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स्कूल और निजी बसों के लिए नए नियम लागू, मध्य प्रदेश में Motor Vehicle Act 2025 को मिली मंजूरी

भोपाल   मध्य प्रदेश में बिना परमिट बस दौड़ाने पर वाहन मालिकों को भारी नुक्सान उठाना पड़ सकता है। सरकार इसके लिए और सख्ती बरतने जा रही है। राज्यपाल मंगूभाई पटेल ने सोमवार को मध्य प्रदेश मोटरयान कराधान (संशोधन) अधिनियम, 2025 को मंजूरी दे दी। इसके बाद संशोधित नियम अब कानूनी रूप से लागू हो गए हैं। संशोधन के तहत, यदि कोई यात्री बस, स्कूल बस या लोक/निजी सेवा वाहन बिना वैध परमिट के संचालित होता पाया गया, तो प्रति सीट 1,000 रुपए का जुर्माना वसूला जाएगा। उदाहरण के तौर पर, 40 सीटों वाली बस पर यह चालान 40,000 रुपए तक पहुंच सकता है। नया संशोधित नियम सभी व्यावसायिक वाहनों पर लागू होगा। इससे निश्चित तौर पर सड़क सुरक्षा सुनिश्चित होगी और परिवहन नियमों का सख्ती से पालन करेंगे। इसके अलावा, टैक्स समय पर जमा न करने वालों को भी भारी दंड का सामना करना पड़ेगा। भरना पड़ेगा चार गुना जुर्माना यदि वाहन मालिक ने टैक्स नहीं चुकाया है, तो बकाया टैक्स का चार गुना तक जुर्माना वसूला जाएगा। उदाहरण के लिए, यदि किसी बस का 10,000 रुपए टैक्स बकाया है, तो उस पर 40,000 रुपए तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। लाइफटाइम टैक्स पर अतिरिक्त शुल्क अगर लाइफटाइम टैक्स जमा नहीं किया गया, तो हर साल या साल के हिस्से के लिए लाइफटाइम टैक्स का 10% तक अतिरिक्त शुल्क वसूला जाएगा। ये संशोधन मध्य प्रदेश मोटरयान कराधान अधिनियम, 1991 की धारा 13 में किए गए हैं। विधानसभा से पारित होने के बाद अब राज्यपाल की मंजूरी मिलते ही ये नियम प्रभावी हो गए हैं। परिवहन विभाग ने सभी वाहन मालिकों से अपील की है कि वे जल्द से जल्द अपने परमिट और टैक्स अपडेट कर लें, ताकि नए प्रावधानों के तहत भारी जुर्माने से बचा जा सके। 

तेज रफ्तार बाइक की भिड़ंत से युवक की मौत…

 जनकपुर  थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम मोहनटोला में शिक्षक की गाड़ी से भिडंत होने पर युवक की मौत हो गई। आज सुबह लगभग 10:00 बजे मोहनटोल के माध्यमिक शाला में पदस्थ शिक्षक शिवलाल अपनी होंडा साइन मोटरसाइकिल से माध्यमिक शाला मोहन टोला के लिए निकले थे। मगर जब मुख्य मार्ग से शिक्षक शिवलाल मुड़कर माध्यमिक शाला की ओर जा रहे थे तभी पीछे से मुकेश कुमार सिंह पिता शिव मूरत सिंह उम्र 21 वर्ष की मोटरसाइकिल हीरो एचएफ डीलक्स से भीड़ गई।  जिसके बाद ग्रामीणों की मदद से मुकेश कुमार को इलाज के लिए जनकपुर सामुदायिक स्वास्थ्यकेंद्र लाया गया  मगर डॉक्टर ने उसे मृत्यु घोषित कर दिया। जनकपुर पुलिस मामले की जांच कर रही है। वही मुकेश के मृत्यु होने की खबर सुनकर गांव में ग़म का माहौल है।

सतपुड़ा ताप विद्युत गृह, सारणी की 11 हजार 678 करोड़ 74 लाख रुपये की पुनरीक्षित लागत का अनुमोदन

मंत्रि-परिषद ने सार्वजनिक निजी भागीदारी से हैलीकॉप्टर सेवा संचालन की दी स्वीकृति सतपुड़ा ताप विद्युत गृह, सारणी की 11 हजार 678 करोड़ 74 लाख रुपये की पुनरीक्षित लागत का अनुमोदन अमरकंटक ताप विद्युत गृह, चचाई की 11 हजार 476 करोड़ 31 लाख रूपये पुनरीक्षित लागत का अनुमोदन 13 स्वशासी चिकित्सा महाविद्यालयों में सीनियर रेसीडेंट के 354 नवीन पदों के सृजन की स्वीकृति मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद के निर्णय भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंगलवार को मंत्रालय में सम्पन्न हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा प्रदेश में सार्वजनिक निजी भागीदारी के तहत निजी ऑपरेटर के सहयोग से राज्य के भीतर हैलीकॉप्टर सेवा संचालन की स्वीकृति प्रदान गई है। संपूर्ण प्रदेश के हवाई अड्डों, हैलीपेड एवं हवाई पट्टियों के बीच निजी ऑपरेटर द्वारा चयनित स्थानों पर हैलीकॉप्टर सेवा प्रदाय की जायेगी। हैलीकॉप्टर का संचालन तीन सेक्टरों में किया जाएगा। सेक्टर-1 में इंदौर, उज्जैन, ओंकारेश्वर, मांडू, महेश्वर, गांधीसागर, मंदसौर, नीमच, हनुवंतिया, खंडवा, खरगौन, बुरहानपुर, बड़वानी, अलीराजपुर, रतलाम, झाबुआ, नलखेड़ा, भोपाल और जबलपुर शामिल होंगे। सेक्टर-2 में भोपाल, मढ़ई, पचमढ़ी, तामिया, छिंदवाड़ा, सांची, इंदौर, दतिया, दमोह, ग्वालियर, शिवपुरी, कूनो (श्योपुर), ओरछा, गुना, राजगढ़, सागर, होशंगाबाद, बैतूल, टीकमगढ़ और जबलपुर शामिल होंगे। सेक्टर-3 में जबलपुर, बांधवगढ़, कान्हा, चित्रकूट, सरसी, परसिली, मैहर, सतना, पन्ना, खजुराहो, कटनी, रीवा, सिंगरौली, अमरकंटक, सिवनी, सीधी, मंडला, पेंच, डिंडौरी, भोपाल और इंदौर के बीच हेलीकाप्टर सेवा का संचालन किया जायेगा। इस सेवा का उद्देश्य प्रमुख शहरों, धार्मिक स्थलों, राष्ट्रीय उद्यानो और पर्यटक स्थलों के मध्य निजी ऑपरेटर के सहयोग से किफायती एवं स्थायी हेलीकॉप्टर सेवा उपलब्ध कराना है। इस सेवा से यात्रियों, पर्यटकों, व्यवसाइयों, निवेशकों एवं प्रदेश के रहवासियों का प्रदेश में आवागमन सुगम हो सकेगा। इससे प्रदेश के प्रमुख व्यापारिक शहरों एवं पर्यटक स्थलों के बीच व्यवसाय एवं पर्यटन गतिविधियों में अभिवृद्धि होगी और रोजगार के नये अवसरों का सृजन भी होगा। सतपुड़ा ताप विद्युत गृह , सारणी की पुनरीक्षित लागत का अनुमोदन मंत्रि-परिषद द्वारा म.प्र. पावर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड की 660 मेगावाट की सतपुड़ा ताप विद्युत गृह, सारणी की पुनरीक्षित लागत 11 हजार 678 करोड़ 74 लाख रुपये (नॉन EPC सहित) का अनुमोदन प्रदान किया गया है। परियोजना का वित्त पोषण 20:80 अंशपूँजी एवं ऋण के अनुपात में किया जायेगा। राज्य शासन द्वारा 20 प्रतिशत अंशपूँजी में से 684 करोड़ 53 लाख रूपये की राशि प्रदान की जायेगी और शेष राशि की व्यवस्था म.प्र. पॉवर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड द्वारा स्वयं के स्त्रोत से की जायेगी। राज्य शासन द्वारा वित्तीय वर्ष 2025-26 तक प्रदान/आवंटित की गई 431 करोड़ 45 लाख रुपये की राशि के अतिरिक्त शेष राज्यांश वित्तीय वर्ष 2026-27 से वर्ष 2030-31 तक की अवधि में 50 करोड़ 62 लाख रूपये विभागीय बजट के माध्यम से प्रत्येक वर्ष म.प्र. पॉवर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड को उपलब्ध कराई जायेगी। अमरकंटक ताप विद्युत गृह , चचाई की पुनरीक्षित लागत का अनुमोदन मंत्रि-परिषद द्वारा म.प्र. पॉवर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड की 660 मेगावाट की अमरकंटक ताप विद्युत गृह, चचाई की पुनरीक्षित लागत 11 हजार 476 करोड़ 31 लाख रूपये का अनुमोदन प्रदान किया गया है। परियोजना का वित्त पोषण 20:80 अंशपूँजी एवं ऋण के अनुपात में किया जायेगा। राज्य शासन द्वारा 20 प्रतिशत अंशपूँजी में से 699 करोड़ 90 लाख रुपये की राशि प्रदान की जायेगी और शेष राशि की व्यवस्था मप्र पॉवर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड दवारा स्वयं के स्त्रोत से की जायेगी। राज्य शासन दवारा वित्तीय वर्ष 2025-26 तक प्रदान/आवंटित की गई 365 करोड़ रुपये की राशि के अतिरिक्त शेष राज्यांश वित्तीय वर्ष 2026-27 से वर्ष 2030-31 तक की अवधि में 66 करोड़ 98 लाख रुपये विभागीय बजट के माध्यम से प्रत्येक वर्ष म.प्र. पावर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड को उपलब्ध कराई जायेगी। सीनियर रेसीडेंट के 354 नवीन पदों के सृजन की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा 13 स्वशासी चिकित्सा महाविद्यालयों में राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग के मापदण्डों अनुसार मान्यता प्राप्त करने के लिए नॉन क्लीनिकल एवं पैरा क्लीनिकल संकायों में सीनियर रेसीडेंट के 354 नवीन पदों के सृजन की स्वीकृति प्रदान की गई है। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, रीवा, सतना, विदिशा, रतलाम, खण्डवा, शहडोल, शिवपुरी, दतिया और छिंदवाड़ा में स्थित स्वशासी चिकित्सा महाविद्यालयों में इन पदों का सृजन किया गया हैं। इससे राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग के मापदण्डों अनुसार चिकित्सा महाविद्यालयों का सुचारू संचालन सुनिश्चित हो सकेगा एवं चिकित्सा महाविद्यालयों से उत्तीर्ण स्नातकोत्तर छात्र सीनियर रेसीडेंटशिप चिकित्सा महाविद्यालय में ही कर पायेंगे और नॉन क्लीनिकल एवं पैरा क्लीनिकल संकायों में भी प्रदेश को चिकित्सा शिक्षक प्राप्त हो सकेंगे। 

मध्य प्रदेश से जल्द विदा लेगा मानसून, 25-26 को झमाझम बारिश का अनुमान, आज कुछ जिलों में फुहारें

भोपाल   मध्यप्रदेश में इन दिनों मौसम का मिजाज बार-बार रंगत बदल रहा है। कहीं गरज चमक के साथ झमाझम बारिश का दौर जारी है तो कहीं लोग उमस से बेहाल नजर आए। कई राज्यों से मानसून की विदाई हो चुकी है लेकिन एमपी में अभी भी मानसून बरस रहा है, जो अक्टूबर के पहले सप्ताह तक जारी रह सकता है। विदाई से पहले प्रदेश में मानसून का तांडव देखने को मिलेगा। मौसम विभाग के रिपोर्ट के मुताबिक, एमपी में अगले 96 घंटे यानि 26-27 सितंबर तक भारी बारिश होने का अनुमान है। मौसम विभाग की माने तो 25 सितंबर के आसपास मौसम में बदलाव हो सकता है। वहीं आज भी प्रदेश के कई हिस्सों में लोकल सिस्टम के कारण बारिश(Heavy Rain) का अलर्ट जारी किया गया है। दशहरे के आसपास अच्छी बारिश की संभावना मौसम विशेषज्ञ एके शुक्ला ने बताया कि अभी मौसम का मिजाज इसी तरह रहने की संभावना, अभी एक दो दिन धूप, उमस रहेगी. इसके बाद गरज चमक के साथ बारिश(Heavy Rain), बौछारों की स्थिति बनती रहेगी। धूप, छांव, बादलों की स्थिति रहेगी। दशहरे के आसपास अच्छी बारिश हो सकती है। शहर से मानसून की विदाई अक्टूबर के पहले सप्ताह में होने के आसार है। भोपाल का मौसम अभी राजधानी भोपाल के मौसम का मिजाज भी इसी तरह रहने की संभावना है, वहीं 25 के आसपास मौसम में फिर बदलाव हो सकता है। ऐसे में विदाई के पहले एक बार फिर मौसम रंगत बदल सकता है। इस बार सितंबर में शहर के अलग-अलग हिस्सों में बारिश(Heavy Rain) का नजारा अलग दिखाई दिया है। ऐसे में शहर में खंडवृष्टि जैसी स्थिति दिखाई दी है। एक सितंबर से ही अगर बात की जाए तो सबसे ज्यादा बारिश अरेरा हिल्स में हुई है, जबकि बैरागढ़ में सबसे कम बारिश हुई है। 1 जून से अब तक की बारिश की स्थिति देखी जाए तो बैरागढ़ के मुकाबले अरेरा हिल्स में 10 इस इंच ज्यादा बारिश हुई है। प्रदेश में मानसूनी बारिश की स्थिति इस मानसूनी सीजन में अब तक मध्य प्रदेश में औसत से 20% अधिक बारिश हुई है। 16 जून से अब तक प्रदेश में कुल 43.9 इंच बारिश दर्ज की गई है, जबकि सीजन का सामान्य औसत 37 इंच है। इससे प्रदेश का मानसूनी कोटा 118% पूरा हो चुका है। पूर्वी मध्य प्रदेश में औसत से 16% और पश्चिमी मध्यप्रदेश में 24% अधिक बारिश हुई है। पूर्वी हिस्सों में जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में तेज बारिश हुई, जिससे कई जिलों में बाढ़ जैसी स्थिति बन गई। वहीं, पश्चिमी हिस्सों में ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में भी सभी 8 जिलों में कोटे से ज्यादा बारिश हुई है। जिलेवार बारिश का हाल सबसे अधिक बारिश वाले जिले: गुना (65.4 इंच), रायसेन (61.1 इंच), मंडला (60 इंच), श्योपुर (56.6 इंच), अशोकनगर (56 इंच) सबसे कम बारिश वाले जिले: खरगोन (26.8 इंच), शाजापुर (28.6 इंच), खंडवा (28.8 इंच), बड़वानी (29.8 इंच), धार (31.9 इंच) भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन, सागर, नर्मदापुरम समेत कई जिलों में बारिश का कोटा पूरा हो चुका है। इंदौर और उज्जैन संभाग में शुरुआत में कम बारिश हुई थी, लेकिन सितंबर में हुई तेज बारिश से अधिकांश जिलों में सामान्य कोटा पूरा हो गया। आने वाले दिनों में कैसा रहेगा मौसम मौसम विभाग के अनुसार, 24 सितंबर को प्रदेश के सभी जिलों में हल्की बारिश और गरज-चमक का अलर्ट है। 25-26 सितंबर को नया वेदर सिस्टम एक्टिव होगा, जिससे प्रदेश के कई जिलों में तेज बारिश हो सकती है। विशेष रूप से बैतूल, बुरहानपुर, खरगोन और बड़वानी में भारी बारिश का अनुमान है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि, बंगाल की खाड़ी में एक नया निम्न दबाव क्षेत्र बन सकता है, जो 25-26 सितंबर के आसपास सक्रिय होगा। इससे प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी संभव है और कई जिलों में दो से तीन दिन तक तेज बारिश हो सकती है। मानसून की विदाई और तापमान मध्य प्रदेश में मानसून की विदाई अक्टूबर के पहले सप्ताह तक होने की संभावना है। हालांकि, बारिश की कमी के कारण प्रदेश में तापमान में वृद्धि दर्ज की गई है। सितंबर माह में पहली बार अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस पार कर गया। भारी बारिश और मानसून की विदाई के बीच प्रदेश के किसानों को खेतों में काम करने का मौका मिलेगा, लेकिन गर्मी और उमस बढ़ने से लोगों को असुविधा भी हो सकती है। सितंबर में शहर में कहां कितनी बारिश अरेरा हिल्स में 266 मिमी नवीबाग में 208.6 मिमी कोलार में 205.2 मिमी बैरागढ़ में 169.2 मिमी

स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी और एल्सिवियर ने चुने सागर यूनिवर्सिटी के 11 बेहतरीन वैज्ञानिक

सागर  डॉ. हरीसिंह गौर यूनिवर्सिटी के 11 शिक्षकों को दुनिया के सर्वश्रेष्ठ 2 प्रतिशत वैज्ञानिकों की 2025 की सूची में स्थान मिला है. स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी अमेरिका और एल्सिवियर पब्लिशर्स ने 19 सितंबर, 2025 को 2 प्रतिशत श्रेष्ठ वैज्ञानिकों की सूची जारी की है. एल्सेवियर और स्टैनफोर्ड के द्वारा दो सूचियां बनाई जाती हैं. एक सूची में सम्पूर्ण कैरियर डेटा को आरम्भ से वर्ष के अंत तक संकलित किया जाता है. वहीं दूसरी सूची कैलेंडर वर्ष के दौरान प्राप्त साइटेशन के आधार पर बनाई जाती है. संपूर्ण कैरियर डेटा में 6 शिक्षकों के नाम सम्पूर्ण कैरियर डेटा की सूची में यूनिवर्सिटी के 6 शिक्षकों को स्थान मिला है. इसमें फार्मेसी विभाग के रिटायर प्रो. एनके जैन, प्रो. एसपी व्यास, प्रो. संजय कुमार जैन तथा कार्यरत डॉ. प्रशांत केशरवानी, माइक्रोबायोलोजी विभाग के अध्यक्ष प्रो. नवीन कानगो तथा रसायन विभाग के पूर्व अध्यक्ष प्रो. एपी मिश्रा शामिल हैं. वार्षिक सूची में 11 शिक्षकों के नाम वार्षिक सूची में फार्मेसी विभाग के सेवानिवृत्त प्रो. एनके जैन, प्रो. एसपी व्यास, प्रो. संजय कुमार जैन, तथा कार्यरत डॉ. प्रशांत केशरवानी, डॉ. सुशील काशव, डॉ. वंदना सोनी, बॉटनी विभाग के प्रो. एमएल खान, डॉ. सोनल माथुर, माइक्रोबायोलोजी विभाग के अध्यक्ष प्रो. नवीन कानगो तथा क्रिमिनोलॉजी एवं फोरेंसिंक साइंस विभाग की डॉ. वंदना विनायक शामिल हैं. मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ की सभी यूनिवर्सिटीज में सबसे शानदार प्रदर्शन इस तरह यूनिवर्सिटी के 11 शिक्षक इस सूची में स्थान बनाने में सफल हुए हैं. यह मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ़ के समस्त विश्वविद्यालयों में सर्वाधिक है. इस सूची को विज्ञान के 22 क्षेत्रों और 174 उपक्षेत्रों से संबंधित वैज्ञानिकों के डाटाबेस एवं एल्सिवियर प्रकाशन और स्कोपस के विश्व स्तर के साइटेशन डेटाबेस के कम्पोजिट स्कोर के आधार पर तैयार किया जाता है. इस सूची में विश्वविद्यालय के कई पूर्व शिक्षक एवं पुरा छात्र, जो देश-विदेश विभिन्न संस्थाओ में कार्यरत हैं, भी शामिल हैं. शिक्षकों की उपलब्धि पर कुलपति प्रो. यशवंत सिंह ठाकुर ने शुभकामनाएं दी है.  

राजधानी भोपाल में गरबा पर सख्ती! एंट्री के लिए अनिवार्य होगी पहचान, ये हैं नए दिशा-निर्देश

भोपाल  भोपाल में इस नवरात्रि के मौके पर गरबा और डांडिया को लेकर प्रशासन ने सख्त गाइडलाइन जारी कर दी है. कलेक्टर ने साफ कर दिया है कि अब किसी भी पंडाल में बिना पहचान पत्र के एंट्री बिलकुल नहीं होगी. मतलब, अगर आप भूलकर भी अपने आईडी कार्ड के बिना पहुँचते हैं, तो पंडाल की दहलीज पार करना मुश्किल होगा. गरबा पंडाल के लिए नियम सख्त आयोजकों को भी अब हर पंडाल में CCTV कैमरे लगाना अनिवार्य कर दिया गया है. ताकि किसी भी तरह की अनहोनी या संदिग्ध गतिविधि तुरंत पकड़ी जा सके. इसके अलावा, अग्नि सुरक्षा का भी पूरा इंतजाम करना होगा. प्रत्येक पंडाल में अग्निशमन यंत्र रखने और Fire Safety Norms का पालन करना अब नियम बन गया है. प्राथमिक चिकित्सा की व्यवस्था भी जरूरी है. यानी, किसी भी आपात स्थिति में तुरंत मदद मिल सके. इसके अलावा, आयोजन स्थल पर किसी को भी संदिग्ध या आपत्तिजनक वस्तु, धारदार हथियार लेकर आने की अनुमति नहीं होगी. किसी भी शख्स द्वारा ऐसे हथियार का इस्तेमाल किया जाना अपराध माना जाएगा. विद्युत सुरक्षा पर भी प्रशासन ने खास जोर दिया है. आयोजन स्थल पर बिजली से संबंधित सभी सुरक्षा इंतजाम करना और विद्युत विभाग से प्रमाण पत्र लेना अनिवार्य होगा. यह सभी निर्देश आयोजकों के लिए ‘मस्ट फॉलो’ हैं, और नियमों का उल्लंघन करने पर तुरंत कार्रवाई होगी. बता दें कि भोपाल प्रशासन की तरफ से आदेश ऐसे समय में जारी हुआ है जब मध्य प्रदेश में हिंदू संगठनों ने गरबा और डांडिया के पंडालों में गैर हिंदुओं के प्रवेश पर बैन लगाने की मांग की थी. हिंदू संगठनों ने कहा था कि 'जिहादियों' की नजर गरबा के पंडालों पर होती है. इतना ही नहीं, मध्य प्रदेश के मशहूर कंप्यूटर बाबा ने भी हाल में कहा था कि जब सनातन का कार्यक्रम है तो इसमें सनातन के बाहर के लोगों को आना ही नहीं चाहिए. उन्होंने हिंदू संगठनों की मांग का समर्थन किया था. इस आदेश के मुताबिक-     गरबा, डांडिया एवं अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित कराने वाली आयोजन समिति द्वारा किसी भी व्यक्ति को उनके बगैर पहचान पत्र के सत्यापन किये बिना आयोजन स्थल पर प्रवेश नही दिया जावेगा।     आयोजन समिति द्वारा कार्यक्रम स्थल पर सी सी टी वी कैमरा लगाया जाना अनिवार्य होगा।     आयोजन समिति द्वारा कार्यक्रम स्थल पर स्थापित पंडालों में अग्नि से बचाव हेतु अग्निशमन यंत्रो की पर्याप्त व्यवस्था तथा Fire Safety Norms का पालन किया जाना अनिवार्य होगा ।     आयोजन समिति द्वारा कार्यक्रम स्थल पर आवश्यक प्राथमिक चिकित्सा व्यवस्था रखना अनिवार्य होगा।     आयोजन समिति द्वारा यह भी सुनिश्चित किया जावे कि किसी भी व्यक्ति द्वारा कार्यकम स्थल पर आयोजन के दौरान किसी भी संदिग्ध/आपत्तिजनक वस्तु धारदार हथियार नहीं ले जा सकेगा और न ही उसका प्रयोग / प्रदर्शन कर सकेगा।     आयोजन समिति द्वारा कार्यक्रम स्थल पर विद्युत सुरक्षा से संबंधित समस्त कार्य कराया जाना सुनिश्चित करेगें एवं इस आशय का प्रमाण पत्र विद्युत विभाग से लिया जाना अनिवार्य होगा। भोपाल में गरबा जिहाद की खबरों के बीच जिला प्रशासन ने गाइडलाइन की जारी। 'जिहादियों का आना सख्त मना, पकड़े गए तो घर वापसी कराई जाएगी' वहीं, आपको बता दें कि भोपाल में गरबा पंडालों में होर्डिंग लगने शुरू हो गए हैं। होर्डिंग पर लिखा है- "गरबे के पंडाल में जिहादियों का आना सख्त मना है। पकड़े जाने पर घर वापसी कराई जाएगी या उचित व्यवस्था की जाएगी।" जानकारी के मुताबिक, ये होर्डिंग अवधपुरी श्री कृष्ण सेवा समिति गरबा पंडाल की टीम की ओर से लगाया गया है। होर्डिंग पर लट्ठ और जूते-चप्पल की तस्वीर भी लगी है। एंट्री के लिए बने 5 नियम भोपाल में गरबा जिहाद से बचने और गरबा पंडालों में गैर हिंदुओं की एंट्री रोकने के लिए गाइडलाइन भी बनाई गई है। हिंदू संगठनों की ओर से गरबा पंडालों में प्रवेश के लिए ये पांच नियम तय किए गए हैं-:     माथे पर तिलक     हाथों में कलावा     आधार कार्ड      गंगाजल गोमूत्र का आचमन     वराह देवता-मां दुर्गा की तस्वीर का नमन  

लक्जरी कार से उतरा शख्स कर रहा था खुले में पेशाब, विरोध पर ठेले वालों को पिस्टल दिखाने का आरोप

ग्वालियर  शहर में आए दिन विवाद और दबंगई की घटनाएं सामने आती रहती हैं। ताजा मामला सिरोल थाना क्षेत्र का सामने आया। यहां एक अज्ञात आरोपी पर ठेले वाले परिवार को गाली-गलौज कर जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगा है। घटना का वीडियो सोमवार देर रात सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। इसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अपने साथ हुई घटना की शिकायत लेकर मुंशी लाल पुत्र राम सिंह जाटव (38) थाने पहुंचे। पीड़ित फूटी कॉलोनी थाना सिरोल के पास रहता है। वह सचिन तेंदुलकर मार्ग पर अपने परिवार के साथ ठेला लगाकर गुजारा करता है। रात में उसके साथ ऐसी घटना हुई जिसकी उन्होंने सोचा भी नहीं था। परिवार ने रोका तो हुआ आग बबूला घटना 21 सितंबर 2025 की रात करीब 10:30 बजे की बताई जा रही है। उसी समय एक इनोवा कार (क्रमांक एमपी 07 बीए 5474) से आरोपी वहां पहुंचा। वह ठेले के पास ही खुले में पेशाब करने लगा। जब फरियादी, उसकी पत्नी और बेटी ने इस पर आपत्ति जताई और रोकने का प्रयास किया। तब आरोपी आग-बबूला हो गया। उसने परिवार के साथ मां-बहन की गंदी गालियां दीं। फिर दबंगई दिखाते हुए कमर में लगी पिस्टल निकाल ली। आरोपी ने तकरीबन 20 मिनट तक पिस्टल लहराते हुए धमकाते हुए कहा कि तेरा ठेला बंद करवा दूंगा। आरोपी ने फरियादी को जान से मारने की धमकी देते हुए गाली-गलौज जारी रखी। सोशल मीडिया में वायरल वीडियो जब आरोपी परिवार को धमका रहा था। तब फरियादी की बेटी ने पूरी घटना का वीडियो बना लिया। सोमवार देर रात घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसके बाद पुलिस भी हरकत में आई। सिरोल थाना पुलिस ने फरियादी की शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। फिलहाल पुलिस ने आरोपी की तलाश तेज कर दी है। कार को जब्त करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। सूत्रों की माने तो आरोपी रसूखदार भाजपा नेता है, जो दतिया जिले का रहने वाला है। वीडियो में अभद्र भाषा का उपयोग किया गया है। इसलिए जारी नहीं किया जा सकता है। आपको बता दें कि ग्वालियर में इस तरह की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। जहां दबंग तत्व मामूली बात पर हथियार दिखाकर दहशत फैलाने से नहीं चूकते। हाल ही में कुछ नवयुवकों का भी बाइक पर कट्टा चलाते हुए रील वायरल हुई थी। जिनकी तलाश की जा रही है।

प्रदेश के सबसे लंबे ब्रिज से झांकना अब नहीं चलेगा! हाईकोर्ट ने दिए निगरानी के आदेश, अधिवक्ता अलका सिंह ने उठाया मुद्दा

जबलपुर  प्रदेश के सबसे लंबे फ्लाईओवर की लैंडिंग व व्यवस्थाओं के संबंध में दायर जनहित याचिका पर सोमवार को हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। मदन महल से दमोह नाका के बीच बने फ्लाईओवर पर चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की डिवीजन बेंच को सरकार की ओर से आश्वासन दिया। कहा-फ्लाईओवर के ऊपर, एंट्री-एक्जिट पॉइंट्स पर संकेतक लगाए जाएंगे। व्यवस्था बनाने पर्याप्त बल भी तैनात किया जाएगा। व्यू कटर लगाने पर विचार होगा अतिरिक्त महाधिवक्ता एचएस रूपराह ने कहा, फ्लाईओवर पर शोर का प्रभाव आसपास के लोगों पर न हो, इसलिए व्यू कटर लगाने की संभावनाओं पर विचार होगा। कोर्ट ने आश्वासन को रिकॉर्ड पर लिया। त्योहार में भीड़ को देखते हुए जल्द कार्रवाई के निर्देश के साथ कोर्ट ने याचिका निराकृत कर दी। एमपीके वरिष्ठ अधिवक्ता आदित्य संघी ने  खबरों की कटिंग्स कोर्ट (MP High Court) को दिखाई। फ्लाईओवर पर बस के गलत साइड से चलने व कार दुर्घटना की खबर थी। तर्क दिया-फ्लाईओवर के दोनों किनारों पर ग्रेटर नोएडा जैसे व्यू कटर लगाए जाएं, ताकि लोग ध्वनि प्रदूषण से बच सकें। लैंडिंग्स के आगे यू टर्न बनाए जाएं। बता दें कि अधिवक्ता अलका सिंह ने याचिका लगाई थी। अनैतिक गतिविधियों की भी की थी शिकायत। जिसमें कहा गया था यहां लोग वाहन रोकते हैं और ब्रिज के नीचे की ओर आसपास बने घरों में ताक-झांक करते हैं। कहा-लैंडिंग खतरनाक है, व्यू कटर का न होने से ब्रिज के आसपास रहने वालों की निजता का उल्लंघन हो रहा है। 

महाविद्यालय मैहर ने गोदग्राम मानपुर में चलाया स्वच्छता सेवा पखवाड़ा अभियान

मैहर महाविद्यालय मैहर में स्वच्छता सेवा पखवाड़ा के अंतर्गत गोदग्राम मानपुर में स्वच्छता सेवा पखवाड़ा अभियान चलाया गया प्रधानमंत्री कॉलेज आफ एक्सीलेंस शासकीय विवेकानंद स्नातकोत्तर महाविद्यालय मैहर  प्राचार्य डॉ राजेश सिंह के निर्देशन में 17 सितंबर से 2 अक्टूबर 2025 के मध्य चलाए जा रहे स्वच्छता ही सेवा है पखवाड़ा के अंतर्गत दिनांक 23.9.2025 को गोदग्राम मानपुर में स्वच्छता सेवा एवं एक पेड़ मां के नाम वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया l यह अभियान में खैर माई मंदिर के चारों ओर साफ सफाई एवं पौधारोपण किया गया l साथ ही खेती एवं पौधों में जैविक उर्वरक देने के विषय में भी बताया गया l  इस अभियान में महाविद्यालय के संस्कृत विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ ममता गुप्ता , सेवानिवृत्ति अभियंता श्री राजेश कुमार गुप्ता,राष्ट्रीय सेवा योजना कार्यक्रम अधिकारी अनुराग श्रीवास्तव, समाजसेवी एवं वैश्य समाज के अध्यक्ष श्री मिथिलेश गुप्ता, सेवानिवृत्ति बैंक  प्रबंधक कैलाश चौरसिया, शिक्षक रामनारायण सोनी, एवं शिवनारायण सोनी तथा पुलिस विभाग से श्रवण कुमार सोनी उपस्थित रहे l इसके साथ ही साथ गोद ग्राम मानपुर से रामनरेश एवं शिव प्रसाद आदि ग्रामवासी  उपस्थित रहे l   सेवा पखवाड़ा के अंतर्गत निरंतर कार्यक्रमों का आयोजन महाविद्यालय में हो रहा है….

10वां राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस: सीएम आज दोपहर 3 बजे करेंगे राज्य स्तरीय कार्यक्रम का उद्घाटन

भोपाल  मुख्यमंत्री आयुष जनस्वास्थ्य कार्यक्रम का 55 जिले की 55 इकाई में प्रसार एवं कैंसर रोगियों के लिए "कारुण्य" कार्यक्रम और औषधि पौधों के लिए हेल्पलाइन का शुभारंभ करेंगे। साथ ही एस.एम.पी.बी. की 'मध्य हर्बल दर्पण' पत्रिका का विमोचन और जन आरोग्य समिति की नियमावली का विमोचन भी करेंगे। कार्यक्रम स्थल पर आयुष विभाग द्वारा प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। अध्यक्षता उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री इंदर सिंह परमार कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे। इस अवसर पर सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री एवं भोपाल जिले के प्रभारी मंत्री चैतन्य काश्यप, खेल एवं युवा कल्याण और सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण, विमुक्त घुमन्तु और अर्द्धघुमन्तु कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार कृष्णा गौर और संस्कृति, पर्यटन, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेंद्र सिंह लोधी सहित गणमान्य जनप्रतिनिधि एवं विभागीय अधिकारी भी शामिल होंगे। MoU और हेल्पलाइन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मंगलवार को राज्य स्तरीय "10वें राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस" का शुभारंभ कुशाभाऊ ठाकरे सभागृह में दोपहर 3 बजे करेंगे. कार्यक्रम में साथ ही आयुष वैलनेस टूरिज्म अंतर्गत आयुष विभाग एवं पर्यटन विभाग के मध्य एमओयू होगा. मुख्यमंत्री डॉ. यादव आयुष जनस्वास्थ्य कार्यक्रम का 55 जिले की 55 इकाई में प्रसार एवं कैंसर रोगियों के लिए "कारुण्य" कार्यक्रम और औषधि पौधों के लिए हेल्पलाइन का शुभारंभ करेंगे. साथ ही एस.एम.पी.बी. की 'मध्य हर्बल दर्पण' पत्रिका का विमोचन और जन आरोग्य समिति की नियमावली का विमोचन भी करेंगे. कार्यक्रम स्थल पर आयुष विभाग द्वारा प्रदर्शनी भी लगाई जायेगी. एमपी सरकार के यह मंत्री रहेंगे कार्यक्रम में मौजूद अध्यक्षता उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री इंदर सिंह परमार कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे। इस अवसर पर सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री एवं भोपाल जिले के प्रभारी मंत्री चेतन्य काश्यप, खेल एवं युवा कल्याण और सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण, विमुक्त घुमन्तु और अर्द्धघुमन्तु कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार कृष्णा गौर और संस्कृति, पर्यटन, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री धर्मेंद्र सिंह लोधी सहित गणमान्य जनप्रतिनिधि एवं विभागीय अधिकारी भी शामिल होंगे। क्यों खास है 23 सितंबर की तारीख? आयुर्वेद निवारक स्वास्थ्य देखभाल और कल्याण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. अब तक आयुर्वेद दिवस धनतेरस के दिन मनाया जाता था. हिंदू कैलेंडर पर आधारित होने के कारण आयुर्वेद अंग्रेजी कैलेंडर पर इसकी तारीख हर साल बदलती रहती थी. आयुष मंत्रालय ने यह भी उल्लेख किया कि अगले दशक में धनतेरस की तारीख 15 अक्टूबर से 12 नवंबर के बीच व्यापक रूप से बदलती रहेगी, जिससे राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर आयोजनों को करने में तार्किक चुनौतियां उत्पन्न होंगी. इस असंगति को दूर करने और राष्ट्रीय तथा वैश्विक उत्सवों के लिए एक स्थिर संदर्भ बिंदु स्थापित करने के लिए आयुष मंत्रालय ने उपयुक्त विकल्पों की जांच के लिए एक समिति का गठन किया. विशेषज्ञ पैनल ने चार संभावित तारीखों का प्रस्ताव रखा, जिसमें 23 सितंबर की तारीख सर्वश्रेष्ठ विकल्प के रूप में सामने आई. यह निर्णय व्यावहारिक और प्रतीकात्मक दोनों विचारों पर आधारित था. नई तारीख 23 सितंबर, शरद विषुव के साथ मेल खाती है, जब दिन और रात लगभग बराबर होते हैं. यह खगोलीय घटना प्रकृति में संतुलन का प्रतीक है, जो आयुर्वेद दर्शन के साथ पूर्ण रूप से मेल खाती है, जो मन, शरीर और आत्मा के बीच संतुलन पर जोर देती है.