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मोहासा-बाबई प्रोजेक्ट आत्मनिर्भर और मेक इन इंडिया के विजन को करेगा साकार

म.प्र. नवकरणीय उपकरण निर्माण सेक्टर में मध्यप्रदेश बनेगा आत्मनिर्भर भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रयासों से केन्द्र सरकार द्वारा नर्मदापुरम जिले के औद्योगिक क्षेत्र मोहासा-बाबई को मिली 'ग्रीन फील्ड मैन्युफैक्चरिंग जोन फॉर पॉवर एवं रिन्यूएबल एनर्जी इक्विपमेंट' की सौगात प्रदेश के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि है। इससे विद्युत एवं नवकरणीय ऊर्जा उपकरणों के निर्माण में आत्मनिर्भर भारत और मेक इन इंडिया की परिकल्पना को मूर्त रूप दिया जा सकेगा। भारत सरकार की इस पहल से मध्यप्रदेश न केवल इस क्षेत्र में अग्रणी बनेगा, बल्कि निवेश और रोजगार सृजन के नए अवसर सृजित होंगे। औद्योगिक इकाइयों को विशेष प्रोत्साहन औद्योगिक क्षेत्र मोहासा-बाबई फेज-1 की 1678 एकड़ विकसित भूमि में से 884 एकड़ भूमि पर विद्युत एवं नवकरणीय ऊर्जा उपकरणों का विनिर्माण क्षेत्र विकसित किया गया है। इकाइयों को उद्योग संवर्धन नीति 2014 (संशोधित) के अतिरिक्त अनेक विशेष प्रोत्साहन दिए गए हैं। इन प्रोत्साहनों में पाँच वर्षों तक रियायती दरों पर बिजली की आपूर्ति, विद्युत शुल्क की प्रतिपूर्ति, पानी की आपूर्ति मात्र 25 रूपये प्रति किलोलीटर की दर पर, भूमि संबंधी सभी शुल्कों में राहत, न्यूनतम विकास शुल्क तथा प्रतीकात्मक राशि पर भूमि आवंटन जैसी सुविधाएँ शामिल हैं। फेज-वन में 17,750 करोड़ का मिला निवेश राज्य शासन द्वारा आमंत्रित एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट के तहत 29 निवेशकों से आवेदन प्राप्त हुए। विस्तृत परीक्षण और चर्चा के बाद 22 इकाइयों को 514.50 एकड़ भूमि आवंटित की गई है। इन इकाइयों से 17,750 करोड़ रूपये के निवेश और 21,777 लोगों के लिए रोजगार का सृजन प्रस्तावित है। वर्तमान में 6 वृहद इकाइयाँ मेसर्स यू एनर्जी प्रा.लि., मेसर्स लेण्डसमिल रिन्यूएबल्स प्रा.लि., मेसर्स लेण्डसमिल ग्रीन एनर्जी प्रा.लि., मेसर्स लेण्डसमिल ग्रीन इंडस्ट्रीज प्रा.लि., मेसर्स इन्सोलेशन ग्रीन एनर्जी प्रा.लि., मेसर्स रेज ग्रीन एनर्जी मैन्युफैक्चरिंग प्रा.लि. सहित दो एमएसएमई इकाइयाँ मेसर्स सनकोसा एनर्जी प्रा.लि. एवं मेसर्स एक्लेक्टिक डिज़ाइन अपने भूखण्डों पर तेजी से निर्माण कार्य कर रही हैं। अन्य निवेशक भी अपनी इकाई स्थापना संबंधी आवश्यक कार्यवाही कर रहे हैं। फेज-2 का विस्तार: 750 एकड़ में नया विनिर्माण क्षेत्र विकसित मोहासा-बाबई फेज-1 की सफलता को देखते हुए राज्य शासन ने 30 जुलाई 2025 को फेज-2 विकसित करने का निर्णय लिया है। इसके अंतर्गत 1034 एकड़ भूमि में से 750 एकड़ पर विद्युत एवं नवकरणीय ऊर्जा उपकरणों का विनिर्माण क्षेत्र विस्तारित किया गया है। निवेशकों के लिये विशेष रियायतें फेज-2 में निवेशकों के लिए विशेष रियायतें उपलब्ध कराई जा रही हैं। इनमें प्रचलित भूमि मूल्य के केवल 25 प्रतिशत प्रीमियम पर भूखंड आवंटन, वास्तविक विकास शुल्क का 20 समान वार्षिक किश्तों में भुगतान, 100 प्रतिशत स्टाम्प ड्यूटी एवं पंजीयन शुल्क की प्रतिपूर्ति और पानी की आपूर्ति 25 रूपये प्रति किलोलीटर की दर पर शामिल हैं। इस विस्तार से बड़े और छोटे दोनों स्तर के निवेशकों को आकर्षित होंगे, जिससे प्रदेश का औद्योगिक आधार और अधिक सशक्त होगा। मोहासा-बाबई औद्योगिक क्षेत्र के दोनों चरणों से प्रदेश विद्युत एवं नवकरणीय ऊर्जा उपकरण निर्माण के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनने की ओर अग्रसर है। इन विनिर्माण क्षेत्रों से न केवल आवश्यक उपकरणों की आयात निर्भरता कम होगी, बल्कि प्रदेश को एक नई औद्योगिक पहचान भी मिलेगी। यह पहल प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत और मेक इन इंडिया जैसे राष्ट्रीय अभियानों को मजबूत करती है और मध्यप्रदेश को भारत के ऊर्जा उपकरण निर्माण का हब बनाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम साबित हो रही है।  

प्रदेश में नीलाम किये गये मुख्य खनिज ब्लॉक में खनन संक्रियाएँ प्रारंभ किये जाने की समीक्षा

भोपाल  प्रमुख सचिव खनिज साधन श्री उमाकांत उमराव की अध्यक्षता में मंगलवार को आरसीव्हीपी नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी, भोपाल में नीलाम किये गये मुख्य खनिज ब्लॉक, जिनमें चूना पत्थर, बॉक्साइट, आयरन, मैग्नीज, रॉक फॉस्फेट, कॉपर और अन्य कुल 103 खनिज ब्लॉकों में खनन संक्रियाएँ प्रारंभ किये जाने के संबंध में अधिमानी बोलीदारों के साथ समीक्षा बैठक हुई। प्रमुख सचिव श्री उमराव ने बताया कि समीक्षा बैठक का मूल उद्देश्य खनन संक्रियाएँ प्रारंभ करने के लिये आवश्यक वैधानिक अनुमति प्राप्त करने में अधिमानी बोलीदारों द्वारा की गयी कार्रवाई और उन्हें आ रही कठिनाइयों को दूर करने के लिये एक मंच प्रदान करना था। उन्होंने बताया कि वैधानिक अनुमति प्राप्त करने में लगने वाले समय में निरंतर कमी परिलक्षित हो रही है। विभाग द्वारा वैधानिक अनुमति प्राप्त करने में आ रही कठिनाइयों को दूर करने के लिये खनन से संबंधित विभागों बोलीदारों के मध्य समन्वय स्थापित किया गया। उन्होंने कहा कि नीलाम किये गये खनिज ब्लॉक के संचालन प्रारंभ किये जाने में निरंतर वृद्धि हो रही है। बैठक में अधिमानी बोलीदार के अलावा वन, पर्यावरण एवं खनिज विभाग के अधिकारी भी उपस्थित रहे। 

मध्यप्रदेश के संसाधन और ताइवान की तकनीक उद्योग क्षेत्र में नई मिसाल करेंगे प्रस्तुत : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

ताइवान के साथ नई साझेदारी की ओर अग्रसर मध्यप्रदेश मुख्यमंत्री डॉ. यादव से ताइवान के प्रतिनिधि मंडल ने निवेश अवसरों पर की चर्चा भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि ताइवान की निर्माण तकनीक और मध्यप्रदेश की विशाल औद्योगिक तथा उपभोक्ता क्षमता मिलकर विकास, नवाचार और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में नए मानदंड स्थापित करेगी। सेमीकंडक्टर, पीसीबी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और नवकरणीय ऊर्जा जैसे क्षेत्र मध्यप्रदेश और ताइवान सहयोग के नए केंद्र बन रहे हैं। ताइवान की तकनीक और मध्यप्रदेश के संसाधन मिलकर वैश्विक स्तर पर दृढ़ और प्रतिस्पर्धी उद्योग विकसित कर सकते हैं। आने वाला समय दोनों पक्षों के लिए अनंत संभावनाएं ला रहा है। मध्यप्रदेश सरकार ताइवानी निवेश को आकर्षित करने और सफल बनाने के लिए पूरी सुविधा, नीतिगत समर्थन और प्लग-एंड-प्ले अवसंरचना उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश और ताइवान के बीच व्यापार और निवेश अवसरों पर ताइवान व्यापार विकास परिषद और ताइवान आर्थिक एवं सांस्कृतिक केंद्र के प्रतिनिधियों से मंत्रालय में चर्चा के दौरान यह बात कही। चर्चा में प्रमुख सचिव औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन श्री राघवेन्द्र कुमार सिंह सहित ताइवान विकास परिषद के डायरेक्टर जनरल श्री चुन यू चांग, सेकंड सेक्रेटरी श्री जिह शेंग वांग, ताइवान आर्थिक एवं सांस्कृति केन्द्र के निदेशक श्री विक लिन तथा ट्रेड प्रमोशन विशेषज्ञ सुश्री कीर्तन नांबियार शामिल हुईं। औद्योगिक साझेदारी के साथ ही शिक्षा और सांस्कृतिक क्षेत्र में भी होगा आदान-प्रदान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विजन के अनुरूप हम ताइवान के साथ एक विश्वसनीय साझेदार के रूप में नए साझेदारी की ओर अग्रसर हो रहे हैं। ताइवान अपनी तकनीक और नवाचार में अग्रणी है और मध्यप्रदेश प्रचुर संसाधनों, कुशल मानव संसाधन और विभिन्न सेक्टर में अनंत संभावनाओं के साथ सहयोग का इच्छुक है। मध्यप्रदेश से ताइवान को मुख्य रूप से इलेक्ट्रानिक मशीनरी, फार्मास्युटिकल्स, रासायन तथा खाद्य पदार्थ निर्यात होते हैं, वहीं ताइवान से मध्यप्रदेश इलेक्ट्रॉनिक पुर्जे, मशीनरी और सेमीकंडक्टर्स आयात करता है। ताइवान के प्रतिनिधि मंडल द्वारा ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट और रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव में सक्रिय सहभागिता की गई। देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर ने ताइवान के विश्वविद्यालयों के साथ एमओयू किया है, जो शिक्षा, अनुसंधान, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और औद्योगिक साझेदारी को बढ़ावा देगा। मध्यप्रदेश अपनी भौगोलिक स्थिति, संसाधनों और उद्योग सहयोगी नीतियों के कारण ताइवानी निवेशकों के लिए एक आदर्श गंतव्य है। ताइवान और मध्यप्रदेश एक स्पष्ट रोडमैप तैयार कर निवेश बढ़ाने की दिशा में अग्रसर होंगे।  

लव जिहाद का डरावना सच: इंदौर में आरोपी ने बदल दी लड़की की जिंदगी, कहा – तुम नमाज पढ़ा करो

इंदौर 'तुम मुस्लिमों की तरह रहा करो, हिंदू बनकर मत रहा करो। नमाज पढा करो। मैं मुस्लिम हूं। तुमसे दूसरी शादी कर लूंगा।' श्रमिक कॉलोनी (राऊ) निवासी दानिश मंसूरी हिंदू युवती को इसी तरह धमकाता था। उसने युवती का आपत्तिजनक वीडियो भी बना लिया। अलग-अलग होटलों में बुलाया और दुष्कर्म किया। युवती की सगाई हुई तो मंगेतर को वीडियो व मैसेज भेज कर रिश्ता तुड़वा दिया। जून में पीड़िता का रिश्ता हुआ तय राऊ क्षेत्र निवासी 22 वर्षीय पीड़िता एक स्टोर में नौकरी करती थी। इसी दौरान दानिश से दोस्ती हो गई। पीड़िता की मां हिंदू और पिता मुस्लिम है। हालांकि वह हिंदू धर्म मानती है। हिंदूओं की तरह रहती है और हिंदू देवी देवताओं की पूजा करती है। दानिश इससे इनकार करता था। उसने कहा कि तुम मुस्लिमों की तरह रहा करो। दानिश की शादी हो गई लेकिन वह दूसरी शादी करने का बोलता था। इसी वर्ष जून में पीड़िता का रिश्ता तय हो गया।   जबरदस्ती कर अश्लील वीडियो बनाया दानिश ने पीड़िता को धमकाया और युवती के मंगेतर को आपत्तिजनक मैसेज कर दिए। उसने अगस्त माह में मिलने के लिए राजेंद्र नगर स्थित एक होटल में बुलाया और जबरदस्ती कर अश्लील वीडियो बना लिया। इसके बाद पीड़िता को फूटी कोठी,सिरपुर क्षेत्र की अलग-अलग होटलों में बुलाकर शारीरिक संबंध बनाए। उसने पीड़िता के मंगेतर को भी वीडियो भेज दिए। हिंदू संगठन ने थाने का किया घेराव सोमवार रात घटना की जानकारी मिलने पर हिंदू संगठन का कार्यकर्ता अनिल पाटिल सहित 100 ज्यादा कार्यकर्ताओं ने द्वारकापुरी थाने का घेराव कर दानिश मंसूरी पर कायमी की मांग की। पुलिस के आनाकानी करने पर थाना घेरकर परिसर में ही बैठ गए। हनुमान चालिका का पाठ करने लगे। देर रात पुलिस को कायमी कर दानिश को पकड़ना पड़ा। पुलिस ने कमजोर धारा लगाए, पीड़िता ने चप्पल से पीटा पीड़िता का दानिश पर गुस्सा फूट पड़ा। उसने चप्पल से पिटाई कर दी। रोते हुए कहा तूने मेरी जिंदगी बर्बाद कर दी। हिंदू संगठन के प्रदर्शन के बाद पुलिस ने कायमी की, लेकिन दुष्कर्म की धाराएं लगाई। पुलिस ने लव जिहाद की धारा लगाने में गड़बड़ी कर दी।

मंत्री टेटवाल से सिंगापुर के प्रतिनिधि मंडल ने भेंटकर कौशल विकास पर चर्चा की

भोपाल  कौशल विकास एवं रोजगार मंत्री श्री गौतम टेटवाल से सिंगापुर के कौंसुल-जनरल (मुंबई) श्री चॉन्ग मिंग फूंग के नेतृत्व में आए प्रतिनिधि मंडल ने मंत्रालय में भेंट की। मंत्री श्री टेटवाल से प्रतिनिधि मंडल ने कौशल विकास, रोजगार के अवसरों और द्विपक्षीय सहयोग को और मजबूत बनाने पर विस्तृत चर्चा की। मंत्री श्री टेटवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश कौशल विकास के क्षेत्र में नई उड़ान भर रहा है। प्रदेश के युवाओं को वैश्विक स्तर के गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि सिंगापुर के साथ सहयोग से प्रदेश के युवाओं को अंतर्राष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करने और उन्हें नए रोजगार अवसर प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। प्रतिनिधि मंडल में कौंसुल जनरल श्री जेरोम वॉन्ग और रिसर्च एवं सूचना विश्लेषक सुश्री ऋद्धि कोठावाले भी शामिल थे। उन्होंने मध्यप्रदेश में कौशल विकास और रोजगार की संभावनाओं पर अपने विचार साझा किए और राज्य सरकार के आमंत्रण और सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। प्रतिनिधि मंडल ने कहा कि संत शिरोमणि रविदास ग्लोबल स्किल पार्क जैसे प्रोजेक्ट से जुड़ना गर्व की बात है और वे भविष्य में ज्ञान साझेदार के रूप में सक्रिय सहयोग करने के लिए तत्पर हैं। मंत्री श्री टेटवाल ने कहा कि प्रदेश के युवाओं की क्षमता और कौशल को वैश्विक मानकों के अनुरूप विकसित करने के लिए किए जा रहे प्रयास देश में मिसाल बन रहे हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि सिंगापुर के सहयोग से प्रदेश में कौशल विकास की गुणवत्ता और अवसरों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। मंत्री श्री टेटवाल ने प्रतिनिधि मंडल के सदस्यों को स्मृति चिन्ह भेंट किए और राज्य की नीतियों, प्रशिक्षण कार्यक्रमों और कौशल विकास केंद्रों की सफलताओं के बारे में जानकारी भी दी। सिंगापुर का प्रतिनिधि मंडल 24 सितंबर को संत शिरोमणि रविदास ग्लोबल स्किल्स पार्क का भ्रमण करेगा। इस दौरान वे पार्क की विभिन्न ट्रेडों, अत्याधुनिक प्रशिक्षण व्यवस्थाओं और वैश्विक स्तर की सुविधाओं का अवलोकन करेंगे तथा प्रशिक्षण केंद्र की सभी गतिविधियों और नवाचारों की विस्तृत जानकारी प्राप्त करेंगे। ग्लोबल स्किल्स पार्क के सीईओ श्री गिरीश शर्मा ने संस्थान की उपलब्धियों, योजनाओं और नवाचारों की जानकारी दी। इस अवसर पर ग्लोबल स्किल्स पार्क के ट्रेड्स और नवाचारों पर आधारित शॉर्ट फिल्म का प्रदर्शन किया।  

नर्सिंग छात्रा की मौत से हड़कंप! बीएमएचआरसी में लापरवाही का आरोप, निदेशक के खिलाफ सख्त कदम की मांग

भोपाल भोपाल मेमोरियल हास्पिटल एंड रिसर्च सेंटर (बीएमएचआरसी) में प्रथम वर्ष की नर्सिंग छात्रा की मौत से हड़कंप मच गया है। छात्रा की मृत्यु का कारण अस्पताल प्रशासन और प्रभारी निदेशक मनीषा श्रीवास्तव की गंभीर लापरवाही बताया जा रहा है। इस घटना के बाद छात्रों और एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने अस्पताल परिसर में धरना शुरू कर दिया है। गंदा पानी और खराब व्यवस्था नर्सिंग छात्र लगातार हास्टल में गंदे और दूषित पानी, खराब भोजन और साफ-सफाई की समस्याओं की शिकायत करते आ रहे थे। एनएसयूआई जिलाध्यक्ष अक्षय तोमर ने आरोप लगाया कि छात्रा की तबीयत खराब होने के बावजूद उसे क्लिनिकल ड्यूटी के लिए मजबूर किया गया। हालत बिगड़ने पर भी उसे उचित इलाज देने की बजाय छुट्टी देकर घर भेज दिया गया। प्रशासन की इस लापरवाही ने एक होनहार छात्रा की जान ले ली। बीएमएचआरसी में कुप्रबंधन के आरोप एनएसयूआई प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार ने कहा कि बीएमएचआरसी भोपाल का सबसे पुराना और बड़ा अस्पताल है, कुप्रबंधन के कारण बदहाल हो गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रभारी निदेशक मनीषा श्रीवास्तव का ध्यान अस्पताल की व्यवस्थाओं पर नहीं है। वे टेंडरों और अपने पुत्र के निजी डायग्नोस्टिक सेंटर के प्रचार में ज्यादा सक्रिय रहती हैं। यही कारण है कि अस्पताल की सेवाएं लगातार गिर रही हैं। प्रभारी निदेशक को तत्काल पद से हटाया जाए, छात्रा की मौत की उच्च-स्तरीय जांच हो, दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए और नर्सिंग छात्रों को सुरक्षित वातावरण मिले। एनएसयूआई ने चेतावनी दी कि यदि सरकार और प्रशासन ने जल्द कदम नहीं उठाए, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। निदेशक ने बयान जारी करके दी यह सफाई बीएमएचआरसी प्रशासन को 22 सितंबर को पता चला कि संस्थान के नर्सिंग कॉलेज के फर्स्ट इयर की छात्रा शुभांगीनी दशहरे का भोपाल के एक अस्पताल में देहांत हो गया है। पूरे बीएमएचआरसी के लिए यह दुख का समय है। बीएमएचआरसी प्रबंधन नर्सिंग कॉलेज की छात्रा शुभांगीनी के असामयिक निधन पर गहरा शोक व्यक्त करता है। संस्था की पूरी टीम इस दुख की घड़ी में शोकाकुल परिवार के साथ खड़ी है और दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना करती है। आज प्रातः जब नर्सिंग कॉलेज के कुछ विद्यार्थी प्रशासनिक परिसर में अपनी बात रखने आए, तो बीएमएचआरसी की प्रभारी निदेशक डॉ. मनीषा श्रीवास्तव ने स्वयं उनसे मुलाकात की। विद्यार्थियों की समस्त बातों को गंभीरता से सुना गया और त्वरित कार्यवाही का भरोसा भी दिलाया गया। डॉ मनीषा श्रीवास्तव, प्रभारी निदेशक, बीएमएचआरसी ने बताया विद्यार्थियों द्वारा लगाए गए आरोप कि संस्था की कैंटीन में मिलने वाले भोजन और पानी की गुणवत्ता खराब है, पूरी तरह निराधार हैं। संस्थान में पीने के लिए उपयोग होने वाले पानी की समय-समय पर वैज्ञानिक जांच कराई जाती है। हाल ही में 9 सितंबर 2025 को कराई गई जांच में पानी पूरी तरह सुरक्षित पाया गया।  

सतपुड़ा ताप विद्युत गृह, सारणी की 11 हजार 678 करोड़ 74 लाख रुपये की पुनरीक्षित लागत का अनुमोदन

13 स्वशासी चिकित्सा महाविद्यालयों में सीनियर रेसीडेंट के 354 नवीन पदों के सृजन की स्वीकृति मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद के निर्णय भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंगलवार को मंत्रालय में सम्पन्न हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा प्रदेश में सार्वजनिक निजी भागीदारी के तहत निजी ऑपरेटर के सहयोग से राज्य के भीतर हैलीकॉप्टर सेवा संचालन की स्वीकृति प्रदान गई है। संपूर्ण प्रदेश के हवाई अड्डों, हैलीपेड एवं हवाई पट्टियों के बीच निजी ऑपरेटर द्वारा चयनित स्थानों पर हैलीकॉप्टर सेवा प्रदाय की जायेगी। हैलीकॉप्टर का संचालन तीन सेक्टरों में किया जाएगा। सेक्टर-1 में इंदौर, उज्जैन, ओंकारेश्वर, मांडू, महेश्वर, गांधीसागर, मंदसौर, नीमच, हनुवंतिया, खंडवा, खरगौन, बुरहानपुर, बड़वानी, अलीराजपुर, रतलाम, झाबुआ, नलखेड़ा, भोपाल और जबलपुर शामिल होंगे। सेक्टर-2 में भोपाल, मढ़ई, पचमढ़ी, तामिया, छिंदवाड़ा, सांची, इंदौर, दतिया, दमोह, ग्वालियर, शिवपुरी, कूनो (श्योपुर), ओरछा, गुना, राजगढ़, सागर, होशंगाबाद, बैतूल, टीकमगढ़ और जबलपुर शामिल होंगे। सेक्टर-3 में जबलपुर, बांधवगढ़, कान्हा, चित्रकूट, सरसी, परसिली, मैहर, सतना, पन्ना, खजुराहो, कटनी, रीवा, सिंगरौली, अमरकंटक, सिवनी, सीधी, मंडला, पेंच, डिंडौरी, भोपाल और इंदौर के बीच हेलीकाप्टर सेवा का संचालन किया जायेगा। इस सेवा का उद्देश्य प्रमुख शहरों, धार्मिक स्थलों, राष्ट्रीय उद्यानो और पर्यटक स्थलों के मध्य निजी ऑपरेटर के सहयोग से किफायती एवं स्थायी हेलीकॉप्टर सेवा उपलब्ध कराना है। इस सेवा से यात्रियों, पर्यटकों, व्यवसाइयों, निवेशकों एवं प्रदेश के रहवासियों का प्रदेश में आवागमन सुगम हो सकेगा। इससे प्रदेश के प्रमुख व्यापारिक शहरों एवं पर्यटक स्थलों के बीच व्यवसाय एवं पर्यटन गतिविधियों में अभिवृद्धि होगी और रोजगार के नये अवसरों का सृजन भी होगा। सतपुड़ा ताप विद्युत गृह , सारणी की पुनरीक्षित लागत का अनुमोदन मंत्रि-परिषद द्वारा म.प्र. पावर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड की 660 मेगावाट की सतपुड़ा ताप विद्युत गृह, सारणी की पुनरीक्षित लागत 11 हजार 678 करोड़ 74 लाख रुपये (नॉन EPC सहित) का अनुमोदन प्रदान किया गया है। परियोजना का वित्त पोषण 20:80 अंशपूँजी एवं ऋण के अनुपात में किया जायेगा। राज्य शासन द्वारा 20 प्रतिशत अंशपूँजी में से 684 करोड़ 53 लाख रूपये की राशि प्रदान की जायेगी और शेष राशि की व्यवस्था म.प्र. पॉवर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड द्वारा स्वयं के स्त्रोत से की जायेगी। राज्य शासन द्वारा वित्तीय वर्ष 2025-26 तक प्रदान/आवंटित की गई 431 करोड़ 45 लाख रुपये की राशि के अतिरिक्त शेष राज्यांश वित्तीय वर्ष 2026-27 से वर्ष 2030-31 तक की अवधि में 50 करोड़ 62 लाख रूपये विभागीय बजट के माध्यम से प्रत्येक वर्ष म.प्र. पॉवर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड को उपलब्ध कराई जायेगी। अमरकंटक ताप विद्युत गृह , चचाई की पुनरीक्षित लागत का अनुमोदन मंत्रि-परिषद द्वारा म.प्र. पॉवर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड की 660 मेगावाट की अमरकंटक ताप विद्युत गृह, चचाई की पुनरीक्षित लागत 11 हजार 476 करोड़ 31 लाख रूपये का अनुमोदन प्रदान किया गया है। परियोजना का वित्त पोषण 20:80 अंशपूँजी एवं ऋण के अनुपात में किया जायेगा। राज्य शासन द्वारा 20 प्रतिशत अंशपूँजी में से 699 करोड़ 90 लाख रुपये की राशि प्रदान की जायेगी और शेष राशि की व्यवस्था मप्र पॉवर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड दवारा स्वयं के स्त्रोत से की जायेगी। राज्य शासन दवारा वित्तीय वर्ष 2025-26 तक प्रदान/आवंटित की गई 365 करोड़ रुपये की राशि के अतिरिक्त शेष राज्यांश वित्तीय वर्ष 2026-27 से वर्ष 2030-31 तक की अवधि में 66 करोड़ 98 लाख रुपये विभागीय बजट के माध्यम से प्रत्येक वर्ष म.प्र. पावर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड को उपलब्ध कराई जायेगी। सीनियर रेसीडेंट के 354 नवीन पदों के सृजन की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा 13 स्वशासी चिकित्सा महाविद्यालयों में राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग के मापदण्डों अनुसार मान्यता प्राप्त करने के लिए नॉन क्लीनिकल एवं पैरा क्लीनिकल संकायों में सीनियर रेसीडेंट के 354 नवीन पदों के सृजन की स्वीकृति प्रदान की गई है। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, रीवा, सतना, विदिशा, रतलाम, खण्डवा, शहडोल, शिवपुरी, दतिया और छिंदवाड़ा में स्थित स्वशासी चिकित्सा महाविद्यालयों में इन पदों का सृजन किया गया हैं। इससे राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग के मापदण्डों अनुसार चिकित्सा महाविद्यालयों का सुचारू संचालन सुनिश्चित हो सकेगा एवं चिकित्सा महाविद्यालयों से उत्तीर्ण स्नातकोत्तर छात्र सीनियर रेसीडेंटशिप चिकित्सा महाविद्यालय में ही कर पायेंगे और नॉन क्लीनिकल एवं पैरा क्लीनिकल संकायों में भी प्रदेश को चिकित्सा शिक्षक प्राप्त हो सकेंगे।

डाक कर्मचारी विनोद गोडबोले और आईटी प्रोफेशनल धर्मेंद्र-जोगी, आदर्श सक्सेना ने जीतकर रचा नया इतिहास

भोपाल  मैराथन वैसे ही बहुत कठिन स्पर्धा होती है। उस पर औसतन चार हजार मीटर की ऊंचाई वाले खारदुंग ला दर्रे पर 72 किमी तक दौड़ना स्टेमिना, धैर्य और कौशल की कड़ी परीक्षा है। भोपाल के तीन लोगों ने इस बार दुनिया की इस सबसे ऊंची अल्ट्रा मैराथन को पूरा करके इतिहास रच दिया है। डाक विभाग में कार्यरत 48 साल के विनोद गोडबोले और आईटी पेशेवर धर्मेंद्र जोगी (35) और आदर्श सक्सेना (30) ने पिछले दिनों यह दौड़ पूरी की। लद्दाख में आयोजित होने वाली खारदूंगा ला चैलेंज दुनिया की सबसे ऊंची सड़क पर आयोजित होने वाली अल्ट्रा मैराथन है। धावक विनोद गोडबोले ने बताया कि लद्दाख में छठवीं खारदुंग ला चैलेंज का आयोजन 12 सितंबर को हुआ था। इसमें 72 km की दौड़ 14 घंटे में की जानी थी। उन्होंने 10 घंटे 29 मिनट में दौड़ पूरी की। धर्मेंद्र जोगी ने 10 घंटा 10 मिनट और आदर्श सक्सेना ने 10 घंटा 40 मिनट का समय लिया। यह दौड़ खारदुंग गांव से शुरू होकर विश्व के तीसरे सबसे ऊंचे पक्के सड़क मार्ग वाले खारदुंग ला दर्रे से होते हुए लेह शहर के मुख्य बाजार तक पूरी करनी होती है। दौड़ने से पहले दो मैराथन का अनुभव जरूरी गोडबोले ने बताया इस स्पर्धा में शामिल होने से पहले प्रतिभागी के पास पांच घंटे से कम समय में दो मैराथन पूरी करने का अनुभव होना जरूरी है। मैंने पहले भी कई मैराथन को पूरा किया है। तैयारी के लिए भोपाल की टेकरी पर एलिवेशन रन का अभ्यास किया था। खारदुंगला टॉप चैलेंज     यह दौड़ लद्दाख की ऊंची पहाड़ियों में आयोजित की जाती है, जिसकी ऊंचाई 4000 मीटर से अधिक है।     इस दौड़ में 32 किमी की चढ़ाई और 40 किमी की ढलान है।     दौड़ का प्रारंभ बिंदु खारदूंग गांव है, जो 3975 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है।     दौड़ का सबसे ऊंचा बिंदु खारदुंगला टॉप है, जो 5370 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है।     दौड़ रात को तीन बजे शुरू होती है और अगले दिन शाम पांच बजे खत्म होती है।  

सिंहस्थ 2028 की तैयारियां तेज़, मंत्री विजयवर्गीय ने अधिकारियों को दिए नियमित निरीक्षण के निर्देश

विजयवर्गीय का निर्देश: सिंहस्थ की तैयारियों में लापरवाही नहीं, अधिकारी करें नियमित निरीक्षण गुणवत्ता के साथ तय समय पर पूरे हों निर्माण कार्य-  मंत्री  विजयवर्गीय मंत्रालय में विभागवार सिंहस्थ कार्यों की हुई समीक्षा भोपाल  नगरीय प्रशासन एवं आवास मंत्री  कैलाश विजयवर्गीय ने विभागीय अधिकारियों को सिंहस्थ के निर्माण कार्यों का उज्जैन पहुँचकर निरीक्षण करने के निर्देश दिये हैं। मंत्री  विजयवर्गीय सोमवार को मंत्रालय में बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों को गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय-सीमा में ही पूरा किया जाये। बैठक में बताया गया कि करीब 11 हजार 909 करोड़ रुपये के विभिन्न विभागों के 132 कार्यों को मंत्रि-मण्डलीय समिति की अनुशंसा दी जा चुकी है। यह कार्य सिंहस्थ और विभिन्न विभागों की मद से किये जा रहे हैं। इन कार्यों के लिये करीब 673 करोड़ रुपये की राशि भी जारी की जा चुकी है। वर्ष 2028 में होने वाले सिंहस्थ कार्यों में संस्कृति और नगरीय विकास एवं आवास विभाग के पीपीपी मोड पर होने वाले कार्यों को भी मंजूरी दी गयी है। मंत्री  विजयवर्गीय ने कहा कि सिंहस्थ में आने वाले यात्रियों की सुविधा के लिये राज्य सरकार की ओर से संसाधनों की कमी नहीं होने दी जायेगी। उन्होंने आयोजन की बेहतर व्यवस्था के लिये विभिन्न विभागों के साथ लगातार बैठक करने के भी निर्देश दिये। बैठक में रेलवे द्वारा किये जा रहे कार्यों की समीक्षा की गयी। मंत्री  विजयवर्गीय ने कहा कि मेला क्षेत्र में ट्रेन से पहुँचने वाले यात्रियों की सुविधा के लिये रेलवे स्टेशन के पास ही पर्याप्त मात्रा में स्नान-गृह एवं सुलभ कॉम्पलेक्स की व्यवस्था हो। नगरीय विकास मंत्री  विजयवर्गीय ने कहा कि उज्जैन से जुड़े धार्मिक क्षेत्रों को जोड़ने वाली सड़कों के चौड़ीकरण कार्य को प्राथमिकता दी जाये। उन्होंने आकस्मिक सेवा, जिनमें अग्निशमन, स्वास्थ्य, पेयजल आदि की भी जानकारी प्राप्त की। मंत्री  विजयवर्गीय ने कहा कि निर्माण कार्यों के साथ मेला क्षेत्र की मेपिंग का कार्य भी किया जाये, जिससे आवागमन सुविधाजनक हो सकेगा। उन्होंने कान्ह नदी के डायवर्सन, सिंहस्थ में क्षिप्रा नदी में जल की निरंतर प्रवाह योजना, घाट निर्माण के बारे में भी जानकारी प्राप्त की। मंत्री  विजयवर्गीय ने उज्जैन संभाग के बस स्टैण्ड के उन्नयन की योजना के बारे में भी जानकारी प्राप्त की। अपर मुख्य सचिव  संजय दुबे ने बताया कि सिंहस्थ के दौरान रेलवे की बेहतर व्यवस्था के लिये आकलन कर जरूरी प्रस्ताव रेलवे मंत्रालय को भेजे जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिन कार्यों को मंजूरी मिल गयी है, संबंधित एजेंसी को डीपीआर तैयार कर जल्द काम शुरू करने के लिये कहा गया है। निर्माण कार्य और व्यवस्था से जुड़े सभी काम दिसम्बर-2027 तक हर हाल में पूरे किये जायेंगे। नगरीय प्रशासन एवं विकास आयुक्त  संकेत भोंडवे ने बताया कि ऊर्जा विभाग के 329 करोड़ रुपये के कार्यों को मंजूरी दी जा चुकी है। इंदौर-उज्जैन मार्ग का 6 लेन में चौड़ीकरण का कार्य 1692 करोड़ रूपये और इंदौर-उज्जैन वैकल्पिक मार्ग 4 लेन लम्बाई 49 किलोमीटर के लिये 950 करोड़ रुपये की मंजूरी दी जा चुकी है। बैठक में संस्कृति, पर्यटन, पंचायत एवं ग्रामीण विकास से जुड़े कार्यों की भी समीक्षा की गयी।  

सेवा पखवाड़ा के तहत आज जनकपुर में रक्तदान

जनकपुर   प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के अवसर पर भारतीय जनता पार्टी द्वारा पूरे देश में सेवा पखवाड़ा की शुरुआत की गई है। इसी क्रम में भाजपा मंडल जनकपुर द्वारा आज दिनांक 22 सितंबर 2025 को जनकपुर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता शामिल हुए, वहीं क्षेत्र के युवाओं ने भी बढ़-चढक़र हिस्सा लिया। जहां कार्यकर्ताओं द्वारा कुल 9 यूनिट रक्तदान किया गया। जिसमें जनकपुर मंडल के मंडल अध्यक्ष नरेश यादव, जिला मंत्री पवन शुक्ला, नगर पंचायत के उपाध्यक्ष निलेश मिश्रा, रामनरेश यादव , गणेश तिवारी,अमित गुप्ता,ओम प्रकाश सोनी, अंकुश सिंह, रमेश बैगा ने रक्तदान किया।