामांकन मप्र राज्य निर्वाचन आयोग ने मप्र नगरपालिका निर्वाचन नियम में बदलाव के संबंध में ये नियम बनाए हैं। इनकी अधिसूचना भी जारी की है। इसमें कहा, महापौर, पार्षद, नगर पालिका परिषद, नगर परिषद के अध्यक्ष-पार्षद पद का उम्मीदवार नामांकन के साथ शपथ-पत्र देगा। इसमें आपराधिक पृष्ठभूमि, संपत्तियों, दायित्यों, शैक्षणिक योग्यताओं की जानकारी देनी होगी। ऐसा न होने नामांकन रद्द किया जाएगा। शपथ पत्र में देनी होगी ये जानकारियां -राज्य निर्वाचन आयोग के तय शपथपत्र के प्रारूप में महापौर, नपा अध्यक्ष, पार्षद पद के उम्मीदवार को बताना होगा कि दो साल या अधिक सजा वाले कितने आपराधिक केस दर्ज हैं। थाना, एफआइआर व जिले का ब्योरा भी देना होगा। -स्वयं, पत्नी या पति और तीन बच्चों की आमदनी, टैक्स, लोन आदि की जानकारी देनी होगी। आय के साधन बताने होंगे। संयुक्त स्वामित्व वाली चल और अचल संपत्ति, शेयर और कंपनियों में किए निवेश, कर्ज की जानकारी देनी होगी।

चार दिन के महोत्सव में ओरछा में फोर व्हीलर प्रवेश बंद, चार जगह बनाई गई पार्किंग

ओरछा मध्य प्रदेश के निवाड़ी जिले के ओरछा में श्रीराम जानकी विवाह महोत्सव की धूम है। ऐसे में यहां श्रद्धालुओं के बड़ी संख्या में आने का सिलसिला जारी है। ऐसे में प्रशासन ने अव्यवस्थाओं से बचने के लिए ट्रैफिक प्लान जारी किया है। प्रशासन ने तीन दिन के महोत्सव को लेकर 24 से 26 नवंबर तक ओरछा में भारी वाहनों के प्रवेश पर पूरी तरह से रोक लगा दी है। इस दौरान ओरछा में ट्रक, बस, डंपर सहित अन्य बड़े वाहनों का प्रवेश पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगा। साथ ही ओरछा आने वाले श्रद्धालुओं के लिए प्रशासन ने चारों दिशाओं में वाहन पार्किंग की व्यवस्था की है। नगर में किसी भी वाहन का प्रवेश नहीं होने दिया जाएगा। विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी ओरछा में 24 से 26 नवंबर तक आयोजित होने वाले श्रीराम जानकी विवाह महोत्सव को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर पूरा प्लान तैयार किया है। साथ ही, कलेक्टर जमुना भिड़े ने आदेश जारी कर ओरछा से निकलने वाले भारी वाहनों पर पूरी तरह से रोक लगा दी। ऐसे में झांसी से पृथ्वीपुर, टीकमगढ़ की ओर ओरछा से आने वाले सभी वाहनों को अब निवाड़ी होकर आना होगा। वहीं, टीकमगढ़, पृथ्वीपुर की ओर से झांसी की ओर जाने वाले वाहन भी इसी मार्ग से होकर जाएंगे। श्रद्धालुओं के लिए ऐसी रहेगी पार्किंग व्यवस्था प्रशासन ने जाम की स्थिति से बचने के लिए वाहनों के आने की दिशा के अनुसार अलग-अलग पार्किंग स्थल निर्धारित किए हैं। ऐसे में श्रीराम जानकी विवाह महोत्सव में शामिल होने वाले श्रद्धालु इस प्लान के अनुसार ही ओरछ में प्रवेश करने के पूर्व अपने वाहनों को पार्क कर असुविधा से बच सकते है। पार्किंग व्यवस्था अपनी दिशा देखें -झांसी, निवाड़ी और तिगेला की ओर से आने वाले बस और ट्रैक्टरों को आजाद पार्क में पार्क किया जाएगा। -कार और जीप राजमंदिर होटल और थाना पार्किंग में रखे जाएंगे। -ललितपुर और बबीना की ओर से आने वाले बस और ट्रैक्टर गुदरई दरवाजा और हेलीपैड में पार्क होंगे। -कार और जीप लक्ष्मी मंदिर पार्किंग में रखे जाएंगे। -टीकमगढ़ और पृथ्वीपुर की ओर से आने वाले सभी वाहन सेंचुरी पार्किंग में रखने की व्यवस्था बनाई गई है। -दो पहिया वाहन गणेश दरवाजा या केशव भवन के पास पार्क करने की सुविधा मिलेगी।

MP के मंदसौर जिले में बदलाव, टीआई की पोस्टिंग पर लगी नई सीमा: 6 महीने

मंदसौर  मध्यप्रदेश के मंदसौर जिले में थानों में होने वाली गड़बड़ियों, पैसों के लेन-देन और आपराधिक सांठ-गांठ के मामलों ने पुलिस की छवि पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। इसी स्थिति को सुधारने के लिए एसपी विनोद मीना अब थानेदारों पर कड़ा एक्शन मोड अपनाने जा रहे हैं। एसपी ने रोस्टर सिस्टम तैयार किया है, जिसके तहत कोई भी थाना प्रभारी (टीआई) 3 से 6 महीने से ज्यादा एक ही थाना नहीं संभाल पाएगा। पहला जिला बनेगा मंदसौर! अगर यह सिस्टम लागू होता है, तो मंदसौर प्रदेश का पहला जिला होगा जहां थाना प्रभारियों की पोस्टिंग फिक्स समय सीमा पर बदला करेगी। इस सिस्टम के बाद— कमज़ोर प्रदर्शन करने वाले टीआई को 3 महीने में बदल दिया जाएगा अच्छा काम करने वाले टीआई को लंबे समय तक उसी थाने पर रखा जाएगा थानों के बीच प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी राजनीतिक दबाव और हस्तक्षेप में कमी आएगी चल रहे अभियानों के नतीजे और बेहतर मिल सकेंगे एसपी विनोद मीना ने कहा— “रोस्टर सिस्टम एक अच्छा मॉडल है। फायदे-नुकसान को देखकर इसे सही तरीके से लागू किया जाएगा।” अवैध तस्करी और पुलिस-कर्मियों की सांठ-गांठ ने बढ़ाई चिंता मंदसौर जिला लंबे समय से अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के लिए बदनाम रहा है। हाल ही में तस्करों और पुलिसकर्मियों के बीच लेन-देन के बड़े खुलासे हुए, जिसके बाद कई पर कार्रवाई की गई— तत्कालीन टीआई धर्मेंद्र शिवहरे — निलंबित उपनिरीक्षक अविनाश सोनी — निलंबित प्रधान आरक्षक दिलीप बघेल — निलंबित दलौदा टीआई मनोज गर्ग — लाइन अटैच भानपुरा टीआई आरसी डांगी — आरोप सिद्ध, कार्रवाई बाकी इन मामलों ने पुलिस विभाग को मजबूर किया कि व्यवस्था में सुधार के लिए कुछ बड़ा और सख्त कदम उठाया जाए। रोस्टर सिस्टम क्यों ज़रूरी? थानों में पारदर्शिता बढ़ेगी भ्रष्टाचार की संभावनाएं कम होंगी राजनीतिक प्रभाव सीमित होगा टीआई और चौकी प्रभारियों का प्रदर्शन बेहतर होगा  जनता को मिलेगा भरोसेमंद पुलिस सिस्टम

जेएन कंसोटिया का 21 साल बाद इस्तीफा, आईएएस संतोष वर्मा के हाथ में अजाक्स की कमान

विभिन्न मुद्दों पर हुई चर्चा, जेएन कंसोटिया,सी एस धुर्वे का हुआ सम्मान जेएन कंसोटिया का 21 साल बाद इस्तीफा, आईएएस संतोष वर्मा के हाथ में अजाक्स की कमान  अजाक्स की साधारण सभा में प्रांतीय कार्यकारिणी की गठित भोपाल मप्र अनुसूचित जाति जनजाति अधिकारी कर्मचारी संघ (अजाक्स) की प्रांतीय साधारण सभा में आईएएस संतोष वर्मा आम सहमति से नए प्रान्तध्यक्ष चुने लिए गए हैं। रविवार को राजधानी के तुलसी नगर सेकण्ड स्टॉप डॉ. आम्बेडकर जयंती मैदान में आम सभा सम्पन्न हुई। इसी सभा में 21 साल से अजाक्स की अपने हाथ में कमान रखने वाले जेएन कंसोटिया ने निजी कारणों का हवाला देते हुए प्रान्ताध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया। उन्हें संरक्षक और सेवानिवृत्त प्रकोष्ठ का अध्यक्ष बनाकर जिम्मेदारियों से मुक्त कर दिया गया। उनके अलावा अन्य नियुक्तियां भी की गई। बता दें उनका कार्यकाल सितम्बर 2026 तक है, लेकिन इस्तीफा दें दिया। इस्तीफे की जानकारी जैसे ही महासचिव इंजी एसएल सूर्यवंशी ने सभा में रखी तो सभी ने एक स्वर में अस्वीकार कर दिया। प्रान्ताध्यक्ष कंसोटिया ने स्वयं मंच से इसे स्वीकार करने का आग्रह किया। जिसके बाद नए अध्यक्ष पर विचार मंथन हुआ। संघ के महासचिव राजवीर अग्निहोत्री ने नए प्रान्ताध्यक्ष के नाम पर  कार्यवाहक अध्यक्ष आईएएस संतोष वर्मा के नाम का प्रस्ताव रखा। जिसको सभी ने ध्वनि मत से अपना समर्थन दिया।  कार्यक्रम का प्रारंभ संविधान निर्माता बाबा साहब और धरती आबा बिरसा मुण्डा के चित्र पर माल्यार्पण के साथ शुरू हुआ और नए प्रान्ताध्यक्ष के स्वागत व नारेबाजी के साथ ही आयोजन का समापन हुआ। आयोजन में राज्यसभा सदस्य बालयोगी उमेशनाथ महाराज का पुष्पगुच्छ देकर सम्मान किया। साधारण सभा का संचालन घनश्याम भकोरिया एवं प्रवक्ता विजय शंकर श्रवण ने किया। जबकि आभार भोपाल जिलाध्यक्ष विनोद बट्टी ने व्यक्त किया। कंसोटिया ने समाज के साथ हो रहे भेदभाव पर जताई चिंता  जेएन कांसोटिया ने अजाक्स संगठन की ताकत का उल्लेख किया गया। समाज के शासन और सामाजिक स्तर पर हो रहे भेदभाव पर विस्तार से प्रकाश डाला और नए नेतृत्व को इन मुद्दों को प्रमुखता से उचित मंच पर रखने का आव्हान किया। उन्होंने सिविल जजों की भर्ती में अजा-जजा का चयन ना होना, बैकलॉग की पूर्ती न होने पर चिन्ता व्यक्त करते हुए अजाक्स को और अधिक प्रभावी रुप से कदम उठाने पर बल दिया।   कंसोटिया ने कहा कि समाज ही अजाक्स है और अजाक्स ही समाज है। यही संघठन की ताकत है, तभी प्रदेश के अधिकारी कर्मचारी डिमोशन से बच गए। यह बहुत बड़ा चेलेंज है कि हमको सरकारी सिस्टम से बाहर किया जा रहा है। उन्होंने सिविल जज भर्ती पर भी सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि आज उद्योग धंधे में जीरो, सेवाक्षेत्र में जीरो, निर्णय प्रक्रिया, मीडिया में हमारी भागीदारी जीरो है। ग्वालियर में बाबा साहब के बारे में लोग गलत टिप्पणी कर रहे हैं, यह गलत है इसका विरोध करना है। ग्वालियर ओर दिल्ली में सीजेआई की घटना पर कोई कार्यवाही नहीं हुई, यह बड़ा प्रश्न है। उन्होंने कहा कि घर -घर अम्बेडकर, हर दिन अम्बेडकर अभियान पर अजाक्स तेजी से काम कर रहा है। सामाजिक भेदभाव बढ़ता जा रहा है। यह भी हमारे लिए बड़ा चैलेज है। सफाई कर्मियों के साथ भी बड़ा भेदभाव हो रहा है। जाति छुपाना बड़ी मानसिकता है, इसे दूर करना होगा। उन्होंने क्रिमिलेयर पर भी सवाल उठाया। साथ ही 20 आईएएस अफसरों के बेटे क्या बने, यह रिपोर्ट बताई। अंत में उन्होंने 21 साल से मिले सम्मान का भी जिक्र किया और आगे भी अजाक्स के लिए काम करने का वचन दिया। हमारा ज़ब कारवाँ बढ़ेगा तो हमें कोई रोक नहीं सकता: संतोष वर्मा नए प्रांताध्यक्ष आईएएस संतोष वर्मा ने कहा कि संघ के लिए  हमको समय देना होगा। अगर साल में एक दिन भी नहीं दिया तो हमारा अस्तित्व नहीं बचेगा। आईएएस कंसोटिया मेरे गुरु रहे हैं और आज हमें फिर उनके मार्गदर्शन में काम करने का मौका मिला है। अभी संघठन की स्तिथि ठीक नहीं है। 2016 में हमने ताकत दिखाई ओर हम माँ के लाल बन गए। क्या हमने हजारों सालो से पीड़ा नहीं झेली है। उन्होंने कहा कि यदि अब भी नहीं जागे तो आने वाली पीढ़ी नहीं बचेगी। उन्होंने सिविल जज परीक्षा पर भी सवाल उठाया। ज़ब हमारे बच्चे आईएएस, आईपीएस डिप्टी कलेक्टर, डीएसपी बन सकते हैं तो जज क्यों नहीं बन सकते है। हमारे भविष्य का बीज नष्ट किया जा रहा है। मैंने मंत्रालय में 8 महीने की सर्विस में देखा है कि किस तरह से हमारे वर्ग के सेवकों की सीआर बिगाड़ी जाती है। एक अफसर को एक छोटी सी गलती के लिए 12 साल तक परेशान किया गया। हमारी लड़ाई किसी धर्म से नहीं, बल्कि दोषी व्यवस्था से है। व्यक्ति को अपने के साथ समाज के लिए जीना चाहिए। प्रशासन में हमारे समाज की ज्यादा संख्या बढ़ाना होगी, तभी हमारे अधिकार सुरक्षित रहेंगे। उन्होंने कहा कि हमारा ज़ब कारवाँ बढ़ेगा तो हमें कोई रोक नहीं सकता है। प्रांतीय महासचिव इंजी सूर्यवंशी ने संघ के एजेंडे पर की चर्चा  साधारण सभा का प्रारंभ प्रांतीय महासचिव इंजी. एसएल सूर्यवंशी ने संघ के एजेण्डा बिन्दुओं को बताते हुए अजाक्स की 30 वर्षीय संघर्षमयी यात्रा का उल्लेख किया। उन्होंने आरक्षण अधिनियम 199, पदोन्नति नियम 2002 छात्रवृत्ति मंहगाई सूचकांक जोडने, निजी  इंजीनियरिंग तथा मेडिकल कॉलेज फीस का शासन से वहन कर सुप्रीम कोर्ट से बैक वर्ड नेस के डाटा की अनिवार्यता समाप्त करने, शासकीय खरीदी में 30% खरीदी आरक्षित वर्ग से करने, सिविल जज परीक्षा में आरक्षित वर्ग के मेरिट होल्डर को अनारक्षित कोटे में शामिल करने का निर्णय उच्च न्यायालय से हटाने सहित अजाक्स भवन, विभिन्न जिलों जैसे सिंगरौली, रीवा, सतना, ग्वालियर अनुपपुर इत्यादि में निःशुल्क कोचिंग क्लासेस की शुरुआत तथा उच्च शिक्षा के लिए भेजे जाने वाले आरक्षित वर्ग की सीट में बढ़ोतरी करने जैसी उल्लेखनीय सफलताओं का जिक्र किया। इसके अलावा सूर्यवंशी ने आउट सोर्स, मंदिरों में पुजारियों की नियुक्ति, पदोन्नति और निजी क्षेत्र आदि में आरक्षण देने जैसे विषयों पर न्यायालय मे अजाक्स द्वारा दायर याचिकाओं के बारे मे बताया। उन्होंने एकजुटता बनाये रखने की भी बात कही। सूर्यवंशी ने बैकलॉग पूर्ति करने वरीष्ठता के आधार पर उच्च पदों का प्रभार देने छात्रवृत्ति समय पर देने छात्रावासों में छात्रा-छात्राओं के लिए जिला स्तर पर 5000 सीट तथा संभाग स्तर … Read more

ओरछा रोशन: श्रीरामराजा सरकार के लिए आज होगा हल्दी उत्सव, दीपों की छटा देखिए

ओरछा  बुंदेलखंड की अयोध्या श्रीरामराजा सरकार की नगरी ओरछा में श्रीराम विवाह महोत्सव की धूम मची है। दूर-दराज से श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया है। चार दिवसीय विवाह महोत्सव में आज मंडप सजेगा, हल्दी की रस्म होगी और तेल चढ़ेगा। इसके साथ ही 25 नवंबर को भव्य बरात निकलेगी। बुंदेलखंड की अयोध्या के नाम से विख्यात राजा राम की नगरी ओरछा में सदियों से मनाए जाने वाले राम-जानकी विवाह महोत्सव को लेकर नगर सहित बुंदेलखंड के लोगों में भारी उत्साह है। रविवार की शाम गणेश पूजन के साथ विवाह महोत्सव की शुरूआत हुई। बेतवा नदी के कंचना घाट पर एक लाख दीपों को प्रज्वलित किया गया तो दीपावली जैसा माहौल निर्मित हो गया। इस दौरान मां बेतवा की आरती की गई। इस दौरान कलेक्टर जमुना भिड़े व एसपी डॉ. रायसिंह नरवरिया सहित कई जनप्रतिनिधि उपस्थित हुए। 26 नवंबर तक मनाए जा रहे इस महोत्सव में सोमवार को मंदिर में विवाह का मंडप सजाया जाएगा, जहां देशभर से आए श्रद्धालु श्रीरामराजा सरकार को हल्दी लगाएंगे। एक ओर अवध तो दूसरी ओर जनकपुर की दिखाई दी झलक संपूर्ण ओरछा नगर श्रीराममय हो गया है, जहां एक ओर अवध तो दूसरी ओर जनकपुर की झलक दिखाई दे रही है। श्रीराम विवाह में सम्मिलित होने वाले श्रद्धालु भक्तों में एक ही उमंग है कि हम रामराजा सरकार को कब दूल्हा बना देखें। इस पारंपरिक विवाह महोत्सव में लोगों को धर्म संस्कृति और परंपराओं का प्राचीन एवं अनोखा संगम देखने को मिलेगा। कलेक्टर रहेंगी मुख्य यजमान श्रीराम विवाह महोत्सव में 24 नवंबर को यजमान के रूप में जिला कलेक्टर जमुना भिडे मंडप का पूजन करेंगीं। मंदिर के प्रधान पुजारी रमाकांत शरण महाराज एवं मंदिर पुरोहित पं. वीरेंद्र बिदुआ द्वारा वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ विधिवत मंडपाच्छादन पूजन किया जाएगा। इसके बाद श्रीरामराजा मंदिर धर्मशाला में श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद वितरित किया जाएगा।

फेक करेंसी का खेल फटा: डॉक्टर ने ट्रैवल एजेंसी के नाम पर छापे 20 लाख के नकली नोट, बुरहानपुर RMO का रहा पद

खंडवा  नकली नोटों के बड़े रैकेट का राजफाश करते हुए खंडवा पुलिस ने भोपाल से एक डॉक्टर समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के गिरोह ने ट्रैवल एजेंसी की आड़ में फर्जी नोटों की छपाई कर लाखों की धोखाधड़ी को अंजाम दिया। यह वही गिरोह है, जिसके कारण 2 नवंबर को ग्राम पैठिया स्थित मदरसे में 19 लाख 78 हजार रुपए के नकली नोट मिले थे। आरोपियों को खंडवा न्यायालय में रविवार शाम को पेश कर 3 दिनों की रिमांड ली गई है। ट्रैवल एजेंसी की आड़ में छापते थे नकली नोट खंडवा एडिशनल एसपी महेंद्र तारनेकर ने  को प्रेस वार्ता कर खुलासा करते हुए बताया कि गिरोह का मास्टरमाइंड डॉ. प्रतीक नवलखे एवं उसके साथी गोपाल उर्फ राहुल और दिनेश गोरे भोपाल की गोकुलधाम सोसाइटी में किराए के मकान पर ट्रैवल एजेंसी का बोर्ड लगाकर नकली नोट छापते थे। मकान में हाई-क्वालिटी प्रिंटर, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और अन्य सामग्री से नोट तैयार किए जाते थे। जावर पुलिस ने मौके से भारी मात्रा में फर्जी नोट, उपकरण और दस्तावेज जब्त किए, जिनमें 32 एटीएम कार्ड और 15 चेकबुक भी शामिल हैं। गिरोह द्वारा महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश में नेटवर्क बनाकर नोट खपाने का काम किया जा रहा था। महाराष्ट्र में साथी के गिरफ्त में आने से हिल गया नेटवर्क गिरोह के मोस्ट ट्रस्टेड साथी और मदरसे में पदस्थ इमाम जुबेर अंसारी के महाराष्ट्र के मालेगांव पुलिस के हाथ लगने के बाद नेटवर्क टूटने लगा। इसी सुराग के आधार पर जावर पुलिस अलर्ट हुई और पैठिया के मदरसे पर दबिश देकर 20 लाख के नकली नोट बरामद किए गए थे। जांच आगे बढ़ाने पर पुलिस को पता चला कि इमाम को नकली नोट उपलब्ध कराने वाला डॉ. नवलखे है। 22 नवंबर को सूचना मिली कि वह भोपाल में छुपा है, जिसके आधार पर 23 नवंबर को टीम ने छापा मारकर सभी आरोपियों को धर दबोचा। जब्ती में मिले मोबाइल, लैपटॉप, ATM, चेकबुक और फर्जी नोट एडिशनल एसपी महेंद्र तारणेकर ने मीडिया से चर्चा में कहा की आरोपियों से बरामद सामग्री में भारी वित्तीय घोटाले की आशंका है। डॉ. प्रतीक नवलखे से जब्त सामग्री में 500 रुपए के 13 नकली नोट, 7 मोबाइल फोन, एक लैपटॉप, 15 चेकबुक, 12 ATM व डेबिट कार्ड जब्त हुए हैं। गोपाल उर्फ राहुल से जब्त सामग्री में 500 रुपए के 6 नकली नोट, ड्रायर मशीन, 2 मोबाइल, 20 ATM व डेबिट कार्ड। वहीं दिनेश गोरे से जब्त सामग्री में 500 रुपए के 17 नकली नोट, बरामद हुए हैं। आरोपियों को खंडवा कोर्ट में पेश कर रिमांड लिया गया ताकि गिरोह के अन्य नेटवर्क और सप्लाई चैन का पता लग सके। भोपाल में किराए के मकान में छिपे थे आरोपी जांच के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि मदरसे के इमाम को नकली नोट उपलब्ध कराने वाला डॉ. प्रतीक नवलखे निवासी बुरहानपुर हैं। इसी दौरान 22 नवंबर को सूचना मिली कि आरोपी डॉक्टर भोपाल मे गोपाल उर्फ राहुल के किराये के मकान मे छुपा हुआ हैं। 23 नवंबर को जावर टीम मौके पर पहुंची। यहां से प्रतीक नवलखे पिता सुरेश नवलखे (43) निवासी बुरहानपुर, गोपाल उर्फ राहुल पिता मांगीलाल पंवार (35) निवासी हरदा, दिनेश गोरे पिता दीपक गोरे (43) निवासी धारणी, जिला अमरावती महाराष्ट्र काे गिरफ्तार किया। आरोपियों के कब्जे से 15 चेकबुक और 32 एटीएम मिले एडिशनल एसपी महेंद्र तारणेकर ने बताया कि, भोपाल में गोकुल धाम सोसाइटी स्थित आरोपी गोपाल उर्फ राहुल के किराए के मकान से नकली नोट सहित अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी मिले है। मुख्य आरोपी डॉक्टर प्रतीक नवलखे के कब्जे से 500 रुपए के 13 नकली नोट, 7 मोबाइल, एक लैपटॉप, 15 चेक बुक, 12 एटीएम व डेबिट कार्ड जब्त किए गए। आरोपी गोपाल उर्फ राहुल पिता मांगीलाल पंवार के कब्जे से 500 के 6 नकली नोट, एक ड्रायर मशीन, दो मोबाइल, 20 एटीएम व डेबिट कार्ड जब्त किए गए। आरोपी दिनेश पिता दीपक गौर (43) निवासी धारणी के कब्जे से 500 के 17 नकली नोट जब्त किए। आरोपियों को खंडवा कोर्ट में पेश कर रिमांड लिया जाएगा। जेल में हुई थी आरोपियों की दोस्ती, वहीं बनाया प्लान 2019-20 के दौरान डॉ. प्रतीक नवलखे बुरहानपुर जिला अस्पताल में आरएमओ के पद पर था। उसने गांधी मेडिकल कॉलेज इंदौर से पढ़ाई कर रखी थी, लेकिन जिला अस्पताल में रहने के दौरान उसने कई घोटालों को अंजाम दिया। इसी तरह एक घोटाले में उस पर एफआईआर के बाद पुलिस ने जेल भेज दिया था। जेल में रहने के दौरान उसकी मुलाकात जुबेर अंसारी से हुई। दोनों बुरहानपुर के थे, इसलिए प्लान बनाया कि जेल से बाहर निकलकर क्या करेंगे। फिर उन्होंने नकली नोट के कारोबार का जाल बिछाया। एक लाख रुपए में देते थे 5 लाख के नकली नोट पुलिस के अनुसार, नकली नोट खपाने के बदले में डॉक्टर नवलखे और जुबेर अंसारी और दिनेश गौर अपने से जुड़ने वाले लोगों को ऑफर देते थे कि एक लाख रुपए के असली नोट दो और 5 लाख रुपए के नकली नोट लो। बाकी जैसी डील हो जाए। ऑनलाइन और बैंक ट्रांजैक्शन के लिए इन लोगों ने किराये पर बैंक खाते ले रखे थे, जिनके एटीएम इन्हीं लोगों के पास थे। इन खाता धारकों को भी कुल ट्रांजैक्शन का 10% कमीशन देते थे। भनक लगी तो चारधाम यात्रा पर निकल गया था डॉक्टर डॉक्टर प्रतीक नवलखे को जानकारी लग गई कि उसका साथ इमाम जुबेर अंसारी मालेगांव पुलिस के हत्थे चढ़ गया हैं। कहीं पूछताछ के दौरान जुबेर उसका नाम लेता है तो उसकी मुश्किलें बढ़ सकती हैं। नवलखे उस समय मुंबई में था। फिर ये लोग पुणे आए। यहां से वह सीधे इंदौर होकर भोपाल पहुंचा। वहां जाकर ठिकाना बदला, नोट छापने की मशीन को नाले में फेंका और अपनी गर्लफ्रेंड को अलग किया। गोपाल के किराये के मकान में सामान शिफ्ट किया। फिर चारधाम यात्रा पर निकल गया। इस दौरान उसने देहरादून, बद्रीनाथ, देवप्रयाग होते हुए वापस भोपाल आया, यहां पुलिस ने उसे दबोच लिया। भोपाल सहित महाराष्ट्र के कई शहरों में था व्यापार पुलिस पूछताछ में सामने आया कि आरोपियों का नकली नोट का कारोबार भोपाल के अलावा महाराष्ट्र के धुले, मालेगांव, जलगांव और चंद्रपुर, अकोला जिले का मूर्तिजापुर, अमरावती जिले का धारणी और नागपुर में था। इन लोगों ने अभी … Read more

किसानों की समृद्धि प्राथमिकता: मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जताई सरकार की संवेदनशीलता

कृषक कल्याण के लिए सरकार सजग और संवेदनशील: मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव 27 नवम्बर को श्योपुर में किसानों को देंगे राहत राशि श्योपुर के किसानों ने की मुख्यमंत्री डॉ.यादव से भेंट भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि किसानों के कल्याण के लिए राज्य सरकार सजग, संवेदनशील होकर सक्रियता के साथ कार्य कर रही है। मध्यप्रदेश देश का एकमात्र ऐसा राज्य है जहां भावान्तर योजना के तहत सोयाबीन उत्पादक किसानों को पर्याप्त राशि उपलब्ध कराई जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव आगामी 27 नवम्बर को श्योपुर में ऐसे धान उत्पादक किसानों को राहत राशि का वितरण करेंगे, जिनकी फसलों को नुकसान हुआ है। उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार द्वारा किसानों की फसलों को हुई क्षति के लिए सर्वेक्षण के निर्देश दिए गए थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार की शाम विधानसभा अध्यक्ष श्री नरेन्द्र सिंह तोमर के नेतृत्व में भेंट करने आए किसानों के समूह से चर्चा कर रहे थे। इस अवसर पर श्योपुर के प्रभारी मंत्री श्री राकेश शुक्ला, पूर्व मंत्री श्री राम निवास रावत भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों को सिंचाई के लिए बिजली बिल में अधिक राशि न देनी पड़े इस उद्देश्य से तीन हार्स पॉवर और पांच हार्स पॉवर के संचालन पर सरकार की ओर से 90 प्रतिशत भुगतान करने का प्रावधान किया गया। प्रदेश के किसानों से 2600 रुपए प्रति क्विंटन की दर से गेहूं खरीदने, धान पर बोनस राशि देने के निर्णय लिए गए। राज्य सरकार किसानों के हित का आगे भी लगातार ध्यान रखेगी। श्योपुर की विशेषताओं पर बोले मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि श्योपुर जिले में परिश्रमी किसानों ने कृषि के साथ दुग्ध उत्पादन में भी विशेष सहयोग दिया है। जिले में पशुपालन का प्रमुख हिस्सा गौ पालन है और गौ माता के सम्मान की भी परम्परा है। श्योपुर जिले में पालपुर कूनो में चीतों की बसाहट के बाद उनकी दूसरी और तीसरी पीढ़ी सामने आ रही है। निश्चित ही जिले में पर्यटन के माध्यम से अर्थ व्यवस्था को सशक्त बनाने के प्रयास सफल हो रहे हैं। आने वाले समय में इस क्षेत्र में बेहतर परिणाम दिखाई देंगे। 

स्कूलों को चेतावनी: यूनिफॉर्म व जूतों के लिए मजबूरी नहीं, नियम तोड़े तो होगी सख्त कार्रवाई

गुना  सर्दी के मौसम में यूनिफार्म को लेकर बच्चों को होने वाली परेशानी की शिकायतें लगातार सामने आ रही थीं। कई स्थानों पर गरीब परिवारों के बच्चे उचित गर्म कपड़े न होने के कारण स्कूलों में रोक-टोक का सामना कर रहे थे। इन परिस्थितियों को देखते हुए लोक शिक्षण संचालनालय ने बड़ा निर्णय लेते हुए ठंड के दौरान स्कूल यूनिफार्म की बाध्यता समाप्त कर दी है, जिससे हजारों बच्चों को राहत मिलेगी।   संचालनालय ने दिया आदेश संचालनालय द्वारा गुना जिला शिक्षा अधिकारियों और जनजातीय कार्य विभाग के संयोजकों को जारी आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि निर्धारित यूनिफार्म न होने की स्थिति में बच्चे किसी भी रंग और डिजाइन के गर्म कपड़े जैसे स्वेटर, जैकेट आदि पहनकर स्कूल आ सकते हैं। किसी भी स्थिति में वि‌द्यालय प्रबंधन या शिक्षक उन्हें कक्षा से बाहर नहीं कर सकते। आदेश में यह भी उल्लेख किया गया है कि यदि कोई स्कूल यूनिफार्म के नाम पर बच्चों पर अनावश्यक दबाव बनाता है, तो संबंधित संस्था और जिम्मेदार शिक्षकों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। यूनिफार्म और जूते उत्तरवाने का नहीं बनाएंगे दबाव संचालनालय ने एक और महत्वपूर्ण समस्या पर भी रोक लगा दी है। कुछ स्कूलों में बच्चों से कक्षा में प्रवेश से पहले जूते-चप्पल उतरवाने की शिकायत मिली थीं, जो ठंड के दिनों में बच्चों के स्वास्थ्य के लिए जोखिमभरी और अमानवीय मानी गई। अब इन दोनों प्रथाओं अनिवार्य यूनिफार्म और जूते-चप्पल उत्तरवाने पर तुरंत प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया गया है। सभी स्कूलों को निर्देशित किया गया है कि वह बच्चों के स्वास्थ्य, गरिमा और सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। निजी स्कूल बच्चों पर ठंड से बचाव को लेकर अलग से स्वेटर और जैकेट पहनकर आने का दबाव बना रहे थे। क्योंकि स्कूलों की मोनोपॉली के तहत ठंड के लिए अलग से ड्रेस लागू की थी। इससे अभिभावकों को आर्थिक बोझ पड़ रहा था। विभाग का यह कदम स्कूलों में समानता, संवेदनशीलता और बच्चों के प्रति सम्मान की संस्कृति को भी मजबूत करेगा। उल्लंघन करने वाले स्कूलों पर होगी कार्रवाई जिले के सभी निजी और सरकारी स्कूलों को आदेश भेजे जा चुके हैं। यदि किसी स्कूल द्वारा इन निर्देशों का उल्लंघन किया जाता है या यूनिफार्म के अभाव में बच्चे को कक्षा से बाहर करने की शिकायत मिलती है, तो तत्काल प्रभाव से कार्रवाई की जाएगी।- राजेश गोयल, डीईओ