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प्रभारी मंत्री अपने प्रभार के जिलों में करें विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में जारी विकास गतिविधियों, जनकल्याणकारी कार्यक्रमों और योजनाओं के मैदानी क्रियान्वयन की प्रभारी मंत्री अपने प्रभार के जिलों में समीक्षा करें। साथ ही जन समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर निराकरण करवायें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अक्टूबर माह में राज्य स्तर पर कलेक्टर-कमिश्नर कॉन्फ्रेंस आयोजित की जाएगी। कॉन्फ्रेंस में सभी मंत्रीगण, कमिश्नर, कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, संभागीय अधिकारी, आई.जी. सहित विभाग प्रमुख और सचिवालयीन अधिकारी शामिल होंगे। कॉन्फ्रेंस से पहले सभी कमिश्नर और कलेक्टर आगामी वर्ष की विकास कार्ययोजना भी तैयार करें, जिससे प्रदेश के विकास को और अधिक गति प्रदान की जा सके। 

रबी सीजन में निर्बाध एवं गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति की व्यवस्था

किसान निर्धारित दरों के अनुसार ही भुगतान करें भोपाल मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा कंपनी कार्यक्षेत्र के भोपाल, नर्मदापुरम, चंबल एवं ग्वालियर संभाग के 16 जिलों के अंतर्गत कृषि उपभोक्ताओं को रबी सीजन में निर्बाध एवं गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति प्रदान करने के लिए अस्थाई कृषि पम्प कनेक्शन प्रदान करने की माकूल व्यवस्था की है। गौरतलब है कि ग्रामीण क्षेत्र के कृषि उपभोक्ताओं को राज्य शासन द्वारा दी जा रही सब्सिडी घटाने के बाद थ्री फेज तीन हॉर्स पावर के अस्थाई पम्प कनेक्शन के लिए तीन माह के लिये कुल राशि रू. 5 हजार 917, चार माह के लिये रू. 7 हजार 775 एवं पांच माह के लिये 9 हजार 634 रूपये देय होंगे तथा पांच हार्स पावर अस्थाई पम्प कनेक्शन के लिए तीन माह के लिये रू. 9 हजार 634, चार माह के लिये रू. 12 हजार 732 एवं पांच माह के लिये 15 हजार 831 रूपये तथा साढे सात से आठ हॉर्स पॉवर अस्थाई पम्प कनेक्शन के लिए तीन माह के लिये रू. 15 हजार 211, चार माह के लिये रू. 20 हजार 168 एवं पांच माह के लिये 25 हजार 125 रूपये देय होंगे। थ्री फेज दस हॉर्स पॉवर अस्थाई पम्प कनेक्शन के लिए ग्रामीण क्षेत्र के कृषि उपभोक्ताओं को तीन माह के लिये 18 हजार 929 रूपये, चाह माह के लिये 25 हजार 125 रूपये एवं पांच माह के लिये 31 हजार 321 रूपये देय होंगे। कंपनी ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्र के कृषि उपभोक्ताओं के लिये अस्थाई पम्प कनेक्शन की दरें 8 अप्रैल 2025 से लागू हैं और उपभोक्ताओं को इन्हीं दरों पर अस्थाई पम्प कनेक्शन प्रदाय किये जा रहे हैं। कंपनी ने बताया है कि उचित रेटिंग का कैपेसिटर लगा होने पर कैपेसिटर सरचार्ज देय नहीं होगा एवं उपभोक्ताओं को अस्थाई पम्प कनेक्शन के लिये न्यूनतम तीन माह का अग्रिम भुगतान अनिवार्य होगा। कंपनी ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे अस्थाई कनेक्शन के लिये बिल राशि का भुगतान अधिकृत पीओएस मशीन के माध्यम से ही करें एवं भुगतान की रसीद अवश्य प्राप्त करें। साथ ही अस्थाई कृषि पंप कनेक्शन के परिसर (मौके) पर भुगतान रसीद की मूल अथवा छाया प्रति अवश्य रखी जाए, जिससे जांच के लिये मौके पर पहुंचे विद्युत कंपनी के अधिकारी/कर्मचारी को सत्यापन के लिये प्रस्तुत किया जा सके। अस्थाई कनेक्शनों की दरों के संबंध में अधिक जानकारी के लिए उपभोक्ता कंपनी के काल सेन्टर 1912, वेबसाइट portal.mpcz.in अथवा नजदीकी बिजली कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं।  

मंत्री सारंग ने किया अशोका गार्डन दशहरा मैदान का निरीक्षण

भोपाल  सहकारिता मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने मंगलवार को आगामी 2 अक्टूबर को मनाए जाने वाले दशहरा उत्सव की तैयारियों को लेकर अशोका गार्डन दशहरा मैदान का निरीक्षण किया। मंत्री श्री सारंग ने निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को पुख्ता तैयारी करने के निर्देश दिए। मंत्री श्री सारंग ने कहा कि दशहरा केवल एक उत्सव नहीं बल्कि सनातन संस्कृति की उस शाश्वत परंपरा का प्रतीक है, जिसमें धर्म की विजय और अधर्म का नाश होता है। प्रभु श्रीराम ने मर्यादा, धर्म और सत्य के बल पर रावण जैसे अधर्म के प्रतीक का अंत किया। यह पर्व समाज को सदैव यह प्रेरणा देता है कि सत्य, न्याय और धर्म की ही अंत में विजय होती है। मंत्री श्री सारंग ने कहा कि हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी नरेला विधानसभा में दशहरा उत्सव पूर्ण हर्ष और उल्लास के साथ मनाया जायेगा। पर्व को लेकर नगर निगम एवं जिला प्रशासन के अधिकारी व्यापक तैयारियों में जुटे हुए हैं। सुरक्षित वातावरण एवं हर्ष और उल्लास के साथ होगा दशहरा उत्सव मंत्री श्री सारंग ने बताया कि नागरिकों की सुविधा के लिए नरेला विधानसभा के सभी दशहरा मैदानों पर पर्याप्त बैठक व्यवस्था की जा रही है। ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू रखने के लिये पार्किंग एवं आवागमन के लिए विशेष प्रबंध किए जा रहे हैं। साथ ही नागरिकों के लिए पेयजल, चिकित्सा और अग्निशमन की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी जिससे उत्सव पूर्ण सुरक्षित वातावरण में हो सके। अधर्म पर धर्म की विजय का प्रतीक दशहरा उत्सव मंत्री श्री सारंग ने कहा कि दशहरा उत्सव हमें स्मरण कराता है कि भारत की सनातन संस्कृति और हिंदुत्व की जड़ें धर्म, सदाचार और परोपकार में निहित हैं। रावण दहन केवल प्रतीकात्मक नहीं है बल्कि यह अहंकार, अन्याय और अधर्म के विनाश तथा धर्म, सत्य और करुणा की स्थापना का संदेश देता है।  

राजनीति में उठा हलचल: पिता की पुण्यतिथि में न दिखे Jyotiraditya Scindia

ग्वालियर पूर्व केंद्रीय मंत्री माधवराव सिंधिया (Madhavrao Scindia) की मंगलवार को 24वीं पुण्यतिथि थी। अम्मा महाराज की छत्री पर माधवराव सिंधिया की समाधि पर महल से जुड़े लोगों के साथ गिनती के भाजपा नेताओं ने श्रद्धा सुमन अर्पित किए। कांग्रेसियों ने भी छत्री जाने की बजाय महलगेट पर माधवराव सिंधिया की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। शाम को छत्री में स्थित गोपाल मंदिर में हुई भजन संध्या में केवल प्रियदर्शनी राजे सिंधिया मौजूद थीं। सिंधिया की गैर मौजूदगी पर उठ रहे हैं सवाल कार्यक्रमों में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की गैर मौजूदगी पर उनके विरोधी राजनीतिक चर्चाओं में सवाल उठा रहे हैं। हालांकि महल के जनसंपर्क कार्यालय का कहना है कि बुधवार को कैबिनेट की बैठक होने के कारण केंद्रीय मंत्री पुण्यतिथि पर नहीं आ पाए हैं। विजयादशमी पर शाम तक उनके नगर प्रवास पर आने की पूरी संभावना हैं, क्योंकि शाम तक उनका अधिकारिक कार्यक्रम जारी होना है। वैसे भी पुण्यतिथि परंपरागत रूप से सादगी के साथ मनाई जाती है और जन्मदिन पर अम्मा महाराज की छत्री में आयोजित कार्यक्रम में सभी को आमंत्रित किया जाता है।   मुख्यमंत्री ने विकास कार्यों को स्मरण किया मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एक्स पर टि्वट कर पूर्व केंद्रीय मंत्री माधवराव सिंधिया की पुण्यतिथि पर श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए उनके द्वारा किए गए विकास कार्यों को स्मरण किया है। सिंधिया से जुड़े लोग पुण्यतिथि पर कई जनसेवा के कार्य आयोजित कर रहे हैं। पूर्व केंद्रीय मंत्री माधवराव सिंधिया का उत्तर प्रदेश में विमान हादसे में 24 वर्ष पूर्व निधन हो गया था। उस समय प्रदेश में दिग्विजय सिंह के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार थी। माधवराव सिंधिया के असमय निधन के बाद उनकी राजनीतिक विरासत को पुत्र केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने संभाला। लगभग साढ़े छह वर्ष पूर्व सिंधिया के कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल होने के बाद अम्मा महाराज की छत्री पर प्रदेश का भाजपा नेतृत्व भी माधवराव सिंधिया की समाधि पर पुष्पांजलि अर्पित करने के लिए आने लगा। कई लोगों ने बताया यह उनका निजी मामला जन्मोत्सव पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव व पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान सहित कई बड़े नेता श्रद्धासुमन अर्पित करने के लिए आते रहे हैं। समय के अनुसार वरिष्ठ नेतृत्व श्रद्धासुमन अर्पित करने के लिए आता रहा है- पिता की पुण्यतिथि पर केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की गैर मौजूदगी पर राजनीतिक निहितार्थ निकाले जा रहे हैं। महल से जुड़े बाल खांडे का कहना है कि वैसे तो यह उनका निजी मामला है। पुण्यतिथि व जन्मोत्सव पर मुख्यमंत्री सहित अन्य वरिष्ठ नेता समाधि पर आए हैं। समय के अनुसार परिवार का कोई न कोई सदस्य मौजूद रहता है। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया पूर्वोत्तर के दौरे पर थे और बुधवार को कैबिनेट की बैठक भी है। समय के अनुसार वरिष्ठ नेतृत्व का श्रद्धा सुमन अर्पित करने के लिए आना जाना रहा है। शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुरेंद्र यादव का कहना है कि पुण्यतिथि पर केंद्रीय मंत्री की गैरमौजूदगी उनका निजी मामला है। कांग्रेसियों ने महल गेट पर माधवराव सिंधिया की प्रतिमा पर श्रद्धा सुमन अर्पित किए हैं।

खजुराहो में ओबेरॉय समूह आरंभ करेगा पांच सितारा राजगढ़ पैलेस होटल

मुख्यमंत्री डॉ. यादव को शुभारंभ के लिए किया आमंत्रित भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने खजुराहो के राजगढ़ पैलेस में ओबेरॉय समूह द्वारा द ओबेरॉय राजगढ़ पैलेस होटल आरंभ करने पर प्रसन्नता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि देश के प्रतिष्ठित होटल समूह द्वारा आरंभ किए जा रहे पांच सितारा लग्जरी होटल से प्रदेश में पर्यटन को प्रोत्साहन मिलेगा। देश के साथ अंतर्राष्ट्रीय पर्यटक भी हमारी समृद्ध ऐतिहासिक, सांस्कृतिक धरोहर और वन्य प्राणी पर्यटन की ओर आकर्षित होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंगलवार को मुख्यमंत्री निवास आये ओबेरॉय समूह के श्री अर्जुन ओबेरॉय तथा श्री शंकर से चर्चा के दौरान यह बात कही। अपर मुख्य सचिव पर्यटन श्री शिव शेखर शुक्ला भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को ओबेरॉय समूह के प्रतिनिधियों ने द ओबेरॉय राजगढ़ पैलेस होटल के शुभारंभ के लिए आमंत्रित किया। उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार द्वारा राजगढ़ पैलेस के नवीनीकरण और जीर्णोद्धार कर उसे पांच सितारा होटल के रूप में संचालित करने के लिए ओबेरॉय समूह को लीज पर दिया गया है। द ओबेरॉय राजगढ़ पैलेस चंद्रनगर के पास मानगढ़ और मनियागढ़ की पहाड़ियों के मध्य हर-भरे बगीचों के बीच स्थित है। बुन्देला राजवंश द्वारा निर्मित 350 साल पुराना यह महल भारतीय स्थापत्य और पारम्परिक बुंदेलखंड की विशेषताओं का मिश्रण है। द ओबेरॉय समूह द्वारा विकसित राजगढ़ पैलेस होटल में महलनुमा रेस्टोरेंट, भव्य बैंक्वेट हॉल सहित 66 भव्य कक्ष उपलब्ध हैं। यह कॉर्पोरेट आयोजनों, डेस्टीनेशन वेंडिग्स, सामाजिक समारोह आदि के लिए आदर्श स्थान के रूप में स्थापित होगा।  

राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने प्रो. मिलिन्द दत्तात्रेय दाण्डेकर को कुलगुरू नियुक्त किया

मध्यप्रदेश भोज (मुक्त) विश्वविद्यालय भोपाल के होंगे कुलगुरू भोपाल राज्यपाल एवं कुलाधिपति श्री मंगुभाई पटेल ने मध्यप्रदेश भोज (मुक्त) विश्वविद्यालय भोपाल का कुलगुरू प्रो. मिलिन्द दत्तात्रेय दाण्डेकर को नियुक्त किया है। श्री गोविन्दराम सेकसरिया प्रौद्योगिकी एवं विज्ञान संस्थान, इंदौर (म.प्र.) के इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन इंजीनियरिंग विभाग के प्रो. मिलिन्द दत्तात्रेय दाण्डेकर को कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से 04 वर्ष की कालावधि या 70 वर्ष की आयु जो भी पूर्वतर हो, के लिए कुलगुरु नियुक्त किया गया है। जारी आदेश के अनुसार इनकी सेवा शर्तें एवं निबंधन विश्वविद्यालय के परिनियम- 1 ए के अनुसार शासित होंगी।  

DAVV इंदौर में हड़कंप: Gen-Z प्रोटेस्ट के नाम पर फर्जी अकाउंट और तोड़फोड़ की कहानी

इंदौर इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय(DAVV) के आईईटी कैंपस में एंटी रैगिंग कमेटी की जांच रिपोर्ट ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। रिपोर्ट के मुताबिक, सीनियर छात्रों ने नेपाल में हुए आंदोलनों की तर्ज पर यहां Gen-Z स्टाइल में प्रोटेस्ट करने की तैयारी की थी। इसके लिए जूनियर छात्रों पर दवाब बनाकर उनसे फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट बनवाए गए और उन्हें विरोध से जुड़े पोस्ट व ट्वीट करने के निर्देश दिए गए। मामला सामने आने के बाद एंटी रैगिंग कमेटी ने जांच की और जूनियर छात्रों के बयानों में नेपाल जैसी तैयारी करने का जिक्र भी किया गया है। सीनियर छात्रों ने जूनियर्स की ली थी रैगिंग दरअसल करीब एक महीने पहले देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के इंजीनियरिंग कॉलेज के IET कैम्पस में सीनियर छात्रों ने जूनियर छात्र की रैगिंग की थी, जिसके आधार पर जांच में तीन सीनियर छात्रों को हॉस्टल से बेदखल करने के साथ एक सेमेस्टर से बाहर किया गया था। जानकारी में सामने आया है कि इन्हीं छात्रों ने इस साजिश को रचा था। छात्रों द्वारा सीसीटीवी कैमरों के साथ तोड़फोड़ करने का मामला भी सामने आया है। होटल में बनाई गई थी आंदोलन की प्लानिंग विश्वविद्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, 23 सितंबर को एक निजी होटल में बैठकर करके इस कथित आंदोलन की रणनीति बनाई गई थी। इतना ही नहीं, 26 सितंबर को कैंपस के सीसीटीवी कैमरे तोड़ दिए गए और DVR तक गायब कर दिए गए। समिति का मानना है कि यह कदम आंदोलन की गतिविधियों को छिपाने के लिए उठाया गया है। एंटी रैगिंग कमेटी ने छात्रों के बयान दर्ज कर पूरे मामले की रिपोर्ट तैयार की और उसे प्रॉक्टोरियल कमेटी को भेजा है। रैगिंग और आंदोलन पर क्या बोले कुलगुरू? इस मामले में देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के कुलगुरु राकेश सिंघल ने बताया, "कुछ सीनियर छात्रों पर पहले रैगिंग के मामले में जुर्माना और हॉस्टल से निष्कासन की कार्रवाई हो चुकी थी। इन्हीं छात्रों ने आक्रोश में आकर जूनियर छात्रों को धमकाते हुए आंदोलन की योजना बनाई।" नेपाल जैसे आंदोलन का जिक्र जरूर, लेकिन… सिंघल के अनुसार, “रिपोर्ट में नेपाल जैसे आंदोलन का जिक्र जरूर किया गया है, लेकिन इसकी गहन जांच अभी जरूरी है। विश्वविद्यालय प्रबंधन ने पूरे मामले की शिकायत भंवरकुआं थाने में आवेदन देकर की है। हालांकि, अभी तक नामजद एफआईआर दर्ज नहीं हुई है। पुलिस मामले की पड़ताल कर रही है। विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि दोषी छात्रों पर सख्त कार्रवाई होगी।” व्यक्तिगत आक्रोश को आंदोलन का रूप देने की कोशिश देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर के कुल गुरु राकेश सिंघल ने बताया, "यह मामला न केवल कैंपस की अनुशासन व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि किस तरह सीनियर छात्रों ने व्यक्तिगत आक्रोश को आंदोलन का रूप देने की कोशिश की। फिलहाल विश्वविद्यालय प्रशासन और पुलिस दोनों स्तर पर जांच जारी है और दोषियों पर जल्द निर्णय आने की संभावना है।"

मध्य प्रदेश के भिंड में भीषण दुर्घटना, ट्रक-बाइक भिड़ंत में 5 की जान गई

भिंड मध्य प्रदेश के भिंड जिले में मंगलवार सुबह एक कैंटर-ट्रक के हाईवे पर दो मोटरसाइकिलों से टकरा जाने से पांच लोगों की मौत हो गई। पुलिस ने यह जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि यह घटना फूप थाना क्षेत्र के अंतर्गत भिंड-इटावा राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक पुलिया के पास हुई। फूप थाना प्रभारी सत्येंद्र सिंह राजपूत ने बताया कि टेढ़ी पुलिया के पास ट्रक और मोटरसाइकिलों की आमने-सामने की टक्कर में एक महिला और एक बच्ची समेत पांच लोगों की मौत हो गई। उन्होंने बताया कि पुलिस मृतकों की पहचान करने की कोशिश कर रही है और घटना की जांच जारी है।  

लाड़ली बहना आवास योजना की पहली लिस्ट जारी, 5 लाख महिलाओं को मिलेगा घर का सपना

भोपाल  मध्य प्रदेश की 1.27 करोड़ से ज्यादा लाड़ली बहनों के लिए प्रदेश की सीएम मोहन यादव सरकार ने बड़ी राहत दी है। इस योजना से जुड़ी महिलाओं को लाड़ली बहना आवास योजना के तहत आवास दिए जाएंगे। प्रदेश सरकार ने ऐसी 5 लाख महिलाओं की सूची जारी कर दी है। आइए जानते हैं कि इस योजना का लाभ कैसे मिलेगा, आवेदन कैसे करें, अपना नाम कैसे चेक करें और कैसे नाम जोड़वाएं। कौन कर सकता है आवेदन?  इस योजना का लाभ उन्हें मिलेगा जो मध्यप्रदेश के निवासी हैं और जो कच्चे मकान में रह रही हैं। इसके अलावा, जो महिलाएं प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ नहीं प्राप्त कर पाईं, वे भी लाड़ली बहना आवास योजना का लाभ ले सकेंगी। योजना में पात्र महिलाएं वे हैं जिनके खातों में हर महीने 1250 रुपये की किस्त आती है। लाड़ली बहना योजना का मुख्य उद्देश्य महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देना है। मोहन सरकार का मानना है कि जब महिला के पास पक्का मकान होगा, तो उसे न केवल सुरक्षा मिलेगी बल्कि उसका आत्मसम्मान भी बढ़ेगा। इससे वह आत्मनिर्भर बन सकेगी और अपनी स्थिति को सशक्त रूप से सुधार सकेगी। लाड़ली बहनों को मिलेगा पक्का मकान मध्य प्रदेश की लाड़ली बहना योजना की पात्र महिलाएं अब खुद के घर का सपना सच होते देख सकेंगी। सीएम मोहन यादव ने घोषणा की है कि सभी पात्र महिलाओं को सरकार की ओर से पक्का घर दिया जाएगा। इसकी प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। सरकार लाड़ली बहनों को छत का आसरा देने के लिए उन्हें आर्थिक सहायता देगी। जानें किन्हें मिलेगा इस योजना का लाभ? मध्यप्रदेश की बीजेपी सरकार पक्के घर के लिए आर्थिक सहायता राशि देने की इस योजना का लाभ उन महिलाओं को दे रही है, जो पहले से ही इस योजना (Ladli Behna Yojana) से जुड़ी हुई हैं। उनके खातों में हर महीने आने वाली किस्त के 1250 रुपए आते हैं। इसके लिए मध्यप्रदेश का निवासी होना जरूरी है। जो कच्चे मकान में रह रही हैं या फिर जिन महिलाओं को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ न मिला हो, वे ही इस योजना का लाभ ले सकेंगी। आवेदन प्रक्रिया और नाम चेक करने का तरीका  आवेदन प्रक्रिया बहुत सरल है। महिला को अपनी पात्रता की पुष्टि करने के लिए अपने गांव या नगर निगम कार्यालय में आवेदन करना होगा। इसके अलावा, वे ऑनलाइन माध्यम से भी अपने नाम की जांच कर सकती हैं और नाम जुड़वाने के लिए आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी प्राप्त कर सकती हैं। मोहन सरकार का ऐतिहासिक कदम इस योजना का नाम है लाड़ली बहना आवास योजना (Ladli Behna Awas yojana)। ये योजना महिला सशक्तिकरण की दिशा में मोहन सरकार का ऐतिहासिक कदम है। सरकार का मानना है कि जब महिला के पास पक्का मकान होगा, तो वह सुरक्षा के साथ ही आत्मसम्मान भी महसूस करेगी। आत्मनिर्भरता में उसकी भागीदारी बढ़ेगी। बताया जा रहा है किमध्य प्रदेश की लाड़ली बहना आवास योजना (Ladli Behna Awas yojana) के लिए ग्रामीण सूची भी जारी की गई है। इस योजना के तहत पहले चरण में प्रदेश की 5 लाख महिलाओं को इसका लाभ मिलेगा। जल्द ही अन्य महिलाओं के नाम की लिस्ट में इस आवास योजना के लिए जारी किए जाएंगे। ताकि ज्यादा से ज्यादा महिलाओं को इस योजना का लाभ मिल सके। पहले चरण के तहत पक्के मकानों का निर्माण कार्य जल्द ही शुरू होने जा रहा है। हितग्राही महिलाएं अपना नाम आधिकारिक वेबसाइट cmladlibehnayojana.com पर जाकर चैक कर सकती हैं। इसके लिए लाभार्थी सूची (cmladlibehnamp.gov.in list) का विकल्प चुनें। इसके बाद ब्लॉक और ग्राम पंचायत का चयन करना होगा। अब बॉक्स में अपना नाम टाइप करें, पति का नाम और कैप्चा कोड को फिल करें। इस जानकारी को भरते ही लिस्ट आपके सामने होगी, आप देख सकेंगी की लाभार्थियों की सूची में आपका नाम है या नहीं। जिनके पास नहीं इंटरनेट या स्मार्ट फोन, उन्हें भी मिलेगा लाभ योजना का लाभ उन महिलाओं को भी मिल सकेगा, जिनके पास इंटरनेट की सुविधा नहीं है या स्मार्ट फोन उपलब्ध नहीं है। अगर आप भी ऐसी ही महिलाओं में से एक हैं, तो अपने गांव के जनसेवा केंद्र, पंचायत कार्यालय और ग्राम सचिवालय में जाकर लाभार्थी सूची की जानकारी प्राप्त कर सकती हैं। वहां अधिकारी आपकी हर संभव मदद करेंगे। लिस्ट में नहीं नाम, तो करें ये काम अगर किसी महिला का नाम सूची (ladli behna awas yojana list) में नहीं आता है, जबकि उसने आवेदन दिया है, तो वह ग्राम पंचायत सचिव या जनसेवा केंद्र से संपर्क कर सकती है। इसके साथ ही आधिकारिक पोर्टल पर भी महिला सूची में अपना नाम देख सकती है। वह अपने द्वारा दिए गए आवेदन की स्थिति की जानकारी भी ले सकती है।

आत्माओं को तृप्त करने की अनोखी रिवायत, उज्जैन में मदिरा की 27KM लंबी धारा

उज्जैन उज्जैन में शारदीय नवरात्र की महाअष्टमी पर आज सुख-समृद्धि के लिए नगर पूजा हुई. कलेक्टर रौशन कुमार सिंह सुबह 7.30 बजे चौबीस खंभा स्थित माता महामाया व महालया को मदिरा का भोग लगाकर पूजा की शुरुआत की. इसके बाद शासकीय अधिकारी व कोटवारों का दल शहर के विभिन्न स्थानों में स्थित 40 से अधिक देवी व भैरव मंदिर में ढोल ढमाकों के साथ रवाना हुए. इस दौरान नगर के करीब 27 किलो मीटर लंबे नगर पूजा मार्ग पर मदिरा की धार लगाई जा रही है. साथ ही पूड़ी, भजिए, गेहूं व चने की घुघरी अर्पित की जाएगी. मान्यता है ऐसा करने से नगर में मौजूद अतृप्त आत्माएं तृप्त होती हैं तथा सुख-समृद्धि का आशीर्वाद प्रदान करती है. धर्मधानी उज्जैन में नगर पूजा की परंपरा सम्राट विक्रमादित्य के काल से चली आ रही है. आजादी के बाद से नगर पूजा करा रही सरकार कालांतर में राजा महाराजा इस परंपरा का निर्वहन करते आए हैं. स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद सरकार की ओर से नगर पूजा कराई जा रही है. आज नगर पूजा का शुभारंभ चौबीस खंभा माता मंदिर से हुआ. मान्यता है कि यह प्राचीन उज्जैन का मुख्य द्वार है. इस द्वार के दोनों ओर माता महामाया व महालया विराजित है. इसीलिए आज सुबह सर्वप्रथम कलेक्टर रोशन कुमार सिंह, एसपी प्रदीप शर्मा ने यही से पूजन की शुरुआत की. इसके बाद शहर के अन्य देवी व भैरव मंदिरों में पूजा की जा रही है. मान्यता है कि देवी भैरव आदि अनादिकाल से इस नगर की सुरक्षा कर रहे हैं. उन्हीं के आशीर्वाद से प्रजाजन सुखी व संपन्न रहते हैं. देवताओं की कृपा सदा सर्वदा बनी रहे, इसलिए प्रतिवर्ष शारदीय नवरात्र की महाअष्टमी पर राजा द्वारा देवी भैरव के पूजन की परंपरा है. आज सुबह चौबीस खंभा माता मंदिर से सुबह नगर पूजा की शुरुआत हुई. सुबह से शाम तक करीब 12 घंटे पूजा अर्चना का सिलसिला चलता है. रात 8 बजे गढ़कालिका माता मंदिर के समीप हांडी फोड़ भैरव मंदिर में पूजा अर्चना के साथ नगर पूजा संपन्न होती है. 14 घंटे चलती है नगर पूजा उज्जैन में की जाने वाली ये नगर पूजा लगभग 14 घंटों में पूरी होती है. सुबह 7.30 बजे सबसे पहले देवी महामाया और महालया का शराब को भोग लगाने से ये पूजा शुरू होती है. 40 मंदिरों में पूजा करते-करते रात करीब 7.30 बजे इस पूजा का समापन होता है. नगर पूजा के अंतर्गत देवी और भैरव मंदिरों में शराब का भोग लगाते हैं और हनुमान मंदिरों के मंदिर में ध्वजा अर्पित की जाती है. 40 अलग-अलग मंदिरों में पूजा करने के बाद शासकीय अधिकारियों व कर्मचारियों की टीम हांडी फोड़ भैरव मंदिर पहुंचती है. यहां इस पूजा का समापन होता है और शराब से भरी मटकी फोड़ दी जाती है. इस पूजा के लिए आबकारी विभाग 31 बोतल शराब अपनी ओर से देता है. इस पूजा में सिंदूर, कुंकुम, अबीर, मेहंदी, चूड़ी, नारियल, चना, सिंघाड़ा, पूरी-भजिए, दूध, दही, इत्र आदि 40 तरह की चीजों का उपयोग किया जाता है.