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राष्ट्र को आगे बढ़ाने के लिए बच्चों का शिक्षित होना जरूरी : राज्यमंत्री कृष्णा गौर

84 लाख की लागत से निर्मित प्राथमिक शाला का लोकार्पण भोपाल पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने बुधवार को गोविंदपुरा विधानसभा के बागसेवनिया में 84 लाख की लागत से निर्मित शासकीय प्राथमिक शाला का लोकार्पण किया। इस अवसर पर राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने कहा कि बच्चों के उज्ज्वल भविष्य और राष्ट्र की प्रगति के लिए शिक्षा सबसे बड़ा माध्यम है। उन्होंने बताया कि यह स्कूल जनसेवकों की अथक मेहनत का परिणाम है। कभी जहां कचरे का ढेर हुआ करता था, वहीं अब 10 कमरों का एक सुंदर और आधुनिक विद्यालय खड़ा है। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने कहा कि बागसेवनिया स्थित वार्ड-54 की इस प्राथमिक शाला को जल्द ही उन्नयन कर माध्यमिक विद्यालय तक विस्तारित किया जाएगा। फिलहाल यह शाला पाँचवीं कक्षा तक संचालित है, जिसे भविष्य में आठवीं कक्षा तक बढ़ाया जाएगा। उन्होंने कहा कि गोविंदपुरा विधानसभा में विकास की गंगा बह रही है और शिक्षा के क्षेत्र में यह स्कूल एक महत्वपूर्ण कड़ी साबित होगा। कार्यक्रम में श्रीमती मोनिका ठाकुर, पार्षद श्री जितेन्द्र शुक्ला, श्री प्रताप वारे, श्री प्रताप सिंह बेस, श्रीमती अर्चना परमार, श्रीमती शीला ठाकुर, प्राचार्य श्रीमती राधा ईवने सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, महिलाएँ और बच्चे उपस्थित थे।  

सेवा पखवाड़ा अभियान के अंतर्गत विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में होंगी विविध गतिविधियां

उच्च शिक्षा विभाग ने 17 सितम्बर से 2 अक्टूबर तक आयोजन के लिए जारी की कार्यसूची भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के निर्देशों के अनुपालन में, उच्च शिक्षा विभाग ने 17 सितम्बर से आरम्भ होने वाले "सेवा पखवाड़ा अभियान" के अंतर्गत, प्रदेश के समस्त शासकीय एवं अशासकीय विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में विभिन्न गतिविधियों के आयोजन के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। उच्च शिक्षा विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, समस्त विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक विविध गतिविधियां आयोजित होंगी। इसके अनुसार 17 सितम्बर को स्वच्छता रैली तथा शैक्षणिक संस्थानों में स्वच्छता अभियान, 18 सितम्बर को पौध-रोपण एवं पर्यावरण जागरूकता के लिए व्याख्यान, 19 सितम्बर को जैविक खेती के संबंध में जागरूकता रैली / किसानों के साथ चर्चा, 20 सितम्बर को सामाजिक कुरूतियों के प्रति जागरूकता व्याख्यान / संवाद / नुक्कड नाटक का प्रदर्शन किया जायेगा। जारी आदेश में 21 सितम्बर को राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के स्वयं सेवकों द्वारा श्रमदान एवं रैली, 22 सितम्बर को सामाजिक कुरूतियों के प्रति जागरूकता व्याख्यान / संवाद / नुक्कड नाटक का प्रदर्शन, 23 सितम्बर को ऊर्जा संरक्षण पर संवाद, 24 सितम्बर को स्थानीय लघु एवं कटीर उद्योगों के प्रति जागरूकता व्याख्यान, 25 सितम्बर को रक्तदान एवं रक्त परीक्षण शिविर, 26 सितम्बर को रक्त परीक्षण शिविर, 27 सितम्बर को सिकल सेल एनीमिया स्किनिंग शिविर में विद्यार्थियों की सहभागिता, 28 सितम्बर को राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) के कैडेटस द्वारा श्रमदान एवं रैली, 29 सितम्बर को "स्वस्थ नारी सशक्त परिवार" अभियान के अन्तर्गत स्वास्थ्य विभाग के साथ विद्यार्थियों की सहभागिता, 30 सितम्बर को "स्वस्थ नारी सशक्त परिवार" अभियान के अन्तर्गत स्वास्थ्य विभाग के साथ विद्यार्थियों की सहभागिता, 1 अक्टूबर को पौध-रोपण एवं पर्यावरण जागरूकता के लिए व्याख्यान एवं 2 अक्टूबर को सत्य एवं अहिंसा की शपथ / स्वदेशी वस्तुओं के उपयोग / उत्पाद पर व्याख्यान एवं जनजागरण रैली का आयोजन किया जाएगा।  

सेवा पर्व पखवाड़ा के अंतर्गत प्रदेश में होगी सांस्कृतिक गतिविधियां:राज्य मंत्री लोधी

भोपाल संस्कृति, पर्यटन और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी ने कहा कि प्रदेश में "सेवा पर्व पखवाड़ा" का आयोजन 17 सितंबर से 02 अक्टूबर 2025 तक किया जाएगा। इसके अंतर्गत पूरे प्रदेश में सांस्कृतिक गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। राज्य मंत्री श्री लोधी ने मंत्रालय में पखवाड़ा के तहत की जाने वाली गतिविधियों के आयोजन को समीक्षा की।  सेवा पर्व पखवाड़ा में मध्यप्रदेश संस्कृति विभाग द्वारा प्रदेश में विकसित भारत संकल्पना पर केंद्रित गतिविधियां की जाएंगी। राज्य मंत्री श्री लोधी ने बैठक में अधिकारियों को निर्देशित किया कि संभाग व जिला मुख्यालयों पर विभाग द्वारा होने वाले आयोजन की विस्तृत कार्य योजना तैयार करें। गतिविधियों में अधिक से अधिक संख्या में लोगों को भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करें। गतिविधियों में प्रमुख रूप से सांस्कृतिक कार्यक्रम, संगीत कार्यशाला/प्रस्तुति, पेंटिंग कार्यशाला/प्रतियोगिता, चित्र प्रदर्शनी एवं रचनापाठ किया जाना शामिल है। बैठक में संस्कृति विभाग के उपसचिव श्री जगदीश गोमे, संचालक संस्कृति श्री एन. पी. नामदेव, आयुक्त पुरातत्व अभिलेखागार और संग्रहालय श्रीमती उर्मिला शुक्ला, उपनिदेशक स्वराज संस्थान संचालनालय श्री संतोष कुमार वर्मा, राजा मानसिंह तोमर संगीत एवं कला विश्वविद्यालय ग्वालियर की कुलगुरु, सांची बौद्ध विश्वविद्यालय के कुलसचिव एवं विभिन्न अकादमियों के निदेशक उपस्थित रहे।  

श्रमणा सहकारी समितियों के गठन के लिये श्रमिकों से प्रस्ताव आमंत्रित

भोपाल  श्रम विभाग द्वारा ‘’श्रमणा’’ श्रम सहकारी समितियों के गठन के लिये श्रमिकों से प्रस्ताव आमंत्रित किये गये हैं। नयी पहल के तहत प्रदेश के कुशल श्रमिकों को नवीनतम तकनीक का उपयोग करते हुए श्रमिक सहकारी समितियाँ बनाने का अवसर प्रदान किया जा रहा है, जिससे सहयोग और आय के न्यायपूर्ण वितरण को सुनिश्चित किया जा सके और प्रशिक्षित प्रमाणित श्रमिकों को रोजगार एवं स्व-रोजगार के अवसर उपलब्धर कराये जा सकें। मुख्यमंत्री द्वारा श्रम विभाग की समीक्षा बैठक में ‘’श्रमणा’’ श्रमिक सहकारी समिति की अवधारणा के लिये आधिकारिक लोगो जारी किया गया है, जिससे इस महत्त्वपूर्ण पहल की शुरुआत हुई है। कार्यक्रम के अंतर्गत, श्रम विभाग अपने विभिन्न मंडलों के माध्यम से ऐसे श्रमिक सहकारी समितियों के गठन और संचालन में आवश्यक सहायता देगा। "श्रमणा'' सहकारी का उद्देश्य कुशल श्रमिकों को संस्थागत शक्ति प्रदान करना तथा लाभ के न्यायसंगत वितरण को सुनिश्चित करना एवं डिजिटल उपकरणों और नवाचार से युक्त प्रबंधन पद्धतियों के माध्यम से साझा विकास को प्रोत्साहित करना है। विभिन्न व्यवसायों, कारीगरों और सेवाओं से जुड़े कुशल श्रमिक, जो इस पहल के तहत सहकारी समितियाँ बनाना चाहते हैं, उनसे अपनी अभिरुचि व्यक्त करने के लिये सुझाव आमंत्रित हैं। इस संबंध में भागीदारी के लिये इच्छुक व्यक्ति या समूह ई-मेल आई.डी. sramana-labcoop@mp.gov.in पर अपने नाम अथवा सुझाव प्रेषित कर सकते है।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नेपाल में छतरपुर के नागरिकों के फंसे होने की सूचना पर लिया संज्ञान

अधिकारियों को दिए आवश्यक निर्देश भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने छतरपुर के कुछ परिवारों के सदस्यों के नेपाल में फंसे होने के समाचार पर संज्ञान लिया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोशल मीडिया एक्स पर कहा कि नेपाल में इन दिनों सामान्य स्थिति नहीं है और वहां छतरपुर जिले के कुछ नागरिकों का फंसा होना चिंता का विषय है। उनकी सकुशल वापसी के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत सरकार के अधिकारियों से समन्वय स्थापित कर उनकी सकुशल भारत वापसी के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। संकट की इस घड़ी में मध्यप्रदेश सरकार सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ नेपाल में फंसे प्रदेश के नागरिकों की हरसंभव मदद के लिए तत्पर है।  

तेज रफ्तार का कहर! नेशनल हाइवे 44 पर भीषण टक्कर, एक ही परिवार के 4 सदस्यों ने गंवाई जान

सागर नेशनल हाइवे 44 सागर-झांसी मार्ग पर थाना मालथौन के सुखालीपुरा के पास बुधवार दोपहर 1 बजे अज्ञात वाहन ने जैन श्रद्धालुओं को लेकर जा रही कार को जोरदार टक्कर मार दी। वाहन को ओवरटेक करने के दौरान यह भीषण सड़क हादसा हो गया। इसमें दो लोगों की मौके पर दर्दनाक मौत हो गई एवं दो ने अस्पताल ले जाते समय रास्ते में दम तोड़ दिया। वहीं पांच अन्य लोग घायल हो गए। घटना की सूचना पर थाना पुलिस सहित अधिवक्ता एवं स्थानीय लोगों ने पहुंचकर घायलों को एम्बुलेंस की मदद से स्वास्थ्य केंद्र भेजा जहां से घायलों को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। जानकारी अनुसार दमोह जिले के जबेरा निवासी सचिन जैन अपनी पत्नी ऋतु और अपने चार बच्चों और रिश्तेदारों के साथ हैं तीर्थ क्षेत्र गोलाकोट जा रहे थे। तभी मालथौन के पास यह भीषण हादसा हो गया।   इसमें सचिन जैन, पत्नी ऋतु जैन और साले सुखेन्द्र जैन और उनके बेटे अक्ष निवासी गढ़ाकोटा की मौत हो गई। पांच अन्य लोग घायल हो गए हैं। घायलों में चेतना जैन पति सुखेन्द्र 25 साल निवासी गढ़ाकोटा, अनोखी पिता सचिन जैन 05 साल , आराध्या पिता सचिन जैन 4 साल ,अरबी पिता सचिन जैन 8 साल का उपचार निजी अस्पताल में चल रहा हैं। घटना में मृतक सचिन जैन की तीन बेटियां ही बची हैं। बाकी पूरा परिवार उजड़ गया हैं। घटना स्थल से सिविल कोर्ट नजदीक है। इसके चलते गुरुदीप सिंह सिसोदिया एवं अन्य अधिवक्ताओं ने मौके पर पहुंचकर पुलिस और स्थानीय लोगों ने घायलों को अस्पताल भेजा। वहीं पुलिस ने शवों को परिजनों को सौंप घटना की जांच में जुट गई हैं। घटना के कारणों का पता अभी नहीं चल सका हैं ,साथ ही वाहन की भी तलाश की जा रही हैं।

बालिकाओं को सेनिटेशन-हाईजीन सहायता की राशि का भी सिंगल क्लिक से करेंगे अंतरण

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शासकीय हायर सेकेन्डरी स्कूलों की 12वीं कक्षा में प्रथम स्थान अर्जित करने वाले 7832 विद्यार्थियों को निःशुल्क स्कूटी प्रदाय योजना के तहत राशि प्रदान करेंगे। कार्यक्रम का आयोजन 11 सितम्बर गुरूवार को भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में प्रात: 11 बजे से होगा। कार्यक्रम में स्कूल शिक्षा मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह, जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह, खेल एवं युवा कल्याण, सहकारिता मंत्री श्री विश्वास सारंग, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री श्री चैतन्य कुमार काश्यप और पिछड़ा वर्ग एंव अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर भी उपस्थित रहेंगी। टॉपर विद्यार्थियों को मिलेंगी स्कूटी की राशि प्रदेश मे निःशुल्क ई-स्कूटी/आईसीईएस योजना शैक्षणिक सत्र 2022-23 से संचालित की जा रही हैं। इस योजना के अंतर्गत ऐसे छात्र-छात्राऐं पात्र होते हैं जिन्होंने प्रदेश के स्कूल शिक्षा विभाग एवं जनजातीय कार्य विभाग अन्तर्गत संचालित शासकीय हायर सेकेण्डरी शाला में नियमित विद्यार्थी के रूप में अध्ययन कर माध्यमिक शिक्षा मण्डल की हायर सेकेण्ड्री कक्षा 12वीं में समस्त संकाय को शामिल कर अपनी शाला में नियमित परीक्षार्थी के रूप में टॉप किया हो। बालिका विद्यालय की दशा में स्कूल की टॉपर एक बालिका को, बालक विद्यालय होने की दशा में एक टॉपर बालक को एवं को-एड स्कूल जिसमें बालक बालिकाएं दोनों अध्ययनरत हों की दशा में स्कूल की एक टॉपर बालिका एवं एक टॉपर बालक अर्थात एक स्कूल से दो विद्यार्थियों को स्कूटी प्रदान किए जाने का प्रावधान है। वर्ष 2024-25 के लिए 12वीं की परीक्षा में 7,832 स्कूल टॉपर्स विद्यार्थियों को स्कूटी राशि प्रदान की जायेगी। बालिकाओं को मिलेगी व्यक्तिगत स्वास्थ्य एवं स्वच्छता सहायता कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव समग्र शिक्षा की सेनिटेशन एवं हाईजीन योजना अंतर्गत वर्ष 2025 में कक्षा 7वीं से 12वीं की 20 लाख 37 हजार 439 बालिकाओं को लगभग 61 करोड़ रूपये डीबीटी द्वारा बालिकाओं के बैंक खाते में अंतरित करेंगे। इस योजना के तहत शासकीय विद्यालयों की कक्षा सातवीं से 12वीं तक अध्ययनरत बालिकाओं को स्वास्थ्य स्वच्छता के लिये300 रूपये की राशि प्रतिवर्ष प्रदान की जाती है। 20 हजार से अधिक बालिकाओं के बैंक खातों में 7 करोड का स्टायपंड मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव कार्यक्रम में 20 हजार 100 बालिकाओं के बैंक खातों में 7 करोड रूपयों की स्टायपंड राशि भी अंतरित करेंगे। उल्लेखनीय है कि कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय टाईप (IV) योजना अंतर्गत छात्रावासों में निवासरत बालिकाओं को टी.एल.एम एवं स्टायपंड के लिए प्रति बालिका 3400 रूपये प्रति वर्ष प्रदान की जाती है। कार्यक्रम का सजीव प्रसारण भी होगा स्कूल शिक्षा विभाग और जनसंपर्क विभाग के द्वारा उक्त कार्यक्रम का सजीव प्रसारण विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफार्म्स पर किया जायेगा। एनआईसी वेबकास्ट के साथ ही सोशल मीडिया प्लेटफार्मस् पर उक्त कार्यक्रम का सीधा प्रसारण किया जायेगा।  

मुख्यमंत्री ने कोलकाता में निवेश केलिए उद्योगपतियों की वन-टू-वन चर्चा

प्रधानमंत्री श्री मोदी के मेक इन इंडिया और विकसित भारत के संकल्प को करेंगे साकार अपार संभावनाओं और स्थिरता का आदर्श निवेश स्थल हैं मध्यप्रदेश प्रदेश में हैं विश्व स्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर और सहज कनेक्टिविटी ऑर्गेनिक कॉटन और गारमेंट उद्योग का हब है मध्यप्रदेश   भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश में उत्पादित आर्गेनिक कॉटन की मांग अनेक देशों में है। प्रदेश टेक्सटाइल का हब बनने की ओर अग्रसर है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने देश में 7 पीएम मित्रा पार्क स्वीकृत किये, उसमें से पहले पीएम मित्रा पार्क का भूमि-पूजन करने प्रधानमंत्री श्री मोदी 17 सितम्बर को धार जिले में आ रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उद्योगपतियों का आहवान किया कि वे मध्यप्रदेश आये, राज्य सरकार निवेशकों को पीएम मित्रा पार्क में हर संभव सहायता और सुविधा उपलब्ध करवायेगी। धार का पीएम मित्रा पार्क भारत के औद्योगिक विकास की यात्रा में महत्वपूर्ण आयाम जोड़ेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुधवार को कोलकाता के.जे. डब्ल्यू मैरियट होटल में निवेश संभावनाओं पर इंटरैक्टिव सेशन को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उद्योगपतियों के इंटरैक्टिव सेशन में मध्यप्रदेश को निवेश और औद्योगिक विकास के लिए सबसे भरोसेमंद और अवसरों से भरा राज्य बताया। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश की रणनीतिक भौगोलिक स्थिति, देश के मध्य में स्थित होने के कारण उत्तम कनेक्टिविटी, विश्वस्तरीय आधारभूत ढांचा और औद्योगिक शांति इसे उद्योगपतियों के लिए आदर्श निवेश स्थल बनाते हैं। उन्होंने कहा कि यह पार्क राज्य के टेक्सटाइल और गारमेंट सेक्टर को वैश्विक मानकों तक पहुंचाने के साथ रोजगार और आर्थिक विकास में नए आयाम खोलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश की शुद्ध और ऑर्गेनिक कॉटन उत्पादन क्षमता इसे टेक्सटाइल निवेश के लिए विशेष बनाती है। पीएम मित्रा पार्क के माध्यम से राज्य में उत्पादन और प्रोसेसिंग के उच्च मानक स्थापित होंगे, जिससे निवेशकों को लाभ के साथ रोजगार के अवसर भी सुनिश्चित होंगे। उन्होंने उद्योगपतियों को भरोसा दिलाया कि राज्य में निवेश स्थिर, पारदर्शी और सुरक्षित वातावरण में किया जा सकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उद्योगपतियों का आहवान किया कि आइये हम संकल्प लें कि स्वदेशी अपनायेंगे, हर क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनेंगे और प्रधानमंत्री श्री मोदी के 'मेक इन इंडिया' और विकसित भारत के संकल्प को पूरी शक्ति के साथ साकार करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कोलकाता की समृद्ध सांस्कृतिक और बौद्धिक परंपरा का सम्मान करते हुए कहा कि स्वामी विवेकानंद, नेताजी सुभाषचंद्र बोस और रवींद्रनाथ टैगोर जैसे महापुरुषों ने देश को नई दिशा दी। उन्होंने कहा कि यह प्रेरक इतिहास और बौद्धिक परंपरा उद्योग जगत के लिए प्रेरक है और मध्यप्रदेश के औद्योगिक विकास और निवेश के दृष्टिकोण से साथ जुड़ती है। मुख्यमंत्री ने उद्योगपतियों से कहा कि कोलकाता जैसे ऐतिहासिक और बौद्धिक केंद्र से संवाद करना राज्य में निवेश के लिए उत्साह और नई ऊर्जा प्रदान करता है। उन्होंने बताया कि राज्य में विकसित औद्योगिक कॉरिडोर, लॉजिस्टिक हब और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर निवेशकों को मजबूत प्रतिस्पर्धी लाभ देते हैं। सड़क, रेल और हवाई नेटवर्क के माध्यम से पूरे देश में उत्पाद और सेवाओं की आपूर्ति सरल और त्वरित रूप से की जा सकती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में निवेशकों को सरल प्रक्रियाओं, सुलभ नीतियों और सक्रिय सरकारी सहयोग के माध्यम से व्यवसाय का विस्तार करने का पूर्ण अवसर मिलता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश की निवेश नीतियों पर जोर देते हुए कहा कि राज्य में उद्योगपतियों को हर प्रकार की सुविधा, सुगमता और सुरक्षा प्रदान की जाती है। उन्होंने कहा कि राज्य में औद्योगिक शांति सुनिश्चित है और किसी प्रकार की हड़ताल या व्यवधान के कारण निवेश प्रभावित नहीं होता। उन्होंने उद्योग जगत को भरोसा दिलाया कि मध्यप्रदेश में फैक्ट्री लगाना और संचालन करना सहज है, और राज्य के मध्य में होने के कारण पूरे देश में अपने उत्पाद और सेवाओं की आपूर्ति आसानी से की जा सकती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निवेशकों को बताया कि पीएम मित्रा पार्क के माध्यम से टेक्सटाइल और गारमेंट सेक्टर में राज्य की औद्योगिक क्षमता और रोजगार सृजन को नई ऊंचाइयों तक ले जाया जाएगा। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार की नीतियों का उद्देश्य किसानों, उद्योगपतियों और युवाओं को समान रूप से लाभ पहुंचाना है। राज्य में किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य और प्रोसेसिंग का सही अवसर मिलता है, उद्योगपतियों को व्यवसाय विस्तार की सुविधा है और युवाओं को रोजगार के अवसर सुनिश्चित किए जाते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उद्योग जगत को आमंत्रित करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश में निवेश केवल व्यावसायिक विस्तार नहीं है, बल्कि सतत विकास और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में भागीदारी का अवसर है। उन्होंने उद्योगपतियों को भरोसा दिलाया कि पीएम मित्रा पार्क और अन्य औद्योगिक हब राज्य की टेक्सटाइल, गारमेंट और अन्य सेक्टरों में निवेशकों के लिए लाभकारी और सुरक्षित वातावरण प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में उत्पादन, लॉजिस्टिक्स और वितरण की सुव्यवस्था निवेशकों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रतिस्पर्धात्मक लाभ देती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उद्योगपतियों को यह भरोसा भी दिलाया कि मध्यप्रदेश में टेक्सटाइल और गारमेंट सेक्टर में निवेश करने से वे सिर्फ व्यावसायिक लाभ ही नहीं, बल्कि राज्य की स्थिरता, सतत विकास और आर्थिक समृद्धि में भी भागीदार बनेंगे।  निवेशक-हितैषी नीतियों से मध्यप्रदेश बना आकर्षक निवेश स्थल इन्वेस्ट इन एमपी इंटरएक्टिव सेशन में औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग के प्रमुख सचिव श्री राघवेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि मध्यप्रदेश अपनी प्राकृतिक संपदा और निवेशक-हितैषी नीतियों के कारण उद्योगों का पसंदीदा गंतव्य बन रहा है। उन्होंने बताया कि राज्य में एक लाख एकड़ से अधिक का इंडस्ट्रियल लैंड बैंक, मजबूत एयर कनेक्टिविटी और विश्वस्तरीय आधारभूत संरचना उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश कॉपर, मैंगनीज और डायमंड का सबसे बड़ा उत्पादक है और सीमेंट उत्पादन में भी अग्रणी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में 2030 तक भारत को 500 गीगावाट से अधिक ग्रीन एनर्जी उपलब्ध कराने के संकल्प में प्रदेश महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। प्रमुख सचिव ने बताया कि नर्मदापुरम के पास स्थापित औद्योगिक क्षेत्र की सफलता के बाद उसे 880 एकड़ तक विस्तारित किया गया है, जिसे हाल ही में कैबिनेट की स्वीकृति भी मिली है। राज्य सरकार ग्रीन इंडस्ट्रीज़ को 100% छूट, एक्सपोर्ट यूनिट्स को 50% प्रोत्साहन और कस्टमाइज्ड पैकेज पॉलिसी जैसी … Read more

मध्यप्रदेश को मिला ‘बेस्ट स्टेट टूरिज्म बोर्ड’ अवॉर्ड

केंद्रीय मंत्री श्री शेखावत ने प्रदान किया अवार्ड इंडिया ट्रैवल अवॉर्ड्स 2025 : नई दिल्ली में मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड हुआ सम्मानित भोपाल  केंद्रीय पर्यटन और संस्कृति मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड को प्रतिष्ठित बेस्ट स्टेट टूरिज्म बोर्ड अवॉर्ड से सम्मानित किया है। यह सम्मान नई दिल्ली के ली मेरिडियन में 9 सितम्बर को भव्य इंडिया ट्रैवल अवॉर्ड्स 2025 समारोह में प्रदान किया गया। इस राष्ट्रीय स्तर के सम्मान ने भारत के पर्यटन क्षेत्र में नवाचार, उत्कृष्टता और सतत विकास को लेकर मध्यप्रदेश की अग्रणी भूमिका को रेखांकित किया है। पर्यटन, संस्कृति और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री धर्मेंद्र सिंह लोधी ने कहा कि यह सम्मान मध्यप्रदेश की जनता और यहां की संस्कृति के गौरव का प्रतीक है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार ने पर्यटन को विकास की धुरी बनाने का संकल्प लिया है। प्रदेश की धरोहर, प्राकृतिक संपदा और लोक-परंपराओं को विश्वस्तर पर पहचान दिलाने के लिए हम लगातार प्रयासरत हैं। यह अवॉर्ड हमें और ऊर्जा देता है कि हम पर्यटन को न केवल राज्य की पहचान, बल्कि रोज़गार और आत्मनिर्भरता का मज़बूत साधन भी बनाएं। अपर मुख्य सचिव पर्यटन, संस्कृति, गृह और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व तथा प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड श्री शिव शेखर शुक्ला ने कहा कि यह अवॉर्ड हमारी टीम की साझा मेहनत और विजन का परिणाम है। हमारा लक्ष्य सिर्फ नए पर्यटन स्थल बनाना नहीं है, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती देना, महिलाओं को नए अवसर प्रदान करना, हमारी संस्कृति और परंपराओं को संजोना, प्राकृतिक धरोहर को बचाना और पर्यटन को सतत विकास की दिशा में आगे बढ़ाना है। यह सम्मान हमें और प्रेरित करता है कि हम मध्यप्रदेश को ऐसा खास पर्यटन स्थल बनाएं, जहां परंपरा, प्रकृति और आधुनिकता एक साथ दिखाई दें। अपर मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक और प्राकृतिक धरोहर को दुनिया के सामने प्रस्तुत करने, इको-टूरिज्म सर्किट विकसित करने, सामुदायिक होमस्टे को बढ़ावा देने, साहसिक और अनुभवात्मक पर्यटन को विस्तार देने के साथ-साथ आतिथ्य सत्कार और विज़िटर इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने की दिशा में बोर्ड सतत रूप से कार्यरत है। लक्ष्य पर्यटकों को विश्वस्तरीय पर्यटन अनुभव प्रदान करना है।  

मध्यप्रदेश फार्मेसी परिषद की बैठक हुई आयोजित, कार्यों की हुई समीक्षा

भोपाल भोपाल स्थित होटल पलाश में मध्यप्रदेश फार्मेसी परिषद की बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता माननीय उपमुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल जी ने की। बैठक में जून 2025 से अगस्त 2025 की अवधि में हुए कार्यों की समीक्षा की गई, जिसमें निम्न प्रमुख बिंदु सामने आए 3500+ नए पंजीयन सफलतापूर्वक पूर्ण हुए। 5800 आवेदन प्रक्रिया में लंबित रहे। 1650 आवेदन निजी विश्वविद्यालयों की सूची उपलब्ध न होने के कारण शेष रहे। परिषद ने बताया कि संपूर्ण कार्यप्रणाली को अब डिजिटल मोड पर स्थानांतरित कर दिया गया है। इसमें समग्र आईडी, डिजिलॉकर, विवाह प्रमाणपत्र, निवास प्रमाणपत्र तथा FDA का एकीकरण किया गया है। नई प्रणाली के माध्यम से  स्लॉट बुकिंग एवं परिषद कार्यालय में उपस्थित होकर सत्यापन कराने की आवश्यकता समाप्त होगी। सिस्टम आधारित ऑटो वेरिफिकेशन किया जाएगा।पंजीकरण प्रमाणपत्र सीधे डिजिलॉकर पर उपलब्ध होंगे। यह पहल मध्यप्रदेश फार्मेसी परिषद को डिजिटल गवर्नेंस में देश की अग्रणी परिषद बनाएगी। बैठक में अन्य विषयों पर भी विचार-विमर्श किया गया। इस अवसर पर परिषद अध्यक्ष श्री संजय कुमार जैन, सदस्य श्री राजू चतुर्वेदी, श्री गौतमचंद धींग, श्री रामरतन गर्ग, श्री सत्येन्द्र सिंह चौहान, श्री देवेंद्र कुमार बजाजत्य, श्री अशोक जैन तथा डॉ. पवन दुबे उपस्थित रहे। सरकारी पक्ष से श्री दिनेश मौर्य (ड्रग कंट्रोलर, म.प्र.), श्री आत्री (मुख्य विश्लेषक, म.प्र. शासन) तथा चिकित्सा शिक्षा, स्वास्थ्य एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के प्रतिनिधि भी बैठक में सम्मिलित हुए। परिषद की रजिस्ट्रार श्रीमती भव्या त्रिपाठी ने अब तक हुई प्रगति और आगामी योजनाओं का विस्तृत प्रस्तुतीकरण किया।